Posted by Manav Gill
Punjab
31-12-2019 09:13 PM
ਸ਼੍ਰੀਮਾਨ ਜੀ, ਬਰਸੀਮ ਦੀ ਗਰੋਥ ਲਈ ਤੁਸੀ ਇਸ ਵਿਚ hoshi @ 400 ml ਨੂੰ 150 ਲਿਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿਚ ਮਿਲਾ ਕੇ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਸਪਰੇ ਕਰੋ, hoshi ਵਿਚ gibberelic acid ਹੁੰਦਾ ਹੈ, ਜੋ ਬਰਸੀਮ ਦੀ ਵਧੀਆ ਗਰੋਥ ਕਰਣ ਵਿਚ ਮਦਦ ਕਰਦਾ ਹੈ, ਧੰਨਵਾਦ

Posted by YOGESH KUMAR MALVIYA
Madhya Pradesh
31-12-2019 09:04 PM
श्री मान खुम्ब की किस्में कई प्रकार की होती है जैसे कि बटन खुम्ब, डीगरी, शटाकी खुम्ब, पराली खुम्ब, और मिलकी खुम्ब इनमे से कुइ खुम्ब सर्दियो के मौसम में और कुछ गर्मीयों के मौसम में लगाये जाते है और हर खुम्ब को लगाने का समय अलग अलग है जैसे बटन खुम्ब का समय सितंबर से मार्च तक होता है इस समय में हम तीन फसले ले सकते ह.... (Read More)
श्री मान खुम्ब की किस्में कई प्रकार की होती है जैसे कि बटन खुम्ब, डीगरी, शटाकी खुम्ब, पराली खुम्ब, और मिलकी खुम्ब इनमे से कुइ खुम्ब सर्दियो के मौसम में और कुछ गर्मीयों के मौसम में लगाये जाते है और हर खुम्ब को लगाने का समय अलग अलग है जैसे बटन खुम्ब का समय सितंबर से मार्च तक होता है इस समय में हम तीन फसले ले सकते है शटाकी खुम्ब का समय अक्तूबर से मध्य फरवरी तक हैं इस समय हम एक फसल ही ले सकते है पराली खुम्ब का समय अप्रैल से अगस्त तक है इस समय हम चार फसले ले सकते है मिलकी खुम्ब का समय अप्रैल से सितंबर तक है आप अब अप्रैल में मिलकी या पराली खुम्ब लगा सकते है पराली खुमब के लिए आपको पराली, बीज, बांस, सेबा, आदि की जरूरत है पराली के पूले, धानो की पराली 1-1 किलो के पूले दोनो सिरो से सेबे से बांध कर तैयार किये जाते है पूले के सिरे कांट कर एक सार कर लिए जाते है पूलो की क्यिारी लगाना पराली के पूलो को साफ पानी में 16-20 घंटो के लिए डूबो दे गिले पूलो को ढलान पर रख कर फालतू पानी को निकलने दे कमरे ईटो और बांस से एक पलेटफार्म बनाये इस पलेटफार्म पर 5 पूलो की एक तहय लगाये जिसके ऊपर 75 ग्राम बीज डाले इसके ऊपर की तहय उलट होती है इस प्रकार 5-5 पूलो की तहय में 300 ग्राम बीज डाल कर कियारी तैयार करे सबसे ऊपर दो पूलो को खोलकर रख दे खुम्बो का फूटना बिजाई से 7-9 दिनो के बाद खुम्ब फूटने लगती है पानी और हवा का संचार बिजाई के दो दिन के बाद हर रोज पानी का छिडका करे खुम्बो के फूटने के बाद हवा का संचार 6-8 घंटे प्रति दिन किया जाता है खुम्बो की तूडाई खुम्बो के फूटने के बाद 1-2 दिनो के बाद तोडाई के योग्य हो जाती है मिलकी खुम्ब मिलकी खुम्ब के लिए तूडी, बीज, मोमी लिफाफे, सेबा, केसिंग,मिट्टी आदि होने चाहिये तूडी की तैयारी सूकी तूडी को पक्के फर्श पर बिछा कर 16-20 घंटे पानी से गिला करे गिली तूडी को बोरी में भर कर सेबे से बांध दे इस बोरी को उबलते पानी में 45-50 मिनट रखें तूडी को निकालकर पक्के फर्श पर बिछा कर ठंडा करे यह तूडी बिजाई के लिए तैयार है बिजाई ठंडी तूडी में बीज मिलाकर मोमी लिफाफो में भर दें एक मोमी लिफाफें में लगभग 2 किलो गिली तूडी और 70-80 ग्राम बीज पडता है लिफाफे के मुंह को सेबे से अच्छी तरह बांध कर कमरे में रख दे केसिंग बिजाई के दो तीन हफतो के बाद लिफाफे खोलकर केसिंग की 1-1.5 की तहय लगा दें केसिंग में तूडी और रेतली मिट्टी होती है 24 घंटो के लिए 4 प्रतिशत फारमलेन के घोल से जीवाणु रहित किया जाता है खुम्बो का फूटना केसिंग मिट्टी डालने के लगभग दो हफतो में खुम्बो के छोटे छोटे किणके निकलने शुरू हो जाते है और 4-5 दिन के बाद तोडने योग्य हो जाते है खुम्बो की तूडाई लगभग 35-40 दिनो तक की जाती है

Posted by Jyoti Kashyap
Delhi
31-12-2019 09:01 PM
usko aap gehu ka dalia achi trah garam krke usme gurr mix krke khila skte hai jitna woh asani se khaa jayee uss hisab se de skte hai baki usko hara chara khilaye, isse achi growth hogi..

Posted by Sheru khan
Madhya Pradesh
31-12-2019 08:48 PM
Shrimaan ji, gehun mein adhik paidawaar ke liye jab gehun nisarne lagey to ap isme NPK 005234 @ 1 kg ko 150 liter pani mein mila kar prati acre ke hisaab se spray karein, esa karne ke gehun mein killon ki sankhiya adhik hogi or paidawaar vi adhik aye gi, dhanywad
Posted by ਵਿਪਨ ਕੁਮਾਰ
Punjab
31-12-2019 08:47 PM
tuci uss nu Metphos injection 20ml, Tinacal injection 20ml, Trineurosol-h injection 10ml, lgwao, ehh tuci 3 din lgwao iss nal frak paa jawega.

Posted by Amandeep singh
Punjab
31-12-2019 08:34 PM
Amandeep ji RIR murgi dona kama lai varti jndi hai ehh egg v dindi hai ate meat lai v varti jndi hai ehh v desi chicks he hai per iss nu dono kama lai rakhia ja skda hai, baki desi chicks nu khass torr te egg production lai rakhia jnda hai.
Posted by Dhanveer singh Benipal
Punjab
31-12-2019 08:28 PM
Shrimaan ji, chloro da kanak te koi nuksan nahi hunda hai, is nal kanak di jad vale keede di roktham vi ho jandi hai, dhanwad

Posted by surendermalik
Haryana
31-12-2019 08:26 PM
श्रीमान जी, अरवी की खेती के लिए, ज़मीन को अच्छी तरह से तैयार करें खेत को भुरभुरा करने के लिए, बिजाई से पहले खेत की 2-3 बार जोताई करें और उसके बाद सुहागा फेरें खेत को नदीन-मुक्त रखें फरवरी महीने के पहले पखवाड़े में गांठों को नर्सरी बैडों पर बोयें पंक्ति से पंक्ति में 60x15 या 45 x 20 सैं.मी. का फासला रखें गांठों को 6-7.5 सैं..... (Read More)
श्रीमान जी, अरवी की खेती के लिए, ज़मीन को अच्छी तरह से तैयार करें खेत को भुरभुरा करने के लिए, बिजाई से पहले खेत की 2-3 बार जोताई करें और उसके बाद सुहागा फेरें खेत को नदीन-मुक्त रखें फरवरी महीने के पहले पखवाड़े में गांठों को नर्सरी बैडों पर बोयें पंक्ति से पंक्ति में 60x15 या 45 x 20 सैं.मी. का फासला रखें गांठों को 6-7.5 सैं.मी. की गहराई पर बोयें गांठो की हाथों से बिजाई की जाती है बीजों को मिट्टी में गहराई से बोया जाता है गांठों की बिजाई गड्डे खोद कर की जाती है इसके इलावा इसकी बिजाई आलुओं की तरह मशीन से भी की जा सकती है प्रति एकड़ खेत में 300-400 किलो गांठों का प्रयोग करें धन्यवाद

Posted by surendermalik
Haryana
31-12-2019 08:24 PM
श्रीमान जी, अरवी के बीज के उपचार के लिए बविस्टीन के 2% घोल में 30 मिनट के लिए गांठों को भिगोएं यह गांठों को मिट्टी में पैदा होने वाली बीमारीयों से बचाता है धन्यवाद
Posted by ਸਰਦਾਰ ਗੁਰਭੇਜ ਸਿੰਘ
Punjab
31-12-2019 07:44 PM
isde lai tuci Hitek injection di varto kro ehh chamdi vich lgda hai, iss nu sarir de bhar de hisab nal lgwao.

Posted by Magan singh
Chattisgarh
31-12-2019 07:40 PM
अच्छे जल निकास वाली हल्की या भारी, रेतली और चिकनी मिट्टी ज़मीनें इसके लिए अच्छी मानी जाती हैं खेत में पानी खड़ा ना होने दें, क्योंकि यह फसल खड़े पानी को सहने योग्य नहीं है खेत को 2-3 बार जोत कर और सुहागे से समतल करके तैयार करें हल्दी की बिजाई के लिए बैड 15 सैं.मी. ऊंचे, 1 मीटर चौड़े और आवश्यकनुसार लंबे होने चाहिए दो बैडो.... (Read More)
अच्छे जल निकास वाली हल्की या भारी, रेतली और चिकनी मिट्टी ज़मीनें इसके लिए अच्छी मानी जाती हैं खेत में पानी खड़ा ना होने दें, क्योंकि यह फसल खड़े पानी को सहने योग्य नहीं है खेत को 2-3 बार जोत कर और सुहागे से समतल करके तैयार करें हल्दी की बिजाई के लिए बैड 15 सैं.मी. ऊंचे, 1 मीटर चौड़े और आवश्यकनुसार लंबे होने चाहिए दो बैडों के बीच 50 सैं.मी. का फासला होना चाहिए अधिक पैदावार लेने के लिए बिजाई अप्रैल के अंत में करें इसे पनीरी के साथ भी उगाया जा सकता है इसके लिए जून के पहले पखवाड़े तक पनीरी खेत में लगा दें पनीरी के लिए 35-45 दिनों के पौधों को खेत में लगा दें राईज़ोमस को पंक्तियों में बीजें और पंक्ति से पंक्ति का फासला 30 सैं.मी. और पौधों में 20 सैं.मी. का फासला रखें बिजाई के बाद खेत में 2.5 टन प्रति एकड़ स्ट्रा मलच डालें बीज की गहराई 3 सैं.मी. से ज्यादा नहीं होनी चाहिए इसकी बिजाई सीधे खेत में लगाकर या पनीरी लगाकर की जाती है

Posted by Magan singh
Chattisgarh
31-12-2019 07:39 PM
अच्छे जल निकास वाली हल्की या भारी, रेतली और चिकनी मिट्टी ज़मीनें इसके लिए अच्छी मानी जाती हैं खेत में पानी खड़ा ना होने दें, क्योंकि यह फसल खड़े पानी को सहने योग्य नहीं है खेत को 2-3 बार जोत कर और सुहागे से समतल करके तैयार करें हल्दी की बिजाई के लिए बैड 15 सैं.मी. ऊंचे, 1 मीटर चौड़े और आवश्यकनुसार लंबे होने चाहिए दो बैडो.... (Read More)
अच्छे जल निकास वाली हल्की या भारी, रेतली और चिकनी मिट्टी ज़मीनें इसके लिए अच्छी मानी जाती हैं खेत में पानी खड़ा ना होने दें, क्योंकि यह फसल खड़े पानी को सहने योग्य नहीं है खेत को 2-3 बार जोत कर और सुहागे से समतल करके तैयार करें हल्दी की बिजाई के लिए बैड 15 सैं.मी. ऊंचे, 1 मीटर चौड़े और आवश्यकनुसार लंबे होने चाहिए दो बैडों के बीच 50 सैं.मी. का फासला होना चाहिए अधिक पैदावार लेने के लिए बिजाई अप्रैल के अंत में करें इसे पनीरी के साथ भी उगाया जा सकता है इसके लिए जून के पहले पखवाड़े तक पनीरी खेत में लगा दें पनीरी के लिए 35-45 दिनों के पौधों को खेत में लगा दें राईज़ोमस को पंक्तियों में बीजें और पंक्ति से पंक्ति का फासला 30 सैं.मी. और पौधों में 20 सैं.मी. का फासला रखें बिजाई के बाद खेत में 2.5 टन प्रति एकड़ स्ट्रा मलच डालें बीज की गहराई 3 सैं.मी. से ज्यादा नहीं होनी चाहिए इसकी बिजाई सीधे खेत में लगाकर या पनीरी लगाकर की जाती है

Posted by amit
Jharkhand
31-12-2019 07:17 PM
Shrimaan ji, ap cucumber ki kisme jaise ke Arka shital, Lucknow Early, Pant sankar khira 1, Pant Khira – 1, Pant Parthnocarpic khira 2, Pant Parthenocarpic khira-3, Swarna Ageti, Swarna Sheetal, Swarna Poorna ki bijai kar skate hain, dhanywad

Posted by kamal gupta
Uttar Pradesh
31-12-2019 07:03 PM
Shrimaan ji, ap January mein medicinal podhe jaise ke kalihari, amla, pudhina or stevia ki kheti kar sakte hain, stevia ki bijai ka sahi samay February se march tak ka hota hai, iski bijai January mein nahi ki ja sakti, ap is samay mein
genda ki bijai kar sakte hain, pashuon se bachav ke liye khet ki fencing karein, ya fir ap Prem Raj Saini ji ke sath samparak kar sakte hain 9719432296, inho ne ik khaad tiyar ki hai, jiski badbu se pashu keht mein nahi ata hai, dhanywad
Posted by Deepak kumar
Haryana
31-12-2019 06:58 PM
आपके सभी सवालो के जवाब दिए जा चुके है आप अपने सवालों के जवाब एप में मेरे सवाल पर क्लिक करके देख सकते हैं या फिर मेरी प्रोफाईल के नीचे अपने सवालों के जवाब देखसकते हैं यदि आपकी कोई ओर समस्या है तो आप हैल्प लाईन नंबर : 97799-77641 पर संपर्क कर सकते हैं

Posted by Yash Choudhary
Rajasthan
31-12-2019 06:55 PM
श्रीमान जी, कृपया आप बताये कि अपने इसमें अभी तक कौन सी खाद का इस्तेमाल किया है, ताकि आपको इसके बारे में सही जानकारी दी जा सके, धन्यवाद

Posted by ArunRoy
Bihar
31-12-2019 06:48 PM
Shrimaan ji, kripya ap apna sawal visthar se puchein ke ap alu mein kis spray ke bare mein jankari lena chahte hain, taki apko uske hisaab se jankari di ja sake, dhanywad

Posted by Bs Randhawa
Punjab
31-12-2019 06:47 PM
Randhawa ji jo egg nawe hunde hai ohna nu ubalan te shilke nal egg lgiya rehnda hai jekar tuci 4-5 din purane egg nu ubalde ho tan ohh iss trah nhi rehega.
Posted by chaudhary Indian farmer
Uttar Pradesh
31-12-2019 06:40 PM
श्रीमान जी, मिर्च की खेती पूरे वर्ष की जाती है खरीफ की फसल के लिए मई-जून और गर्मियों की फसल के लिए फरवरी - मार्च का समय मिर्च की रोपाई के लिए उपयुक्त होता है धन्यवाद

Posted by inderpal
Punjab
31-12-2019 06:27 PM
ਸ਼੍ਰੀਮਾਨ ਜੀ, ਭੂਈ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਲਈ , ਇੱਕ ਗੋਡੀ ਪਹਿਲੇ ਪਾਣੀ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾ ਅਤੇ ਬਾਅਦ ਵਿੱਚ ਦੂਸਰੀ ਗੋਡੀ ਕਰੋ ਬਿਜਾਈ ਤੋਂ 30 ਤੋਂ 35 ਦਿਨਾਂ ਵਿੱਚ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ 16 ਗ੍ਰਾਮ ਟੋਟਲ/ ਮਾਰਕਪਾਵਰ 75 ਡਬਲਯੂ ਜੀ (ਸਲਫੋਸਲਫੂਰਾਨ+ਮੈਟਸਲਫੂਰਾਨ) ਜਾਂ 160 ਗ੍ਰਾਮ ਐਟਲਾਂਟਿਸ 3.6 ਡਬਲਯੂ ਡੀ ਜੀ (ਮਿਜ਼ੋਸਲਫੂਰਾਨ+ਆਇਡੋਸਲਫੂਰਾਨ) ਜਾਂ 200 ਗ੍ਰਾਮ ਸ਼ਗਨ 21-11 (ਕਲੋਡੀਨਾਫੌਪ +ਮੈਟਰੀਬਿਊਜ਼ਿਨ)ਾਂ 240 ਗ੍ਰਾਮ ਏ ਸੀ ਐਮ 9 (.... (Read More)
ਸ਼੍ਰੀਮਾਨ ਜੀ, ਭੂਈ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਲਈ , ਇੱਕ ਗੋਡੀ ਪਹਿਲੇ ਪਾਣੀ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾ ਅਤੇ ਬਾਅਦ ਵਿੱਚ ਦੂਸਰੀ ਗੋਡੀ ਕਰੋ ਬਿਜਾਈ ਤੋਂ 30 ਤੋਂ 35 ਦਿਨਾਂ ਵਿੱਚ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ 16 ਗ੍ਰਾਮ ਟੋਟਲ/ ਮਾਰਕਪਾਵਰ 75 ਡਬਲਯੂ ਜੀ (ਸਲਫੋਸਲਫੂਰਾਨ+ਮੈਟਸਲਫੂਰਾਨ) ਜਾਂ 160 ਗ੍ਰਾਮ ਐਟਲਾਂਟਿਸ 3.6 ਡਬਲਯੂ ਡੀ ਜੀ (ਮਿਜ਼ੋਸਲਫੂਰਾਨ+ਆਇਡੋਸਲਫੂਰਾਨ) ਜਾਂ 200 ਗ੍ਰਾਮ ਸ਼ਗਨ 21-11 (ਕਲੋਡੀਨਾਫੌਪ +ਮੈਟਰੀਬਿਊਜ਼ਿਨ)ਾਂ 240 ਗ੍ਰਾਮ ਏ ਸੀ ਐਮ 9 (ਕਲੋਡੀਨਾਫੋਪ+ਮੈਟਰੀਬਿਊਜ਼ਿਨ)ਨੂੰ 150 ਲਿਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿੱਚ ਘੋਲ ਕੇ ਛਿੜਕਾਅ ਕਰੋ ਨੋਟ: ਅਕੌਰਡ ਪਲੱਸ/ਸ਼ਗਨ 21-11/ ਏ ਸੀ ਐਮ 9 ਨੂੰ ਕਣਕ ਦੀ ਉਨੰਤ ਪੀ ਬੀ ਡਬਲਯੂ 550 ਕਿਸਮਾਂ ਉਤੇ ਨਾ ਛਿੜਕੋ ਸ਼ਗਨ 21-11/ਏ ਸੀ ਐਮ 9 ਦਾ ਹਲਕੀਆਂ ਜ਼ਮੀਨਾਂ ਤੇ ਛਿੜਕਾਅ ਨਾ ਕਰੋ ਸ਼ਗਨ 21-11/ਏ ਸੀ ਐਮ 9 ਦਾ ਛਿੜਕਾਅ ਖਾਸ ਤੌਰ ਤੇ ਉਹਨਾਂ ਖੇਤਾਂ ਵਿੱਚ ਕਰੋ ਜਿੱਥੇ ਮੌਜੂਦਾ ਨਦੀਨਨਾਸ਼ਕਾਂ ਨਾਲ ਗੁੱਲੀ ਡੰਡਾ ਨਾ ਮਰਦਾ ਹੋਵੇ, ਟੋਟਲ/ ਮਾਰਕਪਾਵਰ ਵਾਲੇ ਖੇਤਾਂ ਵਿੱਚ ਚਰ੍ਹੀ (ਜਵਾਰ) ਅਤੇ ਮੱਕੀ ਨਾ ਬੀਜੋ ਜੇਕਰ ਕਣਕ ਵਿੱਚ ਗੋਭੀ ਸਰੋਂ/ਰਾਇਆ/ਛੋਲੇ ਜਾਂ ਕੋਈ ਹੋਰ ਚੌੜੀ ਪੱਤੀ ਵਾਲੀ ਫ਼ਸਲ ਬੀਜੀ ਹੋਵੇ ਤਾਂ ਇਹਨਾਂ ਨਦੀਨਨਾਸ਼ਕਾਂ ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਨਾ ਕਰੋ ਵਡਾਣਕ ਕਣਕ ਵਿੱਚ ਟੋਟਲ/ਮਾਰਕਪਾਵਰ/ਐਟਲਾਂਟਿਸ /ਅਕੌਰਡ ਪਲੱਸ/ਸ਼ਗਨ 21-11/ਏ ਸੀ ਐਮ 9 ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਨਾ ਕਰੋ ਨਦੀਨ ਨਾਸ਼ਕਾਂ ਦੀ ਵਰਤੋਂ/ਗੋਡੀ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਬਚੇ ਨਦੀਨਾਂ ਨੂੰ ਬੀਜ ਬਣਨ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾਂ ਪੁੱਟ ਦਿਉ ਧੰਨਵਾਦ
Posted by RAVENDRA SINGH
Uttar Pradesh
31-12-2019 06:19 PM
श्रीमान जी, यह पिछेता झुलसा रोग का हमला हुआ है, इसकी रोकथाम के लिए आप इसमें copper oxychloride @ 500 gm को 150 लीटर पानी में मिला कर प्रति एकड़ के हिसाब से स्प्रे करें, इसकी स्प्रे से यह बीमारी का समाधान हो जाये गा, धन्यवाद

Posted by chandra bhan singh
Uttar Pradesh
31-12-2019 06:16 PM
Shrimaan ji, makki ke podhe murjha gye hain kripya ap isme macchar ke hamle ki jaanch karein, agar hamla mojood ho to ap isme imidacloprid @ 1.5 ml prati liter pani ke hisaab se spray karein, dhanywad

Posted by Amit Raj
Bihar
31-12-2019 06:14 PM
मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजि.... (Read More)
मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजित किया जा रहा है प्रशिक्षण कार्य कर्म में भाग लेने के लिए नीचे दिए गए नम्बर पर आज ही संपर्क करें और Rs 250/ से अपना रजिस्ट्रेशन करवाए अचल सिंह (फाउंडर )- 9711858258. धन्यवाद

Posted by chandra bhan singh
Uttar Pradesh
31-12-2019 06:12 PM
Shrimaan ji, makki ke podhe murjha gye hain kripya ap isme macchar ke hamle ki jaanch karein, agar hamla mojood ho to ap isme imidacloprid @ 1.5 ml prati liter pani ke hisaab se spray karein, dhanywad

Posted by chandra bhan singh
Uttar Pradesh
31-12-2019 06:09 PM
Shrimaan ji, agara apki makka kali pad kar sukh rahi hai, to yeh jameen mein adhik nami ki vajah se fungus ka hamle ke karan hota hai, iski roktham ke liye ap carbendazim @ 4 gm ya mancozeb @ 4gm prati liter pani ke hisab se spray karein, dhanywad

Posted by Shiv
Madhya Pradesh
31-12-2019 06:08 PM
श्रीमान जी, धान के बीज उपचार के लिए बिजाई से पहले 10 लीटर पानी में 20 ग्राम कार्बेनडाज़िम + 1 ग्राम स्ट्रैप्टोसाईक्लिन घोल लें और इस घोल में बीजों को 8-10 घंटे तक भिगोयें उसके बाद बीजों को छांव में सुखाएं और फिर बीज बिजाई के लिए तैयार हैं फसल को जड़ गलन रोग से बचाने के लिए नीचे दिए गए फंगसनाशी का प्रयोग किया जा सकता है.... (Read More)
श्रीमान जी, धान के बीज उपचार के लिए बिजाई से पहले 10 लीटर पानी में 20 ग्राम कार्बेनडाज़िम + 1 ग्राम स्ट्रैप्टोसाईक्लिन घोल लें और इस घोल में बीजों को 8-10 घंटे तक भिगोयें उसके बाद बीजों को छांव में सुखाएं और फिर बीज बिजाई के लिए तैयार हैं फसल को जड़ गलन रोग से बचाने के लिए नीचे दिए गए फंगसनाशी का प्रयोग किया जा सकता है पहले रासायनिक फंगीनाशी का प्रयोग करें फिर बीजों का टराईकोडरमा के साथ उपचार करें धन्यवाद

Posted by mohammad ahmad khan
Karnataka
31-12-2019 06:08 PM
मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजि.... (Read More)
मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजित किया जा रहा है प्रशिक्षण कार्य कर्म में भाग लेने के लिए नीचे दिए गए नम्बर पर आज ही संपर्क करें और Rs 250/ से अपना रजिस्ट्रेशन करवाए अचल सिंह (फाउंडर )- 9711858258. धन्यवाद

Posted by sanjit Das
Odisha
31-12-2019 05:59 PM
Sir, for taking care of marigold please, use the recommended dose of fertilisers , provide irrigation on time and keep check on insect and pest attack on the plant, thank you

Posted by deven
Madhya Pradesh
31-12-2019 05:59 PM
श्रीमान जी लसहुन में एनपीके 191919 एक किलो को 100 लीटर पानी में मिलाकर स्प्रे कर सकते है।

Posted by Surinder Kaur
Punjab
31-12-2019 05:58 PM
Surinder ji kirpa krke usdi leg di video bnna ke bhejo ate uss nu chlla ke dekho ate video bhejo jiss nu dekh ke tuhanu sahi jankari diti ja skee.

Posted by Pavan Kumar
Uttar Pradesh
31-12-2019 05:55 PM
आलू में एनपीके 13.0.45 एक किलो प्रति एकड़ को 100 लीटर पानी में मिलाकर स्प्रे कर सकते है।
Posted by Umesh shukla
Bihar
31-12-2019 05:55 PM
Shrimaan ji, kripya ap aam ke ped ki photo bhejein taki dekh kar apko dekh kar uske bare mein sahi jankari di ja sake, dhanywad

Posted by Dhiraj Mandal
Maharashtra
31-12-2019 05:41 PM
श्रीमान जी, अच्छी उपज प्राप्त करने के लिए यूरिया 264 किलो , एस एस पी 276 किलो , म्यूरेट ऑफ पोटाश 72 किलो प्रति हैक्टर में डालें, नाइट्रोजन की 1/4 मात्रा और पोटाश और फासफोरस की पूरी मात्रा बिजाई के समय डालें, यूरिया की बाकी की मात्रा को दो भागों में बांटकर पहली मात्रा जब फसल घुटने तक के कद की हो जाए तब और दूसरी मात्रा ब.... (Read More)
श्रीमान जी, अच्छी उपज प्राप्त करने के लिए यूरिया 264 किलो , एस एस पी 276 किलो , म्यूरेट ऑफ पोटाश 72 किलो प्रति हैक्टर में डालें, नाइट्रोजन की 1/4 मात्रा और पोटाश और फासफोरस की पूरी मात्रा बिजाई के समय डालें, यूरिया की बाकी की मात्रा को दो भागों में बांटकर पहली मात्रा जब फसल घुटने तक के कद की हो जाए तब और दूसरी मात्रा बालियां निकलने के समय डालें धन्यवाद
Posted by ਲਖਵੀਰ ਸਿੰਘ
Punjab
31-12-2019 05:30 PM
tuci uss nu Injection Amoxirum Fort 4.5gm, Injection Megludyne 20ml, Injection Isoflud 5ml ate Avil injection 10ml lgwao, ehh tuci 3 din lgwao ate uss nu mitha sodha rojana 25gm deo, iss nal frak paa jawega.

Posted by guggu singh
Punjab
31-12-2019 05:29 PM
Guggu ji isdi varto infection vich kiti jndi hai ehh ek antibiotic injection hai, ehh bachedani de infection lai v ate saah narri de infection lai v vartia jnda hai.
Posted by तेजपाल जटिया
Rajasthan
31-12-2019 05:18 PM
श्रीमान जी, इसमें आप मच्छर के हमले की जांच करें, अगर इसमें हमला मौजूद हो तो आप इसमें imidacloprid @1.5 ml प्रति लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे करें, धन्यवाद
Posted by PRADEEP KUMAR
Uttar Pradesh
31-12-2019 05:10 PM
श्रीमान जी, इसे जैविक खाद कहते है, हरी खाद को खेत में ऊगा कर और खेत में ही जोत दिया जाता है, जैविक खाद तैयार करने के लिए आप एक गड्ढे में पत्ते , खरपतवार , गोबर, और भी जैविक चीजें मिला कर ऊपर waste decomposer की स्प्रे भी कर सकते हैं, फिर इससे ढक दें, और यह 4 से 5 महीने में तैयार हो जाती है, धन्यवाद
Posted by sany
Uttar Pradesh
31-12-2019 05:09 PM
Shrimaan ji, har fasal ke liye kheti ka alag tareeka hai, kripya ap bataye ke ap kis fasal ki kheti ke bare mein jankari lena chahte hain, taki apko iske bare mein bataya ja sake, dhanywad
Posted by Manojit Mandal
Maharashtra
31-12-2019 05:06 PM
Manojit ji iske liye aap nazdiki doctor ko bullakr iski bimari ki janch krwayen aur uske hisab se iska ilagg hoga, vase iss bimari ke bachacv ke liye pehle se ranikheti ki vaccination krwani jruri hai.
Posted by Prince Singh Bamniya
Punjab
31-12-2019 05:02 PM
Prince ji kirpa krke apna swal vistar nal pusho ji tuci kis jakham vare jankari lena chahunde ho oh jakham kis trike nal hoya hai ate usdi photo v bhejo, baki jyada vdia hai tuci uss nu nazdiki doctor ton jrur check krwao kyuki jakham de hisab nal injection v lgwaye jaa skde hai.

Posted by jays gore barde
Madhya Pradesh
31-12-2019 04:53 PM
यदि आप बकरी पालन के बारे में जानकारी लेना चाहते है तो बकरी पालन बहुत ही लाभकारी काम है शुरूआत करने के लिए आप 10 बकरियों और 2 बकरे के साथ कर सकत हैं इन्हें खुराक कम चाहिए इसलिए इन्हें आसानी से पाल सकते हैं ये हर प्रकार के मौसम में पाली जा सकती हैं बकरियां 12-14 महीने में बच्चे देना शुरू कर देती है बकरी का गर्भ समय 150 द.... (Read More)
यदि आप बकरी पालन के बारे में जानकारी लेना चाहते है तो बकरी पालन बहुत ही लाभकारी काम है शुरूआत करने के लिए आप 10 बकरियों और 2 बकरे के साथ कर सकत हैं इन्हें खुराक कम चाहिए इसलिए इन्हें आसानी से पाल सकते हैं ये हर प्रकार के मौसम में पाली जा सकती हैं बकरियां 12-14 महीने में बच्चे देना शुरू कर देती है बकरी का गर्भ समय 150 दिन का होता है और साल में 1-5 बच्चे देती है साल में दो बच्चे देना आम बात है बकरियां 8-10 वर्ष तक बच्चे देती हैं और अपन गिनती को तेजी से बढ़ा लेती हैं आप बारबरी, ब्लैक बंगाल, जैसी नसल पाल सकते हैं इसकी ट्रेनिेंग के लिए आप अपने कुषि विज्ञान केंद्र से संपर्क करे या फिर जो बकरी पालन का व्यवसाय कर रहा कोई किसान उसका फार्म स्वंय जाकर देखकर आयें तो और भी बारीकियों का पता चल जायेगा, आप ब्लैक बंगाल, बीटल, सिरोही, जमुनापरी, बरबरी नस्ल रख सकते हैं.

Posted by kundan kumar
Bihar
31-12-2019 04:52 PM
श्रीमान जी, ककड़ी की बुवाई का सही समय फरवरी-मार्च का महीना अनुकूल होता है, खालियों के बीच 200-250 सैं.मी. और मेंड़ों के बीच 60-90 सैं.मी. फासले का प्रयोग करें फसल के अच्छे विकास के लिए दो बीजों को एक जगह पर बोयें, बीजों को 2.5-4 सैं.मी गहराई में बोयें बीजों को बैड या मेंड़ पर सीधे बोया जाता है, इसकी देखभाल के लिए आप इसमें सिफा.... (Read More)
श्रीमान जी, ककड़ी की बुवाई का सही समय फरवरी-मार्च का महीना अनुकूल होता है, खालियों के बीच 200-250 सैं.मी. और मेंड़ों के बीच 60-90 सैं.मी. फासले का प्रयोग करें फसल के अच्छे विकास के लिए दो बीजों को एक जगह पर बोयें, बीजों को 2.5-4 सैं.मी गहराई में बोयें बीजों को बैड या मेंड़ पर सीधे बोया जाता है, इसकी देखभाल के लिए आप इसमें सिफारशी खादों का इस्तेमाल करें, इसमें समय से पानी दें , किसी बीमारी या कीट के हमले से बचाव रखें, धन्यवाद

Posted by kundan kumar
Bihar
31-12-2019 04:50 PM
श्रीमान जी, ककड़ी की बुवाई का सही समय फरवरी-मार्च का महीना अनुकूल होता है धन्यवाद

Posted by Ashish
Haryana
31-12-2019 04:47 PM
sir one year ki katti hai, usko deworming ke liye kon si goli de sakte hain, kitni Matra mein dein ?
Ashish ji usko aap pett ke kirro ke liye bendykind plus bolus de skte hai yeh aap usko sarir ke bhar ke hisab se de skte hai.

Posted by Gurlal Singh
Punjab
31-12-2019 04:43 PM
BhaaG 1quintal feed da formula Anaaj 40kg khal 30kg chokar or rice polish 30kg min mix 2kg namak 1kg rla lao Rajwa hara chaara te har 3kg dudh lai majh nu 1kg feed pao
Posted by अभिराम मिश्र
Bihar
31-12-2019 04:39 PM
उसे आप पेट के कीड़ों के लिए Fendykind plus गोली दें और हर तीन महीने के बाद पेट के कीड़ों की दवा जरूर दें इसके साथ साथ आप रोजाना 35—40 किलो हरा चारा उसके खाने के हिसाब से दें और अच्छी कंपनी की फीड डालें और उसे Enerboost powder 50-50gm सुबह शाम दें इससे कमज़ोरी दूर रहती है और शरीर का अच्छा विकास होता है

Posted by Manraj
Rajasthan
31-12-2019 04:37 PM
श्रीमान जी, गेहूं की फसल की ग्रोथ के लिए आप इसमें सिफारिश की गई खादों का इस्तेमाल करें, अगर फिर भी नहीं बढ़ रही है तो आप इसमें NPK 191919 @ 1 kg को 150 लीटर पानी में मिला कर प्रति एकड़ के हिसाब से स्प्रे करें, धन्यवाद
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