Posted by दिनेश सिंह राजपूत
Rajasthan
29-12-2019 10:01 PM
दिनेश जी आपके द्धारा भेजी गई फोटो के हिसाब से ये क्रॉस नसल के लग रहे है
Posted by Dr.shrimal Rajput
Madhya Pradesh
29-12-2019 09:51 PM
डॉ .श्रीमाल जी गेंहू में सही दूरी होना बहुत जरूरी है नहीं तो जड़ों का विकास सही नहीं होता है और फसल की पैदावार में कमी भी आती है कृपया आप इसकी बिजाई सही दूरी पर करें धन्यवाद
Posted by Parikshit Gadekar
Maharashtra
29-12-2019 09:48 PM
https://youtu.be/g4wqW8anr1g EARN 4-5 LAKH BY HOME ROOF COURT YARD OPEN LAND BALCONY बमोरिया मोती सम्बर्धन केंद्र ( भारत का एक मात्र प्रशिक्षण केंद्र जहां देश विदेश से आते है लोग ) सुक्ष्म लघु मध्यम उद्यम भारत सरकार द्वारा पंजीकृत कृषि मंत्री जी एवं मुख्या मंत्री जी द्वारा पुरुष्कृत दैनिक भास्कर , राजिस्थान पत्रिका , सहारा समय ,बंसल NEWS आदि न्यूज़ चैनल द्वारा .... (Read More)
https://youtu.be/g4wqW8anr1g EARN 4-5 LAKH BY HOME ROOF COURT YARD OPEN LAND BALCONY बमोरिया मोती सम्बर्धन केंद्र ( भारत का एक मात्र प्रशिक्षण केंद्र जहां देश विदेश से आते है लोग ) सुक्ष्म लघु मध्यम उद्यम भारत सरकार द्वारा पंजीकृत कृषि मंत्री जी एवं मुख्या मंत्री जी द्वारा पुरुष्कृत दैनिक भास्कर , राजिस्थान पत्रिका , सहारा समय ,बंसल NEWS आदि न्यूज़ चैनल द्वारा सत्यापित 12 Jan 2020 TRAINING FEE 4600/- ( Advance 1100 online Pay krna hai ) और यदि आप हमारे साथ लाखों रुपया महीना कमाना चाहते हैं कुछ ऐसे व्यवसाय हैं जिनके अंतर्गत आप खेती भी करेंगे इंटीग्रेटेड फार्मिंग भी कर सकते हैं और साथ में आप अच्छा खासा पैसा कमा सकते हैं इसके लिए आपको हमारी वेबसाइट जिसकी डिटेल हम आपको सेंड कर रहे हैं उस पर 1100/- मै रजिस्ट्रेशन करना होगा बाकी का 3500/- के दौरान देना होगा या वह भी एडवांस जमा कर सकते हैं जिसका फायदा आपको जिंदगी भर होने वाला है लाइफटाइम पैसा कमाने का अवसर नीचे दी गई लिंक पर क्लिक करके अपना रजिस्ट्रेशन कराएं 11 सो रुपए आपकी फीस लगेगी रजिस्ट्रेशन की लाइफ टाइम रजिस्ट्रेशन है यह और अधिक जानकारी के लिए फिर आप हमसे संपर्क करें http://aseedo.com/register.php sponser_id=Aseedo350
Posted by phool Singh
Uttar Pradesh
29-12-2019 09:42 PM
उत्तर में यह वर्षा और बसंत के मौसम में उगाई जाती है वर्षा वाले मौसम में इसकी बिजाई जून-जुलाई के महीने और बसंत ऋतु में फरवरी-मार्च के महीने में की जाती है

Posted by Ranthu Ram
Chattisgarh
29-12-2019 09:35 PM
मिर्च रेतली से भारी चिकनी हर तरह की मिट्टी में उगाई जा सकती है अच्छे विकास के लिए हल्की उपजाऊ और पानी के अच्छे निकास वाली ज़मीन जिसमे नमी सोखने की क्षमता हो, इसके लिए अनुकूल होती है हल्की ज़मीनें भारी ज़मीनों के मुकाबले अच्छी क्वालिटी की पैदावार देती हैं मिर्च के अच्छे विकास के लिए ज़मीन की pH 6-7 अनुकूल है खेत को त.... (Read More)
मिर्च रेतली से भारी चिकनी हर तरह की मिट्टी में उगाई जा सकती है अच्छे विकास के लिए हल्की उपजाऊ और पानी के अच्छे निकास वाली ज़मीन जिसमे नमी सोखने की क्षमता हो, इसके लिए अनुकूल होती है हल्की ज़मीनें भारी ज़मीनों के मुकाबले अच्छी क्वालिटी की पैदावार देती हैं मिर्च के अच्छे विकास के लिए ज़मीन की pH 6-7 अनुकूल है खेत को तैयार करने के लिए 2-3 बार जोताई करें और प्रत्येक जोताई के बाद डलियों को तोड़ें बिजाई से 15-20 दिन पहले रूड़ी की खाद 150-200 क्विंटल प्रति एकड़ डालकर मिट्टी में अच्छी तरह मिला दें टमाटर और मिर्च की खेती एक ही या नज़दीक वाले खेत में ना करें, क्योंकि दोनों की बीमारियां एक जैसी होती हैं और इस कारण एंथ्राक्नोस और बैक्टीरिया वाली बीमारीयों के बढ़ने का खतरा बढ़ जाता है मिर्च की खेती पूरे वर्ष की जाती है खरीफ की फसल के लिए मई-जून और गर्मियों की फसल के लिए फरवरी - मार्च का समय मिर्च की रोपाई के लिए उपयुक्त होता है खरीफ के मौसम में 60-75 सैं.मी. x 45 सैं.मी. और सिंचित क्षेत्रों में 60 x 60 सैं.मी. फासले का प्रयोग करें नर्सरी में बीजों को 3-5 सैं.मी. की गहराई में बोयें और फिर मिट्टी से ढक दें इसकी मुख्य खेत में रोपाई की जाती है 1 मीटर चौड़े और आवश्यकतानुसार लंबे बैड बनाएं कीटाणु रहित कोकोपिट 300 किलो, 5 किलो नीम केक को मिलाए और 1-1किलो एज़ोसपीरिलियम और फासफोबैक्टीरिया भी डालें उपचार किए हुए बीज ट्रे में एक बीज प्रति सैल बोयें बीज को कोकोपिट से ढक दें और ट्रे एक- दूसरे के साथ रखें बीज अंकुरन तक इन्हें पॉलीथीन से ढक दें नर्सरी में बीज बीजने के बाद बैडों को 400 मैश नाइलोन जाल या पतले सफेद कपड़े से ढक दें यह नए पौधों को कीड़े-मकौड़े और बीमारियों के हमले से बचाता है 6 दिनों के बाद, ट्रे में लगे नए पौधों को एक एक करके जाल की छांव के नीचे बैडों में लगाएं बीज अंकुरन तक पानी देने वाले बर्तन की मदद से पानी दें बिजाई के 18 दिन बाद 19:19:19 की 0.5 % (5 ग्राम प्रति लीटर ) की स्प्रे करें किस्मों के लिए 200 ग्राम बीज और हाइब्रिड के लिए 80-100 ग्राम बीज प्रति एकड़ में प्रयोग करें बारानी क्षेत्रों के लिए, नाइट्रोजन 50 किलो (110 किलो यूरिया), फासफोरस 16 किलो (सिंगल सुपर फासफेट 100 किलो) और पोटाश 20 किलो (म्यूरेट ऑफ पोटाश 35 किलो) प्रति एकड़ डालें नाइट्रोजन की आधी मात्रा, फासफोरस और पोटाश की पूरी मात्रा पनीरी खेत में लगाने के समय डालें रोपाई के बाद बाकी बची नाइट्रोजन दो बराबर हिस्सों में 30वें और 50वें दिन डालें सिंचित क्षेत्रों के लिए, नाइट्रोजन 84 किलो (182 किलो यूरिया), फासफोरस 24 किलो (सिंगल सुपर फासफेट 150 किलो) और पोटाश 24 किलो (म्यूरेट ऑफ पोटाश 40 किलो) प्रति एकड़ डालें रोपाई से पहले 24 किलो नाइट्रोजन (यूरिया 52 किलो), फासफोरस की पूरी मात्रा और पोटाश की आधी मात्रा प्रति एकड़ में डालें बाकी बची नाइट्रोजन को पांच भागों में बांटें और पोटाश को तीन बराबर भागों में बांटें नाइट्रोजन 12 किलो (यूरिया 26 किलो) को बिजाई के बाद 45वें, 60वें, 75वें, 95वें और 115वें दिन डालें और पोटाश 4 किलो को बिजाई के बाद 45वें, 60वें, और 75वें दिन डालें 45 दिनों तक गोडाई करें, कही की मदद से मिट्टी चढ़ाएं और खेत को नदीन मुक्त रखें यदि नदीनों की रोकथाम ना की जाये तो यह 70-90 % पैदावार कम कर देते हैं रोपाई से पहले मुख्य खेत में पैंडीमैथालीन 1 लीटर प्रति एकड़ में डालें यदि नदीनों की संख्या ज्यादा हो तो उनके अंकुरण के बाद सेन्कोर 800 मि.ली की स्प्रे प्रति एकड़ में करें नदीनों की रोकथाम के साथ मिट्टी में नमी को बनाए रखने के लिए मलचिंग एक प्रभावी तरीका है मिट्टी में नमी के आधार पर सर्दियों में 6-7 दिनों के अंतराल पर और गर्मियों में 4-5 दिनों के अंतराल पर सिंचाई करें फूल निकलने की अवस्था सिंचाई के लिए गंभीर होती है इस अवस्था पर पानी की कमी से फल गिरते हैं जिससे फलों के उत्पादन में कमी होती है विभिन्न खोजों में यह पाया गया है, कि प्रत्येक पखवाड़े में आधा इंच सिंचाई से जड़ों में नमी ज्यादा होती है जिससे वे अधिक उपज देती हैं मिर्चों की तुड़ाई हरा रंग आने पर करें या फिर पकने के लिए पौधे पर ही रहने दें मिर्चों का पकने के बाद वाला रंग किस्म पर निर्भर करता है अधिक तुड़ाइयां लेने के लिए यूरिया 10 ग्राम प्रति लीटर और घुलनशील K @ 10 ग्राम प्रति लीटर पानी (1 प्रतिशत प्रत्येक का घोल) की स्प्रे 15 दिनों के फासले पर कटाई के समय करें पैकिंग के लिए मिर्चें पक्की और लाल रंग की होने पर तोड़ें सुखाने के लिए प्रयोग की जाने वाली मिर्चों की पूरी तरह पकने के बाद ही तुड़ाई करें मिर्च की खेती में कुल खर्चा लगभग 62100 रूपए का 3 एकड़ में आ जाता है, इसमें से पैदावार के हिसाब से average income 270000 के करीब 3 एकड़ की होती है, धन्यवाद

Posted by Abhijeet Singh
Uttar Pradesh
29-12-2019 09:32 PM
Abhijeet ji kripya btaye ke aapne isme kon kon se dwa ka istemal kiya hai aur kitni matra men taki aapko iske bare men poori jankari di ja sake,dhanywad
Posted by Gurjinder Gill
Punjab
29-12-2019 09:28 PM
ਸ੍ਰੀ ਮਾਨ ਜੀ ਕਣਕ ਦੀਆਂ ਕਿਸਮਾਂ PBW_590,PBW 658,PBW-752,HD-2851,PBW509 ਆਦਿ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਦਿਸੰਬਰ ਮਹੀਨੇ ਵਿੱਚ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ

Posted by baljinder gill
Punjab
29-12-2019 09:28 PM
ਸ੍ਰੀ ਮਾਨ ਜੀ ਕਣਕ ਵਿੱਚ ਨਦੀਨਾਂ ਦੀ ਸੁਚੱਜੀ ਰੋਕਥਾਮ ਦੇ ਲਈ ਤੁਸੀ axil ਜਾਂ ਫੇਰ total ਜਾਂ markpower ਵਿਚੋਂ ਕਿਸੇ ਇਕ ਦੀ ਸਪਰੇਅ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਜੀ ਪਰ ਇਹ ਸਪਰੇਅ ਕਰਨ ਵੇਲੇ ਖੇਤ ਦੇ ਵਿਚ ਗਿੱਲ ਹੋਣਾਂ ਜਰੂਰੀ ਹੈ ਜੇ ਥੋਡੇ ਇਹਨਾਂ ਨਦੀਨ ਨਾਸ਼ਕਾਂ ਨਾਲ ਗੁੱਲੀ ਡੰਡਾ ਨਹੀਂ ਮਰਿਆ ਤਾਂ ਤੁਸੀ 200 ਗ੍ਰਾਮ ਸ਼ਗਨ 21-11 (ਕਲੋਡੀਨਾਫੌਪ+ਮੈਟਰੀਬਿਊਜ਼ਿਨ) ਨੂੰ 150 ਲਿਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿਚ ਘੋਲ ਕ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਛਿੜਕਾ ਕਰੋ *ਨ.... (Read More)
ਸ੍ਰੀ ਮਾਨ ਜੀ ਕਣਕ ਵਿੱਚ ਨਦੀਨਾਂ ਦੀ ਸੁਚੱਜੀ ਰੋਕਥਾਮ ਦੇ ਲਈ ਤੁਸੀ axil ਜਾਂ ਫੇਰ total ਜਾਂ markpower ਵਿਚੋਂ ਕਿਸੇ ਇਕ ਦੀ ਸਪਰੇਅ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਜੀ ਪਰ ਇਹ ਸਪਰੇਅ ਕਰਨ ਵੇਲੇ ਖੇਤ ਦੇ ਵਿਚ ਗਿੱਲ ਹੋਣਾਂ ਜਰੂਰੀ ਹੈ ਜੇ ਥੋਡੇ ਇਹਨਾਂ ਨਦੀਨ ਨਾਸ਼ਕਾਂ ਨਾਲ ਗੁੱਲੀ ਡੰਡਾ ਨਹੀਂ ਮਰਿਆ ਤਾਂ ਤੁਸੀ 200 ਗ੍ਰਾਮ ਸ਼ਗਨ 21-11 (ਕਲੋਡੀਨਾਫੌਪ+ਮੈਟਰੀਬਿਊਜ਼ਿਨ) ਨੂੰ 150 ਲਿਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿਚ ਘੋਲ ਕ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਛਿੜਕਾ ਕਰੋ *ਨੋਟ* 1.ਸ਼ਗਨ 21-11 ਨੂੰ pbw 550 ਤੇ ਉਨਤ pbw550 ਵਿਚ ਨਾ ਛਿੜਕੋ 2. ਸਗਨ 21-11 ਦਾ ਹਲਕੀਆਂ ਜਮੀਨਾ ਵਿਚ ਛਿੜਕਾ ਨਾ ਕਰੋ 3.ਵਡਾਣਕ ਕਣਕ ਵਿਚ ਸ਼ਗਨ 21-11 ਨਾ ਵਰਤੋਂ 4.ਟੋਟਲ/ ਮਾਰਕਪਾਵਰ ਵਾਲੇ ਖੇਤਾਂ ਵਿੱਚ ਚਰ੍ਹੀ (ਜਵਾਰ) ਅਤੇ ਮੱਕੀ ਨਾ ਬੀਜੋ

Posted by salman
Uttar Pradesh
29-12-2019 09:25 PM
खुम्ब की किस्में कई प्रकार की होती है जैसे कि बटन खुम्ब, डीगरी, शटाकी खुम्ब, पराली खुम्ब, और मिलकी खुम्ब इनमे से कुइ खुम्ब सर्दियो के मौसम में और कुछ गर्मीयों के मौसम में लगाये जाते है और हर खुम्ब को लगाने का समय अलग अलग है जैसे बटन खुम्ब का समय सितंबर से मार्च तक होता है इस समय में हम तीन फसले ले सकते है शटाकी ख.... (Read More)
खुम्ब की किस्में कई प्रकार की होती है जैसे कि बटन खुम्ब, डीगरी, शटाकी खुम्ब, पराली खुम्ब, और मिलकी खुम्ब इनमे से कुइ खुम्ब सर्दियो के मौसम में और कुछ गर्मीयों के मौसम में लगाये जाते है और हर खुम्ब को लगाने का समय अलग अलग है जैसे बटन खुम्ब का समय सितंबर से मार्च तक होता है इस समय में हम तीन फसले ले सकते है शटाकी खुम्ब का समय अक्तूबर से मध्य फरवरी तक हैं इस समय हम एक फसल ही ले सकते है पराली खुम्ब का समय अप्रैल से अगस्त तक है इस समय हम चार फसले ले सकते है मिलकी खुम्ब का समय अप्रैल से सितंबर तक है आप अब अप्रैल में मिलकी या पराली खुम्ब लगा सकते है पराली खुमब के लिए आपको पराली, बीज, बांस, सेबा, आदि की जरूरत है पराली के पूले, धानो की पराली 1-1 किलो के पूले दोनो सिरो से सेबे से बांध कर तैयार किये जाते है पूले के सिरे कांट कर एक सार कर लिए जाते है पूलो की क्यिारी लगाना पराली के पूलो को साफ पानी में 16-20 घंटो के लिए डूबो दे गिले पूलो को ढलान पर रख कर फालतू पानी को निकलने दे कमरे ईटो और बांस से एक पलेटफार्म बनाये इस पलेटफार्म पर 5 पूलो की एक तहय लगाये जिसके ऊपर 75 ग्राम बीज डाले इसके ऊपर की तहय उलट होती है इस प्रकार 5-5 पूलो की तहय में 300 ग्राम बीज डाल कर कियारी तैयार करे सबसे ऊपर दो पूलो को खोलकर रख दे खुम्बो का फूटना बिजाई से 7-9 दिनो के बाद खुम्ब फूटने लगती है पानी और हवा का संचार बिजाई के दो दिन के बाद हर रोज पानी का छिडका करे खुम्बो के फूटने के बाद हवा का संचार 6-8 घंटे प्रति दिन किया जाता है खुम्बो की तूडाई खुम्बो के फूटने के बाद 1-2 दिनो के बाद तोडाई के योग्य हो जाती है मिलकी खुम्ब मिलकी खुम्ब के लिए तूडी, बीज, मोमी लिफाफे, सेबा, केसिंग,मिट्टी आदि होने चाहिये तूडी की तैयारी सूकी तूडी को पक्के फर्श पर बिछा कर 16-20 घंटे पानी से गिला करे गिली तूडी को बोरी में भर कर सेबे से बांध दे इस बोरी को उबलते पानी में 45-50 मिनट रखें तूडी को निकालकर पक्के फर्श पर बिछा कर ठंडा करे यह तूडी बिजाई के लिए तैयार है बिजाई ठंडी तूडी में बीज मिलाकर मोमी लिफाफो में भर दें एक मोमी लिफाफें में लगभग 2 किलो गिली तूडी और 70-80 ग्राम बीज पडता है लिफाफे के मुंह को सेबे से अच्छी तरह बांध कर कमरे में रख दे केसिंग बिजाई के दो तीन हफतो के बाद लिफाफे खोलकर केसिंग की 1-1.5 की तहय लगा दें केसिंग में तूडी और रेतली मिट्टी होती है 24 घंटो के लिए 4 प्रतिशत फारमलेन के घोल से जीवाणु रहित किया जाता है खुम्बो का फूटना केसिंग मिट्टी डालने के लगभग दो हफतो में खुम्बो के छोटे छोटे किणके निकलने शुरू हो जाते है और 4-5 दिन के बाद तोडने योग्य हो जाते है खुम्बो की तूडाई लगभग 35-40 दिनो तक की जाती है

Posted by niraj kumar
Bihar
29-12-2019 09:12 PM
मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजि.... (Read More)
मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजित किया जा रहा है प्रशिक्षण कार्य कर्म में भाग लेने के लिए नीचे दिए गए नम्बर पर आज ही संपर्क करें और Rs 250/ से अपना रजिस्ट्रेशन करवाए अचल सिंह (फाउंडर )- 9711858258. धन्यवाद
Posted by Prince Singh Bamniya
Punjab
29-12-2019 09:08 PM
ਜੇਕਰ ਤੁਸੀ ਡੇਅਰੀ ਲੋਨ ਲੈਣਾ ਹੈ ਤਾਂ ਡੇਅਰੀ ਦੀ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਲਵੋ ਉਹ ਸਹੀ ਰਹੇਗਾ ਜੀ, ਉਸ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਵਿਚ ਤੁਹਾਨੂੰ ਲੋਨ ਵਾਰੇ ਸਾਰੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਦਿਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਡੇਅਰੀ ਦੀ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਲਈ ਪੰਜਾਬ ਡੇਅਰੀ ਵਿਕਾਸ ਬੋਰਡ ਵੱਲੋਂ ਬਹੁਤ ਸਾਰੇ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਸੈਂਟਰ ਬਣਾਏ ਗਏ ਹਨ, ਤੁਸੀ ਸਾਡੇ ਪੰਜਾਬ ਡੇਅਰੀ ਡਿਵੈਲਪਮੈਂਟ ਬੋਰਡ ਦੇ ਮੁੱਖ ਦਫਤਰ ਦੇ 0172-5027285 ਨੰਬਰ ਤੇ ਕਾਲ ਕਰਕੇ ਆਪਣਾ ਏਰੀਆ ਦੱਸ .... (Read More)
ਜੇਕਰ ਤੁਸੀ ਡੇਅਰੀ ਲੋਨ ਲੈਣਾ ਹੈ ਤਾਂ ਡੇਅਰੀ ਦੀ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਲਵੋ ਉਹ ਸਹੀ ਰਹੇਗਾ ਜੀ, ਉਸ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਵਿਚ ਤੁਹਾਨੂੰ ਲੋਨ ਵਾਰੇ ਸਾਰੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਦਿਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਡੇਅਰੀ ਦੀ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਲਈ ਪੰਜਾਬ ਡੇਅਰੀ ਵਿਕਾਸ ਬੋਰਡ ਵੱਲੋਂ ਬਹੁਤ ਸਾਰੇ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਸੈਂਟਰ ਬਣਾਏ ਗਏ ਹਨ, ਤੁਸੀ ਸਾਡੇ ਪੰਜਾਬ ਡੇਅਰੀ ਡਿਵੈਲਪਮੈਂਟ ਬੋਰਡ ਦੇ ਮੁੱਖ ਦਫਤਰ ਦੇ 0172-5027285 ਨੰਬਰ ਤੇ ਕਾਲ ਕਰਕੇ ਆਪਣਾ ਏਰੀਆ ਦੱਸ ਕੇ ਆਪਣੇ ਨਜ਼ਦੀਕੀ ਟ੍ਰੈਨਿੰਗ ਸੈਂਟਰ ਦਾ ਪਤਾ ਪੁੱਛ ਸਕਦੇ ਹੋ ਜਦੋਂ ਤੁਹਾਨੂੰ ਸਰਟੀਫਿਕੇਟ ਮਿਲ ਗਿਆ ਫਿਰ ਤੁਸੀ ਪਸ਼ੂ ਪਾਲਣ ਵਿਭਾਗ ਨਾਲ ਗੱਲ ਕਰੋ ਤੇ ਲੋਨ ਲਈ ਫਾਈਲ ਤਿਆਰ ਕਰਵਾਓ, ਬਾਕੀ ਇਸ ਵੀਡੀਓ ਵਿੱਚ ਪਸ਼ੂਆਂ ਤੇ ਲੋਨ ਲੈਣ ਦਾ ਤਰੀਕਾ ਬਾਰੇ ਡਿਟੇਲ ਨਾਲ ਦੱਸਿਆ ਗਿਆ ਹੈ ਜੀ, ਤੁਸੀ ਇਹ ਵੀਡੀਓ ਦੇਖੋ ਤੇ ਜੇਕਰ ਕਿਸੇ ਗੱਲ ਦੀ ਸਮਝ ਨਹੀ ਲੱਗੀ ਤਾਂ ਤੁਸੀ ਦੁਬਾਰਾ ਸਵਾਲ ਪੋਸਟ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਜੀ https://youtu.be/L9dsW7iAdgw

Posted by shyam
Uttar Pradesh
29-12-2019 09:03 PM
shyam ji kripya aap iski photo bheje taki aapko iske bare men poori jankari di ja sake dhanywad

Posted by amarpal singh
Punjab
29-12-2019 08:59 PM
ਅਮਰਪਾਲ ਜੀ ਕਿਰਪਾ ਕਰਕੇ ਦੱਸੋ ਕਿ ਤੁਹਾਡੇ ਕੋਲ ਕਿੰਨੇ ਏਕੜ ਜਮੀਨ ਹੈ ਤਾ ਜੋ ਤੁਹਾਨੂੰ ਉਸਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਟਰੈਕਟਰ ਬਾਰੇ ਸੁਝਾਅ ਦਿੱਤੋ ਜਾ ਸਕੇ ਧੰਨਵਾਦ

Posted by ved prakash
Uttar Pradesh
29-12-2019 08:53 PM
ved prakash ji yeh Possible nahi hai ji Live oyster export nahi kar sakte ji. yeh to chori se lana hoga ji.
Posted by Sukhpalbir Singh
Punjab
29-12-2019 08:51 PM
Tuci uss nu Dozliv liquid 50-50ml swere sham, Tonakind gold powder 25-25gm swere sham ate iss nu Tincal injection 20ml, Metphos injection 20ml, Mecovet plane injection 15ml nu 3 din lgwao, iss nal frak paa jawega.

Posted by sanju
Rajasthan
29-12-2019 08:51 PM
mirch ko sardi se bchane ke liye aap ise halki sinchai karen.dhanywad

Posted by Lovepreet singh
Punjab
29-12-2019 08:50 PM
Lovepreet ji ehh jersey cross nasal di cow hai..

Posted by hashim khan
Madhya Pradesh
29-12-2019 08:42 PM
hasim ji kripya aap iski photo bheje taki aapko iske bare men poori jankari di ja sake,dhanywad

Posted by manjinder singh
Punjab
29-12-2019 08:37 PM
ਸ੍ਰੀ ਮਾਨ ਜੀ ਸਾਡੀ ਝੋਟੀ 1ਮਹੀਨੇ ਦੀ ਆਸ ਕਰਵਾਈ ਹੋਈ ਹੈ ਅਸੀਂ ਉਸ ਨੂੰ ਘਰੇਲੂ ਨੁਸਖੇ ਨਾਲ ਕਿਵੇਂ ਚੈੱਕ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹਾਂ ?
ਇਸ ਤਰੀਕੇ ਅਨੁਸਾਰ ਜਦੋਂ ਪਸ਼ੂ ਨੂੰ ਕਰੌਸ ਕਰਵਾਇਆ ਜਾਂ ਟੀਕਾ ਭਰਾਇਆ 40 ਦਿਨ ਹੋ ਜਾਣ ਤਾਂ ਉਸ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਪਸ਼ੂ ਦੇ ਪਿਸ਼ਾਬ ਨੁੂੰ ਖੁੱਲੇ ਬਰਤਨ ਵਿੱਚ ਪਾ ਲਵੋ ਤੇ ਉਸ ਵਿੱਚ 1 ਚੱਮਚ ਸਰੋਂ ਦਾ ਤੇਲ ਪਾ ਦਿਓ ਇਸ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਧਿਆਨ ਨਾਲ ਚੈੱਕ ਕਰੋ ਕਿ ਜੇਕਰ ਸਰੌ ਦਾ ਤੇਲ ਉਸ ਵਿੱਚ ਇੱਕ ਟਿੱਕੀ ਦੀ ਤਰਾਂ ਜੰਮ ਜਾਵੇ ਤਾਂ ਪਸ਼ੂ ਠਹਿਰ (ਗੱਭਣ) ਗਿਆ ਹੈ ਪਰ ਜੇਕਰ ਤੇਲ ਦੀਆਂ ਬੂੰਦਾਂ ਬਿੱਖਰ ਜਾਣ ਤਾਂ .... (Read More)
ਇਸ ਤਰੀਕੇ ਅਨੁਸਾਰ ਜਦੋਂ ਪਸ਼ੂ ਨੂੰ ਕਰੌਸ ਕਰਵਾਇਆ ਜਾਂ ਟੀਕਾ ਭਰਾਇਆ 40 ਦਿਨ ਹੋ ਜਾਣ ਤਾਂ ਉਸ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਪਸ਼ੂ ਦੇ ਪਿਸ਼ਾਬ ਨੁੂੰ ਖੁੱਲੇ ਬਰਤਨ ਵਿੱਚ ਪਾ ਲਵੋ ਤੇ ਉਸ ਵਿੱਚ 1 ਚੱਮਚ ਸਰੋਂ ਦਾ ਤੇਲ ਪਾ ਦਿਓ ਇਸ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਧਿਆਨ ਨਾਲ ਚੈੱਕ ਕਰੋ ਕਿ ਜੇਕਰ ਸਰੌ ਦਾ ਤੇਲ ਉਸ ਵਿੱਚ ਇੱਕ ਟਿੱਕੀ ਦੀ ਤਰਾਂ ਜੰਮ ਜਾਵੇ ਤਾਂ ਪਸ਼ੂ ਠਹਿਰ (ਗੱਭਣ) ਗਿਆ ਹੈ ਪਰ ਜੇਕਰ ਤੇਲ ਦੀਆਂ ਬੂੰਦਾਂ ਬਿੱਖਰ ਜਾਣ ਤਾਂ ਸਮਝ ਲਵੋਂ ਕਿ ਪਸ਼ੂ ਖਾਲੀ ਹੈ

Posted by malkit singh
Punjab
29-12-2019 08:24 PM
tuci uss nu Buffzon powder 50gm rojana deo ate mithe soda 25gm rojana dena suru kro, iss nal frak paa jawega.

Posted by lovepreet Singh
Punjab
29-12-2019 08:21 PM
Lovepreet ji tuci chuuai ton badd thnna nu betadine dwai vich dubbo deya kro, iss nal thnna dia bimaria ton bacha rehnda hai.
Posted by Bhalaji Birla
Madhya Pradesh
29-12-2019 08:17 PM
बारानी क्षेत्रों के लिए, नाइट्रोजन 50 किलो (110 किलो यूरिया), फासफोरस 16 किलो (सिंगल सुपर फासफेट 100 किलो) और पोटाश 20 किलो (म्यूरेट ऑफ पोटाश 35 किलो) प्रति एकड़ डालें नाइट्रोजन की आधी मात्रा, फासफोरस और पोटाश की पूरी मात्रा पनीरी खेत में लगाने के समय डालें रोपाई के बाद बाकी बची नाइट्रोजन दो बराबर हिस्सों में 30वें और 50वे.... (Read More)
बारानी क्षेत्रों के लिए, नाइट्रोजन 50 किलो (110 किलो यूरिया), फासफोरस 16 किलो (सिंगल सुपर फासफेट 100 किलो) और पोटाश 20 किलो (म्यूरेट ऑफ पोटाश 35 किलो) प्रति एकड़ डालें नाइट्रोजन की आधी मात्रा, फासफोरस और पोटाश की पूरी मात्रा पनीरी खेत में लगाने के समय डालें रोपाई के बाद बाकी बची नाइट्रोजन दो बराबर हिस्सों में 30वें और 50वें दिन डालें
सिंचित क्षेत्रों के लिए, नाइट्रोजन 84 किलो (182 किलो यूरिया), फासफोरस 24 किलो (सिंगल सुपर फासफेट 150 किलो) और पोटाश 24 किलो (म्यूरेट ऑफ पोटाश 40 किलो) प्रति एकड़ डालें रोपाई से पहले 24 किलो नाइट्रोजन (यूरिया 52 किलो), फासफोरस की पूरी मात्रा और पोटाश की आधी मात्रा प्रति एकड़ में डालें बाकी बची नाइट्रोजन को पांच भागों में बांटें और पोटाश को तीन बराबर भागों में बांटें नाइट्रोजन 12 किलो (यूरिया 26 किलो) को बिजाई के बाद 45वें, 60वें, 75वें, 95वें और 115वें दिन डालें और पोटाश 4 किलो को बिजाई के बाद 45वें, 60वें, और 75वें दिन डालें

Posted by Mandeep Singh Rayia
Punjab
29-12-2019 08:16 PM
ਸ੍ਰੀ ਮਾਨ ਜੀ ਕਣਕ ਵਿੱਚ ਨਦੀਨਾਂ ਦੀ ਸੁਚੱਜੀ ਰੋਕਥਾਮ ਦੇ ਲਈ ਤੁਸੀ axil ਜਾਂ ਫੇਰ total ਜਾਂ markpower ਵਿਚੋਂ ਕਿਸੇ ਇਕ ਦੀ ਸਪਰੇਅ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਜੀ ਪਰ ਇਹ ਸਪਰੇਅ ਕਰਨ ਵੇਲੇ ਖੇਤ ਦੇ ਵਿਚ ਗਿੱਲ ਹੋਣਾਂ ਜਰੂਰੀ ਹੈ ਜੇ ਥੋਡੇ ਇਹਨਾਂ ਨਦੀਨ ਨਾਸ਼ਕਾਂ ਨਾਲ ਗੁੱਲੀ ਡੰਡਾ ਨਹੀਂ ਮਰਿਆ ਤਾਂ ਤੁਸੀ 200 ਗ੍ਰਾਮ ਸ਼ਗਨ 21-11 (ਕਲੋਡੀਨਾਫੌਪ+ਮੈਟਰੀਬਿਊਜ਼ਿਨ) ਨੂੰ 150 ਲਿਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿਚ ਘੋਲ ਕ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਛਿੜਕਾ ਕਰੋ *ਨ.... (Read More)
ਸ੍ਰੀ ਮਾਨ ਜੀ ਕਣਕ ਵਿੱਚ ਨਦੀਨਾਂ ਦੀ ਸੁਚੱਜੀ ਰੋਕਥਾਮ ਦੇ ਲਈ ਤੁਸੀ axil ਜਾਂ ਫੇਰ total ਜਾਂ markpower ਵਿਚੋਂ ਕਿਸੇ ਇਕ ਦੀ ਸਪਰੇਅ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਜੀ ਪਰ ਇਹ ਸਪਰੇਅ ਕਰਨ ਵੇਲੇ ਖੇਤ ਦੇ ਵਿਚ ਗਿੱਲ ਹੋਣਾਂ ਜਰੂਰੀ ਹੈ ਜੇ ਥੋਡੇ ਇਹਨਾਂ ਨਦੀਨ ਨਾਸ਼ਕਾਂ ਨਾਲ ਗੁੱਲੀ ਡੰਡਾ ਨਹੀਂ ਮਰਿਆ ਤਾਂ ਤੁਸੀ 200 ਗ੍ਰਾਮ ਸ਼ਗਨ 21-11 (ਕਲੋਡੀਨਾਫੌਪ+ਮੈਟਰੀਬਿਊਜ਼ਿਨ) ਨੂੰ 150 ਲਿਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿਚ ਘੋਲ ਕ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਛਿੜਕਾ ਕਰੋ *ਨੋਟ* 1.ਸ਼ਗਨ 21-11 ਨੂੰ pbw 550 ਤੇ ਉਨਤ pbw550 ਵਿਚ ਨਾ ਛਿੜਕੋ 2. ਸਗਨ 21-11 ਦਾ ਹਲਕੀਆਂ ਜਮੀਨਾ ਵਿਚ ਛਿੜਕਾ ਨਾ ਕਰੋ 3.ਵਡਾਣਕ ਕਣਕ ਵਿਚ ਸ਼ਗਨ 21-11 ਨਾ ਵਰਤੋਂ 4.ਟੋਟਲ/ ਮਾਰਕਪਾਵਰ ਵਾਲੇ ਖੇਤਾਂ ਵਿੱਚ ਚਰ੍ਹੀ (ਜਵਾਰ) ਅਤੇ ਮੱਕੀ ਨਾ ਬੀਜੋ
Posted by JASPREET SINGH
Punjab
29-12-2019 08:15 PM
tuci uss nu nazdiki doctor ton check krwao ji kyuki usdi janch krke sahi ilagg howega.
Posted by Gurjeet Singh
Punjab
29-12-2019 08:12 PM
Gurjeet ji pashu da temp low hoon te uss nu khand 500gm ate namak de 4 chamch nu garam pani vich gholl ke pilla deo, iss nal frak paa jawega.
Posted by JASPREET SINGH
Punjab
29-12-2019 08:09 PM
ਜੇਕਰ ਗਾਂ ਵਾਰ ਵਾਰ ਰਪੀਟ ਹੋ ਰਹੀ ਹੈ ਤਾਂ ਤੁਸੀ ਉਸਦੀ ਬੱਚੇਦਾਨੀ ਵਿਚ Metricef-IU ਦਵਾਈ ਦੋ ਦਿਨ ਲਗਾਤਾਰ ਭਰਵਾਓ ਅਤੇ ਉਸ ਨੂੰ Minfa gold ਪਾਊਡਰ 100 ਗ੍ਰਾਮ ਰੋਜਾਨਾ ਅਤੇ PG care bolus ਰੋਜਾਨਾ ਇਕ ਗੋਲੀ ਦਿਓ ਅਤੇ 21 ਦਿਨ ਤਕ ਦਿਓ, ਫਿਰ ਅਗਲੀ ਵਾਰ ਦੁਬਾਰਾ ਹੀਟ ਵਿਚ ਆਉਣ ਤੇ ਉਸ ਨੂੰ ਟੀਕਾ ਭਰਵਾਓ, ਟੀਕਾ ਭਰਵਾਕੇ ਤੁਸੀ ਉਸ ਨੂੰ Receptel injection 5ml IV ਲਗਵਾਓ

Posted by ashok malwal
Haryana
29-12-2019 08:07 PM
तरबूज भारत में एक महत्वपूर्ण ककड़ी की सब्जी है यह एक उत्कृष्ट रेगिस्तान फल है और इसके रस में प्रोटीन, खनिज और कार्बोहाइड्रेट के साथ 92% पानी होता है तरबूज राजस्थान, गुजरात, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और आंध्र प्रदेश की प्रमुख नदी-फसल है इसकी किस्मे जैसे के Arka Jyoti, Arka Manik, Durgapur Kesar, Durgapur Lal, Durgapur Meetha, Improved Shipper, Pusa Bedane, Special No 1, Charl Stan Gray की ब.... (Read More)
तरबूज भारत में एक महत्वपूर्ण ककड़ी की सब्जी है यह एक उत्कृष्ट रेगिस्तान फल है और इसके रस में प्रोटीन, खनिज और कार्बोहाइड्रेट के साथ 92% पानी होता है तरबूज राजस्थान, गुजरात, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और आंध्र प्रदेश की प्रमुख नदी-फसल है इसकी किस्मे जैसे के Arka Jyoti, Arka Manik, Durgapur Kesar, Durgapur Lal, Durgapur Meetha, Improved Shipper, Pusa Bedane, Special No 1, Charl Stan Gray की बिजाई कर सकते हो तरबूज गहरी उपजाऊ और अच्छी तरह से सूखा मिट्टी में अच्छी तरह से बढ़ता है यह सबसे अच्छा परिणाम देता है जब रेतीले या रेतीले दोमट मिट्टी पर उगाया जाता है खराब जल निकासी क्षमता वाली मिट्टी तरबूज की खेती के लिए अनुकूल नहीं है एक ही खेत पर एक ही फसल के लगातार उगने से फसल के घूमने का पालन करने से पोषक तत्वों की हानि, खराब उपज और अधिक रोग का हमला होता है मिट्टी का पीएच 6-7 के बीच होना चाहिए भूमि की जुताई करें और बारीक तिलक लगाएं तरबूज को सीधे नर्सरी में उगाया जा सकता है या फिर मुख्य खेत में प्रत्यारोपित किया जा सकता है तरबूज की खेती के लिए इष्टतम समय फरवरी के मध्य से मार्च के मध्य तक है बुवाई विधि के आधार पर रिक्ति भिन्न हो सकती है गड्ढे की विधि में पंक्ति से पंक्ति की दूरी 2-3.5 मी और दो पौधे के बीच 0.6-1.2 मी -4 सेमी की गहराई पर बीज बोएं बुवाई के विभिन्न तरीकों जैसे फुर्रो विधि, पिट विधि और पहाड़ी विधि का उपयोग जलवायु और मौसम के आधार पर किया जा सकता है फ़रो विधि: बुवाई फ़ुर्रों के दोनों ओर की जाती है एक बार में 3-4 बीज बोना (अंकुरण के बाद केवल स्वस्थ अंकुर रखना) और पौधे को पौधे से 60-90 सेमी की दूरी पर रखें पिट विधि: गड्ढे में 4 बोया हुआ बीज इसके लिए दो पंक्तियों के बीच 2-3.5 मीटर की दूरी पर और पौधे के बीच 0.6-1.2 मीटर की दूरी पर 60x60x60 सेमी के गड्ढे बनाएं अच्छी तरह से विघटित गोबर और मिट्टी के साथ गड्ढे भरें अंकुरण के बाद केवल एक अंकुर रखें पहाड़ी विधि: पिट विधि के समान इसमें 30x30x30 सेमी गड्ढों के गड्ढे को 1-1.5 मी की दूरी पर बनाया जाता है दो बीज प्रति पहाड़ी बोए जाते हैं एक एकड़ भूमि की बुवाई के लिए 1.5 से 2 किलोग्राम बीज की आवश्यकता होती है बुवाई से पहले कार्बेन्डिज़िम @ 2 ग्राम / किलोग्राम बीज से बीज उपचारित करें रासायनिक उपचार के बाद ट्राइकोडर्मा विरिडी @ 4 ग्राम प्रति किलोग्राम बीज के हिसाब से बीज डालें बीज को छाया में सुखाएं और फिर तुरंत बुवाई करें बुवाई से 20-25 दिन पहले, फार्म यार्ड खाद या अच्छी तरह से विघटित गोबर @ 6 टन प्रति एकड़ की दर से लगाएं और मिट्टी में अच्छी तरह मिलाएं तरबूज के लिए नाइट्रोजन @ 20 किग्रा, फास्फोरस @ 10 किग्रा और पोटाश @ 10 किग्रा यूरिया @ 45 किग्रा, सिंगल सुपर फास्फेट @ 65 किग्रा और म्यूरिएट ऑफ पोटाश @ 18 किग्रा प्रति एकड़ की आवश्यकता होती है बीज बोने के समय फास्फोरस, पोटाश की पूरी मात्रा और नाइट्रोजन की एक तिहाई मात्रा लगाएँ नाइट्रोजन आधार की शेष खुराक लागू करें, 30-45 दिनों के बाद बेलों के पास बुवाई करें, इसे छूने से बचें और मिट्टी में अच्छी तरह मिलाएं वृद्धि के प्रारंभिक चरण के दौरान बिस्तर को खरपतवार मुक्त रखें उचित नियंत्रण उपायों की अनुपस्थिति में, खरपतवार 30% की उपज हानि का कारण बन सकता है बुवाई के 15-20 दिन बाद, आपस में जुड़े हुए ऑपरेशन करें मातम की गंभीरता और तीव्रता के आधार पर, दो से तीन निराई की आवश्यकता होती है बीजों के त्वरित अंकुरण के लिए बुवाई के तुरंत बाद सिंचाई करें शेष सिंचाई 5-7 दिनों के अंतराल पर करें परिपक्वता के समय जरूरत पड़ने पर ही सिंचाई करें सिंचाई के समय भी सिंचाई से बचें, बेलों या वानस्पतिक भागों को गीला नहीं करना चाहिए, विशेष रूप से फूलों और फलों के सेट के दौरान बेहतर स्वाद के लिए, बेहतर मिठास पाने के लिए; कटाई से ३-६ दिन पहले सिंचाई बंद कर दें या पानी देना कम कर दें धन्यवाद

Posted by Balbir Singh Bhaura
Punjab
29-12-2019 08:07 PM
Kindly ask your question in detail, so we can provide you the exact information.

Posted by Balbir Singh Bhaura
Punjab
29-12-2019 08:03 PM
Sir, varieties of papaya such as Red Lady, Punjab Sweet, Pusa Delicious, Pusa Dwarf, Honey Dew can be cultivated . for getting plants please contact Mr. Nishan Singh Kachoora 9927994011 Kachoora Farm, Seeds are sown in second week of July to third week of September and transplanting is done from first week of September to mid-October.Use plant to plant spacing of 1.5 X 1.5m. 1cm deep seeds are sown. if you are going to plant a orchard you can use drip irrigation method, thank you

Posted by gurwinder singh
Punjab
29-12-2019 07:48 PM
gurwinder ji kirpa karke swal vistar nal pucho ta jo tuhanu is bare poori jankari diti ja sake,dhanwad
Posted by sonu gujjar
Uttar Pradesh
29-12-2019 07:46 PM
सागवान को टीक भी कहा जाता है Konni Teak, West African teak, Godhavari Teak, South and Central American Teak, Nilambur or Malabar Teak इसकी किस्में हैं जो लगाई जा सकती हैं मिट्टी के भुरभुरा बनाने के लिए खेत की 2-3 बार जोताई करें मिट्टी को समतल करें ताकि खेत में पानी खड़ा ना हो सके नए पौधों की रोपाई के लिए 45x45x45 सैं.मी. के फासले पर गड्ढे खोदे प्रत्येक गड्ढे में गली हुई रूड़ी की खा.... (Read More)
सागवान को टीक भी कहा जाता है Konni Teak, West African teak, Godhavari Teak, South and Central American Teak, Nilambur or Malabar Teak इसकी किस्में हैं जो लगाई जा सकती हैं मिट्टी के भुरभुरा बनाने के लिए खेत की 2-3 बार जोताई करें मिट्टी को समतल करें ताकि खेत में पानी खड़ा ना हो सके नए पौधों की रोपाई के लिए 45x45x45 सैं.मी. के फासले पर गड्ढे खोदे प्रत्येक गड्ढे में गली हुई रूड़ी की खाद के साथ कीटनाशी डालें बीजों को नर्सरी बैड में बोया जाता है रोपाई के लिए 12-15 महीने के नए पौधों का प्रयोग करें टिशू प्रजनन ग्राफ्टिंग, जड़, तने काट कर और micro छोटे प्रजनन द्वारा किया जाता है रोपाई के लिए पूर्व अंकुरन पौधों का प्रयोग किया जाता है मॉनसून का मौसम सागवान की रोपाई के लिए सबसे अच्छा मौसम होता है रोपाई के लिए 2x2 या 2.5x2.5 या 3x3 मीटर के फासले रखा जाता है जब अंतर-फसली अपनाई हो, तो 4x4 मीटर या 5.x5 मीटर फासला रखें सागवान की रोपाई के लिए पूर्व अंकुरित पौधों का प्रयोग करें 45x45x45 सैं.मी. के गड्ढे बनाएं प्रत्येक गड्ढे में गली हुई रूड़ी की खाद और मिट्टी डालें एक एकड़ में रोपाई के लिए लगभग 1500-1800 clones का प्रयोग करें हर साल अगस्त और सितंबर महीने में 50 ग्राम प्रति पौधे में पहले तीन वर्ष डालें जब वृक्ष कटाई की अवस्था पर पहुंच जाये तब उस वृक्ष को निशान लगायें और इसकी रिपोर्ट चीफ रीज़नल फोरैस्ट्री ऑफिस में दें अनुमति मिलने के बाद कटाई की जा सकती है सागवान की खेती सबसे ज्यादा लाभदायक होती है क्योंकि इसकी भारत के साथ साथ विदेशों में भी भारी मांग है एक 14 वर्ष का सागवान का वृक्ष 10-15 घन फीट की लकड़ी प्रदान करता है

Posted by Harman Sidhu
Chattisgarh
29-12-2019 07:45 PM
harman ji kirpa karke daso ke tuc isnu pehlan koi sprya kiti hai jekar nahi kiti ta tuc khet vich chaude pattea di rokthem de layi 2,4 D di varto kar sakde ho.isdi matra 250ml nu prati acre de hisab nal spray karo.

Posted by Yash Choudhary
Rajasthan
29-12-2019 07:42 PM
श्री मान गेहूं की फोटो भेजें ताकि आपको सही जानकारी दी जा सके

Posted by Harman Sidhu
Chattisgarh
29-12-2019 07:42 PM
Shri maan g mattar di growth lyi NPK 19:19:19@1kg 150ltr pani ch mila ke spray kr skde ho......
Posted by om kumar
Punjab
29-12-2019 07:41 PM
Shriman ji, bamboo diya 2 kisma lagiyan jandiyan han Thamnocalamus falconeri, Thamnocalamus spathiflorus, punjjab vich bamboo di kheti commercial level te nahi kiti jandi hai, isdi kheti kisan apne use lai hi karde han , isde podhe len lai tuc Mr Hass Yadav 9911185286 The Global Nursery de nal samparak kar sakde ho, dhanwad

Posted by Satyendra Pandey
Uttar Pradesh
29-12-2019 07:41 PM
Satyendra Pandey to get all information about Contract Farming you can contact with Aushadhiya kheti vikas sansthan 6268536795, Thankyou.

Posted by Balwinder Kumar Saharan
Punjab
29-12-2019 07:41 PM
Shri maan g kaddu vich M-45@500 gm per acre spray kr skde ho......

Posted by Abhijeet Singh
Uttar Pradesh
29-12-2019 07:37 PM
abhijeet ji jab bhi kharpatvar ki spray ki jati hai to usk asar mukhya fasl pe bhi hota hai to aapko koi aur sprya karne ki jrurat nahi hai genhu ko bus uski jruri khaaden daalte rahe yeh growth karna shuru kar degi.dhanywad
Posted by vijay
Madhya Pradesh
29-12-2019 07:35 PM
Shri maan g lahsun ki photo bhejen toh aapko sahi jankari di ja ske......
Posted by Ram Singh Brar
Punjab
29-12-2019 07:28 PM
Ram ji kirpa karke swal vistar nal pucho ta jo tuhanu is bare poori jankari diti ja sake,dhanwad

Posted by Rajesh chauhan561977@gmail.com
Uttar Pradesh
29-12-2019 07:27 PM
सरसों के लिए तापमान 22 - 25 *C तक का हों चाहिए तिलहनी फसलों के लिए हल्की से भारी ज़मीनें अच्छी होती हैं राया हर तरह की ज़मीन में उगाया जा सकता है पर तोरिये के लिए भारी ज़मीनें चाहिए तारामीरा के लिए आमतौर पर रेतली से मैरा रेतली ज़मीनें अच्छी होती हैं इसकी किस्मे जैसे के Pusa अग्रणी, Pusa Mustard 21 ,Pusa Mustard 24 ,NPJ 112 ,Pusa Mustard 26 की बिजाई आप कर सकत.... (Read More)
सरसों के लिए तापमान 22 - 25 *C तक का हों चाहिए तिलहनी फसलों के लिए हल्की से भारी ज़मीनें अच्छी होती हैं राया हर तरह की ज़मीन में उगाया जा सकता है पर तोरिये के लिए भारी ज़मीनें चाहिए तारामीरा के लिए आमतौर पर रेतली से मैरा रेतली ज़मीनें अच्छी होती हैं इसकी किस्मे जैसे के Pusa अग्रणी, Pusa Mustard 21 ,Pusa Mustard 24 ,NPJ 112 ,Pusa Mustard 26 की बिजाई आप कर सकते है, सीड बैड पर बोयी फसल अच्छी अंकुरित होती है ज़मीन को देसी हल से दो या तीन बार जोताई करें और प्रत्येक जोताई के बाद सुहागा फेरें बीजों के एकसार अंकुरित होने के लिए बैड नर्म, गीले और समतल होने चाहिए सरसों की बिजाई का सही समय सितंबर से अक्तूबर है तोरिया फसल की लिए बिजाई सितंबर के पहले पखवाड़े से मध्य अक्तूबर तक कर लेनी चाहिए अफ्रीकी सरसों और तारामीरा की फसल अक्तूबर के आखिर तक बोयी जा सकती है राया फसल की बिजाई मध्य अक्तूबर से नवंबर के आखिर तक की जाती है जब तारामीरा को मुख्य फसल के बीच उगाया जाता है तो इसकी बिजाई मुख्य फसल पर निर्भर करती है तारामीरा-सरसों की बिजाई के लिए पंक्ति से पंक्ति का फासला 30 सैं.मी. और पौधे से पौधे का फासला 10 से 15 सैं.मी. रखें गोभी सरसों की बिजाई के लिए पंक्तियों का फासला 45 सैं.मी. और पौधे से पौधे का फासला 10 सैं.मी. रखें बीज 4-5 सैं.मी. गहरे बीजने चाहिए जब तारामीरा या सरसों अलग अलग उगाए जाते हैं तो बीज की मात्रा 1.5 किलोग्राम प्रति एकड़ की जरूरत होती है बिजाई के 3 सप्ताह बाद कमज़ोर पौधों को नष्ट कर दें और सेहतमंद पौधों को खेत में रहने दें बीज को मिट्टी के अंदरूनी कीटों और बीमारियों से बचाने के लिए बीजों को 3 ग्राम थीरम से प्रति किलो बीज के हिसाब से उपचार करें फसल की बिजाई सिंचाई के बाद करें अच्छी फसल लेने के लिए बिजाई के बाद तीन हफ्तों के फासले पर तीन सिंचाइयों की जरूरत होती है ज़मीन में नमी को बचाने के लिए जैविक खादों का अधिक प्रयोग करें खेत की तैयारी के समय 7-12 टन रूड़ी की खाद का प्रयोग करें खादों के सही प्रयोग के लिए मिट्टी की जांच करवायें अगर आप तोरिये की बिजाई करना चाहते है तो उसके लिए Urea की मात्रा 50 kg प्रति एकर डालें और SSP की मात्रा 55 kg प्रति एकर डालें और अगर आप गोभी सरसों यां राया बीजना चाहते है तोह urea की मात्रा 90 kg प्रति एकर डालें SSP की मात्रा 70 kg प्रति एकर डालें और murait of potash की मात्रा 10 kg प्रति एकर डालें नदीनों की रोकथाम के लिए 2 सप्ताह के फासले पर, जब नदीन कम हो 2-3 गोडाई करें तोरिये की फसल में नदीनों की रोकथाम के लिए फसल उगाने से पहले ट्राइफलूरालिन 400 मि.ली. को 200 लीटर पानी में डालकर प्रति एकड़ पर छिड़काव करें राया की फसल के लिए बिजाई से 2 दिन पहले या बिजाई के 25-30 दिन बाद आइसोप्रोटिउरॉन 75 डब्लयु पी 300 ग्राम को 200 लीटर पानी में डालकर प्रति एकड़ पर बिजाई के बाद स्प्रे करें धन्यवाद
Posted by Niraj patel
Uttar Pradesh
29-12-2019 07:25 PM
Niraj ji aap iske uper NPK 130045@10 gram ko prati litre pani ke hisab se spray karen,dhanywad
Posted by Gurjeet Singh
Punjab
29-12-2019 07:23 PM
ਤੁਸੀ ਓਹਨਾ ਨੂੰ ORT Calf ਦੇ 2 ਪਾਉਚ ਇਕ ਲੀਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿਚ ਮਿਲਾ ਕੇ 3-4 ਵਾਰ ਕਰਕੇ ਦਿਨ ਵਿਚ ਪਿਲਾਓ ਅਤੇ Tincal injection 5ml, Metphos injection 5ml ਲਗਵਾਓ, ਇਸ ਤਰ੍ਹਾਂ 3 ਦਿਨ ਲਗਵਾਓ ਇਸ ਨਾਲ ਫਰਕ ਪੈ ਜਾਵੇਗਾ..
Posted by jagraj singh
Punjab
29-12-2019 07:23 PM
ਤੁਸੀ ਉਸ ਨੂੰ ਪੇਟ ਦੇ ਕੀੜਿਆਂ ਲਈ Bendykind plus ਗੋਲੀ ਦਿਓ ਅਤੇ ਕਾਰਗਿਲ ਦੀ Heifer dry ਫੀਡ ਦੇਣੀ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ ਅਤੇ Cafplan ਪਾਊਡਰ 50 ਗ੍ਰਾਮ ਰੋਜਾਨਾ ਦਿਓ, ਇਸ ਨਾਲ ਵਧਿਆ ਗਰੋਥ ਹੋ ਜਾਵੇਗੀ..

Posted by jagseer singh
Punjab
29-12-2019 07:11 PM
Shri maan Dragon fruit ki kheti ke liye Dragon fruit ki kalmei lgayi jati hai ye ped gujrat mei hota hai eik acre mei takriban iski 1600 kalmei lagti hai aur in kalmo ko pehle gamle mei tyar kiya jata hai aur fir april se September tak kabhi bhi field mei lga skte hai aur eik kalam lagbhagg 70 rs ki ati hai. Adhik jaankari ke liye aap niche diye number par baat kr skte hain: vijay kumar -7065414241
Posted by Anil Kumar
Himachal Pradesh
29-12-2019 07:03 PM
बिजाई के लिए नाइट्रोजन 18 किलो (40 किलो यूरिया), फासफोरस 24 किलो (150 किलो सिंगल सुपर फासफेट) और पोटाश 24 किलो (म्यूरेट ऑफ पोटाश 40) की मात्रा प्रति एकड़ में प्रयोग करें खादों की पूरी मात्रा पंक्तियों में डाल दें

Posted by महबूब अली
Uttar Pradesh
29-12-2019 07:01 PM
महबूब जी कृपया बताये कि आप कौन से फूल की बिजाई के बारे में जानकारी लेना चाहते है ताकि आपको इसके बारे में पूरी जानकारी दी जा सके धन्यवाद
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