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Posted by Prince Sengar
Uttar Pradesh
22-12-2019 05:04 PM
Punjab
12-23-2019 06:44 PM
श्री मान खुम्ब की किस्में कई प्रकार की होती है जैसे कि बटन खुम्ब, डीगरी, शटाकी खुम्ब, पराली खुम्ब, और मिलकी खुम्ब इनमे से कुइ खुम्ब सर्दियो के मौसम में और कुछ गर्मीयों के मौसम में लगाये जाते है और हर खुम्ब को लगाने का समय अलग अलग है जैसे बटन खुम्ब का समय सितंबर से मार्च तक होता है इस समय में हम तीन फसले ले सकते ह.... (Read More)
श्री मान खुम्ब की किस्में कई प्रकार की होती है जैसे कि बटन खुम्ब, डीगरी, शटाकी खुम्ब, पराली खुम्ब, और मिलकी खुम्ब इनमे से कुइ खुम्ब सर्दियो के मौसम में और कुछ गर्मीयों के मौसम में लगाये जाते है और हर खुम्ब को लगाने का समय अलग अलग है जैसे बटन खुम्ब का समय सितंबर से मार्च तक होता है इस समय में हम तीन फसले ले सकते है शटाकी खुम्ब का समय अक्तूबर से मध्य फरवरी तक हैं इस समय हम एक फसल ही ले सकते है पराली खुम्ब का समय अप्रैल से अगस्त तक है इस समय हम चार फसले ले सकते है मिलकी खुम्ब का समय अप्रैल से सितंबर तक है आप अब अप्रैल में मिलकी या पराली खुम्ब लगा सकते है पराली खुमब के लिए आपको पराली, बीज, बांस, सेबा, आदि की जरूरत है पराली के पूले, धानो की पराली 1-1 किलो के पूले दोनो सिरो से सेबे से बांध कर तैयार किये जाते है पूले के सिरे कांट कर एक सार कर लिए जाते है पूलो की क्यिारी लगाना पराली के पूलो को साफ पानी में 16-20 घंटो के लिए डूबो दे गिले पूलो को ढलान पर रख कर फालतू पानी को निकलने दे कमरे ईटो और बांस से एक पलेटफार्म बनाये इस पलेटफार्म पर 5 पूलो की एक तहय लगाये जिसके ऊपर 75 ग्राम बीज डाले इसके ऊपर की तहय उलट होती है इस प्रकार 5-5 पूलो की तहय में 300 ग्राम बीज डाल कर कियारी तैयार करे सबसे ऊपर दो पूलो को खोलकर रख दे खुम्बो का फूटना बिजाई से 7-9 दिनो के बाद खुम्ब फूटने लगती है पानी और हवा का संचार बिजाई के दो दिन के बाद हर रोज पानी का छिडका करे खुम्बो के फूटने के बाद हवा का संचार 6-8 घंटे प्रति दिन किया जाता है खुम्बो की तूडाई खुम्बो के फूटने के बाद 1-2 दिनो के बाद तोडाई के योग्य हो जाती है मिलकी खुम्ब मिलकी खुम्ब के लिए तूडी, बीज, मोमी लिफाफे, सेबा, केसिंग,मिट्टी आदि होने चाहिये तूडी की तैयारी सूकी तूडी को पक्के फर्श पर बिछा कर 16-20 घंटे पानी से गिला करे गिली तूडी को बोरी में भर कर सेबे से बांध दे इस बोरी को उबलते पानी में 45-50 मिनट रखें तूडी को निकालकर पक्के फर्श पर बिछा कर ठंडा करे यह तूडी बिजाई के लिए तैयार है बिजाई ठंडी तूडी में बीज मिलाकर मोमी लिफाफो में भर दें एक मोमी लिफाफें में लगभग 2 किलो गिली तूडी और 70-80 ग्राम बीज पडता है लिफाफे के मुंह को सेबे से अच्छी तरह बांध कर कमरे में रख दे केसिंग बिजाई के दो तीन हफतो के बाद लिफाफे खोलकर केसिंग की 1-1.5 की तहय लगा दें केसिंग में तूडी और रेतली मिट्टी होती है 24 घंटो के लिए 4 प्रतिशत फारमलेन के घोल से जीवाणु रहित किया जाता है खुम्बो का फूटना केसिंग मिट्टी डालने के लगभग दो हफतो में खुम्बो के छोटे छोटे किणके निकलने शुरू हो जाते है और 4-5 दिन के बाद तोडने योग्य हो जाते है खुम्बो की तूडाई लगभग 35-40 दिनो तक की जाती है
Posted by Brij Lal Sharma
Himachal Pradesh
22-12-2019 05:02 PM
Punjab
12-24-2019 06:54 PM
भारत में कई प्रकार के sheep breeds पाए जाते है, जो व्यवसायिक तौर पर भारत में Sheep farming के लिए उचित है निचे दिए गए sheep breeds India में पाए जाते हैं : Bannur Bellary Cheviot Deccani Hassan Merino Ramboullet South डाउन Sheep farming में लागत बहुत ही कम है, अगर आपके पास कम पैसे है तो आप कम भेड़ो से अर्थात 2 female और 1 male के साथ भी इसकी farming की सुरुआत कर सकते है भारत में एक भेड़ की अच्छी नस्ल का मूल.... (Read More)
भारत में कई प्रकार के sheep breeds पाए जाते है, जो व्यवसायिक तौर पर भारत में Sheep farming के लिए उचित है निचे दिए गए sheep breeds India में पाए जाते हैं : Bannur Bellary Cheviot Deccani Hassan Merino Ramboullet South डाउन Sheep farming में लागत बहुत ही कम है, अगर आपके पास कम पैसे है तो आप कम भेड़ो से अर्थात 2 female और 1 male के साथ भी इसकी farming की सुरुआत कर सकते है भारत में एक भेड़ की अच्छी नस्ल का मूल्य Rs 4,000 से 5,000 होता है अगर आप Sheep Farming करने की सोच रखे है या करने जा रहे है, तो सबसे पहले farm का location तय करे और farm ऐसा जगह पर बनाए जहा हमेशा स्वच्छ पानी उपलब्ध हो और farm का चारागाह साफ और हरा भरा हो इन सभी बातो के साथ ये भी ध्यान दे की भेड के साल में एक बार खाल उतारी जाती है, इस खाल को बाजार तक ले जाने के लिए transport की सुविधा होनी चाहिए खाल के अलावा भेड से रोजाना दूध और meat का भी उत्पादन होता है, जिसे बाजार में बेचा जा सकता है इसकी ट्रेनिंग लेने के लिए आप अपने नज़दीकी Krishi Vigyan Kendra, Address: NIFT Rd, Talpura, Kangra, Himachal Pradesh 176001, Phone: 0189 226 4550 से संपर्क कर सकते है धन्यवाद
Posted by Gurkamal singh
Punjab
22-12-2019 04:49 PM
Punjab
12-26-2019 10:35 AM
Shrimaan ji ,kirpa kar ke daso ke tuc is vich kehriya khadaan da istemal kita hai, taki tuhnu is bare puri jankari diti ja sake , dhanwad
Posted by bhasin
Punjab
22-12-2019 04:45 PM
Punjab
12-24-2019 02:26 PM
bhasin ji eh sulphur hai jo ik fungusnashi da kam v kardi hai ate mitti vich pani nu sokhan vich madad v kardi hai isdi matra 3 kilo prati acre de hisab nal varti jandi hai.dhanwad
Posted by Kamlesh Rathod
Madhya Pradesh
22-12-2019 04:33 PM
Maharashtra
01-10-2020 04:53 PM
Kamlesh ji, kripya ap lehsun ki photo bhejien taki apko dekh kar iske bare mein jankari di ja sake, dhanywad
Posted by ankit bhilala
Madhya Pradesh
22-12-2019 04:25 PM
Chandigarh
12-28-2019 03:48 PM
मध्य प्रदेश में आम तौर पर चावल, गेहूं, ज्वार, बाजरा, मक्की, तुर, उड़द, मूंग, मूंगफली, गन्ना, की खेती की जाती है
Posted by Siba prasad pani
Odisha
22-12-2019 04:22 PM
Maharashtra
01-10-2020 04:59 PM
Posted by Harsh Deep Singh
Punjab
22-12-2019 04:21 PM
Punjab
01-10-2020 05:01 PM
Harsh ji, butea nu thand to bachon layi tusi ehna di halki sinchai karo, sinchai karan nal khet da taapman 2-3 *C ghaat kita ja sakda hai, dhanwad
Posted by nav shah
Punjab
22-12-2019 04:20 PM
Punjab
12-23-2019 06:20 PM
Tuci uss nu Cargill di Transition mix feed deni suru kro ate Vitum-H liquid 10-10ml swere sham dena suru kro, iss nal lewa vdia howega ate sarir di vdia growth ho jawegi.
Posted by nav shah
Punjab
22-12-2019 04:17 PM
Punjab
12-23-2019 06:21 PM
tuci uss nu pett de kiria lai Bendykind plus bolus deo ate Cargill di Heifer dry feed deni suru kro ate Cafplan powder 50-50gm swere sham deo, iss nal vdia growth ho jawegi.
Posted by Kuldeep Singh
Chattisgarh
22-12-2019 04:16 PM
Punjab
12-23-2019 06:24 PM
ਉਸ ਨੂੰ Gynarich 5ml ਇੰਜੇਕਸ਼ਨ ਲਗਾਓ ਅਤੇ 7ਵੇ ਦਿਨ Pragma 2ml ਇੰਜੇਕਸ਼ਨ ਲਗਾਓ ਅਤੇ ਫਿਰ 9ਵੇ ਦਿਨ Gynarich 2.5ml ਇੰਜੇਕਸ਼ਨ ਲਗਾਓ ਅਤੇ 10ਵੇ ਦਿਨ ਉਸ ਨੂੰ ਟੀਕਾ ਭਰਵਾਂ ਦਿਓ ਅਤੇ Gestaprogen powder 25gm ਰੋਜਾਨਾ ਦਿਓ ..
Posted by Dinesh Dsk
Punjab
22-12-2019 04:14 PM
Punjab
12-22-2019 06:25 PM
sir tusi fulla de kheti genda to suru karo g
Posted by jatinder Singh
Punjab
22-12-2019 04:10 PM
Punjab
01-11-2020 11:10 AM
Jatinder ji, kirpa kar ke daso ke tuhadi kanka vich kis nadden da hamla hai, taki tuhnu usde hisaab nal nadeen nasahk dasea ja sake, dhanwad
Posted by gurpreet
Punjab
22-12-2019 04:10 PM
Punjab
01-11-2020 11:31 AM
ਗੁਰਪ੍ਰੀਤ ਜੀ, ਇਸ ਵਿੱਚ Lambda-Cy ਨਾਲ ਦਾ chemical ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਇਹ ਸੁੰਡੀ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਲਈ ਵਰਤਿਆ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਇਸ ਦੀ ਮਾਤਰਾ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ 200 ml ਨੂੰ 150 ਲਿਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿਚ ਮਿਲਾ ਕੇ ਇਸਤੇਮਾਲ ਕੀਤਾ ਜਾਂਦਾ ਹੈ, ਧੰਨਵਾਦ
Posted by jagmeet singh
Punjab
22-12-2019 03:59 PM
Punjab
12-23-2019 06:26 PM
ਉਸ ਨੂੰ ਹੀਟ ਵਿਚ ਆਉਣ ਤੇ ਬੱਚੇਦਾਨੀ ਵਿਚ Utrawin-oz ਦਵਾਈ 30 ਮਿਲੀ ਅਤੇ Metro IV drip 50ml ਮਿਕਸ ਕਰੋ ਅਤੇ ਇਸ ਤ੍ਰਾਹ ਕਰਕੇ 3 ਦਿਨ ਭਰਵਾਓ ਅਤੇ ਉਸ ਨੂੰ Minfa gold ਪਾਊਡਰ 100 ਗ੍ਰਾਮ ਰੋਜਾਨਾ ਦੇਣਾ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ ਅਤੇ PG care ਗੋਲੀਆਂ ਰੋਜਾਨਾ 1 ਗੋਲੀ ਦਿਓ ਅਤੇ 21 ਦਿਨ ਤਕ ਦਿੰਦੇ ਰਹੋ, ਫਿਰ ਅਗਲੀ ਵਾਰ ਹੀਟ ਵਿਚ ਆਉਣ ਤੇ ਉਸ ਨੂੰ ਟੀਕਾ ਭਰਵਾਂ ਕੇ Pregstay gold ਪਾਊਡਰ 30 ਗ੍ਰਾਮ ਰੋਜਾਨਾ ਦਿਓ ਅਤੇ 20 ਦਿਨ ਤੱਕ ਦਿਓ, ਇਸ ਨਾਲ ਫਰਕ ਪੈ.... (Read More)
ਉਸ ਨੂੰ ਹੀਟ ਵਿਚ ਆਉਣ ਤੇ ਬੱਚੇਦਾਨੀ ਵਿਚ Utrawin-oz ਦਵਾਈ 30 ਮਿਲੀ ਅਤੇ Metro IV drip 50ml ਮਿਕਸ ਕਰੋ ਅਤੇ ਇਸ ਤ੍ਰਾਹ ਕਰਕੇ 3 ਦਿਨ ਭਰਵਾਓ ਅਤੇ ਉਸ ਨੂੰ Minfa gold ਪਾਊਡਰ 100 ਗ੍ਰਾਮ ਰੋਜਾਨਾ ਦੇਣਾ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ ਅਤੇ PG care ਗੋਲੀਆਂ ਰੋਜਾਨਾ 1 ਗੋਲੀ ਦਿਓ ਅਤੇ 21 ਦਿਨ ਤਕ ਦਿੰਦੇ ਰਹੋ, ਫਿਰ ਅਗਲੀ ਵਾਰ ਹੀਟ ਵਿਚ ਆਉਣ ਤੇ ਉਸ ਨੂੰ ਟੀਕਾ ਭਰਵਾਂ ਕੇ Pregstay gold ਪਾਊਡਰ 30 ਗ੍ਰਾਮ ਰੋਜਾਨਾ ਦਿਓ ਅਤੇ 20 ਦਿਨ ਤੱਕ ਦਿਓ, ਇਸ ਨਾਲ ਫਰਕ ਪੈ ਜਾਵੇਗਾ..
Posted by Gurkirpal singh
Punjab
22-12-2019 03:55 PM
Punjab
01-11-2020 11:37 AM
ਗੁਰਕ੍ਰਿਪਾਲ ਸਿੰਘ ਜੀ, ਯੂਨੀਵਰਸਿਟੀ ਕਿਸੇ ਵੀ ਦੋ ਚੇਮਿਕਾਲਸ ਨੂੰ mix ਕਰ ਕੇ ਸਪਰੇ ਕਾਰਨ ਦੀ ਸਿਫਾਰਿਸ਼ ਨਹੀਂ ਕਰਦੀ ਹੈ, ਕਿਰਪਾ ਕਰ ਕੇ ਤੁਸੀਂ ਹਨ ਨੂੰ ਅਲੱਗ ਅਲੱਗ ਹੀ ਸਪ੍ਰੇ ਕਰੋ, 2 4 -D ਇਕ ਨਦੀਨ ਨਾਸ਼ਕ ਹੈ, ਇਹ ਚੜੇ ਪੱਤਰੇ ਵਾਲੇ ਨਦੀਨ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਲਈ ਵਰਤਿਆ ਜਾਂਦਾ ਹੈ, ਇਸਦੀ ਮਾਤਰਾ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ 200 ml ਨੂੰ 150 ਲਿਟਰ ਪਾਣੀ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾ ਵਰਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ, manganese ਇਕ ਮਿੱਟੀ ਦਾ ਤ.... (Read More)
ਗੁਰਕ੍ਰਿਪਾਲ ਸਿੰਘ ਜੀ, ਯੂਨੀਵਰਸਿਟੀ ਕਿਸੇ ਵੀ ਦੋ ਚੇਮਿਕਾਲਸ ਨੂੰ mix ਕਰ ਕੇ ਸਪਰੇ ਕਾਰਨ ਦੀ ਸਿਫਾਰਿਸ਼ ਨਹੀਂ ਕਰਦੀ ਹੈ, ਕਿਰਪਾ ਕਰ ਕੇ ਤੁਸੀਂ ਹਨ ਨੂੰ ਅਲੱਗ ਅਲੱਗ ਹੀ ਸਪ੍ਰੇ ਕਰੋ, 2 4 -D ਇਕ ਨਦੀਨ ਨਾਸ਼ਕ ਹੈ, ਇਹ ਚੜੇ ਪੱਤਰੇ ਵਾਲੇ ਨਦੀਨ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਲਈ ਵਰਤਿਆ ਜਾਂਦਾ ਹੈ, ਇਸਦੀ ਮਾਤਰਾ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ 200 ml ਨੂੰ 150 ਲਿਟਰ ਪਾਣੀ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾ ਵਰਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ, manganese ਇਕ ਮਿੱਟੀ ਦਾ ਤੱਤ ਹੈ, ਇਸਦੀ ਕਮੀ ਨਾਲ ਬੂਟੇ ਵਿੱਚ ਪੀਲਾਪਨ ਆ ਜਾਂਦਾ ਹੈ, ਇਸਦੀ ਕਮੀ ਪੂਰੀ ਕਰਨ ਲਈ ਕਣਕ ਵਿੱਚ manganese sulphate @ 1 ਕਿਲੋ ਨੂੰ 150 ਲਿਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿੱਚ ਮਿਲਾ ਕੇ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਸਪ੍ਰੇ ਕਰੋ, ਹਨ ਦੋਨਾਂ ਦੀ ਸਪ੍ਰੇ ਵਿੱਚ 5 ਤੋਂ 7 ਦਿਨ ਦਾ ਫ਼ਸਲ ਰੱਖਿਆ ਜਾਂਦਾ ਹੈ, ਧੰਨਵਾਦ
Posted by ਬੇਅੰਤ ਸਿੰਘ
Punjab
22-12-2019 03:54 PM
Punjab
01-11-2020 11:33 AM
ਬੇਅੰਤ ਸਿੰਘ ਜੀ, ਤੁਹਾਡੇ ਦਵਾਰਾ ਭੇਜੀ ਗਈ ਫੋਟੋ ਪੂਰੀ upload ਨਹੀਂ ਹੋਈ ਹੈ, ਕਿਰਪਾ ਕਰਕੇ ਪੂਰੀ ਫੋਟੋ ਭੇਜੋ ਤਾਂਜੋ ਤੁਹਾਨੂੰ ਦੇਖ ਕੇ ਇਸ ਬਾਰੇ ਪੂਰੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਦਿੱਤੀ ਜਾ ਸਕੇ, ਧੰਨਵਾਦ
Posted by dinda
West Bengal
22-12-2019 03:38 PM
Punjab
12-23-2019 06:45 PM
श्री मान खुम्ब की किस्में कई प्रकार की होती है जैसे कि बटन खुम्ब, डीगरी, शटाकी खुम्ब, पराली खुम्ब, और मिलकी खुम्ब इनमे से कुइ खुम्ब सर्दियो के मौसम में और कुछ गर्मीयों के मौसम में लगाये जाते है और हर खुम्ब को लगाने का समय अलग अलग है जैसे बटन खुम्ब का समय सितंबर से मार्च तक होता है इस समय में हम तीन फसले ले सकते ह.... (Read More)
श्री मान खुम्ब की किस्में कई प्रकार की होती है जैसे कि बटन खुम्ब, डीगरी, शटाकी खुम्ब, पराली खुम्ब, और मिलकी खुम्ब इनमे से कुइ खुम्ब सर्दियो के मौसम में और कुछ गर्मीयों के मौसम में लगाये जाते है और हर खुम्ब को लगाने का समय अलग अलग है जैसे बटन खुम्ब का समय सितंबर से मार्च तक होता है इस समय में हम तीन फसले ले सकते है शटाकी खुम्ब का समय अक्तूबर से मध्य फरवरी तक हैं इस समय हम एक फसल ही ले सकते है पराली खुम्ब का समय अप्रैल से अगस्त तक है इस समय हम चार फसले ले सकते है मिलकी खुम्ब का समय अप्रैल से सितंबर तक है आप अब अप्रैल में मिलकी या पराली खुम्ब लगा सकते है पराली खुमब के लिए आपको पराली, बीज, बांस, सेबा, आदि की जरूरत है पराली के पूले, धानो की पराली 1-1 किलो के पूले दोनो सिरो से सेबे से बांध कर तैयार किये जाते है पूले के सिरे कांट कर एक सार कर लिए जाते है पूलो की क्यिारी लगाना पराली के पूलो को साफ पानी में 16-20 घंटो के लिए डूबो दे गिले पूलो को ढलान पर रख कर फालतू पानी को निकलने दे कमरे ईटो और बांस से एक पलेटफार्म बनाये इस पलेटफार्म पर 5 पूलो की एक तहय लगाये जिसके ऊपर 75 ग्राम बीज डाले इसके ऊपर की तहय उलट होती है इस प्रकार 5-5 पूलो की तहय में 300 ग्राम बीज डाल कर कियारी तैयार करे सबसे ऊपर दो पूलो को खोलकर रख दे खुम्बो का फूटना बिजाई से 7-9 दिनो के बाद खुम्ब फूटने लगती है पानी और हवा का संचार बिजाई के दो दिन के बाद हर रोज पानी का छिडका करे खुम्बो के फूटने के बाद हवा का संचार 6-8 घंटे प्रति दिन किया जाता है खुम्बो की तूडाई खुम्बो के फूटने के बाद 1-2 दिनो के बाद तोडाई के योग्य हो जाती है मिलकी खुम्ब मिलकी खुम्ब के लिए तूडी, बीज, मोमी लिफाफे, सेबा, केसिंग,मिट्टी आदि होने चाहिये तूडी की तैयारी सूकी तूडी को पक्के फर्श पर बिछा कर 16-20 घंटे पानी से गिला करे गिली तूडी को बोरी में भर कर सेबे से बांध दे इस बोरी को उबलते पानी में 45-50 मिनट रखें तूडी को निकालकर पक्के फर्श पर बिछा कर ठंडा करे यह तूडी बिजाई के लिए तैयार है बिजाई ठंडी तूडी में बीज मिलाकर मोमी लिफाफो में भर दें एक मोमी लिफाफें में लगभग 2 किलो गिली तूडी और 70-80 ग्राम बीज पडता है लिफाफे के मुंह को सेबे से अच्छी तरह बांध कर कमरे में रख दे केसिंग बिजाई के दो तीन हफतो के बाद लिफाफे खोलकर केसिंग की 1-1.5 की तहय लगा दें केसिंग में तूडी और रेतली मिट्टी होती है 24 घंटो के लिए 4 प्रतिशत फारमलेन के घोल से जीवाणु रहित किया जाता है खुम्बो का फूटना केसिंग मिट्टी डालने के लगभग दो हफतो में खुम्बो के छोटे छोटे किणके निकलने शुरू हो जाते है और 4-5 दिन के बाद तोडने योग्य हो जाते है खुम्बो की तूडाई लगभग 35-40 दिनो तक की जाती है
Posted by pawan rajpurohit
Rajasthan
22-12-2019 03:35 PM
Maharashtra
01-11-2020 11:42 AM
पवन जी, चने में सिंचित क्षेत्रों और असिंचित क्षेत्रों में देसी किस्मों के लिए नाइट्रोजन यूरिया के रूप में 13 किलोग्राम और फासफोरस सुपर फासफेट के रूप में 50 किलो प्रति एकड़ में बिजाई के समय डालें काबुली किस्मों के लिए यूरिया 13 किलो और सुपर फासफेट 100 किलो प्रति एकड़ में बिजाई के समय डालें खादों के अच्छे उपयोग के ल.... (Read More)
पवन जी, चने में सिंचित क्षेत्रों और असिंचित क्षेत्रों में देसी किस्मों के लिए नाइट्रोजन यूरिया के रूप में 13 किलोग्राम और फासफोरस सुपर फासफेट के रूप में 50 किलो प्रति एकड़ में बिजाई के समय डालें काबुली किस्मों के लिए यूरिया 13 किलो और सुपर फासफेट 100 किलो प्रति एकड़ में बिजाई के समय डालें खादों के अच्छे उपयोग के लिए खादों को 7-10 की गहराई वाली खालियों में डालें बारानी क्षेत्रों में मुख्यत: बंगाल ग्राम की खेती की जाती है यदि पानी उपलब्ध हो तो पहली सिंचाई बिजाई के 40-45 दिनों के बाद, फूल निकलने के बाद करें और अगली सिंचाई फली के विकास के बाद करें यदि सिर्फ एक सिंचाई उपलब्ध हो तो बिजाई के 60 दिनों के बाद करें नदीनों की रोकथाम के लिए पहली गोडाई हाथों से या घास निकालने वाली चरखड़ी से बिजाई के 25-30 दिन बाद करें और जरूरत पड़ने पर दूसरी गोडाई बिजाई के 60 दिनों के बाद करें नदीनों की प्रभावशाली रोकथाम के लिए बिजाई से पहले पैंडीमैथालीन 1 लीटर को प्रति 150 लीटर पानी में घोलकर बिजाई के 3 दिन बाद एक एकड़ में स्प्रे करें कम नुकसान होने पर नदीन नाशक की बजाय हाथों से गोडाई करें या कही से घास निकालें इस से मिट्टी हवादार बनी रहती है धन्यवाद
Posted by pradeep
Maharashtra
22-12-2019 03:21 PM
Punjab
12-22-2019 03:59 PM
यदि आप लेयर मुर्गी पालन करना चाहते है तो लेयर फार्मिंग के लिए आपको 50 फीट लंबाई वाली जगह और 20 फीट चौड़ाई वाली जगह की जरूरत होती है यह आपका 1000 वर्ग फुट जगह बन जाती है यहां आप 1000 बच्चों को रख सकते हैं इस प्रकार आप अपने बजट के हिसाब से बच्चों को रख सकते है और यदि आप लेयर का बच्चा अपने फार्म पर तैयार करते है तो आपको बच्च.... (Read More)
यदि आप लेयर मुर्गी पालन करना चाहते है तो लेयर फार्मिंग के लिए आपको 50 फीट लंबाई वाली जगह और 20 फीट चौड़ाई वाली जगह की जरूरत होती है यह आपका 1000 वर्ग फुट जगह बन जाती है यहां आप 1000 बच्चों को रख सकते हैं इस प्रकार आप अपने बजट के हिसाब से बच्चों को रख सकते है और यदि आप लेयर का बच्चा अपने फार्म पर तैयार करते है तो आपको बच्चा अंडे देने तक 160—170 रूप्ये प्रति बच्चे के हिसाब से खर्चा आएगा यदि आप तैयार बच्चा लेकर आते है तो वो आपको 205—210 रूप्ये प्रति बच्चे के हिसाब से पड़ेगा फिर आप उस हिसाब से इनको खरीद सकते है.
Posted by Sarabjit Singh
Punjab
22-12-2019 03:00 PM
Maharashtra
12-24-2019 12:29 PM
ਸਰਬਜੀਤ ਜੀ ਇਸਦਾ ਕੋਈ ਹੱਲ ਨਹੀਂ ਹੈ ਜੀ ਇਹ ਸਪਰੇ ਆਪਣਾ ਅਸਰ ਕਰੇਗੀ ਅਗੇ ਤੋਂ ਤੁਸੀ ਜਿਹੜੀ ਵੀ ਸਪਰੇ ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਕਰੋ ਉਸਨੂੰ ਧਿਆਨ ਨਾਲ ਵਰਤੋਂ ਧੰਨਵਾਦ
Posted by Sadhu Sharan Yadav
Uttar Pradesh
22-12-2019 02:59 PM
Maharashtra
01-11-2020 11:39 AM
शरण जी, कृपया आप अपने आलू के पौधे में मच्छर के हमले की जांच जड़ें, अगर हमला मौजूद हो तो आप इसमें imidacloprid @ 1 .5 ml प्रति लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे करें, इससे मच्छर की रोकथाम हो जाती है, धन्यवाद
Posted by sandeep Singh
Punjab
22-12-2019 02:55 PM
Punjab
01-10-2020 04:56 PM
Sandeep ji, sundi di roktham layi tusi si vich quinalphos @ 800 ml nu 150 liter pani vich mila ke prati acre de hisaab nal spray karo, is di spray nL sundi khatam ho jandi hai, dhanwad
Posted by ranjeet tiwari
Uttar Pradesh
22-12-2019 02:44 PM
Punjab
01-28-2020 05:35 PM
रणजीत जी यूनिवर्सिटी की तरफ से इस तरह की किसी भी किस्म की खोज नहीं की गयी है धन्यवाद
Posted by ranjeet tiwari
Uttar Pradesh
22-12-2019 02:40 PM
Punjab
01-28-2020 05:35 PM
रणजीत जी यूनिवर्सिटी की तरफ से इस तरह की किसी भी किस्म की खोज नहीं की गयी है धन्यवाद
Posted by sonu sah
Bihar
22-12-2019 02:38 PM
Rajasthan
12-23-2019 02:42 PM
मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजि.... (Read More)
मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजित किया जा रहा है प्रशिक्षण कार्य कर्म में भाग लेने के लिए नीचे दिए गए नम्बर पर आज ही संपर्क करें और Rs 250/ से अपना रजिस्ट्रेशन करवाए अचल सिंह (फाउंडर )- 9711858258. धन्यवाद
Posted by Dhanveer singh Benipal
Punjab
22-12-2019 02:29 PM
Punjab
12-24-2019 02:33 PM
ਖੁੰਬਾ  ਦੀਆ ਕਿਸਮਾਂ ਕਈ ਤਰਾਂ ਦੀਆ ਹੁੰਦੀਆਂ ਹਨ ਜਿਵੇਂ ਬਟਨ ਖੁੰਬ, ਢੀਂਗਰੀ, ਸ਼ਟਾਕੀ ਖੁੰਬ, ਪਰਾਲੀ ਖੁੰਬ ਅਤੇ ਮਿਲਕੀ ਖੁੰਬ, ਇਹਨਾਂ ਵਿੱਚੋਂ ਕੁੱਝ ਖੁੰਬਾ ਸਰਦੀਆਂ ਦੇ ਮੌਸਮ ਅਤੇ ਕੁੱਝ ਗਰਮੀਆਂ ਦੇ ਮੌਸਮ ਵਿੱਚ ਲਗਾਈ ਜਾਂਦੀਆਂ ਹਨ ਅਤੇ ਹਰ ਇਕ ਖੁੰਬ ਨੂੰ ਲਗਾਉਣ ਦਾ ਸਮਾਂ ਅਲਗ ਅਲਗ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਜਿਵੇ *ਬਟਨ ਖੁੰਬ ਦਾ ਸਮਾਂ ਸਤੰਬਰ ਤੋਂ ਮਾਰਚ ਤਕ ਹੈ ਇਸ ਸਮੇ ਵਿੱਚ ਆਪਾ ਇਸ ਤੋਂ 2 ਫਸਲਾਂ ਲ.... (Read More)
ਖੁੰਬਾ  ਦੀਆ ਕਿਸਮਾਂ ਕਈ ਤਰਾਂ ਦੀਆ ਹੁੰਦੀਆਂ ਹਨ ਜਿਵੇਂ ਬਟਨ ਖੁੰਬ, ਢੀਂਗਰੀ, ਸ਼ਟਾਕੀ ਖੁੰਬ, ਪਰਾਲੀ ਖੁੰਬ ਅਤੇ ਮਿਲਕੀ ਖੁੰਬ, ਇਹਨਾਂ ਵਿੱਚੋਂ ਕੁੱਝ ਖੁੰਬਾ ਸਰਦੀਆਂ ਦੇ ਮੌਸਮ ਅਤੇ ਕੁੱਝ ਗਰਮੀਆਂ ਦੇ ਮੌਸਮ ਵਿੱਚ ਲਗਾਈ ਜਾਂਦੀਆਂ ਹਨ ਅਤੇ ਹਰ ਇਕ ਖੁੰਬ ਨੂੰ ਲਗਾਉਣ ਦਾ ਸਮਾਂ ਅਲਗ ਅਲਗ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਜਿਵੇ *ਬਟਨ ਖੁੰਬ ਦਾ ਸਮਾਂ ਸਤੰਬਰ ਤੋਂ ਮਾਰਚ ਤਕ ਹੈ ਇਸ ਸਮੇ ਵਿੱਚ ਆਪਾ ਇਸ ਤੋਂ 2 ਫਸਲਾਂ ਲੈ ਸਕਦੇ ਹਾਂ, ਸ਼ਟਾਕੀ ਖੁੰਬ ਦਾ ਸਮਾਂ ਅਕਤੂਬਰ ਤੋਂ ਅੱਧ ਫਰਵਰੀ ਤਕ ਹੈ ਆਪਾ ਇਸ ਤੋਂ 1 ਫ਼ਸਲ ਹੀ ਲੈ ਸਕਦੇ ਹਾਂ * *ਪਰਾਲੀ ਖੁੰਬ ਦਾ ਸਮਾਂ ਅਪ੍ਰੈਲ ਤੋਂ ਅਗਸਤ ਤਕ ਹੈ ਆਪਾ ਇਸ ਤੋਂ 4 ਫਸਲਾਂ ਲੈ ਸਕਦੇ ਹਾਂ * ਮਿਲਕੀ ਖੁੰਬ ਦਾ ਸਮਾਂ ਅਪ੍ਰੈਲ ਤੋਂ ਸਤੰਬਰ ਤਕ ਹੈ ਤੁਸੀ ਹੁਣ ਅਪ੍ਰੈਲ ਵਿਚ ਪਰਾਲੀ ਜਾ ਮਿਲਕੀ ਖੁੰਬ ਲਗਾ ਸਕਦੇ ਹੋ ਪਰਾਲੀ ਖੁੰਬ ਦੇ ਲਈ ਤੁਹਾਨੂੰ ਪਰਾਲੀ,ਬੀਜ,ਬਾਂਸ, ਸੇਬਾ ਆਦਿ ਦੀ ਜ਼ਰੂਰਤ ਹੈ *ਪਰਾਲੀ ਦੇ ਪੂਲੇ*-- ਝੋਨੇ ਦੀ ਪਰਾਲੀ ਦੇ 1-1 ਕਿਲੋ ਦੇ ਪੂਲੇ  ਦੋਨੋ ਸਿਰਿਆ ਤੋਂ ਸੇਬੇ ਨਾਲ ਬੰਨ ਕੇ ਤਿਆਰ ਕੀਤੇ ਜਾਂਦੇ ਹਨ ਪੂਲੇ ਦੇ ਸਿਰੇ ਕਟ ਕ ਇਕ ਬਰਾਬਰ ਕਰ ਲਏ ਜਾਂਦੇ ਹਨ *ਪੂਲਿਆ ਦੀ ਕਿਆਰੀ ਲਗਾਉਣਾ*---ਪਰਾਲੀ ਦੇ ਪੂਲਿਆ ਨੂੰ ਸਾਫ ਪਾਣੀ ਵਿਚ 16-20 ਘੰਟੇ ਲਈ ਡਬੋ ਦਇਓ ਗਿਲੇ ਪੂਲਿਆ ਨੂੰ ਢਲਾਨ ਤੇ ਰੱਖ ਕੇ ਵਾਧੂ ਪਾਣੀ ਨਿਕਲਣ ਦਇਓ ਕਮਰੇ ਚ ਇੱਟਾਂ ਤੇ ਬਾਂਸ ਦਾ ਇਕ ਢਕਵਾ ਪਲੇਟਫਾਰਮ ਬਣਾਓ, ਇਸ ਪਲੇਟਫਾਰਮ ਤੇ  5 ਪੂਲਿਆ ਦੀ ਇਕ ਤਹਿ ਲਗਾਓ, ਜਿਸ ਉਪਰ ਲਗਭਗ 75 ਗ੍ਰਾਮ ਬੀਜ ਪਾਓ. ਇਸ ਤੋਂ ਉਪਰ ਵਾਲੀ ਤਹਿ ਉਲਟ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਇਸ ਤਰਾਂ 5-5 ਪੂਲਿਆ ਦੀਆ 4 ਤਹਿਆ ਵਿਚ  300 ਗ੍ਰਾਮ  ਬੀਜ ਪਾ ਕ  ਇਕ ਕਿਆਰੀ ਤਿਆਰ ਕੀਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਸਭ ਤੋਂ ਉਪਰ 2 ਪੂਲੇ ਖੋਲ ਕੇ ਰੱਖ ਦਿਤੇ ਜਾਂਦੇ ਹਨ *ਖੁੰਬਾ ਦਾ ਫੁੱਟਣਾ*---ਬਿਜਾਈ ਤੋਂ 7-9 ਦਿਨਾਂ ਬਾਅਦ ਖੁੰਬਾਂ ਫੁਟਣ ਲਗ ਪੈਂਦੀਆਂ ਹਨ *ਪਾਣੀ ਤੇ ਹਵਾ ਦਾ ਸੰਚਾਰ*--  ਬਿਜਾਈ ਦੇ 2 ਦਿਨ ਬਾਅਦ ਹਰ ਰੋਜ ਪਾਣੀ ਦਾ ਛਿੜਕਾਅ ਕੀਤਾ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਖੁੰਬਾਂ ਫੁਟਣ ਉਪਰੰਤ ਹਵਾ ਦਾ ਸੰਚਾਰ 6-8 ਘੰਟੇ ਪ੍ਰਤੀ ਦਿਨ ਕੀਤਾ ਜਾਂਦਾ ਹੈ * ਖੁੰਬਾਂ ਦੀ ਤੁੜਾਈ*-- ਖੁੰਬਾਂ ਫੁੱਟਣ ਉਪਰੰਤ 1-2 ਦਿਨਾਂ ਵਿਚ ਤੋੜਨ ਯੋਗ ਹੋ ਜਾਂਦੀਆਂ ਹਨ **ਮਿਲਕੀ ਖੁੰਬ** ਮਿਲਕੀ ਖੁੰਬ ਲਈ ਤੂੜੀ ,ਬੀਜ ,ਮੋਮੀ ਲਿਫਾਫੇ(12×16),ਸੇਬਾ,ਕੇਸਿੰਗ, ਮਿਟੀ ਆਦਿ ਚਾਹੀਦੇ ਹਨ *ਤੂੜੀ ਦੀ ਤਿਆਰੀ*--ਸੁਕੀ ਤੂੜੀ ਨੂੰ ਪੱਕੇ ਫ਼ਰਸ਼ ਤੇ ਵਿਛਾ ਕੇ 16-20 ਘੰਟੇ ਪਾਣੀ ਨਾਲ ਗਿਲਾ ਕਰੋ, ਗਿਲੀ ਤੂੜੀ ਨੂੰ ਬੋਰੀ ਵਿਚ ਭਰ ਕੇ ਸੇਬੇ ਨਾਲ਼ ਬੰਨ ਦਇਓ. ਇਸ ਬੋਰੀ ਨੂੰ ਉਬਲਦੇ ਪਾਣੀ ਵਿਚ 45-50 ਮਿੰਟ ਲਈ ਰੱਖੋ, ਤੂੜੀ ਨੂੰ ਕੱਢ ਕੇ ਪੱਕੇ ਫ਼ਰਸ਼ ਤੇ  ਵਿਛਾ ਕੇ ਠੰਡਾ ਕਰ ਲਓ ਇਹ ਤੂੜੀ ਬਿਜਾਈ ਲਈ ਤਿਆਰ ਹੈ *ਬਿਜਾਈ*--- ਠੰਡੀ ਤੂੜੀ ਵਿਚ ਬੀਜ ਰਲਾ ਕੇ ਮੋਮੀ ਲਿਫਾਫੇ ਵਿਚ ਭਰ ਦਇਓ 1 ਮੋਮੀ ਲਿਫਾਫੇ ਵਿਚ ਲਗਭਗ 2 ਕਿਲੋ ਗਿਲੀ ਤੂੜੀ ਅਤੇ 70-80 ਗ੍ਰਾਮ ਬੀਜ ਪੈਂਦਾ ਹੈ. ਲਿਫਾਫੇ ਦੇ ਮੂੰਹ ਨੂੰ ਸੇਬੇ ਨਾਲ ਬੰਨ ਕੇ ਕਮਰੇ ਵਿਚ ਰੱਖ ਦਇਓ *ਕੇਸਿੰਗ*--ਬਿਜਾਈ ਦੇ 2-3 ਹਫਤਿਆਂ ਬਾਅਦ ਲਿਫਾਫੇ ਖੋਲ ਕੇ ਕੇਸਿੰਗ ਦੀ 1-1.5 ਦੀ ਤਹਿ ਲਗਾ ਦਇਓ, ਕੇਸਿੰਗ ਵਿਚ ਰੂੜੀ ਤੇ ਰੇਤਲੀ ਮਿਟੀ(4:1) ਹੁੰਦੀ ਹੈ. ਜੋ ਕ 24 ਘੰਟਿਆ ਲਈ 4% ਫਾਰਮਲੇਨ ਦੇ ਘੋਲ਼ ਨਾਲ ਜੀਵਣੁ ਰਹਿਤ ਕੀਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ *ਖੁੰਬਾਂ ਦਾ ਫੁੱਟਣਾ*-- ਕੇਸਿੰਗ ਮਿਟੀ ਪਾਉਣ ਤੋਂ ਲਗਭਗ 2 ਹਫਤਿਆਂ ਵਿਚ ਖੁੰਬਾਂ ਦੇ ਛੋਟੇ-ਛੋਟੇ ਕਿਣਕੇ ਨਿਕਲਣੇ ਸ਼ੁਰੂ ਹੋ ਜਾਂਦੇ ਹਨ ਜੋ ਕ 4-5 ਦਿਨਾਂ ਵਿਚ ਤੋੜਨ ਯੋਗ ਹੋ ਜਾਂਦੇ ਹਨ. ਖੁੰਬਾਂ ਦੀ ਤੁੜਾਈ ਲਗਭਗ 35 -40 ਦਿਨਾਂ ਤਕ ਕੀਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ
Posted by sonu sah
Bihar
22-12-2019 02:27 PM
Rajasthan
12-23-2019 02:34 PM
मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजि.... (Read More)
मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजित किया जा रहा है प्रशिक्षण कार्य कर्म में भाग लेने के लिए नीचे दिए गए नम्बर पर आज ही संपर्क करें और Rs 250/ से अपना रजिस्ट्रेशन करवाए अचल सिंह (फाउंडर )- 9711858258. धन्यवाद
Posted by maniram
Rajasthan
22-12-2019 02:27 PM
Maharashtra
01-11-2020 11:54 AM
Maniram ji, isme sundi ka hamla hua hai, ap sundi ki roktham ke liye isme quinaphos @ 4 prati liter pani ke hisaab se spray karein, or isme quinalphos ki spray se 4-5 din baad isme carbendazim @ 4 gm ya mancozeb @ 4gm prati liter pani ke hisab se spray karein, iski spray se fungus ke hamle ki roktham bhi ho jati hai, dhanywad
Posted by priyanakaparel083@gmail.com
Gujarat
22-12-2019 02:25 PM
Maharashtra
01-11-2020 12:35 PM
Shri maan ji, kripya ap pna sawal visthar se puchien ke ap kis fasal ki kheti ke sambhandhi jankari lena chahte hain, taki pako ukse bare mein sahi jankari di ja sake, dhanywad
Posted by Vishal Prajapati
Uttar Pradesh
22-12-2019 02:24 PM
Maharashtra
01-11-2020 11:57 AM
विशाल जी, तंबाकू की सभी किस्मों के लिए प्रति एकड़ में 1.2 से 2 किलो बीज की मात्रा उपयुक्त होती है धन्यवाद
Posted by karamjeet Singh
Uttar Pradesh
22-12-2019 02:24 PM
Maharashtra
01-11-2020 12:01 PM
करमजीत जी, गेहूं में कुल 110 किलो यूरिया, 155 किलो SSP और 20 किलो पोटाश का इस्तेमला किया जाता है, इसके बाद भी अगर गेहूं की अछि बढ़वार नहीं होती है, तो इसमें NPK 191919 @ 1 किलो को 150 लीटर पानी में मिला कर प्रति एकड़ के हिसाब से स्प्रे किया जाता है, कीट नासाहक का इस्तेमला किसी कीट के हमले पर ही किया जाता है, अगर आपकी फसल में किसी कीट क.... (Read More)
करमजीत जी, गेहूं में कुल 110 किलो यूरिया, 155 किलो SSP और 20 किलो पोटाश का इस्तेमला किया जाता है, इसके बाद भी अगर गेहूं की अछि बढ़वार नहीं होती है, तो इसमें NPK 191919 @ 1 किलो को 150 लीटर पानी में मिला कर प्रति एकड़ के हिसाब से स्प्रे किया जाता है, कीट नासाहक का इस्तेमला किसी कीट के हमले पर ही किया जाता है, अगर आपकी फसल में किसी कीट का हमला है तो कृपया आप बताये , ताकि आपको उसके हिसाब से कीट नाशक बताया जा सके, धन्यवाद
Posted by MAHESH KASHYAP
Chattisgarh
22-12-2019 02:22 PM
Maharashtra
12-24-2019 03:14 PM
mahesh ji yeh kisam konsi hai kripya btaye taki aapko iske bare men poori jankari di ja sake,dhanywad
Posted by gopal Sharma
Uttar Pradesh
22-12-2019 02:21 PM
Maharashtra
01-11-2020 12:03 PM
गोपाल जी, बिजाई के 20-25 दिनों के बाद पहली सिंचाई देनी चाहिए जड़ें बनने के समय पर नमी का होना पैदावार को कम होने से बचाता है ठंडे क्षेत्रों में जैसे पहाड़ी क्षेत्रों और जहां पर गेहूं की पिछेती बिजाई की जाती है वहां पर बिजाई के लगभग 25-30 दिनों के बाद पहली सिंचाई करें बिजाई के 40-45 दिनों के बाद पौधा बनने के समय दूसरी सिं.... (Read More)
गोपाल जी, बिजाई के 20-25 दिनों के बाद पहली सिंचाई देनी चाहिए जड़ें बनने के समय पर नमी का होना पैदावार को कम होने से बचाता है ठंडे क्षेत्रों में जैसे पहाड़ी क्षेत्रों और जहां पर गेहूं की पिछेती बिजाई की जाती है वहां पर बिजाई के लगभग 25-30 दिनों के बाद पहली सिंचाई करें बिजाई के 40-45 दिनों के बाद पौधा बनने के समय दूसरी सिंचाई करें तीसरी सिंचाई 70-75 दिनों के बाद नोड्स बनने के समय करें फूल निकलने के समय चौथी सिंचाई 90-95 दिनों में करें पांचवी सिंचाई बिजाई के 110-115 दिनों के बाद करें जब दाने अपरिपक्व होते हैं धन्यवाद
Posted by Ashok Yadav
Uttar Pradesh
22-12-2019 02:14 PM
Maharashtra
01-11-2020 12:05 PM
अशोक जी, यू पी में गन्ने की खेती का उपयुक्त समय बसंत का मौसम है फरवरी से मार्च गन्ने की रोपाई के लिए सबसे उपयुक्त समय है उपउष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में कतारों में 60-120 सैं.मी. का फासला रखें बिजाई के लिए सुधरे ढंग जैसे कि गहरी खालियां, मेंड़ बनाकर,पंक्तियों में जोड़े बनाकर और गड्ढा खोदकर बिजाई की जाती है धन्यवाद
Posted by kapil
Haryana
22-12-2019 02:03 PM
Punjab
12-22-2019 02:10 PM
Kapil ji aap poultry farm ke bare mai jo bhi swal pushna chahte hai aap iss App mai Dr. shashi pal ji se push skte hai apko App mai sari jankari mill jayegi..
Posted by Kuljeet Bazigar
Rajasthan
22-12-2019 02:02 PM
Punjab
12-23-2019 06:29 PM
unko aap B-complex liquid 20ml/100birds ke hisab se den aur achi khurak deni suru kren jisse unki sahi growth ho skee.
Posted by parvez Alam
Uttarakhand
22-12-2019 01:59 PM
Maharashtra
01-11-2020 12:20 PM
परवेज़ जी, अगर आप गेहूं में अच्छी ग्रोथ की बात कर रहे हैं, तो , गेहूं में कुल 110 किलो यूरिया, 155 किलो SSP और 20 किलो पोटाश का प्रयोग किया जाता है, इसके बाद भी अगर गेहूं की अच्छी ग्रोथ नहीं होती है, तो इसमें NPK 191919 @ 1 किलो को 150 लीटर पानी में मिला कर प्रति एकड़ के हिसाब से स्प्रेकी जाती है, धन्यवाद
Posted by parvez Alam
Uttarakhand
22-12-2019 01:53 PM
Maharashtra
01-11-2020 12:26 PM
Parvez ji, kripya ap bataye ke ap mahadev kise keh rahe hain, taki apko uske hisaab se iske bare mein sahi jankari diti ja sake, dhanwyad
Posted by ताराचन्द
Rajasthan
22-12-2019 01:52 PM
Maharashtra
01-11-2020 12:29 PM
ताराचन्द जी, चने की ग्रोथ के लिए आप इसमें NPK 191919 @ 10 ग्राम प्रति लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे करें, धन्यवाद
Posted by satvir
Punjab
22-12-2019 01:50 PM
Punjab
01-11-2020 12:28 PM
Satvir ji, is vich fungus da hmala hoya hai, fungus di roktham layi tusi is vich carbendazim @ 4 gm ya mancozeb @ 4gm prati liter pani de hisaab se spray karo, dhanwad
Posted by Jagdeep
Punjab
22-12-2019 01:43 PM
Punjab
12-23-2019 06:31 PM
Iss nal pashua de dudh vich fatt vdhh hundi hai, pashu de sarir di vdia growth hundi hai ate dudh v vdhh jnda hai ate ehh asani nal hajam ho jndi hai..
Posted by Dhanveer singh Benipal
Punjab
22-12-2019 01:35 PM
Punjab
12-26-2019 06:02 PM
ਵਡਾਣਕ ਕਣਕ ਦੀ ਇਕ ਕਿਸਮ ਹੈ ਜੀ ਜੋ ਥੋੜਾ ਲਾਲ ਰੰਗ ਦੀ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਤੇ ਬੇਕਰੀ ਦੇ ਉਤਪਾਦ ਬਣਾਉਣ ਵਿੱਚ ਕੰਮ ਆਉਦੀ ਹੈ ਜੀ
Posted by Maya meghwal
Rajasthan
22-12-2019 01:31 PM
Maharashtra
01-11-2020 12:22 PM
चूहों से बचाव के लिए आप नीचे लिखे तरीके प्रयोग कर सकते हैं, पिंजरो का प्रयोग करना - चूहो को पडने के अलग अलग पिजंरो का प्रयोग किया जाता है इन पिजंरो का प्रयोग करने से पहले पिजंरे को अच्छी तरह धोकर प्रयोग करे ताकि किसी भी प्रकार की गंध ना आये साफ पिंजरो को खेत में चूहो के आने जाने वाले रास्ते और नुक्सान करने वाली.... (Read More)
चूहों से बचाव के लिए आप नीचे लिखे तरीके प्रयोग कर सकते हैं, पिंजरो का प्रयोग करना - चूहो को पडने के अलग अलग पिजंरो का प्रयोग किया जाता है इन पिजंरो का प्रयोग करने से पहले पिजंरे को अच्छी तरह धोकर प्रयोग करे ताकि किसी भी प्रकार की गंध ना आये साफ पिंजरो को खेत में चूहो के आने जाने वाले रास्ते और नुक्सान करने वाली जगह पर रखे बडी संखिया में चूहो को पकडने के लिए पिंजरे में 10-15 ग्राम अनाज को तेल लगाकर दो से तीन दिनो तक मुंह खोलकर रखे चुहो को मगर लगाने के बाद पिंजरे के अंदर कागज के टूकडो पर 10-15 ग्राम दाने और नालीदार दाखले पर चुटकी भर दाने रखकर मुंह को बंद कर दे ऐसा करके तीन दिन तक चूहे और पकडे हुए चूहो को पानी में डूबो कर मारे पिंजरो का दौबारा प्रयोग करने के लिए कम से कम 20 दिनो का फासला रखें कीडेमार जहरो के प्रयोग से रोकथाम - चूहो की कीडेमार और जहर के प्रयोग से रोकथाम करने के लिए जहरीला चोगा प्रयोग करने में ध्यान और सही तरीका प्रयोग करने की जरूरत है चुहो को इस जहरीले चोगे को खाना प्रयोग किये दानो का मियारपन , स्वाद, और तेल की गंध पर निर्भर करता है जहरीला चोगा बनाना जिंक फॉसफाइड का प्रयोग - एक किलो बाजरा गेहूं ज्वार का दलिया या इनका मिश्रण लेकर इसमे 20 ग्राम तेल हो सके तो मुंगफली का तेल और 25 ग्राम जिंकफॉसफाइड डाल कर अच्छी तरह मिलाये इस प्रकार तैया किये जहरीले चोगे को कागज की पुडीया बनाकर खेत में गेज वाली जगह पर रखे बरोमोडाइओलोन का प्रयोग - 20 ग्राम बरोमोडाइओलोन 0 005 फीसदी पाऊडर, 20 ग्राम बूरा खंड, और 20 ग्राम तेल को एक किलो किसी भी अनाज के दलिये में मिलाये और पूरे खेत में 40 जगह पर रख दें रैकुमिन का प्रयोग- 50 ग्राम रैकुमिन 0 0375 फीसदी पाऊडर , 20 ग्राम मुंगफली या सूरजमुखी का तेल और 20 ग्राम बूरा खंड को किसी भी अनाज के दलीये में मिलाये यह भी चूहो को मारने में बहुत फायदेमंद है
Posted by buta Singh
Punjab
22-12-2019 01:28 PM
Punjab
12-23-2019 07:44 PM
Butta singh ji ehh desi nasal di murgi hai ..
Posted by Raju Rao
Punjab
22-12-2019 01:15 PM
Punjab
12-23-2019 07:51 PM
Raju ji vase tan training krnn lai 5 pashu hone jruri hai ate 5th pass hona jruri hai ate age 18-50 saal tak honi chahidi hai, baki tuci ek varr apne nazdiki training center vich training lai apna name likha aao, ohh student de hisab nal training krwa skde hai, tuci training lenn lai deputy director dairy, 597-L model town near chatar singh park, ludhiana 0161-2400223 nal sampark kr skde ho.