Posted by सौरभ सिंह ग्वालियर वाले
Uttar Pradesh
27-12-2019 05:12 PM
सौरभ सिंह जी, विपुल बूस्टर गेहूं में किल्ले बढ़ाने के लिए लाभकारी होता है, इसकी मात्रा इक एकड़ में 4 किलो का छींटा दिया जाता है, धन्यवाद

Posted by Avinash Tiwari
Uttar Pradesh
27-12-2019 05:10 PM
इसके लिए सही रहेगा के आप यह निचे लिखे इंजेक्शन किसी डॉक्टर की सलाह से लगवाए जी , यह 2 इंजेक्शन है और 3 दिन तक लगवाने है जी Inj enrocine 15 ml , Inj avil 10 ml

Posted by jaydeo kumar
Jharkhand
27-12-2019 05:10 PM
जयदेव जी, गोभी को लगाने का सही समय अगेती किस्मों के लिए, जून के दूसरे सप्ताह से जुलाई के पहले सप्ताह तक का समय उपयुक्त होता है मुख्य मौसम की किस्मों के लिए, अगस्त के महीने में बिजाई पूरी कर लें, जबकि पिछेती किस्मों की बिजाई अक्तूबर महीने में करें धन्यवाद

Posted by heera ballabh
Uttarakhand
27-12-2019 05:09 PM
श्रीमान जी, मैदानी क्षेत्रों में बिजाई फरवरी - मार्च में करनी चाहिए बारिश वाले क्षेत्रों में अंत जून से शुरूआती जुलाई में बिजाई करें पहाड़ी क्षेत्रों में अप्रैल से जुलाई महीने में बिजाई करें धन्यवाद
Posted by SANTOSH BHAIJAAN
Bihar
27-12-2019 05:08 PM
आप बकरी को पेट के कीड़ों के लिए Nilzan liquid 1ml/3kg शरीर के भार के हिसाब से दें और Groviplex liquid 15ml रोजाना देना शुरू करें और उसे अच्छी खुराक देनी शुरू करें इससे फर्क पड़ जाएगा
Posted by indrajeet gautam
Uttar Pradesh
27-12-2019 05:05 PM
श्रीमान जी, कृपया आप बताये के अपने इसमें कोनसी खाद का इस्तेमाल किया है, ताकि आपको इसके बारे में जानकारी दी जा सके, धन्यवाद
Posted by Rahul Kumar
Bihar
27-12-2019 05:05 PM
मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजि.... (Read More)
मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजित किया जा रहा है प्रशिक्षण कार्य कर्म में भाग लेने के लिए नीचे दिए गए नम्बर पर आज ही संपर्क करें और Rs 250/ से अपना रजिस्ट्रेशन करवाए अचल सिंह (फाउंडर )- 9711858258. धन्यवाद

Posted by Vast raj Yadv
Uttar Pradesh
27-12-2019 04:58 PM
श्रीमान जी, आप इसमें NPK 130045 @ 10 gm प्रति लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे करें, धन्यवाद

Posted by mojahid hasan
Bihar
27-12-2019 04:54 PM
श्रीमान जी, बिजाई के 20-25 दिनों के बाद पहली सिंचाई देनी चाहिए जड़ें बनने के समय पर नमी का होना पैदावार को कम होने से बचाता है ठंडे क्षेत्रों में जैसे पहाड़ी क्षेत्रों और जहां पर गेहूं की पिछेती बिजाई की जाती है वहां पर बिजाई के लगभग 25-30 दिनों के बाद पहली सिंचाई करें बिजाई के 40-45 दिनों के बाद पौधा बनने के समय दूसरी .... (Read More)
श्रीमान जी, बिजाई के 20-25 दिनों के बाद पहली सिंचाई देनी चाहिए जड़ें बनने के समय पर नमी का होना पैदावार को कम होने से बचाता है ठंडे क्षेत्रों में जैसे पहाड़ी क्षेत्रों और जहां पर गेहूं की पिछेती बिजाई की जाती है वहां पर बिजाई के लगभग 25-30 दिनों के बाद पहली सिंचाई करें बिजाई के 40-45 दिनों के बाद पौधा बनने के समय दूसरी सिंचाई करें तीसरी सिंचाई 70-75 दिनों के बाद नोड्स बनने के समय करें फूल निकलने के समय चौथी सिंचाई 90-95 दिनों में करें पांचवी सिंचाई बिजाई के 110-115 दिनों के बाद करें जब दाने अपरिपक्व होते हैं धन्यवाद

Posted by Uma sharan
Uttar Pradesh
27-12-2019 04:54 PM
श्री मान इस समय गेहूं की किस्में जैसे कि PBW 343, HD 2643, UP 2425, DBW-14, NW-2036, PDW-291, PBW-524, Halna (K-7903), Naina (K-9533), UP 2338 की बिजाई कर सकते हो।

Posted by Vast raj Yadv
Uttar Pradesh
27-12-2019 04:52 PM
श्रीमान जी, मसूर की अच्छी पैदावार के लिए सिफारिश की गयी खादों का प्रयोग करें, नाइट्रोजन 5 किलो (12 किलो यूरिया), फासफोरस 8 किलो (50 किलो सिंगल सुपर फासफेट) प्रति एकड़ में बिजाई के समय डालनी चाहिए बिजाई से पहले बीजों को राइज़ोबियम से उपचार कर लेना चाहिए यदि बिजाई से पहले बीजों का राइज़ोबियम से उपचार नहीं किया है तो फ.... (Read More)
श्रीमान जी, मसूर की अच्छी पैदावार के लिए सिफारिश की गयी खादों का प्रयोग करें, नाइट्रोजन 5 किलो (12 किलो यूरिया), फासफोरस 8 किलो (50 किलो सिंगल सुपर फासफेट) प्रति एकड़ में बिजाई के समय डालनी चाहिए बिजाई से पहले बीजों को राइज़ोबियम से उपचार कर लेना चाहिए यदि बिजाई से पहले बीजों का राइज़ोबियम से उपचार नहीं किया है तो फासफोरस की मात्रा दोगुनी कर देनी चाहिए धन्यवाद
Posted by रविंद्र वैष्णव
Rajasthan
27-12-2019 04:44 PM
Shrimaan ji, yeh fungus ke hamle ke vajah se ho jati hai, ap isme carbendazim @ 4 gm ya mancozeb @ 4gm prati liter pani ke hisaab se spray karein, dhanywad

Posted by mojahid hasan
Bihar
27-12-2019 04:43 PM
श्रीमान जी, गेहूं में पहली सिंचाई बिजाई के 20-25 दिनों के बाद सिंचाई करनी चाहिए यह सहायक जड़ें बनने की अवस्था होती है और यदि अवस्था में नमी की कमी हो तो उपज में काफी कमी आती है बिजाई के बाद 40-45 दिनों में शाखाएं बनने की अवस्था में सिंचाई करें तीसरी सिंचाई बिजाई के बाद 60-65 दिनों में जोड़ बनने के समय करें चौथी सिंचाई 80-8.... (Read More)
श्रीमान जी, गेहूं में पहली सिंचाई बिजाई के 20-25 दिनों के बाद सिंचाई करनी चाहिए यह सहायक जड़ें बनने की अवस्था होती है और यदि अवस्था में नमी की कमी हो तो उपज में काफी कमी आती है बिजाई के बाद 40-45 दिनों में शाखाएं बनने की अवस्था में सिंचाई करें तीसरी सिंचाई बिजाई के बाद 60-65 दिनों में जोड़ बनने के समय करें चौथी सिंचाई 80-85 दिनों में फूल बनने की अवस्था में करें पांचवी सिंचाई बिजाई के बाद 100-105 दिनों में गेहूं पकने की अवस्था में करें धन्यवाद

Posted by RINKU KAMBOJ
Punjab
27-12-2019 04:40 PM
tuci usde singga vich coconut oil di malish kro ate head te v oil lgaoo, iss nal frak paa jawega.
Posted by अंकित शुक्ला
Uttar Pradesh
27-12-2019 04:33 PM
bhai sahib rajwa hara chaara te 2 kg feed pao har 3 mahine baad pet ke kirhe nikalne ki dwaee deo

Posted by sunil
Uttar Pradesh
27-12-2019 04:16 PM
Sunil ji, time to time training is organised according to need of the farmer , for getting training of mushroom please contact your nearby Krishi Vigyan Kendra, Bharsar
Kallipur, P.O. - Mirzamurad, Distt.- Varanasi - (U.P.), INDIA, PIN - 221 307, Tel. No.: 9415450175 you have to fill one form for the training and once the date for the training is fixed you will be called on the registered number on the form, thank you
Posted by ਬਲਵਿੰਦਰ ਸਿੰਘ ਮੰਡੇਰ
Punjab
27-12-2019 04:10 PM
ਸ਼੍ਰੀਮਾਨ ਜੀ, ਕਿਰਪਾ ਕਰ ਕੇ ਦੱਸੋ ਇਕ ਤੁਸੀ ਇਸ ਵਿਚ ਕੀਨੀ ਖਾਦ ਅਤੇ ਕਿਹੜੀ ਖਾਦ ਦਾ ਇਸਤੇਮਾਲ ਕੀਤਾ ਹੈ, ਤਾਕਿ ਤੁਹਾਨੂੰ ਇਸ ਬਾਰੇ ਪੂਰੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਦਿਤੀ ਜਾ ਸਕੇ, ਧੰਨਵਾਦ

Posted by gagna sidhu
Punjab
27-12-2019 04:06 PM
Shrimaan ji, kanka vich total urea 110 kg painda hai, isnu 2 hissiya vich paya janda hai, adhi matra bijai de samay te adhi marta pehle pani de nal pai jandi hai , dhanwad
Posted by ਲਖਵੀਰ ਸਿੰਘ
Punjab
27-12-2019 03:35 PM
Shrimaan ji, urea dalen ke baad ap 7-8 din ke fasle par guli dande ki spray karein, dhanywad
Posted by pawan bishnoi
Rajasthan
27-12-2019 03:34 PM
Shrimaan ji, kripya ap isme sundi ke hamle ki jaanch karein, agar sundi mojood ho to ap isme quinalphos @ 800 ml ko 150 liter pani mein mila kar prati acre ke hisaab se spray karein, dhanywad

Posted by gurtej Brar
Rajasthan
27-12-2019 03:32 PM
Shrimaan ji, kripya ap bataye ke apne isme konsi khaad ka istemal kiya hai, taki pao iske bare mein sahi jankari di ja sake, dhanywad

Posted by khushwinder singh
Punjab
27-12-2019 03:30 PM
Shrimaan ji, eh fungus da hamla hoea hai, ea hava vich jayada nami de karan a janda hai, isdi roktham lai tusi carbendazim @ 4 gm or mancozeb @ 4 gm prati liter pani ke hisab se spray karein, dhanywad

Posted by naveen
Himachal Pradesh
27-12-2019 03:30 PM
नवीन जी कृपया आप ये बताएं कि आप किस नसल की गाय लेना चाहते है ताकि आपको सही जानकारी दी जा सके

Posted by khushwinder singh
Punjab
27-12-2019 03:29 PM
ਸ਼੍ਰੀਮਾਨ ਜੀ, ਇਹ ਫੰਗਸ ਦੇ ਹਮਲੇ ਦ ਵਜਾ ਨਾਲ ਹੋਇਆ ਹੈ, ਇਹ ਮੌਸਮ ਵਿਚ ਤਬਦੀਲੀ ਜਾ ਜ਼ਿਆਦਾ ਨਮੀ ਦੀ ਵਜ੍ਹਾ ਨਾਲ ਹੋ ਜਾਂਦਾ ਹੈ, ਇਸਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਲਈ ਤੁਸੀ carbendazim @ 4 gm ਜਾ mancozeb @ 4 gm ਪ੍ਰਤੀ ਲਿਟਰ ਪਾਣੀ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਸਪਰੇ ਕਰੋ, ਧੰਨਵਾਦ

Posted by Dr
Rajasthan
27-12-2019 03:25 PM
दयाराम जी, आप अपनी निजी कृषि भूमि पर सागवान व् चन्दन के पेड़ लगा सकते हैं, आपको किसी की अनुमति नहीं लेनी पड़े गी, धन्यवाद

Posted by nilabh
Bihar
27-12-2019 03:13 PM
Shrimaan ji, apke dawara bheji gai photo mein keet ki nazar nahi a raha hai, kripya photo dubara bhejein taki dekh kar apko iksa hal bataya ja sake, dhanywad

Posted by Gautam Gupta
Uttar Pradesh
27-12-2019 03:12 PM
Gautam ji, ganne ke sath aap sabjiyan jaise ke shimla mirch, chappan kadu, pudhina ki bijai kar sakte hain, dhanywad
Posted by अंकित शुक्ला
Uttar Pradesh
27-12-2019 03:09 PM
koi photo ya vedio bheje tab pata chal sakta hai

Posted by Dr
Rajasthan
27-12-2019 03:05 PM
Dayaram Meena ji chandan ja sagwan ki kheti ke lia kahi se bhi anumati ki jrurat nai hai plant lene ke lia aap Arun Khurmi 9878123123 ji se samparak kar sakte hai, Thankyou.

Posted by nilabh
Bihar
27-12-2019 02:56 PM
Shrimaan ji , kirpa kar ke daso ke tuc is vich kehri khaad da istemal kita hai, taki tuhnu usde hisaab nal isda hal dasea ja sake, dhanwad

Posted by sree
Nagaland
27-12-2019 02:51 PM
Sir, there are many problems related with crop, such as nutrient deficiency, disease attack , please ask your question in detail , which crop your are asking for the problems , so that we can provide you full information regarding that, thank you
Posted by अशोक यादव
Uttar Pradesh
27-12-2019 02:46 PM
अशोक जी आपके सभी सवालों के जवाब दिए जा चुके है आप एप में अपने सवालों के जवाब देख सकते है

Posted by Harsh Deep Singh
Punjab
27-12-2019 02:43 PM
Shrimaan ji, tuc is vich NPK 130045 @ 10 gm prati liter pani de hisaab nal spray karo, dhanwad
Posted by subhash yadav
Bihar
27-12-2019 02:36 PM
श्रीमान जी, कृपया आप गेहूं की फोटो भेजें ताकि देख कर आपको इसके बारे में जानकारी दी जा सके, धन्यवाद

Posted by Amandeep Mann
Punjab
27-12-2019 02:36 PM
ਉਸ ਨੂੰ ਵਧਿਆ ਫੀਡ ਦੇ ਨਾਲ ਨਾਲ ਵਡੇਮਿਆ ਦੀ ਖਲ 1kg ਅਤੇ ਸਰੋਂ ਦੀ ਖਲ 1kg ਦਿਓ ਅਤੇ ਉਸ ਨੂੰ Fatboost ਪਾਊਡਰ 50 ਗ੍ਰਾਮ ਰੋਜਾਨਾ, Gouge powder 50 ਗ੍ਰਾਮ ਰੋਜਾਨਾ ਦਿਓ, ਇਸ ਨਾਲ ਫਰਕ ਪੈ ਜਾਵੇਗਾ..

Posted by Sourab
Punjab
27-12-2019 02:35 PM
Sourab , this is happening due to nutrient deficiency , please give application of NPK 191919 @ 10 gm per liter of water, thank you

Posted by kamal Singh
Uttarakhand
27-12-2019 02:26 PM
मुर्गी पालन का काम करने के लिए आप इस काम की ट्रेनिंग जरूर लें जिसमें आपको इस काम की जानकारी और इसमें कितना खर्चा आएगा और कितने पंक्षियों से शुरूआत कर सकते है इसके बारे सही जानकारी दी जाएगी ट्रेनिंग लेने के लिए आप अपने नज़दीकी कृषि विज्ञान केंद्र से संपर्क करें आप वहां जाकर अपना ट्रेनिंग का फार्म भर आएं जब भ.... (Read More)
मुर्गी पालन का काम करने के लिए आप इस काम की ट्रेनिंग जरूर लें जिसमें आपको इस काम की जानकारी और इसमें कितना खर्चा आएगा और कितने पंक्षियों से शुरूआत कर सकते है इसके बारे सही जानकारी दी जाएगी ट्रेनिंग लेने के लिए आप अपने नज़दीकी कृषि विज्ञान केंद्र से संपर्क करें आप वहां जाकर अपना ट्रेनिंग का फार्म भर आएं जब भी ट्रेनिंग होगी तो वो आपको फोन करके उसके बारे में बता देंगे और ट्रेनिंग में आपको लोन और सब्सिड़ी के बारे में जानकारी प्राप्त हो जाएगी, ग्रामप्रिया प्रजाति की मुर्गियां भी दोहरी उपयोगिता वाली प्रजाति की मुर्गी है इसका अर्थ यह है के यह अंडा और मांस दोनों के लिए उपयोगी है , 18 महीने में यह 240 से 250 अंडे तक दे सकती है और इसका वजन 1.5 kg से 2 kg तक होता है श्रीनिधि प्रजाति की मुर्गी – यह प्रजाति ग्रामीण प्रजाति की मुर्गी के अपेक्षा में 230-250 अंडे तक देती है , श्रीनिधि मुर्गियों का वजन 2.5kg से लेकर 5 kg तक का होता है जो की ग्रामीण प्रजाति के मुर्गियों से बहुत ज्यादा है इसीलिए यह दोहरी उपयोगिता प्रजाति में गिनी जाती है इसके मांस और अंडे दोनों से ज्यादा मुनाफा कमाया जा सकता है ,इन प्रजातियों की मुर्गियां तेजी से बढ़ती हैं वनराजा – वनराजा प्रजाति की मुर्गियां भी ग्रामीण प्रवेश के लिए काफी अच्छी मानी जाती है यह मुर्गी 120 – 130 अंडे 3 महीने में देती है देसी मुर्गी पालन के लिए यह 3 विकसित प्रजातियां बहुत ही लाभदायक साबित हुई है.

Posted by जसपाल सिंह
Rajasthan
27-12-2019 02:19 PM
जसपाल जी आप सब्जियां जैसे राजमा, शिमला मिर्च, मूली, पालक, बैंगन, चप्पन कद्दू की बिजाई कर सकते है धन्यवाद
Posted by yOgesh
Maharashtra
27-12-2019 02:18 PM
श्रीमान जी, आप इसमें NPK 130045 @ 10 gm प्रति लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे करें, धन्यवाद

Posted by pranab sarkar
Uttar Pradesh
27-12-2019 02:11 PM
ये एक क्रॉस नसल है ये हर तरह के जलवायु के लिए ठीक रहते है ये नसल ताकत वाली और सुंदर होती है ये लड़ाई के लिए भी तेज़ होती है यदि आप ICAR-Indian Veterinary Research Institute Izatnagar - Bareilly (UP) -243122 से चूज़े लेना चाहते है तो आप dr. ram suman 94180 70583 जी से संपर्क कर सकते है

Posted by jitendra
Uttar Pradesh
27-12-2019 02:05 PM
आप डेयरी फार्मिंग करना चाहते है तो सबसे पहले आप इनकी ट्रेनिंग जरूर लें, ट्रेनिंग आप अपने नज़दीकी कृषि विज्ञान केन्द्र से प्राप्त कर सकते है जिससे आपको इस काम के बारे में जानकारी प्राप्त होगी और इन्हें शुरू करने और इनमें लाभ कमाने का सही तरीका पता लग सकता है और आप शुरूआत कम जानवरों से करें जैसे जैसे आपको जान.... (Read More)
आप डेयरी फार्मिंग करना चाहते है तो सबसे पहले आप इनकी ट्रेनिंग जरूर लें, ट्रेनिंग आप अपने नज़दीकी कृषि विज्ञान केन्द्र से प्राप्त कर सकते है जिससे आपको इस काम के बारे में जानकारी प्राप्त होगी और इन्हें शुरू करने और इनमें लाभ कमाने का सही तरीका पता लग सकता है और आप शुरूआत कम जानवरों से करें जैसे जैसे आपको जानकारी होती रहेगी फिर आप इस काम को बढ़ा सकते है, आप एक बार में इक्ट्ठी गाय/भैंसे ना खरीदें, गायों/भैंसो को 2-2 महीनों के फासले पर खरीदें या फिर 3 पहले खरीदें ओर 3 महीने बाद फिर 1-2 खरीद लें इससे दूध की कमी नहीं आयेगी पशु की नसल सबसे ज्यादा जरूरी है पशु खरीदने के समय कोशिश करें कि दिन में तीन बार दूध निकालकर ही पशु खरीदें भैंसो का एक दिन का दूध 12 लीटर और गायों को दूध 16-17 लीटर से कम ना हो गाभिनों को खरीदने का सही समय रखड़ियों से लेकर वैशाखी तक का होता है क्योंकि इस समय मौसम अच्छा होने के कारण हरा चारा भी खुला होता है गाभिनों के लिए शैड आवाजाई वाली सड़क पर ना बनायें और शैड सड़क से कम से कम 100 गज दूर हो शैड को धूप और हवा का ध्यान रखकर ही बनायें शैड हमेशा खेत या आस पास से 2 फुट ऊंचा बनायें क्योंकि निचले स्थान पर पानी खड़ा हो जाता है जिस कारण गंदगी पैदा हो जाती है और बाकी पशुओं का मल मूत्र का निकास भी आसानी से हो जाता है पशुओं के लिए बनायी जाने वाली खुरली ढाई तीन फुट चौड़ी होनी चाहिए खुरली पर खड़ने के लिए एक पशु को तकरीबन चार फुट जगह चाहिए मतलब 10 पशुओं के लिए 40 फुट लंबी खुरली बनेगी डेयरी फार्म से संबंधित सामान रखने के लिए स्टोर बनायें पशुओं का वितरण/दाना स्टोर करने के लिए कमरा सैलाब से रहित होना चाहिए शैड का फर्श पक्क, फिसलन रहित और जल्दी साफ होने वाला हो शैड में जितना हो सके पशुओं को खुला छोंड़े और पानी और दाना पूरा डालें पशु को खुला छोड़ने से पशुओं में अफारे की समस्या कम आती है बाकी अपनी आवश्यकता और क्षमता के मुताबिक ही सामान खरीदें और आर्थिक नुकसान से बचने के लिए प्रत्येक गाभिन का बीमा जरूर करवायें.
Posted by suresh madariya
Madhya Pradesh
27-12-2019 02:02 PM
श्रीमान जी, सिफारिश की गई यूरिया को, बिजाई के 40 दिन के अंदर अंदर पूरी कर देना चाहिए, धन्यवाद
Posted by suresh madariya
Madhya Pradesh
27-12-2019 02:01 PM
श्रीमान जी, बिजाई से 10 दिन पहले खेत में 2 टन रूड़ी की खाद डालें 50 किलो नाइट्रोजन (110 किलो यूरिया) और 25 किलो फासफोरस (155 किलो एस एस पी) प्रति एकड़ डालें सारी एस एस पी बिजाई से पहले और नाइट्रोजन तीन हिस्सों में बिजाई के 30, 45 और 60 दिन बाद डालें फसल को खेत में लगाने के 10-15 दिन बाद 19:19:19 और सूक्ष्म तत्व 2.5-3 ग्राम प्रति लीटर पानी में .... (Read More)
श्रीमान जी, बिजाई से 10 दिन पहले खेत में 2 टन रूड़ी की खाद डालें 50 किलो नाइट्रोजन (110 किलो यूरिया) और 25 किलो फासफोरस (155 किलो एस एस पी) प्रति एकड़ डालें सारी एस एस पी बिजाई से पहले और नाइट्रोजन तीन हिस्सों में बिजाई के 30, 45 और 60 दिन बाद डालें फसल को खेत में लगाने के 10-15 दिन बाद 19:19:19 और सूक्ष्म तत्व 2.5-3 ग्राम प्रति लीटर पानी में मिलाकर स्प्रे करें धन्यवाद

Posted by Jaspreet Ghuman
Punjab
27-12-2019 01:59 PM
Shriman ji, kripya ap bataye ke ap kya jankari lena chaht ehian, taki apko iske bare mein bataya ja sake, dhanwyad
Posted by suresh madariya
Madhya Pradesh
27-12-2019 01:57 PM
श्रीमान जी, कृपया आप लहसुन की फोटो भेजें ताकि देख कर आपको इसके बारे में जानकारी दी जा सके, धन्यवाद
Posted by Yogendra Uikey
Madhya Pradesh
27-12-2019 01:55 PM
श्रीमान जी, आपके दवारा भेजी गई फोटो पूरी नहीं आयी है, अगर आप गेहूं में पानी की बात कर रहे हैं तो बिजाई के 20-25 दिनों के बाद पहली सिंचाई देनी चाहिए जड़ें बनने के समय पर नमी का होना पैदावार को कम होने से बचाता है ठंडे क्षेत्रों में जैसे पहाड़ी क्षेत्रों और जहां पर गेहूं की पिछेती बिजाई की जाती है वहां पर बिजाई के लग.... (Read More)
श्रीमान जी, आपके दवारा भेजी गई फोटो पूरी नहीं आयी है, अगर आप गेहूं में पानी की बात कर रहे हैं तो बिजाई के 20-25 दिनों के बाद पहली सिंचाई देनी चाहिए जड़ें बनने के समय पर नमी का होना पैदावार को कम होने से बचाता है ठंडे क्षेत्रों में जैसे पहाड़ी क्षेत्रों और जहां पर गेहूं की पिछेती बिजाई की जाती है वहां पर बिजाई के लगभग 25-30 दिनों के बाद पहली सिंचाई करें बिजाई के 40-45 दिनों के बाद पौधा बनने के समय दूसरी सिंचाई करें तीसरी सिंचाई 70-75 दिनों के बाद नोड्स बनने के समय करें फूल निकलने के समय चौथी सिंचाई 90-95 दिनों में करें पांचवी सिंचाई बिजाई के 110-115 दिनों के बाद करें जब दाने अपरिपक्व होते हैं धन्यवाद
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