Posted by ravi ravi shankar
Uttar Pradesh
27-01-2020 12:31 PM
रवि जी जो कृषि विश्वविद्यालय होते है वहां सिर्फ उनके द्वारा खोज किये गए बीज ही मिलते है आपको syngenta के बीज उनके local store से मिल जायेगे धन्यवाद

Posted by अखिलेश
Madhya Pradesh
27-01-2020 12:23 PM
अखिलेश जी अगर चौड़े पत्तों वाले खरपतवार है तो आप 2,4 D @250 ml को प्रति एकड़ के हिसाब से स्प्रे करें धन्यवाद

Posted by singh dhaliwal
Punjab
27-01-2020 12:22 PM
ਧਾਲੀਵਾਲ ਜੀ ਤੁਸੀ ਇਸਦੇ ਉਪਰ NPK 130045 @1 ਕਿਲੋ ਨੂੰ 150 ਲੀਟਰ ਪਾਣੀ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਸਪਰੇ ਕਰੋ ਧੰਨਵਾਦ

Posted by Mahendra Singh Patel
Uttar Pradesh
27-01-2020 12:06 PM
पुदीना मैंथा के नाम से जानी जाने वाली एक क्रियाशील जड़ी बूटी है पुदीने को मिट्टी की कई किस्मों जैसे दरमियाने से गहरी उपजाऊ मिट्टी, जिसमें पानी को सोखने की क्षमता ज्यादा हो, में उगाया जाता है इसको जल-जमाव वाली मिट्टी में भी उगाया जा सकता है उच्च नमी वाली मिट्टी में यह अच्छे परिणाम देती है इस फसल के लिए मिट्टी .... (Read More)
पुदीना मैंथा के नाम से जानी जाने वाली एक क्रियाशील जड़ी बूटी है पुदीने को मिट्टी की कई किस्मों जैसे दरमियाने से गहरी उपजाऊ मिट्टी, जिसमें पानी को सोखने की क्षमता ज्यादा हो, में उगाया जाता है इसको जल-जमाव वाली मिट्टी में भी उगाया जा सकता है उच्च नमी वाली मिट्टी में यह अच्छे परिणाम देती है इस फसल के लिए मिट्टी का pH 6-7.5 होना चाहिए प्रसिद्ध किस्में:- MAS-1: यह छोटे कद की किस्म है जिसकी ऊंचाई 30-45 सैं.मी. होती है यह बीमारीयों की रोधक और जल्दी पकने वाली किस्म है इसमें मैन्थोल की मात्रा 70-80% होती है इसकी औसतन पैदावार 80 क्विंटल प्रति एकड़ जड़ी-बूटियां के तौर पर और 50-60 किलोग्राम प्रति एकड़ तेल के तौर पर होती है Hybrid-77: इसकी ऊंचाई 50-60 सैं.मी. होती है यह किस्म पत्तों के धब्बा रोग और कुंगी के रोधक होती है, और यह जल्दी पकने वाली किस्म है इसमें मैन्थोल की मात्रा 80-85% होती है इसकी औसतन पैदावार 80 क्विंटल प्रति एकड़ जड़ी-बूटियां के तौर पर और 50-60 किलोग्राम प्रति एकड़ तेल के तौर पर होती है यह रेतली दोमट मिट्टी में बढ़िया पैदावार देती है औरऐसी शुष्क मौसम में की आवश्यकता होती है Shivalik: यह चीन की खेती से चुनी गई किस्म है यह किस्म उत्तर प्रदेश के तराई क्षेत्रों और उत्तरांचल में अच्छी वृद्धि करती है इसमें मैन्थोल की मात्रा 65-70% होती है इसकी औसतन पैदावार 120 क्विंटल प्रति एकड़ जड़ी-बूटियां के तौर पर और 72 किलोग्राम प्रति एकड़ तेल के तौर पर होती है यह किस्म फंगस रोगों से जल्दी प्रभावित होती है EC-41911: यह किस्म रूसी जर्मप्लाज्म से ली गई है यह किस्म पानी की रोधक और आकार में सीधी होती है इसमें मैन्थोल की मात्रा 70%पायी जाती है इसकी औसतन पैदावार 120 क्विंटल प्रति एकड़ जड़ी-बूटियां के तौर पर और 72 किलोग्राम प्रति एकड़ तेल के तौर पर होती है इस किस्म से तैयार तेल का प्रयोग विभिन्न व्यंजनों में स्वाद के लिए किया जाता है Gomti: यह किस्म रंग में हल्के लाल रंग की होती है इसकी पैदावार बाकी किस्मों की पैदावार से कम होती है इसमें मैन्थोल की मात्रा 78-80% होती है Himalaya: इसके पत्तों का आकार बाकी किस्मों से बड़ा होता है यह किस्म कुंगी, झुलस, सफेद धब्बे और पत्तों पर धब्बे रोग की रोधक है इसमें मैन्थोल की मात्रा 78-80% होती है इसकी औसतन पैदावार 160 क्विंटल प्रति एकड़ जड़ी-बूटियां के तौर पर और 80-100 किलोग्राम प्रति एकड़ तेल के तौर पर होती है Kosi: यह किस्म 90 दिनों में पक जाती है यह किस्म कुंगी, झुलस, सफेद धब्बे और पत्तों के धब्बे रोग की प्रतिरोधक है इसमें मैन्थोल की मात्रा 75-80 प्रतिशत होती है और तेल की पैदावार 80-100 किलोग्राम प्रति एकड़ होती है Saksham: यह किस्म सी वी हिमालय की तरफ से टिशू कल्चर द्वारा तैयार की गई है इसमें मैन्थोल की मात्रा 80% होती है और तेल की पैदावार 90-100 किलोग्राम प्राप्त होती है पुदीने की बिजाई के लिए सुविधाजनक आकार के बैड तैयार करें खेत की तैयारी के समय खेत की अच्छी तरह जोताई करें जैविक खाद जैसे रूड़ी की खाद 100-120 क्विंटल प्रति एकड़ रूड़ी की खाद डालें रूड़ी की खाद के बाद हरी खाद डालें इसकी बिजाई के लिए दिसंबर-जनवरी का समय अनुकूल होता है पौधे के भागों की बिजाई 40 सैं.मी. के फासले पर और पंक्तियों के बीच का फासला 60 सैं.मी होना चाहिए बीज को 2-3 सैं.मी. की गहराई में बोयें पौधे के जड़ वाले भाग को मुख्य खेत में बोया जाता है खेत की तैयारी के समय रूड़ी की खाद 80-120 क्विंटल प्रति एकड़ में डालें और अच्छी तरह मिलायें नाइट्रोजन 58 किलो (यूरिया 130 किलो), फासफोरस 32-40 किलो (सिंगल सुपर फासफेट 80-100 किलो), पोटाशियम 20 किलो (म्यूरेट ऑफ पोटाश 33 किलो) प्रति एकड़ में डालें गर्मियों में मॉनसून से पहले जलवायु और मिट्टी के आधार पर 6-9 सिंचाइयां जरूर की जानी चाहिए मॉनसून के बाद 3 सिंचाइयों की आवश्यकता होती है पहली सिंचाई सितंबर महीने में, दूसरी अक्तूबर में और तीसरी नवंबर महीने में की जानी चाहिए सर्दियों में ज्यादा सिंचाई की आवश्यकता नहीं होती, लेकिन यदि सर्दियों में बारिश ना पड़े तो एक सिंचाई जरूर देनी चाहिए पौधे 100-120 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाते हैं जब निचले पत्ते पीले रंग के होने शुरू हो जायें, तब कटाई करें कटाई दराती से और बूटियों को मिट्टी की सतह के 2-3 सैं.मी. ऊपर से निकालें अगली कटाई पहली कटाई के बाद 80 दिनों के अंतराल पर करें ताजी पत्तियों को उत्पाद बनाने के लिए प्रयोग किया जाता है, धन्यवाद

Posted by pawar
Maharashtra
27-01-2020 12:01 PM
पवार जी कृपया बताये कि आपने इसमें क्या क्या खाद डाली है ताकि आपको इसके बारे में पूरी जानकारी दी जा सके धन्यवाद

Posted by Ajimpatel Shaikh
Maharashtra
27-01-2020 11:55 AM
Patel ji kripya aap apna swal vistar se pushen ki aap kya jankari lena chahte hai tan jo apko sahi jankari di ja skee.

Posted by Mandeep Singh Rayia
Punjab
27-01-2020 11:51 AM
मनदीप जी यूरिया के साथ साथ आप मैगनीज और बोरोन को मिक्स करके स्प्रे नहीं कर सकते इनकी अलग अलग स्प्रे करें
Posted by karamjeet singh
Punjab
27-01-2020 11:43 AM
karmjeet ji kirpa karke daso ke tuc boote nu kehdi kehdi khaad payi hai ta jo tuhanu osde hisab nal jankari diti ja sake,dhanwad

Posted by tarvinder Sharma
Haryana
27-01-2020 11:42 AM
Tarvinder ji aap Shriram super 231 kisam ki bijai kar sakte hai.dhanywad

Posted by gurpreet singh
Punjab
27-01-2020 11:42 AM
ਤੁਸੀ ਹੁਣ ਸਬਜ਼ੀਆਂ ਜਿਵੇ ਰਾਜਮਾਹ , ਸ਼ਿਮਲਾ ਮਿਰਚ , ਮੂਲੀ , ਪਾਲਕ , ਬੈਂਗਨ , ਚੱਪਣ ਕੱਦੂ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਧੰਨਵਾਦ

Posted by Harsh Deep Singh
Punjab
27-01-2020 11:38 AM
Deep ji tuci uss nu deworming ton 1 month de frak nal fir pett de kiria lai Flukarid-DS bolus deo ate hun uss nu Sharkoferol liquid 50-50ml swere sham, Enerboost powder 50gm rojana dena suru kro, iss nal frak paa jawega.
Posted by Neeraj Rathi
Uttar Pradesh
27-01-2020 11:20 AM
Neeraj ji genhu ka rate 1925 rupaye prati quintal ke hisab se hai.dhanywad

Posted by Harpinder Singh
Haryana
27-01-2020 11:11 AM
यदि उसका एक थन बाकि थनों से छोटा है तो Vitum-H liquid 10—10 मि.ली. सुबह शाम देना शुरू करें और Uddertone होमियोपेथिक दवा की 10—10 बूंदे दिन में तीन बार दें इससे फर्क पड़ जाएगा
Posted by Mukesh Singh
Haryana
27-01-2020 10:54 AM
उत्तरी राज्यों में, बसंत के समय टमाटर की पनीरी नवंबर के आखिर में बोयी जाती है और जनवरी के दूसरे पखवाड़े में खेत में लगाई जाती है पतझड़ के समय पनीरी की बिजाई जुलाई-अगस्त में की जाती है और अगस्त-सितंबर में यह खेत में लगा दी जाती है पहाड़ी इलाकों में इसकी बिजाई मार्च-अप्रैल में की जाती है और अप्रैल-मई में यह खेत .... (Read More)
उत्तरी राज्यों में, बसंत के समय टमाटर की पनीरी नवंबर के आखिर में बोयी जाती है और जनवरी के दूसरे पखवाड़े में खेत में लगाई जाती है पतझड़ के समय पनीरी की बिजाई जुलाई-अगस्त में की जाती है और अगस्त-सितंबर में यह खेत में लगा दी जाती है पहाड़ी इलाकों में इसकी बिजाई मार्च-अप्रैल में की जाती है और अप्रैल-मई में यह खेत में लगा दी जाती है Hisar Arun (Selection 7): यह जल्दी पकने वाली और रोपाई के बाद 70 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है इसके फलों की संख्या ज्यादा और फल आकार में बड़े होते हैं इसकी औसतन पैदावार 100 क्विंटल प्रति एकड़ होती है
Hisar Lalit (NT 8): यह किस्म जड़ गलन के प्रतिरोधी है इसकी औसतन पैदावार 100-120 क्विंटल प्रति एकड़ होती है
Hissar Lalima (Selection 18): यह जल्दी पकने वाली किस्म है इसके फल बड़े लाल रंग के होते हैं रोपाई के बाद यह फसल 60-70 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है इसकी औसतन पैदावार 120 क्विंटल प्रति एकड़ होती है
Punjab Chhuhara: यह किस्म बीज रहित, नाशपाती के आकार की, लाल और मोटे छिल्के वाली होती है इसकी क्वालिटी कटाई के बाद 7 दिन तक मंडी में बेचनेयोग्य होती है इसलिए इसे लंबी दूरी वाली स्थानों पर लिजाकर नए उत्पाद तैयार करने के लिए प्रयोग किया जा सकता है
HS 110: इसके फल आकार में बड़े होते हैं इसकी औसतन पैदावार 80-100 क्विंटल प्रति एकड़ होती है
HS 101: यह उत्तरी भारत में सर्दियों के समय लगाई जाने वाली किस्म है इसके पौधे छोटे होते हैं इस किस्म के टमाटर गोल और दरमियाने आकार के और रसीले होते हैं यह गुच्छों के रूप में लगते हैं यह पत्ता मरोड़ बीमारी की रोधक किस्म है इसकी औसतन पैदावार 100-110 क्विंटल प्रति एकड़ होती है
HS 102: यह किस्म जल्दी पक जाती है इस किस्म के टमाटर छोटे और दरमियाने आकार के गोल और रसीले होते हैं इसकी औसतन पैदावार 100-110 क्विंटल प्रति एकड़ होती है

Posted by Bajrang Kumar
Uttar Pradesh
27-01-2020 10:45 AM
हाथों से लगातार गोडाई करें और पहली कटाई के बाद खेत को नदीन मुक्त करें नदीनों की रोकथाम के लिए सिनबार 400 ग्राम प्रति एकड़ में प्रयोग करें नदीनों को नियंत्रित करने के लिए जैविक मल्च के साथ ऑक्सीफलोरफिन 200 ग्राम या पैंडीमैथालीन बूटीनाशक 800 मि.ली को प्रति एकड़ में प्रयोग करें यदि नदीन ज्यादा हो तो डालापोन 1.6 किलोग.... (Read More)
हाथों से लगातार गोडाई करें और पहली कटाई के बाद खेत को नदीन मुक्त करें नदीनों की रोकथाम के लिए सिनबार 400 ग्राम प्रति एकड़ में प्रयोग करें नदीनों को नियंत्रित करने के लिए जैविक मल्च के साथ ऑक्सीफलोरफिन 200 ग्राम या पैंडीमैथालीन बूटीनाशक 800 मि.ली को प्रति एकड़ में प्रयोग करें यदि नदीन ज्यादा हो तो डालापोन 1.6 किलोग्राम प्रति एकड़ या ग्रामाक्ज़ोन 1 लीटर और डयूरॉन 800 ग्राम या टेरबेसिल 800 ग्राम की प्रति एकड़ में स्प्रे करें

Posted by Bikerjeet Singh
Punjab
27-01-2020 10:41 AM
Bikerjeet Singh ji Bathinda vich pipe line pvon lai tusi Mr Mishra 9465884780, 9810363807 se samparak kar sakte hai, Thankyou.

Posted by Tarun Sinha
Chattisgarh
27-01-2020 10:39 AM
Tarun ji please tell the age of plant so that we can provide you information accordingly.thank you

Posted by raghavendra
Karnataka
27-01-2020 10:27 AM
Raghavendra please ask your question in detail about which training you want to know, so that we can provide you information accordingly, Thankyou.
Posted by Rajanikant Dubey
Uttar Pradesh
27-01-2020 10:04 AM
Rajanikant ji gibberellic acid fasl ki growth ke lioye istemal kiya jata hai agar aap mote allu ki paidavar ke liye aap NPK 130045@1 kilo ko prati acre ke hisab se spray karen,dhanywad
Posted by Rajanikant Dubey
Uttar Pradesh
27-01-2020 10:02 AM
shrimaan g alloo mein NPK 13045 @1 kg per 100 liter pani ke hisab se spray kro g..
Posted by gurmeet
Haryana
27-01-2020 10:01 AM
shrimaan g knak vich tuc sulphur @5 kg per acre de hisab nal pao g..

Posted by Tarachand
Haryana
27-01-2020 09:58 AM
shrimaan g kirpa krke fasal ki roots ki photo bhejo ta jo aapko proper jaankari mil ske g..
Posted by Sukhdev Prasad
Uttar Pradesh
27-01-2020 09:48 AM
मैदानी क्षेत्रों में, अगस्त से शुरूआती अक्तूबर का समय बिजाई के लिए उपयुक्त होता है पहाड़ी क्षेत्रों में, मार्च-जुलाई में बिजाई पूरी कर लें

Posted by MANAV
Maharashtra
27-01-2020 09:46 AM
मानव जी यह तत्व की कमी और फंगस दोनों के कारण हो रही है इसके लिए आप पौधे को vermicompost @4 किलो डाले और इसके ऊपर आप copper oxychloride @3 ग्राम को प्रति लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे करें धन्यवाद

Posted by Govind khatkar
Haryana
27-01-2020 09:45 AM
govind ji kripya aap apna swal vistar se pooche taki aapko iske bare men poori jankari di ja sake,dhanywad
Posted by Gopal sendhav
Madhya Pradesh
27-01-2020 09:26 AM
गोपाल जी आप इसके ऊपर NPK 191919 @1 किलो को 150 लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे करें धन्यवाद
Posted by ਮਨਜਿੰਦਰ ਸਿੰਘ ਧਾਲੀਵਾਲ
Punjab
27-01-2020 09:03 AM
Manjinder singh ji desi cow da desi ghee len lai tusi GAURAC SHARMA 9878466555 nal samparak kar sakde ho,Thankyou.

Posted by nilabh
Bihar
27-01-2020 09:00 AM
Nilabh ji yeh tatv ki kami ko poora karta hai jis se fasl ki vridhi hona shuru ho jati hai aap iska istemal kar sakte hai.dhanywad

Posted by Satyendra Pandey
Uttar Pradesh
27-01-2020 08:54 AM
पांडेय जी इसका MSP 1925 रुपये है इसकी मार्केटिंग आपको खुद ही करनी पड़ेगी|
Posted by Vikash Kumar
Bihar
27-01-2020 08:46 AM
विकास जी आप गेंहू के ऊपर NPK 191919 @1 किलो को 150 लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे करें धन्यवाद

Posted by Durgesh Singh
Uttar Pradesh
27-01-2020 08:38 AM
कृपया आप अपने सवाल के साथ फोटो भी अपलोड करें ताकि आपको सही जानकारी दी जा सके

Posted by dilbag
Punjab
27-01-2020 08:34 AM
Dilbag ji tuci uss nu Vitum-H liquid 10-10ml swere sham, Uddertone homeopathic dwai dia 10-10 drops din vich 3 varr deo ate jddo usdi chuai kro tan saro da tel lgga ke chuai kro, iss nal frak paa jawega.
Posted by harmeet singh
Punjab
27-01-2020 08:33 AM
ਵਧੀਆ ਵਰਮੀ ਕੰਪੋਸਟ ਹੇਠ ਲਿਖੇ ਤਰੀਕੇ ਅਨੁਸਾਰ ਬਣਾਈ ਜਾ ਸਕਦੀ ਹੈ * ਇਸ ਲਈ ਇਹੋ ਜਿਹੀ ਥਾਂ ਲਵੋ ਜਿਥੇ ਧੁੱਪ ਨਾ ਆਵੇ ਅਤੇ ਹਵਾਦਾਰ ਹੋਵੇ * ਇਸ ਥਾਂ ਉੱਪਰ ਇੱਟਾਂ ਜਾਂ ਪੱਥਰ ਦੇ ਟੁਕੜੇ ਅਤੇ ਮਿੱਟੀ ਦੀ 2-3 ਇੰਚ ਮੋਟੀ ਪਰਤ ਵਿਛਾਓ * ਇਸ ਉਪਰ 6-8 ਇੰਚ ਮੋਟੀ ਪਰਤ, ਅੱਧੀ ਗੋਬਰ ਜਾਂ ਕੰਪੋਸਟ ਖਾਦ ਅਤੇ ਅੱਧੀ ਮਿੱਟੀ ਦੀ ਪਰਤ ਵਿਛਾ ਦਿਓ * ਮਿੱਟੀ ਉੱਤੇ ਥੋੜ੍ਹਾ ਜਿਹਾ ਪਾਣੀ ਛਿੜਕ ਕੇ ਗਿੱਲਾ ਕਰੋ, ਮ.... (Read More)
ਵਧੀਆ ਵਰਮੀ ਕੰਪੋਸਟ ਹੇਠ ਲਿਖੇ ਤਰੀਕੇ ਅਨੁਸਾਰ ਬਣਾਈ ਜਾ ਸਕਦੀ ਹੈ * ਇਸ ਲਈ ਇਹੋ ਜਿਹੀ ਥਾਂ ਲਵੋ ਜਿਥੇ ਧੁੱਪ ਨਾ ਆਵੇ ਅਤੇ ਹਵਾਦਾਰ ਹੋਵੇ * ਇਸ ਥਾਂ ਉੱਪਰ ਇੱਟਾਂ ਜਾਂ ਪੱਥਰ ਦੇ ਟੁਕੜੇ ਅਤੇ ਮਿੱਟੀ ਦੀ 2-3 ਇੰਚ ਮੋਟੀ ਪਰਤ ਵਿਛਾਓ * ਇਸ ਉਪਰ 6-8 ਇੰਚ ਮੋਟੀ ਪਰਤ, ਅੱਧੀ ਗੋਬਰ ਜਾਂ ਕੰਪੋਸਟ ਖਾਦ ਅਤੇ ਅੱਧੀ ਮਿੱਟੀ ਦੀ ਪਰਤ ਵਿਛਾ ਦਿਓ * ਮਿੱਟੀ ਉੱਤੇ ਥੋੜ੍ਹਾ ਜਿਹਾ ਪਾਣੀ ਛਿੜਕ ਕੇ ਗਿੱਲਾ ਕਰੋ, ਮਿੱਟੀ ਵਿੱਚ 25 ਪ੍ਰਤੀਸ਼ਤ ਤੋਂ ਵੱਧ ਨਮੀ ਨਹੀਂ ਹੋਣੀ ਚਾਹੀਦੀ * ਇਸ ਉੱਪਰ ਗੰਡੋਏ (40 ਗੰਡੋਏ ਪ੍ਰਤੀ ਵਰਗ ਫੀਟ ਥਾਂ) ਮਿੱਝਹ ਵਿੱਚ ਮਿਲਾਓ * ਇਸ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਵੇਸਟ ਜਿਵੇਂ- ਕਿ ਬਚੀ-ਖੁਚੀ ਸਬਜ਼ੀਆਂ, ਫਲ, ਕੱਚਾ ਗੋਬਰ, ਗੋਬਰ ਦੀ ਸਲਰੀ ਦੀ 8-10 ਇੰਚ ਮੋਟੀ ਪਰਤ ਪਾਓ * ਦੂਜੀ ਪਰਤ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਇਸ ਉੱਪਰ ਸੁੱਕੇ ਪੱਤੇ ਜਾਂ ਪਆਲ ਨਾਲ ਢਕ ਦਿਓ ਹਰ ਪਰਤ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਪਾਣੀ ਛਿੜਕੋ ਤਾਂ ਕਿ ਨਮੀ ਬਣੀ ਰਹੇ * ਵਰਮੀ ਕੰਪੋਸਟ ਦੇ ਬੈੱਡ ਨੂੰ 3-4 ਇੰਚ ਮੋਟੀ ਗੋਬਰ ਦੀ ਪਰਤ ਨਾਲ ਢਕ ਦਿਓ ਅਤੇ ਇਸ ਉੱਪਰ ਬੋਰਾ ਜਾਂ ਤਰਪਾਲ ਰੱਖੋ ਤਾਂ ਕਿ ਥੱਲੇ ਹਨੇਰਾ ਰਹੇ ਰੋਸ਼ਨੀ ਵਿੱਚ ਗੰਡੋਏ ਘੱਟ ਵਧਦੇ ਹਨ ਅਤੇ ਖਾਦ ਬਣਨ ਵਿੱਚ ਸਮਾਂ ਲਗਦਾ ਹੈ ਬੋਰਾ ਅਤੇ ਤਰਪਾਲ ਮੀਂਹ ਦੇ ਨੁਕਸਾਨ ਤੋਂ ਵੀ ਬਚਾਉਂਦੇ ਹਨ * ਵਰਮੀ ਕੰਪੋਸਟ ਦੇ ਬੈੱਡ ਉੱਪਰ ਹਰ ਦੂਸਰੇ ਦਿਨ ਥੋੜ੍ਹਾ ਪਾਣੀ ਛਿੜਕਾਉਂਦੇ ਰਹੋ ਤਾਂ ਜੋ ਨਮੀ ਬਣੀ ਰਹੇ * ਰਸੋਈ, ਫਸਲਾਂ ਜਾਂ ਡੇਅਰੀ ਦੇ ਰਹਿੰਦ-ਖੂੰਹਦ ਦੀ ਪਰਤ ਨੂੰ ਰੈਕ ਨਾਲ ਪਲਟਦੇ ਰਹੋ ਅਤੇ ਲੋੜ ਹੋਣ ’ਤੇ ਥੋੜ੍ਹਾ ਥੋੜ੍ਹਾ ਕਰਕੇ ਹੋਰ ਵੇਸਟ ਵੀ ਪਾ ਸਕਦੇ ਹਾਂ, ਇਸ ਉੱਪਰ ਕੱਚਾ ਗੋਬਰ ਵੀ ਪਾ ਸਕਦੇ ਹਾਂ ਪਰ ਧਿਆਨ ਰੱਖੋ ਕਿ ਇਹ ਪਰਤ ਪਹਿਲਾਂ ਜਿੰਨੀ ਹੀ ਮੋਟੀ ਰਹੇ * ਵਰਮੀ ਕੰਪੋਸਟ ਦੀ ਖਾਦ ਮੌਸਮ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ 45-60 ਦਿਨਾਂ ਵਿੱਚ ਤਿਆਰ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਸਭ ਤੋਂ ਉੱਪਰ ਵਾਲੀ ਪਰਤ ਨੂੰ ਹਟਾ ਕੇ ਗੰਡੋਏ ਛਲਣੀ ਨਾਲ ਵੱਖਰੇ ਕਰ ਲਵੋ ਅਤੇ ਨਿਚਲੀ ਛੱਡ ਦਿਓ ਇਸ ਉਪਰ ਦੁਬਾਰਾ ਰਸੋਈ ਜਾਂ ਐਗਰੋ ਵੇਸਟ ਦੀ 6 ਇੰਚ ਮੋਟੀ ਪਰਤ ਵਿਛਾ ਕੇ ਦੁਬਾਰਾ ਖਾਦ ਤਿਆਰ ਕੀਤੀ ਜਾ ਸਕਦੀ ਹੈ * 45 ਦਿਨਾਂ ਬਾਅਦ ਪਾਣੀ ਛਿੜਕਣਾ ਬੰਦ ਕਰਨ ਨਾਲ ਵੀ ਗੰਡੋਏ ਹੇਠਲੀ ਪਰਤ ਵਿਚ ਚਲੇ ਜਾਂਦੇ ਹਨ ਅਤੇ ਛਲਣੀ ਨਾਲ ਅਲੱਗ ਕਰਨ ਵਿੱਚ ਘੱਟ ਸਮਾਂ ਲਗਦਾ ਹੈ ਤਿਆਰ ਵਰਮੀ ਕੰਪੋਸਟ ਕਾਲੇ ਭੂਰੇ ਰੰਗ ਦੀ ਗੰਧ ਰਹਿਤ ਅਤੇ ਚਾਹ ਪੱਤੀ ਵਰਗੀ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਇਸ ਨੂੰ ਛਾਂ ਹੇਠਾਂ ਹਵਾ ਵਿੱਚ ਸੁਕਾ ਕੇ ਲੋੜ ਮੁਤਾਬਕ ਥੈਲੇ ਜਾਂ ਬੋਰੀਆਂ ਵਿਚ ਪਾ ਕੇ ਰੱਖਿਆ ਜਾ ਸਕਦਾ ਹੈ ਇੱਕ ਟਨ ਵਰਮੀ ਕੰਪੋਸਟ ਵਿੱਚ 1.0-1.5 ਕਿਲੋਗ੍ਰਾਮ ਨਾਈਟਰੋਜਨ, 5-10 ਕਿਲੋਗ੍ਰਾਮ ਪੋਟਾਸ਼ ਅਤੇ 3.5-5.0 ਕਿਲੋਗ੍ਰਾਮ ਫਾਸਫੋਰਸ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਇਸ ਤੋਂ ਇਲਾਵਾ ਇਸ ਵਿੱਚ ਕਈ ਤਰ੍ਹਾਂ ਦੇ ਇੰਜਾਈਮਸ ਅਤੇ ਸੂਖਮ ਤੱਤ ਕਾਪਰ, ਆਇਰਨ, ਜ਼ਿੰਕ, ਸਲਫਰ, ਕੈਲਸ਼ੀਅਮ ਅਤੇ ਮੈਗਨੀਸ਼ੀਅਮ ਆਦਿ ਹੁੰਦੇ ਹਨ

Posted by RAJENDER KUMAR
Haryana
27-01-2020 08:30 AM
Rajender ji yaddi aap iss kam ko purri trah training lekar suru krte hai aur apko iss kam ki purri jankari hai too aap isme profit kma skte hai kyuki kisi v kam ko bina jankari se suru krne per nuksan hota hai iss liye aap iss kam ki puri training leen fir iss kam ko suru kren baki iski market apko khudd bnani padti hai..

Posted by Charan singh
Haryana
27-01-2020 08:27 AM
charan ji kripya aap kisam aur fasl dono ka poora nam btaye taki aapko iske bare men poori jankari di ja sake,dhanywad
Posted by सौरभ सिंह ग्वालियर वाले
Uttar Pradesh
27-01-2020 08:27 AM
सौरभ सिंह जी आप इसमें sulphur @5 किलो प्रति एकड़ के हिसाब से डाले

Posted by Raspreet
Punjab
27-01-2020 08:22 AM
Raspreet ji kirpa karke swal vistar nal pucho ta jo tuhanu is bare poori jankari diti ja sake.dhanwad

Posted by Raspreet
Punjab
27-01-2020 08:21 AM
ਰਸਪ੍ਰੀਤ ਜੀ ਇਹ ਸੁੰਡੀ ਹੈ ਇਸਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਦੇ ਲਈ ਤੁਸੀ quinalphos @800 ml ਨੂੰ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਸਪਰੇ ਕਰੋ ਧੰਨਵਾਦ

Posted by Bikerjeet Singh
Punjab
27-01-2020 08:17 AM
ਪੰਜਾਬ ਵਿੱਚ ਬਟੇਰ ਪਾਲਣ ਦਾ ਕੰੰਮ ਜਿੰਨੇ ਵੀ ਕਿਸਾਨ ਕਰਦੇ ਹਨ ਉਸ ਇਸ ਦਾ ਮੰਡੀਕਰਨ ਸਿਧੇ ਤੌਰ ਤੇ ਜਾ ਸ਼ੋਸ਼ਲ ਮੀਡੀਆ ਤੇ ਲਿਂਕ ਬਣਾ ਕੇ ਕਰਦੇ ਹਨ ਜੀ ਬਾਕੀ ਜੇਕਰ ਚੰਗੇ ਲਿੰਕ ਹਨ ਤਾਂ 35-40 ਦਿਨ ਦਾ ਬਟੇਰ 60-70 ਰੁਪਏ ਦਾ ਸੇਲ ਹੋ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਤੇ ਜਿਆਦਾਤਾਰ ਲੋਕ ਮੀਟ ਲਈ ਹੀ ਲੈ ਕੇ ਜਾਂਦੇ ਹਨ , ਇਸਦਾ ਅੰਡਾ 4-5 ਰੁਪਏ ਤੱਕ ਦਾ ਵਿਕ ਜਾਂਦਾ ਹੈ , ਬਾਕੀ ਮੰਡੀਕਰਨ ਲਈ ਵੱਡੇ ਹੋਟਲਾ ਵਿੱਚ ਵੀ ਵੇਚ ਸਕਦੇ ਹੋ .... (Read More)
ਪੰਜਾਬ ਵਿੱਚ ਬਟੇਰ ਪਾਲਣ ਦਾ ਕੰੰਮ ਜਿੰਨੇ ਵੀ ਕਿਸਾਨ ਕਰਦੇ ਹਨ ਉਸ ਇਸ ਦਾ ਮੰਡੀਕਰਨ ਸਿਧੇ ਤੌਰ ਤੇ ਜਾ ਸ਼ੋਸ਼ਲ ਮੀਡੀਆ ਤੇ ਲਿਂਕ ਬਣਾ ਕੇ ਕਰਦੇ ਹਨ ਜੀ ਬਾਕੀ ਜੇਕਰ ਚੰਗੇ ਲਿੰਕ ਹਨ ਤਾਂ 35-40 ਦਿਨ ਦਾ ਬਟੇਰ 60-70 ਰੁਪਏ ਦਾ ਸੇਲ ਹੋ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਤੇ ਜਿਆਦਾਤਾਰ ਲੋਕ ਮੀਟ ਲਈ ਹੀ ਲੈ ਕੇ ਜਾਂਦੇ ਹਨ , ਇਸਦਾ ਅੰਡਾ 4-5 ਰੁਪਏ ਤੱਕ ਦਾ ਵਿਕ ਜਾਂਦਾ ਹੈ , ਬਾਕੀ ਮੰਡੀਕਰਨ ਲਈ ਵੱਡੇ ਹੋਟਲਾ ਵਿੱਚ ਵੀ ਵੇਚ ਸਕਦੇ ਹੋ ਜੀ, ਤੁਸੀ ਇਸ ਕੰਮ ਦੀ ਟ੍ਰੇਨਿਗ ਅਤੇ ਬਟੇਰ ਲੈਣ ਲਈ Director Central Poultry Development Organization (Northern Region) Ministry of Agriculture & Farmers Welfare, Government of India Industrial Area, Phase-I, Chandigarh – 160 002 Tel.No: 0172-2655391 Tel.Fax: 0172-2655460 ਨਾਲ ਸੰਪਰਕ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ.
Posted by Rakesh Kumawat
Rajasthan
27-01-2020 08:04 AM
राकेश जी यह तत्व की कमी के कारण हो रहे है कृपया बताए के आपने इसमें क्या क्या खाद डाली है ताकि आपको इसके बारे में पूरी जानकारी दी जा सके धन्यवाद

Posted by sukhwinder singh
Punjab
27-01-2020 08:03 AM
Sukhwinder ji kanak nu 110 kilo urea payi jandi hai jekar tuc poori matra hale tak khet vich nahi payi ta tuc hun pa sakde ho.dhanwad
Posted by mohit yadav
Uttar Pradesh
27-01-2020 07:52 AM
mohit ji mausam vibhag ke anusar kal aur parso barish hone ki sambhavna hai.dhanywad
Posted by omprakash
Rajasthan
27-01-2020 07:44 AM
ओमप्रकाश जी आप इसके ऊपर NPK 130045 @1 किलो को 150 लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे करें धन्यवाद
Posted by Gaurav yadav
Uttar Pradesh
27-01-2020 07:20 AM
उसे आप Vitakind-liv 50-50ml सुबह शाम दें और Aptifast bolus 1-1 सुबह शाम दें इससे फर्क पड़ जाएगा बाकि आप उसके बुखार की जांच जरूर करवायें
Posted by Gaurav yadav
Uttar Pradesh
27-01-2020 07:18 AM
उसे आप Vitakind-liv 50-50ml सुबह शाम दें और Aptifast bolus 1-1 सुबह शाम दें इससे फर्क पड़ जाएगा बाकि आप उसके बुखार की जांच जरूर करवायें.
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