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Posted by Shubhash
Uttar Pradesh
11-01-2020 12:51 PM
Rajasthan
01-11-2020 02:39 PM
मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजि.... (Read More)
मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजित किया जा रहा है प्रशिक्षण कार्य कर्म में भाग लेने के लिए नीचे दिए गए नम्बर पर आज ही संपर्क करें और Rs 250/ से अपना रजिस्ट्रेशन करवाए अचल सिंह (फाउंडर )- 9711858258. धन्यवाद
Posted by ILIAS KHAN
Uttar Pradesh
11-01-2020 12:42 PM
Punjab
01-11-2020 02:41 PM
खान जी आप किस्मे जैसे PBW 343: यह किस्म सिंचित और पिछेती बिजाई के क्षेत्रों के लिए उपयुक्त है यह किस्म 130-135 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है यह गर्दन तोड़, जल जमाव की स्थितियों के प्रतिरोधक किस्म है यह करनाल बंट के भी प्रतिरोधक और झुलस रोग को सहनेयोग्य किस्म है इसकी औसतन पैदावार 19 क्विंटल प्रति एकड़ होती है HD 26.... (Read More)
खान जी आप किस्मे जैसे PBW 343: यह किस्म सिंचित और पिछेती बिजाई के क्षेत्रों के लिए उपयुक्त है यह किस्म 130-135 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है यह गर्दन तोड़, जल जमाव की स्थितियों के प्रतिरोधक किस्म है यह करनाल बंट के भी प्रतिरोधक और झुलस रोग को सहनेयोग्य किस्म है इसकी औसतन पैदावार 19 क्विंटल प्रति एकड़ होती है HD 2643: यह किस्म सिंचित और पिछेती बिजाई के क्षेत्रों के लिए उपयुक्त है इस किस्म से अच्छी गुणवत्ता वाली रोटी बनती है यह पत्ता और धारीदार कुंगी के प्रतिरोधक और करनाल बंट को सहनेयोग्य किस्म है DBW-14: यह किस्म सिंचित हालातों में पिछेती बिजाई के लिए उपयुक्त है यह जल्दी पकने वाली किस्म है इसके दाने सख्त होते हैं NW-2036: यह सिंचित हालातों में पिछेती बिजाई के लिए उपयुक्त किस्म है यह जल्दी पकने वाली किस्म है दूसरे शब्दों में, यह किस्म 108 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है इसके दाने छोटे, सुनहरी और अर्द्ध सख्त होते हैं
Posted by Manoj Malik
Uttar Pradesh
11-01-2020 12:33 PM
Punjab
01-11-2020 02:38 PM
मनोज जी आप सब्जियां जैसे राजमा, शिमला मिर्च, मूली, पालक, बैंगन, चप्पन कद्दू की बिजाई कर सकते है धन्यवाद
Posted by inderpal
Punjab
11-01-2020 12:24 PM
Rajasthan
01-11-2020 02:40 PM
Inderpal ji ehh jersey cross nasal di cow hai..
Posted by sukhveer singh kang
Punjab
11-01-2020 12:23 PM
Punjab
04-09-2020 04:11 PM
Sukhveer singh kang ji kiwi plant lain lai tusi Shiv Joshi 9805155003 Joshi Nursery nal samparak kar sakde ho, Thankyou.
Posted by Amrit chahal
Punjab
11-01-2020 12:20 PM
Punjab
01-11-2020 02:41 PM
Chahal ji tuci uss nu Livtantra liquid 100ml rojana dena suru kro ate RSYC bolus 1-1 goli swere sham deo, iss nal frak paa jawega.
Posted by Rajanikant Dubey
Uttar Pradesh
11-01-2020 12:16 PM
Punjab
01-11-2020 02:36 PM
Rajanikant ji allu men picheta jhulsa rog ki roktham ke liye aap copper oxychloride@500 gram ko prati acre ke hisab se spray karen.dhanywad
Posted by ਸਰਬਜੀਤ ਸਿੰਘ
Punjab
11-01-2020 12:13 PM
Punjab
01-11-2020 02:43 PM
Sarabjit ji isdi pung tuhanu march vich FFDA (Fish Farmer s Development Agency) ton mill skdi hai tuci apne jile de FFDA dept. ton pungg laa skde ho..
Posted by राजाराम सिंवर
Rajasthan
11-01-2020 12:11 PM
Punjab
01-11-2020 02:45 PM
आप घर में फीड तैयार करके देना चाहते है तो 25 किलो अनाज (ज्वार, बाजरी (सर्दियां), गेहूं, जौं (गर्मियां)इनमें से कोई एक), दाल चूरी 20 किलो (मूंग चूरी, मांह चूरी, मोठ चूरी (केवल सर्दियों के लिए), मसूर चूरी, अरहर (इनमें से एक), डी ओ सी 25 किलो (धान का चूरा), फाइबर छिल्का 15 किलो (गेहूं, चौकर, चना छिल्का, मटर छिल्का, इनमें से एक), खल 15 कि.... (Read More)
आप घर में फीड तैयार करके देना चाहते है तो 25 किलो अनाज (ज्वार, बाजरी (सर्दियां), गेहूं, जौं (गर्मियां)इनमें से कोई एक), दाल चूरी 20 किलो (मूंग चूरी, मांह चूरी, मोठ चूरी (केवल सर्दियों के लिए), मसूर चूरी, अरहर (इनमें से एक), डी ओ सी 25 किलो (धान का चूरा), फाइबर छिल्का 15 किलो (गेहूं, चौकर, चना छिल्का, मटर छिल्का, इनमें से एक), खल 15 किला (सरसों, बिनौला या सोया (इनमें से कोई एक), मीठा सोडा 250 ग्राम, 1 किलो नमक, गुड़ 1 किलो , 1 किलो हल्दी इन्हें मिला लें यह फीड पशु के लिए बहुत लाभदायक होती है, यह आप तीन किलो दूध के मगर एक किलो फीड दे सकते है इसके साथ साथ पशुओं को रोजाना 35—40 किलो हरा चारा दें और उन्हें हर तीन महीने बाद पेट के कीड़ों की दवा जरूर दें.
Posted by Bittu
Punjab
11-01-2020 12:03 PM
Punjab
01-11-2020 02:46 PM
ਇਸ ਕਿੱਤੇ ਤੇ ਲੋਨ ਲੈਣ ਲਈ 25% ਸਬਸਿਡੀ ਮਿਲਦੀ ਹੈ ਜੋ ਕਿ ਲੋਨ ਕਲੀਅਰ ਹੋਣ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਮਿਲਦੀ ਹੈ ਬਾਕੀ ਤੁਸੀ ਆਪਣੇ ਜ਼ਿਲੇ ਦੇ ਕ੍ਰਿਸ਼ੀ ਵਿਗਿਆਨ ਕੇਂਦਰ ਨਾਲ ਸੰਪਰਕ ਕਰੋ ਤੇ ਬੱਕਰੀ ਪਾਲਣ ਦੀ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਹਾਸਿਲ ਕਰੋ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਕਰਨ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਤੁਹਾਨੂੰ ਸਰਟੀਫਿਕੇਟ ਹਾਸਿਲ ਹੋਵੇਗਾ ਇਸ ਸਰਟੀਫਿਕੇਟ ਦੇ ਦੁਆਰਾ ਤੁਸੀ ਲੋਨ ਅਪਲਾਈ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਲੋਨ ਅਪਲਾਈ ਲਈ ਤੁਸੀ ਆਪਣੇ ਜ਼ਿਲੇ ਦੇ ਵੈਟਨ.... (Read More)
ਇਸ ਕਿੱਤੇ ਤੇ ਲੋਨ ਲੈਣ ਲਈ 25% ਸਬਸਿਡੀ ਮਿਲਦੀ ਹੈ ਜੋ ਕਿ ਲੋਨ ਕਲੀਅਰ ਹੋਣ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਮਿਲਦੀ ਹੈ ਬਾਕੀ ਤੁਸੀ ਆਪਣੇ ਜ਼ਿਲੇ ਦੇ ਕ੍ਰਿਸ਼ੀ ਵਿਗਿਆਨ ਕੇਂਦਰ ਨਾਲ ਸੰਪਰਕ ਕਰੋ ਤੇ ਬੱਕਰੀ ਪਾਲਣ ਦੀ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਹਾਸਿਲ ਕਰੋ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਕਰਨ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਤੁਹਾਨੂੰ ਸਰਟੀਫਿਕੇਟ ਹਾਸਿਲ ਹੋਵੇਗਾ ਇਸ ਸਰਟੀਫਿਕੇਟ ਦੇ ਦੁਆਰਾ ਤੁਸੀ ਲੋਨ ਅਪਲਾਈ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਲੋਨ ਅਪਲਾਈ ਲਈ ਤੁਸੀ ਆਪਣੇ ਜ਼ਿਲੇ ਦੇ ਵੈਟਨਰੀ ਅਫਸਰ ਨੂੰ ਮਿਲੋ ਉਹ ਤੁਹਾਡੀ ਫਾਈਲ ਦੀ ਕਾਰਵਾਈ ਅੱਗੇ ਤੋਰਨ ਬਾਰੇ ਜਾਣਕਾਰੀ ਦੇਣਗੇ..
Posted by Himanshu Pandey
Uttar Pradesh
11-01-2020 12:03 PM
Punjab
01-11-2020 02:34 PM
हिमांशु जी आप गेंहू को बची हुई यूरिया की मात्रा डाले इससे फसल की ग्रोथ शुरू हो जाएगी धन्यवाद
Posted by sanjay arora
Uttar Pradesh
11-01-2020 12:02 PM
Punjab
01-11-2020 02:48 PM
बकरी पालन बहुत ही लाभकारी काम है शुरूआत करने के लिए आप 10 बकरियों और 2 बकरे के साथ कर सकत हैं इन्हें खुराक कम चाहिए इसलिए इन्हें आसानी से पाल सकते हैं ये हर प्रकार के मौसम में पाली जा सकती हैं बकरियां 12-14 महीने में बच्चे देना शुरू कर देती है एक बकरी के लिए लगभग 12—15 वर्ग फीट जगह छती हुई और 25—30 वर्ग फीट जगह खुली चाहिए .... (Read More)
बकरी पालन बहुत ही लाभकारी काम है शुरूआत करने के लिए आप 10 बकरियों और 2 बकरे के साथ कर सकत हैं इन्हें खुराक कम चाहिए इसलिए इन्हें आसानी से पाल सकते हैं ये हर प्रकार के मौसम में पाली जा सकती हैं बकरियां 12-14 महीने में बच्चे देना शुरू कर देती है एक बकरी के लिए लगभग 12—15 वर्ग फीट जगह छती हुई और 25—30 वर्ग फीट जगह खुली चाहिए बकरी का गर्भ समय 150 दिन का होता है और साल में 1-5 बच्चे देती है साल में दो बच्चे देना आम बात है बकरियां 8-10 वर्ष तक बच्चे देती हैं और अपन गिनती को तेजी से बढ़ा लेती हैं आप बारबरी, ब्लैक बंगाल, जैसी नसल पाल सकते हैं इसकी ट्रेनिेंग के लिए आप अपने कुषि विज्ञान केंद्र से संपर्क करे या फिर जो बकरी पालन का व्यवसाय कर रहा कोई किसान उसका फार्म स्वंय जाकर देखकर आयें तो और भी बा​रीकियों का पता चल जायेगा, आप ब्लैक बंगाल, बीटल, सिरोही, जमुनापरी, बरबरी नस्ल रख सकते हैं. बकरी पालन में लोन लेने के लिए सबसे जरूरी है ट्रेनिंग सर्टीफिकेट अपने नज़दीक के कृषि विज्ञान केंद्र से ट्रेनिंग करने के बाद ट्रेनिंग के सर्टीफिकेट पर लोन एप्लाई होता है पर लोन मिलेगा या नहीं यह बैंक मेनेजर पर निर्भर करता है क्योंकि पहली बात यह है कि बैंक देखता है कि आपके अकाउंट में कितने पैसों का लेन देन हो रहा है और आपके पास ज़मीन गारंटी के तौर पर देने के लिए है या नहीं और अन्य भी कई बातें चैक करके लोन के लिए सहमत होता है बाकी कोशिश करें कि लोन के बिना अपने स्तर पर ही काम शुरू करें क्योंकि लोन की किश्त हर महीने भरनी पड़ेगी पर बकरियों से कमाई हर महीने नहीं होने होगी बाकी यदि कोशिश करके देखनी है तो अपने ट्रेनिंग सर्टीफिकेट से आप अपने जिले के पशु पालन विभाग अफसर को मिलें और उस पर प्रवानगी लेकर फिर बैंक से बात करके देखें.
Posted by dipak
Maharashtra
11-01-2020 11:52 AM
Punjab
01-11-2020 01:56 PM
सितंबर से अक्तूबर महीना समतल क्षेत्रों में फसल उगाने के लिए सही समय है
Posted by मुकेश यादव
Madhya Pradesh
11-01-2020 11:52 AM
Punjab
01-11-2020 01:44 PM
मुकेश जी आप इसके ऊपर NPK 130045 @1 किलो को फूल बनने के समय पर स्प्रे कर सकते है धन्यवाद
Posted by राजाराम सिंवर
Rajasthan
11-01-2020 11:52 AM
Maharashtra
01-30-2020 03:14 PM
राजाराम जी, यह फसल रेतली दोमट से चिकनी किसी भी तरह की मिट्टी में उगाई जा सकती हैं देर से बीजने वाली किस्मों के लिए चिकनी दोमट मिट्टी को पहल दी जाती है जल्दी पकने वाली के लिए रेतली दोमट का प्रयोग करें मिट्टी की पी एच 6-7 होनी चाहिए मिट्टी की पी एच बढ़ाने के लिए उसमें चूना डाला जा सकता है प्रसिद्ध किस्में : पूसा सनो.... (Read More)
राजाराम जी, यह फसल रेतली दोमट से चिकनी किसी भी तरह की मिट्टी में उगाई जा सकती हैं देर से बीजने वाली किस्मों के लिए चिकनी दोमट मिट्टी को पहल दी जाती है जल्दी पकने वाली के लिए रेतली दोमट का प्रयोग करें मिट्टी की पी एच 6-7 होनी चाहिए मिट्टी की पी एच बढ़ाने के लिए उसमें चूना डाला जा सकता है प्रसिद्ध किस्में : पूसा सनोबाल 1, पूसा सनोबाल के-1 , पंत शुभ्रा खेत को अच्छी तरह जोतकर नर्म करें अच्छी तरह गली हुई रूड़ी की खाद आखिरी जोताई के समय डालें अगेती किस्मों के लिए जून-जुलाई रोपाई के लिए सबसे अच्छा समय है और पिछेती किस्मों के लिए अगस्त से मध्य सितंबर और अक्तूबर से नवंबर का पहला सप्ताह रोपाई के लिए अच्छा समय है अगेती किस्मों के लिए 45x45 से.मी. और पिछेती किस्मों के लिए 45x30 से.मी. का फासला होना चाहिए बीजों को 1-2 सैं.मी. की गहराई पर बोयें बिजाई के लिए डिबलिंग विधि और रोपण विधि का प्रयोग किया जाता है नर्सरी में बीजों को बोयें और आवश्यकतानुसार खादें और सिंचाई दें बिजाई के 25-30 दिन बाद पौधे रोपाई के लिए तैयार हो जाते हैं रोपाई के लिए 3-4 सप्ताह पुराने पौधों का प्रयोग करें अगेते मौसम की किस्मों के लिए 500 ग्राम, जबकि पिछेते और मुख्य मौसम की किस्मों के लिए 250 ग्राम बीज की प्रति एकड़ में आवश्यकता होती है बिजाई से पहले गर्म पानी (30 मिनट के लिए 50 डिगरी सैल्सियस) या स्ट्रैप्टोसाइक्लिन 0.01 ग्राम को प्रति लीटर पानी में मिलाकर 2 घंटे के लिए बीजों को इस घोल में भिगोकर रखें उपचार के बाद बीजों को छांव में सुखाएं और फिर उन्हें बैड पर बो दें रबी के मौसम में काली फंगस का हमला ज्यादा होता है इसकी रोकथाम के लिए मरकरी क्लोराइड से बीजों का उपचार करना जरूरी होता है इसके लिए मरकरी क्लोराइड 1 ग्राम को प्रति लीटर पानी में मिलाकर 30 मिनट के लिए बीजों को इस घोल में भिगोकर रखें और फिर छांव में सुखाएं रेतली मिट्टी में ये फसल उगाने से तना गलन का खतरा रहता है इसके लिए कार्बेनडाज़िम 50 प्रतिशत डब्लयु पी 3 ग्राम से प्रति किलो बीज का उपचार करें खेत में 40 टन पूरी तरह गली हुई रूड़ी की खाद डालें और साथ ही 50 किलो नाइट्रोजन, 25 किलो फासफोरस और 25 किलो पोटाश (110 किलो यूरिया, 155 किलो सुपरफासफेट और 40 किलो म्यूरेटे ऑफ पोटाश) सारी रूड़ी की खाद, सुपरफासफेट और म्यूरेटे ऑफ पोटाश और आधा यूरिया फसल रोपाई से पहले डालें बाकी बचा यूरिया बीजने के चार सप्ताह बाद डाल देना चाहिए अच्छी पैदावार लेने के लिए और अधिक फूलों के लिए 5-7 ग्राम घुलनशील खादें (19:19:19) प्रति लि. का प्रयोग करें रोपाई के 40 दिनों के बाद 4-5 ग्राम 12:16:0, नाइट्रोजन और फासफोरस, 2.5-3 ग्राम लघु तत्व और 1 ग्राम बोरोन प्रति लि. का छिड़काव करें फूल की अच्छी गुणवत्ता के लिए 8-10 ग्राम घुलनशील खादें (13:00:45) प्रति लि. पानी में मिलाएं मिट्टी का परीक्षण करवाएं बीजने के 30-35 दिनों के बाद मैगनीश्यिम की कमी को पूरा करने के लिए 5 ग्राम मैगनीश्यिम सलफेट प्रति लि. प्रयोग करें कैल्शियम की कमी को पूरा करने के लिए कैल्शियम नाइट्रेट 5 ग्राम को प्रति लीटर पानी में मिलाकर 30-35 दिनों के बाद डालें कभी कभी बेरंग तने देखे जा सकते हैं फूल भी भूरे रंग के हो जाते हैं और पत्ते मुड़ने लग जाते हैं यह बोरोन की कमी के कारण होता है इसके लिए बोरैक्स 250-400 ग्राम प्रति एकड़ में डालें नदीनों को रोकने के लिए फसल को खेत में लगाने के बाद फलुक्लोरालिन(बसालिन) @800 मि.ली. को 150 लि. पानी में मिलाकर छिड़काव करें और 30-40 दिनों के बाद रोपाई करें फसल को खेत में लगाने से 1 दिन पहले पैंडीमैथलीन 1 लि. प्रति एकड़ का छिड़काव करें रोपाई के बाद तुरंत पहली सिंचाई करें मिट्टी, जलवायु, के आधार पर गर्मियों में 7-8 दिनों के अंतराल पर और सर्दियों में 10-15 दिनों के अंतराल पर सिंचाई करें पूरा फूल विकसित होने पर सुबह के समय फूलों की कटाई की जा सकती है और कटाई के बाद फूलों को ठंडी जगह पर रखना चाहिए कटाई के बाद फूलों को आकार के अनुसार छांट लें धन्यवाद
Posted by राजाराम सिंवर
Rajasthan
11-01-2020 11:49 AM
Punjab
01-11-2020 01:27 PM
अगेती किस्मों के लिए जून-जुलाई रोपाई के लिए सबसे अच्छा समय है और पिछेती किस्मों के लिए अगस्त से मध्य सितंबर और अक्तूबर से नवंबर का पहला सप्ताह रोपाई के लिए अच्छा समय है अगेती किस्मों के लिए 45x45 से.मी. और पिछेती किस्मों के लिए 45x30 से.मी. का फासला होना चाहिए बीजों को 1-2 सैं.मी. की गहराई पर बोयें बिजाई के लिए डिबलिंग व.... (Read More)
अगेती किस्मों के लिए जून-जुलाई रोपाई के लिए सबसे अच्छा समय है और पिछेती किस्मों के लिए अगस्त से मध्य सितंबर और अक्तूबर से नवंबर का पहला सप्ताह रोपाई के लिए अच्छा समय है अगेती किस्मों के लिए 45x45 से.मी. और पिछेती किस्मों के लिए 45x30 से.मी. का फासला होना चाहिए बीजों को 1-2 सैं.मी. की गहराई पर बोयें बिजाई के लिए डिबलिंग विधि और रोपण विधि का प्रयोग किया जाता है नर्सरी में बीजों को बोयें और आवश्यकतानुसार खादें और सिंचाई दें बिजाई के 25-30 दिन बाद पौधे रोपाई के लिए तैयार हो जाते हैं रोपाई के लिए 3-4 सप्ताह पुराने पौधों का प्रयोग करें
Posted by गोपाल
Madhya Pradesh
11-01-2020 11:48 AM
Punjab
01-11-2020 01:25 PM
गोपाल जी कृपया आप बताये कि आपने अभी तक गेंहू में यूरिया की कितनी मात्रा का इस्तेमाल किया है ताकि आपको इसके बारे में पूरी जानकारी दी जा सके धन्यवाद
Posted by pankaj kumar
Bihar
11-01-2020 11:44 AM
Punjab
01-11-2020 01:21 PM
सिंचित क्षेत्रों के लिए, नाइट्रोजन 60 किलो (यूरिया 130 किलो), फासफोरस 24 किलो (एस एस पी 150 किलो), पोटाश 12 किलो (म्यूरेट ऑफ पोटाश 20 किलो) प्रति एकड़ में डालें नाइट्रोजन की आधी मात्रा और फासफोरस और पोटाश की पूरी मात्रा बिजाई के समय डालें बाकी नाइट्रोजन को पहली सिंचाई के समय डालें बारानी क्षेत्रों के लिए, नाइट्रोजन 24 क.... (Read More)
सिंचित क्षेत्रों के लिए, नाइट्रोजन 60 किलो (यूरिया 130 किलो), फासफोरस 24 किलो (एस एस पी 150 किलो), पोटाश 12 किलो (म्यूरेट ऑफ पोटाश 20 किलो) प्रति एकड़ में डालें नाइट्रोजन की आधी मात्रा और फासफोरस और पोटाश की पूरी मात्रा बिजाई के समय डालें बाकी नाइट्रोजन को पहली सिंचाई के समय डालें बारानी क्षेत्रों के लिए, नाइट्रोजन 24 किलो (यूरिया 52 किलो), फासफोरस 12 किलो (एस एस पी 75 किलो), पोटाश 8 किलो (म्यूरेट ऑफ पोटाश 15 किलो) प्रति एकड़ में डालें नाइट्रोज, फासफोरस और पोटाश की पूरी मात्रा बिजाई के समय डालें
Posted by jay
Punjab
11-01-2020 11:34 AM
Rajasthan
01-11-2020 02:49 PM
ਜੇਕਰ ਤੁਸੀ ਡੇਅਰੀ ਲੋਨ ਲੈਣਾ ਹੈ ਤਾਂ ਡੇਅਰੀ ਦੀ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਲਵੋ ਉਹ ਸਹੀ ਰਹੇਗਾ ਜੀ, ਉਸ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਵਿਚ ਤੁਹਾਨੂੰ ਲੋਨ ਵਾਰੇ ਸਾਰੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਦਿਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਡੇਅਰੀ ਦੀ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਲਈ ਪੰਜਾਬ ਡੇਅਰੀ ਵਿਕਾਸ ਬੋਰਡ ਵੱਲੋਂ ਬਹੁਤ ਸਾਰੇ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਸੈਂਟਰ ਬਣਾਏ ਗਏ ਹਨ, ਤੁਸੀ ਸਾਡੇ ਪੰਜਾਬ ਡੇਅਰੀ ਡਿਵੈਲਪਮੈਂਟ ਬੋਰਡ ਦੇ ਮੁੱਖ ਦਫਤਰ ਦੇ 0172-5027285 ਨੰਬਰ ਤੇ ਕਾਲ ਕਰਕੇ ਆਪਣਾ ਏਰੀਆ ਦੱਸ .... (Read More)
ਜੇਕਰ ਤੁਸੀ ਡੇਅਰੀ ਲੋਨ ਲੈਣਾ ਹੈ ਤਾਂ ਡੇਅਰੀ ਦੀ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਲਵੋ ਉਹ ਸਹੀ ਰਹੇਗਾ ਜੀ, ਉਸ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਵਿਚ ਤੁਹਾਨੂੰ ਲੋਨ ਵਾਰੇ ਸਾਰੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਦਿਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਡੇਅਰੀ ਦੀ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਲਈ ਪੰਜਾਬ ਡੇਅਰੀ ਵਿਕਾਸ ਬੋਰਡ ਵੱਲੋਂ ਬਹੁਤ ਸਾਰੇ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਸੈਂਟਰ ਬਣਾਏ ਗਏ ਹਨ, ਤੁਸੀ ਸਾਡੇ ਪੰਜਾਬ ਡੇਅਰੀ ਡਿਵੈਲਪਮੈਂਟ ਬੋਰਡ ਦੇ ਮੁੱਖ ਦਫਤਰ ਦੇ 0172-5027285 ਨੰਬਰ ਤੇ ਕਾਲ ਕਰਕੇ ਆਪਣਾ ਏਰੀਆ ਦੱਸ ਕੇ ਆਪਣੇ ਨਜ਼ਦੀਕੀ ਟ੍ਰੈਨਿੰਗ ਸੈਂਟਰ ਦਾ ਪਤਾ ਪੁੱਛ ਸਕਦੇ ਹੋ ਜਦੋਂ ਤੁਹਾਨੂੰ ਸਰਟੀਫਿਕੇਟ ਮਿਲ ਗਿਆ ਫਿਰ ਤੁਸੀ ਪਸ਼ੂ ਪਾਲਣ ਵਿਭਾਗ ਨਾਲ ਗੱਲ ਕਰੋ ਤੇ ਲੋਨ ਲਈ ਫਾਈਲ ਤਿਆਰ ਕਰਵਾਓ, ਬਾਕੀ ਇਸ ਵੀਡੀਓ ਵਿੱਚ ਪਸ਼ੂਆਂ ਤੇ ਲੋਨ ਲੈਣ ਦਾ ਤਰੀਕਾ ਬਾਰੇ ਡਿਟੇਲ ਨਾਲ ਦੱਸਿਆ ਗਿਆ ਹੈ ਜੀ, ਤੁਸੀ ਇਹ ਵੀਡੀਓ ਦੇਖੋ ਤੇ ਜੇਕਰ ਕਿਸੇ ਗੱਲ ਦੀ ਸਮਝ ਨਹੀ ਲੱਗੀ ਤਾਂ ਤੁਸੀ ਦੁਬਾਰਾ ਸਵਾਲ ਪੋਸਟ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਜੀ https://youtu.be/L9dsW7iAdgw
Posted by nishan singh
Punjab
11-01-2020 11:32 AM
Punjab
01-11-2020 01:14 PM
ਸਟੋਬਰੀ ਦੀ ਖੇਤੀ ਪੋਲੀਹਾਊਸ ਦੇ ਅੰਦਰ ਜਾਂ ਖੁੱਲੇ ਖੇਤ ਵਿੱਚ ਕਰ ਸਕਦੇਂ ਹੋ ਚੀਕਣੀ , ਬਾਲੂ ਅਤੇ ਚੰਗੇ ਪਾਣੀ ਦੀ ਨਿਕਾਸੀ ਵਾਲੀ ਜ਼ਮੀਨ ਸਟਰਾਬੇਰੀ ਲਈ ਚੰਗੀ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਏਸਿਡਿਕ ਵਿੱਚ PH level 5.0 to 6.5 ਹੋਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ ਮਿੱਟੀ ਦੀ ਨਾਜੁਕਤਾ ਤੀਹ ਤੋਂ ਚਾਲ੍ਹੀ ਸੇਂਟੀਮੀਟਰ ਹੋਣੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ ਸਟਰਾਬੇਰੀ ਦੇ ਸਹੀ ਵਾਧੇ ਲਈ ਦਿਨ ਵੇਲੇ ਤਾਪਮਾਨ 20-25° ਡਿਗਰੀ ਅਤੇ ਰਾਤ ਵੇਲੇ 7-12° ਡਿਗਰੀ ਹੋਣਾ .... (Read More)
ਸਟੋਬਰੀ ਦੀ ਖੇਤੀ ਪੋਲੀਹਾਊਸ ਦੇ ਅੰਦਰ ਜਾਂ ਖੁੱਲੇ ਖੇਤ ਵਿੱਚ ਕਰ ਸਕਦੇਂ ਹੋ ਚੀਕਣੀ , ਬਾਲੂ ਅਤੇ ਚੰਗੇ ਪਾਣੀ ਦੀ ਨਿਕਾਸੀ ਵਾਲੀ ਜ਼ਮੀਨ ਸਟਰਾਬੇਰੀ ਲਈ ਚੰਗੀ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਏਸਿਡਿਕ ਵਿੱਚ PH level 5.0 to 6.5 ਹੋਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ ਮਿੱਟੀ ਦੀ ਨਾਜੁਕਤਾ ਤੀਹ ਤੋਂ ਚਾਲ੍ਹੀ ਸੇਂਟੀਮੀਟਰ ਹੋਣੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ ਸਟਰਾਬੇਰੀ ਦੇ ਸਹੀ ਵਾਧੇ ਲਈ ਦਿਨ ਵੇਲੇ ਤਾਪਮਾਨ 20-25° ਡਿਗਰੀ ਅਤੇ ਰਾਤ ਵੇਲੇ 7-12° ਡਿਗਰੀ ਹੋਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ ਇਸ ਲਈ ਇਸਦੀ ਪਨੀਰੀ ਲਾਉਣ ਦਾ ਕੰਮ ਅੱਧ ਅਕਤੂਬਰ ਤੋਂ ਨਵੰਬਰ ਤਕ ਕਰ ਦੇਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ ਇਹਨਾਂ ਮਹੀਨਿਆਂ ਤੇ ਇਸਤੋਂ ਬਾਅਦ ਪੰਜਾਬ ਵਿਚ ਲਗਭਗ ਇਹੀ ਤਾਪਮਾਨ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਸਟਰਾਬੇਰੀ ਦੀ ਖੇਤੀ ਮਲਚਿੰਗ ਵਿਧੀ ਰਾਹੀਂ ਕੀਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਸਭ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾਂ ਖੇਤ ਨੂੰ ਤਿਆਰ ਕੀਤਾ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਇਸ ਦੇ ਬਾਅਦ ਟਰੈਕਟਰ ਦੀ ਸਹਾਇਤਾ ਨਾਲ ਮਲਚਿੰਗ ਮਸ਼ੀਨ ਨੂੰ ਖੇਤ ਵਿੱਚ ਉਤਾਰਿਆ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਚਾਰ ਫੁੱਟ ਕਿਆਰੀ ਤਿਆਰ ਕੀਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਇਸ ਵਿੱਚ ਡਰਿੱਪ ਲਾਈਨ ਫਿੱਟ ਕੀਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਇਸ ਦੇ ਬਾਅਦ ਮਸ਼ੀਨ ਦੀ ਸਹਾਇਤਾ ਨਾਲ ਕਿਆਰੀਆਂ ਉੱਤੇ ਪਲਾਸਟਿਕ ਸ਼ੀਟ ਵਿਛਾਈ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਮਲਚਿੰਗ ਲਈ ਹਲਕਾ ਅਤੇ ਲਚਕੀਲਾ ਪਦਾਰਥ ਲਵੋ ਤਾਂ ਜੋ ਸਟਰਾਬੇਰੀ ਦੇ ਬੂਟੇ ਦੀ ਰਫ਼ਤਾਰ ਉੱਤੇ ਅਸਰ ਨਾ ਪਵੇ ਜਿਸਨੂੰ ਬਾਅਦ ਵਿਚ ਦੋਨਾਂ ਪਾਸਿਆਂ ਤੋਂ ਮਿੱਟੀ ਵਿੱਚ ਦਬਾ ਦਿਤਾ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਹੁਣ ਇਸ ਸ਼ੀਟ ਵਿਚ ਮੋਰੀਆਂ ਕੱਢ ਕੇ ਉਸ ਵਿਚ ਸਟਰਾਬੇਰੀ ਦੀ ਪਨੀਰੀ ਲਈ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਪਨੀਰੀ ਲਾਉਣ ਵੇਲੇ ਜੜ ਨੂੰ ਪੂਰੀ ਤਰ੍ਹਾਂ ਮਿੱਟੀ ਵਿੱਚ ਸੇਟ ਕਰ ਦਿਓ ਜੜ ਬਹਾਰ ਰਹਿਣ ਨਾਲ ਪੌਦੇ ਦੇ ਸੁੱਕਣ ਦਾ ਖ਼ਤਰਾ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਪੌਦੇ ਨੂੰ ਜਿਆਦਾ ਤਾਪਮਾਨ ਅਤੇ ਠੰਡ ਤੋਂ ਬਚਨ ਲਈ ਇਸਦੇ ਊਪਰ ਛਾਂ ਕਰਨੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ ਜੋ ਤੁਸੀਂ ਲੋ ਟਨਲ ਵਿਧੀ ਨਾਲ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਮੌਸਮ ਦਾ ਬਹੁਤ ਖਿਆਲ ਰੱਖਣਾ ਪੈਂਦਾ ਹੈ ਥੋੜੀ ਜਿਹੀ ਲਾਪਰਵਾਹੀ ਨਾਲ ਸਾਰੀ ਫ਼ਸਲ ਖ਼ਰਾਬ ਹੋ ਸਕਦੀ ਹੈ ਪਹਿਲੇ ਸਾਲ ਆਪਣੇ ਖੇਤ ਵਿੱਚ ਸਟ੍ਰਾਬੇਰੀ ਦੀ ਖੇਤੀ ਕਰਨ ਦਾ ਕੁੱਲ ਖਰਚਾ ਢਾਈ ਤੋ ਤਿੰਨ ਲੱਖ ਰੁਪਏ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਆ ਜਾਦਾ ਹੈ ਕਿਉਕਿ ਕਿਸਾਨ ਨੂੰ ਪਹਿਲੇ ਸਾਲ ਡਰਿੱਪ ਸਿਸਟਮ ਅਤੇ ਫੁਆਰਿਆਂ ਆਦਿ ਤੇ ਵੀ ਖਰਚ ਕਰਨਾ ਪੈਦਾ ਹੈ ਪਰ ਅਗਲੇ ਸਾਲਾ ਵਿੱਚ ਕਿਸਾਨ ਦਾ ਇਹ ਖਰਚ ਬਚ ਜਾਦਾ ਹੈ ਇਸਦੇ ਲਈ ਇੱਕ ਏਕੜ ਵਿੱਚ 40 ਬੈਡ ਬਣਦੇ ਹਨ ਅਤੇ ਇੱਕ ਬੈਡ ਤੇ 1000 ਸਟ੍ਰਾਬੇਰੀ ਦੇ ਪੌਦੇ ਲੱਗਦੇ ਹਨ ਇਸ ਤਰਾਂ ਇੱਕ ਏਕੜ ਵਿੱਚ ਚਾਲੀ ਹਜ਼ਾਰ ਪੌਦੇ ਲਾਏ ਜਾਦੇ ਹਨ, ਇੱਕ ਪੌਦਾ 3 ਤੋ 4 ਰੁਪਏ ਤੱਕ ਮਿਲ ਜਾਦਾ ਹੈ ਅਤੇ ਇਸ ਦਾ ਝਾੜ 50 ਤੋ 60 ਕੁਇੰਟਲ ਤੱਕ ਨਿਕਲ ਆਉਦਾ ਹੈ 25-30 ਕੁਇੰਟਲ ਗੋਬਰ ਦੀ ਖਾਦ ਇੱਕ ਏਕੜ ਵਿੱਚ ਪਾਓ ਇਹ ਖਾਦ ਇੱਕ ਸਾਲ ਵਿੱਚ ਪਾਉਣੀ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਫਿਰ 20 : 40 : 40 NPK KG / ਹੇਕਟਏਰ ਪਾਉਣੀ ਹੈ ਚੰਗੀ ਫਸਲ ਲਈ ਯੂਰਿਆ ਦੋ ਫ਼ੀਸਦੀ ਜ਼ਿੰਕ ਸਲਫੇਟ , ਅੱਧਾ ਪ੍ਰਤੀਸ਼ਤ ਕੈਲਸ਼ਿਅਮ ਸਲਫੇਟ ਅੱਧਾ ਫ਼ੀਸਦੀ ਅਤੇ ਬੋਰਿਕ ਏਸਿਡ 0 . 2 ਫ਼ੀਸਦੀ ਚੰਗੀ ਫਸਲ ਲਈ ਠੀਕ ਹੈ ਸਿੰਚਾਈ ਛੇਤੀ ਛੇਤੀ ਪਰ ਹਲਕੀ ਕਰਨੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ ਜਿਆਦਾ ਪਾਣੀ ਠੀਕ ਨਹੀਂ ਹੈ ਪੱਤੇ ਗਿੱਲੇ ਨਾ ਕਰੋ ਤੁਪਕਾ ਸਿੰਚਾਈ ਨਾਲ ਘੱਟ ਪਾਣੀ ਲੱਗ ਸਕਦਾ ਹੈ ਜੇਕਰ ਤੁਪਕਾ ਸਚਾਈ ਨਹੀਂ ਕਰ ਰਹੇ ਤਾਂ ਕਿਆਰੀਆਂ ਦੇ ਵਿਚਾਲੇ ਪਾਣੀ ਖਾਲ ਵਿੱਚ ਹੀ ਲਗਾਓ ਨਦੀਨ ਹੱਥ ਨਾਲ ਹਟਾਓ ਜਾਂ ਕੀੜੇ ਮਕੋੜੇ ਅਤੇ ਦੂਜੀਆ ਬਿਮਾਰਿਆ ਵੱਲ ਧਿਆਨ ਰੱਖਣਾ ਜਰੂਰੀ ਹੈ ਜੇਕਰ ਕੋਈ ਪੋਦਾ ਜਿਆਦਾ ਖਰਾਬ ਹੈ ਉਹਨੂੰ ਹਟਾ ਦਿਓ ਜਦੋਂ ਫਲ ਦਾ ਰੰਗ 70% ਲਾਲ ਹੋ ਜਾਵੇ ਤਾਂ ਤੋੜ ਲੈਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ ਜੇਕਰ ਮਾਰਕਿਟ ਦੂਰੀ ਉੱਤੇ ਹੈ ਤਾਂ ਥੋੜ੍ਹਾ ਸਖ਼ਤ ਹੀ ਤੋੜਨਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ ਤੁੜਵਾਈ ਵੱਖ ਵੱਖ ਦਿਨਾਂ ਵਿਚ ਕਰਨੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ ਸਟਰਾਬੇਰੀ ਦੀ ਪੈਕਿੰਗ ਪਲਾਸਟਿਕ ਦੀਆਂ ਪਲੇਟਾਂ ਵਿੱਚ ਕਰਨੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ ਇਸਨ੍ਹੂੰ ਹਵਾਦਾਰ ਜਗ੍ਹਾ ਉੱਤੇ ਰੱਖਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ ਜਿੱਥੇ ਤਾਪਮਾਨ ਪੰਜ ਡਿਗਰੀ ਹੋ ਇੱਕ ਦਿਨ ਦੇ ਬਾਅਦ ਸਟਰਾਬੇਰੀ ਦੀ ਪੈਕਿੰਗ ਦਾ ਤਾਪਮਾਨ ਜ਼ੀਰੋ ਡਿਗਰੀ ਹੋਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ ਮਾਰਕੀਟ ਵਿੱਚ ਸਟ੍ਰਾਬੇਰੀ ਔਸਤ 200 ਰੁਪਏ ਪ੍ਰਤੀ ਤੱਕ ਵਿਕਦੀ ਹੈ ਇਸ ਤਰਾਂ ਪੰਜ ਲੱਖ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਤੋ ਇਸ ਦੀ ਆਮਦਨ ਸ਼ੁਰੂ ਹੋ ਕੇ ਅੱਗੇ ਆਪਣੀ ਮਿਹਨਤ ਨਾਲ ਕਿਸਾਨ ਆਮਦਨ ਵਿੱਚ ਭਰਪੂਰ ਵਾਧਾ ਕਰ ਸਕਦਾ ਹੈ ਸਟ੍ਰਾਬੇਰੀ ਦੇ ਪੌਦੇ ਸਤੰਬਰ ਤੋ ਅਕਤੂਬਰ ਤੱਕ ਲਾਏ ਜਾਦੇ ਹਨ ਅਤੇ 3 ਮਹੀਨੇ ਬਾਦ ਇਹ ਫਲ ਦੇਣਾ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰ ਦਿੰਦੇ ਹਨ ਇਸ ਦੀ ਫਸਲ ਅਪ੍ਰੈਲ ਤੱਕ ਚਲਦੀ ਹੈ ਇਸ ਦੀ ਮਾਰਕੀਟਿੰਗ ਵਿੱਚ ਕਿਸੇ ਤਰਾਂ ਦੀ ਪਰੇਸ਼ਾਨੀ ਨਹੀ ਹੈ ਉਹ ਏਲਨਾਬਾਦ,ਸਿਰਸਾ,ਹਨੂੰਮਾਨਗੜ,ਗੰਗਾਨਗਰ ਤੋ ਇਲਾਵਾ ਬਠਿੰਡਾ,ਮੋਗਾ ਜਲੰਧਰ,ਲੁਧਿਆਣਾ ਵਿੱਚ ਇਸ ਦੀ ਮਾਰਕੀਟਿੰਗ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹਾਂ ਜੇਕਰ ਜ਼ਿਆਦਾ ਮਾਤਰਾ ਵਿੱਚ ਸਟ੍ਰਾਬੇਰੀ ਹੋਵੇ ਤਾਂ ਦਿੱਲੀ ਇਸ ਦੀ ਮੁੱਖ ਮਾਰਕੀਟ ਹੈ
Posted by Kuljeet Bazigar
Rajasthan
11-01-2020 11:23 AM
Punjab
01-17-2020 05:50 PM
Kuljeet Bazigar ji Azola seed lene ke lia aap Sandeep 7014864529 se samparak kar sakte hai, Thankyou.
Posted by kurban alam
Bihar
11-01-2020 11:00 AM

..?

Punjab
01-11-2020 01:19 PM
Kurban ji krippya aap apna swal vistar se pooche kyuki aapne video men kuch bhi bola nahi hai tao kripya aap aap apna swal vistar se pooche taki aapko iske bare men poori jankari di ja sake,dhanywad
Posted by ANKIT KUMAR
Uttar Pradesh
11-01-2020 10:55 AM
Punjab
01-11-2020 10:58 AM
ankit ji yeh fungus hai iski roktham ke liye aap copper oxychloride@500 gram ko prati acre ke hisab se spray karen,dhanywad
Posted by mandeep mann
Punjab
11-01-2020 10:55 AM
Punjab
01-11-2020 11:55 AM
Mandeep ji kirpa karke daso ke isde vich tuc kehdi kehdi khaad payi hai ate jekar koi spray kiti hai ta jo tuhanu is bare poori jankari diti ja sake,dhanwad
Posted by Pavan Kumar
Uttar Pradesh
11-01-2020 10:45 AM
Punjab
01-11-2020 11:53 AM
Pavan ji yeh fungus ke karn hota hai iske liye aap copper oxychloride@500 gram ko prati acre ke hisab se spray karen.dhanywad
Posted by sarpanch
Punjab
11-01-2020 10:44 AM
Punjab
01-11-2020 10:52 AM
ਸਰਪੰਚ ਜੀ ਇਸਦਾ ਝਾੜ ਲਗਭਗ 160-200 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਹਰਾ ਚਾਰਾ ਨਿਕਲਦਾ ਹੈ ਧੰਨਵਾਦ
Posted by anuj khatana
Uttar Pradesh
11-01-2020 10:28 AM
Punjab
01-11-2020 11:38 AM
श्री मान अच्छी पैदावार के लिए जिंक सलफेट 10 किलोग्राम प्रति एकड़ में डालें जिंक की कमी को जिंक सलफेट 0.5 प्रतिशत स्प्रे द्वारा पूरा किया जा सकता है 15 दिनों के अंतराल पर 2-3 स्प्रे करें ज़मीन की अच्छी जोताई और अच्छी पैदावार के लिए 19:19:19 की स्प्रे, पानी में घुलनशील खादें+स्टिकर 0.5 मि.ली. को प्रति लीटर पानी में मिलाकर बिज.... (Read More)
श्री मान अच्छी पैदावार के लिए जिंक सलफेट 10 किलोग्राम प्रति एकड़ में डालें जिंक की कमी को जिंक सलफेट 0.5 प्रतिशत स्प्रे द्वारा पूरा किया जा सकता है 15 दिनों के अंतराल पर 2-3 स्प्रे करें ज़मीन की अच्छी जोताई और अच्छी पैदावार के लिए 19:19:19 की स्प्रे, पानी में घुलनशील खादें+स्टिकर 0.5 मि.ली. को प्रति लीटर पानी में मिलाकर बिजाई के 30 दिनों के बाद डालें
Posted by Vikas Singh
Uttar Pradesh
11-01-2020 10:14 AM
Rajasthan
01-11-2020 02:51 PM
आप घर में फीड तैयार करके देना चाहते है तो 25 किलो अनाज (ज्वार, बाजरी (सर्दियां), गेहूं, जौं (गर्मियां)इनमें से कोई एक), दाल चूरी 20 किलो (मूंग चूरी, मांह चूरी, मोठ चूरी (केवल सर्दियों के लिए), मसूर चूरी, अरहर (इनमें से एक), डी ओ सी 25 किलो (धान का चूरा), फाइबर छिल्का 15 किलो (गेहूं, चौकर, चना छिल्का, मटर छिल्का, इनमें से एक), खल 15 कि.... (Read More)
आप घर में फीड तैयार करके देना चाहते है तो 25 किलो अनाज (ज्वार, बाजरी (सर्दियां), गेहूं, जौं (गर्मियां)इनमें से कोई एक), दाल चूरी 20 किलो (मूंग चूरी, मांह चूरी, मोठ चूरी (केवल सर्दियों के लिए), मसूर चूरी, अरहर (इनमें से एक), डी ओ सी 25 किलो (धान का चूरा), फाइबर छिल्का 15 किलो (गेहूं, चौकर, चना छिल्का, मटर छिल्का, इनमें से एक), खल 15 किला (सरसों, बिनौला या सोया (इनमें से कोई एक), मीठा सोडा 250 ग्राम, 1 किलो नमक, गुड़ 1 किलो , 1 किलो हल्दी इन्हें मिला लें यह फीड पशु के लिए बहुत लाभदायक होती है, यह आप तीन किलो दूध के मगर एक किलो फीड दे सकते है इसके साथ साथ पशुओं को रोजाना 35—40 किलो हरा चारा दें और उन्हें हर तीन महीने बाद पेट के कीड़ों की दवा जरूर दें.
Posted by sub
Rajasthan
11-01-2020 10:09 AM
Punjab
01-11-2020 02:55 PM
आप अच्छी नसल की गाय लेने के लिए Balu Ram Bishnoi 9983832329 Bishnoi dairy farm से संपर्क कर सकते है
Posted by meghraj
Rajasthan
11-01-2020 10:04 AM
Punjab
01-11-2020 10:09 AM
meghraj ji kripya swal vistar se pooche ke aap konsi fasl ke mandi bhav ke bare men jankari lena chahte hai taki aapko iske bare men poori jankari di ja sake.dhanywad
Posted by Aman Kang
Punjab
11-01-2020 10:03 AM
Rajasthan
01-11-2020 02:56 PM
Hanji Aman ji tuci uss nu gheo de skde ho tuci 100ml rojana de skde ho..
Posted by vivek kumar
Jharkhand
11-01-2020 10:02 AM
Punjab
01-11-2020 10:11 AM
विवेक जी यह फंगस के कारण होती है इसके लिए आप mancozeb @4 ग्राम को प्रति लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे करें धन्यवाद
Posted by ASHISH KUMAR
Bihar
11-01-2020 09:58 AM
Punjab
01-11-2020 10:13 AM
आशीष जी कृपया बताये कि आपने अभी गेंहू को कौन सी सिंचाई की है ताकि आपको उसके हिसाब से जानकारी दी जा सके के अभी आप गेंहू में कोई खाद डाल सकते है या नहीं धन्यवाद
Posted by vivek kumar
Jharkhand
11-01-2020 09:58 AM
Punjab
01-11-2020 10:15 AM
विवेक जी कृपया बताये कि आपने इसमें क्या क्या खाद का इस्तेमाल किया है ताकि आपको इसके बारे में पूरी जानकारी दी जा सके धन्यवाद
Posted by a
Uttar Pradesh
11-01-2020 09:56 AM
Punjab
01-11-2020 10:17 AM
Photo men dekhne par paudhe men koi kami nahi najr aa rahi hai kripya aap paudhe ka lgatar sarvekshan karte rahe taki iske uper keet ya bimari ke hamle se bchav ho sake.dhanywad
Posted by Sony Maan
Punjab
11-01-2020 09:54 AM
Punjab
01-11-2020 10:19 AM
Sony ji kripa karke kanak di photo bhejo ate eh daso ke isde vich tuc kehdi kehdi kehdi khaad payi hai ta jo tuhanu is bare poori jankari diti ja sake.dhanwad
Posted by a
Uttar Pradesh
11-01-2020 09:53 AM
Punjab
01-11-2020 10:20 AM
Photo men dekhne par paudhe men koi kami nahi najr aa rahi hai kripya aap paudhe ka lgatar sarvekshan karte rahe taki iske uper keet ya bimari ke hamle se bchav ho sake.dhanywad
Posted by ਹਰਜਿੰਦਰ ਸਿੰਘ
Punjab
11-01-2020 09:50 AM
Punjab
01-11-2020 10:07 AM
ਹਰਜਿੰਦਰ ਜੀ ਇਹ ਕੋਈ ਬਿਮਾਰੀ ਨਹੀਂ ਇਹ Physiological plant disorder ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਜਿਸਦੇ ਕਾਰਨ ਕੁਝ ਪੱਤੇ ਏਦਾਂ ਹੋ ਜਾਂਦੇ ਹਨ ਜੇਕਰ ਸਾਰੇ ਬੂਟਿਆਂ ਤੇ ਇਹ ਦਿੱਕਤ ਆ ਰਹੀ ਹੈ ਤਾ ਕਿਰਪਾ ਕਰਕੇ ਦੱਸੋ ਤਾ ਜੋ ਤੁਹਾਨੂੰ ਇਸ ਬਾਰੇ ਪੂਰੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਦਿਤੀ ਜਾ ਸਕੇ ਧੰਨਵਾਦ
Posted by Ravi
Haryana
11-01-2020 09:44 AM
Punjab
01-11-2020 02:57 PM
इसे आप STIM-VET ZMC इंजैक्शन लगाएं 1 मि.ली/50 किलो भार के हिसाब से लगता है मान लें यदि भार 200 किलो है फिर 4 मि.ली. लगेगा इसे चमड़ी में लगाया जाता है इसके इलावा आप Bovimin-Gl liquid 7ml रोजाना दें इससे फर्क पड़ जाएगा
Posted by sunil Kumar
Uttar Pradesh
11-01-2020 09:21 AM
Punjab
01-11-2020 10:37 AM
सुनील जी कृपया आप अरहर की फोटो भेजे ताकि आपको इसके बारे में पूरी जानकारी दी जा सके धन्यवाद
Posted by ਨਵਪਰੀਤ ਸਿੰਘ
Punjab
11-01-2020 09:09 AM
Punjab
01-11-2020 02:58 PM
ਉਸ ਨੂੰ ਤੁਸੀ Mifex 450ml ਬੋਤਲ ਲਗਵਾਓ, ਬੋਤਲ ਵਿਚ Injection Tonophos 20ml, Injection Avil 10ml ਪਾਓ ਅਤੇ ਇਸ ਨੂੰ IV(slow) ਲਗਵਾਓ, ਬਾਕੀ ਉਸ ਨੂੰ Injection X-nil 1gm, Injection Megludyne 20ml (IM) ਲਗਵਾਓ ਅਤੇ 3 ਦਿਨ ਲਗਾਓ, ਇਸ ਨਾਲ ਫਰਕ ਪੈ ਜਾਵੇਗਾ
Posted by pabu koli
Rajasthan
11-01-2020 09:07 AM
Punjab
01-12-2020 12:28 PM
यह कीट के हमले के कारण होता है इसके लिए आप imidacloprid @1.5 ml को प्रति एकड़ के हिसाब से स्प्रे करें धन्यवाद
Posted by Puspendra Kumar
Uttar Pradesh
11-01-2020 09:03 AM
Punjab
04-09-2020 09:35 PM
आप इसे नज़दीकी डॉक्टर से जांच करवाएं क्योंकि इसकी जांच करके ही इसका सही इलाज हो सकता है।
Posted by rajat majumdar
West Bengal
11-01-2020 09:01 AM
Punjab
01-11-2020 11:46 AM
रजत जी इसके पत्तों के नीचे मच्छर का हमला चैक करें अगर मौजूद है तो आप इसके ऊपर imidacloprid @1.5 ml को प्रति लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे करें धन्यवाद
Posted by Ashish sharma
Madhya Pradesh
11-01-2020 08:56 AM
Punjab
01-11-2020 03:00 PM
आप डेयरी फार्मिंग करना चाहते है तो सबसे पहले आप इनकी ट्रेनिंग जरूर लें, ट्रेनिंग आप अपने नज़दीकी कृषि विज्ञान केन्द्र से प्राप्त कर सकते है जिससे आपको इस काम के बारे में जानकारी प्राप्त होगी और इन्हें शुरू करने और इनमें लाभ कमाने का सही तरीका पता लग सकता है और आप शुरूआत कम जानवरों से करें जैसे जैसे आपको जान.... (Read More)
आप डेयरी फार्मिंग करना चाहते है तो सबसे पहले आप इनकी ट्रेनिंग जरूर लें, ट्रेनिंग आप अपने नज़दीकी कृषि विज्ञान केन्द्र से प्राप्त कर सकते है जिससे आपको इस काम के बारे में जानकारी प्राप्त होगी और इन्हें शुरू करने और इनमें लाभ कमाने का सही तरीका पता लग सकता है और आप शुरूआत कम जानवरों से करें जैसे जैसे आपको जानकारी होती रहेगी फिर आप इस काम को बढ़ा सकते है, आप एक बार में इक्ट्ठी गाय/भैंसे ना खरीदें, गायों/भैंसो को 2-2 महीनों के फासले पर खरीदें या फिर 3 पहले खरीदें ओर 3 महीने बाद फिर 1-2 खरीद लें इससे दूध की कमी नहीं आयेगी पशु की नसल सबसे ज्यादा जरूरी है पशु खरीदने के समय कोशिश करें कि दिन में तीन बार दूध निकालकर ही पशु खरीदें भैंसो का एक दिन का दूध 12 लीटर और गायों को दूध 16-17 लीटर से कम ना हो गाभिनों को खरीदने का सही समय रखड़ियों से लेकर वैशाखी तक का होता है क्योंकि इस समय मौसम अच्छा होने के कारण हरा चारा भी खुला होता है गाभिनों के लिए शैड आवाजाई वाली सड़क पर ना बनायें और शैड सड़क से कम से कम 100 गज दूर हो शैड को धूप और हवा का ध्यान रखकर ही बनायें शैड हमेशा खेत या आस पास से 2 फुट ऊंचा बनायें क्योंकि निचले स्थान पर पानी खड़ा हो जाता है जिस कारण गंदगी पैदा हो जाती है और बाकी पशुओं का मल मूत्र का निकास भी आसानी से हो जाता है पशुओं के लिए बनायी जाने वाली खुरली ढाई तीन फुट चौड़ी होनी चाहिए खुरली पर खड़ने के लिए एक पशु को तकरीबन चार फुट जगह चाहिए मतलब 10 पशुओं के लिए 40 फुट लंबी खुरली बनेगी डेयरी फार्म से संबंधित सामान रखने के लिए स्टोर बनायें पशुओं का वितरण/दाना स्टोर करने के लिए कमरा सैलाब से रहित होना चाहिए शैड का फर्श पक्क, फिसलन रहित और जल्दी साफ होने वाला हो शैड में जितना हो सके पशुओं को खुला छोंड़े और पानी और दाना पूरा डालें पशु को खुला छोड़ने से पशुओं में अफारे की समस्या कम आती है बाकी अपनी आवश्यकता और क्षमता के मुताबिक ही सामान खरीदें और आर्थिक नुकसान से बचने के लिए प्रत्येक गाभिन का बीमा जरूर करवायें
Posted by sr
Haryana
11-01-2020 08:48 AM
Punjab
01-11-2020 10:41 AM
Shri maan g Gehun ke acche futaare ke liye aap progibb nam ke product ki vrto kar skte ho. Yeh sumitomo company ka product jo growth promotor ka kam krta hai. Yeh jhadd mein kaffi vaahda krta hai . iss ki matra 5gm hai. Jab gehu ko phla urea dena hai us sme isko ek glass panni ke sath ghol ke sukki ret mein milaa ke fir urea mein mila lao, fir khet mein shitta de deo . iss ke sath ikk pudi aati hai phla usse gholna hai,fir us mein progibb dalna hai kyuki yeh direct pani mein mix nahi hota hai . iss trah is ki varto karni hai....
Posted by karanveer
Punjab
11-01-2020 08:45 AM
Punjab
01-11-2020 11:43 AM
Karanveer ji tuc ik var ik kilo di spray karo kyuki isde nal allu mote hunde han ta 15 din bad dubara spray repeat kar sakde ho par ik var overdose kade v na varto.dhanwad