Posted by नरेन्द्र यादव
Uttar Pradesh
28-01-2020 03:49 PM
नरेंद्र जी कृपया आप बताये के आपने इसकी कितनी मात्रा का इस्तेमाल किया है और किस समय किया है ताकि आपको इसके बारे में पूरी जानकारी दी जा सके धन्यवाद

Posted by sodhi singh
Haryana
28-01-2020 03:47 PM
sodhi ji kripya btaye ke genhu men aapne kya kya khaad daali hai taki aapko iske bare men poori jankari di ja sake,dhanywad
Posted by Suresh Kumar Bairwa
Rajasthan
28-01-2020 03:43 PM
मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजि.... (Read More)
मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजित किया जा रहा है प्रशिक्षण कार्य कर्म में भाग लेने के लिए नीचे दिए गए नम्बर पर आज ही संपर्क करें और Rs 250/ से अपना रजिस्ट्रेशन करवाए अचल सिंह (फाउंडर )- 9711858258. धन्यवाद
Posted by lakhvir Brar
Punjab
28-01-2020 03:37 PM
Brar ji yadi apne lewa vdhane ke liye use kiye hai too 5 injection thik hai baki aap uski khurak ka dian rakhen jisse achi growth ho skee.
Posted by jaspreet singh
Punjab
28-01-2020 03:36 PM
Jaspreet ji tuci iss nu PG care tablet ja fir Agrimin-i tablet deni suru kr skde ho, isdi rojana 1 goli deo ate 21 din tak dinde rho, jekar ehh dubara heat vich aundi hai tan dubara tika bhrwa ke ehh golia 21 din tak hor deo, ehna nal pashu da infection v khtm hunda hai, bachedani di growth hundi hai ate pashu de gaban rehnn vich help mildi hai..
Posted by पवन
Rajasthan
28-01-2020 03:31 PM
पवन जी आप इसके ऊपर NPK 130045 @1 किलो को 150 लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे करें धन्यवाद

Posted by balram Thakur
Punjab
28-01-2020 03:30 PM
Thakur ji tuci uss nu Vitum-H liquid 10ml rojana, Agrimin-i golia rojana 1 goli deo ate 21 din tak dinde rho, ehna nal Agrimin powder 50gm rojana dena suru kro, iss nal frak paa jawega.

Posted by Pramod Singh
Uttar Pradesh
28-01-2020 03:28 PM
Pramod ji kripya aap apna swal vistar se pooche taki aapko iske bare men poori jankari di ja sake,dhanywad

Posted by mahendra kumar saw
Jharkhand
28-01-2020 03:27 PM
Mahendra kumar saw ji desi chicks lene ke lia aap Anuj Kumar Mehta 9534422915 (S.K. Poultry feed and chicks center) and Rajinder Singh 6299561595 (Balwant Farm Chicks) se sampark kar sakte hai, Thankyou.
Posted by प्रताप सिंह
Rajasthan
28-01-2020 03:23 PM
परताप जी लट की रोकथाम कि लिए आप quinalphos @800 ml को प्रति एकड़ के हिसाब से स्प्रे करें धन्यवाद

Posted by Jeetendra Roy
Bihar
28-01-2020 03:17 PM
अच्छे जल निकास वाली रेतली दोमट मिट्टी, जिसमें जैविक तत्व उच्च मात्रा में होते हैं करेले की खेती के लिए उपयुक्त है मिट्टी की पी एच 6.5-7.5 करेले की खेती के लिए सबसे अच्छी रहती है करेले की Pusa Do Mousami: यह गर्मियों के साथ साथ खरीफ के मौसम के लिए उपयुक्त किस्म है इसके फल मध्यम, लंबे और हरे रंग के होते हैं यह किस्म बिजाई के 55 द.... (Read More)
अच्छे जल निकास वाली रेतली दोमट मिट्टी, जिसमें जैविक तत्व उच्च मात्रा में होते हैं करेले की खेती के लिए उपयुक्त है मिट्टी की पी एच 6.5-7.5 करेले की खेती के लिए सबसे अच्छी रहती है करेले की Pusa Do Mousami: यह गर्मियों के साथ साथ खरीफ के मौसम के लिए उपयुक्त किस्म है इसके फल मध्यम, लंबे और हरे रंग के होते हैं यह किस्म बिजाई के 55 दिनों के बाद पहली तुड़ाई के लिए तैयार हो जाती है Pusa Vishesh: इसके फल हरे, पतले और मध्यम आकार के होते हैं इसकी औसतन पैदावार 48-52 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Arka Harit: इसके फल चमकदार हरे रंग के होते हैं यह किस्म बिजाई के 120 दिनों के बाद तुड़ाई के लिए तैयार हो जाती है इसके फल कम बीज वाले होते हैं और कम कड़वे होते हैं इसकी औसतन पैदावार 52 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Kashi Harit: इसके फल गहरे हरे रंग के होते हैं यह किस्म बिजाई के 50 दिनों के बाद तुड़ाई के लिए तैयार हो जाती है इसकी औसतन पैदावार 120 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Kashi Urvashi: इस किस्म के फल सीधे और हरे रंग के होते हैं यह किस्म बिजाई के 60 दिनों के बाद पहली तुड़ाई के लिए तैयार हो जाती है इसकी औसतन पैदावार 120 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Pusa Hybrid 2: इसके फल मध्यम लंबे, मोटे और चमकदार हरे होते हैं, लगा सकते हैं करेले की खेती के लिए अच्छे तरह से तैयार ज़मीन की आवश्यकता होती है मिट्टी के भुरभुरा होने तक 2-3 जोताई करें गर्मियों के मौसम में, बिजाई के लिए फरवरी से मार्च और खरीफ के मौसम के लिए, जून से जुलाई का महीना उपयुक्त होता है पहाड़ी क्षेत्रों में, मार्च से अप्रैल में बिजाई पूरी कर लें कतार से कतार में 2.0-2.5 मीटर और पौधे से पौधे में 40-50 सैं.मी. फासले का प्रयोग करें बैड के दोनों ओर बीज को बोयें प्रत्येक गड्ढे में दो से तीन बीज बोयें 3-5 सैं.मी. की गहराई पर बीज बोयें बिजाई के लिए डिबलिंग विधि का प्रयोग करें एक एकड़ में बिजाई के लिए 2-2.4 किलो बीज का प्रयोग करें Kalyanpur Baramansi के लिए 1.2-1.6 किलो बीज प्रति एकड़ में प्रयोग करें करेले की फसल को अच्छी तरह से गले हुए गाय का गोबर 8-10 टन, नाइट्रोजन 32 किलो (यूरिया 70 किलो), फासफोरस 24 किलो (एस एस पी 150 किलो) और पोटाश 24 किलो (म्यूरेट ऑफ पोटाश 40 किलो) प्रति एकड़ में डालें गाय का गोबर, पोटाश और फासफोरस की पूरी मात्रा और नाइट्रोजन की एक तिहाई मात्रा बीज की बिजाई के दो से तीन सप्ताह पहले डालें बाकी बची नाइट्रोजन को दो बराबर भागों में बांटे पहला भाग बिजाई के 25-30 दिन बाद डालें और दूसरा भाग बिजाई के 40-50 दिन के बाद डालें बारिश के मौसम में, फसल को सिंचाई की आवश्यकता नहीं होती है यदि जरूरत पड़े तो बारिश की तीव्रता और नियमितता के आधार पर सिंचाई करें मिट्टी में जल जमाव की स्थिति ना होने दें पानी के निकास का उचित प्रबंध करें गर्मियों के मौसम में 6-7 दिनों के अंतराल पर सिंचाई करें मई जून के महीने में 4-5 दिनों के अंतराल पर सिंचाई करें नदीनों की रोकथाम के लिए हाथों से गोडाई करें 2-3 गोडाई पौधे की शुरूआती वृद्धि के समय करनी चाहिए खादों की मात्रा डालने के समय मिट्टी में गोडाई की प्रक्रिया करें और मुख्यत बारिश के मौसम में मिट्टी चढ़ाएं मौसम और फसल की किस्म के आधार पर फसल 55-60 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है 2-3 दिनों के अंतराल पर फलों की तुड़ाई करें
Posted by kuldeep
Uttar Pradesh
28-01-2020 03:15 PM
प्याज़ एक प्रसिद्ध व्यापक सब्जी वाली प्रजाति है इसकी खेती अलग-अलग किस्म की मिट्टी जैसे की रेतली दोमट, चिकनी, गार और भारी मिट्टी में की जा सकती है यह गहरी दोमट और जलोढ़ मिट्टी, जिसका निकास प्रबंध बढ़िया, नमी को बरकरार रखने की समर्थता, जैविक तत्वों वाली मिट्टी में बढ़िया परिणाम देती है विरली और रेतली मिट्टी इसकी ख.... (Read More)
प्याज़ एक प्रसिद्ध व्यापक सब्जी वाली प्रजाति है इसकी खेती अलग-अलग किस्म की मिट्टी जैसे की रेतली दोमट, चिकनी, गार और भारी मिट्टी में की जा सकती है यह गहरी दोमट और जलोढ़ मिट्टी, जिसका निकास प्रबंध बढ़िया, नमी को बरकरार रखने की समर्थता, जैविक तत्वों वाली मिट्टी में बढ़िया परिणाम देती है विरली और रेतली मिट्टी इसकी खेती के लिए बढ़िया नहीं मानी जाती है, क्योंकि मिट्टी के घटिया जमाव के कारण इसमें गांठों का उत्पादन सही नहीं होता है इसकी खेती के लिए मिट्टी का pH 6-7 होना चाहिए प्रसिद्ध किस्में:-alyanpur Red Round: यह उत्तर प्रदेश की प्रसद्धि किस्म है इसकी गांठे भूरे रंग की और गोलाकार आकार की होती हैं इसके पौधे 150-160 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाते हैं इसकी औसतन पैदावार 8-10 टन प्रति एकड़ होती है Bhima Shakti: यह खरीफ के साथ साथ रबी के मौसम में उगाने के लिए उपयुक्त है यह किस्म रोपाई के 130 दिन बाद कटाई के लिए तैयार हो जाती है इसकी औसतन पैदावारा 170 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Arka Kalyan: इसकी गांठे गहरे गुलाबी रंग की होती हैं इसकी औसतन पैदावार 135 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Pusa White Round: इसकी गांठे सफेद, गोल और समतल होती हैं इसकी औसतन पैदावार 120 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Pusa white flat: इसकी गांठे सफेद, चपटी और मध्यम से बड़े आकार की होती हैं यह किस्म डीहाइड्रेशन के लिए उपयुक्त है मिट्टी को भुरभुरा बनाने के लिए तीन-चार बार गहराई से जोताई करें मिट्टी में जैविक तत्वों की मात्रा बढ़ाने के लिए रूड़ी की खाद डालें फिर खेत को छोटे-छोटे प्लाटों में बांट दे नर्सरी तैयार करने के उचित समय मध्य-अक्तूबर से मध्य-नवबंर होता है नए पौधे मध्य-दिसंबर से मध्य-जनवरी तक रोपाई के लिए तैयार हो जाते है रोपाई के लिए 10-15 सैं.मी. कद के पौधे चुनें खरीफ के मौसम में रोपाई के लिए मई से जून का महीना नर्सरी तैयार करने के लिए उपयुक्त होता है बिजाई के 6-8 सप्ताह बाद नए पौधे रोपाई के लिए तैयार हो जाते हैं जुलाई -अगस्त के महीने में रोपण कर दें रोपण के समय, पंक्तियों के बीच 15 सैं.मी. और पौधों के बीच 10 सैं.मी. का फासला रखें नर्सरी में बीज 1-2 सैं.मी. गहराई पर बोयें बिजाई के लिए रोपण विधि का प्रयोग करें एक एकड़ के लिए 2-3 किलो बीज का प्रयोग करें उखेड़ा रोग और कांव-गियारी से बचाव के लिए थीरम 2 ग्राम+बैनोमाइल 50 डब्लयू पी 1 ग्राम प्रति लीटर पानी से प्रति किलो बीजों का उपचार करें रासायनिक उपचार के बाद बायो एजेंट ट्राईकोडर्मा विराइड 2 ग्राम के साथ प्रति किलो बीजों का उपचार करने की सिफारिश की जाती है इस तरह करने से नए पौधे मिट्टी से पैदा होने वाली और अन्य बीमारीयों से बच जाते है बिजाई से 10 दिन पहले 20 टन रूड़ी की खाद डालें नाइट्रोजन 30 किलो(यूरिया 65 किलो), फासफोरस 16 किलो(सिंगल सुपर फासफेट 100 किलो) और पोटाश 16 किलो(मिउरेट ऑफ़ पोटाश 30 किलो) प्रति एकड़ डालें फासफोरस और पोटाश की पूरी मात्रा और नाइट्रोजन की आधी मात्रा रोपण के समय डालें बाकी बची नाइट्रोजन को दो भागों में बांटकर रोपाई के बाद टॉप ड्रेसिंग के तौर पर 30वें और 45वें दिन डालें मिट्टी की किसम और जलवायु के आधार पर सिंचाई की मात्रा और आवर्ती का फैसला करें आमतौर पर, इसे 5-8 सिंचाइयों की आवश्यकता होती है पहली सिंचाई बिजाई के तुरंत बाद करें और दूसरी सिंचाई रोपाई के तीन दिन बाद करें बाकी की सिंचाई आवश्यकता और मिट्टी में नमी के आधार पर 7-10 दिनों के अंतराल पर करें पुटाई के 10-15 दिन पहले सिंचाई बंद कर दें अत्याधिक सिंचाई ना करें शुरुआत में नए पौधे धीरे-धीरे बढ़ते है इसलिए नुकसान से बचाव के लिए गोड़ाई की जगह रासायनिक नदीन-नाशक का प्रयोग करें रोकथाम के लिए बिजाई से 72 घंटे में पेंडीमैथालीन(स्टंप) 1 लीटर को 200 लीटर पानी में मिलाकर प्रति एकड़ में स्प्रे करें नदीनों के अंकुरण उपरांत बिजाई से 7 दिन बाद आक्सीफ्लोरफैन 425 मि.ली. को 200 लीटर पानी में मिलाकर प्रति एकड़ में स्प्रे करें नदीनों की रोकथाम के लिए 2-3 गोड़ाईयों की सिफारिश की जाती है पहली गोड़ाई बिजाई से एक महीने बाद और दूसरी गोड़ाई, पहली से एक महीने बाद करें सही समय पर पुटाई करना बहुत जरूरी है पुटाई का समय किस्म,ऋतु,मंडी रेट आदि पर निर्भर करता है 50% पौधे की पत्तियां नीचे की तरफ गिरना दर्शाता है कि फसल पुटाई के लिए तैयार है फसल की पुटाई हाथों से प्याज़ को उखाड़ कर की जाती है पुटाई के बाद इनको 2-3 दिन के लिए अनावश्यक नमी निकालने के लिए खेत में छोड़ दे धन्यवाद
Posted by manjot grewal
Punjab
28-01-2020 03:11 PM
manjot ji kirpa karke jdan di photo v bhejo ta jo tuhanu is bare poori jankari diti ja sake,dhanwad

Posted by Gopal Vishvakarma
Uttar Pradesh
28-01-2020 03:11 PM
गोपाल जी यदि आप 100 किलो फीड तैयार करते है तो आप उसमें 1 किलो तक नमक डाल सकते है इसके लिए इलावा आप पाकिस्तानी नमक के बड़े टुकड़े को पशुओं की खुरली में रख दें जिसे पशु हमेशा चाटता रहे इससे पशु का हाज़मा अच्छा रहता है और अच्छी ग्रोथ होती है
Posted by TOLIRAMBHIL Rana
Rajasthan
28-01-2020 03:06 PM
धनिया रबी के मौसम की फसल है इसकी बिजाई के लिए 15 अक्तूबर से 15 नवंबर का समय अनुकूल होता है
Posted by BHERU LAL GURJAR
Rajasthan
28-01-2020 03:03 PM
भेरू लाल जी कृपया आप बताये कि आपने इसमें बिजाई किस ढंग से की है ताकि आपको इसके बारे में पूरी जानकारी दी जा सके धन्यवाद
Posted by TOLIRAMBHIL Rana
Rajasthan
28-01-2020 03:01 PM
धनिया रबी के मौसम की फसल है इसकी बिजाई के लिए 15 अक्तूबर से 15 नवंबर का समय अनुकूल होता है
Posted by Rajendra Singh
Rajasthan
28-01-2020 02:59 PM
rajendra ji yeh kisam par nirbahr karti hai vaise yeh lagbhag 60 din tak pehli tudayi ke liye tyar ho jati hai,dhanywad

Posted by Ajinkya makode
Maharashtra
28-01-2020 02:46 PM
Makode ji kripya aap apna swal vistar se pooche taki aapko iske bare men poori jankari di ja sake,dhanywad
Posted by Lokesh Sharma
Rajasthan
28-01-2020 02:35 PM
बारानी क्षेत्रों में मुख्यत: बंगाल ग्राम की खेती की जाती है यदि पानी उपलब्ध हो तो पहली सिंचाई बिजाई के 40-45 दिनों के बाद, फूल निकलने के बाद करें और अगली सिंचाई फली के विकास के बाद करें यदि सिर्फ एक सिंचाई उपलब्ध हो तो बिजाई के 60 दिनों के बाद करें
Posted by Krishna Rajput
Uttar Pradesh
28-01-2020 02:25 PM
बसंत के मौसम के लिए नर्सरी नवंबर-दिसंबर में तैयार करें जबकि सर्दियों में KE मौसम में सितंबर-अक्तूबर महीने में नर्सरी में बीजों को बोयें नर्सरी में बीजों को 0-5 सैं.मी. गहराई में बोयें और मिट्टी से ढक दें

Posted by सुरेश कुमार शर्मा
Chattisgarh
28-01-2020 02:03 PM
सुरेश जी यह sucking insect है जो पत्तों से रस चूसते है जिस से पत्ते इकठे हो जाते है और पौधे की ग्रोथ रुक जाती है इसकी रोकथाम के लिए आप imidacloprid @15 ml को प्रति लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे करें धन्यवाद

Posted by ਗੁਰਮੇਲ ਸਿੰਘ
Punjab
28-01-2020 02:01 PM
ਗੁਰਮੇਲ ਜੀ topik ਫ਼ਸਲ ਨੂੰ ਨੁਕਸਾਨ ਕਰ ਸਕਦੀ ਹੈ ਤੁਸੀ 2,4 D ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਧੰਨਵਾਦ

Posted by Daljeet singh
Punjab
28-01-2020 01:49 PM
Daljeet ji eh kungi de lashan lag rahe han isdi roktham de layi tuc tilt@200ml ko prati acre ke hisab se spray karen.dhanywad

Posted by Subash Maury
Uttar Pradesh
28-01-2020 01:46 PM
Subash ji kripya aap apna swal vistar se pooche taki aapko iske bare men poori jankari di ja sake,dhanywad

Posted by Ankit Kumar
Uttar Pradesh
28-01-2020 01:39 PM
ankit ji up men 1 acre men 900 paudhe lagte hai jiske hisab se 155 paudhe ek bighe men lagte hai.dhanywad

Posted by shergill
Punjab
28-01-2020 01:33 PM
Shergill ji tuci sukki khal di varto kr skde ho iss nu tuci feed vich milla ke de skde ho, isda koi nuksan nhi hunda hai, baki tuhade pashu de khan te nirbhar hai jekar ohh sukki khanda hai tan sukki feed deo ate jekar gilli khanda hai tan uss hisab nal de skde ho..

Posted by shailendra Chaudhary
Uttar Pradesh
28-01-2020 01:30 PM
चौदरी जी कृपया बताये कि प्याज में क्या समस्या आ रही है ताकि आपको इसके बारे में जानकारी दी जा सके धन्यवाद

Posted by sidhu
Punjab
28-01-2020 01:17 PM
ਸਿੱਧੂ ਜੀ ਤੁਸੀ ਇਸਦੇ ਉਪਰ magnese sulphate @1 ਕਿਲੋ ਨੂੰ 150 ਲੀਟਰ ਪਾਣੀ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਸਪਰੇ ਕਰੋ ਇਸਦੀ ਸਪਰੇ ਤੁਸੀ ਹਫਤੇ ਬਾਅਦ ਦੁਬਾਰਾ ਕਰੋ ਧੰਨਵਾਦ
Posted by Fefar
Gujarat
28-01-2020 01:07 PM
फेफर जी आप मिर्च की किस्मे जैसे Pusa Jwala, Pusa Sadabahar, Arka Meghana, Arka Sweta, Kashi Surkh, Chilli-101,Chilli-111, Chilli-131, Chilli-112, Chilli-Hybrid-1, Pant C-1 ki bijai kar sakte hai की बिजाई कर सकते है इसकी मुख्य खेत में रोपाई की जाती है नर्सरी में बीजों को 3-5 सैं.मी. की गहराई में बोयें और फिर मिट्टी से ढक दें 1 मीटर चौड़े और आवश्यकतानुसार लंबे बैड बनाएं कीटाणु रहित कोकोपिट 300 किलो, 5 किलो नीम केक को .... (Read More)
फेफर जी आप मिर्च की किस्मे जैसे Pusa Jwala, Pusa Sadabahar, Arka Meghana, Arka Sweta, Kashi Surkh, Chilli-101,Chilli-111, Chilli-131, Chilli-112, Chilli-Hybrid-1, Pant C-1 ki bijai kar sakte hai की बिजाई कर सकते है इसकी मुख्य खेत में रोपाई की जाती है नर्सरी में बीजों को 3-5 सैं.मी. की गहराई में बोयें और फिर मिट्टी से ढक दें 1 मीटर चौड़े और आवश्यकतानुसार लंबे बैड बनाएं कीटाणु रहित कोकोपिट 300 किलो, 5 किलो नीम केक को मिलाए और 1-1किलो एज़ोसपीरिलियम और फासफोबैक्टीरिया भी डालें उपचार किए हुए बीज ट्रे में एक बीज प्रति सैल बोयें बीज को कोकोपिट से ढक दें और ट्रे एक- दूसरे के साथ रखें बीज अंकुरन तक इन्हें पॉलीथीन से ढक दें नर्सरी में बीज बीजने के बाद बैडों को 400 मैश नाइलोन जाल या पतले सफेद कपड़े से ढक दें यह नए पौधों को कीड़े-मकौड़े और बीमारियों के हमले से बचाता है 6 दिनों के बाद, ट्रे में लगे नए पौधों को एक एक करके जाल की छांव के नीचे बैडों में लगाएं बीज अंकुरन तक पानी देने वाले बर्तन की मदद से पानी दें बिजाई के 18 दिन बाद 19:19:19 की 0.5 % (5 ग्राम प्रति लीटर ) की स्प्रे करें

Posted by palwinder singh
Punjab
28-01-2020 12:58 PM
Palwinder ji isnu potash pa ke halki sinchai kar deo.dhanwad

Posted by subhash
Haryana
28-01-2020 12:44 PM
सुभाष जी कृपया आप बताये कि आपने इसमें क्या क्या खाद डाली है ताकि आपको इसके बारे में पूरी जानकारी दी जा सके धन्यवाद
Posted by gagan
Punjab
28-01-2020 12:42 PM
ਗਗਨ ਜੀ ਫਰਵਰੀ ਦੇ ਅਖੀਰ ਤੋਂ ਮਾਰਚ ਦੇ ਪਹਿਲੇ ਹਫਤੇ ਪੁਟਾਈ ਕੀਤੀ ਜਾ ਸਕਦੀ ਹੈ

Posted by peeyush kumar
Chattisgarh
28-01-2020 12:40 PM
peeyush ji kripya btaye ke aapne isme kya kya khaad daali hai taki aapko iske bare men poori jankari di ja sake.dhanywad

Posted by ਗੁਰਵਿੰਦਰ ਸਿੰਘ
Punjab
28-01-2020 12:39 PM
Us nu tuci Metphos injection 15ml, Tinacal injection 20ml , Nurokind injection 10ml lgwao, eh 3 din lgatar lgwao ate 10 din badd repeat kro ji..
Posted by ਹਰਦੀਪ ਸਿੰਘ ਸੰਘਾ
Punjab
28-01-2020 12:34 PM
ਇਸ ਫਸਲ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਲਈ ਮਾਰਚ ਤੋਂ ਅੱਧ ਜੁਲਾਈ ਤੱਕ ਦਾ ਸਮਾਂ ਸਰਵੋਤਮ ਹੁੰਦਾ ਹੈ

Posted by Virendra
Madhya Pradesh
28-01-2020 12:27 PM
आप उसे Fatplus पाउडर 50 ग्राम या Fatmax पाउडर 50 ग्राम और glactogog पाउडर 50—50 ग्राम सुबह शाम दें, आप उसे अच्छी फीड के साथ एक किलो सरसों की खल, 1 किलो बिनौला खल सुबह शाम दें , 20 ग्राम मीठा सोडा रोजाना एक बार दें इससे फर्क पड़ जाएगा..
Posted by Deepak Kalosiya
Madhya Pradesh
28-01-2020 12:12 PM
इसे बहुत तरह की मिट्टी में उगाया जा सकता है यह घटिया निकास प्रबंध को भी सहन कर सकती है यह सैलाबी दलदली मिट्टी में अच्छी पैदावार देती है इसे दलदली इलाकों, नहरों और अन्य जल स्त्रोतों के पास उगाया जा सकता है इसके अच्छे विकास के लिए इसे तेजाबी मिट्टी की जरूरत होती है ब्राह्मी की खेती के लिए, भुरभुरी और समतल मिट.... (Read More)
इसे बहुत तरह की मिट्टी में उगाया जा सकता है यह घटिया निकास प्रबंध को भी सहन कर सकती है यह सैलाबी दलदली मिट्टी में अच्छी पैदावार देती है इसे दलदली इलाकों, नहरों और अन्य जल स्त्रोतों के पास उगाया जा सकता है इसके अच्छे विकास के लिए इसे तेजाबी मिट्टी की जरूरत होती है ब्राह्मी की खेती के लिए, भुरभुरी और समतल मिट्टी की जरूरत होती है मिट्टी को अच्छी तरह भुरभुरा बनाने के लिए, खेत को जोतें और फिर हैरों का प्रयोग करें जब ज़मीन को प्लाटों में बदल दिया जाये तो तुरंत सिंचाई करें जोताई करते समय 20 क्विंटल रूड़ी की खाद डालें और मिट्टी में अच्छी तरह मिला दें इसकी बिजाई मध्य जून या जुलाई महीने के शुरू में कर लेनी चाहिए पनीरी वाले पौधों का रोपण् 20x20 सैं.मी. के फासले पर करें इसकी बिजाई मुख्य खेत में पनीरी लगा कर की जाती है एक एकड़ खेत में बिजाई के लिए लगभग 25000 कटे हिस्सों की जरूरत होती है जड़ों वाले पौधे तैयार किए बैडों पर बोयें जब पनीरी वाले पौधे 4-5 सैं.मी. लंबे हो जाये तो रोपण करें और 20x20 सैं.मी. के फासले पर बोयें रोपण करने के तुरंत बाद सिंचाई करें आमतौर पर मार्च-जून महीने में रोपण किया जाता है पौधे के अच्छे विकास के लिए सिंचाई निश्चित फासले पर करें कटाई सितंबर महीने में करनी चाहिए खेत की तैयारी के समय 20 क्विंटल रूड़ी की खाद डालें और अच्छी तरह मिट्टी में मिलायें इसके इलावा नाइट्रोजन 40 किलो (87 किलो यूरिया), फासफोरस 24 किलो (150 किलो सिंगल सुपर फासफेट) और पोटाश 24 किलो (40 किलो म्यूरेट ऑफ पोटाश) की मात्रा प्रति एकड़ में प्रयोग करें फासफोरस और पोटाश को शुरूआती खाद के तौर पर डालें और नाइट्रोजन को 3 हिस्सों में डालें पहला हिस्सा बिजाई के 30 दिन बाद, फिर दूसरा हिस्सा 60-70 दिन बाद और तीसरा हिस्सा 90 दिनों के बाद डालें खेत को नदीन मुक्त रखने के लिए हाथों से गोडाई करें पहली गोडाई पनीरी लगाने के 15-20 दिनों के बाद और फिर दूसरी गोडाई 2 महीनों के फासले पर करें यह वर्षा ऋतु की फसल है, इसलिए इसे वर्षा ऋतु खत्म होने के बाद तुरंत पानी की आवश्यकता होती है सर्दियों में 20 और गर्मियों में 15 दिनों के फासले पर सिंचाई करें

Posted by Rajinder singh
Punjab
28-01-2020 12:06 PM
Rajinder ji tuc isde uper pathiyan de pani di spray karo. isde layi tuc 6-7 pathiyan nu 50 litre pani vich dbo ke rakho ate 3-4 din bad jadi eh pani 25 litre pani reh jaye ta usde vich 90 litre pani mila ke prati acre de hisab nal spray karo.dhanwad
Posted by Sandeep singh
Uttar Pradesh
28-01-2020 12:04 PM
संदीप जी आप इसके ऊपर NPK 130045 @1 किलो को 150 लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे करें धन्यवाद

Posted by bhasin
Punjab
28-01-2020 12:03 PM
Bhasin ji is sall makki da MSP rate 1760/q chal reha hai, Thankyou.
Posted by Sandeep singh
Uttar Pradesh
28-01-2020 11:54 AM
संदीप जी आप इसके ऊपर NPK 130045 @1 किलो को 150 लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे करें धन्यवाद
Posted by Gurjeet Brar Brar
Punjab
28-01-2020 11:54 AM
ਗੁਰਜੀਤ ਜੀ ਕ੍ਰਿਪਾ ਕਰਕੇ ਦੱਸੋ ਕੇ ਤੁਸੀ ਇਸਦੇ ਵਿਚ ਕਿਹੜੀ ਕਿਹੜੀ ਖਾਦ ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਕੀਤੀ ਹੈ ਤਾ ਜੋ ਤੁਹਾਨੂੰ ਇਸ ਬਾਰੇ ਪੂਰੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਦਿਤੀ ਜਾ ਸਕੇ ਧੰਨਵਾਦ

Posted by Arvind Kumar Kushwaha
Uttar Pradesh
28-01-2020 11:47 AM
Arvind ji iske patton ke neeche machar ka hamla check karen agar maujood hai to aap iske uper imidacloprid@1.5ml ko prati aikad ke hisab se spray karen dhanywad

Posted by palwinder singh
Punjab
28-01-2020 11:47 AM
ਨਦੀਨਾਂ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਲਈ 2 ਹਫਤਿਆਂ ਦੇ ਫਾਸਲੇ ਤੇ, ਜਦੋਂ ਨਦੀਨ ਘੱਟ ਹੋਣ 2-3 ਗੋਡੀਆਂ ਕਰੋ ਤੋਰੀਏ ਦੀ ਫਸਲ ਵਿੱਚ ਨਦੀਨਾਂ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਲਈ ਫਸਲ ਉਗਾਉਣ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾਂ ਟਰਾਈਫਲੂਰਾਲਿਨ 400 ਮਿਲੀਲੀਟਰ ਨੂੰ 200 ਲੀਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿੱਚ ਪਾ ਕੇ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਤੇ ਛਿੜਕਾਅ ਕਰੋ ਰਾਇਆ ਦੀ ਫਸਲ ਲਈ ਬਿਜਾਈ ਤੋਂ 2 ਦਿਨ ਪਹਿਲਾਂ ਜਾਂ ਬਿਜਾਈ ਤੋਂ 25-30 ਦਿਨ ਬਾਅਦ ਆਈਸੋਪਰੋਟਿਊਰੋਨ 75 ਡਬਲਿਯੂ ਪੀ 300 ਗ੍ਰਾਮ ਨੂੰ 200 ਲ.... (Read More)
ਨਦੀਨਾਂ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਲਈ 2 ਹਫਤਿਆਂ ਦੇ ਫਾਸਲੇ ਤੇ, ਜਦੋਂ ਨਦੀਨ ਘੱਟ ਹੋਣ 2-3 ਗੋਡੀਆਂ ਕਰੋ ਤੋਰੀਏ ਦੀ ਫਸਲ ਵਿੱਚ ਨਦੀਨਾਂ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਲਈ ਫਸਲ ਉਗਾਉਣ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾਂ ਟਰਾਈਫਲੂਰਾਲਿਨ 400 ਮਿਲੀਲੀਟਰ ਨੂੰ 200 ਲੀਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿੱਚ ਪਾ ਕੇ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਤੇ ਛਿੜਕਾਅ ਕਰੋ ਰਾਇਆ ਦੀ ਫਸਲ ਲਈ ਬਿਜਾਈ ਤੋਂ 2 ਦਿਨ ਪਹਿਲਾਂ ਜਾਂ ਬਿਜਾਈ ਤੋਂ 25-30 ਦਿਨ ਬਾਅਦ ਆਈਸੋਪਰੋਟਿਊਰੋਨ 75 ਡਬਲਿਯੂ ਪੀ 300 ਗ੍ਰਾਮ ਨੂੰ 200 ਲੀਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿੱਚ ਪਾ ਕੇ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਤੇ ਬਿਜਾਈ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਸਪਰੇਅ ਕਰੋ
Posted by AaTish SuThar
Haryana
28-01-2020 11:44 AM
अगर आप नए सिरे से मक्खी पालन का व्यवसाय शुरू करना चाहते हैं तो अगस्त से जनवरी तक शुरू किया जा सकता है इसमें 100 मक्खी के बक्सों से आप औसतन 25000-30000 तक का मुनाफा ले सकते हैं शुरूआत में यदि आप 100 बक्सों से काम शुरू करते हैं तो औसतन 4-5 लाख तक खर्चा आता है आप अपने बजट के हिसाब से बक्सों की गिणती कम ज्यादा कर सकते हैं बाकी यदि.... (Read More)
अगर आप नए सिरे से मक्खी पालन का व्यवसाय शुरू करना चाहते हैं तो अगस्त से जनवरी तक शुरू किया जा सकता है इसमें 100 मक्खी के बक्सों से आप औसतन 25000-30000 तक का मुनाफा ले सकते हैं शुरूआत में यदि आप 100 बक्सों से काम शुरू करते हैं तो औसतन 4-5 लाख तक खर्चा आता है आप अपने बजट के हिसाब से बक्सों की गिणती कम ज्यादा कर सकते हैं बाकी यदि इसकी ट्रेनिंग लेकर शुरू करें तो बढ़िया रहेगा ट्रेनिंग में आपको पूरी जानकरी मिलेगी किस तरह से इसका रख रखाव करना होता है जी और उसके बाद जब आपने यह काम शुरू करना है तो आप बक्से नज़दीकी किसी भी मधुमखी पालन का काम करने वाले किसान से खरीद सकते हो जीl

Posted by jivraj singh
Rajasthan
28-01-2020 11:43 AM
Jivraj singh ji is ke lia aap apne jile ke Krishi Vigyan Kendra Jaisalmer(Jaisalmer - 345001 Rajasthan) se samparak kare, thankyou.
Posted by sandeep Goswami
Uttar Pradesh
28-01-2020 11:41 AM
संदीप जी आप गेंहू के ऊपर NPK 191919 @1 किलो को 150 लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे करें धन्यवाद
Posted by Mandeep dhillon
Punjab
28-01-2020 11:39 AM
ਇਸ ਨੂੰ ਪੇਟ ਦੇ ਕੀੜਿਆਂ ਲਈ Bandykind plus ਗੋਲੀ ਦਿਓ ਅਤੇ Ovumin advance tablet ਰੋਜਾਨਾ ਇਕ ਗੋਲੀ ਦਿਓ ਅਤੇ 21 ਦਿਨ ਤਕ ਦਿਓ, ਇਸ ਨਾਲ ਹੀਟ ਵਿਚ ਆ ਜਾਵੇਗੀ.
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