Posted by Vicky Romana
Punjab
02-02-2020 04:20 PM
ਹਾਂਜੀ ਤੁਸੀ ਪਸ਼ੂ ਨੂੰ ਲੇਟੀ ਦੇ ਸਕਦੇ ਹੋ ਇਹ ਤੁਸੀ ਉਸਦੇ ਖਾਣ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਦਿਓ ਜਿਨ੍ਹਾਂ ਓਹਨਾ ਆਸਾਨੀ ਨਾਲ ਹਜ਼ਮ ਕਰ ਸਕੇ, ਬਾਕੀ ਉਸ ਨੂੰ ਵਧਿਆ ਮਾਤਰਾ ਵਿਚ ਚਾਰਾ ਦੇਣਾ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ ਅਤੇ 5-7 ਦਿਨ ਬਾਅਦ ਵਧਿਆ ਫੀਡ ਦਿਓ ਬਾਕੀ ਉਸ ਨੂੰ Glactogog powder 1-1 ਪਾਉਚ ਸਵੇਰੇ ਸ਼ਾਮ ਅਤੇ Calpond ਪਾਊਡਰ 50 ਗ੍ਰਾਮ ਰੋਜਾਨਾ ਦਿਓ, ਇਸ ਨਾਲ ਪਸ਼ੂ ਦਾ ਦੁੱਧ ਵੱਧ ਜਾਵੇਗਾ..
Posted by Vijay Kumar Gupta
Bihar
02-02-2020 04:19 PM
vijay ji yaddi aap poultry farming krna chahte hai to aap pehle iss kam ki training apne nazdiki kvk se jrur len, jise apko iss kam ki sahi jankari milegi aur isko krne ke sahi trike ke vare mai ptaa lgg jayega fir aap apne bazat ke hisab se iss kam ko kr skte hai, iske ilawa aap chicks lene ke liye Jitendra Kumar 7250555572 Poultry Farm se sampark kr skte hai, inse apko ache chicks mill jayege.

Posted by karnail singh
Punjab
02-02-2020 04:15 PM
श्रीमान जी भिंडी की बिजाई फरवरी—मार्च में कर सकते है

Posted by manjot singh
Punjab
02-02-2020 03:33 PM
श्रीमान जी गेहूं में एनपीके 13045 की स्प्रे गेहूं गोभ में आने पर कर सकते है और इसमें बोरोन मिक्स करके स्प्रे कर सकते है एनपीके 13045 एक किलो प्रति एकड़ और बोरोन 100 ग्राम प्रति एकड़ के हिसाब से स्प्रे कर सकते है

Posted by sawala
Maharashtra
02-02-2020 03:30 PM
श्रीमान जी कृपया अपना सवाल विस्तार से पूछें ताकि आपको इसके बारे में पूरी जानकारी दी जा सके
Posted by jaspreet singh
Punjab
02-02-2020 03:29 PM
jaspreet ji fasl bilkul vadhia lag rahi hai tuhanu kise v spray di lod nahi hai.dhanwad
Posted by dwarika prasad
Chattisgarh
02-02-2020 03:23 PM
Dwarika prasad ji kirpya aap je btae ke aap kon kon se upkaran lena chahte hai ta jo aap ko puri jankari di ja sake, Thankyou.

Posted by Suresh shau Bishnoi
Rajasthan
02-02-2020 03:00 PM
सुरेश जी आप इसके ऊपर NPK 130045 @1 किलो को 150 लीटर पानी में मिला कर स्प्रे करें धन्यवाद
Posted by Keshav Pathak
Chattisgarh
02-02-2020 02:57 PM
केशव जी कृपया बताएं कि गेंहू कितने दिन की है ताकि आपको इसके बारे में पूरी जानकारी दी जा सके धन्यवाद

Posted by Suresh shau Bishnoi
Rajasthan
02-02-2020 02:56 PM
बिजाई के तुरंत बाद हल्की सिंचाई करें दूसरी सिंचाई बिजाई के 10 दिनों के बाद अंकुरण के समय करें उसके बाद तीन सिंचाइयां पर्याप्त होती हैं बाकी की सिंचाइयां बिजाई के 35वें, 60वें और 85वें दिन बाद करें एक बार फसल पक जाये तब सिंचाई ना करें बीज भरने की अवस्था में सिंचाई पत्तों के ऊपरी धब्बा रोग, चेपे और झुलस रोग के हमल.... (Read More)
बिजाई के तुरंत बाद हल्की सिंचाई करें दूसरी सिंचाई बिजाई के 10 दिनों के बाद अंकुरण के समय करें उसके बाद तीन सिंचाइयां पर्याप्त होती हैं बाकी की सिंचाइयां बिजाई के 35वें, 60वें और 85वें दिन बाद करें एक बार फसल पक जाये तब सिंचाई ना करें बीज भरने की अवस्था में सिंचाई पत्तों के ऊपरी धब्बा रोग, चेपे और झुलस रोग के हमले को बढ़ाती है

Posted by राजेश भिमावाद (पाटीदार)
Madhya Pradesh
02-02-2020 02:52 PM
shrimaan g onion mein fungicide M-45 @400 gm per acre ka spray kr skte ho g..

Posted by Kuldeep Dheiya
Haryana
02-02-2020 02:47 PM
kuldeep ji aap iske uper NPK 130045@1 kilo ko 150 litre pani ke hisab se spray karen.dhanywad
Posted by Rahul Mehta
Himachal Pradesh
02-02-2020 02:45 PM
श्री मान कृपया इसकी फोटो भेजें ताकि आपको सही जानकारी दी जा सके

Posted by pagda jitendra
Gujarat
02-02-2020 02:42 PM
आप मुर्रा नस्ल की भैंस रख सकते है और उससे आप अच्छी नस्ल तैयार कर सकते है उसके बच्चों को आप मुर्रा नस्ल का टीका भरवाकर अच्छी मुर्रा नस्ल तैयार कर सकते है आप मुर्रा नस्ल की भैंस लेने के लिए Sulender Sharma 9873269064 Sharma Enterprises Pvt. Ltd. से संपर्क कर सकते है

Posted by Suresh shau Bishnoi
Rajasthan
02-02-2020 02:37 PM
सुरेश जी आप जीरे की खेती के ऊपर NPK 130045 @1 किलो को 150 लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे करें धन्यवाद
Posted by जितेंद्र कुशवाहा
Uttar Pradesh
02-02-2020 02:35 PM
जीतेन्द्र जी यह फंगस के कारण होता है इसके लिए आप carbendazim @4 ग्राम को प्रति लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे करें धन्यवाद

Posted by sukhdeep singh
Punjab
02-02-2020 02:33 PM
Sukhdeep ji tuci uss nu egg naa deo ussdi vdia growth lai 1 month tak maa da dudh pilao fir dudh de nal nal calf starter feed deni suru kro ate sme sme te pett de kiria lai dwai jrur deo, iss nal he vdia growth ho jawegi.
Posted by इज़हार
Uttar Pradesh
02-02-2020 02:07 PM
इसके लिए आप उन्हें नज़दीकी डॉक्टर से जांच करवायें या फिर नज़दीकी यूनिवर्सिटी में ले जाए जिससे उनका सही इलाज समय पर किया जा सके
Posted by Gurdeep Kasana
Haryana
02-02-2020 01:59 PM
Gurdeep ji jekar chare de layi makki beejni hai ta J1006 di bijai kar sakde ho.dhanwad
Posted by Gurdeep Kasana
Haryana
02-02-2020 01:57 PM
बसंत ऋतु की फसल आखिरी जनवरी से लेकर फरवरी के अंत तक बोयी जाती है Sankar Ganga Safed 2: यह सफेद बीजों वाली किस्म है इसके पौधे की लंबाई 170-200 सैं.मी. होती है यह किस्म 115-120 दिनों में पकती है और इसकी औसतन पैदावार 18-20 क्विंटल प्रति एकड़ होती है इसके बीजों में 10 प्रतिशत प्रोटीन होता है
Sankar Ganga 5: यह पीले बीजों वाली किस्म है इसके पौधे की .... (Read More)
बसंत ऋतु की फसल आखिरी जनवरी से लेकर फरवरी के अंत तक बोयी जाती है Sankar Ganga Safed 2: यह सफेद बीजों वाली किस्म है इसके पौधे की लंबाई 170-200 सैं.मी. होती है यह किस्म 115-120 दिनों में पकती है और इसकी औसतन पैदावार 18-20 क्विंटल प्रति एकड़ होती है इसके बीजों में 10 प्रतिशत प्रोटीन होता है
Sankar Ganga 5: यह पीले बीजों वाली किस्म है इसके पौधे की लंबाई 170-180 सैं.मी. होती है यह किस्म 100-115 दिनों में पकती है और इसकी औसतन पैदावार 16-18 क्विंटल प्रति एकड़ होती है इसके बीजों में 10-11 प्रतिशत प्रोटीन की मात्रा होती है
Sankul Ageti 76: यह पीले बीजों वाली किस्म है इसके पौधे की लंबाई 150-185 सैं.मी. होती है यह किस्म 85-95 दिनों में पकती है और इसकी औसतन पैदावार 12-15 क्विंटल प्रति एकड़ होती है इसकी खेती बारानी क्षेत्रों में की जाती है
Sankul Navjot (J-684): यह जल्दी पकने वाली पीले बीजों वाली किस्म है यह किस्म 85 दिनों में पकती है और इसकी औसतन पैदावार 12-15 क्विंटल प्रति एकड़ होती है इसकी खेती बारानी क्षेत्रों में की जाती है इसकी खेती बारानी क्षेत्रों में करने से अच्छी अपज देती है
P.E.H.M.-2: यह जल्दी पकने वाली संकर मक्की की किस्म है यह किस्म 80-90 दिनों में पकती है और इसकी औसतन पैदावार 18-19 क्विंटल प्रति एकड़ होती है यह पीले बीजों की किस्म है (22 ग्राम भार प्रति 100 ग्राम बीज)
Pratap Sankar Maize 1: यह जल्दी पकने वाली किस्म 80-85 दिनों में पक जाती है यह सफेद बीजों वाली किस्म (23-24ग्राम प्रति 100 बीज) है इसकी औसतन पैदावार 12-14 क्विंटल प्रति एकड़ होती है
Pratap Maize 3: यह संकुल किस्म है यह किस्म 80-85 दिनों में पकती है और इसकी औसतन पैदावार 10-11 क्विंटल प्रति एकड़ होती है यह सफेद बीजों वाली किस्म है, जिनका 22-23 ग्राम भार प्रति 100 बीज होता है यह किस्म कम बारानी क्षेत्रों में उगाने के लिए उपयुक्त है
Pratap Maize 5 : यह मध्यम पकने वाली किस्म है जो कि 90-95 दिनों में पक जाती है यह संकुल मक्की की किस्म है जो कि औसतन पैदावार 14-16 क्विंटल प्रति एकड़ देती है यह सफेद बीजों वाली किस्म है इसका 25 ग्राम भार प्रति 100 बीज होता है
Pratap QPM Sankar 1: यह मध्यम कद की किस्म (195-230 सैं.मी) है जो कि 85-90 दिनों में पक जाती है और इसकी औसतन पैदावार 24-25 क्विंटल प्रति एकड़ होती है इसके बीजों में उच्च गुणवत्ता वाली प्रोटीन (8.87 प्रतिशत), लाईसिन (2.50 प्रतिशत) और ट्रिप्टोफेन (0.66 प्रतिशत) पाया जाता है
Posted by आकाश
Maharashtra
02-02-2020 01:47 PM
इसे आप Dettol 100ml एक एक दिन के फर्क से पिलाएं और Mamidium पाउडर 50 ग्राम रोजाना देना शुरू करें और इसे Vitamin-K injection 15ml, CRB(Ascrobic acid) injection 20ml, Amoxirum forte 4.5gm injection, Megludyne injection 20ml, Vitum-H injection 5ml, Chromostat injection 20ml लगवायें इससे फर्क पड़ने लग जाएगा
Posted by आकाश
Maharashtra
02-02-2020 01:42 PM
इसे आप Dettol 100ml एक एक दिन के फर्क से पिलाएं और Mamidium पाउडर 50 ग्राम रोजाना देना शुरू करें और इसे Vitamin-K injection 15ml, CRB(Ascrobic acid) injection 20ml, Amoxirum forte 4.5gm injection, Megludyne injection 20ml, Vitum-H injection 5ml, Chromostat injection 20ml लगवायें इससे फर्क पड़ने लग जाएगा
Posted by Sultan Singh
Haryana
02-02-2020 01:42 PM
Sultan ji usko aap Vitamor-H liquid 10-10ml subah sham den aur Metabolite powder ki rojana 1 pudi deni suru kren aur Cargill ki Transition mix feed deni suru kren, isse lewa aur dudh vddh jayega baki uski kamjori v durr hogi..
Posted by ਰਛਪਾਲ ਸਿੰਘ
Punjab
02-02-2020 01:22 PM
ਬੱਚਿਆਂ ਦੀ ਵਧਿਆ ਗਰੋਥ ਲਈ ਤੁਸੀ ਓਹਨਾ ਨੂੰ ਇਕ ਮਹੀਨੇ ਤਕ ਮਾਂ ਦਾ ਰੱਜਵਾਂ ਦੁੱਧ ਪਿਲਾਓ, ਜਿਨ੍ਹਾਂ ਆਸਾਨੀ ਨਾਲ ਹਜ਼ਮ ਕਰ ਸਕੇ, ਉਸ ਨੂੰ ਖੁਲਾ ਰੱਖੋ ਜਿਸ ਨਾਲ ਉਹ ਭੱਜ ਭੱਜ ਕੇ ਕਸਰਤ ਕਰਦੀ ਰਹੇ, ਇਕ ਮਹੀਨੇ ਦਾ ਹੋਣ ਤੋਂ ਬਾਦ ਤੁਸੀ ਕਾਰਗਿਲ ਦਾ Calf starter ਦੇਣਾ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ, ਇਸ ਨੂੰ ਦੁੱਧ ਵਿਚ ਮਿਕਸ ਕਰਕੇ ਦੇ ਸਕਦੇ ਹੋ, 3 ਮਹੀਨਿਆਂ ਦਾ ਹੋਣ ਤੋਂ ਬਾਦ Calf grower ਦੇਣਾ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ, 8 ਮਹੀਨਿਆਂ ਦੀ ਉਮਰ ਤ.... (Read More)
ਬੱਚਿਆਂ ਦੀ ਵਧਿਆ ਗਰੋਥ ਲਈ ਤੁਸੀ ਓਹਨਾ ਨੂੰ ਇਕ ਮਹੀਨੇ ਤਕ ਮਾਂ ਦਾ ਰੱਜਵਾਂ ਦੁੱਧ ਪਿਲਾਓ, ਜਿਨ੍ਹਾਂ ਆਸਾਨੀ ਨਾਲ ਹਜ਼ਮ ਕਰ ਸਕੇ, ਉਸ ਨੂੰ ਖੁਲਾ ਰੱਖੋ ਜਿਸ ਨਾਲ ਉਹ ਭੱਜ ਭੱਜ ਕੇ ਕਸਰਤ ਕਰਦੀ ਰਹੇ, ਇਕ ਮਹੀਨੇ ਦਾ ਹੋਣ ਤੋਂ ਬਾਦ ਤੁਸੀ ਕਾਰਗਿਲ ਦਾ Calf starter ਦੇਣਾ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ, ਇਸ ਨੂੰ ਦੁੱਧ ਵਿਚ ਮਿਕਸ ਕਰਕੇ ਦੇ ਸਕਦੇ ਹੋ, 3 ਮਹੀਨਿਆਂ ਦਾ ਹੋਣ ਤੋਂ ਬਾਦ Calf grower ਦੇਣਾ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ, 8 ਮਹੀਨਿਆਂ ਦੀ ਉਮਰ ਤੋਂ ਬਾਦ Heifer dry ਫੀਡ ਦੇਣੀ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ, ਇਹ ਸਾਰਾ ਕੁਜ ਉੱਨੀ ਮਾਤਰਾ ਵਿਚ ਦਿਓ ਜਿਨ੍ਹਾਂ ਉਹ ਆਸਾਨੀ ਨਾਲ ਹਜ਼ਮ ਕਰ ਸਕੇ ਇਨ੍ਹਾਂ ਦੇ ਨਾਲ ਨਾਲ ਤੁਸੀ ਗਰੋਥ ਦੇ ਲਈ Growth Mantra ਪਾਊਡਰ ਦੇਣਾ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ ਜਾਂ ਤੁਸੀ puberaid ਪਾਊਡਰ ਵੀ ਦੇ ਸਕਦੇ ਹੋ, ਇਨ੍ਹਾਂ ਨੂੰ 2 ਮਹੀਨਿਆਂ ਦੀ ਉਮਰ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਦੇਣਾ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰਨਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ, ਜੇਕਰ ਉਮਰ 2 ਮਹੀਨੇ ਤੋਂ ਜ਼ਿਆਦਾ ਹੈ ਤਾਂ 20 ਗ੍ਰਾਮ ਪਾਊਡਰ ਦੇਣਾ ਹੈ, 4 ਮਹੀਨਿਆਂ ਤੋਂ ਜ਼ਿਆਦਾ ਹੋਣ ਤੇ 25 ਗ੍ਰਾਮ ਦਿਓ, ਇਸ ਤਰ੍ਹਾਂ ਉਮਰ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ 5-5 ਗ੍ਰਾਮ ਵਧਾ ਦਿਓ. ਬਾਕੀ ਤੁਸੀ ਉਸਦੀ ਡੇਵਰਮਿੰਗ ਦਾ ਵੀ ਪੂਰਾ ਧਿਆਨ ਰੱਖੋ ਜੀ..
Posted by ਰਛਪਾਲ ਸਿੰਘ
Punjab
02-02-2020 01:17 PM
ਤੁਸੀ ਇਹਨਾਂ ਨੂੰ Milkout ਪਾਊਡਰ 2-2 ਚਮਚ ਸਵੇਰੇ ਸ਼ਾਮ ਦਿਓ ਅਤੇ FMC ਪਾਊਡਰ 50 ਗ੍ਰਾਮ ਰੋਜਾਨਾ ਅਤੇ Vitamor-H liquid 10ml ਰੋਜਾਨਾ ਦਿਓ, ਇਸ ਨਾਲ ਫਰਕ ਪੈ ਜਾਵੇਗਾ

Posted by bikramjit singh
Punjab
02-02-2020 01:09 PM
bikramjit singh ji eh tohanu GADVASU ludhiana to milgei ji ya fir NDDB karnal to mil sakdi hai ji,
Posted by sukhi grewal
Punjab
02-02-2020 01:06 PM
श्रीमान जी गेहूं में nativo @100 gm प्रति एकड़ की स्प्रे कर सकते है स्प्रे निसारे के समय गोभ के समय करें

Posted by संजय कमेडिया
Rajasthan
02-02-2020 12:59 PM
केवल पानी में या बालू अथवा कंकड़ों के बीच नियंत्रित जलवायु में बिना मिट्टी के पौधे उगाने की तकनीक को हाइड्रोपोनिक कहते हैं हाइड्रोपोनिक शब्द की उत्पत्ति दो ग्रीक शब्दों ‘हाइड्रो’ (Hydro) तथा ‘पोनोस (Ponos) से मिलकर हुई है हाइड्रो का मतलब है पानी, जबकि पोनोस का अर्थ है कार्य
हाइड्रोपोनिक्स में पौधों और चारे वाली .... (Read More)
केवल पानी में या बालू अथवा कंकड़ों के बीच नियंत्रित जलवायु में बिना मिट्टी के पौधे उगाने की तकनीक को हाइड्रोपोनिक कहते हैं हाइड्रोपोनिक शब्द की उत्पत्ति दो ग्रीक शब्दों ‘हाइड्रो’ (Hydro) तथा ‘पोनोस (Ponos) से मिलकर हुई है हाइड्रो का मतलब है पानी, जबकि पोनोस का अर्थ है कार्य
हाइड्रोपोनिक्स में पौधों और चारे वाली फसलों को नियंत्रित परिस्थितियों में 15 से 30 डिग्री सेल्सियस ताप पर लगभग 80 से 85 प्रतिशत आर्द्रता में उगाया जाता है
सामान्यतया पेड़-पौधे अपने आवश्यक पोषक तत्व जमीन से लेते हैं, लेकिन हाइड्रोपोनिक्स तकनीक में पौधों के लिये आवश्यक पोषक तत्व उपलब्ध कराने के लिये पौधों में एक विशेष प्रकार का घोल डाला जाता है इस घोल में पौधों की बढ़वार के लिये आवश्यक खनिज एवं पोषक तत्व मिलाए जाते हैं पानी, कंकड़ों या बालू आदि में उगाए जाने वाले पौधों में इस घोल की महीने में दो-एक बार केवल कुछ बूँदें ही डाली जाती हैं इस घोल में नाइट्रोजन, फास्फोरस, पोटाश, मैग्नीशियम, कैल्शियम, सल्फर, जिंक और आयरन आदि तत्वों को एक खास अनुपात में मिलाया जाता है, ताकि पौधों को आवश्यक पोषक तत्व मिलते रहें
Posted by sukhi grewal
Punjab
02-02-2020 12:57 PM
sukhi ji isdi varto jado kanak nisare te aa jandi hai odo kiti jandi hai. isdi matra 1 kilo nu 150 litre pani de hisab nal spray karo.dhanwad
Posted by sukhi grewal
Punjab
02-02-2020 12:55 PM
shrimaan g NPK 13045 fertilizers hai jis vich nitrogen and potash hundi hai jo knak nu healthy bnoundi hai and ess nal knak de dane da v faida hunda hai.esdi dose @1 kg per acre da spray knak gobh vich aoun de time kro g.

Posted by Rajesh
Madhya Pradesh
02-02-2020 12:36 PM
मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजि.... (Read More)
मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजित किया जा रहा है प्रशिक्षण कार्य कर्म में भाग लेने के लिए नीचे दिए गए नम्बर पर आज ही संपर्क करें और Rs 250/ से अपना रजिस्ट्रेशन करवाए अचल सिंह (फाउंडर )- 9711858258. धन्यवाद

Posted by shivkumar
Haryana
02-02-2020 12:33 PM
Shiv ji aap iski roktham ke liye tilt@200ml ko prati acre ke hisab se spray karen.dhanywad
Posted by rajnish kumar
Bihar
02-02-2020 12:29 PM
Pusa Do Mousami: यह गर्मियों के साथ साथ खरीफ के मौसम के लिए उपयुक्त किस्म है इसके फल मध्यम, लंबे और हरे रंग के होते हैं यह किस्म बिजाई के 55 दिनों के बाद पहली तुड़ाई के लिए तैयार हो जाती है
Pusa Vishesh: इसके फल हरे, पतले और मध्यम आकार के होते हैं इसकी औसतन पैदावार 48-52 क्विंटल प्रति एकड़ होती है
Arka Harit: इसके फल चमकदार हरे रंग के होते .... (Read More)
Pusa Do Mousami: यह गर्मियों के साथ साथ खरीफ के मौसम के लिए उपयुक्त किस्म है इसके फल मध्यम, लंबे और हरे रंग के होते हैं यह किस्म बिजाई के 55 दिनों के बाद पहली तुड़ाई के लिए तैयार हो जाती है
Pusa Vishesh: इसके फल हरे, पतले और मध्यम आकार के होते हैं इसकी औसतन पैदावार 48-52 क्विंटल प्रति एकड़ होती है
Arka Harit: इसके फल चमकदार हरे रंग के होते हैं यह किस्म बिजाई के 120 दिनों के बाद तुड़ाई के लिए तैयार हो जाती है इसके फल कम बीज वाले होते हैं और कम कड़वे होते हैं इसकी औसतन पैदावार 52 क्विंटल प्रति एकड़ होती है
Kashi Harit: इसके फल गहरे हरे रंग के होते हैं यह किस्म बिजाई के 50 दिनों के बाद तुड़ाई के लिए तैयार हो जाती है इसकी औसतन पैदावार 120 क्विंटल प्रति एकड़ होती है
Kashi Urvashi: इस किस्म के फल सीधे और हरे रंग के होते हैं यह किस्म बिजाई के 60 दिनों के बाद पहली तुड़ाई के लिए तैयार हो जाती है इसकी औसतन पैदावार 120 क्विंटल प्रति एकड़ होती है
Priya: इसके फल लगभग 40 सैं.मी. लंबे होते हैं यह किस्म बिजाई के 60 दिनों के बाद पहली तुड़ाई के लिए तैयार हो जाती है
Kalyanpur Baramansi: इस किस्म के फल हल्के हरे रंग के 30-50 सैं.मी. लंबे होते हैं यह किस्म बारिश के मौसम में खेती के लिए उपयुक्त होती है
Faijabadi: यह स्थानीय किस्म है इसके फल लंबे, मध्यम आकार के और गहरे हरे रंग के होते हैं
Posted by Mohmmad Emran
Rajasthan
02-02-2020 12:15 PM
Moh emran ji rajasthan mein poultry training ke liye aap DR Anil 9660669992 se samparak kar sakte hai, Thankyou.

Posted by Shoaib Sheikh
Maharashtra
02-02-2020 12:15 PM
सिट्रोनेला की खेती के लिये उत्तर पूर्वी क्षेत्र एवं तराई क्षेत्र की समुचित जल निकास वाली भुरभुरी व अच्छी उर्वरा शक्ति युक्त भूमि उपयुक्त रहती है भूमि का पीएच 5-7 के बीच सर्वोत्तम रहता है सिट्रोनेला के लिये भूमि को अच्छी तरह 2 से 3 जुताइयाँ करके पाटा लगा देते हैं इसके उपरान्त आवश्यकतानुसार छोटी-छोटी क्यारि.... (Read More)
सिट्रोनेला की खेती के लिये उत्तर पूर्वी क्षेत्र एवं तराई क्षेत्र की समुचित जल निकास वाली भुरभुरी व अच्छी उर्वरा शक्ति युक्त भूमि उपयुक्त रहती है भूमि का पीएच 5-7 के बीच सर्वोत्तम रहता है सिट्रोनेला के लिये भूमि को अच्छी तरह 2 से 3 जुताइयाँ करके पाटा लगा देते हैं इसके उपरान्त आवश्यकतानुसार छोटी-छोटी क्यारियाँ बना ली जाती हैं फसल को सन्तुलित मात्रा में सभी प्रकार के सूक्ष्म पोषक तत्वों की आवश्यकता पड़ती है इसलिये 15 से 20 टन प्रति हेक्टेयर गोबर की खाद एवं एक महीने पूर्व भूमि में अच्छी तरह जुताई के साथ मिला देनी चाहिए केन्द्रीय औषधीय एवं सगंध पौधा संस्थान द्वारा जावा घास की उन्नतशील किस्में सिम-जावा, बायो-13, मंजूषा, मंदाकिनी, जलपल्लवी विकसित की गई हैं जड़दार कलमों अथवा स्लिप्स को लगभग 50X40 या 60X30 सेंटीमीटर की दूरी पर मिट्टी में अच्छी तरह दबाकर रोपना चाहिए सामान्यतः इसकी रोपाई फरवरी/मार्च अथवा जुलाई-अगस्त महीने की जाती है 20 से 25 टन सड़ी हुई गोबर की खाद या 10 से 15 टन वर्मीकम्पोस्ट अन्तिम जुताई के समय खेत में मिला देनी चाहिए 150:60:60 किग्रा क्रमशः नत्रजन, फास्फोरस, पोटाश (तत्व के रूप में) प्रति हेक्टेयर प्रतिवर्ष देना चाहिए नत्रजन की मात्रा को 4 बार में बराबर मात्रा में देनी चाहिए तथा फास्फोरस एवं पोटाश लगाने के पूर्व अन्तिम जुताई के समय खेत में मिला देते हैं पहली सिंचाई पौधरोपण के तुरन्त बाद तथा बाद की सिंचाइयाँ आवश्यकतानुसार करनी चाहिए अधिक एवं कम पानी का फसल पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है यदि पर्याप्त वर्षा हो रही हो तब सिंचाई न करें जावा घास की बढ़वार के लिए पर्याप्त नवमी की आवश्यकता होती है अतः जहां वार्षिक वर्षा लगभग 200 से 250 से में होती है, अधिक सिंचाइयों की आवश्यकता नहीं पड़ती, परन्तु उत्तर भारत में दिसंबर से जून तक लगभग 6-8 सिंचाइयों की आवश्यकता होती है फसल स्थापित होने के पहली अवस्था फसल रोपने के लगभग 20 से 25 दिन बाद पहली निराई तथा दूसरी निराई 40 से 45 दिन बाद करना चाहिए इस प्रकार से लगभग 1 वर्ष में 4 से 5 निराइयों की आवश्यकता होती है पहली कटाई रोपण 4-5 माह बाद और इसके बाद तीन माह के अन्तराल पर वर्ष में 3-4 कटाइयाँ करते रहना चाहिए जमीन से 15-20 सेंटीमीटर की ऊँचाई पर कटाई करनी चाहिए जावाघास के शाक का वाष्प आसवन या जल आसवन कर तेल प्राप्त करते हैं इसकी शाक को काटकर अर्द्ध मुरझाई अवस्था में आसवित करते हैं

Posted by guddu
Uttar Pradesh
02-02-2020 12:09 PM
गुड्डू जी अगर आप फूलों की खेती शुरू करना चाहते है तो आप गेंदे के फूल से शुरू कर सकते है लेकिन फूलों की खेती शुरू करने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि आप इसकी मार्किट ढूंढें क्युकी मार्किट कि बिना फूलों की खेती करने का कोई भी फायदा नहीं होगा धन्यवाद

Posted by Ameeta
Haryana
02-02-2020 11:57 AM
Ameeta ji kaychua sell karne ke lia aap hmari APNIKHETI Buy/Sell App te apni free ads post kar sakde ho, Thankyou.
Posted by jagdeep Singh jattana
Punjab
02-02-2020 11:41 AM
ਜਗਦੀਪ ਜੀ ਇਸ ਦਵਾਈ ਵਿਚ ਵਿਟਾਮਿਨ ਹੁੰਦੇ ਹੈ ਇਸਦੀ ਵਰਤੋਂ ਪਸ਼ੂ ਦਾ ਲੇਵਾ ਵਧਾਉਣ ਲਈ ਕੀਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਇਸ ਨਾਲ ਪਸ਼ੂ ਦੇ ਸਰੀਰ ਦੀ ਵਧਿਆ ਗਰੋਥ ਹੁੰਦੀ ਹੈ
Posted by jagdeep Singh jattana
Punjab
02-02-2020 11:27 AM
ਜਗਦੀਪ ਜੀ ਇਸਦੀ ਵਰਤੋਂ ਪਸ਼ੂਆਂ ਉਪਰ ਮੱਖੀ, ਮੱਛਰ ਨੂੰ ਖ਼ਤਮ ਕਰਨ ਲਈ ਕੀਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ
Posted by jagdeep Singh jattana
Punjab
02-02-2020 11:23 AM
Vet blood ਦਵਾਈ ਨਾਲ ਪਸ਼ੂ ਦੇ ਸਰੀਰ ਵਿਚ ਖੂਨ ਦੀ ਕਮੀ ਪੂਰੀ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਅਤੇ ਕਮਜ਼ੋਰੀ ਦੂਰ ਰਹਿੰਦੀ ਹੈ ਅਤੇ Carofix-21 ਦਵਾਈ ਨਾਲ ਪਸ਼ੂ ਨੂੰ ਸਮੇ ਤੇ ਜੇਰ ਪੈ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਅਤੇ ਬੱਚੇਦਾਨੀ ਵਿਚ ਇਨਫੈਕਸ਼ਨ ਦੀ ਸਮੱਸਿਆ ਘੱਟ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਅਤੇ ਪਸ਼ੂ ਲੰਬੇ ਸਮੇ ਤਕ ਦੁੱਧ ਦਿੰਦਾ ਹੈ
Posted by Dalvir Dhaliwal
Punjab
02-02-2020 11:18 AM
अब आप Dekalb 9108, Pioneer 31/45 की बिजाई कर सकते है

Posted by Mukesh Kumar
Uttar Pradesh
02-02-2020 11:18 AM
Mukesh Kumar ji, sabhi kisme ek jaisi hi hoti hai, ese podhe ko dekh nahi nahi bataya ja sakta hai, ke yeh kis kisam ka podha hai, dhanywad
Posted by Jagroop brar
Punjab
02-02-2020 11:17 AM
jagroop ji kirpa karke daso ke tuc isde vich kehdi kehdi khaad di varto kiti hai ta jo tuhanu is bare poori jankari diti ja sake,dhanwad
Posted by Maninder
Punjab
02-02-2020 11:15 AM
Maninder ji, kirpa kar ke daso ke tusi is vich kehri khaad payi hai ate kinni matra vich payi hai, tajo tuhanu is bare puri jankari diti ja sake, dhanwad

Posted by vijender
Haryana
02-02-2020 11:10 AM
मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजि.... (Read More)
मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजित किया जा रहा है प्रशिक्षण कार्य कर्म में भाग लेने के लिए नीचे दिए गए नम्बर पर आज ही संपर्क करें और Rs 250/ से अपना रजिस्ट्रेशन करवाए अचल सिंह (फाउंडर )- 9711858258. धन्यवाद
Posted by Balwant Singh
Haryana
02-02-2020 10:56 AM
बलवंत जी आप किस्मे जैसे HS 6,H 1098,HHH 223,HHH 287,H 1117,H 1226, HD 107, HD 123, HD 324, HHH 287 की बिजाई कर सकते है धन्यवाद
Posted by Balwant Singh
Haryana
02-02-2020 10:55 AM
अच्छी पैदावार प्राप्त करने के लिए बिजाई का उचित समय 15 अप्रैल से जून का पहला सप्ताह होता कपास की फसल के आस-पास अरहर, मूंग और भिंडी को ना बोयें क्योंकि यह कीड़ों का स्थान बनाने के लिए सहायक फसलें हैं

Posted by N.s Rathore
Rajasthan
02-02-2020 10:46 AM
कृप्या आप अपना सवाल विस्तार से पूछें कि आप क्या जानकारी लेना चाहते है ताकि आपको सही जानकारी दी जा सके
Posted by Sarabjit Singh
Punjab
02-02-2020 10:38 AM
shrimaan g african tall makki di beejayi march de first week vich kr skde ho g..

Posted by Nirbhay singh
Punjab
02-02-2020 10:28 AM
ਫੈਟ ਘਟਣ ਦੇ ਕਈ ਕਾਰਨ ਹੁੰਦੇ ਹੈ , ਜਿਵੇਂ ਸਹੀ ਖੁਰਾਕ ਨਾ ਮਿਲਣਾ , ਟਾਈਮ ਤੇ ਡੇਵਰਮਿੰਗ ਨਾ ਹੋਣਾ , ਰਹਿਣ ਸਹਿਣ ਵਿਚ ਦਿਕੱਤ ਹੋਣਾ , ਇਹਨਾਂ ਕਾਰਨਾਂ ਕਰਕੇ ਵੀ ਪਸ਼ੂ ਦਾ ਦੁੱਧ ਅਤੇ ਫੈਟ ਘਟ ਜਾਂਦੀ ਹੈ , ਫੈਟ ਵਧਾਾਉਣ ਲਈ ਅੱਧਾ ਕਿਲੋ ਦੇਸੀ ਕਪਾਹ ਦੇ ਵੜੇਵੇ ਚਾਰੋ ਜੀ ਅਤੇ ਬੀਟੀ ਕਾਟਨ ਦੀ ਵਰਤੋ ਬਿਲਕੁੱਲ ਨਾ ਕਰੋ ਅਤੇ ਦੁੱਧ ਵਧਾਉਣ ਤੁਸੀ ਦਾਣੇ ਨੂੰ ਗਿੱਲਾ ਕਰਕੇ ਉਸ ਵਿੱਚ 10 ਗ੍ਰਾਮ ਲਾਈਵਈਸਟ.... (Read More)
ਫੈਟ ਘਟਣ ਦੇ ਕਈ ਕਾਰਨ ਹੁੰਦੇ ਹੈ , ਜਿਵੇਂ ਸਹੀ ਖੁਰਾਕ ਨਾ ਮਿਲਣਾ , ਟਾਈਮ ਤੇ ਡੇਵਰਮਿੰਗ ਨਾ ਹੋਣਾ , ਰਹਿਣ ਸਹਿਣ ਵਿਚ ਦਿਕੱਤ ਹੋਣਾ , ਇਹਨਾਂ ਕਾਰਨਾਂ ਕਰਕੇ ਵੀ ਪਸ਼ੂ ਦਾ ਦੁੱਧ ਅਤੇ ਫੈਟ ਘਟ ਜਾਂਦੀ ਹੈ , ਫੈਟ ਵਧਾਾਉਣ ਲਈ ਅੱਧਾ ਕਿਲੋ ਦੇਸੀ ਕਪਾਹ ਦੇ ਵੜੇਵੇ ਚਾਰੋ ਜੀ ਅਤੇ ਬੀਟੀ ਕਾਟਨ ਦੀ ਵਰਤੋ ਬਿਲਕੁੱਲ ਨਾ ਕਰੋ ਅਤੇ ਦੁੱਧ ਵਧਾਉਣ ਤੁਸੀ ਦਾਣੇ ਨੂੰ ਗਿੱਲਾ ਕਰਕੇ ਉਸ ਵਿੱਚ 10 ਗ੍ਰਾਮ ਲਾਈਵਈਸਟ ਮਿਲਾ ਕੇ ਦੁੱਧ ਚੋਣ ਤੋਂ 10 ਮਿੰਟ ਪਹਿਲਾ ਘੋਲ ਕੇ ਪਾਓ ਇਹ ਲਾਈਵਈਸਟ ਤੁਹਾਨੂੰ ਪੰਸਾਰੀ ਦੀ ਦੁਕਾਨ ਤੋਂ ਮਿਲ ਜਾਵੇਗਾ ਇਹ ਜਿਆਦਾ ਟਾਈਮ ਨਹੀ ਪਿਆ ਰਹਿਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਇਸ ਨਾਲ ਦੁੱਧ ਵੱਧ ਜਾਵੇਗਾ ਜਾਂ ਤੁਸੀ ਕੱਦੂ ਜਾਂ ਲੋਕੀ ਖਵਾਓ ਪਸ਼ੂ ਨੂੰ ਇਹ ਵੀ ਦੁੱਧ ਵਧਾਉਣ ਲਈ ਠੀਕ ਹੈ ਇਸਦੇ ਨਾਲ ਤੁਸੀ ਪਸ਼ੂ ਨੂੰ Fatplus ਜਾਂ Fatmax 50 ਗ੍ਰਾਮ ਪਾਊਡਰ ਵੀ ਦੇਣਾ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ , ਇਸ ਨਾਲ ਫੈਟ ਵਿੱਚ ਫਰਕ ਪੈ ਜਾਵੇਗਾ, ਬਾਕੀ ਤੁਸੀ Milkout ਪਾਊਡਰ 2-2 ਚਮਚ ਸਵੇਰੇ ਸ਼ਾਮ ਦਿਓ , ਇਸ ਨਾਲ ਦੁੱਧ ਵੱਧ ਜਾਵੇਗਾ..
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