Posted by bhupinder chhina
Punjab
30-01-2020 12:05 PM
ਤੁਸੀ ਇਸ ਨੂੰ Vitum-H injection 5ml ਲਗਵਾਓ ਇਹ ਤੁਸੀ 3-3 ਦਿਨਾਂ ਦੇ ਫਰਕ ਨਾਲ 5 ਇੰਜੇਕਸ਼ਨ ਲਗਵਾਓ, ਤੁਸੀ ਕਲਮੀਸ਼ੋਰਾ 500ਗ੍ਰਾਮ, ਜੋ ਖਾਰ 250ਗ੍ਰਾਮ, ਮਿਠਾਸੋਡਾ 250ਗ੍ਰਾਮ, ਨਸ਼ਾਦਰ 150ਗ੍ਰਾਮ, ਖੰਡ 2 ਕਿਲੋ ਅਤੇ ਮਿਠਾ ਤੇਲ 2 ਕਿਲੋ ਲਉ ਤੇ ਪਹਿਲਾਂ ਖੰਡ ਦੀ ਚਾਸਣੀ ਬਣਾਉਣ ਤੇ ਫਿਰ ਉਸ ਵਿਚ ਮਿੱਠਾ ਤੇਲ ਪਾਉ ਤੇ ਉਬਾਲੋ ਫਿਰ ਉਸ ਵਿਚ ਬਾਕੀ ਸਾਰਾ ਸਾਮਾਨ ਪਾਉ ਤੇ ਉਬਾਲ ਕੇ ਠਾਰ ਕੇ ਪੰਜ ਹਿੱਸੇ ਕਰ ਲਉ ਤੇ ਇਕ ਹਿੱਸਾ ਰੋ.... (Read More)
ਤੁਸੀ ਇਸ ਨੂੰ Vitum-H injection 5ml ਲਗਵਾਓ ਇਹ ਤੁਸੀ 3-3 ਦਿਨਾਂ ਦੇ ਫਰਕ ਨਾਲ 5 ਇੰਜੇਕਸ਼ਨ ਲਗਵਾਓ, ਤੁਸੀ ਕਲਮੀਸ਼ੋਰਾ 500ਗ੍ਰਾਮ, ਜੋ ਖਾਰ 250ਗ੍ਰਾਮ, ਮਿਠਾਸੋਡਾ 250ਗ੍ਰਾਮ, ਨਸ਼ਾਦਰ 150ਗ੍ਰਾਮ, ਖੰਡ 2 ਕਿਲੋ ਅਤੇ ਮਿਠਾ ਤੇਲ 2 ਕਿਲੋ ਲਉ ਤੇ ਪਹਿਲਾਂ ਖੰਡ ਦੀ ਚਾਸਣੀ ਬਣਾਉਣ ਤੇ ਫਿਰ ਉਸ ਵਿਚ ਮਿੱਠਾ ਤੇਲ ਪਾਉ ਤੇ ਉਬਾਲੋ ਫਿਰ ਉਸ ਵਿਚ ਬਾਕੀ ਸਾਰਾ ਸਾਮਾਨ ਪਾਉ ਤੇ ਉਬਾਲ ਕੇ ਠਾਰ ਕੇ ਪੰਜ ਹਿੱਸੇ ਕਰ ਲਉ ਤੇ ਇਕ ਹਿੱਸਾ ਰੋਜਾਨਾ ਰਾਤ ਵੇਲੇ ਦਿਉ ਤੇ ਪਸ਼ੂ ਨੂੰ ਤ੍ਰੇਲ ਵਿਚ ਨਾ ਬੰਨ੍ਹੋ ਤੇ ਨਾ ਹੀ 6 ਦਿਨ ਨਵਾਹੋ ਅਤੇ Milkout ਪਾਊਡਰ 15-15gm ਸਵੇਰੇ ਸ਼ਾਮ ਦਿਓ, ਇਸ ਨਾਲ ਫਰਕ ਪੈ ਜਾਵੇਗਾ.
Posted by Balwant Singh
Haryana
30-01-2020 12:00 PM
श्री मान कृपया इसकी फोटो भेजें ताकि आपको सही जानकारी दी जा सके
Posted by Yadveer
Haryana
30-01-2020 11:43 AM
Yadveer ji makhi palan ki training ke lia aap apne jile ke Krishi Vigyan Kendra, Sirsa, Haryana me sampak kare, same same pe kisana ki mang pe training chalti hi rehti,Thankyou.
Posted by RAKESH YADAV
Uttar Pradesh
30-01-2020 11:00 AM
Rakesh ji kripya btaye ke konse keet ka hamla hua hai taki aapko uske hisab se jankari di ja sake.dhanywad
Posted by ਸਰਬਜੋਤ ਸਿੰਘ ਚੀਮਾਂ
Punjab
30-01-2020 10:56 AM
ਹਾਜੀ ਸਤਿ ਸ਼੍ਰੀ ਅਕਾਲ ਜੀ ਤੁਹਾਡੇ ਵੱਲੋਂ ਪੁੱਛੇ ਸਾਰੇ ਸਵਾਲਾਂ ਦਾ ਜਵਾਬ ਦਾ ਦਿੱਤਾ ਜਾ ਚੁੱਕਿਆ ਹੈ ਤੁਸੀ ਆਪਣੇ ਸਵਾਲਾਂ ਦੇ ਜਵਾਬ ਦੇਖਣ ਲਈ ਐਪ ਵਿੱਚ ਮੇਰੇ ਸਵਾਲ ਤੇ ਕਲਿੱਕ ਕਰਕੇ ਜਾਂ ਫਿਰ ਮੇਰੀ ਪ੍ਰੋਫਾਈਲ ਦੇ ਹੇਠਾ ਆਪਣੇ ਸਵਾਲ ਜਵਾਬ ਦੇਖ ਸਕਦੇ ਹੋ ਵੀ ਜੇਕਰ ਤੁਹਾਨੂੰ ਜਵਾਬ ਸਬੰਧੀ ਕਿਸੇ ਤਰਾਂ ਦੀ ਸਮੱਸਿਆ ਆ ਰਹੀ ਹੈ ਤਾਂ ਤੁਸੀ ਸਾਡੇ ਹੈਲਪਲਾਈਨ ਨੰਬਰ: 97799-77641 ਤੇ ਕਾਲ ਕਰ ਸਕਦੇ .... (Read More)
ਹਾਜੀ ਸਤਿ ਸ਼੍ਰੀ ਅਕਾਲ ਜੀ ਤੁਹਾਡੇ ਵੱਲੋਂ ਪੁੱਛੇ ਸਾਰੇ ਸਵਾਲਾਂ ਦਾ ਜਵਾਬ ਦਾ ਦਿੱਤਾ ਜਾ ਚੁੱਕਿਆ ਹੈ ਤੁਸੀ ਆਪਣੇ ਸਵਾਲਾਂ ਦੇ ਜਵਾਬ ਦੇਖਣ ਲਈ ਐਪ ਵਿੱਚ ਮੇਰੇ ਸਵਾਲ ਤੇ ਕਲਿੱਕ ਕਰਕੇ ਜਾਂ ਫਿਰ ਮੇਰੀ ਪ੍ਰੋਫਾਈਲ ਦੇ ਹੇਠਾ ਆਪਣੇ ਸਵਾਲ ਜਵਾਬ ਦੇਖ ਸਕਦੇ ਹੋ ਵੀ ਜੇਕਰ ਤੁਹਾਨੂੰ ਜਵਾਬ ਸਬੰਧੀ ਕਿਸੇ ਤਰਾਂ ਦੀ ਸਮੱਸਿਆ ਆ ਰਹੀ ਹੈ ਤਾਂ ਤੁਸੀ ਸਾਡੇ ਹੈਲਪਲਾਈਨ ਨੰਬਰ: 97799-77641 ਤੇ ਕਾਲ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋਂ

Posted by Pavan Kumar
Uttar Pradesh
30-01-2020 10:54 AM
श्री मान मोटे आलुओं की पैदावार के लिए 13:0:45 की 2 किलो और मैगनीश्यिम ई डी टी ए 100 ग्राम प्रति एकड़ की स्प्रे करें बीमारियों के हमले को रोकने के लिए फंगसनाशी प्रॉपीनेब 3 ग्राम प्रति लीटर पानी डालें आलुओं का आकार और गिणती बढ़ाने के लिए हयूमिक एसिड (12 प्रतिशत) 3 ग्राम + एम ए पी 12:61:0 की 8 ग्राम या डी ए पी 15 ग्राम प्रति लीटर की स्.... (Read More)
श्री मान मोटे आलुओं की पैदावार के लिए 13:0:45 की 2 किलो और मैगनीश्यिम ई डी टी ए 100 ग्राम प्रति एकड़ की स्प्रे करें बीमारियों के हमले को रोकने के लिए फंगसनाशी प्रॉपीनेब 3 ग्राम प्रति लीटर पानी डालें आलुओं का आकार और गिणती बढ़ाने के लिए हयूमिक एसिड (12 प्रतिशत) 3 ग्राम + एम ए पी 12:61:0 की 8 ग्राम या डी ए पी 15 ग्राम प्रति लीटर की स्प्रे पौधे की वृद्धि के समय करें

Posted by Kuldeep Singh
Rajasthan
30-01-2020 10:53 AM
usko aap achi khurak aur feed deni suru kren aur usko pett ke kirro ke liye Flukarid-Ds bolus den aur her 3 mahine ke badd salt change krke goli jrur den, iske sath aap Glactogog powder 1-1 pouch subah sham den aur Calpond powder 50gm rojana dena suru kren, isse frak padd jayega.

Posted by pranav patel
Gujarat
30-01-2020 10:38 AM
प्रणव जी कृपया अपना सवाल हिंदी और अंग्रेजी में पूछें ताकि आपको सही जानकारी दी जा सके धन्यवाद

Posted by हरिनाथ बिन्द वीरपुर मिर्ज़ापुर उत्तर प्रदेश (भारत)
Uttar Pradesh
30-01-2020 10:30 AM
बकरी पालन बहुत ही लाभकारी काम है शुरूआत करने के लिए आप 10 बकरियों और 2 बकरे के साथ कर सकत हैं इन्हें खुराक कम चाहिए इसलिए इन्हें आसानी से पाल सकते हैं ये हर प्रकार के मौसम में पाली जा सकती हैं बकरियां 12-14 महीने में बच्चे देना शुरू कर देती है एक बकरी के लिए लगभग 12—15 वर्ग फीट जगह छती हुई और 25—30 वर्ग फीट जगह खुली चाहिए .... (Read More)
बकरी पालन बहुत ही लाभकारी काम है शुरूआत करने के लिए आप 10 बकरियों और 2 बकरे के साथ कर सकत हैं इन्हें खुराक कम चाहिए इसलिए इन्हें आसानी से पाल सकते हैं ये हर प्रकार के मौसम में पाली जा सकती हैं बकरियां 12-14 महीने में बच्चे देना शुरू कर देती है एक बकरी के लिए लगभग 12—15 वर्ग फीट जगह छती हुई और 25—30 वर्ग फीट जगह खुली चाहिए बकरी का गर्भ समय 150 दिन का होता है और साल में 1-5 बच्चे देती है साल में दो बच्चे देना आम बात है बकरियां 8-10 वर्ष तक बच्चे देती हैं और अपन गिनती को तेजी से बढ़ा लेती हैं आप बारबरी, ब्लैक बंगाल, जैसी नसल पाल सकते हैं यदि आप बीटल नस्ल रखना चाहते है तो यह लगभग 20—25 हज़ार तक अच्छी ग्रोथ वाली बकरी मिल जाएगी फिर आप अपने बजट के हिसाब से इस काम को कर सकते है.

Posted by babbu
Punjab
30-01-2020 10:29 AM
Babbu ji kirpa krke apne swal vistar nal pusho ji tuci ki jankari lena chahunde ho tan jo tuhanu sahi jankari diti ja skee

Posted by Nirbhay singh
Punjab
30-01-2020 10:26 AM
ਤੁਸੀ ਉਸ ਨੂੰ ਸੂਣ ਤੋਂ 2 ਮਹੀਨੇ ਪਹਿਲਾ Vitum-H liquid 10-10ml ਸਵੇਰੇ ਸ਼ਾਮ ਦੇਣਾ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ ਅਤੇ ਪੇਟ ਦੇ ਕੀੜਿਆਂ ਲਈ Flukarid-DS ਗੋਲੀ ਦਿਓ ਅਤੇ ਵਧਿਆ ਖੁਰਾਕ ਅਤੇ ਫੀਡ ਦਿਓ ਫਿਰ ਜਦੋ ਸੂਣ ਵਿਚ ਇਕ ਮਹੀਨਾ ਰਹਿ ਜਾਵੇ ਫਿਰ ਤੁਸੀ Vitum-H ਦੇ ਨਾਲ Metabolite ਪਾਊਡਰ ਦੀ ਰੋਜਾਨਾ 1 ਪੂੜੀ ਦੇਣੀ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ ਇਹਨਾਂ ਨਾਲ ਲੇਵਾ ਅਤੇ ਦੁੱਧ ਵਧਿਆ ਹੋ ਜਾਵੇਗਾ..
Posted by Aman
Uttar Pradesh
30-01-2020 10:23 AM
अमन जी फसलें बहुत सी है कृपया आप बताये कि आप कौन सी फसल के वैज्ञानिक नाम के बारे में जानकारी लेना चाहते है ताकि आपको इसके बारे में पूरी जानकारी दी जा सके धन्यवाद
Posted by Neelam Kumar
Himachal Pradesh
30-01-2020 10:22 AM
Neelam ji aap inko backyard mai v rakh skte hai, yaddi aap waha achi trah care krte hai too inko backyard mai v achi trah pala ja skta hai.
Posted by उदित बारस्कर
Madhya Pradesh
30-01-2020 10:18 AM
कृप्या आप अपना सवाल विस्तार से पूछें आपने इसमें कौनसी खाद डाली है ताकि आपको इसके बारे में पूरी जानकारी दी जा सके

Posted by असलम मंसूरी
Rajasthan
30-01-2020 10:15 AM
कृप्या आप अपना सवाल विस्तार से पूछें कि आप कौनसी मछली के बारे में जानकारी लेना चाहते है आप उसकी फोटो भी भेज सकते है ताकि आपको सही जानकारी दी जा सके
Posted by ਬਲਵੀਰ ਸਿੰਘ
Punjab
30-01-2020 10:07 AM
Balvir ji tuci iss nu turant nazdiki doctor ton check krwao kyuki isdi janch krke sahi ilagg ho skda hai.

Posted by ਕੁਲਦੀਪ ਸਿੰਘ
Punjab
30-01-2020 10:07 AM
Kuldeep ji tuci Gir cow lenn lai Shubham Sharma 7589086279 Shagun Dairy Farm nal sampark kr skde ho, ehna ton tuhanu Gir cow mill jawegi.

Posted by Tarachand
Haryana
30-01-2020 10:03 AM
tarachand ji kripya btaye ke aapne sulphur daale hue kitne din ho gaye hai taki aapko iske bare men poori jankari di ja sake,dhanywad

Posted by gur
Haryana
30-01-2020 10:02 AM
श्रीमान जी इसकी ब्लाइट की रोकथाम के लिए आप एम 45 को 500 ग्राम प्रति एकड़ और Blytox@3 gm प्रति लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे कर सकते है
Posted by Jatinder Virk
Haryana
30-01-2020 10:00 AM
Virk ji iss nu tuci turant nazdiki pashu hospital laa jao kyuki isdi janch krke sahi ilagg ho skda hai.

Posted by jobanpreet singh
Punjab
30-01-2020 09:30 AM
Namberdar ji tuc Maize plus cowpea, bajra plus cowpea, chari plus guara tuhadi mitti de hisab nal bijai kar sakde ho .dhanwad
Posted by harmeet singh
Punjab
30-01-2020 09:30 AM
Harmeet ji tuci Agrimin, Bovimin-b, Minfa gold ehna vicho koi v mineral mixture vart skde ho.

Posted by nilabh
Bihar
30-01-2020 09:27 AM
अच्छे जल निकास वाली उपजाऊ दोमट मिट्टी में उगाने पर यह अच्छे परिणाम देती है मिट्टी की पी एच 6 से 7.5 सोयाबीन की अच्छी उपज के लिए अनूकूल होती है जल जमाव, खारी और क्षारीय मिट्टी सोयाबीन की खेती के लिए अनुकूल नहीं होती कम तापमान भी इस फसल को गंभीर रूप से प्रभावित करता है JS 93-05: यह किस्म तना गलन, फली और कली के झुलस रोग की .... (Read More)
अच्छे जल निकास वाली उपजाऊ दोमट मिट्टी में उगाने पर यह अच्छे परिणाम देती है मिट्टी की पी एच 6 से 7.5 सोयाबीन की अच्छी उपज के लिए अनूकूल होती है जल जमाव, खारी और क्षारीय मिट्टी सोयाबीन की खेती के लिए अनुकूल नहीं होती कम तापमान भी इस फसल को गंभीर रूप से प्रभावित करता है JS 93-05: यह किस्म तना गलन, फली और कली के झुलस रोग की प्रतिरोधक किस्म है इसके बीज हरे पीले रंग के होते हैं JS 95-60: यह किस्म 82-88 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है यह तना गलन और विभन्न प्रकार के कीटों की प्रतिरोधक किस्म है JS 335: यह जल्दी पकने वाली किस्म है जो कि बैक्टीरियल झुलस रोग के प्रतिरोधी और तने की मक्खी, कली के झुलस रोग के प्रतिरोधी किस्म है इसकी औसतन पैदावार 10-12 क्विंटल प्रति एकड़ होती है रबी की मौसम की कटाई के बाद या अप्रैल महीने में गहरी जोताई करें इसकी मदद से कीटों के अंडे नष्ट हो जाएंगे जोताई के बाद तीन-चार बार सुहागा फेरें और मिट्टी को समतल करें ताकि खेत में पानी ना खड़ा हो सके सोयाबीन के लिए जून के तीसरे सप्ताह से मध्य जुलाई का महीना खेती के लिए अनुकूल होता है बीजों को तभी बोयें, जब मिट्टी में आवश्यक मात्रा में नमी हो (2-3 दिनों में कम से कम 50-60 मि.मी. वर्षा हुई हो) बिजाई के लिए कतार से कतार का 10-12 इंच और पौधे से पौधे का फासला 4-7 सैं.मी. रखें नमी की उचित मात्रा में बीजों को 3-4 सैं.मी. की गहराई में बोयें ज्यादा गहराई में ना बोयें, क्योंकि यह अंकुरण को प्रभावित करता है बीजों को सीड ड्रिल की सहायता से बोयें एक एकड़ खेत में 25-30 किलोग्राम बीजों का प्रयोग करें बिजाई के समय गली हुई रूड़ी की खाद और गाय का गला हुआ गोबर 4 टन और नाइट्रोजन 10 किलो (यूरिया 25 किलो) और फासफोरस 24 किलो (एस एस पी 150 किलो), पोटाश 8 किलो (म्यूरेट ऑफ पोटाश 15 किलो) प्रति एकड़ में डालें इन तत्वों के साथ 8 किलो सलफर प्रति एकड़ में डालें अच्छी वृद्धि और अच्छी उपज के लिए यूरिया 3 किलो को 150 लीटर पानी में मिलाकर बिजाई के बाद 60 वें और 75 वें दिन स्प्रे करें खेत को नदीन मुक्त करने के लिए दो गोडाई की आवश्यकता होती है, पहली गोडाई बिजाई के 15-20 दिन बाद और दूसरी गोडाई बिजाई के 30-40 दिन बाद करें रासायनिक तरीके से नदीनों को रोकने के लिए बिजाई के बाद दो दिनो में पैंडीमैथालीन 900 मि.ली. को 100-200 लीटर पानी में मिलाकर स्प्रे करें या इमाजेथापर 150&170 मि.ली. को 150-200 लीटर पानी में मिलाकर बिजाई के 15 से 20 दिन बाद बूटीनाशक के तौर पर डालें बारानी फसल होने के कारण इसे सिंचाई की आवश्यकता नहीं होती बारिश की स्थिति के आधार पर सिंचाई का उपयोग करें फली बनने के समय सिंचाई आवश्यक है इस समय पानी की कमी उपज को काफी प्रभावित करती है जब फलियां सूख जाएं और पत्तों का रंग बदल कर पीला हो जाए और पत्ते गिर जाएं, तब फसल कटाई के लिए तैयार होती है कटाई हाथों से या दराती से करें कटाई के बाद पौधों में से बीजों को निकाल लें इसमें लागत लगभग 5000 रुपये तक आती है धन्यवाद

Posted by Harmandeep Singh
Punjab
30-01-2020 09:24 AM
ਹਰਮਨਦੀਪ ਜੀ ਇਹ ਜ਼ਿਆਦਾ mature ਹੋ ਗਿਆ ਹੈ ਇਸਨੂੰ ਤੁਸੀ ਖਾ ਸਕਦੇ ਹੋ

Posted by jobanpreet singh
Punjab
30-01-2020 09:14 AM
ਸੋਇਆਬੀਨ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਲਈ ਜੂਨ ਦੇ ਪਹਿਲੇ ਪੰਦਰਵਾੜੇ ਦਾ ਸਮਾਂ ਉਚਿੱਤ ਹੁੰਦਾ ਹੈ

Posted by satyaprakash Yadav
Uttar Pradesh
30-01-2020 09:13 AM
इसे मिट्टी की व्यापक किस्मों में उगाया जा सकता है अच्छे निकास वाली पहाड़ी मिट्टी पपीते की खेती के लिए उपयुक्त होती है रेतली और भारी मिट्टी में इसकी खेती ना करें पपीते की खेती के लिए मिट्टी की पी एच 6.5-7.0 होनी चाहिए निम्नलिखित किस्में पपीते की खेती के लिए उपयुक्त हैं: Pusa Dwarf: इसके फल मध्यम आकार के और अंडाकार होते .... (Read More)
इसे मिट्टी की व्यापक किस्मों में उगाया जा सकता है अच्छे निकास वाली पहाड़ी मिट्टी पपीते की खेती के लिए उपयुक्त होती है रेतली और भारी मिट्टी में इसकी खेती ना करें पपीते की खेती के लिए मिट्टी की पी एच 6.5-7.0 होनी चाहिए निम्नलिखित किस्में पपीते की खेती के लिए उपयुक्त हैं: Pusa Dwarf: इसके फल मध्यम आकार के और अंडाकार होते हैं यह सूखे को सहनेयोग्य किस्म है यह उच्च घनत्व में रोपाई के लिए लाभदायक है
Pusa Giant: इस किस्म के पौधे तेज हवा को सहनेयोग्य है यह बड़े फलों का उत्पादन करती है यह पैकिंग के लिए उपयुक्त किस्म है
CO 3: इसके फल बड़े आकार के और अंडाकार होते हैं इसे ज्यादा देर तक रखने की गुणवत्ता अच्छी होती है
CO 1: यह छोटे कद की किस्म है जिसके फल मध्यम आकार के होते हैं फल गोलाकार, नर्म हरा-पीला छिल्का और संतरी पीले रंग का गुद्दा होता है फल रसदार होता है और इसे ज्यादा देर तक रखने की गुणवत्ता अच्छी होती है
Coorg Honey Dew: इसे सीधे तौर पर खाने के लिए और प्रक्रिया के लिए प्रयोग किया जाता है इसके फल आयताकार और गुद्दा मोटा संतरी रंग का होता है
CO 2: यह मध्यम आकार की अंडाकार, हरे पीले रंग की किस्म है इसका गुद्दा नर्म और लाल रंग का होता है इसमें रस की मात्रा काफी होती है और इसे ज्यादा देर तक रखने की गुणवत्ता अच्छी होती है
Pusa Majesty: इसके फल मध्यम आकार के, गोल होते हैं इन्हें रखने की गुणवत्ता बहुत अच्छी होती है यह किस्म 146 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है यह किस्म जड़ गलन निमाटोड के प्रतिरोधक किस्म है
Pusa Delicious: यह मध्यम लंबी किस्म है इसके फल मध्यम आकार के होते हैं, गुद्दा गहरे संतरी रंग का होता है इस किस्म को कतारों में लगाने के लिए प्रयोग किया जाता है
CO 5: यह किस्म दो वर्षों में 75-80 फल प्रति वृक्ष देती है
IIHR39 and IIHR54: यह किस्म IIHR, बैंगलोर द्वारा विकसित की गई है इसके फल मध्यम आकार के होते हैं इसमें टी एस एस की मात्रा उच्च होती है
Taiwan 785: यह छोटे कद की किस्म है इसके फल आयताकारा और गुद्दा मोटा संतरी रंग का होता है फलों को रखने की गुणवत्ता अच्छी होती है फलों को कतारों में प्रयोग किया जाता है और प्रक्रिया के लिए प्रयोग किया जाता है
Taiwan 786: इसके फलों को कतारों में और प्रक्रिया के लिए प्रयोग किया जाता है इसके फल स्वाद और कम बीज वाले होते हैं फलों को रखने की गुणवत्ता बहुत अच्छी होती है
Washington: यह कतारों में प्रयोग किए जाने वाली किस्म है इसके फल गोल, मध्यम आकार के और कम बीज वाले होते हैं फल का छिल्का गहरे पीले रंग का होता है नर और मादा पौधे अलग होते हैं
Solo: इसके फल छोट, गहरे गुलाबी रंग का गुद्दा होता है, जो कि स्वाद में मीठा होता है यह किस्म कतारों में प्रयोग की जाती है
Ranchi: फल आयताकार होते हैं और गुद्दा गहरे पीले रंग का होता है
Honey Dew: इस किस्म के फल बड़े आकार के और कम बीज वाले होते हैं फल स्वाद होते हैं और नर पौधे मादा पौधे से छोटे होते हैं इसका पौधा मध्यम कद का होता है पपीते की खेती के लिए नदीन रहित भूमि का प्रयोग करें मिट्टी के भुरभुरा होने तक खेत की जोताई करें आखिरी जोताई के समय अच्छी तरह से गली हुई रूड़ी की खाद या गाय का गला हुआ गोबर मिट्टी में अच्छी तरह मिलाकर डालें सिफारिश किए गए फासलों पर 1 मीटर x 1 मीटर x 1 मीटर आकार के गड्ढे खोदें गड्ढों को मिट्टी और रूड़ी की खाद या गाय के गले हुए गोबर से भरें प्रयोग की गई किस्म के आधार पर प्रत्येक गड्ढे पर 2-4 नए पौधों की रोपाई करें रोपाई के बाद हल्की सिंचाई करें हवा से बचाव के लिए खूंटा लगाएं बीजों को 150 गेज़ की मोटाई वाले, 25 x 10 सैं.मी. के पॉलीथीन बैग में बोयें पानी के उचित निकास के लिए पॉलीथीन बैग के निचले हिस्से में 1 मि.मी. अर्द्धव्यास का छेद करें उसके बाद पॉलीथीन बैग में समान अनुपात में रूड़ी की खाद, मिट्टी और रेत डालें बिजाई से पहले बीजों का उपचार करें रोपाई के लिए 6-7 सप्ताह के पौधों का प्रयोग करें यूरिया 150 ग्राम, फासफोरस 80 ग्राम, पोटाश 100 ग्राम प्रति वृक्ष में प्रति वर्ष डालें खादों को 4 भागों में बांटकर रोपाई के बाद पहले, तीसरे, पांचवे और सातवें महीने में डालें बसंत के मौसम में फरवरी मार्च के महीने में बिजाई करें जबकि मॉनसून के मौसम में बिजाई के लिए जून जुलाई का महीना उपयुक्त होता है और पतझड़ के मौसम में बिजाई अक्तूबर से नवंबर महीने में की जाती है आमतौर पर 1.8 मीटर x 1.8 मीटर फासले का प्रयोग किया जाता है उच्च घनता की रोपाई के लिए 1.5 मीटर x 1.5 मीटर फासले का प्रयोग किया जाता है नर्सरी में बीज को 1 सैं.मी. की गहराई पर बोयें बीजो की खेत में सीधे बिजाई या मुख्य खेत में नए पौधों की रोपाई की जाती है 100-120 ग्राम बीज प्रति एकड़ में प्रयोग करें मिट्टी की किस्म, जलवायु के हालातों आदि के आधार पर सिंचाई करें सर्दियों में 15 दिनों के अंतराल पर और गर्मियों में 7 दिनों के अंतराल पर सिंचाई करें तने को पानी के संपर्क में ना आने दें और खेत में पानी भी खड़ा ना होने दें पौधे की प्रौढ़ अवस्था के दौरान नदीनों की रोकथाम जरूरी होती है नदीनों की तीव्रता के आधार पर, नियमित और हल्की गोडाई करें फ्लूक्लोरालिन या बूटाक्लोर 800 मि.ली. प्रति एकड़ में डालें नदीनों की रोकथाम के लिए मलचिंग भी एक प्रभावी तरीका है पौधों की रोपाई के कुछ दिनों बाद प्लास्टिक शीट या धान की पराली या गन्ने के बचे कुचे को मलच के रूप में डालें
मादा पौधे को निकालना: प्रत्येक 10 पौधों के लिए 1 नर पौधा, बनाए रखने के लिए फूल निकलने के बाद नर पौधों को निकाल दें मुख्यत: फल के पूरा आकार लेने और हरे से हल्का पीला रंग होने पर तुड़ाई की जाती है पहली तुड़ाई रोपाई के 14-15 महीनों के बाद की जा सकती है 4-5 तुड़ाइयां प्रति मौसम की जा सकती हैं

Posted by sabil
Uttar Pradesh
30-01-2020 09:11 AM
कृप्या आप अपना सवाल विस्तार से पूछें कि आप क्या जानकारी लेना चाहते है ताकि आपको सही जानकारी दी जा सके
Posted by Mukesh kumar Jatiya
Rajasthan
30-01-2020 09:09 AM
मुकेश जी आप इसके पत्तों के नीचे मच्छर का हमला चैक करें अगर मौजूद है तो आप इसके ऊपर imidacloprid @1.5 ml को प्रति लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे करें धन्यवाद
Posted by Rambabu suman
Madhya Pradesh
30-01-2020 08:53 AM
बढ़िया वर्मी कंपोस्ट निम्नलिखित तरीके अनुसार बनायी जा सकती है इसलिए ऐसा स्थान लें जहां धूप ना आये और हवादार हो इस स्थान पर ईंटों या पत्थर के टुकड़े और मिट्टी की 2—3 इंच मोटी परत बिछायें मिट्टी पर थोड़ा सा पानी छिड़ककर गीला करें मिट्टी में 25 प्रतिशत से अधिक नमी नहीं होनी चाहिए इसके ऊपर गंडोए (40 गंडोए प्रति वर्.... (Read More)
बढ़िया वर्मी कंपोस्ट निम्नलिखित तरीके अनुसार बनायी जा सकती है इसलिए ऐसा स्थान लें जहां धूप ना आये और हवादार हो इस स्थान पर ईंटों या पत्थर के टुकड़े और मिट्टी की 2—3 इंच मोटी परत बिछायें मिट्टी पर थोड़ा सा पानी छिड़ककर गीला करें मिट्टी में 25 प्रतिशत से अधिक नमी नहीं होनी चाहिए इसके ऊपर गंडोए (40 गंडोए प्रति वर्ग फीट जगह) में मिलायें इसके बाद वेस्ट जैसे कि बची कुची सब्जियां, फल, कच्चा गोबर, गोबर की सलरी की 8—10 इंच मोटी परत डालें दूसरी परत के बाद इसके ऊपर सूखे पत्ते या पराली से ढक दें हर परत के बाद पानी छिड़कें ताकि नमी बनी रहे वर्मीकंपोस्ट के बैड को 3—4 इंच मोटी गोबर की परत से ढक दें और इसके ऊपर बोरा या तिरपाल रखें ताकि नमी बनी रहे रसोई, फसलों या डेयरी के बचे कुचे की परत को रैक से पलटते रहें और आवश्यकतानुसार थोड़ा थोड़ा करके और वेस्ट भी डाल सकते हैं इसके ऊपर कच्चा गोबर भी डाल सकते हैं पर ध्यान रखें कि यह परत पहले जितनी ही मोटी रहें वर्मी कंपोस्ट की खाद मौसम के हिसाब से 45—60 दिनों में तैयार हो जाती है सबसे ऊपर वाली परत को हटाकर गंडोए छलनी से अलग कर लें और निचली छोड़ दें इसके ऊपर दोबारा रसोई या एग्रो वेस्ट की 6 इंच मोटी परत बिछाकर दोबारा खाद तैयार की जा सकती हैं 45 दिनों के बाद पानी छिड़कना बंद करने से भी गंडोए निचली परत में चले जाते हैं और छलनी से अलग करने में समय कम लगता है तैयार वर्मी कंपोस्ट काले भूरे रंग की गंध रहित और चाय पत्ती जैसी होती है इसे छांव में हवा में सुखकर आवश्यकतानुसार थैले या बोरियों में डालकर रखा जा सकता है एक टन वर्मी कंपोस्ट में 1.0—1.5 किलोग्राम नाइट्रोजन, 5—10 किलोग्राम पोटाश और 3.5—5.0 किलो फासफोरस होता है इसके अलावा इसमें कई तरह के एन्ज़ाइम और सूक्ष्म तत्व कॉपर, आयरन, जिंक, सल्फर, कैलशियम और मैगनीशियम आदि होते हैं धन्यवाद
Posted by anil Shukla
Uttar Pradesh
30-01-2020 08:53 AM
Anil ji kripya aap apna swal vistar se pushen ki aap kya jankari lena chahte hai aur konsi payment ke vare mai push rehe hai tan jo apko sahi jankari di jaa skee.

Posted by sardool singh
Punjab
30-01-2020 08:53 AM
श्रीमान जी गेहूं की फोटो भेंजे ताकि आपको सही जानकारी दी जा सके

Posted by Naveen Yadav
Haryana
30-01-2020 08:50 AM
श्रीमान जी गेहूं के पौधे और जड़ की फोटो भेजे ताकि आपको इसके बारे में पूरी जानकारी दी जा सके
Posted by Natt Jaspal
Punjab
30-01-2020 08:30 AM
ਜਸਪਾਲ ਜੀ ਮੱਕੀ ਜੇਕਰ ਚਾਰੇ ਲਈ ਬਿਜਾਈ ਕਰਨੀ ਹੈ ਤਾ ਉਸਦੀ ਬਿਜਾਈ ਅੱਧ ਫਰਵਰੀ ਤਕ ਕੀਤੀ ਜਾਏਗੀ ਧੰਨਵਾਦ

Posted by Gurmit Singh
Punjab
30-01-2020 08:05 AM
ਉਸ ਨੂੰ Lactomood ਹੋਮਿਓਪੈਥਿਕ ਦਵਾਈ ਦੀਆ 10-10 ਬੂੰਦਾਂ ਦਿਨ ਵਿਚ 3 ਵਾਰ ਦਿਓ ਅਤੇ leptaden tablet 10-10 ਸਵੇਰੇ ਸ਼ਾਮ ਦਿਓ ਅਤੇ Milkout ਪਾਊਡਰ 2-2 ਚਮਚ ਸਵੇਰੇ ਸ਼ਾਮ ਰੋਜਾਨਾ ਦਿਓ.

Posted by Pratap Sharma
Rajasthan
30-01-2020 08:04 AM
परताप जी अभी मौसम में कमी के कारण इस महीने में किसी भी चारे की बिजाई नहीं की जा सकती फरवरी महीने में आप मक्का की बिजाई कर सकते है धन्यवाद

Posted by Mina devi
Haryana
30-01-2020 08:03 AM
Mina devi ji kechua lene ke liye aap Shergill farm Fresh 9872624253 se samparak kar sakte hai, THankyou.
Posted by Vijay
Uttar Pradesh
30-01-2020 08:02 AM
विजय जी आप किस्मे जैसे Kinnow,Local,Daisy की बिजाई कर सकते है इसके पौधे लेने के लिए आप Sulender 8736801125 Jai Shree Bag & Nursery, Varanasi से संपर्क कर सकते है धन्यवाद

Posted by surajeet singh
Punjab
30-01-2020 07:56 AM
Surajeet singh ji Makhi palan bare visthar vich jankari lai tusi mere nal Narpinder Singh Dhaliwal 9417423111 nal samparak kar sakde ho, Thankyou.
Posted by Vijay
Uttar Pradesh
30-01-2020 07:54 AM
इसे आप carpade injection 10ml लगवायें यह carries कंपनी का आता है या फिर आप cortalife injection भी लगवा सकते है इनमें से कोई भी लगवा सकते है बाकि उसे काली मिर्च 20 ग्राम रोजाना 5 दिन तक इसके साथ सब्ज़ी वाला पेठा 1 किलो रोजाना खिलायें इससे फर्क पड़ने लग जाएगा..

Posted by Raghbir
Punjab
30-01-2020 07:53 AM
Raghbir ji tuci uss nu pett de kiria lai Fasnil bolus deo ate Vitamor-H liquid 10-10ml swere sham dena suru kro ate vdia chara, feed deni suru kro fir suun ton 1 mahina pehla vitamor-H liquid de nal nal metabolite powder di rojana 1 pudi deni suru kro, ehna nal lewa ate dudh vdia ho jawega.

Posted by Rajiv yadav
Uttar Pradesh
30-01-2020 07:47 AM
मोटे आलुओं की पैदावार के लिए 13:0:45 की 2 किलो और मैगनीश्यिम ई डी टी ए 100 ग्राम प्रति एकड़ की स्प्रे करें बीमारियों के हमले को रोकने के लिए फंगसनाशी प्रॉपीनेब 3 ग्राम प्रति लीटर पानी डालें आलुओं का आकार और गिणती बढ़ाने के लिए हयूमिक एसिड (12 प्रतिशत) 3 ग्राम + एम ए पी 12:61:0 की 8 ग्राम या डी ए पी 15 ग्राम प्रति लीटर की स्प्रे पौध.... (Read More)
मोटे आलुओं की पैदावार के लिए 13:0:45 की 2 किलो और मैगनीश्यिम ई डी टी ए 100 ग्राम प्रति एकड़ की स्प्रे करें बीमारियों के हमले को रोकने के लिए फंगसनाशी प्रॉपीनेब 3 ग्राम प्रति लीटर पानी डालें आलुओं का आकार और गिणती बढ़ाने के लिए हयूमिक एसिड (12 प्रतिशत) 3 ग्राम + एम ए पी 12:61:0 की 8 ग्राम या डी ए पी 15 ग्राम प्रति लीटर की स्प्रे पौधे की वृद्धि के समय करें

Posted by AJAY Shakya
Uttar Pradesh
30-01-2020 07:27 AM
ajay ji kripya btaye ke aapne paudhe khet men lga diye hai ya nahi taki aapko uske hisab se jankari di ja sake.dhanywad
Posted by Arshad Ali
Jharkhand
30-01-2020 07:24 AM
Arshad ji aap bakri palan ki training apne nazdiki kvk se le skte hai waha sme sme per kisano ko alag alag kam ki training di jatti hai aap waha jakar apna training wala farm bharr ayee fir jab v training hogi to woh apko phone krke bta denge, training lene ke liye aap Krishi Vigyan Kendra, Dhanbad Sindri Road, Baliapur, Dist.- Dhanbad - 828201 (Jharkhand) India se sampark kr skte hai aur goat lene ke liye Ritesh Kumar 9334728654 New jyoti Foundation se sampark kr skte hai.
Posted by Manjeet Singh
Uttar Pradesh
30-01-2020 07:18 AM
श्री मान खेत में एक ही फसल बार बार ना लगाएं बदल बदल कर फसलें उगाएं यदि हमला दिखे तो मैनकोजेब 30 ग्राम या कॉपर ऑक्सीक्लोराइड 30 ग्राम प्रति 10 लीटर पानी में मिलाकर बिजाई के 45 दिनों के बाद 10 दिनों के फासले पर 2-3 बार स्प्रे करें

Posted by Arvind Kumar Kushwaha
Uttar Pradesh
30-01-2020 06:53 AM
Arvind ji aap iske uper copper oxychloride@500 gram ko prati acre ke hisab se spray karen.dhanywad
Posted by Gautam
Punjab
30-01-2020 06:41 AM
ਜੇਕਰ ਜੜ੍ਹ ਗਲਣ ਅਤੇ ਗੂੰਦੀਆ ਰੋਗ ਦਾ ਹਮਲਾ ਦਿਖੇ ਤਾਂ ਪ੍ਰਭਾਵਿਤ ਜੜ੍ਹਾਂ ਦੇ ਨਾਲ-ਨਾਲ ਹੋਰ ਪ੍ਰਭਾਵਿਤ ਭਾਗਾਂ ਨੂੰ ਹਟਾ ਦਿਓ ਅਤੇ ਫਿਰ ਕੋਪਰ ਆਕਸੀਕਲੋਰਾਈਡ 2.5 ਗ੍ਰਾਮ ਪ੍ਰਤੀ ਲੀਟਰ ਪਾਓ ਅਤੇ ਮਿੱਟੀ ਨਾਲ ਢੱਕ ਦਿਓ ਜਾਂ ਹਮਲੇ ਦੀ ਤੀਬਰਤਾ ਅਨੁਸਾਰ ਤਣੇ ਦੇ ਨੇੜੇ ਮੈਟਾਲੈਕਸਿਲ+ਮੈਨਕੋਜ਼ੇਬ 20 ਗ੍ਰਾਮ ਪ੍ਰਤੀ 10 ਲੀਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿੱਚ ਮਿਲਾ ਕੇ ਪਾਓ ਫੋਸਟਾਈਲ(ਏਲੀਏਟ) 2.5 ਗ੍ਰਾਮ ਪ੍ਰਤੀ ਲੀਟ.... (Read More)
ਜੇਕਰ ਜੜ੍ਹ ਗਲਣ ਅਤੇ ਗੂੰਦੀਆ ਰੋਗ ਦਾ ਹਮਲਾ ਦਿਖੇ ਤਾਂ ਪ੍ਰਭਾਵਿਤ ਜੜ੍ਹਾਂ ਦੇ ਨਾਲ-ਨਾਲ ਹੋਰ ਪ੍ਰਭਾਵਿਤ ਭਾਗਾਂ ਨੂੰ ਹਟਾ ਦਿਓ ਅਤੇ ਫਿਰ ਕੋਪਰ ਆਕਸੀਕਲੋਰਾਈਡ 2.5 ਗ੍ਰਾਮ ਪ੍ਰਤੀ ਲੀਟਰ ਪਾਓ ਅਤੇ ਮਿੱਟੀ ਨਾਲ ਢੱਕ ਦਿਓ ਜਾਂ ਹਮਲੇ ਦੀ ਤੀਬਰਤਾ ਅਨੁਸਾਰ ਤਣੇ ਦੇ ਨੇੜੇ ਮੈਟਾਲੈਕਸਿਲ+ਮੈਨਕੋਜ਼ੇਬ 20 ਗ੍ਰਾਮ ਪ੍ਰਤੀ 10 ਲੀਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿੱਚ ਮਿਲਾ ਕੇ ਪਾਓ ਫੋਸਟਾਈਲ(ਏਲੀਏਟ) 2.5 ਗ੍ਰਾਮ ਪ੍ਰਤੀ ਲੀਟਰ ਪਾਣੀ ਦੀਆਂ ਦੋ ਸਪਰੇਆਂ ਅਪ੍ਰੈਲ ਅਤੇ ਸਤੰਬਰ ਮਹੀਨੇ ਵਿੱਚ ਕਰੋ
Posted by amrit pandher
Punjab
30-01-2020 05:17 AM
ਮੋਟੇ ਆਲੂਆਂ ਦੀ ਪੈਦਾਵਾਰ ਲਈ, 13:0:45 ਦੀ 2 ਕਿਲੋ ਅਤੇ ਮੈਗਨੀਸ਼ੀਅਮ ਈ ਡੀ ਟੀ ਏ 100 ਗ੍ਰਾਮ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੀ ਸਪਰੇਅ ਕਰੋ ਬਿਮਾਰੀਆਂ ਦੇ ਹਮਲੇ ਨੂੰ ਰੋਕਣ ਲਈ ਉੱਲੀਨਾਸ਼ਕ ਪ੍ਰੋਪਿਨੇਬ 3 ਗ੍ਰਾਮ ਪ੍ਰਤੀ ਲੀਟਰ ਪਾਣੀ ਪਾਓ ਆਲੂਆਂ ਦਾ ਆਕਾਰ ਅਤੇ ਗਿਣਤੀ ਵਧਾਉਣ ਲਈ ਹਿਊਮਿਕ ਐਸਿਡ (12%) 3 ਗ੍ਰਾਮ+ਐੱਮ ਏ ਪੀ 12:61:0 ਦੀ 8 ਗ੍ਰਾਮ ਜਾਂ ਡੀ ਏ ਪੀ 15 ਗ੍ਰਾਮ ਪ੍ਰਤੀ ਲੀਟਰ ਦੀ ਸਪਰੇਅ ਪੌਦੇ ਦੇ ਵਾਧੇ ਸਮੇਂ ਕਰੋ
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