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Posted by Laljeet brar
Punjab
25-12-2019 07:41 AM
Punjab
12-25-2019 08:39 AM
Shri maan g kanak vich urea@110 kg per acre 55-60 dinna ch poori kr skde ho......
Posted by Radhe Radhe
Uttar Pradesh
25-12-2019 07:38 AM
Chandigarh
12-28-2019 01:42 PM
बारानी क्षेत्रों के लिए, अक्तूबर का दूसरा या तीसरा सप्ताह चने की खेती के लिए उपयुक्त होता है सिंचित क्षेत्रों के लिए, बिजाई नवंबर के दूसरे सप्ताह में पूरी कर लें चने की पिछेती बिजाई दिसंबर के पहले सप्ताह तक पूरी कर लें जब पौधा सूख जाता है और पत्ते लाल-भूरे दिखते हैं और झड़ने शुरू हो जाते हैं, उस समय पौधा कटाई .... (Read More)
बारानी क्षेत्रों के लिए, अक्तूबर का दूसरा या तीसरा सप्ताह चने की खेती के लिए उपयुक्त होता है सिंचित क्षेत्रों के लिए, बिजाई नवंबर के दूसरे सप्ताह में पूरी कर लें चने की पिछेती बिजाई दिसंबर के पहले सप्ताह तक पूरी कर लें जब पौधा सूख जाता है और पत्ते लाल-भूरे दिखते हैं और झड़ने शुरू हो जाते हैं, उस समय पौधा कटाई के लिए तैयार हो जाता है पौधे को द्राती की सहायता से काटें कटाई के बाद फसल को 5-6 दिनों के लिए धूप में सुखाएं फसल को अच्छी तरह सुखाने के बाद पौधों को छड़ियों से पीटें या फिर बैलों के पैरों के नीचे छंटाई के लिए बिछा दें
Posted by rameshwar singh
Rajasthan
25-12-2019 07:30 AM
Chandigarh
12-28-2019 01:45 PM
सभी प्रकार की मिट्टियों में सहजन (Moringa) की खेती की जा सकती है यहाँ ताकि बेकार, बंजर और कम उर्वरा भूमि में भी इसकी खेती की जा सकती है, परन्तु व्यवसायिक खेती के लिए साल में दो बार फलनेवाला सहजन के प्रभेदों के लिए 6-7.5 पी.एच. मान वाली बलुई दोमट मिट्टी बेहतर पाया गया है सहजन के पौध की रोपनी में गड्ढा बनाकर किया जाता है ख.... (Read More)
सभी प्रकार की मिट्टियों में सहजन (Moringa) की खेती की जा सकती है यहाँ ताकि बेकार, बंजर और कम उर्वरा भूमि में भी इसकी खेती की जा सकती है, परन्तु व्यवसायिक खेती के लिए साल में दो बार फलनेवाला सहजन के प्रभेदों के लिए 6-7.5 पी.एच. मान वाली बलुई दोमट मिट्टी बेहतर पाया गया है सहजन के पौध की रोपनी में गड्ढा बनाकर किया जाता है खेत को अच्छी तरह खरपतवार से साफ़-सफाई का 2.5 x 2.5 मीटर की दूरी पर 45 x 45 x 45 सेंमी. आकार का गड्ढा बनाते हैं गड्ढे के उपरी मिट्टी के साथ 10 किलोग्राम सड़ा हुआ गोबर का खाद मिलाकर गड्ढे को भर देते हैं इससे खेत पौध के रोपनी हेतु तैयार हो जाता है सहजन में बीज और शाखा के टुकड़ों दोनों से ही प्रबर्द्धन होता है अच्छी फलन और साल में दो बार फलन के लिए बीज से प्रबर्द्धन करना अच्छा है एक हेक्टेयर में खेती करने के लिए 500 ग्राम बीज पर्याप्त है बीज को सीधे तैयार गड्ढों में या फिर पॉलीथीन बैग में तैयार कर गड्ढों में लगाया जा सकता है पॉलीथीन बैग में पौध एक महीना में लगाने योग्य तैयार हो जाता है एक महीने के तैयार पौध को पहले से तैयार किए गये गड्ढों में माह जुलाई-सितम्बर तक रोपनी कर दें पौध जब लगभग 75 सेंमी. का हो जाये तो पौध के ऊपरी भाग की खोटनी कर दें, इससे बगल से शाखाओं को निकलने में आसानी होगी रोपनी के तीन महीने के बाद 100 ग्राम यूरिया + 100 ग्राम सुपर फास्फेट + 50 ग्राम पोटाश प्रति गड्ढा की दर से डालें तथा इसके तीन महीने बाद 100 ग्राम यूरिया प्रति गड्ढा का पुन: व्यवहार करें सहजन पर किए गए शोध से यह पाया गया कि मात्र 15 किलोग्राम गोबर की खाद प्रति गड्ढा तथा एजोसपिरिलम और पी.एस.बी. (5 किलोग्राम/हेक्टेयर) के प्रयोग से जैविक सहजन की खेती, उपज में बिना किसी ह्रास के किया जा सकता है अच्छे उत्पादन के लिए सिंचाई करना लाभदायक है गड्ढों में बीज से अगर प्रबर्द्धन किया गया है तो बीज के अंकुरण और अच्छी तरह से स्थापन तक नमी का बना रहना आवश्यक है फूल लगने के समय खेत ज्यादा सूखा या ज्यादा गीला रहने पर दोनों ही अवस्था में फूल के झड़ने की समस्या होती है, इस के बारे में और ज्यादा जानकारी के लिए आप J.B Lal 8290200303 से सम्पर्क कर सकते है धन्यवाद
Posted by Goldi
Uttar Pradesh
25-12-2019 07:26 AM
Punjab
12-25-2019 09:17 AM
गोल्डी जी कृपया आप अपना सवाल विस्तार से पूछें कि आप क्या जानकारी लेना चाहते है ताकि आपको सही जानकारी दी जा सके
Posted by Mukesh Kumawat
Delhi
25-12-2019 07:08 AM
Maharashtra
01-04-2020 03:48 PM
Shrimaah ji , kripya ap apna sawal visthar se puchein ke ap piyaj se tiyar hone vale products ke bare mein puch rahein hain yan fir piyaj ki kheti mein dalne vale products ki baat kar rahe hain, taki apko iske bare mein ucchit jankari di ja sake, dhanywad
Posted by Rajveer Singh
Punjab
25-12-2019 07:02 AM
Punjab
01-04-2020 03:44 PM
ਸ਼੍ਰੀਮਾਨ ਜੀ, ਪੱਤੇ ਬਹੁਤ ਕਾਰਣਾਂ ਕਰ ਕੇ ਪੀਲੇ ਪੈ ਜਾਂਦੇ ਹਨ ਜਿਵੇ ਕੇ ਪਾਣੀ ਦਾ ਚੰਗਾ ਨਿਕਾਸ ਨਾ ਹੋਣਾ, ਕਿਸੇ ਬਿਮਾਰੀ ਦਾ ਹਮਲਾ ਜਾ ਫਿਰ ਕਿਸੇ ਤੱਤ ਦੀ ਕਮੀ ਜਾ ਫਿਰ ਇਹ ਮੌਸਮ ਵਿਚ ਤਬਦੀਲੀ ਦੇ ਕਾਰਣ ਵੀ ਪੀਲੇ ਪੈ ਜਾਂਦੇ ਜਾਨ, ਧੰਨਵਾਦ
Posted by Bhanu pratap SINGH
Uttar Pradesh
25-12-2019 06:51 AM
Punjab
12-25-2019 07:02 PM
श्री मान कृपया ये बताएं कि नदीन किस फसल में है इसकी रोकथाम के लिए आपको सही जानकारी दी जा सके
Posted by sukhjit singh
Punjab
25-12-2019 06:20 AM
Punjab
12-27-2019 06:54 PM
ਸ਼੍ਰੀਮਾਨ ਜੀ, ਜਾਵੀ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਦਾ ਸਹੀ ਸਮਾਂ ਅਕਤੂਬਰ ਤੋਂ ਨਵੰਬਰ ਤਕ ਦਾ ਹੁੰਦਾ ਹੈ, ਧੰਨਵਾਦ
Posted by Maharaj
Rajasthan
25-12-2019 06:10 AM
Maharashtra
01-04-2020 03:46 PM
Shrimaan ji, ithne kam samay mein koi sabji nahi uag sakti hai, kam se kam sama lene vali sabji palak hai, yeh kareeb 25 se 30 din mein tiyar ho jati hai, dhanywad
Posted by dayaram nagar
Rajasthan
25-12-2019 06:09 AM
Punjab
12-25-2019 09:20 AM
Dayaram ji aap gir cow lene ke liye aap Ameer Khan Pathan 9414745465 Arawli Dairy Farm se sampark kr skte hai.
Posted by Maharaj
Rajasthan
25-12-2019 06:08 AM
Punjab
12-26-2019 06:51 PM
Shrimaan ji, 15 se 20 din mein tiayar koi bhi sabji nahi hoti hai, palak sabse kam samay mein tiyar hone vali sabji hai joke 30 din mein tiyar hoti hai , sabhjiya thoda lambha sama leti hai tiyar hone ke liye, dhanywad
Posted by आडे संदीप
Maharashtra
25-12-2019 05:56 AM
Punjab
12-25-2019 09:36 AM
संदीप जी बकरी पालन की ट्रेनिंग लेने के लिए आप अपने नज़दीकी कृषि विज्ञान केन्द्र से संपर्क कर सकते हैं वहां समय समय पर किसानों की मांग के अनुसार ट्रेनिंग दी जाती है आप वहां जाकर अपना ट्रेनिंग का फार्म भर आएं और जब भी ट्रेनिंग होगी तो आपको फोन करके बता​ दिया जाएगा ट्रेनिंग लेने के लिए आप Krishi Vigyan Kendra, Address: Pokharni, Maharashtra 43.... (Read More)
संदीप जी बकरी पालन की ट्रेनिंग लेने के लिए आप अपने नज़दीकी कृषि विज्ञान केन्द्र से संपर्क कर सकते हैं वहां समय समय पर किसानों की मांग के अनुसार ट्रेनिंग दी जाती है आप वहां जाकर अपना ट्रेनिंग का फार्म भर आएं और जब भी ट्रेनिंग होगी तो आपको फोन करके बता​ दिया जाएगा ट्रेनिंग लेने के लिए आप Krishi Vigyan Kendra, Address: Pokharni, Maharashtra 431602, Phone: 02462 270 115 से संपर्क कर सकते है
Posted by Abhishek Singh
Bihar
25-12-2019 05:12 AM
Punjab
12-25-2019 08:46 AM
Shri maan g kripa aap yeh batayiein ki kaun si fassal mein weeds jyada hai.....
Posted by rajneesh kumar
Madhya Pradesh
25-12-2019 02:32 AM
Rajasthan
12-25-2019 09:38 AM
मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजि.... (Read More)
मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजित किया जा रहा है प्रशिक्षण कार्य कर्म में भाग लेने के लिए नीचे दिए गए नम्बर पर आज ही संपर्क करें और Rs 250/ से अपना रजिस्ट्रेशन करवाए अचल सिंह (फाउंडर )- 9711858258. धन्यवाद
Posted by Rajnish Kumar Chauhan
Uttarakhand
25-12-2019 02:30 AM
Punjab
12-25-2019 09:40 AM
Rajnish ji aap Barbari, Sirohi, beetal inme se kisi v nasal ki bakri rakh skte hai.
Posted by Rajnish Kumar Chauhan
Uttarakhand
25-12-2019 02:27 AM
Punjab
12-25-2019 09:41 AM
Rajnish ji iski market apko khudd apni nazdiki market mai krni hogi, iske liye aap market mai meat shops se contact kr skte hai aur direct unko sale kr skte hai.
Posted by Ankit
Punjab
25-12-2019 12:50 AM
Punjab
12-25-2019 07:05 PM
Sir you can buy Stevia plants from PAU,Ludhiana...
Posted by Shishupal Yadav
Uttar Pradesh
25-12-2019 12:26 AM
Punjab
12-25-2019 09:43 AM
यदि आप लेयर मुर्गी पालन करना चाहते है तो लेयर फार्मिंग के लिए आपको 50 फीट लंबाई वाली जगह और 20 फीट चौड़ाई वाली जगह की जरूरत होती है यह आपका 1000 वर्ग फुट जगह बन जाती है यहां आप 1000 बच्चों को रख सकते हैं इस प्रकार आप अपने बजट के हिसाब से बच्चों को रख सकते है और यदि आप लेयर का बच्चा अपने फार्म पर तैयार करते है तो आपको बच्च.... (Read More)
यदि आप लेयर मुर्गी पालन करना चाहते है तो लेयर फार्मिंग के लिए आपको 50 फीट लंबाई वाली जगह और 20 फीट चौड़ाई वाली जगह की जरूरत होती है यह आपका 1000 वर्ग फुट जगह बन जाती है यहां आप 1000 बच्चों को रख सकते हैं इस प्रकार आप अपने बजट के हिसाब से बच्चों को रख सकते है और यदि आप लेयर का बच्चा अपने फार्म पर तैयार करते है तो आपको बच्चा अंडे देने तक 160—170 रूप्ये प्रति बच्चे के हिसाब से खर्चा आएगा यदि आप तैयार बच्चा लेकर आते है तो वो आपको 205—210 रूप्ये प्रति बच्चे के हिसाब से पड़ेगा फिर आप उस हिसाब से इनको खरीद सकते है. पहले आप अपने बजट के हिसाब लेयर फार्मिंग करें फिर जैसे जैसे आपको काम की जानकारी होती रहेगी और आप काम बढ़ाते रहेगे फिर आप कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग कर सकते है
Posted by bhavesh
Rajasthan
25-12-2019 12:06 AM
Punjab
12-25-2019 09:58 AM
बफर का प्रयोग पशुओं की फीड में करने से उनका पाचन सही रहता है और दूध उत्पादन बढ़ता है और दूध में फैट बढ़ती है
Posted by jasvinder singh
Punjab
24-12-2019 10:42 PM
Punjab
12-25-2019 09:03 AM
Shri maan g lahsun ch pilapan door krn aur growth lyi NPK 19:19:19@1kg 150ltr pani ch mila ke spray kr skde ho ....
Posted by SANTOSH
Maharashtra
24-12-2019 10:18 PM
Punjab
12-26-2019 12:09 AM
Shrimaan ji, ap sabjiya jiase ke tamatar , fulgobhi ki kheti kar sakte hain , iske ilawa ap chkitsik podhe jaise ke kalihari, sadabhar, shatavari, mulethi,pudhina ki kheti kar sakte hain ya ap faldaar podhe jaise ke amrood bhi lga sakte hain, dhanywad
Posted by Ali Sher
Rajasthan
24-12-2019 10:18 PM
Punjab
12-25-2019 09:59 AM
उसे आप नज़दीकी डॉक्टर से जांच करवायें जिससे उसकी सही जांच करके इलाज किया जा सके
Posted by NARMESH JADON
Madhya Pradesh
24-12-2019 10:01 PM
Punjab
01-14-2020 04:16 PM
Narmesh ji genhu ka rate 1925 rupaye prati quintal ke hisab se chal raha hai.dhanywad
Posted by Laddi singh
Punjab
24-12-2019 09:58 PM
Punjab
12-27-2019 04:51 PM
ਸ਼੍ਰੀਮਾਨ ਜੀ, ਕਿਰਪਾ ਕਰ ਕੇ ਦੱਸੋ ਇਕ ਤੁਸੀ ਇਸ ਦੀ ਕਿੰਨੀ ਮਾਤਰਾ ਇਸਤੇਮਾਲ ਕੀ ਸੀ ਅਤੇ ਕਣਕ ਦੀ ਫੋਟੋ ਭੇਜੋ ਤਾਂਜੋ ਤੁਹਾਨੂੰ ਇਸ ਬਾਰੇ ਜਾਣਕਾਰੀ ਦਿਤੀ ਜਾ ਸਕੇ, ਧੰਨਵਾਦ
Posted by Pavan Sad
Madhya Pradesh
24-12-2019 09:58 PM
Punjab
12-25-2019 07:06 PM
श्री मान कृपया इसकी फोटो भेजें ताकि आपको सही जानकारी दी जा सके
Posted by Gurnishan Singh Dhillon
Punjab
24-12-2019 09:55 PM
Punjab
12-25-2019 10:01 AM
Gurnishan ji tuci murrah nasal di majh lenn lai Nain Dairy Farm 9996634722 Nain Dairy Farm nal sampark kr skde ho, ehna ton tuhanu vdia murrah nasal di majh mill jawegi.
Posted by Megharaj Lohara
Rajasthan
24-12-2019 09:45 PM
Punjab
12-25-2019 10:03 AM
yeh egg ke liye achi nasal hai..
Posted by Yudhisthir Nonia
Bihar
24-12-2019 09:42 PM
Punjab
01-14-2020 04:20 PM
Yudhisthir ji aap ise online mangva sakte hai iske liye aap sath men de gaye link par click kar sakte hai https://www.indiamart.com/proddetail/mahogany-plant-17022837762.html
Posted by Yudhisthir Nonia
Bihar
24-12-2019 09:39 PM
Punjab
01-28-2020 11:25 AM
Yudhisthir Nonia ji desi chicks lene ke lia aap Sumit Kumar 8006000291, 7906547529 Sumit Kumar Poultry Farm se samparak kar sakte hai, Thankyou.
Posted by Avtar Singh
Punjab
24-12-2019 09:34 PM
Punjab
12-25-2019 07:08 PM
ਸ੍ਰੀ ਮਾਨ ਜੀ ਕਣਕ ਵਿੱਚ ਕਿਹੜੇ-ਕਿਹੜੇ ਨਦੀਨ ਹਨ ਤਾਂ ਕਿ ਇਸਦੀ ਸਹੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਦਿੱਤੀ ਜਾ ਸਕੇ
Posted by ashish soni
Madhya Pradesh
24-12-2019 09:33 PM
Punjab
01-14-2020 04:17 PM
पेस्टीसाइड की दुकान खोलने के लिए आप B.SC AGRICULTURE की डिग्री की हुई होनी चाहिए और डिग्री के बाद इसका दवाइयां बेचने का लाइसेंसे बनता है इसका लाइसेंस बनाने के लिए आपको फाइल कचहरी में मिल जाती है और इसे फाइल को तैयार करके chief of agriculture के साइन करवाकर जमा करवानी पड़ती है और वह बाद में लोकेशन चैक करते हैं और करते हैं और 1 महीने .... (Read More)
पेस्टीसाइड की दुकान खोलने के लिए आप B.SC AGRICULTURE की डिग्री की हुई होनी चाहिए और डिग्री के बाद इसका दवाइयां बेचने का लाइसेंसे बनता है इसका लाइसेंस बनाने के लिए आपको फाइल कचहरी में मिल जाती है और इसे फाइल को तैयार करके chief of agriculture के साइन करवाकर जमा करवानी पड़ती है और वह बाद में लोकेशन चैक करते हैं और करते हैं और 1 महीने में आपका लाइसेंस बन जाता है
Posted by RUBAN SINGH
Punjab
24-12-2019 09:31 PM
Punjab
12-25-2019 11:50 PM
Ruban ji, guli dande di spray to baad tusi 6-7 din baad pani lga sakde ho, dhanwad
Posted by lakha
Punjab
24-12-2019 09:31 PM
Punjab
12-26-2019 12:11 AM
Shrimaan ji, gajar di bijai da sahi sama October to November tak da manea janda hai, dhanwad
Posted by ashish soni
Madhya Pradesh
24-12-2019 09:27 PM
Punjab
12-25-2019 09:06 AM
श्री मान पहले पानी के साथ यूरिया 50 किलो और जिंक सलफेट 10 किलोग्राम प्रति एकड़ में डालें जिंक की कमी को जिंक सलफेट 0.5 प्रतिशत स्प्रे द्वारा पूरा किया जा सकता है 15 दिनों के अंतराल पर 2-3 स्प्रे करें ज़मीन की अच्छी जोताई और अच्छी पैदावार के लिए 19:19:19 की स्प्रे, पानी में घुलनशील खादें+स्टिकर 0.5 मि.ली. को प्रति लीटर पानी में .... (Read More)
श्री मान पहले पानी के साथ यूरिया 50 किलो और जिंक सलफेट 10 किलोग्राम प्रति एकड़ में डालें जिंक की कमी को जिंक सलफेट 0.5 प्रतिशत स्प्रे द्वारा पूरा किया जा सकता है 15 दिनों के अंतराल पर 2-3 स्प्रे करें ज़मीन की अच्छी जोताई और अच्छी पैदावार के लिए 19:19:19 की स्प्रे, पानी में घुलनशील खादें+स्टिकर 0.5 मि.ली. को प्रति लीटर पानी में मिलाकर बिजाई के 30 दिनों के बाद डालें
Posted by ashish soni
Madhya Pradesh
24-12-2019 09:25 PM
Punjab
12-25-2019 09:07 AM
श्री मान पहले पानी के साथ यूरिया 50 किलो और जिंक सलफेट 10 किलोग्राम प्रति एकड़ में डालें जिंक की कमी को जिंक सलफेट 0.5 प्रतिशत स्प्रे द्वारा पूरा किया जा सकता है 15 दिनों के अंतराल पर 2-3 स्प्रे करें ज़मीन की अच्छी जोताई और अच्छी पैदावार के लिए 19:19:19 की स्प्रे, पानी में घुलनशील खादें+स्टिकर 0.5 मि.ली. को प्रति लीटर पानी में .... (Read More)
श्री मान पहले पानी के साथ यूरिया 50 किलो और जिंक सलफेट 10 किलोग्राम प्रति एकड़ में डालें जिंक की कमी को जिंक सलफेट 0.5 प्रतिशत स्प्रे द्वारा पूरा किया जा सकता है 15 दिनों के अंतराल पर 2-3 स्प्रे करें ज़मीन की अच्छी जोताई और अच्छी पैदावार के लिए 19:19:19 की स्प्रे, पानी में घुलनशील खादें+स्टिकर 0.5 मि.ली. को प्रति लीटर पानी में मिलाकर बिजाई के 30 दिनों के बाद डालें
Posted by Megharaj Lohara
Rajasthan
24-12-2019 09:24 PM
Punjab
12-25-2019 10:02 AM
LOhara ji yeh desi chicks hai..
Posted by Megharaj Lohara
Rajasthan
24-12-2019 09:24 PM
Punjab
12-25-2019 10:05 AM
Megharaj ji yeh desi aseel chicks hai.
Posted by Yudhisthir Nonia
Bihar
24-12-2019 09:20 PM
Punjab
01-14-2020 04:19 PM
Yudhisthir ji aap ise online mangva sakte hai iske liye aap sath men de gaye link par click kar sakte hai https://www.indiamart.com/proddetail/mahogany-plant-17022837762.html
Posted by jagmalsingh
Rajasthan
24-12-2019 09:17 PM
Punjab
01-14-2020 04:28 PM
जगमाल जी कृपया बताये कि आपके पास कितने एकड़ जमीन है ताकि आपको उसके हिसाब से जानकारी दी जा सके कि आप कोनसा ट्रेक्टर खरीद सकते है धन्यवाद
Posted by jitendra singh solanki
Madhya Pradesh
24-12-2019 09:17 PM
Punjab
12-26-2019 12:16 AM
बढ़िया वर्मी कंपोस्ट निम्नलिखित तरीके अनुसार बनायी जा सकती है इसलिए ऐसा स्थान लें जहां धूप ना आये और हवादार होइस स्थान पर ईंटों या पत्थर के टुकड़े और मिट्टी की 2—3 इंच मोटी परत बिछायेंमिट्टी पर थोड़ा सा पानी छिड़ककर गीला करें मिट्टी में 25 प्रतिशत से अधिक नमी नहीं होनी चाहिएइसके ऊपर गंडोए (40 गंडोए प्रति वर्.... (Read More)
बढ़िया वर्मी कंपोस्ट निम्नलिखित तरीके अनुसार बनायी जा सकती है इसलिए ऐसा स्थान लें जहां धूप ना आये और हवादार होइस स्थान पर ईंटों या पत्थर के टुकड़े और मिट्टी की 2—3 इंच मोटी परत बिछायेंमिट्टी पर थोड़ा सा पानी छिड़ककर गीला करें मिट्टी में 25 प्रतिशत से अधिक नमी नहीं होनी चाहिएइसके ऊपर गंडोए (40 गंडोए प्रति वर्ग फीट जगह) में मिलायेंइसके बाद वेस्ट जैसे कि बची कुची सब्जियां, फल, कच्चा गोबर, गोबर की सलरी की 8—10 इंच मोटी परत डालें दूसरी परत के बाद इसके ऊपर सूखे पत्ते या पराली से ढक दें हर परत के बाद पानी छिड़कें ताकि नमी बनी रहेवर्मीकंपोस्ट के बैड को 3—4 इंच मोटी गोबर की परत से ढक दें और इसके ऊपर बोरा या तिरपाल रखें ताकि नमी बनी रहेरसोई, फसलों या डेयरी के बचे कुचे की परत को रैक से पलटते रहें और आवश्यकतानुसार थोड़ा थोड़ा करके और वेस्ट भी डाल सकते हैं इसके ऊपर कच्चा गोबर भी डाल सकते हैं पर ध्यान रखें कि यह परत पहले जितनी ही मोटी रहेंवर्मी कंपोस्ट की खाद मौसम के हिसाब से 45—60 दिनों में तैयार हो जाती है सबसे ऊपर वाली परत को हटाकर गंडोए छलनी से अलग कर लें और निचली छोड़ दें इसके ऊपर दोबारा रसोई या एग्रो वेस्ट की 6 इंच मोटी परत बिछाकर दोबारा खाद तैयार की जा सकती हैं 45 दिनों के बाद पानी छिड़कना बंद करने से भी गंडोए निचली परत में चले जाते हैं और छलनी से अलग करने में समय कम लगता है तैयार वर्मी कंपोस्ट काले भूरे रंग की गंध रहित और चाय पत्ती जैसी होती है इसे छांव में हवा में सुखकर आवश्यकतानुसार थैले या बोरियों में डालकर रखा जा सकता है एक टन वर्मी कंपोस्ट में 1.0—1.5 किलोग्राम नाइट्रोजन, 5—10 किलोग्राम पोटाश और 3.5—5.0 किलो फासफोरस होता है इसके अलावा इसमें कई तरह के एन्ज़ाइम और सूक्ष्म तत्व कॉपर, आयरन, जिंक, सल्फर, कैलशियम और मैगनीशियम आदि होते हैं
Posted by gagandeep singh
Punjab
24-12-2019 09:15 PM
Punjab
12-25-2019 03:50 PM
Gagandeep ji tuci gaban majh nu methi de skde ho, ehh tuci 50-70gm rojana de skde ho..
Posted by jagmalsingh
Rajasthan
24-12-2019 09:14 PM
Punjab
12-26-2019 10:38 AM
श्रीमान जी, इसमें आप सुंडी के हमले की जांच करे, और अगर हमला मौजूद तो तो आप इसमें quinalphos @ 4ml प्रति लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे करें, धन्यवाद
Posted by shamsher singh
Punjab
24-12-2019 09:13 PM
Punjab
01-28-2020 04:56 PM
Shamsher singh ji Broccoli seed ja nursery lene ke lia aap Mohammad Shrif 9417150864 Arman Seeds Farm se samparak kar sakte hai, Thankyou.
Posted by RUBAN SINGH
Punjab
24-12-2019 09:12 PM
Punjab
12-25-2019 09:11 AM
श्रीमान जी यूरिया@2.5kg , DAP@2.5 kg , Zinc @0.5kg का घोल तैयार करके इसकी स्प्रे करें, DAP को एक रात पहले भिगो कर रखें और यूरिया जिंक को अलग अलग घोल कर बाद इन तीनों को 100-150 लीटर पानी में मिक्स करके प्रति एकड़ पर स्प्रे करें, यह ग्रोथ बढ़ाने का काम करती है और जो भी फसल में कमी होती है उसकी कमी को पूरा करती है
Posted by seenu hyderabadi
Uttar Pradesh
24-12-2019 09:03 PM
Punjab
12-26-2019 10:40 AM
पुदीना मैंथा के नाम से जानी जाने वाली एक क्रियाशील जड़ी बूटी है पुदीने को मिट्टी की कई किस्मों जैसे दरमियाने से गहरी उपजाऊ मिट्टी, जिसमें पानी को सोखने की क्षमता ज्यादा हो, में उगाया जाता है इसको जल-जमाव वाली मिट्टी में भी उगाया जा सकता है उच्च नमी वाली मिट्टी में यह अच्छे परिणाम देती है इस फसल के लिए मिट्टी .... (Read More)
पुदीना मैंथा के नाम से जानी जाने वाली एक क्रियाशील जड़ी बूटी है पुदीने को मिट्टी की कई किस्मों जैसे दरमियाने से गहरी उपजाऊ मिट्टी, जिसमें पानी को सोखने की क्षमता ज्यादा हो, में उगाया जाता है इसको जल-जमाव वाली मिट्टी में भी उगाया जा सकता है उच्च नमी वाली मिट्टी में यह अच्छे परिणाम देती है इस फसल के लिए मिट्टी का pH 6-7.5 होना चाहिए प्रसिद्ध किस्में:- MAS-1: यह छोटे कद की किस्म है जिसकी ऊंचाई 30-45 सैं.मी. होती है यह बीमारीयों की रोधक और जल्दी पकने वाली किस्म है इसमें मैन्थोल की मात्रा 70-80% होती है इसकी औसतन पैदावार 80 क्विंटल प्रति एकड़ जड़ी-बूटियां के तौर पर और 50-60 किलोग्राम प्रति एकड़ तेल के तौर पर होती है Hybrid-77: इसकी ऊंचाई 50-60 सैं.मी. होती है यह किस्म पत्तों के धब्बा रोग और कुंगी के रोधक होती है, और यह जल्दी पकने वाली किस्म है इसमें मैन्थोल की मात्रा 80-85% होती है इसकी औसतन पैदावार 80 क्विंटल प्रति एकड़ जड़ी-बूटियां के तौर पर और 50-60 किलोग्राम प्रति एकड़ तेल के तौर पर होती है यह रेतली दोमट मिट्टी में बढ़िया पैदावार देती है औरऐसी शुष्क मौसम में की आवश्यकता होती है Shivalik: यह चीन की खेती से चुनी गई किस्म है यह किस्म उत्तर प्रदेश के तराई क्षेत्रों और उत्तरांचल में अच्छी वृद्धि करती है इसमें मैन्थोल की मात्रा 65-70% होती है इसकी औसतन पैदावार 120 क्विंटल प्रति एकड़ जड़ी-बूटियां के तौर पर और 72 किलोग्राम प्रति एकड़ तेल के तौर पर होती है यह किस्म फंगस रोगों से जल्दी प्रभावित होती है EC-41911: यह किस्म रूसी जर्मप्लाज्म से ली गई है यह किस्म पानी की रोधक और आकार में सीधी होती है इसमें मैन्थोल की मात्रा 70%पायी जाती है इसकी औसतन पैदावार 120 क्विंटल प्रति एकड़ जड़ी-बूटियां के तौर पर और 72 किलोग्राम प्रति एकड़ तेल के तौर पर होती है इस किस्म से तैयार तेल का प्रयोग विभिन्न व्यंजनों में स्वाद के लिए किया जाता है Gomti: यह किस्म रंग में हल्के लाल रंग की होती है इसकी पैदावार बाकी किस्मों की पैदावार से कम होती है इसमें मैन्थोल की मात्रा 78-80% होती है Himalaya: इसके पत्तों का आकार बाकी किस्मों से बड़ा होता है यह किस्म कुंगी, झुलस, सफेद धब्बे और पत्तों पर धब्बे रोग की रोधक है इसमें मैन्थोल की मात्रा 78-80% होती है इसकी औसतन पैदावार 160 क्विंटल प्रति एकड़ जड़ी-बूटियां के तौर पर और 80-100 किलोग्राम प्रति एकड़ तेल के तौर पर होती है Kosi: यह किस्म 90 दिनों में पक जाती है यह किस्म कुंगी, झुलस, सफेद धब्बे और पत्तों के धब्बे रोग की प्रतिरोधक है इसमें मैन्थोल की मात्रा 75-80 प्रतिशत होती है और तेल की पैदावार 80-100 किलोग्राम प्रति एकड़ होती है Saksham: यह किस्म सी वी हिमालय की तरफ से टिशू कल्चर द्वारा तैयार की गई है इसमें मैन्थोल की मात्रा 80% होती है और तेल की पैदावार 90-100 किलोग्राम प्राप्त होती है पुदीने की बिजाई के लिए सुविधाजनक आकार के बैड तैयार करें खेत की तैयारी के समय खेत की अच्छी तरह जोताई करें जैविक खाद जैसे रूड़ी की खाद 100-120 क्विंटल प्रति एकड़ रूड़ी की खाद डालें रूड़ी की खाद के बाद हरी खाद डालें इसकी बिजाई के लिए दिसंबर-जनवरी का समय अनुकूल होता है पौधे के भागों की बिजाई 40 सैं.मी. के फासले पर और पंक्तियों के बीच का फासला 60 सैं.मी होना चाहिए बीज को 2-3 सैं.मी. की गहराई में बोयें पौधे के जड़ वाले भाग को मुख्य खेत में बोया जाता है खेत की तैयारी के समय रूड़ी की खाद 80-120 क्विंटल प्रति एकड़ में डालें और अच्छी तरह मिलायें नाइट्रोजन 58 किलो (यूरिया 130 किलो), फासफोरस 32-40 किलो (सिंगल सुपर फासफेट 80-100 किलो), पोटाशियम 20 किलो (म्यूरेट ऑफ पोटाश 33 किलो) प्रति एकड़ में डालें गर्मियों में मॉनसून से पहले जलवायु और मिट्टी के आधार पर 6-9 सिंचाइयां जरूर की जानी चाहिए मॉनसून के बाद 3 सिंचाइयों की आवश्यकता होती है पहली सिंचाई सितंबर महीने में, दूसरी अक्तूबर में और तीसरी नवंबर महीने में की जानी चाहिए सर्दियों में ज्यादा सिंचाई की आवश्यकता नहीं होती, लेकिन यदि सर्दियों में बारिश ना पड़े तो एक सिंचाई जरूर देनी चाहिए पौधे 100-120 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाते हैं जब निचले पत्ते पीले रंग के होने शुरू हो जायें, तब कटाई करें कटाई दराती से और बूटियों को मिट्टी की सतह के 2-3 सैं.मी. ऊपर से निकालें अगली कटाई पहली कटाई के बाद 80 दिनों के अंतराल पर करें ताजी पत्तियों को उत्पाद बनाने के लिए प्रयोग किया जाता है, धन्यवाद
Posted by Ravi chodhary
Madhya Pradesh
24-12-2019 08:53 PM
Punjab
01-14-2020 04:36 PM
Ravi ji kripya swal vistar se pooche ke aap genhu ki konsi kisam ke bare men jankari lena chahte hai taki aapko uske hisab se jankari di ja sake.dhanywad
Posted by Satnam Singh
Punjab
24-12-2019 08:46 PM
Punjab
12-25-2019 10:51 AM
ਸਤਨਾਮ ਜੀ ਤੁਸੀ ਹੁਣ ਤੋਂ ਹੀ keeper plus ਪਾਊਡਰ ਦੇਣਾ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ, ਇਹ ਤੁਸੀ 50 ਗ੍ਰਾਮ ਰੋਜਾਨਾ ਦੇ ਸਕਦੇ ਹੋ
Posted by dilbag
Punjab
24-12-2019 08:43 PM
Punjab
12-26-2019 12:20 AM
Shrimaan j, sundi di roktham layi tusi quinalphos @ 800 ml nu150 liter pani vich mila ke prat acre de hisaab nal spray karo, dhanwad
Posted by Harjinder singh
Rajasthan
24-12-2019 08:43 PM
Punjab
12-25-2019 09:13 AM
Shri maan g yeh batayein ki apki fassal kitne dino ki ho gyi hai...