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Posted by Suneel Tyagi
Uttar Pradesh
28-12-2019 06:51 AM
Punjab
12-28-2019 07:41 AM
यह फसल बहुत तरह की मिट्टी जैसे कि रेतली, नमक वाली, दोमट और चिकनी मिट्टी में उगाई जा सकती है अच्छे जल निकास वाली, जैविक तत्व भरपूर, रेतली से दरमियानी ज़मीन में फसल अच्छी पैदावार देती है यह फसल नमक वाली तेजाबी ज़मीनों में भी उगाई जा सकती है पर बहुत ज्यादा पानी खड़ने वाली और खारी या नमक वाली ज़मीन इस फसल की खेती के लिए .... (Read More)
यह फसल बहुत तरह की मिट्टी जैसे कि रेतली, नमक वाली, दोमट और चिकनी मिट्टी में उगाई जा सकती है अच्छे जल निकास वाली, जैविक तत्व भरपूर, रेतली से दरमियानी ज़मीन में फसल अच्छी पैदावार देती है यह फसल नमक वाली तेजाबी ज़मीनों में भी उगाई जा सकती है पर बहुत ज्यादा पानी खड़ने वाली और खारी या नमक वाली ज़मीन इस फसल की खेती के लिए उचित नहीं होती Kufri Chandramukhi : यह जल्दी पकने वाली किस्म है और मैदानी इलाकों से पर्वतीय क्षेत्रों में बिजाई के लिए उपयुक्त है यह किस्म 110-130 दिनों में तैयार हो जाती है इसके पौधे मध्यम ऊंचाई के, जल्दी पकने वाले और फूल हल्के गुलाबी रंग के होते हैं इसके बीज बड़े अंडाकार आकार के, हल्के चौड़े और गुद्दा सफेद रंग का होता है ऊंचे पर्वतीय क्षेत्रों में, इसकी औसतन पैदावार 37.5-41 क्विंटल प्रति एकड़ और सूखे शीतोष्ण क्षेत्रों में इसकी औसतन पैदावार 100 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Kufri Jyoti: यह दरमियाने मौसम की किस्म 130-150 दिनों में तैयार हो जाती है यह लंबी, सीधी, जल्दी उगने वाली और मध्यम आकार की किस्म है इसके फूल सफेद रंग के होते हैं यह किस्म सूखे के प्रतिरोधी और अधिक उपज देने वाली किस्म है इसकी औसतन पैदावार 62.5-72 क्विंटल प्रति एकड़ होती है खेत को एक बार 30 सैं.मी. गहरा जोतकर अच्छे ढंग से बैड बनाएं जोताई के लिए हल और तवियों का प्रयोग करें उसके बाद 1 या 2 बार देसी हल से जोताई करें मिट्टी को समतल करने के लिए प्रत्येक जोताई के बाद सुहागा फेरें मिट्टी से होने वाली बीमारियों से बचाने के लिए आखिरी जोताई के समय फोरेट 10 G 5-7 किलोग्राम को मिट्टी में मिलायें बिजाई से पहले खेत में नमी की मात्रा बनाकर रखें बिजाई के लिए दो ढंग मुख्य तौर पर प्रयोग किए जाते हैं 1. मेंड़ और खालियों वाला ढंग 2. समतल बैडों वाला ढंग कम पर्वतीय क्षेत्रों (800 मीटर ऊंचाई तक) पतझड़ी फसल के लिए : मध्य-सितंबर - मध्य-अक्तूबर बसंत की फसल के लिए : जनवरी-फरवरी मध्यम पर्वतीय क्षेत्रों के लिए (800-1600 मीटर) : मध्य-जनवरी अधिक पर्वतीय क्षेत्रों के लिए (1600-2400 मीटर) : मार्च-अप्रैल बहुत ज्यादा ऊंचाई वाले पर्वतीय क्षेत्रों के लिए (2400 मीटर से ज्यादा) : अप्रैल मई के शुरू में बिजाई के लिए, पंक्ति से पंक्ति का फासला 50- 60 सैं.मी और पौधे से पौधे का फासला 20 सैं.मी. रखें फासला आलुओं के आकार के अनुसार बदलता रहता है यदि आलू का व्यास 2.5-3.5 सैं.मी. हो तो फासला 60x15 सैं.मी. और यदि आलू का व्यास 5-6 सैं.मी. हो तो फासला 60x40 सैं.मी. होना चाहिए 6-8 इंच गहरा गड्ढा खोदें और उसमें आलू की आंख को ऊपर की तरफ कर के बोयें बिजाई के लिए, ट्रैक्टर से चलने वाली या ऑटोमैटिक बिजाई के लिए मशीन का प्रयोग करें बिजाई के लिए, बड़ी आंखों वाले आलुओं का प्रयोग करें बिजाई के लिए, 12-15 क्विंटल प्रति एकड़ किलो प्रति एकड़ बीजों का प्रयोग करें सही स्त्रोत से बीज लें बिजाई से पहले आलुओं को कोल्ड स्टोर से निकालकर 1-2 सप्ताह के लिए छांव वाले स्थान पर रखें ताकि वे अंकुरित हो जायें आलुओं के सही अंकुरन के लिए उन्हें जिबरैलिक एसिड 1 ग्राम प्रति 10 लीटर पानी में मिलाकर एक घंटे के लिए उपचार करें फिर छांव में सुखाएं और 10 दिनों के लिए हवादार कमरे में रखें फिर काटकर आलुओं को मैनकोजेब 0.5 प्रतिशत घोल (5 ग्राम प्रति लीटर पानी) में 10 मिनट के लिए भिगो दें इससे आलुओं को शुरूआती समय में गलने से बचाया जा सकता है आलुओं को गलने और जड़ों में कालापन रोग से बचाने के लिए साबुत और काटे हुए आलुओं को 6 प्रतिशत मरकरी के घोल (टैफासन) 0.25 प्रतिशत(2.5 ग्राम प्रति लीटर पानी) में डालें बिजाई से दो सप्ताह पहले खेत की तैयारी के समय 10 टन प्रति एकड़ रूड़ी की खाद डालें फसल की उचित वृद्धि के लिए नाइट्रोजन 50 किलो (110 किलो यूरिया), फासफोरस 34 किलो (208 किलो सिंगल सुपर फासफेट) और पोटाश 25 किलो (41 किलो म्यूरेट ऑफ पोटाश) की मात्रा प्रति एकड़ में डालें बिजाई के समय नाइट्रोजन का 3/4 हिस्सा और फासफोरस और पोटाश की पूरी मात्रा डालें बाकी बचा हुआ नाइट्रोजन का 1/4 हिस्सा बिजाई से 25-30 दिन बाद जड़ों से मिट्टी लगाने के समय डालें जड़ों के साथ मिट्टी लगाना : मिट्टी में सही हवा, पानी और तापमान बनाए रखने के लिए यह काम बहुत जरूरी है ताकि फसल का विकास अच्छा हो सके आलुओं के अच्छे विकास के लिए पौधे की जड़ों के साथ मिट्टी लगाएं यह काम पौधों के 15-20 सैं.मी. कद होने पर करें यदि जरूरत पड़े तो पहली बार मिट्टी लगाने के दो सप्ताह बाद दूसरी बार फिर मिट्टी लगाएं यह क्रिया हाथों से या कसी की सहायता से की जा सकती है या बड़े क्षेत्रों में मोल्ड बोर्ड हल की सहायता से की जा सकती है पानी में घुलनशील खादें : आलुओं की अधिक पैदावार के लिए 13:0:45 की 2 किलो और मैगनीश्यिम ई डी टी ए 1000 ग्राम प्रति एकड़ की स्प्रे करें बीमारियों के हमले को रोकने के लिए फंगसनाशी प्रॉपीनेब 3 ग्राम प्रति लीटर पानी डालें आलुओं का आकार और गिणती बढ़ाने के लिए हयूमिक एसिड (12 प्रतिशत) 3 ग्राम + एम ए पी 12:61:00 की 8 ग्राम या डी ए पी 15 ग्राम प्रति लीटर की स्प्रे पौधे की वृद्धि के समय करें लाहौल स्पीति क्षेत्रों में अधिक उपज के लिए आलू का राजमांह, /मटर/फ्रांस बीन्स के साथ अंतर फसली किया जाता है आलू की फसल के रोपण के लिए मुख्यत: 10-15 सिंचाइयों की आवश्यकता होती है बीज अंकुरण के बाद सिंचाई शुरू करें हल्की मिट्टी में 7-10 सिंचाइयों की आवश्यकता होती है और भारी मिट्टी में 12-15 सिंचाइयों की आवश्यकता होती है अक्तूबर-नवंबर महीने में 7-10 दिनों के अंतराल पर सिंचाई करें दिसंबर-जनवरी महीने में 10-15 दिनों के अंतराल पर सिंचाई का प्रयोग करें ज्यादा सिंचाई करने से परहेज़ करें इससे जड़ गलन की बीमारी का खतरा रहता है कटाई के 15 दिन पहले सिंचाई बंद कर दें आलुओं के अंकुरन से पहले, पैंडीमैथालीन 1-1.5 लीटर प्रति एकड़ या मैटरीबिउज़िन 70 डब्लयु पी 200 ग्राम प्रति एकड़ बिजाई के बाद 3-5 दिनों के अंदर डालें यदि नदीनों का हमला कम हो तो बिजाई के 25 दिन बाद मैदानी इलाकों में और 40-45 दिनों के बाद पहाड़ी इलाकों में जब फसल 8-10 सैं.मी.कद की हो जाये तो नदीनों को हाथों से उखाड़ दें नदीनों के हमले को कम करने के लिए और मिट्टी की नमी को बचाने के लिए मलचिंग का तरीका भी प्रयोग किया जा सकता है, जिसमें मिट्टी पर धान की पराली और खेत के बची-कुची सामग्री बिछायी जा सकती है बिजाई के 20-25 दिन बाद मलचिंग को हटा दें धन्यवाद
Posted by harppret
Punjab
28-12-2019 06:50 AM
Punjab
01-04-2020 05:27 PM
tuci feed 3kg dudh magar 1kg feed deo ji ehh tuci sukki feed deo, jekar pashu sukki feed nhi khanda tan tuci thodi gili krke v de skde ho, ehh tuhade pashu de khan te nirbhar hai, dal chuuri tuci dalan wale shop ton push skde ho ja fir feed tyar walia compania ton v ptaa kr skde ho ate ohna ton isda sahi rate ptaa lgg jawega.
Posted by महबूब अली
Uttar Pradesh
28-12-2019 06:50 AM
Punjab
12-28-2019 12:25 PM
आपके सभी सवालो का जवाब दिया जा चुका है आप अपने सवालों के जवाब एप में मेरे सवाल का क्लिक करके देख सकते हैं या फिर मेरी प्रोफाईल के नीचे अपने सवालों के जवाब देख कते हैं यदि आपकी कोई ओर समस्या है तो आप हैल्प लाईन नंबर : 97799-77641 पर संपर्क कर सकते हैं
Posted by arjun sini
Uttar Pradesh
28-12-2019 06:44 AM
Punjab
12-28-2019 07:55 AM
Shri maan g deemak ki roktham ke liye Chloropyrifos@4 ml per litre water mein spray kr skte ho.....
Posted by rajik soudagar
Maharashtra
28-12-2019 06:25 AM
Uttar Pradesh
12-28-2019 01:47 PM
rajik soudagar ji 3 to 4 kg feed khilani padegi ji.
Posted by shergill
Punjab
28-12-2019 06:17 AM
Punjab
12-28-2019 06:49 AM
BhaaG je pashu swere bole teeka shaam nu luwao je shaam nu tan teeka swer nu luwao jine din taarran disan une din teeka lagwao Arhamdi arhingdi na vekho
Posted by dilpreet dhaliwal
Haryana
28-12-2019 06:06 AM
Punjab
01-15-2020 05:31 PM
ਦਿਲਪ੍ਰੀਤ ਜੀ, ਨਰਸਰੀ ਤਿਆਰ ਕਰਨ ਦਾ ਉਚਿੱਤ ਸਮਾਂ ਜੂਨ ਮਹੀਨੇ ਦਾ ਮੱਧ ਹੈ ਨਵੇਂ ਪੌਦੇ ਬਿਜਾਈ ਤੋਂ 6-8 ਹਫਤਿਆਂ ਵਿੱਚ ਰੋਪਣ ਲਈ ਤਿਆਰ ਹੋ ਜਾਂਦੇ ਹਨ ਰੋਪਣ ਦਾ ਕੰਮ ਅਗਸਤ ਦੇ ਪਹਿਲੇ ਹਫਤੇ ਖਤਮ ਕਰ ਦਿਓ ਰੋਪਣ ਸਮੇਂ ਕਤਾਰਾਂ ਵਿੱਚਲਾ ਫਾਸਲਾ 15 ਸੈ.ਮੀ. ਅਤੇ ਪੌਦਿਆਂ ਵਿੱਚਲਾ ਫਾਸਲਾ 7.5 ਸੈ.ਮੀ. ਰੱਖੋ ਨਰਸਰੀ ਵਿੱਚ ਬੀਜ 1-2 ਸੈ.ਮੀ. ਡੂੰਘਾਈ ਤੇ ਬੀਜੋ ਬਿਜਾਈ ਲਈ ਪਨੀਰੀ ਰੋਪਣ ਵਿਧੀ ਦੀ ਵਰਤੋ.... (Read More)
ਦਿਲਪ੍ਰੀਤ ਜੀ, ਨਰਸਰੀ ਤਿਆਰ ਕਰਨ ਦਾ ਉਚਿੱਤ ਸਮਾਂ ਜੂਨ ਮਹੀਨੇ ਦਾ ਮੱਧ ਹੈ ਨਵੇਂ ਪੌਦੇ ਬਿਜਾਈ ਤੋਂ 6-8 ਹਫਤਿਆਂ ਵਿੱਚ ਰੋਪਣ ਲਈ ਤਿਆਰ ਹੋ ਜਾਂਦੇ ਹਨ ਰੋਪਣ ਦਾ ਕੰਮ ਅਗਸਤ ਦੇ ਪਹਿਲੇ ਹਫਤੇ ਖਤਮ ਕਰ ਦਿਓ ਰੋਪਣ ਸਮੇਂ ਕਤਾਰਾਂ ਵਿੱਚਲਾ ਫਾਸਲਾ 15 ਸੈ.ਮੀ. ਅਤੇ ਪੌਦਿਆਂ ਵਿੱਚਲਾ ਫਾਸਲਾ 7.5 ਸੈ.ਮੀ. ਰੱਖੋ ਨਰਸਰੀ ਵਿੱਚ ਬੀਜ 1-2 ਸੈ.ਮੀ. ਡੂੰਘਾਈ ਤੇ ਬੀਜੋ ਬਿਜਾਈ ਲਈ ਪਨੀਰੀ ਰੋਪਣ ਵਿਧੀ ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਕਰੋ ਇੱਕ ਏਕੜ ਲਈ 3-4 ਕਿਲੋ ਬੀਜਾਂ ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਕਰੋ ਧੰਨਵਾਦ
Posted by KAMLESH Chauhan
Uttar Pradesh
28-12-2019 05:53 AM
Punjab
12-28-2019 07:30 AM
Shri maan g gehu mein urea@110 kg per acre 5560 din mein poora kr dena chahiye.....
Posted by Rohit Kumar
Uttar Pradesh
28-12-2019 04:50 AM
Punjab
01-04-2020 05:29 PM
रोहित जी गाय का हीट में आना उसकी अच्छी नसल और अच्छी खुराक पर निर्भर करता है क्योंकि कुछ गाय ब्याने के 21—22 दिनों के बाद भी हीट में आ जाती है और कुछ पशु ब्याने के बाद बहुत देर बाद हीट में आते है वैसे तो पशु को ब्याने से 50—60 दिनों के बाद हीट में आने पर गाभिन करवा सकते है
Posted by kuldeep
Haryana
28-12-2019 03:43 AM
Maharashtra
01-15-2020 05:35 PM
कुलदीप जी, कृपया आप यह बताये कि अपने इसकी बुवाई किस तरीके ऐसे की है, ताकि आपको इसके बारे में सही जानकारी दी जा सके, खादें हमेशा मिट्टी की जांच के आधार पर दें बारानी क्षेत्रों में नाइट्रोजन 8-16 किलो प्रति एकड़ में प्रयोग करें, जबकि सिंचित क्षेत्रों में नाइट्रोजन 16-24 किलो प्रति एकड़ में प्रयोग करें यदि खेती सूखी भ.... (Read More)
कुलदीप जी, कृपया आप यह बताये कि अपने इसकी बुवाई किस तरीके ऐसे की है, ताकि आपको इसके बारे में सही जानकारी दी जा सके, खादें हमेशा मिट्टी की जांच के आधार पर दें बारानी क्षेत्रों में नाइट्रोजन 8-16 किलो प्रति एकड़ में प्रयोग करें, जबकि सिंचित क्षेत्रों में नाइट्रोजन 16-24 किलो प्रति एकड़ में प्रयोग करें यदि खेती सूखी भूमि पर करनी हो तो नाइट्रोजन 8 किलो प्रति एकड़ में प्रयोग करें सिंचित और समय पर बिजाई के लिए फासफोरस 8 किलो बीज प्रति एकड़ में प्रयोग करें धन्यवाद
Posted by ਸੁਖਚੈਨ ਸਿੰਘ
Punjab
27-12-2019 11:57 PM
Punjab
12-28-2019 06:51 AM
BhaaG isnu rajwa hara chaara te 2kg feed rojana dyo hun isnu malap rehat karn di dawaee dyo 1quintal feed da formula Anaaj 45 kg khal 25 kg chokar or rice polish 30kg min mix 2kg namak 1 kg rla lao
Posted by JEETENDRA SINGH
Uttar Pradesh
27-12-2019 11:45 PM
Punjab
12-28-2019 08:53 AM
महोगनी का वृक्ष जल भराव वाली भूमि को छोड़कर अन्य किसी भी प्रकार की उपजाऊ भूमि में लगाया जा सकता है. इसके वृक्ष को पथरीली मिट्टी में नही लगाया जा सकता. इसकी खेती के लिए मिट्टी का पी.एच. मान सामान्य होना चाहिए.महोगनी की खेती के लिए उष्णकटिबंधीय जलवायु सबसे उपयुक्त होती है. इसके वृक्ष को ज्यादा बारिश की भी जरूरत .... (Read More)
महोगनी का वृक्ष जल भराव वाली भूमि को छोड़कर अन्य किसी भी प्रकार की उपजाऊ भूमि में लगाया जा सकता है. इसके वृक्ष को पथरीली मिट्टी में नही लगाया जा सकता. इसकी खेती के लिए मिट्टी का पी.एच. मान सामान्य होना चाहिए.महोगनी की खेती के लिए उष्णकटिबंधीय जलवायु सबसे उपयुक्त होती है. इसके वृक्ष को ज्यादा बारिश की भी जरूरत नही होती. सामान्य मौसम में इसके पेड़ अच्छे से विकास करते हैं. शुरुआत में इसके पौधों को तेज़ गर्मी और सर्दी से बचाने की जरूरत होती है. सर्दियों में पड़ने वाला पाला इसके लिए उपयुक्त नही होता है. इनके अलावा तेज़ हवाओं के चलने से इसके वृक्ष को नुक्सान पहुँचता है. क्योंकि इनकी जड़ें जमीन में ज्यादा गहराई में नही जाती है. इसके पौधे को अंकुरित होने और विकास करने के लिए सामान्य तापमान की जरूरत होती है. इसका पूर्ण विकसित वृक्ष सर्दियों में 15 और गर्मियों में 35 डिग्री तापमान पर भी अच्छे से विकास कर सकता है.महोगनी की अभी तक भारत में कोई संकर या खास प्रजाति तैयार नही की गई है. अभी तक इसकी 5 विदेशी कलमी किस्मों को ही उगाया जाता है. जिनमें क्यूबन, मैक्सिकन, अफ्रीकन, न्यूज़ीलैंड, और होन्डूरन किस्में शामिल हैं. ये सभी किस्में विदेशी हैं. इन सभी किस्मों के पौधों को उनकी उपज और बीजों की गुणवत्ता के आधार पर तैयार किया गया है. जिनकी लम्बाई 50 फिट से 200 फिट तक पाई जाती है.महोगनी के वृक्ष की खेती के लिए शुरुआत में खेत की गहरी जुताई कर उसे खुला छोड़ दें. उसके बाद खेत की दो से तीन तिरछी जुताई कर दे. जुताई करने के बाद खेत में पाटा चलाकर खेत को समतल बना लें. समतल खेत में जल भराव की समस्या का सामना नही करना पड़ता. खेत के समतल होने के बाद उसमें 5 से 7 फिट की दूरी रखते हुए तीन फिट चौड़ाई और दो फिट गहराई के गड्डे तैयार कर लें. इन गड्डों को तैयार करते वक्त ध्यान रखे कि इन गड्डों को पंक्तियों में तैयार करें. और प्रत्येक पंक्तियों के बीच तीन से चार मीटर की दूरी होनी चाहिए. गड्डों को तैयार कर उनमें जैविक और रासायनिक खादों को मिट्टी में मिलाकर गड्डों में भर दें. उसके बाद गड्डों की गहरी सिंचाई कर उन्हें ढक दें. इन गड्डों को पौध रोपाई से एक महीने पहले तैयार किया जाता है.महोगनी के पौधे किसान भाई किसी भी सरकारी रजिस्टर्ड कंपनी से खरीद सकते हैं. इसके अलावा किसान भाई इसकी पौध नर्सरी में भी तैयार कर सकते हैं. लेकिन इसमें बहुत ज्यादा टाइम और मेहनत लगती है. जिस कारण किसान भाइयों के लिए इसकी पौध खरीदकर लगाना सबसे उचित होता है. नर्सरी से हमेशा दो से तीन साल पुराने और अच्छे से विकास कर रहे पौधे को ही खरीदें. पौध लगाने का तरीका इसके पौधों को खेत में तैयार किये गए गड्डों में लगाया जाता है. इसके पौधों को गड्डों में लगाने से पहले खेत में तैयार किये गए गड्डों के बीचोंबीच एक और छोटा गड्डा तैयार कर लेना चाहिए. इस छोटे गड्डे में इसके पौधे को लगाकर उसे चारों तरफ से मिट्टी से दबा दें. इसके पौधों को खेत में लगाने का सबसे उपयुक्त टाइम जून और जुलाई का महीना होता है. क्योंकि इस दौरान भारत में मानसून का दौर होता है. जिससे पौधों को विकास करने के लिए उपयुक्त वातावरण मिलता है. और इस दौरान बारिश के होने से पौधों को सिंचाई की भी जरूरत नही होती.
Posted by Anshul Gupta
Uttar Pradesh
27-12-2019 11:28 PM
Punjab
12-28-2019 09:01 AM
स्ट्रॉबेरी की खेती पॉलीहाउस के अंदर या खुले खेत में कर सकते हैं चीकनी, बालुई और अच्छे निकास वाली ज़मीन स्ट्रॉबेरी के लिए अच्छी होती है तेजाबी में पी एच 5.0 से 6.5 होनी चाहिए मिट्टी की नाज़ुकता तीस से चालीस सैं.मी. होनी चाहिए स्ट्रॉबेरी की सही वृद्धि के लिए दिन में तापमान 20-25 डिगरी और रात के समय 7-12 डिगरी होना चाहिए इस.... (Read More)
स्ट्रॉबेरी की खेती पॉलीहाउस के अंदर या खुले खेत में कर सकते हैं चीकनी, बालुई और अच्छे निकास वाली ज़मीन स्ट्रॉबेरी के लिए अच्छी होती है तेजाबी में पी एच 5.0 से 6.5 होनी चाहिए मिट्टी की नाज़ुकता तीस से चालीस सैं.मी. होनी चाहिए स्ट्रॉबेरी की सही वृद्धि के लिए दिन में तापमान 20-25 डिगरी और रात के समय 7-12 डिगरी होना चाहिए इसलिए इसकी पनीरी लगाने का काम मध्य अक्तूबर से मध्य नवंबर तक कर देना चाहिए इन महीनों और इसके बाद पंजाब में लगभग यही तापमान होता है स्ट्रॉबेरी की खेती मलचिंग विधि द्वारा की जाती है सबसे पहले खेत को तैयार किया जाता है इसके बाद ही ट्रैक्टर की सहायता से मलचिंग मशीन को खेत में उतारा जाता है चार फुट क्यारी तैयार की जाती है इसमें ड्रिप लाइन फिट की जाती है इसके बाद मशीन की सहायता से क्यारियों पर प्लास्टिक शीट बिछाई जाती है मलचिंग के लिए हल्का और लचकीला पदार्थ लें ताकि स्ट्रॉबेरी के पौधे की रफ्तार पर असर ना पड़े जिसे बाद में दोनों ओर से मिट्टी में दबा दिया जाता है अब इस शीट में छेद करके उसमें स्ट्रॉबेरी की पनीरी लगायी जाती है पनीरी लगाने के समय जड़ को पूरी तरह मिट्टी में व्यवस्थित कर दें जड़ बाहर रहने से पौधे के सूखने का खतरा होता है पौधे को ज्यादा तापमान और ठंड से बचाने के लिए इसके ऊपर छांव करनी चाहिए जो आप लो टन्नल विधि से कर सके हैं मौसम का बहुत ख्याल रखना पड़ता है थोड़ी सी लापरवाही से सारी फसल खराब हो सकती है पहले साल अपने खेत में स्ट्रॉबेरी की खेती करने का कुल खर्चा ढाई से तीन लाख रूप्ये प्रति एकड़ के हिसाब से आ जाता है क्योंकि किसान को पहले साल ड्रिप सिस्टम और फव्वारों आदि पर खर्च करना पड़ता है पर अगले वर्षों में किसानों का यह खर्चा बच जाता है इसके लिए एक एकड़ में 40 बैड बनते हैं और एक बैड पर 1000 स्ट्रॉबेरी के पौधे लगते हैं इस तरह एक एकड़ में चालीस हजार पौधे लगाए जाते हैं एक पौधा 3 से 4 रूप्ये तक मिल जाता है और इसकी उपज 50 से 60 क्विंटल तक निकल आता है 25-30क्विंटल गोबर की खाद एक एकड़ में डालें यह खाद एक साल में डालनी होती है फिर 20 : 40 : 40 NPK KG / हेक्टेयर डालनी है अच्छी फसल के लिए यूरिया दो फीसदी जिंक सल्फेट, आधा प्रतिशत कैलशियम सल्फेट और बोरिक एसिड 0.2 फीसदी अच्छी फसल के लिए ठीक है सिंचाई जल्दी जल्दी पर हल्की करनी चाहिए ज्यादा पानी ठीक नहीं है पत्ते गीले ना करें तुपका सिंचाई से पानी कम लग सकता है यदि तुपका सिंचाई नहीं कर रहे तो क्यारियों में पानी खाली में ही लगाएं नदीन हाथ से हटाएं या कीड़े मकौड़े और अन्य बीमारियों की तरफ ध्यान रखना जरूरी है यदि कोई पौधा ज्यादा खराब है उसे हटा दें जब फल का रंग 70 प्रतिशत लाल हो जाये तो तोड़ लेना चाहिए यदि मार्किट दूरी पर है तो थोड़ा सख्त ही तोड़ना चाहिए तुड़ाई अलग अलग दिनों में करनी चाहिए स्ट्रॅाबेरी की पैकिंग प्लास्टिक की प्लेटों में करनी चाहिए इसे हवादार जगह पर रखना चाहिए जहां तापमान पांच डिगरी हो एक दिन के बाद स्ट्रॉबेरी की पैकिंग का तापमान ज़ीरो डिग्री होना चाहिए मार्किट में स्ट्रॉबेरी औसतन 200 रूपये प्रति तक बिकती है इस तरह पांच लाख प्रति एकड़ से इसकी आमदन शुरू होकर आगे अपनी मेहनत से किसान आमदन में भरपूर वृद्धि कर सकता है स्ट्रॉबेरी के पौधे सितंबर से अक्तूबर तक लगाए जाते हैं और 3 महीने के बाद यह फल देना शुरू कर देते हैं इसकी फसल अप्रैल तक चलती है इसकी मार्केटिंग में किसी भी तरह की मुश्किल नहीं है, यह ऐलनाबाद, सिरसा, हनुमानगढ़, गंगानगर के इलावा बठिंडा, मोगा, जलंधर. लुधियाना में इसकी मार्केटिंग कर सकते है, यदि ज़्यादा मात्रा में स्ट्रॉबेरी है तो दिल्ली इसकी मुख्य मार्किट है
Posted by akash
Madhya Pradesh
27-12-2019 11:20 PM
Punjab
12-28-2019 09:04 AM
Shriman ji, ap aam ki kisme jaise ke Rewa, Satna, Durg, Bilaspur, Bastar, Ramnandgaon, Rajgari, Jabalpur, Katni, Balagha ki kheti kar sakte hain, dhanywad
Posted by Mohammed Zaheeruddin
Telangana
27-12-2019 10:39 PM
Punjab
01-04-2020 05:58 PM
मोहम्मद जी यदि आप पोल्ट्री फार्मिंग करना चाहते है तो आप इस काम को ट्रेनिंग लेकर शुरू करें जिससे आपको इस काम की पूरी जानकारी मिलेगी,इसके इलावा आप मुर्गी पालन करने वाले किसान के फार्म पर इस काम को देखे जिससे आपको इस काम का अंदाजा हो जाएगा बाकि शेड मुख्य सड़क से 100 मीटर की दूरी पर होना चाहिए और वहां ताजे और साफ प.... (Read More)
मोहम्मद जी यदि आप पोल्ट्री फार्मिंग करना चाहते है तो आप इस काम को ट्रेनिंग लेकर शुरू करें जिससे आपको इस काम की पूरी जानकारी मिलेगी,इसके इलावा आप मुर्गी पालन करने वाले किसान के फार्म पर इस काम को देखे जिससे आपको इस काम का अंदाजा हो जाएगा बाकि शेड मुख्य सड़क से 100 मीटर की दूरी पर होना चाहिए और वहां ताजे और साफ पानी की सप्लाई 24 घंटे होनी चाहिए और अंडे देनी वाली मुर्गी को 0.14—0.19 वर्गमीटर जगह प्रति मुर्गी चाहिए पिंजरा सिस्टम में 0.8 से 1 वर्ग फीट और लकड़ी की पतली फट्टियों के फर्श के लिए 1 से 1.3 वर्ग फीट प्रति पंक्षी के हिसाब से जगह चाहिए
Posted by Gursewak singh
Punjab
27-12-2019 10:26 PM
Punjab
01-04-2020 06:00 PM
ਗੁਰਸੇਵਕ ਜੀ ਤੁਸੀ ਬੱਕਰੀ ਪਾਲਣ ਜਾ ਸੂਰ ਪਾਲਣ ਵਿੱਚੋ ਕੋਈ ਵੀ ਕੰਮ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ, ਪਰ ਕੋਈ ਵੀ ਕੰਮ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰਨ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾ ਤੁਸੀ ਇਸ ਕੰਮ ਦੀ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਜਰੂਰ ਲਓ ਅਤੇ ਉਸ ਕੰਮ ਦੀ ਪੂਰੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਲੈ ਕੇ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ, ਬਾਕੀ ਤੁਸੀ ਬੱਕਰੀ ਪਾਲਣ ਦਾ ਕੰਮ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਕਿਉਕਿ ਇਸ ਵਿਚ ਜ਼ਿਆਦਾ ਖਰਚ ਦੀ ਜਰੂਰਤ ਨਹੀਂ ਹੁੰਦੀ ਇਸ ਕੰਮ ਨੂੰ ਤੁਸੀ ਆਪਣੇ ਪੱਧਰ ਤੇ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ, ਸ਼ੁਰੂਆਤ ਵ.... (Read More)
ਗੁਰਸੇਵਕ ਜੀ ਤੁਸੀ ਬੱਕਰੀ ਪਾਲਣ ਜਾ ਸੂਰ ਪਾਲਣ ਵਿੱਚੋ ਕੋਈ ਵੀ ਕੰਮ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ, ਪਰ ਕੋਈ ਵੀ ਕੰਮ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰਨ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾ ਤੁਸੀ ਇਸ ਕੰਮ ਦੀ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਜਰੂਰ ਲਓ ਅਤੇ ਉਸ ਕੰਮ ਦੀ ਪੂਰੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਲੈ ਕੇ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ, ਬਾਕੀ ਤੁਸੀ ਬੱਕਰੀ ਪਾਲਣ ਦਾ ਕੰਮ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਕਿਉਕਿ ਇਸ ਵਿਚ ਜ਼ਿਆਦਾ ਖਰਚ ਦੀ ਜਰੂਰਤ ਨਹੀਂ ਹੁੰਦੀ ਇਸ ਕੰਮ ਨੂੰ ਤੁਸੀ ਆਪਣੇ ਪੱਧਰ ਤੇ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ, ਸ਼ੁਰੂਆਤ ਵਿਚ ਤੁਸੀ ਥੋੜੇ ਜਾਨਵਰਾਂ ਤੋਂ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ ਫਿਰ ਜਿਵੇਂ ਜਿਵੇਂ ਤੁਹਾਨੂੰ ਇਸ ਕੰਮ ਦੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਹੁੰਦੀ ਰਹੇਗੀ ਫਿਰ ਤੁਸੀ ਇਸ ਕੰਮ ਨੂੰ ਵਧਾ ਸਕਦੇ ਹੋ ..
Posted by केशरलाल पितांबर पाटील
Maharashtra
27-12-2019 10:00 PM
Punjab
12-28-2019 07:50 AM
श्री मान इसमें सूंडी का हमला है इसकी रोकथाम के लिए आप Proclaim@80gm और coragen@40 ml प्रती एकड़ सप्रे कर सकते हो
Posted by gagandeep singh
Punjab
27-12-2019 10:00 PM
Punjab
12-28-2019 06:20 PM
ਤੁਸੀ ਘਰ ਵਿਚ ਫੀਡ ਤਿਆਰ ਕਰਕੇ ਦੇ ਸਕਦੇ ਹੋ, ਮੱਕੀ/ਕਣਕ 33 ਕਿਲੋ, ਸੋਇਆਬੀਨ 15 ਕਿਲੋ, ਸਰੋਂ ਦੀ ਖਲ 10 ਕਿਲੋ , ਚੌਲਾਂ ਦੀ ਪਾਲਿਸ਼ 11 ਕਿਲੋ, ਚੋਕਰ 05 ਕਿਲੋ , ਤੇਲ ਰਹਿਤ ਚੌਲਾਂ ਦੀ ਪਾਲਿਸ਼ 17 ਕਿਲੋ , ਸੀਰਾ 05 ਕਿਲੋ , ਧਾਤਾਂ ਦਾ ਮਿਸ਼ਰਣ 02 ਕਿਲੋ, ਲੂਣ 02 ਕਿਲੋ , ਵਿਟਾਮਿਨ ਏ, ਡੀ 05 ਗ੍ਰਾਮ. ਇਹ ਸਾਰਾ ਕੁੱਝ ਮਿਕਸ ਕਰਕੇ ਫੀਡ ਤਿਆਰ ਕਰਕੇ ਦੇ ਸਕਦੇ ਹੋ .
Posted by sonu
Madhya Pradesh
27-12-2019 09:55 PM
Punjab
01-28-2020 02:50 PM
Sonu ji Brinjal seed ke lia aap Shine Brand Seeds 8770896002 se samparak kar sakte hai, Thankyou.
Posted by Gurjeet Singh
Punjab
27-12-2019 09:55 PM
Punjab
12-28-2019 06:23 PM
ਜੇਕਰ ਪਸ਼ੂ ਦੇ ਗੋਹੇ ਵਿਚ ਅਣਪਚਿਆ ਚਾਰਾ ਆਉਂਦਾ ਹੈ ਤਾਂ ਉਸਦੇ ਹਾਜ਼ਮੇ ਵਿਚ ਸਮੱਸਿਆ ਹੋ ਸਕਦੀ ਹੈ, ਜਿਸ ਨਾਲ ਪਸ਼ੂ ਚਾਰਾ ਘੱਟ ਖਾਂਦਾ ਹੈ ਅਤੇ ਸਹੀ ਗਰੋਥ ਨਹੀਂ ਕਰਦਾ ਹੈ, ਇਸਦੇ ਲਈ ਤੁਸੀ ਉਸ ਨੂੰ ਪੇਟ ਦੇ ਕੀੜਿਆਂ ਦੀ ਗੋਲੀ ਦਿਓ ਅਤੇ ਵਧਿਆ ਕੰਪਨੀ ਦਾ ਲੀਵਰ ਟੌਨਿਕ ਵੀ ਦੇਣਾ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ.
Posted by केशरलाल पितांबर पाटील
Maharashtra
27-12-2019 09:54 PM
Punjab
12-28-2019 07:19 AM
श्रीमान जी, यह फंगस के हमले के कारण हुआ है, इसकी रोकथाम के लिए आप carbendazim @ 400gm या mancozeb @ 400 gm को 150 लीटर पानी में मिला कर प्रति एकड़ के हिसाब से स्प्रे करें, धन्यवाद
Posted by Durgesh Rawat Thakur
Madhya Pradesh
27-12-2019 09:51 PM
Punjab
12-28-2019 07:20 AM
श्रीमान जी, यह वर्षा और बसंत के मौसम में उगाई जाती है खरीफ के मौसम में, इसकी बिजाई जून-जुलाई के महीने और बसंत ऋतु में फरवरी-मार्च के महीने में की जाती है धन्यवाद
Posted by Gurjeet Singh
Punjab
27-12-2019 09:49 PM
Punjab
12-28-2019 06:25 PM
ਤੁਸੀ ਉਸ ਨੂੰ Lactomood ਹੋਮਿਓਪੈਥਿਕ ਦਵਾਈ ਦੀਆ 10-10 ਬੂੰਦਾਂ ਦਿਨ ਵਿਚ 3 ਵਾਰ ਦਿਓ ਅਤੇ leptaden tablet 10-10 ਸਵੇਰੇ ਸ਼ਾਮ ਦਿਓ ਅਤੇ Milkout ਪਾਊਡਰ 2-2 ਚਮਚ ਸਵੇਰੇ ਸ਼ਾਮ ਰੋਜਾਨਾ ਦਿਓ, ਬਾਕੀ ਤੁਸੀ ਉਸ ਨੂੰ ਕਣਕ ਦਾ ਦਲੀਆ ਰਿਨ ਕੇ ਉਸ ਵਿਚ ਗੁੜ ਮਿਲਾ ਕੇ ਦੇਣਾ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ ਇਸ ਨਾਲ ਫਰਕ ਪੈ ਜਾਵੇਗਾ..
Posted by jugraj Yadav
Rajasthan
27-12-2019 09:47 PM
Punjab
12-28-2019 07:21 AM
Shrimaan ji, yeh tatvo ki kami ke karan ho raha hai, iske liye ap vermicompost @ 4-5 kg e hisaab se dalein, dhanywad
Posted by maninder
Punjab
27-12-2019 09:31 PM
Punjab
12-28-2019 06:56 AM
BhaaG isnu rajwa hara chaara te 1 kg feed pao har 3 mahine baad malap rehat karo dhatan di ghaat ae 30-40 g rojana min mix milna chahida ae
Posted by maninder
Punjab
27-12-2019 09:27 PM
Punjab
12-28-2019 06:26 PM
ਇਸ ਦਵਾਈ ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਫਾਸਫੋਰਸ ਦੀ ਕਮੀ ਨੂੰ ਪੂਰਾ ਕਰਨ ਲਈ ਵਰਤਿਆ ਜਾਂਦਾ ਹੈ
Posted by luv yadav
Uttar Pradesh
27-12-2019 09:25 PM
Punjab
01-16-2020 12:17 PM
Luv Yadav ji, 1509 dhaan ki kimat 2500 se 2690 rupay prati quintal ke hisaab se chal rahi hai, dhanywad
Posted by Gurpreet Singh
Punjab
27-12-2019 09:22 PM
Punjab
12-28-2019 05:30 AM
बरसीम की ग्रोथ के लिए आप होशी 400 मि.ली.को प्रति एकड़ के हिसाब से स्प्रे करें
Posted by naveen rajput
Madhya Pradesh
27-12-2019 09:21 PM
Punjab
12-28-2019 05:31 AM
aap iska istemal kr sakte hai pr ise bnane ke liye poori sawdhani bartni padegi aap ise bajar se bna bnaya bhi kharid sakte hai.
Posted by Ambika Patel
Madhya Pradesh
27-12-2019 09:20 PM
Punjab
12-28-2019 05:31 AM
ji nahi inka alg alg isteml kre ikatha istemal krne par asar km ho jata hai
Posted by shahalam
Uttarakhand
27-12-2019 09:15 PM
Punjab
12-28-2019 05:32 AM
Shrimaan ji, ap gende mein jayda phool ke liye iske uper NPK 191919@1 kilo ko 150 liter pani mein mila kar prati acre ke hisab se spray karen, dhanywad
Posted by Ram Prasad
Himachal Pradesh
27-12-2019 09:13 PM
Punjab
12-28-2019 07:28 AM
Sir, Apply 2-4,D@200-400 gm/acre, 25-30 days after sowing. After the crop has received its first irrigation at CRI stage. Fluroxypur@80-240 gm/acre is a good alternative to 2,4-D for controlling broad leaf weeds. If mixed weeds is a problem, at 30-35 days, spray 160 gm Clodinafop-propargyl+metsulfuron-methyl ready mix +500ml surfectant/200Ltr water/acre. Thank you
Posted by Mandeep
Punjab
27-12-2019 09:07 PM
Punjab
12-28-2019 07:36 AM
ਸ੍ਰੀ ਮਾਨ ਜੀ ਕਣਕ ਵਿੱਚ ਨਦੀਨਾਂ ਦੀ ਸੁਚੱਜੀ ਰੋਕਥਾਮ ਦੇ ਲਈ ਤੁਸੀ axil ਜਾਂ ਫੇਰ total ਜਾਂ markpower ਵਿਚੋਂ ਕਿਸੇ ਇਕ ਦੀ ਸਪਰੇਅ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਜੀ ਪਰ ਇਹ ਸਪਰੇਅ ਕਰਨ ਵੇਲੇ ਖੇਤ ਦੇ ਵਿਚ ਗਿੱਲ ਹੋਣਾਂ ਜਰੂਰੀ ਹੈ ਜੇ ਥੋਡੇ ਇਹਨਾਂ ਨਦੀਨ ਨਾਸ਼ਕਾਂ ਨਾਲ ਗੁੱਲੀ ਡੰਡਾ ਨਹੀਂ ਮਰਿਆ ਤਾਂ ਤੁਸੀ 200 ਗ੍ਰਾਮ ਸ਼ਗਨ 21-11 (ਕਲੋਡੀਨਾਫੌਪ+ਮੈਟਰੀਬਿਊਜ਼ਿਨ) ਨੂੰ 150 ਲਿਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿਚ ਘੋਲ ਕ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਛਿੜਕਾ ਕਰੋ *ਨ.... (Read More)
ਸ੍ਰੀ ਮਾਨ ਜੀ ਕਣਕ ਵਿੱਚ ਨਦੀਨਾਂ ਦੀ ਸੁਚੱਜੀ ਰੋਕਥਾਮ ਦੇ ਲਈ ਤੁਸੀ axil ਜਾਂ ਫੇਰ total ਜਾਂ markpower ਵਿਚੋਂ ਕਿਸੇ ਇਕ ਦੀ ਸਪਰੇਅ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਜੀ ਪਰ ਇਹ ਸਪਰੇਅ ਕਰਨ ਵੇਲੇ ਖੇਤ ਦੇ ਵਿਚ ਗਿੱਲ ਹੋਣਾਂ ਜਰੂਰੀ ਹੈ ਜੇ ਥੋਡੇ ਇਹਨਾਂ ਨਦੀਨ ਨਾਸ਼ਕਾਂ ਨਾਲ ਗੁੱਲੀ ਡੰਡਾ ਨਹੀਂ ਮਰਿਆ ਤਾਂ ਤੁਸੀ 200 ਗ੍ਰਾਮ ਸ਼ਗਨ 21-11 (ਕਲੋਡੀਨਾਫੌਪ+ਮੈਟਰੀਬਿਊਜ਼ਿਨ) ਨੂੰ 150 ਲਿਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿਚ ਘੋਲ ਕ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਛਿੜਕਾ ਕਰੋ *ਨੋਟ* 1.ਸ਼ਗਨ 21-11 ਨੂੰ pbw 550 ਤੇ ਉਨਤ pbw550 ਵਿਚ ਨਾ ਛਿੜਕੋ 2. ਸਗਨ 21-11 ਦਾ ਹਲਕੀਆਂ ਜਮੀਨਾ ਵਿਚ ਛਿੜਕਾ ਨਾ ਕਰੋ 3.ਵਡਾਣਕ ਕਣਕ ਵਿਚ ਸ਼ਗਨ 21-11 ਨਾ ਵਰਤੋਂ 4.ਟੋਟਲ/ ਮਾਰਕਪਾਵਰ ਵਾਲੇ ਖੇਤਾਂ ਵਿੱਚ ਚਰ੍ਹੀ (ਜਵਾਰ) ਅਤੇ ਮੱਕੀ ਨਾ ਬੀਜੋ ਨਦੀਨਾਂ ਦੀ ਸਪਰੇਅ ਤੋਂ 7-10 ਦਿਨਾਂ ਦੇ ਬਾਅਦ ਕਣਕ ਦੀ ਗਰੋਥ ਲਈ NPK 19:19:19@1kg 150ਲੀਟਰ ਪਾਣੀ ਨਾਲ ਮਿਲਾ ਕੇ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਸਪਰੇਅ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ
Posted by Lakhwinder singh
Punjab
27-12-2019 08:49 PM
Punjab
12-28-2019 07:38 AM
श्री मान जी ड्रैगन फल की खेती के लिए ड्रैगन फल की कलमें लगाई जाती है ये पेड़ गुजरात में होता है एक एकड़ में तकरीबन इसकी 1600 कलमें लगती है और इन कलमों को पहले गमले में तैयार किया जाता है और फिर अप्रैल से सितंबर तक कभी भी खेत में लगा सकते हैं और एक कलम लगभग 70 रूपए की आती है अधिक जानकारी के लिए आप नीचे दिए नंबर पर बा.... (Read More)
श्री मान जी ड्रैगन फल की खेती के लिए ड्रैगन फल की कलमें लगाई जाती है ये पेड़ गुजरात में होता है एक एकड़ में तकरीबन इसकी 1600 कलमें लगती है और इन कलमों को पहले गमले में तैयार किया जाता है और फिर अप्रैल से सितंबर तक कभी भी खेत में लगा सकते हैं और एक कलम लगभग 70 रूपए की आती है अधिक जानकारी के लिए आप नीचे दिए नंबर पर बात कर सकते हैं विजय कुमार -7065414241
Posted by BAHAL
Punjab
27-12-2019 08:38 PM
Punjab
12-28-2019 06:58 AM
BhaaG majh de wadhya teeka lagwao bachhche wadhya paida honge
Posted by vikram pareek
Haryana
27-12-2019 08:36 PM
Punjab
12-28-2019 07:01 AM
bhai sahib pashu ko aaraamdeh sthan mein bandho usko sidhi hawa na lage neeche paraali dhaal dein Din mein doop mein rakho
Posted by Dhanveer singh Benipal
Punjab
27-12-2019 08:34 PM
Punjab
12-28-2019 09:46 AM
Shrimaan ji, is da asar 2-3 din baad dikhai denda hai, barish pen nal isda jo asar hai, oh ghaat janda hai, dhanwad
Posted by yogesh patel
Madhya Pradesh
27-12-2019 08:27 PM
Punjab
12-28-2019 07:03 AM
bhai sahib rajwa hara chaara te har 3 kg dudh lai 1kg feed pao har 3 mahine baad pet ke kirhe nikalne ki dwaee deo 1quintal feed ka formula Anaaj 40kg khal 30kg chokar or rice polish 30kg min mix 2kg namak 1kg ralao
Posted by Ram babu Sen
Madhya Pradesh
27-12-2019 08:26 PM
Punjab
12-28-2019 06:28 PM
उसकी बच्चेदानी में Lixin-iu तीन दिन भरवायें और उसे Agrimin पाउडर 100 ग्राम रोजाना दें और Concimax bolus रोजाना एक गोली दें और 14 दिन तक देते रहें फिर अगली बार हीट में आने पर उसे टीका भरवायें इस तरह वो गाभिन हो जाएगी और जो भी अंदर इंफेक्शन होगा वो खत्म हो जाएगा, यदि आप कोई ओर जानकारी लेना चाहते है तो आप दोबारा सवाल पूछ सकते हैं..
Posted by Ghanshyam mankar
Madhya Pradesh
27-12-2019 08:23 PM
Rajasthan
12-28-2019 09:55 AM
मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजि.... (Read More)
मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजित किया जा रहा है प्रशिक्षण कार्य कर्म में भाग लेने के लिए नीचे दिए गए नम्बर पर आज ही संपर्क करें और Rs 250/ से अपना रजिस्ट्रेशन करवाए अचल सिंह (फाउंडर )- 9711858258. धन्यवाद
Posted by Hardeep Waraich
Punjab
27-12-2019 08:22 PM
Punjab
12-28-2019 07:04 AM
BhaaG isnu rajwa hara chaara te har 3 kg dudh lai majh nu 1kg wadhya feed pao har 3 mahine baad malap rehat karo swer shaam taaran dekho jad taaran kare uss nu aas karwa lao Arhamdi arhingdi na vekho
Posted by Ramsmujh Yadav
Uttar Pradesh
27-12-2019 08:12 PM
Punjab
12-28-2019 07:05 AM
bhai sahib rajwa hara chaara te har 3kg dudh lai bhains ko or har 4kg dudh lai gau nu 1kg feed pao har 3 mahine baad pet ke kirhe nikalne ki dwaee deo
Posted by inderpreet singh
Punjab
27-12-2019 08:11 PM
Punjab
12-28-2019 07:32 AM
ਸ਼੍ਰੀਮਾਨ ਜੀ, ਕਿਰਪਾ ਕਰ ਕੇ ਕਣਕ ਦੀ ਫੋਟੋ ਭੇਜੋ ਤਾਂਜੋ ਦੇਖ ਕੇ ਤੁਹਾਨੂੰ ਇਸ ਬਾਰੇ ਦੱਸਿਆ ਜਾ ਸਕੇ, ਧੰਨਵਾਦ
Posted by Ramsmujh Yadav
Uttar Pradesh
27-12-2019 08:07 PM
Punjab
12-28-2019 07:34 AM
श्रीमान जी, रोपण के चार हफ्ते बाद डालें पानी में घुलनशील खादें: रोपण से 10-15 दिन बाद सूक्ष्म-तत्व 2.5-3 ग्राम प्रति लीटर पानी के साथ 19:19:19 की स्प्रे करें धन्यवाद
Posted by Ramsmujh Yadav
Uttar Pradesh
27-12-2019 08:00 PM
Punjab
12-28-2019 07:41 AM
श्री मान गेहूं के विकास के लिए आप NPK 19:19:19@1kg को150ltr पानी में मिलाकर सप्रे कर सकते हो
Posted by Rameshwar Lal
Punjab
27-12-2019 07:59 PM
Punjab
01-04-2020 06:01 PM
श्रीमान जी, कृपया आप आम के पेड़ की फोटो भेजें ताकि आपको इसके बारे में उच्चित जानकारी दी जा सके , धन्यवाद
Posted by Sukh Kotbhai
Punjab
27-12-2019 07:57 PM
Punjab
12-28-2019 11:51 AM
ਜੇਕਰ ਤੁਸੀ ਆਪਣੇ ਪੱਧਰ ਤੇ ਲਿੰਕ ਬਣਾ ਕੇ ਭੱਜ ਨੱਸ ਕਰਕੇ ਖੁਦ ਮਾਰਕੀਟਿੰਗ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਤਾਂ ਬਟੇਰ ਪਾਲਣ ਕਰੋ ਸਿੱਧੇ ਤੌਰ ਤੇ ਬਟੇਰ ਦੇ ਅੰਡੇ ਦੇ ਮੀਟ ਲਈ ਬਟੇਰ ਖਰੀਦਣ ਵਾਲੇ ਜਲਦੀ ਨਹੀ ਮਿਲਦੇ ਜੀ , ਟਾਈਮ ਲੱਗੇਗਾ ਪਰ ਹੋਲੀ ਹੋਲੀ ਸੋਸ਼ਲ ਮੀਡੀਆ ਜਾਂ ਹੋਰ ਪੋਲਟਰੀ ਫਾਰਮਰਾਂ ਨਾਲ ਜੁੜ ਕੇ ਮੰਡੀਕਰਨ ਪਵੇਗਾ ਜੀ, ਜੇਕਰ ਤੁਹਾਨੂੰ ਪੋਲਟਰੀ ਕੰਮ ਦਾ ਤਜ਼ਰਬਾ ਨਹੀ ਤਾਂ ਤੁਸੀ ਬਟੇਰ ਪਾਲਣ ਨਾ ਕ.... (Read More)
ਜੇਕਰ ਤੁਸੀ ਆਪਣੇ ਪੱਧਰ ਤੇ ਲਿੰਕ ਬਣਾ ਕੇ ਭੱਜ ਨੱਸ ਕਰਕੇ ਖੁਦ ਮਾਰਕੀਟਿੰਗ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਤਾਂ ਬਟੇਰ ਪਾਲਣ ਕਰੋ ਸਿੱਧੇ ਤੌਰ ਤੇ ਬਟੇਰ ਦੇ ਅੰਡੇ ਦੇ ਮੀਟ ਲਈ ਬਟੇਰ ਖਰੀਦਣ ਵਾਲੇ ਜਲਦੀ ਨਹੀ ਮਿਲਦੇ ਜੀ , ਟਾਈਮ ਲੱਗੇਗਾ ਪਰ ਹੋਲੀ ਹੋਲੀ ਸੋਸ਼ਲ ਮੀਡੀਆ ਜਾਂ ਹੋਰ ਪੋਲਟਰੀ ਫਾਰਮਰਾਂ ਨਾਲ ਜੁੜ ਕੇ ਮੰਡੀਕਰਨ ਪਵੇਗਾ ਜੀ, ਜੇਕਰ ਤੁਹਾਨੂੰ ਪੋਲਟਰੀ ਕੰਮ ਦਾ ਤਜ਼ਰਬਾ ਨਹੀ ਤਾਂ ਤੁਸੀ ਬਟੇਰ ਪਾਲਣ ਨਾ ਕਰੋ ਜੀ, ਕਿਉਕੀ ਪੰਜਾਬ ਵਿੱਚ ਵੱਡੇ ਪੱਧਰ ਤੇ ਮਾਰਕੀਟਿੰਗ ਨਹੀ ਹੈ ਜੀ
Posted by gurmeet
Punjab
27-12-2019 07:55 PM
Punjab
12-28-2019 06:28 PM
गुरमीत जी दूध का रेट फैट और एसएनएफ के हिसाब से 70 रूप्ये तक चल रहा है।
Posted by ramanpreet
Punjab
27-12-2019 07:49 PM
Punjab
12-27-2019 07:51 PM
Shrimaan ji, ap gehun ki kisme jaise ke PBW 590, PBW 509, PBW 658, PBW 752 ki biaji kar skate ho, dhanywad