
Posted by Rajesh
Haryana
21-01-2020 06:44 AM
आमतौर पर गेहूं में गुली डंडा 35—40 दिनों में ही बाहर निकलता है जब आप पहला पानी लगाते हैं तो यह गुली डंडा गेहूं के साथ साथ बढ़ना शुरू हो जाता है इस समय गेहूं 40 दिनों के आस पास हो जाती है इस समय आप TOPIK@160GM याAXIAL@400ML याPUMA POWER@400ML या LEADER@13GM या SAFAL@13GM या UPL की SHAGUN 21-11@200gm को 150 लीटर पानी में मिलाकर प्रति एकड़ पर स्प्रे कर सकते हैं इनमें से .... (Read More)
आमतौर पर गेहूं में गुली डंडा 35—40 दिनों में ही बाहर निकलता है जब आप पहला पानी लगाते हैं तो यह गुली डंडा गेहूं के साथ साथ बढ़ना शुरू हो जाता है इस समय गेहूं 40 दिनों के आस पास हो जाती है इस समय आप TOPIK@160GM याAXIAL@400ML याPUMA POWER@400ML या LEADER@13GM या SAFAL@13GM या UPL की SHAGUN 21-11@200gm को 150 लीटर पानी में मिलाकर प्रति एकड़ पर स्प्रे कर सकते हैं इनमें से कोई भी एक स्प्रे प्रयोग कर सकते हैं की जगह आप यह स्प्रे प्रयोग कर सकते है यदि बाथू है तो उसके लिए algrip@10gm या total@16gm को 150 लीटर पानी में मिलाकर प्रति एकड़ पर स्प्रे कर सकते हैं

Posted by Kiran kumar
Punjab
21-01-2020 06:22 AM
ਉੱਤਰ ਵਿੱਚ ਇਹ ਵਰਖਾ ਅਤੇ ਬਸੰਤ ਦੇ ਮੌਸਮ ਵਿੱਚ ਉਗਾਈ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਵਰਖਾ ਵਾਲੇ ਮੌਸਮ ਵਿੱਚ, ਇਸਦੀ ਬਿਜਾਈ ਜੂਨ-ਜੁਲਾਈ ਮਹੀਨੇ ਅਤੇ ਬਸੰਤ ਰੁੱਤ ਵਿੱਚ ਫਰਵਰੀ-ਮਾਰਚ ਦੇ ਮਹੀਨੇ ਕੀਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਤੁਸੀ ਕਿਸਮਾਂ ਜਿਵੇ Punjab no.13 ,Punjab Padmini , Punjab 7 ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਧੰਨਵਾਦ
Posted by bachan chauhan
Uttarakhand
21-01-2020 06:05 AM
bachan ji kripya aap apna swal vistar se pooche taki aapko iske bare men poori jankari di ja sake,dhanywad

Posted by maan
Punjab
21-01-2020 05:50 AM
Maan ji kanak de uper tuc magnese sulphate di varto kr sakde ho isdi matra 1 kilo nu 150 litre pani de hisab nl spray kro.dhanwad

Posted by Imran Khan
Uttar Pradesh
21-01-2020 05:02 AM
श्री मान पुदीना मैंथा के नाम से जानी जाने वाली एक क्रियाशील जड़ी बूटी है पुदीने को मिट्टी की कई किस्मों जैसे दरमियाने से गहरी उपजाऊ मिट्टी, जिसमें पानी को सोखने की क्षमता ज्यादा हो, में उगाया जाता है इसको जल-जमाव वाली मिट्टी में भी उगाया जा सकता है उच्च नमी वाली मिट्टी में यह अच्छे परिणाम देती है इस फसल के लि.... (Read More)
श्री मान पुदीना मैंथा के नाम से जानी जाने वाली एक क्रियाशील जड़ी बूटी है पुदीने को मिट्टी की कई किस्मों जैसे दरमियाने से गहरी उपजाऊ मिट्टी, जिसमें पानी को सोखने की क्षमता ज्यादा हो, में उगाया जाता है इसको जल-जमाव वाली मिट्टी में भी उगाया जा सकता है उच्च नमी वाली मिट्टी में यह अच्छे परिणाम देती है इस फसल के लिए मिट्टी का pH 6-7.5 होना चाहिए प्रसिद्ध किस्में:- MAS-1: यह छोटे कद की किस्म है जिसकी ऊंचाई 30-45 सैं.मी. होती है यह बीमारीयों की रोधक और जल्दी पकने वाली किस्म है इसमें मैन्थोल की मात्रा 70-80% होती है इसकी औसतन पैदावार 80 क्विंटल प्रति एकड़ जड़ी-बूटियां के तौर पर और 50-60 किलोग्राम प्रति एकड़ तेल के तौर पर होती है Hybrid-77: इसकी ऊंचाई 50-60 सैं.मी. होती है यह किस्म पत्तों के धब्बा रोग और कुंगी के रोधक होती है, और यह जल्दी पकने वाली किस्म है इसमें मैन्थोल की मात्रा 80-85% होती है इसकी औसतन पैदावार 80 क्विंटल प्रति एकड़ जड़ी-बूटियां के तौर पर और 50-60 किलोग्राम प्रति एकड़ तेल के तौर पर होती है यह रेतली दोमट मिट्टी में बढ़िया पैदावार देती है औरऐसी शुष्क मौसम में की आवश्यकता होती है Shivalik: यह चीन की खेती से चुनी गई किस्म है यह किस्म उत्तर प्रदेश के तराई क्षेत्रों और उत्तरांचल में अच्छी वृद्धि करती है इसमें मैन्थोल की मात्रा 65-70% होती है इसकी औसतन पैदावार 120 क्विंटल प्रति एकड़ जड़ी-बूटियां के तौर पर और 72 किलोग्राम प्रति एकड़ तेल के तौर पर होती है यह किस्म फंगस रोगों से जल्दी प्रभावित होती है EC-41911: यह किस्म रूसी जर्मप्लाज्म से ली गई है यह किस्म पानी की रोधक और आकार में सीधी होती है इसमें मैन्थोल की मात्रा 70%पायी जाती है इसकी औसतन पैदावार 120 क्विंटल प्रति एकड़ जड़ी-बूटियां के तौर पर और 72 किलोग्राम प्रति एकड़ तेल के तौर पर होती है इस किस्म से तैयार तेल का प्रयोग विभिन्न व्यंजनों में स्वाद के लिए किया जाता है Gomti: यह किस्म रंग में हल्के लाल रंग की होती है इसकी पैदावार बाकी किस्मों की पैदावार से कम होती है इसमें मैन्थोल की मात्रा 78-80% होती है Himalaya: इसके पत्तों का आकार बाकी किस्मों से बड़ा होता है यह किस्म कुंगी, झुलस, सफेद धब्बे और पत्तों पर धब्बे रोग की रोधक है इसमें मैन्थोल की मात्रा 78-80% होती है इसकी औसतन पैदावार 160 क्विंटल प्रति एकड़ जड़ी-बूटियां के तौर पर और 80-100 किलोग्राम प्रति एकड़ तेल के तौर पर होती है Kosi: यह किस्म 90 दिनों में पक जाती है यह किस्म कुंगी, झुलस, सफेद धब्बे और पत्तों के धब्बे रोग की प्रतिरोधक है इसमें मैन्थोल की मात्रा 75-80 प्रतिशत होती है और तेल की पैदावार 80-100 किलोग्राम प्रति एकड़ होती है Saksham: यह किस्म सी वी हिमालय की तरफ से टिशू कल्चर द्वारा तैयार की गई है इसमें मैन्थोल की मात्रा 80% होती है और तेल की पैदावार 90-100 किलोग्राम प्राप्त होती है पुदीने की बिजाई के लिए सुविधाजनक आकार के बैड तैयार करें खेत की तैयारी के समय खेत की अच्छी तरह जोताई करें जैविक खाद जैसे रूड़ी की खाद 100-120 क्विंटल प्रति एकड़ रूड़ी की खाद डालें रूड़ी की खाद के बाद हरी खाद डालें इसकी बिजाई के लिए दिसंबर-जनवरी का समय अनुकूल होता है पौधे के भागों की बिजाई 40 सैं.मी. के फासले पर और पंक्तियों के बीच का फासला 60 सैं.मी होना चाहिए बीज को 2-3 सैं.मी. की गहराई में बोयें पौधे के जड़ वाले भाग को मुख्य खेत में बोया जाता है खेत की तैयारी के समय रूड़ी की खाद 80-120 क्विंटल प्रति एकड़ में डालें और अच्छी तरह मिलायें नाइट्रोजन 58 किलो (यूरिया 130 किलो), फासफोरस 32-40 किलो (सिंगल सुपर फासफेट 80-100 किलो), पोटाशियम 20 किलो (म्यूरेट ऑफ पोटाश 33 किलो) प्रति एकड़ में डालें गर्मियों में मॉनसून से पहले जलवायु और मिट्टी के आधार पर 6-9 सिंचाइयां जरूर की जानी चाहिए मॉनसून के बाद 3 सिंचाइयों की आवश्यकता होती है पहली सिंचाई सितंबर महीने में, दूसरी अक्तूबर में और तीसरी नवंबर महीने में की जानी चाहिए सर्दियों में ज्यादा सिंचाई की आवश्यकता नहीं होती, लेकिन यदि सर्दियों में बारिश ना पड़े तो एक सिंचाई जरूर देनी चाहिए पौधे 100-120 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाते हैं जब निचले पत्ते पीले रंग के होने शुरू हो जायें, तब कटाई करें कटाई दराती से और बूटियों को मिट्टी की सतह के 2-3 सैं.मी. ऊपर से निकालें अगली कटाई पहली कटाई के बाद 80 दिनों के अंतराल पर करें ताजी पत्तियों को उत्पाद बनाने के लिए प्रयोग किया जाता है, धन्यवाद
Posted by Jagdeep singh Khalsa
Punjab
21-01-2020 04:52 AM
ਉੱਤਰ ਵਿੱਚ ਇਹ ਵਰਖਾ ਅਤੇ ਬਸੰਤ ਦੇ ਮੌਸਮ ਵਿੱਚ ਉਗਾਈ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਵਰਖਾ ਵਾਲੇ ਮੌਸਮ ਵਿੱਚ, ਇਸਦੀ ਬਿਜਾਈ ਜੂਨ-ਜੁਲਾਈ ਮਹੀਨੇ ਅਤੇ ਬਸੰਤ ਰੁੱਤ ਵਿੱਚ ਫਰਵਰੀ-ਮਾਰਚ ਦੇ ਮਹੀਨੇ ਕੀਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਤੁਸੀ ਕਿਸਮਾਂ ਜਿਵੇ Punjab no.13 ,Punjab Padmini , Punjab 7 ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਧੰਨਵਾਦ
Posted by Rajesh Kumar Singh
Bihar
21-01-2020 02:52 AM
Rajesh Kumar Singh ji is ke bare me visthar me jankari ke lia aap Japinder Wadhawan 9478810324 se samparak kar sakte hai, Thankyou.
Posted by satinderbir singh
Punjab
21-01-2020 01:10 AM
satinder ji kirpa karke daso ke tuc kehde flower bare jankari laina chahunde ho kyuki tuhde swal bare poori samjh na aun karke tuhanu call vi kiti gayi c par tuhada koi response nahi milya kirpa karke swal vistar nal pucho.dhanwad
Posted by Abhishek Kumar Verms
Bihar
21-01-2020 12:26 AM
मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजि.... (Read More)
मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजित किया जा रहा है प्रशिक्षण कार्य कर्म में भाग लेने के लिए नीचे दिए गए नम्बर पर आज ही संपर्क करें और Rs 250/ से अपना रजिस्ट्रेशन करवाए अचल सिंह (फाउंडर )- 9711858258. धन्यवाद

Posted by Mohd Aasif
Uttar Pradesh
20-01-2020 11:24 PM
श्री मान खुम्ब की किस्में कई प्रकार की होती है जैसे कि बटन खुम्ब, डीगरी, शटाकी खुम्ब, पराली खुम्ब, और मिलकी खुम्ब इनमे से कुइ खुम्ब सर्दियो के मौसम में और कुछ गर्मीयों के मौसम में लगाये जाते है और हर खुम्ब को लगाने का समय अलग अलग है जैसे बटन खुम्ब का समय सितंबर से मार्च तक होता है इस समय में हम तीन फसले ले सकते ह.... (Read More)
श्री मान खुम्ब की किस्में कई प्रकार की होती है जैसे कि बटन खुम्ब, डीगरी, शटाकी खुम्ब, पराली खुम्ब, और मिलकी खुम्ब इनमे से कुइ खुम्ब सर्दियो के मौसम में और कुछ गर्मीयों के मौसम में लगाये जाते है और हर खुम्ब को लगाने का समय अलग अलग है जैसे बटन खुम्ब का समय सितंबर से मार्च तक होता है इस समय में हम तीन फसले ले सकते है शटाकी खुम्ब का समय अक्तूबर से मध्य फरवरी तक हैं इस समय हम एक फसल ही ले सकते है पराली खुम्ब का समय अप्रैल से अगस्त तक है इस समय हम चार फसले ले सकते है मिलकी खुम्ब का समय अप्रैल से सितंबर तक है आप अब अप्रैल में मिलकी या पराली खुम्ब लगा सकते है पराली खुमब के लिए आपको पराली, बीज, बांस, सेबा, आदि की जरूरत है पराली के पूले, धानो की पराली 1-1 किलो के पूले दोनो सिरो से सेबे से बांध कर तैयार किये जाते है पूले के सिरे कांट कर एक सार कर लिए जाते है पूलो की क्यिारी लगाना पराली के पूलो को साफ पानी में 16-20 घंटो के लिए डूबो दे गिले पूलो को ढलान पर रख कर फालतू पानी को निकलने दे कमरे ईटो और बांस से एक पलेटफार्म बनाये इस पलेटफार्म पर 5 पूलो की एक तहय लगाये जिसके ऊपर 75 ग्राम बीज डाले इसके ऊपर की तहय उलट होती है इस प्रकार 5-5 पूलो की तहय में 300 ग्राम बीज डाल कर कियारी तैयार करे सबसे ऊपर दो पूलो को खोलकर रख दे खुम्बो का फूटना बिजाई से 7-9 दिनो के बाद खुम्ब फूटने लगती है पानी और हवा का संचार बिजाई के दो दिन के बाद हर रोज पानी का छिडका करे खुम्बो के फूटने के बाद हवा का संचार 6-8 घंटे प्रति दिन किया जाता है खुम्बो की तूडाई खुम्बो के फूटने के बाद 1-2 दिनो के बाद तोडाई के योग्य हो जाती है मिलकी खुम्ब मिलकी खुम्ब के लिए तूडी, बीज, मोमी लिफाफे, सेबा, केसिंग,मिट्टी आदि होने चाहिये तूडी की तैयारी सूकी तूडी को पक्के फर्श पर बिछा कर 16-20 घंटे पानी से गिला करे गिली तूडी को बोरी में भर कर सेबे से बांध दे इस बोरी को उबलते पानी में 45-50 मिनट रखें तूडी को निकालकर पक्के फर्श पर बिछा कर ठंडा करे यह तूडी बिजाई के लिए तैयार है बिजाई ठंडी तूडी में बीज मिलाकर मोमी लिफाफो में भर दें एक मोमी लिफाफें में लगभग 2 किलो गिली तूडी और 70-80 ग्राम बीज पडता है लिफाफे के मुंह को सेबे से अच्छी तरह बांध कर कमरे में रख दे केसिंग बिजाई के दो तीन हफतो के बाद लिफाफे खोलकर केसिंग की 1-1.5 की तहय लगा दें केसिंग में तूडी और रेतली मिट्टी होती है 24 घंटो के लिए 4 प्रतिशत फारमलेन के घोल से जीवाणु रहित किया जाता है खुम्बो का फूटना केसिंग मिट्टी डालने के लगभग दो हफतो में खुम्बो के छोटे छोटे किणके निकलने शुरू हो जाते है और 4-5 दिन के बाद तोडने योग्य हो जाते है खुम्बो की तूडाई लगभग 35-40 दिनो तक की जाती है
Posted by Nirmal singh
Punjab
20-01-2020 10:58 PM
Shri maan g kripa krke kanak di roots ate plant di photo bhejo tn ki tuhanu poori jankari di ja ske.....

Posted by suraj
Uttar Pradesh
20-01-2020 10:46 PM
Suraj ji usko aap pett ke kirro ke liye Fansil bolus den aur Vitamor-H liquid 10-10ml subah sham aur Khurak powder 100gm rojana dena suru kren, baki aap achi feed aur chara dalen jise achi growth hogi.

Posted by Rajesh Kumar
Rajasthan
20-01-2020 10:41 PM
श्री मान जौ की फसल की ग्रोथ के लिए आप NPK 19:19:19@1kg 150ltr पानी में मिलाकर सप्रे कर सकते हो

Posted by om rajput
Chattisgarh
20-01-2020 10:36 PM
राजपूत जी यदि आपके पास तालाब नहीं है तो आप अपने गांव का छप्पड़ या तालाब भी ठेके पर लेकर काम कर सकते है सबसे पहले यदि हम मछली पालन की बात करें तो इसके लिए ट्रेनिंग बहुत जरूरी है यह ट्रेनिंग FFDA(fish farmer development aggency) हर जिले में बनी है जहां हमारा खेतीबाड़ी विभाग है वहां इसके अफसर बैठते हैं वहां जाकर एप्लीकेशन भरवायें वहा.... (Read More)
राजपूत जी यदि आपके पास तालाब नहीं है तो आप अपने गांव का छप्पड़ या तालाब भी ठेके पर लेकर काम कर सकते है सबसे पहले यदि हम मछली पालन की बात करें तो इसके लिए ट्रेनिंग बहुत जरूरी है यह ट्रेनिंग FFDA(fish farmer development aggency) हर जिले में बनी है जहां हमारा खेतीबाड़ी विभाग है वहां इसके अफसर बैठते हैं वहां जाकर एप्लीकेशन भरवायें वहां आपको 5 दिन की ट्रेनिंग दी जायेगी ट्रेनिंग के लिए दसवीं पास होना ज़रूरी है इस ट्रेनिंग में आपको लोन और सब्सिड़ी के बारे में सारी जानकारी प्राप्त हो जाएगी इसकी पुंग छोड़ने के लिए अप्रैल से अक्तूबर का समय बढ़िया होता है, बाकि यदि अपने शुरू करना है तो यूनिवर्सिटी की तरफ से एक एकड़ में शुरू कर सकते हैं. एक एकड़ में 5000 पूंग डाल सकते हैं यह 2 से 3 इंच का होता है यदि 5000 डालना है तो 3000 रोहू, 1000 कतला, 500 कॉमन कॉर्प और 500 मरीगल नस्ल डाली जाए यह पूंग आप मछली पालन विभाग से खरीद सकते हैं यह एक इंच का बच्चा 10 पैसा प्रति बच्चा मिलेगा यदि बढ़िया खुराक डाली जाए तो 8 महीनों में यह लगभग 800—900 ग्राम का हो जाता है बाकी मछली पालन के लिए नहरी पानी बढ़िया होता है और आप गांव का छप्पड़ ठेके से लेकर भी यह काम शुरू कर सकते हैं तालाब में मछली के बीज डालने से पहले इस बात की जांच कर लेनी चाहिए कि उस तालाब में काफी मात्रा में मछली की कुदरती खुराक उपलब्ध है..

Posted by rohit
Jharkhand
20-01-2020 10:26 PM
मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजि.... (Read More)
मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजित किया जा रहा है प्रशिक्षण कार्य कर्म में भाग लेने के लिए नीचे दिए गए नम्बर पर आज ही संपर्क करें और Rs 250/ से अपना रजिस्ट्रेशन करवाए अचल सिंह (फाउंडर )- 9711858258. धन्यवाद

Posted by MUNICHAND .PRASAD
Bihar
20-01-2020 10:07 PM
सबसे पहले यदि हम मछली पालन की बात करें तो इसके लिए ट्रेनिंग बहुत जरूरी है यह ट्रेनिंग FFDA(fish farmer development aggency) हर जिले में बनी है जहां हमारा खेतीबाड़ी विभाग है वहां इसके अफसर बैठते हैं वहां जाकर एप्लीकेशन भरवायें वहां आपको 5 दिन की ट्रेनिंग दी जायेगी ट्रेनिंग के लिए दसवीं पास होना ज़रूरी है इस ट्रेनिंग में आपको लोन और स.... (Read More)
सबसे पहले यदि हम मछली पालन की बात करें तो इसके लिए ट्रेनिंग बहुत जरूरी है यह ट्रेनिंग FFDA(fish farmer development aggency) हर जिले में बनी है जहां हमारा खेतीबाड़ी विभाग है वहां इसके अफसर बैठते हैं वहां जाकर एप्लीकेशन भरवायें वहां आपको 5 दिन की ट्रेनिंग दी जायेगी ट्रेनिंग के लिए दसवीं पास होना ज़रूरी है इस ट्रेनिंग में आपको लोन और सब्सिड़ी के बारे में सारी जानकारी प्राप्त हो जाएगी इसकी पुंग छोड़ने के लिए अप्रैल से अक्तूबर का समय बढ़िया होता है, बाकि यदि अपने शुरू करना है तो यूनिवर्सिटी की तरफ से एक एकड़ में शुरू कर सकते हैं. एक एकड़ में 5000 पूंग डाल सकते हैं यह 2 से 3 इंच का होता है यदि 5000 डालना है तो 3000 रोहू, 1000 कतला, 500 कॉमन कॉर्प और 500 मरीगल नस्ल डाली जाए यह पूंग आप मछली पालन विभाग से खरीद सकते हैं यह एक इंच का बच्चा 10 पैसा प्रति बच्चा मिलेगा यदि बढ़िया खुराक डाली जाए तो 8 महीनों में यह लगभग 800—900 ग्राम का हो जाता है बाकी मछली पालन के लिए नहरी पानी बढ़िया होता है और आप गांव का छप्पड़ ठेके से लेकर भी यह काम शुरू कर सकते हैं तालाब में मछली के बीज डालने से पहले इस बात की जांच कर लेनी चाहिए कि उस तालाब में काफी मात्रा में मछली की कुदरती खुराक उपलब्ध है.

Posted by MUNICHAND .PRASAD
Bihar
20-01-2020 10:01 PM
सबसे पहले यदि हम मछली पालन की बात करें तो इसके लिए ट्रेनिंग बहुत जरूरी है यह ट्रेनिंग FFDA(fish farmer development aggency) हर जिले में बनी है जहां हमारा खेतीबाड़ी विभाग है वहां इसके अफसर बैठते हैं वहां जाकर एप्लीकेशन भरवायें वहां आपको 5 दिन की ट्रेनिंग दी जायेगी ट्रेनिंग के लिए दसवीं पास होना ज़रूरी है इस ट्रेनिंग में आपको लोन और स.... (Read More)
सबसे पहले यदि हम मछली पालन की बात करें तो इसके लिए ट्रेनिंग बहुत जरूरी है यह ट्रेनिंग FFDA(fish farmer development aggency) हर जिले में बनी है जहां हमारा खेतीबाड़ी विभाग है वहां इसके अफसर बैठते हैं वहां जाकर एप्लीकेशन भरवायें वहां आपको 5 दिन की ट्रेनिंग दी जायेगी ट्रेनिंग के लिए दसवीं पास होना ज़रूरी है इस ट्रेनिंग में आपको लोन और सब्सिड़ी के बारे में सारी जानकारी प्राप्त हो जाएगी इसकी पुंग छोड़ने के लिए अप्रैल से अक्तूबर का समय बढ़िया होता है, बाकि यदि अपने शुरू करना है तो यूनिवर्सिटी की तरफ से एक एकड़ में शुरू कर सकते हैं. एक एकड़ में 5000 पूंग डाल सकते हैं यह 2 से 3 इंच का होता है यदि 5000 डालना है तो 3000 रोहू, 1000 कतला, 500 कॉमन कॉर्प और 500 मरीगल नस्ल डाली जाए यह पूंग आप मछली पालन विभाग से खरीद सकते हैं यह एक इंच का बच्चा 10 पैसा प्रति बच्चा मिलेगा यदि बढ़िया खुराक डाली जाए तो 8 महीनों में यह लगभग 800—900 ग्राम का हो जाता है बाकी मछली पालन के लिए नहरी पानी बढ़िया होता है और आप गांव का छप्पड़ ठेके से लेकर भी यह काम शुरू कर सकते हैं तालाब में मछली के बीज डालने से पहले इस बात की जांच कर लेनी चाहिए कि उस तालाब में काफी मात्रा में मछली की कुदरती खुराक उपलब्ध है..
Posted by ਗੁਰਪ੍ਰੀਤ ਸਿੰਘ
Punjab
20-01-2020 09:56 PM
ਸ੍ਰੀ ਮਾਨ ਜੀ ਕਿਰਪਾ ਕਰਕੇ ਕਣਕ ਦੀ ਜੜ੍ਹ ਦੀ ਫੋਟੋ ਭੇਜੋ ਤਾਂ ਕਿ ਇਸਦੀ ਸਹੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਦਿੱਤੀ ਜਾ ਸਕੇ

Posted by sardeep singh pannu
Punjab
20-01-2020 09:52 PM
मशरुम की किस्में कई प्रकार की होती है जैसे कि बटन मशरुम , डीगरी, शटाकी मशरुम , पराली मशरुम , और मिलकी मशरुम. इनमे से कुछ मशरुम सर्दियो के मौसम में और कुछ गर्मीयों के मौसम में लगाये जाते है और हर मशरुम को लगाने का समय अलग अलग है जैसे बटन मशरुम का समय सितंबर से मार्च तक होता है, इससे हम 2 फसले ले सकते है, शटाकी मशरु.... (Read More)
मशरुम की किस्में कई प्रकार की होती है जैसे कि बटन मशरुम , डीगरी, शटाकी मशरुम , पराली मशरुम , और मिलकी मशरुम. इनमे से कुछ मशरुम सर्दियो के मौसम में और कुछ गर्मीयों के मौसम में लगाये जाते है और हर मशरुम को लगाने का समय अलग अलग है जैसे बटन मशरुम का समय सितंबर से मार्च तक होता है, इससे हम 2 फसले ले सकते है, शटाकी मशरुम का समय अक्तूबर से मध्य फरवरी तक हैं, इससे हम 1 फसल ही ले सकते है, पराली मशरुम का समय अप्रैल से अगस्त तक है, इससे हम 4 फसले ले सकते है, मिलकी मशरुम का समय अप्रैल से सितंबर तक है, आप अब अप्रैल में मिलकी या पराली मशरुम लगा सकते है, पराली मशरुम के लिए आपको पराली, बीज, बांस, सेबा, आदि की जरूरत है, पराली के पूले: धान की पराली 1-1 किलो के पूले दोनो सिरो से सेबे के साथ बांध कर तैयार किये जाते है. पूले के सिरे काट कर बराबर कर लिए जाते हैं. पूलो की क्यिारी लगाना : पराली के पूलो को साफ पानी में 16-20 घंटो के लिए भिगो दें, गिले पूलो को ढलान पर रख कर अधिक पानी को निकलने दे, कमरे ईटो और बांस से एक पलेटफार्म बनाये, इस पलेटफार्म पर 5 पूलो की एक तहय लगाये, जिसके ऊपर 75 ग्राम बीज डाले. इसके ऊपर की सतह उलट होती है. इस प्रकार 5-5 पूलो की 4 सेट में 300 ग्राम बीज डाल कर कियारी तैयार की जाती है. सबसे ऊपर 2 पूलो को खोलकर रख दिए जाते हैं. मशरुम का फुटाव करना : बिजाई से 7-9 दिनो के बाद का फुटाव होने लगता है. पानी और हवा का संचार : बिजाई के 2 दिन के बाद हर रोज पानी का छिडका किया जाता है. मशरुम के फूटने के बाद हवा का संचार 6-8 घंटे प्रति दिन किया जाता है. मशरुम की तूडाई : मशरुम का फुटाव के बाद 1-2 दिनो के बाद तोडाई के योग्य हो जाती है. मिलकी मशरुम : मिलकी मशरुम के लिए तूडी, बीज, मोमी लिफाफे (12×16), सेबा, केसिंग,मिट्टी आदि चाहिए. तूडी की तैयारी : सूखी तुड़ी को पक्के फर्श पर खिलार कर 16-20 घंटे पानी से गिला करे, गीली तूडी को बोरी में भर कर सेबे से बांध दे. इस बोरी को उबलते पानी में 45-50 मिनट रखें, तूडी को निकालकर पक्के फर्श पर खिलार कर ठंडा करे. यह तूडी बिजाई के लिए तैयार है. बिजाई : ठंडी तूडी में बीज मिलाकर मोमी लिफाफो में भर दें. एक मोमी लिफाफें में लगभग 2 किलो गिली तूडी और 70-80 ग्राम बीज डाला जाता है. लिफाफे के मुंह को सेबे से अच्छी तरह बांध कर कमरे में रख दे. केसिंग : बिजाई के दो तीन हफतो के बाद लिफाफे खोलकर केसिंग की 1-1.5 के सेट बना दें, केसिंग में रूडी और रेतली मिट्टी (4:1) होती है. 24 घंटो के लिए 4 प्रतिशत फारमलेन के घोल से जीवाणु रहित की जाती है. मशरुम का फुटाव: केसिंग मिट्टी डालने के लगभग 2 हफतो में मशरुम के छोटे-छोटे कण निकलने शुरू हो जाते है और 4-5 दिन के बाद तोडने योग्य हो जाते है. मशरुम की तूडाई लगभग 35-40 दिनो तक की जाती है
Posted by Ramanand Patel
Uttar Pradesh
20-01-2020 09:50 PM
Ramanand Patel ji pure dog lene ke bare me puri jankari ke lia aap Deep Choudhary 9671050175 9991851449 se samparak kar sakte hia, Thankyou.
Posted by Ankit prajapat
Rajasthan
20-01-2020 09:46 PM
मिट्टी की जांच के आधार पर खादों का प्रयोग करें मिट्टी की जांच की मदद से हम खादों को मिट्टी की आवश्यकता के आधार पर दे सकते हैं गेहूं की समय पर बिजाई के लिए नाइट्रोजन 37-50 किलो (यूरिया 80-100 किलो), फासफोरस 8-15 किलो (एस एस पी 50-90 किलो) और पोटाश 12.5 किलो (म्यूरेट ऑफ पोटाश 20 किलो) प्रति एकड़ में डालें नाइट्रोजन की आधी मात्रा, पोट.... (Read More)
मिट्टी की जांच के आधार पर खादों का प्रयोग करें मिट्टी की जांच की मदद से हम खादों को मिट्टी की आवश्यकता के आधार पर दे सकते हैं गेहूं की समय पर बिजाई के लिए नाइट्रोजन 37-50 किलो (यूरिया 80-100 किलो), फासफोरस 8-15 किलो (एस एस पी 50-90 किलो) और पोटाश 12.5 किलो (म्यूरेट ऑफ पोटाश 20 किलो) प्रति एकड़ में डालें नाइट्रोजन की आधी मात्रा, पोटाश और फासफोरस की पूरी मात्रा बिजाई के समय डालें पहली सिंचाई के बाद नाइट्रोजन की बाकी बची आधी मात्रा डाल दें
उपज को बढ़ाने के लिए जिंक सलफेट 10 किलोग्राम प्रति एकड़ में डालें जिंक की कमी को जिंक सल्फेट 0.5 प्रतिशत की फोलियर स्प्रे करके पूरा किया जा सकता है 15 दिनों के अंतराल पर दो से तीन स्प्रे करें मजबूत तने और उपज के लिए, बिजाई के 30 दिनों के बाद 19:19:19 पानी में घुलनशील खाद 5 ग्राम + स्टिकर 0.5 मि.ली. को प्रति लीटर पानी में डालकर स्प्रे करें

Posted by gurpreet Sandhu
Punjab
20-01-2020 09:34 PM
Gurpreet Sandhu ji, jojoba di kheti di sifarish punjab vich nahi kiti jandi hai, isdi kheti jithe jameen retli ate jayada taapmaan hunda hai, othe kiti jandi hai, jive ke Rajasthan, dhanwad

Posted by Manohar Singh Tomar
Madhya Pradesh
20-01-2020 09:31 PM
श्री मान फसल को ठंड से बचाने के लिए हल्की सिंचाई कर सकते हो

Posted by sardeep singh pannu
Punjab
20-01-2020 09:22 PM
Sardeep ji tuhanu mushroom di training najdiki KVK to lai sakde ho jisda Address: Post Box No.-22, Rauni, Punjab 147001 Phone: 094642 10460 . tuc ethe ja ke form fill karke aa sakde ho jive hi training schedule kiti jandi hai tuhanu isde bare inform kar dita jayega.dhanwad

Posted by sardeep singh pannu
Punjab
20-01-2020 09:17 PM
श्री मान खुम्ब की किस्में कई प्रकार की होती है जैसे कि बटन खुम्ब, डीगरी, शटाकी खुम्ब, पराली खुम्ब, और मिलकी खुम्ब इनमे से कुइ खुम्ब सर्दियो के मौसम में और कुछ गर्मीयों के मौसम में लगाये जाते है और हर खुम्ब को लगाने का समय अलग अलग है जैसे बटन खुम्ब का समय सितंबर से मार्च तक होता है इस समय में हम तीन फसले ले सकते ह.... (Read More)
श्री मान खुम्ब की किस्में कई प्रकार की होती है जैसे कि बटन खुम्ब, डीगरी, शटाकी खुम्ब, पराली खुम्ब, और मिलकी खुम्ब इनमे से कुइ खुम्ब सर्दियो के मौसम में और कुछ गर्मीयों के मौसम में लगाये जाते है और हर खुम्ब को लगाने का समय अलग अलग है जैसे बटन खुम्ब का समय सितंबर से मार्च तक होता है इस समय में हम तीन फसले ले सकते है शटाकी खुम्ब का समय अक्तूबर से मध्य फरवरी तक हैं इस समय हम एक फसल ही ले सकते है पराली खुम्ब का समय अप्रैल से अगस्त तक है इस समय हम चार फसले ले सकते है मिलकी खुम्ब का समय अप्रैल से सितंबर तक है आप अब अप्रैल में मिलकी या पराली खुम्ब लगा सकते है पराली खुमब के लिए आपको पराली, बीज, बांस, सेबा, आदि की जरूरत है पराली के पूले, धानो की पराली 1-1 किलो के पूले दोनो सिरो से सेबे से बांध कर तैयार किये जाते है पूले के सिरे कांट कर एक सार कर लिए जाते है पूलो की क्यिारी लगाना पराली के पूलो को साफ पानी में 16-20 घंटो के लिए डूबो दे गिले पूलो को ढलान पर रख कर फालतू पानी को निकलने दे कमरे ईटो और बांस से एक पलेटफार्म बनाये इस पलेटफार्म पर 5 पूलो की एक तहय लगाये जिसके ऊपर 75 ग्राम बीज डाले इसके ऊपर की तहय उलट होती है इस प्रकार 5-5 पूलो की तहय में 300 ग्राम बीज डाल कर कियारी तैयार करे सबसे ऊपर दो पूलो को खोलकर रख दे खुम्बो का फूटना बिजाई से 7-9 दिनो के बाद खुम्ब फूटने लगती है पानी और हवा का संचार बिजाई के दो दिन के बाद हर रोज पानी का छिडका करे खुम्बो के फूटने के बाद हवा का संचार 6-8 घंटे प्रति दिन किया जाता है खुम्बो की तूडाई खुम्बो के फूटने के बाद 1-2 दिनो के बाद तोडाई के योग्य हो जाती है मिलकी खुम्ब मिलकी खुम्ब के लिए तूडी, बीज, मोमी लिफाफे, सेबा, केसिंग,मिट्टी आदि होने चाहिये तूडी की तैयारी सूकी तूडी को पक्के फर्श पर बिछा कर 16-20 घंटे पानी से गिला करे गिली तूडी को बोरी में भर कर सेबे से बांध दे इस बोरी को उबलते पानी में 45-50 मिनट रखें तूडी को निकालकर पक्के फर्श पर बिछा कर ठंडा करे यह तूडी बिजाई के लिए तैयार है बिजाई ठंडी तूडी में बीज मिलाकर मोमी लिफाफो में भर दें एक मोमी लिफाफें में लगभग 2 किलो गिली तूडी और 70-80 ग्राम बीज पडता है लिफाफे के मुंह को सेबे से अच्छी तरह बांध कर कमरे में रख दे केसिंग बिजाई के दो तीन हफतो के बाद लिफाफे खोलकर केसिंग की 1-1.5 की तहय लगा दें केसिंग में तूडी और रेतली मिट्टी होती है 24 घंटो के लिए 4 प्रतिशत फारमलेन के घोल से जीवाणु रहित किया जाता है खुम्बो का फूटना केसिंग मिट्टी डालने के लगभग दो हफतो में खुम्बो के छोटे छोटे किणके निकलने शुरू हो जाते है और 4-5 दिन के बाद तोडने योग्य हो जाते है खुम्बो की तूडाई लगभग 35-40 दिनो तक की जाती है

Posted by Amresh yadav
Madhya Pradesh
20-01-2020 09:07 PM
बसंत के मौसम के लिए नरसरी नवंबर-दिसंबर में तैयार करें जबकि सर्दियों के मौसम में सितंबर-अक्तूबर महीने में नर्सरी में बीजों को बोयें
Posted by AMANDEEP SINGH
Punjab
20-01-2020 09:06 PM
BhaaG mastitis check karwao g tuci dudh culture karwa ke dasi pashuan wali dwaee warto Sfaee rakho Chuaee baad thanaan nu doba deo farsh kirm nashi ghol naal dho deo Chuaee baad pashu nu chaara pa k 30 minute khra rakho
Posted by ਨਵਪਰੀਤ ਸਿੰਘ
Punjab
20-01-2020 08:51 PM
ਤੁਸੀ ਉਸ ਨੂੰ ਪੇਟ ਦੇ ਕੀੜਿਆਂ ਲਈ Zenvet ਗੋਲੀ ਦਿਓ ਅਤੇ Vitakind liv 100ml ਰੋਜਾਨਾ ਦੇਣਾ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ 5-7 ਦਿਨ ਦੇਣ ਤੋਂ ਬਾਦ 50ml ਰੋਜਾਨਾ ਦੇਣਾ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ ਅਤੇ Fortivir injection 15-15ml ਕਰਕੇ ਗਰਦਨ ਦੇ ਦੋਨਾਂ ਪਾਸੇ ਲਗਵਾਓ, ਬਾਕੀ ਉਸ ਨੂੰ ਖੁਰਾਕ ਜਰੂਰਤ ਤੋਂ ਜ਼ਿਆਦਾ ਨਾ ਦਿਓ ਅਤੇ ਹਰ 3 ਮਹੀਨੇ ਬਾਦ ਪੇਟ ਦੇ ਕੀੜਿਆਂ ਲਈ ਗੋਲੀ ਜਰੂਰ ਦਿਓ.
Posted by ਨਵਪਰੀਤ ਸਿੰਘ
Punjab
20-01-2020 08:49 PM
ਤੁਸੀ ਉਸ ਨੂੰ ਪੇਟ ਦੇ ਕੀੜਿਆਂ ਲਈ Zenvet ਗੋਲੀ ਦਿਓ ਅਤੇ Vitakind liv 100ml ਰੋਜਾਨਾ ਦੇਣਾ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ 5-7 ਦਿਨ ਦੇਣ ਤੋਂ ਬਾਦ 50ml ਰੋਜਾਨਾ ਦੇਣਾ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ ਅਤੇ Fortivir injection 15-15ml ਕਰਕੇ ਗਰਦਨ ਦੇ ਦੋਨਾਂ ਪਾਸੇ ਲਗਵਾਓ, ਬਾਕੀ ਉਸ ਨੂੰ ਖੁਰਾਕ ਜਰੂਰਤ ਤੋਂ ਜ਼ਿਆਦਾ ਨਾ ਦਿਓ ਅਤੇ ਹਰ 3 ਮਹੀਨੇ ਬਾਦ ਪੇਟ ਦੇ ਕੀੜਿਆਂ ਲਈ ਗੋਲੀ ਜਰੂਰ ਦਿਓ.

Posted by harpreet singh
Punjab
20-01-2020 08:33 PM
आप 250 ग्राम गुड, 1 किलो दलिया अच्छी तरह से गर्म करके पकाकर फिर उसमें 100 मि.ली. सरसों का तेल मिक्स करके सुबह शाम आधा आधा 5—7दिन दें बाकि आप उसे Lactomax tablet 10 गोलियां 20 दिन तक और उसे Glactogog पाउडर 1—1 पाउच सुबह शाम दें
Posted by pardeep jarwal
Haryana
20-01-2020 08:30 PM
श्री मान पहले पानी के साथ यूरिया 50 किलो और जिंक सलफेट 10 किलोग्राम प्रति एकड़ में डालें जिंक की कमी को जिंक सलफेट 0.5 प्रतिशत स्प्रे द्वारा पूरा किया जा सकता है 15 दिनों के अंतराल पर 2-3 स्प्रे करें ज़मीन की अच्छी जोताई और अच्छी पैदावार के लिए 19:19:19 की स्प्रे, पानी में घुलनशील खादें+स्टिकर 0.5 मि.ली. को प्रति लीटर पानी में .... (Read More)
श्री मान पहले पानी के साथ यूरिया 50 किलो और जिंक सलफेट 10 किलोग्राम प्रति एकड़ में डालें जिंक की कमी को जिंक सलफेट 0.5 प्रतिशत स्प्रे द्वारा पूरा किया जा सकता है 15 दिनों के अंतराल पर 2-3 स्प्रे करें ज़मीन की अच्छी जोताई और अच्छी पैदावार के लिए 19:19:19 की स्प्रे, पानी में घुलनशील खादें+स्टिकर 0.5 मि.ली. को प्रति लीटर पानी में मिलाकर बिजाई के 30 दिनों के बाद डालें
Posted by Lovepreet singh
Punjab
20-01-2020 08:26 PM
Lovepreet ji tuci kise v company di feed vart skde ho, jiss nu tuhada pashu asani nal hajam krda hai ate vdia dudh dinda hai tuci uss feed di varto kro kyuki her company apne apne hisab nal feed tyar krdi hai, feed di sahi varto pashu de khan te nirbhar hai, baki tuci pashu nu bazar di feed ton ilawa khud ghar vich v feed tyar krke de skde ho jiss nal v pashu di vdia growth hundi hai.
Posted by mika
Punjab
20-01-2020 08:19 PM
ਤੁਸੀ ਨੇੜੇ ਦੇ ਪਸ਼ੂਆਂ ਵਾਲੇ ਮੈਡੀਕਲ ਸਟੋਰ ਤੋਂ EGG FORMULA ਨਾਮ ਦਾ ਪਾਊਡਰ ਲਿਆ ਕੇ ਫੀਡ ਦੇ ਵਿੱਚ ਮਿਲਾ ਕੇ ਦਿਓ, ਇਸਦੇ ਨਾਲ ਤੁਸੀ B-complex liquid ਦਿਓ , ਇਸ ਨੂੰ 20ml ਪ੍ਰਤੀ 100 ਮੁਰਗੀਆਂ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਦਿਓ.
Posted by pardeep jarwal
Haryana
20-01-2020 08:19 PM
श्री मान कृपया इसकी फोटो भेजें ताकि आपको सही जानकारी दी जा सके
Posted by Shery
Punjab
20-01-2020 08:17 PM
ਸ਼ੈਰੀ ਜੀ ਤੁਸੀ ਸਬਜ਼ੀਆਂ ਜਿਵੇ ਰਾਜਮਾਹ , ਸ਼ਿਮਲਾ ਮਿਰਚ , ਖੀਰਾ , ਕਰੇਲਾ , ਕੱਦੂ , ਤੋਰੀ, ਪੇਠਾ , ਖਰਬੂਜਾ , ਤਰਬੂਜ , ਪਾਲਕ , ਫੂਲ ਗੋਭੀ , ਬੈਂਗਨ , ਭਿੰਡੀ , ਅਰਬੀ , ਗਵਾਰਾ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਧੰਨਵਾਦ

Posted by singh dhaliwal
Punjab
20-01-2020 08:15 PM
ਧਾਲੀਵਾਲ ਜੀ ਤੁਸੀ ਕਿਸਮਾਂ ਜਿਵੇ Local: ਇਸ ਕਿਸਮ ਦੇ ਪੌਦੇ ਦੀ ਔਸਤ ਉੱਚਾਈ 60 ਸੈਂਟੀਮੀਟਰ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਇਸ ਦੇ ਫੁੱਲਾਂ ਦਾ ਰੰਗ ਚਿੱਟਾ ਅਤੇ ਫੱਲ ਦਾ ਰੰਗ ਹਲਕੇ ਹਰੇ ਤੋਂ ਪੀਲਾ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਇਹ ਕਿਸਮ 175 ਤੋਂ 180 ਦਿਨਾਂ ਦਰਮਿਆਨ ਪੱਕ ਕੇ ਤਿਆਰ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਇਸਦਾ ਔਸਤਨ ਝਾੜ 3.5 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੁੰਦਾ ਹੈ
Punjab Sugandh: ਇਸ ਕਿਸਮ ਦੇ ਪੱਤਿਆਂ ਦਾ ਆਕਾਰ ਛੋਟਾ ਅਤੇ ਖ਼ੁਸ਼ਬੋਈ (ਸੁਗੰਧ) ਬੜੀ ਤੇਜ਼ ਹੁੰਦ.... (Read More)
ਧਾਲੀਵਾਲ ਜੀ ਤੁਸੀ ਕਿਸਮਾਂ ਜਿਵੇ Local: ਇਸ ਕਿਸਮ ਦੇ ਪੌਦੇ ਦੀ ਔਸਤ ਉੱਚਾਈ 60 ਸੈਂਟੀਮੀਟਰ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਇਸ ਦੇ ਫੁੱਲਾਂ ਦਾ ਰੰਗ ਚਿੱਟਾ ਅਤੇ ਫੱਲ ਦਾ ਰੰਗ ਹਲਕੇ ਹਰੇ ਤੋਂ ਪੀਲਾ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਇਹ ਕਿਸਮ 175 ਤੋਂ 180 ਦਿਨਾਂ ਦਰਮਿਆਨ ਪੱਕ ਕੇ ਤਿਆਰ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਇਸਦਾ ਔਸਤਨ ਝਾੜ 3.5 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੁੰਦਾ ਹੈ
Punjab Sugandh: ਇਸ ਕਿਸਮ ਦੇ ਪੱਤਿਆਂ ਦਾ ਆਕਾਰ ਛੋਟਾ ਅਤੇ ਖ਼ੁਸ਼ਬੋਈ (ਸੁਗੰਧ) ਬੜੀ ਤੇਜ਼ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਇਸ ਦਾ ਪੱਤਾ ਚਾਰ ਪੰਖੜੀਆਂ ਦੇ ਅਕਾਰ ਵਾਲਾ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਹਰੇ ਪੱਤਿਆਂ ਦੇ ਰੂਪ ਵਿਚ ਇਸ ਦਾ ਔਸਤਨ ਝਾੜ 150 ਕੁਇੰਟਲ ਅਤੇ 3.5 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਝਾੜ ਬੀਜ ਦਾ ਹੋ ਜਾਂਦਾ ਹੈ
Posted by sidhu
Punjab
20-01-2020 08:14 PM
Sidhu ji ehh nasal 20 haftia badd egg dene suru krdi hai ate saal vich lagbhag 170-180 egg dindi hai.
Posted by sidhu
Punjab
20-01-2020 08:01 PM
Sidhu ji ehh nasal 20 haftia badd egg dene suru krdi hai ate saal vich lagbhag 170-180 egg dindi hai.

Posted by prabhjot singh
Punjab
20-01-2020 07:56 PM
tuci fatt vdhaun lai 1kg vdemia di khal ate 1kg saro di khal dudh de hisab nal khwa skde ho, ehna nal fatt vich frak paa jawega baki tuci hara chara vdia matra vich deo ate her 3 mahine badd pett de kiria lai goli jrur deo.

Posted by prabhjot singh
Punjab
20-01-2020 07:54 PM
prabhjot ji kripa karke swal vistar nal pucho ta jo tuhanu is bare poori jankari diti ja sake,dhanwad
Posted by ਜਗਤਾਰ ਸਿੰਘ
Punjab
20-01-2020 07:54 PM
Jagtar singh ji is sbandi puri jankari lai tusi apne najdiki SBI Bank ja fir jis bank vich vi tuhada A/C hai tusi utho vi puri jankari le sakde ho, Thankyou.
Posted by Karan Singh
Uttar Pradesh
20-01-2020 07:40 PM
karan ji kripya swal vistar s epooch eke aap kya jankari lena chahte hai kyuki aapke dwara bheji gayi audio men kuch saaf sunayi nahi de raha.dhanywad
Posted by baljit Singh
Punjab
20-01-2020 07:38 PM
जी आप इसका प्रयोग कर सकते है क्योंकि इसमें विटामिन, अमिनो एसिड, मिर्नल होते है इसका कोई नुक्सान नहीं है

Posted by Tanu
Punjab
20-01-2020 07:36 PM
Shri maan kanak de change futaare de lyi tuc progibb nam de product di vrto kar skdo ho. ihh sumitomo company da aunda hai. ihh ikk growth promotor da kam krda hai. iss di varto hare chaare, jhone ate kanak de lyi kar skde ha .ihh jhadd de vich kaffi vaahda krda hai . iss di matra 5gm hundi hai. jdo kanak nu phla urea dena hunda hai us sme isnu ikk glass panni de nal ghol ke sukki ret de nal milaa ke fir urea de nal mila lao ate fir khet de vich shitta de deo . iss de nal ikk pudi aondi hai phla esnu gholna hai ate fir usde vich progibb pauna hai kyuki eh direct pani de vich ghulda nahi hai . iss trah is di varto karni hai
Posted by kuldeep
Uttar Pradesh
20-01-2020 07:19 PM
श्रीमान प्याज़ एक प्रसिद्ध व्यापक सब्जी वाली प्रजाति है इसकी खेती अलग-अलग किस्म की मिट्टी जैसे की रेतली दोमट, चिकनी, गार और भारी मिट्टी में की जा सकती है यह गहरी दोमट और जलोढ़ मिट्टी, जिसका निकास प्रबंध बढ़िया, नमी को बरकरार रखने की समर्थता, जैविक तत्वों वाली मिट्टी में बढ़िया परिणाम देती है विरली और रेतली मिट्.... (Read More)
श्रीमान प्याज़ एक प्रसिद्ध व्यापक सब्जी वाली प्रजाति है इसकी खेती अलग-अलग किस्म की मिट्टी जैसे की रेतली दोमट, चिकनी, गार और भारी मिट्टी में की जा सकती है यह गहरी दोमट और जलोढ़ मिट्टी, जिसका निकास प्रबंध बढ़िया, नमी को बरकरार रखने की समर्थता, जैविक तत्वों वाली मिट्टी में बढ़िया परिणाम देती है विरली और रेतली मिट्टी इसकी खेती के लिए बढ़िया नहीं मानी जाती है, क्योंकि मिट्टी के घटिया जमाव के कारण इसमें गांठों का उत्पादन सही नहीं होता है इसकी खेती के लिए मिट्टी का pH 6-7 होना चाहिए प्रसिद्ध किस्में:-alyanpur Red Round: यह उत्तर प्रदेश की प्रसद्धि किस्म है इसकी गांठे भूरे रंग की और गोलाकार आकार की होती हैं इसके पौधे 150-160 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाते हैं इसकी औसतन पैदावार 8-10 टन प्रति एकड़ होती है Bhima Shakti: यह खरीफ के साथ साथ रबी के मौसम में उगाने के लिए उपयुक्त है यह किस्म रोपाई के 130 दिन बाद कटाई के लिए तैयार हो जाती है इसकी औसतन पैदावारा 170 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Arka Kalyan: इसकी गांठे गहरे गुलाबी रंग की होती हैं इसकी औसतन पैदावार 135 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Pusa White Round: इसकी गांठे सफेद, गोल और समतल होती हैं इसकी औसतन पैदावार 120 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Pusa white flat: इसकी गांठे सफेद, चपटी और मध्यम से बड़े आकार की होती हैं यह किस्म डीहाइड्रेशन के लिए उपयुक्त है मिट्टी को भुरभुरा बनाने के लिए तीन-चार बार गहराई से जोताई करें मिट्टी में जैविक तत्वों की मात्रा बढ़ाने के लिए रूड़ी की खाद डालें फिर खेत को छोटे-छोटे प्लाटों में बांट दे नर्सरी तैयार करने के उचित समय मध्य-अक्तूबर से मध्य-नवबंर होता है नए पौधे मध्य-दिसंबर से मध्य-जनवरी तक रोपाई के लिए तैयार हो जाते है रोपाई के लिए 10-15 सैं.मी. कद के पौधे चुनें खरीफ के मौसम में रोपाई के लिए मई से जून का महीना नर्सरी तैयार करने के लिए उपयुक्त होता है बिजाई के 6-8 सप्ताह बाद नए पौधे रोपाई के लिए तैयार हो जाते हैं जुलाई -अगस्त के महीने में रोपण कर दें रोपण के समय, पंक्तियों के बीच 15 सैं.मी. और पौधों के बीच 10 सैं.मी. का फासला रखें नर्सरी में बीज 1-2 सैं.मी. गहराई पर बोयें बिजाई के लिए रोपण विधि का प्रयोग करें एक एकड़ के लिए 2-3 किलो बीज का प्रयोग करें उखेड़ा रोग और कांव-गियारी से बचाव के लिए थीरम 2 ग्राम+बैनोमाइल 50 डब्लयू पी 1 ग्राम प्रति लीटर पानी से प्रति किलो बीजों का उपचार करें रासायनिक उपचार के बाद बायो एजेंट ट्राईकोडर्मा विराइड 2 ग्राम के साथ प्रति किलो बीजों का उपचार करने की सिफारिश की जाती है इस तरह करने से नए पौधे मिट्टी से पैदा होने वाली और अन्य बीमारीयों से बच जाते है बिजाई से 10 दिन पहले 20 टन रूड़ी की खाद डालें नाइट्रोजन 30 किलो(यूरिया 65 किलो), फासफोरस 16 किलो(सिंगल सुपर फासफेट 100 किलो) और पोटाश 16 किलो(मिउरेट ऑफ़ पोटाश 30 किलो) प्रति एकड़ डालें फासफोरस और पोटाश की पूरी मात्रा और नाइट्रोजन की आधी मात्रा रोपण के समय डालें बाकी बची नाइट्रोजन को दो भागों में बांटकर रोपाई के बाद टॉप ड्रेसिंग के तौर पर 30वें और 45वें दिन डालें मिट्टी की किसम और जलवायु के आधार पर सिंचाई की मात्रा और आवर्ती का फैसला करें आमतौर पर, इसे 5-8 सिंचाइयों की आवश्यकता होती है पहली सिंचाई बिजाई के तुरंत बाद करें और दूसरी सिंचाई रोपाई के तीन दिन बाद करें बाकी की सिंचाई आवश्यकता और मिट्टी में नमी के आधार पर 7-10 दिनों के अंतराल पर करें पुटाई के 10-15 दिन पहले सिंचाई बंद कर दें अत्याधिक सिंचाई ना करें शुरुआत में नए पौधे धीरे-धीरे बढ़ते है इसलिए नुकसान से बचाव के लिए गोड़ाई की जगह रासायनिक नदीन-नाशक का प्रयोग करें रोकथाम के लिए बिजाई से 72 घंटे में पेंडीमैथालीन(स्टंप) 1 लीटर को 200 लीटर पानी में मिलाकर प्रति एकड़ में स्प्रे करें नदीनों के अंकुरण उपरांत बिजाई से 7 दिन बाद आक्सीफ्लोरफैन 425 मि.ली. को 200 लीटर पानी में मिलाकर प्रति एकड़ में स्प्रे करें नदीनों की रोकथाम के लिए 2-3 गोड़ाईयों की सिफारिश की जाती है पहली गोड़ाई बिजाई से एक महीने बाद और दूसरी गोड़ाई, पहली से एक महीने बाद करें सही समय पर पुटाई करना बहुत जरूरी है पुटाई का समय किस्म,ऋतु,मंडी रेट आदि पर निर्भर करता है 50% पौधे की पत्तियां नीचे की तरफ गिरना दर्शाता है कि फसल पुटाई के लिए तैयार है फसल की पुटाई हाथों से प्याज़ को उखाड़ कर की जाती है पुटाई के बाद इनको 2-3 दिन के लिए अनावश्यक नमी निकालने के लिए खेत में छोड़ दे

Posted by malkit
Punjab
20-01-2020 07:15 PM
ਮਲਕੀਤ ਜੀ ਟਿੱਡੀ ਦਲ ਦਾ ਹਮਲਾ ਬਾਰਡਰ ਦੇ ਨਾਲ ਲੱਗਦੇ ਜਿਲੇ ਜਿਵੇ ਫਾਜ਼ਿਲਕਾ,ਤਰਨ ਤਾਰਨ ਅਤੇ ਫਿਰੋਜ਼ਪੁਰ ਵੱਲ alert ਜਾਰੀ ਕਰ ਦਿੱਤਾ ਗਿਆ ਹੈ ਅਤੇ ਇਹ ਟਿੱਡੀਆਂ ਹਜਾਰਾਂ ਦੀ ਗਿਣਤੀ ਵਿਹਕ ਹਮਲਾ ਕਰਦੀ ਹੈ ਅਤੇ ਇਸਦੇ ਰਾਸਤੇ ਵਿਚ ਜਿਹੜੀ ਵੀ ਹਰੀ ਫ਼ਸਲ ਮਿਲਦੀ ਹੈ ਉਸਨੂੰ ਖਾ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਅਤੇ ਜੇਕਰ ਇਸਦਾ ਹਮਲਾ ਦਿਖਾਈ ਦਿੰਦਾ ਹੈ ਤੁਰੰਤ ਹੀ ਨਜਦੀਕੀ ਖੇਤੀ ਵਿਭਾਗ ਵਾਲਿਆ ਨੂੰ ਸੂਚਿਤ ਕਰੋ ਇਸਤ.... (Read More)
ਮਲਕੀਤ ਜੀ ਟਿੱਡੀ ਦਲ ਦਾ ਹਮਲਾ ਬਾਰਡਰ ਦੇ ਨਾਲ ਲੱਗਦੇ ਜਿਲੇ ਜਿਵੇ ਫਾਜ਼ਿਲਕਾ,ਤਰਨ ਤਾਰਨ ਅਤੇ ਫਿਰੋਜ਼ਪੁਰ ਵੱਲ alert ਜਾਰੀ ਕਰ ਦਿੱਤਾ ਗਿਆ ਹੈ ਅਤੇ ਇਹ ਟਿੱਡੀਆਂ ਹਜਾਰਾਂ ਦੀ ਗਿਣਤੀ ਵਿਹਕ ਹਮਲਾ ਕਰਦੀ ਹੈ ਅਤੇ ਇਸਦੇ ਰਾਸਤੇ ਵਿਚ ਜਿਹੜੀ ਵੀ ਹਰੀ ਫ਼ਸਲ ਮਿਲਦੀ ਹੈ ਉਸਨੂੰ ਖਾ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਅਤੇ ਜੇਕਰ ਇਸਦਾ ਹਮਲਾ ਦਿਖਾਈ ਦਿੰਦਾ ਹੈ ਤੁਰੰਤ ਹੀ ਨਜਦੀਕੀ ਖੇਤੀ ਵਿਭਾਗ ਵਾਲਿਆ ਨੂੰ ਸੂਚਿਤ ਕਰੋ ਇਸਤੋਂ ਇਲਾਵਾ ਜਿਹੜੇ ਕਿਸਾਨਾਂ ਵਲੋਂ ਅਪਣਾਏ ਜਾਨ ਵਾਲੇ ਤਰੀਕੇ ਹਨ ਕਿ ਇਹਨਾਂ ਨੂੰ ਰਾਤ ਦੇ ਵੇਲੇ ਖੇਤ ਵਿਚ ਟਿੱਕਣ ਨਾ ਦਿਓ ਅਤੇ ਥਾਲ ਖੜਕਾਓ ਜਾ ਇਸਤੋਂ ਇਲਾਵਾ ਪੀਪੇ ਖੜਕਾਓ ਇਹ ਆਵਾਜ਼ ਨਾਲ ਖੇਤ ਵਿੱਚੋ ਬਾਹਰ ਨਿਕਲ ਜਾਂਦੇ ਹਨ ਧੰਨਵਾਦ
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