Posted by MD janesar Akhtar
Bihar
15-01-2020 12:15 PM
मोटे आलुओं की पैदावार के लिए 13:0:45 की 2 किलो और मैगनीश्यिम ई डी टी ए 100 ग्राम प्रति एकड़ की स्प्रे करें बीमारियों के हमले को रोकने के लिए फंगसनाशी प्रॉपीनेब 3 ग्राम प्रति लीटर पानी डालें आलुओं का आकार और गिणती बढ़ाने के लिए हयूमिक एसिड (12 प्रतिशत) 3 ग्राम + एम ए पी 12:61:0 की 8 ग्राम या डी ए पी 15 ग्राम प्रति लीटर की स्प्रे पौध.... (Read More)
मोटे आलुओं की पैदावार के लिए 13:0:45 की 2 किलो और मैगनीश्यिम ई डी टी ए 100 ग्राम प्रति एकड़ की स्प्रे करें बीमारियों के हमले को रोकने के लिए फंगसनाशी प्रॉपीनेब 3 ग्राम प्रति लीटर पानी डालें आलुओं का आकार और गिणती बढ़ाने के लिए हयूमिक एसिड (12 प्रतिशत) 3 ग्राम + एम ए पी 12:61:0 की 8 ग्राम या डी ए पी 15 ग्राम प्रति लीटर की स्प्रे पौधे की वृद्धि के समय करें

Posted by राजाराम सिंवर
Rajasthan
15-01-2020 12:14 PM
rajaram ji video mein paudhe sahi tareeke se dikh nahi rahe hai aap paudhe ki najdiki photo bheje taki aapko iske bare men poori jankari di ja sake,dhanywad

Posted by sidhu
Punjab
15-01-2020 12:07 PM
bicky ji boote di photo dekh ke parjati bare jankari nahi diti ja sakdi isde fal nu dekh ke parjati bare dasya ja sakda hai.dhanwad

Posted by lakhvir singh
Punjab
15-01-2020 12:06 PM
tuci uss nu Teramycin-LA injection 15-15ml krke gardan de dona pase lgwao ate Mammidium powder 50gm rojana ate mithe soda 25gm rojana 4 din tak deo, iss nal frak paa jawega.

Posted by KHOIROM chandramani
Manipur
15-01-2020 12:05 PM
KHOIROM chandramani ji agar aap New tractar lena chahte hai to aap Pardhan Mantri Tractor yojna ka labh utha sakte hai, Is yojna ke bare me puri jankari ke lia aap apne nazdiki SBI Bank se samparak kare, Thankyou.
Posted by Kamlesh Nayak
Rajasthan
15-01-2020 11:47 AM
बकरियों की फीड तैयार करने के लिए आप 1 किलो मिनरल मिक्सचर, 2 किलो नमक, मीठा सोडा 1 किलो, मक्की 30 किलो, गेहूं 25, सोयाdoc10 किलो, सरसों खल 10 किलो, धान की doc 21 किलो को मिलाकर फीड तैयार करवायें यह आप रोजाना 250-300 ग्राम तक खिलायें..

Posted by Amritpal singh
Punjab
15-01-2020 11:44 AM
ਅਮ੍ਰਿਤਪਾਲ ਜੀ ਕਿਰਪਾ ਕਰਕੇ ਇਹ ਦਸੋ ਤੁਸੀ ਕਿ ਪੁੱਛਣਾ ਚਾਹੁੰਦੇ ਹੋ, ਜੇਕਰ ਤੁਸੀ ਫੈਟ ਦੇ ਰੇਟ ਵਾਰੇ ਜਾਣਕਾਰੀ ਲੈਣਾ ਚਾਹੁੰਦੇ ਹੋ ਤਾਂ ਉਸਦੇ ਲਈ ਰੋਜਾਨਾ ਕਿੰਨੀ ਫੈਟ ਆਉਂਦੀ ਹੈ ਉਸਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਰੇਟ ਲਗਦਾ ਹੈ ਇਸਦੇ ਵਾਰੇ ਤੁਹਾਨੂੰ ਪੂਰੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਨਜ਼ਦੀਕੀ ਡੇਅਰੀ ਵਾਲੇ ਤੋਂ ਮਿਲ ਸਕਦੀ ਹੈ ਤੁਸੀ ਉਸ ਤੋਂ ਇਸ ਵਾਰੇ ਵਿਸਤਾਰ ਨਾਲ ਸਮਝ ਸਕਦੇ ਹੋ

Posted by gurjitsinghgill
Punjab
15-01-2020 11:44 AM
ਗੁਰਜੀਤ ਜੀ ਇਹ ਕਿਸਮ ਤੇ ਨਿਰਭਰ ਕਰਦਾ ਹੈ ਇਸਦੇ ਲਈ ਤੁਸੀ ਕਿਰਪਾ ਕਰਕੇ ਦੱਸੋ ਕਿ ਕਿਹੜੀ ਕਿਸਮ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਕੀਤੀ ਹੈ ਤਾ ਜੋ ਤੁਹਾਨੂੰ ਇਸ ਬਾਰੇ ਪੂਰੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਦਿਤੀ ਜਾ ਸਕੇ ਧੰਨਵਾਦ
Posted by Kamlesh Nayak
Rajasthan
15-01-2020 11:37 AM
कमलेश जी आप मौसम के हिसाब से बकरियों के लिए चारा उगा सकते है जैसे फलीदार चारे बरसीम, लूसन, लोबिया, मटर, गुआर और गैर फलीदार जैसे मक्की, ज्वी, चरी इसके इलावा आप पौधे भी लगा सकते है जैसे पिपल, नीम, आम, अशोका, बेरी, बरगद, गुलार आदि

Posted by jaswinder
Haryana
15-01-2020 11:37 AM
jaswinder ji aap iske uper NPK 130045@1 kilo ko 150 litre pani ke hisab se spray karen,dhanywad
Posted by Kamlesh Nayak
Rajasthan
15-01-2020 11:34 AM
कमलेश जी कृपया बाप उस दवा की फोटो भेंजे जिसे देखकर आपको उसके प्रयोग के बारे में सही जानकारी दी जा सके

Posted by ਕਸ਼ਮੀਰ singh
Punjab
15-01-2020 11:32 AM
ਕੜਕਨਾਥ ਮੱਧ ਪ੍ਰਦੇਸ਼ ਦੀ ਪਿਓਰ ਨਸਲ ਹੈ ਇਸ ਦੀ ਚਮੜੀ ਕਾਲੀ ਚਮਕੀਲੀ ਹੁੰਦੀ ਹੈ, ਕਲਗੀ ਵੀ ਕਾਲੀ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਤੇ ਇਸਦੀ ਚੁੰਝ ਤੇ ਜੀਭ ਵੀ ਕਾਲੇ ਰੰਗ ਦੀ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਅੰਡੇ ਦੇਸੀ ਅੰਡਿਆ ਦੀ ਤਰ੍ਹਾਂ ਹੁੰਦੇ ਹਨ ਤੇ ਖੂਨ ਲਾਲ ਨਾਲੋਂ ਥੋੜਾ ਗੂੜਾ ਲਾਲ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਇਸਦੇ ਅੰਡੇ ਵਿੱਚ ਪ੍ਰੋਟੀਨ ਦੀ ਮਾਤਰਾ ਜਿਆਦਾ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਤੇ ਫੈਟ ਬਿਲਕੁੱਲ ਘੱਟ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਸੂਗਰ ਦੇ ਮਰੀਜ਼ਾਂ ਲਈ ਵੀ ਇਹ ਫਾਇਦ.... (Read More)
ਕੜਕਨਾਥ ਮੱਧ ਪ੍ਰਦੇਸ਼ ਦੀ ਪਿਓਰ ਨਸਲ ਹੈ ਇਸ ਦੀ ਚਮੜੀ ਕਾਲੀ ਚਮਕੀਲੀ ਹੁੰਦੀ ਹੈ, ਕਲਗੀ ਵੀ ਕਾਲੀ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਤੇ ਇਸਦੀ ਚੁੰਝ ਤੇ ਜੀਭ ਵੀ ਕਾਲੇ ਰੰਗ ਦੀ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਅੰਡੇ ਦੇਸੀ ਅੰਡਿਆ ਦੀ ਤਰ੍ਹਾਂ ਹੁੰਦੇ ਹਨ ਤੇ ਖੂਨ ਲਾਲ ਨਾਲੋਂ ਥੋੜਾ ਗੂੜਾ ਲਾਲ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਇਸਦੇ ਅੰਡੇ ਵਿੱਚ ਪ੍ਰੋਟੀਨ ਦੀ ਮਾਤਰਾ ਜਿਆਦਾ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਤੇ ਫੈਟ ਬਿਲਕੁੱਲ ਘੱਟ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਸੂਗਰ ਦੇ ਮਰੀਜ਼ਾਂ ਲਈ ਵੀ ਇਹ ਫਾਇਦੇਮੰਦ ਹਨ ਇਸ ਦੇ ਚਿਕਨ ਦਾ 800 ਰੁਪਏ ਕਿਲੋ ਤੱਕ ਰੇਟ ਹੈ ਤੇ ਛੋਟੇ ਬੱਚੇ ਜੇਕਰ ਮੱਧ ਪ੍ਰਦੇਸ਼ ਤੋਂ ਮਗਵਾਉਂਦੇ ਹੋ ਤਾਂ ਪ੍ਰਤੀ ਬੱਚਾ 90-100 ਰੁਪਏ ਤੁਹਾਨੂੰ ਮਿਲੇਗਾ ਇਸ ਦਾ ਅੰਡਾ 45-50 ਰੁਪਏ ਪ੍ਰਤੀ ਅੰਡਾ ਸੇਲ ਹੋ ਜਾਂਦਾ ਹੈ 3 ਮਹੀਨੇ ਤੱਕ ਇੱਕ ਬੱਚੇ ਦੇ ਪਾਲਣ ਤੇ ਖਰਚਾ 150 ਰੁਪਏ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਤੇ ਜਦੋਂ ਚੂਚੇ ਵੱਡੇ ਹੋ ਜਾਂਦੇ ਹਨ ਤਾਂ 1500 ਰੁਪਏ ਆਮਦਨ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਇਸ ਨੂੰ ਫੀਡ ਨਾਰਮਲ ਬਰੈਲਰ ਵਾਲੀ ਦੇ ਸਕਦੇ ਹੋ ਜਾਂ ਇਸ ਦੇ ਨਾਲ ਪਾਲਕ ਵੀ ਖਵਾ ਸਕਦੇ ਹੋ ਜਿਸ ਵਿੱਚ ਆਇਰਨ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਜੋ ਇਸ ਲਈ ਫਾਇਦੇਮੰਦ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਅਤੇ ਕੜਕਨਾਥ ਮੁਰਗੀ ਸਾਲ ਵਿਚ 120-130 ਅੰਡੇ ਦਿੰਦੀ ਹੈ.

Posted by Ramesh Mistari Dhiranwas
Haryana
15-01-2020 11:31 AM
रमेश जी यह राजस्थान और गुजरात में उगाया जाता है हरियाणा में इसकी बिजाई नहीं की जाती

Posted by Dhiraj Mandal
Maharashtra
15-01-2020 11:28 AM
dhiraj ji yeh pani ki kami ke karn bhi hota hai kripya aap btaye ke aap fasl men sinchai parbandhan kaisa hai taki aapko uske hisab se jankari di ja sake,dhanywad

Posted by arjun
Madhya Pradesh
15-01-2020 11:27 AM
अरुण जी कृपया बताएं कि आपने इसमें क्या क्या खाद डाली है ताकि आपको इसके बारे में पूरी जानकारी दी जा सके धन्यवाद
Posted by Balvir Singh
Punjab
15-01-2020 11:26 AM
Balvir ji please tell us in detail which fertilizers you have provided to the crop so that we can provide you information accordingly.thank you

Posted by naveen rajput
Madhya Pradesh
15-01-2020 11:19 AM
naveen ji aap in sab ki ek sath mila kar spray nahi kar skate inki alag alag spray karen. 005234 ki spray genhu ke nisrne par karni chahiye , Monocrotophos ek inecticide hai jo sundi ki roktham ke liye istemal ki jati hai agar iska hamla fasl par hota hai tohi aap iska istemal karen. amino acid fasl ki growth krane ke liye istemal kiya jata hai.dhanywad
Posted by Mukesh kumar Jatiya
Rajasthan
15-01-2020 11:17 AM
मुकेश जी आप इसके पत्तों के नीचे मचार का हमला चेक करें अगर मौजूद है तो आप imidacloprid @1.5 ml को प्रति लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे करें धन्यवाद

Posted by harpreet singh
Punjab
15-01-2020 11:02 AM
ਜੇਕਰ ਉਸ ਨੂੰ ਅਫਾਰੇ ਦੀ ਸਮੱਸਿਆ ਹੈ ਤਾਂ ਤੁਸੀ ਤੁਸੀ ਉਸਦੀ ਖੱਬੀ ਕੁੱਖ ਵਿਚ 16no. ਦੀ ਸੂਈ ਮਾਰੋ ਅਤੇ ਉਸ ਨੂੰ Kol-L liquid 500ml ਇਕ ਵਾਰ ਪਿਲਾਓ, ਇਸ ਨਾਲ ਫਰਕ ਪੈਣ ਲਗ ਜਾਵੇਗਾ.
Posted by lakhvir Brar
Punjab
15-01-2020 11:01 AM
Lakhvir ji usko aap Vitum-H liquid 10-10ml subah sham dena suru kren aur byane se 1 mahina pehle metabolite powder ka rojana 1 pouch den aur achi feed, chara dalen, isse lewa aur dudh vddhh jayega.
Posted by lakhvir Brar
Punjab
15-01-2020 10:59 AM
Lakhvir ji usko aap Vitum-H liquid 10-10ml subah sham dena suru kren aur byane se 1 mahina pehle metabolite powder ka rojana 1 pouch den aur achi feed, chara dalen, isse lewa aur dudh vddhh jayega.

Posted by harpreet singh
Punjab
15-01-2020 10:52 AM
ਜੇਕਰ ਉਸ ਨੂੰ ਅਫਾਰੇ ਦੀ ਸਮੱਸਿਆ ਹੈ ਤਾਂ ਤੁਸੀ ਤੁਸੀ ਉਸਦੀ ਖੱਬੀ ਕੁੱਖ ਵਿਚ 16no. ਦੀ ਸੂਈ ਮਾਰੋ ਅਤੇ ਉਸ ਨੂੰ Kol-L liquid 500ml ਇਕ ਵਾਰ ਪਿਲਾਓ, ਇਸ ਨਾਲ ਫਰਕ ਪੈਣ ਲਗ ਜਾਵੇਗਾ.

Posted by धिराज शर्मा
Bihar
15-01-2020 10:47 AM
धीराज जी आप इसके ऊपर NPK 130045 @10 ग्राम को प्रति लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे करें इसके इलावा आप इसमे सिंचाई प्रबंधन भी सही रखे धन्यवाद
Posted by gurnamsingh
Haryana
15-01-2020 10:34 AM
Gurnam ji kripya btaye ke aapne ise kya kya daala hai khaad ke taur par taki aapko uske hisab se jankari di ja sake.dhanywad

Posted by nav shah
Punjab
15-01-2020 10:33 AM
Navpreet ji feed bhut sarian companies dia aundia hai tuci ohhi feed varto jiss nu tuhada pashu vdia trike nal khanda howe ate hajam krda howe,kyuki feed paunn da uddo he fyada hai jekar pashu nu vdia trike nal khanda howe ate dudh dinda howe, tuci cargill, godrej, tiwana, markfed kise v company di feed vart skde ho..

Posted by nav shah
Punjab
15-01-2020 10:31 AM
Tuci uss nu Brotone liquid 50ml rojana deo ate Vitum-H injection 5ml lgwao ate 2-2 din de frak nal 5 injection lgwao, iss nal lewa vddh jawega ate usda hajma v sahi howega.
Posted by gurnamsingh
Haryana
15-01-2020 10:29 AM
gurnam ji kripya btaye ke garlic ki konsi bimari ke bare men aap jankari lena chahte hai taki aapko iske bare men poori jankari di ja sake,dhanywad
Posted by Amit Kumar Singh
Uttar Pradesh
15-01-2020 10:26 AM
पौधे के जड़ वाले भाग को मुख्य खेत में बोया जाता है बीज को 2-3 सैं.मी. की गहराई में बोयें पौधे के भागों की बिजाई 40 सैं.मी. के फासले पर और पंक्तियों के बीच का फासला 60 सैं.मी होना चाहिए इसकी बिजाई के लिए दिसंबर-जनवरी का समय अनुकूल होता है
Posted by Amit Kumar Singh
Uttar Pradesh
15-01-2020 10:24 AM
पुदीना मैंथा के नाम से जानी जाने वाली एक क्रियाशील जड़ी बूटी है पुदीने को मिट्टी की कई किस्मों जैसे दरमियाने से गहरी उपजाऊ मिट्टी, जिसमें पानी को सोखने की क्षमता ज्यादा हो, में उगाया जाता है इसको जल-जमाव वाली मिट्टी में भी उगाया जा सकता है उच्च नमी वाली मिट्टी में यह अच्छे परिणाम देती है इस फसल के लिए मिट्टी .... (Read More)
पुदीना मैंथा के नाम से जानी जाने वाली एक क्रियाशील जड़ी बूटी है पुदीने को मिट्टी की कई किस्मों जैसे दरमियाने से गहरी उपजाऊ मिट्टी, जिसमें पानी को सोखने की क्षमता ज्यादा हो, में उगाया जाता है इसको जल-जमाव वाली मिट्टी में भी उगाया जा सकता है उच्च नमी वाली मिट्टी में यह अच्छे परिणाम देती है इस फसल के लिए मिट्टी का pH 6-7.5 होना चाहिए प्रसिद्ध किस्में:- MAS-1: यह छोटे कद की किस्म है जिसकी ऊंचाई 30-45 सैं.मी. होती है यह बीमारीयों की रोधक और जल्दी पकने वाली किस्म है इसमें मैन्थोल की मात्रा 70-80% होती है इसकी औसतन पैदावार 80 क्विंटल प्रति एकड़ जड़ी-बूटियां के तौर पर और 50-60 किलोग्राम प्रति एकड़ तेल के तौर पर होती है Hybrid-77: इसकी ऊंचाई 50-60 सैं.मी. होती है यह किस्म पत्तों के धब्बा रोग और कुंगी के रोधक होती है, और यह जल्दी पकने वाली किस्म है इसमें मैन्थोल की मात्रा 80-85% होती है इसकी औसतन पैदावार 80 क्विंटल प्रति एकड़ जड़ी-बूटियां के तौर पर और 50-60 किलोग्राम प्रति एकड़ तेल के तौर पर होती है यह रेतली दोमट मिट्टी में बढ़िया पैदावार देती है औरऐसी शुष्क मौसम में की आवश्यकता होती है Shivalik: यह चीन की खेती से चुनी गई किस्म है यह किस्म उत्तर प्रदेश के तराई क्षेत्रों और उत्तरांचल में अच्छी वृद्धि करती है इसमें मैन्थोल की मात्रा 65-70% होती है इसकी औसतन पैदावार 120 क्विंटल प्रति एकड़ जड़ी-बूटियां के तौर पर और 72 किलोग्राम प्रति एकड़ तेल के तौर पर होती है यह किस्म फंगस रोगों से जल्दी प्रभावित होती है EC-41911: यह किस्म रूसी जर्मप्लाज्म से ली गई है यह किस्म पानी की रोधक और आकार में सीधी होती है इसमें मैन्थोल की मात्रा 70%पायी जाती है इसकी औसतन पैदावार 120 क्विंटल प्रति एकड़ जड़ी-बूटियां के तौर पर और 72 किलोग्राम प्रति एकड़ तेल के तौर पर होती है इस किस्म से तैयार तेल का प्रयोग विभिन्न व्यंजनों में स्वाद के लिए किया जाता है Gomti: यह किस्म रंग में हल्के लाल रंग की होती है इसकी पैदावार बाकी किस्मों की पैदावार से कम होती है इसमें मैन्थोल की मात्रा 78-80% होती है Himalaya: इसके पत्तों का आकार बाकी किस्मों से बड़ा होता है यह किस्म कुंगी, झुलस, सफेद धब्बे और पत्तों पर धब्बे रोग की रोधक है इसमें मैन्थोल की मात्रा 78-80% होती है इसकी औसतन पैदावार 160 क्विंटल प्रति एकड़ जड़ी-बूटियां के तौर पर और 80-100 किलोग्राम प्रति एकड़ तेल के तौर पर होती है Kosi: यह किस्म 90 दिनों में पक जाती है यह किस्म कुंगी, झुलस, सफेद धब्बे और पत्तों के धब्बे रोग की प्रतिरोधक है इसमें मैन्थोल की मात्रा 75-80 प्रतिशत होती है और तेल की पैदावार 80-100 किलोग्राम प्रति एकड़ होती है Saksham: यह किस्म सी वी हिमालय की तरफ से टिशू कल्चर द्वारा तैयार की गई है इसमें मैन्थोल की मात्रा 80% होती है और तेल की पैदावार 90-100 किलोग्राम प्राप्त होती है पुदीने की बिजाई के लिए सुविधाजनक आकार के बैड तैयार करें खेत की तैयारी के समय खेत की अच्छी तरह जोताई करें जैविक खाद जैसे रूड़ी की खाद 100-120 क्विंटल प्रति एकड़ रूड़ी की खाद डालें रूड़ी की खाद के बाद हरी खाद डालें इसकी बिजाई के लिए दिसंबर-जनवरी का समय अनुकूल होता है पौधे के भागों की बिजाई 40 सैं.मी. के फासले पर और पंक्तियों के बीच का फासला 60 सैं.मी होना चाहिए बीज को 2-3 सैं.मी. की गहराई में बोयें पौधे के जड़ वाले भाग को मुख्य खेत में बोया जाता है खेत की तैयारी के समय रूड़ी की खाद 80-120 क्विंटल प्रति एकड़ में डालें और अच्छी तरह मिलायें नाइट्रोजन 58 किलो (यूरिया 130 किलो), फासफोरस 32-40 किलो (सिंगल सुपर फासफेट 80-100 किलो), पोटाशियम 20 किलो (म्यूरेट ऑफ पोटाश 33 किलो) प्रति एकड़ में डालें गर्मियों में मॉनसून से पहले जलवायु और मिट्टी के आधार पर 6-9 सिंचाइयां जरूर की जानी चाहिए मॉनसून के बाद 3 सिंचाइयों की आवश्यकता होती है पहली सिंचाई सितंबर महीने में, दूसरी अक्तूबर में और तीसरी नवंबर महीने में की जानी चाहिए सर्दियों में ज्यादा सिंचाई की आवश्यकता नहीं होती, लेकिन यदि सर्दियों में बारिश ना पड़े तो एक सिंचाई जरूर देनी चाहिए पौधे 100-120 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाते हैं जब निचले पत्ते पीले रंग के होने शुरू हो जायें, तब कटाई करें कटाई दराती से और बूटियों को मिट्टी की सतह के 2-3 सैं.मी. ऊपर से निकालें अगली कटाई पहली कटाई के बाद 80 दिनों के अंतराल पर करें ताजी पत्तियों को उत्पाद बनाने के लिए प्रयोग किया जाता है, धन्यवाद
Posted by Vicky
Punjab
15-01-2020 10:19 AM
Vicky ji kirpa karke daso ke isde vich tuc kehdi kehdi khaad payi hai ta jo tuhanu is bare poori jankari diti ja sake.dhanwad

Posted by ਗੁਰਬਾਜ ਸਿੰਘ
Punjab
15-01-2020 10:13 AM
Gurbaj singh ji is lai tusi Punjab Seed Company, Gidderbaha 9814130982 nal samparak kar sakde ho, Thankyou.
Posted by mk prajapati
Madhya Pradesh
15-01-2020 10:10 AM
Prajapati ji yadi aap meat aur dudh dono kamo ke liye bakri palan krna chahte hai too aap Beetal nasal ki bakri rakh skte hai, iske ilawa aap Barbari, sirohi, koi v nasal rakh skte hai.
Posted by rajesh
Rajasthan
15-01-2020 10:00 AM
Rajesh ji aap iske uper carbendazim@4 gram ko prati litre pani ke hisab se spray karen,dhanywad
Posted by राहुल सिंह
Uttar Pradesh
15-01-2020 10:00 AM
आमतौर पर गेहूं में गुली डंडा 35—40 दिनों में ही बाहर निकलता है जब आप पहला पानी लगाते हैं तो यह गुली डंडा गेहूं के साथ साथ बढ़ना शुरू हो जाता है इस समय गेहूं 40 दिनों के आस पास हो जाती है इस समय आप TOPIK@160GM याAXIAL@400ML याPUMA POWER@400ML या LEADER@13GM या SAFAL@13GM या UPL की SHAGUN 21-11@200gm को 150 लीटर पानी में मिलाकर प्रति एकड़ पर स्प्रे कर सकते हैं इनमें से .... (Read More)
आमतौर पर गेहूं में गुली डंडा 35—40 दिनों में ही बाहर निकलता है जब आप पहला पानी लगाते हैं तो यह गुली डंडा गेहूं के साथ साथ बढ़ना शुरू हो जाता है इस समय गेहूं 40 दिनों के आस पास हो जाती है इस समय आप TOPIK@160GM याAXIAL@400ML याPUMA POWER@400ML या LEADER@13GM या SAFAL@13GM या UPL की SHAGUN 21-11@200gm को 150 लीटर पानी में मिलाकर प्रति एकड़ पर स्प्रे कर सकते हैं इनमें से कोई भी एक स्प्रे प्रयोग कर सकते हैं की जगह आप यह स्प्रे प्रयोग कर सकते है यदि बाथू है तो उसके लिए algrip@10gm या total@16gm को 150 लीटर पानी में मिलाकर प्रति एकड़ पर स्प्रे कर सकते हैं
Posted by Gagandeep Singh
Punjab
15-01-2020 09:55 AM
Gagandeep ji tuci ohna nu vdia feed deo ate ohna de shedd nu cover krke rakho jiss nal thnndi hwa ton bacha kita jaa skee, isde nal nal tuci HYBLEND Powder 10g nu 100kg feed vich milla ke deo ehh virbac company da product hai.

Posted by VIKAS SACHDEVA
Rajasthan
15-01-2020 09:55 AM
मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजि.... (Read More)
मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजित किया जा रहा है प्रशिक्षण कार्य कर्म में भाग लेने के लिए नीचे दिए गए नम्बर पर आज ही संपर्क करें और Rs 250/ से अपना रजिस्ट्रेशन करवाए अचल सिंह (फाउंडर )- 9711858258. धन्यवाद

Posted by davinder singh
Punjab
15-01-2020 09:47 AM
Davinder ji tuci uss nu letti riin ke deo tan jyada vdia hai kyuki iss nal vdai trike nal hajam ho jndi hai ate pashu di vdia growth hundi hai..

Posted by naveen
Karnataka
15-01-2020 09:45 AM
बकरी पालन बहुत ही लाभकारी काम है शुरूआत करने के लिए आप 10 बकरियों और 2 बकरे के साथ कर सकत हैं इन्हें खुराक कम चाहिए इसलिए इन्हें आसानी से पाल सकते हैं ये हर प्रकार के मौसम में पाली जा सकती हैं बकरियां 12-14 महीने में बच्चे देना शुरू कर देती है एक बकरी के लिए लगभग 12—15 वर्ग फीट जगह छती हुई और 25—30 वर्ग फीट जगह खुली चाहिए .... (Read More)
बकरी पालन बहुत ही लाभकारी काम है शुरूआत करने के लिए आप 10 बकरियों और 2 बकरे के साथ कर सकत हैं इन्हें खुराक कम चाहिए इसलिए इन्हें आसानी से पाल सकते हैं ये हर प्रकार के मौसम में पाली जा सकती हैं बकरियां 12-14 महीने में बच्चे देना शुरू कर देती है एक बकरी के लिए लगभग 12—15 वर्ग फीट जगह छती हुई और 25—30 वर्ग फीट जगह खुली चाहिए बकरी का गर्भ समय 150 दिन का होता है और साल में 1-5 बच्चे देती है साल में दो बच्चे देना आम बात है बकरियां 8-10 वर्ष तक बच्चे देती हैं और अपन गिनती को तेजी से बढ़ा लेती हैं आप बारबरी, ब्लैक बंगाल, जैसी नसल पाल सकते हैं

Posted by Vikas Singh
Chattisgarh
15-01-2020 09:39 AM
विकास जी अभी गेंहू की बुवाई करना उचित नहीं है अगर आप इसकी बिजाई करते भी है तो इसकी पैदावार कम निकलती है धन्यवाद

Posted by Harsh Deep Singh
Punjab
15-01-2020 09:38 AM
ਨਰਸਰੀ ਤਿਆਰ ਕਰਨ ਦਾ ਉਚਿੱਤ ਸਮਾਂ ਮੱਧ-ਅਕਤੂਬਰ ਤੋਂ ਮੱਧ-ਨਵੰਬਰ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਨਵੇਂ ਪੌਦੇ ਅੱਧ-ਦਸੰਬਰ ਤੋਂ ਅੱਧ-ਜਨਵਰੀ ਤੱਕ ਰੋਪਣ ਲਈ ਤਿਆਰ ਹੋ ਜਾਂਦੇ ਹਨ ਰੋਪਣ ਲਈ 10-15 ਸੈ.ਮੀ. ਕੱਦ ਦੇ ਪੌਦੇ ਚੁਣੋ ਵਧੇਰੇ ਝਾੜ ਲੈਣ ਲਈ, ਰੋਪਣ ਸਮੇਂ ਕਤਾਰਾਂ ਵਿੱਚਲਾ ਫਾਸਲਾ 15 ਸੈ.ਮੀ. ਅਤੇ ਪੌਦਿਆਂ ਵਿੱਚਲਾ ਫਾਸਲਾ 7.5 ਸੈ.ਮੀ. ਰੱਖੋ ਨਰਸਰੀ ਵਿੱਚ ਬੀਜ 1-2 ਸੈ.ਮੀ. ਡੂੰਘਾਈ ਤੇ ਬੀਜੋ ਬਿਜਾਈ ਲਈ ਰੋਪਣ ਵਿਧੀ ਦ.... (Read More)
ਨਰਸਰੀ ਤਿਆਰ ਕਰਨ ਦਾ ਉਚਿੱਤ ਸਮਾਂ ਮੱਧ-ਅਕਤੂਬਰ ਤੋਂ ਮੱਧ-ਨਵੰਬਰ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਨਵੇਂ ਪੌਦੇ ਅੱਧ-ਦਸੰਬਰ ਤੋਂ ਅੱਧ-ਜਨਵਰੀ ਤੱਕ ਰੋਪਣ ਲਈ ਤਿਆਰ ਹੋ ਜਾਂਦੇ ਹਨ ਰੋਪਣ ਲਈ 10-15 ਸੈ.ਮੀ. ਕੱਦ ਦੇ ਪੌਦੇ ਚੁਣੋ ਵਧੇਰੇ ਝਾੜ ਲੈਣ ਲਈ, ਰੋਪਣ ਸਮੇਂ ਕਤਾਰਾਂ ਵਿੱਚਲਾ ਫਾਸਲਾ 15 ਸੈ.ਮੀ. ਅਤੇ ਪੌਦਿਆਂ ਵਿੱਚਲਾ ਫਾਸਲਾ 7.5 ਸੈ.ਮੀ. ਰੱਖੋ ਨਰਸਰੀ ਵਿੱਚ ਬੀਜ 1-2 ਸੈ.ਮੀ. ਡੂੰਘਾਈ ਤੇ ਬੀਜੋ ਬਿਜਾਈ ਲਈ ਰੋਪਣ ਵਿਧੀ ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਕਰੋ

Posted by malaram
Rajasthan
15-01-2020 09:31 AM
मालाराम जी कृपया आप इसकी फोटो भेजे ताकि आपको इसके बारे में पूरी जानकारी दी जा सके धन्यवाद
Posted by karambir singh Josan
Punjab
15-01-2020 09:31 AM
Karambir ji tuc khet sulphur@4 kilo prati acre de hisab nal pao.dhanwad
Posted by Suraj Kumar
Uttar Pradesh
15-01-2020 09:29 AM
Suraj ji yeh tatv ki kami ke karn hota hai iske liye kripya btaye ke aapne isme kya kya khaad daali hai taki aapko iske bare mein poori jankari di ja sake,dhanywad

Posted by jassa
Punjab
15-01-2020 09:26 AM
ਤੁਸੀ 250 ਗ੍ਰਾਮ ਗੁੜ ਅਤੇ 1 ਕਿਲੋ ਦਲੀਆ ਚੰਗੀ ਤ੍ਰਾਹ ਰਿਨ ਕੇ ਫਿਰ ਉਸ ਵਿਚ 100 ਗ੍ਰਾਮ ਸਰੋਂ ਦਾ ਤੇਲ ਮਿਕਸ ਕਰੋ , ਇਸ ਨੂੰ ਤੁਸੀ ਅੱਧਾ ਅੱਧਾ ਕਰਕੇ 5-7 ਦਿਨ ਸਵੇਰੇ ਸ਼ਾਮ ਦੇ ਸਕਦੇ ਹੋ , ਬਾਕੀ ਤੁਸੀ Lactomax tablet 10 ਗੋਲੀਆਂ ਰੋਜਾਨਾ 20 ਦਿਨ ਤਕ ਦਿਓ ਅਤੇ ਉਸ ਨੂੰ Glactogog powder 1-1 ਪਾਉਚ ਸਵੇਰੇ ਸ਼ਾਮ ਦਿਓ .
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