
Posted by sahadeo
Madhya Pradesh
18-01-2020 04:07 PM
सहदेव जी, अच्छे जल निकास वाली हल्की या भारी, रेतली और चिकनी मिट्टी ज़मीनें इसके लिए अच्छी मानी जाती हैं खेत में पानी खड़ा ना होने दें, क्योंकि यह फसल खड़े पानी को सहने योग्य नहीं है खेत को 2-3 बार जोत कर और सुहागे से समतल करके तैयार करें हल्दी की बिजाई के लिए बैड 15 सैं.मी. ऊंचे, 1 मीटर चौड़े और आवश्यकनुसार लंबे होने चा.... (Read More)
सहदेव जी, अच्छे जल निकास वाली हल्की या भारी, रेतली और चिकनी मिट्टी ज़मीनें इसके लिए अच्छी मानी जाती हैं खेत में पानी खड़ा ना होने दें, क्योंकि यह फसल खड़े पानी को सहने योग्य नहीं है खेत को 2-3 बार जोत कर और सुहागे से समतल करके तैयार करें हल्दी की बिजाई के लिए बैड 15 सैं.मी. ऊंचे, 1 मीटर चौड़े और आवश्यकनुसार लंबे होने चाहिए दो बैडों के बीच 50 सैं.मी. का फासला होना चाहिए अधिक पैदावार लेने के लिए बिजाई अप्रैल के अंत में करें इसे पनीरी के साथ भी उगाया जा सकता है इसके लिए जून के पहले पखवाड़े तक पनीरी खेत में लगा दें पनीरी के लिए 35-45 दिनों के पौधों को खेत में लगा दें राईज़ोमस को पंक्तियों में बीजें और पंक्ति से पंक्ति का फासला 30 सैं.मी. और पौधों में 20 सैं.मी. का फासला रखें बिजाई के बाद खेत में 2.5 टन प्रति एकड़ स्ट्रा मलच डालें बीज की गहराई 3 सैं.मी. से ज्यादा नहीं होनी चाहिए इसकी बिजाई सीधे खेत में लगाकर या पनीरी लगाकर की जाती है बिजाई के लिए साफ-सुथरे ताजे और बीमारी रहित राईज़ोमस का प्रयोग करें बीज की मात्रा 6-8 क्विंटल प्रति एकड़ बहुत होती है बिजाई से पहले क्विनलफोस 25 ई.सी. को 20 मि.ली. + कार्बेनडाज़िम 10 ग्राम प्रति लीटर पानी में डालकर बीज का उपचार करें बाद में गांठों को 20 मिनट के लिए इस घोल में भिगोदें ताकि इन्हें फफूंद से बचाया जा सके नाइट्रोजन 10 किलो (25 किलो यूरिया), फासफोरस 10 किलो (60 किलो एस एस पी) और पोटाश 10 किलो (16 किलो म्यूरेट ऑफ पोटाश) की मात्रा प्रति एकड़ में प्रयोग करें सारी पोटाश और आधी फासफोरस बिजाई के समय डालें नाइट्रोजन दो हिस्सों में डालें, आधी बिजाई से 75 दिन बाद और बाकी नाइट्रोजन और आधी फासफोरस बिजाई के 3 महीने बाद डालें बिजाई के 2-3 दिनों के बाद पैंडीमैथालीन 30 ई.सी. 800 मि.ली. या मैटरीब्यूज़िन 70 डब्लयू पी 400 ग्राम को 200 लीटर पानी में डालकर स्प्रे करें नदीन नाशक के प्रयोग के बाद खेत को हरे पत्तों या धान की तूड़ी से ढक दें जड़ों के विकास के लिए बिजाई से 50-60 दिनों के बाद और फिर 40 दिनों के बाद जड़ों को मिट्टी लगाएं यह कम वर्षा वाली फसल है, इसलिए वर्षा के अनुसार सिंचाई करें हल्की ज़मीन में फसल को कुल 35-40 सिंचाइयों की जरूरत पड़ती है बिजाई के बाद फसल को 40-60 क्विंटल प्रति एकड़ हरे पत्तों से ढक दें हर बार खाद डालने के बाद 30 क्विंटल प्रति एकड़ मलच डालें किस्म के अनुसार 6-9 महीनों में कटाई करें पत्ते सूखने और पीले होने पर कटाई का अनुकूल समय होता है गांठों को उखाड़ कर बाहर निकालें और साफ करें गांठों को 2-3 दिनों के लिए छांव में सुखाएं इससे छिल्का सख्त हो जाता है और आसानी से उबलता है साफ करने के बाद गांठों को पानी में सोडियम बाइकार्बोनेट डालकर 1 घंटे के लिए उबालें गांठों को उबालने के लिए कड़ाही जैसे बर्तनों का प्रयोग करें अच्छी किस्म की हल्दी लेने के लिए झाग बनने, भाफ निकलने और महक आने तक उबालें उबालने के बाद इसे 10-15 दिनों तक सुखाएं सुखाने के बाद जाली, बोरियों या मशीन से चमकायें और आकार, बनतर और रंग के अनुसार बांटे धन्यवाद

Posted by mohit kumar
Uttar Pradesh
18-01-2020 03:56 PM
मोहित जी, फूल गोभी की अगेती किस्मों के लिए, जून के दूसरे सप्ताह से जुलाई के पहले सप्ताह तक का समय उपयुक्त होता है मुख्य मौसम की किस्मों के लिए, अगस्त के महीने में बिजाई पूरी कर लें, जबकि पिछेती किस्मों की बिजाई अक्तूबर महीने में करें अभी इसकी बिजाई का समय नहीं है , धन्यवाद

Posted by Dharmendra shrivastava
Madhya Pradesh
18-01-2020 03:53 PM
धर्मेंद्र जी, अगेती बिजाई के लिए सितंबर के आखिरी सप्ताह से अक्तूबर का पहला सप्ताह खेती के लिए उपयुक्त होता है मुख्य फसल के लिए अक्तूबर का दूसरे से चौथा सप्ताह बिजाई के लिए उपयुक्त समय होता है धन्यवाद

Posted by jagroop sandhu
Punjab
18-01-2020 03:49 PM
Jagroop ji jekar tuci uss nu dudh wale tike lgwaune chahunde ho tan tuci nazdiki doctor nal sampark kr skde ho, ohh tuhanu iss vare sari jankari de denge..
Posted by Jagdish parmar
Madhya Pradesh
18-01-2020 03:36 PM
जगदीश मौसम साफ़ होने पर फसल ठीक हो जाएगी क्युकी बारिश के कारण यह ऐसे हो ही जाती है आप इसे पानी लगाना बंद कर दे धन्यवाद

Posted by Harnek singh
Punjab
18-01-2020 03:35 PM
BhaaG sun de pehle hafte 1kg kanak da dalia 500g gur ch rinh ke swer te aina hi shaam nu khuao Rajwa hara chaara te har 4kg dudh lai 1kg wadhya feed pao har 3 mahine baad malap rehat karo
Posted by Jagdish parmar
Madhya Pradesh
18-01-2020 03:34 PM
जगदीश मौसम साफ़ होने पर फसल ठीक हो जाएगी क्युकी बारिश के कारण यह ऐसे हो ही जाती है आप इसे पानी लगाना बंद कर दे धन्यवाद

Posted by Sher Singh
Uttar Pradesh
18-01-2020 03:29 PM
Sher ji kripya aap btaye ke aapne isme kya kya khaad daali hai taki aapko iske bare men poori jankari di ja sake,dhanywad
Posted by Bahadur Singh
Rajasthan
18-01-2020 03:13 PM
Bahadur ji aap jersey cow lene ke liye Jora Ram 8079075351 se sampark kr skte hai, inse apko cow mill jayegi.

Posted by shubhash chhillar
Uttar Pradesh
18-01-2020 03:10 PM
सुभाष जी इसकी पैदावार 33 ton प्रति एकड़ के हिसाब से निकलती है धन्यवाद
Posted by ashok tiwari
Madhya Pradesh
18-01-2020 03:06 PM
अशोक जी कृपया आप इसकी फोटो भेजे ताकि आपको इसके बारे में पूरी जानकारी दी जा सके धन्यवाद

Posted by Mahendra Soni
Uttarakhand
18-01-2020 03:00 PM
यदि आप ICAR-Indian Veterinary Research Institute Izatnagar - Bareilly (UP) -243122 से चूज़े लेना चाहते है तो आप dr. ram suman 94180 70583 जी से संपर्क कर सकते है

Posted by Daljeet singh
Punjab
18-01-2020 02:58 PM

Posted by inderpal
Punjab
18-01-2020 02:57 PM
ਤੁਸੀ ਪੰਸਾਰੀ ਦੀ ਦੁਕਾਨ ਤੋਂ ਜੈਫਲ ਦੇ ਤਿੰਨ ਪੀਸ ਲੈ ਆਵੋ ਉਸ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਇਸ ਨੂੰ ਗਰਮ ਕਰਕੇ ਭੁੰਨ ਲਵੋ ਜਿਸ ਨਾਲ ਇਹ ਨਰਮ ਹੋ ਜਾਵੇਗਾ ਜੈਫਲ ਦਾ ਇੱਕ ਪੀਸ ਭੁੰਨ ਕੇ ਬਰੀਕ ਕਰ ਲਓ ਉਸ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਇਸਨੂੰ ਆਟੇ ਦੇ ਪੇੜੇ ਦੇ ਉੱਪਰ ਗੁੜ ਲਗਾ ਕੇ ਖਵਾ ਦਿਓ ਇਸ ਤਰਾਂ ਲਗਾਤਾਰ ਤਿੰਨ ਦਿਨ ਤੱਕ ਖਵਾਓ .
Posted by sushil bishnoi
Haryana
18-01-2020 02:51 PM
सुशिल जी, 11 साल के पौधे को 100 किलो रूडी की खाद, 1920 ग्राम यूरिया और 2750 ग्राम सिंगल सुपर फासफेट प्रति वृक्ष डालें रूडी की खाद की पूरी मात्रा दिसंबर के महीने में डालें, जबकि यूरिया को दो बराबर भागों में डालें पहला फरवरी और दूसरा अप्रैल-मई महीने में डालें यूरिया का पहला हिस्सा डालते समय सिंगल सुपर फासफेट की पूरी म.... (Read More)
सुशिल जी, 11 साल के पौधे को 100 किलो रूडी की खाद, 1920 ग्राम यूरिया और 2750 ग्राम सिंगल सुपर फासफेट प्रति वृक्ष डालें रूडी की खाद की पूरी मात्रा दिसंबर के महीने में डालें, जबकि यूरिया को दो बराबर भागों में डालें पहला फरवरी और दूसरा अप्रैल-मई महीने में डालें यूरिया का पहला हिस्सा डालते समय सिंगल सुपर फासफेट की पूरी मात्रा डालें धन्यवाद
Posted by Yogeshchauhan Yogeshchauhan
Uttar Pradesh
18-01-2020 02:50 PM
योगेशचौहान जी, अगर आप खीरे की बात कर रहे हैं तो, इसको मिट्टी की अलग-अलग किस्मे जैसे की रेतली दोमट से भारी मिट्टी में उगाया जा सकता हैं खीरे की फसल के लिए दोमट मिट्टी में, जिसमे जैविक तत्वों की उच्च मात्रा हो और पानी का अच्छा निकास हो, उचित पैदावार देती है खीरे की खेती के लिए मिट्टी का pH 6-7 होना चाहिए Arka shital : इसके फल .... (Read More)
योगेशचौहान जी, अगर आप खीरे की बात कर रहे हैं तो, इसको मिट्टी की अलग-अलग किस्मे जैसे की रेतली दोमट से भारी मिट्टी में उगाया जा सकता हैं खीरे की फसल के लिए दोमट मिट्टी में, जिसमे जैविक तत्वों की उच्च मात्रा हो और पानी का अच्छा निकास हो, उचित पैदावार देती है खीरे की खेती के लिए मिट्टी का pH 6-7 होना चाहिए Arka shital : इसके फल हल्के हरे रंग के होते हैं इसकी औसतन पैदावार 80 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Lucknow Early: इसके फल लंबे और चमकदार होते हैं यह किस्म लखनऊ और उसके नजदीक के क्षेत्रों में प्रसिद्ध है स्थानीय किस्में Nasdar, Sikkim Kakadi आदि Pant sankar khira 1: इसके फल लंबे और बेलनाकार होते हैं इसकी औसतन पैदावार 80 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Pant Khira – 1: इसके फल लंबे और बेलनाकार और सफेद धारीदार होते हैं इसके फल 50-60 दिनों के बाद पहली तुड़ाई के लिए तैयार हो जाते हैं इसकी औसतन पैदावार 60 क्विंटल प्रति एकड़ होती है खीरे की खेती के लिए, अच्छी तरह से तैयार और नदीन रहित खेत की जरूरत होती है मिट्टी को अच्छी तरह से भुरभुरा बनाने के लिए, बिजाई से पहले 3-4 बार खेत की जोताई करें रूड़ी की खाद, जैसे गाये के गोबर को मिट्टी में मिलाये, ताकि खेत की उपजाऊ शक्ति बढ़ जाये 30 सैं.मी. चौड़े और आवश्यक लंबाई के बैड तैयार करें दो बैडों के बीच 1.5 से 2 मीटर का फासला रखें उत्तर प्रदेश में, खीरे की खेती के लिए फरवरी से मार्च का महीना उपयुक्त होता है पहाड़ी क्षेत्रों में, बिजाई मार्च से अप्रैल में की जाती है बिजाई के ढंग के आधार पर फासला भी विभिन्न होता है बिजाई के लिए कतार से कतार में 1.5 मीटर और पौधे से पौधे में 30-45 सैं.मी. फासले का प्रयोग करें बीज को 2-3 सैं.मी. गहराई पर बोयें एक एकड़ खेत के लिए 0.8-1.2 किलोग्राम बीज की मात्रा काफी हैं खेत की तैयारी के समय, 8-10 टन गाय का गला हुआ गोबर नाइट्रोजन 32 किलो (यूरिया 70 किलो), फासफोरस 24 किलो (सिंगल फास्फेट 150 किलो) और पोटाशियम 24 किलो (म्यूरेट ऑफ़ पोटाश 40 किलो) शुरुआत में खाद के रूप में डालें बिजाई के 32-3सप्ताह पहले गाय का गोबर, पोटाश और फासफोरस की पूरी मात्रा और नाइट्रोजन की एक तिहाई मात्रा डालें नाइट्रोजन की मात्रा को दो भागों में बांटकर पहली बिजाई के 25-30 दिनों के बाद और दूसरी बिजाई के 45-50 दिनों के बाद डालें बारिश के मौसम में सिंचाई की जरूरत नहीं होती है और गर्मी के मौसम में इसको बार-बार सिंचाई की जरूरत होती है 4 से 7 दिनों के अंतराल पर सिंचाई करें तुड़ाई के दो दिन पहले सिंचाई करें, इससे फल ताजे, चमकदार और आकर्षित रहेंगे, धन्यवाद

Posted by naman
Uttar Pradesh
18-01-2020 02:48 PM
नमन जी, गेहूं के खेत में गोबर की खाद बिजाई से पहले डाली जाती है, इसकी मात्रा प्रति एकड़ के हिसाब से 4 से 5 टन होती है, और यह 6 से 7 महीने पुरानी होनी चाहिए, धन्यवाद
Posted by Navi
Punjab
18-01-2020 02:47 PM
Navi ji, iski jad mein ap dheemak ke hamle ki jaanch karein, agar hamla mojood ho to ap isme chlorpyriphos @ 4 ml prati liter pani ke hisaab se spray karein, isse dheemak ( syonk) ki roktham ho jati hai, dhanywad
Posted by Yogeshchauhan Yogeshchauhan
Uttar Pradesh
18-01-2020 02:44 PM
Yogeshchauhan ji, apke dawara bheji gayi audio mein kuch saaf sunai nahi de raha hai, kripya ap ise dubara record kar ke bhejeien taki apko sunke iske bare mein jankari di ja sake, dhanywad

Posted by naman
Uttar Pradesh
18-01-2020 02:43 PM
नमन जी, गेहूं के खेत में गोबर की खाद बिजाई से पहले डाली जाती है, इसकी मात्रा प्रति एकड़ के हिसाब से 4 से 5 टन होती है, और यह 6 से 7 महीने पुरानी होनी चाहिए, धन्यवाद
Posted by jaswindersidhu6047@gmail.com
Chandigarh
18-01-2020 02:43 PM
ਮੱਧੂਮੱਖੀ ਦਾ ਇਕ ਬਕਸਾ ਲਗਭਗ 5 ਤੋਂ 10 ਕਿਲੋ ਖੰਡ ਖਾ ਜਾਂਦਾ ਹੈ .

Posted by Tuntun Kumar
Bihar
18-01-2020 02:43 PM
कृपया आप अपना सवाल विस्तार से पूछें कि आप क्या जानकारी लेना चाहते है ताकि आपको सही जानकारी दी जा सके और यह भी बताएं कि उसकी ग्रोथ के लिए आप क्या डालते है

Posted by prabhjot singh
Punjab
18-01-2020 02:37 PM
BhaaG tuci majh nu rajwa hara chaara te har 3kg dudh lai 1kg wadhya feed pao ikali khal na pao har 3 mahine baad malap rehat karo
Posted by Shivam Rajpur
Madhya Pradesh
18-01-2020 02:35 PM
शिवम् जी, कृपया आप मिर्ची के पौधे की फोटो भेजें ताकि आपको देख कर बीमारी का समाधान बताया जा सके, धन्यवाद
Posted by Shivam Rajpur
Madhya Pradesh
18-01-2020 02:34 PM
शिवम् जी, कृपया आप मिर्ची के पौधे की फोटो भेजें ताकि आपको देख कर बीमारी का समाधान बताया जा सके, धन्यवाद

Posted by Tuntun Kumar
Bihar
18-01-2020 02:32 PM
टुनटुन जी, गेहूं में कई प्रकार के कीट का हमला होता है, कृपया आप बताये कि गेहूं में कौन से कीट का हमला हुआ है, और हो सके तो इसकी फोटो भी भेजें, ताकि आपको इसका समाधान बताया जा सके, धन्यवाद
Posted by harpreet singh
Punjab
18-01-2020 02:30 PM
Harpreet ji, tusi is vich manganese sulphate @ 1 kilo nu 150 liter pani vich mila ke prati acre de hisaab nal spray karo, is di spray nal fasal vich harapan a jayega, dhanwad

Posted by rajendrasingh songare
Madhya Pradesh
18-01-2020 02:25 PM
राजेन्द्रसिंह जी, मक्का में इल्ली की रोकथाम के लिए आप इसमें quinalphos @ 400 ml को 150 लीटर पानी में मिला कर प्रति एकड़ के हिसाब से स्प्रे करें, धन्यवाद
Posted by mohd kaleem
Uttar Pradesh
18-01-2020 02:18 PM
Mohd Kaleem ji, kohre se bachav ke liye kisi spray ki sifarish nahi ki jati hai, ap apni fasal ko pale se bachane ke liye isme halki sinchai kar dein, isse jameen ka taapman 2*C tak badaya ja sakta hai, or hawa mein nami hone ke kaaran fasal ko kohre se nuksan nahi hota hai, dhanywad

Posted by Nishant Panwar
Uttar Pradesh
18-01-2020 02:17 PM
निशांत जी, पोक्का बोइंग फंगस के हमले की वजह से होता है, आप इसकी रोकथाम के लिए इसमें M 45 @ 400 ग्राम को 150 लीटर पानी में मिला कर प्रति एकड़ के हिसाब से स्प्रे करें, इससे फंगस की रोकथाम हो जाती है, धन्यवाद

Posted by vinod rajput
Haryana
18-01-2020 02:17 PM
विनोद जी, आप जनवरी महीने में सब्जियां जैसे कि शिमला मिर्च, मूली, पालक, बैंगन, चप्पन कद्दू की बिजाई कर सकते हैं, धन्यवाद

Posted by prabhjot singh
Punjab
18-01-2020 02:15 PM
Hanji thik hai ji tuci feed de nal nal mineral mixture rojana 50gm alag dena suru kr skde ho, eh tuci agrimin, bovimin-b, minfa gold koi v powder vart skde ho.

Posted by gurdeep singh
Punjab
18-01-2020 02:14 PM
Gurdeep ji, is vich sulphur di ghaat hai , jisdi vajah nal eh pilli pe rahi hai, tusi is vich gypsum @ 100 kilo prati acre de hisaab nal shitta dao, isde nal eh sahi ho jaan ge, dhanwad

Posted by Jagmit Sidhu
Punjab
18-01-2020 02:13 PM
Jagmit Sidhu ji, barseem di changi growth layi tusi is vich hoshi @ 400 ml nu 150 liter pani vich mila ke prati acre de hisaab nal spray karo, hoshi vich Gibberellic acid hunda hai, joke ik growth promoter hai, jis nal barseem da changa vikas ho janda hai, khet vicho nadeen nu kad deyo, dhanwad

Posted by vinod rajput
Haryana
18-01-2020 02:12 PM
विनोद जी, आप जनवरी महीने में सब्जियां जैसे कि शिमला मिर्च, मूली, पालक, बैंगन, चप्पन कद्दू की बिजाई कर सकते हैं, धन्यवाद

Posted by amrit
Punjab
18-01-2020 02:10 PM
बायोफलोक मछली फार्म का पंजाब में कोई सरकारी प्रोजेक्ट नहीं है यह आपको अपने स्तर पर करना होगा आप बायोफलोक फार्म देखने के लिए जसविंदर सिंह से 98886 69632 संंपर्क कर सकते है इनका बायोफलोक फार्म है इस सिस्टम में कम जगह और कम मछलियों की जरूरत होती है

Posted by Sonu
Haryana
18-01-2020 02:08 PM
बकरी पालन में लोन लेने के लिए सबसे जरूरी है ट्रेनिंग सर्टीफिकेट अपने नज़दीक के कृषि विज्ञान केंद्र से ट्रेनिंग करने के बाद ट्रेनिंग के सर्टीफिकेट पर लोन एप्लाई होता है पर लोन मिलेगा या नहीं यह बैंक मेनेजर पर निर्भर करता है क्योंकि पहली बात यह है कि बैंक देखता है कि आपके अकाउंट में कितने पैसों का लेन देन हो .... (Read More)
बकरी पालन में लोन लेने के लिए सबसे जरूरी है ट्रेनिंग सर्टीफिकेट अपने नज़दीक के कृषि विज्ञान केंद्र से ट्रेनिंग करने के बाद ट्रेनिंग के सर्टीफिकेट पर लोन एप्लाई होता है पर लोन मिलेगा या नहीं यह बैंक मेनेजर पर निर्भर करता है क्योंकि पहली बात यह है कि बैंक देखता है कि आपके अकाउंट में कितने पैसों का लेन देन हो रहा है और आपके पास ज़मीन गारंटी के तौर पर देने के लिए है या नहीं और अन्य भी कई बातें चैक करके लोन के लिए सहमत होता है बाकी कोशिश करें कि लोन के बिना अपने स्तर पर ही काम शुरू करें क्योंकि लोन की किश्त हर महीने भरनी पड़ेगी पर बकरियों से कमाई हर महीने नहीं होने होगी बाकी यदि कोशिश करके देखनी है तो अपने ट्रेनिंग सर्टीफिकेट से आप अपने जिले के पशु पालन विभाग अफसर को मिलें और उस पर प्रवानगी लेकर फिर बैंक से बात करके देखें.

Posted by aabidpatel
Gujarat
18-01-2020 02:07 PM
Aabidpatel ji, ap apne khet mein bijai se pehle gypsum @ 1 quintal prati acre ke hisaab se dalein, iske shidkaw se khet ka pH sahi ho jata hai, dhanywad

Posted by bhasin
Punjab
18-01-2020 01:56 PM
Bhasin ji, kirpa kar ke daso ke tusi bourvita kis nu keh rahe ho, taki tuhanu is bare jankari diti ja sake, dhanwad

Posted by Babbi Sidhu
Punjab
18-01-2020 01:52 PM
ਬੱਬੀ ਜੀ, ਕਿਰਪਾ ਕਰ ਕੇ ਤੁਸੀਂ ਆਪਣੀ ਕਣਕ ਦੀ ਫੋਟੋ ਭੇਜੋ ਤਾਂਜੋ ਤੁਹਾਨੂੰ ਦੇਖ ਕੇ ਇਸ ਬਾਰੇ ਜਾਣਕਾਰੀ ਦਿਤੀ ਜਾ ਸਕੇ, ਧੰਨਵਾਦ

Posted by ਜਤਿੰਦਰ ਸਿੰਘ ਬੋਪਾਰਾਏ
Punjab
18-01-2020 01:37 PM
ਜਤਿੰਦਰ ਜੀ ਪੰਜਾਬ ਵਿਚ ਇਲੈਚੀਆਂ ਦੀ ਖੇਤੀ ਯੂਨੀਵਰਸਿਟੀ ਵਲੋਂ ਸਿਫਾਰਿਸ਼ ਨਹੀਂ ਕੀਤੀ ਜਾਂਦੀ ਧੰਨਵਾਦ
Posted by Anil Kumar
Uttar Pradesh
18-01-2020 01:28 PM
अनिल जी, यह पिछेती झुलस रोग की वजह से हो रहा है, आप इसकी रोकथाम के लिए इसमें copper oxychloride @ 500 ग्राम को 150 लीटर पानी में मिला कर प्रति एकड़ के हिसाब से स्प्रे करें, इसकी स्प्रे से यह सही हो जाता है, धन्यवाद

Posted by sachin Singh
Uttar Pradesh
18-01-2020 01:25 PM
Sachin Singh ji kirpya aap visthar me btae ke aap konse bird palna chahte or sath me photo bhi jrur dale ta jo aap ko sahi jankari di jasake, Thankyou.
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