Posted by vikram singh thakur
Madhya Pradesh
27-12-2019 01:42 PM
Shrimaan ji, photo ko dekh kar yeh anuman lagaya ja sakta hai ke isme kisi spray ki jarurat nahi hai, yadi koi dikat hai to ap kripya bataye taki apko iske bare mein jankari di ja sake, dhanywad

Posted by arjun
Uttar Pradesh
27-12-2019 01:34 PM
श्रीमान जी, आलू में झुलसा रोग से बचाव के लिए आप इसमें copper oxychloride @ 500 gm को 150 लीटर पानी में मिला कर प्रति एकड़ के हिसाब से स्प्रे करें, धन्यवाद

Posted by nm
Jharkhand
27-12-2019 01:27 PM
श्रीमान जी, बैंगन की खेती जनवरी महीने में की जा सकती है, बैंगन की फसल सख्त होने के कारण इसे अलग अलग तरह की मिट्टी में उगाया जा सकता है यह एक लंबे समय की फसल है, इसलिए अच्छे जल निकास वाली उपजाऊ रेतली दोमट मिट्टी उचित होती है और अच्छी पैदावार देती है अगेती फसल के लिए हल्की मिट्टी और अधिक पैदावार के लिए चिकनी और नम.... (Read More)
श्रीमान जी, बैंगन की खेती जनवरी महीने में की जा सकती है, बैंगन की फसल सख्त होने के कारण इसे अलग अलग तरह की मिट्टी में उगाया जा सकता है यह एक लंबे समय की फसल है, इसलिए अच्छे जल निकास वाली उपजाऊ रेतली दोमट मिट्टी उचित होती है और अच्छी पैदावार देती है अगेती फसल के लिए हल्की मिट्टी और अधिक पैदावार के लिए चिकनी और नमी या गारे वाली मिट्टी उचित होती है फसल की वृद्धि के लिए 5.5-6.6 पी एच होनी चाहिए मिट्टी के भुरभुरा होने तक खेत की तीन से चार बार जोताई करें गाय का गला हुआ गोबर 42 क्विंटल प्रति एकड़ में डालें और मिट्टी में अच्छी तरह मिलायें बैंगन के बीज 3 मीटर लंबे, 1 मीटर चौड़े और 15 सैं.मी. ऊंचे बैडों पर बोये जाते हैं पहले बैडों में बढ़िया रूड़ी की खाद डालें फिर बिजाई से दो दिन पहले कप्तान का घोल डालें ताकि जो नर्सरी बैडों में पौधों को नष्ट होने से बचाया जा सके उसके बाद बीजों को कतारों में 2.5 सैं.मी. के फासले पर और 1.5 सैं.मी. की गहराई पर बोयें हल्की सिंचाई करें पौधों के अंकुरन तक बैडों को काले रंग की पॉलीथीन शीट या पराली से ढक दें तंदरूस्त पौधे जिनके 3-4 पत्ते निकलें हों और कद 12-15 सैं.मी. (30-40 days crop) हो, खेत में पनीरी लगाने के लिए तैयार होते हैं बैंगन की खेती पूरे वर्ष की जाती है खरीफ मौसम के लिए, नर्सरी फरवरी - मार्च के महीने में तैयार करें और मार्च - अप्रैल के महीने में रोपाई करें सर्दियों के मौसम में, नर्सरी की तैयारी के लिए जून जुलाई का समय उपयुक्त होता है और रोपाई के लिए जुलाई अगस्त का महीना उपयुक्त होता है बसंत के मौसम में, सितंबर के महीने में नर्सरी तैयार करें और अक्तूबर - नवंबर के महीने में रोपाई पूरी कर लें लंबी किस्मों के लिए, कतार से कतार में 60-75 सैं.मी. जबकि गोल किस्मों के लिए कतारों में 80-90 सैं.मी. और पौधे से पौधे में 60-70 सैं.मी. फासले का प्रयोग करें नर्सरी में, बीज को 1.5 सैं.मी. गहराई में बोयें और मिट्टी से ढक दें खेत में पनीरी लगाकर इसकी बिजाई की जाती है एक एकड़ खेत में बिजाई के लिए 300-400 ग्राम बीज प्रति एकड़ में प्रयोग करें नाइट्रोजन 60 किलो (130 किलो यूरिया), फासफोरस 20 किलो (125 किलो सिंगल सुपर फासफेट) और पोटाश 20 किलो (35 किलो म्यूरेट ऑफ पोटाश) की मात्रा प्रति एकड़ में प्रयोग करें नाइट्रोजन की एक तिहाई मात्रा और फासफोरस और पोटाश की पूरी मात्रा आखिरी जोताई के समय डालें बाकी बची नाइट्रोजन को रोपाई के बाद 30 वें और 45वें दिन डालें नदीनों को रोकने, अच्छे विकास और उचित हवा के लिए दो - चार गोडाई करें काले रंग की पॉलिथीन शीट से पौधों को ढक दें जिससे नदीनों का विकास कम हो जाता है और ज़मीन का तापमान भी बना रहता हैं नदीनों को रोकने के लिए पौधे लगाने से पहले मिट्टी में फलूकलोरालिन 600-800 मि.ली. प्रति एकड़ या ऑक्साडायाज़ोन 400 ग्राम प्रति एकड़ डालें अच्छे परिणाम के लिए पौधे लगाने से पहले एलाकलोर 2 लीटर प्रति एकड़ की मिट्टी के तल पर स्प्रे करें धन्यवाद

Posted by khosa
Punjab
27-12-2019 12:55 PM
ਉਸ ਨੂੰ ਵਧਿਆ ਫੀਡ ਦੇ ਨਾਲ ਨਾਲ ਵਡੇਮਿਆ ਦੀ ਖਲ 1kg ਅਤੇ ਸਰੋਂ ਦੀ ਖਲ 1kg ਦਿਓ ਅਤੇ ਉਸ ਨੂੰ Fatmax ਪਾਊਡਰ 50 ਗ੍ਰਾਮ ਰੋਜਾਨਾ, Gouge powder 50 ਗ੍ਰਾਮ ਰੋਜਾਨਾ ਦਿਓ, ਇਸ ਨਾਲ ਫਰਕ ਪੈ ਜਾਵੇਗਾ..

Posted by Harikesh
Uttar Pradesh
27-12-2019 12:50 PM
Shrimaan ji , kripya ap bataye ke apne isme konsi khaad ka istemla kiya hai, taki apko iske bare mein jankari di ja sake, dhanywad

Posted by jassa
Punjab
27-12-2019 12:49 PM
Jassa ji jekar ehh tarra de nal hor v heat de lashan dekha rehi hai tan tuci iss nu tika bhrwa deo ji ate iss nu Gestaprogen powder 25gm roana 20 din tak dinde rho, iss nal pashu de gaban rehn di ass vdhh jndi hai.
Posted by sunil
Uttar Pradesh
27-12-2019 12:49 PM
sir ji naye kisan Ko meat ke liye Kuan si prajati ki murgi palni chahiye, jisse unka nuksaan na ho ?
Sunil ji yaddi aap meat aur egg dono ke liye kam krna chahte hai too aap RIR chicks rakh skte hai, yeh egg aur meat ke liye achi nasal hai.

Posted by Abid Ansari
Jharkhand
27-12-2019 12:48 PM
Shrimaan ji, kripya ap apna sawal visthar se puchien ke ap tarbuj ka beej lena hai ya bijai karni hai, taki apko iske bare mein puri jankari di ja sake, dhanywad
Posted by jaspreet singh
Punjab
27-12-2019 12:45 PM
tuci uss nu koi v feed de skde ho ate usdi time time te deworming jrur kro, jekar tuci uss nu Calf grower feed deo tan jyada vdia hai baki tuci Cafplan powder 25gm rojana dena suru kro.
Posted by pushpendra
Uttar Pradesh
27-12-2019 12:43 PM
कृपया आप अपना सवाल विस्तार से पूछें कि आप गाय के बारे में क्या जानकारी लेना चाहते है ताकि आपको सही जानकारी दी जा सके
Posted by amit pandey
Uttar Pradesh
27-12-2019 12:35 PM
Agrimin forte: 100 gm रोजाना, 1—2 किलो पशु आहार, calcium gel- 50 ml रोजाना दें।
Posted by Deepak
Gujarat
27-12-2019 12:25 PM
Sir, this is happening due to fungus attack please give application of carbendazim @ 4 gm or mancozeb @ 4 gm per litre of water, thank you

Posted by sharan
Karnataka
27-12-2019 12:16 PM
Sir, varities of cucumber that can be cultivated in telangana, hyd region are Anuradha, Priya, Pusa Uday, Pusa Barkha , thank you

Posted by sharab singh
Haryana
27-12-2019 12:13 PM
Shrimaan ji, kripya ap apna sawal visthar se puchien ke ap bayora kise keh rahe hai, taki apko iske bare ein jankari di ja sake, dhanywad
Posted by pushpendra
Uttar Pradesh
27-12-2019 12:11 PM
Shrimaan ji, kripya ap bataye ke apne isme konsi khaad ka istemla kiya hai taki pako iske bare mein ucchit jankari di ja sake, dhanywad
Posted by Bhanu Pratap
Uttar Pradesh
27-12-2019 12:08 PM
श्री मान खुम्ब की किस्में कई प्रकार की होती है जैसे कि बटन खुम्ब, डीगरी, शटाकी खुम्ब, पराली खुम्ब, और मिलकी खुम्ब इनमे से कुइ खुम्ब सर्दियो के मौसम में और कुछ गर्मीयों के मौसम में लगाये जाते है और हर खुम्ब को लगाने का समय अलग अलग है जैसे बटन खुम्ब का समय सितंबर से मार्च तक होता है इस समय में हम तीन फसले ले सकते ह.... (Read More)
श्री मान खुम्ब की किस्में कई प्रकार की होती है जैसे कि बटन खुम्ब, डीगरी, शटाकी खुम्ब, पराली खुम्ब, और मिलकी खुम्ब इनमे से कुइ खुम्ब सर्दियो के मौसम में और कुछ गर्मीयों के मौसम में लगाये जाते है और हर खुम्ब को लगाने का समय अलग अलग है जैसे बटन खुम्ब का समय सितंबर से मार्च तक होता है इस समय में हम तीन फसले ले सकते है शटाकी खुम्ब का समय अक्तूबर से मध्य फरवरी तक हैं इस समय हम एक फसल ही ले सकते है पराली खुम्ब का समय अप्रैल से अगस्त तक है इस समय हम चार फसले ले सकते है मिलकी खुम्ब का समय अप्रैल से सितंबर तक है आप अब अप्रैल में मिलकी या पराली खुम्ब लगा सकते है पराली खुमब के लिए आपको पराली, बीज, बांस, सेबा, आदि की जरूरत है पराली के पूले, धानो की पराली 1-1 किलो के पूले दोनो सिरो से सेबे से बांध कर तैयार किये जाते है पूले के सिरे कांट कर एक सार कर लिए जाते है पूलो की क्यिारी लगाना पराली के पूलो को साफ पानी में 16-20 घंटो के लिए डूबो दे गिले पूलो को ढलान पर रख कर फालतू पानी को निकलने दे कमरे ईटो और बांस से एक पलेटफार्म बनाये इस पलेटफार्म पर 5 पूलो की एक तहय लगाये जिसके ऊपर 75 ग्राम बीज डाले इसके ऊपर की तहय उलट होती है इस प्रकार 5-5 पूलो की तहय में 300 ग्राम बीज डाल कर कियारी तैयार करे सबसे ऊपर दो पूलो को खोलकर रख दे खुम्बो का फूटना बिजाई से 7-9 दिनो के बाद खुम्ब फूटने लगती है पानी और हवा का संचार बिजाई के दो दिन के बाद हर रोज पानी का छिडका करे खुम्बो के फूटने के बाद हवा का संचार 6-8 घंटे प्रति दिन किया जाता है खुम्बो की तूडाई खुम्बो के फूटने के बाद 1-2 दिनो के बाद तोडाई के योग्य हो जाती है मिलकी खुम्ब मिलकी खुम्ब के लिए तूडी, बीज, मोमी लिफाफे, सेबा, केसिंग,मिट्टी आदि होने चाहिये तूडी की तैयारी सूकी तूडी को पक्के फर्श पर बिछा कर 16-20 घंटे पानी से गिला करे गिली तूडी को बोरी में भर कर सेबे से बांध दे इस बोरी को उबलते पानी में 45-50 मिनट रखें तूडी को निकालकर पक्के फर्श पर बिछा कर ठंडा करे यह तूडी बिजाई के लिए तैयार है बिजाई ठंडी तूडी में बीज मिलाकर मोमी लिफाफो में भर दें एक मोमी लिफाफें में लगभग 2 किलो गिली तूडी और 70-80 ग्राम बीज पडता है लिफाफे के मुंह को सेबे से अच्छी तरह बांध कर कमरे में रख दे, केसिंग बिजाई के दो तीन हफतो के बाद लिफाफे खोलकर केसिंग की 1-1.5 की तहय लगा दें केसिंग में तूडी और रेतली मिट्टी होती है 24 घंटो के लिए 4 प्रतिशत फारमलेन के घोल से जीवाणु रहित किया जाता है खुम्बो का फूटना केसिंग मिट्टी डालने के लगभग दो हफतो में खुम्बो के छोटे छोटे किणके निकलने शुरू हो जाते है और 4-5 दिन के बाद तोडने योग्य हो जाते है खुम्बो की तूडाई लगभग 35-40 दिनो तक की जाती है इसका बीज लेने के लिए आप Mr. jai bhadouriya 8882876224 जी के साथ सम्पर्क करें, धन्यवाद
Posted by Bhera Ram Rangee
Rajasthan
27-12-2019 11:57 AM
उसे मिनरल मिक्सचर, 2 किलो खुराक, 2 गोली albendazole दें।
Posted by SUKHWINDER SINGH
Punjab
27-12-2019 11:55 AM
ਸ਼੍ਰੀਮਾਨ ਜੀ, ਇਹ ਫੰਗਸ ਦੇ ਹਮਲੇ ਦ ਵਜਾ ਨਾਲ ਹੋਇਆ ਹੈ, ਇਸਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਲਈ ਤੁਸੀ carbendazim @ 4 gm ਜਾ mancozeb @ 4 gm ਪ੍ਰਤੀ ਲਿਟਰ ਪਾਣੀ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਸਪਰੇ ਕਰੋ, ਅਤੇ ਇਸ ਵਿਚ ਮੱਛਰ ਦੇ ਹਮਲੇ ਦੀ ਜਾਂਚ ਕਰੋ ਜੇਕਰ ਹਾਮਲਾ ਮੌਜੂਦ ਹੋਵੇ ਤਾਂ ਇਸ ਵਿਚ imidacloprid @1.5 ml ਪ੍ਰਤੀ ਲਿਟਰ ਪਾਣੀ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਸਪਰੇ ਕਰੋ, ਇਹਨਾਂ ਦੋਨਾਂ ਸਪਰੇ ਵਿਚ 4 ਤੋਂ 5 ਦਿਨ ਦਾ ਫਾਸਲਾ ਰੱਖੋ, ਧੰਨਵਾਦ
Posted by SUKHWINDER SINGH
Punjab
27-12-2019 11:50 AM
ਸ਼੍ਰੀਮਾਨ ਜੀ, ਕਿਰਪਾ ਕਰ ਕੇ ਆਲੂ ਦੀ ਫੋਟੋ ਭੇਜੋ ਤਾਂਜੋ ਤੁਹਾਨੂੰ ਇਸ ਬਾਰੇ ਸਹੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਦਿਤੀ ਜਾ ਸਕੇ, ਧੰਨਵਾਦ
Posted by ਰਘਵੀਰ ਸਿੰਘ
Punjab
27-12-2019 11:49 AM
ਸ਼੍ਰੀਮਾਨ ਜੀ, ਕਿਰਪਾ ਕਰ ਕੇ ਕਣਕ ਦੀ ਫੋਟੋ ਭੇਜੋ ਤਾਕਿ ਤੁਹਾਨੂੰ ਇਸ ਬਾਰੇ ਪੂਰੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਦਿਤੀ ਜਾ ਸਕੇ, ਧੰਨਵਾਦ
Posted by अशोक यादव
Uttar Pradesh
27-12-2019 11:49 AM
श्रीमान जी, जिंक की स्प्रे आम तोर के आलू के पौधों में नहीं की जाती है, अगर फिर भी इसकी कमी के लक्षण दिखाई देते हैं तो आप जिंक को यूरिया के साथ मिला कर स्प्रे कर सकते हैं , धन्यवाद
Posted by Gurpreet singh
Punjab
27-12-2019 11:45 AM
jekar tusi sirf ai di practical training leni hai ta bathinda vich ik private institue hai ji . Innovation Artificial Insemination training Institute, Address : Mansa Road, Near Cantt Gate , Before UnderPass, Bathinda, Punjab 151001, Phone: 078767 11712 nal samparak kar sakde ho.

Posted by ishwar
Madhya Pradesh
27-12-2019 11:39 AM
श्रीमान जी, इसे आर्मी वर्म के नाम से जाना जाता है, इसकी रोकथाम के लिए आप quinalphos @ 4ml प्रति लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे करें, धन्यवाद

Posted by abhay
Uttar Pradesh
27-12-2019 11:38 AM
Sir, in rabi season you can cultivate wheat, vegetables such as tomato, bottle gourd, capsicum, instead of it you can also grow medicinal plants such as kalihari, sadabhar, shatavari, sweet flag, mulethi, metha, thank you

Posted by manu kumar
Bihar
27-12-2019 11:31 AM
अगर आपने घर में दूध के लिए ही गाय रखनी है तो आप साहीवाल और गिर नसल रख सकते है जी यह ठीक रहेगी जी. दूध की क्वालिटी के लिए यह नसल ठीक है जी अगर डेयरी के लिए लेनी है तो hf नसल रखे

Posted by Mehul Singh
Uttar Pradesh
27-12-2019 11:21 AM
तिलहनी फसलों के लिए हल्की से भारी ज़मीनें अच्छी होती हैं राया हर तरह की ज़मीन में उगाया जा सकता है पर तोरिये के लिए भारी ज़मीनें चाहिए तारामीरा के लिए आमतौर पर रेतली से मैरा रेतली ज़मीनें अच्छी होती हैं सीड बैड पर बोयी फसल अच्छी अंकुरित होती है ज़मीन को देसी हल से दो या तीन बार जोताई करें और प्रत्येक जोताई के बाद .... (Read More)
तिलहनी फसलों के लिए हल्की से भारी ज़मीनें अच्छी होती हैं राया हर तरह की ज़मीन में उगाया जा सकता है पर तोरिये के लिए भारी ज़मीनें चाहिए तारामीरा के लिए आमतौर पर रेतली से मैरा रेतली ज़मीनें अच्छी होती हैं सीड बैड पर बोयी फसल अच्छी अंकुरित होती है ज़मीन को देसी हल से दो या तीन बार जोताई करें और प्रत्येक जोताई के बाद सुहागा फेरें बीजों के एकसार अंकुरित होने के लिए बैड नर्म, गीले और समतल होने चाहिए बुंदेलखंड और आगरा क्षेत्रों के लिए, बिजाई के लिए सितंबर का आखिरी सप्ताह उचित समय होता है जबकि बाकी के क्षेत्रों के लिए 15 अक्तूबर तक बिजाई पूरी कर लें असिंचित क्षेत्रों के लिए बिजाई का उपयुक्त समय सितंबर के दूसरे पखवाड़ा होता है तारामीरा-सरसों की बिजाई के लिए पंक्ति से पंक्ति का फासला 30 सैं.मी. और पौधे से पौधे का फासला 10 से 15 सैं.मी. रखें गोभी सरसों की बिजाई के लिए पंक्तियों का फासला 45 सैं.मी. और पौधे से पौधे का फासला 10 सैं.मी. रखें बीजों को 4-5 सैं.मी. की गहराई में बोयें बिजाई के लिए सीड ड्रिल विधि का प्रयोग करें सिंचित और असिंचित क्षेत्रों के लिए 2-2.5 किलो बीज प्रति एकड़ में प्रयोग करें बिजाई के 3-4 सप्ताह पहले 8-10 किलो गली हुई रूड़ी की खाद या अच्छी तरह से गला हुआ गाय का गोबर मिट्टी में मिलायें खादों की उचित मात्रा के लिए मिट्टी की जांच करना जरूरी है सिंचित हालातों में नाइट्रोजन 50 किलो (यूरिया 110 किलो), फासफोरस 24 किलो (सुपर फास्फेट 150 किलो) और पोटाश 24 किलो (म्यूरेट ऑफ पोटाश 40 किलो) प्रति एकड़ में डालें बिजाई के समय नाइट्रोजन की आधी मात्रा और फासफोरस की पूरी मात्रा डालें और बाकी बची नाइट्रोजन पहली सिंचाई के समय डालें फासफोरस के लिए, यदि एस एस पी का प्रयोग ना किया गया हो तो बिजाई के समय सल्फर 16 किलो प्रति एकड़ में डालें यदि डी ए पी का प्रयोग ना किया गया हो तो जिप्सम 80 किलो प्रति एकड़ में डालें थायोरिया 0.05 प्रतिशत की स्प्रे करने से अनाज की उपज में 10-15 प्रतिशत की वृद्धि होती है

Posted by Bhupendra Bhatt Bhura
Rajasthan
27-12-2019 11:10 AM
Shrimaan ji, ap mitti ki jaanch karne ke liye apne najdeeki KVK ke sath samparak karein, Krishi Vigyan Kendra Rithola, Chittorgarh - 312 001, (Raj.) India Phone : 01472-235448 , yaha par ap pane khet ke mitti ke sample ko submit karwa dein, dhanywad

Posted by अनोप सिह राजपुरोहित
Rajasthan
27-12-2019 11:07 AM
श्रीमान जी, आप इसमें manganese sulphate @ 1 kg को 150 लीटर पानी में मिला कर प्रति एकड़ के हिसाब से स्प्रे करें, धन्यवाद
Posted by kuldeep yadav
Uttar Pradesh
27-12-2019 11:00 AM
श्रीमान जी, आप खेत की हलकी सिंचाई कर के गेहूं के बीज का छींटा दें, धन्यवाद
Posted by सत्यदेव त्रिपाठी
Uttar Pradesh
27-12-2019 10:42 AM
श्रीमान जी, गुलाब की फसल का का प्रजनन काटी गई जड़ों और बडिंग द्वारा किया जाता है उत्तरी भारत में दिसंबर-फरवरी महीने का समय टी-बडिंग के लिए उचित होता है श्रीमान जी, इसके लिए आप पौधे को जमीन से 15 cm ऊपर T आकर का इक cut लगाए और इसमें किसी दूसरे पौधे की बड लगा दें, और ऊपर से बंद दें, धन्यवाद

Posted by jassa
Punjab
27-12-2019 10:32 AM
jassa ji chokar jo dukan ton mill jandi hai usdi he varto kr skde ho, ohh tuci feed vich mix krke pashua nu khilla skde ho, ehh tuci 100kg feed vich 15kg tak paa skde ho.
Posted by subhash yadav
Bihar
27-12-2019 10:31 AM
श्री मान कृपया आप अपना सवाल विस्तार से पूछें तो आपको पूरी जानकारी दी जा सके

Posted by gurjeet
Punjab
27-12-2019 10:26 AM
Gurjeet ji goat len lai tusi mere nal Birbal Ram Sharma 7009579091 samparak kar sakde ho, Thankyou.

Posted by Ranjit Singh
Punjab
27-12-2019 10:16 AM
ਸ੍ਰੀ ਮਾਨ ਜੀ ਕਣਕ ਦੀ ਚੰਗੀ ਗਰੋਥ ਲਈ NPK 19:19:19@1kg ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ 150 ਲੀਟਰ ਪਾਣੀ ਚ ਮਿਲਾ ਕੇ ਸਪਰੇਅ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ

Posted by Ranjit Singh
Punjab
27-12-2019 10:14 AM
ਮਾਨ ਜੀ ਕਣਕ ਦੀ ਚੰਗੀ ਗਰੋਥ ਲਈ NPK 19:19:19@1kg ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ 150 ਲੀਟਰ ਪਾਣੀ ਚ ਮਿਲਾ ਕੇ ਸਪਰੇਅ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ

Posted by Ranjit Singh
Punjab
27-12-2019 10:08 AM
ਮਾਨ ਜੀ ਕਣਕ ਦੀ ਚੰਗੀ ਗਰੋਥ ਲਈ NPK 19:19:19@1kg ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ 150 ਲੀਟਰ ਪਾਣੀ ਚ ਮਿਲਾ ਕੇ ਸਪਰੇਅ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ

Posted by akash kumar
Haryana
27-12-2019 10:00 AM
Akash kumar ji khud packing karke bechne ke lia aap Dr Ramandeep PAU 9814019470 se samparak kar sakte hai, Thankyou.

Posted by Jassu Varwal
Punjab
27-12-2019 09:51 AM
Jassu ji kirpa krke ehh dso tuahde pashua nu ki smasia aundi hai ohh varr varr repeat hunde hai ja heat vich nhi aunde tan jo tuhanu sahi jankari diti ja skee.

Posted by aadarsh patel
Madhya Pradesh
27-12-2019 09:41 AM
Shrimaan ji, pishle kuch samey se punjab me black wheat ki kheti ki ja rahi hai jo ke kafi safal bhi rahi hai organic me iska jhaar (yield) 15-18/q or chemical kheti me 22/q ke aas pas raha hai, ye kisam bhi dusri kismo ki tarah hi 145 se 155 din me tyar hoti hai, Is ke bare me or jeada jankari or is ke seed lene ke lia aap Malwinder sinbgh Nelowalia 9888399412 se samparak kar sakte hai, Thankyou.

Posted by Vishal dubey
Uttar Pradesh
27-12-2019 09:38 AM
Shri maan g kripa aap Mirch ki photo bhejen toh aapko sahi jankari di ja ske....

Posted by ਕਲਵੀਰ ਸਿੰਘ
Punjab
27-12-2019 09:33 AM
Kulveer ji, kirpa kar ke top de label di photo bhjeo taki tuhnu dekh ke is bare puri jankari diti ja sake, dhanwad

Posted by Amardeep Singh
Punjab
27-12-2019 09:16 AM
उसे पेट के कीड़ों के लिए Flukarid-DS bolus दें और रोजाना 35—40 किलो हरा चारा दें और Enerboost powder 50-50gm सुबह शाम दें और Sharkoferol liquid 50-50ml सुबह शाम देना शुरू करें इससे फर्क पड़ जाएगा।

Posted by Amanpreet
Uttarakhand
27-12-2019 09:16 AM
Shri maan g kripa aap gehu ki photo bhejen toh aapko sahi jankari di ja ske......s

Posted by sanjit Das
Odisha
27-12-2019 09:15 AM
Sir, according to our observation in the picture it seems to be Dracaena Song Of India , thank you

Posted by Pawan Kumar
Rajasthan
27-12-2019 09:14 AM
पवन कुमार जी आप इसे नज़दीकी पोलीक्लीनिक में दिखाए जी , इसको देख कर ही इलाज किया जा सकता है जी

Posted by Maninder Singh
Punjab
27-12-2019 09:03 AM
ਪੰਜਾਬ ਵਿੱਚ ਬਟੇਰ ਪਾਲਣ ਦਾ ਕੰੰਮ ਜਿੰਨੇ ਵੀ ਕਿਸਾਨ ਕਰਦੇ ਹਨ ਉਸ ਇਸ ਦਾ ਮੰਡੀਕਰਨ ਸਿਧੇ ਤੌਰ ਤੇ ਜਾ ਸ਼ੋਸ਼ਲ ਮੀਡੀਆ ਤੇ ਲਿਂਕ ਬਣਾ ਕੇ ਕਰਦੇ ਹਨ ਜੀ ਬਾਕੀ ਜੇਕਰ ਚੰਗੇ ਲਿੰਕ ਹਨ ਤਾਂ 35-40 ਦਿਨ ਦਾ ਬਟੇਰ 60-70 ਰੁਪਏ ਦਾ ਸੇਲ ਹੋ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਤੇ ਜਿਆਦਾਤਾਰ ਲੋਕ ਮੀਟ ਲਈ ਹੀ ਲੈ ਕੇ ਜਾਂਦੇ ਹਨ , ਇਸਦਾ ਅੰਡਾ 4-5 ਰੁਪਏ ਤੱਕ ਦਾ ਵਿਕ ਜਾਂਦਾ ਹੈ , ਬਾਕੀ ਮੰਡੀਕਰਨ ਲਈ ਵੱਡੇ ਹੋਟਲਾ ਵਿੱਚ ਵੀ ਵੇਚ ਸਕਦੇ ਹੋ .... (Read More)
ਪੰਜਾਬ ਵਿੱਚ ਬਟੇਰ ਪਾਲਣ ਦਾ ਕੰੰਮ ਜਿੰਨੇ ਵੀ ਕਿਸਾਨ ਕਰਦੇ ਹਨ ਉਸ ਇਸ ਦਾ ਮੰਡੀਕਰਨ ਸਿਧੇ ਤੌਰ ਤੇ ਜਾ ਸ਼ੋਸ਼ਲ ਮੀਡੀਆ ਤੇ ਲਿਂਕ ਬਣਾ ਕੇ ਕਰਦੇ ਹਨ ਜੀ ਬਾਕੀ ਜੇਕਰ ਚੰਗੇ ਲਿੰਕ ਹਨ ਤਾਂ 35-40 ਦਿਨ ਦਾ ਬਟੇਰ 60-70 ਰੁਪਏ ਦਾ ਸੇਲ ਹੋ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਤੇ ਜਿਆਦਾਤਾਰ ਲੋਕ ਮੀਟ ਲਈ ਹੀ ਲੈ ਕੇ ਜਾਂਦੇ ਹਨ , ਇਸਦਾ ਅੰਡਾ 4-5 ਰੁਪਏ ਤੱਕ ਦਾ ਵਿਕ ਜਾਂਦਾ ਹੈ , ਬਾਕੀ ਮੰਡੀਕਰਨ ਲਈ ਵੱਡੇ ਹੋਟਲਾ ਵਿੱਚ ਵੀ ਵੇਚ ਸਕਦੇ ਹੋ ਜੀ
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