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Posted by Dwarika Prasad
Uttar Pradesh
14-01-2020 09:07 PM
Punjab
01-15-2020 08:45 AM
श्री मान खुम्ब की किस्में कई प्रकार की होती है जैसे कि बटन खुम्ब, डीगरी, शटाकी खुम्ब, पराली खुम्ब, और मिलकी खुम्ब इनमे से कुइ खुम्ब सर्दियो के मौसम में और कुछ गर्मीयों के मौसम में लगाये जाते है और हर खुम्ब को लगाने का समय अलग अलग है जैसे बटन खुम्ब का समय सितंबर से मार्च तक होता है इस समय में हम तीन फसले ले सकते ह.... (Read More)
श्री मान खुम्ब की किस्में कई प्रकार की होती है जैसे कि बटन खुम्ब, डीगरी, शटाकी खुम्ब, पराली खुम्ब, और मिलकी खुम्ब इनमे से कुइ खुम्ब सर्दियो के मौसम में और कुछ गर्मीयों के मौसम में लगाये जाते है और हर खुम्ब को लगाने का समय अलग अलग है जैसे बटन खुम्ब का समय सितंबर से मार्च तक होता है इस समय में हम तीन फसले ले सकते है शटाकी खुम्ब का समय अक्तूबर से मध्य फरवरी तक हैं इस समय हम एक फसल ही ले सकते है पराली खुम्ब का समय अप्रैल से अगस्त तक है इस समय हम चार फसले ले सकते है मिलकी खुम्ब का समय अप्रैल से सितंबर तक है आप अब अप्रैल में मिलकी या पराली खुम्ब लगा सकते है पराली खुमब के लिए आपको पराली, बीज, बांस, सेबा, आदि की जरूरत है पराली के पूले, धानो की पराली 1-1 किलो के पूले दोनो सिरो से सेबे से बांध कर तैयार किये जाते है पूले के सिरे कांट कर एक सार कर लिए जाते है पूलो की क्यिारी लगाना पराली के पूलो को साफ पानी में 16-20 घंटो के लिए डूबो दे गिले पूलो को ढलान पर रख कर फालतू पानी को निकलने दे कमरे ईटो और बांस से एक पलेटफार्म बनाये इस पलेटफार्म पर 5 पूलो की एक तहय लगाये जिसके ऊपर 75 ग्राम बीज डाले इसके ऊपर की तहय उलट होती है इस प्रकार 5-5 पूलो की तहय में 300 ग्राम बीज डाल कर कियारी तैयार करे सबसे ऊपर दो पूलो को खोलकर रख दे खुम्बो का फूटना बिजाई से 7-9 दिनो के बाद खुम्ब फूटने लगती है पानी और हवा का संचार बिजाई के दो दिन के बाद हर रोज पानी का छिडका करे खुम्बो के फूटने के बाद हवा का संचार 6-8 घंटे प्रति दिन किया जाता है खुम्बो की तूडाई खुम्बो के फूटने के बाद 1-2 दिनो के बाद तोडाई के योग्य हो जाती है मिलकी खुम्ब मिलकी खुम्ब के लिए तूडी, बीज, मोमी लिफाफे, सेबा, केसिंग,मिट्टी आदि होने चाहिये तूडी की तैयारी सूकी तूडी को पक्के फर्श पर बिछा कर 16-20 घंटे पानी से गिला करे गिली तूडी को बोरी में भर कर सेबे से बांध दे इस बोरी को उबलते पानी में 45-50 मिनट रखें तूडी को निकालकर पक्के फर्श पर बिछा कर ठंडा करे यह तूडी बिजाई के लिए तैयार है बिजाई ठंडी तूडी में बीज मिलाकर मोमी लिफाफो में भर दें एक मोमी लिफाफें में लगभग 2 किलो गिली तूडी और 70-80 ग्राम बीज पडता है लिफाफे के मुंह को सेबे से अच्छी तरह बांध कर कमरे में रख दे केसिंग बिजाई के दो तीन हफतो के बाद लिफाफे खोलकर केसिंग की 1-1.5 की तहय लगा दें केसिंग में तूडी और रेतली मिट्टी होती है 24 घंटो के लिए 4 प्रतिशत फारमलेन के घोल से जीवाणु रहित किया जाता है खुम्बो का फूटना केसिंग मिट्टी डालने के लगभग दो हफतो में खुम्बो के छोटे छोटे किणके निकलने शुरू हो जाते है और 4-5 दिन के बाद तोडने योग्य हो जाते है खुम्बो की तूडाई लगभग 35-40 दिनो तक की जाती है
Posted by surendra kushwaha
Madhya Pradesh
14-01-2020 09:05 PM
Punjab
01-15-2020 05:00 PM
यदि आपके पशुओं को जूं और चिचड़ की समस्या है तो आप Taktic स्प्रे का प्रयोग करें, यह 2ml/1liter पानी में मिलाकर स्प्रे करें आप पशुओं के आस पास और पशुओं के ऊपर भी करें बाकि आप साफ सफाई का पूरा ध्यान रखें.
Posted by कनक राम नायक
Chattisgarh
14-01-2020 09:00 PM
Punjab
01-15-2020 05:03 PM
आप मुर्गी पालन की ट्रेनिंग अपने नज़दीकी केवीके से प्राप्त कर सकते है वहां समय समय पर अलग अलग कामों के लिए ट्रेनिंग दी जाती है आप वहां जाकर अपना ट्रेनिंग फार्म भर आए जबभी वहां ट्रेनिंग होगी तो वो आपको फोन करके बता देंगे ट्रेनिंग लेने के लिए आप Krishi Vigyan Kendra, Vill Bhalesar,P.O. Kanekera, District Mahasamund, Pin - 493445 से संपर्क कर सकते है
Posted by कनक राम नायक
Chattisgarh
14-01-2020 08:56 PM
Punjab
01-15-2020 05:04 PM
आप मुर्गी पालन की ट्रेनिंग अपने नज़दीकी केवीके से प्राप्त कर सकते है वहां समय समय पर अलग अलग कामों के लिए ट्रेनिंग दी जाती है आप वहां जाकर अपना ट्रेनिंग फार्म भर आए जबभी वहां ट्रेनिंग होगी तो वो आपको फोन करके बता देंगे ट्रेनिंग लेने के लिए आप Krishi Vigyan Kendra, Vill Bhalesar,P.O. Kanekera, District Mahasamund, Pin - 493445 से संपर्क कर सकते है
Posted by Gurpreet singh
Punjab
14-01-2020 08:54 PM
Punjab
01-15-2020 05:09 PM
Gurpreet ji dairy training 2 week ate 4 week di hundi hai, jiss vich tuhanu pashua di sahi dekhbhal, khurak, feed, bimari ton bacha di sahi jankari diti jndi hai, tuci iss training da pta krrn lai Deptuy director dairy, Btala road, near telphone exchange, vill. verka distt Amristar, phone no. 0183-2263083 nal sampark krke agli training vare jankari la skde ho.
Posted by jitendra
Madhya Pradesh
14-01-2020 08:42 PM
Punjab
01-15-2020 08:46 AM
श्री मान गेहूं की फोटो भेजें ताकि आपको सही जानकारी दी जा सके
Posted by vinod ray
Bihar
14-01-2020 08:33 PM
Punjab
01-15-2020 01:27 PM
पपीता को मिट्टी की व्यापक किस्मों में उगाया जा सकता है अच्छे निकास वाली पहाड़ी मिट्टी पपीते की खेती के लिए उपयुक्त होती है रेतली और भारी मिट्टी में इसकी खेती ना करें पपीते की खेती के लिए मिट्टी की पी एच 6.5-7.0 होनी चाहिए पपीते की खेती के लिए नदीन रहित भूमि का प्रयोग करें मिट्टी के भुरभुरा होने तक खेत की जोताई क.... (Read More)
पपीता को मिट्टी की व्यापक किस्मों में उगाया जा सकता है अच्छे निकास वाली पहाड़ी मिट्टी पपीते की खेती के लिए उपयुक्त होती है रेतली और भारी मिट्टी में इसकी खेती ना करें पपीते की खेती के लिए मिट्टी की पी एच 6.5-7.0 होनी चाहिए पपीते की खेती के लिए नदीन रहित भूमि का प्रयोग करें मिट्टी के भुरभुरा होने तक खेत की जोताई करें आखिरी जोताई के समय अच्छी तरह से गली हुई रूड़ी की खाद या गाय का गला हुआ गोबर मिट्टी में अच्छी तरह मिलाकर डालें सिफारिश किए गए फासलों पर 1 मीटर x 1 मीटर x 1 मीटर आकार के गड्ढे खोदें गड्ढों को मिट्टी और रूड़ी की खाद या गाय के गले हुए गोबर से भरें प्रयोग की गई किस्म के आधार पर प्रत्येक गड्ढे पर 2-4 नए पौधों की रोपाई करें रोपाई के बाद हल्की सिंचाई करें हवा से बचाव के लिए खूंटा लगाएं एक एकड़ में 104 ग्राम बीज प्रति एकड़ में प्रयोग करें कम बारिश वाले क्षेत्रों में जून - जुलाई के महीने में बिजाई की जानी चाहिए और तराई और अधिक बारिश वाले क्षेत्रों में सितंबर महीने में बिजाई की जानी चाहिए और क्षेत्र जहां सिंचाई की सुविधाएं उपलब्ध हो वहां पर फरवरी - मार्च के महीने में बिजाई की जानी चाहिए आमतौर पर 1.8 मीटर x 1.8 मीटर फासले का प्रयोग किया जाता है उच्च घनता की रोपाई के लिए 1.5 मीटर x 1.5 मीटर फासले का प्रयोग किया जाता है नर्सरी में बीज को 10 सैं.मी. की गहराई पर बोयें बीजो की खेत में सीधे बिजाई या मुख्य खेत में नए पौधों की रोपाई की जाती है बीजों को 150 गेज़ की मोटाई वाले, 25 x 10 सैं.मी. के पॉलीथीन बैग में बोयें पानी के उचित निकास के लिए पॉलीथीन बैग के निचले हिस्से में 1 मि.मी. अर्द्धव्यास का छेद करें उसके बाद पॉलीथीन बैग में समान अनुपात में रूड़ी की खाद, मिट्टी और रेत डालें बिजाई से पहले बीजों का उपचार करें रोपाई के लिए 6-7 सप्ताह के पौधों का प्रयोग करें पौधे की प्रौढ़ अवस्था के दौरान नदीनों की रोकथाम जरूरी होती है नदीनों की तीव्रता के आधार पर, नियमित और हल्की गोडाई करें फ्लूक्लोरालिन या बूटाक्लोर 0.8 किलो प्रति एकड़ में डालें नदीनों की रोकथाम के लिए मलचिंग भी एक प्रभावी तरीका है पौधों की रोपाई के कुछ दिनों बाद प्लास्टिक शीट या धान की पराली या गन्ने के बचे कुचे को मलच के रूप में डालें मुख्यत: फल के पूरा आकार लेने और हरे से हल्का पीला रंग होने पर तुड़ाई की जाती है पहली तुड़ाई रोपाई के 14-15 महीनों के बाद की जा सकती है 4-5 तुड़ाइयां प्रति मौसम की जा सकती हैं तुड़ाई एक एक फल को हाथों से तोड़कर की जाती है फलों को सुबह के समय तोड़ें धन्यवाद
Posted by sumit
Bihar
14-01-2020 08:32 PM
Punjab
01-15-2020 01:29 PM
मक्की में नदीन बड़ी समस्या होते हैं, जो कि खुराकी तत्व लेने में फसल से मुकाबला करते हैं और 35 प्रतिशत तक पैदावार कम कर देते हैं इसलिए अधिक पैदावार लेने के लिए नदीनों का हल करना जरूरी है मक्की की कम से कम दो गोडाई करें पहली गोडाई बिजाई से 20-25 दिन बाद और दूसरी गोडाई 40-45 दिन बाद , पर ज्यादा होने की हालत में एटराज़िन 500 ग.... (Read More)
मक्की में नदीन बड़ी समस्या होते हैं, जो कि खुराकी तत्व लेने में फसल से मुकाबला करते हैं और 35 प्रतिशत तक पैदावार कम कर देते हैं इसलिए अधिक पैदावार लेने के लिए नदीनों का हल करना जरूरी है मक्की की कम से कम दो गोडाई करें पहली गोडाई बिजाई से 20-25 दिन बाद और दूसरी गोडाई 40-45 दिन बाद , पर ज्यादा होने की हालत में एटराज़िन 500 ग्राम प्रति 200 लीटर पानी से स्प्रे करें गोडाई करने के बाद मिट्टी के ऊपर खाद की पतली परत बिछा दें और जड़ों से मिट्टी लगाएं कटाई और छंटाई: कटाई मतलब तंदरूस्त पौधों को रखकर बाकी के पौधों को हटा देना और एक पौधे से दूसरे पौधे की दूरी 20 सैं.मी. रखना पहली गोडाई के समय कटाई के समय करें पहली सिंचाई के समय खाली जगह को भरने के लिए 4-6 दिन पुराने पौधे लगाएं
Posted by chouhan
Madhya Pradesh
14-01-2020 08:27 PM
Punjab
01-15-2020 01:31 PM
chohan ji aap iske patton ke neeche machar ka hamla check karen agar maujood hai to aap iske uper imidacloprid@1.5ml ko prtai litre pani ke hisab se spray karen.dhanywad
Posted by kulwinder
Punjab
14-01-2020 08:26 PM
Punjab
01-15-2020 02:26 PM
kulwinder ji aap iska istemal kar sakte hai lekin iski matra 2-3 tonn ka hi istemal karen kyuki yeh bhut garm hoti hai aur agar jyada matra men istemal ki jaye to yeh fasl ko kharab kar deti hai.dhanywad
Posted by gurpreet Sandhu
Punjab
14-01-2020 08:22 PM
Punjab
01-15-2020 02:23 PM
gurpreet ji kirpa karke swal vistar nal pucho ke tuc kehdi fasl diyan kisman bare jankari laina chahuhnde ho ta jo tuhanu is bare poori jankari diti ja sake.dhanwad
Posted by dileep verma
Uttar Pradesh
14-01-2020 08:20 PM
Punjab
01-15-2020 09:34 PM
दिलीप जी इसे आप तुरंत नज़दीकी डॉक्टर से जांच करवायें यह फंगस की बीमारी की तरह है इसकी जांच करके सही इलाज करवायें
Posted by Nanasaheb indrabhan Sudrik
Maharashtra
14-01-2020 08:17 PM
Punjab
01-15-2020 02:20 PM
Posted by gurpreet Sandhu
Punjab
14-01-2020 08:17 PM
Punjab
01-15-2020 08:47 AM
Posted by रविन्द्र कुमार पटेल
Chattisgarh
14-01-2020 08:17 PM
Rajasthan
01-15-2020 02:34 PM
मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजि.... (Read More)
मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजित किया जा रहा है प्रशिक्षण कार्य कर्म में भाग लेने के लिए नीचे दिए गए नम्बर पर आज ही संपर्क करें और Rs 250/ से अपना रजिस्ट्रेशन करवाए अचल सिंह (फाउंडर )- 9711858258. धन्यवाद
Posted by Shubham Singh
Uttar Pradesh
14-01-2020 08:16 PM
Rajasthan
01-15-2020 11:40 AM
मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजि.... (Read More)
मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजित किया जा रहा है प्रशिक्षण कार्य कर्म में भाग लेने के लिए नीचे दिए गए नम्बर पर आज ही संपर्क करें और Rs 250/ से अपना रजिस्ट्रेशन करवाए अचल सिंह (फाउंडर )- 9711858258. धन्यवाद
Posted by Gurmeet Singh
Punjab
14-01-2020 08:12 PM
Punjab
01-15-2020 02:42 PM
Gurmeet ji decomposer lain layi tuc MD Biocoals Pvt. Ltd. Address : Near Vidyapeeth, Barnala Road, Sirsa, Haryana, India - 125055, Phone : +91-16-66247627, Mobile : +91-9468340000 nal sampark kar sakde ho.dhanwad
Posted by Pankaj Kumar
Bihar
14-01-2020 08:07 PM
Punjab
01-15-2020 08:48 AM
श्री मान गेहूं की ग्रोथ के लिए आप NPK 19:19:19@1kg 150ltr पानी में मिलाकर सप्रे कर सकते हो
Posted by kunwar vijay singh
Uttar Pradesh
14-01-2020 08:03 PM
Punjab
01-15-2020 08:48 AM
श्री मान गेहूं की फोटो भेजें ताकि आपको सही जानकारी दी जा सके
Posted by दिग्विजय कुमार सिंह
Jharkhand
14-01-2020 07:57 PM
Punjab
01-15-2020 02:57 PM
दिग्विजय जी आप कृपया बताएं कि आपने कौन से पौधे की marketing के बारे में जानकारी लेनी है क्युकी ज्यादातर चिकित्सिक पौधे को contract basis कंपनियां डायरेक्ट खेत से ही खरीद लेती है
Posted by Harendra shah
Uttar Pradesh
14-01-2020 07:56 PM
Punjab
01-15-2020 02:51 PM
मोटे आलुओं की पैदावार के लिए 13:0:45 की 2 किलो और मैगनीश्यिम ई डी टी ए 100 ग्राम प्रति एकड़ की स्प्रे करें बीमारियों के हमले को रोकने के लिए फंगसनाशी प्रॉपीनेब 3 ग्राम प्रति लीटर पानी डालें आलुओं का आकार और गिणती बढ़ाने के लिए हयूमिक एसिड (12 प्रतिशत) 3 ग्राम + एम ए पी 12:61:0 की 8 ग्राम या डी ए पी 15 ग्राम प्रति लीटर की स्प्रे पौध.... (Read More)
मोटे आलुओं की पैदावार के लिए 13:0:45 की 2 किलो और मैगनीश्यिम ई डी टी ए 100 ग्राम प्रति एकड़ की स्प्रे करें बीमारियों के हमले को रोकने के लिए फंगसनाशी प्रॉपीनेब 3 ग्राम प्रति लीटर पानी डालें आलुओं का आकार और गिणती बढ़ाने के लिए हयूमिक एसिड (12 प्रतिशत) 3 ग्राम + एम ए पी 12:61:0 की 8 ग्राम या डी ए पी 15 ग्राम प्रति लीटर की स्प्रे पौधे की वृद्धि के समय करें
Posted by Pramod m bhilare
Maharashtra
14-01-2020 07:54 PM
Punjab
01-17-2020 04:35 PM
Pramod m bhilare ji makhan grass ka seed lene ke lia aap Shine Brand Seeds 8770896002 se samparak kar sakte hai, Thankyou.
Posted by दिग्विजय कुमार सिंह
Jharkhand
14-01-2020 07:52 PM
Punjab
01-15-2020 03:20 PM
आप एलोवेरा की marketing के लिए Ishu Rana / Vinod Rana 9910001588 9958943020 से संपर्क कर सकते है धन्यवाद
Posted by Mukesh Kumar
Bihar
14-01-2020 07:51 PM
Maharashtra
01-30-2020 02:45 PM
मुकेश जी, गेहूं के लिए नाइट्रोजन 50 किलो (यूरिया 110 किलो), फासफोरस 12 किलो (एस एस पी 75 किलो), पोटाश 16 किलो (म्यूरेट ऑफ पोटाश 27 किलो) प्रति एकड़ में डालें नाइट्रोजन की एक तिहाई मात्रा और फासफोरस और पोटाश की पूरी मात्रा बिजाई के समय डालें बाकी बची नाइट्रोजन की दो तिहाई मात्रा बिजाई के 35-40 दिनों के बाद डालें धन्यवाद
Posted by Harpreet Dhillon
Punjab
14-01-2020 07:49 PM
Punjab
03-25-2020 04:55 PM
Harpreet Dhillon ji kirpa karke eh daso ke tusi ki kamm shuru karna chode ho ta jo tuhanu us bare sahi jankari diti ja sake, Thankyou.
Posted by Mukesh Kumar
Bihar
14-01-2020 07:47 PM
Punjab
01-15-2020 03:09 PM
सिंचित क्षेत्रों के लिए, नाइट्रोजन 60 किलो (यूरिया 130 किलो), फासफोरस 24 किलो (एस एस पी 150 किलो), पोटाश 12 किलो (म्यूरेट ऑफ पोटाश 20 किलो) प्रति एकड़ में डालें नाइट्रोजन की आधी मात्रा और फासफोरस और पोटाश की पूरी मात्रा बिजाई के समय डालें बाकी नाइट्रोजन को पहली सिंचाई के समय डालें बारानी क्षेत्रों के लिए, नाइट्रोजन 24 क.... (Read More)
सिंचित क्षेत्रों के लिए, नाइट्रोजन 60 किलो (यूरिया 130 किलो), फासफोरस 24 किलो (एस एस पी 150 किलो), पोटाश 12 किलो (म्यूरेट ऑफ पोटाश 20 किलो) प्रति एकड़ में डालें नाइट्रोजन की आधी मात्रा और फासफोरस और पोटाश की पूरी मात्रा बिजाई के समय डालें बाकी नाइट्रोजन को पहली सिंचाई के समय डालें बारानी क्षेत्रों के लिए, नाइट्रोजन 24 किलो (यूरिया 52 किलो), फासफोरस 12 किलो (एस एस पी 75 किलो), पोटाश 8 किलो (म्यूरेट ऑफ पोटाश 15 किलो) प्रति एकड़ में डालें नाइट्रोज, फासफोरस और पोटाश की पूरी मात्रा बिजाई के समय डालें सिंचित क्षेत्रों में पिछेती बिजाई के लिए, नाइट्रोजन 50 किलो (यूरिया 110 किलो), फासफोरस 12 किलो (एस एस पी 75 किलो), पोटाश 16 किलो (म्यूरेट ऑफ पोटाश 27 किलो) प्रति एकड़ में डालें नाइट्रोजन की एक तिहाई मात्रा और फासफोरस और पोटाश की पूरी मात्रा बिजाई के समय डालें बाकी बची नाइट्रोजन की दो तिहाई मात्रा बिजाई के 35-40 दिनों के बाद डालें यह पाया गया है कि जिंक सल्फेट 10 किलो प्रति एकड़ में डालने से उपज में वृद्धि होती है जिंक की कमी को पूरा करने के लिए जिंक सल्फेट 0.5 प्रतिशत की फोलियर स्प्रे करें 15 दिनों के अंतराल पर दो से तीन स्प्रे करें
Posted by Jagman Sidhu
Punjab
14-01-2020 07:46 PM
Punjab
01-15-2020 12:02 PM
ਜਗਮਨ ਜੀ ਕਿਰਪਾ ਕਰਕੇ ਦੱਸੋ ਕਿ ਤੁਸੀ ਕਿਹੜੀ ਫ਼ਸਲ ਦੇ ਰੇਟ ਬਾਰੇ ਜਾਣਕਾਰੀ ਲੈਣਾ ਚਾਹੁੰਦੇ ਹੋ ਤਾ ਜੋ ਤੁਹਾਨੂੰ ਇਸ ਬਾਰੇ ਪੂਰੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਦਿਤੀ ਜਾ ਸਕੇ ਧੰਨਵਾਦ
Posted by चेतरामकौरव
Madhya Pradesh
14-01-2020 07:41 PM
Punjab
01-15-2020 03:36 PM
राजमांह को इसके लाल रंग की वजह से और किडनी के आकार जैसा होने पर किडनी बीन्स भी कहा जाता है यह प्रोटीन का मुख्य स्त्रोत है और मोलीबडेनम तत्व भी देता है इसमें कोलैस्ट्रोल को कम करने वाले तत्व भी हैं उत्तरी भारत में इसकी दाल भी बनाई जाती है भारत में, महाराष्ट्र, जम्मू कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, बंगाल, ताम.... (Read More)
राजमांह को इसके लाल रंग की वजह से और किडनी के आकार जैसा होने पर किडनी बीन्स भी कहा जाता है यह प्रोटीन का मुख्य स्त्रोत है और मोलीबडेनम तत्व भी देता है इसमें कोलैस्ट्रोल को कम करने वाले तत्व भी हैं उत्तरी भारत में इसकी दाल भी बनाई जाती है भारत में, महाराष्ट्र, जम्मू कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, बंगाल, तामिलनाडू, केरल, कर्नाटक मुख्य राजमांह उत्पादक राज्य हैं मिट्टी इसे मिट्टी की व्यापक किस्मों जैसे हल्की रेतली से भारी चिकनी मिट्टी में उगाया जा सकता है जल निकास वाली दोमट ज़मीनों में इसकी पैदावार बहुत अच्छी होती है यह नमक वाली मिट्टी के प्रति बहुत संवेदनशील है लगभग 5.5-6 पी एच वाली ज़मीनों में इसकी पैदावार अधिक होती है VL Rajma 125: यह किस्म उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में समय से बोयी जाती है इसकी फली में 4-5 बीज होते हैं और 100 बीज का भार लगभग 41.38 ग्राम होता है RBL 6: यह किस्म पंजाब में बोयी जाती है इसके बीज हल्के हरे रंग के होते हैं और फली में 6-8 बीज होते हैं दूसरे राज्यों की किस्में इसके इलावा भारत में उगाई जाने वाली प्रसिद्ध किस्में: HUR 15, HUR-137, Amber, Arun, Arka Komal, Arka Suvidha, Pusa Parvathi, Pusa Himalatha, VL Boni 1, Ooty 1आदि ज़मीन की तैयारी मिट्टी के भुरभुरा होने तक खेत की 2-3 बार जोताई करें, खेत को समतल रखें ताकि उसमें पानी ना खड़ा रहे यह फसल जल जमाव के प्रति काफी संवेदनशील होती है आखिरी जोताई के समय, 60-80 क्विंटल प्रति एकड़ रूड़ी की खाद डालें ताकि अच्छी पैदावार मिल सके बिजाई का समय बसंत की ऋतु में राजमांह की बिजाई फरवरी से मार्च और खरीफ की ऋतु में इसकी बिजाई मई से जून के महीने की जाती है पंजाब में कुछ किसान राजमांह की बिजाई जनवरी के आखिरी सप्ताह करते हैं फासला अगेती किस्मों के लिए कतारों में 45-60 सैं.मी. और पौधों में फासला 10-15 सैं.मी. रखें पॉल जैसी किस्मों के लिए पहाड़ी क्षेत्रों में पौधे का फासला 3-4 मीटर प्रति पहाड़ी होना चाहिए बीज की गहराई बीज को 6-7 सैं.मी. गहरा बोयें बिजाई की विधि इसकी बिजाई गड्ढा खोदकर की जाती है समतल क्षेत्रों में बीज पंक्तियों में बोयें जाते हैं और पहाड़ी क्षेत्रों में इसकी खेती बैड बनाकर की जाती है अगेती किस्मों के लिए 30-35 किलोग्राम बीज प्रति एकड़ का प्रयोग करें पॉल किस्मों की बिजाई पहाड़ी क्षेत्रों में 1 मीटर के फासले पर 3-4 पौधे प्रति पहाड़ी पर लगाए जाते हैं बीज की मात्रा 10-12 किलोग्राम प्रति एकड़ प्रयोग की जाती है बीज का उपचार बिजाई से पहले थीरम 4 ग्राम से प्रति किलो बीज का उपचार करें बीजों का छांव में सुखाएं और तुरंत बो दें खरपतवार नियंत्रण फसल के शुरू में नदीनों की रोकथाम जरूरी है इस अवस्था में नदीनों का हमला ना होने दें खादें डालने और सिंचाई करने के साथ ही गोडाई कर दें नदीनों के अंकुरन से पहले फ्लूक्लोरालिन 800 मि.ली. प्रति एकड़ या पैंडीमैथालीन 1 लीटर प्रति एकड़ का प्रयोग करें सिंचाई बीजों के अच्छे अंकुरण के लिए बिजाई से पहले सिंचाई करें फसल की वृद्धि के दौरान 6-7 सिंचाइयों की आवश्यकता होती है बिजाई के बाद 25वें दिन सिंचाई करें और अच्छी उपज प्राप्त करने के लिए 25 दिनों के अंतराल पर 3 सिंचाइयां जरूरी होती हैं फसल के खिलने, फूल निकलने के दौरान और फलियां विकसित होने की अवस्था में सिंचाई करें इन अवस्थाओं पर पानी की कमी ना होने दें फसल की कटाई जब इसकी फलियां पूरी तरह पक जायें और रंग पीला हो जाये तो इसकी तुड़ाई की जा सकती है इसके पत्ते पीले पड़ने के बाद गिरने शुरू हो जाते हैं किस्म के आधार पर इसकी फलियां 7-12 दिनों में पककर तुड़ाई के लिए तैयार हो जाती हैं पूरी फसल 120-130 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती हैं कटाई समय से करें काटी हुई फसल 3-4 दिनों के लिए धूप में रखें अच्छी तरह सूखने के बाद बैलों या छड़ों की मदद से छंटाई की जा सकती हैं कटाई के बाद राजमांह को कटाई के बाद कईं कामों के लिए प्रयोग किया जाता है सांभ संभाल के समय इसकी देखभाल जरूरी है राजमांह को स्टोर करने से पहले आकार और क्वालिटी के आधार पर बांटा जाता है गले हुए राजमांह धूप में हल्की गर्मी में रख दिए जाते हैं ताकि उनमें से नमी की मात्रा कम हो जाये इसके लिए हमेशा ठंडी, अंधेरे और सूखी जगह पर रख दिया जाता है
Posted by gurveer bhullar
Punjab
14-01-2020 07:35 PM
Punjab
01-15-2020 03:26 PM
gurveer ji tuc ikali sulphur di varto karo usde nal hi pani suk jayega.isto ilava tuhanu kuch hor paun di lod nahi hai.dhanwad
Posted by Jitendra Yadav
Madhya Pradesh
14-01-2020 07:26 PM
Punjab
01-15-2020 08:58 AM
Shri maan g growth ke liye aap NPK 19:19:19@1kg 150ltr pani mein mila ke spray kr skte ho.....
Posted by Nirvair Singh
Punjab
14-01-2020 07:25 PM
Punjab
01-15-2020 09:29 PM
Tuci katti nu Broton liquid 3ml rojana dena suru kro ate jhoti nu tuci Glactogog powder 30-30gm swere sham ate Calpond powder 50-50gm swere sham deo 3-4 din denn ton badd tuci powder 30gm ate 50gm rojana dena suru kro..
Posted by HIREB BHUVA
Gujarat
14-01-2020 07:25 PM
Punjab
01-15-2020 05:20 PM
यदि आप दूध निकालने वाली मशीन लेना चाहते है तो आप इनमें से किसी भी कंपनी की ले सकते है जैसे Vansum Pvt.Ltd. 9811104804, Solutions packing machine 9569010005 , Milkwell Milking machine 9416003826.
Posted by puru
Madhya Pradesh
14-01-2020 07:23 PM
Punjab
01-15-2020 03:17 PM
पुरु जी आप इसके ऊपर NPK 130045 @1 किलो को 150 लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे करें धन्यवाद
Posted by ਰਮਨਜੀਤ ਸਿੰਘ
Punjab
14-01-2020 07:14 PM
Punjab
01-15-2020 03:14 PM
raman ji tuc allua diyan kisman jive Kufri Alankar,Kufri Ashoka,Kufri Badshah,Kufri Bahar,Kufri Sutlej di bijai kar sakde ho.dhanwad
Posted by Ravinder singh
Punjab
14-01-2020 07:04 PM
Punjab
01-15-2020 05:25 PM
Hanji Ravinder ji tuci kadaknath murgi nu kurrak te aunn te egg te bitha skde ho..
Posted by rupendra ajgalle
Chattisgarh
14-01-2020 07:04 PM
Punjab
03-25-2020 04:27 PM
Rupendra ajgalle ji azola seed lene ke lia aap Jatender Kumar 7544012577 Ecol Agroventure PVT LTD se samparak kar sakte hai, Thankyou.
Posted by Pawan Patil
Madhya Pradesh
14-01-2020 07:00 PM
Punjab
01-15-2020 02:53 PM
Pawan ji kripya btaye ke aap ise khaad ke taur par kya daalte hai taki apko iske bare mein poori jankari di ja sake,dhanywad
Posted by shivram shinde
Madhya Pradesh
14-01-2020 06:57 PM
Punjab
01-15-2020 05:26 PM
Shivram ji aap murgi ki achi growth ke liye achi khurak dalen aur Groviplex powder 20g ko 1.5-2 litre pani mai millakr de skte hai. isse achi growth ho jayegi.
Posted by Jagdeep singh Khalsa
Punjab
14-01-2020 06:45 PM
Punjab
01-15-2020 02:40 PM
ਸ਼ੁਰੂਆਤੀ ਵਾਧੇ ਦੇ ਦੌਰਾਨ ਕਰੇਲੇ ਲਈ ਘੱਟੋ ਘੱਟ ਤਾਪਮਾਨ 18 ਡਿਗਰੀ ਸੈਲਸੀਅਸ ਹੁੰਦਾ ਹੈ, ਪਰ ਵੱਧ ਤਾਪਮਾਨ 24-27 ° ਸੈਲਸੀਅਸ ਵਿੱਚ ਹੁੰਦਾ ਹੈ
Posted by surajbhan
Haryana
14-01-2020 06:34 PM
Punjab
01-15-2020 02:47 PM
suraj ji january mein tapman bhut kam hone ke karn kisi bhi chare vali fasl ki bijai nahi ki jati. aap february men makka ki kisam african tall ki bijai kar sakte hai.dhanywad
Posted by ਸਰਦਾਰ ਗੁਰਭੇਜ ਸਿੰਘ
Punjab
14-01-2020 06:34 PM
Punjab
01-15-2020 05:28 PM
ਗੁਰਭੇਜ ਜੀ ਦੇਸੀ ਮੁਰਗੀਆਂ ਕੁੱਝ ਸਮਾਂ ਅੰਡੇ ਦੇਣ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਅੰਡੇ ਦੇਣਾ ਬੰਦ ਕਰ ਦਿੰਦਿਆਂ ਹੈ ਅਤੇ ਫਿਰ ਥੋੜੇ ਸਮੇ ਬਾਅਦ ਅੰਡੇ ਦੇਣਾ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰ ਦਿੰਦਿਆਂ ਹੈ ਤੁਸੀ ਓਹਨਾ ਦੀ ਖੁਰਾਕ ਅਤੇ ਰਹਿਣ ਸਹਿਣ ਦਾ ਪੂਰਾ ਧਿਆਨ ਰੱਖੋ ਜਿਸ ਨਾਲ ਓਹਨਾ ਦੀ ਵਧਿਆ ਗਰੋਥ ਹੋ ਸਕੇ..
Posted by suraj bhan meena
Rajasthan
14-01-2020 06:26 PM
Punjab
01-14-2020 06:30 PM
श्री मान टमाटर की जड़ में Nematodes आ गया है इसकी रोकथाम के लिए आप Furadan@7 kg प्रती एकड़ डाल सकते हो ।