
Posted by जगदीश
Madhya Pradesh
30-12-2019 01:19 PM
जगदीश जी आप इसके ऊपर NPK 191919 @1 किलो को 150 लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे करें धन्यवाद
Posted by kuldeep
Haryana
30-12-2019 01:15 PM
श्रीमान जी, जौ के लिए सिंचित क्षेत्रों में नाइट्रोजन 25 किलो (यूरिया 55 किलो), फासफोरस 12 किलो (एस एस पी 75 किलो), पोटाश 6 किलो (म्यूरेट ऑफ पोटाश 10 किलो) प्रति एकड़ में डालें असिंचित क्षेत्रों में नाइट्रोजन 12 किलो (यूरिया 26 किलो), फासफोरस 6 किलो (एस एस पी 40 किलो), प्रति एकड़ में डालें बिजाई के शुरूआती समय में नाइट्रोजन की आधी .... (Read More)
श्रीमान जी, जौ के लिए सिंचित क्षेत्रों में नाइट्रोजन 25 किलो (यूरिया 55 किलो), फासफोरस 12 किलो (एस एस पी 75 किलो), पोटाश 6 किलो (म्यूरेट ऑफ पोटाश 10 किलो) प्रति एकड़ में डालें असिंचित क्षेत्रों में नाइट्रोजन 12 किलो (यूरिया 26 किलो), फासफोरस 6 किलो (एस एस पी 40 किलो), प्रति एकड़ में डालें बिजाई के शुरूआती समय में नाइट्रोजन की आधी मात्रा, फासफोरस और पोटाश की पूरी मात्रा डालें नाइट्रोजन की बाकी की मात्रा को पहली सिंचाई के समय डालें असिंचित क्षेत्रों में नाइट्रोजन और फासफोरस की पूरी मात्रा बिजाई के समय डालें जौं की फसल के लिए इसके जीवनकाल में 2-3 सिंचाइयों की जरूरत पड़ती है पानी की कमी होने से बालियां बनने के समय पैदावार पर बुरा असर पड़ता है अच्छी पैदावार के लिए मिट्टी में 50 प्रतिशत की नमी होनी चाहिए पहला पानी बिजाई के समय 25-30 दिनों के बाद लगाएं बालियां आने पर दूसरा पानी लगाएं धन्यवाद
Posted by kuldeep
Haryana
30-12-2019 01:14 PM
श्रीमान जी, जौ के लिए सिंचित क्षेत्रों में नाइट्रोजन 25 किलो (यूरिया 55 किलो), फासफोरस 12 किलो (एस एस पी 75 किलो), पोटाश 6 किलो (म्यूरेट ऑफ पोटाश 10 किलो) प्रति एकड़ में डालें असिंचित क्षेत्रों में नाइट्रोजन 12 किलो (यूरिया 26 किलो), फासफोरस 6 किलो (एस एस पी 40 किलो), प्रति एकड़ में डालें बिजाई के शुरूआती समय में नाइट्रोजन की आधी.... (Read More)
श्रीमान जी, जौ के लिए सिंचित क्षेत्रों में नाइट्रोजन 25 किलो (यूरिया 55 किलो), फासफोरस 12 किलो (एस एस पी 75 किलो), पोटाश 6 किलो (म्यूरेट ऑफ पोटाश 10 किलो) प्रति एकड़ में डालें असिंचित क्षेत्रों में नाइट्रोजन 12 किलो (यूरिया 26 किलो), फासफोरस 6 किलो (एस एस पी 40 किलो), प्रति एकड़ में डालें बिजाई के शुरूआती समय में नाइट्रोजन की आधी मात्रा, फासफोरस और पोटाश की पूरी मात्रा डालें नाइट्रोजन की बाकी की मात्रा को पहली सिंचाई के समय डालें असिंचित क्षेत्रों में नाइट्रोजन और फासफोरस की पूरी मात्रा बिजाई के समय डालें जौं की फसल के लिए इसके जीवनकाल में 2-3 सिंचाइयों की जरूरत पड़ती है पानी की कमी होने से बालियां बनने के समय पैदावार पर बुरा असर पड़ता है अच्छी पैदावार के लिए मिट्टी में 50 प्रतिशत की नमी होनी चाहिए पहला पानी बिजाई के समय 25-30 दिनों के बाद लगाएं बालियां आने पर दूसरा पानी लगाएं धन्यवाद

Posted by Sukhdev Singh
Punjab
30-12-2019 01:13 PM
ਸੁਖਦੇਵ ਜੀ ਕਿਰਪਾ ਕਰਕੇ ਫੋਟੋ ਦੁਬਾਰਾ ਭੇਜੋ ਤੁਹਾਡੇ ਵਲੋਂ ਭੇਜੀ ਗਈ ਫੋਟੋ ਪੂਰੀ ਅੱਪਲੋਡ ਨਹੀਂ ਹੋਈ ਹੈ ਧੰਨਵਾਦ
Posted by bablu kumar
Bihar
30-12-2019 01:12 PM
बकरी पालन में लोन लेने के लिए सबसे जरूरी है ट्रेनिंग सर्टीफिकेट अपने नज़दीक के कृषि विज्ञान केंद्र से ट्रेनिंग करने के बाद ट्रेनिंग के सर्टीफिकेट पर लोन एप्लाई होता है पर लोन मिलेगा या नहीं यह बैंक मेनेजर पर निर्भर करता है क्योंकि पहली बात यह है कि बैंक देखता है कि आपके अकाउंट में कितने पैसों का लेन देन हो .... (Read More)
बकरी पालन में लोन लेने के लिए सबसे जरूरी है ट्रेनिंग सर्टीफिकेट अपने नज़दीक के कृषि विज्ञान केंद्र से ट्रेनिंग करने के बाद ट्रेनिंग के सर्टीफिकेट पर लोन एप्लाई होता है पर लोन मिलेगा या नहीं यह बैंक मेनेजर पर निर्भर करता है क्योंकि पहली बात यह है कि बैंक देखता है कि आपके अकाउंट में कितने पैसों का लेन देन हो रहा है और आपके पास ज़मीन गारंटी के तौर पर देने के लिए है या नहीं और अन्य भी कई बातें चैक करके लोन के लिए सहमत होता है बाकी कोशिश करें कि लोन के बिना अपने स्तर पर ही काम शुरू करें क्योंकि लोन की किश्त हर महीने भरनी पड़ेगी पर बकरियों से कमाई हर महीने नहीं होने होगी बाकी यदि कोशिश करके देखनी है तो अपने ट्रेनिंग सर्टीफिकेट से आप अपने जिले के पशु पालन विभाग अफसर को मिलें और उस पर प्रवानगी लेकर फिर बैंक से बात करके देखें.
Posted by Mukesh kumar
Rajasthan
30-12-2019 01:12 PM
Mukesh ji kripya aap btaye ke aapne isme kya kya daala hai taki aapko iske bare men poori jankari di ja sake.dhanywad

Posted by Satwinder Kumar
Punjab
30-12-2019 01:02 PM
tuci uss nu Masticin homeopathic dwai dia 10-10 drops din vich 3 varr deo ate Fibrocin homeopathic dwai di 1-1 goli swere sham deo ate potasium iodied dwai 7 gram rojana deo, iss nal frak paa jawega.
Posted by sunil
Uttar Pradesh
30-12-2019 01:01 PM
सुनील जी आप सर्दी से बचाव के लिए हलकी सिंचाई करें और इसके ऊपर NPK 191919 @10 ग्राम को प्रति लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे करें धन्यवाद

Posted by Deshraj Suryvansi
Uttar Pradesh
30-12-2019 12:53 PM
यह कई तरह की मिट्टी में उगाई जाती है इसकी पैदावार के लिए नमकीन, क्षारीय और पानी खड़ा होने वाली मिट्टी से बचाव करें यह बढ़िया निकास वाली मिट्टी जिसमे बढ़िया जैविक तत्व मौजूद हों, में बढ़िया परिणाम देती है इसके बढ़िया विकास के लिए मिट्टी का pH 5.5-7 होना चाहिए Drudriha Tulsi: यह मुख्य रूप से बंगाल, नेपाल, चटगांव और महाराष्ट्र क्ष.... (Read More)
यह कई तरह की मिट्टी में उगाई जाती है इसकी पैदावार के लिए नमकीन, क्षारीय और पानी खड़ा होने वाली मिट्टी से बचाव करें यह बढ़िया निकास वाली मिट्टी जिसमे बढ़िया जैविक तत्व मौजूद हों, में बढ़िया परिणाम देती है इसके बढ़िया विकास के लिए मिट्टी का pH 5.5-7 होना चाहिए Drudriha Tulsi: यह मुख्य रूप से बंगाल, नेपाल, चटगांव और महाराष्ट्र क्षेत्रों में पाई जाती है यह गले को सूखेपन से राहत देता है यह हाथों, पैरों और गठिया की सूजन से आराम देता है Ram/Kali Tulsi (Ocimum canum): यह चीन, ब्राज़ील, पूर्व नेपाल और साथ ही बंगाल, बिहार, चटगांव और भारत के दक्षिणी क्षेत्रों में पाई जाती है इसका तना जामुनी और पत्ते हरे रंग के और बहुत ज्यादा सुगंधित होते है इसमें उचित मात्रा में औषधीय गुण जैसे ऐज़ाडिरैकटिन, ऐंटीफंगल , ऐंटीबैक्टीरियल, और पाचन तंत्र को ठीक रखती है यह गर्म क्षेत्रों में बढ़िया उगता है Babi Tulsi: यह पंजाब से त्रिवेंद्रम, बंगाल और बिहार में भी पाई जाती है इसका पौधा 1-2 फीट लम्बा होता है पत्ते 1-2 इंच लम्बे, अंडाकार और नुकीले होते है इसके पत्तों का स्वाद लौंग की तरह और सब्जियों में स्वाद के लिए प्रयोग किया जाता है तुलसी की खेती के लिए, अच्छी तरह से शुष्क मिट्टी की मांग की जाती है मिट्टी के भुरभुरा होने तक हैरो के साथ खेत की जोताई करें, फिर रूड़ी की खाद मिट्टी में मिलाएं तुलसी की रोपाई सीड बैड पर करें फरवरी के तीसरे महीने में नर्सरी बैड तैयार करें पौधे के विकास के अनुसार, 4.5 x 1.0 x 0.2 मीटर के सीड बैड तैयार करें बीजों को 60x60 सैं.मी. के फैसले पर बोयें बीजों को 2 सैं.मी. की गहराई पर बोयें बिजाई के 6-7 हफ्ते बाद, फसल की रोपाई खेत में करें तुलसी की खेती के लिए 120 ग्राम बीजों का प्रयोग प्रति एकड़ में करें फसल को मिट्टी से पैदा होने वाली बीमारीयों से रोकथाम के लिए, बिजाई से पहले मैनकोजेब 5 ग्राम प्रति किलोग्राम से बीजों का उपचार करें फसल की बढ़िया पैदावार के लिए बिजाई से पहले 15 टन रूड़ी की खाद मिट्टी में डालें तुलसी के बीजों को तैयार बैडों के साथ उचित अंतराल पर बोयें मानसून आने के 8 हफ्ते पहले बीजों को बैड पर बोयें बीजों को 2 सैं.मी. की गहराई पर बोयें बिजाई के बाद, रूड़ी की खाद और मिट्टी की पतली परत बीजों पर बना दें इसकी सिंचाई फुवारा विधि द्वारा की जाती है रोपाई के 15-20 दिनों के बाद, नए पौधों को तंदरुस्त बनाने के लिए 2% यूरिया का घोल डालें 6 हफ्ते पुराने और 4-5 पत्तों के अंकुरण होने पर अप्रैल के महीने में नए पौधे तैयार होते है तैयार बैडों को रोपाई 24 घंटे पहले पानी लगाएं ताकि पौधों को आसानी से उखाड़ा जा सकें और रोपाई के समय जड़ें मुलायम और सूजी हुई हो खेत की तैयारी के समय, रूड़ी की खाद को मिट्टी में मिलाएं खाद के तौर पर नाइट्रोजन 48 किलो(यूरिया 104 किलो), फासफोरस 24 किलो(सिंगल सुपर फासफेट 150 किलो) और पोटाश 24 किलो(मिउरेट 40 किलो) प्रति एकड़ में डालें नए पौधे लगाने के समय नाइट्रोजन की आधी मात्रा और फासफेट पेंटोऑक्साइड की पूरी मात्रा शुरुआती समय में डालें Mn 50 पी पी एम कंसंट्रेशन और Co@100 पी पी एम कंसंट्रेशन सूक्ष्म-तत्व डालें बाकी की बची हुई नाइट्रोजन को 2 हिस्सों में पहली और दूसरी कटाई के बाद डालें खेत को नदीनों से मुक्त करने के लिए कसी की मदद से गोड़ाई करें नदीनों की रोकथाम कम न होने पर यह फसल को नुकसान पहुंचाते है रोपण के एक महीने बाद पहली गोड़ाई और पहली गोड़ाई के चार हफ्ते बाद दूसरी गोड़ाई करें रोपण के दो महीने बाद कसी से अनुकूल गोड़ाई करें गर्मियों में, एक महीने में 3 सिंचाइयां करें और बरसात के मौसम में, सिंचाई की आवश्यकता नहीं होती एक साल में 12-15 सिंचाइयां करनी चाहिए पहली सिंचाई रोपण के बाद करें और दूसरी सिंचाई नए पौधों के स्थिर होने पर करें 2 सिंचाइयां करनी आवश्यक है और बाकी की सिंचाई मौसम के आधार पर करें इसके मंडीकरण के लिए आप Vivesh Sharma 9826556880 (Grow Further) से संपर्क कर सकते हैं धन्यवाद
Posted by Shivam Mishra
Madhya Pradesh
30-12-2019 12:53 PM
एलोवेरा का प्रयोग आयुर्वेदिक दवाईयों में बड़े स्तर पर होता है आजकल कई नेशनल और इंटर नेशनल कंपनियां इसका प्रयोग चिकित्सा के साथ साथ सुंदरता उत्पाद जैसे क्रीम, शैंपू, दंत पेस्ट और कई सारे उत्पाद में इसका प्रयोग होता है मिट्टी - एलोवेरा के पौधों को किसी भी प्रकार की उपजाऊ/अनउपजाऊ मिट्टी में उगाया जा सकता है ब.... (Read More)
एलोवेरा का प्रयोग आयुर्वेदिक दवाईयों में बड़े स्तर पर होता है आजकल कई नेशनल और इंटर नेशनल कंपनियां इसका प्रयोग चिकित्सा के साथ साथ सुंदरता उत्पाद जैसे क्रीम, शैंपू, दंत पेस्ट और कई सारे उत्पाद में इसका प्रयोग होता है मिट्टी - एलोवेरा के पौधों को किसी भी प्रकार की उपजाऊ/अनउपजाऊ मिट्टी में उगाया जा सकता है बस आपको इस बात का ध्यान रखना है कि पौधा ज्यादा पानी वाली और ज्यादा ठंड पड़ने वाली जगह पर नहीं लगाना है कम पानी और रेतली भूमि में लगाने के लिए यह सबसे अच्छी फसल है खेत की तैयारी - खेत की तैयारी के लिए सबसे पहले खेत की 2 बार अच्छी तरह जोताई करके उसमें प्रति हेक्टेयर 10 से 20 टन में पुरानी रूड़ी की खाद डालें साथ ही 120 किलोग्राम यूरिया + 150 किलोग्राम फास्फोरस + 30 किलोग्राम पोटाश इन्हें खेत में समान रूप से बिखेर दें फिर एक बार हल्की जोताई और कराहे से भूमि को समतल कर लें फिर खेत में 50x50 सैं.मी. की दूरी पर मेंड़ें बना लें पौधे की रोपाई और देख रेख - पौधे की रोपाई किसी भी समय की जा सकती है पर अच्छी उपज प्राप्त करने के लिए जून- जुलाई या फरवरी- मार्च में कर सकते हैं एलोवेरा की रोपाई मेंड़ों पर होती है यह पौधे किसी पुरानी एलोवेरा फार्म या नर्सरी से प्राप्त किए जा सकते हैं यही पौधे बाद में पनीरी के रूप में प्रयोग किए जाते हैं इस विधि को रूट सक्कर कहा जाता है अच्छी उपज के लिए किस्में - सिम सितल, L 1 , 2 , 5 और 49 लगाएं जिसमें जैल की मात्रा ज्यादा पायी जाती है इसके अलावा नेशनल बोटनीकल और प्लांट जैनेटिक रिसोर्स, आई. सी. ए. आर द्वारा रिलीज़ की गई किस्में IC111271, IC111269, IC111280 आदि हैं मेंड़ों पर 50 x 50 सैं.मी. की दूरी पर पौधों को लगाएं पौधे से पौधे की दूरी 50 सैं.मी. रखने पर प्रति एकड़ में 15000 पौधों की रोपाई की जरूरत पड़ेगी सिंचाई - सिंचाई साल भर में इसे सिर्फ 4 से 5 बार सिंचाई की जरूरत होती है सिंचाई के लिए ड्रिप प्रणाली अच्छी रहती है इससे इसकी उपज में वृद्धि होती है गर्मी क दिनों में 25 दिनों के अंतराल पर सिंचाई करनी चाहिए कीट और बीमारियां - वैसे इस फसल पर कोई विशेष कीट और रोगों का प्रभाव नहीं होता है पर कहीं कहीं तने के सड़ने और पत्तियों पर दाग वाली बीमारियों का असर देखा गया है जो एक फंगस रोग होता है उसके उपचार के लिए मैनकोजेब 3 ग्राम प्रति लीटर के हिसाब से छिड़काव करना चाहिए कटाई - यह फसल एक साल बाद काटने के लायक हो जाती है कटाई के दौरान पौधों की सबसे पहले निचली ठोस 3 या 4 पत्तों की कटाई करें उसके बाद लगभग 1 महीने के बाद उससे ऊपर वाली पत्तियों की कटाई करनी चाहिए कभी भी ऊपर वाली नई नाज़ुक पत्तियों की कटाई ना करें कटी हुई पत्तियों में फिर नई पत्तियां बननी शुरू हो जाती हैं प्रति हेक्टेयर में 50 से 60 टन ताजी पत्तियां प्रति वर्ष मिल जाती हैं दूसरे वर्ष में 15 से 20 फीसदी वृद्धि होती है बाजार में इसकी पत्तियों की अनुमानित कीमत 3 से 6 रूपये किलो होती है एक तंदरूस्त पौधे से एक साल में लगभग 3-4 किलो पत्तियां ली जा सकती हैं इस तरह एक वर्ष में एक एकड़ में से 1.5 से 3 लाख की फसल हो जाती है एलोवेरा का प्रयोग तंदरूस्त पत्तियों की कटाई के बाद साफ पानी से धोकर पत्तियों के निचली ओर ब्लेड या चाकू से कट लगाकर थोड़े समय के लिए छोड़ देते हैं जिसमें पीले रंग का गाढ़ा चिपचिपा रस (जेल) निकलता है उसे एक टैंक में इकट्ठा करके इस रस को सुखा लिया जाता है इस सूखे हुए रस को अलग अलग ढंग से तैयार करने के बाद अलग अलग नामों से जाना जाता है जैसे कि सकोतरा केप जब फसल पूरी तरह तैयार हो जाये और उसकी कटाई कर ली जाये तो उसे आप सब्जी मंडी में सीधे तौर पर बेच सकते हैं यदि आप खुद मंडी में बेचते हैं तो आपको अंदाजन 5 से 10 रूपये प्रति किलो तक मुल्य मिल सकता है पर यदि आप किसी कंपनी से कॉन्ट्रैक्ट करते हो तो इसका रेट उस कंपनी की जरूरत और शर्तों के मुताबिक उस कंपनी के द्वारा तय होता है यह मुल्य आपकी उनके साथ डीलिंग पर निर्भर करता है, कॉन्ट्रैक्ट खेती करने के लिए औषधीय खेती विकास संसथान 6268536795 से संपर्क कर सकते हैं, धन्यवाद

Posted by virender kumar
Himachal Pradesh
30-12-2019 12:40 PM
egg da rate 10-15 rupess tak chlda hai baki ehh market ate area te nirbhar krda hai jithe isdi demand jyada hundi hai uthe rate jyada v mill skda hai.eggs lenn lai tuci mere nal Hardeep Singh 9781589637 sampark kr skde ho.
Posted by Sewak .lSingh
Punjab
30-12-2019 12:36 PM
Sewak ji Hf cross cow tuhanu 40-42000 tak mill skdi hai.
Posted by varinder singh jammu
Punjab
30-12-2019 12:34 PM
ਸ਼੍ਰੀਮਾਨ ਜੀ, ਇਸ ਵਿਚ ਸੁੰਡੀ ਦਾ ਹਮਲਾ ਦਿਖਾਈ ਦੇ ਰਿਹਾ ਹੈ, ਤੁਸੀ ਇਸ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਲਈ ਇਸ ਵਿਚ cyper methrin @ 2ml ਪ੍ਰਤੀ ਲਿਟਰ ਪਾਣੀ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਸਪਰੇ ਕਰੋ ਅਤੇ ਇਸ ਵਿਚ ਫੰਗਸ ਦਾ ਹਮਲਾ ਵੀ ਹੋਇਆ ਹੈ ਇਸਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਲਈ ਤੁਸੀ m45 @ 4gm ਪ੍ਰਤੀ ਲਿਟਰ ਪਾਣੀ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਸਪਰੇ ਕਰੋ, ਇਹਨਾਂ ਦੋਨਾਂ ਸਪ੍ਰੇਹਾਂ ਵਿਚ 5 ਤੋਂ 6 ਦਿਨ ਦਾ ਫ਼ਾਸਲਾ ਰੱਖੋ, ਧੰਨਵਾਦ

Posted by lau Singh
Uttar Pradesh
30-12-2019 12:32 PM
lau Singh ji green chili seed lene ke lia aap Shine Brand Seeds 8770896002 se samparak kar sakte hai, Thankyou.
Posted by Gurpreet Singh
Punjab
30-12-2019 12:05 PM
ਸਤਿ ਸ੍ਰੀ ਅਕਾਲ ਜੀ, ਐਪ ਦੇ ਵਿਚ ਜੋ ਮੰਡੀ ਰੇਟ ਤੁਹਾਨੂੰ ਨਜ਼ਰ ਆਉਦੇ ਹਨ ਇਹ ਕੇਂਦਰ ਸਰਕਾਰ ਵੱਲੋ ਜੋ ਵੀ ਰੇਟ ਜਾਰੀ ਕੀਤੇ ਹਨ ਉਹ 11 ਵਜ਼ੇ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਆਪਣੇ ਆਪ ਅੱਪਡੇਟ ਹੁੰਦੈ ਹਨ ਇਹ ਸਾਡੇ ਵੱਲੋ ਅੱਪਡੇਟ ਨਹੀ ਕੀਤੇ ਜਾਂਦੇ ਹਨ , ਐਪ ਵਿੱਚ ਪੁਰਾਣੇ ਰੇਟ ਨਹੀ ਨਜ਼ਰ ਆਉਦੇ ਜੋ ਨਵੇ ਰੇਟ ਨਹੀ ਜਾਰੀ ਹੋਏ ਉਹ ਸਟੇਟ ਨਜ਼ਰ ਨਹੀ ਆਵੇਗੀ ਜੀ , ਤੁਸੀ ਦੁਬਾਰਾ ਚੈਕ ਕਰੋ ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਰੇਟ ਵੀ ਨਜ਼ਰ ਆਉਦੇ ਹਨ ਜਾ .... (Read More)
ਸਤਿ ਸ੍ਰੀ ਅਕਾਲ ਜੀ, ਐਪ ਦੇ ਵਿਚ ਜੋ ਮੰਡੀ ਰੇਟ ਤੁਹਾਨੂੰ ਨਜ਼ਰ ਆਉਦੇ ਹਨ ਇਹ ਕੇਂਦਰ ਸਰਕਾਰ ਵੱਲੋ ਜੋ ਵੀ ਰੇਟ ਜਾਰੀ ਕੀਤੇ ਹਨ ਉਹ 11 ਵਜ਼ੇ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਆਪਣੇ ਆਪ ਅੱਪਡੇਟ ਹੁੰਦੈ ਹਨ ਇਹ ਸਾਡੇ ਵੱਲੋ ਅੱਪਡੇਟ ਨਹੀ ਕੀਤੇ ਜਾਂਦੇ ਹਨ , ਐਪ ਵਿੱਚ ਪੁਰਾਣੇ ਰੇਟ ਨਹੀ ਨਜ਼ਰ ਆਉਦੇ ਜੋ ਨਵੇ ਰੇਟ ਨਹੀ ਜਾਰੀ ਹੋਏ ਉਹ ਸਟੇਟ ਨਜ਼ਰ ਨਹੀ ਆਵੇਗੀ ਜੀ , ਤੁਸੀ ਦੁਬਾਰਾ ਚੈਕ ਕਰੋ ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਰੇਟ ਵੀ ਨਜ਼ਰ ਆਉਦੇ ਹਨ ਜਾ ਐਪ ਨੂੰ ਅੱਪਡੇਟ ਕਰੋ ਜੀ , ਬਾਕੀ ਕੋਸ਼ਿਸ਼ ਕਰਾਂਗੇ ਕਿ ਆਉਣ ਵਾਲੇ ਸਮੇਂ ਵਿੱਚ ਤੁਹਾਨੂੰ ਇਹ ਰੇਟ ਸਬੰਧੀ ਕੋਈ ਹੋਰ ਸੋਧ ਕੀਤੀ ਜਾਵੇ ਜੀ ਬਾਕੀ ਤੁਸੀ ਇਸ ਤਰਾਂ ਹੀ ਆਪਣੇ ਸੁਝਾਅ ਸਾਨੂੰ ਦਿੰਦੇ ਰਹੋ ਤਾਂ ਜੋ ਐਪ ਨੂੰ ਹੋਰ ਵੀ ਵਧੀਆ ਬਣਾਇਆ ਜਾਵੇ ਜੀ ਧੰਨਵਾਦ
Posted by Nikki
Uttar Pradesh
30-12-2019 11:47 AM
Shrimaan ji, kripya ap bataye ke apko inke roktham ke bare mein jankari chahiye ya fir inke structure ke bare mein jankari chahiye taki apko iske bare mein sahi jankari di ja sake , dhanywad

Posted by Raminderjit bawa
Punjab
30-12-2019 11:45 AM
Shrimaan ji, kripya ap apna sawal visthar se puchien taki apko iske bare mein ucchit jankari di ja sake, dhanywad

Posted by bhavesh
Rajasthan
30-12-2019 11:45 AM
यदि आप अपने रेफ़्रेन्स कोड को शेयर कर आगे एप डाउनलोड करवाते है तो आपको हर एप डाउनलोड पर 10 पॉइंट्स मिलेंगे, आपके पॉइंट्स के अनुसार आप अपनी खेत एप में merchandise सेक्शन में जाकर कुछ भी खरीद सकते है, बाकि अधिक जानकारी के लिए हमारे हेल्पलाइन 97799-77641 पर कॉल कर सकते है
Posted by Nikki
Uttar Pradesh
30-12-2019 11:44 AM
Shrimaan ji, kripya ap kheti or pashuon ke sambhi jankari lene ke liye apne sawal puchein, dhanywad
Posted by jaspreet singh
Punjab
30-12-2019 11:36 AM
jaspreet singh ji eh infection de karan ho reha hovega . tusi eh audio suno ji.
Posted by Deepu Singh
Uttar Pradesh
30-12-2019 11:26 AM
Shrimaan ji, yeh fungus ka hamla hua hai, iski roktham ke liye ap isme carbendazim @ 4gm prati liter pani ke hisaab se iski jad ke najdeek spray karein, or ap aalu ka sinchai parbandhan sahi dhaang ke karaien, fungus ka hamla jameen mein jayada nami ki vajah se vi hota hai, dhanywad
Posted by Kulwinder Singh
Punjab
30-12-2019 11:25 AM
ਸ਼੍ਰੀਮਾਨ ਜੀ, ਕਿਰਪਾ ਕਰ ਕੇ ਦੱਸੋ ਕੇ ਤੁਸੀ 3g cutting ਬਾਰੇ ਜਾਕਾਰੀ ਲੈਣਾ ਚਾਹੁੰਦੇ ਹੋ ਜਾਂ ਫਿਰ ਤੁਸੀ 3g ਕੋਈ ਅਮਰੂਦ ਦੀ ਕਿਸਮ ਬਾਰੇ ਗੱਲ ਕਰ ਰਹੇ ਹੋ, ਤਾਂਜੋ ਤੁਹਾਨੂੰ ਇਸ ਬਾਰੇ ਸਹੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਦਿਤੀ ਜਾ ਸਕੇ, ਧੰਨਵਾਦ

Posted by taranpreet singh
Punjab
30-12-2019 11:23 AM
Shrimaan ji, kripya ap apna sawal visthar se puchien ke ap iske bare mein kya jankari lena chahte hain, taki apko iske bare mein bataya ja sake, dhanywad
Posted by jaanikhangura55651@gmail.com
Punjab
30-12-2019 11:23 AM
ਤੁਸੀ ਇੱਕ ਬੁੱਕ ਸਫੈਦੇ ਦੇ ਪੱਤੇ 1 ਲੀਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿੱਚ ਉਬਾਲ ਲਵੋ ਤੇ ਜਦੋ ਉਬਾਲ ਕੇ ਪਾਣੀ ਅੱਧਾ ਰਹਿ ਜਾਵੇ ਤਾਂ ਉਹ ਗਾ ਨੂੰ ਪਿਆ ਦਿਓ ਇਸ ਦੇ ਨਾਲ ਤੁਸੀ ਹੋਮੀਓਪੈਥਿਕ ਮੈਡੀਸਨ DIARO-CIN 1 Ml ਸਰਿੰਜ ਨਾਲ ਸਿੱਧੇ ਮੂਹ ਰਾਹੀ ਦਿਓ ਚਾਰਾ ਪਾੳੇੁਣ ਤੋਂ ਇੱਕ ਘੰਟਾ ਪਹਿਲਾ ਇਹ ਦਵਾਈ ਦਿਓ ਤਿੰਨ ਦਿਨ ਲਗਾਤਾਰ ਦਿਨ ਵਿਚ ਚਾਰ ਵਾਰ ਦਿਓ
Posted by Deepu Singh
Uttar Pradesh
30-12-2019 11:22 AM
Shrimaan ji, yeh fungus ka hamla hua hai, iski roktham ke liye ap isme carbendazim @ 4gm prati liter pani ke hisaab se iski jad ke najdeek spray karein, or ap alu ka sinchai parbandhan sahi dhaang ke karaien, fungus ka hamla jameen mein jayada nami ki vajah se vi hota hai, dhanywad

Posted by kanhaiyalal
Madhya Pradesh
30-12-2019 11:21 AM
श्रीमान जी , आप काली मस्सी के उपचार के लिए इसमें cyper methrin @1.5 ml- 2.5 ml प्रति लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे कर सकते हैं, धन्यवाद

Posted by kanhaiyalal
Madhya Pradesh
30-12-2019 11:17 AM
श्रीमान जी, पत्ता गोभी की अगेती किस्मों की बिजाई के लिए अगस्त के आखिरी सप्ताह से 15 सितंबर तक बिजाई पूरी कर लें, जबकि मध्यम मौसम और पिछेते मौसम की किस्मों के लिए 15 सितंबर से अक्तूबर में बिजाई पूरी कर लें इसकी बिजाई फरवरी महीने में नहीं की जाती है, धन्यवाद
Posted by P S Negi
Rajasthan
30-12-2019 11:13 AM
Shrimaan ji, angur ki bel mein tatvon ki kami hai, jiski vajah se iske patte pile pad rahe hain, ap isme vermicompost @ 4-5 kg ke hisaab se dalein, or tulsi ki podhe ki jad mein dheemak ke hamle ki jaanch karein, agar hama mojood ho to ap isme chlorpyriphos @ 4 ml prati liter pani ke hisaab se spray karein, dhanywad
Posted by Dileep shing
Uttar Pradesh
30-12-2019 11:09 AM
श्रीमान जी, कृपया आप गेहूं में मामा की फोटो भेजें ताकि की देख कर आपको इसके बारे में सही जानकारी दी जा सके, धन्यवाद
Posted by P S Negi
Rajasthan
30-12-2019 11:09 AM
Shrimaan ji, angur ki bel mein tatvon ki kami hai, jiski vajah se iske patte pile pad rahe hain, ap isme vermicompost @ 4-5 kg ke hisaab se dalein, or tulsi ki podhe ki jad mein dheemak ke hamle ki jaanch karein, agar hama mojood ho to ap isme chlorpyriphos @ 4 ml prati liter pani ke hisaab se spray karein, dhanywad

Posted by kuldeep singh
Punjab
30-12-2019 11:02 AM
ਸ੍ਰੀ ਮਾਨ ਜੀ M-45 ਉੱਲੀਨਾਸ਼ਕ ਹੈ ਜੋ ਕਿ ਫਸਲ ਵਿੱਚ ਉੱਲੀ ਦੇ ਰੋਗਾਂ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਕਰਦਾ ਹੈ
Posted by डॉ मित्रपाल सिंह
Uttar Pradesh
30-12-2019 10:54 AM
श्रीमान जी गुल्ली डंडे की रोकथाम के लिए लीडर टॉपिक का प्रयोग कर सकते हैं चौड़े पत्ते वाले नदीन की रोकथाम के लिए 2,4D 250 ml की स्प्रे कर सकते हैं टॉपिक 15 WP (क्लॉडिनाफाप)160 ग्राम बिजाई के 30 से 35 दिनों के अंदर 150 पानी/एकड़ एक्सिअल 5 इ सी (पिनोकसाडिन) 400 मिलीलीटर 4 ) लीडर/मार्कसल्फो 75 WG (सल्फोसल्फुरान) 13 ग्राम, टोटल/मार्क पावर 75 WDG (स.... (Read More)
श्रीमान जी गुल्ली डंडे की रोकथाम के लिए लीडर टॉपिक का प्रयोग कर सकते हैं चौड़े पत्ते वाले नदीन की रोकथाम के लिए 2,4D 250 ml की स्प्रे कर सकते हैं टॉपिक 15 WP (क्लॉडिनाफाप)160 ग्राम बिजाई के 30 से 35 दिनों के अंदर 150 पानी/एकड़ एक्सिअल 5 इ सी (पिनोकसाडिन) 400 मिलीलीटर 4 ) लीडर/मार्कसल्फो 75 WG (सल्फोसल्फुरान) 13 ग्राम, टोटल/मार्क पावर 75 WDG (सल्फोसल्फुराण+मैट्स फुरान) 16 ग्राम एटलांटिस 3.6 WDG (मिजोसलफुरान+आइडोसलफुरान) 160 ग्राम 6 शगुन 21-11 (मैट्रीबियोजन+क्लोडिनाफाप) 200 ग्राम ACM 9 (क्लोडिनाफाप+मैट्रीबियोजन) 240 ग्राम, *नोट* 1. शगन 21-11 को pbw 550 और उन्नत pbw 550 में छिड़काव न करें, 2. शगन 21-11 का हल्की ज़मीनों में छिड़काव न करें, 3 बढानक गेहूं में शगन 21-11 का प्रयोग न करें 4.टोटल/मार्कपावर वाले खेतों में ज्वार और मक्की की बिजाई न करें
Posted by नीलेश पाटीदार
Madhya Pradesh
30-12-2019 10:53 AM
श्रीमान जी, यह खीरे की नहीं चने की फसल है, कृपया आप अपना सवाल विस्तार से पूछें कि आप इसके बारे में क्या जानकारी लेना चाहते हैं, ताकि आपको इसके बारे में बताया जा सके, धन्यवाद

Posted by karan singh
Haryana
30-12-2019 10:52 AM
Shri maan kanak mein magnese ki kami hai iski roktham ke liye aap Magnese@1kg 150ltr pani mein mila ke spray kr skte ho......

Posted by priyank rajput
Gujarat
30-12-2019 10:46 AM
priyank ji kripya swal vistar se pooche ke aap tobacco ke bare men kya jankari lena chahte hai taki aapko iske bare men poori jankari di ja sake,dhanywad
Posted by नीलेश पाटीदार
Madhya Pradesh
30-12-2019 10:38 AM
नीलेश जी आप इसके ऊपर NPK 191919 एक किलो को 150 लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे करें धन्यवाद

Posted by Musheer
Uttarakhand
30-12-2019 10:36 AM
श्रीमान जी, अच्छे जल निकास वाली दोमट मिट्टी गुलदाउदी की खेती के लिए अच्छी होती है इसकी खेती के लिए मिट्टी की पी एच 6-7 अच्छी रहती है गुलदाउदी की खेती के लिए अच्छी तरह से तैयार ज़मीन की आवश्यकता होती है मिट्टी के भुरभुरा होने तक खेत की हैरो से 2-3 बार जोताई करना आवश्यक होता है आखिरी जोताई के समय रूड़ी की खाद 8-10 टन प्र.... (Read More)
श्रीमान जी, अच्छे जल निकास वाली दोमट मिट्टी गुलदाउदी की खेती के लिए अच्छी होती है इसकी खेती के लिए मिट्टी की पी एच 6-7 अच्छी रहती है गुलदाउदी की खेती के लिए अच्छी तरह से तैयार ज़मीन की आवश्यकता होती है मिट्टी के भुरभुरा होने तक खेत की हैरो से 2-3 बार जोताई करना आवश्यक होता है आखिरी जोताई के समय रूड़ी की खाद 8-10 टन प्रति एकड़ में डालें गांठों की रोपाई फरवरी - मार्च के महीने में की जाती है और पौधे की अंतिम टहनियों की रोपाई जून-जुलाई के महीने में की जाती है कतार से कतार और पौधे से पौधे में 30 x 30 सैं.मी. फासले का प्रयोग करें बीजों को पॉलीथीन के लिफाफों में 1-2 सैं.मी. की गहराई में बोयें बिजाई के लिए प्रजनन विधि प्रयोग किया जाता है गुलदाउदी का प्रजनन मुख्य रूप से जड़ों द्वारा या अंतिम तने की कटिंग द्वारा किया जाता है अंतिम तने की कटिंग विधि में, सेहतमंद पौधे के 4-5 सैं.मी. ऊपरी भाग की कटाई मध्य अप्रैल से जून के अंत तक की जाती है जड़ों की कटाई के बाद उन्हें सीरेसन 0.2 % या कप्तान 0.2 % से उपचार किया जाता है गांठों में तने को ज़मीन से थोड़ा ऊपर काटें, इससे एक नया भाग विकसित होगा जड़ के भाग को मुख्य पौधे से अलग कर लिया जाता है और उसके बाद तैयार बैडों में बोया जाता है रोपाई के लिए 45,000 पौधे प्रति एकड़ के घनत्व का प्रयोग करें पौधों को मिट्टी से पैदा हाने वाली उखेड़ा रोग से बचाव के लिए सीरेसन 0.2 % या कप्तान 0.2 % से काटे हुए भागों का उपचार करें आखिरी जोताई के समय यूरिया 160 किलो, सिंगल सुपर फासफेट 500 किलो और म्यूरेट ऑफ पोटाश 133 किलो प्रति एकड़ में डालें पौधे की अच्छी वृद्धि और खेत को नदीन मुक्त करने के लिए 2-3 हाथ से गोडाई की आवश्यकता होती है रोपाई के 4 सप्ताह बाद पहली गोडाई करें सिंचाई की आवृत्ति विकास स्तर, मौसम और मिट्टी के हालातों पर निर्भर करती है गुलदाउदी की फसल को उचित निकास वाली मिट्टी की आवश्यकता होती है सिंचाई पहले महीने में सप्ताह में दो बार करें और फिर सप्ताह के अंतराल पर लगातार सिंचाई दें आप इसके बीज लेने के लिए और इसके बारे में अधिक जानकारी के लिए प्रेम राज सैनी जी के साथ सम्पर्क करें, 9719432296 धन्यवाद
Posted by rajwinder singh
Punjab
30-12-2019 10:32 AM
Shri maan g kripa kanak di photo bhejo tan ki isdi sahi jankari diti ja ske.....

Posted by AJMER SINGH
Punjab
30-12-2019 10:29 AM
Ajmer ji tuci uss nu vdia khurak de nal nal pett de kiria lai Fendykind plus bolus deo ate her 3 mahine badd pett de kiria lai goli jrur deo baki feed tuci koi v de skde ho jiss nu ohh asani nal hajam krr skee ate khaa skee, baki tuci uss nu Enerboost powder 50-50gm swere sham dena suru kro, iss nal kamjori duur howegi ate vdia growth ho jawegi.
Posted by ਨਵਪਰੀਤ ਸਿੰਘ
Punjab
30-12-2019 10:29 AM
uss nu tuci nazdiki doctor ton check krwao ji kyuki usdi condition de hisab nal he ilagg ho skda hai.

Posted by Abhijeet Singh
Uttar Pradesh
30-12-2019 10:20 AM
abhijeet ji aap iske uper copper oxychloride@3 gram ko prati litre pani ke hisab se spray karen.dhanywad

Posted by bipul dutta
Assam
30-12-2019 09:57 AM
मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजि.... (Read More)
मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजित किया जा रहा है प्रशिक्षण कार्य कर्म में भाग लेने के लिए नीचे दिए गए नम्बर पर आज ही संपर्क करें और Rs 250/ से अपना रजिस्ट्रेशन करवाए अचल सिंह (फाउंडर )- 9711858258. धन्यवाद
Posted by Upendra Singh
Uttar Pradesh
30-12-2019 09:55 AM
उपेंद्र जी आप खरपतवार की स्प्रे जब ओस नहीं होती है तब कर सकते है अगर धुप नहीं निकलती है धन्यवाद

Posted by Narinder Dhaliwal
Punjab
30-12-2019 09:48 AM
ਸ੍ਰੀ ਮਾਨ ਜੀ ਗੁੱਲੀ ਡੰਡੇ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਲਈ ਲੀਡਰ, ਟੌਪਿਕ, ਦੀ ਵਰਤੋ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਚੌੜੇ ਪੱਤਿਆਂ ਵਾਲੇ ਨਦੀਨ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਲਈ 2,4D 250 ml ਦੀ ਸਪਰੇਅ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਟੌਪਿਕ 15 ਡਬਲਿਊ ਪੀ (ਕਲੋਡੀਨਾਫਾਪ) 160 ਗ੍ਰਾਮ ਬਿਜਾਈ ਦੇ 30 ਤੋਂ 35 ਦਿਨਾਂ ਅੰਦਰ 150 ਪਾਣੀ/ਏਕੜ •• ਐਕਸੀਅਲ 5 ਈ ਸੀ (ਪਿਨੌਕਸਾਡਿਨ) 400 ਮਿਲੀਲਿਟਰ 4) ਲੀਡਰ/ਮਾਰਕਸਲਫੋ 75 ਡਬਲਿਊ ਜੀ (ਸਲਫੋਸਲਫੂਰਾਨ) 13 ਗ੍ਰਾਮ •ਟੋਟਲ/ਮਾਰਕਪਾਵਰ 75 ਡਬਲਿਊ .... (Read More)
ਸ੍ਰੀ ਮਾਨ ਜੀ ਗੁੱਲੀ ਡੰਡੇ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਲਈ ਲੀਡਰ, ਟੌਪਿਕ, ਦੀ ਵਰਤੋ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਚੌੜੇ ਪੱਤਿਆਂ ਵਾਲੇ ਨਦੀਨ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਲਈ 2,4D 250 ml ਦੀ ਸਪਰੇਅ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਟੌਪਿਕ 15 ਡਬਲਿਊ ਪੀ (ਕਲੋਡੀਨਾਫਾਪ) 160 ਗ੍ਰਾਮ ਬਿਜਾਈ ਦੇ 30 ਤੋਂ 35 ਦਿਨਾਂ ਅੰਦਰ 150 ਪਾਣੀ/ਏਕੜ •• ਐਕਸੀਅਲ 5 ਈ ਸੀ (ਪਿਨੌਕਸਾਡਿਨ) 400 ਮਿਲੀਲਿਟਰ 4) ਲੀਡਰ/ਮਾਰਕਸਲਫੋ 75 ਡਬਲਿਊ ਜੀ (ਸਲਫੋਸਲਫੂਰਾਨ) 13 ਗ੍ਰਾਮ •ਟੋਟਲ/ਮਾਰਕਪਾਵਰ 75 ਡਬਲਿਊ ਡੀ ਜੀ (ਸਲਫੋਸਲਫੂਰਾਨ+ਮੈਟਸਫੂਰਾਨ) 16 ਗ੍ਰਾਮ •ਐਟਲਾਂਟਿਸ 3.6 ਡਬਲਿਊ ਡੀ ਜੀ (ਮਿਜ਼ੋਸਲਫੂਰਾਨ+ਆਇਡੋਸਲਫੂਰਾਨ) 160 ਗ੍ਰਾਮ 6 ਸ਼ਗੁਨ 21-11 (ਮੈਟਰੀਬਿਊਜ਼ਿਨ+ਕਲੋਡੀਨਾਫਾਪ) 200 ਗ੍ਰਾਮ •ਏ ਸੀ ਐੱਮ-9 (ਕਲੋਡੀਨਾਫਾਪ+ਮੈਟਰੀਬਿਊਜ਼ਿਨ) 240 ਗ੍ਰਾਮ *ਨੋਟ* 1.ਸ਼ਗਨ 21-11 ਨੂੰ pbw 550 ਤੇ ਉਨਤ pbw550 ਵਿਚ ਨਾ ਛਿੜਕੋ 2. ਸਗਨ 21-11 ਦਾ ਹਲਕੀਆਂ ਜਮੀਨਾ ਵਿਚ ਛਿੜਕਾ ਨਾ ਕਰੋ 3.ਵਡਾਣਕ ਕਣਕ ਵਿਚ ਸ਼ਗਨ 21-11 ਨਾ ਵਰਤੋਂ 4.ਟੋਟਲ/ ਮਾਰਕਪਾਵਰ ਵਾਲੇ ਖੇਤਾਂ ਵਿੱਚ ਚਰ੍ਹੀ (ਜਵਾਰ) ਅਤੇ ਮੱਕੀ ਨਾ ਬੀਜੋ
Posted by Anuj Pandey
Madhya Pradesh
30-12-2019 09:46 AM
उत्तर में यह वर्षा और बसंत के मौसम में उगाई जाती है खरीफ के मौसम में, इसकी बिजाई जून-जुलाई के महीने और बसंत ऋतु में फरवरी-मार्च के महीने में की जाती है

Posted by Dhiraj Mandal
Maharashtra
30-12-2019 09:40 AM
Dhiraj ji its a insect attack to control this do a spray of quinalphos@400 ml per acre.thank you

Posted by sikandersindh.
Punjab
30-12-2019 09:34 AM
ਹਾਜੀ ਵਧੀਆ ਸਫਾਈ ਰੱਖੋ ਤੇ ਪਿੰਡ ਵਾਲਿਆ ਦੀ ਸਹਿਮਤੀ ਨਾਲ ਰੱਖ ਸਕਦੇ ਹੋ ਜੀ
Expert Communities
We do not share your personal details with anyone
We do not share your personal details with anyone
Sign In
Registering to this website, you accept our Terms of Use and our Privacy Policy.
Your mobile number and password is invalid
We have sent your password on your mobile number
All fields marked with an asterisk (*) are required:
Sign Up
Registering to this website, you accept our Terms of Use and our Privacy Policy.
All fields marked with an asterisk (*) are required:
Please select atleast one option
Please select text along with image










