Posted by satinderbir singh
Punjab
20-01-2020 03:42 PM
satinder ji kirpa karke swal vistar nal pucho ke tuc kehdi fasl bare jankari diti ja sake.tuhada swal bare poori jankari lain layi tuhanu call vi kiti gayi hai par tuahde valo koi response nahi mileya hai.dhanwad
Posted by satinderbir singh
Punjab
20-01-2020 03:37 PM
ਉੱਤਰ ਵਿੱਚ ਇਹ ਵਰਖਾ ਅਤੇ ਬਸੰਤ ਦੇ ਮੌਸਮ ਵਿੱਚ ਉਗਾਈ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਵਰਖਾ ਵਾਲੇ ਮੌਸਮ ਵਿੱਚ, ਇਸਦੀ ਬਿਜਾਈ ਜੂਨ-ਜੁਲਾਈ ਮਹੀਨੇ ਅਤੇ ਬਸੰਤ ਰੁੱਤ ਵਿੱਚ ਫਰਵਰੀ-ਮਾਰਚ ਦੇ ਮਹੀਨੇ ਕੀਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ
ਕਾਲੀ ਤੋਰੀ :- ਸਾਲ ਵਿੱਚ ਦੋ ਵਾਰ ਇਸਦੇ ਬੀਜਾਂ ਨੂੰ ਬੀਜਿਆ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਬਿਜਾਈ ਦੇ ਲਈ ਸਹੀ ਸਮਾਂ ਮੱਧ ਫਰਵਰੀ ਤੋਂ ਮਾਰਚ ਦਾ ਮਹੀਨਾ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਅਤੇ ਦੂਜੀ ਵਾਰ ਬਿਜਾਈ ਦੇ ਲਈ ਮੱਧ ਮਈ ਤੋਂ ਜੁਲਾ.... (Read More)
ਉੱਤਰ ਵਿੱਚ ਇਹ ਵਰਖਾ ਅਤੇ ਬਸੰਤ ਦੇ ਮੌਸਮ ਵਿੱਚ ਉਗਾਈ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਵਰਖਾ ਵਾਲੇ ਮੌਸਮ ਵਿੱਚ, ਇਸਦੀ ਬਿਜਾਈ ਜੂਨ-ਜੁਲਾਈ ਮਹੀਨੇ ਅਤੇ ਬਸੰਤ ਰੁੱਤ ਵਿੱਚ ਫਰਵਰੀ-ਮਾਰਚ ਦੇ ਮਹੀਨੇ ਕੀਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ
ਕਾਲੀ ਤੋਰੀ :- ਸਾਲ ਵਿੱਚ ਦੋ ਵਾਰ ਇਸਦੇ ਬੀਜਾਂ ਨੂੰ ਬੀਜਿਆ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਬਿਜਾਈ ਦੇ ਲਈ ਸਹੀ ਸਮਾਂ ਮੱਧ ਫਰਵਰੀ ਤੋਂ ਮਾਰਚ ਦਾ ਮਹੀਨਾ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਅਤੇ ਦੂਜੀ ਵਾਰ ਬਿਜਾਈ ਦੇ ਲਈ ਮੱਧ ਮਈ ਤੋਂ ਜੁਲਾਈ ਦਾ ਸਮਾਂ ਸਹੀ ਹੈ
Posted by Davinder singh
Punjab
20-01-2020 03:28 PM
Davinder ji tuhade swala de jwab ditte gye hai tuci App vich apne swala de jwab dekh skde ho.

Posted by satyanarayan
Rajasthan
20-01-2020 03:26 PM
satyanarayan ji kripya aap fasl ki photo bheje taki aapko iske bare men poori jankari di ja sake.dhanywad

Posted by gogan chavda
Gujarat
20-01-2020 03:22 PM
gagan ji kripya btaye ke aapne iski spray konsi fasl men karni hai taki aapko uske hisab se jankari di ja sake,dhanywad
Posted by sukhwinder
Punjab
20-01-2020 03:12 PM
sir kanak beeji nu 2 mahine ho gye a es nu kehdi spray kiti jawe es vich jo pic ch nadeen ohna ton ?
Sukhwinder ji kirpa karke daso ke tuc isde uper pehlan kise nadeen nashak di spray kiti hai ta jo tuhanu is bare poori jankari diti ja sake,dhanwad
Posted by santosh Kushwaha
Uttar Pradesh
20-01-2020 03:09 PM
यदि आप ICAR-Indian Veterinary Research Institute Izatnagar - Bareilly (UP) -243122 से चूज़े लेना चाहते है तो आप Dr. M. P Sagar 7302186187 (Call Timing 10.00am to 5.00pm) जी से संपर्क कर सकते है.

Posted by vs rajveer
Madhya Pradesh
20-01-2020 02:52 PM
डेयरी फार्मिंग के लिए लोन अलग अलग कामों के लिए मिलता है जैसे शैड के लिए, पशुओं के लिए, डेयरी मशीनरी के लिए सबसे पहले आपने जिसके लिए लोन लेना है उस संबंधी आवेदन नज़दीक के डिप्टी डायरेक्टर को मिलकर दें, इसके लिए आपके पास डेयरी ट्रेनिंग होनी जरूरी है उसके सर्टीफिकेट के हिसाब से आपको लोन मिलेगा यह ट्रेनिंग आप अप.... (Read More)
डेयरी फार्मिंग के लिए लोन अलग अलग कामों के लिए मिलता है जैसे शैड के लिए, पशुओं के लिए, डेयरी मशीनरी के लिए सबसे पहले आपने जिसके लिए लोन लेना है उस संबंधी आवेदन नज़दीक के डिप्टी डायरेक्टर को मिलकर दें, इसके लिए आपके पास डेयरी ट्रेनिंग होनी जरूरी है उसके सर्टीफिकेट के हिसाब से आपको लोन मिलेगा यह ट्रेनिंग आप अपने नज़दीकी केवीके से प्राप्त कर सकते है वहां समय समय पर ट्रेनिंग दी जाती है आप वहां जाकर अपना फार्म भर आए जब भी वहां ट्रेनिंग होगी तो आपको फोन करके बता दिया जाएगा, इस ट्रेनिंग में आपको डेयरी लोन और सब्सिड़ी के बारे में सारी जानकारी प्राप्त हो जाएगी.
Posted by johar singh
Punjab
20-01-2020 02:41 PM
ਜੌਹਰ ਜੀ ਤੁਸੀ ਸਬਜ਼ੀਆਂ ਦੇ ਬੀਜ ਲੈਣ ਲਈ Anmaanat Biotech Amritsar ,Sarwan Singh Maan
9340126148 ,9478000850 ਨਾਲ ਸੰਪਰਕ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਧੰਨਵਾਦ

Posted by shailesh yadav
Uttar Pradesh
20-01-2020 02:37 PM
आलुओं के अंकुरन से पहले मैटरीबिउज़िन 70 डब्लयु पी 200 ग्राम या एलाकलोर 2 लीटर प्रति एकड़ डालें आलुओं के 5-10 प्रतिशत अंकुरन और केवल मेंड़ पर नदीनों का हमला होने पर पैराकुएट 500-750 मि.ली. प्रति एकड़ डालें यदि नदीनों का हमला कम हो तो बिजाई के 25 दिन बाद मैदानी इलाकों में और 40-45 दिनों के बाद पहाड़ी इलाकों में जब फसल 8-10 सैं.मी. कद की .... (Read More)
आलुओं के अंकुरन से पहले मैटरीबिउज़िन 70 डब्लयु पी 200 ग्राम या एलाकलोर 2 लीटर प्रति एकड़ डालें आलुओं के 5-10 प्रतिशत अंकुरन और केवल मेंड़ पर नदीनों का हमला होने पर पैराकुएट 500-750 मि.ली. प्रति एकड़ डालें यदि नदीनों का हमला कम हो तो बिजाई के 25 दिन बाद मैदानी इलाकों में और 40-45 दिनों के बाद पहाड़ी इलाकों में जब फसल 8-10 सैं.मी. कद की हो जाये तो नदीनों को हाथों से उखाड़ दें आमतौर पर आलुओं की फसल में नदीन नाशक की जरूरत नहीं पड़ती, क्योंकि जड़ों को मिट्टी लगाने से सारे नदीन नष्ट हो जाते हैं
नदीनों के हमले को कम करने के लिए और मिट्टी की नमी को बचाने के लिए मलचिंग का तरीका भी प्रयोग किया जा सकता है, जिसमें मिट्टी पर धान की पराली और खेत के बची-कुची सामग्री बिछायी जा सकती है बिजाई के 20-25 दिन बाद मलचिंग को हटा दें

Posted by jatinder
Punjab
20-01-2020 01:54 PM
ਜਤਿੰਦਰ ਜੀ ਕਿਰਪਾ ਕਰਕੇ ਦੱਸੋ ਕੇ ਤੁਸੀ ਕਣਕ ਵਿਚ ਕਿਹੜੀ ਕਿਹੜੀ ਖਾਦ ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਕੀਤੀ ਹੈ ਤਾ ਜੋ ਤੁਹਾਨੂੰ ਇਸ ਬਾਰੇ ਪੂਰੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਦਿਤੀ ਜਾ ਸਕੇ ਧੰਨਵਾਦ
Posted by Balvir Singh
Punjab
20-01-2020 01:52 PM
Balvir Singh ji is ke bare me puri jankari ke lia aap Japinder Wadhawan 9478810324 se samparak kar sakte hai, Thankyou.
Posted by Balvir Singh
Punjab
20-01-2020 01:49 PM
Balvir Singh ji 3 HP ki motor te solor system lag javega ji es bare tusi mere nal 95307 72137 number te gal kar lavo ji.

Posted by sanjeev tyagi
Uttar Pradesh
20-01-2020 01:23 PM
डेयरी फार्मिंग के लिए लोन अलग अलग कामों के लिए मिलता है जैसे शैड के लिए, पशुओं के लिए, डेयरी मशीनरी के लिए सबसे पहले आपने जिसके लिए लोन लेना है उस संबंधी आवेदन नज़दीक के डिप्टी डायरेक्टर को मिलकर दें, इसके लिए आपके पास डेयरी ट्रेनिंग होनी जरूरी है उसके सर्टीफिकेट के हिसाब से आपको लोन मिलेगा यह ट्रेनिंग आप अप.... (Read More)
डेयरी फार्मिंग के लिए लोन अलग अलग कामों के लिए मिलता है जैसे शैड के लिए, पशुओं के लिए, डेयरी मशीनरी के लिए सबसे पहले आपने जिसके लिए लोन लेना है उस संबंधी आवेदन नज़दीक के डिप्टी डायरेक्टर को मिलकर दें, इसके लिए आपके पास डेयरी ट्रेनिंग होनी जरूरी है उसके सर्टीफिकेट के हिसाब से आपको लोन मिलेगा यह ट्रेनिंग आप अपने नज़दीकी केवीके से प्राप्त कर सकते है वहां समय समय पर ट्रेनिंग दी जाती है आप वहां जाकर अपना फार्म भर आए जब भी वहां ट्रेनिंग होगी तो आपको फोन करके बता दिया जाएगा, इस ट्रेनिंग में आपको डेयरी लोन और सब्सिड़ी के बारे में सारी जानकारी प्राप्त हो जाएगी.

Posted by Rahul SolankiBjp
Madhya Pradesh
20-01-2020 01:22 PM
राहुल जी कृपया बताये कि अभी इसमें आने क्या क्या खाद डाली है ताकि आपको इसके बारे में पूरी जानकारी दी जा सके धन्यवाद
Posted by ram mangat
Rajasthan
20-01-2020 01:20 PM
Ram mangat ji is ke bare me puri jankari ke lia aap Rajiv garg (Raja) 9815940212, 9317793673 Raja Enterprises se samparak kars akte hai, Thankyou.

Posted by Arashdeep
Punjab
20-01-2020 01:18 PM
jekar hun usde temp. thik hai tan tuci uss nu tuci uss nu Glactogog powder rojana 1 pouch deo ate Calcimust gold liquid 50ml rojana dena suru kro ate vdia matra vich khurak deo, iss nal frak paa jawega.
Posted by Bikram jeet singh
Punjab
20-01-2020 01:17 PM
ਸ੍ਰੀ ਮਾਨ ਜੀ ਕਣਕ ਵਿੱਚ ਨਦੀਨਾਂ ਦੀ ਸੁਚੱਜੀ ਰੋਕਥਾਮ ਦੇ ਲਈ ਤੁਸੀ axil ਜਾਂ ਫੇਰ total ਜਾਂ markpower ਵਿਚੋਂ ਕਿਸੇ ਇਕ ਦੀ ਸਪਰੇਅ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਜੀ ਪਰ ਇਹ ਸਪਰੇਅ ਕਰਨ ਵੇਲੇ ਖੇਤ ਦੇ ਵਿਚ ਗਿੱਲ ਹੋਣਾਂ ਜਰੂਰੀ ਹੈ ਜੇ ਥੋਡੇ ਇਹਨਾਂ ਨਦੀਨ ਨਾਸ਼ਕਾਂ ਨਾਲ ਗੁੱਲੀ ਡੰਡਾ ਨਹੀਂ ਮਰਿਆ ਤਾਂ ਤੁਸੀ 200 ਗ੍ਰਾਮ ਸ਼ਗਨ 21-11 (ਕਲੋਡੀਨਾਫੌਪ+ਮੈਟਰੀਬਿਊਜ਼ਿਨ) ਨੂੰ 150 ਲਿਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿਚ ਘੋਲ ਕ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਛਿੜਕਾ ਕਰੋ *ਨ.... (Read More)
ਸ੍ਰੀ ਮਾਨ ਜੀ ਕਣਕ ਵਿੱਚ ਨਦੀਨਾਂ ਦੀ ਸੁਚੱਜੀ ਰੋਕਥਾਮ ਦੇ ਲਈ ਤੁਸੀ axil ਜਾਂ ਫੇਰ total ਜਾਂ markpower ਵਿਚੋਂ ਕਿਸੇ ਇਕ ਦੀ ਸਪਰੇਅ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਜੀ ਪਰ ਇਹ ਸਪਰੇਅ ਕਰਨ ਵੇਲੇ ਖੇਤ ਦੇ ਵਿਚ ਗਿੱਲ ਹੋਣਾਂ ਜਰੂਰੀ ਹੈ ਜੇ ਥੋਡੇ ਇਹਨਾਂ ਨਦੀਨ ਨਾਸ਼ਕਾਂ ਨਾਲ ਗੁੱਲੀ ਡੰਡਾ ਨਹੀਂ ਮਰਿਆ ਤਾਂ ਤੁਸੀ 200 ਗ੍ਰਾਮ ਸ਼ਗਨ 21-11 (ਕਲੋਡੀਨਾਫੌਪ+ਮੈਟਰੀਬਿਊਜ਼ਿਨ) ਨੂੰ 150 ਲਿਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿਚ ਘੋਲ ਕ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਛਿੜਕਾ ਕਰੋ *ਨੋਟ* 1.ਸ਼ਗਨ 21-11 ਨੂੰ pbw 550 ਤੇ ਉਨਤ pbw550 ਵਿਚ ਨਾ ਛਿੜਕੋ 2. ਸਗਨ 21-11 ਦਾ ਹਲਕੀਆਂ ਜਮੀਨਾ ਵਿਚ ਛਿੜਕਾ ਨਾ ਕਰੋ 3.ਵਡਾਣਕ ਕਣਕ ਵਿਚ ਸ਼ਗਨ 21-11 ਨਾ ਵਰਤੋਂ 4.ਟੋਟਲ/ ਮਾਰਕਪਾਵਰ ਵਾਲੇ ਖੇਤਾਂ ਵਿੱਚ ਚਰ੍ਹੀ (ਜਵਾਰ) ਅਤੇ ਮੱਕੀ ਨਾ ਬੀਜੋ

Posted by kumar ameet
Bihar
20-01-2020 01:11 PM
इसे भारत की मिट्टी की कई किस्मों में उगाया जा सकता है गेहूं की खेती के लिए चिकनी दोमट या दोमट बनतर, अच्छे ढांचे और पानी सोखने की सामान्य क्षमता वाली मिट्टी उचित होती है छिद्रित और पानी कम सोखने वाली मिट्टी गेहूं की खेती के लिए उपयुक्त नहीं होती सूखे हालातों, अच्छे जल निकास वाली भारी मिट्टी इसकी खेती के लिए .... (Read More)
इसे भारत की मिट्टी की कई किस्मों में उगाया जा सकता है गेहूं की खेती के लिए चिकनी दोमट या दोमट बनतर, अच्छे ढांचे और पानी सोखने की सामान्य क्षमता वाली मिट्टी उचित होती है छिद्रित और पानी कम सोखने वाली मिट्टी गेहूं की खेती के लिए उपयुक्त नहीं होती सूखे हालातों, अच्छे जल निकास वाली भारी मिट्टी इसकी खेती के लिए अनुकूल होती है भारी मिट्टी जिसका घटिया ढांचा और घटिया जल निकास हो इसकी खेती के लिए उपयुक्त नहीं होती क्योंकि गेहूं की फसल जल जमाव के प्रति संवेदनशील होती है गेहूं की फसल को अच्छे अंकुरन के लिए अच्छी तरह से तैयार, पर ठोस बीज बैड की आवश्यकता होती है पिछली फसल की कटाई के बाद खेत की अच्छे तरीके से ट्रैक्टर की मदद से जोताई की जानी चाहिए खेत को आमतौर पर ट्रैक्टर के साथ तवियां जोड़कर जोता जाता है और उसके बाद दो या तीन बार हल या सुहागे से जोता जाता है खेत की जोताई शाम के समय की जानी चाहिए और रोपाई की गई ज़मीन को पूरी रात खुला छोड़ देना चाहिए ताकि वह ओस की बूंदों से नमी सोख सके प्रत्येक जोताई के बाद सुहागा फेरना चाहिए
बारानी क्षेत्रों में फसल को दीमक के हमले से बचाव के लिए क्लोरपाइरीफॉस 20 ई सी 700 मि.ली. को 5 लीटर पानी में मिलाकर 100 किलो बीजों का उपचार करें उसके बाद बीजों को छांव में सुखाएं छोटे आकार की किस्मों के लिए 40 किलो बीज प्रति एकड़ में प्रयोग करें और मोटे किस्म के बीजों के लिए 50 किलो बीज प्रति एकड़ में प्रयोग करें यदि पिछेती बिजाई करनी हो तो 60 किलो बीज प्रति एकड़ में प्रयोग करें बिजाई से पहले बीज साफ और छांटे हुए होने चाहिए बीजों को दीमक, झूठी कांगियारी से बचाने के लिए बिजाई से पहले क्लोरपाइरीफॉस 4 मि.ली. या टैबुकोनाज़ोल 2 डी एस 1.5-1.87 ग्राम या कार्बेनडाज़िम या थीरम 2 ग्राम से प्रति किलो बीज का उपचार करें रासायनिक उपचार के बाद ट्राइकोडरमा विराइड 1.15 प्रतिशत डब्लयु पी 4 ग्राम से प्रति किलो बीज का उपचार करें सिंचाई की संख्या, पानी की उपलब्धता मिट्टी की किस्म पर पर निर्भर करती है जड़ें बनने के समय और बालियां बनने के समय नमी का होना जरूरी है छोटे कद वाली किस्मों और अच्छी पैदावार के लिए बिजाई से पहले सिंचाई करें गेहूं की फसल के लिए चार से छः सिंचाईयां बहुत होती हैं बिजाई के 20-25 दिनों के बाद पहली सिंचाई देनी चाहिए जड़ें बनने के समय पर नमी का होना पैदावार को कम होने से बचाता है ठंडे क्षेत्रों में जैसे पहाड़ी क्षेत्रों और जहां पर गेहूं की पिछेती बिजाई की जाती है वहां पर बिजाई के लगभग 25-30 दिनों के बाद पहली सिंचाई करें बिजाई के 40-45 दिनों के बाद पौधा बनने के समय दूसरी सिंचाई करें तीसरी सिंचाई 70-75 दिनों के बाद नोड्स बनने के समय करें फूल निकलने के समय चौथी सिंचाई 90-95 दिनों में करें पांचवी सिंचाई बिजाई के 110-115 दिनों के बाद करें जब दाने अपरिपक्व होते हैं
कम पानी की स्थितियों में गंभीर अवस्था में सिंचाई करें जब पानी एक ही सिंचाई के लिए उपलब्ध हो तो जड़ें बनने के समय पानी लगाएं जब दो सिंचाईयों के लिए पानी उपलब्ध हो तो जड़ें बनने के समय और बालियां निकलने के समय पानी लगाएं यदि तीन सिंचाइ्रयों के लिए पानी उपलब्ध हो तो पहला पानी जड़ें बनने के समय दूसरा बलियां बनने के समय और तीसरा पानी दानों में दूध बनने के समय लगाएं जड़ें बनने की अवस्था सिंचाई के लिए बहुत महत्तवपूर्ण अवस्था होती है यह सिद्ध हुआ है कि पहली सिंचाई के हर सप्ताह के बाद देरी करने से 80-120 किलोग्राम प्रति एकड़ पैदावार में कमी आती है

Posted by alok katiyar
Uttar Pradesh
20-01-2020 12:58 PM
श्री मान आलू में मैनकोजेब 30 ग्राम या कॉपर ऑक्सीक्लोराइड 30 ग्राम प्रति 10 लीटर पानी में मिलाकर बिजाई के 45 दिनों के बाद 10 दिनों के फासले पर 2-3 बार स्प्रे करें

Posted by alok katiyar
Uttar Pradesh
20-01-2020 12:57 PM
Alok ji yeh jhulas rog hai iske liye aap copper oxychloride@500 gram ko prati acre ke hisab se spray karen,dhanywad

Posted by Gurmel Singh
Rajasthan
20-01-2020 12:55 PM
Shri maan g kripa aap iski photo bhejen toh aapko poori jankari di ja ske...

Posted by akash kumar
Haryana
20-01-2020 12:52 PM
Akash ji chicks lene ke liye aap Satish Kumar 9992031003 se sampark kr skte hai, inse apko chick mill jayege.
Posted by Amritpal kahlon
Punjab
20-01-2020 12:45 PM
ਤੁਸੀ ਕਿਸਮਾਂ ਜਿਵੇ ਪੰਜਾਬ ਕੋਮਲ ,ਪੰਜਾਬ ਲੌਂਗ ,ਪੰਜਾਬ ਬਰਕਤ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਧੰਨਵਾਦ
Posted by Dharmendra Lodhi
Madhya Pradesh
20-01-2020 12:40 PM
उत्तर में यह वर्षा और बसंत के मौसम में उगाई जाती है खरीफ के मौसम में, इसकी बिजाई जून-जुलाई के महीने और बसंत ऋतु में फरवरी-मार्च के महीने में की जाती है Pusa Mahakali: यह किस्म आई. ए. आर. आई., नई दिल्ली द्वारा बनाई गई है इसके फल हलके हरे रंग के होते हैं
Arka Anamika: यह किस्म IIHR, बैंगलोर द्वारा विकसित की गई है यह किस्म पीले चितकबरे .... (Read More)
उत्तर में यह वर्षा और बसंत के मौसम में उगाई जाती है खरीफ के मौसम में, इसकी बिजाई जून-जुलाई के महीने और बसंत ऋतु में फरवरी-मार्च के महीने में की जाती है Pusa Mahakali: यह किस्म आई. ए. आर. आई., नई दिल्ली द्वारा बनाई गई है इसके फल हलके हरे रंग के होते हैं
Arka Anamika: यह किस्म IIHR, बैंगलोर द्वारा विकसित की गई है यह किस्म पीले चितकबरे रोग के प्रतिरोधक है इसकी औसतन पैदावार 80 क्विंटल प्रति एकड़ होती है
Arka Abhay: यह किस्म IIHR बैंगलोर द्वारा जारी की गई है इसके फल पीले चितकबरे रोग के प्रतिरोधी होते हैं
Pusa A 4: यह किस्म पीले चितकबरे रोग और चेपे के प्रतिरोधक है यह 45 दिनों में तुड़ाई के लिए तैयार हो जाती है इसकी औसतन पैदावार 56 क्विंटल प्रति एकड़ होती है
Perkins Long green: यह पहाड़ी क्षेत्रों में उगाने के लिए उपयुक्त किस्म है
Aruna: यह किस्म KAU द्वारा जारी की गई है इस किस्म की फलियां लाल रंग की होती हैं यह पीले चितकबरे रोग के प्रतिरोधक है इसकी औसतन पैदावार 64 क्विंटल प्रति एकड़ होती है
CO 1: यह अधिक उपज वाली किस्म है, TNAU द्वारा जारी की गई है इस किस्म की फलियां लाल रंग की होती हैं
Harbhajan: यह किस्म गर्मियों और बारिश के मौसम में बोने के लिए उपयुक्त है यह जल्दी फल देने वाली किस्म है जो कि गहरे हरे रंग के और नर्म होते हैं यह किस्म पीले चितकबरे रोग के प्रतिरोधक है इसकी औसतन पैदावार 36-40 क्विंटल प्रति एकड़ होती है

Posted by Beant Bhullar
Punjab
20-01-2020 12:37 PM
Beant ji eh yellow rust de lashan dikhai de rahe han jekar patteya nu hath laun te haldi varga powder hath nu lagda hai ta tuc isde uper tilt@200ml nu prati acre de hisab nal spray karo.dhanwad
Posted by Narotam Singh
Punjab
20-01-2020 12:23 PM
ਹਾਜੀ ਸਤਿ ਸ਼੍ਰੀ ਅਕਾਲ ਜੀ ਤੁਹਾਡੇ ਵੱਲੋਂ ਪੁੱਛੇ ਸਾਰੇ ਸਵਾਲਾਂ ਦਾ ਜਵਾਬ ਦਾ ਦਿੱਤਾ ਜਾ ਚੁੱਕਿਆ ਹੈ ਤੁਸੀ ਆਪਣੇ ਸਵਾਲਾਂ ਦੇ ਜਵਾਬ ਦੇਖਣ ਲਈ ਐਪ ਵਿੱਚ ਮੇਰੇ ਸਵਾਲ ਤੇ ਕਲਿੱਕ ਕਰਕੇ ਜਾਂ ਫਿਰ ਮੇਰੀ ਪ੍ਰੋਫਾਈਲ ਦੇ ਹੇਠਾ ਆਪਣੇ ਸਵਾਲ ਜਵਾਬ ਦੇਖ ਸਕਦੇ ਹੋ ਵੀ ਜੇਕਰ ਤੁਹਾਨੂੰ ਜਵਾਬ ਸਬੰਧੀ ਕਿਸੇ ਤਰਾਂ ਦੀ ਸਮੱਸਿਆ ਆ ਰਹੀ ਹੈ ਤਾਂ ਤੁਸੀ ਸਾਡੇ ਹੈਲਪਲਾਈਨ ਨੰਬਰ: 97799-77641 ਤੇ ਕਾਲ ਕਰ ਸਕਦੇ .... (Read More)
ਹਾਜੀ ਸਤਿ ਸ਼੍ਰੀ ਅਕਾਲ ਜੀ ਤੁਹਾਡੇ ਵੱਲੋਂ ਪੁੱਛੇ ਸਾਰੇ ਸਵਾਲਾਂ ਦਾ ਜਵਾਬ ਦਾ ਦਿੱਤਾ ਜਾ ਚੁੱਕਿਆ ਹੈ ਤੁਸੀ ਆਪਣੇ ਸਵਾਲਾਂ ਦੇ ਜਵਾਬ ਦੇਖਣ ਲਈ ਐਪ ਵਿੱਚ ਮੇਰੇ ਸਵਾਲ ਤੇ ਕਲਿੱਕ ਕਰਕੇ ਜਾਂ ਫਿਰ ਮੇਰੀ ਪ੍ਰੋਫਾਈਲ ਦੇ ਹੇਠਾ ਆਪਣੇ ਸਵਾਲ ਜਵਾਬ ਦੇਖ ਸਕਦੇ ਹੋ ਵੀ ਜੇਕਰ ਤੁਹਾਨੂੰ ਜਵਾਬ ਸਬੰਧੀ ਕਿਸੇ ਤਰਾਂ ਦੀ ਸਮੱਸਿਆ ਆ ਰਹੀ ਹੈ ਤਾਂ ਤੁਸੀ ਸਾਡੇ ਹੈਲਪਲਾਈਨ ਨੰਬਰ: 97799-77641 ਤੇ ਕਾਲ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋਂ
Posted by PRADEEP KUMAR
Uttar Pradesh
20-01-2020 12:21 PM
प्रदीप जी कृपया बताये कि गेंहू की फसल कितने समय की है ताकि आपको इसके बारे में पूरी जानकारी दी जा सके धन्यवाद
Posted by Narotam Singh
Punjab
20-01-2020 12:18 PM
ਸਿੰਚਾਈ ਦੀ ਸੰਖਿਆ ਹਮੇਸ਼ਾ ਮਿੱਟੀ ਦੀ ਕਿਸਮ, ਪਾਣੀ ਦੀ ਉਪਲੱਬਧਤਾ ਆਦਿ ਤੇ ਅਧਾਰਿਤ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਸਹਾਇਕ ਜੜ੍ਹਾਂ ਬਣਨ ਅਤੇ ਬੱਲੀਆਂ ਨਿਕਲਣ ਸਮੇਂ ਨਮੀ ਦੀ ਕਮੀ ਨਾ ਹੋਣ ਦਿਓ ਛੋਟੇ ਕੱਦ ਦੀਆਂ ਵਧੇਰੇ ਝਾੜ ਵਾਲੀਆਂ ਕਿਸਮਾਂ ਲਈ ਬਿਜਾਈ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾਂ ਸਿੰਚਾਈ ਕਰੋ ਭਾਰੀਆਂ ਮਿੱਟੀਆਂ ਲਈ 4-6, ਜਦਕਿ ਹਲਕੀਆਂ ਮਿੱਟੀਆਂ ਲਈ 6-8 ਸਿੰਚਾਈਆਂ ਜ਼ਰੂਰੀ ਹੁੰਦੀਆਂ ਹਨ ਪਾਣੀ ਦੀ ਘੱਟ ਉਪਲੱਬਧਤਾ ਵਾਲੇ ਖ.... (Read More)
ਸਿੰਚਾਈ ਦੀ ਸੰਖਿਆ ਹਮੇਸ਼ਾ ਮਿੱਟੀ ਦੀ ਕਿਸਮ, ਪਾਣੀ ਦੀ ਉਪਲੱਬਧਤਾ ਆਦਿ ਤੇ ਅਧਾਰਿਤ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਸਹਾਇਕ ਜੜ੍ਹਾਂ ਬਣਨ ਅਤੇ ਬੱਲੀਆਂ ਨਿਕਲਣ ਸਮੇਂ ਨਮੀ ਦੀ ਕਮੀ ਨਾ ਹੋਣ ਦਿਓ ਛੋਟੇ ਕੱਦ ਦੀਆਂ ਵਧੇਰੇ ਝਾੜ ਵਾਲੀਆਂ ਕਿਸਮਾਂ ਲਈ ਬਿਜਾਈ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾਂ ਸਿੰਚਾਈ ਕਰੋ ਭਾਰੀਆਂ ਮਿੱਟੀਆਂ ਲਈ 4-6, ਜਦਕਿ ਹਲਕੀਆਂ ਮਿੱਟੀਆਂ ਲਈ 6-8 ਸਿੰਚਾਈਆਂ ਜ਼ਰੂਰੀ ਹੁੰਦੀਆਂ ਹਨ ਪਾਣੀ ਦੀ ਘੱਟ ਉਪਲੱਬਧਤਾ ਵਾਲੇ ਖੇਤਰਾਂ ਵਿੱਚ ਗੰਭੀਰ ਹਾਲਾਤਾਂ ਵਿੱਚ ਹੀ ਸਿੰਚਾਈ ਕਰੋ ਜਦੋਂ ਪਾਣੀ ਇੱਕ ਵਾਰ ਦੀ ਸਿੰਚਾਈ ਲਈ ਹੀ ਉਪਲੱਬਧ ਹੋਵੇ ਤਾਂ ਸਹਾਇਕ ਜੜ੍ਹਾਂ ਬਣਨ ਸਮੇਂ ਸਿੰਚਾਈ ਕਰੋ ਜੇਕਰ ਦੋ ਸਿੰਚਾਈਆਂ ਲਈ ਪਾਣੀ ਉਪਲੱਬਧ ਹੋਵੇ ਤਾਂ ਫੁੱਲ ਬਣਨ ਸਮੇਂ ਅਤੇ ਸਹਾਇਕ ਜੜ੍ਹਾਂ ਬਣਨ ਦੇ ਸ਼ੁਰੂਆਤੀ ਸਮੇਂ ਤੇ ਸਿੰਚਾਈਆਂ ਕਰੋ ਜੇਕਰ ਤਿੰਨ ਸਿੰਚਾਈਆਂ ਸੰਭਵ ਹੋਣ ਤਾਂ ਪਹਿਲੀ ਸਹਾਇਕ ਜੜ੍ਹਾਂ ਬਣਨ ਸਮੇਂ, ਦੂਜੀ ਜੋੜ(ਪੋਟੇ) ਬਣਨ ਸਮੇਂ ਅਤੇ ਤੀਜੀ ਦੁੱਧ ਦੇ ਦਾਣੇ ਬਣਨ ਸਮੇਂ ਸਿੰਚਾਈ ਕਰੋ ਸਿੰਚਾਈ ਲਈ ਸਹਾਇਕ ਜੜ੍ਹਾਂ ਬਣਨ ਦਾ ਸਮਾਂ ਸਭ ਤੋਂ ਜ਼ਰੂਰੀ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਇਹ ਦੇਖਿਆ ਗਿਆ ਹੈ ਕਿ ਸਹਾਇਕ ਜੜ੍ਹਾਂ ਬਣਨ ਦੇ ਦੀ ਪਹਿਲੀ ਸਿੰਚਾਈ ਤੋਂ ਲੈ ਕੇ ਹਰੇਕ ਹਫਤੇ ਦੀ ਦੇਰੀ ਨਾਲ ਫਸਲ ਦੇ ਝਾੜ ਵਿੱਚ 83-125 ਕਿਲੋ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੀ ਕਮੀ ਆਉਂਦੀ ਹੈ ਤੀਜੀ ਸਿੰਚਾਈ ਜੋੜ(ਪੋਟੇ) ਬਣਨ ਸਮੇਂ ਬਿਜਾਈ ਤੋਂ 60-65 ਦਿਨਾਂ ਵਿੱਚ ਕਰੋ ਫੁੱਲ ਬਣਨ ਸਮੇਂ (ਬਿਜਾਈ ਤੋਂ 80-85 ਦਿਨਾਂ ਵਿੱਚ) ਸਿੰਚਾਈ ਕਰੋ ਪੰਜਵੀਂ ਸਿੰਚਾਈ ਦਾਣੇ ਪੱਕਣ ਸਮੇਂ (ਬਿਜਾਈ ਤੋਂ 100-105 ਦਿਨਾਂ ਵਿੱਚ) ਕਰੋ

Posted by Sohail
Punjab
20-01-2020 12:10 PM
Sohail ji jersey cow lene ke liye aap Sukhwinder Singh 9814057587 9855621810 Cheena Dairy Farm se sampark kr skte hai, isne apko jersey cow mill jayegi.
Posted by ram mangat
Rajasthan
20-01-2020 12:06 PM
Ram ji jrur aap waste decomposer ka istemal karen is se fasl men achi vridhi hoti hai aur fasl men bimariyan bhi kam lagtiyan hai.dhanywad

Posted by nav shah
Punjab
20-01-2020 11:48 AM
Navpreet ji kirpa karke swal vistar nal pucho ta jo tuhanu is bare poori jankari diti ja sake,dhanwad

Posted by Suraj Suryawanshi
Maharashtra
20-01-2020 11:48 AM
मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजि.... (Read More)
मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजित किया जा रहा है प्रशिक्षण कार्य कर्म में भाग लेने के लिए नीचे दिए गए नम्बर पर आज ही संपर्क करें और Rs 250/ से अपना रजिस्ट्रेशन करवाए अचल सिंह (फाउंडर )- 9711858258. धन्यवाद
Posted by devendra Gurjar
Rajasthan
20-01-2020 11:48 AM
devendra ji kripya aap btaye ke ped ki umar kitni hai taki aapko iske bare men poori jankari di ja sake.dhanywad

Posted by gagan sidhu
Punjab
20-01-2020 11:47 AM
Gagan ji kisan mele bare hale koi jankari nahi mili hai jive hi mele bare koi jankari mildi hai ta tuhanu is bare soochit kar dita jayega.dhanwad

Posted by major singh
Punjab
20-01-2020 11:44 AM
ਉਸ ਨੂੰ ਪੇਟ ਦੇ ਕੀੜਿਆਂ ਲਈ Bendykind plus ਗੋਲੀ ਦਿਓ ਅਤੇ ਉਸ ਨੂੰ Minfa gold ਪਾਊਡਰ 100 ਗ੍ਰਾਮ ਰੋਜਾਨਾ ਅਤੇ ਉਸ ਨੂੰ Ovumin advance ਰੋਜਾਨਾ ਇਕ ਗੋਲੀ ਦਿਓ ਅਤੇ 21 ਦਿਨ ਤਕ ਦਿਓ, ਇਸ ਨਾਲ ਹੀਟ ਵਿਚ ਆ ਜਾਵੇਗੀ.
Posted by Sidhu Guravtar
Himachal Pradesh
20-01-2020 11:43 AM
ਸਿੱਧੂ ਜੀ ਇਹ ਠੰਡ ਦੇ ਕਾਰਨ ਹੋ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਹੁਣ ਮੌਸਮ ਸਾਫ ਹੋਣਾ ਸ਼ੁਰੂ ਹੋ ਗਿਆ ਹੈ ਬਰਸੀਮ ਆਪਣੇ ਆਪ ਠੀਕ ਹੋਣ ਲੱਗ ਜਾਏਗਾ ਧੰਨਵਾਦ
Posted by jaskaran singh
Punjab
20-01-2020 11:37 AM
ਗਾਜ਼ਰਾਂ ਦੀਆਂ ਜੜਾਂ ਦੇ ਵਧੀਆ ਵਿਕਾਸ ਲਈ ਡੂੰਘੀ,ਪੋਲੀ ਤੇ ਚੀਕਣੀ ਮਿੱਟੀ ਦੀ ਜਰੂਰਤ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਬਹੁਤ ਜਿਆਦਾ ਭਾਰੀ ਤੇ ਜਿਆਦਾ ਪੋਲੀ ਮਿੱਟੀ ਗਾਜ਼ਰਾਂ ਦੀ ਫਸਲ ਲਈ ਵਧੀਆਂ ਨਹੀਂ ਮੰਨੀ ਜਾਂਦੀ ਚੰਗੇ ਝਾੜ ਲਈ ਮਿੱਟੀ ਦੀ pH 5.5 ਤੋਂ 7 ਹੋਣੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ (ਵਧੀਆ ਪੈਦਾਵਾਰ ਲਈ 6.5 pH ਲਾਹੇਵੰਦ ਹੈ)ਖੇਤ ਨੂੰ ਚੰਗੀ ਤਰਾਂ ਵਾਹ ਕੇ ਨਦੀਨਾਂ ਤੋ ਮੁਕਤ ਕਰ ਲੈਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ ਅਤੇ ਡਲਿਆਂ ਨੂੰ ਚੰਗੀ ਤਰਾ.... (Read More)
ਗਾਜ਼ਰਾਂ ਦੀਆਂ ਜੜਾਂ ਦੇ ਵਧੀਆ ਵਿਕਾਸ ਲਈ ਡੂੰਘੀ,ਪੋਲੀ ਤੇ ਚੀਕਣੀ ਮਿੱਟੀ ਦੀ ਜਰੂਰਤ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਬਹੁਤ ਜਿਆਦਾ ਭਾਰੀ ਤੇ ਜਿਆਦਾ ਪੋਲੀ ਮਿੱਟੀ ਗਾਜ਼ਰਾਂ ਦੀ ਫਸਲ ਲਈ ਵਧੀਆਂ ਨਹੀਂ ਮੰਨੀ ਜਾਂਦੀ ਚੰਗੇ ਝਾੜ ਲਈ ਮਿੱਟੀ ਦੀ pH 5.5 ਤੋਂ 7 ਹੋਣੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ (ਵਧੀਆ ਪੈਦਾਵਾਰ ਲਈ 6.5 pH ਲਾਹੇਵੰਦ ਹੈ)ਖੇਤ ਨੂੰ ਚੰਗੀ ਤਰਾਂ ਵਾਹ ਕੇ ਨਦੀਨਾਂ ਤੋ ਮੁਕਤ ਕਰ ਲੈਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ ਅਤੇ ਡਲਿਆਂ ਨੂੰ ਚੰਗੀ ਤਰਾਂ ਭੰਨ ਕੇ ਪੱਧਰਾ ਕਰ ਲਵੋ ਖੇਤ ਨੂੰ ਵਾਹੁਣ ਵੇਲੇ 10 ਟਨ ਰੂੜੀ ਦੀ ਖਾਦ ਮਿੱਟੀ ਵਿੱਚ ਚੰਗੀ ਤਰਾਂ ਰਲਾ ਦਿਓ ਤਾਜ਼ੇ ਗੋਹੇ ਅਤੇ ਘੱਟ ਗਲੀ ਖਾਦ ਨੂੰ ਪਾਉਣ ਤੋਂ ਪ੍ਰਹੇਜ਼ ਕਰੋ ਕਿਉਕਿ ਇਸ ਨਾਲ ਜੜਾਂ ਪੋਲੀਆਂ ਹੋ ਜਾਂਦੀਆਂ ਹਨ ਗਾਜ਼ਰ ਦੀਆਂ ਦੇਸੀ ਕਿਸਮਾਂ ਲਈ ਅਗਸਤ-ਸਤੰਬਰ ਦਾ ਸਮਾਂ ਸਹੀ ਮੰਨਿਆਂ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਅਤੇ ਯੂਰੋਪੀਅਨ ਕਿਸਮਾਂ ਲਈ ਅਕਤੂਬਰ- ਨਵੰਬਰ ਦਾ ਮਹੀਨਾ ਵਧੀਆ ਮੰਨਿਆਂ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਬਿਜਾਈ ਲਈ ਕਤਾਰ ਤੋਂ ਕਤਾਰ ਦਾ ਫਾਸਲਾ 45 ਸੈ:ਮੀ: ਅਤੇ ਪੌਦੇ ਤੋਂ ਪੌਦੇ ਦਾ ਫਾਸਲਾ 7.5 ਸੈ:ਮੀ: ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਫਸਲ ਦੇ ਚੰਗੇ ਵਿਕਾਸ ਲਈ ਬੀਜ ਦੀ ਡੂੰਘਾਈ 1.5 ਸੈ:ਮੀ: ਹੋਣੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ ਬਿਜਾਈ ਲਈ ਟੋਆ ਪੁੱਟ ਕੇ ਅਤੇ ਹੱਥ ਨਾਲ ਛਿੱਟਾ ਦੇ ਕੇ ਢੰਗ ਵਰਤਿਆ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਬਿਜਾਈ ਲਈ 4-5 ਕਿਲੋ ਬੀਜ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਲਈ ਕਾਫੀ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਬਿਜਾਈ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾਂ ਬੀਜਾਂ ਨੂੰ 12-24 ਘੰਟੇ ਪਾਣੀ ਵਿੱਚ ਭਿਉ ਦੇਵੋ ਇਸ ਨਾਲ ਬੀਜ ਦੇ ਪੁੰਗਰਣ ਵਿੱਚ ਵਾਧਾ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਗਲੀ ਹੋਈ ਰੂੜੀ ਦੀ ਖਾਦ ਦੇ ਨਾਲ ਨਾਈਟ੍ਰੋਜਨ 25 ਕਿਲੋ (55 ਕਿਲੋ ਯੂਰੀਆ), ਫਾਸਫੋਰਸ 12 ਕਿਲੋ (75 ਕਿਲੋ ਸਿੰਗਲ ਸੁਪਰ ਫਾਸਫੇਟ ) ਅਤੇ ਪੋਟਾਸ਼ 30 ਕਿਲੋ (50 ਕਿਲੋ ਮਿਊਰੇਟ ਆਫ ਪੋਟਾਸ਼ ) ਦੀ ਮਾਤਰਾ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਵਿੱਚ ਬਿਜਾਈ ਦੇ ਸਮੇਂ ਪਾਓ ਜੜਾਂ ਦੇ ਵਧੀਆ ਵਿਕਾਸ ਲਈ ਪੋਟਾਸ਼ ਦੀ ਜਰੂ੍ਰਤ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਨਦੀਨਾਂ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਲਈ ਕੱਖਾਂ ਨੂੰ ਹੱਥ ਨਾਲ ਪੁੱਟ ਕੇ ਬਾਹਰ ਕੱਢੋ ਅਤੇ ਫਸਲ ਤੇ ਮਿੱਟੀ ਨੂੰ ਹਵਾਦਾਰ ਬਣਾਈ ਰੱਖੋ
Posted by JASPREET SINGH
Punjab
20-01-2020 11:27 AM
Jaspreet ji ehh murrah nasal di katti hai iss nu tuci pett de kiria lai Bendykind plus bolus de skde ho ate iss nu Cargill di heifer dry feed deni suru kro ate her 3 mahinia badd salt change krke pett de kiria di goli jrur deo ate Cafplan powder 50gm rojana dena suru kro, ehh intas company da product hai.

Posted by vikram singh
Punjab
20-01-2020 11:26 AM
eh vachi kehdi nasal d hai g. te kina k dudh de sakdi aa g pehlan cow d aa g us da dudh 12 kg ha g ?
Vikram ji ehh Hf cross nasal di vashi hai jekar isdi maa da dudh vdia hai tan isda dudh v vdia howega tuci isnu vdia matra vich dudh pilao ate dekhbhal da sahi dian rkho jiss nal isdi vdia growth ho skee.

Posted by suresh KUMAR
Haryana
20-01-2020 11:24 AM
स्ट्रॉबेरी की खेती पॉलीहाउस के अंदर या खुले खेत में कर सकते हैं चीकनी, बालुई और अच्छे निकास वाली ज़मीन स्ट्रॉबेरी के लिए अच्छी होती है तेजाबी में पी एच 5.0 से 6.5 होनी चाहिए मिट्टी की नाज़ुकता तीस से चालीस सैं.मी. होनी चाहिए स्ट्रॉबेरी की सही वृद्धि के लिए दिन में तापमान 20-25 डिगरी और रात के समय 7-12 डिगरी होना चाहिए इस.... (Read More)
स्ट्रॉबेरी की खेती पॉलीहाउस के अंदर या खुले खेत में कर सकते हैं चीकनी, बालुई और अच्छे निकास वाली ज़मीन स्ट्रॉबेरी के लिए अच्छी होती है तेजाबी में पी एच 5.0 से 6.5 होनी चाहिए मिट्टी की नाज़ुकता तीस से चालीस सैं.मी. होनी चाहिए स्ट्रॉबेरी की सही वृद्धि के लिए दिन में तापमान 20-25 डिगरी और रात के समय 7-12 डिगरी होना चाहिए इसलिए इसकी पनीरी लगाने का काम मध्य अक्तूबर से मध्य नवंबर तक कर देना चाहिए इन महीनों और इसके बाद पंजाब में लगभग यही तापमान होता है स्ट्रॉबेरी की खेती मलचिंग विधि द्वारा की जाती है सबसे पहले खेत को तैयार किया जाता है इसके बाद ही ट्रैक्टर की सहायता से मलचिंग मशीन को खेत में उतारा जाता है चार फुट क्यारी तैयार की जाती है इसमें ड्रिप लाइन फिट की जाती है इसके बाद मशीन की सहायता से क्यारियों पर प्लास्टिक शीट बिछाई जाती है मलचिंग के लिए हल्का और लचकीला पदार्थ लें ताकि स्ट्रॉबेरी के पौधे की रफ्तार पर असर ना पड़े जिसे बाद में दोनों ओर से मिट्टी में दबा दिया जाता है अब इस शीट में छेद करके उसमें स्ट्रॉबेरी की पनीरी लगायी जाती है पनीरी लगाने के समय जड़ को पूरी तरह मिट्टी में व्यवस्थित कर दें जड़ बाहर रहने से पौधे के सूखने का खतरा होता है पौधे को ज्यादा तापमान और ठंड से बचाने के लिए इसके ऊपर छांव करनी चाहिए जो आप लो टन्नल विधि से कर सके हैं मौसम का बहुत ख्याल रखना पड़ता है थोड़ी सी लापरवाही से सारी फसल खराब हो सकती है पहले साल अपने खेत में स्ट्रॉबेरी की खेती करने का कुल खर्चा ढाई से तीन लाख रूप्ये प्रति एकड़ के हिसाब से आ जाता है क्योंकि किसान को पहले साल ड्रिप सिस्टम और फव्वारों आदि पर खर्च करना पड़ता है पर अगले वर्षों में किसानों का यह खर्चा बच जाता है इसके लिए एक एकड़ में 40 बैड बनते हैं और एक बैड पर 1000 स्ट्रॉबेरी के पौधे लगते हैं इस तरह एक एकड़ में चालीस हजार पौधे लगाए जाते हैं एक पौधा 3 से 4 रूप्ये तक मिल जाता है और इसकी उपज 50 से 60 क्विंटल तक निकल आता है 25-30क्विंटल गोबर की खाद एक एकड़ में डालें यह खाद एक साल में डालनी होती है फिर 20 : 40 : 40 NPK KG / हेक्टेयर डालनी है अच्छी फसल के लिए यूरिया दो फीसदी जिंक सल्फेट, आधा प्रतिशत कैलशियम सल्फेट और बोरिक एसिड 0.2 फीसदी अच्छी फसल के लिए ठीक है सिंचाई जल्दी जल्दी पर हल्की करनी चाहिए ज्यादा पानी ठीक नहीं है पत्ते गीले ना करें तुपका सिंचाई से पानी कम लग सकता है यदि तुपका सिंचाई नहीं कर रहे तो क्यारियों में पानी खाली में ही लगाएं नदीन हाथ से हटाएं या कीड़े मकौड़े और अन्य बीमारियों की तरफ ध्यान रखना जरूरी है यदि कोई पौधा ज्यादा खराब है उसे हटा दें जब फल का रंग 70 प्रतिशत लाल हो जाये तो तोड़ लेना चाहिए यदि मार्किट दूरी पर है तो थोड़ा सख्त ही तोड़ना चाहिए तुड़ाई अलग अलग दिनों में करनी चाहिए स्ट्रॅाबेरी की पैकिंग प्लास्टिक की प्लेटों में करनी चाहिए इसे हवादार जगह पर रखना चाहिए जहां तापमान पांच डिगरी हो एक दिन के बाद स्ट्रॉबेरी की पैकिंग का तापमान ज़ीरो डिग्री होना चाहिए मार्किट में स्ट्रॉबेरी औसतन 200 रूपये प्रति तक बिकती है इस तरह पांच लाख प्रति एकड़ से इसकी आमदन शुरू होकर आगे अपनी मेहनत से किसान आमदन में भरपूर वृद्धि कर सकता है स्ट्रॉबेरी के पौधे सितंबर से अक्तूबर तक लगाए जाते हैं और 3 महीने के बाद यह फल देना शुरू कर देते हैं इसकी फसल अप्रैल तक चलती है इसकी मार्केटिंग में किसी भी तरह की मुश्किल नहीं है, यह ऐलनाबाद, सिरसा, हनुमानगढ़, गंगानगर के इलावा बठिंडा, मोगा, जलंधर. लुधियाना में इसकी मार्केटिंग कर सकते है, यदि ज़्यादा मात्रा में स्ट्रॉबेरी है तो दिल्ली इसकी मुख्य मार्किट है

Posted by Ashok Kumar Nagar
Rajasthan
20-01-2020 11:17 AM
अशोक जी कृपया बताये कि आपने इसमें पहले क्या क्या खाद का इस्तेमाल किया है ताकि आपको उसके हिसाब से जानकारी दी जा सके धन्यवाद
Posted by रामजी पटेल
Uttar Pradesh
20-01-2020 11:09 AM
ramji aap isme halki sinchai karke dubara beej ka chinta de de is se genhu ki germination hona shuru ho jayegi.dhanywad

Posted by nav shah
Punjab
20-01-2020 10:49 AM
navpreet ji kirpa karke daso ismi tuc khaad kehdi kehdi payi hai ta jo age di jankari diti ja sake,dhanwad
Posted by जितेंद्र कुमार
Uttar Pradesh
20-01-2020 10:44 AM
डेयरी फार्मिंग के लिए लोन अलग अलग कामों के लिए मिलता है जैसे शैड के लिए, पशुओं के लिए, डेयरी मशीनरी के लिए सबसे पहले आपने जिसके लिए लोन लेना है उस संबंधी आवेदन नज़दीक के डिप्टी डायरेक्टर को मिलकर दें, इसके लिए आपके पास डेयरी ट्रेनिंग होनी जरूरी है उसके सर्टीफिकेट के हिसाब से आपको लोन मिलेगा यह ट्रेनिंग आप अप.... (Read More)
डेयरी फार्मिंग के लिए लोन अलग अलग कामों के लिए मिलता है जैसे शैड के लिए, पशुओं के लिए, डेयरी मशीनरी के लिए सबसे पहले आपने जिसके लिए लोन लेना है उस संबंधी आवेदन नज़दीक के डिप्टी डायरेक्टर को मिलकर दें, इसके लिए आपके पास डेयरी ट्रेनिंग होनी जरूरी है उसके सर्टीफिकेट के हिसाब से आपको लोन मिलेगा यह ट्रेनिंग आप अपने नज़दीकी केवीके से प्राप्त कर सकते है वहां समय समय पर ट्रेनिंग दी जाती है आप वहां जाकर अपना फार्म भर आए जब भी वहां ट्रेनिंग होगी तो आपको फोन करके बता दिया जाएगा, इस ट्रेनिंग में आपको डेयरी लोन और सब्सिड़ी के बारे में सारी जानकारी प्राप्त हो जाएगी. ट्रेनिंग लेने के लिए आप Krishi Vigyan Kendra, R.B.S. College, Distt. - Agra INDIA, PIN - 283 105, Tel. No.: 0562 - 2636440 से संपर्क कर सकते है
Posted by जितेंद्र कुमार
Uttar Pradesh
20-01-2020 10:40 AM
जितेंद्र जी कृपया आप आलू की फोटो भेजे ताकि आपको इसके बारे में पूरी जानकारी दी जा सके धन्यवाद
Posted by Jatinder Virk
Haryana
20-01-2020 10:39 AM
यदि आप डेयरी फार्मिंग के लिए लोन लेना चाहते है तो उसके लिए आपको डेयरी की ट्रेनिंग लेने की जरूरत है उस ट्रेनिंग सर्टीफिकेट के हिसाब से आपको लोन मिल सकता है, डेयरी फार्मिंग के लिए लोन अलग अलग कामों के लिए मिलता है जैसे शैड के लिए, पशुओं के लिए, डेयरी मशीनरी के लिए सबसे पहले आपने जिसके लिए लोन लेना है उस संबंधी आव.... (Read More)
यदि आप डेयरी फार्मिंग के लिए लोन लेना चाहते है तो उसके लिए आपको डेयरी की ट्रेनिंग लेने की जरूरत है उस ट्रेनिंग सर्टीफिकेट के हिसाब से आपको लोन मिल सकता है, डेयरी फार्मिंग के लिए लोन अलग अलग कामों के लिए मिलता है जैसे शैड के लिए, पशुओं के लिए, डेयरी मशीनरी के लिए सबसे पहले आपने जिसके लिए लोन लेना है उस संबंधी आवेदन नज़दीक के डिप्टी डायरेक्टर को मिलकर दें, इसके लिए आपके पास डेयरी ट्रेनिंग होनी जरूरी है उसके सर्टीफिकेट के हिसाब से आपको लोन मिलेगा यह ट्रेनिंग आप अपने नज़दीकी केवीके से प्राप्त कर सकते है वहां समय समय पर ट्रेनिंग दी जाती है आप वहां जाकर अपना फार्म भर आए जब भी वहां ट्रेनिंग होगी तो आपको फोन करके बता दिया जाएगा, इस ट्रेनिंग में आपको डेयरी लोन और सब्सिड़ी के बारे में सारी जानकारी प्राप्त हो जाएगी. ट्रेनिंग लेने के लिए आप Krishi Vigyan Kendra, R.B.S. College, Distt. - Agra INDIA, PIN - 283 105, Tel. No.: 0562 - 2636440 से संपर्क कर सकते है.

Posted by Gurpreet Chahal
Punjab
20-01-2020 10:35 AM
ਤੁਸੀ ਉਸ ਨੂੰ ਪੇਟ ਦੇ ਕੀੜਿਆਂ ਲਈ Flukarid-DS ਗੋਲੀ ਦਿਓ ਉਸ ਨੂੰ Fatmax ਪਾਊਡਰ 50 ਗ੍ਰਾਮ ਰੋਜਾਨਾ, Gouge powder 50 ਗ੍ਰਾਮ ਰੋਜਾਨਾ ਦਿਓ, ਇਸ ਨਾਲ ਫਰਕ ਪੈ ਜਾਵੇਗਾ, ਬਾਕੀ ਉਸਦੀ ਖੁਰਾਕ ਦਾ ਧਿਆਨ ਰੱਖੋ ਅਤੇ ਉਸ ਨੂੰ ਵਡੇਮਿਆ ਦੀ ਖਲ ਵੀ ਦੇਣੀ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ ਅਤੇ ਵਧਿਆ ਫੀਡ ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਕਰੋ ਇਸ ਨਾਲ ਫਰਕ ਪੈ ਜਾਵੇਗਾ ..

Posted by ravindra kumar
Bihar
20-01-2020 10:31 AM
ravindra ji agar sundi ka hamla hai to aap quinalphos@4ml ko prati litre pani ke hisab se spray karen. iske ilava agar machar ka hamla hai to aap imidacloprid @1.5ml ko prati litre pani ke hisab se spray karen,dhanywad
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