Posted by om Kumar
Rajasthan
15-01-2020 08:03 PM
ब्रोकली की उचित और अच्छी वृद्धि के लिए नमी वाली मिट्टी की जरूरत होती है ब्रोकली की खेती के लिए अच्छी खाद वाली मिट्टी ठीक होती है ब्रोकली की खेती के लिए मिट्टी का pH 5.0-6.5 होना चाहिऐ प्रसिद्ध किस्में:- Palam Samridhi: यह किस्म 2015 में जारी की गई है इस किस्म की पनीरी अद्र्ध फैलने वाली है जिन्हें कोमल, बड़े, और हरे रंग के पत्ते ल.... (Read More)
ब्रोकली की उचित और अच्छी वृद्धि के लिए नमी वाली मिट्टी की जरूरत होती है ब्रोकली की खेती के लिए अच्छी खाद वाली मिट्टी ठीक होती है ब्रोकली की खेती के लिए मिट्टी का pH 5.0-6.5 होना चाहिऐ प्रसिद्ध किस्में:- Palam Samridhi: यह किस्म 2015 में जारी की गई है इस किस्म की पनीरी अद्र्ध फैलने वाली है जिन्हें कोमल, बड़े, और हरे रंग के पत्ते लगते हैं इसका फल गोल, घना, और हरे रंग का होता है इसके फल का औसतन भार 300 ग्राम होता है यह किस्म पनीरी लगाने से 70—75 दिनो के बाद पक जाती हैं और इसकी औसतन पैदावार 72 क्विंटल प्रति एकड़ होती है इसकी बिजाई के लिए मध्य अगस्त से मध्य सितंबर तक का समय ठीक होता है कतारों में फसला 45X45 सें.मी. रखें बीज को 1—1.5 सें.मी की गहराई पर बोयें इसकी बिजाई कतारों में या छिडकाव से भी कर सकते हैं एक एकड़ खेत में बिजाई के लिए 250 ग्राम बीजों का प्रयोग करें मिट्टी से पैदा होने वाली बीमारियों से बचाव के लिए बिजाई से पहले बीजों को गर्म पानी (58 डिगरी सेल्सियस) में 30 मिनट के लिए रखकर उपचार करें 40 टन रूडी की खाद डालें इसके इलावा नाइट्रोजन 50 किलो (यूरिया 110 किलो), फासफोर्स 25 किलो (सिंगल सुपर फॉसफेट 155 किलो) और पोटाशियम 25 किलो (म्यूरेट ऑफ पोटाश 40 किलो) प्रति एकड़ डालें रोपाई से पहले रूडी की खाद , फासफोर्स और पोटाशियम की पूरी मात्रा और नाइट्रोजन की आधी मात्रा डालें बाकि बची नाइट्रोजन की मात्रा रोपाई से एक महीने के बाद डालें नदीनो की रोकथाम के लिए रोपाई से पहले फलूक्लोरालिन (बसालिन) 1—2 लीटर को प्रति 600—700 लीटर पानी में मिलाकर प्रति एकड़ में स्प्रे करें और रोपण से 30—40 दिनो के बाद हाथ से गड़ाई करें नए पौधो के रोपाई से एक दिन पहले पैंडीमैथालिन 1 लीटर प्रति एकड़ पर स्प्रे करें रोपण के तुरंत बाद , पहली सिंचाई करें मिट्टी जलवायु या मौसम की स्थिति अनुसार गर्मियों में 7—8 दिनों और सर्दियों में 10—15 दिनो के फासले से सिंचाई करें मैदानी क्षेत्रों में फल की तुड़ाई का समय दिसंबर से मार्च का महीना है जबकि पहाड़ी क्षेत्रों में नवंबर से अप्रैल का महीना है
Posted by Happy brar
Punjab
15-01-2020 08:01 PM
ਤੁਸੀ ਉਸ ਨੂੰ Powder Mac-sure-L 1kg 100gm ਰੋਜਾਨਾ ਦਿਉ ਨਾਲ ਹੀ 250ਗ੍ਰਾਮ ਜੋੰ-ਖਾਰ, 250ਗ੍ਰਾਮ ਕਲਮੀਸ਼ੋਰਾ, 250ਗ੍ਰਾਮ ਮਿਠਾਸੋਡਾ ਤੇ 250 ਗ੍ਰਾਮ ਫੜਕੜੀ ਲਉ ਤੇ ਖਿਲ ਕਰੋ ਫਿਰ ਸਾਰਾ ਸਾਮਾਨ ਰਗੜ ਕੇ ਪੋਡਰ ਬਣਾਉ ਤੇ ਮਿਕਸ ਕਰਕੇ 50gm ਰੋਜਾਨਾ ਖਾਲੀ ਪੇਟ ਦਿਉ ਜੀ ਇਸ ਨਾਲ ਜਲਦੀ ਠੀਕ ਹੋ ਜਾਵੇਗੀ..

Posted by Pinku Rawat
Uttarakhand
15-01-2020 07:57 PM
pinku ji kripya aap btaye ke aapke ilake men konsi mitti hai taki aapko iske bare men poori janakri di ja sake,dhanywad

Posted by Deepak choudhary
Uttar Pradesh
15-01-2020 07:57 PM
Deepak ji aap iske uper NPK 191919@1 kilo ko 150 litre pani ke hisab se spray karen.dhanywad

Posted by mandeep mann
Punjab
15-01-2020 07:56 PM
श्री मान मोटे आलुओं की पैदावार के लिए 13:0:45 की 2 किलो और मैगनीश्यिम ई डी टी ए 100 ग्राम प्रति एकड़ की स्प्रे करें बीमारियों के हमले को रोकने के लिए फंगसनाशी प्रॉपीनेब 3 ग्राम प्रति लीटर पानी डालें आलुओं का आकार और गिणती बढ़ाने के लिए हयूमिक एसिड (12 प्रतिशत) 3 ग्राम + एम ए पी 12:61:0 की 8 ग्राम या डी ए पी 15 ग्राम प्रति लीटर की स्.... (Read More)
श्री मान मोटे आलुओं की पैदावार के लिए 13:0:45 की 2 किलो और मैगनीश्यिम ई डी टी ए 100 ग्राम प्रति एकड़ की स्प्रे करें बीमारियों के हमले को रोकने के लिए फंगसनाशी प्रॉपीनेब 3 ग्राम प्रति लीटर पानी डालें आलुओं का आकार और गिणती बढ़ाने के लिए हयूमिक एसिड (12 प्रतिशत) 3 ग्राम + एम ए पी 12:61:0 की 8 ग्राम या डी ए पी 15 ग्राम प्रति लीटर की स्प्रे पौधे की वृद्धि के समय करें

Posted by vikash
Uttar Pradesh
15-01-2020 07:49 PM
श्री मान गेहूं की फसल की पैदावार को बढ़ाने के लिए जिंक सलफेट 10 किलोग्राम प्रति एकड़ में डालें जिंक की कमी को जिंक सलफेट 0.5 प्रतिशत स्प्रे द्वारा पूरा किया जा सकता है 15 दिनों के अंतराल पर 2-3 स्प्रे करें ज़मीन की अच्छी जोताई और अच्छी पैदावार के लिए 19:19:19 की स्प्रे, पानी में घुलनशील खादें+स्टिकर 0.5 मि.ली. को प्रति लीटर पा.... (Read More)
श्री मान गेहूं की फसल की पैदावार को बढ़ाने के लिए जिंक सलफेट 10 किलोग्राम प्रति एकड़ में डालें जिंक की कमी को जिंक सलफेट 0.5 प्रतिशत स्प्रे द्वारा पूरा किया जा सकता है 15 दिनों के अंतराल पर 2-3 स्प्रे करें ज़मीन की अच्छी जोताई और अच्छी पैदावार के लिए 19:19:19 की स्प्रे, पानी में घुलनशील खादें+स्टिकर 0.5 मि.ली. को प्रति लीटर पानी में मिलाकर बिजाई के 30 दिनों के बाद डालें

Posted by Lakhbeer hamad
Punjab
15-01-2020 07:45 PM
Lakhbeer ji tuc IFFCO di sagrika di varto kar sakde ho isdi matra 250ml nu prati acre de hisab nal spray karo.dhanwad

Posted by inderpal
Punjab
15-01-2020 07:42 PM
Inderpal ji Pregstay gold powder Vetland Pharma company da product hai.
Posted by shivam Yadav
Uttar Pradesh
15-01-2020 07:41 PM
श्री मान पपीते की खेती को मिट्टी की व्यापक किस्मों में उगाया जा सकता है अच्छे निकास वाली पहाड़ी मिट्टी पपीते की खेती के लिए उपयुक्त होती है रेतली और भारी मिट्टी में इसकी खेती ना करें पपीते की खेती के लिए मिट्टी की पी एच 6.5-7.0 होनी चाहिए प्रसिद्ध किस्में :-Pusa Dwarf: इसके फल मध्यम आकार के और अंडाकार होते हैं यह सूखे को .... (Read More)
श्री मान पपीते की खेती को मिट्टी की व्यापक किस्मों में उगाया जा सकता है अच्छे निकास वाली पहाड़ी मिट्टी पपीते की खेती के लिए उपयुक्त होती है रेतली और भारी मिट्टी में इसकी खेती ना करें पपीते की खेती के लिए मिट्टी की पी एच 6.5-7.0 होनी चाहिए प्रसिद्ध किस्में :-Pusa Dwarf: इसके फल मध्यम आकार के और अंडाकार होते हैं यह सूखे को सहनेयोग्य किस्म है यह उच्च घनत्व में रोपाई के लिए लाभदायक है Pusa Giant: इस किस्म के पौधे तेज हवा को सहनेयोग्य है यह बड़े फलों का उत्पादन करती है यह पैकिंग के लिए उपयुक्त किस्म है CO 3: इसके फल बड़े आकार के और अंडाकार होते हैं इसे ज्यादा देर तक रखने की गुणवत्ता अच्छी होती है CO 1: यह छोटे कद की किस्म है जिसके फल मध्यम आकार के होते हैं फल गोलाकार, नर्म हरा-पीला छिल्का और संतरी पीले रंग का गुद्दा होता है फल रसदार होता है और इसे ज्यादा देर तक रखने की गुणवत्ता अच्छी होती है Coorg Honey Dew: इसे सीधे तौर पर खाने के लिए और प्रक्रिया के लिए प्रयोग किया जाता है इसके फल आयताकार और गुद्दा मोटा संतरी रंग का होता है Pusa Majesty: इसके फल मध्यम आकार के, गोल होते हैं इन्हें रखने की गुणवत्ता बहुत अच्छी होती है यह किस्म 146 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है यह किस्म जड़ गलन निमाटोड के प्रतिरोधक किस्म है Pusa Delicious: यह मध्यम लंबी किस्म है इसके फल मध्यम आकार के होते हैं, गुद्दा गहरे संतरी रंग का होता है इस किस्म को कतारों में लगाने के लिए प्रयोग किया जाता है पपीते की खेती के लिए नदीन रहित भूमि का प्रयोग करें मिट्टी के भुरभुरा होने तक खेत की जोताई करें आखिरी जोताई के समय अच्छी तरह से गली हुई रूड़ी की खाद या गाय का गला हुआ गोबर मिट्टी में अच्छी तरह मिलाकर डालें सिफारिश किए गए फासलों पर 1 मीटर x 1 मीटर x 1 मीटर आकार के गड्ढे खोदें गड्ढों को मिट्टी और रूड़ी की खाद या गाय के गले हुए गोबर से भरें प्रयोग की गई किस्म के आधार पर प्रत्येक गड्ढे पर 2-4 नए पौधों की रोपाई करें रोपाई के बाद हल्की सिंचाई करें हवा से बचाव के लिए खूंटा लगाएं बीजों को 150 गेज़ की मोटाई वाले, 25 x 10 सैं.मी. के पॉलीथीन बैग में बोयें पानी के उचित निकास के लिए पॉलीथीन बैग के निचले हिस्से में 1 मि.मी. अर्द्धव्यास का छेद करें उसके बाद पॉलीथीन बैग में समान अनुपात में रूड़ी की खाद, मिट्टी और रेत डालें बिजाई से पहले बीजों का उपचार करें रोपाई के लिए 6-7 सप्ताह के पौधों का प्रयोग करें यूरिया 150 ग्राम, फासफोरस 80 ग्राम, पोटाश 100 ग्राम प्रति वृक्ष में प्रति वर्ष डालें खादों को 4 भागों में बांटकर रोपाई के बाद पहले, तीसरे, पांचवे और सातवें महीने में डालें बसंत के मौसम में फरवरी मार्च के महीने में बिजाई करें जबकि मॉनसून के मौसम में बिजाई के लिए जून जुलाई का महीना उपयुक्त होता है और पतझड़ के मौसम में बिजाई अक्तूबर से नवंबर महीने में की जाती है आमतौर पर 1.8 मीटर x 1.8 मीटर फासले का प्रयोग किया जाता है उच्च घनता की रोपाई के लिए 1.5 मीटर x 1.5 मीटर फासले का प्रयोग किया जाता है नर्सरी में बीज को 1 सैं.मी. की गहराई पर बोयें बीजो की खेत में सीधे बिजाई या मुख्य खेत में नए पौधों की रोपाई की जाती है 100-120 ग्राम बीज प्रति एकड़ में प्रयोग करें मिट्टी की किस्म, जलवायु के हालातों आदि के आधार पर सिंचाई करें सर्दियों में 15 दिनों के अंतराल पर और गर्मियों में 7 दिनों के अंतराल पर सिंचाई करें तने को पानी के संपर्क में ना आने दें और खेत में पानी भी खड़ा ना होने दें पौधे की प्रौढ़ अवस्था के दौरान नदीनों की रोकथाम जरूरी होती है नदीनों की तीव्रता के आधार पर, नियमित और हल्की गोडाई करें फ्लूक्लोरालिन या बूटाक्लोर 800 मि.ली. प्रति एकड़ में डालें नदीनों की रोकथाम के लिए मलचिंग भी एक प्रभावी तरीका है पौधों की रोपाई के कुछ दिनों बाद प्लास्टिक शीट या धान की पराली या गन्ने के बचे कुचे को मलच के रूप में डालें मुख्यत: फल के पूरा आकार लेने और हरे से हल्का पीला रंग होने पर तुड़ाई की जाती है पहली तुड़ाई रोपाई के 14-15 महीनों के बाद की जा सकती है 4-5 तुड़ाइयां प्रति मौसम की जा सकती हैं धन्यवाद

Posted by manga singh
Punjab
15-01-2020 07:29 PM
श्री मान यह विभिन्न प्रकार की मिट्टी में विकसित हो सकता है जिसमें सैंडी दोमट से लेकर मिट्टी, काली मिट्टी और लाल मिट्टी होती है जिसमें उचित जल निकासी होती है उच्च कार्बनिक सामग्री के साथ अच्छी तरह से सूखा रेतीली मिट्टी के नीचे उगाए जाने पर यह सबसे अच्छा परिणाम देता है अच्छी वृद्धि के लिए मिट्टी का पीएच 7-8.5 हो.... (Read More)
श्री मान यह विभिन्न प्रकार की मिट्टी में विकसित हो सकता है जिसमें सैंडी दोमट से लेकर मिट्टी, काली मिट्टी और लाल मिट्टी होती है जिसमें उचित जल निकासी होती है उच्च कार्बनिक सामग्री के साथ अच्छी तरह से सूखा रेतीली मिट्टी के नीचे उगाए जाने पर यह सबसे अच्छा परिणाम देता है अच्छी वृद्धि के लिए मिट्टी का पीएच 7-8.5 होना चाहिए यह मध्यम अम्लीय और लवणीय मिट्टी को सहन कर सकता है उच्च अम्लीय मिट्टी में खेती से बचें शुरुआती फसलों के लिए हल्की मिट्टी फायदेमंद होती है जहां भारी पैदावार के लिए मिट्टी दोमट और गाद दोमट मिट्टी उपयोगी होती है इसकी किस्मे जैसे के Pusa 120, Pusa Rubi, Pusa Sheetal, Pusa Hybrid 4, Arka Anyanya, Arka Vikas, Arka Abha, Kashi Hemant, Hisar Lalit, Arka Saurabh, HS 101, HS 102, Hisar Arun (Selection 7)की बिजाई कर सकते है टमाटर के बीजों को पहले नर्सरी में बोया जाता है फिर मुख्य क्षेत्र में रोपाई की जाती है मुख्य क्षेत्र की तैयारी के लिए, इसे अच्छी तरह से चूर्णित और समतल मिट्टी की आवश्यकता होती है 4-5 बार के लिए भूमि की जुताई ki जाती है अंतिम जुताई के समय मिट्टी में अच्छी तरह से विघटित गोबर @ 60 किग्रा / एकड़ मिलाएँ रोपाई के उद्देश्य के लिए 80-90 cm चौड़ाई का तैयार bed खरीफ की फसल के लिए जून से सितंबर महीने में नर्सरी में बीज बोते हैं ग्रीष्म ऋतु के लिए, नवंबर-दिसंबर में नर्सरी तैयार की जाती है जबकि सर्दियों के मौसम के लिए, सितंबर महीने में नर्सरी में बीज बोते हैं खरीफ की फसल, 60cmx60cm की spacing का उपयोग करें जबकि गर्मी और सर्दियों के मौसम के लिए, 60cmx45cm के spacing का उपयोग करें नर्सरी में 0.5 cm की गहराई पर बीज बोएं और फिर मिट्टी से ढक दें मुख्य खेत में रोपाई की रोपाई पंक्तियों में 5-7 cm की दूरी पर 1 मीटर की चौड़ाई और 5 मीटर की लंबाई वाले टमाटर पर बीज बोना एक एकड़ भूमि के लिए अंकुर प्राप्त करने के लिए, लगभग 25 उठाए हुए की आवश्यकता होती है बीजों की बुवाई से पहले कार्बोफ्यूरान 3 जी @ 10 ग्राम / वर्ग मीटर को नर्सरी मिट्टी में मिलाएं अंकुर को कीट और बीमारी के हमले से बचाने के लिए, मैनकोजेब @ 2 ग्राम / लीटर पानी का छिड़काव करें रोपाई के उद्देश्य के लिए चार से पांच सप्ताह का अंकुर यानी 10-15 cm ऊंचाई उपयुक्त है एक एकड़ भूमि में बुवाई के लिए अंकुर तैयार करने के लिए 140-160 ग्राम बीज दर का प्रयोग करें संकर किस्मों के लिए, बीज दर 80-100 ग्राम / एकड़ का प्रयोग करें सामान्य तौर पर, नाइट्रोजन @ 40 किग्रा -60 किग्रा, फास्फोरस @ 20 किग्रा और पोटाश @ 24-32 किग्रा यूरिया @ 90-130 किग्रा, एसएसपी @ 125 किग्रा और एमओपी @ 40-55 किग्रा / एकड़ के रूप में लागू करें रोपाई के प्रत्यारोपण से तीन से चार सप्ताह पहले, फास्फोरस और पोटाश की पूरी खुराक और नाइट्रोजन की एक तिहाई मात्रा लागू करें रोपाई के 30 और 50 दिनों के बाद दो बराबर छींटों में नाइट्रोजन की शेष मात्रा लागू करें रोपाई के बाद दो-तीन दिनों तक हल्की सिंचाई करें सर्दियों में, 12 से 15 दिनों के अंतराल पर और गर्मियों के महीने में सिंचाई करें, मिट्टी की नमी के आधार पर 6-7 दिनों के अंतराल के साथ आवेदन करें फूलों की अवस्था सिंचाई के लिए महत्वपूर्ण है, इस चरण के दौरान पानी के तनाव से फूल गिर सकता है और फलने और उत्पादकता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है विभिन्न शोधों के अनुसार, यह पाया गया है कि, हर पखवाड़े में आधा इंच सिंचाई जड़ों की अधिकतम पैठ का कारण बनती है और इस प्रकार उच्च उपज देती है इसके अलावा, अतिरिक्त सिंचाई से बचें धन्यवाद
Posted by Gagan Giri
Rajasthan
15-01-2020 07:20 PM
गगन जी आपको PDF files नहीं दी जा सकती आपको जो भी जानकारी चाहिए वो आप app या website से ले सकते है धन्यवाद

Posted by Amandeep Singh
Punjab
15-01-2020 07:15 PM
ਤੁਸੀ ਉਸ ਨੂੰ ਪੇਟ ਦੇ ਕੀੜਿਆਂ ਲਈ Bendykind plus ਦਿਓ ਅਤੇ ਉਸ ਨੂੰ ਕਾਰਗਿਲ ਦੀ Heifer dry ਫੀਡ ਦੇਣੀ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ ਅਤੇ ਵਧਿਆ ਮਾਤਰਾ ਵਿਚ ਚਾਰਾ ਦਿਓ ਬਾਕੀ ਉਸ ਨੂੰ ਖੁਰਾਕ ਦੇ ਨਾਲ ਨਾਲ Cafplan ਪਾਊਡਰ 50 ਗ੍ਰਾਮ ਰੋਜਾਨਾ ਦੇਣਾ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ, ਇਸ ਨਾਲ ਵਧਿਆ ਗਰੋਥ ਹੋ ਜਾਵੇਗੀ..
Posted by Ravishankar Baghel
Madhya Pradesh
15-01-2020 07:07 PM
रविशंकर जी कृपया बताएं कि आपने इसमें क्या क्या खाद डाली है ताकि आपको इसके बारे में पूरी जानकारी दी जा सके धन्यवाद

Posted by prashant
Karnataka
15-01-2020 07:03 PM
prashant ji kripya aap btaye ke aapne isme abhi tak kya kya khaad daali hai taki aapko iske bare men poori jankari di ja sake.dhanywad

Posted by Sunil Oraon
Jharkhand
15-01-2020 06:59 PM
श्री मान आलू को ठंड से बचाने के लिए हल्की सिंचाई कर सकते हो

Posted by रूपाराम
Rajasthan
15-01-2020 06:54 PM
श्री मान जीरे की ग्रोथ के लिए आप NPK 19:19:19@1kg प्रति एकड़ सप्रे करें

Posted by neeraj kumar saroj
Uttar Pradesh
15-01-2020 06:38 PM
नीरज जी आप सब्जियां जैसे ग्वार, खीरा-ककड़ी, लोबिया, करेला, लौकी, तुरई, पेठा, खरबूजा, तरबूज, पालक, भिण्डी, अरबी की बिजाई कर सकते है धन्यवाद
Posted by Mukesh kumar Jatiya
Rajasthan
15-01-2020 06:35 PM
मुकेश जी फोटो में देखने पर तो इसमें कोई कमी दिखाई नहीं दे रही है आप इसका लगातार सर्वेक्षण करते रहे जिस से फसल में होने वाले नुक्सान से बचा जा सके धन्यवाद
Posted by Rakesh Kumar
Punjab
15-01-2020 06:33 PM
Rakesh ji aap unko acha chara ,dana dalen unko roti naa dalen kai var roti mai fungas lggi hone ke karan bakri ko nuksan ho skta hai aur bandd ki smasiaa v aa skti hai.

Posted by inderjit singh
Punjab
15-01-2020 06:18 PM
BhaaG rajwa hara chaara te har din 3 kg feed pao har 3 mahine baad malap rehat karo
Posted by श्री निबास यादब
Uttar Pradesh
15-01-2020 06:16 PM
श्रीमान जी आलू में fungicide M 45 500gm प्रति एकड़ की स्प्रे कर सकते हैं।
Posted by ਇਕਬਾਲ ਸਿੰਘ ਢਿੱਲੋਂ
Punjab
15-01-2020 06:05 PM
ਮੋਟੇ ਆਲੂਆਂ ਦੀ ਪੈਦਾਵਾਰ ਲਈ, 13:0:45 ਦੀ 2 ਕਿਲੋ ਅਤੇ ਮੈਗਨੀਸ਼ੀਅਮ ਈ ਡੀ ਟੀ ਏ 100 ਗ੍ਰਾਮ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੀ ਸਪਰੇਅ ਕਰੋ ਬਿਮਾਰੀਆਂ ਦੇ ਹਮਲੇ ਨੂੰ ਰੋਕਣ ਲਈ ਉੱਲੀਨਾਸ਼ਕ ਪ੍ਰੋਪਿਨੇਬ 3 ਗ੍ਰਾਮ ਪ੍ਰਤੀ ਲੀਟਰ ਪਾਣੀ ਪਾਓ ਆਲੂਆਂ ਦਾ ਆਕਾਰ ਅਤੇ ਗਿਣਤੀ ਵਧਾਉਣ ਲਈ ਹਿਊਮਿਕ ਐਸਿਡ (12%) 3 ਗ੍ਰਾਮ+ਐੱਮ ਏ ਪੀ 12:61:0 ਦੀ 8 ਗ੍ਰਾਮ ਜਾਂ ਡੀ ਏ ਪੀ 15 ਗ੍ਰਾਮ ਪ੍ਰਤੀ ਲੀਟਰ ਦੀ ਸਪਰੇਅ ਪੌਦੇ ਦੇ ਵਾਧੇ ਸਮੇਂ ਕਰੋ

Posted by gaurav rana
Haryana
15-01-2020 06:05 PM
Gaurav ji kripya btaye ke aapne isme pehle kya ky akhaad daali hai kyuki yeh tatv ki kami ke karn hote hai.dhanywad
Posted by manoj kumar
Uttar Pradesh
15-01-2020 05:58 PM
MAnoj ji kripya aap ganne ki photo bheje aur kripya aap btaye ke aapne isme kya kya khaad daali hai taki aapko iske bare men poori jankari di ja sake,dhanywad

Posted by Nikhil Agrawal
Rajasthan
15-01-2020 05:58 PM
बकरी पालन बहुत ही लाभकारी काम है शुरूआत करने के लिए आप 10 बकरियों और 2 बकरे के साथ कर सकत हैं इन्हें खुराक कम चाहिए इसलिए इन्हें आसानी से पाल सकते हैं ये हर प्रकार के मौसम में पाली जा सकती हैं बकरियां 12-14 महीने में बच्चे देना शुरू कर देती है एक बकरी के लिए लगभग 12—15 वर्ग फीट जगह छती हुई और 25—30 वर्ग फीट जगह खुली चाहिए .... (Read More)
बकरी पालन बहुत ही लाभकारी काम है शुरूआत करने के लिए आप 10 बकरियों और 2 बकरे के साथ कर सकत हैं इन्हें खुराक कम चाहिए इसलिए इन्हें आसानी से पाल सकते हैं ये हर प्रकार के मौसम में पाली जा सकती हैं बकरियां 12-14 महीने में बच्चे देना शुरू कर देती है एक बकरी के लिए लगभग 12—15 वर्ग फीट जगह छती हुई और 25—30 वर्ग फीट जगह खुली चाहिए बकरी का गर्भ समय 150 दिन का होता है और साल में 1-5 बच्चे देती है साल में दो बच्चे देना आम बात है बकरियां 8-10 वर्ष तक बच्चे देती हैं और अपन गिनती को तेजी से बढ़ा लेती हैं आप बारबरी, ब्लैक बंगाल, जैसी नसल पाल सकते हैं
Posted by Manga Rampur kalan
Punjab
15-01-2020 05:53 PM
ਤੁਸੀ Lactomax tablet 10 ਗੋਲੀਆਂ ਰੋਜਾਨਾ 20 ਦਿਨ ਤਕ ਦਿਓ ਅਤੇ ਉਸ ਨੂੰ Glactogog powder 1-1 ਪਾਉਚ ਸਵੇਰੇ ਸ਼ਾਮ ਦਿਓ ਅਤੇ Brotone liquid 50ml ਰੋਜਾਨਾ ਦੇਣਾ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ, ਬਾਕੀ ਉਸਦੀ ਖੁਰਾਕ ਦਾ ਪੂਰਾ ਧਿਆਨ ਰੱਖੋ ਜੀ.

Posted by Prem
Madhya Pradesh
15-01-2020 05:47 PM
प्रेम जी चने का भाव 3900 से 4100 क्विंटल चल रहा है। धन्यवाद

Posted by Ram Ramniwas
Rajasthan
15-01-2020 05:44 PM
Ram Ramniwas ji seed lene ke lia aap Karan Gupta 9252333335 Sangam Seeds Factory se samprak kar sakte hai, Thankyou.
Posted by updesh kumar dubey
Uttar Pradesh
15-01-2020 05:44 PM
उपदेश जी आप इसके ऊपर copper oxychloride @500 ग्राम को प्रति एकड़ के हिसाब से स्प्रे करें धन्यवाद

Posted by Rajesh chahal
Haryana
15-01-2020 05:44 PM
rajesh ji kripya swal vistar se pooche taki aapko iske bare men poori jankari di ja sake.dhanywad
Posted by Amit Kumar Singh
Uttar Pradesh
15-01-2020 05:34 PM
पुदीना मैंथा के नाम से जानी जाने वाली एक क्रियाशील जड़ी बूटी है पुदीने को मिट्टी की कई किस्मों जैसे दरमियाने से गहरी उपजाऊ मिट्टी, जिसमें पानी को सोखने की क्षमता ज्यादा हो, में उगाया जाता है इसको जल-जमाव वाली मिट्टी में भी उगाया जा सकता है उच्च नमी वाली मिट्टी में यह अच्छे परिणाम देती है इस फसल के लिए मिट्टी .... (Read More)
पुदीना मैंथा के नाम से जानी जाने वाली एक क्रियाशील जड़ी बूटी है पुदीने को मिट्टी की कई किस्मों जैसे दरमियाने से गहरी उपजाऊ मिट्टी, जिसमें पानी को सोखने की क्षमता ज्यादा हो, में उगाया जाता है इसको जल-जमाव वाली मिट्टी में भी उगाया जा सकता है उच्च नमी वाली मिट्टी में यह अच्छे परिणाम देती है इस फसल के लिए मिट्टी का pH 6-7.5 होना चाहिए प्रसिद्ध किस्में:- MAS-1: यह छोटे कद की किस्म है जिसकी ऊंचाई 30-45 सैं.मी. होती है यह बीमारीयों की रोधक और जल्दी पकने वाली किस्म है इसमें मैन्थोल की मात्रा 70-80% होती है इसकी औसतन पैदावार 80 क्विंटल प्रति एकड़ जड़ी-बूटियां के तौर पर और 50-60 किलोग्राम प्रति एकड़ तेल के तौर पर होती है Hybrid-77: इसकी ऊंचाई 50-60 सैं.मी. होती है यह किस्म पत्तों के धब्बा रोग और कुंगी के रोधक होती है, और यह जल्दी पकने वाली किस्म है इसमें मैन्थोल की मात्रा 80-85% होती है इसकी औसतन पैदावार 80 क्विंटल प्रति एकड़ जड़ी-बूटियां के तौर पर और 50-60 किलोग्राम प्रति एकड़ तेल के तौर पर होती है यह रेतली दोमट मिट्टी में बढ़िया पैदावार देती है औरऐसी शुष्क मौसम में की आवश्यकता होती है Shivalik: यह चीन की खेती से चुनी गई किस्म है यह किस्म उत्तर प्रदेश के तराई क्षेत्रों और उत्तरांचल में अच्छी वृद्धि करती है इसमें मैन्थोल की मात्रा 65-70% होती है इसकी औसतन पैदावार 120 क्विंटल प्रति एकड़ जड़ी-बूटियां के तौर पर और 72 किलोग्राम प्रति एकड़ तेल के तौर पर होती है यह किस्म फंगस रोगों से जल्दी प्रभावित होती है EC-41911: यह किस्म रूसी जर्मप्लाज्म से ली गई है यह किस्म पानी की रोधक और आकार में सीधी होती है इसमें मैन्थोल की मात्रा 70%पायी जाती है इसकी औसतन पैदावार 120 क्विंटल प्रति एकड़ जड़ी-बूटियां के तौर पर और 72 किलोग्राम प्रति एकड़ तेल के तौर पर होती है इस किस्म से तैयार तेल का प्रयोग विभिन्न व्यंजनों में स्वाद के लिए किया जाता है Gomti: यह किस्म रंग में हल्के लाल रंग की होती है इसकी पैदावार बाकी किस्मों की पैदावार से कम होती है इसमें मैन्थोल की मात्रा 78-80% होती है Himalaya: इसके पत्तों का आकार बाकी किस्मों से बड़ा होता है यह किस्म कुंगी, झुलस, सफेद धब्बे और पत्तों पर धब्बे रोग की रोधक है इसमें मैन्थोल की मात्रा 78-80% होती है इसकी औसतन पैदावार 160 क्विंटल प्रति एकड़ जड़ी-बूटियां के तौर पर और 80-100 किलोग्राम प्रति एकड़ तेल के तौर पर होती है Kosi: यह किस्म 90 दिनों में पक जाती है यह किस्म कुंगी, झुलस, सफेद धब्बे और पत्तों के धब्बे रोग की प्रतिरोधक है इसमें मैन्थोल की मात्रा 75-80 प्रतिशत होती है और तेल की पैदावार 80-100 किलोग्राम प्रति एकड़ होती है Saksham: यह किस्म सी वी हिमालय की तरफ से टिशू कल्चर द्वारा तैयार की गई है इसमें मैन्थोल की मात्रा 80% होती है और तेल की पैदावार 90-100 किलोग्राम प्राप्त होती है पुदीने की बिजाई के लिए सुविधाजनक आकार के बैड तैयार करें खेत की तैयारी के समय खेत की अच्छी तरह जोताई करें जैविक खाद जैसे रूड़ी की खाद 100-120 क्विंटल प्रति एकड़ रूड़ी की खाद डालें रूड़ी की खाद के बाद हरी खाद डालें इसकी बिजाई के लिए दिसंबर-जनवरी का समय अनुकूल होता है पौधे के भागों की बिजाई 40 सैं.मी. के फासले पर और पंक्तियों के बीच का फासला 60 सैं.मी होना चाहिए बीज को 2-3 सैं.मी. की गहराई में बोयें पौधे के जड़ वाले भाग को मुख्य खेत में बोया जाता है खेत की तैयारी के समय रूड़ी की खाद 80-120 क्विंटल प्रति एकड़ में डालें और अच्छी तरह मिलायें नाइट्रोजन 58 किलो (यूरिया 130 किलो), फासफोरस 32-40 किलो (सिंगल सुपर फासफेट 80-100 किलो), पोटाशियम 20 किलो (म्यूरेट ऑफ पोटाश 33 किलो) प्रति एकड़ में डालें गर्मियों में मॉनसून से पहले जलवायु और मिट्टी के आधार पर 6-9 सिंचाइयां जरूर की जानी चाहिए मॉनसून के बाद 3 सिंचाइयों की आवश्यकता होती है पहली सिंचाई सितंबर महीने में, दूसरी अक्तूबर में और तीसरी नवंबर महीने में की जानी चाहिए सर्दियों में ज्यादा सिंचाई की आवश्यकता नहीं होती, लेकिन यदि सर्दियों में बारिश ना पड़े तो एक सिंचाई जरूर देनी चाहिए पौधे 100-120 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाते हैं जब निचले पत्ते पीले रंग के होने शुरू हो जायें, तब कटाई करें कटाई दराती से और बूटियों को मिट्टी की सतह के 2-3 सैं.मी. ऊपर से निकालें अगली कटाई पहली कटाई के बाद 80 दिनों के अंतराल पर करें ताजी पत्तियों को उत्पाद बनाने के लिए प्रयोग किया जाता है, धन्यवाद
Posted by Deep gill
Punjab
15-01-2020 05:22 PM
ਤੁਸੀ 250 ਗ੍ਰਾਮ ਗੁੜ, 250 ਗ੍ਰਾਮ ਗੁਲਕੰਦ, 100 ਗ੍ਰਾਮ ਸੌੰਫ, 100 ਗ੍ਰਾਮ ਸੁਕੇ ਆਵਲੇ ਤੇ 50 ਗ੍ਰਾਮ ਅਜਵਾਇਨ ਉਬਾਲ ਕੇ ਠਾਰ ਕੇ 5 ਦਿਨ ਦੇਣੀ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ ਅਤੇ ਇਸ ਨੂੰ Brotone liquid 50-50ml ਸਵੇਰੇ ਸ਼ਾਮ ਦਿਓ ਅਤੇ Glactogog powder ਰੋਜਾਨਾ 1 pouch ਦਿਓ, ਇਹਨਾਂ ਨਾਲ ਅੰਦਰ ਤੋਂ ਸਫਾਈ ਵੀ ਹੋਵੇਗੀ ਅਤੇ ਦੁੱਧ ਵੀ ਵੱਧ ਜਾਵੇਗੀ
Posted by श्रवण चौधरी
Rajasthan
15-01-2020 05:21 PM
श्रवण चौधरी जी कृपया सवाल विस्तार से पूछे ताकि आपको इसके बारे में पूरी जानकारी दी जा सके धन्यवाद
Posted by Deep gill
Punjab
15-01-2020 05:16 PM
Tuci iss nu Calcimust gold liquid 50ml rojana, Sarakind plus bolus 1-1 goli swere sham deo ate Milkout powder 2-2 chamch swere sham dene suru kro, ehna nal frak paa jawega.
Posted by Deep gill
Punjab
15-01-2020 05:14 PM
ਤੁਸੀ ਇਸ ਨੂੰ Vitol liquid 10-10ml ਸਵੇਰੇ ਸ਼ਾਮ ਅਤੇ Vitum-H injection 5ml ਲਗਵਾਓ ਇਹ ਤੁਸੀ 3-3 ਦਿਨਾਂ ਦੇ ਫਰਕ ਨਾਲ 5 ਇੰਜੇਕਸ਼ਨ ਲਗਵਾਓ ਫਿਰ ਇੰਜੇਕਸ਼ਨ ਲਗਵਾਉਣ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਇਸ ਨੂੰ ਅਗਲੇ ਦਿਨ ਤੋਂ ਤੁਸੀ ਕਲਮੀਸ਼ੋਰਾ 500ਗ੍ਰਾਮ, ਜੋ ਖਾਰ 250ਗ੍ਰਾਮ, ਮਿਠਾਸੋਡਾ 250ਗ੍ਰਾਮ, ਨਸ਼ਾਦਰ 150ਗ੍ਰਾਮ, ਖੰਡ 2 ਕਿਲੋ ਅਤੇ ਮਿਠਾ ਤੇਲ 2 ਕਿਲੋ ਲਉ ਤੇ ਪਹਿਲਾਂ ਖੰਡ ਦੀ ਚਾਸਣੀ ਬਣਾਉਣ ਤੇ ਫਿਰ ਉਸ ਵਿਚ ਮਿੱਠਾ ਤੇਲ ਪਾਉ ਤੇ ਉਬਾਲੋ ਫਿਰ ਉਸ .... (Read More)
ਤੁਸੀ ਇਸ ਨੂੰ Vitol liquid 10-10ml ਸਵੇਰੇ ਸ਼ਾਮ ਅਤੇ Vitum-H injection 5ml ਲਗਵਾਓ ਇਹ ਤੁਸੀ 3-3 ਦਿਨਾਂ ਦੇ ਫਰਕ ਨਾਲ 5 ਇੰਜੇਕਸ਼ਨ ਲਗਵਾਓ ਫਿਰ ਇੰਜੇਕਸ਼ਨ ਲਗਵਾਉਣ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਇਸ ਨੂੰ ਅਗਲੇ ਦਿਨ ਤੋਂ ਤੁਸੀ ਕਲਮੀਸ਼ੋਰਾ 500ਗ੍ਰਾਮ, ਜੋ ਖਾਰ 250ਗ੍ਰਾਮ, ਮਿਠਾਸੋਡਾ 250ਗ੍ਰਾਮ, ਨਸ਼ਾਦਰ 150ਗ੍ਰਾਮ, ਖੰਡ 2 ਕਿਲੋ ਅਤੇ ਮਿਠਾ ਤੇਲ 2 ਕਿਲੋ ਲਉ ਤੇ ਪਹਿਲਾਂ ਖੰਡ ਦੀ ਚਾਸਣੀ ਬਣਾਉਣ ਤੇ ਫਿਰ ਉਸ ਵਿਚ ਮਿੱਠਾ ਤੇਲ ਪਾਉ ਤੇ ਉਬਾਲੋ ਫਿਰ ਉਸ ਵਿਚ ਬਾਕੀ ਸਾਰਾ ਸਾਮਾਨ ਪਾਉ ਤੇ ਉਬਾਲ ਕੇ ਠਾਰ ਕੇ ਪੰਜ ਹਿੱਸੇ ਕਰ ਲਉ ਤੇ ਇਕ ਹਿੱਸਾ ਰੋਜਾਨਾ ਰਾਤ ਵੇਲੇ ਦਿਉ ਤੇ ਪਸ਼ੂ ਨੂੰ ਤ੍ਰੇਲ ਵਿਚ ਨਾ ਬੰਨ੍ਹੋ ਤੇ ਨਾ ਹੀ 6 ਦਿਨ ਨਵਾਹੋ ਅਤੇ Milkout ਪਾਊਡਰ 15-15gm ਸਵੇਰੇ ਸ਼ਾਮ ਦਿਓ, ਇਸ ਨਾਲ ਫਰਕ ਪੈ ਜਾਵੇਗਾ

Posted by naveen rajput
Madhya Pradesh
15-01-2020 05:13 PM
फसल को जानवरों से बचाने के लिए आप खेत में फेंसिंग कर सकते है, इसके इलावा आप prem raj saini 9719432296 जी से संम्पर्क कर सकते है, इन्होने एक खाद त्यार की है जिसकी बदबू से जानवर खेत में नहीं आते.
Posted by GURLAL SINGH GILL
Punjab
15-01-2020 05:12 PM
ਗੁਰਲਾਲ ਜੀ ਇਹਨਾਂ ਦੀ ਇਕੱਠੇ ਰਲਾ ਕੇ ਸਪਰੇ ਕੀਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਧੰਨਵਾਦ
Posted by श्रवण चौधरी
Rajasthan
15-01-2020 05:10 PM
श्रवण जी कृपया आप अपना सवाल विस्तार से पूछे ताकि आपको इसके बारे में पूरी जानकारी दी जा सके धन्यवाद

Posted by satish
Punjab
15-01-2020 05:07 PM
Satish ji tuci uss nu Pregstay gold powder 30gm rojana ate Bovimin-b powder 50gm rojana dena suru kro, jekar ohh gaban hoi tan rukk jawegi jekar naa hoi tan dubara heat vich aa jawegi. baki tuci 3 mahine badd doctor ton jrur check krwao ji.
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