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Posted by ਸੁਖਵਿੰਦਰ ਸਿੰਘ ਨਹਿਲ
Punjab
06-01-2020 06:43 PM
Punjab
01-06-2020 07:32 PM
ਉਸ ਨੂੰ ਤੁਸੀ Mifex 450ml ਬੋਤਲ ਲਗਵਾਓ, ਬੋਤਲ ਵਿਚ Injection Tonophos 20ml, Injection Avil 10ml ਪਾਓ ਅਤੇ ਇਸ ਨੂੰ IV(slow) ਲਗਵਾਓ, ਬਾਕੀ ਉਸ ਨੂੰ Injection X-nil 1gm, Injection Megludyne 20ml (IM) ਲਗਵਾਓ ਅਤੇ 3 ਦਿਨ ਲਗਾਓ, ਇਸ ਨਾਲ ਫਰਕ ਪੈ ਜਾਵੇਗਾ
Posted by T s sandhu
Punjab
06-01-2020 06:33 PM
Punjab
01-07-2020 04:13 PM
ਤਿੰਦਰ ਜੀ ਇਹ ਫੰਗਸਨਾਸ਼ੀ ਹੈ ਕਿਰਪਾ ਕਰਕੇ ਦੱਸੋ ਕਿ ਕਣਕ ਵਿਚ ਫੰਗਸ ਦਾ ਹਮਲਾ ਹੈ ਤਾ ਜੋ ਤੁਹਾਨੂੰ ਇਸ ਬਾਰੇ ਪੂਰੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਦਿਤੀ ਜਾ ਸਕੇ ਕਿ ਤੁਸੀ ਇਸਦੀ ਵਰਤੋਂ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਜਾ ਨਹੀਂ ਧੰਨਵਾਦ
Posted by laddi dhindsa
Punjab
06-01-2020 06:26 PM
Punjab
01-07-2020 05:28 PM
Laddi ji chicks lenn lai tuci mere nal 9781589637 Mahal Farm sampark kr skde ho.
Posted by Rajendra chauhan
Uttar Pradesh
06-01-2020 06:24 PM
Punjab
01-07-2020 05:30 PM
Rajendra ji aap chicks lene ke liye Sumit Kumar 8006000291, 7906547529 Sumit Kumar Poultry Farm se sampark kr skte hai.
Posted by jageshwar kurmi
Madhya Pradesh
06-01-2020 06:21 PM
Punjab
01-07-2020 04:15 PM
पपीते की खेती को मिट्टी की व्यापक किस्मों में उगाया जा सकता है अच्छे निकास वाली पहाड़ी मिट्टी पपीते की खेती के लिए उपयुक्त होती है रेतली और भारी मिट्टी में इसकी खेती ना करें पपीते की खेती के लिए मिट्टी की पी एच 6.5-7.0 होनी चाहिए प्रसिद्ध किस्में :-Pusa Dwarf: इसके फल मध्यम आकार के और अंडाकार होते हैं यह सूखे को सहनेयोग्.... (Read More)
पपीते की खेती को मिट्टी की व्यापक किस्मों में उगाया जा सकता है अच्छे निकास वाली पहाड़ी मिट्टी पपीते की खेती के लिए उपयुक्त होती है रेतली और भारी मिट्टी में इसकी खेती ना करें पपीते की खेती के लिए मिट्टी की पी एच 6.5-7.0 होनी चाहिए प्रसिद्ध किस्में :-Pusa Dwarf: इसके फल मध्यम आकार के और अंडाकार होते हैं यह सूखे को सहनेयोग्य किस्म है यह उच्च घनत्व में रोपाई के लिए लाभदायक है Pusa Giant: इस किस्म के पौधे तेज हवा को सहनेयोग्य है यह बड़े फलों का उत्पादन करती है यह पैकिंग के लिए उपयुक्त किस्म है CO 3: इसके फल बड़े आकार के और अंडाकार होते हैं इसे ज्यादा देर तक रखने की गुणवत्ता अच्छी होती है CO 1: यह छोटे कद की किस्म है जिसके फल मध्यम आकार के होते हैं फल गोलाकार, नर्म हरा-पीला छिल्का और संतरी पीले रंग का गुद्दा होता है फल रसदार होता है और इसे ज्यादा देर तक रखने की गुणवत्ता अच्छी होती है Coorg Honey Dew: इसे सीधे तौर पर खाने के लिए और प्रक्रिया के लिए प्रयोग किया जाता है इसके फल आयताकार और गुद्दा मोटा संतरी रंग का होता है Pusa Majesty: इसके फल मध्यम आकार के, गोल होते हैं इन्हें रखने की गुणवत्ता बहुत अच्छी होती है यह किस्म 146 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है यह किस्म जड़ गलन निमाटोड के प्रतिरोधक किस्म है Pusa Delicious: यह मध्यम लंबी किस्म है इसके फल मध्यम आकार के होते हैं, गुद्दा गहरे संतरी रंग का होता है इस किस्म को कतारों में लगाने के लिए प्रयोग किया जाता है पपीते की खेती के लिए नदीन रहित भूमि का प्रयोग करें मिट्टी के भुरभुरा होने तक खेत की जोताई करें आखिरी जोताई के समय अच्छी तरह से गली हुई रूड़ी की खाद या गाय का गला हुआ गोबर मिट्टी में अच्छी तरह मिलाकर डालें सिफारिश किए गए फासलों पर 1 मीटर x 1 मीटर x 1 मीटर आकार के गड्ढे खोदें गड्ढों को मिट्टी और रूड़ी की खाद या गाय के गले हुए गोबर से भरें प्रयोग की गई किस्म के आधार पर प्रत्येक गड्ढे पर 2-4 नए पौधों की रोपाई करें रोपाई के बाद हल्की सिंचाई करें हवा से बचाव के लिए खूंटा लगाएं बीजों को 150 गेज़ की मोटाई वाले, 25 x 10 सैं.मी. के पॉलीथीन बैग में बोयें पानी के उचित निकास के लिए पॉलीथीन बैग के निचले हिस्से में 1 मि.मी. अर्द्धव्यास का छेद करें उसके बाद पॉलीथीन बैग में समान अनुपात में रूड़ी की खाद, मिट्टी और रेत डालें बिजाई से पहले बीजों का उपचार करें रोपाई के लिए 6-7 सप्ताह के पौधों का प्रयोग करें यूरिया 150 ग्राम, फासफोरस 80 ग्राम, पोटाश 100 ग्राम प्रति वृक्ष में प्रति वर्ष डालें खादों को 4 भागों में बांटकर रोपाई के बाद पहले, तीसरे, पांचवे और सातवें महीने में डालें बसंत के मौसम में फरवरी मार्च के महीने में बिजाई करें जबकि मॉनसून के मौसम में बिजाई के लिए जून जुलाई का महीना उपयुक्त होता है और पतझड़ के मौसम में बिजाई अक्तूबर से नवंबर महीने में की जाती है आमतौर पर 1.8 मीटर x 1.8 मीटर फासले का प्रयोग किया जाता है उच्च घनता की रोपाई के लिए 1.5 मीटर x 1.5 मीटर फासले का प्रयोग किया जाता है नर्सरी में बीज को 1 सैं.मी. की गहराई पर बोयें बीजो की खेत में सीधे बिजाई या मुख्य खेत में नए पौधों की रोपाई की जाती है 100-120 ग्राम बीज प्रति एकड़ में प्रयोग करें मिट्टी की किस्म, जलवायु के हालातों आदि के आधार पर सिंचाई करें सर्दियों में 15 दिनों के अंतराल पर और गर्मियों में 7 दिनों के अंतराल पर सिंचाई करें तने को पानी के संपर्क में ना आने दें और खेत में पानी भी खड़ा ना होने दें पौधे की प्रौढ़ अवस्था के दौरान नदीनों की रोकथाम जरूरी होती है नदीनों की तीव्रता के आधार पर, नियमित और हल्की गोडाई करें फ्लूक्लोरालिन या बूटाक्लोर 800 मि.ली. प्रति एकड़ में डालें नदीनों की रोकथाम के लिए मलचिंग भी एक प्रभावी तरीका है पौधों की रोपाई के कुछ दिनों बाद प्लास्टिक शीट या धान की पराली या गन्ने के बचे कुचे को मलच के रूप में डालें मुख्यत: फल के पूरा आकार लेने और हरे से हल्का पीला रंग होने पर तुड़ाई की जाती है पहली तुड़ाई रोपाई के 14-15 महीनों के बाद की जा सकती है 4-5 तुड़ाइयां प्रति मौसम की जा सकती हैं धन्यवाद
Posted by davinder singh
Punjab
06-01-2020 06:20 PM
Punjab
01-07-2020 05:31 PM
Davinder ji tuci bache nu janam ton 7 din badd Albomar liquid 10-10ml krke 3 din deo ate fir 1-1 mahine de frak nal salt change krke dwai deo ji..
Posted by jageshwar kurmi
Madhya Pradesh
06-01-2020 06:20 PM
Punjab
01-07-2020 04:17 PM
पपीते की खेती को मिट्टी की व्यापक किस्मों में उगाया जा सकता है अच्छे निकास वाली पहाड़ी मिट्टी पपीते की खेती के लिए उपयुक्त होती है रेतली और भारी मिट्टी में इसकी खेती ना करें पपीते की खेती के लिए मिट्टी की पी एच 6.5-7.0 होनी चाहिए प्रसिद्ध किस्में :-Pusa Dwarf: इसके फल मध्यम आकार के और अंडाकार होते हैं यह सूखे को सहनेयोग्.... (Read More)
पपीते की खेती को मिट्टी की व्यापक किस्मों में उगाया जा सकता है अच्छे निकास वाली पहाड़ी मिट्टी पपीते की खेती के लिए उपयुक्त होती है रेतली और भारी मिट्टी में इसकी खेती ना करें पपीते की खेती के लिए मिट्टी की पी एच 6.5-7.0 होनी चाहिए प्रसिद्ध किस्में :-Pusa Dwarf: इसके फल मध्यम आकार के और अंडाकार होते हैं यह सूखे को सहनेयोग्य किस्म है यह उच्च घनत्व में रोपाई के लिए लाभदायक है Pusa Giant: इस किस्म के पौधे तेज हवा को सहनेयोग्य है यह बड़े फलों का उत्पादन करती है यह पैकिंग के लिए उपयुक्त किस्म है CO 3: इसके फल बड़े आकार के और अंडाकार होते हैं इसे ज्यादा देर तक रखने की गुणवत्ता अच्छी होती है CO 1: यह छोटे कद की किस्म है जिसके फल मध्यम आकार के होते हैं फल गोलाकार, नर्म हरा-पीला छिल्का और संतरी पीले रंग का गुद्दा होता है फल रसदार होता है और इसे ज्यादा देर तक रखने की गुणवत्ता अच्छी होती है Coorg Honey Dew: इसे सीधे तौर पर खाने के लिए और प्रक्रिया के लिए प्रयोग किया जाता है इसके फल आयताकार और गुद्दा मोटा संतरी रंग का होता है Pusa Majesty: इसके फल मध्यम आकार के, गोल होते हैं इन्हें रखने की गुणवत्ता बहुत अच्छी होती है यह किस्म 146 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है यह किस्म जड़ गलन निमाटोड के प्रतिरोधक किस्म है Pusa Delicious: यह मध्यम लंबी किस्म है इसके फल मध्यम आकार के होते हैं, गुद्दा गहरे संतरी रंग का होता है इस किस्म को कतारों में लगाने के लिए प्रयोग किया जाता है पपीते की खेती के लिए नदीन रहित भूमि का प्रयोग करें मिट्टी के भुरभुरा होने तक खेत की जोताई करें आखिरी जोताई के समय अच्छी तरह से गली हुई रूड़ी की खाद या गाय का गला हुआ गोबर मिट्टी में अच्छी तरह मिलाकर डालें सिफारिश किए गए फासलों पर 1 मीटर x 1 मीटर x 1 मीटर आकार के गड्ढे खोदें गड्ढों को मिट्टी और रूड़ी की खाद या गाय के गले हुए गोबर से भरें प्रयोग की गई किस्म के आधार पर प्रत्येक गड्ढे पर 2-4 नए पौधों की रोपाई करें रोपाई के बाद हल्की सिंचाई करें हवा से बचाव के लिए खूंटा लगाएं बीजों को 150 गेज़ की मोटाई वाले, 25 x 10 सैं.मी. के पॉलीथीन बैग में बोयें पानी के उचित निकास के लिए पॉलीथीन बैग के निचले हिस्से में 1 मि.मी. अर्द्धव्यास का छेद करें उसके बाद पॉलीथीन बैग में समान अनुपात में रूड़ी की खाद, मिट्टी और रेत डालें बिजाई से पहले बीजों का उपचार करें रोपाई के लिए 6-7 सप्ताह के पौधों का प्रयोग करें यूरिया 150 ग्राम, फासफोरस 80 ग्राम, पोटाश 100 ग्राम प्रति वृक्ष में प्रति वर्ष डालें खादों को 4 भागों में बांटकर रोपाई के बाद पहले, तीसरे, पांचवे और सातवें महीने में डालें बसंत के मौसम में फरवरी मार्च के महीने में बिजाई करें जबकि मॉनसून के मौसम में बिजाई के लिए जून जुलाई का महीना उपयुक्त होता है और पतझड़ के मौसम में बिजाई अक्तूबर से नवंबर महीने में की जाती है आमतौर पर 1.8 मीटर x 1.8 मीटर फासले का प्रयोग किया जाता है उच्च घनता की रोपाई के लिए 1.5 मीटर x 1.5 मीटर फासले का प्रयोग किया जाता है नर्सरी में बीज को 1 सैं.मी. की गहराई पर बोयें बीजो की खेत में सीधे बिजाई या मुख्य खेत में नए पौधों की रोपाई की जाती है 100-120 ग्राम बीज प्रति एकड़ में प्रयोग करें मिट्टी की किस्म, जलवायु के हालातों आदि के आधार पर सिंचाई करें सर्दियों में 15 दिनों के अंतराल पर और गर्मियों में 7 दिनों के अंतराल पर सिंचाई करें तने को पानी के संपर्क में ना आने दें और खेत में पानी भी खड़ा ना होने दें पौधे की प्रौढ़ अवस्था के दौरान नदीनों की रोकथाम जरूरी होती है नदीनों की तीव्रता के आधार पर, नियमित और हल्की गोडाई करें फ्लूक्लोरालिन या बूटाक्लोर 800 मि.ली. प्रति एकड़ में डालें नदीनों की रोकथाम के लिए मलचिंग भी एक प्रभावी तरीका है पौधों की रोपाई के कुछ दिनों बाद प्लास्टिक शीट या धान की पराली या गन्ने के बचे कुचे को मलच के रूप में डालें मुख्यत: फल के पूरा आकार लेने और हरे से हल्का पीला रंग होने पर तुड़ाई की जाती है पहली तुड़ाई रोपाई के 14-15 महीनों के बाद की जा सकती है 4-5 तुड़ाइयां प्रति मौसम की जा सकती हैं धन्यवाद
Posted by chauhan mukeshsinh
Gujarat
06-01-2020 06:16 PM
Rajasthan
01-07-2020 09:29 AM
मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजि.... (Read More)
मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजित किया जा रहा है प्रशिक्षण कार्य कर्म में भाग लेने के लिए नीचे दिए गए नम्बर पर आज ही संपर्क करें और Rs 250/ से अपना रजिस्ट्रेशन करवाए अचल सिंह (फाउंडर )- 9711858258. धन्यवाद
Posted by आर्य सुरेन्द्र पँवार
Uttar Pradesh
06-01-2020 06:15 PM
Punjab
01-07-2020 04:19 PM
आर्य जी आपको किसी भी एक्सपर्ट का contact number नहीं दिया जा सकता आपका जो भी सवाल है वो आप app पर ही पूछे धन्यवाद
Posted by jitendra singh Chaudhary
Rajasthan
06-01-2020 06:08 PM
Punjab
01-06-2020 06:26 PM
bhai sahib nazdik ke pashu palan adhikari or krishi vigyan kendar se sampark karein or training lein phir loan milega
Posted by Balwan
Haryana
06-01-2020 06:04 PM
Punjab
01-07-2020 04:20 PM
Balwan ji please ask your question in detail so that we can provide you proper information.thank you
Posted by gulab
Punjab
06-01-2020 06:00 PM
Punjab
01-07-2020 05:33 PM
ਤੁਸੀ ਨੇੜੇ ਦੇ ਪਸ਼ੂਆਂ ਵਾਲੇ ਮੈਡੀਕਲ ਸਟੋਰ ਤੋਂ EGG FORMULA ਨਾਮ ਦਾ ਪਾਊਡਰ ਲਿਆ ਕੇ ਫੀਡ ਦੇ ਵਿੱਚ ਮਿਲਾ ਕੇ ਦਿਓ, ਇਸਦੇ ਨਾਲ ਤੁਸੀ B-complex liquid ਦਿਓ , ਇਸ ਨੂੰ 20ml ਪ੍ਰਤੀ 100 ਮੁਰਗੀਆਂ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਦਿਓ.
Posted by Raviraj Solanki
Madhya Pradesh
06-01-2020 05:59 PM
Punjab
01-07-2020 04:23 PM
Posted by Mustak Ahmad
Rajasthan
06-01-2020 05:59 PM
Punjab
01-06-2020 06:28 PM
bhai sahib byabe k 5-7 din 1kg gahun ka dalia 500g gur ch rinh ke swer te aina hi shaam nu khuao Rajwa hara chaara te har 3kg dudh lai 1kg wadhya feed pao har
Posted by SATISH Kumar
Haryana
06-01-2020 05:48 PM
Punjab
01-07-2020 04:28 PM
सतीश जी आप किस्मे जैसे Hisar Arun (Selection 7): यह जल्दी पकने वाली और रोपाई के बाद 70 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है इसके फलों की संख्या ज्यादा और फल आकार में बड़े होते हैं इसकी औसतन पैदावार 100 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Hisar Lalit (NT 8): यह किस्म जड़ गलन के प्रतिरोधी है इसकी औसतन पैदावार 100-120 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Hissar Lalima (Selecti.... (Read More)
सतीश जी आप किस्मे जैसे Hisar Arun (Selection 7): यह जल्दी पकने वाली और रोपाई के बाद 70 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है इसके फलों की संख्या ज्यादा और फल आकार में बड़े होते हैं इसकी औसतन पैदावार 100 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Hisar Lalit (NT 8): यह किस्म जड़ गलन के प्रतिरोधी है इसकी औसतन पैदावार 100-120 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Hissar Lalima (Selection 18): यह जल्दी पकने वाली किस्म है इसके फल बड़े लाल रंग के होते हैं रोपाई के बाद यह फसल 60-70 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है इसकी औसतन पैदावार 120 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Punjab Chhuhara: यह किस्म बीज रहित, नाशपाती के आकार की, लाल और मोटे छिल्के वाली होती है इसकी क्वालिटी कटाई के बाद 7 दिन तक मंडी में बेचनेयोग्य होती है इसलिए इसे लंबी दूरी वाली स्थानों पर लिजाकर नए उत्पाद तैयार करने के लिए प्रयोग किया जा सकता है HS 110: इसके फल आकार में बड़े होते हैं इसकी औसतन पैदावार 80-100 क्विंटल प्रति एकड़ होती है HS 101: यह उत्तरी भारत में सर्दियों के समय लगाई जाने वाली किस्म है इसके पौधे छोटे होते हैं इस किस्म के टमाटर गोल और दरमियाने आकार के और रसीले होते हैं यह गुच्छों के रूप में लगते हैं यह पत्ता मरोड़ बीमारी की रोधक किस्म है इसकी औसतन पैदावार 100-110 क्विंटल प्रति एकड़ होती है HS 102: यह किस्म जल्दी पक जाती है इस किस्म के टमाटर छोटे और दरमियाने आकार के गोल और रसीले होते हैं इसकी औसतन पैदावार 100-110 क्विंटल प्रति एकड़ होती है H 24: इसके फल मध्यम बड़े आकार के होते हैं यह पत्ता मरोड़ बीमारी के प्रतिरोधक होती है इसकी औसतन पैदावार 80-90 क्विंटल प्रति एकड़ होती है H 86: इसके फल मध्यम बड़े आकार के होते हैं यह पत्ता मरोड़ बीमारी के प्रतिरोधक होती है इसकी औसतन पैदावार 80-100 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Hisar Gaurav: इस हाइब्रिड किस्म की औसतन पैदावार 120-130 क्विंटल प्रति एकड़ होती है
Posted by gagandeep Singh
Punjab
06-01-2020 05:39 PM
Punjab
01-08-2020 11:22 AM
ਗਗਨਦੀਪ ਜੀ, ਪੰਜਾਬ ਵਿੱਚ ਇਸਦੀ ਬਿਜਾਈ ਬਸੰਤ ਰੁੱਤ(ਫਰਵਰੀ ਤੋਂ ਮਾਰਚ) ਅਤੇ ਮਾਨਸੂਨ(15 ਅਗਸਤ ਤੋਂ ਅੰਤ ਅਕਤੂਬਰ) ਵਿੱਚ ਕੀਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਨਿੰਬੂ ਦੇ ਬੂੱਟੇ ਲੈਣ ਲਈ ਤੁਸੀਂ Ravi Choudhary 8003892293 9530002191 AGRICULTURE EXPERT,MAINLY CITRUS ਨਾਲ ਸੰਪਰਕ ਕਰੋ, ਪੌਦਿਆਂ ਵਿੱਚਲਾ ਫਾਸਲਾ 4.5×4.5 ਮੀਟਰ ਰੱਖੋ ਨਵੇਂ ਪੌਦੇ ਬੀਜਣ ਲਈ 60×60×60 ਸੈ.ਮੀ. ਦੇ ਟੋਏ ਪੁੱਟੋ ਰੂੜੀ ਦੀ ਖਾਦ 10 ਕਿਲੋ ਅਤੇ ਸਿੰਗਲ ਸੁਪਰ ਫਾਸਫੇਟ 500 ਗ੍ਰਾਮ ਬਿਜਾ.... (Read More)
ਗਗਨਦੀਪ ਜੀ, ਪੰਜਾਬ ਵਿੱਚ ਇਸਦੀ ਬਿਜਾਈ ਬਸੰਤ ਰੁੱਤ(ਫਰਵਰੀ ਤੋਂ ਮਾਰਚ) ਅਤੇ ਮਾਨਸੂਨ(15 ਅਗਸਤ ਤੋਂ ਅੰਤ ਅਕਤੂਬਰ) ਵਿੱਚ ਕੀਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਨਿੰਬੂ ਦੇ ਬੂੱਟੇ ਲੈਣ ਲਈ ਤੁਸੀਂ Ravi Choudhary 8003892293 9530002191 AGRICULTURE EXPERT,MAINLY CITRUS ਨਾਲ ਸੰਪਰਕ ਕਰੋ, ਪੌਦਿਆਂ ਵਿੱਚਲਾ ਫਾਸਲਾ 4.5×4.5 ਮੀਟਰ ਰੱਖੋ ਨਵੇਂ ਪੌਦੇ ਬੀਜਣ ਲਈ 60×60×60 ਸੈ.ਮੀ. ਦੇ ਟੋਏ ਪੁੱਟੋ ਰੂੜੀ ਦੀ ਖਾਦ 10 ਕਿਲੋ ਅਤੇ ਸਿੰਗਲ ਸੁਪਰ ਫਾਸਫੇਟ 500 ਗ੍ਰਾਮ ਬਿਜਾਈ ਸਮੇਂ ਟੋਇਆਂ ਵਿੱਚ ਪਾਓ ਨਵੇਂ ਪੌਦੇ ਬੀਜਣ ਲਈ 60×60×60 ਸੈ.ਮੀ. ਦੇ ਟੋਏ ਪੁੱਟੋ ਪੌਦਿਆਂ ਦਾ ਪ੍ਰਜਣਨ ਪਿਉਂਦ ਜਾਂ ਏਅਰ ਲੇਅਰਿੰਗ ਦੁਆਰਾ ਕੀਤਾ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਇੱਕ ਏਕੜ ਵਿੱਚ ਪੌਦਿਆਂ ਦੀ ਘਣਤਾ ਘੱਟ ਤੋਂ ਘੱਟ 208 ਹੋਣੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ ਧੰਨਵਾਦ
Posted by virendar Sharma
Rajasthan
06-01-2020 05:38 PM
Punjab
01-06-2020 06:29 PM
bhai sahib rajwa hara chaara te har 3kg dudh lai 1kg wadhya feed pao har 3 mahine baad pet ke kirhe nikalne ki dwaee deo
Posted by gagandeep Singh
Punjab
06-01-2020 05:34 PM
Punjab
01-07-2020 05:35 PM
biofloc fish farm da punjab vich koe govt. project nahi hai ji. eh apne level te hi farming hundi hai. tusi jekar bioflock farm dekhna hai ta jaswinder singh ji da bioflock fish farm dekh sakde ho. ehna da contact number 98886 69632 hai ji. iss system vich ghat jgha ate ghat mashi di jrurat hundi hai .
Posted by Dubraj Patel
Madhya Pradesh
06-01-2020 05:26 PM
Punjab
01-07-2020 05:05 PM
dubraj ji kripya aap apna swal vistar se pooche ke aap iske bare men jankari lena chahte hai ya ise kharidna chahte hai taki aapko iske bare men poori jankari di ja sake.
Posted by छत्रपति यादव
Chattisgarh
06-01-2020 05:24 PM
Punjab
01-07-2020 05:11 PM
छत्रपति जी आप इसके पत्तों के नीचे मच्छर का हमला चैक करें अगर मौजूद है तो आप इसके ऊपर imidacloprid @1.5 ml को प्रति लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे करें धन्यवाद
Posted by ਨਿਰਭੈ ਸਿੰਘ ਭੰਗੂ
Punjab
06-01-2020 05:23 PM
Punjab
01-07-2020 05:17 PM
ਹਾਜੀ ਸਤਿ ਸ਼੍ਰੀ ਅਕਾਲ ਜੀ ਤੁਹਾਡੇ ਵੱਲੋਂ ਪੁੱਛੇ ਸਾਰੇ ਸਵਾਲਾਂ ਦਾ ਜਵਾਬ ਦਾ ਦਿੱਤਾ ਜਾ ਚੁੱਕਿਆ ਹੈ ਤੁਸੀ ਆਪਣੇ ਸਵਾਲਾਂ ਦੇ ਜਵਾਬ ਦੇਖਣ ਲਈ ਐਪ ਵਿੱਚ ਮੇਰੇ ਸਵਾਲ ਤੇ ਕਲਿੱਕ ਕਰਕੇ ਜਾਂ ਫਿਰ ਮੇਰੀ ਪ੍ਰੋਫਾਈਲ ਦੇ ਹੇਠਾ ਆਪਣੇ ਸਵਾਲ ਜਵਾਬ ਦੇਖ ਸਕਦੇ ਹੋ ਵੀ ਜੇਕਰ ਤੁਹਾਨੂੰ ਜਵਾਬ ਸਬੰਧੀ ਕਿਸੇ ਤਰਾਂ ਦੀ ਸਮੱਸਿਆ ਆ ਰਹੀ ਹੈ ਤਾਂ ਤੁਸੀ ਸਾਡੇ ਹੈਲਪਲਾਈਨ ਨੰਬਰ: 97799-77641 ਤੇ ਕਾਲ ਕਰ ਸਕਦੇ .... (Read More)
ਹਾਜੀ ਸਤਿ ਸ਼੍ਰੀ ਅਕਾਲ ਜੀ ਤੁਹਾਡੇ ਵੱਲੋਂ ਪੁੱਛੇ ਸਾਰੇ ਸਵਾਲਾਂ ਦਾ ਜਵਾਬ ਦਾ ਦਿੱਤਾ ਜਾ ਚੁੱਕਿਆ ਹੈ ਤੁਸੀ ਆਪਣੇ ਸਵਾਲਾਂ ਦੇ ਜਵਾਬ ਦੇਖਣ ਲਈ ਐਪ ਵਿੱਚ ਮੇਰੇ ਸਵਾਲ ਤੇ ਕਲਿੱਕ ਕਰਕੇ ਜਾਂ ਫਿਰ ਮੇਰੀ ਪ੍ਰੋਫਾਈਲ ਦੇ ਹੇਠਾ ਆਪਣੇ ਸਵਾਲ ਜਵਾਬ ਦੇਖ ਸਕਦੇ ਹੋ ਵੀ ਜੇਕਰ ਤੁਹਾਨੂੰ ਜਵਾਬ ਸਬੰਧੀ ਕਿਸੇ ਤਰਾਂ ਦੀ ਸਮੱਸਿਆ ਆ ਰਹੀ ਹੈ ਤਾਂ ਤੁਸੀ ਸਾਡੇ ਹੈਲਪਲਾਈਨ ਨੰਬਰ: 97799-77641 ਤੇ ਕਾਲ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋਂ
Posted by ishwar shingh
Madhya Pradesh
06-01-2020 05:22 PM
Punjab
01-07-2020 05:19 PM
Ishwar ji kripya aap swal vistar se pooche ke aap konsi fasl men sinchai parbandhan ke bare men jankari lena chahte hai taki aapko iske bare men jankari di ja sake.dhanywad
Posted by Surinder Kaur
Punjab
06-01-2020 05:15 PM
Punjab
01-06-2020 06:37 PM
ਭੈਣ ਜੀ ਮੱਝ ਨੂੰ ਰਜਵਾਂ ਹਰਾ ਚਾਰਾ ਤੇ ਹਰ 3 ਕਿਲੋ ਦੁੱਧ ਲਈ 1 ਕਿਲੋਗ੍ਰਾਮ ਵਧੀਆਫੀਡ ਪਾਓ 1ਕੁਇੰਟਲ ਫੀਡ ਚ 40 ਕਿਲੋਗ੍ਰਾਮ ਅਨਾਜ 30 ਕਿਲੋਗ੍ਰਾਮ ਖਲ 30 ਕਿਲੋਗ੍ਰਾਮ ਚੋਕਰ ਜਾਂ ਚੌਲ ਪਾਲਸ਼ 2 ਕਿਲੋਗ੍ਰਾਮ ਧਾਤਾਂ ਦਾ ਮਿਸ਼ਰਣ 1 ਕਿਲੋਗ੍ਰਾਮ ਲੂਣ ਰਲਾਓ
Posted by Gurwinder Singh
Punjab
06-01-2020 05:07 PM
Punjab
01-07-2020 05:24 PM
gurwinder ji isdi bijai maximum 5 decmeber tak kiti jandi hai hun isdi biaji nahi kiti ja sakdi.dhanwad
Posted by Gurwinder Singh
Punjab
06-01-2020 05:03 PM
Punjab
04-07-2020 02:24 PM
ਗੁਰਵਿੰਦਰ ਜੀ ਤੁਸੀ ਮੱਕੀ ਦੀ ਕਿਸਮ J1006 ਕਿਸਮ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ|
Posted by shovendr kumar
Haryana
06-01-2020 04:59 PM
Punjab
04-07-2020 03:08 PM
खुम्ब की किस्में कई प्रकार की होती है जैसे कि बटन खुम्ब, डीगरी, शटाकी खुम्ब, पराली खुम्ब, और मिलकी खुम्ब इनमे से कुइ खुम्ब सर्दियो के मौसम में और कुछ गर्मीयों के मौसम में लगाये जाते है और हर खुम्ब को लगाने का समय अलग अलग है जैसे बटन खुम्ब का समय सितंबर से मार्च तक होता है इस समय में हम तीन फसले ले सकते है शटाकी ख.... (Read More)
खुम्ब की किस्में कई प्रकार की होती है जैसे कि बटन खुम्ब, डीगरी, शटाकी खुम्ब, पराली खुम्ब, और मिलकी खुम्ब इनमे से कुइ खुम्ब सर्दियो के मौसम में और कुछ गर्मीयों के मौसम में लगाये जाते है और हर खुम्ब को लगाने का समय अलग अलग है जैसे बटन खुम्ब का समय सितंबर से मार्च तक होता है इस समय में हम तीन फसले ले सकते है शटाकी खुम्ब का समय अक्तूबर से मध्य फरवरी तक हैं इस समय हम एक फसल ही ले सकते है पराली खुम्ब का समय अप्रैल से अगस्त तक है इस समय हम चार फसले ले सकते है मिलकी खुम्ब का समय अप्रैल से सितंबर तक है आप अब अप्रैल में मिलकी या पराली खुम्ब लगा सकते है पराली खुमब के लिए आपको पराली, बीज, बांस, सेबा, आदि की जरूरत है पराली के पूले, धानो की पराली 1-1 किलो के पूले दोनो सिरो से सेबे से बांध कर तैयार किये जाते है पूले के सिरे कांट कर एक सार कर लिए जाते है पूलो की क्यिारी लगाना पराली के पूलो को साफ पानी में 16-20 घंटो के लिए डूबो दे गिले पूलो को ढलान पर रख कर फालतू पानी को निकलने दे कमरे ईटो और बांस से एक पलेटफार्म बनाये इस पलेटफार्म पर 5 पूलो की एक तहय लगाये जिसके ऊपर 75 ग्राम बीज डाले इसके ऊपर की तहय उलट होती है इस प्रकार 5-5 पूलो की तहय में 300 ग्राम बीज डाल कर कियारी तैयार करे सबसे ऊपर दो पूलो को खोलकर रख दे खुम्बो का फूटना बिजाई से 7-9 दिनो के बाद खुम्ब फूटने लगती है पानी और हवा का संचार बिजाई के दो दिन के बाद हर रोज पानी का छिडका करे खुम्बो के फूटने के बाद हवा का संचार 6-8 घंटे प्रति दिन किया जाता है खुम्बो की तूडाई खुम्बो के फूटने के बाद 1-2 दिनो के बाद तोडाई के योग्य हो जाती है मिलकी खुम्ब मिलकी खुम्ब के लिए तूडी, बीज, मोमी लिफाफे, सेबा, केसिंग,मिट्टी आदि होने चाहिये तूडी की तैयारी सूकी तूडी को पक्के फर्श पर बिछा कर 16-20 घंटे पानी से गिला करे गिली तूडी को बोरी में भर कर सेबे से बांध दे इस बोरी को उबलते पानी में 45-50 मिनट रखें तूडी को निकालकर पक्के फर्श पर बिछा कर ठंडा करे यह तूडी बिजाई के लिए तैयार है बिजाई ठंडी तूडी में बीज मिलाकर मोमी लिफाफो में भर दें एक मोमी लिफाफें में लगभग 2 किलो गिली तूडी और 70-80 ग्राम बीज पडता है लिफाफे के मुंह को सेबे से अच्छी तरह बांध कर कमरे में रख दे केसिंग बिजाई के दो तीन हफतो के बाद लिफाफे खोलकर केसिंग की 1-1.5 की तहय लगा दें केसिंग में तूडी और रेतली मिट्टी होती है 24 घंटो के लिए 4 प्रतिशत फारमलेन के घोल से जीवाणु रहित किया जाता है खुम्बो का फूटना केसिंग मिट्टी डालने के लगभग दो हफतो में खुम्बो के छोटे छोटे किणके निकलने शुरू हो जाते है और 4-5 दिन के बाद तोडने योग्य हो जाते है खुम्बो की तूडाई लगभग 35-40 दिनो तक की जाती है| आप इसके स्पॉन और ट्रेनिंग नजदीकी कृषि विज्ञानं केंद्र से ले सकते है
Posted by ਬਲਜਿੰਦਰ ਸਿੰਘ
Punjab
06-01-2020 04:59 PM
Punjab
01-10-2020 01:26 PM
ਗਨਵਿਲੀਆ ਸਜਾਵਟੀ ਵੇਲ ਦੀਆਂ ਕਲਮਾਂ ਲਗਾਉਣ ਦਾ ਸਹੀ ਸਮਾਂ ਫਰਵਰੀ ਮਹੀਨੇ ਦਾ ਹੁੰਦਾ ਹੈ, ਇਸ ਦੀਆਂ 2 ਰੰਗ ਦੀਆ ਕਿਸਮਾਂ ਜਿਵੇਂ ਕੇ Chitra , Marry Palmer , Marry Palmer special , Thimma , Wajid Ali Shah , Thimma ਹਨ, ਧੰਨਵਾਦ
Posted by Sanjay Rathor
Madhya Pradesh
06-01-2020 04:56 PM
Punjab
01-07-2020 05:31 PM
संजय जी कृपया बताये कि आपने इसके ऊपर पहले किसी स्प्रे का इस्तेमाल किया है ताकि आपको इसके बारे में पूरी जानकारी दी जा सके धन्यवाद
Posted by Sanjay Rathor
Madhya Pradesh
06-01-2020 04:51 PM
Punjab
01-07-2020 05:34 PM
संजय जी कृपया बताये कि आपने इसके ऊपर कोई स्प्रे का इस्तेमाल किया है और आपने कोनसी खाद का इस्तेमाल किया है ताकि आपको इसके बारे में पूरी जानकारी दी जा सके धन्यवाद
Posted by Aniket Chauhan
Uttar Pradesh
06-01-2020 04:49 PM
Punjab
01-07-2020 05:36 PM
Aniket ji please tell us in detail which fertilizers you have provided to crop so that we can guide you accordingly.thank you
Posted by महेंद्र
Madhya Pradesh
06-01-2020 04:49 PM
Punjab
01-07-2020 05:39 PM
महेंद्र जी कृपया आप अपना सवाल विस्तार से पूछे कि आप कटर का पेड़ किसने कहना चाहते है ताकि आपको उसके हिसाब से जानकारी दी जा सके धन्यवाद
Posted by Rajesh Bishnoi
Haryana
06-01-2020 04:45 PM
Punjab
01-07-2020 05:43 PM
Rajesh ji kripya btaye ke aapne dono kharpatvaro ko ikathe spray kiya hai ta alag kiya hai kyuki do kharpatvaro ki agar ikathe spray kiya jata hai to uska asar fasl par bhi ho jata hai aap bachi hui urea ki matra khet men daale. is se fasl ki growth hona shuru ho jayegi.dhanywad
Posted by Rajesh Bishnoi
Haryana
06-01-2020 04:45 PM
Maharashtra
01-10-2020 10:10 AM
Rajesh ji, ap isme baki bachi urea ki matra dalein, isse iska pilapaan sahi ho jaye ga or yeh hari ho jaye gi, dhanywad
Posted by gurpreet khabra
Punjab
06-01-2020 04:42 PM
Punjab
04-09-2020 05:32 PM
gurpreet khabra ji is bare visthar vich jankari lai tusi Japinder Wadhawan 9478810324 nal samparak kar sakde ho, Thankyou.
Posted by charanvir singh
Punjab
06-01-2020 04:41 PM
Punjab
01-07-2020 05:37 PM
ਉਸ ਨੂੰ Gynarich 5ml ਇੰਜੇਕਸ਼ਨ ਲਗਾਓ ਅਤੇ 7ਵੇ ਦਿਨ Pragma 2ml ਇੰਜੇਕਸ਼ਨ ਲਗਾਓ ਅਤੇ ਫਿਰ 9ਵੇ ਦਿਨ Gynarich 2.5ml ਇੰਜੇਕਸ਼ਨ ਲਗਾਓ ਅਤੇ 10ਵੇ ਦਿਨ ਉਸ ਨੂੰ ਟੀਕਾ ਭਰਵਾਂ ਦਿਓ ਅਤੇ Gestaprogen powder 25gm ਰੋਜਾਨਾ ਦਿਓ..
Posted by Neeraj Kumar
Uttar Pradesh
06-01-2020 04:33 PM
Punjab
01-06-2020 04:43 PM
Neeraj ji yeh tatv ki kami ke karn hota hai iske liye aap iske uper NPK 130045 @1 kilo ko 150 litre pani ke hisab se spray karen.dhanywad
Posted by feeroz khan
Uttar Pradesh
06-01-2020 04:29 PM
Punjab
01-08-2020 01:16 PM
Feeroz khan ji, khet ko napne ke liye play store or app store par boht si application mil sakti hai, ap unhey download kar ke apne khet ko naap sakte hai, par is baat ki pushti nahi ki ja sakti hai ke yeh applications apko koi sahi data de gi , dhanywad
Posted by Neeraj Kumar
Uttar Pradesh
06-01-2020 04:27 PM
Punjab
01-10-2020 01:43 PM
Neeraj ji, yeh phosphorous ki deficiency ki vajah se ho raha hai, ap iske liye NPK 005234 @ 10 gm prati liter pani ke hisaab se spray karein, isse yeh sahi ho jaye ge, dhanywad
Posted by Pawan Chaudhary
Uttar Pradesh
06-01-2020 04:26 PM
Madhya Pradesh
01-06-2020 09:36 PM
बालकनी,आँगन, छत और खुले खेत से पैसे कैसे कमाए जा सकते हैं मोती ( सीपों में मोती पालन) की खेती और सीप मशरूम की खेती भोपाल में ट्रेनिंग ( अमित बमोरिया के द्वारा ) एंट्री फीस 4600/- (रजिस्ट्रेशन फीस 1100/- बैलेंस रक़म 3500/- ) (चाय,लंच,ट्रेनिंग मटेरियल/किताब और Aseedo.com के साथ कई और) आप अपनी सीट्स 10 जनवरी से पहले बुक करवा लें1.... (Read More)
बालकनी,आँगन, छत और खुले खेत से पैसे कैसे कमाए जा सकते हैं मोती ( सीपों में मोती पालन) की खेती और सीप मशरूम की खेती भोपाल में ट्रेनिंग ( अमित बमोरिया के द्वारा ) एंट्री फीस 4600/- (रजिस्ट्रेशन फीस 1100/- बैलेंस रक़म 3500/- ) (चाय,लंच,ट्रेनिंग मटेरियल/किताब और Aseedo.com के साथ कई और) आप अपनी सीट्स 10 जनवरी से पहले बुक करवा लें10th January नोट: जिसने पहले से ही रजिस्ट्रेशन करवाया होगा उसे ही ट्रेनिंग की अनुमति है, उसी समय कोई रजिस्ट्रेशन नहीं होगा. Amit Bamoriya Aseedo Solution Pvt Ltd Near Quality Sweets HIG- 9B, 2nd floor, Leela Tower, near Piplani Petrol Pump, Bhopal 9770085381 or 9883232938 नोट _
Posted by Pawan Chaudhary
Uttar Pradesh
06-01-2020 04:23 PM
Madhya Pradesh
01-06-2020 09:36 PM
बालकनी,आँगन, छत और खुले खेत से पैसे कैसे कमाए जा सकते हैं मोती ( सीपों में मोती पालन) की खेती और सीप मशरूम की खेती भोपाल में ट्रेनिंग ( अमित बमोरिया के द्वारा ) एंट्री फीस 4600/- (रजिस्ट्रेशन फीस 1100/- बैलेंस रक़म 3500/- ) (चाय,लंच,ट्रेनिंग मटेरियल/किताब और Aseedo.com के साथ कई और) आप अपनी सीट्स 10 जनवरी से पहले बुक करवा लें1.... (Read More)
बालकनी,आँगन, छत और खुले खेत से पैसे कैसे कमाए जा सकते हैं मोती ( सीपों में मोती पालन) की खेती और सीप मशरूम की खेती भोपाल में ट्रेनिंग ( अमित बमोरिया के द्वारा ) एंट्री फीस 4600/- (रजिस्ट्रेशन फीस 1100/- बैलेंस रक़म 3500/- ) (चाय,लंच,ट्रेनिंग मटेरियल/किताब और Aseedo.com के साथ कई और) आप अपनी सीट्स 10 जनवरी से पहले बुक करवा लें10th January नोट: जिसने पहले से ही रजिस्ट्रेशन करवाया होगा उसे ही ट्रेनिंग की अनुमति है, उसी समय कोई रजिस्ट्रेशन नहीं होगा. Amit Bamoriya Aseedo Solution Pvt Ltd Near Quality Sweets HIG- 9B, 2nd floor, Leela Tower, near Piplani Petrol Pump, Bhopal 9770085381 or 9883232938 नोट _
Posted by Nilesh Rathore
Madhya Pradesh
06-01-2020 04:17 PM
Maharashtra
01-08-2020 01:25 PM
नीलेश जी, यह फंगस के हमले की वजह से हुआ है, इसकी रोकथाम के लिए आप इसमें carbendazim @ 4 gm यां mancozeb @ 4 gm प्रति लीटर पानी एक हिसाब से स्प्रे करें, इससे फंगस ख़तम हो जाती है, और आप कृपया बताये के अपने इसमें कोनसी खाद का इस्तेमाल किया है, ताकि आपको इसके बारे में उच्चित जानकारी दी जा सके, धन्यवाद
Posted by kapil
Punjab
06-01-2020 04:17 PM
Punjab
01-07-2020 03:59 PM
खुम्ब की किस्में कई प्रकार की होती है जैसे कि बटन खुम्ब, डीगरी, शटाकी खुम्ब, पराली खुम्ब, और मिलकी खुम्ब इनमे से कुइ खुम्ब सर्दियो के मौसम में और कुछ गर्मीयों के मौसम में लगाये जाते है और हर खुम्ब को लगाने का समय अलग अलग है जैसे बटन खुम्ब का समय सितंबर से मार्च तक होता है इस समय में हम तीन फसले ले सकते है शटाकी ख.... (Read More)
खुम्ब की किस्में कई प्रकार की होती है जैसे कि बटन खुम्ब, डीगरी, शटाकी खुम्ब, पराली खुम्ब, और मिलकी खुम्ब इनमे से कुइ खुम्ब सर्दियो के मौसम में और कुछ गर्मीयों के मौसम में लगाये जाते है और हर खुम्ब को लगाने का समय अलग अलग है जैसे बटन खुम्ब का समय सितंबर से मार्च तक होता है इस समय में हम तीन फसले ले सकते है शटाकी खुम्ब का समय अक्तूबर से मध्य फरवरी तक हैं इस समय हम एक फसल ही ले सकते है पराली खुम्ब का समय अप्रैल से अगस्त तक है इस समय हम चार फसले ले सकते है मिलकी खुम्ब का समय अप्रैल से सितंबर तक है आप अब अप्रैल में मिलकी या पराली खुम्ब लगा सकते है पराली खुमब के लिए आपको पराली, बीज, बांस, सेबा, आदि की जरूरत है पराली के पूले, धानो की पराली 1-1 किलो के पूले दोनो सिरो से सेबे से बांध कर तैयार किये जाते है पूले के सिरे कांट कर एक सार कर लिए जाते है पूलो की क्यिारी लगाना पराली के पूलो को साफ पानी में 16-20 घंटो के लिए डूबो दे गिले पूलो को ढलान पर रख कर फालतू पानी को निकलने दे कमरे ईटो और बांस से एक पलेटफार्म बनाये इस पलेटफार्म पर 5 पूलो की एक तहय लगाये जिसके ऊपर 75 ग्राम बीज डाले इसके ऊपर की तहय उलट होती है इस प्रकार 5-5 पूलो की तहय में 300 ग्राम बीज डाल कर कियारी तैयार करे सबसे ऊपर दो पूलो को खोलकर रख दे खुम्बो का फूटना बिजाई से 7-9 दिनो के बाद खुम्ब फूटने लगती है पानी और हवा का संचार बिजाई के दो दिन के बाद हर रोज पानी का छिडका करे खुम्बो के फूटने के बाद हवा का संचार 6-8 घंटे प्रति दिन किया जाता है खुम्बो की तूडाई खुम्बो के फूटने के बाद 1-2 दिनो के बाद तोडाई के योग्य हो जाती है मिलकी खुम्ब मिलकी खुम्ब के लिए तूडी, बीज, मोमी लिफाफे, सेबा, केसिंग,मिट्टी आदि होने चाहिये तूडी की तैयारी सूकी तूडी को पक्के फर्श पर बिछा कर 16-20 घंटे पानी से गिला करे गिली तूडी को बोरी में भर कर सेबे से बांध दे इस बोरी को उबलते पानी में 45-50 मिनट रखें तूडी को निकालकर पक्के फर्श पर बिछा कर ठंडा करे यह तूडी बिजाई के लिए तैयार है बिजाई ठंडी तूडी में बीज मिलाकर मोमी लिफाफो में भर दें एक मोमी लिफाफें में लगभग 2 किलो गिली तूडी और 70-80 ग्राम बीज पडता है लिफाफे के मुंह को सेबे से अच्छी तरह बांध कर कमरे में रख दे केसिंग बिजाई के दो तीन हफतो के बाद लिफाफे खोलकर केसिंग की 1-1.5 की तहय लगा दें केसिंग में तूडी और रेतली मिट्टी होती है 24 घंटो के लिए 4 प्रतिशत फारमलेन के घोल से जीवाणु रहित किया जाता है खुम्बो का फूटना केसिंग मिट्टी डालने के लगभग दो हफतो में खुम्बो के छोटे छोटे किणके निकलने शुरू हो जाते है और 4-5 दिन के बाद तोडने योग्य हो जाते है खुम्बो की तूडाई लगभग 35-40 दिनो तक की जाती है
Posted by Neeraj Kumar
Uttar Pradesh
06-01-2020 04:16 PM
Chandigarh
01-06-2020 04:22 PM
kripya snkrmit bhaag ki photo bhejen taaki apko shi janakari dii jaa ske.
Posted by sonu
Uttar Pradesh
06-01-2020 04:16 PM
Maharashtra
01-08-2020 01:50 PM
सोनू जी, यह iron तत्व की कमी के कारण पत्ते पीले पड़ रहे हैं, आप इसकी कमी पूरी करने के लिए खेत में ferrous sulphate @1 किलो को 150 लीटर पानी में मिला कर प्रति एकड़ के हिसाब से स्प्रे करें, धन्यवाद
Posted by Pushkar Singh
Madhya Pradesh
06-01-2020 04:10 PM
Maharashtra
01-10-2020 01:48 PM
पुष्कर जी, रोपाई के तीन महीने के बाद 100 ग्राम यूरिया + 100 ग्राम सुपर फास्फेट + 50 ग्राम पोटाश प्रति गड्ढा की दर से डालें तथा इसके तीन महीने बाद 100 ग्राम यूरिया प्रति गड्ढा का पुन: व्यवहार करें सहजन पर किए गए शोध से यह पाया गया कि मात्र 15 किलोग्राम गोबर की खाद प्रति गड्ढा तथा एजोसपिरिलम और पी.एस.बी. (5 किलोग्राम/हेक्टे.... (Read More)
पुष्कर जी, रोपाई के तीन महीने के बाद 100 ग्राम यूरिया + 100 ग्राम सुपर फास्फेट + 50 ग्राम पोटाश प्रति गड्ढा की दर से डालें तथा इसके तीन महीने बाद 100 ग्राम यूरिया प्रति गड्ढा का पुन: व्यवहार करें सहजन पर किए गए शोध से यह पाया गया कि मात्र 15 किलोग्राम गोबर की खाद प्रति गड्ढा तथा एजोसपिरिलम और पी.एस.बी. (5 किलोग्राम/हेक्टेयर) के प्रयोग से जैविक सहजन की खेती, उपज में बिना किसी ह्रास के किया जा सकता है अच्छे उत्पादन के लिए सिंचाई करना लाभदायक है गड्ढों में बीज से अगर प्रबर्द्धन किया गया है तो बीज के अंकुरण और अच्छी तरह से स्थापन तक नमी का बना रहना आवश्यक है फूल लगने के समय खेत ज्यादा सूखा या ज्यादा गीला रहने पर दोनों ही अवस्था में फूल के झड़ने की समस्या होती है धन्यवाद
Posted by sagandeep
Punjab
06-01-2020 04:07 PM
Chandigarh
01-06-2020 04:25 PM
Punjab Padmini (40-48 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ) ਅਤੇ Punjab 7 (40 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ) ਵੱਧ ਝਾੜ ਦੇਣ ਵਾਲੀਆਂ ਕਿਸਮਾਂ ਹਨ ਇਹ ਪੰਜਾਬ ਵਿੱਚ ਬੀਜਣ ਲਈ ਉਪਯੁਕਤ ਹਨ
Posted by malkit singh
Punjab
06-01-2020 04:06 PM
Punjab
01-07-2020 06:10 PM
tuci iss nu Hitek injection 1ml/33kg sarir de bhar de hisab nal chamdi vich lgwao ate iss nu skinovet homeopathic dwai dia 7-7 drops din vich 3 varr deo..