
Posted by ŘìtèŞh Kag
Madhya Pradesh
04-01-2020 04:43 PM
रितेश जी, कृपया आप भिंडी में छार की फोटो भेजें ताकि आपको इसके बारे में सही जानकारी दी जा सके, धन्यवाद
Posted by ram
Uttar Pradesh
04-01-2020 04:43 PM
Shrimaan ji, yeh fungus ka hamla hua hai, iski roktham ke liye ap m 45 @ 4 gm prati liter pani ke hisaab se spray karein, iski spray se gulab se jhulas rog ki roktham ho jati hai, dhanywad
Posted by jaspreet singh
Punjab
04-01-2020 04:41 PM
Jaspreet Singh ji, eh tat di ghaat di vajah nal pile pe jande han , tuc is vich NPK 191919 @ 10 gm prati liter pani de hisaab nal spray karo, dhanwad

Posted by sunilmeena
Madhya Pradesh
04-01-2020 04:40 PM
Sunilmeena ji, Pusa 1 ka rate is samay 2800 se 3000 rupay prati quintal ke hisaab se chal raha hai, iske badne ke bare mein koi aunmaan nahi lagaya ja sakta hai, kyu ki eh demand ke hisaab se jayda ya kam hota hai, dhanywad

Posted by Taranjeet Singh
Punjab
04-01-2020 04:33 PM
Taranjeet ji, barseem khuraki tat di kami de karan pilli pe rahi hai, tusi is vich NPK 191919 @ 10 gram prati liter pani de hisaab nal spray karo, is da rang sahi ho jaye ga, dhanwad

Posted by preet
Punjab
04-01-2020 04:28 PM
Hanji tuci albomar di varto kr skde ho isda koi nuksan nhi hai.

Posted by kanhiya ora
Rajasthan
04-01-2020 04:25 PM
कन्हैया जी, आप कृपया biogem के लेबल की फोटो भेजें ताकि आपको इसके बारे में सही जानकारी दी जा सके, धन्यवाद
Posted by jaskaran sekhon
Punjab
04-01-2020 04:18 PM
ਜਸਕਰਨ ਜੀ, ਕਿਰਪਾ ਕੇ ਕੇ ਦੱਸੋ ਕੇ ਤੁਸੀਂ ਇਸ ਵਿਚ ਕਿਹੜੀ ਸਪਰੇ ਦਾ ਇਸਤੇਮਾਲ ਕੀਤਾ ਹੈ, ਤਾਂਜੋ ਤੁਹਾਨੂੰ ਇਸ ਬਾਰੇ ਸਹੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਦਿੱਤੀ ਜਾ ਸਕੇ, ਧੰਨਵਾਦ
Posted by Surendra Kumar Sahu Surendra
Chattisgarh
04-01-2020 04:11 PM
सुरेंद्र जी, कृपया आप बताये कि अभी तक अपने इसमें कौन सी खाद का इस्तेमाल किया है, ताकि आपको इसके बारे में सही जानकारी दी जा सके, धन्यवाद
Posted by Bhagwant singh
Punjab
04-01-2020 04:09 PM
ਜੇਕਰ ਤੁਸੀ ਡੇਅਰੀ ਲੋਨ ਲੈਣਾ ਹੈ ਤਾਂ ਡੇਅਰੀ ਦੀ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਲਵੋ ਉਹ ਸਹੀ ਰਹੇਗਾ ਜੀ, ਉਸ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਵਿਚ ਤੁਹਾਨੂੰ ਲੋਨ ਵਾਰੇ ਸਾਰੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਦਿਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਡੇਅਰੀ ਦੀ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਲਈ ਪੰਜਾਬ ਡੇਅਰੀ ਵਿਕਾਸ ਬੋਰਡ ਵੱਲੋਂ ਬਹੁਤ ਸਾਰੇ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਸੈਂਟਰ ਬਣਾਏ ਗਏ ਹਨ, ਤੁਸੀ ਸਾਡੇ ਪੰਜਾਬ ਡੇਅਰੀ ਡਿਵੈਲਪਮੈਂਟ ਬੋਰਡ ਦੇ ਮੁੱਖ ਦਫਤਰ ਦੇ 0172-5027285 ਨੰਬਰ ਤੇ ਕਾਲ ਕਰਕੇ ਆਪਣਾ ਏਰੀਆ ਦੱਸ .... (Read More)
ਜੇਕਰ ਤੁਸੀ ਡੇਅਰੀ ਲੋਨ ਲੈਣਾ ਹੈ ਤਾਂ ਡੇਅਰੀ ਦੀ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਲਵੋ ਉਹ ਸਹੀ ਰਹੇਗਾ ਜੀ, ਉਸ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਵਿਚ ਤੁਹਾਨੂੰ ਲੋਨ ਵਾਰੇ ਸਾਰੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਦਿਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਡੇਅਰੀ ਦੀ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਲਈ ਪੰਜਾਬ ਡੇਅਰੀ ਵਿਕਾਸ ਬੋਰਡ ਵੱਲੋਂ ਬਹੁਤ ਸਾਰੇ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਸੈਂਟਰ ਬਣਾਏ ਗਏ ਹਨ, ਤੁਸੀ ਸਾਡੇ ਪੰਜਾਬ ਡੇਅਰੀ ਡਿਵੈਲਪਮੈਂਟ ਬੋਰਡ ਦੇ ਮੁੱਖ ਦਫਤਰ ਦੇ 0172-5027285 ਨੰਬਰ ਤੇ ਕਾਲ ਕਰਕੇ ਆਪਣਾ ਏਰੀਆ ਦੱਸ ਕੇ ਆਪਣੇ ਨਜ਼ਦੀਕੀ ਟ੍ਰੈਨਿੰਗ ਸੈਂਟਰ ਦਾ ਪਤਾ ਪੁੱਛ ਸਕਦੇ ਹੋ ਜਦੋਂ ਤੁਹਾਨੂੰ ਸਰਟੀਫਿਕੇਟ ਮਿਲ ਗਿਆ ਫਿਰ ਤੁਸੀ ਪਸ਼ੂ ਪਾਲਣ ਵਿਭਾਗ ਨਾਲ ਗੱਲ ਕਰੋ ਤੇ ਲੋਨ ਲਈ ਫਾਈਲ ਤਿਆਰ ਕਰਵਾਓ, ਬਾਕੀ ਇਸ ਵੀਡੀਓ ਵਿੱਚ ਪਸ਼ੂਆਂ ਤੇ ਲੋਨ ਲੈਣ ਦਾ ਤਰੀਕਾ ਬਾਰੇ ਡਿਟੇਲ ਨਾਲ ਦੱਸਿਆ ਗਿਆ ਹੈ ਜੀ, ਤੁਸੀ ਇਹ ਵੀਡੀਓ ਦੇਖੋ ਤੇ ਜੇਕਰ ਕਿਸੇ ਗੱਲ ਦੀ ਸਮਝ ਨਹੀ ਲੱਗੀ ਤਾਂ ਤੁਸੀ ਦੁਬਾਰਾ ਸਵਾਲ ਪੋਸਟ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਜੀ https://youtu.be/L9dsW7iAdgw

Posted by Sushil k agrawal
Chattisgarh
04-01-2020 04:05 PM
सुशिल जी, अलग-अलग राज्यों में बिजाई अक्तूबर के पहले पखवाड़े से मध्य नवंबर तक की जाती है दोहरे उद्देश्य वाली किस्मों की बिजाई नवंबर के पहले सप्ताह में करें, बारानी फसल को अगेती बिजाई की आवश्यकता होती है अगेती बिजाई, फसल को पत्तों के सफेद धब्बे रोग और कुंगी से बचाती है अलसी के लिए तापमान 21 से 26 डिग्री C का होना च.... (Read More)
सुशिल जी, अलग-अलग राज्यों में बिजाई अक्तूबर के पहले पखवाड़े से मध्य नवंबर तक की जाती है दोहरे उद्देश्य वाली किस्मों की बिजाई नवंबर के पहले सप्ताह में करें, बारानी फसल को अगेती बिजाई की आवश्यकता होती है अगेती बिजाई, फसल को पत्तों के सफेद धब्बे रोग और कुंगी से बचाती है अलसी के लिए तापमान 21 से 26 डिग्री C का होना चाहिए , धन्यवाद

Posted by ਚੂਹੜ ਪੁਰੀ
Punjab
04-01-2020 04:05 PM
Shrimaan ji, Barseem de podhe boht hi najuk hunde han, is upar kise chemical di spray di sifarish nahi kiti jandi hai, tuc amarvel nu godai kar ke saaf karo, dhanwad

Posted by Mukesh
Madhya Pradesh
04-01-2020 03:48 PM
मुकेश जी, इसमें फंगस का हमला हुआ है, आप फंगस की रोकथाम के लिए carbendazim @ 4 gm यां mancozeb @ 4 gm प्रति लीटर पानी एक हिसाब से स्प्रे करें, और इसकी अच्छी ग्रोथ के लिए आप इसमें NPK 191919 @ 10 ग्राम प्रति लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे करें, और इन दोनों की स्प्रे में 5 से 6 दिन का फ़ासला रखें, धन्यवाद

Posted by Amit Saini
Haryana
04-01-2020 03:47 PM
अमित जी आप सब्जियां जैसे राजमा, शिमला मिर्च, मूली, पालक, बैंगन, चप्पन कद्दू की बिजाई कर सकते है धन्यवाद
Posted by yadwinder ਯਾਦਵਿੰਦਰ
Punjab
04-01-2020 03:47 PM
tuci uss nu chara khurak vdia deo baki usdi umar te nirbhar krda hai kyuki pehli varr khargosh 5-6 month badd heat vich aundi hai jekar fir v heat vich nhi aundi tan tuci prajna capsule 1-1 swere sham deo, ehh 1 capsule 10 kharsola lai deo, iss nal 2 din vich heat vich aa jangia.
Posted by sk pathak
Uttar Pradesh
04-01-2020 03:45 PM
Sk pathak ji pipe lene ke lia aap VK Sarvottam Lapeta Pipe 7705010518, 9628550033 se samparak kar sakte hai, Thankyou.
Posted by Kishor Kumar
Uttar Pradesh
04-01-2020 03:45 PM
Shrimaan ji, gehun ki acchi paidawaar lene ke liye ap jab gehun nisrne lage gi us samay mein NPK 005234 @ 1 kg ko 150 liter pani mein mila kar prati acre ke hisaab se spray karein, dhanywad
Posted by lokesh
Haryana
04-01-2020 03:41 PM
यह कई तरह की मिट्टी में उगाई जाती है इसकी पैदावार के लिए नमकीन, क्षारीय और पानी खड़ा होने वाली मिट्टी से बचाव करें यह बढ़िया निकास वाली मिट्टी जिसमे बढ़िया जैविक तत्व मौजूद हों, में बढ़िया परिणाम देती है इसके बढ़िया विकास के लिए मिट्टी का pH 5.5-7 होना चाहिए Drudriha Tulsi: यह मुख्य रूप से बंगाल, नेपाल, चटगांव और महाराष्ट्र क्ष.... (Read More)
यह कई तरह की मिट्टी में उगाई जाती है इसकी पैदावार के लिए नमकीन, क्षारीय और पानी खड़ा होने वाली मिट्टी से बचाव करें यह बढ़िया निकास वाली मिट्टी जिसमे बढ़िया जैविक तत्व मौजूद हों, में बढ़िया परिणाम देती है इसके बढ़िया विकास के लिए मिट्टी का pH 5.5-7 होना चाहिए Drudriha Tulsi: यह मुख्य रूप से बंगाल, नेपाल, चटगांव और महाराष्ट्र क्षेत्रों में पाई जाती है यह गले को सूखेपन से राहत देता है यह हाथों, पैरों और गठिया की सूजन से आराम देता है Ram/Kali Tulsi (Ocimum canum): यह चीन, ब्राज़ील, पूर्व नेपाल और साथ ही बंगाल, बिहार, चटगांव और भारत के दक्षिणी क्षेत्रों में पाई जाती है इसका तना जामुनी और पत्ते हरे रंग के और बहुत ज्यादा सुगंधित होते है इसमें उचित मात्रा में औषधीय गुण जैसे ऐज़ाडिरैकटिन, ऐंटीफंगल , ऐंटीबैक्टीरियल, और पाचन तंत्र को ठीक रखती है यह गर्म क्षेत्रों में बढ़िया उगता है Babi Tulsi: यह पंजाब से त्रिवेंद्रम, बंगाल और बिहार में भी पाई जाती है इसका पौधा 1-2 फीट लम्बा होता है पत्ते 1-2 इंच लम्बे, अंडाकार और नुकीले होते है इसके पत्तों का स्वाद लौंग की तरह और सब्जियों में स्वाद के लिए प्रयोग किया जाता है तुलसी की खेती के लिए, अच्छी तरह से शुष्क मिट्टी की मांग की जाती है मिट्टी के भुरभुरा होने तक हैरो के साथ खेत की जोताई करें, फिर रूड़ी की खाद मिट्टी में मिलाएं तुलसी की रोपाई सीड बैड पर करें फरवरी के तीसरे महीने में नर्सरी बैड तैयार करें पौधे के विकास के अनुसार, 4.5 x 1.0 x 0.2 मीटर के सीड बैड तैयार करें बीजों को 60x60 सैं.मी. के फैसले पर बोयें बीजों को 2 सैं.मी. की गहराई पर बोयें बिजाई के 6-7 हफ्ते बाद, फसल की रोपाई खेत में करें तुलसी की खेती के लिए 120 ग्राम बीजों का प्रयोग प्रति एकड़ में करें फसल को मिट्टी से पैदा होने वाली बीमारीयों से रोकथाम के लिए, बिजाई से पहले मैनकोजेब 5 ग्राम प्रति किलोग्राम से बीजों का उपचार करें फसल की बढ़िया पैदावार के लिए बिजाई से पहले 15 टन रूड़ी की खाद मिट्टी में डालें तुलसी के बीजों को तैयार बैडों के साथ उचित अंतराल पर बोयें मानसून आने के 8 हफ्ते पहले बीजों को बैड पर बोयें बीजों को 2 सैं.मी. की गहराई पर बोयें बिजाई के बाद, रूड़ी की खाद और मिट्टी की पतली परत बीजों पर बना दें इसकी सिंचाई फुवारा विधि द्वारा की जाती है रोपाई के 15-20 दिनों के बाद, नए पौधों को तंदरुस्त बनाने के लिए 2% यूरिया का घोल डालें 6 हफ्ते पुराने और 4-5 पत्तों के अंकुरण होने पर अप्रैल के महीने में नए पौधे तैयार होते है तैयार बैडों को रोपाई 24 घंटे पहले पानी लगाएं ताकि पौधों को आसानी से उखाड़ा जा सकें और रोपाई के समय जड़ें मुलायम और सूजी हुई हो खेत की तैयारी के समय, रूड़ी की खाद को मिट्टी में मिलाएं खाद के तौर पर नाइट्रोजन 48 किलो(यूरिया 104 किलो), फासफोरस 24 किलो(सिंगल सुपर फासफेट 150 किलो) और पोटाश 24 किलो(मिउरेट 40 किलो) प्रति एकड़ में डालें नए पौधे लगाने के समय नाइट्रोजन की आधी मात्रा और फासफेट पेंटोऑक्साइड की पूरी मात्रा शुरुआती समय में डालें Mn 50 पी पी एम कंसंट्रेशन और Co@100 पी पी एम कंसंट्रेशन सूक्ष्म-तत्व डालें बाकी की बची हुई नाइट्रोजन को 2 हिस्सों में पहली और दूसरी कटाई के बाद डालें खेत को नदीनों से मुक्त करने के लिए कसी की मदद से गोड़ाई करें नदीनों की रोकथाम कम न होने पर यह फसल को नुकसान पहुंचाते है रोपण के एक महीने बाद पहली गोड़ाई और पहली गोड़ाई के चार हफ्ते बाद दूसरी गोड़ाई करें रोपण के दो महीने बाद कसी से अनुकूल गोड़ाई करें गर्मियों में, एक महीने में 3 सिंचाइयां करें और बरसात के मौसम में, सिंचाई की आवश्यकता नहीं होती एक साल में 12-15 सिंचाइयां करनी चाहिए पहली सिंचाई रोपण के बाद करें और दूसरी सिंचाई नए पौधों के स्थिर होने पर करें 2 सिंचाइयां करनी आवश्यक है और बाकी की सिंचाई मौसम के आधार पर करें इसके मंडीकरण के लिए आप Aushadhiya kheti vikas sansthan 6268536795 से संपर्क कर सकते हैं धन्यवाद

Posted by ritu
Haryana
04-01-2020 03:41 PM
पपीते की खेती को मिट्टी की व्यापक किस्मों में उगाया जा सकता है अच्छे निकास वाली पहाड़ी मिट्टी पपीते की खेती के लिए उपयुक्त होती है रेतली और भारी मिट्टी में इसकी खेती ना करें पपीते की खेती के लिए मिट्टी की पी एच 6.5-7.0 होनी चाहिए प्रसिद्ध किस्में :-Pusa Dwarf: इसके फल मध्यम आकार के और अंडाकार होते हैं यह सूखे को सहनेयोग्.... (Read More)
पपीते की खेती को मिट्टी की व्यापक किस्मों में उगाया जा सकता है अच्छे निकास वाली पहाड़ी मिट्टी पपीते की खेती के लिए उपयुक्त होती है रेतली और भारी मिट्टी में इसकी खेती ना करें पपीते की खेती के लिए मिट्टी की पी एच 6.5-7.0 होनी चाहिए प्रसिद्ध किस्में :-Pusa Dwarf: इसके फल मध्यम आकार के और अंडाकार होते हैं यह सूखे को सहनेयोग्य किस्म है यह उच्च घनत्व में रोपाई के लिए लाभदायक है Pusa Giant: इस किस्म के पौधे तेज हवा को सहनेयोग्य है यह बड़े फलों का उत्पादन करती है यह पैकिंग के लिए उपयुक्त किस्म है CO 3: इसके फल बड़े आकार के और अंडाकार होते हैं इसे ज्यादा देर तक रखने की गुणवत्ता अच्छी होती है CO 1: यह छोटे कद की किस्म है जिसके फल मध्यम आकार के होते हैं फल गोलाकार, नर्म हरा-पीला छिल्का और संतरी पीले रंग का गुद्दा होता है फल रसदार होता है और इसे ज्यादा देर तक रखने की गुणवत्ता अच्छी होती है Coorg Honey Dew: इसे सीधे तौर पर खाने के लिए और प्रक्रिया के लिए प्रयोग किया जाता है इसके फल आयताकार और गुद्दा मोटा संतरी रंग का होता है Pusa Majesty: इसके फल मध्यम आकार के, गोल होते हैं इन्हें रखने की गुणवत्ता बहुत अच्छी होती है यह किस्म 146 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है यह किस्म जड़ गलन निमाटोड के प्रतिरोधक किस्म है Pusa Delicious: यह मध्यम लंबी किस्म है इसके फल मध्यम आकार के होते हैं, गुद्दा गहरे संतरी रंग का होता है इस किस्म को कतारों में लगाने के लिए प्रयोग किया जाता है पपीते की खेती के लिए नदीन रहित भूमि का प्रयोग करें मिट्टी के भुरभुरा होने तक खेत की जोताई करें आखिरी जोताई के समय अच्छी तरह से गली हुई रूड़ी की खाद या गाय का गला हुआ गोबर मिट्टी में अच्छी तरह मिलाकर डालें सिफारिश किए गए फासलों पर 1 मीटर x 1 मीटर x 1 मीटर आकार के गड्ढे खोदें गड्ढों को मिट्टी और रूड़ी की खाद या गाय के गले हुए गोबर से भरें प्रयोग की गई किस्म के आधार पर प्रत्येक गड्ढे पर 2-4 नए पौधों की रोपाई करें रोपाई के बाद हल्की सिंचाई करें हवा से बचाव के लिए खूंटा लगाएं बीजों को 150 गेज़ की मोटाई वाले, 25 x 10 सैं.मी. के पॉलीथीन बैग में बोयें पानी के उचित निकास के लिए पॉलीथीन बैग के निचले हिस्से में 1 मि.मी. अर्द्धव्यास का छेद करें उसके बाद पॉलीथीन बैग में समान अनुपात में रूड़ी की खाद, मिट्टी और रेत डालें बिजाई से पहले बीजों का उपचार करें रोपाई के लिए 6-7 सप्ताह के पौधों का प्रयोग करें यूरिया 150 ग्राम, फासफोरस 80 ग्राम, पोटाश 100 ग्राम प्रति वृक्ष में प्रति वर्ष डालें खादों को 4 भागों में बांटकर रोपाई के बाद पहले, तीसरे, पांचवे और सातवें महीने में डालें बसंत के मौसम में फरवरी मार्च के महीने में बिजाई करें जबकि मॉनसून के मौसम में बिजाई के लिए जून जुलाई का महीना उपयुक्त होता है और पतझड़ के मौसम में बिजाई अक्तूबर से नवंबर महीने में की जाती है आमतौर पर 1.8 मीटर x 1.8 मीटर फासले का प्रयोग किया जाता है उच्च घनता की रोपाई के लिए 1.5 मीटर x 1.5 मीटर फासले का प्रयोग किया जाता है नर्सरी में बीज को 1 सैं.मी. की गहराई पर बोयें बीजो की खेत में सीधे बिजाई या मुख्य खेत में नए पौधों की रोपाई की जाती है 100-120 ग्राम बीज प्रति एकड़ में प्रयोग करें मिट्टी की किस्म, जलवायु के हालातों आदि के आधार पर सिंचाई करें सर्दियों में 15 दिनों के अंतराल पर और गर्मियों में 7 दिनों के अंतराल पर सिंचाई करें तने को पानी के संपर्क में ना आने दें और खेत में पानी भी खड़ा ना होने दें पौधे की प्रौढ़ अवस्था के दौरान नदीनों की रोकथाम जरूरी होती है नदीनों की तीव्रता के आधार पर, नियमित और हल्की गोडाई करें फ्लूक्लोरालिन या बूटाक्लोर 800 मि.ली. प्रति एकड़ में डालें नदीनों की रोकथाम के लिए मलचिंग भी एक प्रभावी तरीका है पौधों की रोपाई के कुछ दिनों बाद प्लास्टिक शीट या धान की पराली या गन्ने के बचे कुचे को मलच के रूप में डालें मुख्यत: फल के पूरा आकार लेने और हरे से हल्का पीला रंग होने पर तुड़ाई की जाती है पहली तुड़ाई रोपाई के 14-15 महीनों के बाद की जा सकती है 4-5 तुड़ाइयां प्रति मौसम की जा सकती हैं धन्यवाद
Posted by siyaram.patel.jamunipur
Uttar Pradesh
04-01-2020 03:37 PM
siyaram ji aap iske uper NPK 191919@1 kilo ko 150 litre pani ke hisab se spray karen.dhanywad

Posted by naresh
Uttar Pradesh
04-01-2020 03:35 PM
नरेश जी, अगर कीटनाशक अधिक है तो यह खेत में असर करेगी, कृपया आप अपनी फसल की फोटो भेजें ताकि आपको देख कर इसका उपचार बताया जा सके, धन्यवाद

Posted by AASHISH KUMAR GUPTA
Chattisgarh
04-01-2020 03:32 PM
प्याज़ एक प्रसिद्ध व्यापक सब्जी वाली प्रजाति है इसकी खेती अलग-अलग किस्म की मिट्टी जैसे की रेतली दोमट, चिकनी, गार और भारी मिट्टी में की जा सकती है यह गहरी दोमट और जलोढ़ मिट्टी, जिसका निकास प्रबंध बढ़िया, नमी को बरकरार रखने की समर्थता, जैविक तत्वों वाली मिट्टी में बढ़िया परिणाम देती है विरली और रेतली मिट्टी इसकी ख.... (Read More)
प्याज़ एक प्रसिद्ध व्यापक सब्जी वाली प्रजाति है इसकी खेती अलग-अलग किस्म की मिट्टी जैसे की रेतली दोमट, चिकनी, गार और भारी मिट्टी में की जा सकती है यह गहरी दोमट और जलोढ़ मिट्टी, जिसका निकास प्रबंध बढ़िया, नमी को बरकरार रखने की समर्थता, जैविक तत्वों वाली मिट्टी में बढ़िया परिणाम देती है विरली और रेतली मिट्टी इसकी खेती के लिए बढ़िया नहीं मानी जाती है, क्योंकि मिट्टी के घटिया जमाव के कारण इसमें गांठों का उत्पादन सही नहीं होता है इसकी खेती के लिए मिट्टी का pH 6-7 होना चाहिए प्रसिद्ध किस्में:-alyanpur Red Round: यह उत्तर प्रदेश की प्रसद्धि किस्म है इसकी गांठे भूरे रंग की और गोलाकार आकार की होती हैं इसके पौधे 150-160 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाते हैं इसकी औसतन पैदावार 8-10 टन प्रति एकड़ होती है Bhima Shakti: यह खरीफ के साथ साथ रबी के मौसम में उगाने के लिए उपयुक्त है यह किस्म रोपाई के 130 दिन बाद कटाई के लिए तैयार हो जाती है इसकी औसतन पैदावारा 170 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Arka Kalyan: इसकी गांठे गहरे गुलाबी रंग की होती हैं इसकी औसतन पैदावार 135 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Pusa White Round: इसकी गांठे सफेद, गोल और समतल होती हैं इसकी औसतन पैदावार 120 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Pusa white flat: इसकी गांठे सफेद, चपटी और मध्यम से बड़े आकार की होती हैं यह किस्म डीहाइड्रेशन के लिए उपयुक्त है मिट्टी को भुरभुरा बनाने के लिए तीन-चार बार गहराई से जोताई करें मिट्टी में जैविक तत्वों की मात्रा बढ़ाने के लिए रूड़ी की खाद डालें फिर खेत को छोटे-छोटे प्लाटों में बांट दे नर्सरी तैयार करने के उचित समय मध्य-अक्तूबर से मध्य-नवबंर होता है नए पौधे मध्य-दिसंबर से मध्य-जनवरी तक रोपाई के लिए तैयार हो जाते है रोपाई के लिए 10-15 सैं.मी. कद के पौधे चुनें खरीफ के मौसम में रोपाई के लिए मई से जून का महीना नर्सरी तैयार करने के लिए उपयुक्त होता है बिजाई के 6-8 सप्ताह बाद नए पौधे रोपाई के लिए तैयार हो जाते हैं जुलाई -अगस्त के महीने में रोपण कर दें रोपण के समय, पंक्तियों के बीच 15 सैं.मी. और पौधों के बीच 10 सैं.मी. का फासला रखें नर्सरी में बीज 1-2 सैं.मी. गहराई पर बोयें बिजाई के लिए रोपण विधि का प्रयोग करें एक एकड़ के लिए 2-3 किलो बीज का प्रयोग करें उखेड़ा रोग और कांव-गियारी से बचाव के लिए थीरम 2 ग्राम+बैनोमाइल 50 डब्लयू पी 1 ग्राम प्रति लीटर पानी से प्रति किलो बीजों का उपचार करें रासायनिक उपचार के बाद बायो एजेंट ट्राईकोडर्मा विराइड 2 ग्राम के साथ प्रति किलो बीजों का उपचार करने की सिफारिश की जाती है इस तरह करने से नए पौधे मिट्टी से पैदा होने वाली और अन्य बीमारीयों से बच जाते है बिजाई से 10 दिन पहले 20 टन रूड़ी की खाद डालें नाइट्रोजन 30 किलो(यूरिया 65 किलो), फासफोरस 16 किलो(सिंगल सुपर फासफेट 100 किलो) और पोटाश 16 किलो(मिउरेट ऑफ़ पोटाश 30 किलो) प्रति एकड़ डालें फासफोरस और पोटाश की पूरी मात्रा और नाइट्रोजन की आधी मात्रा रोपण के समय डालें बाकी बची नाइट्रोजन को दो भागों में बांटकर रोपाई के बाद टॉप ड्रेसिंग के तौर पर 30वें और 45वें दिन डालें मिट्टी की किसम और जलवायु के आधार पर सिंचाई की मात्रा और आवर्ती का फैसला करें आमतौर पर, इसे 5-8 सिंचाइयों की आवश्यकता होती है पहली सिंचाई बिजाई के तुरंत बाद करें और दूसरी सिंचाई रोपाई के तीन दिन बाद करें बाकी की सिंचाई आवश्यकता और मिट्टी में नमी के आधार पर 7-10 दिनों के अंतराल पर करें पुटाई के 10-15 दिन पहले सिंचाई बंद कर दें अत्याधिक सिंचाई ना करें शुरुआत में नए पौधे धीरे-धीरे बढ़ते है इसलिए नुकसान से बचाव के लिए गोड़ाई की जगह रासायनिक नदीन-नाशक का प्रयोग करें रोकथाम के लिए बिजाई से 72 घंटे में पेंडीमैथालीन(स्टंप) 1 लीटर को 200 लीटर पानी में मिलाकर प्रति एकड़ में स्प्रे करें नदीनों के अंकुरण उपरांत बिजाई से 7 दिन बाद आक्सीफ्लोरफैन 425 मि.ली. को 200 लीटर पानी में मिलाकर प्रति एकड़ में स्प्रे करें नदीनों की रोकथाम के लिए 2-3 गोड़ाईयों की सिफारिश की जाती है पहली गोड़ाई बिजाई से एक महीने बाद और दूसरी गोड़ाई, पहली से एक महीने बाद करें सही समय पर पुटाई करना बहुत जरूरी है पुटाई का समय किस्म,ऋतु,मंडी रेट आदि पर निर्भर करता है 50% पौधे की पत्तियां नीचे की तरफ गिरना दर्शाता है कि फसल पुटाई के लिए तैयार है फसल की पुटाई हाथों से प्याज़ को उखाड़ कर की जाती है पुटाई के बाद इनको 2-3 दिन के लिए अनावश्यक नमी निकालने के लिए खेत में छोड़ दे धन्यवाद
Posted by अम्बुज शुक्ला
Uttar Pradesh
04-01-2020 03:31 PM
अम्बुज शुक्ला जी नमस्कार जी , आप खेती और पशुओं से संबंधित अपना सवाल को फोटो और ऑडियो के साथ भी पूछ सकते है जी. अगर आपको एप में सवाल पूछने से संबंधित कोई परेशानी आ रही है तो आप हमारे हेल्पलाइन नंबर 9779977641 पर कॉल कर सकते है जी

Posted by satwinder singh
Punjab
04-01-2020 03:28 PM
ਸਤਵਿੰਦਰ ਸਿੰਘ ਜੀ, ਇਸ ਵਿਚ ਫੰਗਸ ਦਾ ਹਮਲਾ ਦਿਖਾਈ ਦੇ ਰਿਹਾ ਹੈ, ਇਹ ਜਮੀਨ ਵਿਚ ਜ਼ਿਆਦਾ ਨਮੀ ਹੋਣ ਕਰੇ ਕੇ ਹੋ ਜਾਂਦਾ ਹੈ, ਤੁਸੀਂ ਇਸ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਲਈ ਇਸ ਵਿਚ sulphur @ 3 ਤੋਂ 5 ਕਿਲੋ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਛਿੱਟਾ ਦੋ, ਅਜਿਹਾ ਕਰਣ ਨਾਲ ਫੰਗਸ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈ, ਧੰਨਵਾਦ

Posted by Dharmendra kumar
Uttar Pradesh
04-01-2020 03:18 PM
धर्मेंद्र जी कृपया आप बताये कि आपने इसमें पहले क्या क्या खाद डाली है ताकि आपको उसके बारे में पूरी जानकारी दी जा सके धन्यवाद
Posted by Dhirendra Singh
Uttar Pradesh
04-01-2020 03:13 PM
मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजि.... (Read More)
मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजित किया जा रहा है प्रशिक्षण कार्य कर्म में भाग लेने के लिए नीचे दिए गए नम्बर पर आज ही संपर्क करें और Rs 250/ से अपना रजिस्ट्रेशन करवाए अचल सिंह (फाउंडर )- 9711858258. धन्यवाद

Posted by ਜਗਦੀਪ
Punjab
04-01-2020 03:00 PM
ਸ਼੍ਰੀਮਾਨ ਜੀ, ਤੁਸੀ ਕਣਕ ਵਿਚ ਸੁੰਡੀ ਦੇ ਹਮਲੇ ਦੀ ਜਾਂਚ ਕਰੋ, ਜੇਕਰ ਸੁੰਡੀ ਮੌਜੂਦ ਹੋਵੇ ਤਾਂ ਇਸ ਵਿੱਚ ਤੁਸੀਂ quinalphos @ 800 ml ਨੂੰ 150 ਲਿਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿੱਚ ਮਿਲਾ ਕੇ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਸਪਰੇ ਕਰੋ, ਧੰਨਵਾਦ
Posted by gurveer bhullar
Punjab
04-01-2020 03:00 PM
ਸ਼੍ਰੀਮਾਨ ਜੀ, ਕੱਦੂ ਦੀ ਖੇਤੀ ਲਈ ਜ਼ਮੀਨ ਨੂੰ ਚੰਗੀ ਤਰ੍ਹਾਂ ਨਾਲ ਤਿਆਰ ਕਰੋ ਮਿੱਟੀ ਦੇ ਭੁਰਭੁਰਾ ਹੋਣ ਤੱਕ ਜ਼ਮੀਨ ਨੂੰ ਚੰਗੀ ਤਰ੍ਹਾਂ ਵਾਹੋ ਅਤੇ ਫਿਰ ਸੁਹਾਗਾ ਫੇਰੋ ਇਸ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਲਈ ਫਰਵਰੀ-ਮਾਰਚ, ਜੂਨ-ਜੁਲਾਈ ਅਤੇ ਨਵੰਬਰ-ਦਸੰਬਰ ਮਹੀਨੇ ਦਾ ਸਮਾਂ ਉਚਿੱਤ ਹੈ ਕਤਾਰਾਂ ਵਿੱਚ 2.0-2.5 ਮੀਟਰ ਅਤੇ ਪੌਦਿਆਂ ਵਿੱਚ 45-60 ਸੈਂ.ਮੀ. ਫਾਸਲਾ ਰੱਖੋ ਬੀਜ ਨੂੰ 1-2 ਸੈਂ.ਮੀ. ਡੂੰਘਾਈ ਤੇ ਬੀਜੋ ਧੰਨਵਾਦ
Posted by Ramdayal Chaudhary
Rajasthan
04-01-2020 02:56 PM
डेयरी फार्मिंग के लिए लोन अलग अलग कामों के लिए मिलता है जैसे शैड के लिए, पशुओं के लिए, डेयरी मशीनरी के लिए सबसे पहले आपने जिसके लिए लोन लेना है उस संबंधी आवेदन नज़दीक के डिप्टी डायरेक्टर को मिलकर दें, इसके लिए आपके पास डेयरी ट्रेनिंग होनी जरूरी है उसके सर्टीफिकेट के हिसाब से आपको लोन मिलेगा यह ट्रेनिंग आप अप.... (Read More)
डेयरी फार्मिंग के लिए लोन अलग अलग कामों के लिए मिलता है जैसे शैड के लिए, पशुओं के लिए, डेयरी मशीनरी के लिए सबसे पहले आपने जिसके लिए लोन लेना है उस संबंधी आवेदन नज़दीक के डिप्टी डायरेक्टर को मिलकर दें, इसके लिए आपके पास डेयरी ट्रेनिंग होनी जरूरी है उसके सर्टीफिकेट के हिसाब से आपको लोन मिलेगा यह ट्रेनिंग आप अपने नज़दीकी केवीके से प्राप्त कर सकते है वहां समय समय पर ट्रेनिंग दी जाती है आप वहां जाकर अपना फार्म भर आए जब भी वहां ट्रेनिंग होगी तो आपको फोन करके बता दिया जाएगा, इस ट्रेनिंग में आपको डेयरी लोन और सब्सिड़ी के बारे में सारी जानकारी प्राप्त हो जाएगी.
Posted by Ramdayal Chaudhary
Rajasthan
04-01-2020 02:54 PM
Ramdayal Chaudhary ji is ke bare me visthar me jankari ake lia aap Japinder Wadhawan 9478810324 se samparak kar sakte hai, Thankyou.
Posted by Sarabjit Singh
Punjab
04-01-2020 02:52 PM
Sarabjit g, ਮੱਕੀ ਦੀ ਬਿਜਾਈ 20 ਜਨਵਰੀ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਚ ਕਰੋ Dekalb 9108, Pioneer 31/45, ਕਿਸਮਾਂ ਚੋ ਚੋਣ ਕਰੋ ਬੈੱਡ ਬਣਾ ਕੇ ਲੇਬਰ ਤੋਂ ਬੀਜ ਦਾ ਚੋਭਾ ਦਿਓ

Posted by ਧਰਮਿੰਦਰ ਸਿੰਘ
Punjab
04-01-2020 02:50 PM
Dharminder singh ji organic farming Certification lai tusi Dr Madhu Gill 7087487008 Punjab Agro Indu. Corp. LTD (Call Timing 10ap - 5pm) nal samparak kar sakde ho, Thankyou.
Posted by prabalpratapsingh
Uttar Pradesh
04-01-2020 02:44 PM
prabalpratapsingh ji kripya aap btaye ke genhu men aapne kon kon si khaad daali hai taki aapko uske hisab se jankari di ja sake,dhanywad
Posted by Datta T Achari
Karnataka
04-01-2020 02:43 PM
मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजि.... (Read More)
मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजित किया जा रहा है प्रशिक्षण कार्य कर्म में भाग लेने के लिए नीचे दिए गए नम्बर पर आज ही संपर्क करें और Rs 250/ से अपना रजिस्ट्रेशन करवाए अचल सिंह (फाउंडर )- 9711858258. धन्यवाद

Posted by ਜਗਦੀਪ
Punjab
04-01-2020 02:33 PM
ਸ਼੍ਰੀਮਾਨ ਜੀ, ਤੁਸੀ ਕਣਕ ਵਿਚ ਸੁੰਡੀ ਦੇ ਹਮਲੇ ਦੀ ਜਾਂਚ ਕਰੋ, ਜੇਕਰ ਸੁੰਡੀ ਮੌਜੂਦ ਹੋਵੇ ਤਾਂ ਇਸ ਵਿੱਚ ਤੁਸੀਂ quinalphos @ 800 ml ਨੂੰ 150 ਲਿਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿੱਚ ਮਿਲਾ ਕੇ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਸਪਰੇ ਕਰੋ, ਧੰਨਵਾਦ
Posted by yadwinder ਯਾਦਵਿੰਦਰ
Punjab
04-01-2020 02:25 PM
tuci uss nu chara khurak vdia deo baki usdi umar te nirbhar krda hai kyuki pehli varr khargosh 5-6 month badd heat vich aundi hai jekar fir v heat vich nhi aundi tan tuci prajna capsule 1-1 swere sham deo, ehh 1 capsule 10 kharsola lai deo, iss nal 2 din vich heat vich aa jangia.

Posted by yadwinder singh
Punjab
04-01-2020 02:23 PM
Shrimaan ji, tusi khaad di varton sifarshi kiti dose nalo jayada payi hai, kirpa kar ke is de asar hon tak intjaar karo, ise dose nal hi kanak vich vaadha ho jaye ga, jayada khaad de istemal nal vi kanak nu nuksaan hunda hai, is layi hun tuc is vich koi khaad di varton na karo, dhanwad

Posted by Rajwinder singh Dhillon
Punjab
04-01-2020 02:16 PM
ਸ਼੍ਰੀਮਾਨ ਜੀ, ਕਿਰਪਾ ਕਰ ਕੇ ਤੁਸੀਂ ਆਪਣਾ ਸਵਾਲ ਵਿਸਥਾਰ ਨਾਲ ਪੁਛੋ ਕੇ ਤੁਸੀਂ ਇਸ ਬਾਰੇ ਕਿ ਜਾਣਕਾਰੀ ਲੈਣਾ ਚਾਹੁੰਦੇ ਹੋ, ਤਾਂਜੋ ਤੁਹਾਨੂੰ ਇਸ ਬਾਰੇ ਪੂਰੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਦਿਤੀ ਜਾ ਸਕੇ, ਧੰਨਵਾਦ

Posted by Rajwinder singh Dhillon
Punjab
04-01-2020 02:14 PM
ਇਸ ਲਈ ਤੁਸੀ 1-2 ਕਿਲੋ ਦੀ ਪੈਕਿੰਗ ਕਰੋ ਤੇ ਪੈਕਟ ਵਿੱਚ ਰੇਟ ਤੇ ਆਪਣਾ ਪਤਾ ਲਿਖ ਕੇ ਕਿਤੇ ਨੇੜੇ ਦੇ ਕਿਸਾਨ ਮੇਲੇ ਜਾ ਹੋਰ ਕਿਤੇ ਸਟਾਲ ਲਗਾ ਕੇ ਸੇਲ ਕਰੋ , ਬਾਕੀ ਜੇਕਰ ਪੈਕਿੰਗ ਤੇ ਮੰਡੀਕਰਨ ਵੱਡੇ ਪੱਧਰ ਤੇ ਕਰਨਾ ਹੈ ਤਾਂ ਤੁਸੀ ਮੇਰੇ ਨਾਲ 98140 19470 ਨੰਬਰ ਤੇ ਸੰਪਰਕ ਕਰੋ ਜੀ

Posted by surajeet singh
Punjab
04-01-2020 02:14 PM
Surajeet ji iss nu tuci vdia khurak deni suru kro kyuki khurak de nal vdia growth hundi hai baki iss nu khurak de nal nal B-complex liquid 15ml /100birds de hisab nal deo, iss nal v vdia growth howegi.

Posted by preetam khede
Madhya Pradesh
04-01-2020 02:03 PM
Shrimaan ji, khet ko naapne ke liye boht sari applications play store ya app store par uplabdh hai, ap unhey download kar ke apne khet ko naap sakte hain, par iske bare mein koi pushti nahi ki ja sakti hai ke yeh applications koi sahi minti karein gi, dhanywad
Posted by Vijay Kumar Verma
Uttar Pradesh
04-01-2020 01:58 PM
मोटे आलुओं की पैदावार के लिए 13:00:45, 2 किलो और मैगनीश्यिम ई डी टी ए 100 ग्राम प्रति एकड़ की स्प्रे करें बीमारियों के हमले को रोकने के लिए फंगसनाशी प्रॉपीनेब 3 ग्राम प्रति लीटर पानी डालें आलुओं का आकार और गिणती बढ़ाने के लिए हयूमिक एसिड (12 प्रतिशत) 3 ग्राम + एम ए पी 12:61:00 की 8 ग्राम या डी ए पी 15 ग्राम प्रति लीटर की स्प्रे पौधे .... (Read More)
मोटे आलुओं की पैदावार के लिए 13:00:45, 2 किलो और मैगनीश्यिम ई डी टी ए 100 ग्राम प्रति एकड़ की स्प्रे करें बीमारियों के हमले को रोकने के लिए फंगसनाशी प्रॉपीनेब 3 ग्राम प्रति लीटर पानी डालें आलुओं का आकार और गिणती बढ़ाने के लिए हयूमिक एसिड (12 प्रतिशत) 3 ग्राम + एम ए पी 12:61:00 की 8 ग्राम या डी ए पी 15 ग्राम प्रति लीटर की स्प्रे पौधे की वृद्धि के समय करें

Posted by jatinder singh
Punjab
04-01-2020 01:56 PM
Jatinder ji tuci uss nu pett de kiria lai Flukarid-Ds bolus deo atee uss nu Agrimin powder 50gm rojana ate Sharkoferol liquid 50-50ml swere sham deo, iss nal frak paa jawega.

Posted by prabhjot singh
Punjab
04-01-2020 01:55 PM
Prabhjot ji iss nal koi jyada frak nhi penda hai kyuki fatt ate dudh pashu di sahi khurak usdi sahi dekhbhal te hunda hai, tuci uss nu vdemia di khal , saro di khal v deni suru kro ate vdia khurak de nal nal Fatmax powder 50gm rojana dena suru kro..

Posted by prabhjot singh
Punjab
04-01-2020 01:54 PM
Prabhjot ji jekar ohh khall sukki khandi hai tan tuci uss nu sukki khal khan lai deo, kyuki ehh pashu de khann te nirbhar krda hai jiss trike nal pashu khall khnda hai uss hisab nal deo.

Posted by prabhjot singh
Punjab
04-01-2020 01:53 PM
Hanji thik hai ji tuci uss nu vdia khurak de nal nal her 3 mahine badd pet de kiria lai goli v jrur deo, jiss nal pashu di vdia growth hundi hai.

Posted by Vishnu dhaker
Rajasthan
04-01-2020 01:50 PM
कृपया आप अपना सवाल विस्तार से पूछें कि आप सरसों के बारे में क्या जानकारी लेना चाहते है ताकि आपको सही जानकारी दी जा सके
Posted by suraj chaurasiya
Uttar Pradesh
04-01-2020 01:49 PM
सूरज जी यदि आपकी गाय हीट में नहीं आ रही है तो आप इसे पेट के कीड़ों के लिए Bendykind plus गोली दें और Bovimin-B पाउडर 100 ग्राम रोजाना दें और Ovumin advance tablet रोजाना एक गोली दें और 21 दिन तक देते रहें इससे हीट में आ जाएगी ..
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