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Posted by Neeraj sing
Uttarakhand
18-01-2020 02:42 AM
Punjab
01-19-2020 12:44 PM
Murgi ko aap apne nazdiki market mai shop per sale kr skte hai, waha jo market mai rate chlta hai uske hisab se rate mill jayega.
Posted by sajid
Rajasthan
18-01-2020 02:17 AM
Rajasthan
01-18-2020 08:42 AM
मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजि.... (Read More)
मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजित किया जा रहा है प्रशिक्षण कार्य कर्म में भाग लेने के लिए नीचे दिए गए नम्बर पर आज ही संपर्क करें और Rs 250/ से अपना रजिस्ट्रेशन करवाए अचल सिंह (फाउंडर )- 9711858258. धन्यवाद
Posted by sajid
Rajasthan
18-01-2020 02:10 AM
Rajasthan
01-18-2020 08:34 AM
मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजि.... (Read More)
मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजित किया जा रहा है प्रशिक्षण कार्य कर्म में भाग लेने के लिए नीचे दिए गए नम्बर पर आज ही संपर्क करें और Rs 250/ से अपना रजिस्ट्रेशन करवाए अचल सिंह (फाउंडर )- 9711858258. धन्यवाद
Posted by yatendra kumar
Uttar Pradesh
18-01-2020 01:01 AM
Punjab
01-18-2020 07:23 AM
श्री मान आलू में M-45@500 gm प्रती एकड़ सप्रे कर सकते हो
Posted by BHUSHAN Mishra
Uttar Pradesh
18-01-2020 12:38 AM
Punjab
03-25-2020 10:22 AM
BHUSHAN Mishra ji puran jankari ke lia aap Mr dhananjay Kumar 9416400207 se samparak kar sakte hai, Thankyou.
Posted by Ravindar Kumar
Bihar
18-01-2020 12:17 AM
Punjab
01-18-2020 07:23 AM
श्री मान कृपया आप अपना सवाल विस्तार से पूछें तो आपको पूरी जानकारी दी जा सके
Posted by sarpanch
Punjab
17-01-2020 10:59 PM
Punjab
01-18-2020 09:28 AM
sarpanch ji african tall de vich jyada tym pani khada nahi rehn dena chaida.dhanwad
Posted by Nitin Maharaj
Uttar Pradesh
17-01-2020 10:45 PM
Punjab
01-18-2020 11:10 AM
नितिन जी यह फंगस के कारण हो रहा है इसके लिए आप copper oxychloride @3 gram को प्रति लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे करें धन्यवाद
Posted by Nitin Maharaj
Uttar Pradesh
17-01-2020 10:37 PM
Punjab
01-18-2020 01:33 PM
नितिन जी आप सब्जियां जैसे *मार्च* ग्वार, खीरा-ककड़ी, लोबिया, करेला, लौकी, तुरई, पेठा, खरबूजा, तरबूज, पालक, भिण्डी, अरबी की बिजाई कर सकते है धन्यवाद
Posted by Hind Wala Qazi
Uttar Pradesh
17-01-2020 10:29 PM
Punjab
01-18-2020 10:41 AM
Aap unko Milkout powder 1-1 rojana dena suru kren aur Calcimust bolus rojana 1 goli den, baki aap unko nazdiki doctor se janch krwayen jisse dudh sahi naa aane ka karan ptaa lgg skee..
Posted by muhammad asif
Uttar Pradesh
17-01-2020 10:20 PM
Punjab
01-18-2020 07:25 AM
श्री मान आलू को ठंड से बचाने के लिए हल्की सिंचाई कर सकते हो
Posted by mahaveer chauhan
Uttarakhand
17-01-2020 10:18 PM
Punjab
01-18-2020 02:00 PM
Pusa Hybrid 2: यह किस्म ICAR, नई दिल्ली द्वारा विकसित की गई है इसके फल चपटे, गोल और मोटे छिल्के वाले होते हैं इसकी औसतन पैदावार 220 क्विंटल प्रति एकड़ होती है
Posted by mahaveer chauhan
Uttarakhand
17-01-2020 10:10 PM
Punjab
01-18-2020 02:20 PM
Kashi Amrut (D.V.R.T 1): यह मध्यम फैलने वाली किस्म है इसके फल मध्यम, गोल होते हैं इसकी औसतन पैदावार 160 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Kashi Anupam: यह मध्यम ऊंचाई वाली अगेती बिजाई वाली किस्म है इसके फल बड़े और गोल होते हैं इसकी औसतन पैदावार 160 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Kashi Vishesh (H -86): इसके फल मध्यम से बड़े आकार के होते हैं और यह किस्म पत्ता मर.... (Read More)
Kashi Amrut (D.V.R.T 1): यह मध्यम फैलने वाली किस्म है इसके फल मध्यम, गोल होते हैं इसकी औसतन पैदावार 160 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Kashi Anupam: यह मध्यम ऊंचाई वाली अगेती बिजाई वाली किस्म है इसके फल बड़े और गोल होते हैं इसकी औसतन पैदावार 160 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Kashi Vishesh (H -86): इसके फल मध्यम से बड़े आकार के होते हैं और यह किस्म पत्ता मरोड़ रोग की प्रतिरोधक है इसकी औसतन पैदावार 80-100 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Pant Bahar: इस किस्म के फल गोल और मध्यम आकार के होते हैं Arka Vikas: यह किस्म IIHR, बैंगलोर द्वारा जारी की गई है यह 120 दिनों में तुड़ाई के लिए तैयार हो जाती है इसकी औसतन पैदावार 140-160 क्विंटल प्रति एकड़ होती है D T 10: इस किस्म का पौधा लंबा और फल मध्यम आकार के होते हैं इसकी औसतन पैदावार 120-140 क्विंटल प्रति एकड होती है Arka Saurabh: यह मध्यम ऊंचाई वाली किस्म है इसके फल बड़े आकार के होते हैं इस किस्म के फलों में दरारें नहीं पड़ती इसकी औसतन पैदावार 120-140 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Pusa Hybrid 2: यह किस्म ICAR, नई दिल्ली द्वारा विकसित की गई है इसके फल चपटे, गोल और मोटे छिल्के वाले होते हैं इसकी औसतन पैदावार 220 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Avinash 2: यह मध्यम ऊंचाई वाली किस्म है इसके फल गोल और गहरे लाल रंग के होते हैं इसकी औसतन पैदावार 240 क्विंटल प्रति एकड़ होती है S.T.H 537: यह हाइब्रिड किस्म है इसकी औसतन पैदावार 320 क्विंटल प्रति एकड़ होती है
Posted by Mohammed Naseem
Haryana
17-01-2020 09:56 PM
Punjab
01-18-2020 07:25 AM
Shri maan g kripa aap iski photo bhejen toh aapko poori jankari di ja ske .....
Posted by ਜਸਵਿੰਦਰ ਸਿੰਘ
Punjab
17-01-2020 09:47 PM
Punjab
01-18-2020 07:11 AM
ਸ੍ਰੀ ਮਾਨ ਜੀ ਗੁੱਲੀ ਡੰਡੇ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਲਈ ਲੀਡਰ, ਟੌਪਿਕ, ਦੀ ਵਰਤੋ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਚੌੜੇ ਪੱਤਿਆਂ ਵਾਲੇ ਨਦੀਨ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਲਈ 2,4D 250 ml ਦੀ ਸਪਰੇਅ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਟੌਪਿਕ 15 ਡਬਲਿਊ ਪੀ (ਕਲੋਡੀਨਾਫਾਪ) 160 ਗ੍ਰਾਮ ਬਿਜਾਈ ਦੇ 30 ਤੋਂ 35 ਦਿਨਾਂ ਅੰਦਰ 150 ਪਾਣੀ/ਏਕੜ •• ਐਕਸੀਅਲ 5 ਈ ਸੀ (ਪਿਨੌਕਸਾਡਿਨ) 400 ਮਿਲੀਲਿਟਰ 4) ਲੀਡਰ/ਮਾਰਕਸਲਫੋ 75 ਡਬਲਿਊ ਜੀ (ਸਲਫੋਸਲਫੂਰਾਨ) 13 ਗ੍ਰਾਮ •ਟੋਟਲ/ਮਾਰਕਪਾਵਰ 75 ਡਬਲਿਊ .... (Read More)
ਸ੍ਰੀ ਮਾਨ ਜੀ ਗੁੱਲੀ ਡੰਡੇ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਲਈ ਲੀਡਰ, ਟੌਪਿਕ, ਦੀ ਵਰਤੋ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਚੌੜੇ ਪੱਤਿਆਂ ਵਾਲੇ ਨਦੀਨ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਲਈ 2,4D 250 ml ਦੀ ਸਪਰੇਅ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਟੌਪਿਕ 15 ਡਬਲਿਊ ਪੀ (ਕਲੋਡੀਨਾਫਾਪ) 160 ਗ੍ਰਾਮ ਬਿਜਾਈ ਦੇ 30 ਤੋਂ 35 ਦਿਨਾਂ ਅੰਦਰ 150 ਪਾਣੀ/ਏਕੜ •• ਐਕਸੀਅਲ 5 ਈ ਸੀ (ਪਿਨੌਕਸਾਡਿਨ) 400 ਮਿਲੀਲਿਟਰ 4) ਲੀਡਰ/ਮਾਰਕਸਲਫੋ 75 ਡਬਲਿਊ ਜੀ (ਸਲਫੋਸਲਫੂਰਾਨ) 13 ਗ੍ਰਾਮ •ਟੋਟਲ/ਮਾਰਕਪਾਵਰ 75 ਡਬਲਿਊ ਡੀ ਜੀ (ਸਲਫੋਸਲਫੂਰਾਨ+ਮੈਟਸਫੂਰਾਨ) 16 ਗ੍ਰਾਮ •ਐਟਲਾਂਟਿਸ 3.6 ਡਬਲਿਊ ਡੀ ਜੀ (ਮਿਜ਼ੋਸਲਫੂਰਾਨ+ਆਇਡੋਸਲਫੂਰਾਨ) 160 ਗ੍ਰਾਮ 6 ਸ਼ਗੁਨ 21-11 (ਮੈਟਰੀਬਿਊਜ਼ਿਨ+ਕਲੋਡੀਨਾਫਾਪ) 200 ਗ੍ਰਾਮ •ਏ ਸੀ ਐੱਮ-9 (ਕਲੋਡੀਨਾਫਾਪ+ਮੈਟਰੀਬਿਊਜ਼ਿਨ) 240 ਗ੍ਰਾਮ *ਨੋਟ* 1.ਸ਼ਗਨ 21-11 ਨੂੰ pbw 550 ਤੇ ਉਨਤ pbw550 ਵਿਚ ਨਾ ਛਿੜਕੋ 2. ਸਗਨ 21-11 ਦਾ ਹਲਕੀਆਂ ਜਮੀਨਾ ਵਿਚ ਛਿੜਕਾ ਨਾ ਕਰੋ 3.ਵਡਾਣਕ ਕਣਕ ਵਿਚ ਸ਼ਗਨ 21-11 ਨਾ ਵਰਤੋਂ 4.ਟੋਟਲ/ ਮਾਰਕਪਾਵਰ ਵਾਲੇ ਖੇਤਾਂ ਵਿੱਚ ਚਰ੍ਹੀ (ਜਵਾਰ) ਅਤੇ ਮੱਕੀ ਨਾ ਬੀਜੋ
Posted by Jagdev Singh
Punjab
17-01-2020 09:46 PM
Punjab
01-18-2020 02:22 PM
Jagdev ji please ask your question in detail so that we can provide you proper information.thank you
Posted by harpreet
Punjab
17-01-2020 09:42 PM
Punjab
01-18-2020 10:45 AM
Harpreet ji aap jo v kam suru krna chahte hai uss kam ki training lekar usko suru kren aur ek farm se dusre farm mai lagbhag 100-150 meter ka fasla hona jruri hai, baki jabb aap inki training lenge too apko inki sahi jankari mill jayegi, aap training apne nazdiki kvk se le skte hai. training lene ke liye aap KRISHI VIGYAN KENDRA, VILLAGE BOOH, POST OFFICE HARIKE PATTAN, TEHSIL PATTI, DISTRICT TARN TARAN (PUNJAB) – 143412, Contact: +91 9872974326 se sampark kr skte hai.
Posted by sarpanch
Punjab
17-01-2020 09:38 PM
Punjab
01-18-2020 02:46 PM
Sarpanch ji african tall makki de vich pani jyada time nahi khda rehn dena chaida.dhanwad
Posted by ashutosh pratap singh
Uttar Pradesh
17-01-2020 09:36 PM
Punjab
01-18-2020 07:26 AM
श्रीमान जी कृपया आप अपना सवाल विस्तार से पूछें ताकि आपको इसके बारे में पूरी जानकारी दी जा सके, धन्यवाद
Posted by Harman Sidhu
Chattisgarh
17-01-2020 08:59 PM
Punjab
01-18-2020 02:53 PM
Harman ji isda result vadia hai tuc isdi varto kar sakde ho market vich NPK 242400 mildi hai.dhanwad
Posted by ramandeep
Punjab
17-01-2020 08:53 PM
Punjab
01-18-2020 10:47 AM
Ramandeep ji kisana nal jankari share krn lai dhanwad, tuci apne chicks di AD sadi dusri App apni kheti buy/sell te upload kr skde ho, uthe tuhanu chicks khridan wale kisan mill jange..
Posted by Om Panwar Jhinjhinyali
Rajasthan
17-01-2020 08:51 PM
Punjab
01-18-2020 03:21 PM
ओम जी आप झुलस की रोकथाम के लिए कार्बेन्डाजिम@400 ग्राम को प्रति एकड़ के हिसाब से स्प्रे करें धन्यवाद
Posted by गोपाल
Madhya Pradesh
17-01-2020 08:47 PM
Punjab
01-18-2020 03:43 PM
गोपाल जी इसका इस्तेमाल करने की जरूरत नहीं है कृपया आप बताये कि आपने इसमें यूरिया खाद की कितनी मात्रा का इस्तेमाल किया है धन्यवाद
Posted by Rakesh KUMAR Pathak
Madhya Pradesh
17-01-2020 08:44 PM
Punjab
01-18-2020 03:41 PM
राकेश जी कृपया बताये कि यह कितने दिन की है ताकि आपको इसके बारे में पूरी जानकारी दी जा सके धन्यवाद
Posted by Shubham
Maharashtra
17-01-2020 08:38 PM
Punjab
01-18-2020 10:49 AM
यदि बछड़ी 8 महीने से बड़ी है तो आप इस तरीके से फीड तैयार कर सकते है और उसे हर तीन ​महीने के बाद पेट के कीड़ों की गोली जरूर दें और रोजाना उसके खाने के हिसाब से हरा चारा डालें आप निम्न दिए गए फॉर्मूले के अनुसार दी गई समग्री का प्रयोग कर सकते हैं , 10 किलो सोयाबीन, 8 किलो वडेवें की खल, 9 सरसों की खल, 40 किलो चोकर, 20 किलो गेह.... (Read More)
यदि बछड़ी 8 महीने से बड़ी है तो आप इस तरीके से फीड तैयार कर सकते है और उसे हर तीन ​महीने के बाद पेट के कीड़ों की गोली जरूर दें और रोजाना उसके खाने के हिसाब से हरा चारा डालें आप निम्न दिए गए फॉर्मूले के अनुसार दी गई समग्री का प्रयोग कर सकते हैं , 10 किलो सोयाबीन, 8 किलो वडेवें की खल, 9 सरसों की खल, 40 किलो चोकर, 20 किलो गेहूं या मक्की, 10 किलो छोले, 1 किलो नमक, 2 मिनरल मिश्रण, यह सभी को अच्छी तरह मिक्स करके पीस लें और पशु को 1-1.5 किलो के समय तक दे सकते हैं ..
Posted by jasvinder singh
Punjab
17-01-2020 08:29 PM
Punjab
01-18-2020 03:39 PM
jasvinder ji eh plant di height vdhaun de layi vartya janda hai ehne sirf bhooka vdhauniyan han lasun diyan gandiyan di vadia jhaad layi NPK 130045@1 kilo nu 150 litre pani de hisab nal spray karo.dhanwad
Posted by Krapendra Kumar
Uttar Pradesh
17-01-2020 08:27 PM
Punjab
01-18-2020 07:32 AM
श्री मान गुलाब के लिए बिजाई का सही समय मध्य अक्तूबर है रोपाई के बाद पौधे को छांव में रखें और अगर बहुत ज्यादा धुप हो, तो पौधे पर पानी का छिड़काव करें दोपहर के अंत वाले समय बोया गया गुलाब बढ़िया उगता है बैड पर 30 सैं.मी. व्यास और 30 सैं.मी. गहरे गड्ढे खोद कर 75 सैं.मी. के फासले पर पौधों की बिजाई करें दो पौधों के बीच में फासल.... (Read More)
श्री मान गुलाब के लिए बिजाई का सही समय मध्य अक्तूबर है रोपाई के बाद पौधे को छांव में रखें और अगर बहुत ज्यादा धुप हो, तो पौधे पर पानी का छिड़काव करें दोपहर के अंत वाले समय बोया गया गुलाब बढ़िया उगता है बैड पर 30 सैं.मी. व्यास और 30 सैं.मी. गहरे गड्ढे खोद कर 75 सैं.मी. के फासले पर पौधों की बिजाई करें दो पौधों के बीच में फासला गुलाब की किस्म पर निर्भर करता है गेंदे की खेती करना चाहते है से मिट्टी की व्यापक किस्मों में उगाया जा सकता है पर यह अच्छे जल निकास वाली उपजाऊ मिट्टी में उगाने पर अच्छे परिणाम देती है मिट्टी अच्छे निकास वाली होनी चाहिए क्योंकि यह फसल जल जमाव वाली मिट्टी में स्थिर नहीं रह सकती मिट्टी की pH 6.5 से 7.5 होनी चाहिए तेजाबी और खारी मिट्टी इसकी खेती के लिए अनुकूल नहीं है फ्रैंच गेंदे की किस्म हल्की मिट्टी में अच्छी वृद्धि करती है जबकि अफ्रीकी गेंदे की किस्म उच्च जैविक खाद वाली मिट्टी में अच्छी वृद्धि करती है प्रसिद्ध किस्में :- African Marigold: इस किस्म की फसल 90 सैं.मी. तक लम्बी होती है इसके फूल बड़े आकार के और लैमन, पीले, सुनहरे, संतरी और गहरे पीले रंग के होते हैं यह लम्बे समय की किस्म है इसकी अन्य किस्में जैसे Giant Double African Orange, Crown of Gold, Giant Double African Yellow, Chrysanthemum Charm, Golden Age, Cracker Jack आदि हैं French Marigold: यह छोटे कद की जल्दी पकने वाली किस्में हैं इसके फूल छोटे आकार के और पीले, संतरी, सुनहरे पीले, लाल जंग और महोगनी रंग के होते हैं इसकी अन्य किस्में जैसे Rusty Red, Butter Scotch, Red Borcade, Star of India, Lemon drop आदि हैं Pusa Basanti Gainda: यह लम्बे समय की किस्म है इसका पौधा 58.80 सैं.मी. लम्बा और गहरे हरे रंग के पत्ते होते हैं इसके फूल सल्फर पीले, दोहरे और कारनेशन किस्म के होते हैं Pusa Narangi Gainda: फूल निकलने के लिए 125-136 दिनों की आवश्यकता होती है इसका पौधा लम्बा और कद में 73.30 सैं.मी. का होता है और पत्ते गहरे हरे रंग के होते हैं इसके फूल संतरी रंग के और कारनेशन किस्म के होते हैं फूल घने और दोहरी परत वाले होते हैं इसके ताजे फूलों की पैदावार 140 क्विंटल प्रति एकड़ होती है मिट्टी के भुरभुरा होने तक खेत की जोताई करें मिट्टी की उपजाऊ शक्ति बढ़ाने के लिए आखिरी जोताई के समय 250 क्विंटल रूड़ी की खाद और अच्छी तरह से गला हुआ गाय का गोबर मिट्टी में मिलायें गेंदे की बिजाई एक वर्ष में कभी भी की जा सकती है बारिश के मौसम में इसकी बिजाई मध्य जून से मध्य जुलाई में करें सर्दियों में इसकी बिजाई मध्य सितंबर से मध्य अक्तूबर में पूरी कर लें नर्सरी बैड 3x1 मीटर आकार के तैयार करें गाय का गला हुआ गोबर मिलायें बैडों में नमी बनाए रखने के लिए पानी दें सूखे फूलों का चूरा करें और उनका कतार या बैड पर छिड़काव करें जब पौधों का कद 10-15 सैं.मी. हो जाये, तब वे रोपाई के लिए तैयार होते हैं फैंच किस्म को 35x35 सैं.मी. और अफ्रीकी किस्म को 45x45 सैं.मी. के फासले पर रोपाई करें नर्सरी बैड पर बीजों का छिड़काव करें बिजाई के लिए पनीरी ढंग का प्रयोग किया जाता है एक एकड़ खेत के लिए 600 से 800 ग्राम बीजों की आवश्यकता होती है जब फसल 30-45 दिन की हो जाए, तब पौधे के सिरे से उसे काट दें इससे पौधे को झाड़ीदार और घना होने में मदद मिलती है, इससे फूलों की गुणवत्ता और अच्छा आकार भी प्राप्त होता है बिजाई से पहले बीजों को एजोसपीरियम 200 ग्राम को 50 मि.ली. धान के चूरे में मिलाकर उपचार करें शुरूआती खुराक के तौर पर अच्छी वृद्धि के लिए नाइट्रोजन 32 किलो (यूरिया 70 किलो), फासफोरस 16 किलो (एस एस पी 100 किलो), पोटाश 32 किलो (म्यूरेट ऑफ पोटाश 53 किलो) प्रति एकड़ में डालें मिट्टी की किस्म के अनुसार खाद की खुराक बदल दें सही खुराक देने के लिए मिट्टी की जांच करवायें और उसके आधार पर खुराक दें नदीनों की संख्या के आधार पर गोडाई करें खेत में रोपाई के बाद तुरंत सिंचाई करें कली बनने से लेकर कटाई तक की अवस्था सिंचाई के लिए बहुत महत्तवपूर्ण होती है अप्रैल से जून के महीने में 4-5 दिनों के अंतराल पर लगातार सिंचाई करना आवश्यक होता है किस्म के आधार पर गेंदा 2 से 2.5 महीने में कटाई के लिए तैयार हो जाते हैं फ्रैंच गेंदे की किस्म 1.5 महीने में कटाई के लिए तैयार हो जाती है जबकि अफ्रीकी गेंदे की किस्म दो महीने में तैयार हो जाती है जब गेंदे का पूरा आकार विकसित हो जाये तब उसे तोड़ लें कटाई सुबह के समय और शाम के समय करें फूलों की तुड़ाई से पहले खेत को सिंचित करना चाहिए इससे फूलों की गुणवत्ता लंबे समय तक बनी रहती है इसे आप अपनी नजदीकी फूल मंडी में बेच कर इसे अपनी आय का साधन बना सकते है इसका बीज आप कृषि यूनिवर्सिटी से ले सकते है या नजदीकी नर्सरी से ले सकते है जा फिर गेंदे और गुलाब के बीज लेने के लिए आप Dr N.K Saxena 9811315738 से सम्पर्क करे
Posted by Krapendra Kumar
Uttar Pradesh
17-01-2020 08:25 PM
Punjab
01-18-2020 07:35 AM
श्री मान पपीते की प्रसिद्ध किस्में :-Pusa Dwarf: इसके फल मध्यम आकार के और अंडाकार होते हैं यह सूखे को सहनेयोग्य किस्म है यह उच्च घनत्व में रोपाई के लिए लाभदायक है Pusa Giant: इस किस्म के पौधे तेज हवा को सहनेयोग्य है यह बड़े फलों का उत्पादन करती है यह पैकिंग के लिए उपयुक्त किस्म है CO 3: इसके फल बड़े आकार के और अंडाकार होते हैं इस.... (Read More)
श्री मान पपीते की प्रसिद्ध किस्में :-Pusa Dwarf: इसके फल मध्यम आकार के और अंडाकार होते हैं यह सूखे को सहनेयोग्य किस्म है यह उच्च घनत्व में रोपाई के लिए लाभदायक है Pusa Giant: इस किस्म के पौधे तेज हवा को सहनेयोग्य है यह बड़े फलों का उत्पादन करती है यह पैकिंग के लिए उपयुक्त किस्म है CO 3: इसके फल बड़े आकार के और अंडाकार होते हैं इसे ज्यादा देर तक रखने की गुणवत्ता अच्छी होती है CO 1: यह छोटे कद की किस्म है जिसके फल मध्यम आकार के होते हैं फल गोलाकार, नर्म हरा-पीला छिल्का और संतरी पीले रंग का गुद्दा होता है फल रसदार होता है और इसे ज्यादा देर तक रखने की गुणवत्ता अच्छी होती है Coorg Honey Dew: इसे सीधे तौर पर खाने के लिए और प्रक्रिया के लिए प्रयोग किया जाता है इसके फल आयताकार और गुद्दा मोटा संतरी रंग का होता है Pusa Majesty: इसके फल मध्यम आकार के, गोल होते हैं इन्हें रखने की गुणवत्ता बहुत अच्छी होती है यह किस्म 146 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है यह किस्म जड़ गलन निमाटोड के प्रतिरोधक किस्म है Pusa Delicious: यह मध्यम लंबी किस्म है इसके फल मध्यम आकार के होते हैं, गुद्दा गहरे संतरी रंग का होता है इस किस्म को कतारों में लगाने के लिए प्रयोग किया जाता है
Posted by VIJENDRA SINGH
Rajasthan
17-01-2020 08:15 PM
Punjab
01-18-2020 07:32 AM
श्री मान इसे भारत की मिट्टी की कई किस्मों में उगाया जा सकता है गेहूं की खेती के लिए चिकनी दोमट या दोमट बनतर, अच्छे ढांचे और पानी सोखने की सामान्य क्षमता वाली मिट्टी उचित होती है छिद्रित और पानी कम सोखने वाली मिट्टी गेहूं की खेती के लिए उपयुक्त नहीं होती सूखे हालातों, अच्छे जल निकास वाली भारी मिट्टी इसकी खेत.... (Read More)
श्री मान इसे भारत की मिट्टी की कई किस्मों में उगाया जा सकता है गेहूं की खेती के लिए चिकनी दोमट या दोमट बनतर, अच्छे ढांचे और पानी सोखने की सामान्य क्षमता वाली मिट्टी उचित होती है छिद्रित और पानी कम सोखने वाली मिट्टी गेहूं की खेती के लिए उपयुक्त नहीं होती सूखे हालातों, अच्छे जल निकास वाली भारी मिट्टी इसकी खेती के लिए अनुकूल होती है भारी मिट्टी जिसका घटिया ढांचा और घटिया जल निकास हो इसकी खेती के लिए उपयुक्त नहीं होती क्योंकि गेहूं की फसल जल जमाव के प्रति संवेदनशील होती है गेहूं की फसल को अच्छे अंकुरन के लिए अच्छी तरह से तैयार, पर ठोस बीज बैड की आवश्यकता होती है पिछली फसल की कटाई के बाद खेत की अच्छे तरीके से ट्रैक्टर की मदद से जोताई की जानी चाहिए खेत को आमतौर पर ट्रैक्टर के साथ तवियां जोड़कर जोता जाता है और उसके बाद दो या तीन बार हल या सुहागे से जोता जाता है बारानी क्षेत्रों में खेत इस तरह से तैयार करना चाहिए कि वह नमी को सोख सके खेत की एक बार आयरन के हल से गहरी जोताई या सामान्य हल से दो या तीन बार जोताई करें और सुहागा फेरें खेत की जोताई शाम के समय की जानी चाहिए और रोपाई की गई ज़मीन को पूरी रात खुला छोड़ देना चाहिए ताकि वह ओस की बूंदों से नमी सोख सके प्रत्येक जोताई के बाद सुहागा फेरना चाहिए आखिरी जोताई के समय यूरिया 35-40 किलो प्रति एकड़ में डालें इससे गेहूं की अंकुरन प्रतिशतता में वृद्धि होती है अज़ोटोबैक्टर 2.5 किलो + फास्फेटिक 2.5 किलो + ट्राइकोडरमा 2.5 किलो को 100 किलो-125 किलो रूड़ी की खाद या गाय के गले हुए गोबर में मिलाकर आखिरी जोताई के समय खिलार दें गेंहूं की बिजाई सही समय पर करनी जरूरी है बारानी क्षेत्रों के लिए बिजाई नवंबर के पहले से तीसरे सप्ताह में पूरी कर लें, जबकि सिंचित क्षेत्रों में बिजाई अक्तूबर से 15 नवंबर तक पूरी कर लें सामान्य बिजाई के लिए कतारों में 20 सैं.मी. के फासले की सलाह दी जाती है यदि बिजाई देरी से करनी हो तो 18 सैं.मी. का फासला होना चाहिए 4-5 सैं.मी. की गहराई में बिजाई करनी चाहिए बिजाई का ढंग: बीज ड्रिल, बुरकाव विधि , जीरो टिलेज़ ड्रिल, रोटावेटर बिजाई के लिए 40 किलो बीज प्रति एकड़ में प्रयोग करें
Posted by Harsh Deep Singh
Punjab
17-01-2020 08:14 PM
Punjab
01-18-2020 03:36 PM
ਹਰਸ਼ਦੀਪ ਜੀ ਤੁਸੀ ਸਬਜ਼ੀਆਂ ਜਿਵੇ ਰਾਜਮਾਹ , ਸ਼ਿਮਲਾ ਮਿਰਚ , ਮੂਲੀ , ਪਾਲਕ , ਬੈਂਗਨ , ਚੱਪਣ ਕੱਦੂ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਧੰਨਵਾਦ
Posted by VIJENDRA SINGH
Rajasthan
17-01-2020 08:03 PM
Punjab
01-18-2020 03:26 PM
चने की फसल के लिए ज्यादा समतल बैडों की जरूरत नहीं होती यदि इसे मिक्स फसल के तौर पर उगाया जाये तो खेत की अच्छी तरह से जोताई होनी चाहिए यदि इस फसल को खरीफ की फसल के तौर पर बीजना हो, तो खेत को मॉनसून आने पर गहरी जोताई करें, जो बारिश के पानी को संभालने में मदद करेगा बिजाई से पहले खेत की एक बार जोताई करें यदि मिट्टी मे.... (Read More)
चने की फसल के लिए ज्यादा समतल बैडों की जरूरत नहीं होती यदि इसे मिक्स फसल के तौर पर उगाया जाये तो खेत की अच्छी तरह से जोताई होनी चाहिए यदि इस फसल को खरीफ की फसल के तौर पर बीजना हो, तो खेत को मॉनसून आने पर गहरी जोताई करें, जो बारिश के पानी को संभालने में मदद करेगा बिजाई से पहले खेत की एक बार जोताई करें यदि मिट्टी में नमी की कमी नज़र आये तो बिजाई से एक सप्ताह पहले सुहागा फेरें बारानी क्षेत्रों के लिए, अक्तूबर का दूसरा या तीसरा सप्ताह चने की खेती के लिए उपयुक्त होता है सिंचित क्षेत्रों के लिए, बिजाई नवंबर के दूसरे सप्ताह में पूरी कर लें चने की पिछेती बिजाई दिसंबर के पहले सप्ताह तक पूरी कर लें बिजाई के लिए, कतार से कतार में 20-25 सैं.मी. और पौधे से पौधे में 10 सैं.मी. फासले का प्रयोग करें बीज को 6-8 सैं.मी. की गहराई पर बोयें बीज को सीड ड्रिल या लोकल हल की सहायता से बोयें छोटे दानों के लिए 30-32 किलो बीज प्रति एकड़ में प्रयोग करें और मोटे दानों के लिए 36-40 किलो बीज प्रति एकड़ में प्रयोग करें
Posted by Krapendra Kumar
Uttar Pradesh
17-01-2020 07:59 PM
Punjab
01-18-2020 02:41 PM
kumar ji yeh 8 mahine tak fal dena shuru kar dete hai aur labhag 80 kilo prati paudhe ke hisab se fal deti hai.dhanywad
Posted by Gurnishan Singh Dhillon
Punjab
17-01-2020 07:53 PM
Punjab
01-18-2020 10:52 AM
ਤੁਸੀ ਉਸ ਨੂੰ Injection Amoxirum Forte 4.5gm, Injection Megludyne 20ml, Injection Isoflud 5ml ਅਤੇ Avil injection 10ml ਲਗਵਾਓ, ਇਹ ਤੁਸੀ 3 ਦਿਨ ਲਗਵਾਓ, ਇਸ ਨਾਲ ਫਰਕ ਪੈ ਜਾਵੇਗਾ.
Posted by Gurnishan Singh Dhillon
Punjab
17-01-2020 07:51 PM
Punjab
01-18-2020 10:54 AM
ਤੁਸੀ ਉਸਦੇ ਜਖਮ ਉਪਰ Coolmac ਟਿਊਬ ਲਗਾਓ ਅਤੇ ਉਸ ਨੂੰ Bovimin-Gl liquid 7ml ਰੋਜਾਨਾ ਦਿਓ ਅਤੇ Sarakind plus 1-1 ਗੋਲੀ ਸਵੇਰੇ ਸ਼ਾਮ ਦਿਓ, ਇਸ ਨਾਲ ਫਰਕ ਪੈ ਜਾਵੇਗਾ
Posted by Durgesh
Uttar Pradesh
17-01-2020 07:32 PM
Punjab
01-18-2020 02:16 PM
खादों की सही आवश्यकता जानने के लिए प्रत्येक तीन वर्ष के बाद मिट्टी की जांच जरूरी है बिजाई से पहले आखिरी जोताई के समय अच्छी तरह से गला हुआ गाय का गोबर 8 टन या वर्मीकंपोस्ट + रालीगोल्ड 8-10 किलो या पी एस बी 5-10 किलो प्रति एकड़ में डालें नाइट्रोजन 60-90 किलो (यूरिया 135-200 किलो) और फासफोरस 20 किलो (एस एस पी 125 किलो) प्रति एकड़ में.... (Read More)
खादों की सही आवश्यकता जानने के लिए प्रत्येक तीन वर्ष के बाद मिट्टी की जांच जरूरी है बिजाई से पहले आखिरी जोताई के समय अच्छी तरह से गला हुआ गाय का गोबर 8 टन या वर्मीकंपोस्ट + रालीगोल्ड 8-10 किलो या पी एस बी 5-10 किलो प्रति एकड़ में डालें नाइट्रोजन 60-90 किलो (यूरिया 135-200 किलो) और फासफोरस 20 किलो (एस एस पी 125 किलो) प्रति एकड़ में डालें फासफोरस की पूरी मात्रा और नाइट्रोजन की 1/3 मात्रा बिजाई के समय डालें बाकी बची नाइट्रोजन को दूसरी और चौथी सिंचाई के समय डालें सर्दियों के मौसम में तापमान कम होने के कारण फसल तत्व ज्यादा लेती है जिस कारण मौधा पीला पड़ जाता है इसकी रोकथाम के लिए N:P:K 19:19:19 की स्प्रे 100 ग्राम 150 लीटर पानी में मिलाकर प्रति एकड़ के लिए प्रयोग करें जिन इलाकों में पानी की कमी है वहां यूरिया+पोटाश का प्रयोग 2.5 किलोग्राम को 100 लीटर पानी में मिलाकर करें
Posted by satinderbir singh
Punjab
17-01-2020 07:31 PM
Punjab
01-18-2020 02:15 PM
ਬਸੰਤ ਦੀ ਰੁੱਤ ਵਿੱਚ ਰਾਜਮਾਂਹ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਫਰਵਰੀ - ਮਾਰਚ ਅਤੇ ਸਾਉਣੀ ਦੀ ਰੁੱਤ ਵਿੱਚ ਇਸ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਮਈ -ਜੂਨ ਦੇ ਮਹੀਂਨੇ ਕੀਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਪੰਜਾਬ ਵਿੱਚ ਕੁੱਝ ਕਿਸਾਨ ਰਾਜਮਾਂਹ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਜਨਵਰੀ ਦੇ ਅਖੀਰਲੇ ਹਫਤੇ ਕਰਦੇ ਹਨ
Posted by satinderjit
Punjab
17-01-2020 07:24 PM
Punjab
01-18-2020 02:13 PM
ਸਤਿੰਦਰ ਜੀ ਤੁਸੀ ਜੈਵਿਕ ਖਾਦ ਨੂੰ ਕਿਸੇ ਵੀ ਫ਼ਸਲ ਤੇ ਵਰਤੋਂ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਵਧੀਆ ਵਰਮੀ ਕੰਪੋਸਟ ਹੇਠ ਲਿਖੇ ਤਰੀਕੇ ਅਨੁਸਾਰ ਬਣਾਈ ਜਾ ਸਕਦੀ ਹੈ * ਇਸ ਲਈ ਇਹੋ ਜਿਹੀ ਥਾਂ ਲਵੋ ਜਿਥੇ ਧੁੱਪ ਨਾ ਆਵੇ ਅਤੇ ਹਵਾਦਾਰ ਹੋਵੇ * ਇਸ ਥਾਂ ਉੱਪਰ ਇੱਟਾਂ ਜਾਂ ਪੱਥਰ ਦੇ ਟੁਕੜੇ ਅਤੇ ਮਿੱਟੀ ਦੀ 2-3 ਇੰਚ ਮੋਟੀ ਪਰਤ ਵਿਛਾਓ * ਇਸ ਉਪਰ 6-8 ਇੰਚ ਮੋਟੀ ਪਰਤ, ਅੱਧੀ ਗੋਬਰ ਜਾਂ ਕੰਪੋਸਟ ਖਾਦ ਅਤੇ ਅੱਧੀ ਮਿੱਟੀ ਦੀ ਪਰ.... (Read More)
ਸਤਿੰਦਰ ਜੀ ਤੁਸੀ ਜੈਵਿਕ ਖਾਦ ਨੂੰ ਕਿਸੇ ਵੀ ਫ਼ਸਲ ਤੇ ਵਰਤੋਂ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਵਧੀਆ ਵਰਮੀ ਕੰਪੋਸਟ ਹੇਠ ਲਿਖੇ ਤਰੀਕੇ ਅਨੁਸਾਰ ਬਣਾਈ ਜਾ ਸਕਦੀ ਹੈ * ਇਸ ਲਈ ਇਹੋ ਜਿਹੀ ਥਾਂ ਲਵੋ ਜਿਥੇ ਧੁੱਪ ਨਾ ਆਵੇ ਅਤੇ ਹਵਾਦਾਰ ਹੋਵੇ * ਇਸ ਥਾਂ ਉੱਪਰ ਇੱਟਾਂ ਜਾਂ ਪੱਥਰ ਦੇ ਟੁਕੜੇ ਅਤੇ ਮਿੱਟੀ ਦੀ 2-3 ਇੰਚ ਮੋਟੀ ਪਰਤ ਵਿਛਾਓ * ਇਸ ਉਪਰ 6-8 ਇੰਚ ਮੋਟੀ ਪਰਤ, ਅੱਧੀ ਗੋਬਰ ਜਾਂ ਕੰਪੋਸਟ ਖਾਦ ਅਤੇ ਅੱਧੀ ਮਿੱਟੀ ਦੀ ਪਰਤ ਵਿਛਾ ਦਿਓ * ਮਿੱਟੀ ਉੱਤੇ ਥੋੜ੍ਹਾ ਜਿਹਾ ਪਾਣੀ ਛਿੜਕ ਕੇ ਗਿੱਲਾ ਕਰੋ, ਮਿੱਟੀ ਵਿੱਚ 25 ਪ੍ਰਤੀਸ਼ਤ ਤੋਂ ਵੱਧ ਨਮੀ ਨਹੀਂ ਹੋਣੀ ਚਾਹੀਦੀ * ਇਸ ਉੱਪਰ ਗੰਡੋਏ (40 ਗੰਡੋਏ ਪ੍ਰਤੀ ਵਰਗ ਫੀਟ ਥਾਂ) ਮਿੱਝਹ ਵਿੱਚ ਮਿਲਾਓ * ਇਸ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਵੇਸਟ ਜਿਵੇਂ- ਕਿ ਬਚੀ-ਖੁਚੀ ਸਬਜ਼ੀਆਂ, ਫਲ, ਕੱਚਾ ਗੋਬਰ, ਗੋਬਰ ਦੀ ਸਲਰੀ ਦੀ 8-10 ਇੰਚ ਮੋਟੀ ਪਰਤ ਪਾਓ * ਦੂਜੀ ਪਰਤ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਇਸ ਉੱਪਰ ਸੁੱਕੇ ਪੱਤੇ ਜਾਂ ਪਆਲ ਨਾਲ ਢਕ ਦਿਓ ਹਰ ਪਰਤ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਪਾਣੀ ਛਿੜਕੋ ਤਾਂ ਕਿ ਨਮੀ ਬਣੀ ਰਹੇ * ਵਰਮੀ ਕੰਪੋਸਟ ਦੇ ਬੈੱਡ ਨੂੰ 3-4 ਇੰਚ ਮੋਟੀ ਗੋਬਰ ਦੀ ਪਰਤ ਨਾਲ ਢਕ ਦਿਓ ਅਤੇ ਇਸ ਉੱਪਰ ਬੋਰਾ ਜਾਂ ਤਰਪਾਲ ਰੱਖੋ ਤਾਂ ਕਿ ਥੱਲੇ ਹਨੇਰਾ ਰਹੇ ਰੋਸ਼ਨੀ ਵਿੱਚ ਗੰਡੋਏ ਘੱਟ ਵਧਦੇ ਹਨ ਅਤੇ ਖਾਦ ਬਣਨ ਵਿੱਚ ਸਮਾਂ ਲਗਦਾ ਹੈ ਬੋਰਾ ਅਤੇ ਤਰਪਾਲ ਮੀਂਹ ਦੇ ਨੁਕਸਾਨ ਤੋਂ ਵੀ ਬਚਾਉਂਦੇ ਹਨ * ਵਰਮੀ ਕੰਪੋਸਟ ਦੇ ਬੈੱਡ ਉੱਪਰ ਹਰ ਦੂਸਰੇ ਦਿਨ ਥੋੜ੍ਹਾ ਪਾਣੀ ਛਿੜਕਾਉਂਦੇ ਰਹੋ ਤਾਂ ਜੋ ਨਮੀ ਬਣੀ ਰਹੇ * ਰਸੋਈ, ਫਸਲਾਂ ਜਾਂ ਡੇਅਰੀ ਦੇ ਰਹਿੰਦ-ਖੂੰਹਦ ਦੀ ਪਰਤ ਨੂੰ ਰੈਕ ਨਾਲ ਪਲਟਦੇ ਰਹੋ ਅਤੇ ਲੋੜ ਹੋਣ ’ਤੇ ਥੋੜ੍ਹਾ ਥੋੜ੍ਹਾ ਕਰਕੇ ਹੋਰ ਵੇਸਟ ਵੀ ਪਾ ਸਕਦੇ ਹਾਂ, ਇਸ ਉੱਪਰ ਕੱਚਾ ਗੋਬਰ ਵੀ ਪਾ ਸਕਦੇ ਹਾਂ ਪਰ ਧਿਆਨ ਰੱਖੋ ਕਿ ਇਹ ਪਰਤ ਪਹਿਲਾਂ ਜਿੰਨੀ ਹੀ ਮੋਟੀ ਰਹੇ * ਵਰਮੀ ਕੰਪੋਸਟ ਦੀ ਖਾਦ ਮੌਸਮ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ 45-60 ਦਿਨਾਂ ਵਿੱਚ ਤਿਆਰ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਸਭ ਤੋਂ ਉੱਪਰ ਵਾਲੀ ਪਰਤ ਨੂੰ ਹਟਾ ਕੇ ਗੰਡੋਏ ਛਲਣੀ ਨਾਲ ਵੱਖਰੇ ਕਰ ਲਵੋ ਅਤੇ ਨਿਚਲੀ ਛੱਡ ਦਿਓ ਇਸ ਉਪਰ ਦੁਬਾਰਾ ਰਸੋਈ ਜਾਂ ਐਗਰੋ ਵੇਸਟ ਦੀ 6 ਇੰਚ ਮੋਟੀ ਪਰਤ ਵਿਛਾ ਕੇ ਦੁਬਾਰਾ ਖਾਦ ਤਿਆਰ ਕੀਤੀ ਜਾ ਸਕਦੀ ਹੈ * 45 ਦਿਨਾਂ ਬਾਅਦ ਪਾਣੀ ਛਿੜਕਣਾ ਬੰਦ ਕਰਨ ਨਾਲ ਵੀ ਗੰਡੋਏ ਹੇਠਲੀ ਪਰਤ ਵਿਚ ਚਲੇ ਜਾਂਦੇ ਹਨ ਅਤੇ ਛਲਣੀ ਨਾਲ ਅਲੱਗ ਕਰਨ ਵਿੱਚ ਘੱਟ ਸਮਾਂ ਲਗਦਾ ਹੈ ਤਿਆਰ ਵਰਮੀ ਕੰਪੋਸਟ ਕਾਲੇ ਭੂਰੇ ਰੰਗ ਦੀ ਗੰਧ ਰਹਿਤ ਅਤੇ ਚਾਹ ਪੱਤੀ ਵਰਗੀ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਇਸ ਨੂੰ ਛਾਂ ਹੇਠਾਂ ਹਵਾ ਵਿੱਚ ਸੁਕਾ ਕੇ ਲੋੜ ਮੁਤਾਬਕ ਥੈਲੇ ਜਾਂ ਬੋਰੀਆਂ ਵਿਚ ਪਾ ਕੇ ਰੱਖਿਆ ਜਾ ਸਕਦਾ ਹੈ ਇੱਕ ਟਨ ਵਰਮੀ ਕੰਪੋਸਟ ਵਿੱਚ 1.0-1.5 ਕਿਲੋਗ੍ਰਾਮ ਨਾਈਟਰੋਜਨ, 5-10 ਕਿਲੋਗ੍ਰਾਮ ਪੋਟਾਸ਼ ਅਤੇ 3.5-5.0 ਕਿਲੋਗ੍ਰਾਮ ਫਾਸਫੋਰਸ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਇਸ ਤੋਂ ਇਲਾਵਾ ਇਸ ਵਿੱਚ ਕਈ ਤਰ੍ਹਾਂ ਦੇ ਇੰਜਾਈਮਸ ਅਤੇ ਸੂਖਮ ਤੱਤ ਕਾਪਰ, ਆਇਰਨ, ਜ਼ਿੰਕ, ਸਲਫਰ, ਕੈਲਸ਼ੀਅਮ ਅਤੇ ਮੈਗਨੀਸ਼ੀਅਮ ਆਦਿ ਹੁੰਦੇ ਹਨ
Posted by jagdeep
Punjab
17-01-2020 07:21 PM
Punjab
01-18-2020 10:57 AM
Jagdeep ji tuci uss nu Lactomax tablet 10 golia rojana, Milkout powder 2-2 chamch swere sham ate Calpond powder 50gm rojana dena suru kro, iss nal frak paa jawega.
Posted by Rajesh Kumar Rajesh Kumar
Uttar Pradesh
17-01-2020 07:17 PM
Punjab
01-18-2020 02:10 PM
चूहों से बचाव के लिए आप नीचे लिखे तरीके प्रयोग कर सकते हैं, पिंजरो का प्रयोग करना - चूहो को पकड़ने के अलग अलग पिजंरो का प्रयोग किया जाता है इन पिजंरो का प्रयोग करने से पहले पिजंरे को अच्छी तरह धोकर प्रयोग करे ताकि किसी भी प्रकार की गंध ना आये साफ पिंजरो को खेत में चूहो के आने जाने वाले रास्ते और नुक्सान करने वाल.... (Read More)
चूहों से बचाव के लिए आप नीचे लिखे तरीके प्रयोग कर सकते हैं, पिंजरो का प्रयोग करना - चूहो को पकड़ने के अलग अलग पिजंरो का प्रयोग किया जाता है इन पिजंरो का प्रयोग करने से पहले पिजंरे को अच्छी तरह धोकर प्रयोग करे ताकि किसी भी प्रकार की गंध ना आये साफ पिंजरो को खेत में चूहो के आने जाने वाले रास्ते और नुक्सान करने वाली जगह पर रखे बडी संख्या में चूहो को पकडने के लिए पिंजरे में 10-15 ग्राम अनाज को तेल लगाकर दो से तीन दिनो तक मुंह खोलकर रखे चुहो को पीछे लगाने के बाद पिंजरे के अंदर कागज के टूकडो पर 10-15 ग्राम दाने और नालीदार दाखले पर चुटकी भर दाने रखकर मुंह को बंद कर दे, ऐसा करके तीन दिन तक चूहे और पकडे हुए चूहो को पानी में डूबो कर मारे पिंजरो का फिर से प्रयोग करने के लिए कम से कम 20 दिनो का फासला रखें, कीडे मार जहरो के प्रयोग से रोकथाम - चूहो की कीडे मार और जहर के प्रयोग से रोकथाम करने के लिए जहरीला चोगा प्रयोग करने में ध्यान और सही तरीका प्रयोग करने की जरूरत है चुहो को इस जहरीले चोगे को खाना प्रयोग किये दानो का मियारपन , स्वाद, और तेल की गंध पर निर्भर करता है जहरीला चोगा बनाना जिंक फॉसफाइड का प्रयोग - एक किलो बाजरा गेहूं ज्वार का दलिया या इनका मिश्रण लेकर इसमे 20 ग्राम तेल हो सके तो मुंगफली का तेल और 25 ग्राम जिंकफॉसफाइड डाल कर अच्छी तरह मिलाये इस प्रकार तैया किये जहरीले चोगे को कागज की पुडीया बनाकर खेत में गेज वाली जगह पर रखे बरोमोडाइओलोन का प्रयोग - 20 ग्राम बरोमोडाइओलोन 0 005 फीसदी पाऊडर, 20 ग्राम बूरा खंड, और 20 ग्राम तेल को एक किलो किसी भी अनाज के दलिये में मिलाये और पूरे खेत में 40 जगह पर रख दें रैकुमिन का प्रयोग- 50 ग्राम रैकुमिन 0 0375 फीसदी पाऊडर , 20 ग्राम मुंगफली या सूरजमुखी का तेल और 20 ग्राम बूरा खंड को किसी भी अनाज के दलीये में मिलाये यह भी चूहो को मारने में बहुत फायदेमंद है
Posted by vikas patidar
Madhya Pradesh
17-01-2020 07:13 PM
Punjab
01-17-2020 07:26 PM
BHAI Sahib Rajwa Hara Chaara Te Har 4kg Dudh Lai Gau Nu 1kg Wadhya Feed Pao Har 3 Mahine Baad Pet Ke Kirhe Nikalne Ki Dwaee Deo