
Posted by Jaskaran singh
Punjab
24-01-2020 01:18 PM
Jaskaran Singh ji, flowering stage te tusi tamatar vich NPK 130045 @ 10 gram prati liter pani de hisaab nal spray karo, is di spary nal fal changa banda hai ate jhaad vich vi vadha hunda hai, dhanwad

Posted by navvinder singh
Punjab
24-01-2020 01:11 PM
Navvinder singh ji ABS da semen len lai tusi Goldy 7508800056,9592760500 (Novax Dairy Assist) nal samparak kar sakde ho, Thankyou.

Posted by Nissan singh
Punjab
24-01-2020 01:02 PM
tuci uss nu Bovimin-B powder 50-50gm swere sham dena suru kro ate jddo ohh puuri heat vich aa jawe fir tuci uss nu gaban krwa skde ho..
Posted by Kirandeep Singh
Punjab
24-01-2020 12:56 PM
Kirandeep Singh ji, eh pilli kungi de lasshan lag rahe hain, tusi patte upar hath lga ke dekho jekar hath upar haldi varga powder lagda hai tan eh pilli kungi hai, tusi si di roktham layi is vich tilt @ 200 ml nu 150 liter pani vich mila ke prati acre de hisaab nal spray karo, dhanwad
Posted by Mahendar Singh
Rajasthan
24-01-2020 12:54 PM
महेन्दर जी, आप अनार की किस्में जैसे कि Ganesh, Jodhpur Local, Kandhari, Seedless (Bedana), Jyothi, Mridula, Ruby की बिजाई कर सकते हैं, बसंत के मौसम में रोपाई के लिए फरवरी-मार्च का समय उपयुक्त होता है और उष्ण कटिबंधीय और उप उष्ण कटिबंधीय क्षेत्रों में रोपाई के लिए जुलाई - अगस्त का समय उपयुक्त होता है धन्यवाद

Posted by ਹਰਮਨਜੀਤ ਸਿੰਘ ਢਿੱਲੋਂ
Punjab
24-01-2020 12:45 PM
Lactin bolus Tineta pharma company da product hai tuci Lactomin v use krr skde ho, ehna de nal nal Lactomood homeopathic dwai dia 10-10 drops din vich 3 varr deo ate milkout powder 2-2 chamch swere sham deo..
Posted by महेन्द्र सिंह पंवार मुरडका
Madhya Pradesh
24-01-2020 12:43 PM
महेन्द्र सिंह पंवार जी, आप ठण्ड से अपनी फ़सल को बचाने के लिए इसमें हलकी सिंचाई करें और इसमें carbendazim @ 4 ग्राम यां mancozeb @ 4 ग्राम प्रति लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे करें, धन्यवाद
Posted by RAVENDRA SINGH
Uttar Pradesh
24-01-2020 12:32 PM
रावेन्द्र जी, यह सुंडी का हमला हुआ है, सुंडी की रोकथाम के लिए आप इसमें quinalphos @ 400 ml को 150 लीटर पानी में मिला कर प्रति एकड़ के हिसाब से स्प्रे करें, धन्यवाद

Posted by KHUSHWANT
Rajasthan
24-01-2020 12:17 PM
Khushwant ji tuci ohna de penn wale pani 1 litre vich 1 chamch namak mix krke pani pilao ate ohna nu B-complex liquid 15ml/100birds de hisab nal deo, baki ohna nu thndd ton bacha ke rakho ate shedd nu cover krke rakho ji.

Posted by harppret
Punjab
24-01-2020 12:14 PM
Harpreet ji tuc isde uper hoshi@400ml nu prati acre de hisab nal spray karo.dhanwad

Posted by shamsher Singh
Punjab
24-01-2020 11:42 AM
ਸ਼ਮਸ਼ੇਰ ਜੀ, ਇਸ ਵਿੱਚ manganese ਦੀ ਘਾਟ ਦੇ ਲੱਛਣ ਨਜ਼ਰ ਆ ਰਹਿ ਹਨ, ਤੁਸੀਂ ਫ਼ਸਲ ਵਿੱਚ manganese sulphate @ 1 ਕਿਲੋ ਨੂੰ 150 ਲਿਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿੱਚ ਮਿਲਾ ਕੇ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਸਪਰੇ ਕਰੋ, ਧੰਨਵਾਦ
Posted by amit pandey
Uttar Pradesh
24-01-2020 11:42 AM
Amit ji usko aap pett ke kirro ke liye Bandykind plus bolus den aur Cargill ki heifer dry feed deni suru kren aur Cafplan powder 100gm rojana dena suru kren, isse achi growth ho jayegi.

Posted by virendra singh
Madhya Pradesh
24-01-2020 11:41 AM
वीरेंदर जी, गेहूं की बिजाई के लिए JW 1201 (6 क्विंटल/बीघा), GW 322 (7-8 क्विंटल/बीघा), HI 8498 (7-8 क्विंटल/बीघा), HI 1544 (6-7क्विंटल/बीघा), JW 1203 (4-5क्विंटल/बीघा) की बिजाई कर सकते हो धन्यवाद
Posted by vivek Kumar
Uttar Pradesh
24-01-2020 11:37 AM
Vivek Kumar ji, aam ka ped apne samay ke hisaab se vikaas karenge, aap isme samay samay par sifarish ki gayi khaad ka istemal karein, keet or bimari ke hamle ki jaanch rakhein, sinchai parbandhan sahi rakhein, isse yeh accha vikaas kar jaye ga, dhanywad

Posted by manpreet singh
Punjab
24-01-2020 11:37 AM
ਮਨਪ੍ਰੀਤ ਜੀ, ਕੇਲੇ ਦਾ ਝਾੜ ਇਸਦੀ ਕਿਸਮ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਹੀ ਹੁੰਦਾ ਹੈ, ਕਿਰਪਾ ਕਰ ਕੇ ਦੱਸੋ ਕੇ ਤੁਸੀਂ ਕਿਸ ਕਿਸਮ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਕੀਤੀ ਹੈ, ਤਾਂ ਜੋ ਤੁਹਾਨੂੰ ਉਸਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਇਸ ਬਾਰੇ ਜਾਣਕਾਰੀ ਦਿੱਤੀ ਜਾ ਸਕੇ, ਧੰਨਵਾਦ
Posted by पौंठी विकास समिति
Uttarakhand
24-01-2020 11:37 AM
विकास जी आप साहीवाल, जर्सी, एच एफ किसी भी नस्ल को रख सकते है

Posted by Sanjay Pandey
Uttar Pradesh
24-01-2020 11:35 AM
उसे आप IVermectin & albendazole syrup 5 मि.ली. करके दो दिन दें और Microtone pet liquid 5-5ml सुबह शाम देना शुरू करें इससे फर्क पड़ जाएगा
Posted by gurbir gill
Punjab
24-01-2020 11:35 AM
ਗੁਰਬੀਰ ਜੀ, ਤੁਸੀਂ ਫਰਵਰੀ ਮਹੀਨੇ ਵਿੱਚ ਗੁਲਦਾਉਦੀ ਅਤੇ ਗੇਂਦਾ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ, ਧੰਨਵਾਦ

Posted by arvindbhai
Gujarat
24-01-2020 11:22 AM
अरविंदभाई जी इसके बारे में विस्तार में जानकारी के लिए आप विजय शर्मा से संम्पर्क 7065414241 कर सकते हैं धन्यवाद
Posted by mp saini
Rajasthan
24-01-2020 11:08 AM
मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजि.... (Read More)
मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजित किया जा रहा है प्रशिक्षण कार्य कर्म में भाग लेने के लिए नीचे दिए गए नम्बर पर आज ही संपर्क करें और Rs 250/ से अपना रजिस्ट्रेशन करवाए अचल सिंह (फाउंडर )- 9711858258. धन्यवाद

Posted by ਗੁਰਪ੍ਰੀਤ ਸਿੰਘ
Punjab
24-01-2020 11:08 AM
ਗੁਰਪ੍ਰੀਤ ਸਿੰਘ ਜੀ, ਸਲਫ਼ਰ ਜਮੀਨ ਦੀ ਪਾਣੀ ਸੋਖਣ ਦੀ ਸਮਰੱਥਾ ਜ਼ਿਆਦਾ ਕਰ ਦੇਂਦਾ ਹੈ ਅਤੇ ਇਹ ਇਕ fungicide ਦੀ ਤਰਾਹ ਵੀ ਕਾਮ ਕਰਦਾ ਹੈ, ਫ਼ਸਲ ਵਿੱਚ ਫੰਗਸ ਨਾਲ ਹੋਣ ਵਾਲਿਆਂ ਬਿਮਾਰੀਆਂ ਨਾਲ ਲੜਨ ਦੀ ਸਮਰੱਥਾ ਵੀ ਰੱਖਦਾ ਹੈ, ਇਹ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾ 3 ਤੋਂ 4 ਕਿਲੋ ਪੈਂਦੀ ਹੈ, ਧੰਨਵਾਦ
Posted by mp saini
Rajasthan
24-01-2020 11:07 AM
Shrimaan ji, kripya ap apna sawal vishthar se puchien ke ap kis bare mein jankari lena chahte hain, taki apko uske hisaab se jankari di ja sake, dhanywad

Posted by Jagtar Singhj
Punjab
24-01-2020 10:44 AM
ਜਗਤਾਰ ਜੀ ਇਸ ਬਾਰੇ ਪੂਰੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਲੈਣ ਲਈ ਤੁਸੀ ਮੇਰੇ ਨਾਲ ਸੰਪਰਕ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਮੇਰਾ ਸੰਪਰਕ ਨੰਬਰ ਹੈ :-94780 21361

Posted by vikky kumar
Bihar
24-01-2020 10:40 AM
Vikky Kumar ji, isme ap macchar ke hamle ki jaanch karein, agar hamla mojood ho to ap isme imidacloprid @ 1.5 ml ko 150 liter pani mein mila kar prati acre ke hisaab se spray karein, dhanywad
Posted by ਜਗਜੀਤ ਸਿੰਘ
Punjab
24-01-2020 10:37 AM
ਇਸ ਨੂੰ ਤੁਸੀ Agrimin powder 50-50gm ਸਵੇਰੇ ਸ਼ਾਮ ਦੇਣਾ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ ਅਤੇ Agrimin-i tablet ਰੋਜਾਨਾ ਇਕ ਗੋਲੀ ਦੇਣੀ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ ਅਤੇ 21 ਦਿਨ ਤਕ ਦਿੰਦੇ ਰਹੋ ਅਤੇ ਵਧਿਆ ਮਾਤਰਾ ਵਿਚ ਹਰਾ ਚਾਰਾ ਅਤੇ ਫੀਡ ਦੇਣੀ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ..

Posted by Durgesh Oraon
Jharkhand
24-01-2020 09:55 AM
तरबूज़ गहरी उपजाऊ और अच्छे निकास वाली मिट्टी में अच्छा उगता है यह रेतली या रेतली दोमट मिट्टी में उगाने पर ज्यादा पैदावार देता है पानी के घटिया निकास वाली मिट्टी इसकी खेती के लिए उपयुक्त नहीं है इस फसल के लिए फसली चक्र अपनायें, क्योंकि एक ही खेत में बार-बार एक ही फसल उगाने से पोषक तत्व नष्ट होते हैं, पैदावार कम.... (Read More)
तरबूज़ गहरी उपजाऊ और अच्छे निकास वाली मिट्टी में अच्छा उगता है यह रेतली या रेतली दोमट मिट्टी में उगाने पर ज्यादा पैदावार देता है पानी के घटिया निकास वाली मिट्टी इसकी खेती के लिए उपयुक्त नहीं है इस फसल के लिए फसली चक्र अपनायें, क्योंकि एक ही खेत में बार-बार एक ही फसल उगाने से पोषक तत्व नष्ट होते हैं, पैदावार कम होती है और बीमारियों का हमला ज्यादा होता है मिट्टी की पी एच 6-7 के बीच होनी चाहिए प्रसिद्ध किस्में :-Arka Jyoti,Arka Manik,Durgapur Kesar,Durgapur Lal मिट्टी के भुरभुरा होने तक खेत की जोताई करें तरबूज़ की बिजाई सीधी भी की जा सकती है और पनीरी लगाकर भी की जा सकती है तरबूज की खेती के लिए मध्य फरवरी से मध्य मार्च का समय अनुकूल होता है इसका फासला बिजाई के अलग-अलग तरीकों पर निर्भर करता है गड्ढा विधि द्वारा कतार से कतार की दूरी 2-3.5 मी. और पौधे से पौधे में 0.6-1.2 मी. की दूरी होनी चाहिए पौधे के बीज की गहराई 2-4 सैं.मी होनी चाहिए इसकी बिजाई के अलग अलग तरीके हैं जैसे क्यारियों पर लगाना, गड्ढा खोद के लगाना, मेड़ में मौसम और ऋतु के अनुसार लगाना बीज को क्यारी के एक ओर लगाएं एक समय पर 3-4 बीज बोयें और जमाव के बाद एक सेहतमंद बूटा रखें पौधों का आपस में फासला 60-90 सैं.मी. रखें एक टोए में 4 बीज बोयें गड्ढा 60x60x60 सैं.मी. का रखें दो कतारों में फासला 2-3.5 मीटर और पौधों में फासला 0.6-1.2 मीटर रखें गड्ढों को अच्छी तरह रूड़ी और मिट्टी से भरें जमाव के बाद एक बूटा एक गड्ढे में रखें यह तरीका गड्ढे खोदने वाले तरीके जैसा ही है इस में 30x30x30 सै.मी. के गड्ढे 1-1.5 मीटर के फासले पर लगाएं दो बीज एक मेड़ पर लगाएं एक एकड़ की बिजाई के लिए 1.5 से 2 किलो बीज की जरूरत होती है बिजाई के 20-25 दिन पहले 6 टन रूड़ी की खाद खेत में डालें खेत में 20 किलो नाइट्रोजन (45 किलो यूरिया),10 किलो फासफोरस (65 किलो सिंगल सुपरफासफेट) और 10 किलो पोटाश (18 किलो म्यूरेट ऑफ पोटाश) प्रति एकड़ में डालें पूरी फासफोरस, पोटाश और एक तिहाई नाइट्रोजन बीज बोने के समय खेत में डालें बिजाई के 30-45 दिनों के बाद बाकी की नाइट्रोजन की दूसरी किश्त बेलों के आस पास डालें और मिट्टी में पूरी तरह मिला दें फसल के 10-15 दिन बीजने के बाद एन पी के (19:19:19) + लघु तत्व 2-3 ग्राम प्रति लीटर पानी में मिला के स्प्रे करें फूलों को गिरने से बचाने के लिए और ज्यादा पैदावार लेने के लिए 10 प्रतिशत 3 मि.ली. हयूमिक एसिड + 5 ग्राम एम ए पी प्रति लीटर का फूल आने पर प्रयोग करें सैलीसाइलिक एसिड (एसपरिन 350 एम जी 4-5 गोलियां) प्रति 15 लीटर फूल आने पर , पकने पर 35 दिनों बाद स्प्रे करें फसल बीजने के 55 दिनों के बाद 100 ग्राम 13:00:45+25 मि.ली. हैकसाकोनाज़ोल प्रति 15 लीटर को फलों के अच्छे विकास और सफेद रोग से बचाने के लिए स्प्रे करें फल के अच्छे आकार के लिए मिठास और रंग के लिए बीजने के 65 दिनों बाद 1.5 किलो 0:0:50 प्रति एकड़ को 100 ग्राम प्रति 15 लीटर पानी में घोल के स्प्रे करें शुरूआत में बैडों को नदीनों से मुक्त रखें नदीनों की समय पर रोकथाम ना करने पर 30 प्रतिशत पैदावार कम हो जाती है बीजने से 15-20 दिनों के बाद गोडाई करनी चाहिए नदीनों की रोकथाम के लिए 2 या 3 गोडाई की जरूरत पड़ती है बीजों के जल्दी अंकुरण के लिए बिजाई के तुरंत बाद सिंचाई करें बाकी की सिंचाई 5-7 दिनों के अंतराल पर करें फसल पकने पर जरूरत के अनुसार पानी लगाएं फसल में पानी ना खडा होने दें पानी लगाते समय मेंड़ों को गीला ना होने दें, विशेष कर फूलों और फलों को पानी ना लगने दें भारी ज़मीनों को लगातार पानी ना लगाएं ज्यादा मिठास और अच्छे स्वाद के लिए फसल काटने पर 3-6 दिन पहले पानी लगाएं जब तने के साथ वाले रेशे सूख जाएं और ज़मीन में लगा फल पीला हो जाए और फल सफेद होने लग जाए तब फल तोड़ लें फल को थप-थपाने से भद्दी सी आवाज़ देना इसके पकने की निशानी है फल को पूरा पकने के बाद ही तोड़ना चाहिए आधे पके फलों में मिठास और रंग कम होता है पके फलों को चाकू से काट लें फलों को ठंडे और नमी वाले वातावरण में रखें फल को आकार के अनुसार छांट लें और 14 दिनों के लिए 15 डिगरी सै. तापमान पर रखें तरबूज़ को सेब और केलों के साथ ना रखें इससे इसकी सुगंध मर जाती है और फल गलना शुरू हो जाता है

Posted by kasim
Uttarakhand
24-01-2020 09:52 AM
हांजी बिलकुल आप अपने गांव एम् भी मिटटी जाँच कामशुरू कर सकते है ।
इसकी पूरी जानकारी के लिए आप Harsh Dahiya
Mobile & WhatsApp: 9212302277 जी से संपर्क करे जी।
Posted by Mintul
Assam
24-01-2020 09:44 AM
Mintul ji Vanraja ke chiks lene ke ian Sunil Singh 9905384910, 9102737967 (Sunil Singh Hatchery India Private Limited) se samparak kar sakte hai, Thankyou.
Posted by Mohd Aashique
Bihar
24-01-2020 09:39 AM
श्रीमान जी, मोतियों की खेती एक लाभदायिक काम हैं मोतियों की खेती उस प्रकार होती हैं जैसे असल रूप में मोती तैयार होते हैं इसकी खेती आप किसी तालाब में या फिरमोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्.... (Read More)
श्रीमान जी, मोतियों की खेती एक लाभदायिक काम हैं मोतियों की खेती उस प्रकार होती हैं जैसे असल रूप में मोती तैयार होते हैं इसकी खेती आप किसी तालाब में या फिरमोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजित किया जा रहा है प्रशिक्षण कार्य कर्म में भाग लेने के लिए नीचे दिए गए नम्बर पर आज ही संपर्क करें और Rs 250/ से अपना रजिस्ट्रेशन करवाए अचल सिंह (फाउंडर )- 9711858258. धन्यवाद 100 वर्ग फूट तालाब बनाकर कर सकते हैं तालाब बनाने के बाद या मच्छी घर से सिपी को प्राप्त किया जाता हैं क्वालिटी के हिसाब से एक सिपी लगभग 1.5 से 5 रूप्ये में मिल जाती हैं सबसे पहले बंद सिपीयों में खिचाव लाकर उनमें मोतिया का बीज डाला जाता हैं फिर इन सिपीयों को बंद करके जाली के रास्ते पानी में फेक दिया जाता हैं फिर कुछ महीनों के बाद इसमें से मोती तैयार हो जाते हैं मोती बनने में 18 महीनों का समय लगता हैं डिजाईनर मोती तैयार करने के लिए उनके लिए खास तौर से आकार बनायें जाते हैं जिनमें से गनपति, बुद्ध, होली क्रास साईज के डिजाईनिग मोती तैयार होते हैं जिन्हें 300 रूप्ये प्रति नग के रूप में बेच दिया जाता हैं मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजित किया जा रहा है प्रशिक्षण कार्य कर्म में भाग लेने के लिए नीचे दिए गए नम्बर पर आज ही संपर्क करें और Rs 250/ से अपना रजिस्ट्रेशन करवाए अचल सिंह (फाउंडर )- 9711858258. धन्यवाद

Posted by kasim
Uttarakhand
24-01-2020 09:30 AM
Kasim ji isko aap Vitum-H liquid 10-10ml subah sham dena suru kren aur jakhmo per coolmac tube lgayen aur sarso ka tel 100ml rojana dena suru kren, isse frak padd jayega.

Posted by Harsh Deep Singh
Punjab
24-01-2020 09:18 AM
ਹਰਸ਼ ਜੀ, 1 ਮੀ. ਚੌੜੇ ਅਤੇ ਲੋੜ ਮੁਤਾਬਕ ਲੰਬੇ ਬੈੱਡ ਬਣਾਓ ਕੀਟਾਣੂ-ਰਹਿਤ ਕੋਕੋਪੀਟ 300 ਕਿਲੋ ਨੂੰ 5 ਕਿਲੋ ਨਿੰਮ ਕੇਕ ਨੂੰ ਮਿਲਾਓ ਅਤੇ 1-1 ਕਿਲੋ ਅਜ਼ੋਸਪਿਰੀਲੀਅਮ ਅਤੇ ਫਾਸਫੋਬੈਕਟੀਰੀਆ ਵੀ ਪਾਓ ਇੱਕ ਟਰੇਅ ਭਰਨ ਲਈ ਲਗਭਗ 1.2 ਕਿਲੋ ਕੋਕੋਪੀਟ ਦੀ ਲੋੜ ਹੁੰਦੀ ਹੈ 11,600 ਨਵੇਂ ਪੌਦੇ ਤਿਆਰ ਕਰਨ 120 ਟਰੇਆਂ ਦੀ ਲੋੜ ਹੁੰਦੀ ਹੈ, ਜੋ ਕਿ ਇੱਕ ਏਕੜ ਲਈ ਵਰਤੀਆਂ ਜਾਂਦੀਆਂ ਹਨ 30-40 ਦਿਨਾਂ ਬਾਅਦ ਪੌਦੇ ਪਨੀਰੀ.... (Read More)
ਹਰਸ਼ ਜੀ, 1 ਮੀ. ਚੌੜੇ ਅਤੇ ਲੋੜ ਮੁਤਾਬਕ ਲੰਬੇ ਬੈੱਡ ਬਣਾਓ ਕੀਟਾਣੂ-ਰਹਿਤ ਕੋਕੋਪੀਟ 300 ਕਿਲੋ ਨੂੰ 5 ਕਿਲੋ ਨਿੰਮ ਕੇਕ ਨੂੰ ਮਿਲਾਓ ਅਤੇ 1-1 ਕਿਲੋ ਅਜ਼ੋਸਪਿਰੀਲੀਅਮ ਅਤੇ ਫਾਸਫੋਬੈਕਟੀਰੀਆ ਵੀ ਪਾਓ ਇੱਕ ਟਰੇਅ ਭਰਨ ਲਈ ਲਗਭਗ 1.2 ਕਿਲੋ ਕੋਕੋਪੀਟ ਦੀ ਲੋੜ ਹੁੰਦੀ ਹੈ 11,600 ਨਵੇਂ ਪੌਦੇ ਤਿਆਰ ਕਰਨ 120 ਟਰੇਆਂ ਦੀ ਲੋੜ ਹੁੰਦੀ ਹੈ, ਜੋ ਕਿ ਇੱਕ ਏਕੜ ਲਈ ਵਰਤੀਆਂ ਜਾਂਦੀਆਂ ਹਨ 30-40 ਦਿਨਾਂ ਬਾਅਦ ਪੌਦੇ ਪਨੀਰੀ ਲਈ ਤਿਆਰ ਹੋ ਜਾਂਦੇ ਹਨ ਪਨੀਰੀ ਖੇਤ ਵਿੱਚ ਲਗਾਉਣ ਲਈ 6-8 ਹਫਤੇ ਪੁਰਾਣੇ ਅਤੇ 15-20 ਸੈ.ਮੀ. ਵਾਲੇ ਕੱਦ ਦੇ ਪੌਦੇ ਹੀ ਚੁਣੋ ਨਰਸਰੀ ਲਗਾਉਣ ਦਾ ਉੱਚਿਤ ਸਮਾਂ ਅਕਤੂਬਰ ਦੇ ਅਖੀਰ ਤੋਂ ਅੱਧ-ਨਵੰਬਰ ਤੱਕ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਨਰਸਰੀ ਨੂੰ 50% ਛਾਂ ਵਾਲੇ ਜਾਲ ਨਾਲ ਢੱਕ ਦਿਓ ਅਤੇ ਪਾਸਿਆਂ ਤੇ ਕੀਟ-ਪਤੰਗੇ ਰੋਕਣ ਵਾਲਾ 40/50 ਮੈੱਸ਼ ਨਾਈਲੋਨ ਦਾ ਜਾਲ ਲਗਾਓ ਪਨੀਰੀ ਵਾਲੇ ਪੌਦੇ 30-40 ਦਿਨਾਂ ਵਿੱਚ (ਆਮ ਤੌਰ ਤੇ ਫਰਵਰੀ-ਮਾਰਚ) ਤਿਆਰ ਹੋ ਜਾਂਦੇ ਹਨ ਕਤਾਰਾਂ ਦਾ ਫਾਸਲਾ 75 ਸੈ.ਮੀ. ਅਤੇ ਪੌਦਿਆਂ ਦਾ ਫਾਸਲਾ 45 ਸੈ.ਮੀ. ਰੱਖੋ ਪਨੀਰੀ 1-2 ਸੈ.ਮੀ. ਡੂੰਘਾਈ ਵਿੱਚ ਬੀਜੋ ਧੰਨਵਾਦ
Posted by rahul rana
Haryana
24-01-2020 09:18 AM
Rahul Ranaji, gehun ki tisri sichai bijai ke 70-75 din baad ki jati hia, ap iski sinchai abhi kar sakte hain, dhanywad

Posted by Sandeep Kumar saroj
Uttar Pradesh
24-01-2020 09:17 AM
मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजि.... (Read More)
मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजित किया जा रहा है प्रशिक्षण कार्य कर्म में भाग लेने के लिए नीचे दिए गए नम्बर पर आज ही संपर्क करें और Rs 250/ से अपना रजिस्ट्रेशन करवाए अचल सिंह (फाउंडर )- 9711858258. धन्यवाद
Posted by mahavir saini
Rajasthan
24-01-2020 09:08 AM
महावीर जी, कृपया आप रिजका की फ़सल में मच्छर के हमले की जाँच करें, अगर हमला मौजूद हो तो आप इसमें imidacloprid @ 60 ml को 150 लीटर पानी में मिला कर प्रति एकड़ के हिसाब से स्प्रे करें, और इसकी अच्छे विकास के लिए hoshi @ 400 ml को 150 लीटर पानी में मिला कर प्रति एकड़ के हिसाब से स्प्रे कर सकते हैं, धन्यवाद

Posted by Bhagatram Hariyale
Madhya Pradesh
24-01-2020 09:01 AM
भगतराम जी, आप अपनी फ़सल में NPK 130045 @ 10 ग्राम प्रति लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे करें, इस से आपकी फ़सल में फल आने शुरू हो जायेंगे, धन्यवाद
Posted by suraj Chautala
Uttar Pradesh
24-01-2020 08:54 AM
Suraj Chautala jisolar palan ke lia aap Mr dhananjay Kumar 9416400207 se samparak kar sakte hai, Thankyou.

Posted by jatinder
Punjab
24-01-2020 08:54 AM
Jatinder g, Kdi v Fertiliser naal herbicide , Insecticide ja fungicide mix naa kro. Means k Insecticide fungicide da alag alag ghol bna k spray kro. Herbicide da alag.
Posted by suraj Chautala
Uttar Pradesh
24-01-2020 08:53 AM
Suraj Chautala ji is ke bare me visthar me jankari ke lia aap Mr dhananjay Kumar 9416400207 se samparak kar sakte hai, Thankyou.
Posted by Abhay Pratap Singh
Uttar Pradesh
24-01-2020 08:52 AM
Abhay Pratap Singh ji, jhulsa rog ki roktham ke liye ap fasal mein copper oxychloride @ 500 gram ko 150 liter pani mein mila kar prati acre ke hisaab se spray karein, dhanywad
Posted by harpreet singh
Punjab
24-01-2020 08:52 AM
Harpreet ji tuci uss nu vitum-H liquid 5ml rojana dena suru kro, iss nal frak paa jawega..
Posted by Abhay Pratap Singh
Uttar Pradesh
24-01-2020 08:46 AM
abhay ji aap genhu men sulphur@5 kilo prati acre ke hisab se daale.dhanywad
Posted by Sunil kumar
Uttar Pradesh
24-01-2020 08:11 AM
Sunil ji, gehun mein rog jaise ke kangiyari, safed jang, bhuri jang, pilli dharidaar jang, karnaal bunt lag jatii hai, kripya ap bataye ke ap kis rog ke bare mein jankari lena chahte hain, taki apko uske hisaab se iske bare mein bataya ja sake, dhanywad
Posted by SUKHWINDER SINGH
Punjab
24-01-2020 08:09 AM
ਸੁਖਵਿੰਦਰ ਜੀ, ਠੰਡ ਤੋਂ ਬਚਾਉਣ ਲਈ ਤੁਸੀਂ ਫ਼ਸਲ ਦੀ ਹਲਕੀ ਸਿੰਚਾਈ ਕਰੋ, ਸਿੰਚਾਈ ਕਰਨ ਨਾਲ ਤਾਪਮਾਨ 2*C ਵਧਾਇਆ ਜਾ ਸਕਦਾ ਹੈ, ਅਤੇ ਹਵਾ ਵਿੱਚ ਨਮੀ ਹੋਣ ਕਾਰਣ ਫ਼ਸਲ ਨੂੰ ਠੰਡ ਤੋਂ ਬਚਾਇਆ ਜਾ ਸਕਦਾ ਹੈ, ਧੰਨਵਾਦ

Posted by shamsher Singh
Punjab
24-01-2020 07:46 AM
Shamsher ji kirpa karke daso ke tuc isde vich kehdi kehdi khaad ate spray di varto kiti hai ta jo tuhanu is bare poori jankari diti ja sake.dhanwad

Posted by AJAY KUMAR MAURYA
Uttar Pradesh
24-01-2020 07:31 AM
बकरी पालन बहुत ही लाभकारी काम है यदि आप इसकी ट्रेनिंग इसे शुरू करते है तो इसमें आपको लोन और सब्सिड़ी भी प्राप्त होगी शुरूआत करने के लिए आप 10 बकरियों और 2 बकरे के साथ कर सकत हैं इन्हें खुराक कम चाहिए इसलिए इन्हें आसानी से पाल सकते हैं ये हर प्रकार के मौसम में पाली जा सकती हैं बकरियां 12-14 महीने में बच्चे देना शुर.... (Read More)
बकरी पालन बहुत ही लाभकारी काम है यदि आप इसकी ट्रेनिंग इसे शुरू करते है तो इसमें आपको लोन और सब्सिड़ी भी प्राप्त होगी शुरूआत करने के लिए आप 10 बकरियों और 2 बकरे के साथ कर सकत हैं इन्हें खुराक कम चाहिए इसलिए इन्हें आसानी से पाल सकते हैं ये हर प्रकार के मौसम में पाली जा सकती हैं बकरियां 12-14 महीने में बच्चे देना शुरू कर देती है एक बकरी के लिए लगभग 12—15 वर्ग फीट जगह छती हुई और 25—30 वर्ग फीट जगह खुली चाहिए बकरी का गर्भ समय 150 दिन का होता है और साल में 1-5 बच्चे देती है साल में दो बच्चे देना आम बात है बकरियां 8-10 वर्ष तक बच्चे देती हैं और अपन गिनती को तेजी से बढ़ा लेती हैं आप बारबरी, ब्लैक बंगाल, जैसी नसल पाल सकते हैं यदि आप बीटल नस्ल रखना चाहते है तो यह लगभग 20—25 हज़ार तक अच्छी ग्रोथ वाली बकरी मिल जाएगी फिर आप अपने बजट के हिसाब से इस काम को कर सकते है.
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