
Posted by Sachit Chahal
Haryana
21-01-2020 04:04 PM
Sachit Chahal ji chandigarh,mohali me agar aap sidha home to home de rahe ho to aap 60 - 80/q bhech sakte ho, patiala ambala me koi jeada farak nai hai, 5se 10 rupee tak ka hi farak hoga, Thankyou.

Posted by Gurjant s
Punjab
21-01-2020 03:59 PM
ਇਹ ਚੀਆ ਸੀਡ ਸਿਹਤ ਲਈ਼ ਜਿਵੇ ਜੋੜਾਂ ਦੇ ਦਰਦ ਅਤੇ ਭਾਰ ਨੂੰ ਘੱਟ ਕਰਨ ਲਈ ਖਾਇਆ ਜਾ ਸਕਦਾ ਹੈ । ਇਸ ਤੋਂ ਇਲਾਵਾ ਇਹ ਸ਼ੂਗਰ, ਡਿਪਰੈਸ਼ਨ, ਪਾਚਨ ਤੰਤਰ ਦੇ ਵਿਗਾੜ, ਊਰਜਾ ਦੀ ਕਮੀ, ਦਿਲ ਅਤੇ ਜਿਗਰ ਦੇ ਰੋਗਾਂ ਵਿੱਚ ਇਨ੍ਹਾਂ ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਬਹੁਤ ਮਹੱਤਵਪੂਰਨ ਹੈ ਇਹ ਆਮ ਕਈ ਵਾਰ ਕਰਿਆਨਾ ਦੀ ਦੁਕਾਨਾ ਤੋ ਮਿਲ ਸਕਦਾ ਹੈ ਤੇ ਘਰ ਵਿੱਚ ਬੀਜ ਕੇ ਹੀ ਕੋਸ਼ਿਸ਼ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਲੱਗ ਜਾਵੇਗਾ ਜੀ। ਕਈ ਲੋਕ ਤੁਲਸਾ ਬ.... (Read More)
ਇਹ ਚੀਆ ਸੀਡ ਸਿਹਤ ਲਈ਼ ਜਿਵੇ ਜੋੜਾਂ ਦੇ ਦਰਦ ਅਤੇ ਭਾਰ ਨੂੰ ਘੱਟ ਕਰਨ ਲਈ ਖਾਇਆ ਜਾ ਸਕਦਾ ਹੈ । ਇਸ ਤੋਂ ਇਲਾਵਾ ਇਹ ਸ਼ੂਗਰ, ਡਿਪਰੈਸ਼ਨ, ਪਾਚਨ ਤੰਤਰ ਦੇ ਵਿਗਾੜ, ਊਰਜਾ ਦੀ ਕਮੀ, ਦਿਲ ਅਤੇ ਜਿਗਰ ਦੇ ਰੋਗਾਂ ਵਿੱਚ ਇਨ੍ਹਾਂ ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਬਹੁਤ ਮਹੱਤਵਪੂਰਨ ਹੈ ਇਹ ਆਮ ਕਈ ਵਾਰ ਕਰਿਆਨਾ ਦੀ ਦੁਕਾਨਾ ਤੋ ਮਿਲ ਸਕਦਾ ਹੈ ਤੇ ਘਰ ਵਿੱਚ ਬੀਜ ਕੇ ਹੀ ਕੋਸ਼ਿਸ਼ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਲੱਗ ਜਾਵੇਗਾ ਜੀ। ਕਈ ਲੋਕ ਤੁਲਸਾ ਬੀਜ ਵੀ ਕਹਿ ਦਿੰਦੇ ਹਨ।

Posted by durgpal
Uttar Pradesh
21-01-2020 03:49 PM
durgpal ji kripya aap is fasl ki photo bheje ke yeh dikkat poore khet men aa rahi hai taki aapko iske bare men poori jankari di ja sake,dhanywad

Posted by aadarsh patel
Madhya Pradesh
21-01-2020 03:47 PM
पटेल जी किसी भी यूनिवर्सिटी से शराब की स्प्रे फसल पर सिफारिश नहीं है आप इसका इस्तेमाल न करें धन्यवाद

Posted by Gurjant s
Punjab
21-01-2020 03:47 PM
ਗੁਰਜੰਟ ਜੀ ਤੁਸੀ ਸਬਜ਼ੀਆਂ ਜਿਵੇ ਸ਼ਿਮਲਾ ਮਿਰਚ , ਮੂਲੀ , ਪਾਲਕ , ਬੈਂਗਨ , ਚੱਪਣ ਕੱਦੂ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਧੰਨਵਾਦ

Posted by inderjit
Punjab
21-01-2020 03:42 PM
Inderjit ji 130045 nitrogen ate potash di kami nu poora karde han ate NPK 191919 vich tino tat maujood hunde han.tuc ehna vicho kise ik di varto karo dona di ikathi varto na karo.dhanwad

Posted by Abhishek Kumar Yadav
Bihar
21-01-2020 03:40 PM
आप उसे Fatplus पाउडर 50 ग्राम या Fatmax पाउडर 50 ग्राम और Enerboost पाउडर 50—50 ग्राम सुबह शाम दें, आप उसे अच्छी फीड के साथ एक किलो सरसों की खल, 1 किलो बिनौला खल सुबह शाम दें , 20 ग्राम मीठा सोडा रोजाना एक बार दें इससे फर्क पड़ जाएगा..
Posted by sonu datt
Haryana
21-01-2020 03:30 PM
इसकी बिजाई के लिए फरवरी से मार्च, जून से जुलाई और नवंबर से दिसंबर का समय उपयुक्त होता है Punjab Barkat: यह किस्म 2014 में जारी की गई है इसके फल लंबे, हल्के हरे रंग के और बेलनाकार होते हैं यह किस्म चितकबरा रोग के काफी हद तक प्रतिरोधक है इसकी औसतन पैदावार 94 क्विंटल प्रति एकड़ होती है
Punjab Long: यह किस्म 1997 में जारी की गई है इसके फ.... (Read More)
इसकी बिजाई के लिए फरवरी से मार्च, जून से जुलाई और नवंबर से दिसंबर का समय उपयुक्त होता है Punjab Barkat: यह किस्म 2014 में जारी की गई है इसके फल लंबे, हल्के हरे रंग के और बेलनाकार होते हैं यह किस्म चितकबरा रोग के काफी हद तक प्रतिरोधक है इसकी औसतन पैदावार 94 क्विंटल प्रति एकड़ होती है
Punjab Long: यह किस्म 1997 में जारी की गई है इसके फल चमकदार, बेलनाकार और हल्के हरे रंग के होते हैं यह किस्म लंबे परिवहन के लिए उपयुक्त है इसकी औसतन पैदावार 75 क्विंटल प्रति एकड़ होती है
Punjab Komal: यह किस्म 1988 में जारी की गई है यह जल्दी पकने वाली किस्म है जो कि बिजाई के 70 दिनों में पक जाती है इसके फल मध्यम आकार के होते हैं जो कि हल्के हरे रंग के होते हैं इसकी प्रति बेल पर 10-12 फल होते हैं यह किस्म खीरे के चितकबरे रोग के प्रतिरोधक है इसकी औसतन पैदावार 84 क्विंटल प्रति एकड़ होती है

Posted by Amritpal singh
Punjab
21-01-2020 03:26 PM
ਉਸ ਨੂੰ ਰੋਜ਼ਾਨਾ 35-40kg ਹਰਾ ਚਾਰਾ, ਪੇਟ ਦੇ ਕੀੜਿਆਂ ਲਈ Flukarid-Ds bolus ਦਿਓ ਅਤੇ ਹਰ 3 ਮਹੀਨੇ ਬਾਅਦ ਸਾਲਟ ਬਦਲ ਕੇ ਗੋਲੀ ਦਿਓ ਅਤੇ enerboost powder 50gm ਰੋਜ਼ਾਨਾ ਦੇਣਾ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ ਅਤੇ ਵਧੀਆ ਕੰਪਨੀ ਦੀ ਫੀਡ ਦੇਣੀ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ..

Posted by Gurwinder singh
Punjab
21-01-2020 03:23 PM
ਪਸ਼ੂ ਨੂੰ AI ਕਰਵਾਉਣ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਪਸ਼ੂ ਅੰਡਾ ਟੁੱਟਣ ਕਰਕੇ ਖੂਨ ਸੁੱਟਦਾ ਹੈ, ਪਸ਼ੂਆਂ ਦੀ ਹੀਟ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਕਿਉਂਕਿ ਕਈ ਪਸ਼ੂ ਜ਼ਿਆਦਾ ਲੰਬੇ ਸਮੇਂ ਤੱਕ ਵੀ ਹੀਟ ਰੱਖਦੇ ਹਨ

Posted by Ramesh Mistari Dhiranwas
Haryana
21-01-2020 03:23 PM
रमेश जी ड्रैगन फ्रूट के लिए इसकी कलम लगाई जाती है और एक एकड़ में लगभग 1600 कलम लगाई जाती है और इन कलम को पहले गमले में त्यार किया जाता है, और फिर April से september तक कभी भी खेत में लगाया जा सकता है और एक कलम लगभग 70 रुपये की होती है अधिक जानकारी के लिए आप नीचे दिए नंबर पर बात कर सकते है vijay kumar -7065414241

Posted by Syed kamaal
Rajasthan
21-01-2020 03:21 PM
brotone 20ml/100birds ke hisab se dein or nazdiki doctor se check krvaye jisse sahi ilaj ho ske.

Posted by surendra kumar
Uttar Pradesh
21-01-2020 03:21 PM
सुरेंद्र जी अभी आप इसमें यूरिया ना डाले आप यूरिया को 5 से 6 दिन बाद डाले जब नदीन मरना शुरू हो जाये धन्यवाद
Posted by Piara singh Ghuman
Punjab
21-01-2020 03:20 PM
ਪਿਆਰਾ ਜੀ ਤੁਸੀ ਘਿਆ ਕੱਦੂ ਦੀਆਂ ਕਿਸਮਾਂ ਜਿਵੇ ਪੰਜਾਬ ਬਰਕਤ , ਪੰਜਾਬ ਲੌਂਗ ,ਪੰਜਾਬ ਕੋਮਲ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ

Posted by tarkeshwar kumar
Uttar Pradesh
21-01-2020 03:19 PM
परवल कद्दू कुल की एक पौष्टिक सब्जी है परवल की खेती के लिए गर्म एवं अधिक आर्द्रता वाली जलवायु उपयुक्त होती है ऐसे क्षेत्र जहां औसत वार्षिक वर्षा 100 से 120 सेंमी. हो तथा तापक्रम 5 डिग्री सेल्सियस से कम नहीं जाता हो, वह क्षेत्र परवल की खेती के लिए सर्वोत्तम होता है लेकिन जहां सिंचाई की सुविधा न हो, वहाँ भी परवल की खे.... (Read More)
परवल कद्दू कुल की एक पौष्टिक सब्जी है परवल की खेती के लिए गर्म एवं अधिक आर्द्रता वाली जलवायु उपयुक्त होती है ऐसे क्षेत्र जहां औसत वार्षिक वर्षा 100 से 120 सेंमी. हो तथा तापक्रम 5 डिग्री सेल्सियस से कम नहीं जाता हो, वह क्षेत्र परवल की खेती के लिए सर्वोत्तम होता है लेकिन जहां सिंचाई की सुविधा न हो, वहाँ भी परवल की खेती सफलतापूर्वक होती है बिहार की गंगा, सोन एवं गंडक दियारा क्षेत्रों में परवल की असिंचित फसल ही उगाई जाती है, फिर भी उपज अधिक प्राप्त होती है परवल भारी मिट्टी को छोड़कर सभी प्रकार की मिट्टियों में उगाया जा सकता है, परन्तु परवल की अच्छी पैदावार के लिए जल निकासयुक्त दोमट, बलुई दोमट मिट्टी जिसमें पर्याप्त मात्रा में जीवांश हो, अधिक उपयुक्त होती है यही कारण है कि परवल की खेती उत्तरप्रदेश, बिहार एवं पश्चिम बंगाल की नदियों के किनारों के दियारा क्षेत्रों में सफलतापूर्वक की जाती है परवल को हमेशा ऊँचे स्थान पर लगाना चाहिए, जहां पानी का जमाव नहीं होता हो उत्तरप्रदेश, बिहार तथा बंगाल में परवल की खेती पान के बरेजों में अंतरावर्ती फसल के रूप में करने की प्रथा अत्यंत पुरानी है, जहां के परवल के फल उच्च कोटि के गुणवत्ता वाले होते हैं मई-जून के महीनों में मिट्टी पलटने वाले हल से खेत को एकबार जुताई कर खुला छोड़ देना चाहिए ताकि हानिकारक कीड़े-मकोड़े मर जायें तथा खरपतवार सुख जायें लत्तर की रोपाई के लगभग एक महीना पहले मिट्टी में गोबर की सड़ी खाद अथवा कम्पोस्ट 200-250 क्विंटल प्रति हेक्टेयर की दर से अच्छी तरह मिला देना चाहिए लत्तर रोपाई के समय खेत को 3-4 बार देशी हल से जुताई करके पाटा चलाकर मिट्टी को भुरभुरा तथा समतल बना लेना आवश्यक है डंडाली, राजेन्द्र परवल-1, राजेन्द्र परवल-2, स्वर्ण रेखा, स्वर्ण अलौकिक, निमियां, सफेदा, सोनपुरा, संतोखबा, तिरकोलबा, गुथलिया की बिजाई कर सकते है परवल उगाने की निम्नलिखित विधियां हैं:-1. बीज द्वारा 2. जड़ों की कलम द्वारा. लत्ताओं की लच्छी द्वारा रोपाई का समय भिन्न-भिन्न स्थानों पर अलग-अलग होता है मैदानी भागों में परवल की रोपनी का उचित समय मध्य जुलाई से अक्टूबर तक और दियारा क्षेत्रों में सितम्बर से अक्टूबर तक होता है परवल में अलग-अलग पौधों पर नर और मादा फूल उत्पन्न होते हैं नर पुष्पों से फल नहीं बनते हैं बल्कि वे मादा पुष्पों में परागण का कार्य करते हैं जिसमें मादा पुष्पों से फल बनना सम्भव होता है नर पुष्प बड़े और सफेद होते हैं, जबकि मादा पुष्प थोड़ा छोटा और सफेद होता है, उसके नीचे गर्भाश्य जुड़ा रहता है जो कुछ दिनों में परागण के बाद बढ़कर फल बन जाता है इसका विस्तार लताओं या बेलों द्वारा किया जाता है परवल लगाने के समय नर और मादा पौधों का अनुपात 1:19 होना अनिवार्य है उपरोक्त अनुपात नहीं रहने पर उत्पादन में काफी कमी हो जाती है खेत में कतार से कतार की दूरी 2.5 मीटर तथा पौधे से पौधे की दूरी 1.5 मीटर रखना चाहिए साथ ही थल्ले, भूमि की सतह से 6-8 सेंमी. ऊँचाई पर बनाने चाहिए एक वर्ष पुरानी लताओं से 120-150 सेंमी. लम्बे टुकड़े काटकर इस प्रकार मोड़ना चाहिए कि लच्छी की लम्बाई 30 सेंमी. हो जाये तथा 10 सेंमी. गहरे थालों में इस प्रकार लगाया जाय कि दोनों सिरे ऊपर खुले रहें रोपनी के बाद और फल लगने के समय तक 4-5 बार निकाई-गुड़ाई करनी चाहिए ताकि लताओं की शाकीय वृद्धि तेजी से हो लताओं के बढ़ जाने पर इसकी अनावश्यक वृद्धि को रोकने के लिए बार-बार लताओं को हाथ से उलटते-पलटते रहना चाहिए ऐसा करने से गांठों से जड़ें निकलकर जमीन में प्रवेश नहीं कर पाती है और फलन अधिक होता है मार्च माह के मध्य से पौधों पर फल लगना शुरू हो जाता है प्रारम्भ में फल लगने के 10-12 दिनों के बाद फल तोड़ने लायक हो जाते हैं इस प्रकार मार्च एवं अप्रैल माह में फलों की तोडनी प्रति सप्ताह एक बार तथा मई में प्रति सप्ताह दो बार अवश्य करनी चाहिए फलों की तोड़ाई मुलायम एवं हरी अवस्था में सूर्योदय से पहले करनी चाहिए इससे फल अधिक समय तक ताजे बने रहते हैं धन्यवाद

Posted by ਮਨਭਿੰਦਰ ਸਿੰਘ
Punjab
21-01-2020 03:12 PM
ਗੁਰਪ੍ਰੀਤ ਜੀ, ਪੋਲੀਹਾਊਸ ਲਈ ਇੱਕ ਏਕੜ ਤੇ ਲੱਗਭੱਗ 40 ਲੱਖ ਰੁਪਏ ਖਰਚਾ ਆ ਸਕਦਾ ਹੈ ਜੀ ਬਾਕੀ ਇਸ ਦੀ ਸਬਸਿਡੀ ਲੈਣ ਦਾ ਸਹੀ ਤਰੀਕਾ ਸਮਝਣ ਦੀ ਜਰੂਰਤ ਹੈ ਇਸ ਲਈ ਡਿਟੇਲ ਨਾਲ ਜਾਣਕਾਰੀ ਲੈਣ ਲਈ ਇਹ ਵੀਡੀਓ ਦੇਖੋ ਜੀ ਇਸ ਵਿੱਚ ਵਿਸਥਾਰ ਨਾਲ ਦੱਸਿਆ ਗਿਆ ਹੈ ਜੇਕਰ ਫਿਰ ਵੀ ਕੁੱਝ ਪੁੱਛਣਾ ਹੋਵੇ ਤਾਂ ਤੁਸੀ ਸਵਾਲ ਪੁੱਛ ਸਕਦੇ ਹੋ https://www.youtube.com/watch v=TPuSMpWqzCc&t=21s ਧੰਨਵਾਦ

Posted by sonu
Uttar Pradesh
21-01-2020 03:11 PM
मोटे आलुओं की पैदावार के लिए 13:0:45 की 2 किलो और मैगनीश्यिम ई डी टी ए 100 ग्राम प्रति एकड़ की स्प्रे करें बीमारियों के हमले को रोकने के लिए फंगसनाशी प्रॉपीनेब 3 ग्राम प्रति लीटर पानी डालें, आलुओं का आकार और गिनती बढ़ाने के लिए हयूमिक एसिड (12 प्रतिशत) 3 ग्राम + एम ए पी 12:61:0 की 8 ग्राम या डी ए पी 15 ग्राम प्रति लीटर की स्प्रे पौ.... (Read More)
मोटे आलुओं की पैदावार के लिए 13:0:45 की 2 किलो और मैगनीश्यिम ई डी टी ए 100 ग्राम प्रति एकड़ की स्प्रे करें बीमारियों के हमले को रोकने के लिए फंगसनाशी प्रॉपीनेब 3 ग्राम प्रति लीटर पानी डालें, आलुओं का आकार और गिनती बढ़ाने के लिए हयूमिक एसिड (12 प्रतिशत) 3 ग्राम + एम ए पी 12:61:0 की 8 ग्राम या डी ए पी 15 ग्राम प्रति लीटर की स्प्रे पौधे की वृद्धि के समय करें

Posted by ravi
Madhya Pradesh
21-01-2020 03:11 PM
Ravi ji kripya aap apna swal vistar se pooche taki aapko iske bare men poori jankari di ja sake.dhanywad

Posted by Abhishek Kumar Yadav
Bihar
21-01-2020 03:10 PM
अभिषेक जी अभी आप गेंहू में पूरी मात्रा में खादें डाले खादों की पूरी मात्रा डालने के बाद भी अगर फसल की वृद्धि ना हो तो आप NPK 191919 @1 किलो को 150 लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे करें धन्यवाद

Posted by ravi
Madhya Pradesh
21-01-2020 03:09 PM
रवि जी कृपया आप अपना सवाल विस्तार से पूछे कि आप गेंहू के बारे में क्या जानकारी लेना चाहते है ताकि आपको इसके बारे में पूरी जानकारी दी जा सके धन्यवाद
Posted by Amit Kumar Bamoriya
Madhya Pradesh
21-01-2020 03:08 PM
अमित जी किसानो के साथ जानकारी सांझी करने के लिए आपका बहुत बहुत धन्यवाद
Posted by manas upadhyay
Uttar Pradesh
21-01-2020 03:07 PM
Manas ji you can contact to nearest Krishi Vigyan Kendra,Parwaha, Dibiyapur,Distt.- Auraiya - (U.P.)INDIA PIN - 206 244Tel. No.: 9760940402 they will provide you the proper report of soil.thank you
Posted by Chetan Singh
Uttar Pradesh
21-01-2020 02:54 PM
डॉ. दलाल घोल तैयार करने का फॉर्मूला:
• 2.5 किलो यूरिया, 2.5 किलो डी.ए.पी. और आधा किलो जिंक (21 प्रतिशत वाली) लें
• डी.ए.पी. को छिड़काव से एक दिन पहले प्लास्टिक या मिट्टी के बर्तन में भिगोकर रख दें और दिन में 2—3 बार इसे डंडे से हिलाते रहें इस प्रक्रिया से डी.ए.पी. खाद में मौजूद पोषक तत्व अच्छी तरह मिल जायेंगे
• इसके बाद छ.... (Read More)
डॉ. दलाल घोल तैयार करने का फॉर्मूला:
• 2.5 किलो यूरिया, 2.5 किलो डी.ए.पी. और आधा किलो जिंक (21 प्रतिशत वाली) लें
• डी.ए.पी. को छिड़काव से एक दिन पहले प्लास्टिक या मिट्टी के बर्तन में भिगोकर रख दें और दिन में 2—3 बार इसे डंडे से हिलाते रहें इस प्रक्रिया से डी.ए.पी. खाद में मौजूद पोषक तत्व अच्छी तरह मिल जायेंगे
• इसके बाद छिड़काव के समय यूरिया और जिंक को अलग अलग प्लास्टिक या मिट्टी के बर्तनों में पानी में घोल लें इसके बाद 100 लीटर पानी में इन्हें घोलकर फसल पर छिड़कें या फिर एक पैमाना तैयार कर लें और हर टैंकी में उस पैमाने के अनुसार घोली हुई खाद डालते रहें और बाकी पानी मिला लें
• इस बात का खास ध्यान रखें कि यह घोल तैयार करने के लिए किसी धातु के बर्तन का प्रयोग ना किया जाये और इस घोल का प्रयोग सिर्फ 100 लीटर पानी में ही किया जाये, ना कम ना ज्यादा
• फसल पर घोल की प्रक्रिया साधारण रखें पौधे पर एक ही जगह ज्यादा घोल का छिड़काव ना करें इससे पौधे के पत्तों को नुकसान पहुंच सकता है इस स्प्रे से पौधों को भरपूर पोषक तत्व मिल जायेंगे
Posted by BHERU LAL GURJAR
Rajasthan
21-01-2020 02:50 PM
BHERU LAL ji agar aap lat ki baat kar rahe hai to aap quinalphos@4ml ko prati litre pani ke hisab se spray karen.dhanywad

Posted by durgpal
Uttar Pradesh
21-01-2020 02:50 PM
durgpal ji yeh jhulas rog hai iske liye aap copper oxychloride@300 gram ko prati acre ke hisab se spray karen.dhanywad
Posted by sonu datt
Haryana
21-01-2020 02:49 PM
मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजि.... (Read More)
मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजित किया जा रहा है प्रशिक्षण कार्य कर्म में भाग लेने के लिए नीचे दिए गए नम्बर पर आज ही संपर्क करें और Rs 250/ से अपना रजिस्ट्रेशन करवाए अचल सिंह (फाउंडर )- 9711858258. धन्यवाद
Posted by kanwaljeet Singh
Punjab
21-01-2020 02:41 PM
kanwaljeet ji eh tust di starting hai isde layi tuc tilt@200ml nu prati acre de hisab nal spray karo.dhanwad
Posted by एम. के. रज़ा
Chattisgarh
21-01-2020 02:39 PM
उसे आप Bovimin-B powder 20-25gm रोजाना दें और Mintab tablet 1—1 गोली सुबह शाम दें इससे जल्दी हीट में आ जाएगी फिर आप क्रॉस करवा कर गाभिन करवा सकते है.
Posted by ਹਰਪਾਲ ਸਿੰਘ
Punjab
21-01-2020 02:37 PM
ਹਰਪਾਲ ਜੀ ਤੁਸੀ ਓਹਨਾ ਨੂੰ ਵਧਿਆ ਖੁਰਾਕ ਦੇ ਨਾਲ ਨਾਲ ਪੇਟ ਦੇ ਕੀੜਿਆਂ ਲਈ Bandykind plus bolus ਦਿਓ ਅਤੇ ਹਰ 3 ਮਹੀਨੇ ਬਾਦ ਸਾਲਟ ਬਦਲ ਕੇ ਗੋਲੀ ਜਰੂਰ ਦਿਓ, ਬਾਕੀ ਤੁਸੀ ਓਹਨਾ ਨੂੰ ਫੀਡ ਅਤੇ ਪਾਊਡਰ ਸ਼ੁਰੂਆਤ ਵਿਚ ਥੋੜਾ ਥੋੜਾ ਦਿਓ ਜਿਵੇਂ ਜਿਵੇਂ ਉਹ ਆਸਾਨੀ ਨਾਲ ਖਾਣ ਲੱਗ ਜਾਣ ਫਿਰ ਤੁਸੀ ਇਹਨਾਂ ਦੀ ਮਾਤਰਾ ਓਹਨਾ ਦੇ ਖਾਣ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਵਧਾ ਸਕਦੇ ਹੋ.

Posted by gurpal singh
Punjab
21-01-2020 02:36 PM
ਗੁਰਪਾਲ ਜੀ ਤੁਸੀ ਕਿਸਮਾਂ ਜਿਵੇ PL 891,DWRB 123,PL 419,PL 172 ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਧੰਨਵਾਦ
Posted by sukhwinder
Punjab
21-01-2020 02:32 PM
Sukhwinder ji tuc hun sirf 2,4 D di spray kar sakde ho isto ilava tuc koi hor spray di varto na karo.dhanwad
Posted by sanu singh
Uttar Pradesh
21-01-2020 02:31 PM
Sanu ji you can spray blitox@3 gram ko prati litre pani ke hisab se spray karen.dhanywad

Posted by Naseeb Rewad Kabbadi
Haryana
21-01-2020 02:28 PM
Naseeb ji kripya byate ke aapne isme kya ky akhaad ka istemal kiya hai taki aapko iske bare men poori jankari di ja sake.dhanywad
Posted by Pardeep singh
Haryana
21-01-2020 02:22 PM
Prdeep ji tuc mushroom da beej lain layi Ashok Vashist 7015136739 nal sampark kar sakde ho.dhanwad
Posted by Hariom
Uttar Pradesh
21-01-2020 02:21 PM
मोटे आलुओं की पैदावार के लिए 13:0:45 की 2 किलो और मैगनीश्यिम ई डी टी ए 100 ग्राम प्रति एकड़ की स्प्रे करें बीमारियों के हमले को रोकने के लिए फंगसनाशी प्रॉपीनेब 3 ग्राम प्रति लीटर पानी डालें आलुओं का आकार और गिणती बढ़ाने के लिए हयूमिक एसिड (12 प्रतिशत) 3 ग्राम + एम ए पी 12:61:0 की 8 ग्राम या डी ए पी 15 ग्राम प्रति लीटर की स्प्रे पौध.... (Read More)
मोटे आलुओं की पैदावार के लिए 13:0:45 की 2 किलो और मैगनीश्यिम ई डी टी ए 100 ग्राम प्रति एकड़ की स्प्रे करें बीमारियों के हमले को रोकने के लिए फंगसनाशी प्रॉपीनेब 3 ग्राम प्रति लीटर पानी डालें आलुओं का आकार और गिणती बढ़ाने के लिए हयूमिक एसिड (12 प्रतिशत) 3 ग्राम + एम ए पी 12:61:0 की 8 ग्राम या डी ए पी 15 ग्राम प्रति लीटर की स्प्रे पौधे की वृद्धि के समय करें
Posted by Ram Prasad
Himachal Pradesh
21-01-2020 02:18 PM
Grass which is used to grow in lawn is called as green grass.thank you
Posted by karamjeet singh
Punjab
21-01-2020 02:10 PM
karamjeet ji kinnu de bagh nu urea payi jandi hai jo ke february mahine vich payi jandi hai.dhanwad

Posted by palvinder singh
Punjab
21-01-2020 02:09 PM
ਸ੍ਰੀ ਮਾਨ ਜੀ ਚੰਦਨ ਦੀ ਖੇਤੀ ਫਾਇਦੇਮੰਦ ਹੈ ਚੰਦਨ ਦੀ ਖੇਤੀ ਪੰਜਾਬ ਵਿਚ ਕਈ ਕਿਸਾਨਾਂ ਵੱਲੋਂ ਕੀਤੀ ਜਾ ਰਹੀ ਹੈ.. Red sandalwood, white sandalwood ਚੰਦਨ ਦੀਆਂ ਕਿਸਮਾਂ ਹਨ.. ਇਸਦੀ ਖੇਤੀ ਲਈ ਜਮੀਨ ਨੂੰ ਅਪ੍ਰੈਲ-ਮਈ ਮਹੀਨੇ ਵਿਚ ਤਿਆਰ ਕਿੱਤਾ ਜਾਂਦਾ ਹੈ.. ਇਸਦੀ ਬਿਜਾਈ ਮਈ-ਅਕਤੂਬਰ ਮਹੀਨੇ ਵਿਚ ਕਿੱਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਪਰ ਇਸਨੂੰ ਬੀਜਣ ਦਾ ਸਬ ਤੋਂ ਸਹੀ ਸਮਾਂ ਜੁਲਾਈ-ਅਗਸਤ ਮਹੀਨੇ ਹਨ.. ਪੌਧੇ ਤੋਂ ਪੌਧੇ ਦੀ ਦੂਰੀ .... (Read More)
ਸ੍ਰੀ ਮਾਨ ਜੀ ਚੰਦਨ ਦੀ ਖੇਤੀ ਫਾਇਦੇਮੰਦ ਹੈ ਚੰਦਨ ਦੀ ਖੇਤੀ ਪੰਜਾਬ ਵਿਚ ਕਈ ਕਿਸਾਨਾਂ ਵੱਲੋਂ ਕੀਤੀ ਜਾ ਰਹੀ ਹੈ.. Red sandalwood, white sandalwood ਚੰਦਨ ਦੀਆਂ ਕਿਸਮਾਂ ਹਨ.. ਇਸਦੀ ਖੇਤੀ ਲਈ ਜਮੀਨ ਨੂੰ ਅਪ੍ਰੈਲ-ਮਈ ਮਹੀਨੇ ਵਿਚ ਤਿਆਰ ਕਿੱਤਾ ਜਾਂਦਾ ਹੈ.. ਇਸਦੀ ਬਿਜਾਈ ਮਈ-ਅਕਤੂਬਰ ਮਹੀਨੇ ਵਿਚ ਕਿੱਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਪਰ ਇਸਨੂੰ ਬੀਜਣ ਦਾ ਸਬ ਤੋਂ ਸਹੀ ਸਮਾਂ ਜੁਲਾਈ-ਅਗਸਤ ਮਹੀਨੇ ਹਨ.. ਪੌਧੇ ਤੋਂ ਪੌਧੇ ਦੀ ਦੂਰੀ 3ਮੀਟਰ ਹੋਣੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ.. ਯੂਰੀਆ@50ਗ੍ਰਾਮ/ਪੇੜ/ਸਾਲ,ਐਸ ਐਸ ਪੀ@100ਗ੍ਰਾਮ/ਪੇੜ/ਸਾਲ, ਐਮਓਪੀ @40ਗ੍ਰਾਮ/ਪੇੜ/ਸਾਲ ਨੂੰ ਦੋ ਹਿੱਸਿਆਂ ਵਿਚ ਦੇਣਾ ਹੈ .. ਪਹਿਲੀ ਡੋਜ਼ ਮਾਰਚ-ਅਪ੍ਰੈਲ ਮਹੀਨੇ ਵਿਚ ਅਤੇ ਦੂਜੀ ਡੋਜ਼ ਸਿਤਮਬਰ-ਅਕਤੂਬਰ ਮਹੀਨੇ ਵਿਚ ਦੇਣੀ ਹੈ.. ਇਸਦੇ ਬੂਟੇ ਲੈਣ ਲਈ Arun Khurmi ਨੂੰ 9878123123 ਸੰਪਰਕ ਕਰੋ ਇਹਨਾਂ ਤੋਂ ਹੀ ਤੁਹਾਨੂੰ ਚੰਦਨ ਬਾਰੇ ਸਾਰੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਮਿਲ ਜਾਏਗੀ ਧੰਨਵਾਦ
Posted by roopkhatrao
Punjab
21-01-2020 02:06 PM
Roop ji kirpa krke apna swal vistar nal pusho ji tuci ki jankari lena chahunde ho tan jo tuhanu sahi jankari diti ja skee.

Posted by Devendra Kumar
Uttar Pradesh
21-01-2020 02:05 PM
Devendra ji aap iske uper NPK 191919@1 kilo ko 150 litre pani ke hisab se spray karen.dhanywad

Posted by jetendra singh
Uttar Pradesh
21-01-2020 01:55 PM
आम की खेती कईं तरह की मिट्टी में की जा सकती है इसकी खेती के लिए घनी ज़मीन, जो 4 फुट की गहराई तक सख्त ना हो, की जरूरत होती है मिट्टी की पी एच 8.5 प्रतिशत से कम होनी चाहिए ज़मीन की अच्छी तरह जोताई करें और फिर समतल करें ज़मीन को इस तरह तैयार करें ताकि खेत में पानी ना खड़ा हो ज़मीन को समतल करने के बाद एक बार फिर गहरी जोताई करक.... (Read More)
आम की खेती कईं तरह की मिट्टी में की जा सकती है इसकी खेती के लिए घनी ज़मीन, जो 4 फुट की गहराई तक सख्त ना हो, की जरूरत होती है मिट्टी की पी एच 8.5 प्रतिशत से कम होनी चाहिए ज़मीन की अच्छी तरह जोताई करें और फिर समतल करें ज़मीन को इस तरह तैयार करें ताकि खेत में पानी ना खड़ा हो ज़मीन को समतल करने के बाद एक बार फिर गहरी जोताई करके ज़मीन को अलग अलग भागों में बांट दें फासला जगह के हिसाब से अलग-अलग होना चाहिए पौधे अगस्त से सितंबर और फरवरी मार्च के महीने में बोये जाते हैं पौधे हमेशा शाम को ठंडे समय में बोयें फसल को तेज हवा से बचाएं कलमी किस्मों के लिए 10 मीटर x 10 मीटर फासले का प्रयोग करें और मध्यम घनता की रोपाई के लिए 5 x 5 मीटर फासले का प्रयोग करें रोपाई के लिए वर्गाकार प्रणाली का प्रयोग करें
बिजाई से एक महीना पहले 1x1x1 मीटर के आकार के गड्ढे 10x10 मीटर के फासले पर खोदें गड्ढों को सूर्य की रोशनी में खुला छोड़ दें फिर इन्हें मिट्टी में 30-40 किलो रूड़ी की खाद और 1 किलो सिंगल सुपर फासफेट मिलाकर भर दें बिजाई वर्गाकार और 6 भुजाओं वाले तरीके से की जा सकती है 6 भुजाओं वाले तरीके से बिजाई करने से 15 प्रतिशत वृक्ष ज्यादा लगाए जा सकते हैं
Posted by sukhwinder
Punjab
21-01-2020 01:52 PM
Sukhwinder ji kanak hun bhut vaddi ho chuki hai isde uper sirf hun 2,4 D di spray kar sakde ho jisdi matra 250ml nu prati acre de hisab nal spray karo.dhanwad
Posted by sukh
Punjab
21-01-2020 01:50 PM
ਸੁਖ ਜੀ ਇਸਦੇ ਪੱਤਿਆਂ ਹੇਠਾਂ ਮੱਛਰ ਦਾ ਹਮਲਾ ਚੈੱਕ ਕਰੋ ਜੇਕਰ ਮੌਜੂਦ ਹੈ ਤਾ ਤੁਸੀ imidacloprid @1.5ml ਨੂੰ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਸਪਰੇ ਕਰੋ ਧੰਨਵਾਦ

Posted by Himanshu singh
Uttar Pradesh
21-01-2020 01:42 PM
Himanshu singh ji pyaj ki pond lene ke lia aap Mohhamad 8427857130 VNR SEED Pvt.Ltd. se sampark kar sakte hia, Thankyou.

Posted by nav shah
Punjab
21-01-2020 01:39 PM
ਤੁਸੀ 250 ਗ੍ਰਾਮ ਗੁੜ ਅਤੇ 1 ਕਿਲੋ ਦਲੀਆ ਚੰਗੀ ਤ੍ਰਾਹ ਰਿਨ ਕੇ ਫਿਰ ਉਸ ਵਿਚ 100 ਗ੍ਰਾਮ ਸਰੋਂ ਦਾ ਤੇਲ ਮਿਕਸ ਕਰੋ , ਇਸ ਨੂੰ ਤੁਸੀ ਅੱਧਾ ਅੱਧਾ ਕਰਕੇ 5-7 ਦਿਨ ਸਵੇਰੇ ਸ਼ਾਮ ਦੇ ਸਕਦੇ ਹੋ , ਬਾਕੀ ਤੁਸੀ Lactomax tablet 10 ਗੋਲੀਆਂ ਰੋਜਾਨਾ 20 ਦਿਨ ਤਕ ਦਿਓ ਅਤੇ ਉਸ ਨੂੰ Glactogog powder 1-1 ਪਾਉਚ ਸਵੇਰੇ ਸ਼ਾਮ ਦਿਓ .
Posted by Harvinder singh
Punjab
21-01-2020 01:37 PM
ਹਰਵਿੰਦਰ ਜੀ ਇਸਦੇ ਰੇਟ ਦੀ ਸਹੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਤੁਹਾਨੂੰ ਲੋਕਲ market ਵਿੱਚੋ ਹੀ ਮਿਲੇਗੀ online ਇਸਦਾ ਰੇਟ 715 ਤਕ ਚਲ ਰਿਹਾ ਹੈ ਧੰਨਵਾਦ
Posted by triloki nath Tiwari
Bihar
21-01-2020 01:34 PM
त्रिलोक जी कृपया आप वांगेहुआं की फोटो भेजे ताकि आपको उसके हिसाब से जानकारी दी जा सके धन्यवाद
Posted by itslovepreet01
Chandigarh
21-01-2020 01:26 PM
ਖੁੰਬਾ ਦੀਆ ਕਿਸਮਾਂ ਕਈ ਤਰਾਂ ਦੀਆ ਹੁੰਦੀਆਂ ਹਨ ਜਿਵੇਂ ਬਟਨ ਖੁੰਬ, ਢੀਂਗਰੀ, ਸ਼ਟਾਕੀ ਖੁੰਬ, ਪਰਾਲੀ ਖੁੰਬ ਅਤੇ ਮਿਲਕੀ ਖੁੰਬ, ਇਹਨਾਂ ਵਿੱਚੋਂ ਕੁੱਝ ਖੁੰਬਾ ਸਰਦੀਆਂ ਦੇ ਮੌਸਮ ਅਤੇ ਕੁੱਝ ਗਰਮੀਆਂ ਦੇ ਮੌਸਮ ਵਿੱਚ ਲਗਾਈ ਜਾਂਦੀਆਂ ਹਨ ਅਤੇ ਹਰ ਇਕ ਖੁੰਬ ਨੂੰ ਲਗਾਉਣ ਦਾ ਸਮਾਂ ਅਲਗ ਅਲਗ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਜਿਵੇ *ਬਟਨ ਖੁੰਬ ਦਾ ਸਮਾਂ ਸਤੰਬਰ ਤੋਂ ਮਾਰਚ ਤਕ ਹੈ ਇਸ ਸਮੇ ਵਿੱਚ ਆਪਾ ਇਸ ਤੋਂ 2 ਫਸਲਾਂ ਲ.... (Read More)
ਖੁੰਬਾ ਦੀਆ ਕਿਸਮਾਂ ਕਈ ਤਰਾਂ ਦੀਆ ਹੁੰਦੀਆਂ ਹਨ ਜਿਵੇਂ ਬਟਨ ਖੁੰਬ, ਢੀਂਗਰੀ, ਸ਼ਟਾਕੀ ਖੁੰਬ, ਪਰਾਲੀ ਖੁੰਬ ਅਤੇ ਮਿਲਕੀ ਖੁੰਬ, ਇਹਨਾਂ ਵਿੱਚੋਂ ਕੁੱਝ ਖੁੰਬਾ ਸਰਦੀਆਂ ਦੇ ਮੌਸਮ ਅਤੇ ਕੁੱਝ ਗਰਮੀਆਂ ਦੇ ਮੌਸਮ ਵਿੱਚ ਲਗਾਈ ਜਾਂਦੀਆਂ ਹਨ ਅਤੇ ਹਰ ਇਕ ਖੁੰਬ ਨੂੰ ਲਗਾਉਣ ਦਾ ਸਮਾਂ ਅਲਗ ਅਲਗ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਜਿਵੇ *ਬਟਨ ਖੁੰਬ ਦਾ ਸਮਾਂ ਸਤੰਬਰ ਤੋਂ ਮਾਰਚ ਤਕ ਹੈ ਇਸ ਸਮੇ ਵਿੱਚ ਆਪਾ ਇਸ ਤੋਂ 2 ਫਸਲਾਂ ਲੈ ਸਕਦੇ ਹਾਂ, ਸ਼ਟਾਕੀ ਖੁੰਬ ਦਾ ਸਮਾਂ ਅਕਤੂਬਰ ਤੋਂ ਅੱਧ ਫਰਵਰੀ ਤਕ ਹੈ ਆਪਾ ਇਸ ਤੋਂ 1 ਫ਼ਸਲ ਹੀ ਲੈ ਸਕਦੇ ਹਾਂ * *ਪਰਾਲੀ ਖੁੰਬ ਦਾ ਸਮਾਂ ਅਪ੍ਰੈਲ ਤੋਂ ਅਗਸਤ ਤਕ ਹੈ ਆਪਾ ਇਸ ਤੋਂ 4 ਫਸਲਾਂ ਲੈ ਸਕਦੇ ਹਾਂ * ਮਿਲਕੀ ਖੁੰਬ ਦਾ ਸਮਾਂ ਅਪ੍ਰੈਲ ਤੋਂ ਸਤੰਬਰ ਤਕ ਹੈ ਤੁਸੀ ਹੁਣ ਅਪ੍ਰੈਲ ਵਿਚ ਪਰਾਲੀ ਜਾ ਮਿਲਕੀ ਖੁੰਬ ਲਗਾ ਸਕਦੇ ਹੋ ਪਰਾਲੀ ਖੁੰਬ ਦੇ ਲਈ ਤੁਹਾਨੂੰ ਪਰਾਲੀ,ਬੀਜ,ਬਾਂਸ, ਸੇਬਾ ਆਦਿ ਦੀ ਜ਼ਰੂਰਤ ਹੈ *ਪਰਾਲੀ ਦੇ ਪੂਲੇ*-- ਝੋਨੇ ਦੀ ਪਰਾਲੀ ਦੇ 1-1 ਕਿਲੋ ਦੇ ਪੂਲੇ ਦੋਨੋ ਸਿਰਿਆ ਤੋਂ ਸੇਬੇ ਨਾਲ ਬੰਨ ਕੇ ਤਿਆਰ ਕੀਤੇ ਜਾਂਦੇ ਹਨ ਪੂਲੇ ਦੇ ਸਿਰੇ ਕਟ ਕ ਇਕ ਬਰਾਬਰ ਕਰ ਲਏ ਜਾਂਦੇ ਹਨ *ਪੂਲਿਆ ਦੀ ਕਿਆਰੀ ਲਗਾਉਣਾ*---ਪਰਾਲੀ ਦੇ ਪੂਲਿਆ ਨੂੰ ਸਾਫ ਪਾਣੀ ਵਿਚ 16-20 ਘੰਟੇ ਲਈ ਡਬੋ ਦਇਓ ਗਿਲੇ ਪੂਲਿਆ ਨੂੰ ਢਲਾਨ ਤੇ ਰੱਖ ਕੇ ਵਾਧੂ ਪਾਣੀ ਨਿਕਲਣ ਦਇਓ ਕਮਰੇ ਚ ਇੱਟਾਂ ਤੇ ਬਾਂਸ ਦਾ ਇਕ ਢਕਵਾ ਪਲੇਟਫਾਰਮ ਬਣਾਓ, ਇਸ ਪਲੇਟਫਾਰਮ ਤੇ 5 ਪੂਲਿਆ ਦੀ ਇਕ ਤਹਿ ਲਗਾਓ, ਜਿਸ ਉਪਰ ਲਗਭਗ 75 ਗ੍ਰਾਮ ਬੀਜ ਪਾਓ. ਇਸ ਤੋਂ ਉਪਰ ਵਾਲੀ ਤਹਿ ਉਲਟ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਇਸ ਤਰਾਂ 5-5 ਪੂਲਿਆ ਦੀਆ 4 ਤਹਿਆ ਵਿਚ 300 ਗ੍ਰਾਮ ਬੀਜ ਪਾ ਕ ਇਕ ਕਿਆਰੀ ਤਿਆਰ ਕੀਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਸਭ ਤੋਂ ਉਪਰ 2 ਪੂਲੇ ਖੋਲ ਕੇ ਰੱਖ ਦਿਤੇ ਜਾਂਦੇ ਹਨ *ਖੁੰਬਾ ਦਾ ਫੁੱਟਣਾ*---ਬਿਜਾਈ ਤੋਂ 7-9 ਦਿਨਾਂ ਬਾਅਦ ਖੁੰਬਾਂ ਫੁਟਣ ਲਗ ਪੈਂਦੀਆਂ ਹਨ *ਪਾਣੀ ਤੇ ਹਵਾ ਦਾ ਸੰਚਾਰ*-- ਬਿਜਾਈ ਦੇ 2 ਦਿਨ ਬਾਅਦ ਹਰ ਰੋਜ ਪਾਣੀ ਦਾ ਛਿੜਕਾਅ ਕੀਤਾ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਖੁੰਬਾਂ ਫੁਟਣ ਉਪਰੰਤ ਹਵਾ ਦਾ ਸੰਚਾਰ 6-8 ਘੰਟੇ ਪ੍ਰਤੀ ਦਿਨ ਕੀਤਾ ਜਾਂਦਾ ਹੈ * ਖੁੰਬਾਂ ਦੀ ਤੁੜਾਈ*-- ਖੁੰਬਾਂ ਫੁੱਟਣ ਉਪਰੰਤ 1-2 ਦਿਨਾਂ ਵਿਚ ਤੋੜਨ ਯੋਗ ਹੋ ਜਾਂਦੀਆਂ ਹਨ **ਮਿਲਕੀ ਖੁੰਬ** ਮਿਲਕੀ ਖੁੰਬ ਲਈ ਤੂੜੀ ,ਬੀਜ ,ਮੋਮੀ ਲਿਫਾਫੇ(12×16),ਸੇਬਾ,ਕੇਸਿੰਗ, ਮਿਟੀ ਆਦਿ ਚਾਹੀਦੇ ਹਨ *ਤੂੜੀ ਦੀ ਤਿਆਰੀ*--ਸੁਕੀ ਤੂੜੀ ਨੂੰ ਪੱਕੇ ਫ਼ਰਸ਼ ਤੇ ਵਿਛਾ ਕੇ 16-20 ਘੰਟੇ ਪਾਣੀ ਨਾਲ ਗਿਲਾ ਕਰੋ, ਗਿਲੀ ਤੂੜੀ ਨੂੰ ਬੋਰੀ ਵਿਚ ਭਰ ਕੇ ਸੇਬੇ ਨਾਲ਼ ਬੰਨ ਦਇਓ. ਇਸ ਬੋਰੀ ਨੂੰ ਉਬਲਦੇ ਪਾਣੀ ਵਿਚ 45-50 ਮਿੰਟ ਲਈ ਰੱਖੋ, ਤੂੜੀ ਨੂੰ ਕੱਢ ਕੇ ਪੱਕੇ ਫ਼ਰਸ਼ ਤੇ ਵਿਛਾ ਕੇ ਠੰਡਾ ਕਰ ਲਓ ਇਹ ਤੂੜੀ ਬਿਜਾਈ ਲਈ ਤਿਆਰ ਹੈ *ਬਿਜਾਈ*--- ਠੰਡੀ ਤੂੜੀ ਵਿਚ ਬੀਜ ਰਲਾ ਕੇ ਮੋਮੀ ਲਿਫਾਫੇ ਵਿਚ ਭਰ ਦਇਓ 1 ਮੋਮੀ ਲਿਫਾਫੇ ਵਿਚ ਲਗਭਗ 2 ਕਿਲੋ ਗਿਲੀ ਤੂੜੀ ਅਤੇ 70-80 ਗ੍ਰਾਮ ਬੀਜ ਪੈਂਦਾ ਹੈ. ਲਿਫਾਫੇ ਦੇ ਮੂੰਹ ਨੂੰ ਸੇਬੇ ਨਾਲ ਬੰਨ ਕੇ ਕਮਰੇ ਵਿਚ ਰੱਖ ਦਇਓ *ਕੇਸਿੰਗ*--ਬਿਜਾਈ ਦੇ 2-3 ਹਫਤਿਆਂ ਬਾਅਦ ਲਿਫਾਫੇ ਖੋਲ ਕੇ ਕੇਸਿੰਗ ਦੀ 1-1.5 ਦੀ ਤਹਿ ਲਗਾ ਦਇਓ, ਕੇਸਿੰਗ ਵਿਚ ਰੂੜੀ ਤੇ ਰੇਤਲੀ ਮਿਟੀ(4:1) ਹੁੰਦੀ ਹੈ. ਜੋ ਕ 24 ਘੰਟਿਆ ਲਈ 4% ਫਾਰਮਲੇਨ ਦੇ ਘੋਲ਼ ਨਾਲ ਜੀਵਣੁ ਰਹਿਤ ਕੀਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ *ਖੁੰਬਾਂ ਦਾ ਫੁੱਟਣਾ*-- ਕੇਸਿੰਗ ਮਿਟੀ ਪਾਉਣ ਤੋਂ ਲਗਭਗ 2 ਹਫਤਿਆਂ ਵਿਚ ਖੁੰਬਾਂ ਦੇ ਛੋਟੇ-ਛੋਟੇ ਕਿਣਕੇ ਨਿਕਲਣੇ ਸ਼ੁਰੂ ਹੋ ਜਾਂਦੇ ਹਨ ਜੋ ਕ 4-5 ਦਿਨਾਂ ਵਿਚ ਤੋੜਨ ਯੋਗ ਹੋ ਜਾਂਦੇ ਹਨ. ਖੁੰਬਾਂ ਦੀ ਤੁੜਾਈ ਲਗਭਗ 35 -40 ਦਿਨਾਂ ਤਕ ਕੀਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ
Posted by Jagdish Kumar
Rajasthan
21-01-2020 01:25 PM
पहली सिंचाई के लिए बिजाई के 30-40 दिनों के बाद पहली सिंचाई करें और दूसरी सिंचाई बिजाई के 70-80 दिनों के बाद करें फूल और कलियां बनने की अवस्थाएं सिंचाई के लिए गंभीर होती हैं इन अवस्थाओं में पानी की कमी उपज को गंभीर रूप से प्रभावित करती है मिट्टी की किस्म, पानी की उपलब्धता आदि के आधार पर सिंचाई करें
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