Posted by KRISHAN KUMAR
Haryana
07-01-2020 06:47 PM
श्री मान गेहूं की फोटो भेजें ताकि आपको सही जानकारी दी जा सके
Posted by रामावतार मीणा
Rajasthan
07-01-2020 06:43 PM
श्री मान चने में NPK 13:00:45@1 किलो प्रती एकड़ फसल में फूल आने के समय सप्रे कर सकते हो
Posted by Umesh
Uttar Pradesh
07-01-2020 06:39 PM
umesh ji aap khet men sulphur daale is se khet men pani smana shuru ho jayega uske bad aap khet ki ache se jutayi kare dhanywad
Posted by Mintul
Assam
07-01-2020 06:38 PM
Mintul ji ghost pepper ko jaivik khaad ka hi istemal kiya jata hai kyuki yeh ek bhut sensitive crop hai. ise lagbhag 21 degree C tapman ki jruarat hoti hai.

Posted by sush
Rajasthan
07-01-2020 06:37 PM
मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजि.... (Read More)
मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजित किया जा रहा है प्रशिक्षण कार्य कर्म में भाग लेने के लिए नीचे दिए गए नम्बर पर आज ही संपर्क करें और Rs 250/ से अपना रजिस्ट्रेशन करवाए अचल सिंह (फाउंडर )- 9711858258. धन्यवाद
Posted by dula singh
Rajasthan
07-01-2020 06:22 PM
dula ji iskeliye koi bhi spray sifarish nahi ki jati aap gudayi karke hi iski roktham kar sakte hai.dhanywad
Posted by randhir singh
Haryana
07-01-2020 06:14 PM
randhir ji kripya aap btaye ke aapne isme pehle koi spray ka istemal kiya hai taki aapko iske bare men poori jankari di ja sake.dhanywad
Posted by VIKAS YADAV
Uttar Pradesh
07-01-2020 06:08 PM
श्री मान बरसीम की उन्नती के लिए आप NPK 19:19:19@1kg 150ltr पानी में मिलाकर सप्रे कर सकते हो

Posted by sonu
Madhya Pradesh
07-01-2020 06:05 PM
How to Earning with the Help of Balcony , Court yard ,Roof top and open land
Pearl ( सीपों में मोती पालन) Farming and
Oyster Mushroom Farming
Training program At Bhopal
( By integrated farmer Amit K. Bamoriya )
Training date 12th January
Process
1) Registration fee 1100/-
( all aseedo benefits & tea+ lunch, Book , Certificate and life time support etc )
2) Mushroom training
Rs 1000/-
( 5 begs material free )
3) Pearl farming training
2500/- )
साथ में पाएं अनेकों उपहार
Big bazar
Multyplax
3star hotel
Top class colleges and coaching classes
Hospital ,medical and blood test lab
आदि में 20 से 50 परसेंट तक की छूट पाएं ज.... (Read More)
How to Earning with the Help of Balcony , Court yard ,Roof top and open land
Pearl ( सीपों में मोती पालन) Farming and
Oyster Mushroom Farming
Training program At Bhopal
( By integrated farmer Amit K. Bamoriya )
Training date 12th January
Process
1) Registration fee 1100/-
( all aseedo benefits & tea+ lunch, Book , Certificate and life time support etc )
2) Mushroom training
Rs 1000/-
( 5 begs material free )
3) Pearl farming training
2500/- )
साथ में पाएं अनेकों उपहार
Big bazar
Multyplax
3star hotel
Top class colleges and coaching classes
Hospital ,medical and blood test lab
आदि में 20 से 50 परसेंट तक की छूट पाएं जिंदगी भर
Book your seat Before
10th January
Note - only Pre registered
Person Allowed for training No spot Registration
Amit Bamoriya
Aseedo Solution Pvt Ltd
Near Quality Sweets
HIG- 9B, 2nd floor, Leela Tower, near Piplani Petrol Pump, Bhopal
9770085381 or 9883232938
नोट _

Posted by panwar sahab
Haryana
07-01-2020 06:03 PM
Panwar ji apke sabhi swalo ke jwab diye gye hai aap App mai apne sabhi swalo ke jwab dekh skte hai..

Posted by NARENDRA KUMAR
Uttar Pradesh
07-01-2020 06:02 PM
श्री मान खुम्ब की किस्में कई प्रकार की होती है जैसे कि बटन खुम्ब, डीगरी, शटाकी खुम्ब, पराली खुम्ब, और मिलकी खुम्ब इनमे से कुइ खुम्ब सर्दियो के मौसम में और कुछ गर्मीयों के मौसम में लगाये जाते है और हर खुम्ब को लगाने का समय अलग अलग है जैसे बटन खुम्ब का समय सितंबर से मार्च तक होता है इस समय में हम तीन फसले ले सकते ह.... (Read More)
श्री मान खुम्ब की किस्में कई प्रकार की होती है जैसे कि बटन खुम्ब, डीगरी, शटाकी खुम्ब, पराली खुम्ब, और मिलकी खुम्ब इनमे से कुइ खुम्ब सर्दियो के मौसम में और कुछ गर्मीयों के मौसम में लगाये जाते है और हर खुम्ब को लगाने का समय अलग अलग है जैसे बटन खुम्ब का समय सितंबर से मार्च तक होता है इस समय में हम तीन फसले ले सकते है शटाकी खुम्ब का समय अक्तूबर से मध्य फरवरी तक हैं इस समय हम एक फसल ही ले सकते है पराली खुम्ब का समय अप्रैल से अगस्त तक है इस समय हम चार फसले ले सकते है मिलकी खुम्ब का समय अप्रैल से सितंबर तक है आप अब अप्रैल में मिलकी या पराली खुम्ब लगा सकते है पराली खुमब के लिए आपको पराली, बीज, बांस, सेबा, आदि की जरूरत है पराली के पूले, धानो की पराली 1-1 किलो के पूले दोनो सिरो से सेबे से बांध कर तैयार किये जाते है पूले के सिरे कांट कर एक सार कर लिए जाते है पूलो की क्यिारी लगाना पराली के पूलो को साफ पानी में 16-20 घंटो के लिए डूबो दे गिले पूलो को ढलान पर रख कर फालतू पानी को निकलने दे कमरे ईटो और बांस से एक पलेटफार्म बनाये इस पलेटफार्म पर 5 पूलो की एक तहय लगाये जिसके ऊपर 75 ग्राम बीज डाले इसके ऊपर की तहय उलट होती है इस प्रकार 5-5 पूलो की तहय में 300 ग्राम बीज डाल कर कियारी तैयार करे सबसे ऊपर दो पूलो को खोलकर रख दे खुम्बो का फूटना बिजाई से 7-9 दिनो के बाद खुम्ब फूटने लगती है पानी और हवा का संचार बिजाई के दो दिन के बाद हर रोज पानी का छिडका करे खुम्बो के फूटने के बाद हवा का संचार 6-8 घंटे प्रति दिन किया जाता है खुम्बो की तूडाई खुम्बो के फूटने के बाद 1-2 दिनो के बाद तोडाई के योग्य हो जाती है मिलकी खुम्ब मिलकी खुम्ब के लिए तूडी, बीज, मोमी लिफाफे, सेबा, केसिंग,मिट्टी आदि होने चाहिये तूडी की तैयारी सूकी तूडी को पक्के फर्श पर बिछा कर 16-20 घंटे पानी से गिला करे गिली तूडी को बोरी में भर कर सेबे से बांध दे इस बोरी को उबलते पानी में 45-50 मिनट रखें तूडी को निकालकर पक्के फर्श पर बिछा कर ठंडा करे यह तूडी बिजाई के लिए तैयार है बिजाई ठंडी तूडी में बीज मिलाकर मोमी लिफाफो में भर दें एक मोमी लिफाफें में लगभग 2 किलो गिली तूडी और 70-80 ग्राम बीज पडता है लिफाफे के मुंह को सेबे से अच्छी तरह बांध कर कमरे में रख दे केसिंग बिजाई के दो तीन हफतो के बाद लिफाफे खोलकर केसिंग की 1-1.5 की तहय लगा दें केसिंग में तूडी और रेतली मिट्टी होती है 24 घंटो के लिए 4 प्रतिशत फारमलेन के घोल से जीवाणु रहित किया जाता है खुम्बो का फूटना केसिंग मिट्टी डालने के लगभग दो हफतो में खुम्बो के छोटे छोटे किणके निकलने शुरू हो जाते है और 4-5 दिन के बाद तोडने योग्य हो जाते है खुम्बो की तूडाई लगभग 35-40 दिनो तक की जाती है

Posted by सागर यादव खैजराअटारी
Madhya Pradesh
07-01-2020 05:57 PM
श्री मान गेहूं की फोटो भेजें ताकि आपको सही जानकारी दी जा सके

Posted by Ramesh Kumar Mannewar
Chattisgarh
07-01-2020 05:48 PM
ramesh ji kripya aap iski photo bheje taki aapko iske bare men poori jankari di ja sake.dhanywad

Posted by Channu Singh Chauhan
Uttar Pradesh
07-01-2020 05:45 PM
इसे गहरी उपजाऊ और अच्छे जल निकास वाली मिट्टी में उगाया जाता है अच्छे जल निकास वाली दोमट मिट्टी में उगाने पर यह अच्छे परिणाम देती है घटिया निकास वाली मिट्टी खरबूजे की खेती के लिए उपयुक्त नहीं होती फसली चक्र अपनायें क्योंकि एक ही खेत में एक ही फसल उगाने से मिट्टी के पोषक तत्वों, उपज में कमी और बीमारियों का ह.... (Read More)
इसे गहरी उपजाऊ और अच्छे जल निकास वाली मिट्टी में उगाया जाता है अच्छे जल निकास वाली दोमट मिट्टी में उगाने पर यह अच्छे परिणाम देती है घटिया निकास वाली मिट्टी खरबूजे की खेती के लिए उपयुक्त नहीं होती फसली चक्र अपनायें क्योंकि एक ही खेत में एक ही फसल उगाने से मिट्टी के पोषक तत्वों, उपज में कमी और बीमारियों का हमला भी ज्यादा होता है मिट्टी की पी एच 6-7 के बीच होनी चाहिए खारी मिट्टी और नमक की ज्यादा मात्रा वाली मिट्टी इसकी खेती के लिए उपयुक्त नहीं होती प्रसिद्ध किस्में: Hara Madhu,Punjab Sunehri,Punjab Hybrid आदि मिट्टी के भुरभुरा होने तक जोताई करें उत्तरी भारत में इसकी बिजाई फरवरी के मध्य में की जाती है उत्तरी पूर्वी और पश्चिमी भारत में बिजाई नवंबर से जनवरी में की जाती है खरबूजे को सीधा बीज के द्वारा और पनीरी लगाकर भी बोया जा सकता है खरबूजे की बिजाई के लिए मध्य फरवरी का समय सही माना जाता है प्रयोग करने वाली किस्म के आधार पर 3-4 मीटर चौड़े बैड तैयार करें बैड पर प्रत्येक क्यारी में दो बीज बोयें और क्यारियों में 60 सैं.मी. का फासला रखें बिजाई के लिए 1.5 सैं.मी. गहरे बीज बोयें इसकी बिजाई गड्ढा खोदकर और दूसरे खेत में पनीरी लगाकर यह ढंग प्रयोग कर सकते हैं जनवरी के आखिरी सप्ताह से फरवरी के पहले सप्ताह तक 100 गज की मोटाई वाले 15 सैं.मी. x12 सैं.मी. आकार के पॉलीथीन बैग में बीज बोया जा सकता है पॉलीथीन बैग में गाय का गोबर और मिट्टी को एक जितनी मात्रा में भर लें पौधे फरवरी के आखिर या मार्च के पहले सप्ताह बिजाई के लिए तैयार हो जाते हैं 25-30 दिनों के पौधे को उखाड़कर खेत में लगा दें और पौधे खेत में लगाने के तुरंत बाद पहला पानी लगाना चाहिए एक एकड़ में बिजाई के लिए 400 ग्राम बीजों की आवश्यकता होती है बिजाई से पहले कार्बेनडाज़िम 2 ग्राम से प्रति किलो बीज का उपचार करें रासायनिक उपचार के बाद ट्राइकोडरमा विराइड 4 ग्राम से प्रति किलो बीज का उपचार करें बीजों को छांव में सुखाएं और तुरंत बिजाई कर दें खेत यार्ड खाद या अच्छी तरह से डीकंपोज्ड गाय गोबर@10-15 टन प्रति एकड़ डालें यूरिया@110 किलोग्राम और पोटाश@25 किलोग्राम, सिंगल सुपर फॉस्फेट@155 किलो और पोटाश@40 किलो Muriate रूप में पोटाश@40kg नाइट्रोजन@50 किग्रा प्रति एकड़ डालें बुवाई के बीज से पहले फॉस्फोरस, पोटाश और नाइट्रोजन की एक तिहाई मात्रा ज़रूर डालें vines base के पास नाइट्रोजन की शेष खुराक लागू करें, इसे छूने से बचें और प्रारंभिक विकास अवधि के दौरान मिट्टी में अच्छी तरह मिलाएं जब फसल 10-15 दिनों की होती है, तो अच्छी गुणवत्ता के साथ फसल की अच्छी वृद्धि के लिए, 19:19:19+ सूक्ष्म पोषक तत्व @2-3 ग्राम/लीटर पानी की स्प्रे करें फूलों की बूंद को रोकें और 10% तक उपज बढ़ाएं फूलों के चरण में Humic Acid@3 मिलीलीटर + MAP(12:61:00)@5 ग्राम / लीटर पानी की स्प्रे करें शुरूआती फूल, फल और पकने के समय में 30 दिनों के अंतराल के साथ एक या दो बार स्प्रे सैलिसिलिक एसिड (एस्पिरिन टैबलेट 350 मिलीग्राम के 4-5 टैब) / 15 लीटर पानी की स्प्रे करें बुवाई के 55 दिनों के बाद स्प्रे 13:0:45 @100 ग्राम + Hexaconazole @25 मिलीलीटर / 15 लीटर पानी फल के तेजी से विकास और पाउडर फफूंदी के खिलाफ सुरक्षा के लिए करें गर्मियों के मौसम में हर सप्ताह सिंचाई करें पकने के समय जरूरत पड़ने पर ही सिंचाई करें खरबूजे के खेत में ज्यादा पानी ना लगाएं सिंचाई करते समय, बेलों या वानस्पति भागों विशेष कर फूलों और फलों पर पानी ला लगाएं भारी मिट्टी में लगातार सिंचाई ना करें, इससे वानस्पति भागों की अत्याधिक वृद्धि होगी अच्छे स्वाद के लिए कटाई से 3-6 दिन पहले सिंचाई बंद कर दें या कम कर दें हरा मधु किस्म की कटाई उस समय करें जब फल पीले रंग के हो जायें दूसरी किस्मों की कटाई मंडी की दूरी के अनुसार की जाती है यदि मंडी की दूरी ज्यादा हो तो जब फल हरे रंग का हो तब ही कटाई कर देनी चाहिए यदि मंडी नज़दीक हो तो फल आधा पकने पर ही कटाई करनी चाहिए जब तना थोड़ा सा ढीला सा नज़र आये उसे हाफ स्लिप कहते हैं कटाई के बाद फलों का तापमान और गर्मी कम करने के लिए उन्हें ठंडा किया जाता है फलों को उनके आकार के हिसाब से बांटा जाता है खरबूजों को कटाई के बाद 15 दिनों के लिए 2 से 5 डिगरी सैल्सियस तापमान और 95 प्रतिशत पर रखा जाता है इसके बाद जब यह पूरा पक जाता है तो इसे 5 से 14 दिनों के लिए 0-2.2 डिगरी सैल्सियस तापमान और 95 प्रतिशत नीम में रखा जाता है
Posted by amanpreet singh
Punjab
07-01-2020 05:45 PM
amanpreet ji kirpa karke audio dubara bhejo tuhade valo bheji gayi audio upload nahi hoyi .dhanwad
Posted by jagdeep singh
Haryana
07-01-2020 05:43 PM
ਜਗਦੀਪ ਜੀ ਜੇਕਰ ਤੁਸੀ ਚਾਰੇ ਵਾਲੀ ਮੱਕੀ ਦੀ ਕਿਸਮ ਬਾਰੇ ਜਾਣਕਾਰੀ ਲੈਣਾ ਚਾਹੁੰਦੇ ਹੋ ਤਾ ਤੁਸੀ ਕਿਸਮ J1006 ਜਾ African tall ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਧੰਨਵਾਦ
Posted by Sumit Singh
Uttar Pradesh
07-01-2020 05:40 PM
Shri maan barseem ki growth ke liye aap NPK 19:19:19@1kg 150ltr pani mein mila ke spray kr skte ho......

Posted by gohil gelji
Gujarat
07-01-2020 05:38 PM
गोहिल जी आप इसकी जड़ चैक करें अगर जड़ में कीट मौजूद है तो आप इसके ऊपर Chlorpyriphos @4ml को प्रति लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे करें धन्यवाद
Posted by sagandeep
Punjab
07-01-2020 05:26 PM
ਸਗਨਦੀਪ ਜੀ ਤੁਹਾਨੂੰ ਕਿਸੇ ਵੀ expert ਦਾ ਨੰਬਰ ਨਹੀਂ ਦਿੱਤਾ ਜਾ ਸਕਦਾ ਤੁਹਾਡਾ ਜੋ ਵੀ ਸਵਾਲ ਹੈ ਉਹ ਤੁਸੀ ਆਪਣੀ ਖੇਤੀ app ਤੇ ਹੀ ਪੁਛੋ ਤੁਹਾਨੂੰ ਮਾਹਿਰਾਂ ਵਲੋਂ ਹੀ ਜਵਾਬ ਦਿਤੇ ਜਾਣਗੇ ਧੰਨਵਾਦ

Posted by robin
Uttar Pradesh
07-01-2020 05:26 PM
रोबिन जी कृपया आप अपना सवाल विस्तार से पूछें कि आप क्या जानकारी लेना चाहते है ताकि आपको सही जानकारी दी जा सके
Posted by sharn
Punjab
07-01-2020 05:23 PM
ਸ਼ਰਨ ਜੀ ਕਣਕ ਨੂੰ ਯੂਰੀਆ ਬਿਜਾਈ ਤੋਂ 45 -60 ਦਿਨ ਤਕ ਪੂਰੀ ਖੇਤ ਵਿਚ ਖ਼ਤਮ ਕਰ ਦਿਓ ਇਸਦੀ ਕੁੱਲ ਮਾਤਰਾ 110 ਕਿਲੋ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਜਿਸਨੂੰ 2 -3 ਹਿੱਸਿਆਂ ਵਿਚ ਵੰਡ ਕੇ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਵਰਤੋਂ
Posted by sharn
Punjab
07-01-2020 05:23 PM
ਸ਼ਰਨ ਜੀ ਕਣਕ ਨੂੰ ਯੂਰੀਆ ਬਿਜਾਈ ਤੋਂ 45 -60 ਦਿਨ ਤਕ ਪੂਰੀ ਖੇਤ ਵਿਚ ਖ਼ਤਮ ਕਰ ਦਿਓ ਇਸਦੀ ਕੁੱਲ ਮਾਤਰਾ 110 ਕਿਲੋ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਜਿਸਨੂੰ 2 -3 ਹਿੱਸਿਆਂ ਵਿਚ ਵੰਡ ਕੇ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਵਰਤੋਂ

Posted by ishwar shingh
Madhya Pradesh
07-01-2020 05:21 PM
ईश्वर जी आप इसके ऊपर carbendazim @4 ग्राम को प्रति लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे करें इससे पत्ते ठीक हो जायेगे धन्यवाद

Posted by Khush Grewal
Punjab
07-01-2020 05:21 PM
ਖੁਸ਼ ਜੀ ਕਿਰਪਾ ਕਰਕੇ ਸਵਾਲ ਵਿਸਤਾਰ ਨਾਲ ਪੁਛੋ ਕਿ ਤੁਸੀ ਕਿਹੜੀ ਫ਼ਸਲ ਦੀਆਂ ਦੇਸੀ ਕਿਸਮਾਂ ਬਾਰੇ ਜਾਣਕਾਰੀ ਲੈਣਾ ਚਾਹੁੰਦੇ ਹੋ ਤਾ ਜੋ ਤੁਹਾਨੂੰ ਉਸਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਜਾਣਕਾਰੀ ਦਿਤੀ ਜਾ ਸਕੇ ਧੰਨਵਾਦ
Posted by Govind Nayak
Rajasthan
07-01-2020 05:21 PM
बिजनेस कोई भी हो उसकी सफलता आपकी मेहनत पर ही निर्भर करती है आपके एरिया के हिसाब से आप कोई भी काम शुरू कर सकते है जैसे मुर्गी पालन की बात करे तो बहुत काम खरच से शुरू हो सकता है अगर आपको poultry farming के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है तो सबसे पहले इसके बारे में जानकारी जुटाए। जानकारी जुटाने के लिए अपने पास के पोल्ट्री .... (Read More)
बिजनेस कोई भी हो उसकी सफलता आपकी मेहनत पर ही निर्भर करती है आपके एरिया के हिसाब से आप कोई भी काम शुरू कर सकते है जैसे मुर्गी पालन की बात करे तो बहुत काम खरच से शुरू हो सकता है अगर आपको poultry farming के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है तो सबसे पहले इसके बारे में जानकारी जुटाए। जानकारी जुटाने के लिए अपने पास के पोल्ट्री फार्म के मालिकों से मिले।
उनसे मिलके बिजनेस कैसे करना है और किस तरह से अपना सामन मार्किट तक भेजना है यह सब जानकारी जुटा ले। भले ही आप उनके अनुसार काम न करें पर जितनी अधिक जानकारी आपके पास होगी , उतना ही बेहतर आपके बिजनेस के लिए होगा।
आप किस स्तर पर और कितनी मुर्गी को रखना चाहते है आपको उसी हिसाब से जमीन का इंतज़ाम करना होगा। वेसे तो एक मुर्गी के लिए 1 से 2.5 वर्गफुट जमीन पर्याप्त होती है अगर इससे कम हो तो मुर्गियों को परेशानी आ सकती है तो अगर आप 150 मुर्गियों को पालते है तो आपको 150 से 200 feet जमीन की आवश्यकता होगी।
ध्यान रहे जब आप जगह/शेड बनाने का चयन करते है तो यह जगह साफ़ सुथरी और खुली हुयी होनी चाहिए। जगह खुली हो पर सुरक्षित भी होनी चाहिए। खुली जगह इसलिए जरुरी है क्योंकि इससे खुली हवा मुर्गियों को मिलती रहेगी और वह आगे चलकर बहुत सी बीमारियों से भी सुरक्षित रहेंगे।
जगह का चयन कर लेने के बाद आपको उस जगह पर अपनी मुर्गियों को उचित सुविधाये प्रदान करनी होगी। जैसे की आपको शेड में पानी की अच्छी व्यवस्था करनी होगी। आपको अपने मुर्गियों , चूज़ों को सूखी जमीन में रखना होगा। गीली जगह पर उनके बीमार होने का खतरा बढ़ जाता है। शेड को कुछ इस ढंग से बनवाये जिसमे खर्च भी कम आये और आपको बेस्ट result मिले।
मुर्गी पालन के बिजनेस में आपको सबसे पहले निर्णय लेना होता है की आप किस तरह की मुर्गी पालना चाहते है। मुर्गी कुल तीन प्रकार की होती है। जिसमे लेयर मुर्गी, ब्रायलर मुर्गी और देसी मुर्गी शामिल है।
लेयर मुर्गी का इस्तेमाल ज्यादातर अंडे पाने के लिए किया जाता है। यह 4- 5 महीने की होने के बाद अंडे देना प्रारम्भ कर देती है। इसके बाद यह लगभग 1 साल तक अंडे देती है। उसके बाद जब इनकी उम्र 16 month के आसपास होती है तब इनको मांस के लिए बेच दिया जाता है।
दूसरी होती है ब्रायलर मुर्गी , इनका इस्तेमाल ज्यादातर मांस के रूप में किया जाता है। यह दूसरे प्रकार की मुर्गी की तुलना में तेज़ी से बढ़ते है यही वजह है जो इनको मांस के रूप में इस्तेमाल के लिए सबसे बेहतर बनाता है।
Posted by Satendr Jaisawaal
Uttar Pradesh
07-01-2020 05:17 PM
आप डेयरी फार्मिंग करना चाहते है तो सबसे पहले आप इनकी ट्रेनिंग जरूर लें, ट्रेनिंग आप अपने नज़दीकी कृषि विज्ञान केन्द्र से प्राप्त कर सकते है जिससे आपको इस काम के बारे में जानकारी प्राप्त होगी और इन्हें शुरू करने और इनमें लाभ कमाने का सही तरीका पता लग सकता है और आप शुरूआत कम जानवरों से करें जैसे जैसे आपको जान.... (Read More)
आप डेयरी फार्मिंग करना चाहते है तो सबसे पहले आप इनकी ट्रेनिंग जरूर लें, ट्रेनिंग आप अपने नज़दीकी कृषि विज्ञान केन्द्र से प्राप्त कर सकते है जिससे आपको इस काम के बारे में जानकारी प्राप्त होगी और इन्हें शुरू करने और इनमें लाभ कमाने का सही तरीका पता लग सकता है और आप शुरूआत कम जानवरों से करें जैसे जैसे आपको जानकारी होती रहेगी फिर आप इस काम को बढ़ा सकते है, आप एक बार में इक्ट्ठी गाय/भैंसे ना खरीदें, गायों/भैंसो को 2-2 महीनों के फासले पर खरीदें या फिर 3 पहले खरीदें ओर 3 महीने बाद फिर 1-2 खरीद लें इससे दूध की कमी नहीं आयेगी पशु की नसल सबसे ज्यादा जरूरी है पशु खरीदने के समय कोशिश करें कि दिन में तीन बार दूध निकालकर ही पशु खरीदें भैंसो का एक दिन का दूध 12 लीटर और गायों को दूध 16-17 लीटर से कम ना हो गाभिनों को खरीदने का सही समय रखड़ियों से लेकर वैशाखी तक का होता है क्योंकि इस समय मौसम अच्छा होने के कारण हरा चारा भी खुला होता है गाभिनों के लिए शैड आवाजाई वाली सड़क पर ना बनायें और शैड सड़क से कम से कम 100 गज दूर हो शैड को धूप और हवा का ध्यान रखकर ही बनायें शैड हमेशा खेत या आस पास से 2 फुट ऊंचा बनायें क्योंकि निचले स्थान पर पानी खड़ा हो जाता है जिस कारण गंदगी पैदा हो जाती है और बाकी पशुओं का मल मूत्र का निकास भी आसानी से हो जाता है पशुओं के लिए बनायी जाने वाली खुरली ढाई तीन फुट चौड़ी होनी चाहिए खुरली पर खड़ने के लिए एक पशु को तकरीबन चार फुट जगह चाहिए मतलब 10 पशुओं के लिए 40 फुट लंबी खुरली बनेगी डेयरी फार्म से संबंधित सामान रखने के लिए स्टोर बनायें पशुओं का वितरण/दाना स्टोर करने के लिए कमरा सैलाब से रहित होना चाहिए शैड का फर्श पक्क, फिसलन रहित और जल्दी साफ होने वाला हो शैड में जितना हो सके पशुओं को खुला छोंड़े और पानी और दाना पूरा डालें पशु को खुला छोड़ने से पशुओं में अफारे की समस्या कम आती है बाकी अपनी आवश्यकता और क्षमता के मुताबिक ही सामान खरीदें और आर्थिक नुकसान से बचने के लिए प्रत्येक गाभिन का बीमा जरूर करवायें.

Posted by Khush Grewal
Punjab
07-01-2020 05:16 PM
ਖੁਸ਼ ਜੀ ਕਿਰਪਾ ਕਰਕੇ ਸਵਾਲ ਵਿਸਤਾਰ ਨਾਲ ਪੁਛੋ ਕਿ ਤੁਸੀ ਕਿਹੜੀ ਫ਼ਸਲ ਦੀਆਂ ਦੇਸੀ ਕਿਸਮਾਂ ਬਾਰੇ ਜਾਣਕਾਰੀ ਲੈਣਾ ਚਾਹੁੰਦੇ ਹੋ ਤਾ ਜੋ ਤੁਹਾਨੂੰ ਉਸਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਜਾਣਕਾਰੀ ਦਿਤੀ ਜਾ ਸਕੇ ਧੰਨਵਾਦ

Posted by panwar sahab
Haryana
07-01-2020 05:15 PM
usko aap Brotone liquid 10ml rojana dena suru kren aur ofloxacin ornidazole tablet 1-1 goli subah sham deni suru kren aur usko ORS pouch pani mai gholl ker pilayen, isse frak padd jayega.

Posted by महेंद्र
Madhya Pradesh
07-01-2020 05:12 PM
महेंद्र जी कृपया बताये कि यह नदीन कोनसी फसल में है क्युकी हर फसल में नदीनों की रोकथाम करने का तरीका अलग होता है धन्यवाद

Posted by Gurtej Sandhu
Punjab
07-01-2020 05:11 PM
Gurtej ji tuci iss nu GADVASU Ludhiana laa jao kyuki uthe isdi janch krke ilagg ho skda hai.

Posted by SUNIL
Uttar Pradesh
07-01-2020 05:10 PM
इसकी बिजाई के लिए फरवरी से मार्च, जून से जुलाई और नवंबर से दिसंबर का समय उपयुक्त होता है

Posted by Dhaval Tank
Gujarat
07-01-2020 05:09 PM
मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजि.... (Read More)
मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजित किया जा रहा है प्रशिक्षण कार्य कर्म में भाग लेने के लिए नीचे दिए गए नम्बर पर आज ही संपर्क करें और Rs 250/ से अपना रजिस्ट्रेशन करवाए अचल सिंह (फाउंडर )- 9711858258. धन्यवाद
Posted by harpreet singh
Punjab
07-01-2020 05:04 PM
ਹਰਪ੍ਰੀਤ ਜੀ ਕਿਰਪਾ ਕਰਕੇ ਦੱਸੋ ਕਿ ਤੁਸੀ ਇਸਦੇ ਉਪਰ ਕਿਹੜੀ ਕਿਹੜੀ ਖਾਦ ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਕੀਤੀ ਹੈ ਜਾ ਇਸਦੇ ਉਪਰ ਕੋਈ ਸਪਰੇ ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਕੀਤੀ ਹੈ ਤਾ ਜੋ ਤੁਹਾਨੂੰ ਇਸ ਬਾਰੇ ਪੂਰੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਦਿਤੀ ਜਾ ਸਕੇ ਧੰਨਵਾਦ

Posted by Umesh Ekshinge
Maharashtra
07-01-2020 04:59 PM
Umesh ji iske patton ke uper keet ka hamla check karen agar maujood hai to aap iske uper cypermethrin@2ml ko prati litre pani ke hisab se spray karen.dhanywad

Posted by manpreet singh
Punjab
07-01-2020 04:57 PM
ਮਨਪ੍ਰੀਤ ਜੀ ਬੀਜ ਦੀ ਮਾਤਰਾ 8 -10 ਕਿਲੋ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਵਰਤਿਆ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਧੰਨਵਾਦ

Posted by Ravi Dhamu
Rajasthan
07-01-2020 04:56 PM
अंजीर की खेती भिन्न-भिन्न जलवायु वाले स्थानों में की जाती है, परंतु भूमध्यसागरीय जलवायु इसके लिए अत्यंत उपयुक्त है फल के विकास तथा परिपक्वता के समय वायुमंडल का शुष्क रहना अत्यंत आवश्यक है पर्णपाती वृक्ष होने के कारण पाले का प्रभाव इस पर कम पड़ता है यों तो सभी प्रकार की मिट्टी में इसका वृक्ष उपजाया जा सकता.... (Read More)
अंजीर की खेती भिन्न-भिन्न जलवायु वाले स्थानों में की जाती है, परंतु भूमध्यसागरीय जलवायु इसके लिए अत्यंत उपयुक्त है फल के विकास तथा परिपक्वता के समय वायुमंडल का शुष्क रहना अत्यंत आवश्यक है पर्णपाती वृक्ष होने के कारण पाले का प्रभाव इस पर कम पड़ता है यों तो सभी प्रकार की मिट्टी में इसका वृक्ष उपजाया जा सकता है, परंतु दोमट अथवा मटियार दोमट, जिसमें उत्तम जल निकास (ड्रेनेज) हो, इसके लिए सबसे श्रेष्ठ मिट्टी है इसमें प्राय खाद नहीं दी जाती; तो भी अच्छी फसल के लिए प्रति वर्ष प्रति वृक्ष 20-30 सेर सड़े हुए गोबर की खाद या कंपोस्ट जनवरी-फरवरी में देना लाभदायक है इसे अधिक सिंचाई की भी आवश्यकता नहीं पड़ती ग्रीष्म ऋतु में फल की पूर्ण वृद्धि के लिए एक या दो सिंचाई कर देना अत्यंत लाभप्रद है अंजीर के नए पौधे मुख्यत कृत्तों (कटिंग) द्वारा प्राप्त होते हैं एक वर्ष की अवस्था की डाल का इस कार्य के लिए प्रयोग किया जाता है कृत्त जनवरी में लगाए जाते हैं और एक वर्ष बाद इस प्रकार तैयार हुए पौधों को स्थायी स्थान पर पंद्रह-पंद्रह फुट की दूरी पर रोपते हैं प्रति वर्ष सुषुप्ति काल में इसकी कटाई-छँटाई करनी चाहिए क्योंकि अच्छे फल पर्याप्त मात्रा में नई डालियों पर ही आते हैं फल अप्रैल से जून तक प्राप्त होते हैं लगाने के तीन वर्ष बाद वृक्ष फल देने लगता है और एक स्वस्थ, प्रौढ़ वृक्ष से लगभग 400 फल मिलते हैं पत्तियों के निचले भाग में एक प्रकार का रोग लगता है जिसे मंडूर (रस्ट) कहते हैं, परंतु यह रोग विशेष हानिकारक नहीं है आप इसकी किस्मे जैसे Brown Turkey. Smyrna Fig की बिजाई कर सकते है

Posted by Rakesh Rakesh
Uttar Pradesh
07-01-2020 04:50 PM
इसे मिट्टी की कई किस्मों, रेतली दोमट से चिकनी मिट्टी में उगाया जा सकता है अच्छे निकास वाली मिट्टी जिसकी पी एच 6 से 7.5 हो, में उगाने पर यह अच्छे परिणाम देती है यह फसल जलजमाव वाले हालातों में खड़ी नहीं रह सकती अम्लीय मिट्टी के लिए, चूना डालें खरीफ ऋतु की फसल की कटाई के बाद, सीड बैड तैयार करने के लिए हल से 1 या 2 बार जो.... (Read More)
इसे मिट्टी की कई किस्मों, रेतली दोमट से चिकनी मिट्टी में उगाया जा सकता है अच्छे निकास वाली मिट्टी जिसकी पी एच 6 से 7.5 हो, में उगाने पर यह अच्छे परिणाम देती है यह फसल जलजमाव वाले हालातों में खड़ी नहीं रह सकती अम्लीय मिट्टी के लिए, चूना डालें खरीफ ऋतु की फसल की कटाई के बाद, सीड बैड तैयार करने के लिए हल से 1 या 2 बार जोताई करें हल से जोतने के बाद 2 या 3 बार तवियों से जोताई करें जल जमाव से रोकने के लिए खेत को अच्छी तरह समतल कर लेना चाहिए बिजाई से पहले, खेत की एक बार सिंचाई करें जो कि फसल के अच्छे अंकुरन में सहायक होती है फसल को मिट्टी से पैदा होने वाले कीटों और बीमारियों से बचाने के लिए ट्राइकोडरमा विराइड 10 किलो को अच्छी तरह से गले हुए गाय के गोबर 25-30 किलो को आखिरी जोताई के समय प्रति एकड़ में डालें अच्छी उपज प्राप्त करने के लिए बिजाई अक्तूबर से नवंबर के मध्य में पूरी कर लें बिजाई में देरी होने से उपज में काफी नुकसान होता है कतारों में 30-40 सैं.मी. और पौधें में 3-5 सैं.मी. फासले का प्रयोग करें मिट्टी में नमी के आधार पर, बिजाई 5-7.5 गहराई पर करें बिजाई के लिए मशीन या डिबलिंग विधि का प्रयोग किया जाता है
Posted by charanjit
Punjab
07-01-2020 04:45 PM
Charanjit ji ehna dona kama vich fyada hai tuci koi v kam suru kr skde ho per kam suru krnn ton pehla usdi training jrur lao jiss nal tuhanu kam di sahi jankari ho jawegi, vase bakri palan de kam vich ghht khrach aunda hai ate iss nu tuci choote level ton suru krke holi holi vdha skde ho, tuhanu ehna vicho jehra v kam vdia lgda hai tuci uss di training lao fir uss kam nu suru kro.

Posted by Anoop Singh
Punjab
07-01-2020 04:40 PM
ਜੇਕਰ ਉਸਦੇ ਥਣ ਵਿੱਚੋ ਥੋੜਾ ਵੀ ਦੁੱਧ ਨਹੀਂ ਆਉਂਦਾ ਤਾਂ ਉਸਦਾ ਚੱਲਣਾ ਮੁਸ਼ਕਿਲ ਹੈ ਤੁਸੀ ਇਹ ਦੇਸੀ ਤਰੀਕੇ ਵਰਤ ਕੇ ਦੇਖ ਸਕਦੇ ਹੋ ਤੁਸੀ ਕਲਮੀਸ਼ੋਰਾ 500ਗ੍ਰਾਮ, ਜੋ ਖਾਰ 250ਗ੍ਰਾਮ, ਮਿਠਾਸੋਡਾ 250ਗ੍ਰਾਮ, ਨਸ਼ਾਦਰ 150ਗ੍ਰਾਮ, ਖੰਡ 2 ਕਿਲੋ ਅਤੇ ਮਿਠਾ ਤੇਲ 2 ਕਿਲੋ ਲਉ ਤੇ ਪਹਿਲਾਂ ਖੰਡ ਦੀ ਚਾਸਣੀ ਬਣਾਉਣ ਤੇ ਫਿਰ ਉਸ ਵਿਚ ਮਿੱਠਾ ਤੇਲ ਪਾਉ ਤੇ ਉਬਾਲੋ ਫਿਰ ਉਸ ਵਿਚ ਬਾਕੀ ਸਾਰਾ ਸਾਮਾਨ ਪਾਉ ਤੇ ਉਬਾਲ ਕ.... (Read More)
ਜੇਕਰ ਉਸਦੇ ਥਣ ਵਿੱਚੋ ਥੋੜਾ ਵੀ ਦੁੱਧ ਨਹੀਂ ਆਉਂਦਾ ਤਾਂ ਉਸਦਾ ਚੱਲਣਾ ਮੁਸ਼ਕਿਲ ਹੈ ਤੁਸੀ ਇਹ ਦੇਸੀ ਤਰੀਕੇ ਵਰਤ ਕੇ ਦੇਖ ਸਕਦੇ ਹੋ ਤੁਸੀ ਕਲਮੀਸ਼ੋਰਾ 500ਗ੍ਰਾਮ, ਜੋ ਖਾਰ 250ਗ੍ਰਾਮ, ਮਿਠਾਸੋਡਾ 250ਗ੍ਰਾਮ, ਨਸ਼ਾਦਰ 150ਗ੍ਰਾਮ, ਖੰਡ 2 ਕਿਲੋ ਅਤੇ ਮਿਠਾ ਤੇਲ 2 ਕਿਲੋ ਲਉ ਤੇ ਪਹਿਲਾਂ ਖੰਡ ਦੀ ਚਾਸਣੀ ਬਣਾਉਣ ਤੇ ਫਿਰ ਉਸ ਵਿਚ ਮਿੱਠਾ ਤੇਲ ਪਾਉ ਤੇ ਉਬਾਲੋ ਫਿਰ ਉਸ ਵਿਚ ਬਾਕੀ ਸਾਰਾ ਸਾਮਾਨ ਪਾਉ ਤੇ ਉਬਾਲ ਕੇ ਠਾਰ ਕੇ ਪੰਜ ਹਿੱਸੇ ਕਰ ਲਉ ਤੇ ਇਕ ਹਿੱਸਾ ਰੋਜਾਨਾ ਰਾਤ ਵੇਲੇ ਦਿਉ ਤੇ ਪਸ਼ੂ ਨੂੰ ਤ੍ਰੇਲ ਵਿਚ ਨਾ ਬੰਨ੍ਹੋ ਤੇ ਨਾ ਹੀ 6 ਦਿਨ ਨਵਾਹੋ ਅਤੇ ਉਸ ਨੂੰ Vitum-H injection 5ml ਲਗਵਾਓ ਅਤੇ 2-2 ਦਿਨਾਂ ਦੇ ਫਰਕ ਨਾਲ 5 ਟੀਕੇ ਲਗਵਾਓ, ਤੁਸੀ ਇਹ ਤਰੀਕਾ ਵਰਤ ਕੇ ਦੇਖ ਸਕਦੇ ਹੋ..
Posted by VISHAL VERMA
Uttar Pradesh
07-01-2020 04:37 PM
विशाल जी आप अगेती पकने वाली किस्में: CoS 687, CoS 8436, CoS 88230, CoS 95435, CoS 91232 की बिजाई कर सकते है धन्यवाद

Posted by nilabh
Bihar
07-01-2020 04:35 PM
nilabh ji kripya btaye ke abhi aapne konsi khaad ka istemal kiya hai aur agar spray bhi ki hai to kon kon si ki hai taki aapko uske hisab se jankari di ja sake.dhanywad
Posted by Gurpreet singh
Haryana
07-01-2020 04:32 PM
सुअर पालन का काम भी ट्रेनिंग से बिना न शुरू करें, शुरू करने से पहले आप किसी सफल सुअर पालक के फार्म पर खुद जाकर बाकी शैड बनाने के लिए फार्म पर जाकर खुद समझना पड़ेगा क्योंकि यह अलग अलग जगह के हिसाब से सैट करना पड़ता है सफल सुअर पालक के तजुर्बे के अनुसार एक सुअरी एक वर्ष में 2—2.5 बार बच्चे देती है पहले ब्यांत में 6—7 .... (Read More)
सुअर पालन का काम भी ट्रेनिंग से बिना न शुरू करें, शुरू करने से पहले आप किसी सफल सुअर पालक के फार्म पर खुद जाकर बाकी शैड बनाने के लिए फार्म पर जाकर खुद समझना पड़ेगा क्योंकि यह अलग अलग जगह के हिसाब से सैट करना पड़ता है सफल सुअर पालक के तजुर्बे के अनुसार एक सुअरी एक वर्ष में 2—2.5 बार बच्चे देती है पहले ब्यांत में 6—7 बच्चे देती है और दूसरे ब्यांत में 10—14 बच्चे देती है यदि आप सुअर मीट के लिए तैयार कर रहे हैं तो एक सुअर 7—8 महीनों में लगभग 1 क्विंटल का हो जाता है और उससे 100 रूपये प्रति किलो के हिसाब से बिमक जाता है और गाभिन सुअरी 150—200 रूपये प्रति किलो के हिसाब से बेची जाती है सुअरों की मार्किटिंग की भी कोई दिक्कत नहीं है क्योंकि व्यापारी खुद फार्म से आकर सुअर ले जाते हैं उसके बाद फीड सही खिलाकर उन्हें आगे बेच देना बाकी लोन के लिए ट्रेनिंग स्र्टीफिकेट तो जरूरी है ही पर सिर्फ स्र्टीफिकेट ही नहीं और भी कागज़ों की जरूरत पड़ेगी क्योंकि यह सारा कुछ बैंकों पर निर्भर करता है कि बैंक को लोन पास करने के लिए कौन से दस्तावेज चाहिए यह अलग अलग बैंकों के अनुसार कम ज्यादा हो सकता है क्योंकि कोई बैंक कैसे वैरीफिकेशन करता है कोई कैसे पांच सुअरी गाभिन 10—11 महीनों के बाद पहली इनकम आती है और लगभग एक सुअरी 3500 रूपये महीने की इनकम आती है,इस तरह आप सुअर पालन का काम शुरू कर सकते है, सुअर पालन के लिए आप large white yorkshire नस्ल रख सकते हैं, इसकी ट्रेनिंग आप अपने नज़दीकी केवीके में प्राप्त कर सकते है आप वहां जाकर टे्रनिंग का फार्म आए जब भी वहां ट्रेनिंग होगी तो वो आपको फोन करके बता देंगे फिर उस ट्रेनिंग सर्टीफिकेट के हिसाब से आप सब्सिड़ी और लोन प्राप्त कर सकते है

Posted by sandeep
Rajasthan
07-01-2020 04:31 PM
sandeep ji kripya aap paudhe ki umar btaye taki aapko iske bare men poori jankari di ja sake,dhanywad
Posted by Shivam Singh Bagri
Madhya Pradesh
07-01-2020 04:04 PM
shivam ji aap iske uper NPK 130045@1 kilo ko 150 litre pani ke hisab se spray karen. aur khet men agar faltu pani hai to use bahr nikale.dhanywad
Posted by Shivam Singh Bagri
Madhya Pradesh
07-01-2020 03:58 PM
shivam ji jab baaliyan ban na shuru kare tab aap NPK 130045@1 kilo ko 150 litre pani men mila kar spray karen. dhanywad

Posted by vinod saini
Haryana
07-01-2020 03:58 PM
Vinod ji kripya aap konsi fasl ke registration krana chahte hai taki aapko iske bare men poori jankari di ja sake,dhanywad
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