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Posted by vidya Shankar singh
Uttar Pradesh
05-01-2020 04:31 PM
Rajasthan
01-06-2020 10:00 AM
मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्यकर्म आयोजित.... (Read More)
मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्यकर्म आयोजित किया जा रहा है प्रशिक्षण कार्यकर्म में भाग लेने के लिए नीचे दिए गए नम्बर पर आज ही संपर्क करें और Rs 250/ से अपना रजिस्ट्रेशन करवाए अचल सिंह (फाउंडर )- 9711858258. धन्यवाद
Posted by virendar Sharma
Rajasthan
05-01-2020 04:26 PM
Punjab
01-06-2020 05:59 PM
वीरेंद्र जी कृपया बताये कि आप गन्ने की बुवाई किस तरीके से करते है ताकि आपको इसके बारे में पूरी जानकारी दी जा सके धन्यवाद
Posted by Anil Kumar
Himachal Pradesh
05-01-2020 04:21 PM
Chandigarh
01-06-2020 01:07 PM
यह कुंगी है, इसकी रोकथाम के लिए मैनकोजेब 25 ग्राम या इंडोफिल 400 ग्राम को 100 लीटर पानी में मिलाकर स्प्रे करें और 10-15 दिनों के अंतराल पर दोबारा स्प्रे करें
Posted by अशोक यादव
Uttar Pradesh
05-01-2020 04:19 PM
Maharashtra
01-07-2020 02:28 PM
अशोक जी, घास की स्प्रे के 5 से 7 दिन बाद पानी लगाए, 5 दिन से पहले अगर आप सिंचाई करते हैं तो, इइससे दवाई का असर खत्म हो जाता है, और इसका बुरा प्रभाव गेहूं पर भी पड़ सकता है, धन्यवाद
Posted by mohit kumar
Uttar Pradesh
05-01-2020 04:18 PM
Maharashtra
01-07-2020 02:24 PM
Mohit ji, yeh fungus ke hamle ki vajah se ho raha hai, ap iski roktham ke liye isme carbendazim @ 400 gm ya mancozeb @ 400 gm ko 150 liter pani mein mila kar spray karein, dhanywad
Posted by bhasin
Punjab
05-01-2020 04:04 PM
Punjab
01-07-2020 03:15 PM
Bhasin ji, tomista kanak vich guli dande di roktham layi vartea janda hai, is vich Piroxofop-propanyl(Clodinafop - Propargyl) nam da chemical hunda hai, isdi marta prati acre de hisaab nal 170 gm nu 150 liter pani de hisaab nal vartea janda hai, sulpho god mix di puri photo bhejo taki tuhnu is bare puri jankari diti ja sake, dhanwad
Posted by Gurjeet Singh
Punjab
05-01-2020 04:01 PM
Punjab
01-06-2020 05:58 PM
Gurjeet ji tuci dalia vich mix krke khila skde ho, tuci uss hisab nal isdi varto kro jinna pashu asani nal hajam kr skee kyuki kise v chij di jyada matra vich varto krn nal nuksan hunda hai.
Posted by ranjit
Punjab
05-01-2020 03:56 PM
Punjab
01-07-2020 07:53 PM
Ranjit ji, kirpa kar ke daso ke guli dande da hamla kis fasal vich hoya hai, tajo tuhanu is bare puri jankari diti ja sake, dhanwad
Posted by rambabu kushwah
Madhya Pradesh
05-01-2020 03:53 PM
Chandigarh
01-06-2020 01:09 PM
february mein aap chappan kaddu, lauki, petha ki bijaai kr skte hain.
Posted by ਗੁਰਜੀਤ ਸਿੰਘ
Punjab
05-01-2020 03:50 PM
Punjab
01-07-2020 02:57 PM
ਗੁਰਜੀਤ ਸਿੰਘ ਜੀ, ਇਸ ਵਿਚ manganese ਤੱਤ ਦੀ ਕਮੀ ਨਜ਼ਰ ਆ ਰਹੀ ਹੈ, ਤੁਸੀਂ ਇਸ ਦੀ ਕਮੀ ਪੂਰੀ ਕਰਣ ਲਈ ਇਸ ਵਿਚ manganese sulphate @ 1 ਕਿਲੋ ਨੂੰ 150 ਲਿਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿਚ ਮਿਲਾ ਕੇ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਸਪਰੇ ਕਰੋ, ਧੰਨਵਾਦ
Posted by pannalal gupta
Bihar
05-01-2020 03:43 PM
Rajasthan
01-07-2020 07:55 PM
मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजि.... (Read More)
मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजित किया जा रहा है प्रशिक्षण कार्य कर्म में भाग लेने के लिए नीचे दिए गए नम्बर पर आज ही संपर्क करें और Rs 250/ से अपना रजिस्ट्रेशन करवाए अचल सिंह (फाउंडर )- 9711858258. धन्यवाद
Posted by Dayal Giri Goswami
Madhya Pradesh
05-01-2020 03:43 PM
Punjab
01-07-2020 06:20 PM
Dayal ji usko aap pett ke kirro ke liye Bandykind plus bolus den aur Agrimin powder 100gm rojana aur Ovumin advance bolus rojana 1 goli den aur 21 din tak dete rehen, aap dwaio ki photo dekh skte hai.
Posted by Divakar Singh
Bihar
05-01-2020 03:42 PM

..?

Maharashtra
01-07-2020 08:00 PM
Divakar Singh ji, kripya ap apna sawal visthar se puchein ke ap piyaj ke bare mein kya jankari lena chahte hai, kyu ki apne video mein kuch bol kar nahi bataya hai, taki apko iske bare mein sahi jankari di ja sake, dhanywad
Posted by Vipendr Singh
Uttar Pradesh
05-01-2020 03:41 PM
Chandigarh
01-06-2020 01:16 PM
खादों की सही आवश्यकता जानने के लिए प्रत्येक तीन वर्ष के बाद मिट्टी की जांच जरूरी है बिजाई से पहले आखिरी जोताई के समय अच्छी तरह से गला हुआ गाय का गोबर 8 टन या वर्मीकंपोस्ट + रालीगोल्ड 8-10 किलो या पी एस बी 5-10 किलो प्रति एकड़ में डालें नाइट्रोजन 60-90 किलो (यूरिया 135-200 किलो) और फासफोरस 20 किलो (एस एस पी 125 किलो) प्रति एकड़ में.... (Read More)
खादों की सही आवश्यकता जानने के लिए प्रत्येक तीन वर्ष के बाद मिट्टी की जांच जरूरी है बिजाई से पहले आखिरी जोताई के समय अच्छी तरह से गला हुआ गाय का गोबर 8 टन या वर्मीकंपोस्ट + रालीगोल्ड 8-10 किलो या पी एस बी 5-10 किलो प्रति एकड़ में डालें नाइट्रोजन 60-90 किलो (यूरिया 135-200 किलो) और फासफोरस 20 किलो (एस एस पी 125 किलो) प्रति एकड़ में डालें फासफोरस की पूरी मात्रा और नाइट्रोजन की 1/3 मात्रा बिजाई के समय डालें बाकी बची नाइट्रोजन को दूसरी और चौथी सिंचाई के समय डालें सर्दियों के मौसम में तापमान कम होने के कारण फसल तत्व ज्यादा लेती है जिस कारण मौधा पीला पड़ जाता है इसकी रोकथाम के लिए N:P:K 19:19:19 की स्प्रे 100 ग्राम 150 लीटर पानी में मिलाकर प्रति एकड़ के लिए प्रयोग करें जिन इलाकों में पानी की कमी है वहां यूरिया+पोटाश का प्रयोग 2.5 किलोग्राम को 100 लीटर पानी में मिलाकर करें
Posted by Divakar Singh
Bihar
05-01-2020 03:36 PM
Maharashtra
01-07-2020 08:09 PM
Divakar Singh ji, pyaj ki acchi paidawar ke liye ap isme NPK 191919 @ 10 gm prati liter pani ke hisaab se spray karein, dhnaywad
Posted by Dharmraj kareshriya
Madhya Pradesh
05-01-2020 03:32 PM
Chandigarh
01-06-2020 01:19 PM
गुड़हल या जवाकुसुम वृक्षों के मालवेसी परिवार से संबंधित एक फूलों वाला पौधा है इसका वनस्पतिक नाम है- हीबीस्कूस् रोज़ा साइनेन्सिस गुड़हल की पत्तियाँ प्रत्यावर्ती, सरल, अंडाकार या भालाकार होती हैं और अक्सर इनके किनारे दंतीय होते हैं फूल आकार में बड़े, आकर्षक, तुरही के आकार के होते हैं प्रत्येक पुष्प में प.... (Read More)
गुड़हल या जवाकुसुम वृक्षों के मालवेसी परिवार से संबंधित एक फूलों वाला पौधा है इसका वनस्पतिक नाम है- हीबीस्कूस् रोज़ा साइनेन्सिस गुड़हल की पत्तियाँ प्रत्यावर्ती, सरल, अंडाकार या भालाकार होती हैं और अक्सर इनके किनारे दंतीय होते हैं फूल आकार में बड़े, आकर्षक, तुरही के आकार के होते हैं प्रत्येक पुष्प में पाँच या इससे अधिक पंखुड़ियाँ होती हैं इन पंखुडियों का रंग सफेद से लेकर गुलाबी, लाल, पीला या बैंगनी भी हो सकता है और इनकी चौडाई ४-५ सेमी तक होती है इसका फल सूखा और पंचकोणीय होता है जिसकी हर फाँक में बीज होते हैं फल के परिपक्व होने पर यह अपने आप फूटता है और बीज बाहर आ जाते हैं
Posted by vikash saini
Uttarakhand
05-01-2020 03:28 PM
Maharashtra
01-30-2020 03:54 PM
Vikash ji, kripya ap bataye ke apne pehle konsi khaad ka istemal kiya hai or kis matra mein kiya hai, taki apko iske bare mein puri jankari di ja sake, dhanywad
Posted by Y.s Chouhan chouhan
Madhya Pradesh
05-01-2020 03:27 PM
Punjab
01-07-2020 06:22 PM
उसे आप रोजाना 35—40 किलो हरा चारा दें और हर तीन महीने के बाद पेट के कीड़ों के लिए गोली जरूर दें और उसे आप गेहूं का दलिया बनाकर दे सकते है इसके साथ आप Milkout पाउडर 2—2 चम्मच सुबह शाम और Glactogog पाउडर देना शुरू करें इसका रोजाना एक पाउच देना शुरू करें इससे दूध में फायदा होगा. आप दवाईयों की फोटो देख सकते है
Posted by Abhishek Vishwakarma
Uttar Pradesh
05-01-2020 03:25 PM
Chandigarh
01-06-2020 01:21 PM
मेथी का वानस्पतिक नाम ट्रिगोनेला फोनीम-ग्रीकं एल. है और यह फैबेसी परिवार से है
Posted by Shivanjay Singh
Uttar Pradesh
05-01-2020 03:20 PM
Punjab
01-05-2020 03:50 PM
श्री मान गेहूं में NPK 19:19:19@1kg प्रति एकड़ सप्रे करने से गेहूं की ग्रोथ बढिया होती है और गेहूं में तत्वो की कमी को पूरा करता है
Posted by ਗੁਰਵਿੰਦਰ ਸਿੰਘ
Punjab
05-01-2020 03:19 PM
Punjab
01-16-2020 01:14 PM
Gurwinder singh ji kirpa karke tusi eh daso ke tusi kheti sbandi ki khreedna chode ho ta jo tuhanu us cheej sbandi sahi jankari ate sahi contact no. dita ja sake, Thankyou.
Posted by nischay singh chouhan
Madhya Pradesh
05-01-2020 03:08 PM
Punjab
01-16-2020 04:21 PM
Nischay singh chouhan ji Golden Watermelon ka seed lene ke lia aap Shine Brand Seeds 8770896002 se samparak kar sakte hai, Thankyou.
Posted by Satishchand Chaudhary
Uttar Pradesh
05-01-2020 03:05 PM
Maharashtra
02-01-2020 07:07 AM
9096843382 pe sampark kariye
Posted by Prahlad banjara
Madhya Pradesh
05-01-2020 02:55 PM
Punjab
01-06-2020 11:49 AM
प्याज़ एक प्रसिद्ध व्यापक सब्जी वाली प्रजाति है इसकी खेती अलग-अलग किस्म की मिट्टी जैसे की रेतली दोमट, चिकनी, गार और भारी मिट्टी में की जा सकती है यह गहरी दोमट और जलोढ़ मिट्टी, जिसका निकास प्रबंध बढ़िया, नमी को बरकरार रखने की समर्थता, जैविक तत्वों वाली मिट्टी में बढ़िया परिणाम देती है विरली और रेतली मिट्टी इसकी ख.... (Read More)
प्याज़ एक प्रसिद्ध व्यापक सब्जी वाली प्रजाति है इसकी खेती अलग-अलग किस्म की मिट्टी जैसे की रेतली दोमट, चिकनी, गार और भारी मिट्टी में की जा सकती है यह गहरी दोमट और जलोढ़ मिट्टी, जिसका निकास प्रबंध बढ़िया, नमी को बरकरार रखने की समर्थता, जैविक तत्वों वाली मिट्टी में बढ़िया परिणाम देती है विरली और रेतली मिट्टी इसकी खेती के लिए बढ़िया नहीं मानी जाती है, क्योंकि मिट्टी के घटिया जमाव के कारण इसमें गांठों का उत्पादन सही नहीं होता है इसकी खेती के लिए मिट्टी का pH 6-7 होना चाहिए प्रसिद्ध किस्में:-alyanpur Red Round: यह उत्तर प्रदेश की प्रसद्धि किस्म है इसकी गांठे भूरे रंग की और गोलाकार आकार की होती हैं इसके पौधे 150-160 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाते हैं इसकी औसतन पैदावार 8-10 टन प्रति एकड़ होती है Bhima Shakti: यह खरीफ के साथ साथ रबी के मौसम में उगाने के लिए उपयुक्त है यह किस्म रोपाई के 130 दिन बाद कटाई के लिए तैयार हो जाती है इसकी औसतन पैदावारा 170 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Arka Kalyan: इसकी गांठे गहरे गुलाबी रंग की होती हैं इसकी औसतन पैदावार 135 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Pusa White Round: इसकी गांठे सफेद, गोल और समतल होती हैं इसकी औसतन पैदावार 120 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Pusa white flat: इसकी गांठे सफेद, चपटी और मध्यम से बड़े आकार की होती हैं यह किस्म डीहाइड्रेशन के लिए उपयुक्त है मिट्टी को भुरभुरा बनाने के लिए तीन-चार बार गहराई से जोताई करें मिट्टी में जैविक तत्वों की मात्रा बढ़ाने के लिए रूड़ी की खाद डालें फिर खेत को छोटे-छोटे प्लाटों में बांट दे नर्सरी तैयार करने के उचित समय मध्य-अक्तूबर से मध्य-नवबंर होता है नए पौधे मध्य-दिसंबर से मध्य-जनवरी तक रोपाई के लिए तैयार हो जाते है रोपाई के लिए 10-15 सैं.मी. कद के पौधे चुनें खरीफ के मौसम में रोपाई के लिए मई से जून का महीना नर्सरी तैयार करने के लिए उपयुक्त होता है बिजाई के 6-8 सप्ताह बाद नए पौधे रोपाई के लिए तैयार हो जाते हैं जुलाई -अगस्त के महीने में रोपण कर दें रोपण के समय, पंक्तियों के बीच 15 सैं.मी. और पौधों के बीच 10 सैं.मी. का फासला रखें नर्सरी में बीज 1-2 सैं.मी. गहराई पर बोयें बिजाई के लिए रोपण विधि का प्रयोग करें एक एकड़ के लिए 2-3 किलो बीज का प्रयोग करें उखेड़ा रोग और कांव-गियारी से बचाव के लिए थीरम 2 ग्राम+बैनोमाइल 50 डब्लयू पी 1 ग्राम प्रति लीटर पानी से प्रति किलो बीजों का उपचार करें रासायनिक उपचार के बाद बायो एजेंट ट्राईकोडर्मा विराइड 2 ग्राम के साथ प्रति किलो बीजों का उपचार करने की सिफारिश की जाती है इस तरह करने से नए पौधे मिट्टी से पैदा होने वाली और अन्य बीमारीयों से बच जाते है बिजाई से 10 दिन पहले 20 टन रूड़ी की खाद डालें नाइट्रोजन 30 किलो(यूरिया 65 किलो), फासफोरस 16 किलो(सिंगल सुपर फासफेट 100 किलो) और पोटाश 16 किलो(मिउरेट ऑफ़ पोटाश 30 किलो) प्रति एकड़ डालें फासफोरस और पोटाश की पूरी मात्रा और नाइट्रोजन की आधी मात्रा रोपण के समय डालें बाकी बची नाइट्रोजन को दो भागों में बांटकर रोपाई के बाद टॉप ड्रेसिंग के तौर पर 30वें और 45वें दिन डालें मिट्टी की किसम और जलवायु के आधार पर सिंचाई की मात्रा और आवर्ती का फैसला करें आमतौर पर, इसे 5-8 सिंचाइयों की आवश्यकता होती है पहली सिंचाई बिजाई के तुरंत बाद करें और दूसरी सिंचाई रोपाई के तीन दिन बाद करें बाकी की सिंचाई आवश्यकता और मिट्टी में नमी के आधार पर 7-10 दिनों के अंतराल पर करें पुटाई के 10-15 दिन पहले सिंचाई बंद कर दें अत्याधिक सिंचाई ना करें शुरुआत में नए पौधे धीरे-धीरे बढ़ते है इसलिए नुकसान से बचाव के लिए गोड़ाई की जगह रासायनिक नदीन-नाशक का प्रयोग करें रोकथाम के लिए बिजाई से 72 घंटे में पेंडीमैथालीन(स्टंप) 1 लीटर को 200 लीटर पानी में मिलाकर प्रति एकड़ में स्प्रे करें नदीनों के अंकुरण उपरांत बिजाई से 7 दिन बाद आक्सीफ्लोरफैन 425 मि.ली. को 200 लीटर पानी में मिलाकर प्रति एकड़ में स्प्रे करें नदीनों की रोकथाम के लिए 2-3 गोड़ाईयों की सिफारिश की जाती है पहली गोड़ाई बिजाई से एक महीने बाद और दूसरी गोड़ाई, पहली से एक महीने बाद करें सही समय पर पुटाई करना बहुत जरूरी है पुटाई का समय किस्म,ऋतु,मंडी रेट आदि पर निर्भर करता है 50% पौधे की पत्तियां नीचे की तरफ गिरना दर्शाता है कि फसल पुटाई के लिए तैयार है फसल की पुटाई हाथों से प्याज़ को उखाड़ कर की जाती है पुटाई के बाद इनको 2-3 दिन के लिए अनावश्यक नमी निकालने के लिए खेत में छोड़ दे धन्यवाद
Posted by sukesh
Haryana
05-01-2020 02:55 PM
Punjab
03-26-2020 07:55 AM
Sukesh ji grass seed lene ke lia aap R K Singh 9888413150 se samparak kar sakte hai, Thankyou.
Posted by हेमा
Rajasthan
05-01-2020 02:42 PM
Punjab
01-05-2020 03:52 PM
श्री मान पहले पानी के साथ यूरिया 50 किलो और जिंक सलफेट 10 किलोग्राम प्रति एकड़ में डालें जिंक की कमी को जिंक सलफेट 0.5 प्रतिशत स्प्रे द्वारा पूरा किया जा सकता है 15 दिनों के अंतराल पर 2-3 स्प्रे करें ज़मीन की अच्छी जोताई और अच्छी पैदावार के लिए 19:19:19 की स्प्रे, पानी में घुलनशील खादें+स्टिकर 0.5 मि.ली. को प्रति लीटर पानी में .... (Read More)
श्री मान पहले पानी के साथ यूरिया 50 किलो और जिंक सलफेट 10 किलोग्राम प्रति एकड़ में डालें जिंक की कमी को जिंक सलफेट 0.5 प्रतिशत स्प्रे द्वारा पूरा किया जा सकता है 15 दिनों के अंतराल पर 2-3 स्प्रे करें ज़मीन की अच्छी जोताई और अच्छी पैदावार के लिए 19:19:19 की स्प्रे, पानी में घुलनशील खादें+स्टिकर 0.5 मि.ली. को प्रति लीटर पानी में मिलाकर बिजाई के 30 दिनों के बाद डालें
Posted by birendra mahto
Jharkhand
05-01-2020 02:40 PM
Chandigarh
01-06-2020 01:24 PM
मिर्च की खेती पूरे वर्ष की जाती है खरीफ की फसल के लिए मई-जून और गर्मियों की फसल के लिए फरवरी - मार्च का समय मिर्च की रोपाई के लिए उपयुक्त होता है
Posted by lakhan Kumar banaval
Madhya Pradesh
05-01-2020 02:39 PM
Rajasthan
01-08-2020 10:16 AM
मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजि.... (Read More)
मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजित किया जा रहा है प्रशिक्षण कार्य कर्म में भाग लेने के लिए नीचे दिए गए नम्बर पर आज ही संपर्क करें और Rs 250/ से अपना रजिस्ट्रेशन करवाए अचल सिंह (फाउंडर )- 9711858258. धन्यवाद
Posted by कालूराम
Haryana
05-01-2020 02:32 PM
Maharashtra
01-07-2020 02:54 PM
कालूराम जी, कृपया आप बताये कि अपने इसमें किसी नदीन नाशक की स्प्रे तो नहीं की है, क्यों की कई बार इसकी स्प्रे से पत्ते ऐसे हो जाते है, अगर अपने नदीन नाशक की स्प्रे नहीं की है तो आप इसमें मछर के हमले की जांच करें, अगर हमला मौजूद हो तो आप इसमें imidacloprid @ 1.5 ml प्रति लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे करें, धन्यवाद
Posted by Prahlad banjara
Madhya Pradesh
05-01-2020 02:29 PM
Maharashtra
01-08-2020 05:13 PM
प्रह्लाद जी, प्याज में नाइट्रोजन 40 किलो(यूरिया 90 किलो), फासफोरस 20 किलो(सिंगल सुपर फासफेट 125 किलो) और पोटाश 20 किलो(मिउरेट ऑफ़ पोटाश 35 किलो) प्रति एकड़ डालें फासफोरस और पोटाश की पूरी मात्रा और नाइट्रोजन की आधी मात्रा रोपण के समय डालें बाकि बची हुई नाइट्रोजन टॉप ड्रेसिंग (मिट्टी में मिलाना) के तौर पर रोपण के चार हफ्त.... (Read More)
प्रह्लाद जी, प्याज में नाइट्रोजन 40 किलो(यूरिया 90 किलो), फासफोरस 20 किलो(सिंगल सुपर फासफेट 125 किलो) और पोटाश 20 किलो(मिउरेट ऑफ़ पोटाश 35 किलो) प्रति एकड़ डालें फासफोरस और पोटाश की पूरी मात्रा और नाइट्रोजन की आधी मात्रा रोपण के समय डालें बाकि बची हुई नाइट्रोजन टॉप ड्रेसिंग (मिट्टी में मिलाना) के तौर पर रोपण के चार हफ्ते बाद डालें पानी में घुलनशील खादें: रोपण से 10-15 दिन बाद सूक्ष्म-तत्व 2.5-3 ग्राम प्रति लीटर पानी के साथ 19:19:19 की स्प्रे करें दवाई का प्रयोग किसी कीट का बीमारी के हमले की रोकथाम के लिए किया जाता है, कृपया आप बताये के आपके प्याज में क्या दिकत है ताकि आपको उकसे हिसाब से इसका हल बताया जा सके, धन्यवाद
Posted by bikramjit singh
Punjab
05-01-2020 02:26 PM
Punjab
01-05-2020 03:18 PM
ਪਸ਼ੂਆਂ ਨੂੰ ਘਰ ਵਿਚ ਫੀਡ ਤਿਆਰ ਕਰਕੇ ਦੇਣੀ ਹੈ ਤਾਂ ਸੰਤੁਲਿਤ ਖੁਰਾਕ 100 ਕਿਲੋ ਬਣਾਉਣ ਲਈ ਲੋੜੀਂਦੀ ਸਮੱਗਰੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ ਜਿਵੇਂ 25 ਕਿਲੋ ਅਨਾਜ ( ਜਵਾਰ, ਬਾਜਰੀ (ਸਰਦੀਆਂ) , ਕਣਕ, ਜੌਂ ( ਗਰਮੀਆ) ਇਹਨਾਂ ਵਿੱਚੋ ਕੋਈ ਇੱਕ ) , ਦਾਲ ਚੂਰੀ 20 ਕਿਲੋ( ਮੂੰਗੀ ਚੂਰੀ, ਮਾਂਹ ਚੂਰੀ, ਮੋਠ ਚੂਰੀ ( ਕੇਵਲ ਸਰਦੀਆਂ ਲਈ) , ਮਸੁਰ ਚੂਰੀ ,ਅਰਹਰ, (ਇਨਾਂ ਵਿੱਚੋ ਇੱਕ ) , DOC 25 ਕਿਲੋ ( ਚੌਲਾਂ ਦਾ ਚੂਰਾ ) , ਫਾਈਬਰ ਛਿਲਕਾ 15 ਕ.... (Read More)
ਪਸ਼ੂਆਂ ਨੂੰ ਘਰ ਵਿਚ ਫੀਡ ਤਿਆਰ ਕਰਕੇ ਦੇਣੀ ਹੈ ਤਾਂ ਸੰਤੁਲਿਤ ਖੁਰਾਕ 100 ਕਿਲੋ ਬਣਾਉਣ ਲਈ ਲੋੜੀਂਦੀ ਸਮੱਗਰੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ ਜਿਵੇਂ 25 ਕਿਲੋ ਅਨਾਜ ( ਜਵਾਰ, ਬਾਜਰੀ (ਸਰਦੀਆਂ) , ਕਣਕ, ਜੌਂ ( ਗਰਮੀਆ) ਇਹਨਾਂ ਵਿੱਚੋ ਕੋਈ ਇੱਕ ) , ਦਾਲ ਚੂਰੀ 20 ਕਿਲੋ( ਮੂੰਗੀ ਚੂਰੀ, ਮਾਂਹ ਚੂਰੀ, ਮੋਠ ਚੂਰੀ ( ਕੇਵਲ ਸਰਦੀਆਂ ਲਈ) , ਮਸੁਰ ਚੂਰੀ ,ਅਰਹਰ, (ਇਨਾਂ ਵਿੱਚੋ ਇੱਕ ) , DOC 25 ਕਿਲੋ ( ਚੌਲਾਂ ਦਾ ਚੂਰਾ ) , ਫਾਈਬਰ ਛਿਲਕਾ 15 ਕਿਲੋ (ਕਣਕ, ਚੌਕਰ, ਚਨਾ ਛਿਲਕਾ, ਮਟਰ ਛਿਲਕਾ, ਇਨਾਂ ਵਿੱਚੋ ਇੱਕ) , ਖਲ਼ 15 ਕਿਲੋ(ਸਰੋਂ, ਬਿਨੌਲਾ ਜਾਂ ਸੋਇਆ (ਇਹਨਾਂ ਵਿੱਚੋ ਕੋਈ ਇੱਕ) , ਮਿੱਠਾ ਸੋਡਾ 250 ਗ੍ਰਾਮ, 1 ਕਿਲੋ ਨਮਕ, ਗੁੜ 1 ਕਿਲੋ, 1 ਕਿੱਲੋ ਹਲਦੀ (ਸਰਦੀਆ ਵਿੱਚ ) ਇਹ ਨੂੰ ਰਲਾ ਲਵੋ ਇਹ ਫੀਡ ਪਸ਼ੂ ਲਈ ਬਹੁਤ ਲਾਹੇਵੰਦ ਹੁੰਦੀ ਹੈ, ਬਾਕੀ ਉਸ ਨੂੰ Bovmin-B ਮਿਨਰਲ ਮਿਕਸਚਰ 100 ਗ੍ਰਾਮ ਰੋਜਾਨਾ ਦੇਣਾ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ.
Posted by Pavittar
Punjab
05-01-2020 02:23 PM
Punjab
01-07-2020 06:23 PM
Posted by PR SUVTA
Rajasthan
05-01-2020 02:15 PM
Punjab
01-05-2020 03:53 PM
श्री मान गेहूं में जिंक सलफेट 10 किलोग्राम प्रति एकड़ में डालें जिंक की कमी को जिंक सलफेट 0.5 प्रतिशत स्प्रे द्वारा पूरा किया जा सकता है 15 दिनों के अंतराल पर 2-3 स्प्रे करें ज़मीन की अच्छी जोताई और अच्छी पैदावार के लिए 19:19:19 की स्प्रे, पानी में घुलनशील खादें+स्टिकर 0.5 मि.ली. को प्रति लीटर पानी में मिलाकर बिजाई के 30 दिनों.... (Read More)
श्री मान गेहूं में जिंक सलफेट 10 किलोग्राम प्रति एकड़ में डालें जिंक की कमी को जिंक सलफेट 0.5 प्रतिशत स्प्रे द्वारा पूरा किया जा सकता है 15 दिनों के अंतराल पर 2-3 स्प्रे करें ज़मीन की अच्छी जोताई और अच्छी पैदावार के लिए 19:19:19 की स्प्रे, पानी में घुलनशील खादें+स्टिकर 0.5 मि.ली. को प्रति लीटर पानी में मिलाकर बिजाई के 30 दिनों के बाद डालें
Posted by om Kumar
Rajasthan
05-01-2020 02:15 PM
Maharashtra
01-09-2020 08:42 AM
ओम कुमार जी, आप बीजो को जैविक तरीके से उपचारित करने के लिए जीव अमृत या waste decomposer के साथ उपचार कर सकते हैं, जीव अमृत आप घर पर ही तैयार कर सकते हैं, जीव अमृत बनाने के लिए आवश्यक चीज़ें प्लास्टिक का एक बड़ा 200 लीटर का ढोल (ढोल लोहे का नहीं होना चाहिए) 10 किलो गोबर (गाय या भैंस का पुराना गोबर) 10 लीटर पेशाब (गाय, बैल या भैंस का) 1 .... (Read More)
ओम कुमार जी, आप बीजो को जैविक तरीके से उपचारित करने के लिए जीव अमृत या waste decomposer के साथ उपचार कर सकते हैं, जीव अमृत आप घर पर ही तैयार कर सकते हैं, जीव अमृत बनाने के लिए आवश्यक चीज़ें प्लास्टिक का एक बड़ा 200 लीटर का ढोल (ढोल लोहे का नहीं होना चाहिए) 10 किलो गोबर (गाय या भैंस का पुराना गोबर) 10 लीटर पेशाब (गाय, बैल या भैंस का) 1 किलो गुड़ (पुराना या खराब और बारीक किया हुआ जो कि आसानी से पानी में घुलनशील हो) 1 किलो पिसी हुई दाल (बेसन, मांह, मसूर) 1 किलो पुरानी मिट्टी जो कि पीपल या बर्गद के नीचे से ली गई हो जीव अमृत बनाने की विधि इन सब चीज़ों को अच्छी तरह से आपस में मिलाएं और ढोल में डाल दें इस ढोल को 150 लीटर पानी से भर दें इस ढोल का 1/4 भाग खाली छोड़ दें यह 1/4 भाग खाली छोड़ने से उबाला मारने का खतरा कम हो जाता है इस घोल को छांव में रखें और दिन में दो बार सुबह- शाम डंडे से हिलाएं ताकि ढोल के अंदर की सामग्री अच्छी तरह घुल जाये इसे गर्मियों में 48 घंटों के लिए छांव में रखें इस ढोल को बोरी से अच्छी तरह ढक दें इस तरह एक एकड़ का जीव अमृत 2-4 दिनों में तैयार हो जाता है waste decomposer आपको मार्किट से मिल जाये गा, धन्यवाद
Posted by lakhvir singh
Punjab
05-01-2020 02:08 PM
Punjab
01-05-2020 03:54 PM
ਸ੍ਰੀ ਮਾਨ ਜੀ ਸਪਰੇਅ ਤੋਂ 7-10 ਦਿਨ ਬਾਅਦ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ
Posted by Laddi singh
Punjab
05-01-2020 02:05 PM
Punjab
01-05-2020 03:55 PM
ਸ੍ਰੀ ਮਾਨ ਜੀ ਕਣਕ ਦੀ ਫੋਟੋ ਭੇਜੋ ਤਾਂ ਕਿ ਇਸਦੀ ਸਹੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਦਿੱਤੀ ਜਾ ਸਕੇ
Posted by AMIt Kumar
Madhya Pradesh
05-01-2020 01:59 PM
Maharashtra
01-07-2020 03:24 PM
Amit kumar ji, iski acchi growth ke liye ap isme NPK 191919 @ 1 kilo ko 150 liter pani mein mila kar prati acre ke hisaab se spray karein, dhanywad
Posted by Pavittar
Punjab
05-01-2020 01:46 PM
Punjab
01-05-2020 07:58 PM
BhaaG deputy director animal husbandry Gurdaspur or krishi vigyan kendar Gurdaspur or GADVASU VETERINARY UNIVERSITY LUDHIANA NAAL SAMPARK KARO G
Posted by Ajay Diwan
Chattisgarh
05-01-2020 01:40 PM
Maharashtra
01-07-2020 03:22 PM
Sir, for every crop there are different methods of weed management , please ask your question in detail for what crop you are asking for the same, so that we can provide you relevant information for that, thank you
Posted by khuspal
Punjab
05-01-2020 01:39 PM
Punjab
01-05-2020 03:56 PM
Shri maan g QUINALPHOS@800 ml per spray tuc sundi di roktham de lyi kr skde ho.....
Posted by khuspal
Punjab
05-01-2020 01:38 PM
Punjab
01-05-2020 03:57 PM
श्री मान गेहूं में सुंडी की रोकथाम के लिए आप QUINALPHOS@800 ml प्रति एकड़ सप्रे कर सकते हो
Posted by kaushal Singh
Uttar Pradesh
05-01-2020 01:29 PM
Chandigarh
01-06-2020 01:25 PM
kripya apna svaal vistar se puchein taaki apko shi jankaari di jaa ske.
Posted by Abhishek Kumar yadav
Uttar Pradesh
05-01-2020 01:25 PM
Maharashtra
01-31-2020 09:33 AM
Abhishek Kumar yadav ji, ap kam paise mein business jaise ke poultry farming, goat farming, pig farming, mushroom farming kar sakte hain, en ko ap ek chote level par shuru kar ke ek bade level tak le kar ja sakte hain, dhanywad
Posted by anil
Rajasthan
05-01-2020 01:19 PM
Maharashtra
01-09-2020 08:46 AM
Anil ji, isme fungus ka hamla dikhai de raha hai, ap iski roktham ke liye carbendazim @ 4 gm ya mancozeb @ 4gm prati liter pani ke hisaab se spray karein, or isme vermicompost @ 4-5 kilo ke hisaab se dalein, isse iski acchi vidhi ho jaye gi, dhnaywad
Posted by Ashik Thakor
Gujarat
05-01-2020 01:17 PM
Punjab
01-05-2020 03:59 PM
श्री मान खुम्ब की किस्में कई प्रकार की होती है जैसे कि बटन खुम्ब, डीगरी, शटाकी खुम्ब, पराली खुम्ब, और मिलकी खुम्ब इनमे से कुइ खुम्ब सर्दियो के मौसम में और कुछ गर्मीयों के मौसम में लगाये जाते है और हर खुम्ब को लगाने का समय अलग अलग है जैसे बटन खुम्ब का समय सितंबर से मार्च तक होता है इस समय में हम तीन फसले ले सकते ह.... (Read More)
श्री मान खुम्ब की किस्में कई प्रकार की होती है जैसे कि बटन खुम्ब, डीगरी, शटाकी खुम्ब, पराली खुम्ब, और मिलकी खुम्ब इनमे से कुइ खुम्ब सर्दियो के मौसम में और कुछ गर्मीयों के मौसम में लगाये जाते है और हर खुम्ब को लगाने का समय अलग अलग है जैसे बटन खुम्ब का समय सितंबर से मार्च तक होता है इस समय में हम तीन फसले ले सकते है शटाकी खुम्ब का समय अक्तूबर से मध्य फरवरी तक हैं इस समय हम एक फसल ही ले सकते है पराली खुम्ब का समय अप्रैल से अगस्त तक है इस समय हम चार फसले ले सकते है मिलकी खुम्ब का समय अप्रैल से सितंबर तक है आप अब अप्रैल में मिलकी या पराली खुम्ब लगा सकते है पराली खुमब के लिए आपको पराली, बीज, बांस, सेबा, आदि की जरूरत है पराली के पूले, धानो की पराली 1-1 किलो के पूले दोनो सिरो से सेबे से बांध कर तैयार किये जाते है पूले के सिरे कांट कर एक सार कर लिए जाते है पूलो की क्यिारी लगाना पराली के पूलो को साफ पानी में 16-20 घंटो के लिए डूबो दे गिले पूलो को ढलान पर रख कर फालतू पानी को निकलने दे कमरे ईटो और बांस से एक पलेटफार्म बनाये इस पलेटफार्म पर 5 पूलो की एक तहय लगाये जिसके ऊपर 75 ग्राम बीज डाले इसके ऊपर की तहय उलट होती है इस प्रकार 5-5 पूलो की तहय में 300 ग्राम बीज डाल कर कियारी तैयार करे सबसे ऊपर दो पूलो को खोलकर रख दे खुम्बो का फूटना बिजाई से 7-9 दिनो के बाद खुम्ब फूटने लगती है पानी और हवा का संचार बिजाई के दो दिन के बाद हर रोज पानी का छिडका करे खुम्बो के फूटने के बाद हवा का संचार 6-8 घंटे प्रति दिन किया जाता है खुम्बो की तूडाई खुम्बो के फूटने के बाद 1-2 दिनो के बाद तोडाई के योग्य हो जाती है मिलकी खुम्ब मिलकी खुम्ब के लिए तूडी, बीज, मोमी लिफाफे, सेबा, केसिंग,मिट्टी आदि होने चाहिये तूडी की तैयारी सूकी तूडी को पक्के फर्श पर बिछा कर 16-20 घंटे पानी से गिला करे गिली तूडी को बोरी में भर कर सेबे से बांध दे इस बोरी को उबलते पानी में 45-50 मिनट रखें तूडी को निकालकर पक्के फर्श पर बिछा कर ठंडा करे यह तूडी बिजाई के लिए तैयार है बिजाई ठंडी तूडी में बीज मिलाकर मोमी लिफाफो में भर दें एक मोमी लिफाफें में लगभग 2 किलो गिली तूडी और 70-80 ग्राम बीज पडता है लिफाफे के मुंह को सेबे से अच्छी तरह बांध कर कमरे में रख दे केसिंग बिजाई के दो तीन हफतो के बाद लिफाफे खोलकर केसिंग की 1-1.5 की तहय लगा दें केसिंग में तूडी और रेतली मिट्टी होती है 24 घंटो के लिए 4 प्रतिशत फारमलेन के घोल से जीवाणु रहित किया जाता है खुम्बो का फूटना केसिंग मिट्टी डालने के लगभग दो हफतो में खुम्बो के छोटे छोटे किणके निकलने शुरू हो जाते है और 4-5 दिन के बाद तोडने योग्य हो जाते है खुम्बो की तूडाई लगभग 35-40 दिनो तक की जाती है
Posted by Vikram Kumar
Punjab
05-01-2020 01:15 PM
Punjab
01-05-2020 04:00 PM
श्री मान बरसीम में M-45@500 gm प्रति एकड़ स्प्रे कर सकते हो
Posted by Rakeshkumargautam
Madhya Pradesh
05-01-2020 01:14 PM
Maharashtra
01-07-2020 02:47 PM
राकेश कुमार गौतम जी, अच्छे जल निकास वाली उपजाऊ दोमट मिट्टी में उगाने पर यह अच्छे परिणाम देती है मिट्टी की पी एच 6 से 7.5 सोयाबीन की अच्छी उपज के लिए अनूकूल होती है जल जमाव, खारी और क्षारीय मिट्टी सोयाबीन की खेती के लिए अनुकूल नहीं होती कम तापमान भी इस फसल को गंभीर रूप से प्रभावित करता है रबी की मौसम की कटाई के बा.... (Read More)
राकेश कुमार गौतम जी, अच्छे जल निकास वाली उपजाऊ दोमट मिट्टी में उगाने पर यह अच्छे परिणाम देती है मिट्टी की पी एच 6 से 7.5 सोयाबीन की अच्छी उपज के लिए अनूकूल होती है जल जमाव, खारी और क्षारीय मिट्टी सोयाबीन की खेती के लिए अनुकूल नहीं होती कम तापमान भी इस फसल को गंभीर रूप से प्रभावित करता है रबी की मौसम की कटाई के बाद या अप्रैल महीने में गहरी जोताई करें इसकी मदद से कीटों के अंडे नष्ट हो जाएंगे जोताई के बाद तीन-चार बार सुहागा फेरें और मिट्टी को समतल करें ताकि खेत में पानी ना खड़ा हो सके सोयाबीन के लिए जून के तीसरे सप्ताह से मध्य जुलाई का महीना खेती के लिए अनुकूल होता है बीजों को तभी बोयें, जब मिट्टी में आवश्यक मात्रा में नमी हो (2-3 दिनों में कम से कम 50-60 मि.मी. वर्षा हुई हो) बिजाई के लिए कतार से कतार का 10-12 इंच और पौधे से पौधे का फासला 4-7 सैं.मी. रखें नमी की उचित मात्रा में बीजों को 3-4 सैं.मी. की गहराई में बोयें ज्यादा गहराई में ना बोयें, क्योंकि यह अंकुरण को प्रभावित करता है बीजों को सीड ड्रिल की सहायता से बोयें एक एकड़ खेत में 25-30 किलोग्राम बीजों का प्रयोग करें बिजाई के समय गली हुई रूड़ी की खाद और गाय का गला हुआ गोबर 4 टन और नाइट्रोजन 10 किलो (यूरिया 25 किलो) और फासफोरस 24 किलो (एस एस पी 150 किलो), पोटाश 8 किलो (म्यूरेट ऑफ पोटाश 15 किलो) प्रति एकड़ में डालें इन तत्वों के साथ 8 किलो सलफर प्रति एकड़ में डालें अच्छी वृद्धि और अच्छी उपज के लिए यूरिया 3 किलो को 150 लीटर पानी में मिलाकर बिजाई के बाद 60 वें और 75 वें दिन स्प्रे करें खेत को नदीन मुक्त करने के लिए दो गोडाई की आवश्यकता होती है, पहली गोडाई बिजाई के 15-20 दिन बाद और दूसरी गोडाई बिजाई के 30-40 दिन बाद करें रासायनिक तरीके से नदीनों को रोकने के लिए बिजाई के बाद दो दिनो में पैंडीमैथालीन 900 मि.ली. को 100-200 लीटर पानी में मिलाकर स्प्रे करें या इमाजेथापर 150&170 मि.ली. को 150-200 लीटर पानी में मिलाकर बिजाई के 15 से 20 दिन बाद बूटीनाशक के तौर पर डालें बारानी फसल होने के कारण इसे सिंचाई की आवश्यकता नहीं होती बारिश की स्थिति के आधार पर सिंचाई का उपयोग करें फली बनने के समय सिंचाई आवश्यक है इस समय पानी की कमी उपज को काफी प्रभावित करती है जब फलियां सूख जाएं और पत्तों का रंग बदल कर पीला हो जाए और पत्ते गिर जाएं, तब फसल कटाई के लिए तैयार होती है कटाई हाथों से या दराती से करें कटाई के बाद पौधों में से बीजों को निकाल लें धन्यवाद
Posted by bhupender
Haryana
05-01-2020 01:10 PM
Rajasthan
01-07-2020 03:41 PM
मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्यकर्म आयोजित.... (Read More)
मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्यकर्म आयोजित किया जा रहा है प्रशिक्षण कार्य कर्म में भाग लेने के लिए नीचे दिए गए नम्बर पर आज ही संपर्क करें और Rs 250/ से अपना रजिस्ट्रेशन करवाए अचल सिंह (फाउंडर )- 9711858258. धन्यवाद