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Posted by jaswant singh
Punjab
05-01-2020 12:01 AM
Punjab
01-06-2020 06:34 PM
Jaswant ji isde semen da sahi rate tuci apne nazdiki sarkari hospital ton ptaa kr skde ho kyuki milk di capacity de hisab nal rate alag alag hunda hai.
Posted by Vedprakash Sharma
Uttar Pradesh
04-01-2020 11:49 PM
Punjab
01-06-2020 10:13 AM
खुम्ब की किस्में कई प्रकार की होती है जैसे कि बटन खुम्ब, डीगरी, शटाकी खुम्ब, पराली खुम्ब, और मिलकी खुम्ब इनमे से कुइ खुम्ब सर्दियो के मौसम में और कुछ गर्मीयों के मौसम में लगाये जाते है और हर खुम्ब को लगाने का समय अलग अलग है जैसे बटन खुम्ब का समय सितंबर से मार्च तक होता है इस समय में हम तीन फसले ले सकते है शटाकी ख.... (Read More)
खुम्ब की किस्में कई प्रकार की होती है जैसे कि बटन खुम्ब, डीगरी, शटाकी खुम्ब, पराली खुम्ब, और मिलकी खुम्ब इनमे से कुइ खुम्ब सर्दियो के मौसम में और कुछ गर्मीयों के मौसम में लगाये जाते है और हर खुम्ब को लगाने का समय अलग अलग है जैसे बटन खुम्ब का समय सितंबर से मार्च तक होता है इस समय में हम तीन फसले ले सकते है शटाकी खुम्ब का समय अक्तूबर से मध्य फरवरी तक हैं इस समय हम एक फसल ही ले सकते है पराली खुम्ब का समय अप्रैल से अगस्त तक है इस समय हम चार फसले ले सकते है मिलकी खुम्ब का समय अप्रैल से सितंबर तक है आप अब अप्रैल में मिलकी या पराली खुम्ब लगा सकते है पराली खुमब के लिए आपको पराली, बीज, बांस, सेबा, आदि की जरूरत है पराली के पूले, धानो की पराली 1-1 किलो के पूले दोनो सिरो से सेबे से बांध कर तैयार किये जाते है पूले के सिरे कांट कर एक सार कर लिए जाते है पूलो की क्यिारी लगाना पराली के पूलो को साफ पानी में 16-20 घंटो के लिए डूबो दे गिले पूलो को ढलान पर रख कर फालतू पानी को निकलने दे कमरे ईटो और बांस से एक पलेटफार्म बनाये इस पलेटफार्म पर 5 पूलो की एक तहय लगाये जिसके ऊपर 75 ग्राम बीज डाले इसके ऊपर की तहय उलट होती है इस प्रकार 5-5 पूलो की तहय में 300 ग्राम बीज डाल कर कियारी तैयार करे सबसे ऊपर दो पूलो को खोलकर रख दे खुम्बो का फूटना बिजाई से 7-9 दिनो के बाद खुम्ब फूटने लगती है पानी और हवा का संचार बिजाई के दो दिन के बाद हर रोज पानी का छिडका करे खुम्बो के फूटने के बाद हवा का संचार 6-8 घंटे प्रति दिन किया जाता है खुम्बो की तूडाई खुम्बो के फूटने के बाद 1-2 दिनो के बाद तोडाई के योग्य हो जाती है मिलकी खुम्ब मिलकी खुम्ब के लिए तूडी, बीज, मोमी लिफाफे, सेबा, केसिंग,मिट्टी आदि होने चाहिये तूडी की तैयारी सूकी तूडी को पक्के फर्श पर बिछा कर 16-20 घंटे पानी से गिला करे गिली तूडी को बोरी में भर कर सेबे से बांध दे इस बोरी को उबलते पानी में 45-50 मिनट रखें तूडी को निकालकर पक्के फर्श पर बिछा कर ठंडा करे यह तूडी बिजाई के लिए तैयार है बिजाई ठंडी तूडी में बीज मिलाकर मोमी लिफाफो में भर दें एक मोमी लिफाफें में लगभग 2 किलो गिली तूडी और 70-80 ग्राम बीज पडता है लिफाफे के मुंह को सेबे से अच्छी तरह बांध कर कमरे में रख दे केसिंग बिजाई के दो तीन हफतो के बाद लिफाफे खोलकर केसिंग की 1-1.5 की तहय लगा दें केसिंग में तूडी और रेतली मिट्टी होती है 24 घंटो के लिए 4 प्रतिशत फारमलेन के घोल से जीवाणु रहित किया जाता है खुम्बो का फूटना केसिंग मिट्टी डालने के लगभग दो हफतो में खुम्बो के छोटे छोटे किणके निकलने शुरू हो जाते है और 4-5 दिन के बाद तोडने योग्य हो जाते है खुम्बो की तूडाई लगभग 35-40 दिनो तक की जाती है
Posted by sonu
Uttar Pradesh
04-01-2020 11:03 PM
Maharashtra
01-06-2020 11:45 AM
सोनू जी, इसमें लघु तत्व की कमी है, इसके लिए आप इसमें NPK 191919 @ 10 gm को प्रति लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे करें, इसकी स्प्रे से यह सही हो जायेगे, धन्यवाद
Posted by subodh kumar
Jharkhand
04-01-2020 10:57 PM
Maharashtra
01-06-2020 11:52 AM
श्रीमान जी, मुख्य मौसम की किस्मों के लिए अगस्त के महीने में बिजाई पूरी की जाती है, जबकि पिछेती किस्मों की बिजाई अक्तूबर महीने की जाती है, जनवरी में गोभी की बुवाई नहीं की जा सकती है, जनवरी के महीने में आप सब्जिया जैसे के शिमला मिर्च, मूली, पालक, बैंगन, चप्पन कद्दू की बुवाई कर सकते हैं, धन्यवाद
Posted by Irfan khan
Rajasthan
04-01-2020 10:43 PM
Punjab
01-05-2020 08:27 AM
Irfan ji vase ton pashu ke gabhin honne se 3 mahine ke badd doctor se janch krwani chahiye jisse pashu ke gabhin honne ka sahi ptaa lgta hai, iske ilawa gabhin pashu da pett bhar aane lgta hai, uske thann motte hone lgte hai aur lewa vdhtta hai, jisse gabhin pashu ka pta lgaya ja skta hai.
Posted by Vipendr Singh
Uttar Pradesh
04-01-2020 10:29 PM
Maharashtra
01-06-2020 12:13 PM
श्रीमान जी, पोपलर की खेती क्षारीय और खारी मिट्टी में ना करें यह उपजाऊ मिट्टी, जिसमें जैविक तत्वों की उच्च मात्रा हो, में उगाये जाने पर अच्छे परिणाम देती है पोपलर की खेती के लिए मिट्टी का pH 5.8-8.5 होना चाहिए मिट्टी के भुरभुरा होने तक खेत की 2-3 बार जोताई करें यदि जिंक की कमी हो तो खेत की तैयारी के समय जिंक सलफेट 10 कि.... (Read More)
श्रीमान जी, पोपलर की खेती क्षारीय और खारी मिट्टी में ना करें यह उपजाऊ मिट्टी, जिसमें जैविक तत्वों की उच्च मात्रा हो, में उगाये जाने पर अच्छे परिणाम देती है पोपलर की खेती के लिए मिट्टी का pH 5.8-8.5 होना चाहिए मिट्टी के भुरभुरा होने तक खेत की 2-3 बार जोताई करें यदि जिंक की कमी हो तो खेत की तैयारी के समय जिंक सलफेट 10 किलोग्राम प्रति एकड़ में डालें पोपलर के नए पौधे की रोपाई के लिए जनवरी से फरवरी का समय अच्छा होता है रोपाई 15 फरवरी से 10 मार्च में की जा सकती है एक एकड़ में 182 पौधे लगाने के लिए 5x5 मीटर के फासले का प्रयोग करें या 396 पौधे प्रति एकड़ में लगाने के लिए 5 मीटर x 4 मीटर या 6 मीटर x 2 मीटर और 476 पौधे प्रति एकड़ में लगाने के लिए 5 मीटर x 2 मीटर फासले का प्रयोग करें रोपाई के लिए 1 मीटर गड्ढा खोदें और पौधे को इसी गड्ढे में लगाएं मिट्टी में गले हुए गाय का गोबर 2 किलो, म्यूरेट ऑफ पोटाश 25 ग्राम और सिंगल सुपर फासफेट 50 ग्राम मिलायें इसकी बिजाई सीधे या पनीरी लगाकर की जाती है एक एकड़ में 182 पौधे लगाने के लिए 5x5 मीटर के फासले का प्रयोग करें या 396 पौधे प्रति एकड़ में लगाने के लिए 5मीटर x 4 मीटर या 6 मीटर x 2 मीटर और 476 पौधे प्रति एकड़ में लगाने के लिए 5 मीटरx 2 मीटर फासले का प्रयोग करें पहले दो सालों में अंतर फसली ली जा सकती है पोपलर की खेती शुरूआत समय में किसान के लिए बहुत लाभ देने वाली होती है अंतर फसली के तौर पर फसलें जैसे गन्ना, हल्दी और अदरक की खेती की जा सकती है नए पौधों को कीटों और बीमारियों से बचाने के लिए, रोपाई से पहले नए पौधों को फंगसनाशी से उपचार करना चाहिए उपचार से पहले प्रभावित जड़ों की छंटाई करनी चाहिए नए पौधे का क्लोरोपाइरीफॉस 250 मि.ली. को 100 लीटर पानी से 10-15 मिनट के लिए उपचार करें इसके बाद नए पौधों को एमीसान 6, 200 ग्राम को 100 लीटर पानी में 20 मिनट के लिए डालें पहले साल में गाय के गले हुए गोबर 8 किलो के साथ यूरिया + एस एस पी 50 ग्राम प्रति पौधे में डालें दूसरे और तीसरे साल के दौरान गाय का गला हुआ गोबर 10 किलो और 15 किलो यूरिया + एस एस पी 80 ग्राम और 150 ग्राम प्रति पौधे में डालें चौथे और अगले सालों में गाय का गला हुआ गोबर 15 किलो और यूरिया + एस एस पी 200 ग्राम प्रति पौधे में डालें पहले वर्ष के दौरान मॉनसून के शुरू होने तक 7 दिनों के अंतराल पर हल्की और लगातार सिंचाई करें अक्तूबर-दिसंबर महीने में प्रति महीना दो सिंचाई करें दूसरे वर्ष में सर्दियों के मौसम में 15-20 दिनों के अंतराल पर सिंचाई करें और गर्मियों के महीने में 7 दिनों के अंतराल पर सिंचाई करें तीसरे वर्ष में और अगले वर्षों में गर्मियों में प्रति महीने दो सिंचाई करें धन्यवाद
Posted by Narayan m. ingale
Goa
04-01-2020 10:16 PM
Rajasthan
01-06-2020 10:00 AM
मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्यकर्म आयोजित.... (Read More)
मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्यकर्म आयोजित किया जा रहा है प्रशिक्षण कार्यकर्म में भाग लेने के लिए नीचे दिए गए नंबर पर आज ही संपर्क करें और Rs 250/ से अपना रजिस्ट्रेशन करवाए अचल सिंह (फाउंडर )- 9711858258. धन्यवाद
Posted by Dr.shrimal Rajput
Madhya Pradesh
04-01-2020 10:13 PM
Punjab
01-05-2020 03:56 AM
shrimaan g aap gehu ki fasal mein NPK 005234 @500 gm per acre ko 100 liter pani mein mila ke spray kr skte ho g..
Posted by shyam patel
Rajasthan
04-01-2020 10:07 PM
Punjab
01-06-2020 12:17 PM
श्रीमान जी, ड्रैगन फल के बारे में पूरी जानकारी और इसके पौधे लेने के लिए आप Satnam Singh Aulakh 9592806807 जी के साथ सम्पर्क करें, यह आपको इसके बारे में पूरी जानकारी प्रधान करे गे, धन्यवाद
Posted by Karamjit Singh
Punjab
04-01-2020 09:59 PM
Punjab
01-05-2020 08:31 AM
silage tyar krnn lai tuci Dekalb 9108 kisam vdia rehndi hai..
Posted by virendra bahadur
Uttar Pradesh
04-01-2020 09:57 PM
Rajasthan
01-05-2020 08:32 AM
मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजि.... (Read More)
मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजित किया जा रहा है प्रशिक्षण कार्य कर्म में भाग लेने के लिए नीचे दिए गए नम्बर पर आज ही संपर्क करें और Rs 250/ से अपना रजिस्ट्रेशन करवाए अचल सिंह (फाउंडर )- 9711858258. धन्यवाद
Posted by ਰਵਿੰਦਰ ਸਿੰਘ
Punjab
04-01-2020 09:57 PM
Punjab
01-05-2020 03:58 AM
ਸ੍ਰੀ ਮਾਨ ਜੀ ਕਣਕ ਵਿੱਚ ਗੁੱਲੀ ਡੰਡੇ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਲਈ ਐਕਸਿਲ @400 ਮਿਲੀਲਿਟਰ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਸਪਰੇਅ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਜੀ ਅਤੇ ਬਾਥੂ ਲਈ 2-4D 58%@250 ਮਿਲੀਲਿਟਰ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਅਲਗ ਸਪਰੇਅ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਜੀ
Posted by Surendra Jajra
Rajasthan
04-01-2020 09:52 PM
Maharashtra
01-06-2020 12:19 PM
Shrimaan ji, kripya ap jire ki jad mein dheemka ke hamle ki jaanch karein, agar dheemka ka hamla mojood ho to ap isme chlorpyriphos @ 750 ml ko 60 kilo mitti mein mila kar prati acre ke hisaab se shinta dein, esa karne ke dheemak khatam ho jata hai, dhanywad
Posted by Hind Wala Qazi
Uttar Pradesh
04-01-2020 09:48 PM
Punjab
01-05-2020 08:35 AM
Aap bakri ko byane ke se pehle hara chara dena suru kren jaise berseem, makhan ghass abhi chl raha hai iss trah aap mousam ke hisab se chara de skte hai jithna woh asani se hajam krr skte hai fir aap usko byane se 4-5 din ke badd thodi thodi feed deni suru kren aur hare chare mai sukha chara millakr de skte hai..
Posted by naveen rajput
Madhya Pradesh
04-01-2020 09:46 PM
Maharashtra
01-06-2020 12:23 PM
Shrimaan ji, aam ko dheemk ke hamle se bachane ke liye ap isme chlorpyriphos @ 4ml prati liter pani ke hisaab se prati podhe mein spray karein, is spray se dheemak ki roktham ho jati hai, dhanwyad
Posted by yogesh
Madhya Pradesh
04-01-2020 09:43 PM
Maharashtra
01-06-2020 12:26 PM
Posted by Praveen kumar
Madhya Pradesh
04-01-2020 09:42 PM
Punjab
03-26-2020 07:50 AM
प्रवीण कुमार जी यदि आप नया ट्रेक्टर लेना चाहते हैं तो आप प्रधान मंत्री ट्रेक्टर योजना का लाभ उठा सकते हैं इस योजना के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप अपने नजदीकी SBI बैंक से संम्पर्क करें धन्यवाद
Posted by Gurpreet Singh
Punjab
04-01-2020 09:41 PM
Punjab
01-06-2020 12:30 PM
ਸ਼੍ਰੀਮਾਨ ਜੀ, ਜਨਵਰੀ ਦੇ ਮਹੀਨੇ ਵਿੱਚ ਤੁਸੀ ਇਸ ਵਿੱਚ ਸਬਜ਼ੀਆਂ ਜਿਵੇਂ ਕੇ ਚੱਪਣ ਕੱਦੂ, ਸ਼ਿਮਲਾ ਮਿਰਚ, ਪਾਲਕ, ਬੈਂਗਣ ਦੀ ਖੇਤੀ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ, ਇਸ ਤੋਂ ਇਲਾਵਾ ਤੁਸੀ ਇਸ ਵਿੱਚ medicinal ਪੌਦੇ ਜਿਵੇਂ ਕੇ ਕਲਿਹਾਰੀ, ਪੁਧਿਨਾ ਦੀ ਖੇਤੀ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ, ਧੰਨਵਾਦ
Posted by Rajendra Prasad
Rajasthan
04-01-2020 09:38 PM
Punjab
01-08-2020 11:06 AM
राजेंद्र जी, आप मालाबार नीम के पौधे लेने के लिए और इसके बारे में पूरी जानकारी के लिए Radhe Sham 7727065370 Avishkar Agrotech जी से संपर्क करें, यह आपको इसकी सब्सिडी के बारे में बता दें गे, धन्यवाद
Posted by ਜੱਸ
Punjab
04-01-2020 09:33 PM
Punjab
01-06-2020 01:28 PM
ਸ਼੍ਰੀਮਾਨ ਜੀ, ਮਾਲਟੇ ਦੇ ਬਾਗ਼ ਨੂੰ ਖ਼ਾਦ ਫ਼ਰਵਰੀ ਦੇ ਮਹੀਨੇ ਵਿੱਚ ਦਿੱਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ। ਜੇਕਰ ਬਾਗ਼ ਦੀ ਉਮਰ 1 ਤੋਂ 3 ਸਾਲ ਤੱਕ ਹੈ ਤਾਂ ਇਸ ਵਿੱਚ ਤੁਸੀਂ ਰੂੜੀ ਦੀ ਖਾਦ 10 ਤੋਂ 30 ਕਿੱਲੋ/ਬੂਟਾ, 240-720 ਗ੍ਰਾਮ ਯੂਰੀਆ ਪ੍ਰਤੀ ਪੌਦੇ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਪਾਓ। 4 ਤੋਂ 7 ਸਾਲ ਤੱਕ ਹੈ ਤਾਂ ਇਸ ਵਿੱਚ ਤੁਸੀਂ ਰੂੜੀ ਦੀ ਖਾਦ 40-80 ਕਿੱਲੋ/ਬੂਟਾ, 960 ਤੋਂ 1680 ਗ੍ਰਾਮ ਯੂਰੀਆ ਅਤੇ ਸੁਪਰਫਾਸਫੇਟ 1360-2400 ਗ੍ਰਾਮ ਪ੍ਰਤੀ ਪੌਦੇ ਦ.... (Read More)
ਸ਼੍ਰੀਮਾਨ ਜੀ, ਮਾਲਟੇ ਦੇ ਬਾਗ਼ ਨੂੰ ਖ਼ਾਦ ਫ਼ਰਵਰੀ ਦੇ ਮਹੀਨੇ ਵਿੱਚ ਦਿੱਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ। ਜੇਕਰ ਬਾਗ਼ ਦੀ ਉਮਰ 1 ਤੋਂ 3 ਸਾਲ ਤੱਕ ਹੈ ਤਾਂ ਇਸ ਵਿੱਚ ਤੁਸੀਂ ਰੂੜੀ ਦੀ ਖਾਦ 10 ਤੋਂ 30 ਕਿੱਲੋ/ਬੂਟਾ, 240-720 ਗ੍ਰਾਮ ਯੂਰੀਆ ਪ੍ਰਤੀ ਪੌਦੇ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਪਾਓ। 4 ਤੋਂ 7 ਸਾਲ ਤੱਕ ਹੈ ਤਾਂ ਇਸ ਵਿੱਚ ਤੁਸੀਂ ਰੂੜੀ ਦੀ ਖਾਦ 40-80 ਕਿੱਲੋ/ਬੂਟਾ, 960 ਤੋਂ 1680 ਗ੍ਰਾਮ ਯੂਰੀਆ ਅਤੇ ਸੁਪਰਫਾਸਫੇਟ 1360-2400 ਗ੍ਰਾਮ ਪ੍ਰਤੀ ਪੌਦੇ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਪਾਓ ਅਤੇ ਜੇਕਰ ਬਾਗ਼ ਦੀ ਉਮਰ 8 ਜਾਂ 8 ਸਾਲ ਤੋਂ ਜ਼ਿਆਦਾ ਹੈ ਤਾਂ ਇਸ ਵਿੱਚ ਰੂੜੀ ਦੀ ਖਾਦ 100 ਕਿੱਲੋ/ਬੂਟਾ, 1920 ਗ੍ਰਾਮ ਯੂਰੀਆ ਅਤੇ ਸੁਪਰਫਾਸਫੇਟ 2720 ਗ੍ਰਾਮ ਪਾਇਆ ਜਾਂਦਾ ਹੈ, ਧੰਨਵਾਦ।
Posted by Rahul gill
Punjab
04-01-2020 09:31 PM
Punjab
01-05-2020 08:59 AM
usko aap Biotrim(IM) injection 15ml lgwayen aur usko Enrofloxacin injection 15ml lgwayen aur Halotas tablet 1-1 goli subah sham den isse frak padd jayega.
Posted by Rajendra Prasad
Rajasthan
04-01-2020 09:30 PM
Maharashtra
01-08-2020 10:57 AM
मालाबार नीम (Meliaceae) परिवार से निकलती है और भारत दक्षिण पूर्व एशिया और ऑस्ट्रेलिया, जहां यह जलाऊ लकड़ी का एक स्रोत के रूप में खेती की गई है मालाबार नीम के पेड़ की खेती सभी प्रकार की मिट्टी में की जा सकती है और पानी की कम आपूर्ति की आवश्यकता होती है मालाबार नीम रोपण से 2 साल के भीतर 40 फुट तक उचाई लेलेता है, मालाबार नी.... (Read More)
मालाबार नीम (Meliaceae) परिवार से निकलती है और भारत दक्षिण पूर्व एशिया और ऑस्ट्रेलिया, जहां यह जलाऊ लकड़ी का एक स्रोत के रूप में खेती की गई है मालाबार नीम के पेड़ की खेती सभी प्रकार की मिट्टी में की जा सकती है और पानी की कम आपूर्ति की आवश्यकता होती है मालाबार नीम रोपण से 2 साल के भीतर 40 फुट तक उचाई लेलेता है, मालाबार नीम एक नकदी नीम परिवार से संबंधित है इस पेड़ अपनी तेजी से विकास के लिए जाना जाता है हाल के दिनों में कर्नाटक के आसपास के किसान, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और केरल में इस वृक्ष की बढ़ी मात्रा में फार्मिंग कर रहे है और इसका प्रयोग सस्ती वुड (plywood इंडस्ट्री) के रूप में कर रहे है यदि पेड़ो को सिंचित किया जाये तो 5 वर्ष के अंत में काटा जा सकता है और प्लाई के लिए प्रयोग किया जासकता है मार्च - अप्रैल के दौरान बीज बोना सबसे अच्छा है साफ और सूखे बीजों को खुली हुई नर्सरी बेड में, ड्रिल किए गए लाइनों में, 5 सेमी अलग से बोना चाहिए रेत में बीज अंकुरित नहीं होते हैं उन्हें मिट्टी में बोया जाता है इसके लिए: खेत यार्ड खाद 2: 1 के अनुपात में या फिर 1: 1 अनुपात भी अपनाया जा सकता है एक मानक नर्सरी बेड के लिए लगभग 1500 की संख्या वाले 6-7 किलोग्राम सूखे ड्रिप की आवश्यकता होती है बोए गए बीजों को नियमित रूप से, दिन में दो बार पानी पिलाया जाना चाहिए उन स्थानों पर जहां दिन का तापमान बहुत अधिक नहीं है, या जहां नर्सरी बेड छाया में हैं, नर्सरी बेड को मध्यम में तापमान बनाए रखने के लिए तिरपाल शीट से ढंकना चाहिए ध्यान रहे 90 दिनों के भीतर बीज का अंकुरण होता है 5x5 मीटर का की दुरी को अच्छा माना गया है जबकि 8x8 मीटर का अंतर आदर्श है उर्वरकों की मदद से पौधे की वृद्धि और विकास को बढ़ाया जा सकता है वृक्षों के तेज विकास के लिए नियमित सिंचाई की आवश्यकता होती है शुरुआती विकास के लिए तीन महीने तक के लिए लगातार पानी देना और तीन महीने में एक बार उर्वरक का इस्तेमाल करने से काफी तेज़ी से विकास होता है, बारिश की स्थिति के तहत, पौधे के विकास की गति धीमी हो जाती है (लगभग 100% कम) जमीन से 8-10 मीटर पर पेड़ की शाखाएं हर छह महीने में प्रूनिंग करने से ब्रांचिंग नियंत्रित होती है मालाबार नीम की खेती के लिए मिट्टी की आवश्यकता: - यह विभिन्न प्रकार की मिट्टी पर उगती है कभी-कभी गहरी उपजाऊ रेतीली दोमट मिट्टी इष्टतम विकास दिखाती है, जबकि उथली बजरी मिट्टी तुरंत विकास को दर्शाती है मेलिया नामक एक अच्छी एग्रोफोरेस्ट्री प्रजाति है, और इसकी खेती की अवधि में अनेक प्रकार की फसलों का समर्थन करती है ग्राउंड नट, मिर्च, हल्दी, काले चने, पपीता, केला, खरबूजा, गन्ना, इन फसलों की सफलतापूर्वक खेती की जा सकती है बीजों को पकने, धोने और सुखाने के द्वारा पकने वाले फलों को (जनवरी - फरवरी) से एकत्र किया जाता है और सील किए गए टिनों में संग्रहित किया जाता है बीज की अंकुरण क्षमता 25% से कम होती है नर्सरी में, बीज को नर्सरी बेड में बोया जाता है सबसे अच्छा बीज उपचार एक दिन के लिए बीज को काऊडूंग घोल से उपचारित करना माना जाता है फिर उपचारित बीजों को उठे हुए नर्सरी बेड के ऊपर बोया जाता है बीज को अंकुरित होने में एक या दो महीने लगते हैं सिंचाई नियमित रूप से की जानी चाहिए अंकुर को अपनी नर्सरी अवस्था को पूरा करने में 6 महीने लगते हैं छह से नौ महीने पुरानी रोपाई 3x3m या 3x4m के अंतर पर लगाई जा सकती है सीधे बेलनाकार बोल्स प्राप्त करने के लिए वार्षिक छंटाई की जाती है पेड़ गैर-बरसात के मौसम में हर 10 - 15 दिनों में एक बार सिंचाई के लिए अच्छी तरह से प्रतिक्रिया करता है यह एक अच्छी लकड़ी है और प्लाईवुड उद्योग के लिए सबसे पसंदीदा प्रजाति है लकड़ी का उपयोग पैकिंग के लिए, छत के तख्तों, भवन निर्माण के उद्देश्यों, कृषि उपकरणों, पेंसिलों, माचिस की डिब्बी, मोचियों, संगीत वाद्ययंत्रों और चाय के बक्सों के लिए भी किया जाता है क्योंकि लकड़ी स्वयं द्वारा दीमक रोधी होती है इस प्रकार, इसकी बहुउद्देशीय उपयोगिताओं के कारण प्रजाति का एक तैयार और सुनिश्चित बाजार है प्रजाति भी अत्यधिक अनुकूलनीय है प्लाईवुड उद्योगों द्वारा प्रजाति की अत्यधिक मांग है आप इसके पौधे लेने के लिए Radhe Sham 7727065370 Avishkar Agrotech जी से संपर्क करें धन्यवाद
Posted by Ombirsarpanch Birpal
Haryana
04-01-2020 09:27 PM
Punjab
01-06-2020 07:13 PM
Birpal ji isko aap amicamicin injection aur Gentanicin injection dono mix krke 1/2ml lgayen isse frak padd jayega.
Posted by Sanjay mukati
Madhya Pradesh
04-01-2020 09:22 PM
Maharashtra
01-06-2020 01:08 PM
Shrimaan ji, yeh macchar ke hamle ke vajah se hua hai, ap iski roktham ke liye isme imidacloprid @ 1.5 ml prati liter pani ke hisaab se spray karein, or iski stem bhi gal rahi hai, yeh fungus ke hamle ke karan ho raha hai, ap iski roktham ke liye carbendazim @ 4 gm ya mancozeb @ 4gm prati liter pani ke hisaab se spray karein, in dono ki spray mein 4-5 din ka fasla rakein, dhanywad dhanywad
Posted by baljinder gill
Punjab
04-01-2020 09:03 PM
Punjab
01-05-2020 03:59 AM
shrimaan g gulli dande di roktham lyi Axial @400 ml per acre ja Leader @13 gm per acre da spray kr skde ho g..
Posted by देवेन्द्र चौधरी
Uttar Pradesh
04-01-2020 09:01 PM
Maharashtra
01-06-2020 01:14 PM
श्रीमान जी, यह पिछेता झुलस रोग की वजह से हो रहा है, आप इसकी रोकथाम के लिए इसमें copper oxychloride @ 500 gm को 150 लीटर पानी में मिला कर प्रति एकड़ के हिसाब से स्प्रे करें, मोटे आलुओं की पैदावार के लिए 13:0:45 की 2 किलो और मैगनीश्यिम ई डी टी ए 100 ग्राम प्रति एकड़ की स्प्रे करें बीमारियों के हमले को रोकने के लिए फंगसनाशी प्रॉपीनेब 3 ग्राम प.... (Read More)
श्रीमान जी, यह पिछेता झुलस रोग की वजह से हो रहा है, आप इसकी रोकथाम के लिए इसमें copper oxychloride @ 500 gm को 150 लीटर पानी में मिला कर प्रति एकड़ के हिसाब से स्प्रे करें, मोटे आलुओं की पैदावार के लिए 13:0:45 की 2 किलो और मैगनीश्यिम ई डी टी ए 100 ग्राम प्रति एकड़ की स्प्रे करें बीमारियों के हमले को रोकने के लिए फंगसनाशी प्रॉपीनेब 3 ग्राम प्रति लीटर पानी डालें आलुओं का आकार और गिणती बढ़ाने के लिए हयूमिक एसिड (12 प्रतिशत) 3 ग्राम + एम ए पी 12:61:0 की 8 ग्राम या डी ए पी 15 ग्राम प्रति लीटर की स्प्रे पौधे की वृद्धि के समय करें धन्यवाद
Posted by देवेन्द्र चौधरी
Uttar Pradesh
04-01-2020 08:55 PM
Maharashtra
01-06-2020 02:19 PM
श्रीमान जी गेहूं में नदीनों की रोकथाम के लिए axil या total या markpower में किसी एक की स्प्रे कर सकते है पर इन स्प्रेओं करते समय खेत में ​नमी होनी चाहिए यदि खेत में नदीन नाशक के साथ गुली डंडा नहीं मरा है तो आप तो 200 ग्राम शगन 21—11 (क्लोडीनाफोप मैटरीबियूजिन) को 150 लीटर पानी में घोल कर प्रति एकड़ छिड़काव करें नोट: 1. शगन 21—11 को pbw 550 औ.... (Read More)
श्रीमान जी गेहूं में नदीनों की रोकथाम के लिए axil या total या markpower में किसी एक की स्प्रे कर सकते है पर इन स्प्रेओं करते समय खेत में ​नमी होनी चाहिए यदि खेत में नदीन नाशक के साथ गुली डंडा नहीं मरा है तो आप तो 200 ग्राम शगन 21—11 (क्लोडीनाफोप मैटरीबियूजिन) को 150 लीटर पानी में घोल कर प्रति एकड़ छिड़काव करें नोट: 1. शगन 21—11 को pbw 550 और pbw 550 उन्नत में छिड़काव ना करें 2. शगन 21—11 का हल्की ज़मीनों में छिड़काव ना करें 3. वडानक गेहूं में शगन 21—11 का प्रयोग ना करें , टोटल/मार्क पावर वाले खेतों में ज्वार और मक्की की बिजाई न करें धन्यवाद
Posted by prem
Rajasthan
04-01-2020 08:47 PM
Maharashtra
01-06-2020 02:39 PM
श्रीमान जी, इल्ली की रोकथाम के लिए आप बैंगन की जड़ में quinalphos @ 4ml प्रति लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे करें, यह स्प्रे से इल्ली की रोकथाम हो जाती है, धन्यवाद
Posted by chinu
Punjab
04-01-2020 08:46 PM
Punjab
01-06-2020 02:21 PM
Shrimaan ji, PAU da mela march de mahine vich hon ja reha hai, par is di hale koi tareek nishit nahi kiti gayi hai, dhanwad
Posted by prem
Rajasthan
04-01-2020 08:45 PM
Maharashtra
01-06-2020 02:39 PM
श्रीमान जी, इल्ली की रोकथाम के लिए आप बैंगन की जड़ में quinalphos @ 4ml प्रति लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे करें, यह स्प्रे से इल्ली की रोकथाम हो जाती है, धन्यवाद
Posted by Mintul
Assam
04-01-2020 08:40 PM
Punjab
01-05-2020 09:03 AM
Yadi aap desi murgi rakhna chahte hai to aap ASEEL, PUNJAB WHITE BATER, KADAKNATH, SATLUJ nasal rakh skte hai..
Posted by Gurnishan Singh Dhillon
Punjab
04-01-2020 08:39 PM
Punjab
01-06-2020 02:25 PM
Shrimaan ji, potash ki kami puri karan lai Muriate of Potash (MoP) di varton kiti jandi hai, eh boht sariyan companies da marekt vich mil janda hai, tuc kise vi company da eh vart sakdeo, dhanwad
Posted by jaswant singh
Punjab
04-01-2020 08:35 PM
Punjab
01-05-2020 09:05 AM
ਜਸਵੰਤ ਜੀ ਕਿਰਪਾ ਕਰਕੇ ਆਪਣਾ ਸਵਾਲ ਵਿਸਤਾਰ ਨਾਲ ਪੁੱਛੋਂ ਜੀ ਤੁਸੀ ਐਚ ਐੱਫ ਗਾਂ ਵਾਰੇ ਕਿ ਜਾਣਕਾਰੀ ਲੈਣਾ ਚਾਹੁੰਦੇ ਹੋ ਤਾਂ ਜੋ ਤੁਹਾਨੂੰ ਸਹੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਦਿਤੀ ਜਾ ਸਕੇ
Posted by harry
Punjab
04-01-2020 08:33 PM
Punjab
01-14-2020 01:04 PM
Harry ji same same te kisana di mang te training chaldia hi rehdia han, is lai tusi apne najdiki KVK nal samparak kar uthe apna training form bhar ke ao, fir jida hi training di date rakhi javegi tuhanu call kar ke das dita javega, goat farming di training lai tusi Krishi Vigyan Kendra, Address: National Highway 71 Sangrur, Punjab 148001 nal samparak kar sakde ho, Thankyou.
Posted by Amrit Sagar
Bihar
04-01-2020 08:30 PM
Maharashtra
01-06-2020 02:23 PM
श्रीमान जी ,यह हर तरह की मिट्टी में उग सकती है पर कलराफी या सेम वाली ज़मीन में नहीं उग सकती मिट्टी नदीन और जड़ रहित होनी चाहिए ताकि बीज एक जैसी गहराई में बोये जा सकें आप मसूर की किस्मे जैसे के IPL 81, Narendra Masur, DPL 62, Pant Masur 5, Pant Lentil 4, DPL 15, L 4076, Pusa Vaibhav, K 75, HUL 57, KLS 218, IPL 406, Shekhar 2, Shekhar 3, DDR 27, Prakash, Swati, HUPD 15 की बिजाई कर सकते हैं, यदि ज़मीन हल्की हो तो इसमें बहुत .... (Read More)
श्रीमान जी ,यह हर तरह की मिट्टी में उग सकती है पर कलराफी या सेम वाली ज़मीन में नहीं उग सकती मिट्टी नदीन और जड़ रहित होनी चाहिए ताकि बीज एक जैसी गहराई में बोये जा सकें आप मसूर की किस्मे जैसे के IPL 81, Narendra Masur, DPL 62, Pant Masur 5, Pant Lentil 4, DPL 15, L 4076, Pusa Vaibhav, K 75, HUL 57, KLS 218, IPL 406, Shekhar 2, Shekhar 3, DDR 27, Prakash, Swati, HUPD 15 की बिजाई कर सकते हैं, यदि ज़मीन हल्की हो तो इसमें बहुत जोताई की जरूरत नहीं पड़ती भारी ज़मीनों में गहरी जोताई और उन्हें 3-4 बार जोतना चाहिए पानी के अच्छे बहाव के लिए सुहागा मारना बहुत जरूरी है फसल बीजने के समय खेत में सही नमी होनी चाहिए समय पर बिजाई के लिए, अक्तूबर से मध्य नवंबर का समय उपयुक्त होता है देरी से बिजाई के लिए, दिसंबर का महीना उपयुक्त होता है कतारों में 25-30 सैं.मी. फासले का प्रयोग करें बीज को 3-4 सैं.मी. की गहराई पर बोयें बिजाई के लिए, पोरा ढंग या बीज कम खाद ड्रिल का प्रयोग करें इसके इलावा इसकी बिजाई हाथों से बुरकाव करके भी की जा सकती है एक एकड़ में बिजाई के लिए 12-15 किलो बीज उपयुक्त होते हैं देरी से बिजाई के लिए मोटे बीज वाली किस्मों का प्रयोग करें और 16-20 किलो बीज प्रति एकड़ में प्रयोग करें बिजाई से पहले बीज को कप्तान या थीरम 3 ग्राम से प्रति किलो बीज का उपचार करें रासायनिक उपचार के बाद, राइज़ोबियम 200 ग्राम से 10 किलो बीज का उपचार करें यदि मसूर पहली बार लगाई गई हो तो राइज़ोबियम से बीज का उपचार आवश्यक है नाइट्रोजन 9 किलो (20 किलो यूरिया), फासफोरस 24 किलो (150 किलो सिंगल सुपर फासफेट) और पोटाश 9 किलो (म्यूरेट ऑफ पोटाश 15 किलो) और सल्फर 8 किलो प्रति एकड़ में डालें फासफोरस, पोटाश की पूरी मात्रा और नाइट्रोजन की आधी मात्रा बिजाई के समय डालें बाकी बची नाइट्रोजन को बिजाई के 4-5 सप्ताह बाद डालें बाथू, सेंजी, क्रुशन निल, हिरनखुरी, चटरी मटरी, अकारा अकारी, जंगली गाजर आदि खेत में पाये जाने वाले मुख्य नदीन हैं पहले दो महीने नदीनों का उचित नियंत्रण आवश्यक है बिजाई के 30 और 60 दिन बाद गोडाई करें नदीनों के अंकुरण से पहले पैंडीमैथालीन 1 लीटर को प्रति एकड़ में डालने से नदीनों की रोकथाम में मदद मिलेगी धन्यवाद
Posted by Jagmail Brar
Punjab
04-01-2020 08:25 PM
Punjab
01-16-2020 04:46 PM
Jagmail Brar ji same same te kisana di mang de mutabik training chaldia hi rehdia han, Goat farming di training lai tusi apne jile de Krishi Vigyan Kendra, Village Goneana, District Muktsar-152026, Punjab – India, Phone: 01633-210046 (Working Hours - Mon-Fri: 09.00 AM - 05.00PM ) nal samparak kar sakde ho, is to bina tusi Guru Angad Dev Veterinary and Animal Sciences University, Address: Ferozpur Rd, Ludhiana, Punjab 141001, Phone: 0161 255 3394 nal vi samparak kar sakde ho, Sabh to pehla tusi apna training farm bhar ke aou fir jida hi training di date rakhi javegi tuhanu call kar ke bula lea javega, Thankyou.
Posted by Devrajsingh Rajput
Madhya Pradesh
04-01-2020 08:21 PM
Punjab
01-05-2020 09:06 AM
उसे आप रोजाना 35—40 किलो हरा चारा दें और हर तीन महीने के बाद पेट के कीड़ों के लिए गोली जरूर दें और उसे आप गेहूं का दलिया बनाकर दे सकते है इसके साथ आप Milkout पाउडर 2—2 चम्मच सुबह शाम और Glactogog पाउडर देना शुरू करें इसका रोजाना एक पाउच देना शुरू करें इससे दूध में फायदा होगा..
Posted by Mahendra Choubey
Chattisgarh
04-01-2020 08:21 PM
Maharashtra
01-06-2020 02:29 PM
Shri maan ji, Dragon fruit ki kheti ke liye Dragon fruit ki kalmei lgayi jati hai ye ped gujrat mei hota hai ek acre mei takriban iski 1600 kalmei lagti hai aur in kalmo ko pehle gamle mei tyar kiya jata hai aur fir april se September tak kabhi bhi field mei lga skte hai aur eik kalam lagbhagg 70 rs ki ati hai. Adhik jaankari ke liye aap niche diye number par baat kr skte hain: vijay kumar -7065414241
Posted by rajesh samtiya
Haryana
04-01-2020 08:17 PM
Punjab
01-06-2020 02:34 PM
आपके सभी सवालो का जवाब दिया जा चुका है आप अपने सवालों के जवाब एप में मेरे सवाल का क्लिक करके देख सकते हैं या फिर मेरी प्रोफाईल के नीचे अपने सवालों के जवाब देख कते हैं यदि आपकी कोई ओर समस्या है तो आप हैल्प लाईन नंबर : 97799-77641 पर संपर्क कर सकते हैं
Posted by Pawan Pandey
Uttar Pradesh
04-01-2020 08:11 PM
Maharashtra
01-06-2020 04:10 PM
श्रीमान जी, भिंडी वर्षा और बसंत के मौसम में उगाई जाती है खरीफ के मौसम में, इसकी बिजाई जून-जुलाई के महीने और बसंत ऋतु में फरवरी-मार्च के महीने में की जाती है धन्यवाद
Posted by vikas pandey
Uttar Pradesh
04-01-2020 07:58 PM
Maharashtra
01-06-2020 02:36 PM
श्रीमान जी, गेहूं में बिजाई के 20-25 दिनों के बाद पहली सिंचाई देनी चाहिए जड़ें बनने के समय पर नमी का होना पैदावार को कम होने से बचाता है ठंडे क्षेत्रों में जैसे पहाड़ी क्षेत्रों और जहां पर गेहूं की पिछेती बिजाई की जाती है वहां पर बिजाई के लगभग 25-30 दिनों के बाद पहली सिंचाई करें बिजाई के 40-45 दिनों के बाद पौधा बनने के .... (Read More)
श्रीमान जी, गेहूं में बिजाई के 20-25 दिनों के बाद पहली सिंचाई देनी चाहिए जड़ें बनने के समय पर नमी का होना पैदावार को कम होने से बचाता है ठंडे क्षेत्रों में जैसे पहाड़ी क्षेत्रों और जहां पर गेहूं की पिछेती बिजाई की जाती है वहां पर बिजाई के लगभग 25-30 दिनों के बाद पहली सिंचाई करें बिजाई के 40-45 दिनों के बाद पौधा बनने के समय दूसरी सिंचाई करें तीसरी सिंचाई 70-75 दिनों के बाद नोड्स बनने के समय करें फूल निकलने के समय चौथी सिंचाई 90-95 दिनों में करें पांचवी सिंचाई बिजाई के 110-115 दिनों के बाद करें जब दाने अपरिपक्व होते हैं धन्यवाद
Posted by निजामुद्दीन
Uttar Pradesh
04-01-2020 07:53 PM
Maharashtra
01-06-2020 04:35 PM
श्रीमान जी, आलू में ब्लास्ट की रोकथाम के लिए आप इसमें copper oxychloride @ 500 gm को 150 लीटर पानी में मिला कर प्रति एकड़ के हिसाब से स्प्रे करें, धन्यवाद
Posted by Mukesh
Uttar Pradesh
04-01-2020 07:50 PM
Punjab
01-31-2020 10:35 AM
Mukesh ji, apni kheti mobile application mein ap mandi rates section mein ja kar sabjiyon ke bhav dekh sakte hain, isme rojana jo sarsar ki taraf se mandi bhav niyut kiye jate , vo app par dikhaye jate hain, dhanywad
Posted by Surendra Jajra
Rajasthan
04-01-2020 07:47 PM
Maharashtra
01-06-2020 04:17 PM
श्रीमान जी, फोटो को देखने में यह फसल ठीक लग रही है, कृपया आप इसका समय समय पर बीमारी और कीट के हमले का निरीक्षण करते रहे, धन्यवाद
Posted by Surendra Jajra
Rajasthan
04-01-2020 07:45 PM
Maharashtra
01-06-2020 04:05 PM
श्रीमान जी, अनार में पैदावार के लिए आप इसमें vermicompost @ 4 से 5 किलो प्रति पौधे के हिसाब से डालें, धन्यवाद
Posted by Radhey
Uttar Pradesh
04-01-2020 07:41 PM
Punjab
01-05-2020 09:09 AM
Radhey ji kripya aap apne swal ke sath dwaa ki photo v upload kren tan jo apko sahi jankari di ja skee.
Posted by ਨਵਪਰੀਤ ਸਿੰਘ
Punjab
04-01-2020 07:38 PM
Punjab
01-04-2020 07:43 PM
ਨਵਪ੍ਰੀਤ ਜੀ, “ਆਪਣੀ ਖੇਤੀ” ਐਪ ਵਿੱਚ ਹੀ ਮੇਨ ਪੇਜ ਤੇ ਪਸ਼ੂਆਂ ਬਾਰੇ ਪੂਰੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਜਿਵੇਂ ਨਸਲਾਂ, ਰੱਖ ਰਖਾਵ, ਬੀਮਾਰੀਆਂ ਸੰਬੰਧੀ ਤੇ ਬੀਮਾਰੀਆਂ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਸੰਬੰਧੀ ਪੂਰੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਅੱਪਲੋਡ ਹੈ ਜੀ ਤੁਸੀਂ ਪਸ਼ੂਆਂ ਪ੍ਰਤੀ ਸਾਰੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਪੜ ਸਕਦੇ ਹੋ ਜੀ ਧੰਨਵਾਦ