
Posted by Vishunlal Vishunlal
Uttar Pradesh
03-02-2020 05:23 PM
vishnulal ji mahu ki roktham ke liye aap imidacloprid@1.5ml ko prati litre pani ke hisab se spray karen.dhanywad
Posted by Onkar Singh Dhugga
Punjab
03-02-2020 05:18 PM
ਇਹ ਇਕ ਦਾਣੇਦਾਰ ਖਾਦ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਇਹ ਵੱਡੇ ਗੱਟੇ ਦੇ ਵਿਚ 50 ਕਿੱਲੋ ਪੈਕਿੰਗ ਦੇ ਵਿਚ ਵੀ ਆਉਂਦੀ ਹੈ ਅਤੇ ਇਕ ਚਾਰ ਕਿੱਲੋ ਵਾਲੀ ਪੈਕਿੰਗ ਵਿਚ ਆਉਂਦੀ ਹੈ ਦੋਨਾਂ ਦਾ ਕੰਮ ਇਕ ਹੀ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਦੋਨੋ ਗਰੋਥ ਦਾ ਕੰਮ ਕਰਦੀਆਂ ਹਨ ਅਤੇ ਜਮੀਨ ਦੀ ਉਪਜਾਊ ਸ਼ਕਤੀ ਵਧਾਉਂਦਾ ਹਨ ਅਤੇ ਤੱਤਾਂ ਦੀ ਕਮੀ ਨੂੰ ਪੂਰਾ ਕਰਦੀ ਹੈ ਇਸ ਨਾਲ ਬੀਜ ਵਧੀਆ ਪੁੰਗਰਦਾ ਹੈ ,ਇਸਦਾ ਤੁਸੀ ਛੱਟਾ ਦੇ ਸਕਦੇ ਹਨ ਇਸਨੂੰ ਤੁਸੀ ਸਾਰ.... (Read More)
ਇਹ ਇਕ ਦਾਣੇਦਾਰ ਖਾਦ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਇਹ ਵੱਡੇ ਗੱਟੇ ਦੇ ਵਿਚ 50 ਕਿੱਲੋ ਪੈਕਿੰਗ ਦੇ ਵਿਚ ਵੀ ਆਉਂਦੀ ਹੈ ਅਤੇ ਇਕ ਚਾਰ ਕਿੱਲੋ ਵਾਲੀ ਪੈਕਿੰਗ ਵਿਚ ਆਉਂਦੀ ਹੈ ਦੋਨਾਂ ਦਾ ਕੰਮ ਇਕ ਹੀ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਦੋਨੋ ਗਰੋਥ ਦਾ ਕੰਮ ਕਰਦੀਆਂ ਹਨ ਅਤੇ ਜਮੀਨ ਦੀ ਉਪਜਾਊ ਸ਼ਕਤੀ ਵਧਾਉਂਦਾ ਹਨ ਅਤੇ ਤੱਤਾਂ ਦੀ ਕਮੀ ਨੂੰ ਪੂਰਾ ਕਰਦੀ ਹੈ ਇਸ ਨਾਲ ਬੀਜ ਵਧੀਆ ਪੁੰਗਰਦਾ ਹੈ ,ਇਸਦਾ ਤੁਸੀ ਛੱਟਾ ਦੇ ਸਕਦੇ ਹਨ ਇਸਨੂੰ ਤੁਸੀ ਸਾਰੀਆਂ ਫ਼ਸਲਾਂ ਵਿਚ ਪਾ ਸਕਦੇ ਹੋ ਹਰ ਫ਼ਸਲ ਦੇ ਮੁਤਾਬਿਕ ਇਸ ਦੀ ਮਾਤਰਾ ਘਟ ਵੱਧ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਇਸਨੂੰ ਤੁਸੀ 4 ਕਿੱਲੋ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਖੇਤ ਵਿਚ ਪਾ ਸਕਦੇ ਹੋ ਇਸਦੇ ਰੇਟ ਦੇ ਬਾਰੇ ਜਾਣਕਾਰੀ ਤੁਹਾਨੂੰ ਲੋਕਲ ਮਾਰਕੀਟ ਤੋਂ ਪਤਾ ਚਲ ਸਕਦੀ ਹੈ ਕਿਉਕਿ ਇਹ ਕਈ ਕੰਪਨੀਆਂ ਦਾ ਆਉਂਦਾ ਹੈ ਤੇ ਹਰ ਕੰਪਨੀ ਦਾ ਅਲੱਗ ਰੇਟ ਹੁੰਦਾ ਹੈ

Posted by Vishunlal Vishunlal
Uttar Pradesh
03-02-2020 05:06 PM
vishnulal ji mahu ki roktham ke liye aap imidacloprid@1.5ml ko prati litre pani ke hisab se spray karen.dhanywad
Posted by Virat Singh
Uttar Pradesh
03-02-2020 05:03 PM
उत्तर में यह वर्षा और बसंत के मौसम में उगाई जाती है खरीफ के मौसम में, इसकी बिजाई जून-जुलाई के महीने और बसंत ऋतु में फरवरी-मार्च के महीने में की जाती है
Posted by Mangat
Punjab
03-02-2020 05:01 PM
tuci uss nu Milkout powder 2-2 chamch swere sham, FMC powder 50gm rojana ate Lactin bolus 1-1 goli swere sham deo, iss nal frak paa jawega.

Posted by Rakesh Verma
Uttar Pradesh
03-02-2020 05:00 PM
श्री मान विभिन्न प्रकार की मिट्टी में विकसित हो सकता है जिसमें सैंडी दोमट से लेकर मिट्टी, काली मिट्टी और लाल मिट्टी होती है जिसमें उचित जल निकासी होती है उच्च कार्बनिक सामग्री के साथ अच्छी तरह से सूखा रेतीली मिट्टी के नीचे उगाए जाने पर यह सबसे अच्छा परिणाम देता है अच्छी वृद्धि के लिए मिट्टी का पीएच 7-8.5 होना .... (Read More)
श्री मान विभिन्न प्रकार की मिट्टी में विकसित हो सकता है जिसमें सैंडी दोमट से लेकर मिट्टी, काली मिट्टी और लाल मिट्टी होती है जिसमें उचित जल निकासी होती है उच्च कार्बनिक सामग्री के साथ अच्छी तरह से सूखा रेतीली मिट्टी के नीचे उगाए जाने पर यह सबसे अच्छा परिणाम देता है अच्छी वृद्धि के लिए मिट्टी का पीएच 7-8.5 होना चाहिए यह मध्यम अम्लीय और लवणीय मिट्टी को सहन कर सकता है उच्च अम्लीय मिट्टी में खेती से बचें शुरुआती फसलों के लिए हल्की मिट्टी फायदेमंद होती है जहां भारी पैदावार के लिए मिट्टी दोमट और गाद दोमट मिट्टी उपयोगी होती है इसकी किस्मे जैसे के Pusa 120, Pusa Rubi, Pusa Sheetal, Pusa Hybrid 4, Arka Anyanya, Arka Vikas, Arka Abha, Kashi Hemant, Hisar Lalit, Arka Saurabh, HS 101, HS 102, Hisar Arun (Selection 7)की बिजाई कर सकते है टमाटर के बीजों को पहले नर्सरी में बोया जाता है फिर मुख्य क्षेत्र में रोपाई की जाती है मुख्य क्षेत्र की तैयारी के लिए, इसे अच्छी तरह से चूर्णित और समतल मिट्टी की आवश्यकता होती है 4-5 बार के लिए भूमि की जुताई ki जाती है अंतिम जुताई के समय मिट्टी में अच्छी तरह से विघटित गोबर @ 60 किग्रा / एकड़ मिलाएँ रोपाई के उद्देश्य के लिए 80-90 cm चौड़ाई का तैयार bed खरीफ की फसल के लिए जून से सितंबर महीने में नर्सरी में बीज बोते हैं ग्रीष्म ऋतु के लिए, नवंबर-दिसंबर में नर्सरी तैयार की जाती है जबकि सर्दियों के मौसम के लिए, सितंबर महीने में नर्सरी में बीज बोते हैं खरीफ की फसल, 60cmx60cm की spacing का उपयोग करें जबकि गर्मी और सर्दियों के मौसम के लिए, 60cmx45cm के spacing का उपयोग करें नर्सरी में 0.5 cm की गहराई पर बीज बोएं और फिर मिट्टी से ढक दें मुख्य खेत में रोपाई की रोपाई पंक्तियों में 5-7 cm की दूरी पर 1 मीटर की चौड़ाई और 5 मीटर की लंबाई वाले टमाटर पर बीज बोना एक एकड़ भूमि के लिए अंकुर प्राप्त करने के लिए, लगभग 25 उठाए हुए की आवश्यकता होती है बीजों की बुवाई से पहले कार्बोफ्यूरान 3 जी @ 10 ग्राम / वर्ग मीटर को नर्सरी मिट्टी में मिलाएं अंकुर को कीट और बीमारी के हमले से बचाने के लिए, मैनकोजेब @ 2 ग्राम / लीटर पानी का छिड़काव करें रोपाई के उद्देश्य के लिए चार से पांच सप्ताह का अंकुर यानी 10-15 cm ऊंचाई उपयुक्त है एक एकड़ भूमि में बुवाई के लिए अंकुर तैयार करने के लिए 140-160 ग्राम बीज दर का प्रयोग करें संकर किस्मों के लिए, बीज दर 80-100 ग्राम / एकड़ का प्रयोग करें सामान्य तौर पर, नाइट्रोजन @ 40 किग्रा -60 किग्रा, फास्फोरस @ 20 किग्रा और पोटाश @ 24-32 किग्रा यूरिया @ 90-130 किग्रा, एसएसपी @ 125 किग्रा और एमओपी @ 40-55 किग्रा / एकड़ के रूप में लागू करें रोपाई के प्रत्यारोपण से तीन से चार सप्ताह पहले, फास्फोरस और पोटाश की पूरी खुराक और नाइट्रोजन की एक तिहाई मात्रा लागू करें रोपाई के 30 और 50 दिनों के बाद दो बराबर छींटों में नाइट्रोजन की शेष मात्रा लागू करें रोपाई के बाद दो-तीन दिनों तक हल्की सिंचाई करें सर्दियों में, 12 से 15 दिनों के अंतराल पर और गर्मियों के महीने में सिंचाई करें, मिट्टी की नमी के आधार पर 6-7 दिनों के अंतराल के साथ आवेदन करें फूलों की अवस्था सिंचाई के लिए महत्वपूर्ण है, इस चरण के दौरान पानी के तनाव से फूल गिर सकता है और फलने और उत्पादकता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है विभिन्न शोधों के अनुसार, यह पाया गया है कि, हर पखवाड़े में आधा इंच सिंचाई जड़ों की अधिकतम पैठ का कारण बनती है और इस प्रकार उच्च उपज देती है इसके अलावा, अतिरिक्त सिंचाई से बचें धन्यवाद

Posted by gagandeep
Haryana
03-02-2020 04:54 PM
Gagandeep ji pure beetal goat len lai tusi mere nal Birbal Ram Sharma 7009579091 samparak kar sakde ho, Thankyou.
Posted by ASHARAM BAIRWA
Rajasthan
03-02-2020 04:28 PM
आशाराम जी आप इसके ऊपर NPK 130045 @1 किलो को प्रति एकड़ के हिसाब से स्प्रे करें धन्यवाद
Posted by sonu datt
Haryana
03-02-2020 04:04 PM
Sonu ji, kripya ap bataye ke apke gehun mein abhi kya samasya a rahi hai, taki apko uske hisaab se iska samadhan diya ja ske, dhanywad

Posted by Gurvinder Singh
Punjab
03-02-2020 04:02 PM
ਤੁਸੀ ਉਸ ਨੂੰ ਮੁਰਾਹ ਨਸਲ ਦਾ ਜ਼ਿਆਦਾ ਰਿਕਾਰਡ ਵਾਲਾ ਟੀਕਾ ਭਰਵਾਂ ਸਕਦੇ ਹੋ
Posted by ਹਰਪਾਲ ਸਿੰਘ
Punjab
03-02-2020 03:48 PM
Harpal jivadia murah jhoti ja majh len lai tusi Goldy 7508800056 9592760500Novax Dairy Assist, Lakshmi Dairy Farm Phone: 099103 04118, Jai Singh 7973302035 nal samparak kar sakde ho, THankyou.

Posted by Surinder Kaur
Punjab
03-02-2020 03:39 PM
सुरिंदर जी यह फंगस के कारण हो रहा है इसके लिए आप mancozeb@4 gram को प्रति लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे कर सकते है

Posted by Bhullar Sahb
Punjab
03-02-2020 03:39 PM
ਹਾਜੀ ਸਤਿ ਸ਼੍ਰੀ ਅਕਾਲ ਜੀ ਤੁਹਾਡੇ ਵੱਲੋਂ ਪੁੱਛੇ ਸਾਰੇ ਸਵਾਲਾਂ ਦਾ ਜਵਾਬ ਦਾ ਦਿੱਤਾ ਜਾ ਚੁੱਕਿਆ ਹੈ ਤੁਸੀ ਆਪਣੇ ਸਵਾਲਾਂ ਦੇ ਜਵਾਬ ਦੇਖਣ ਲਈ ਐਪ ਵਿੱਚ ਮੇਰੇ ਸਵਾਲ ਤੇ ਕਲਿੱਕ ਕਰਕੇ ਜਾਂ ਫਿਰ ਮੇਰੀ ਪ੍ਰੋਫਾਈਲ ਦੇ ਹੇਠਾ ਆਪਣੇ ਸਵਾਲ ਜਵਾਬ ਦੇਖ ਸਕਦੇ ਹੋ ਵੀ ਜੇਕਰ ਤੁਹਾਨੂੰ ਜਵਾਬ ਸਬੰਧੀ ਕਿਸੇ ਤਰਾਂ ਦੀ ਸਮੱਸਿਆ ਆ ਰਹੀ ਹੈ ਤਾਂ ਤੁਸੀ ਸਾਡੇ ਹੈਲਪਲਾਈਨ ਨੰਬਰ: 97799-77641 ਤੇ ਕਾਲ ਕਰ ਸਕਦੇ .... (Read More)
ਹਾਜੀ ਸਤਿ ਸ਼੍ਰੀ ਅਕਾਲ ਜੀ ਤੁਹਾਡੇ ਵੱਲੋਂ ਪੁੱਛੇ ਸਾਰੇ ਸਵਾਲਾਂ ਦਾ ਜਵਾਬ ਦਾ ਦਿੱਤਾ ਜਾ ਚੁੱਕਿਆ ਹੈ ਤੁਸੀ ਆਪਣੇ ਸਵਾਲਾਂ ਦੇ ਜਵਾਬ ਦੇਖਣ ਲਈ ਐਪ ਵਿੱਚ ਮੇਰੇ ਸਵਾਲ ਤੇ ਕਲਿੱਕ ਕਰਕੇ ਜਾਂ ਫਿਰ ਮੇਰੀ ਪ੍ਰੋਫਾਈਲ ਦੇ ਹੇਠਾ ਆਪਣੇ ਸਵਾਲ ਜਵਾਬ ਦੇਖ ਸਕਦੇ ਹੋ ਵੀ ਜੇਕਰ ਤੁਹਾਨੂੰ ਜਵਾਬ ਸਬੰਧੀ ਕਿਸੇ ਤਰਾਂ ਦੀ ਸਮੱਸਿਆ ਆ ਰਹੀ ਹੈ ਤਾਂ ਤੁਸੀ ਸਾਡੇ ਹੈਲਪਲਾਈਨ ਨੰਬਰ: 97799-77641 ਤੇ ਕਾਲ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋਂ

Posted by RAGENDAR kourav
Madhya Pradesh
03-02-2020 03:37 PM
फसल को जानवरों से बचाने के लिए आप खेत में फेंसिंग कर सकते है इसके इलावा आप prem raj saini 9719432296 जी से सम्पर्क कर सकते है इन्होने एक खाद त्यार की है जिसकी बदबू से जानवर खेत में नहीं आते
Posted by Gurbans Singh Dhillon
Punjab
03-02-2020 03:26 PM
ਗੁਰਬੰਸ ਜੀ ਤੁਸੀ J1006 ਕਿਸਮ ਦੀ ਬਿਜਾਈ 15 ਫਰਵਰੀ ਤੋਂ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਅਤੇ ਇਸਦਾ ਬੀਜ 30 ਕਿਲੋ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਬੀਜਿਆ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਧੰਨਵਾਦ

Posted by Navdeep singh
Punjab
03-02-2020 03:24 PM
ਨਵਦੀਪ ਜੀ ਤੁਸੀ ਉਸ ਨੂੰ ਪੇਟ ਦੇ ਕੀੜਿਆਂ ਲਈ Piperazine liquid ਦਿਓ ਅਤੇ Agrimin ਪਾਊਡਰ 10 ਗ੍ਰਾਮ ਰੋਜਾਨਾ ਦੇਣਾ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ ਅਤੇ ਚਾਰਾ ਉਸ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਦਿਓ ਜਿਨ੍ਹਾਂ ਉਹ ਵਧਿਆ ਹਜ਼ਮ ਕਰਦੀ ਹੈ ਜਿਸ ਨਾਲ ਵਧਿਆ ਗਰੋਥ ਹੋਵੇਗੀ ਬਾਕੀ ਉਸ ਨੂੰ ਇਕ ਇਕ ਮਹੀਨੇ ਦੇ ਫਰਕ ਨਾਲ ਪੇਟ ਦੇ ਕੀੜਿਆਂ ਲਈ ਦਵਾਈ ਜਰੂਰ ਦਿਓ.
Posted by इज़हार
Uttar Pradesh
03-02-2020 03:23 PM
जी हां आप Agrimin पाउडर को 25 ग्राम रोजाना दे सकते है और Minotas दवाई का प्रयोग बकरी के भार के हिसाब से करें
Posted by happy
Punjab
03-02-2020 03:18 PM
श्रीमान जी गेहूं में मैगनीज 1 किलो प्रति एकड़ और एनपीके 191919 एक किलो प्रति को 100 लीटर पानी में मिलाकर स्प्रे कर सकते है
Posted by sukhadeol
Punjab
03-02-2020 03:18 PM
Sukha ji pehla tan bache nu sirf maa de dudh di jrurat hundi hai uss ton badd tuci usde hajam krnn ate khann de hisab nal thodi thodi khurak deo ate umar de hisab nal 1 ton 1.5kg tak rojana deo ate her 3-3 mahine badd salt badal ke pett de kiria wali dwai jrur deo.
Posted by Anil Kumar
Himachal Pradesh
03-02-2020 03:11 PM
दरमियाने पर्वतीय क्षेत्रों के लिए : फरवरी-मार्च (सिंचित क्षेत्रों में), मई-जून (बारानी क्षेत्रों में)में की जाती है Solan Bajr (U.H.F II) : यह एक नई किस्म है इसका आकार दिल जैसा, सख्त और फल का मोटा छिल्का होता है फल का भार लगभग 70 ग्राम होता है यह किस्म 70-75 दिनों में तैयार हो जाती है और इसकी औसतन पैदावार177- 197 क्विंटल प्रति एकड़ हो.... (Read More)
दरमियाने पर्वतीय क्षेत्रों के लिए : फरवरी-मार्च (सिंचित क्षेत्रों में), मई-जून (बारानी क्षेत्रों में)में की जाती है Solan Bajr (U.H.F II) : यह एक नई किस्म है इसका आकार दिल जैसा, सख्त और फल का मोटा छिल्का होता है फल का भार लगभग 70 ग्राम होता है यह किस्म 70-75 दिनों में तैयार हो जाती है और इसकी औसतन पैदावार177- 197 क्विंटल प्रति एकड़ होती है यह किस्म दरमियानी पहाड़ी क्षेत्रों के लिए जारी की गई है
Solan Gola : यह अधिक फैलने वाली किस्म है फल गोल और मध्यम से बड़े आकार के, मोटा छिल्का और इस किस्म को दूरी वाले स्थानों पर आसानी से ले जाया जा सकता है इस किस्म की औसतन पैदावार 156 क्विंटल प्रति एकड़ है
Yashwant (A-2) : यह अधिक फैलने वाली किस्म है फल गोल, समतल मोटा छिल्का होता है और यह फल गलन के प्रतिरोधक किस्म है इसकी औसतन पैदावार 208 क्विंटल प्रति एकड़ होती है
Marglobe : यह अधिक फैलने वाली किस्म है फल गोल, बड़े आकार के, मोटा छिल्का और कच्चे फलों का बाहरी छिल्का हरे रंग का होता है और फल गलन के प्रतिरोधी है इसकी औसतन पैदावार 166 क्विंटल प्रति एकड़ होती है
Syu : यह अधिक फैलने वाली किस्म है फल मध्यम आकार के, लगभग गोल होते हैं, कच्चे फलों का बाहरी छिल्का हरे रंग का और पकने पर लाल रंग का होता है इसकी औसतन पैदावार 145 क्विंटल प्रति एकड़ होती है
Solan Shagun : यह मध्यम कद की हाइब्रिड किस्म है इसके पत्ते गहरे हरे रंग के और फल गहरे लाल रंग के होते हैं और यह किस्म 70-75 दिनों में तैयार हो जाती है इसकी औसतन पैदावार 145 क्विंटल प्रति एकड़ होती है यह किस्म सूखे और फल गलन बीमारी के प्रतिरोधक किस्म है
Roma : यह छोटे कद की किस्म है इसके पत्ते अधिक होते हैं, फल नाशपाती के आकार के, मोटा छिल्का होता है और इसे दूरी वाले स्थानों पर आसानी से ले जाया जा सकता है यह किस्म कुल्लू की पहाड़ियों में उगाने के लिए उपयुक्त है इसकी औसतन पैदावार 130 क्विंटल प्रति एकड़ होती है
Rupali : यह मध्यम फैलने वाली हाइब्रिड किस्म है इसके फल गोल आकार के मध्यम और दूरी वाले स्थानों पर ले जाने के लिए उपयुक्त होते हैं इसकी औसतन पैदावार 208 क्विंटल प्रति एकड़ होती है
M.T.H -15 : यह मध्यम फैलने वाली हाइब्रिड किस्म है इसके फल गोल और छिल्का मोटा होता है इसकी औसतन पैदावार 188 क्विंटल प्रति एकड़ होती है
Naveen : यह मध्यम फैलने वाली हाइब्रिड किस्म है इसके फल गोल आकार के और दूरी वाले स्थानों पर ले जाने के लिए उपयुक्त हैं यह किस्म सोलन और इसके साथ लगते क्षेत्रों में उगाने के लिए उपयुक्त है इसकी औसतन पैदावार 167-188 क्विंटल प्रति एकड़ होती है
Palam Pink (B.L. 342-I) : यह एक नई किस्म है जो बैक्टीरियल सूखा रोग के प्रतिरोधक है यह किस्म निचली और दरमियानी पहाड़ी क्षेत्रों के लिए जारी की गई है इसके पौधे का कद छोटा, गुलाबी रंग के फल होते हैं इसकी औसतन पैदावार 100 क्विंटल प्रति एकड़ होती है
Palam Pride : इसकी औसतन पैदावार 98 क्विंटल प्रति एकड़ होती है
Posted by SANTOSH BHAIJAAN
Bihar
03-02-2020 03:04 PM
SANTOSH BHAIJAAN ji Black Bengal goat lene ke lia aap Sumit Thakur 8409119075, 6299926127 (Thakur Goat Farm) se samparak kar sakte hai, Thankyou.
Posted by इज़हार
Uttar Pradesh
03-02-2020 03:00 PM
जी हां आप Agrimin पाउडर को 25 ग्राम रोजाना दे सकते है और Minotas दवाई का प्रयोग बकरी के भार के हिसाब से करें इससे जानवर हीट में आ जाएगा

Posted by AJMER SINGH
Punjab
03-02-2020 03:00 PM
Ajmer ji aap bakri ki deworming ke liye Nilzan liquid vart skte hai isko 1ml/3kg sarir ke bhar ke hisab se use kr skte hai.
Posted by narayan
Uttar Pradesh
03-02-2020 02:59 PM
narayan ji aap iske uper NPK 191919 @1 kilo ko 150 litre pani ke hisab se spray karen,dhanywad
Posted by happy
Punjab
03-02-2020 02:57 PM
हैपी जी आप लगभग 8 दिन तक यूरिया और बाकि खादों का प्रयोग कर सकते है
Posted by karambir singh Josan
Punjab
03-02-2020 02:55 PM
ਇਸਦੇ ਬੀਜ ਮੁੱਖ ਤੌਰ ਤੇ ਅਕਤੂਬਰ ਅੰਤ ਵਿੱਚ ਬੀਜੇ ਜਾਂਦੇ ਹਨ ਅਤੇ ਰੋਪਣ ਅੱਧ-ਫਰਵਰੀ ਵਿੱਚ ਕੀਤਾ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਅਗੇਤੀ ਪੈਦਾਵਾਰ ਲਈ ਬੀਜ ਅੱਧ-ਅਕਤੂਬਰ ਵਿੱਚ ਬੀਜੇ ਜਾਂਦੇ ਹਨ ਅਤੇ ਰੋਪਣ ਨਵੰਬਰ ਦੇ ਅੰਤ ਵਿੱਚ ਕੀਤਾ ਜਾਂਦਾ ਹੈ
Posted by इज़हार
Uttar Pradesh
03-02-2020 02:47 PM
इसके साथ पशुओं के शरीर में मिनरल की कमी पूरी होती है और शरीर का अच्छा विकास होता है इनसे पशु जल्दी हीट में आ जाता है और नए दूध होता है
Posted by Neeraj Rathi
Uttar Pradesh
03-02-2020 02:43 PM
neeraj ji aap iski spray kar sakte hai iska result badia hai.dhanywad

Posted by पबॉर
Madhya Pradesh
03-02-2020 02:09 PM
तरबूज़ गहरी उपजाऊ और अच्छे निकास वाली मिट्टी में अच्छा उगता है यह रेतली या रेतली दोमट मिट्टी में उगाने पर ज्यादा पैदावार देता है पानी के घटिया निकास वाली मिट्टी इसकी खेती के लिए उपयुक्त नहीं है इस फसल के लिए फसली चक्र अपनायें, क्योंकि एक ही खेत में बार-बार एक ही फसल उगाने से पोषक तत्व नष्ट होते हैं, पैदावार कम.... (Read More)
तरबूज़ गहरी उपजाऊ और अच्छे निकास वाली मिट्टी में अच्छा उगता है यह रेतली या रेतली दोमट मिट्टी में उगाने पर ज्यादा पैदावार देता है पानी के घटिया निकास वाली मिट्टी इसकी खेती के लिए उपयुक्त नहीं है इस फसल के लिए फसली चक्र अपनायें, क्योंकि एक ही खेत में बार-बार एक ही फसल उगाने से पोषक तत्व नष्ट होते हैं, पैदावार कम होती है और बीमारियों का हमला ज्यादा होता है मिट्टी की पी एच 6-7 के बीच होनी चाहिए मिट्टी के भुरभुरा होने तक खेत की जोताई करें तरबूज़ की बिजाई सीधी भी की जा सकती है और पनीरी लगाकर भी की जा सकती है तरबूज की खेती के लिए मध्य फरवरी से मार्च का समय अनुकूल होता है खरीफ के मौसम में इसकी खेती जून-जुलाई के महीने में की जाती है इसका फासला बिजाई के अलग-अलग तरीकों पर निर्भर करता है गड्ढा विधि द्वारा कतार से कतार की दूरी 2-3.5 मी. और पौधे से पौधे में 0.6-1.2 मी. की दूरी होनी चाहिए पौधे के बीज की गहराई 2-4 सैं.मी होनी चाहिए इसकी बिजाई के अलग अलग तरीके हैं जैसे क्यारियों पर लगाना, गड्ढा खोद के लगाना, मेड़ में मौसम और ऋतु के अनुसार लगाना वे क्षेत्र जहां तापमान 20 डिगरी सैल्सियस से कम हो, वहां अंकुरन अच्छे से नहीं होते ऐसे हालातों में बीजों को पॉलीथीन के लिफाफे में बोया जाता है जब तापमान उपयुक्त हो जाये तो पौधों को खेत में रोपण कर दिया जाता है क्यारियों में लगाना : बीज को क्यारी के एक ओर लगाएं एक समय पर 3-4 बीज बोयें और जमाव के बाद एक सेहतमंद बूटा रखें पौधों का आपस में फासला 60-90 सैं.मी. रखें गड्ढा खोद के लगाना : एक गड्ढे में 4 बीज बोयें गड्ढा 60x60x60 सैं.मी. का रखें दो कतारों में फासला 2-3.5 मीटर और पौधों में फासला 0.6-1.2 मीटर रखें गड्ढों को अच्छी तरह रूड़ी और मिट्टी से भरें जमाव के बाद एक बूटा एक गड्ढे में रखें मेड़ पर लगाना : यह तरीका गड्ढे खोदने वाले तरीके जैसा ही है इस में 30x30x30 सै.मी. के गड्ढे 1-1.5 मीटर के फासले पर लगाएं दो बीज एक मेड़ पर लगाएं एक एकड़ की बिजाई के लिए 1.5 से 1-8 किलो बीज की जरूरत होती है बिजाई के 20-25 दिन पहले 6 टन रूड़ी की खाद खेत में डालें खेत में 32&40 किलो नाइट्रोजन, 16 किलो फासफोरस और 16 किलो पोटाश प्रति एकड़ डालें (70-90 किलो यूरिया, 100 किलो सिंगल सुपरफासफेट और 30 किलो म्यूरेट ऑफ पोटाश) पूरी फासफोरस, पोटाश और एक तिहाई नाइट्रोजन बीज बीजने के बाद खेत में डालें बिजाई के 25-30 दिनों के बाद बाकी की नाइट्रोजन की दूसरी किश्त बेलों के आस पास डालें और मिट्टी में पूरी तरह मिला दें फसल के 10-15 दिन बीजने के बाद एन पी के (19:19:19) + लघु तत्व 2-3 ग्राम प्रति लीटर पानी में मिला के स्प्रे करें फूलों को गिरने से बचाने के लिए और ज्यादा पैदावार लेने के लिए 10 प्रतिशत 3 मि.ली. हयूमिक एसिड + 5 ग्राम एम ए पी प्रति लीटर का फूल आने पर प्रयोग करें सैलीसाइलिक एसिड (एसपरिन 350 एम जी 4-5 गोलियां) प्रति 15 लीटर फूल आने पर , पकने पर 35 दिनों बाद स्प्रे करें फसल बीजने के 55 दिनों के बाद 100 ग्राम 13:0:45+25 मि.ली. हैकसाकोनाज़ोल प्रति 15 लीटर को फलों के अच्छे विकास और सफेद रोग से बचाने के लिए स्प्रे करें फल के अच्छे आकार के लिए मिठास और रंग के लिए बीजने के 65 दिनों बाद 1.5 किलो 0:0:50 प्रति एकड़ को 100 ग्राम प्रति 15 लीटर पानी में घोल के स्प्रे करें बीजों के जल्दी अंकुरण के लिए बिजाई के तुरंत बाद सिंचाई करें बाकी की सिंचाई 5-7 दिनों के अंतराल पर करें फसल पकने पर जरूरत के अनुसार पानी लगाएं फसल में पानी ना खडा होने दें पानी लगाते समय मेंड़ों को गीला ना होने दें, विशेष कर फूलों और फलों को पानी ना लगने दें भारी ज़मीनों को लगातार पानी ना लगाएं ज्यादा मिठास और अच्छे स्वाद के लिए फसल काटने पर 3-6 दिन पहले पानी लगाएं शुरूआत में क्यारियों को नदीनों से मुक्त रखें नदीनों की समय पर रोकथाम ना करने पर 30 प्रतिशत पैदावार कम हो जाती है बीजने से 15-20 दिनों के बाद गोडाई करनी चाहिए नदीनों की रोकथाम के लिए 2 या 3 गोडाई की जरूरत पड़ती है जब तने के साथ वाले रेशे सूख जाएं और ज़मीन में लगा फल पीला हो जाए और फल सफेद होने लग जाए तब फसल तोड़ लें फल को थप-थपाने से भद्दी सी आवाज़ देना इसके पकने की निशानी है फल को पूरा पकने के बाद ही तोड़ना चाहिए आधे पके फलों में मिठास और रंग कम होता है पके फलों को चाकू से काट लें फलों को ठंडे और नमी वाले वातावरण में रखें
Posted by surendra Prasad kushwaha
Jharkhand
03-02-2020 01:57 PM
प्रसाद जी आप बच्चों को जन्म से एक महीने के बाद पेट के कीड़ों की दवाई दे सकते है

Posted by Nachattar Singh
Punjab
03-02-2020 01:56 PM
ਨਛੱਤਰ ਜੀ ਤੁਸੀ ਡੇਅਰੀ ਫਾਰਮਿੰਗ ਦੀ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਲੈਣ ਲਈ ਡਿਪਟੀ ਡਾਇਰੇਕਟਰ ਡੇਅਰੀ, ਡੇਅਰੀ ਸਿਖਲਾਈ ਅਤੇ ਵਿਸਥਾਰ ਕੇਂਦਰ, ਰਨਬੀਰ ਕਾਲੇਜ ਰੋਡ, ਪਟਿਆਲਾ ਗੇਟ ਸੰਗਰੂਰ 01672-230925 ਨਾਲ ਸੰਪਰਕ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਇਹਨਾਂ ਤੋਂ ਤੁਹਾਨੂੰ ਟ੍ਰੇਨਿਗ ਦੀ ਮਿਤੀ ਅਤੇ ਜਿਥੇ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਹੋਵੇਗੀ ਉਸ ਸੈਂਟਰ ਦੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਮਿਲ ਜਾਵੇਗੀ

Posted by harppret
Punjab
03-02-2020 01:44 PM
हरप्रीत जी उसे आप पेट के कीड़ों के लिए Fasnil bolus दें और हर तीन महीने के बाद साल्ट बदलकर गोली जरूर दें बाकि आप उसे अच्छी मात्रा में हरा चारा डालें और फीड भी देनी शुरू करें बाकि उसे enerboost पाउडर 50—50 ग्राम सुबह शाम रोजाना और ब्याने से दो महीने पहले इसके साथ Vitum-H liquid 10-10ml सुबह शाम दें इससे कमज़ोरी दूर रहेगी और लेवा भी तैयार हो .... (Read More)
हरप्रीत जी उसे आप पेट के कीड़ों के लिए Fasnil bolus दें और हर तीन महीने के बाद साल्ट बदलकर गोली जरूर दें बाकि आप उसे अच्छी मात्रा में हरा चारा डालें और फीड भी देनी शुरू करें बाकि उसे enerboost पाउडर 50—50 ग्राम सुबह शाम रोजाना और ब्याने से दो महीने पहले इसके साथ Vitum-H liquid 10-10ml सुबह शाम दें इससे कमज़ोरी दूर रहेगी और लेवा भी तैयार हो जाएगा
Posted by संजय सिंह पटेल
Uttar Pradesh
03-02-2020 01:42 PM
नदीनों की रोकथाम के लिए पहली गोडाई हाथों से या घास निकालने वाली चरखड़ी से बिजाई के 25-30 दिन बाद करें और जरूरत पड़ने पर दूसरी गोडाई बिजाई के 60 दिनों के बाद करें नदीनों की प्रभावशाली रोकथाम के लिए बिजाई से पहले पैंडीमैथालीन 1 लीटर प्रति 200 लीटर पानी में घोलकर बिजाई के 3 दिन बाद एक एकड़ में स्प्रे करें कम नुकसान होने प.... (Read More)
नदीनों की रोकथाम के लिए पहली गोडाई हाथों से या घास निकालने वाली चरखड़ी से बिजाई के 25-30 दिन बाद करें और जरूरत पड़ने पर दूसरी गोडाई बिजाई के 60 दिनों के बाद करें नदीनों की प्रभावशाली रोकथाम के लिए बिजाई से पहले पैंडीमैथालीन 1 लीटर प्रति 200 लीटर पानी में घोलकर बिजाई के 3 दिन बाद एक एकड़ में स्प्रे करें कम नुकसान होने पर नदीन नाशक की बजाय हाथों से गोडाई करें या कही से घास निकालें इस से मिट्टी हवादार बनी रहती है

Posted by harppret
Punjab
03-02-2020 01:37 PM
Harppret ji feed mill lon lai puri jankari ate machine len lai tusi Rinku 9813819916 Krishna Agro Industries nal samparak kar sakde ho, Thankyou.
Posted by Vijay Kumar Gupta
Bihar
03-02-2020 01:23 PM
आप BV 300 नस्ल सबसे बढ़िया रहेगी यह नस्ल 18 सप्ताह की उम्र में अंडे देना शुरू कर देती है और 19 सप्ताह से 80वें सप्ताह तक लगभग 370 अंडे देती है..

Posted by venky
Andhra Pradesh
03-02-2020 01:17 PM
आप इसमें कीट की जांच करें यदि कीट है तो आप imidacloprid@15 ml प्रति पानी के हिसाब से स्प्रे कर सकते है

Posted by हरिनाथ बिन्द वीरपुर मिर्ज़ापुर उत्तर प्रदेश (भारत)
Uttar Pradesh
03-02-2020 01:09 PM
हरिनाथ जी आप बकरियां लेने के लिए Bablu 6203080883, 8932042932 से संपर्क कर सकते है इनसे आपको सभी नस्लों की बकरियां मिल जाएगी

Posted by Kamal Kalia
Punjab
03-02-2020 01:00 PM
Kamal ji uss nu rojana 35-40kg hara chara deo ate 5-7 kg turri mix krke deo, uss nu 3kg dudh mgar 1.5kg feed deo ate feed tuci kisi vdia company di vart skde ho jiss nu majhh assani nal khandi howe baki uss nu pett de kiria lai Fasnil bolus deo ate her 3 mahine badd salt change krke goli jruur deo ehna de nal nal Agrimin, Bovimin-B, Minfa gold ehna vicho koi v ek mineral mixture 50-50gm swere sham dena suru kro.

Posted by jagdev Singh
Punjab
03-02-2020 12:02 PM
Jagdev ji tuc ehna di varto kar sakde ho. 130045 di varto kanak de nisare de same kiti jandi hai.dhanwad
Posted by Yatendra Rajput
Uttar Pradesh
03-02-2020 11:58 AM
जतिंदरा जी आप इसके बीज लेने के लिए दिए गए लिंक पर क्लिक करें - https://www.indiamart.com/proddetail/magadheera-chilli-seeds-21823636612.html

Posted by Jagdish Patel
Madhya Pradesh
03-02-2020 11:54 AM
जगदीश जी, आप उड़द की किस्मे जैसे कि टी-9, पंत यू-30, खरगोन-3, पी.डी.यू.-1(बसंत बहार), जवाहर उड़द-2, जवाहर उड़द-3, टी.पी.यू.-4 की बिजाई कर सकते हैं, धन्यवाद

Posted by Jaswinder Singh
Punjab
03-02-2020 11:37 AM
ਜਸਵਿੰਦਰ ਜੀ ਤੁਹਾਡਾ 5 ਸੂਰੀਆ ਰੱਖਣ ਵਿਚ ਲਗਭਗ 5-6 ਲੱਖ ਤਕ ਖਰਚ ਆ ਸਕਦਾ ਹੈ ਬਾਕੀ ਓਹਨਾ ਦੀ ਨਸਲ ਅਤੇ ਗਰੋਥ ਤੇ ਨਿਰਭਰ ਕਰਦਾ ਹੈ, ਜੇਕਰ ਸਹੀ ਤਰੀਕੇ ਨਾਲ ਸੂਰ ਪਾਲਣ ਦਾ ਕੰੰਮ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਲੈ ਕੇ ਕੀਤਾ ਜਾਵੇ ਤਾਂ ਕਾਮਯਾਬੀ ਮਿਲ ਸਕਦੀ ਹੈ ਜੀ ਬਾਕੀ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰਨ ਲਈ ਪਹਿਲਾਂ ਤੁਸੀ ਕਿਸੇ ਸਫਲ ਸੂਰ ਪਾਲਕ ਦੇ ਫਾਰਮ ਤੇ ਖੁਦ ਜਾ ਕੇ ਬਾਕੀ ਸ਼ੈਡ ਬਣਾਉਣ ਲਈ ਫਾਰਮ ਤੇ ਜਾ ਕੇ ਖੁਦ ਸਮਝਨਾ ਪੈਣਾ ਕਿਉ.... (Read More)
ਜਸਵਿੰਦਰ ਜੀ ਤੁਹਾਡਾ 5 ਸੂਰੀਆ ਰੱਖਣ ਵਿਚ ਲਗਭਗ 5-6 ਲੱਖ ਤਕ ਖਰਚ ਆ ਸਕਦਾ ਹੈ ਬਾਕੀ ਓਹਨਾ ਦੀ ਨਸਲ ਅਤੇ ਗਰੋਥ ਤੇ ਨਿਰਭਰ ਕਰਦਾ ਹੈ, ਜੇਕਰ ਸਹੀ ਤਰੀਕੇ ਨਾਲ ਸੂਰ ਪਾਲਣ ਦਾ ਕੰੰਮ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਲੈ ਕੇ ਕੀਤਾ ਜਾਵੇ ਤਾਂ ਕਾਮਯਾਬੀ ਮਿਲ ਸਕਦੀ ਹੈ ਜੀ ਬਾਕੀ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰਨ ਲਈ ਪਹਿਲਾਂ ਤੁਸੀ ਕਿਸੇ ਸਫਲ ਸੂਰ ਪਾਲਕ ਦੇ ਫਾਰਮ ਤੇ ਖੁਦ ਜਾ ਕੇ ਬਾਕੀ ਸ਼ੈਡ ਬਣਾਉਣ ਲਈ ਫਾਰਮ ਤੇ ਜਾ ਕੇ ਖੁਦ ਸਮਝਨਾ ਪੈਣਾ ਕਿਉਕੀ ਇਹ ਅਲੱਗ ਅਲੱਗ ਜਗਾਂ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਸੈਟ ਕਰਨਾ ਪੈਂਦਾ ਹੈ ਸਫ਼ਲ ਸੂ੍ਰ ਪਾਲਕਾ ਦੇ ਤਜ਼ਰਬੇ ਅਨੁਸਾਰ ਇੱਕ ਸੂਰੀ ਇੱਕ ਸਾਲ ਵਿੱਚ ਦੋ ਵਾਰ ਬੱਚੇ ਦਿੰਦੀ ਹੈ ਪਹਿਲੇ ਸੂਏ 6-7 ਬੱਚੇ ਦਿੰਦੀ ਹੈ ਤੇ ਦੂਜੇ ਸੂਏ 10-14 ਬੱਚੇ ਦਿੰਦੀ ਹੈ ਜੇਕਰ ਤੁਸੀ ਸੂਰ ਮੀਟ ਲਈ ਤਿਆਰ ਕਰ ਰਹੇ ਹੋਂ ਤਾਂ ਇੱਕ ਸੂਰ 7-8 ਮਹੀਨਿਆਂ ਵਿੱਚ ਲੱਗਭੱਗ 1 ਕੁਇੰਟਲ ਦਾ ਹੋ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਤੇ ਉਸ ਤੋਂ 100 ਰੁਪਏ ਪ੍ਰਤੀ ਕਿਲੋ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਵਿਕ ਜਾਂਦਾਂ ਹੈ ਤੇ ਗੱਭਣ ਸੂਰੀ 150-200 ਰੁਪਏ ਪ੍ਰਤੀ ਕਿਲੋ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਵੇਚੀ ਜਾ ਸਕਦੀ ਹੈ ਸੂਰਾਂ ਦੀ ਮਾਰਕੀਟਿੰਗ ਦੀ ਵੀ ਕੋਈ ਦਿੱਕਤ ਨਹੀ ਕਿੳਂਕੀ ਵਪਾਰੀ ਖੁਦ ਫਾਰਮ ਤੋਂਂ ਆ ਕੇ ਸੂਰ ਲੈ ਜਾਂਦੇ ਹਨ ਮਂੱਨ ਲਵੋ ਅੱਜ ਸੂਰੀ ਗੱਭਣ ਕਰਵਾਈ ਉਸ ਤੋਂ 115 ਦਿਨਾਂ ਬਾਅਦ ਬੱਚੇ ਦੇ ਦਿੰਦੀ ਹੈ ਫਿਰ 1 ਮਹੀਨਾ ਬੱਚਿਆਂ ਨੂੰ ਦੁੱਧ ਪਿਆਉਣਾ ਹੈ ਤੇ ਉਸ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਉਨਾਂ ਨੂੰ ਅਲੱਗ ਕੀਤਾ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਜਦੋੰ ਸੂਰੀ ਤੋਂਂ ਬੱਚੇ ਵੱਖ ਕੀਤੇ ਫਿਰ 5-7 ਦਿਨਾਂ ਬਾਅਦ ਫਿਰ ਦੁਬਾਰਾ ਗੱਬਣ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਸੂਰੀ ਇਸ ਤਰਾਂ ਇਹ ਦੁਬਾਰਾ ਫਿਰ ਸਰਕਲ ਚੱਲਦਾ ਰਹਿੰਦਾ ਹੈ ਇਥੇ ਗੱਲ ਧਿਆਨ ਰੱਖਣ ਵਾਲੀ ਹੈ ਕਿ ਇਹ ਸਰਕਲ ਤਾਂ ਹੀ ਸਹੀ ਚੱਲੇਗਾ ਜੇਕਰ ਫੀਡ ਸਹੀ ਪਾਉਦੇ ਰਹਾਂਗੇ ਜੇਕਰ ਆਪਾਂ ਫੀਡ ਸਹੀ ਨਾ ਪਾਈ ਤੇ 2 ਮਹੀਂਨੇ ਤੱਕ ਦੁੱਧ ਪਿਆਉਦੇ ਰਹੇ ਤੇ ਬੱਚਿਆਂ ਨੂੰ ਵੱਖ ਨਾ ਕੀਤਾ ਤਾਂ ਸਰਕਲ ਖਰਾਬ ਹੋ ਜਾਵੇਗਾ ਸੋ ਫੀਡ ਤੇ ਖਰਚਾ ਤਾਂ ਜਿਆਦਾ ਆਉਦਾ ਹੈ ਤੇ ਮੁਨਾਫਾ ਵੀ ਪੂਰਾ ਮਿਲ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਪੰਜ ਗੱਭਣ ਸੂਰੀਆ 10-11 ਮਹੀਨਿਆ ਬਾਅਦ ਪਹਿਲੀ ਇਨਕਮ ਆਉਸੀ ਹੈ ਤੇ ਲੱਗਭੱਗ ਇੱਕ ਸੂਰੀ 3500 ਰੁਪਏ ਮਹੀਨੇ ਦੀ ਇਨਕਮ ਆਉਦੀ ਹੈ ਇਸ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਤੁਸੀ ਅੰਦਾਜ਼ਾ ਲਾ ਸਕਦੇ ਸਬਸਿਡੀ - ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਕਰਨ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਸੂਰ ਪਾਲਣ ਤੇ 2 ਲੱਖ ਦੀ ਸਬਸਿਡੀ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਕੁੱਲ ਪ੍ਰੋਜੇਕਟ 8 ਲੱਖ ਦਾ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਉਸ ਵਿੱਚੋ 2 ਲੱਖ ਸਬਸਿਡੀ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਜੇ ਤੁਸੀ ਆਪਣੇ ਪੱਧਰ ਤੇ ਕਰਨਾ ਹੈ ਤਾਂ ਤੁਸੀ 2-2.50 ਲੱਖ ਵਿੱਚ ਇੱਕ ਵਾਰ ਛੋਟੇ ਲੈਵਲ ਤੋਂ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋਂ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਕਰਵਾਉਣ ਲਈ ਸਰਕਾਰੀ ਸੂਰ ਫਾਰਮ ਬਣੇ ਹਨ ਜਿਵੇ ਮੱਲੋਵਾਲ, ਖਰੜ, ਨਾਭਾ , ਗੁਰਦਾਸਪੁਰ ਵਿੱਚ ਜਿੱਥੇ 5 ਦਿਨ ਦੀ ਮੁਫਤ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਦਿੱਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ
Posted by Ajay Kumar Gautam
Uttar Pradesh
03-02-2020 11:37 AM
MAS-1: यह छोटे कद की किस्म है जिसकी ऊंचाई 30-45 सैं.मी. होती है यह बीमारीयों की रोधक और जल्दी पकने वाली किस्म है इसमें मैन्थोल की मात्रा 70-80% होती है इसकी औसतन पैदावार 80 क्विंटल प्रति एकड़ जड़ी-बूटियां के तौर पर और 50-60 किलोग्राम प्रति एकड़ तेल के तौर पर होती है
Hybrid-77: इसकी ऊंचाई 50-60 सैं.मी. होती है यह किस्म पत्तों के धब्बा र.... (Read More)
MAS-1: यह छोटे कद की किस्म है जिसकी ऊंचाई 30-45 सैं.मी. होती है यह बीमारीयों की रोधक और जल्दी पकने वाली किस्म है इसमें मैन्थोल की मात्रा 70-80% होती है इसकी औसतन पैदावार 80 क्विंटल प्रति एकड़ जड़ी-बूटियां के तौर पर और 50-60 किलोग्राम प्रति एकड़ तेल के तौर पर होती है
Hybrid-77: इसकी ऊंचाई 50-60 सैं.मी. होती है यह किस्म पत्तों के धब्बा रोग और कुंगी के रोधक होती है, और यह जल्दी पकने वाली किस्म है इसमें मैन्थोल की मात्रा 80-85% होती है इसकी औसतन पैदावार 80 क्विंटल प्रति एकड़ जड़ी-बूटियां के तौर पर और 50-60 किलोग्राम प्रति एकड़ तेल के तौर पर होती है यह रेतली दोमट मिट्टी में बढ़िया पैदावार देती है औरऐसी शुष्क मौसम में की आवश्यकता होती है
Shivalik: यह चीन की खेती से चुनी गई किस्म है यह किस्म उत्तर प्रदेश के तराई क्षेत्रों और उत्तरांचल में अच्छी वृद्धि करती है इसमें मैन्थोल की मात्रा 65-70% होती है इसकी औसतन पैदावार 120 क्विंटल प्रति एकड़ जड़ी-बूटियां के तौर पर और 72 किलोग्राम प्रति एकड़ तेल के तौर पर होती है यह किस्म फंगस रोगों से जल्दी प्रभावित होती है
EC-41911: यह किस्म रूसी जर्मप्लाज्म से ली गई है यह किस्म पानी की रोधक और आकार में सीधी होती है इसमें मैन्थोल की मात्रा 70%पायी जाती है इसकी औसतन पैदावार 120 क्विंटल प्रति एकड़ जड़ी-बूटियां के तौर पर और 72 किलोग्राम प्रति एकड़ तेल के तौर पर होती है इस किस्म से तैयार तेल का प्रयोग विभिन्न व्यंजनों में स्वाद के लिए किया जाता है
Gomti: यह किस्म रंग में हल्के लाल रंग की होती है इसकी पैदावार बाकी किस्मों की पैदावार से कम होती है इसमें मैन्थोल की मात्रा 78-80% होती है
Himalaya: इसके पत्तों का आकार बाकी किस्मों से बड़ा होता है यह किस्म कुंगी, झुलस, सफेद धब्बे और पत्तों पर धब्बे रोग की रोधक है इसमें मैन्थोल की मात्रा 78-80% होती है इसकी औसतन पैदावार 160 क्विंटल प्रति एकड़ जड़ी-बूटियां के तौर पर और 80-100 किलोग्राम प्रति एकड़ तेल के तौर पर होती है
Kosi: यह किस्म 90 दिनों में पक जाती है यह किस्म कुंगी, झुलस, सफेद धब्बे और पत्तों के धब्बे रोग की प्रतिरोधक है इसमें मैन्थोल की मात्रा 75-80 प्रतिशत होती है और तेल की पैदावार 80-100 किलोग्राम प्रति एकड़ होती है
Saksham: यह किस्म सी वी हिमालय की तरफ से टिशू कल्चर द्वारा तैयार की गई है इसमें मैन्थोल की मात्रा 80% होती है और तेल की पैदावार 90-100 किलोग्राम प्राप्त होती है
Kushal: यह किस्म टिशू कल्चर द्वारा तैयार की गई है और 90-100 दिनों में पक जाती है यह किस्म कीट और बीमारियों की रोधक होती है यह किस्म अर्द्ध शुष्क उप उष्ण कटिबंधीय क्षेत्रों में अच्छी पैदावार देती है और उत्तर प्रदेश और पंजाब में भी अच्छी उगती है है इसकी औसतन पैदावार 120-132 क्विंटल प्रति एकड़ जड़ी-बूटियां के तौर पर और 70-80 किलोग्राम प्रति एकड़ तेल के तौर पर होती है

Posted by inderpal
Punjab
03-02-2020 11:21 AM
Inderpal ji tuci iss feed di varto kr skde ho iss nal pashu de sarir di vdia growth hundi hai ate energy mildi hai tuci isde nal nal vdia matra vich hara chara deo ate her 3 mahinia badd pett de kiria lai goli jrur deo, baki tuci Khurak powder 50-50gm swere sham dena suru kro..

Posted by inderpal
Punjab
03-02-2020 11:15 AM
Inderpal ji tuci iss feed di varto kr skde ho iss nal pashu de sarir di vdia growth hundi hai ate energy mildi hai tuci isde nal nal vdia matra vich hara chara deo ate her 3 mahinia badd pett de kiria lai goli jrur deo, baki tuci Khurak powder 50-50gm swere sham dena suru kro..
Expert Communities
We do not share your personal details with anyone
We do not share your personal details with anyone
Sign In
Registering to this website, you accept our Terms of Use and our Privacy Policy.
Your mobile number and password is invalid
We have sent your password on your mobile number
All fields marked with an asterisk (*) are required:
Sign Up
Registering to this website, you accept our Terms of Use and our Privacy Policy.
All fields marked with an asterisk (*) are required:
Please select atleast one option
Please select text along with image












