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Posted by sajid
Uttar Pradesh
07-01-2020 09:14 PM
Rajasthan
01-08-2020 01:51 PM
मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजि.... (Read More)
मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजित किया जा रहा है प्रशिक्षण कार्य कर्म में भाग लेने के लिए नीचे दिए गए नम्बर पर आज ही संपर्क करें और Rs 250/ से अपना रजिस्ट्रेशन करवाए अचल सिंह (फाउंडर )- 9711858258. धन्यवाद
Posted by harry
Punjab
07-01-2020 09:10 PM
Punjab
01-08-2020 01:59 PM
ਹੈਰੀ ਜੀ ਜਦੋ ਦਵਾਈ ਦੀ ਸਪਰੇ ਕੀਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਇਹ ਆਪਣਾ ਅਸਰ ਵੀ ਦਿਖਾਏਗੀ ਤੁਸੀ ਇਸਦੇ ਉਪਰ ਹੁਣ ਕੋਈ ਵੀ ਸਪਰੇ ਨਾ ਕਰੋ ਇਹ ਆਪਣੇ ਆਪ ਠੀਕ ਹੋ ਜਾਣਗੇ ਬਾਕੀ ਤੁਸੀ ਯੂਰੀਆ ਦੀ ਬਚੀ ਹੋਈ ਮਾਤਰਾ ਪਾਓ ਧੰਨਵਾਦ
Posted by आकाश पटेल
Uttar Pradesh
07-01-2020 09:06 PM
Punjab
01-08-2020 01:56 PM
पुदीना मैंथा के नाम से जानी जाने वाली एक क्रियाशील जड़ी बूटी है पुदीने को मिट्टी की कई किस्मों जैसे दरमियाने से गहरी उपजाऊ मिट्टी, जिसमें पानी को सोखने की क्षमता ज्यादा हो, में उगाया जाता है इसको जल-जमाव वाली मिट्टी में भी उगाया जा सकता है उच्च नमी वाली मिट्टी में यह अच्छे परिणाम देती है इस फसल के लिए मिट्टी .... (Read More)
पुदीना मैंथा के नाम से जानी जाने वाली एक क्रियाशील जड़ी बूटी है पुदीने को मिट्टी की कई किस्मों जैसे दरमियाने से गहरी उपजाऊ मिट्टी, जिसमें पानी को सोखने की क्षमता ज्यादा हो, में उगाया जाता है इसको जल-जमाव वाली मिट्टी में भी उगाया जा सकता है उच्च नमी वाली मिट्टी में यह अच्छे परिणाम देती है इस फसल के लिए मिट्टी का pH 6-7.5 होना चाहिए प्रसिद्ध किस्में:- MAS-1: यह छोटे कद की किस्म है जिसकी ऊंचाई 30-45 सैं.मी. होती है यह बीमारीयों की रोधक और जल्दी पकने वाली किस्म है इसमें मैन्थोल की मात्रा 70-80% होती है इसकी औसतन पैदावार 80 क्विंटल प्रति एकड़ जड़ी-बूटियां के तौर पर और 50-60 किलोग्राम प्रति एकड़ तेल के तौर पर होती है Hybrid-77: इसकी ऊंचाई 50-60 सैं.मी. होती है यह किस्म पत्तों के धब्बा रोग और कुंगी के रोधक होती है, और यह जल्दी पकने वाली किस्म है इसमें मैन्थोल की मात्रा 80-85% होती है इसकी औसतन पैदावार 80 क्विंटल प्रति एकड़ जड़ी-बूटियां के तौर पर और 50-60 किलोग्राम प्रति एकड़ तेल के तौर पर होती है यह रेतली दोमट मिट्टी में बढ़िया पैदावार देती है औरऐसी शुष्क मौसम में की आवश्यकता होती है Shivalik: यह चीन की खेती से चुनी गई किस्म है यह किस्म उत्तर प्रदेश के तराई क्षेत्रों और उत्तरांचल में अच्छी वृद्धि करती है इसमें मैन्थोल की मात्रा 65-70% होती है इसकी औसतन पैदावार 120 क्विंटल प्रति एकड़ जड़ी-बूटियां के तौर पर और 72 किलोग्राम प्रति एकड़ तेल के तौर पर होती है यह किस्म फंगस रोगों से जल्दी प्रभावित होती है EC-41911: यह किस्म रूसी जर्मप्लाज्म से ली गई है यह किस्म पानी की रोधक और आकार में सीधी होती है इसमें मैन्थोल की मात्रा 70%पायी जाती है इसकी औसतन पैदावार 120 क्विंटल प्रति एकड़ जड़ी-बूटियां के तौर पर और 72 किलोग्राम प्रति एकड़ तेल के तौर पर होती है इस किस्म से तैयार तेल का प्रयोग विभिन्न व्यंजनों में स्वाद के लिए किया जाता है Gomti: यह किस्म रंग में हल्के लाल रंग की होती है इसकी पैदावार बाकी किस्मों की पैदावार से कम होती है इसमें मैन्थोल की मात्रा 78-80% होती है Himalaya: इसके पत्तों का आकार बाकी किस्मों से बड़ा होता है यह किस्म कुंगी, झुलस, सफेद धब्बे और पत्तों पर धब्बे रोग की रोधक है इसमें मैन्थोल की मात्रा 78-80% होती है इसकी औसतन पैदावार 160 क्विंटल प्रति एकड़ जड़ी-बूटियां के तौर पर और 80-100 किलोग्राम प्रति एकड़ तेल के तौर पर होती है Kosi: यह किस्म 90 दिनों में पक जाती है यह किस्म कुंगी, झुलस, सफेद धब्बे और पत्तों के धब्बे रोग की प्रतिरोधक है इसमें मैन्थोल की मात्रा 75-80 प्रतिशत होती है और तेल की पैदावार 80-100 किलोग्राम प्रति एकड़ होती है Saksham: यह किस्म सी वी हिमालय की तरफ से टिशू कल्चर द्वारा तैयार की गई है इसमें मैन्थोल की मात्रा 80% होती है और तेल की पैदावार 90-100 किलोग्राम प्राप्त होती है पुदीने की बिजाई के लिए सुविधाजनक आकार के बैड तैयार करें खेत की तैयारी के समय खेत की अच्छी तरह जोताई करें जैविक खाद जैसे रूड़ी की खाद 100-120 क्विंटल प्रति एकड़ रूड़ी की खाद डालें रूड़ी की खाद के बाद हरी खाद डालें इसकी बिजाई के लिए दिसंबर-जनवरी का समय अनुकूल होता है पौधे के भागों की बिजाई 40 सैं.मी. के फासले पर और पंक्तियों के बीच का फासला 60 सैं.मी होना चाहिए बीज को 2-3 सैं.मी. की गहराई में बोयें पौधे के जड़ वाले भाग को मुख्य खेत में बोया जाता है खेत की तैयारी के समय रूड़ी की खाद 80-120 क्विंटल प्रति एकड़ में डालें और अच्छी तरह मिलायें नाइट्रोजन 58 किलो (यूरिया 130 किलो), फासफोरस 32-40 किलो (सिंगल सुपर फासफेट 80-100 किलो), पोटाशियम 20 किलो (म्यूरेट ऑफ पोटाश 33 किलो) प्रति एकड़ में डालें गर्मियों में मॉनसून से पहले जलवायु और मिट्टी के आधार पर 6-9 सिंचाइयां जरूर की जानी चाहिए मॉनसून के बाद 3 सिंचाइयों की आवश्यकता होती है पहली सिंचाई सितंबर महीने में, दूसरी अक्तूबर में और तीसरी नवंबर महीने में की जानी चाहिए सर्दियों में ज्यादा सिंचाई की आवश्यकता नहीं होती, लेकिन यदि सर्दियों में बारिश ना पड़े तो एक सिंचाई जरूर देनी चाहिए पौधे 100-120 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाते हैं जब निचले पत्ते पीले रंग के होने शुरू हो जायें, तब कटाई करें कटाई दराती से और बूटियों को मिट्टी की सतह के 2-3 सैं.मी. ऊपर से निकालें अगली कटाई पहली कटाई के बाद 80 दिनों के अंतराल पर करें ताजी पत्तियों को उत्पाद बनाने के लिए प्रयोग किया जाता है, धन्यवाद
Posted by Vijay Kumar
Rajasthan
07-01-2020 09:01 PM
Punjab
01-08-2020 04:11 PM
विजय जी इसके लिए आप उन सभी को 1 लीटर पानी में एक चम्मच नमक मिलाकर पिलाएं और उनके रहने की जगह कम नहीं होनी चाहिए यदि जगह कम है तो आप थोड़ी जगह बढ़ाएं और उन सभी को B-complex 20ml/100birds के हिसाब से दें
Posted by GAGAN MANSHAHIA
Punjab
07-01-2020 08:56 PM
Punjab
01-08-2020 02:05 PM
For Kinnow crop: For 1-3 year old crop, apply well decomposed cowdung@10-30 kg and Urea@240-720 gm per tree should be done. For 4-7 year old crop, apply well decomposed cow dung@40-80 kg, Urea@960-1680 gm and SSP@1375-2400 gm per tree. For 8 years and above crop, apply cowdung@100 kg, Urea@1920 gm and SSP@2750 gm per Tree. Apply whole amount of cowdung during December month whereas apply Urea in two parts; apply first of Urea in February, and second dose in April-May month. At time of applying first dose of Urea, apply whole dose of SSP fertilizer.
Posted by gurpreet
Punjab
07-01-2020 08:55 PM
Punjab
01-08-2020 04:13 PM
Tuci uss nu pett de kiria Bandykind plus bolus deo ate her 3 mahine badd salt change krke goli deo ate Minfa gold powder 50gm rojana dena suru kro iss nal sarir di kami puri howegi ate jldi heat vich awegi tuci ehh photo dekh skde ho.
Posted by Avinash kumar
Uttar Pradesh
07-01-2020 08:52 PM
Punjab
01-08-2020 02:11 PM
aviansh ji yeh bahut badia paidavar dene vali kisam hai iski paidavar 33 tonn prati acre ke hisab se aati hai.dhanywad
Posted by Rajpal singh
Punjab
07-01-2020 08:51 PM
Punjab
01-08-2020 09:47 PM
Rajpal ji tuci kanak da achar paa skde ho, jddo kanak dhode vich aundi hai tan tuci usdi katai krke 1-2 din dudh lgwao jiss nal uss vich jyada nami naa howe fir usda mota kutra krke uss nu toyaa kdd ke dbba deo, uss vich hawaa nhi rehni chahidi fir tuci 40-45din badd usss nu jrurat anusar kdd ke varto ate baki dhhak ke rakho..
Posted by Vivek Pandey
Uttar Pradesh
07-01-2020 08:46 PM
Rajasthan
01-08-2020 02:15 PM
मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजि.... (Read More)
मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजित किया जा रहा है प्रशिक्षण कार्य कर्म में भाग लेने के लिए नीचे दिए गए नम्बर पर आज ही संपर्क करें और Rs 250/ से अपना रजिस्ट्रेशन करवाए अचल सिंह (फाउंडर )- 9711858258. धन्यवाद
Posted by malaram
Rajasthan
07-01-2020 08:37 PM
Punjab
01-08-2020 02:18 PM
रोपाई से 10-15 दिन बाद सूक्ष्म-तत्व 2.5-3 ग्राम प्रति लीटर पानी के साथ 19:19:19 की स्प्रे करें
Posted by Lovepreet singh
Punjab
07-01-2020 08:36 PM
Punjab
01-07-2020 08:55 PM
Tuci uss nu Lactin bolus 1-1 goli swere sham, Milkout powder 2-2 chamch swere sham ate Calcimust bolus 1-1 goli swere sham deo, iss nal frak paa jawega.
Posted by CHANDA PANDEY
Jharkhand
07-01-2020 08:34 PM
Punjab
01-08-2020 02:21 PM
चंदा जी आप मार्च में सब्जियां जैसे * ग्वार, खीरा-ककड़ी, लोबिया, करेला, लौकी, तुरई, पेठा, खरबूजा, तरबूज, पालक, भिण्डी, अरबी *अप्रैल* चौलाई, मूली *मई* फूलगोभी, बैंगन, प्याज, मूली, मिर्च *जून* फूलगोभी, खीरा-ककड़ी, लोबिया, करेला, लौकी, तुरई, पेठा, बीन, भिण्डी, टमाटर, प्याज, चौलाई, शरीफा *जुलाई* खीरा-ककड़ी-लोबिया, करेला, लौकी, तु.... (Read More)
चंदा जी आप मार्च में सब्जियां जैसे * ग्वार, खीरा-ककड़ी, लोबिया, करेला, लौकी, तुरई, पेठा, खरबूजा, तरबूज, पालक, भिण्डी, अरबी *अप्रैल* चौलाई, मूली *मई* फूलगोभी, बैंगन, प्याज, मूली, मिर्च *जून* फूलगोभी, खीरा-ककड़ी, लोबिया, करेला, लौकी, तुरई, पेठा, बीन, भिण्डी, टमाटर, प्याज, चौलाई, शरीफा *जुलाई* खीरा-ककड़ी-लोबिया, करेला, लौकी, तुरई, पेठा, भिण्डी, टमाटर, चौलाई, मूली की बिजाई कर सकते है धन्यवाद
Posted by upendra nath ojha
Uttar Pradesh
07-01-2020 08:31 PM
Punjab
01-08-2020 02:23 PM
उपेंद्र जी गेंहू में कुल 110 किलो यूरिया डाला जाता है जिसे 2 -3 हिस्सों में बाँट कर खेत में डाला जाता है धन्यवाद
Posted by upendra nath ojha
Uttar Pradesh
07-01-2020 08:29 PM
Punjab
01-08-2020 02:24 PM
उपेंद्र जी गेंहू में कुल 110 किलो यूरिया डाला जाता है जिसे 2 -3 हिस्सों में बाँट कर खेत में डाला जाता है धन्यवाद
Posted by Akram khan
Uttar Pradesh
07-01-2020 08:23 PM
Punjab
01-08-2020 04:15 PM
Akram ji aap desi chicks lene ke liye Sumit Kumar 8006000291, 7906547529 Sumit Kumar Poultry Farm se sampark kr skte hai inse apko sabhi chicks mill jayege.
Posted by Dhruv Gangwar
Uttar Pradesh
07-01-2020 08:21 PM
Punjab
01-08-2020 03:06 PM
ध्रुव जी आप गेंहू की किस्मे जैसे PBW 752: यह देरी से बोई जाने वाली किस्म है यह समय सिंचित क्षेत्रों के लिए उपयुक्त है इसकी औसतन पैदावार 19.2 क्विंटल प्रति एकड़ है PBW 1 Zn: इस किस्म के पौधे का कद 103 सैं.मी. होता है फसल 151 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है इसकी औसतन पैदावार 22.5 क्विंटल प्रति एकड़ होती है UNNAT PBW 343: यह किस्म सिंच.... (Read More)
ध्रुव जी आप गेंहू की किस्मे जैसे PBW 752: यह देरी से बोई जाने वाली किस्म है यह समय सिंचित क्षेत्रों के लिए उपयुक्त है इसकी औसतन पैदावार 19.2 क्विंटल प्रति एकड़ है PBW 1 Zn: इस किस्म के पौधे का कद 103 सैं.मी. होता है फसल 151 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है इसकी औसतन पैदावार 22.5 क्विंटल प्रति एकड़ होती है UNNAT PBW 343: यह किस्म सिंचित क्षेत्रों और समय पर रोपाई के लिए उपयुक्त है पकने के लिए 155 दिनों का समय लेती है यह किस्म गर्दन तोड़ और जल जमाव के प्रतिरोधी है यह करनाल बंट के प्रतिरोधी और ब्लाईट को भी सहने योग्य है इसकी औसत पैदावार 23.2 क्विंटल प्रति एकड़ है WH 542: यह किस्म समय पर बुवाई करने और सिंचित क्षेत्रों के लिए उपयुक्त है यह धारी जंग, पत्ती जंग और करनाल बंट के लिए प्रतिरोधी है इसकी औसत पैदावार 20 क्विंटल प्रति एकड़ है PBW 725: यह किस्म पंजाब कृषि विश्वविद्यालय द्वारा जारी की गई है यह एक बौनी प्रकार की किस्म है और समय पर बोयी जाने, सिंचित क्षेत्रों के लिए उपयुक्त है यह पीले और भूरे जंग की प्रतिरोधी है इसके दाने मोटे, सख्त और मध्यम गहरे रंग के होते हैं यह 155 दिनों के बाद कटाई के लिए तैयार हो जाती है इसकी औसत उपज 23 क्विंटल प्रति एकड़ है PBW 677: यह किस्म 160 दिनों के बाद कटाई के लिए तैयार हो जाती है इसकी औसत उपज 22.4 क्विंटल प्रति एकड़ है HD 2851: यह किस्म समय पर उगाने योग्य किस्म है और सिंचित क्षेत्रों में उगाई जाती है यह किस्म 126-134 दिनों में पक जाती है और इस किस्म का कद 80-90 सैं.मी. होता है WHD - 912: यह दोहरी छोटे कद की किस्म है जो उदयोग में बेकरी के लिए प्रयोग की जाती है इसमें प्रोटीन की मात्रा 12 प्रतिशत होती है यह किस्म पीले, भूरे जंग के साथ करनाल बंट के भी प्रतिरोधी है इसकी औसत उपज 21 क्विंटल प्रति एकड़ है HD 3043: इस किस्म की औसत उपज 17.8 क्विंटल प्रति एकड़ है यह किस्म पत्तों के ऊपर पीले धब्बे और पीली धारियों की बीमारी से काफी हद तक रहित है इस किस्म से अच्छे ब्रैड का निर्माण होता है WH 1105: इसकी खोज पंजाब खेतीबाड़ी यूनिवर्सिटी द्वारा की गई है यह एक छोटे कद की किस्म है जिसमें पौधे का औसतन कद 97 सैंमी तक होता हे इसके दाने सुनहरे, मध्यम, सख्त और चमकदार होते हैं यह पत्तों के पीलेपन और भूरेपन की बीमारी से रहित है परंतु यह दानों के खराब होने के प्रति संवेदनशील है यह लगभग 157 दिनों में पक जाती है इसकी औसतन पैदावार 23.1 क्विंटल प्रति एकड़ है
Posted by Akram khan
Uttar Pradesh
07-01-2020 08:20 PM
Punjab
01-08-2020 04:15 PM
Akram ji aap desi chicks lene ke liye Sumit Kumar 8006000291, 7906547529 Sumit Kumar Poultry Farm se sampark kr skte hai inse apko sabhi chicks mill jayege.
Posted by Dhruv Gangwar
Uttar Pradesh
07-01-2020 08:19 PM
Punjab
01-08-2020 03:10 PM
ध्रुव जी आप पिछेती किस्मे जैसे PBW-524: यह सिंचित हालातों में पिछेती बिजाई के लिए उपयुक्त किस्म है यह किस्म कुंगी, करनाल बंट और कांगियारी के प्रतिरोधक किस्म है NW-2036: यह सिंचित हालातों में पिछेती बिजाई के लिए उपयुक्त किस्म है यह जल्दी पकने वाली किस्म है दूसरे शब्दों में, यह किस्म 108 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो ज.... (Read More)
ध्रुव जी आप पिछेती किस्मे जैसे PBW-524: यह सिंचित हालातों में पिछेती बिजाई के लिए उपयुक्त किस्म है यह किस्म कुंगी, करनाल बंट और कांगियारी के प्रतिरोधक किस्म है NW-2036: यह सिंचित हालातों में पिछेती बिजाई के लिए उपयुक्त किस्म है यह जल्दी पकने वाली किस्म है दूसरे शब्दों में, यह किस्म 108 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है इसके दाने छोटे, सुनहरी और अर्द्ध सख्त होते हैं Halna (K-7903): यह सिंचित क्षेत्रों में पिछेती और बहुत देर से उगाने के लिए उपयुक्त किस्म है यह किस्म नमक वाली मिट्टी के साथ साथ क्षारीय मिट्टी में उगाने के लिए उपयुक्त है इसके दाने सुनहरी और अर्द्ध सख्त होते हैं यह किस्म सभी प्रकार की कुंगियों के प्रतिरोधक किस्म है यह पत्ता झुलस रोग और करनाल बंट को भी सहनेयोग्य किस्म है
Posted by om devda
Madhya Pradesh
07-01-2020 08:07 PM
Punjab
01-08-2020 03:12 PM
ओम जी आप मच्छर की रोकथाम के लिए imidacloprid @1.5 ml को प्रति लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे करें धन्यवाद
Posted by kumar
Bihar
07-01-2020 08:02 PM
Punjab
01-08-2020 03:22 PM
कुमार जी इसका परयोग खेत की तैयारी के समय किया जाता है, इसे गोबर की खाद के साथ प्रयोग किया जाता है, ट्राइकोडरमा को 50 क्विंटल गोबर की खाद के ऊपर छिड़काव किया जाता है और उसके बाद गोबर की खाद को खेत में डाला जाता है धन्यवाद
Posted by Anil Kumar
Himachal Pradesh
07-01-2020 08:02 PM
Punjab
01-08-2020 03:17 PM
अनिल जी आपको नर्सरी में pendimethalin की स्प्रे ना करें इसकी स्प्रे जब आप खेत में इसकी रोपाई कर रहे है तब दो दिन पहले करें धन्यवाद
Posted by Lakhveer Singh Sran
Punjab
07-01-2020 07:59 PM
Punjab
01-08-2020 04:39 PM
Lakhveer Singh Sran ji poultry training len lai tusi tusi apne jile de Krishi Vigyan Kendra, Address: Dabwali Road, Near Kheti Bhawan, Bathinda Phone 0164-2215619 nal samparak kar sakde ho, is di feed 50/- hundi hai, ja fir tusi Guru Angad Dev Veterinary and Animal Sciences University, Address: Ferozpur Rd, Ludhiana, Punjab nal vi samparak kar sakde ho, sab to pehla tusi apna training farm bhar ke ao fir jida hi training di date rakhi javegi tuhanu call kar ke das dita javega, Thankyou.
Posted by Gurpreet Nafri
Punjab
07-01-2020 07:56 PM
Punjab
01-08-2020 03:19 PM
ਕਣਕ ਵਿੱਚ ਕੁੱਲ 110kg ਕਿਲੋ ਯੂਰੀਆ ਪਾਇਆ ਜਾਂਦਾ ਹੈ, ਇਸ ਨੂੰ ਤੁਸੀਂ 2-3 ਹਿੱਸਿਆਂ ਵਿੱਚ ਵੰਡ ਕੇ ਪਾ ਸਕਦੇ ਹੋ ਕਣਕ ਵਿੱਚ DAP@55kg ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਪਾਈ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਤੁਸੀਂ ਇੱਕ ਏਕੜ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਡੀ ਏ ਪੀ ਦਾ ਇੱਕ ਗੱਟਾ ਪਾ ਸਕਦੇ ਹੋ ਜੇਕਰ SSP ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਕਰ ਰਹੇ ਹੋ ਤਾਂ SSP@150kg ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਵਰਤ ਸਕਦੇ ਹੋ ਡੀ ਏ ਪੀ ਨੂੰ ਕਣਕ ਦੇ ਬੀਜ ਨਾਲ ਮਿਲਾ ਕੇ ਬੀਜ ਦਿਓ ਇਸ ਢੰਗ ਨਾਲ ਬੀ.... (Read More)
ਕਣਕ ਵਿੱਚ ਕੁੱਲ 110kg ਕਿਲੋ ਯੂਰੀਆ ਪਾਇਆ ਜਾਂਦਾ ਹੈ, ਇਸ ਨੂੰ ਤੁਸੀਂ 2-3 ਹਿੱਸਿਆਂ ਵਿੱਚ ਵੰਡ ਕੇ ਪਾ ਸਕਦੇ ਹੋ ਕਣਕ ਵਿੱਚ DAP@55kg ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਪਾਈ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਤੁਸੀਂ ਇੱਕ ਏਕੜ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਡੀ ਏ ਪੀ ਦਾ ਇੱਕ ਗੱਟਾ ਪਾ ਸਕਦੇ ਹੋ ਜੇਕਰ SSP ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਕਰ ਰਹੇ ਹੋ ਤਾਂ SSP@150kg ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਵਰਤ ਸਕਦੇ ਹੋ ਡੀ ਏ ਪੀ ਨੂੰ ਕਣਕ ਦੇ ਬੀਜ ਨਾਲ ਮਿਲਾ ਕੇ ਬੀਜ ਦਿਓ ਇਸ ਢੰਗ ਨਾਲ ਬੀਜ ਦੇ ਨਾਲ SSP ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਨਹੀਂ ਤਾਂ ਕਣਕ ਦੇ ਲਈ ਜ਼ਮੀਨ ਤਿਆਰ ਕਰਦੇ ਸਮੇਂ ਖੇਤ ਵਿੱਚ ਛਿੱਟਾ ਦੇ ਸਕਦੇ ਹੋ ਡੀ ਏ ਪੀ ਅਤੇ ਐੱਸ ਐੱਸ ਪੀ ਦੇ ਵਿੱਚੋਂ ਕਿਸੇ ਇੱਕ ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਕਰਨੀ ਹੈ, ਜੇਕਰ ਜ਼ਮੀਨ ਵਿੱਚ ਪੋਟਾਸ਼ ਦੀ ਕਮੀ ਹੈ ਤਾਂ ਪੋਟਾਸ਼@20kg ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਵਰਤ ਸਕਦੇ ਹੋ
Posted by gohil gelji
Gujarat
07-01-2020 07:55 PM
Punjab
01-08-2020 03:49 PM
गोहिल जी कृपया आप इसकी जड़ों में दीमक का हमला चैक करें अगर मौजूद है तो आप chlorpyriphos @4ml को प्रति लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे करें धन्यवाद
Posted by Mahipal singh Chouhan
Madhya Pradesh
07-01-2020 07:47 PM
Punjab
01-08-2020 03:51 PM
महिपाल जी कृपया आप बताये कि अभी आप कौन से पौधे त्यार करने के बारे में जानकारी लेना चाहते है ताकि आपको इसके बारे में पूरी जानकारी दी जा सके धन्यवाद
Posted by ਨਵਪਰੀਤ ਸਿੰਘ
Punjab
07-01-2020 07:45 PM
Punjab
01-08-2020 03:57 PM
ਨਵਪ੍ਰੀਤ ਜੀ ਚੁਕੰਦਰ ਜੀ ਬਿਜਾਈ ਸਿਤੰਬਰ ਤੋਂ ਅਕਤੂਬਰ ਤਕ ਕੀਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਬਿਜਾਈ ਦੇ ਲਈ ਕਤਾਰ ਵਿਚ 45 -50 cm ਫ਼ਾਸਲਾ ਹੋਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ ਬੀਜ ਨੂੰ 3 cm ਡੂੰਘਾ ਬੀਜੋ ਸਭ ਤੋਂ ਵਧੀਆ ਅਚਾਰ ਮੱਕੀ ਦਾ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਅਤੇ ਜੇਕਰ ਤੁਸੀ ਚੁਕੰਦਰ ਦਾ ਤਿਆਰ ਅਚਾਰ ਲੈਣਾ ਚਾਹੁੰਦੇ ਤਾ Amandeep singh 9914832900 ਜੀ ਨਾਲ ਸੰਪਰਕ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਧੰਨਵਾਦ
Posted by Shivam Singh Bagri
Madhya Pradesh
07-01-2020 07:45 PM
Punjab
01-08-2020 04:00 PM
shivam ji abhi aapko kuch bhi spray karne ki jrurat nahi hai jab balli niklna shuru ho jaye tab aap NPK 130045@1 kilo ko 150 litre pani men mila kar spray karen.dhanywad
Posted by Harsh Deep Singh
Punjab
07-01-2020 07:37 PM
Punjab
01-08-2020 04:20 PM
Harshdeep ji ehna di growth isdi sahi khurak ate dekhbhal te nirbhar krdi hai baki tuci ehh photo dekh skde ho.
Posted by gagandeep Singh
Punjab
07-01-2020 07:36 PM
Punjab
01-07-2020 11:38 PM
ਗਗਨ ਜੀ, ਮੱਛੀ ਪਾਲਣ ਦੀ ਟਰੇਨਿੰਗ ਪੰਜਾਬ ਸਰਕਾਰ ਵੱਲੋਂ ਹਰ ਜਿਲੇ ਦੇ ਮੱਛੀ ਪਾਲਣ ਦਫਤਰ ਚ ਕਰਵਾਈ ਜਾਂਦੀ ਹੈ
Posted by शुभम पाटीदार
Madhya Pradesh
07-01-2020 07:34 PM
Punjab
01-08-2020 04:43 PM
सुभम जी कृपया आप बताये कि आपने खेत में क्या क्या खाद डाली है ताकि आपको इसके बारे में पूरी जानकारी दी जा सके धन्यवाद
Posted by Jagmohan Bajwa
Punjab
07-01-2020 07:27 PM
Punjab
01-07-2020 11:45 PM
Posted by surajeet singh
Punjab
07-01-2020 07:25 PM
Punjab
01-07-2020 07:40 PM
Surajeet ji isde lai tuci G-promin liquid vart skde ho ehh 15ml/100birds de hisab nal deo, ehh Vetcare company da product hai. tuci ehh photos v dekh skde ho.
Posted by gurwinder
Punjab
07-01-2020 07:21 PM
Rajasthan
01-07-2020 07:43 PM
ਪਸ਼ੂਆਂ ਨੂੰ ਘਰ ਵਿਚ ਫੀਡ ਤਿਆਰ ਕਰਕੇ ਦੇਣੀ ਹੈ ਤਾਂ ਸੰਤੁਲਿਤ ਖੁਰਾਕ 100 ਕਿਲੋ ਬਣਾਉਣ ਲਈ ਲੋੜੀਂਦੀ ਸਮੱਗਰੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ ਜਿਵੇਂ 25 ਕਿਲੋ ਅਨਾਜ ( ਜਵਾਰ, ਬਾਜਰੀ (ਸਰਦੀਆਂ) , ਕਣਕ, ਜੌਂ ( ਗਰਮੀਆ) ਇਹਨਾਂ ਵਿੱਚੋ ਕੋਈ ਇੱਕ ) , ਦਾਲ ਚੂਰੀ 20 ਕਿਲੋ( ਮੂੰਗੀ ਚੂਰੀ, ਮਾਂਹ ਚੂਰੀ, ਮੋਠ ਚੂਰੀ ( ਕੇਵਲ ਸਰਦੀਆਂ ਲਈ) , ਮਸੁਰ ਚੂਰੀ ,ਅਰਹਰ, (ਇਨਾਂ ਵਿੱਚੋ ਇੱਕ ) , DOC 25 ਕਿਲੋ ( ਚੌਲਾਂ ਦਾ ਚੂਰਾ ) , ਫਾਈਬਰ ਛਿਲਕਾ 15 ਕ.... (Read More)
ਪਸ਼ੂਆਂ ਨੂੰ ਘਰ ਵਿਚ ਫੀਡ ਤਿਆਰ ਕਰਕੇ ਦੇਣੀ ਹੈ ਤਾਂ ਸੰਤੁਲਿਤ ਖੁਰਾਕ 100 ਕਿਲੋ ਬਣਾਉਣ ਲਈ ਲੋੜੀਂਦੀ ਸਮੱਗਰੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ ਜਿਵੇਂ 25 ਕਿਲੋ ਅਨਾਜ ( ਜਵਾਰ, ਬਾਜਰੀ (ਸਰਦੀਆਂ) , ਕਣਕ, ਜੌਂ ( ਗਰਮੀਆ) ਇਹਨਾਂ ਵਿੱਚੋ ਕੋਈ ਇੱਕ ) , ਦਾਲ ਚੂਰੀ 20 ਕਿਲੋ( ਮੂੰਗੀ ਚੂਰੀ, ਮਾਂਹ ਚੂਰੀ, ਮੋਠ ਚੂਰੀ ( ਕੇਵਲ ਸਰਦੀਆਂ ਲਈ) , ਮਸੁਰ ਚੂਰੀ ,ਅਰਹਰ, (ਇਨਾਂ ਵਿੱਚੋ ਇੱਕ ) , DOC 25 ਕਿਲੋ ( ਚੌਲਾਂ ਦਾ ਚੂਰਾ ) , ਫਾਈਬਰ ਛਿਲਕਾ 15 ਕਿਲੋ (ਕਣਕ, ਚੌਕਰ, ਚਨਾ ਛਿਲਕਾ, ਮਟਰ ਛਿਲਕਾ, ਇਨਾਂ ਵਿੱਚੋ ਇੱਕ) , ਖਲ਼ 15 ਕਿਲੋ(ਸਰੋਂ, ਬਿਨੌਲਾ ਜਾਂ ਸੋਇਆ (ਇਹਨਾਂ ਵਿੱਚੋ ਕੋਈ ਇੱਕ) , ਮਿੱਠਾ ਸੋਡਾ 250 ਗ੍ਰਾਮ, 1 ਕਿਲੋ ਨਮਕ, ਗੁੜ 1 ਕਿਲੋ, 1 ਕਿੱਲੋ ਹਲਦੀ (ਸਰਦੀਆ ਵਿੱਚ ) ਇਹ ਨੂੰ ਰਲਾ ਲਵੋ ਇਹ ਫੀਡ ਪਸ਼ੂ ਲਈ ਬਹੁਤ ਲਾਹੇਵੰਦ ਹੁੰਦੀ ਹੈ
Posted by Dhot
Punjab
07-01-2020 07:20 PM
Punjab
01-07-2020 07:37 PM
गुल्ली डंडे की रोकथाम के लिए लीडर, टॉपिक का प्रयोग कर सकते हैं चौड़े पत्तों वाले नदीन की रोकथाम के लिए 2,4D 250 ml की स्प्रे कर सकते हैं, टॉपिक 15 डब्ल्यू पी (क्लोडिनाफाप) 160 ग्राम बिजाई के 30 से 35 दिनों के अंदर 150 प्रति एकड़, एक्सियल 5 ई सी (पिनोक्साडिन 400 मिलीलीटर), लीडर/मार्कसल्फो 75 डब्ल्यू जी (सल्फोसल्फ्यूरॉन) 13 ग्राम, टोट.... (Read More)
गुल्ली डंडे की रोकथाम के लिए लीडर, टॉपिक का प्रयोग कर सकते हैं चौड़े पत्तों वाले नदीन की रोकथाम के लिए 2,4D 250 ml की स्प्रे कर सकते हैं, टॉपिक 15 डब्ल्यू पी (क्लोडिनाफाप) 160 ग्राम बिजाई के 30 से 35 दिनों के अंदर 150 प्रति एकड़, एक्सियल 5 ई सी (पिनोक्साडिन 400 मिलीलीटर), लीडर/मार्कसल्फो 75 डब्ल्यू जी (सल्फोसल्फ्यूरॉन) 13 ग्राम, टोटल/मार्कपावर 75 डब्ल्यू डी जी (सल्फोसल्फ्यूरॉन+मैट्सफ्यूरॉन) 16 ग्राम, एटलांटिस 3.6 डब्ल्यू डी जी (मिज़ोसल्फ्यूरॉन+ आइडोसल्फ्यूरॉन) 160 ग्राम 6 शगुन 21-11 (मैट्रीब्यूज़िन+क्लोडिनाफाप) 200 ग्राम, ए सी एम-9 (क्लोडिनाफाप+मैट्रीब्यूज़िन) 240 ग्राम नोट: 1. शगुन 21-11 को pbw550 और उन्नत pbw550 में ना छिड़काव करें 2. शगुन 21-11 का हल्की ज़मीनों में छिड़काव ना करें 3. बड़ी वाली गेहूं में शगुन 21-11 का प्रयोग ना करें 4. टॉट/मार्कपावर वाले खेतों में ज्वार और मक्की की बिजाई ना करें
Posted by gagandeep Singh
Punjab
07-01-2020 07:19 PM
Punjab
01-08-2020 04:35 PM
Lemons can be grown in all types of soils. Light soils having good drainage are suitable for its cultivation. Ph range of soil should be 5.5-7.5. They can also grow in slightly alkaline and acidic soils. Light loam well drained soils are best for lemon cultivation. Below given varieties are suitable for growing in Punjab: Punjab Baramasi: Shoots dropping are usually ground touching. Lemon has yellow fruits, round shaped with tapering base. Seedless fruits and are juicy in nature. The average fruit yield is 84 kg per tree. Eureka: Semi-vigorous tree. Lemon-yellow skin color, juice is strongly acidic having excellent flavor. Fruit ripens in the month of August. Punjab Galgal: Vigorous trees with light green foliage color. Medium size, oval shaped fruit. Juice is very acidic with 8-10 seeds p.... (Read More)
Lemons can be grown in all types of soils. Light soils having good drainage are suitable for its cultivation. Ph range of soil should be 5.5-7.5. They can also grow in slightly alkaline and acidic soils. Light loam well drained soils are best for lemon cultivation. Below given varieties are suitable for growing in Punjab: Punjab Baramasi: Shoots dropping are usually ground touching. Lemon has yellow fruits, round shaped with tapering base. Seedless fruits and are juicy in nature. The average fruit yield is 84 kg per tree. Eureka: Semi-vigorous tree. Lemon-yellow skin color, juice is strongly acidic having excellent flavor. Fruit ripens in the month of August. Punjab Galgal: Vigorous trees with light green foliage color. Medium size, oval shaped fruit. Juice is very acidic with 8-10 seeds per fruit. Fruits mature in the months of November-December. The average fruit yield is 80-100 kg per tree. PAU Baramasi: The right time of fruit maturing is first week of July. It contains very less amount of seeds. It gives an average yield of 84kg per tree. PAU Baramasi-1: The right time of fruit maturing is last week of November month. The fruit is seedless. It gives an average yield of 80kg per tree. Land should be ploughed, cross ploughed and leveled properly. Planting is done on terraces against slopes in hilly areas. High density planting is also possible in such areas. The best season for planting is July-August. Spacing between plants should be kept between 4.5×4.5. Pits of size 60×60×60cm should be dug for planting seedlings. 10Kg of Farmyard Manure and 500g of single superphosphate should be applied to pits while planting. Pits of size 60×60×60cm should be dug for planting seedlings. Minimum plant density of 208/acre should be maintained. For proper growth of trunk of plant, Shoots in 50-60cm near ground level should be removed. Centre of plant should remain open. Water suckers should be removed at early stages of growth. When age of crop is 1-3year, apply well decomposed cow dung@5-20kg per Tree and Urea@100-300gm per Tree. For 4-6year old crop, apply well decomposed cowdung@25-50kg and Urea@100-300gm per Tree. For 7-9year old crop, apply Urea@600-800gm per tree and well decomposed cow dung@60-90kg per Tree. When crop is 10year old or above, apply cowdung@100kg or Urea@800-1600gm per tree. Lemon requires irrigation at regular intervals. Lifesaving irrigation should be given in winters and summers. Irrigation is necessary for Flowering, Fruiting and proper plant growth. Over irrigation may also leads to diseases like Root rot and collar rot. High frequency irrigation is beneficial. Salty water is injurious for crop plants. Partial drying out of soil in spring may not affect plants. On attaining proper size, shape along with attractive color having TSS to Acid ratio of 12:1, kinnow fruits is ready for harvest. Depending upon variety fruits are generally ready for harvesting in Mid- January to Mid- February. Do harvesting at proper time as too early or too late harvesting will give poor quality.
Posted by Nirvair Brar
Punjab
07-01-2020 07:17 PM
Punjab
01-08-2020 04:53 PM
ਨਿਰਵੈਰ ਜੀ ਸਲਫ਼ਰ ਦੇ ਨਾਲ ਪਾਣੀ ਸੁੱਕਣਾ ਸ਼ੁਰੂ ਹੋ ਜਾਏਗਾ ਤੁਸੀ ਇਸਦੇ result ਦੀ wait ਕਰੋ ਇਸਤੋਂ ਇਲਾਵਾ ਤੁਸੀ ਕੋਸ਼ਿਸ਼ ਕਰੋ ਕੇ ਖੇਤ ਵਿੱਚੋ ਫਾਲਤੂ ਪਾਣੀ ਬਾਹਰ ਕੱਢੋ
Posted by jagtar sidhu
Punjab
07-01-2020 07:08 PM
Punjab
01-07-2020 11:46 PM
Jagtar g, Tusi apni Coperative Society Dey in charge nu milo.
Posted by sukh
Punjab
07-01-2020 07:04 PM
Punjab
01-14-2020 01:08 PM
Sukh ji same same te kisana di mang de mutabik training chaldia hi rehdia han, Goat farming di training lai tusi apne jile de KRISHI VIGYAN KENDRA , VILLAGE- HANDIAYA, DISTRICT- BARNALA (PUNJAB) Contact:- 81960-80643 nal samparak kar sakde ho, is to bina tusi Guru Angad Dev Veterinary and Animal Sciences University, Address: Ferozpur Rd, Ludhiana, Punjab 141001, Phone: 0161 255 3394 nal vi samparak kar sakde ho, Sabh to pehla tusi apna training farm bhar ke aou fir jida hi training di date rakhi javegi tuhanu call kar ke bula lea javega, Thankyou.
Posted by kishan singh
Rajasthan
07-01-2020 07:03 PM
Punjab
01-08-2020 04:42 PM
Usko aap Injection Amoxirum forte 4.5gm, Injection Megludyne 20ml, Injection Isoflud 5ml aur Injection Avil 10ml ko 3 din lgwayen, isse frak padd jayega.
Posted by sony
Punjab
07-01-2020 06:58 PM
Punjab
01-07-2020 07:40 PM
श्रीमान जी आप गेहूं सल्फर 5—7 किलो प्रति एकड़ के हिसाब से छिड़काव करें
Posted by prakash mahadev tayade
Maharashtra
07-01-2020 06:57 PM
Punjab
01-08-2020 04:28 PM
प्रकाश जी कृपया आप अपना सवाल विस्तार से पूछे कि आप कौन से मंडी रेट के बारे में जानकारी लेना चाहते है ताकि आपको इसके बारे में पूरी जानकारी दी जा सके धन्यवाद
Posted by Gurnishan Singh Dhillon
Punjab
07-01-2020 06:57 PM
Punjab
01-08-2020 04:44 PM
Dhillon ji tuci isdi varto kr skde ho, iss nal pashu nu energy mildi hai ehh tuci pashu de suun ton 1 mahina pehla suru krke suun ton badd 1 mahine tak de skde ho.
Posted by Gurlal Singh
Punjab
07-01-2020 06:54 PM
Punjab
01-08-2020 09:49 PM
ਤੁਸੀ ਉਸ ਨੂੰ ਪਹਿਲੇ ਦਿਨ Zoctum injection 2.5gm, Isoflud injection 5ml, CRB injection 20ml, Megludyne injection 20ml, vitum-H 5ml injection ਲਗਵਾਓ ਫਿਰ ਅਗਲੇ 2 ਦਿਨ ਤੁਸੀ Intacef Tezo injection 4.5gm, Megludyne injection 20ml, CRB injection 20ml, Vitum-H injection 5ml ਲਗਵਾਓ, ਸਿਰਫ ਪਹਿਲੇ ਅਤੇ ਤੀਜੇ ਦਿਨ ਹੀ Isoflud ਇੰਜੇਕਸ਼ਨ ਲਗਵਾਓ ਜੀ ਇਹਨਾਂ ਨਾਲ ਫਰਕ ਪੈ ਜਾਵੇਗਾ..
Posted by KRISHAN KUMAR
Haryana
07-01-2020 06:51 PM
Punjab
01-08-2020 04:48 PM
कृष्ण जी कृपया आप इसकी फोटो भेजे ताकि आपको इसके बारे में पूरी जानकारी दी जा सके धन्यवाद
Posted by Pawan kumar Pawan kumar
Rajasthan
07-01-2020 06:48 PM
Punjab
01-08-2020 04:47 PM
चने की फसल के लिए ज्यादा समतल बैडों की जरूरत नहीं होती यदि इसे मिक्स फसल के तौर पर उगाया जाये तो खेत की अच्छी तरह से जोताई होनी चाहिए यदि इस फसल को खरीफ की फसल के तौर पर बीजना हो, तो खेत को मॉनसून आने पर गहरी जोताई करें, जो बारिश के पानी को संभालने में मदद करेगा बिजाई से पहले खेत की एक बार जोताई करें यदि मिट्टी मे.... (Read More)
चने की फसल के लिए ज्यादा समतल बैडों की जरूरत नहीं होती यदि इसे मिक्स फसल के तौर पर उगाया जाये तो खेत की अच्छी तरह से जोताई होनी चाहिए यदि इस फसल को खरीफ की फसल के तौर पर बीजना हो, तो खेत को मॉनसून आने पर गहरी जोताई करें, जो बारिश के पानी को संभालने में मदद करेगा बिजाई से पहले खेत की एक बार जोताई करें यदि मिट्टी में नमी की कमी नज़र आये तो बिजाई से एक सप्ताह पहले सुहागा फेरें बारानी क्षेत्रों के लिए, अक्तूबर का दूसरा या तीसरा सप्ताह चने की खेती के लिए उपयुक्त होता है सिंचित क्षेत्रों के लिए, बिजाई नवंबर के दूसरे सप्ताह में पूरी कर लें चने की पिछेती बिजाई दिसंबर के पहले सप्ताह तक पूरी कर लें बिजाई के लिए, कतार से कतार में 20-25 सैं.मी. और पौधे से पौधे में 10 सैं.मी. फासले का प्रयोग करें बीज को 6-8 सैं.मी. की गहराई पर बोयें बीज को सीड ड्रिल या लोकल हल की सहायता से बोयें छोटे दानों के लिए 30-32 किलो बीज प्रति एकड़ में प्रयोग करें और मोटे दानों के लिए 36-40 किलो बीज प्रति एकड़ में प्रयोग करें अधिक पुष्प लाने के लिए आप इसके ऊपर NPK 130045 @1 किलो को 150 लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे करें धन्यवाद
Posted by parvindar Kumar
Uttar Pradesh
07-01-2020 06:48 PM
Punjab
01-08-2020 04:42 PM
फसल को जानवरों से बचाने के लिए आप खेत में फेंसिंग कर सकते है, इसके इलावा आप prem raj saini 9719432296 जी से संम्पर्क कर सकते है, इन्होने एक खाद त्यार की है जिसकी बदबू से जानवर खेत में नहीं आते.