Posted by Anshul Garg
Uttar Pradesh
13-01-2020 11:11 AM
Anshul Garg ji pig feed ke lia aap Vijay Gupta 9759466120 se samparak kar sakte hai, Thankyou.
Posted by buta Singh
Punjab
13-01-2020 10:53 AM
ਤੁਸੀ ਖੁਰਾਕ ਖੁਦ ਘਰ ਵਿਚ ਤਿਆਰ ਕਰਕੇ ਦੇ ਸਕਦੇ ਹੋ ,ਇਸਦੇ ਲਈ ਤੁਸੀ 25 ਕਿਲੋ ਮੱਕੀ, 20 ਕਿਲੋ ਕਣਕ, 5-6 ਕਿਲੋ ਸੋਇਆਬੀਨ ਖੱਲ ਅਤੇ 50gm ਮਿਨਰਲ ਮਿਕਸਚਰ ਮਿਕਸ ਕਰਕੇ ਤੁਸੀ ਸਵੇਰੇ-ਸ਼ਾਮ ਮੁਰਗੀਆਂ ਨੂੰ ਦਿਓ. ਜਿਨ੍ਹਾਂ ਉਹ ਆਸਾਨੀ ਨਾਲ ਹਜ਼ਮ ਕਰ ਸਕਣ
Posted by Rajkumar kumbhkar
Chattisgarh
13-01-2020 10:45 AM
Rajkumar ji aap iske uper NPK 130045@1 kilo ko 150 litre pani ke hisab se sprya karen.dhanywad
Posted by vikra
Madhya Pradesh
13-01-2020 10:41 AM
सबसे पहले आपके लिए यह जानना जरूरी है कि मुर्गी पालन दो तरह का होता है कि आप अंडों का व्यवसाय करना चाहते हैं या मीट का यदि आप अंडों का धंधा करना चाहते हैं तो आपको लेयर मुर्गियां पालनी पड़ेंगी और यदि आप मीट का धंधा करना चाहते हैं तो आपको ब्रॉयलर मुर्गियां पालनी पड़ेंगी यदि आप ब्रायलर मुर्गी पालन करना चाहते हैं त.... (Read More)
सबसे पहले आपके लिए यह जानना जरूरी है कि मुर्गी पालन दो तरह का होता है कि आप अंडों का व्यवसाय करना चाहते हैं या मीट का यदि आप अंडों का धंधा करना चाहते हैं तो आपको लेयर मुर्गियां पालनी पड़ेंगी और यदि आप मीट का धंधा करना चाहते हैं तो आपको ब्रॉयलर मुर्गियां पालनी पड़ेंगी यदि आप ब्रायलर मुर्गी पालन करना चाहते हैं तो कम से कम 10 हजार मुर्गियों का धंधा शुरू करना चाहते हैं तो आपको 4 से 5 लाख का इतज़ाम करना पड़ेगा, ये आप अपने बजट के हिसाब से कम पंक्षियों से भी शुरू कर सकते हैं बाकि आप इस काम को ट्रेनिंग लेकर शुरू करें जिसमें आपको इस काम के बारे में पूरी जानकारी दी जाएगी ट्रेनिंग लेने के लिए आप अपने नज़दीकी कृषि विज्ञान केंद्र से संपर्क करें आप वहां जाकर अपना ट्रेनिंग का फार्म भर आएं जब भी ट्रेनिंग होगी तो वो आपको फोन करके उसके बारे में बता देंगे.

Posted by dileep verma
Uttar Pradesh
13-01-2020 10:22 AM
दिलीप जी इसे आप तुरंत नज़दीकी डॉक्टर से जांच करवायें यह फंगस की बीमारी की तरह है इसकी जांच करके सही इलाज करवायें.

Posted by pradeep Singh
Haryana
13-01-2020 10:21 AM
pradeep ji pehle aap isme khaadon ki poori matra daale iske ilava aap poori matra men khaad daalne ke bad iske uper NPK 191919@1 kilo ko 150 litre pani ke hisab se spray karen.dhanywad
Posted by ਸਿਮਰਨਜੀਤ ਸਿੰਘ
Punjab
13-01-2020 10:15 AM
ਸਿਮਰਨਜੀਤ ਜੀ ਤੁਸੀ ਸਬਜ਼ੀਆਂ ਜਿਵੇ ਰਾਜਮਾਹ , ਸ਼ਿਮਲਾ ਮਿਰਚ , ਮੂਲੀ , ਪਾਲਕ , ਬੈਂਗਨ , ਚੱਪਣ ਕੱਦੂ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਧੰਨਵਾਦ

Posted by balkatter singh
Punjab
13-01-2020 10:07 AM
Balkatter singh ji 15-20 liter vali cow len lai tusi Gulam Ashraf 9915672525 (Sahiwal dairy farm) ja fir Mandeep Singh 9569630002 nal samparak kar sakde ho, Thankyou.
Posted by Natt Jaspal
Punjab
13-01-2020 10:05 AM
jaspal ji tuc 752 ja 658 kisam di bijai kar sakd eho par isde jhaad vich fark payega kyuki bijai late ho rahi hai.dhanwad
Posted by dula singh
Rajasthan
13-01-2020 10:02 AM
ज्यादा बारिश वाले क्षेत्रों में, बढ़िया निकास वाली मिटटी में इसको पनीरी लगा कर उगाया जा सकता है इसको बारानी और सिंचित स्थितिओं में उगाया जा सकता है इसको देश के अलग-अलग हिस्सों में सारी फसलों की ऋतु में उगाया जा सकता है 90% से ज्यादा सेजु क्षेत्रों में यह खरीफ ऋतु में उगाई जाती है उत्तरांचल में यह आमतौर पर जून .... (Read More)
ज्यादा बारिश वाले क्षेत्रों में, बढ़िया निकास वाली मिटटी में इसको पनीरी लगा कर उगाया जा सकता है इसको बारानी और सिंचित स्थितिओं में उगाया जा सकता है इसको देश के अलग-अलग हिस्सों में सारी फसलों की ऋतु में उगाया जा सकता है 90% से ज्यादा सेजु क्षेत्रों में यह खरीफ ऋतु में उगाई जाती है उत्तरांचल में यह आमतौर पर जून में उगाई जाती है खेत में सीधी बिजाई के लिए 4 किलो बीज प्रति एकड़ और रोपाई के लिए 2 किलो बीज प्रति एकड़ में प्रयोग करें
Posted by kuldeep
Haryana
13-01-2020 09:52 AM
कुलदीप जी कृपया बताएं कि आपने इसमें कौन-कौन सी खाद डाली है ताकि आपको इसके बारे में पूरी जानकारी दी जा सके, धन्यवाद
Posted by Kulvir Benipal
Punjab
13-01-2020 09:50 AM
ਕੁਲਵੀਰ ਜੀ ਤੁਸੀ ਸਬਜ਼ੀਆਂ ਜਿਵੇ ਰਾਜਮਾਹ , ਸ਼ਿਮਲਾ ਮਿਰਚ , ਮੂਲੀ , ਪਾਲਕ , ਬੈਂਗਨ , ਚੱਪਣ ਕੱਦੂ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਧੰਨਵਾਦ

Posted by Manjesh Kumar
Uttar Pradesh
13-01-2020 09:50 AM
फसल को जानवरों से बचाने के लिए आप खेत में फेंसिंग कर सकते है, इसके इलावा आप prem raj saini 9719432296 जी से संम्पर्क कर सकते है, इन्होने एक खाद त्यार की है जिसकी बदबू से जानवर खेत में नहीं आते.
Posted by kuldeep
Haryana
13-01-2020 09:50 AM
कुलदीप जी कृपया बताये कि आपने इसमें अभी तक क्या क्या खाद डाली है ताकि आपको इसके बारे में पूरी जानकारी दी जा सके धन्यवाद

Posted by alok katiyar
Uttar Pradesh
13-01-2020 09:47 AM
Alok ji kripya aap iski photo bhej sakte hai taki aapko iske bare men poori jankari di ja sake,dhanywad

Posted by pradeep Singh
Haryana
13-01-2020 09:46 AM
फसल बीजने से पहले मिट्टी के अंदरूनी तत्वों को जांच करवानी आवश्यक है ताकि खादों की सही आवश्यकता को समझा जा सके बिजाई से पहले 8 टन प्रति एकड़ रूड़ी की खाद मिलाएं या वर्मीकंपोस्ट + रैलीगोल्ड 8-10 किलोग्राम प्रति एकड़ या जीवाणु खाद 5-10 किलोग्राम प्रति एकड़ का प्रयोग करें बिजाई के समय 66 किलो यूरिया का प्रयोग प्रति एकड़ क.... (Read More)
फसल बीजने से पहले मिट्टी के अंदरूनी तत्वों को जांच करवानी आवश्यक है ताकि खादों की सही आवश्यकता को समझा जा सके बिजाई से पहले 8 टन प्रति एकड़ रूड़ी की खाद मिलाएं या वर्मीकंपोस्ट + रैलीगोल्ड 8-10 किलोग्राम प्रति एकड़ या जीवाणु खाद 5-10 किलोग्राम प्रति एकड़ का प्रयोग करें बिजाई के समय 66 किलो यूरिया का प्रयोग प्रति एकड़ के हिसाब से करें यूरिया की दूसरी किश्त 66 किलो प्रति एकड़ दूसरे पानी के बाद डालो और यूरिया की तीसरी किश्त 66 किलो प्रति एकड़ चौथे पानी के बाद डालें
सर्दियों के मौसम में तापमान कम होने के कारण फसल तत्व ज्यादा लेती है जिस कारण पौधा पीला पड़ जाता है इसकी रोकथाम के लिए N:P:K 19:19:19 की स्प्रे 250 ग्राम 150 लीटर पानी में मिलाकर प्रति एकड़ के लिए प्रयोग करें जिन इलाकों में पानी की कमी है वहां यूरिया+पोटाश का प्रयोग 2.5 किलोग्राम को 100 लीटर पानी में मिलाकर करें

Posted by alok katiyar
Uttar Pradesh
13-01-2020 09:46 AM
Aalok ji kripya aap apna swal vistar se pooche ke aap nursery ke bare mein kya jankari lena chahte hai taki aapko iske bare mein poori jankari di ja sake,dhanywad

Posted by Anil
Rajasthan
13-01-2020 09:45 AM
Anil ji kripya audio dubara bheje aapke dwara bheji gayi audio upload nahi hui hai.dhanwyad

Posted by Anil
Rajasthan
13-01-2020 09:45 AM
Anil ji kripya audio dubara bheje aapke dwara bheji gayi audio upload nahi hui hai.dhanwyad

Posted by Ashish
Haryana
13-01-2020 09:40 AM
aap gaay ko potasium iodied dwa deni shuru kren. iski 20 gram ki packing hot hai, ise rojana 5gm den. aap ifer h 5ml ke injection bhi lgawayen, iske 3 injection lagwayen, aap ise 3-3 din ke frk se lagwayen .
Posted by durgesh kumar
Uttar Pradesh
13-01-2020 09:39 AM
यदि संभव हो, तो आलू की रोपाई से पहले, हरी खाद वाली फसलें जैसे सनई, जंतर आदि फसलें उगायें और उन्हें मिट्टी में अच्छी तरह दबायें यदि हरी खाद उपलब्ध ना हो तो गली सड़ी रूड़ी की खाद या गाय का गला हुआ गोबर 60-80 क्विंटल प्रति एकड़ में खेत की तैयारी के समय रोपाई से दो सप्ताह पहले डालें
फसल की उचित वृद्धि के लिए नाइट्रोजन 40-50.... (Read More)
यदि संभव हो, तो आलू की रोपाई से पहले, हरी खाद वाली फसलें जैसे सनई, जंतर आदि फसलें उगायें और उन्हें मिट्टी में अच्छी तरह दबायें यदि हरी खाद उपलब्ध ना हो तो गली सड़ी रूड़ी की खाद या गाय का गला हुआ गोबर 60-80 क्विंटल प्रति एकड़ में खेत की तैयारी के समय रोपाई से दो सप्ताह पहले डालें
फसल की उचित वृद्धि के लिए नाइट्रोजन 40-50 किलो (90-110 किलो यूरिया), फासफोरस 24-32 किलो (150-200 किलो सिंगल सुपर फासफेट) और पोटाश 40-50 किलो (66-85 किलो म्यूरेट ऑफ पोटाश) की मात्रा प्रति एकड़ में डालें
बिजाई के समय नाइट्रोजन का 3/4 हिस्सा और फासफोरस और पोटाश की पूरी मात्रा डालें बाकी बचा हुआ नाइट्रोजन का 1/4 हिस्सा बिजाई से 35-40 दिन बाद जड़ों में मिट्टी लगाने के समय डालें
जड़ों के साथ मिट्टी लगाना : मिट्टी में सही हवा, पानी और तापमान बनाए रखने के लिए यह काम बहुत जरूरी है ताकि फसल का विकास अच्छा हो सके आलुओं के अच्छे विकास के लिए पौधे की जड़ों के साथ मिट्टी लगाएं मिट्टी को अच्छी तरह से पौधे के आधार पर डाला जाता है जिससे गांठे अच्छे से बनने में मदद मिलती है यह काम पौधों के 15-20 सैं.मी. कद होने पर करें यदि जरूरत पड़े तो पहली बार मिट्टी लगाने के दो सप्ताह बाद दूसरी बार फिर मिट्टी लगाएं यह काम कही से हाथों के द्वारा या बड़े क्षेत्रों में मोल्ड बोर्ड या रिज़र की सहायता से किया जा सकता है
पानी में घुलनशील खादें : मोटे आलुओं की पैदावार के लिए 13:00:45, 2 किलो और मैगनीश्यिम ई डी टी ए 100 ग्राम प्रति एकड़ की स्प्रे करें बीमारियों के हमले को रोकने के लिए फंगसनाशी प्रॉपीनेब 3 ग्राम प्रति लीटर पानी डालें आलुओं का आकार और गिणती बढ़ाने के लिए हयूमिक एसिड (12 प्रतिशत) 3 ग्राम + एम ए पी 12:61:00 की 8 ग्राम या डी ए पी 15 ग्राम प्रति लीटर की स्प्रे पौधे की वृद्धि के समय करें

Posted by ravi
Rajasthan
13-01-2020 09:31 AM
पॉलीहाउस के लिए एक एकड़ में लगभग 40 लाख रूपये खर्चा आ सकता है बाकि इसकी सब्सिड़ी लेने का तरीका समझना जरूरी है इसकी पूरी जानकारी लेने के लिए आप ये वीडियो देख सकते है इसके इलावा भी यदि ओर कोई जानकारी चाहिए तो आप दोबारा सवाल पूछ सकते है https://www.youtube.com/watch v=TPuSMpWqzCc&t=21s
Posted by pankaj parmar
Madhya Pradesh
13-01-2020 09:30 AM
पंकज जी फसल में जब ज्यादा सिंचाई की जाती है तब यह गिर जाती है क्युकी सर्दी वाली फसल में पहले ही नमी ज्यादा होती है धन्यवाद
Posted by ਹਰਦੀਪ ਸਿੰਘ ਸੰਘਾ
Punjab
13-01-2020 09:26 AM
ਪੰਜਾਬ ਵਿੱਚ ਮੋਤੀਆ ਦੀ ਖੇਤੀ ਰੋਪੜ ਤੋ Manish Vasudev ਜੀ ਕਰਦੇ ਹਨ ਤੇ ਇਹ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਵੀ ਦਿੰਦੇ ਹਨ, ਤੁਸੀ ਇਹਨਾਂ ਨਾਲ 9417652857 ਨੰਬਰ ਤੇ ਸੰਪਰਕ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ. ਜੀ

Posted by gurjant singh
Punjab
13-01-2020 09:25 AM
Gurjant singh ji seed lene ke lia aap Kaveri Seed Company Ltd, Phone: 05224237003 nal samparak kar sakde ho, Thankyou.
Posted by ਹਰਦੀਪ ਸਿੰਘ ਸੰਘਾ
Punjab
13-01-2020 09:23 AM
ਮੋਤੀਆਂ ਦੀ ਖੇਤੀ ਇਕ ਲਾਭਦਾਇਕ ਕਿੱਤਾ ਹੈ ਮੋਤੀਆਂ ਦੀ ਖੇਤੀ ਉਸ ਤਰ੍ਹਾਂ ਹੀ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਜਿਵੇ ਅਸਲ ਰੂਪ ਵਿਚ ਮੋਤੀ ਤਿਆਰ ਹੁੰਦੇ ਹਨ ਇਸਦੀ ਖੇਤੀ ਤੁਸੀ ਕਿਸੇ ਤਲਾਬ ਵਿਚ ਜਾ ਫਿਰ 100 ਵਰਗ ਫੁੱਟ ਦਾ ਤਲਾਬ ਬਣਾ ਕੇ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਤਲਾਬ ਬਣਾਉਣ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਸਿਪੀ ਨੂੰ ਖਰੀਦਿਆ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਜੋ ਦਿੱਲੀ ਤੋ ਮਿਲ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਕਵਾਲਿਟੀ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਇਕ ਸਿਪੀ ਕਰੀਬ 1.5 ਤੋਂ 5 ਰੁਪਏ ਦੇ ਵਿਚ ਮਿਲਦੀ ਹੈ .... (Read More)
ਮੋਤੀਆਂ ਦੀ ਖੇਤੀ ਇਕ ਲਾਭਦਾਇਕ ਕਿੱਤਾ ਹੈ ਮੋਤੀਆਂ ਦੀ ਖੇਤੀ ਉਸ ਤਰ੍ਹਾਂ ਹੀ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਜਿਵੇ ਅਸਲ ਰੂਪ ਵਿਚ ਮੋਤੀ ਤਿਆਰ ਹੁੰਦੇ ਹਨ ਇਸਦੀ ਖੇਤੀ ਤੁਸੀ ਕਿਸੇ ਤਲਾਬ ਵਿਚ ਜਾ ਫਿਰ 100 ਵਰਗ ਫੁੱਟ ਦਾ ਤਲਾਬ ਬਣਾ ਕੇ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਤਲਾਬ ਬਣਾਉਣ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਸਿਪੀ ਨੂੰ ਖਰੀਦਿਆ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਜੋ ਦਿੱਲੀ ਤੋ ਮਿਲ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਕਵਾਲਿਟੀ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਇਕ ਸਿਪੀ ਕਰੀਬ 1.5 ਤੋਂ 5 ਰੁਪਏ ਦੇ ਵਿਚ ਮਿਲਦੀ ਹੈ ਸਭ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾਂ ਬੰਦ ਸੀਪੀਆਈ ਵਿਚ ਖਿੱਚ ਲਾ ਕੇ ਉਹਨਾਂ ਵਿੱਚ ਮੋਤੀਆਂ ਦਾ ਬੀਜ ਪਾਇਆ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਫਿਰ ਇਹਨਾਂ ਸਿਪੀਆ ਨੂੰ ਬੰਦ ਕਰ ਕੇ ਜਾਲੀ ਦੇ ਸਹਾਰੇ ਪਾਣੀ ਵਿਚ ਸੁੱਟ ਦਿੱਤਾ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਫਿਰ ਕੁੱਜ ਮਹੀਨਿਆਂ ਬਾਅਦ ਇਸ ਵਿਚੋਂ ਮੋਤੀ ਤਿਆਰ ਹੋ ਜਾਂਦੇ ਹਨ ਮੋਤੀ ਬਣਨ ਵਿਚ 18 ਮਹੀਨਿਆਂ ਦਾ ਸਮਾਂ ਲਗਦਾ ਹੈ ਡਿਜ਼ਾਈਨਰ ਮੋਤੀ ਤਿਆਰ ਕਰਨ ਲਈ ਉਹਨਾਂ ਲਈ ਖਾਸ ਤੌਰ ਤੇ ਸਾਂਚੇ ਬਣਾਏ ਹੁੰਦੇ ਹਨ, ਜਿਹਨਾਂ ਵਿੱਚੋ ਗਨਪਤੀ,ਬੁੱਧ,ਹੋਲੀ ਕਰਾਸ ਸਾਈਨ ਵਰਗੇ ਡਿਜ਼ਾਈਨਰ ਮੋਤੀ ਤਿਆਰ ਹੁੰਦੇ ਹਨ ਪਰ ਮੋਤੀਆ ਦੀ ਮਾਰਕੀਟਿੰਗ ਆਪਣੇ ਪੱਧਰ ਤੇ ਹੀ ਕਰਨੀ ਪੈਂਦੀ ਹੈ ਪੰਜਾਬ ਵਿੱਚ ਮਨੀਸ਼ ਜੀ ਮੋਤੀਆ ਦੀ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਕਰਵਾਉਦੇ ਹਨ ਉਹਨਾਂ ਨਾਲ ਇਸ ਨੰਬਰ ਤੇ ਗੱਲ ਕਰੋ ਉਹ ਤੁਹਾਨੂੰ ਪੂਰਾ ਗਾਈਡ ਕਰ ਦੇਣਗੇ ਪੰਜਾਬ ਵਿਚ ਮੋਤੀਆਂ ਦੀ ਖੇਤੀ ਦੀ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਲੈਣ ਲਈ ਤੁਸੀਂ Manish Vasudev 9417652857 ਜੀ ਨਾਲ ਸੰਪਰਕ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੀ, ਧੰਨਵਾਦ

Posted by MUKESH THAKUR
Bihar
13-01-2020 09:21 AM
mukesh ji agar aap pehli bar foolon ki kheti kar rahe hai to aap shuruat gende ke fool se karen aur iske liye aap najdiki market bhi dhoonde kyuki foolon ki kheti ki market najdik hona bhut jruri hai gende ki kheti aap sardiyon men karen jab shadi aur teyohar ka season hota hai tab yeh fasl bik jati hai.jaise jaise aapka experience badta jayega aap aur foolon ki kheti kar sakte hai.dhanywad

Posted by Manoj Kumar
Uttar Pradesh
13-01-2020 09:18 AM
Manpoj ji kosish karen ke usi same iski spray ki jaye kyuki iska asar kam ho jata hai.dhanywad

Posted by deep
Punjab
13-01-2020 09:10 AM
ਤੁਸੀ 250ਗ੍ਰਾਮ ਜੋੰ-ਖਾਰ, 250ਗ੍ਰਾਮ ਕਲਮੀਸ਼ੋਰਾ, 250ਗ੍ਰਾਮ ਮਿਠਾਸੋਡਾ ਤੇ 250 ਗ੍ਰਾਮ ਫੜਕੜੀ ਲਉ ਤੇ ਫਟਕੜੀ ਨੂੰ ਤਵੇ ਤੇ ਗਰਮ ਕਰੋ ਕਰੋ ਫਿਰ ਸਾਰਾ ਸਾਮਾਨ ਰਗੜ ਕੇ ਪੋਡਰ ਬਣਾਉ ਤੇ ਮਿਕਸ ਕਰਕੇ 50gm ਰੋਜਾਨਾ ਖਾਲੀ ਪੇਟ ਦਿਉ ਜੀ ਇਸ ਨਾਲ ਜਲਦੀ ਠੀਕ ਹੋ ਜਾਵੇਗੀ ਅਤੇ ਉਸ ਨੂੰ Pregstay gold ਪਾਊਡਰ 25-25 ਗ੍ਰਾਮ ਸਵੇਰੇ ਸ਼ਾਮ ਦਿਓ ਇਹ ਤੁਸੀ 20 ਦਿਨ ਤਕ ਦਿੰਦੇ ਰਹੋ ਇਸ ਨਾਲ ਫਰਕ ਪੈ ਜਾਵੇਗਾ .

Posted by dev Rajwade
Chattisgarh
13-01-2020 09:07 AM
Dev ji aap iske uper NPK 191919 @10 gram ko prati litre pani ke hisab se spray karen,dhanywad

Posted by kameshwar mishra
Uttar Pradesh
13-01-2020 09:02 AM
श्रीमान जी कृपा आप अपना सवाल विस्तार से पूछें ताकि आपको इसके बारे में पूरी जानकारी दी जा सके

Posted by kameshwar mishra
Uttar Pradesh
13-01-2020 08:59 AM
श्रीमान जी कृपा आप अपना सवाल विस्तार से पूछें ताकि आपको इसके बारे में पूरी जानकारी दी जा सके
Posted by kalwinder sekhon
Punjab
13-01-2020 08:57 AM
ਧੰਨਵਾਦ ਜੀ

Posted by hemraj lokhande
Madhya Pradesh
13-01-2020 08:52 AM
बारानी हालातों के लिए 10 अक्तूबर से 25 अक्तूबर तक पूरी बिजाई करें सिंचित हालातों के लिए 25 अक्तूबर से 10 नवंबर तक देसी और काबुली चने की किस्मों की बिजाई करें सही समय पर बिजाई करनी जरूरी है क्योंकि अगेती बिजाई से अनआवश्यक विकास का खतरा बढ़ जाता है पिछेती बिजाई से पौधों में सूखा रोग का खतरा बढ़ जाता है, पौधे का विकास .... (Read More)
बारानी हालातों के लिए 10 अक्तूबर से 25 अक्तूबर तक पूरी बिजाई करें सिंचित हालातों के लिए 25 अक्तूबर से 10 नवंबर तक देसी और काबुली चने की किस्मों की बिजाई करें सही समय पर बिजाई करनी जरूरी है क्योंकि अगेती बिजाई से अनआवश्यक विकास का खतरा बढ़ जाता है पिछेती बिजाई से पौधों में सूखा रोग का खतरा बढ़ जाता है, पौधे का विकास घटिया और जड़ें भी उचित ढंग से नहीं बढ़ती बीजों के बीच की दूरी 10 सैं.मी. और पंक्तियों के बीच की दूरी 30-40 सैं.मी. होनी चाहिए बीज को 10-12.5 सैं.मी. गहरा बीजना चाहिए इसकी बिजाई पोरा ढंग से की जाती है

Posted by Daljit singh
Punjab
13-01-2020 08:50 AM
Daljit singh ji guava plant lene ke lia aap Pawan Kumar 9878726420 nal samparak kar sakde ho, Thankyou
Posted by deepak raghuwanshi
Madhya Pradesh
13-01-2020 08:49 AM
Deepak raghuwanshi ji allu ka bhav 750 - 1650 chal raha hai, Thankyou.
Posted by Gurvinder Singh
Uttarakhand
13-01-2020 08:41 AM
Gurvinder ji apne uska jo ilag pehle krwaya tha uske sath sath aap CRB injection 20ml aur Curan-9 injection 3ml(SC) lgwayen, isse frak padd jayega..

Posted by Saroj Kumar
Bihar
13-01-2020 08:40 AM
सरोज जी कृपया आप अपनस वाल विस्तार से पूछें ताकि आपको इसके बारे में पूरी जानकारी दी जा सके, धन्यवाद
Posted by suraj bhan meena
Rajasthan
13-01-2020 08:40 AM
सूरज जी आप इसके पत्तों के नीचे मच्छर का हमला चेक करें अगर मौजूद है तो आप imidacloprid @1.5 ml को प्रति लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे करें धन्यवाद

Posted by ram narayan yadav
Rajasthan
13-01-2020 08:36 AM
यह विभिन्न प्रकार की मिट्टी में विकसित हो सकता है जिसमें सैंडी दोमट से लेकर मिट्टी, काली मिट्टी और लाल मिट्टी होती है जिसमें उचित जल निकासी होती है उच्च कार्बनिक सामग्री के साथ अच्छी तरह से सूखा रेतीली मिट्टी के नीचे उगाए जाने पर यह सबसे अच्छा परिणाम देता है अच्छी वृद्धि के लिए मिट्टी का पीएच 7-8.5 होना चाहिए .... (Read More)
यह विभिन्न प्रकार की मिट्टी में विकसित हो सकता है जिसमें सैंडी दोमट से लेकर मिट्टी, काली मिट्टी और लाल मिट्टी होती है जिसमें उचित जल निकासी होती है उच्च कार्बनिक सामग्री के साथ अच्छी तरह से सूखा रेतीली मिट्टी के नीचे उगाए जाने पर यह सबसे अच्छा परिणाम देता है अच्छी वृद्धि के लिए मिट्टी का पीएच 7-8.5 होना चाहिए यह मध्यम अम्लीय और लवणीय मिट्टी को सहन कर सकता है उच्च अम्लीय मिट्टी में खेती से बचें शुरुआती फसलों के लिए हल्की मिट्टी फायदेमंद होती है जहां भारी पैदावार के लिए मिट्टी दोमट और गाद दोमट मिट्टी उपयोगी होती है इसकी किस्मे जैसे के Pusa 120, Pusa Rubi, Pusa Sheetal, Pusa Hybrid 4, Arka Anyanya, Arka Vikas, Arka Abha, Kashi Hemant, Hisar Lalit, Arka Saurabh, HS 101, HS 102, Hisar Arun (Selection 7)की बिजाई कर सकते है टमाटर के बीजों को पहले नर्सरी में बोया जाता है फिर मुख्य क्षेत्र में रोपाई की जाती है मुख्य क्षेत्र की तैयारी के लिए, इसे अच्छी तरह से चूर्णित और समतल मिट्टी की आवश्यकता होती है 4-5 बार के लिए भूमि की जुताई ki जाती है अंतिम जुताई के समय मिट्टी में अच्छी तरह से विघटित गोबर @ 60 किग्रा / एकड़ मिलाएँ रोपाई के उद्देश्य के लिए 80-90 cm चौड़ाई का तैयार bed खरीफ की फसल के लिए जून से सितंबर महीने में नर्सरी में बीज बोते हैं ग्रीष्म ऋतु के लिए, नवंबर-दिसंबर में नर्सरी तैयार की जाती है जबकि सर्दियों के मौसम के लिए, सितंबर महीने में नर्सरी में बीज बोते हैं खरीफ की फसल, 60cmx60cm की spacing का उपयोग करें जबकि गर्मी और सर्दियों के मौसम के लिए, 60cmx45cm के spacing का उपयोग करें नर्सरी में 0.5 cm की गहराई पर बीज बोएं और फिर मिट्टी से ढक दें मुख्य खेत में रोपाई की रोपाई पंक्तियों में 5-7 cm की दूरी पर 1 मीटर की चौड़ाई और 5 मीटर की लंबाई वाले टमाटर पर बीज बोना एक एकड़ भूमि के लिए अंकुर प्राप्त करने के लिए, लगभग 25 उठाए हुए की आवश्यकता होती है बीजों की बुवाई से पहले कार्बोफ्यूरान 3 जी @ 10 ग्राम / वर्ग मीटर को नर्सरी मिट्टी में मिलाएं अंकुर को कीट और बीमारी के हमले से बचाने के लिए, मैनकोजेब @ 2 ग्राम / लीटर पानी का छिड़काव करें रोपाई के उद्देश्य के लिए चार से पांच सप्ताह का अंकुर यानी 10-15 cm ऊंचाई उपयुक्त है एक एकड़ भूमि में बुवाई के लिए अंकुर तैयार करने के लिए 140-160 ग्राम बीज दर का प्रयोग करें संकर किस्मों के लिए, बीज दर 80-100 ग्राम / एकड़ का प्रयोग करें सामान्य तौर पर, नाइट्रोजन @ 40 किग्रा -60 किग्रा, फास्फोरस @ 20 किग्रा और पोटाश @ 24-32 किग्रा यूरिया @ 90-130 किग्रा, एसएसपी @ 125 किग्रा और एमओपी @ 40-55 किग्रा / एकड़ के रूप में लागू करें रोपाई के प्रत्यारोपण से तीन से चार सप्ताह पहले, फास्फोरस और पोटाश की पूरी खुराक और नाइट्रोजन की एक तिहाई मात्रा लागू करें रोपाई के 30 और 50 दिनों के बाद दो बराबर छींटों में नाइट्रोजन की शेष मात्रा लागू करें रोपाई के बाद दो-तीन दिनों तक हल्की सिंचाई करें सर्दियों में, 12 से 15 दिनों के अंतराल पर और गर्मियों के महीने में सिंचाई करें, मिट्टी की नमी के आधार पर 6-7 दिनों के अंतराल के साथ आवेदन करें फूलों की अवस्था सिंचाई के लिए महत्वपूर्ण है, इस चरण के दौरान पानी के तनाव से फूल गिर सकता है और फलने और उत्पादकता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है विभिन्न शोधों के अनुसार, यह पाया गया है कि, हर पखवाड़े में आधा इंच सिंचाई जड़ों की अधिकतम पैठ का कारण बनती है और इस प्रकार उच्च उपज देती है इसके अलावा, अतिरिक्त सिंचाई से बचें धन्यवाद

Posted by अभिषेक जाट
Haryana
13-01-2020 08:32 AM
Abhishek ji aap iski roktham ke liye TOPIK@160GM ya AXIAL@400ML ya PUMA POWER@400ML ya LEADER@13GM ya SAFAL@13GM ya UPL SHAGUN 21-11@200gm ko prati acre ke hisab se spray karen,dhanywad

Posted by Dharmendra Patel
Uttar Pradesh
13-01-2020 08:32 AM
मोटे आलुओं की पैदावार के लिए 13:0:45 की 2 किलो और मैगनीश्यिम ई डी टी ए 100 ग्राम प्रति एकड़ की स्प्रे करें बीमारियों के हमले को रोकने के लिए फंगसनाशी प्रॉपीनेब 3 ग्राम प्रति लीटर पानी डालें आलुओं का आकार और गिणती बढ़ाने के लिए हयूमिक एसिड (12 प्रतिशत) 3 ग्राम + एम ए पी 12:61:0 की 8 ग्राम या डी ए पी 15 ग्राम प्रति लीटर की स्प्रे पौध.... (Read More)
मोटे आलुओं की पैदावार के लिए 13:0:45 की 2 किलो और मैगनीश्यिम ई डी टी ए 100 ग्राम प्रति एकड़ की स्प्रे करें बीमारियों के हमले को रोकने के लिए फंगसनाशी प्रॉपीनेब 3 ग्राम प्रति लीटर पानी डालें आलुओं का आकार और गिणती बढ़ाने के लिए हयूमिक एसिड (12 प्रतिशत) 3 ग्राम + एम ए पी 12:61:0 की 8 ग्राम या डी ए पी 15 ग्राम प्रति लीटर की स्प्रे पौधे की वृद्धि के समय करें

Posted by kishan singh
Rajasthan
13-01-2020 08:22 AM
बिजाई मध्य दिसंबर से मध्य जनवरी में की जाती है रोपाई के लिए 10-15 सैं.मी. कद के पौधे चुनें कतार से कतार में 15 सैं.मी. और पौधे से पौधे में 10 सैं.मी. के फासले का प्रयोग करें नर्सरी में बीज 1-2 सैं.मी. गहराई पर बोयें बिजाई के लिए रोपाई विधि का प्रयोग करें

Posted by Dharmendra Patel
Uttar Pradesh
13-01-2020 08:21 AM
श्री मान खेत में एक ही फसल बार बार ना लगाएं बदल बदल कर फसलें उगाएं यदि हमला दिखे तो मैनकोजेब 30 ग्राम या कॉपर ऑक्सीक्लोराइड 30 ग्राम प्रति 10 लीटर पानी में मिलाकर बिजाई के 45 दिनों के बाद 10 दिनों के फासले पर 2-3 बार स्प्रे करें

Posted by Nitin Nagvansi
Uttar Pradesh
13-01-2020 08:04 AM
सूरज जी यदि आपकी भैंस हीट में नहीं आ रही है तो आप इसे पेट के कीड़ों के लिए Bendykind plus गोली दें और Bovimin-B पाउडर 100 ग्राम रोजाना दें और Ovumin advance tablet रोजाना एक गोली दें और 21 दिन तक देते रहें इससे हीट में आ जाएगी, आप दवाईयों की फोटो देख सकते है
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