Posted by अरुण कुमार
Uttar Pradesh
25-12-2019 05:37 PM
उसे आप रोजाना 35—40 किलो हरा चारा दें और हर तीन महीने के बाद पेट के कीड़ों के लिए गोली जरूर दें और उसे आप गेहूं का दलिया बनाकर दे सकते है इसके साथ आप Milkout पाउडर 2—2 चम्मच सुबह शाम और Glactogog पाउडर देना शुरू करें इसका रोजाना एक पाउच देना शुरू करें इससे दूध में फायदा होगा..

Posted by gaurav kumar
Uttar Pradesh
25-12-2019 05:21 PM
मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजि.... (Read More)
मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजित किया जा रहा है प्रशिक्षण कार्य कर्म में भाग लेने के लिए नीचे दिए गए नम्बर पर आज ही संपर्क करें और Rs 250/ से अपना रजिस्ट्रेशन करवाए अचल सिंह (फाउंडर )- 9711858258. धन्यवाद

Posted by Shiv Rathore
Madhya Pradesh
25-12-2019 04:59 PM
श्रीमान जी, कृपया आप बताये के अपने इसमें कोनसी खाद का इस्तेमाल किया है, ताकि आपको इसके बारे में सही जानकारी दी जा सके, धन्यवाद

Posted by Pardeep Parmar
Haryana
25-12-2019 04:59 PM
Shrimaan ji, is podhe mein tatvon ki kami hai isme ap vermicompost @ 4-5 kilo ke hisaab se dalaien or yeh bataye ke apne isko kis vidhi se lagaya hai, taki apko iske bare mein sahi jankari di ja sake, dhanywad

Posted by Kuldeep Singh
Rajasthan
25-12-2019 04:57 PM
Shrimaan ji, january mein ap sabjiya jiase ke chappan kadu, muli, shimla mirch, palak, bangan ki kheti kar sakte hain iske ilawa ap rajmah ki kheti kar sakte hai, or chikitsik phode jaise ke kalihari, pudhina, amla mulethi ki kheti kar sakte hain, dhanywad

Posted by जसपाल सिंह
Rajasthan
25-12-2019 04:51 PM
जसपाल जी आप सब्जियां जैसे राजमा, शिमला मिर्च, मूली, पालक, बैंगन, चप्पन कद्दू की बिजाई कर सकते है धन्यवाद

Posted by सभाजीत पाण्डेय (पप्पू)
Uttar Pradesh
25-12-2019 04:45 PM
श्री मान बैंगन की फसल सख्त होने के कारण इसे अलग अलग तरह की मिट्टी में उगाया जा सकता है यह एक लंबे समय की फसल है, इसलिए अच्छे जल निकास वाली उपजाऊ रेतली दोमट मिट्टी उचित होती है और अच्छी पैदावार देती है अगेती फसल के लिए हल्की मिट्टी और अधिक पैदावार के लिए चिकनी और नमी या गारे वाली मिट्टी उचित होती है फसल की वृद्ध.... (Read More)
श्री मान बैंगन की फसल सख्त होने के कारण इसे अलग अलग तरह की मिट्टी में उगाया जा सकता है यह एक लंबे समय की फसल है, इसलिए अच्छे जल निकास वाली उपजाऊ रेतली दोमट मिट्टी उचित होती है और अच्छी पैदावार देती है अगेती फसल के लिए हल्की मिट्टी और अधिक पैदावार के लिए चिकनी और नमी या गारे वाली मिट्टी उचित होती है फसल की वृद्धि के लिए 5.5-6.6 पी एच होनी चाहिए लंबी किस्में Pusa Purple Long: यह जल्दी पकने वाली किस्म है सर्दियों में यह 70-80 दिनों में और गर्मियों में यह 100-110 दिनों में पक जाती है इस किस्म के बूटे दरमियाने कद के और फल लंबे और जामुनी रंग के होते हैं इसकी औसतन पैदावार 120 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Pusa Purple Cluster: यह किस्म आई. सी. ए. आर. नई दिल्ली द्वारा बनाई गई है यह दरमियाने समय की किस्म है इसके फल गहरे जामुनी रंग और गुच्छे में होते हैं यह बैक्टीरिया सूखे के कुछ हद तक प्रतिरोधक है Pusa Kranti: यह किस्म IARI, नई दिल्ली द्वारा विकसित की गई है यह किस्म बसंत और पतझड़ के मौसम में उगाने के लिए अनुकूल है यह किसम 130-150 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती हे इसके फल आकर्षित गहरे जामुनी रंग के होते हैं इसकी औसतन पैदावार 56-64 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Punjab Sadabahar: इसकी औसतन पैदावार 120-160 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Punjab Basarati: इसकी औसतन पैदावार 120-140 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Pant Samrat: इसके फल रोपाई के 70 दिनों के बाद तुड़ाई के लिए तैयार हो जाते हैं गोल किस्में Pusa Purple Round: यह किस्म छोटे पत्ते, शाख और फल के छेदक की रोधक किस्म है Pant Rituraj: इस किस्म के फल गोल और आकर्षित जामुनी रंग के होते हैं और इनमें बीज की मात्रा भी कम होती है इसकी औसतन पैदावार 160 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Banaras Giant: यह वाराणसी और उसके नजदीक के क्षेत्रों में प्रसिद्ध किस्म है इसके फल हरे और सफेद रंग के होते हैं इसकी औसतन पैदावार 400 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Swarna Mani: यह किस्म बैक्टीरियल सूखे के प्रतिरोधक किस्म है इसकी औसतन पैदावार 24-26 टन प्रति एकड़ होती है Swarna Ajay: इसकी औसतन पैदावार 28-30 टन प्रति एकड़ होती है बैंगन की खेती पूरे वर्ष की जाती है खरीफ मौसम के लिए, नर्सरी फरवरी - मार्च के महीने में तैयार करें और मार्च - अप्रैल के महीने में रोपाई करें सर्दियों के मौसम में, नर्सरी की तैयारी के लिए जून जुलाई का समय उपयुक्त होता है और रोपाई के लिए जुलाई अगस्त का महीना उपयुक्त होता है बसंत के मौसम में, सितंबर के महीने में नर्सरी तैयार करें और अक्तूबर - नवंबर के महीने में रोपाई पूरी कर लें लंबी किस्मों के लिए, कतार से कतार में 60-75 सैं.मी. जबकि गोल किस्मों के लिए कतारों में 80-90 सैं.मी. और पौधे से पौधे में 60-70 सैं.मी. फासले का प्रयोग करें नर्सरी में, बीज को 1.5 सैं.मी. गहराई में बोयें और मिट्टी से ढक दें खेत में पनीरी लगाकर इसकी बिजाई की जाती है मिट्टी के भुरभुरा होने तक खेत की तीन से चार बार जोताई करें गाय का गला हुआ गोबर 42 क्विंटल प्रति एकड़ में डालें और मिट्टी में अच्छी तरह मिलायें बैंगन के बीज 3 मीटर लंबे, 1 मीटर चौड़े और 15 सैं.मी. ऊंचे बैडों पर बोये जाते हैं पहले बैडों में बढ़िया रूड़ी की खाद डालें फिर बिजाई से दो दिन पहले कप्तान का घोल डालें ताकि जो नर्सरी बैडों में पौधों को नष्ट होने से बचाया जा सके उसके बाद बीजों को कतारों में 2.5 सैं.मी. के फासले पर और 1.5 सैं.मी. की गहराई पर बोयें हल्की सिंचाई करें पौधों के अंकुरन तक बैडों को काले रंग की पॉलीथीन शीट या पराली से ढक दें तंदरूस्त पौधे जिनके 3-4 पत्ते निकलें हों और कद 12-15 सैं.मी. (30-40 days crop) हो, खेत में पनीरी लगाने के लिए तैयार होते हैं बैंगन की खेती पूरे वर्ष की जाती है खरीफ मौसम के लिए, नर्सरी फरवरी - मार्च के महीने में तैयार करें और मार्च - अप्रैल के महीने में रोपाई करें सर्दियों के मौसम में, नर्सरी की तैयारी के लिए जून जुलाई का समय उपयुक्त होता है और रोपाई के लिए जुलाई अगस्त का महीना उपयुक्त होता है बसंत के मौसम में, सितंबर के महीने में नर्सरी तैयार करें और अक्तूबर - नवंबर के महीने में रोपाई पूरी कर लें लंबी किस्मों के लिए, कतार से कतार में 60-75 सैं.मी. जबकि गोल किस्मों के लिए कतारों में 80-90 सैं.मी. और पौधे से पौधे में 60-70 सैं.मी. फासले का प्रयोग करें नर्सरी में, बीज को 1.5 सैं.मी. गहराई में बोयें और मिट्टी से ढक दें खेत में पनीरी लगाकर इसकी बिजाई की जाती है एक एकड़ खेत में बिजाई के लिए 300-400 ग्राम बीज प्रति एकड़ में प्रयोग करें नाइट्रोजन 60 किलो (130 किलो यूरिया), फासफोरस 20 किलो (125 किलो सिंगल सुपर फासफेट) और पोटाश 20 किलो (35 किलो म्यूरेट ऑफ पोटाश) की मात्रा प्रति एकड़ में प्रयोग करें नाइट्रोजन की एक तिहाई मात्रा और फासफोरस और पोटाश की पूरी मात्रा आखिरी जोताई के समय डालें बाकी बची नाइट्रोजन को रोपाई के बाद 30 वें और 45वें दिन डालें नदीनों को रोकने, अच्छे विकास और उचित हवा के लिए दो - चार गोडाई करें काले रंग की पॉलिथीन शीट से पौधों को ढक दें जिससे नदीनों का विकास कम हो जाता है और ज़मीन का तापमान भी बना रहता हैं नदीनों को रोकने के लिए पौधे लगाने से पहले मिट्टी में फलूकलोरालिन 600-800 मि.ली. प्रति एकड़ या ऑक्साडायाज़ोन 400 ग्राम प्रति एकड़ डालें अच्छे परिणाम के लिए पौधे लगाने से पहले एलाकलोर 2 लीटर प्रति एकड़ की मिट्टी के तल पर स्प्रेकरें

Posted by सभाजीत पाण्डेय (पप्पू)
Uttar Pradesh
25-12-2019 04:41 PM
श्री मान बैंगन की फसल सख्त होने के कारण इसे अलग अलग तरह की मिट्टी में उगाया जा सकता है यह एक लंबे समय की फसल है, इसलिए अच्छे जल निकास वाली उपजाऊ रेतली दोमट मिट्टी उचित होती है और अच्छी पैदावार देती है अगेती फसल के लिए हल्की मिट्टी और अधिक पैदावार के लिए चिकनी और नमी या गारे वाली मिट्टी उचित होती है फसल की वृद्ध.... (Read More)
श्री मान बैंगन की फसल सख्त होने के कारण इसे अलग अलग तरह की मिट्टी में उगाया जा सकता है यह एक लंबे समय की फसल है, इसलिए अच्छे जल निकास वाली उपजाऊ रेतली दोमट मिट्टी उचित होती है और अच्छी पैदावार देती है अगेती फसल के लिए हल्की मिट्टी और अधिक पैदावार के लिए चिकनी और नमी या गारे वाली मिट्टी उचित होती है फसल की वृद्धि के लिए 5.5-6.6 पी एच होनी चाहिए लंबी किस्में Pusa Purple Long: यह जल्दी पकने वाली किस्म है सर्दियों में यह 70-80 दिनों में और गर्मियों में यह 100-110 दिनों में पक जाती है इस किस्म के बूटे दरमियाने कद के और फल लंबे और जामुनी रंग के होते हैं इसकी औसतन पैदावार 120 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Pusa Purple Cluster: यह किस्म आई. सी. ए. आर. नई दिल्ली द्वारा बनाई गई है यह दरमियाने समय की किस्म है इसके फल गहरे जामुनी रंग और गुच्छे में होते हैं यह बैक्टीरिया सूखे के कुछ हद तक प्रतिरोधक है Pusa Kranti: यह किस्म IARI, नई दिल्ली द्वारा विकसित की गई है यह किस्म बसंत और पतझड़ के मौसम में उगाने के लिए अनुकूल है यह किसम 130-150 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती हे इसके फल आकर्षित गहरे जामुनी रंग के होते हैं इसकी औसतन पैदावार 56-64 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Punjab Sadabahar: इसकी औसतन पैदावार 120-160 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Punjab Basarati: इसकी औसतन पैदावार 120-140 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Pant Samrat: इसके फल रोपाई के 70 दिनों के बाद तुड़ाई के लिए तैयार हो जाते हैं गोल किस्में Pusa Purple Round: यह किस्म छोटे पत्ते, शाख और फल के छेदक की रोधक किस्म है Pant Rituraj: इस किस्म के फल गोल और आकर्षित जामुनी रंग के होते हैं और इनमें बीज की मात्रा भी कम होती है इसकी औसतन पैदावार 160 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Banaras Giant: यह वाराणसी और उसके नजदीक के क्षेत्रों में प्रसिद्ध किस्म है इसके फल हरे और सफेद रंग के होते हैं इसकी औसतन पैदावार 400 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Swarna Mani: यह किस्म बैक्टीरियल सूखे के प्रतिरोधक किस्म है इसकी औसतन पैदावार 24-26 टन प्रति एकड़ होती है Swarna Ajay: इसकी औसतन पैदावार 28-30 टन प्रति एकड़ होती है बैंगन की खेती पूरे वर्ष की जाती है खरीफ मौसम के लिए, नर्सरी फरवरी - मार्च के महीने में तैयार करें और मार्च - अप्रैल के महीने में रोपाई करें सर्दियों के मौसम में, नर्सरी की तैयारी के लिए जून जुलाई का समय उपयुक्त होता है और रोपाई के लिए जुलाई अगस्त का महीना उपयुक्त होता है बसंत के मौसम में, सितंबर के महीने में नर्सरी तैयार करें और अक्तूबर - नवंबर के महीने में रोपाई पूरी कर लें लंबी किस्मों के लिए, कतार से कतार में 60-75 सैं.मी. जबकि गोल किस्मों के लिए कतारों में 80-90 सैं.मी. और पौधे से पौधे में 60-70 सैं.मी. फासले का प्रयोग करें नर्सरी में, बीज को 1.5 सैं.मी. गहराई में बोयें और मिट्टी से ढक दें खेत में पनीरी लगाकर इसकी बिजाई की जाती है मिट्टी के भुरभुरा होने तक खेत की तीन से चार बार जोताई करें गाय का गला हुआ गोबर 42 क्विंटल प्रति एकड़ में डालें और मिट्टी में अच्छी तरह मिलायें बैंगन के बीज 3 मीटर लंबे, 1 मीटर चौड़े और 15 सैं.मी. ऊंचे बैडों पर बोये जाते हैं पहले बैडों में बढ़िया रूड़ी की खाद डालें फिर बिजाई से दो दिन पहले कप्तान का घोल डालें ताकि जो नर्सरी बैडों में पौधों को नष्ट होने से बचाया जा सके उसके बाद बीजों को कतारों में 2.5 सैं.मी. के फासले पर और 1.5 सैं.मी. की गहराई पर बोयें हल्की सिंचाई करें पौधों के अंकुरन तक बैडों को काले रंग की पॉलीथीन शीट या पराली से ढक दें तंदरूस्त पौधे जिनके 3-4 पत्ते निकलें हों और कद 12-15 सैं.मी. (30-40 days crop) हो, खेत में पनीरी लगाने के लिए तैयार होते हैं बैंगन की खेती पूरे वर्ष की जाती है खरीफ मौसम के लिए, नर्सरी फरवरी - मार्च के महीने में तैयार करें और मार्च - अप्रैल के महीने में रोपाई करें सर्दियों के मौसम में, नर्सरी की तैयारी के लिए जून जुलाई का समय उपयुक्त होता है और रोपाई के लिए जुलाई अगस्त का महीना उपयुक्त होता है बसंत के मौसम में, सितंबर के महीने में नर्सरी तैयार करें और अक्तूबर - नवंबर के महीने में रोपाई पूरी कर लें लंबी किस्मों के लिए, कतार से कतार में 60-75 सैं.मी. जबकि गोल किस्मों के लिए कतारों में 80-90 सैं.मी. और पौधे से पौधे में 60-70 सैं.मी. फासले का प्रयोग करें नर्सरी में, बीज को 1.5 सैं.मी. गहराई में बोयें और मिट्टी से ढक दें खेत में पनीरी लगाकर इसकी बिजाई की जाती है एक एकड़ खेत में बिजाई के लिए 300-400 ग्राम बीज प्रति एकड़ में प्रयोग करें नाइट्रोजन 60 किलो (130 किलो यूरिया), फासफोरस 20 किलो (125 किलो सिंगल सुपर फासफेट) और पोटाश 20 किलो (35 किलो म्यूरेट ऑफ पोटाश) की मात्रा प्रति एकड़ में प्रयोग करें नाइट्रोजन की एक तिहाई मात्रा और फासफोरस और पोटाश की पूरी मात्रा आखिरी जोताई के समय डालें बाकी बची नाइट्रोजन को रोपाई के बाद 30 वें और 45वें दिन डालें नदीनों को रोकने, अच्छे विकास और उचित हवा के लिए दो - चार गोडाई करें काले रंग की पॉलिथीन शीट से पौधों को ढक दें जिससे नदीनों का विकास कम हो जाता है और ज़मीन का तापमान भी बना रहता हैं नदीनों को रोकने के लिए पौधे लगाने से पहले मिट्टी में फलूकलोरालिन 600-800 मि.ली. प्रति एकड़ या ऑक्साडायाज़ोन 400 ग्राम प्रति एकड़ डालें अच्छे परिणाम के लिए पौधे लगाने से पहले एलाकलोर 2 लीटर प्रति एकड़ की मिट्टी के तल पर स्प्रेकरें

Posted by shakti singh
Uttar Pradesh
25-12-2019 04:36 PM
श्री मान गेहूं को सिफारिश मात्रा में खादों का प्रयोग ही करें इसके साथ ही गेहूं का फुटाव बढ़िया हो जाता है, आपको को अलग स्प्रे करने की जरुरत नहीं है
Posted by अशोक यादव
Uttar Pradesh
25-12-2019 04:35 PM
श्रीमान जी, जिंक की स्प्रे आमतौर पर आलू के पौधों में नहीं की जाती है, अगर फिर भी इसकी कमी के लक्षण दिखाई देते हैं तो आप जिंक को यूरिया के साथ मिला कर स्प्रे कर सकते हैं , धन्यवाद

Posted by gagandeep singh
Punjab
25-12-2019 04:34 PM
Gagandeep singh ji Waste Decomposer len lai tusi Manish Sethi 9468340000 (MD Biocoals Pvt. Ltd.) nal samparak kar sakde ho, Thankyou.
Posted by Manish Yadav
Haryana
25-12-2019 04:27 PM
Shrimaan ji, iski tatvo ki kami puri karne ke liye or iski growth ke liye ap isme vermicompost @ 4-5 kg ke hisaab se dalein, dhanywad

Posted by Shiv Rathore
Madhya Pradesh
25-12-2019 04:27 PM
श्री मान कृपया इसकी फोटो भेजें ताकि आपको सही जानकारी दी जा सके

Posted by jassa
Punjab
25-12-2019 04:26 PM
ਤੁਹਾਡੇ ਦੁਆਰਾ ਅੱਪਲੋਡ ਕੀਤੀ ਹੋਈ ਫੋੋਟੋ ਸਹੀ ਨਹੀ ਅੱਪਲੋਡ ਹੋਈ ਜੀ , ਕਿਰਪਾ ਕਰਕੇ ਦੁਬਾਰਾ ਅੱਪਲੋਡ ਕਰੋ ਜੀ ਤਾਂ ਜੋ ਇਸ ਨੂ ਦੇਖ ਕੇ ਦੁਬਾਰਾ ਕੋਈ ਹੱਲ ਦੱਸਿਆ ਜਾਵੇ
Posted by Manoj Patel
Madhya Pradesh
25-12-2019 04:22 PM
श्रीमान जी, कृपया आप बताये कि अपने इसमें अभी तक कोनसी खाद का इस्तेमाल किया है, ताकि आपको इसके बारे में सही जानकारी दी जा सके, धन्यवाद

Posted by Balbir Singh Bhaura
Punjab
25-12-2019 04:15 PM
आप ड्रेगन फ्रूट के पौधों के लिए सतनाम सिंह 9592806807 से संपर्क कर सकते है।

Posted by ashwani Kumar
Uttar Pradesh
25-12-2019 04:15 PM
Ashwani Kumar ji vegetable ke seed ja nursery lene ke lia aap Mohhamad 8427857130 VNR SEED Pvt.Ltd. se samparak kar sakte hai, Thankyou.
Posted by pursingh
Rajasthan
25-12-2019 04:14 PM
श्रीमान जी, पीलापन बहुत से कारणों के कारण आ जाता है, जैसे के किसी बीमारी का हमला, तापमान में बदलाव, किसी तत्व की कमी, कृपया आप इसकी फोटो भेजें ताकि आपको इसके बारे में सही जानकारी दी जा सके, धन्यवाद

Posted by vishal
Maharashtra
25-12-2019 04:12 PM
https://youtu.be/g4wqW8anr1g EARN 4-5 LAKH BY HOME ROOF COURT YARD OPEN LAND BALCONY बमोरिया मोती सम्बर्धन केंद्र ( भारत का एक मात्र प्रशिक्षण केंद्र जहां देश विदेश से आते है लोग ) सुक्ष्म लघु मध्यम उद्यम भारत सरकार द्वारा पंजीकृत कृषि मंत्री जी एवं मुख्या मंत्री जी द्वारा पुरुष्कृत दैनिक भास्कर , राजिस्थान पत्रिका , सहारा समय ,बंसल NEWS आदि न्यूज़ चैनल द्वारा .... (Read More)
https://youtu.be/g4wqW8anr1g EARN 4-5 LAKH BY HOME ROOF COURT YARD OPEN LAND BALCONY बमोरिया मोती सम्बर्धन केंद्र ( भारत का एक मात्र प्रशिक्षण केंद्र जहां देश विदेश से आते है लोग ) सुक्ष्म लघु मध्यम उद्यम भारत सरकार द्वारा पंजीकृत कृषि मंत्री जी एवं मुख्या मंत्री जी द्वारा पुरुष्कृत दैनिक भास्कर , राजिस्थान पत्रिका , सहारा समय ,बंसल NEWS आदि न्यूज़ चैनल द्वारा सत्यापित मोती पालन से लाखो कैसे कमाए अब घर बैठे सीखे WHATAPP FOR ONLINE TRAINING 9770085381 अगला प्रशिक्षण सीट बुक करने के लिए भी उपरोक्त न. पर करे 12 Jan 2020 TRAINING FEE 6000/- और यदि आप हमारे साथ लाखों रुपया महीना कमाना चाहते हैं कुछ ऐसे व्यवसाय हैं जिनके अंतर्गत आप खेती भी करेंगे इंटीग्रेटेड फार्मिंग भी कर सकते हैं और साथ में आप अच्छा खासा पैसा कमा सकते हैं इसके लिए आपको हमारी वेबसाइट जिसकी डिटेल हम आपको सेंड कर रहे हैं उस पर रजिस्ट्रेशन करना होगा साथ में यह जो ट्रेनिंग प्रोग्राम ₹6000 जिसकी फीस है वह आपको केवल ₹4000 में मिलेगा और लाइफटाइम पैसा कमाने का अवसर नीचे दी गई लिंक पर क्लिक करके अपना रजिस्ट्रेशन कराएं 11 सो रुपए आपकी फीस लगेगी रजिस्ट्रेशन की लाइफ टाइम रजिस्ट्रेशन है यह और अधिक जानकारी के लिए फिर आप हमसे संपर्क करें http://aseedo.com/register.php sponser_id=Aseedo350
Posted by baljinder singh Dhillon
Punjab
25-12-2019 04:06 PM
ਸ਼੍ਰੀਮਾਨ ਜੀ, ਇਸ ਵਿਚ ਫੰਗਸ ਦਾ ਹਮਲਾ ਹੋਇਆ ਹੈ, ਇਸਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਲਈ ਤੁਸੀ carbendazim @ 4 gm ਜਾ mancozeb @ 4 gm ਪ੍ਰਤੀ ਲਿਟਰ ਪਾਣੀ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਸਪਰੇ ਕਰੋ, ਧੰਨਵਾਦ

Posted by PRITPAL SINGH
Punjab
25-12-2019 04:01 PM
मशरुम की किस्में कई प्रकार की होती है जैसे कि बटन मशरुम , डीगरी, शटाकी मशरुम , पराली मशरुम , और मिलकी मशरुम. इनमे से कुछ मशरुम सर्दियो के मौसम में और कुछ गर्मीयों के मौसम में लगाये जाते है और हर मशरुम को लगाने का समय अलग अलग है जैसे बटन मशरुम का समय सितंबर से मार्च तक होता है, इससे हम 2 फसले ले सकते है, शटाकी मशरु.... (Read More)
मशरुम की किस्में कई प्रकार की होती है जैसे कि बटन मशरुम , डीगरी, शटाकी मशरुम , पराली मशरुम , और मिलकी मशरुम. इनमे से कुछ मशरुम सर्दियो के मौसम में और कुछ गर्मीयों के मौसम में लगाये जाते है और हर मशरुम को लगाने का समय अलग अलग है जैसे बटन मशरुम का समय सितंबर से मार्च तक होता है, इससे हम 2 फसले ले सकते है, शटाकी मशरुम का समय अक्तूबर से मध्य फरवरी तक हैं, इससे हम 1 फसल ही ले सकते है, पराली मशरुम का समय अप्रैल से अगस्त तक है, इससे हम 4 फसले ले सकते है, मिलकी मशरुम का समय अप्रैल से सितंबर तक है, आप अब अप्रैल में मिलकी या पराली मशरुम लगा सकते है, पराली मशरुम के लिए आपको पराली, बीज, बांस, सेबा, आदि की जरूरत है, पराली के पूले: धान की पराली 1-1 किलो के पूले दोनो सिरो से सेबे के साथ बांध कर तैयार किये जाते है. पूले के सिरे काट कर बराबर कर लिए जाते हैं. पूलो की क्यिारी लगाना : पराली के पूलो को साफ पानी में 16-20 घंटो के लिए भिगो दें, गिले पूलो को ढलान पर रख कर अधिक पानी को निकलने दे, कमरे ईटो और बांस से एक पलेटफार्म बनाये, इस पलेटफार्म पर 5 पूलो की एक तहय लगाये, जिसके ऊपर 75 ग्राम बीज डाले. इसके ऊपर की सतह उलट होती है. इस प्रकार 5-5 पूलो की 4 सेट में 300 ग्राम बीज डाल कर कियारी तैयार की जाती है. सबसे ऊपर 2 पूलो को खोलकर रख दिए जाते हैं. मशरुम का फुटाव करना : बिजाई से 7-9 दिनो के बाद का फुटाव होने लगता है. पानी और हवा का संचार : बिजाई के 2 दिन के बाद हर रोज पानी का छिडका किया जाता है. मशरुम के फूटने के बाद हवा का संचार 6-8 घंटे प्रति दिन किया जाता है. मशरुम की तूडाई : मशरुम का फुटाव के बाद 1-2 दिनो के बाद तोडाई के योग्य हो जाती है. मिलकी मशरुम : मिलकी मशरुम के लिए तूडी, बीज, मोमी लिफाफे (12×16), सेबा, केसिंग,मिट्टी आदि चाहिए. तूडी की तैयारी : सूखी तुड़ी को पक्के फर्श पर खिलार कर 16-20 घंटे पानी से गिला करे, गीली तूडी को बोरी में भर कर सेबे से बांध दे. इस बोरी को उबलते पानी में 45-50 मिनट रखें, तूडी को निकालकर पक्के फर्श पर खिलार कर ठंडा करे. यह तूडी बिजाई के लिए तैयार है. बिजाई : ठंडी तूडी में बीज मिलाकर मोमी लिफाफो में भर दें. एक मोमी लिफाफें में लगभग 2 किलो गिली तूडी और 70-80 ग्राम बीज डाला जाता है. लिफाफे के मुंह को सेबे से अच्छी तरह बांध कर कमरे में रख दे. केसिंग : बिजाई के दो तीन हफतो के बाद लिफाफे खोलकर केसिंग की 1-1.5 के सेट बना दें, केसिंग में रूडी और रेतली मिट्टी (4:1) होती है. 24 घंटो के लिए 4 प्रतिशत फारमलेन के घोल से जीवाणु रहित की जाती है. मशरुम का फुटाव: केसिंग मिट्टी डालने के लगभग 2 हफतो में मशरुम के छोटे-छोटे कण निकलने शुरू हो जाते है और 4-5 दिन के बाद तोडने योग्य हो जाते है. मशरुम की तूडाई लगभग 35-40 दिनो तक की जाती है

Posted by Namberdar Saab
Punjab
25-12-2019 04:01 PM
ਸ੍ਰੀ ਮਾਨ ਜੀ ਕਣਕ ਵਿੱਚ ਸੁੰਡੀ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਦੇ ਲਈ QUINALPHOS@800 mlਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਸਪਰੇਅ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ

Posted by gurpreet
Haryana
25-12-2019 03:58 PM
श्री मान गेहूं में सुंडी की रोकथाम के लिए आप QUINALPHOS@800 ml प्रति एकड़ सप्रे कर सकते हो

Posted by Charnpreet singh
Punjab
25-12-2019 03:53 PM
Shrimaan ji, university kise vi 2 dawaiyan nu mix kar ke spray karn di sifarish nahi kardi hai, dhanwad

Posted by Pappu Kumar Verma
Bihar
25-12-2019 03:52 PM
श्रीमान जी, कृपया आप कीट की फोटो भेजें ताकि आपको इसके बारे में सही जानकारी दी जा सके, धन्यवाद

Posted by Pintu Rajput
Madhya Pradesh
25-12-2019 03:46 PM
श्री मान कृपया इसकी फोटो भेजें ताकि आपको सही जानकारी दी जा सके

Posted by Amandeep Sarao
Punjab
25-12-2019 03:41 PM
ਸ੍ਰੀ ਮਾਨ ਜੀ ਨਦੀਨਾਂ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਲਈ 2 ਹਫਤਿਆਂ ਦੇ ਫਾਸਲੇ ਤੇ, ਜਦੋਂ ਨਦੀਨ ਘੱਟ ਹੋਣ 2-3 ਗੋਡੀਆਂ ਕਰੋ ਤੋਰੀਏ ਦੀ ਫਸਲ ਵਿੱਚ ਨਦੀਨਾਂ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਲਈ ਫਸਲ ਉਗਾਉਣ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾਂ ਟਰਾਈਫਲੂਰਾਲਿਨ 400 ਮਿਲੀਲੀਟਰ ਨੂੰ 200 ਲੀਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿੱਚ ਪਾ ਕੇ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਤੇ ਛਿੜਕਾਅ ਕਰੋ ਰਾਇਆ ਦੀ ਫਸਲ ਲਈ ਬਿਜਾਈ ਤੋਂ 2 ਦਿਨ ਪਹਿਲਾਂ ਜਾਂ ਬਿਜਾਈ ਤੋਂ 25-30 ਦਿਨ ਬਾਅਦ ਆਈਸੋਪਰੋਟਿਊਰੋਨ 75 ਡਬਲਿਯੂ ਪੀ 300 ਗ੍.... (Read More)
ਸ੍ਰੀ ਮਾਨ ਜੀ ਨਦੀਨਾਂ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਲਈ 2 ਹਫਤਿਆਂ ਦੇ ਫਾਸਲੇ ਤੇ, ਜਦੋਂ ਨਦੀਨ ਘੱਟ ਹੋਣ 2-3 ਗੋਡੀਆਂ ਕਰੋ ਤੋਰੀਏ ਦੀ ਫਸਲ ਵਿੱਚ ਨਦੀਨਾਂ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਲਈ ਫਸਲ ਉਗਾਉਣ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾਂ ਟਰਾਈਫਲੂਰਾਲਿਨ 400 ਮਿਲੀਲੀਟਰ ਨੂੰ 200 ਲੀਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿੱਚ ਪਾ ਕੇ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਤੇ ਛਿੜਕਾਅ ਕਰੋ ਰਾਇਆ ਦੀ ਫਸਲ ਲਈ ਬਿਜਾਈ ਤੋਂ 2 ਦਿਨ ਪਹਿਲਾਂ ਜਾਂ ਬਿਜਾਈ ਤੋਂ 25-30 ਦਿਨ ਬਾਅਦ ਆਈਸੋਪਰੋਟਿਊਰੋਨ 75 ਡਬਲਿਯੂ ਪੀ 300 ਗ੍ਰਾਮ ਨੂੰ 200 ਲੀਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿੱਚ ਪਾ ਕੇ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਤੇ ਬਿਜਾਈ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਸਪਰੇਅ ਕਰੋ

Posted by Kuldeep Singh
Chattisgarh
25-12-2019 03:38 PM
Dr Kuldeep Singh tungaheri ji Silage lene ke lia aap Pankaj Rathi 9719019015 and Harshit 9552378771 (Harshit Agro Foods & Export) se samparak kar sakte hai, Thankyou.
Posted by Anoparam Choudhary
Rajasthan
25-12-2019 03:36 PM
Anoparam ji kripya aap apna swal vistar se pooche ke aap konsi dwa ke rate ke bare mein jankari lena chahte hai taki aapko iske bare men poori jankari di ja sake,dhanywad

Posted by राज किशोर चौपाल
Bihar
25-12-2019 03:36 PM
श्रीमान जी, आपके दवारा भेजी गई ऑडियो upload नहीं हुई है, कृपया आप इसे दुबारा भेजें ताकि सुन कर आपको सही जानकारी दी जा सके, धन्यवाद
Posted by VIRDAVINDER SINGH
Punjab
25-12-2019 03:35 PM
ਉਸ ਨੂੰ ਹੀਟ ਵਿਚ ਆਉਣ ਤੇ ਬੱਚੇਦਾਨੀ ਵਿਚ Utrawin-oz ਦਵਾਈ 30 ਮਿਲੀ ਅਤੇ Metro IV drip 50ml ਮਿਕਸ ਕਰੋ ਅਤੇ ਇਸ ਤ੍ਰਾਹ ਕਰਕੇ 3 ਦਿਨ ਭਰਵਾਓ ਅਤੇ ਉਸ ਨੂੰ Minfa gold ਪਾਊਡਰ 100 ਗ੍ਰਾਮ ਰੋਜਾਨਾ ਦੇਣਾ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ ਅਤੇ PG care ਗੋਲੀਆਂ ਰੋਜਾਨਾ 1 ਗੋਲੀ ਦਿਓ ਅਤੇ 21 ਦਿਨ ਤਕ ਦਿੰਦੇ ਰਹੋ, ਫਿਰ ਅਗਲੀ ਵਾਰ ਹੀਟ ਵਿਚ ਆਉਣ ਤੇ ਉਸ ਨੂੰ ਟੀਕਾ ਭਰਵਾਂ ਕੇ Pregstay gold ਪਾਊਡਰ 30 ਗ੍ਰਾਮ ਰੋਜਾਨਾ ਦਿਓ ਅਤੇ 20 ਦਿਨ ਤੱਕ ਦਿਓ, ਇਸ ਨਾਲ ਫਰਕ ਪੈ.... (Read More)
ਉਸ ਨੂੰ ਹੀਟ ਵਿਚ ਆਉਣ ਤੇ ਬੱਚੇਦਾਨੀ ਵਿਚ Utrawin-oz ਦਵਾਈ 30 ਮਿਲੀ ਅਤੇ Metro IV drip 50ml ਮਿਕਸ ਕਰੋ ਅਤੇ ਇਸ ਤ੍ਰਾਹ ਕਰਕੇ 3 ਦਿਨ ਭਰਵਾਓ ਅਤੇ ਉਸ ਨੂੰ Minfa gold ਪਾਊਡਰ 100 ਗ੍ਰਾਮ ਰੋਜਾਨਾ ਦੇਣਾ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ ਅਤੇ PG care ਗੋਲੀਆਂ ਰੋਜਾਨਾ 1 ਗੋਲੀ ਦਿਓ ਅਤੇ 21 ਦਿਨ ਤਕ ਦਿੰਦੇ ਰਹੋ, ਫਿਰ ਅਗਲੀ ਵਾਰ ਹੀਟ ਵਿਚ ਆਉਣ ਤੇ ਉਸ ਨੂੰ ਟੀਕਾ ਭਰਵਾਂ ਕੇ Pregstay gold ਪਾਊਡਰ 30 ਗ੍ਰਾਮ ਰੋਜਾਨਾ ਦਿਓ ਅਤੇ 20 ਦਿਨ ਤੱਕ ਦਿਓ, ਇਸ ਨਾਲ ਫਰਕ ਪੈ ਜਾਵੇਗਾ..

Posted by sameer
Uttar Pradesh
25-12-2019 03:34 PM
श्री मान कृपया आप अपना सवाल विस्तार से पूछें तो आपको पूरी जानकारी दी जा सके

Posted by राज किशोर चौपाल
Bihar
25-12-2019 03:33 PM
श्रीमान जी, आपके दवारा भेजी गई ऑडियो upload नहीं हुई है, कृपया आप इसे दुबारा भेजें ताकि सुन कर आपको सही जानकारी दी जा सके, धन्यवाद

Posted by राज किशोर चौपाल
Bihar
25-12-2019 03:30 PM
पेस्टीसाइड की दुकान खोलने के लिए आप B.SC AGRICULTURE की डिग्री की हुई होनी चाहिए और डिग्री के बाद इसका दवाइयां बेचने का लाइसेंसे बनता है इसका लाइसेंस बनाने के लिए आपको फाइल कचहरी में मिल जाती है और इसे फाइल को तैयार करके chief of agriculture के साइन करवाकर जमा करवानी पड़ती है और वह बाद में लोकेशन चैक करते हैं और करते हैं और 1 महीन.... (Read More)
पेस्टीसाइड की दुकान खोलने के लिए आप B.SC AGRICULTURE की डिग्री की हुई होनी चाहिए और डिग्री के बाद इसका दवाइयां बेचने का लाइसेंसे बनता है इसका लाइसेंस बनाने के लिए आपको फाइल कचहरी में मिल जाती है और इसे फाइल को तैयार करके chief of agriculture के साइन करवाकर जमा करवानी पड़ती है और वह बाद में लोकेशन चैक करते हैं और करते हैं और 1 महीने में आपका लाइसेंस बन जाता है
Posted by sunil Kumbhakar
Madhya Pradesh
25-12-2019 03:30 PM
shri maan g isme M-45@500 gm per spray krein aur 3-4 din baad NPK 19:19:19@1kg 150ltr pani mein spray kr skte ho.....

Posted by preet
Punjab
25-12-2019 03:29 PM
ਸ੍ਰੀ ਮਾਨ ਜੀ ਕਣਕ ਵਿੱਚ ਨਦੀਨਾਂ ਦੀ ਸੁਚੱਜੀ ਰੋਕਥਾਮ ਦੇ ਲਈ ਤੁਸੀ axil ਜਾਂ ਫੇਰ total ਜਾਂ markpower ਵਿਚੋਂ ਕਿਸੇ ਇਕ ਦੀ ਸਪਰੇਅ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਜੀ ਪਰ ਇਹ ਸਪਰੇਅ ਕਰਨ ਵੇਲੇ ਖੇਤ ਦੇ ਵਿਚ ਗਿੱਲ ਹੋਣਾਂ ਜਰੂਰੀ ਹੈ ਜੇ ਥੋਡੇ ਇਹਨਾਂ ਨਦੀਨ ਨਾਸ਼ਕਾਂ ਨਾਲ ਗੁੱਲੀ ਡੰਡਾ ਨਹੀਂ ਮਰਿਆ ਤਾਂ ਤੁਸੀ 200 ਗ੍ਰਾਮ ਸ਼ਗਨ 21-11 (ਕਲੋਡੀਨਾਫੌਪ+ਮੈਟਰੀਬਿਊਜ਼ਿਨ) ਨੂੰ 150 ਲਿਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿਚ ਘੋਲ ਕ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਛਿੜਕਾ ਕਰੋ *ਨ.... (Read More)
ਸ੍ਰੀ ਮਾਨ ਜੀ ਕਣਕ ਵਿੱਚ ਨਦੀਨਾਂ ਦੀ ਸੁਚੱਜੀ ਰੋਕਥਾਮ ਦੇ ਲਈ ਤੁਸੀ axil ਜਾਂ ਫੇਰ total ਜਾਂ markpower ਵਿਚੋਂ ਕਿਸੇ ਇਕ ਦੀ ਸਪਰੇਅ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਜੀ ਪਰ ਇਹ ਸਪਰੇਅ ਕਰਨ ਵੇਲੇ ਖੇਤ ਦੇ ਵਿਚ ਗਿੱਲ ਹੋਣਾਂ ਜਰੂਰੀ ਹੈ ਜੇ ਥੋਡੇ ਇਹਨਾਂ ਨਦੀਨ ਨਾਸ਼ਕਾਂ ਨਾਲ ਗੁੱਲੀ ਡੰਡਾ ਨਹੀਂ ਮਰਿਆ ਤਾਂ ਤੁਸੀ 200 ਗ੍ਰਾਮ ਸ਼ਗਨ 21-11 (ਕਲੋਡੀਨਾਫੌਪ+ਮੈਟਰੀਬਿਊਜ਼ਿਨ) ਨੂੰ 150 ਲਿਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿਚ ਘੋਲ ਕ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਛਿੜਕਾ ਕਰੋ *ਨੋਟ* 1.ਸ਼ਗਨ 21-11 ਨੂੰ pbw 550 ਤੇ ਉਨਤ pbw550 ਵਿਚ ਨਾ ਛਿੜਕੋ 2. ਸਗਨ 21-11 ਦਾ ਹਲਕੀਆਂ ਜਮੀਨਾ ਵਿਚ ਛਿੜਕਾ ਨਾ ਕਰੋ 3.ਵਡਾਣਕ ਕਣਕ ਵਿਚ ਸ਼ਗਨ 21-11 ਨਾ ਵਰਤੋਂ

Posted by preet
Punjab
25-12-2019 03:27 PM
Hnji tuci uss nu shakar de skde ho, isda koi nuksan nhi hai tuci 30-40gm rojana de skde ho, iss nal vdia sarir di growth hundi hai.

Posted by ramgopal
Haryana
25-12-2019 03:25 PM
Shri maan g Dragon fruit ki kheti ke liye Dragon fruit ki kalmei lgayi jati hai ye ped gujrat mei hota hai eik acre mei takriban iski 1600 kalmei lagti hai aur in kalmo ko pehle gamle mei tyar kiya jata hai aur fir april se September tak kabhi bhi field mei lga skte hai aur eik kalam lagbhagg 70 rs ki ati hai. Adhik jaankari ke liye aap niche diye number par baat kr skte hain: vijay kumar -7065414241
Posted by VIRDAVINDER SINGH
Punjab
25-12-2019 03:23 PM
ਜੇਕਰ ਦੇਸੀ ਮੁਰਗੀਆਂ ਹੈ ਤਾਂ ਦੇਸੀ ਮੁਰਗੀਆਂ ਕੁੱਝ ਟਾਇਮ ਅੰਡੇ ਦੇਣ ਤੋਂ ਬਾਦ ਫਿਰ ਥੋੜੇ ਸਮੇ ਦੇ ਫਰਕ ਨਾਲ ਅੰਡੇ ਦੇਣੇ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰ ਦਿੰਦੀਆਂ ਹੈ ਤੁਸੀ ਓਹਨਾ ਦੀ ਖੁਰਾਕ ਦਾ ਪੂਰਾ ਧਿਆਨ ਰੱਖੋ ਅਤੇ ਓਹਨਾ ਦੇ ਸ਼ੈੱਡ ਨੂੰ ਪੂਰੀ ਤਰ੍ਹਾਂ ਕਵਰ ਕਰਕੇ ਰੱਖੋ ਜਿਸ ਨਾਲ ਠੰਡੀ ਹਵਾ ਸ਼ੈੱਡ ਵਿੱਚ ਨਾ ਆ ਸਕੇ ਅਤੇ ਤੁਸੀ ਓਹਨਾ ਦੇ ਸ਼ੈੱਡ ਵਿਚ ਲਾਈਟ ਸਵੇਰੇ ਜਲਦੀ ਜਗਾਓ ਅਤੇ ਰਾਤ ਨੂੰ ਵੀ ਦੇਰ ਤਕ ਜਗਾ ਕ.... (Read More)
ਜੇਕਰ ਦੇਸੀ ਮੁਰਗੀਆਂ ਹੈ ਤਾਂ ਦੇਸੀ ਮੁਰਗੀਆਂ ਕੁੱਝ ਟਾਇਮ ਅੰਡੇ ਦੇਣ ਤੋਂ ਬਾਦ ਫਿਰ ਥੋੜੇ ਸਮੇ ਦੇ ਫਰਕ ਨਾਲ ਅੰਡੇ ਦੇਣੇ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰ ਦਿੰਦੀਆਂ ਹੈ ਤੁਸੀ ਓਹਨਾ ਦੀ ਖੁਰਾਕ ਦਾ ਪੂਰਾ ਧਿਆਨ ਰੱਖੋ ਅਤੇ ਓਹਨਾ ਦੇ ਸ਼ੈੱਡ ਨੂੰ ਪੂਰੀ ਤਰ੍ਹਾਂ ਕਵਰ ਕਰਕੇ ਰੱਖੋ ਜਿਸ ਨਾਲ ਠੰਡੀ ਹਵਾ ਸ਼ੈੱਡ ਵਿੱਚ ਨਾ ਆ ਸਕੇ ਅਤੇ ਤੁਸੀ ਓਹਨਾ ਦੇ ਸ਼ੈੱਡ ਵਿਚ ਲਾਈਟ ਸਵੇਰੇ ਜਲਦੀ ਜਗਾਓ ਅਤੇ ਰਾਤ ਨੂੰ ਵੀ ਦੇਰ ਤਕ ਜਗਾ ਕੇ ਰੱਖੋ.
Posted by Anil Kumar
Himachal Pradesh
25-12-2019 03:21 PM
Shri maan g mattar mein M-45@500 gm per acre spray kr skte ho......

Posted by taranpreet singh
Chandigarh
25-12-2019 03:20 PM
Kanak de vich total 110kg urea paya janda hai..iss nu tuc 2-3 hissya de vich vand ke paa skde ho..kanak de vich DAP@55kg per acre de hisab nal payi jandi hai...Tuc ikk acre de hisab nal DAP da ikk gatta pa skde ho. Jekar SSP di varto kr rhe ho tan SSP@150kg per acre de hisaab nal vart skde ho. DAP nu kanak de beej nal mix kr ke beej deo. Isse dhang nal beej de nal SSP di v varto kr skde ho nahi tan kanak de lyi vaahn tyaar krde sme khet de vich shitta de skde ho..DAP ate SSP de vicho kise v ikk di varto krni hai. jekar vaahn de vich potash di kami hai tan POTASH@20kg per acre de hisaab nal tuc vart skde ho.

Posted by Gopal Saw
Jharkhand
25-12-2019 03:20 PM
श्रीमान जी, अगर आप आलू को कोरे से बचने की बात कर रहे हैं तो आप आलू में हलकी सिंचाई कर दें, ऐसा करने से कोरे से बचाव हो जाता है, धन्यवाद
Posted by Lovepreet singh
Punjab
25-12-2019 03:18 PM
ਸ੍ਰੀ ਮਾਨ ਜੀ ਚੰਦਨ ਦੀ ਖੇਤੀ ਫਾਇਦੇਮੰਦ ਹੈ ਚੰਦਨ ਦੀ ਖੇਤੀ ਪੰਜਾਬ ਵਿਚ ਕਈ ਕਿਸਾਨਾਂ ਵੱਲੋਂ ਕੀਤੀ ਜਾ ਰਹੀ ਹੈ.. Red sandalwood, white sandalwood ਚੰਦਨ ਦੀਆਂ ਕਿਸਮਾਂ ਹਨ.. ਇਸਦੀ ਖੇਤੀ ਲਈ ਜਮੀਨ ਨੂੰ ਅਪ੍ਰੈਲ-ਮਈ ਮਹੀਨੇ ਵਿਚ ਤਿਆਰ ਕਿੱਤਾ ਜਾਂਦਾ ਹੈ.. ਇਸਦੀ ਬਿਜਾਈ ਮਈ-ਅਕਤੂਬਰ ਮਹੀਨੇ ਵਿਚ ਕਿੱਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਪਰ ਇਸਨੂੰ ਬੀਜਣ ਦਾ ਸਬ ਤੋਂ ਸਹੀ ਸਮਾਂ ਜੁਲਾਈ-ਅਗਸਤ ਮਹੀਨੇ ਹਨ.. ਪੌਧੇ ਤੋਂ ਪੌਧੇ ਦੀ ਦੂਰੀ .... (Read More)
ਸ੍ਰੀ ਮਾਨ ਜੀ ਚੰਦਨ ਦੀ ਖੇਤੀ ਫਾਇਦੇਮੰਦ ਹੈ ਚੰਦਨ ਦੀ ਖੇਤੀ ਪੰਜਾਬ ਵਿਚ ਕਈ ਕਿਸਾਨਾਂ ਵੱਲੋਂ ਕੀਤੀ ਜਾ ਰਹੀ ਹੈ.. Red sandalwood, white sandalwood ਚੰਦਨ ਦੀਆਂ ਕਿਸਮਾਂ ਹਨ.. ਇਸਦੀ ਖੇਤੀ ਲਈ ਜਮੀਨ ਨੂੰ ਅਪ੍ਰੈਲ-ਮਈ ਮਹੀਨੇ ਵਿਚ ਤਿਆਰ ਕਿੱਤਾ ਜਾਂਦਾ ਹੈ.. ਇਸਦੀ ਬਿਜਾਈ ਮਈ-ਅਕਤੂਬਰ ਮਹੀਨੇ ਵਿਚ ਕਿੱਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਪਰ ਇਸਨੂੰ ਬੀਜਣ ਦਾ ਸਬ ਤੋਂ ਸਹੀ ਸਮਾਂ ਜੁਲਾਈ-ਅਗਸਤ ਮਹੀਨੇ ਹਨ.. ਪੌਧੇ ਤੋਂ ਪੌਧੇ ਦੀ ਦੂਰੀ 3ਮੀਟਰ ਹੋਣੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ.. ਯੂਰੀਆ@50ਗ੍ਰਾਮ/ਪੇੜ/ਸਾਲ,ਐਸ ਐਸ ਪੀ@100ਗ੍ਰਾਮ/ਪੇੜ/ਸਾਲ, ਐਮਓਪੀ @40ਗ੍ਰਾਮ/ਪੇੜ/ਸਾਲ ਨੂੰ ਦੋ ਹਿੱਸਿਆਂ ਵਿਚ ਦੇਣਾ ਹੈ .. ਪਹਿਲੀ ਡੋਜ਼ ਮਾਰਚ-ਅਪ੍ਰੈਲ ਮਹੀਨੇ ਵਿਚ ਅਤੇ ਦੂਜੀ ਡੋਜ਼ ਸਿਤਮਬਰ-ਅਕਤੂਬਰ ਮਹੀਨੇ ਵਿਚ ਦੇਣੀ ਹੈ.. ਇਸਦੇ ਬੂਟੇ ਲੈਣ ਲਈ Arun Khurmi ਨੂੰ 9878123123 ਸੰਪਰਕ ਕਰੋ ਇਹਨਾਂ ਤੋਂ ਹੀ ਤੁਹਾਨੂੰ ਚੰਦਨ ਬਾਰੇ ਸਾਰੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਮਿਲ ਜਾਏਗੀ ਧੰਨਵਾਦ
Posted by Kamal Rana
Uttar Pradesh
25-12-2019 03:01 PM
Kamal Rana ji mushroom sale karne ke lia aap Mr. jai bhadouriya 8882876224 se samparak kar sakte hai, Thankyou.

Posted by Gagan Numberdar
Punjab
25-12-2019 02:57 PM
ਗਗਨ ਜੀ, ਪੰਜਾਬ ਵਿਚ ਨਰਮੇ ਦਾ ਰੇਟ ਇਸ ਸਮੇਂ 5025 ਰੁਪਏ ਪ੍ਰਤੀ ਕੁਇੰਟਲ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਚਾਲ ਰਿਹਾ ਹੈ, ਧੰਨਵਾਦ

Posted by Parminder Singh
Punjab
25-12-2019 02:51 PM
ਤੁਸੀ ਉਸ ਨੂੰ Duraprogen injection 750mg ਲਗਵਾਓ ਅਤੇ ਉਸ ਨੂੰ Uterogen ਹੋਮਿਓਪੈਥਿਕ ਦਵਾਈ 5 ਮਿਲੀ ਦਿਨ ਵਿੱਚ 3 ਵਾਰ ਦਿਓ, ਇਸ ਨਾਲ ਫਰਕ ਪੈ ਜਾਵੇਗਾ.
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