
Posted by jatinder pal singh
Punjab
08-01-2020 06:25 PM
Jatinder ji, ap nematod ki roktham ke liye isme Carbofuron 6 kg prati ace ke hisaab se istemla kar sakte hain, isse nematod ka hamla nahi hota hai, dhanywad
Posted by soyab khan
Rajasthan
08-01-2020 06:24 PM
Soyab ji, gehun mein boht se keet ka hamla hota hai, jisme sundi, dheemak or chepa ka sabse jayada hamla hota hai, dhanywad
Posted by Dinesh Parmar
Madhya Pradesh
08-01-2020 06:22 PM
दिनेश जी इसमें डरने वाली बात नहीं है इसे आप Sarakind bolus 1—1 गोली सुबह शाम और काली मिर्च 20 ग्राम रोजाना 5 दिन तक दें
Posted by ROHATAS SINGH
Uttar Pradesh
08-01-2020 06:13 PM
रोहतास जी, यह iron तत्व की कमी के कारन हो रहा है, आप इसकी कमी पूरी कारण के लिए इसमें ferrous sulphate @ 10 gm प्रति लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे करें, इसकी स्प्रे से यह ठीक हो जाएगी , धन्यवाद
Posted by ROHATAS SINGH
Uttar Pradesh
08-01-2020 06:11 PM
रोहतास जी, यह iron तत्व की कमी के कारन हो रहा है, आप इसकी कमी पूरी कारण के लिए इसमें ferrous sulphate @ 10 gm प्रति लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे करें, इसकी स्प्रे से यह ठीक हो जाएगी , धन्यवाद

Posted by Prabhat Verma
Uttar Pradesh
08-01-2020 06:08 PM
Prabhat Verma ji, kripya ap apna sawal vishthar se puchien ke apke alu mein koi keet ya bimari ka hamla hai ya fi rap kisi khaad ke bare mein jankari lena chaht ehain, taki apko uske hisaab se iske bare mein ucchit jankri di ja sake, dhanywad

Posted by Amrit chahal
Punjab
08-01-2020 06:07 PM
Balraj ji tuci vdeme rinn ke deo ji jiss nu hajam krnn vich asani rehndi hai.
Posted by Manpreet Sekhon
Punjab
08-01-2020 05:59 PM
Manpreet ji tuci uss nu Bovimin-B powder 50-50gm swere sham, Vitum-H liquid 10ml rojana ate Agrimin-i tablet rojana 1 goli deo ate 21 din tak dinde rho, iss nal frak paa jawega.
Posted by Ashish Kashyap
Chattisgarh
08-01-2020 05:52 PM
आशीष जी, जैविक खेती में , डी ए पी की पूर्ति vermicompost यां गोबर की खाद के दवारा की जाती है, धन्यवाद
Posted by Lachhma singh Bhullar PWD
Punjab
08-01-2020 05:40 PM
Sir ji ਮੱਝ Nu feed poni aa jo dud vad jawe feed banon da tarika daso ki ki chej pay jawe feed vich ?
पशुओं को घर में फीड तैयार करने देनी है तो संतुलित खुराक 100 किलो बनाने के लिए जरुरति सामग्री चाहिए जैसे 25 किलो अनाज ज्वार बाजरी सर्दियों गेहूं जों गर्मियों इनमे से कोई एक) दाल चूरी 20 किलो मूंगी चूरी मांह चूरी मोठ चूरी सर्दियों के लिए मसूर चूरी अरहर इनमे से एक DOC 25 किलो चावल का चूरा फाइबर छिलका 15 किलो गेहूं चोकर च.... (Read More)
पशुओं को घर में फीड तैयार करने देनी है तो संतुलित खुराक 100 किलो बनाने के लिए जरुरति सामग्री चाहिए जैसे 25 किलो अनाज ज्वार बाजरी सर्दियों गेहूं जों गर्मियों इनमे से कोई एक) दाल चूरी 20 किलो मूंगी चूरी मांह चूरी मोठ चूरी सर्दियों के लिए मसूर चूरी अरहर इनमे से एक DOC 25 किलो चावल का चूरा फाइबर छिलका 15 किलो गेहूं चोकर चना छिलका मटर छिलका इनमे से एक, खल 15 किलो सरसों बिनौला या सोया इनमे से एक मीठा सोढा 250 ग्राम 1 किलो नमक गुड़ 1 किलो, 1 किलो हल्दी (सर्दियों में) यह सभी कुछ मिक्स करें यह पशु के लिए बहुत लाभदायक है

Posted by md rijwan
Bihar
08-01-2020 05:36 PM
rijwan ji kripya aap btaye ke aapne isme abhi tak kya kya khaad daali hai aur jo patton par dhabbe hai uske liye aap carbendazim@400 gram ko prati litre pani ke hisab se spray karen,dhanywad

Posted by K D Singh
Uttar Pradesh
08-01-2020 05:35 PM
बढ़िया वर्मी कंपोस्ट निम्नलिखित तरीके अनुसार बनायी जा सकती है इसलिए ऐसा स्थान लें जहां धूप ना आये और हवादार हो, इस स्थान पर ईंटों या पत्थर के टुकड़े और मिट्टी की 2—3 इंच मोटी परत बिछायें , मिट्टी पर थोड़ा सा पानी छिड़ककर गीला करें मिट्टी में 25 प्रतिशत से अधिक नमी नहीं होनी चाहिए , इसके ऊपर गंडोए (40 गंडोए प्रति .... (Read More)
बढ़िया वर्मी कंपोस्ट निम्नलिखित तरीके अनुसार बनायी जा सकती है इसलिए ऐसा स्थान लें जहां धूप ना आये और हवादार हो, इस स्थान पर ईंटों या पत्थर के टुकड़े और मिट्टी की 2—3 इंच मोटी परत बिछायें , मिट्टी पर थोड़ा सा पानी छिड़ककर गीला करें मिट्टी में 25 प्रतिशत से अधिक नमी नहीं होनी चाहिए , इसके ऊपर गंडोए (40 गंडोए प्रति वर्ग फीट जगह) में मिलायें
इसके बाद वेस्ट जैसे कि बची कुची सब्जियां, फल, कच्चा गोबर, गोबर की सलरी की 8—10 इंच मोटी परत डालें दूसरी परत के बाद इसके ऊपर सूखे पत्ते या पराली से ढक दें हर परत के बाद पानी छिड़कें ताकि नमी बनी रहे
वर्मीकंपोस्ट के बैड को 3—4 इंच मोटी गोबर की परत से ढक दें और इसके ऊपर बोरा या तिरपाल रखें ताकि नमी बनी रहे
रसोई, फसलों या डेयरी के बचे कुचे की परत को रैक से पलटते रहें और आवश्यकतानुसार थोड़ा थोड़ा करके और वेस्ट भी डाल सकते हैं इसके ऊपर कच्चा गोबर भी डाल सकते हैं पर ध्यान रखें कि यह परत पहले जितनी ही मोटी रहें
वर्मी कंपोस्ट की खाद मौसम के हिसाब से 45—60 दिनों में तैयार हो जाती है सबसे ऊपर वाली परत को हटाकर गंडोए छलनी से अलग कर लें और निचली छोड़ दें इसके ऊपर दोबारा रसोई या एग्रो वेस्ट की 6 इंच मोटी परत बिछाकर दोबारा खाद तैयार की जा सकती हैं 45 दिनों के बाद पानी छिड़कना बंद करने से भी गंडोए निचली परत में चले जाते हैं और छलनी से अलग करने में समय कम लगता है तैयार वर्मी कंपोस्ट काले भूरे रंग की गंध रहित और चाय पत्ती जैसी होती है इसे छांव में हवा में सुखकर आवश्यकतानुसार थैले या बोरियों में डालकर रखा जा सकता है एक टन वर्मी कंपोस्ट में 1.0—1.5 किलोग्राम नाइट्रोजन, 5—10 किलोग्राम पोटाश और 3.5—5.0 किलो फासफोरस होता है इसके अलावा इसमें कई तरह के एन्ज़ाइम और सूक्ष्म तत्व कॉपर, आयरन, जिंक, सल्फर, कैलशियम और मैगनीशियम आदि होते हैं

Posted by nijam
Madhya Pradesh
08-01-2020 05:32 PM
सबसे पहले आपके लिए यह जानना जरूरी है कि मुर्गी पालन दो तरह का होता है कि आप अंडों का व्यवसाय करना चाहते हैं या मीट का यदि आप अंडों का धंधा करना चाहते हैं तो आपको लेयर मुर्गियां पालनी पड़ेंगी और यदि आप मीट का धंधा करना चाहते हैं तो आपको ब्रॉयलर मुर्गियां पालनी पड़ेंगी यदि आप ब्रायलर मुर्गी पालन करना चाहते हैं त.... (Read More)
सबसे पहले आपके लिए यह जानना जरूरी है कि मुर्गी पालन दो तरह का होता है कि आप अंडों का व्यवसाय करना चाहते हैं या मीट का यदि आप अंडों का धंधा करना चाहते हैं तो आपको लेयर मुर्गियां पालनी पड़ेंगी और यदि आप मीट का धंधा करना चाहते हैं तो आपको ब्रॉयलर मुर्गियां पालनी पड़ेंगी यदि आप ब्रायलर मुर्गी पालन करना चाहते हैं तो कम से कम 10 हजार मुर्गियों का धंधा शुरू करना चाहते हैं तो आपको 4 से 5 लाख का इतज़ाम करना पड़ेगा, ये आप अपने बजट के हिसाब से कम पंक्षियों से भी शुरू कर सकते हैं बाकि आप इस काम को ट्रेनिंग लेकर शुरू करें जिसमें आपको इस काम के बारे में पूरी जानकारी दी जाएगी ट्रेनिंग लेने के लिए आप अपने नज़दीकी कृषि विज्ञान केंद्र से संपर्क करें आप वहां जाकर अपना ट्रेनिंग का फार्म भर आएं जब भी ट्रेनिंग होगी तो वो आपको फोन करके उसके बारे में बता देंगे.
Posted by amarpal
Uttarakhand
08-01-2020 05:32 PM
अमरपाल जी कृपया आप इसकी फोटो भेजे ताकि आपको इसके बारे में पूरी जानकारी दी जा सके धन्यवाद

Posted by Suresh Kumar
Haryana
08-01-2020 05:31 PM
गेंदे की खेती करना चाहते है से मिट्टी की व्यापक किस्मों में उगाया जा सकता है पर यह अच्छे जल निकास वाली उपजाऊ मिट्टी में उगाने पर अच्छे परिणाम देती है मिट्टी अच्छे निकास वाली होनी चाहिए क्योंकि यह फसल जल जमाव वाली मिट्टी में स्थिर नहीं रह सकती मिट्टी की pH 6.5 से 7.5 होनी चाहिए तेजाबी और खारी मिट्टी इसकी खेती के ल.... (Read More)
गेंदे की खेती करना चाहते है से मिट्टी की व्यापक किस्मों में उगाया जा सकता है पर यह अच्छे जल निकास वाली उपजाऊ मिट्टी में उगाने पर अच्छे परिणाम देती है मिट्टी अच्छे निकास वाली होनी चाहिए क्योंकि यह फसल जल जमाव वाली मिट्टी में स्थिर नहीं रह सकती मिट्टी की pH 6.5 से 7.5 होनी चाहिए तेजाबी और खारी मिट्टी इसकी खेती के लिए अनुकूल नहीं है फ्रैंच गेंदे की किस्म हल्की मिट्टी में अच्छी वृद्धि करती है जबकि अफ्रीकी गेंदे की किस्म उच्च जैविक खाद वाली मिट्टी में अच्छी वृद्धि करती है प्रसिद्ध किस्में :- African Marigold: इस किस्म की फसल 90 सैं.मी. तक लम्बी होती है इसके फूल बड़े आकार के और लैमन, पीले, सुनहरे, संतरी और गहरे पीले रंग के होते हैं यह लम्बे समय की किस्म है इसकी अन्य किस्में जैसे Giant Double African Orange, Crown of Gold, Giant Double African Yellow, Chrysanthemum Charm, Golden Age, Cracker Jack आदि हैं French Marigold: यह छोटे कद की जल्दी पकने वाली किस्में हैं इसके फूल छोटे आकार के और पीले, संतरी, सुनहरे पीले, लाल जंग और महोगनी रंग के होते हैं इसकी अन्य किस्में जैसे Rusty Red, Butter Scotch, Red Borcade, Star of India, Lemon drop आदि हैं Pusa Basanti Gainda: यह लम्बे समय की किस्म है इसका पौधा 58.80 सैं.मी. लम्बा और गहरे हरे रंग के पत्ते होते हैं इसके फूल सल्फर पीले, दोहरे और कारनेशन किस्म के होते हैं Pusa Narangi Gainda: फूल निकलने के लिए 125-136 दिनों की आवश्यकता होती है इसका पौधा लम्बा और कद में 73.30 सैं.मी. का होता है और पत्ते गहरे हरे रंग के होते हैं इसके फूल संतरी रंग के और कारनेशन किस्म के होते हैं फूल घने और दोहरी परत वाले होते हैं इसके ताजे फूलों की पैदावार 140 क्विंटल प्रति एकड़ होती है मिट्टी के भुरभुरा होने तक खेत की जोताई करें मिट्टी की उपजाऊ शक्ति बढ़ाने के लिए आखिरी जोताई के समय 250 क्विंटल रूड़ी की खाद और अच्छी तरह से गला हुआ गाय का गोबर मिट्टी में मिलायें गेंदे की बिजाई एक वर्ष में कभी भी की जा सकती है बारिश के मौसम में इसकी बिजाई मध्य जून से मध्य जुलाई में करें सर्दियों में इसकी बिजाई मध्य सितंबर से मध्य अक्तूबर में पूरी कर लें नर्सरी बैड 3x1 मीटर आकार के तैयार करें गाय का गला हुआ गोबर मिलायें बैडों में नमी बनाए रखने के लिए पानी दें सूखे फूलों का चूरा करें और उनका कतार या बैड पर छिड़काव करें जब पौधों का कद 10-15 सैं.मी. हो जाये, तब वे रोपाई के लिए तैयार होते हैं फैंच किस्म को 35x35 सैं.मी. और अफ्रीकी किस्म को 45x45 सैं.मी. के फासले पर रोपाई करें नर्सरी बैड पर बीजों का छिड़काव करें बिजाई के लिए पनीरी ढंग का प्रयोग किया जाता है एक एकड़ खेत के लिए 600 से 800 ग्राम बीजों की आवश्यकता होती है जब फसल 30-45 दिन की हो जाए, तब पौधे के सिरे से उसे काट दें इससे पौधे को झाड़ीदार और घना होने में मदद मिलती है, इससे फूलों की गुणवत्ता और अच्छा आकार भी प्राप्त होता है बिजाई से पहले बीजों को एजोसपीरियम 200 ग्राम को 50 मि.ली. धान के चूरे में मिलाकर उपचार करें शुरूआती खुराक के तौर पर अच्छी वृद्धि के लिए नाइट्रोजन 32 किलो (यूरिया 70 किलो), फासफोरस 16 किलो (एस एस पी 100 किलो), पोटाश 32 किलो (म्यूरेट ऑफ पोटाश 53 किलो) प्रति एकड़ में डालें मिट्टी की किस्म के अनुसार खाद की खुराक बदल दें सही खुराक देने के लिए मिट्टी की जांच करवायें और उसके आधार पर खुराक दें नदीनों की संख्या के आधार पर गोडाई करें खेत में रोपाई के बाद तुरंत सिंचाई करें कली बनने से लेकर कटाई तक की अवस्था सिंचाई के लिए बहुत महत्तवपूर्ण होती है अप्रैल से जून के महीने में 4-5 दिनों के अंतराल पर लगातार सिंचाई करना आवश्यक होता है किस्म के आधार पर गेंदा 2 से 2.5 महीने में कटाई के लिए तैयार हो जाते हैं फ्रैंच गेंदे की किस्म 1.5 महीने में कटाई के लिए तैयार हो जाती है जबकि अफ्रीकी गेंदे की किस्म दो महीने में तैयार हो जाती है जब गेंदे का पूरा आकार विकसित हो जाये तब उसे तोड़ लें कटाई सुबह के समय और शाम के समय करें फूलों की तुड़ाई से पहले खेत को सिंचित करना चाहिए इससे फूलों की गुणवत्ता लंबे समय तक बनी रहती है इसे आप अपनी नजदीकी फूल मंडी में बेच कर इसे अपनी आय का साधन बना सकते है इसका बीज आप कृषि यूनिवर्सिटी से ले सकते है या नजदीकी नर्सरी से ले सकते है जा फिर गेंदे और गुलाब के बीज लेने के लिए आप प्रेम राज सैनी 9719432296 से सम्पर्क करे धन्यवाद
Posted by amarpal
Uttarakhand
08-01-2020 05:31 PM
अमरपाल जी कृपया आप इसकी फोटो भेजे ताकि आपको इसके बारे में पूरी जानकारी दी जा सके धन्यवाद

Posted by Sunil Kumar S,k,
Bihar
08-01-2020 05:27 PM
सुनील जी आप फल केलिए इसके ऊपर NPK 130045 @1 किलो को 150 लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे करें धन्यवाद

Posted by ishwar shingh
Madhya Pradesh
08-01-2020 05:25 PM
ईश्वर जी, बिजाई के 20-25 दिनों के बाद पहली सिंचाई देनी चाहिए जड़ें बनने के समय पर नमी का होना पैदावार को कम होने से बचाता है ठंडे क्षेत्रों में जैसे पहाड़ी क्षेत्रों और जहां पर गेहूं की पिछेती बिजाई की जाती है वहां पर बिजाई के लगभग 25-30 दिनों के बाद पहली सिंचाई करें बिजाई के 40-45 दिनों के बाद पौधा बनने के समय दूसरी सि.... (Read More)
ईश्वर जी, बिजाई के 20-25 दिनों के बाद पहली सिंचाई देनी चाहिए जड़ें बनने के समय पर नमी का होना पैदावार को कम होने से बचाता है ठंडे क्षेत्रों में जैसे पहाड़ी क्षेत्रों और जहां पर गेहूं की पिछेती बिजाई की जाती है वहां पर बिजाई के लगभग 25-30 दिनों के बाद पहली सिंचाई करें बिजाई के 40-45 दिनों के बाद पौधा बनने के समय दूसरी सिंचाई करें तीसरी सिंचाई 70-75 दिनों के बाद नोड्स बनने के समय करें फूल निकलने के समय चौथी सिंचाई 90-95 दिनों में करें पांचवी सिंचाई बिजाई के 110-115 दिनों के बाद करें जब दाने अपरिपक्व होते हैं धन्यवाद
Posted by santosh rajput
Madhya Pradesh
08-01-2020 05:23 PM
संतोष जी, श्रीराम की कंपनी की 444 किस्म नहीं आती है, अगर आप किसान 444 की बात कर रहे हैं, किसान 444 किस्म महाराष्ट्र की प्राइवेट कंपनी Kisan Agri Technology India Pvt Ltd की है, इसके बीज लेने और अधिक जानकारी के लिए आप Dr T. Y. Mirja 8999542709 से सम्पर्क कर सकते है, अगर आप किसी और किस्म के बारे में जानकारी लेना चाहते है तो कृपया आप उसके लेबल की फोटो भेजें, धन.... (Read More)
संतोष जी, श्रीराम की कंपनी की 444 किस्म नहीं आती है, अगर आप किसान 444 की बात कर रहे हैं, किसान 444 किस्म महाराष्ट्र की प्राइवेट कंपनी Kisan Agri Technology India Pvt Ltd की है, इसके बीज लेने और अधिक जानकारी के लिए आप Dr T. Y. Mirja 8999542709 से सम्पर्क कर सकते है, अगर आप किसी और किस्म के बारे में जानकारी लेना चाहते है तो कृपया आप उसके लेबल की फोटो भेजें, धन्यवाद

Posted by mahesh
Rajasthan
08-01-2020 05:22 PM
मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजि.... (Read More)
मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजित किया जा रहा है प्रशिक्षण कार्य कर्म में भाग लेने के लिए नीचे दिए गए नम्बर पर आज ही संपर्क करें और Rs 250/ से अपना रजिस्ट्रेशन करवाए अचल सिंह (फाउंडर )- 9711858258. धन्यवाद
Posted by Ajay kumar
Uttar Pradesh
08-01-2020 05:09 PM
अजय जी कृपया बताये के आपने पहले इसमेंक्या क्या खाद डाली है ताकि आपको इसके बारे में पूरी जानकारी दी जा सके के अभी आप और कोनसी खाद डाल सकते है धन्यवाद

Posted by अखिलेश
Madhya Pradesh
08-01-2020 05:07 PM
अखिलेश जी कृपया आप बताये के यह खरपतवार कोनसी फसल में है ताकि आपको उसके हिसाब से जानकारी दी जा सके धन्यवाद

Posted by santu dinkar
Chattisgarh
08-01-2020 05:05 PM
Santu ji yeh fungus ke hamle ke kaaran ho raha hai ap iski roktham ke liye isme carbendazim @ 4 gm ya mancozeb @ 4 gm prati liter pani ke hisaab se spray krein, isse yeh theek ho jaye ga, dhanywad
Posted by Rajinder singh
Punjab
08-01-2020 05:03 PM
Rajinder ji, is vich fungus da hama hoea hai, is di roktham layi tusi carbendazim @ 4 gm ya mancozeb @ 4 gm prati liter pani de hisaab nal spray karo, is di spray nal eh theek ho jaan ge, dhanwad
Posted by मोहन लाल
Rajasthan
08-01-2020 04:59 PM
बीजों को बोने के लिए दिसंबर-जनवरी और जून-जुलाई का समय उपयुक्त होता है

Posted by santu dinkar
Chattisgarh
08-01-2020 04:59 PM
Santu Dinkar ji, yeh fungus ke hamle ke kaaran hua hai, ap fungus ki roktham ke liye carbendazim @ 4 gm ya mancozeb @ 4 gm prati liter pani de hisaab nal spray karo, is di spray nal fungus khatam ho jandi hai, dhanwad
Posted by baljinder singh Dhillon
Punjab
08-01-2020 04:57 PM
Baljinder ji tuci uss nu pett de kiria lai Flukarid-Ds bolus deo, ehh gaban pashua lai safe deworming goli hai.

Posted by Ramesh bodhana
Madhya Pradesh
08-01-2020 04:51 PM
रमेश जी, बैंगन की फसल सख्त होने के कारण इसे अलग अलग तरह की मिट्टी में उगाया जा सकता है यह एक लंबे समय की फसल है, इसलिए अच्छे जल निकास वाली उपजाऊ रेतली दोमट मिट्टी उचित होती है और अच्छी पैदावार देती है अगेती फसल के लिए हल्की मिट्टी और अधिक पैदावार के लिए चिकनी और नमी या गारे वाली मिट्टी उचित होती है फसल की वृद्ध.... (Read More)
रमेश जी, बैंगन की फसल सख्त होने के कारण इसे अलग अलग तरह की मिट्टी में उगाया जा सकता है यह एक लंबे समय की फसल है, इसलिए अच्छे जल निकास वाली उपजाऊ रेतली दोमट मिट्टी उचित होती है और अच्छी पैदावार देती है अगेती फसल के लिए हल्की मिट्टी और अधिक पैदावार के लिए चिकनी और नमी या गारे वाली मिट्टी उचित होती है फसल की वृद्धि के लिए 5.5-6.6 पी एच होनी चाहिए मिट्टी के भुरभुरा होने तक खेत की तीन से चार बार जोताई करें गाय का गला हुआ गोबर 42 क्विंटल प्रति एकड़ में डालें और मिट्टी में अच्छी तरह मिलायें बैंगन के बीज 3 मीटर लंबे, 1 मीटर चौड़े और 15 सैं.मी. ऊंचे बैडों पर बोये जाते हैं पहले बैडों में बढ़िया रूड़ी की खाद डालें फिर बिजाई से दो दिन पहले कप्तान का घोल डालें ताकि जो नर्सरी बैडों में पौधों को नष्ट होने से बचाया जा सके उसके बाद बीजों को कतारों में 2.5 सैं.मी. के फासले पर और 1.5 सैं.मी. की गहराई पर बोयें हल्की सिंचाई करें पौधों के अंकुरन तक बैडों को काले रंग की पॉलीथीन शीट या पराली से ढक दें तंदरूस्त पौधे जिनके 3-4 पत्ते निकलें हों और कद 12-15 सैं.मी. (30-40 days crop) हो, खेत में पनीरी लगाने के लिए तैयार होते हैं बैंगन की खेती पूरे वर्ष की जाती है खरीफ मौसम के लिए, नर्सरी फरवरी - मार्च के महीने में तैयार करें और मार्च - अप्रैल के महीने में रोपाई करें सर्दियों के मौसम में, नर्सरी की तैयारी के लिए जून जुलाई का समय उपयुक्त होता है और रोपाई के लिए जुलाई अगस्त का महीना उपयुक्त होता है बसंत के मौसम में, सितंबर के महीने में नर्सरी तैयार करें और अक्तूबर - नवंबर के महीने में रोपाई पूरी कर लें लंबी किस्मों के लिए, कतार से कतार में 60-75 सैं.मी. जबकि गोल किस्मों के लिए कतारों में 80-90 सैं.मी. और पौधे से पौधे में 60-70 सैं.मी. फासले का प्रयोग करें नर्सरी में, बीज को 1.5 सैं.मी. गहराई में बोयें और मिट्टी से ढक दें खेत में पनीरी लगाकर इसकी बिजाई की जाती है एक एकड़ खेत में बिजाई के लिए 300-400 ग्राम बीज प्रति एकड़ में प्रयोग करें नाइट्रोजन 60 किलो (130 किलो यूरिया), फासफोरस 20 किलो (125 किलो सिंगल सुपर फासफेट) और पोटाश 20 किलो (35 किलो म्यूरेट ऑफ पोटाश) की मात्रा प्रति एकड़ में प्रयोग करें नाइट्रोजन की एक तिहाई मात्रा और फासफोरस और पोटाश की पूरी मात्रा आखिरी जोताई के समय डालें बाकी बची नाइट्रोजन को रोपाई के बाद 30 वें और 45वें दिन डालें नदीनों को रोकने, अच्छे विकास और उचित हवा के लिए दो - चार गोडाई करें काले रंग की पॉलिथीन शीट से पौधों को ढक दें जिससे नदीनों का विकास कम हो जाता है और ज़मीन का तापमान भी बना रहता हैं नदीनों को रोकने के लिए पौधे लगाने से पहले मिट्टी में फलूकलोरालिन 600-800 मि.ली. प्रति एकड़ या ऑक्साडायाज़ोन 400 ग्राम प्रति एकड़ डालें अच्छे परिणाम के लिए पौधे लगाने से पहले एलाकलोर 2 लीटर प्रति एकड़ की मिट्टी के तल पर स्प्रे करें धन्यवाद
Posted by किशनाराम चौधरी
Rajasthan
08-01-2020 04:50 PM
आपके सभी सवालो का जवाब दिया जा चुका है आप अपने सवालों के जवाब एप में मेरे सवाल का क्लिक करके देख सकते हैं या फिर मेरी प्रोफाईल के नीचे अपने सवालों के जवाब देख कते हैं यदि आपकी कोई ओर समस्या है तो आप हैल्प लाईन नंबर : 97799-77641 पर संपर्क कर सकते हैं
Posted by किशनाराम चौधरी
Rajasthan
08-01-2020 04:49 PM
किशनाराम चौधरी जी, आप सरसों के बारे में क्या जानकारी लेना चाहते हैं, कृपया विस्तार से पूछिए ताकि आपको इसका उच्चित जवाब दिया जा सके, धन्यवाद
Posted by ਹਰਪ੍ਰੀਤ ਸਿੰਧੂ
Punjab
08-01-2020 04:48 PM
गेहूं में मैगनीज एक किलो प्रति एकड़ और एनपीके 191919 एक किलो प्रति एकड़ के हिसाब से स्प्रे कर सकते है इससे गेहूं की ग्रोथ हो जाएगी
Posted by Dr.shrimal Rajput
Madhya Pradesh
08-01-2020 04:42 PM
श्रीमल जी आप इसके ऊपर NPK 130045 @1 किलो को 150 लीटर पानी के हिसाब से इस्तेमाल करें इस से पुष्प आने में वृद्धि होगी धन्यवाद

Posted by Brijesh singh Parmar
Uttar Pradesh
08-01-2020 04:42 PM
Brijesh singh Parmar ji Black Tomato ka seed lene ke lia aap Arjun Choudhary 9816955575 se samparak kar sakte hai, Thankyou.
Posted by ਹਰਪ੍ਰੀਤ ਸਿੰਧੂ
Punjab
08-01-2020 04:42 PM
ਹਰਪ੍ਰੀਤ ਜੀ, ਇਸ ਵਿਚ ਫੰਗਸ ਦਾ ਹਮਲਾ ਦਿਖਾਈ ਦੇ ਰਿਹਾ ਹੈ ਇਸਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਲਈ ਤੁਸ ਇਸ ਵਿਚ tilt @ 200 ml ਨੂੰ 150 ਲਿਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿਚ ਮਿਲਾ ਕੇ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਸਪਰੇ ਕਰੋ, ਇਸਦੀ ਸਪਰੇ ਨਾਲ ਇਹ ਠੀਕ ਹੋ ਜਾਂ ਗਏ, ਧੰਨਵਾਦ

Posted by कालूराम काला को
Rajasthan
08-01-2020 04:25 PM
कालूराम काला को जी, कृपया आप बताये कि अपना इसमें किसे नादीन नाशक की स्प्रे तो नहीं की है, क्यों की कई बार नादीनाशक की स्प्रे से भी पत्ते सिकुंड जाते है, धन्यवाद
Posted by के लाश सोलकी
Madhya Pradesh
08-01-2020 04:25 PM
केलाश सोलकी जी, यह नाइट्रोजन तत्व की कमी के कारण हो रहा है, कृपया आप बताये कि अपने इसमें कौन सी खाद की स्प्रे की है, ताकि आपको उसके हिसाब से इसके बारे में जानकारी दी जा सके, धन्यवाद
Posted by Jai Bhagwan
Haryana
08-01-2020 04:20 PM
shrimaan g gehu mein gulli danda nadeen ke liye topic @160gm leader @13 gm Axial @400 ml per acre ka spray kr skte ho g.Broad leaf ke liye 2-4D 58% @250 ml per acre ja algril @8 gm per acre ka spray kr skte ho g..
Posted by chandresh Kumar
Uttar Pradesh
08-01-2020 04:17 PM
चंद्रेश जी, आप फसल में से अधिक पानी निकाल कर इसमें sulphur @ 3 से 5 किलो प्रति एकड़ के हिसाब से स्प्रे करें, धन्यवाद
Posted by chandresh Kumar
Uttar Pradesh
08-01-2020 04:12 PM
चंद्रेश जी कृपया आप अपना सवाल विस्तार से पूछे के आप आलू के बारे में क्या जानकारी लेना चाहते है ताकि आपको इसके बारे में पूरी जानकारी दी जा सके धन्यवाद
Posted by ਮਨਦੀਪ ਸੰਧੂ
Punjab
08-01-2020 04:06 PM
ਮਨਦੀਪ ਜੀ, ਕਣਕ ਦੇ ਬਿਜਾਈ ਦੀਆ ਕਿਸਮ ਅਤੇ ਸਮੇ ਨੂੰ ਦੇਖਣ ਲਈ ਨਹੀਂ ਭੇਜੀ ਫੋਟੋ ਨੂੰ ਦੇਖੋ, ਜੇਕਰ ਤੁਸੀਂ ਕਣਕ ਦੀ ਵਾਢੀ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਚਾਰੇ ਵਾਲੀ ਮੱਕੀ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਕਰਨਾ ਚਾਹੁੰਦੇ ਹੋ ਤਾਂ ਤੁਸੀਂ African tall ਅਤੇ j 1006 ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ, ਝੋਨੇ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਮਈ ਸੂਚੀ ਮਹੀਨੇ ਵਿੱਚ ਕੀਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ, ਇਸ ਦੇ ਲਈ ਮਈ ਮਹੀਨੇ ਵਿੱਚ ਪਨੀਰੀ ਲਗਾਈ ਜਾਂਦੀ ਹੈ, ਅਤੇ ਸੂਚੀ ਮਹੀਨੇ ਵਿੱਚ ਇਸ ਨੂੰ ਮੁੱ.... (Read More)
ਮਨਦੀਪ ਜੀ, ਕਣਕ ਦੇ ਬਿਜਾਈ ਦੀਆ ਕਿਸਮ ਅਤੇ ਸਮੇ ਨੂੰ ਦੇਖਣ ਲਈ ਨਹੀਂ ਭੇਜੀ ਫੋਟੋ ਨੂੰ ਦੇਖੋ, ਜੇਕਰ ਤੁਸੀਂ ਕਣਕ ਦੀ ਵਾਢੀ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਚਾਰੇ ਵਾਲੀ ਮੱਕੀ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਕਰਨਾ ਚਾਹੁੰਦੇ ਹੋ ਤਾਂ ਤੁਸੀਂ African tall ਅਤੇ j 1006 ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ, ਝੋਨੇ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਮਈ ਸੂਚੀ ਮਹੀਨੇ ਵਿੱਚ ਕੀਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ, ਇਸ ਦੇ ਲਈ ਮਈ ਮਹੀਨੇ ਵਿੱਚ ਪਨੀਰੀ ਲਗਾਈ ਜਾਂਦੀ ਹੈ, ਅਤੇ ਸੂਚੀ ਮਹੀਨੇ ਵਿੱਚ ਇਸ ਨੂੰ ਮੁੱਖ ਖੇਤ ਵਿੱਚ ਲੱਗ ਜਾਂਦਾ ਹੈ, ਇਸਦੇ ਲਈ ਕਿਸਮਾਂ ਜਿਵੇ ਕੇ PR 111, PR 113, PR 114, PR 115, PR 118, PR 120, PR 121, PR 122, PR 123, PR 126, PR 127, HKR 47, CSR 30 ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ, ਧੰਨਵਾਦ

Posted by Manoj Kumar
Uttar Pradesh
08-01-2020 04:06 PM
श्रीमान जी गेहूं में यूरिया की दो स्प्रे कर सकते है और पहली स्प्रे से 7—10 दिनों के बाद रिपीट कर सकते है

Posted by Anil
Rajasthan
08-01-2020 04:04 PM
अनिल जी कृपया आप अपना सवाल विस्तार से पूछें कि आप क्या जानकारी लेना चाहते है ताकि आपको सही जानकारी दी जा सके

Posted by Harsh Deep Singh
Punjab
08-01-2020 04:04 PM
Harsh ji, khet nu thand to bachon layi tusi is di halki sinchai karo, ajeha karan nal keht da taapman 2-3*C vadahya ja sakda hai, ate is vich fungus da hamla dikhai de reha hai, isdi roktham layi tus carnendazim @ 4 gm ya mancozeb @4gm prati liter pani de hisab nal spray karo, dhanwad

Posted by Raja vikram shah
Madhya Pradesh
08-01-2020 03:57 PM
shrimaan g gehu mein urea @1-1.5 kg per acre ko 100 liter pani mein mila ke spray kr skte ho g..

Posted by Ramesh kumar
Uttar Pradesh
08-01-2020 03:56 PM
shrimaan g kirpa krke fasal ki photo bhejo ta jo aapko proper jaankari mil ske g..
Posted by Rajneesh Kumar patel
Uttar Pradesh
08-01-2020 03:52 PM
रजनीश जी, उत्तर प्रदेश में, खीरे की खेती के लिए फरवरी से मार्च का महीना उपयुक्त होता है पहाड़ी क्षेत्रों में, बिजाई मार्च से अप्रैल में की जाती है बिजाई के ढंग के आधार पर फासला भी विभिन्न होता है बिजाई के लिए कतार से कतार में 1.5 मीटर और पौधे से पौधे में 30-45 सैं.मी. फासले का प्रयोग करें बीज को 2-3 सैं.मी. गहराई पर बोय.... (Read More)
रजनीश जी, उत्तर प्रदेश में, खीरे की खेती के लिए फरवरी से मार्च का महीना उपयुक्त होता है पहाड़ी क्षेत्रों में, बिजाई मार्च से अप्रैल में की जाती है बिजाई के ढंग के आधार पर फासला भी विभिन्न होता है बिजाई के लिए कतार से कतार में 1.5 मीटर और पौधे से पौधे में 30-45 सैं.मी. फासले का प्रयोग करें बीज को 2-3 सैं.मी. गहराई पर बोयें बिजाई का ढंग: छोटी सुरंगी विधि: इस विधि का प्रयोग खीरे की जल्दी पैदावार लेने के लिए किया जाता है यह विधि फसल को दिसंबर और जनवरी की ठंड से बचाती है दिसंबर के महीने में 2.5 मीटर चौड़े बैडों पर बिजाई की जाती है बीजों को बैड के दोनों तरफ 45 सैं.मी. के फासले पर बोयें बिजाई से पहले, 45-60 सैं.मी. लम्बे और सहायक डंडों को मिट्टी में गाढ़े खेत को प्लास्टिक की शीट (100 गेज़ मोटाई वाली) को डंडों की सहायता से ढक दें फरवरी महीने में तापमान सही होने पर प्लास्टिक शीट को हटा दें गड्ढे खोद कर बिजाई करना धन्यवाद
Posted by Rajneesh Kumar patel
Uttar Pradesh
08-01-2020 03:48 PM
पालक की बिजाई लगभग एक साल में की जा सकती है पर अगस्त से दिसंबर का समय बिजाई के लिए उचित होता है बिजाई के लिए, पंक्ति से पंक्ति 20 सैं.मी. का फासला और पौधे से पौधे का फासला 5 सैं.मी. रखें बीज को 3-4 सैं.मी की गहराई में बोयें बिजाई पंक्ति या बुरकाव द्वारा की जा सकती है एक एकड़ खेत के लिए लगभग 4-6 किलो बीजों की आवश्यकता होती .... (Read More)
पालक की बिजाई लगभग एक साल में की जा सकती है पर अगस्त से दिसंबर का समय बिजाई के लिए उचित होता है बिजाई के लिए, पंक्ति से पंक्ति 20 सैं.मी. का फासला और पौधे से पौधे का फासला 5 सैं.मी. रखें बीज को 3-4 सैं.मी की गहराई में बोयें बिजाई पंक्ति या बुरकाव द्वारा की जा सकती है एक एकड़ खेत के लिए लगभग 4-6 किलो बीजों की आवश्यकता होती है

Posted by singh dhaliwal
Punjab
08-01-2020 03:47 PM
shrimaan g tuc tinda tori bhindi kaddu di cultivation kr skde ho g..
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