
Posted by ਗੁਰਪਿੰਦਰ ਸਿੰਘ
Punjab
05-02-2020 02:50 PM
Gurpinder singh ji Gursharan singh ji nal tusi 9814600748 te sampark kar sakde ho, Thankyou.
Posted by Talwinder singh
Punjab
05-02-2020 02:43 PM
talwinder ji is bare hale koi jankari nahi mili hai jive hi is bare koi jankari mildi hai tuhanu is bare soochit kar dita jayega.dhanwad

Posted by Balendra singh
Madhya Pradesh
05-02-2020 02:37 PM
बालेन्द्र जी आप मक्का की किस्मे जैसे H: Vivek 4 ,17 की बिजाई कर सकते है धन्यवाद

Posted by Avtar Singh
Rajasthan
05-02-2020 02:31 PM
Avtar Singh g Kesar ki kheti kewal KASHMIR k thndey area mey hoti hai. Kujh log Saffola k seed ko Kesar ka seed btakr bech rahe hai or aab us ki sahi kimat nai mil rahi kirpya aap apne kesar ki photo bheje or je btae ke aap ne is ki kheti kaha ki thi. Thank you.
Posted by इज़हार
Uttar Pradesh
05-02-2020 02:28 PM
आप बकरियों को Brotone liquid 15-20ml रोजाना देना शुरू करें इससे भूख बढ़ जाएगी बाकि आप उन्हें समय समय पर पेट के कीड़ों की दवा जरूर दें
Posted by Buta Singh
Punjab
05-02-2020 02:18 PM
Buta ji tuc khumb da beej lain layi Lakhwinder Singh Gil 9463162531,9779205444Gill Mushroom Farm nal sampark kar sakde ho.dhanwad
Posted by Rakesh Bhandari
Uttarakhand
05-02-2020 02:13 PM
राकेश जी मिटटी की किस्मे जैसे लाल मिट्टी ,कांप मिट्टी ,काली मिट्टी ,लैटेराइट मिट्टी रेतीली मिट्टी ,क्षारयुक्त मिट्टी ,हल्की काली एवं दलदली मिट्टी होती है धन्यवाद

Posted by harpinder
Punjab
05-02-2020 02:07 PM
harpinder ji kirpa karke photo poori bhejo tuhade valo bheji gayi photo adhi upload hoyi hai.dhanwad

Posted by maghar singh
Punjab
05-02-2020 02:05 PM
tuci iss nu metrogyl 400 tablet di 10 golia rojana deo ate 5 din tak deo ate Biotrim tablet 1-1 goli swere sham deo, iss nal frak paa jawega.
Posted by Rahul
Uttar Pradesh
05-02-2020 01:55 PM
इसे मिट्टी की व्यापक किस्मों में उगाया जा सकता है अच्छे निकास वाली पहाड़ी मिट्टी पपीते की खेती के लिए उपयुक्त होती है रेतली और भारी मिट्टी में इसकी खेती ना करें पपीते की खेती के लिए मिट्टी की पी एच 6.5-7.0 होनी चाहिए निम्नलिखित किस्में पपीते की खेती के लिए उपयुक्त हैं: Pusa Dwarf: इसके फल मध्यम आकार के और अंडाकार होते ह.... (Read More)
इसे मिट्टी की व्यापक किस्मों में उगाया जा सकता है अच्छे निकास वाली पहाड़ी मिट्टी पपीते की खेती के लिए उपयुक्त होती है रेतली और भारी मिट्टी में इसकी खेती ना करें पपीते की खेती के लिए मिट्टी की पी एच 6.5-7.0 होनी चाहिए निम्नलिखित किस्में पपीते की खेती के लिए उपयुक्त हैं: Pusa Dwarf: इसके फल मध्यम आकार के और अंडाकार होते हैं यह सूखे को सहनेयोग्य किस्म है यह उच्च घनत्व में रोपाई के लिए लाभदायक है Pusa Giant: इस किस्म के पौधे तेज हवा को सहनेयोग्य है यह बड़े फलों का उत्पादन करती है यह पैकिंग के लिए उपयुक्त किस्म है CO 3: इसके फल बड़े आकार के और अंडाकार होते हैं इसे ज्यादा देर तक रखने की गुणवत्ता अच्छी होती है CO 1: यह छोटे कद की किस्म है जिसके फल मध्यम आकार के होते हैं फल गोलाकार, नर्म हरा-पीला छिल्का और संतरी पीले रंग का गुद्दा होता है फल रसदार होता है और इसे ज्यादा देर तक रखने की गुणवत्ता अच्छी होती है Coorg Honey Dew: इसे सीधे तौर पर खाने के लिए और प्रक्रिया के लिए प्रयोग किया जाता है इसके फल आयताकार और गुद्दा मोटा संतरी रंग का होता है CO 2: यह मध्यम आकार की अंडाकार, हरे पीले रंग की किस्म है इसका गुद्दा नर्म और लाल रंग का होता है इसमें रस की मात्रा काफी होती है और इसे ज्यादा देर तक रखने की गुणवत्ता अच्छी होती है Pusa Majesty: इसके फल मध्यम आकार के, गोल होते हैं इन्हें रखने की गुणवत्ता बहुत अच्छी होती है यह किस्म 146 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है यह किस्म जड़ गलन निमाटोड के प्रतिरोधक किस्म है Pusa Delicious: यह मध्यम लंबी किस्म है इसके फल मध्यम आकार के होते हैं, गुद्दा गहरे संतरी रंग का होता है इस किस्म को कतारों में लगाने के लिए प्रयोग किया जाता है CO 5: यह किस्म दो वर्षों में 75-80 फल प्रति वृक्ष देती है IIHR39 and IIHR54: यह किस्म IIHR, बैंगलोर द्वारा विकसित की गई है इसके फल मध्यम आकार के होते हैं इसमें टी एस एस की मात्रा उच्च होती है Taiwan 785: यह छोटे कद की किस्म है इसके फल आयताकारा और गुद्दा मोटा संतरी रंग का होता है फलों को रखने की गुणवत्ता अच्छी होती है फलों को कतारों में प्रयोग किया जाता है और प्रक्रिया के लिए प्रयोग किया जाता है Taiwan 786: इसके फलों को कतारों में और प्रक्रिया के लिए प्रयोग किया जाता है इसके फल स्वाद और कम बीज वाले होते हैं फलों को रखने की गुणवत्ता बहुत अच्छी होती है Washington: यह कतारों में प्रयोग किए जाने वाली किस्म है इसके फल गोल, मध्यम आकार के और कम बीज वाले होते हैं फल का छिल्का गहरे पीले रंग का होता है नर और मादा पौधे अलग होते हैं Solo: इसके फल छोट, गहरे गुलाबी रंग का गुद्दा होता है, जो कि स्वाद में मीठा होता है यह किस्म कतारों में प्रयोग की जाती है Ranchi: फल आयताकार होते हैं और गुद्दा गहरे पीले रंग का होता है Honey Dew: इस किस्म के फल बड़े आकार के और कम बीज वाले होते हैं फल स्वाद होते हैं और नर पौधे मादा पौधे से छोटे होते हैं इसका पौधा मध्यम कद का होता है पपीते की खेती के लिए नदीन रहित भूमि का प्रयोग करें मिट्टी के भुरभुरा होने तक खेत की जोताई करें आखिरी जोताई के समय अच्छी तरह से गली हुई रूड़ी की खाद या गाय का गला हुआ गोबर मिट्टी में अच्छी तरह मिलाकर डालें सिफारिश किए गए फासलों पर 1 मीटर x 1 मीटर x 1 मीटर आकार के गड्ढे खोदें गड्ढों को मिट्टी और रूड़ी की खाद या गाय के गले हुए गोबर से भरें प्रयोग की गई किस्म के आधार पर प्रत्येक गड्ढे पर 2-4 नए पौधों की रोपाई करें रोपाई के बाद हल्की सिंचाई करें हवा से बचाव के लिए खूंटा लगाएं बीजों को 150 गेज़ की मोटाई वाले, 25 x 10 सैं.मी. के पॉलीथीन बैग में बोयें पानी के उचित निकास के लिए पॉलीथीन बैग के निचले हिस्से में 1 मि.मी. अर्द्धव्यास का छेद करें उसके बाद पॉलीथीन बैग में समान अनुपात में रूड़ी की खाद, मिट्टी और रेत डालें बिजाई से पहले बीजों का उपचार करें रोपाई के लिए 6-7 सप्ताह के पौधों का प्रयोग करें यूरिया 150 ग्राम, फासफोरस 80 ग्राम, पोटाश 100 ग्राम प्रति वृक्ष में प्रति वर्ष डालें खादों को 4 भागों में बांटकर रोपाई के बाद पहले, तीसरे, पांचवे और सातवें महीने में डालें बसंत के मौसम में फरवरी मार्च के महीने में बिजाई करें जबकि मॉनसून के मौसम में बिजाई के लिए जून जुलाई का महीना उपयुक्त होता है और पतझड़ के मौसम में बिजाई अक्तूबर से नवंबर महीने में की जाती है आमतौर पर 1.8 मीटर x 1.8 मीटर फासले का प्रयोग किया जाता है उच्च घनता की रोपाई के लिए 1.5 मीटर x 1.5 मीटर फासले का प्रयोग किया जाता है नर्सरी में बीज को 1 सैं.मी. की गहराई पर बोयें बीजो की खेत में सीधे बिजाई या मुख्य खेत में नए पौधों की रोपाई की जाती है 100-120 ग्राम बीज प्रति एकड़ में प्रयोग करें मिट्टी की किस्म, जलवायु के हालातों आदि के आधार पर सिंचाई करें सर्दियों में 15 दिनों के अंतराल पर और गर्मियों में 7 दिनों के अंतराल पर सिंचाई करें तने को पानी के संपर्क में ना आने दें और खेत में पानी भी खड़ा ना होने दें पौधे की प्रौढ़ अवस्था के दौरान नदीनों की रोकथाम जरूरी होती है नदीनों की तीव्रता के आधार पर, नियमित और हल्की गोडाई करें फ्लूक्लोरालिन या बूटाक्लोर 800 मि.ली. प्रति एकड़ में डालें नदीनों की रोकथाम के लिए मलचिंग भी एक प्रभावी तरीका है पौधों की रोपाई के कुछ दिनों बाद प्लास्टिक शीट या धान की पराली या गन्ने के बचे कुचे को मलच के रूप में डालें मादा पौधे को निकालना: प्रत्येक 10 पौधों के लिए 1 नर पौधा, बनाए रखने के लिए फूल निकलने के बाद नर पौधों को निकाल दें मुख्यत: फल के पूरा आकार लेने और हरे से हल्का पीला रंग होने पर तुड़ाई की जाती है पहली तुड़ाई रोपाई के 14-15 महीनों के बाद की जा सकती है 4-5 तुड़ाइयां प्रति मौसम की जा सकती हैं

Posted by Harsh Deep Singh
Punjab
05-02-2020 01:52 PM
harshdeep ji tuc ehna dona nu ikathe rla ke spray na karo ehna di alag alag varto karo.dhanwad

Posted by Yadvinder
Haryana
05-02-2020 01:46 PM
yadwinder ji tuc ikale maganese di spray karo usde nal hi kanak peeli hono hat jaugi nahi ta isdi photo bhej deo ta ki tuhanu is bare poori jankari diti ja sake.dhanwad

Posted by महेंद्र तिवारी
Uttar Pradesh
05-02-2020 01:40 PM
तिवारी जी कृप्या आप अपना सवाल विस्तार से पूछें कि आप जीरे के बारे में क्या जानकारी लेना चाहते है ताकि आपको सही जानकारी दी जा सके
Posted by Kuljeet Bazigar
Rajasthan
05-02-2020 01:32 PM
Kuljeet ji usko aap acyclovir 600 mg tablet uske weight ke hisab se adhi adhi goli ja puri goli de skte hai.

Posted by sangram jena
Odisha
05-02-2020 01:20 PM
मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजि.... (Read More)
मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजित किया जा रहा है प्रशिक्षण कार्य कर्म में भाग लेने के लिए नीचे दिए गए नम्बर पर आज ही संपर्क करें और Rs 250/ से अपना रजिस्ट्रेशन करवाए अचल सिंह (फाउंडर )- 9711858258. धन्यवाद

Posted by ravi baghel
Madhya Pradesh
05-02-2020 01:19 PM
यदि आप लेयर मुर्गी पालन करना चाहते है तो लेयर फार्मिंग के लिए आपको 50 फीट लंबाई वाली जगह और 20 फीट चौड़ाई वाली जगह की जरूरत होती है यह आपका 1000 वर्ग फुट जगह बन जाती है यहां आप 1000 बच्चों को रख सकते हैं इस प्रकार आप अपने बजट के हिसाब से बच्चों को रख सकते है और यदि आप लेयर का बच्चा अपने फार्म पर तैयार करते है तो आपको बच्च.... (Read More)
यदि आप लेयर मुर्गी पालन करना चाहते है तो लेयर फार्मिंग के लिए आपको 50 फीट लंबाई वाली जगह और 20 फीट चौड़ाई वाली जगह की जरूरत होती है यह आपका 1000 वर्ग फुट जगह बन जाती है यहां आप 1000 बच्चों को रख सकते हैं इस प्रकार आप अपने बजट के हिसाब से बच्चों को रख सकते है और यदि आप लेयर का बच्चा अपने फार्म पर तैयार करते है तो आपको बच्चा अंडे देने तक 160—170 रूप्ये प्रति बच्चे के हिसाब से खर्चा आएगा यदि आप तैयार बच्चा लेकर आते है तो वो आपको 205—210 रूप्ये प्रति बच्चे के हिसाब से पड़ेगा फिर आप उस हिसाब से इनको खरीद सकते है. इसका रेट मार्किट में चल रहे रेट के हिसाब से होता है पहले आप अपने बजट के हिसाब लेयर फार्मिंग करें फिर जैसे जैसे आपको काम की जानकारी होती रहेगी और आप काम बढ़ाते रहेगे फिर आप कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग कर सकते है..
Posted by Kulwinder Singh
Punjab
05-02-2020 01:14 PM
ਉਸ ਨੂੰ Milkout ਪਾਊਡਰ 2-2 ਚਮਚ ਸਵੇਰੇ ਸ਼ਾਮ, Lactomax tablet 10 ਗੋਲੀਆਂ ਰੋਜਾਨਾ ਦਿਓ ਅਤੇ Anabolite liquid 100ml ਰੋਜਾਨਾ ਦਿਓ, ਇਸ ਨਾਲ ਫਰਕ ਪੈ ਜਾਵੇਗਾ ..

Posted by nav shah
Punjab
05-02-2020 01:04 PM
Navpreet ji tuci uss nu pett de kiria lai Flukarid-Ds bolus deo ate Anabolite liquid 100ml rojana, Glactogog powder 1 pouch rojana aur Calcimust gold liquid 50ml rojana dena suru kro, iss nal frak paa jawega.

Posted by Amar jeet
Rajasthan
05-02-2020 12:58 PM
amarjeet ji genhu men fungus ki roktham ke liye aap propiconazole@200ml ko prati acre ke hisab se spray karen.dhanywad

Posted by Gurjant singh
Punjab
05-02-2020 12:56 PM
Gurjant ji tuhade walo bheia photoa upload nhi hoia hai kirpa krke apne swal de nal photoa upload kro tan jo tuhanu sahi jankari diti ja skee.
Posted by R,K RAY
West Bengal
05-02-2020 12:50 PM
कृपया आप बताएं आपने कौन कौन सी खाद डाली है और सिंचाई कितने दिन बाद करते हैं ताकि आपको आगे की जानकारी दी जा सके

Posted by Amandeep singh
Punjab
05-02-2020 12:48 PM
Amandeep ji tuc isdi spray fasl di growth de same kiti jandi hai isdi matra 1 kilo nu 150 litre pani de hisab nal spray kiti jandi hai.dhanwad
Posted by kalicharan kumar
Uttar Pradesh
05-02-2020 12:47 PM
kalicharan ji kripya aap btaye ke aapne iske uper koi spray ka istemal kiya hai taki aapko iske hisab se jankari di ja sake.dhanywad
Posted by Rahul Dedha
Uttar Pradesh
05-02-2020 12:30 PM
उसके लेवे पर बर्फ की मालिश करें और उसे Fortivir 30ml इंजेक्शन को 15—15 मि.ली. गर्दन के दोनों तरफ लगाएं और तीन दिनों के बाद फिर एक इंजेक्शन लगाएं और Neoprofin injection 15ml रोजाना 3 दिन लगाएं

Posted by ਭੁਪਿੰਦਰ ਸਰਾਓ
Punjab
05-02-2020 12:29 PM
ਵੱਧ ਝਾੜ ਲੈਣ ਲਈ ਬਿਜਾਈ ਅਪ੍ਰੈਲ ਦੇ ਅੰਤ ਵਿੱਚ ਕਰੋ ਇਸ ਨੂੰ ਪਨੀਰੀ ਦੇ ਨਾਲ ਵੀ ਉਗਾਇਆ ਜਾ ਸਕਦਾ ਹੈ ਇਸ ਲਈ ਜੂਨ ਦੇ ਪਹਿਲੇ ਪੰਦੜਵਾੜੇ ਤੱਕ ਪਨੀਰੀ ਖੇਤ ਵਿੱਚ ਲਾ ਦਿਓ ਪਨੀਰੀ ਲਈ 35-45 ਦਿਨਾਂ ਦੇ ਪੌਦਿਆਂ ਨੂੰ ਖੇਤ ਵਿੱਚ ਲਗਾਓ

Posted by Sanjay mukati
Madhya Pradesh
05-02-2020 12:06 PM
Sanjay ji aap iski jad check karen agar fungus lagi hai to aap carbendazim@4 gram ko prati litre pani ke hisab se spray karen agar dheemak hai to aap chlorpyriphos @4ml ko prati litre pani ke hisab se spray karen,dhanywad
Posted by Gurpreet
Punjab
05-02-2020 11:59 AM
Gurpreet ji kirpa krke ehh daso jersey cow nu mastitis nal ki smasia aa rehi hai, usde vare puri jankari deo tan jo tuhanu sahi jankari diti ja skee.

Posted by Ramesh Kamboj
Punjab
05-02-2020 11:57 AM
Ramesh ji tuci goat farming di training lain lai apne nazdiki kvk nal sampark kr skde ho uthe sme sme te kisana di mangg de anusar training diti jandi hai, tuci uthe ja ke apna training wala farm bharr aao fir jddo v training howegi ohh tuhanu phone krke dass denge, training lain lai tuci KVK Address, Krishi Vigyan Kendra, Fazilka,Punjab. Contact details, Dr Sunil Saini, Head KVK, Contact No.: +91-9814577089 nal sampark kr skde ho.

Posted by Kuldeep Singh
Rajasthan
05-02-2020 11:57 AM
devmedia

Posted by Sunil Rana
Haryana
05-02-2020 11:53 AM
sunil ji aap blight ki roktham ke liye copper oxychloride@500 gram ko prati acre ke hisab se spray karen,dhanywad

Posted by चन्द्रप्रकाश सिन्हा
Chattisgarh
05-02-2020 11:44 AM
चन्द्रप्रकाश जी आप सब्जियां जैसे मूली, गोभी ,पालक , मिर्च और बैंगन की खेती कर सकते है इसके इलावा आप इसमें अदरक हल्दी कटहल कपास जैसी फसलों की बिजाई कर सकते है धन्यवाद
Posted by MD janesar Akhtar
Bihar
05-02-2020 11:44 AM
यदि आप डेयरी फार्मिंग करना चाहते है तो आप पहले इस काम की ट्रेनिंग अपने नज़दीकी कृषि विज्ञान केन्द्र से ले सकते है जिसमें आपको ट्रेनिंग का सटीर्फिकेट मिलेगा और उस सटीर्फिकेट के साथ आपको डेयरी के लिए लोन और सब्सिड़ी मिल जाएगी फिर आप अपना डेयरी फार्म खोल सकते है ट्रेनिंग लेने के लिए आप Krishi Vigyan Kendra, Saraiya (Muzaffarpur) Goraul Rd, Sadi.... (Read More)
यदि आप डेयरी फार्मिंग करना चाहते है तो आप पहले इस काम की ट्रेनिंग अपने नज़दीकी कृषि विज्ञान केन्द्र से ले सकते है जिसमें आपको ट्रेनिंग का सटीर्फिकेट मिलेगा और उस सटीर्फिकेट के साथ आपको डेयरी के लिए लोन और सब्सिड़ी मिल जाएगी फिर आप अपना डेयरी फार्म खोल सकते है ट्रेनिंग लेने के लिए आप Krishi Vigyan Kendra, Saraiya (Muzaffarpur) Goraul Rd, Sadipur, Dist. - Saraiya – 843126 (Bihar) India, Phone : 06223 255 552 से संपर्क कर सकते है

Posted by ramesh Chandra Sen
Haryana
05-02-2020 11:31 AM
रमेश जी कृपया बताये के आपने इसमें क्या क्या खाद का इस्तेमाल किया है ताकि आपको इसके बारे में पूरी जानकारी दी जा सके धन्यवाद

Posted by om prakash Dhakar
Rajasthan
05-02-2020 11:26 AM
यह फसल काफी तरह की मिट्टी में उगाई जाती है चने की खेती के लिए रेतली या चिकनी मिट्टी बहुत अनुकूल मानी जाती है घटिया निकास वाली ज़मीन इसकी बिजाई के लिए अनुकूल नहीं मानी जाती खारी या नमक वाली ज़मीन भी इसके लिए अच्छी नहीं मानी जाती इसके विकास के लिए 5.5 से 7 पी एच वाली मिट्टी अच्छी होती है हर साल एक खेत में एक ही फसल ना .... (Read More)
यह फसल काफी तरह की मिट्टी में उगाई जाती है चने की खेती के लिए रेतली या चिकनी मिट्टी बहुत अनुकूल मानी जाती है घटिया निकास वाली ज़मीन इसकी बिजाई के लिए अनुकूल नहीं मानी जाती खारी या नमक वाली ज़मीन भी इसके लिए अच्छी नहीं मानी जाती इसके विकास के लिए 5.5 से 7 पी एच वाली मिट्टी अच्छी होती है हर साल एक खेत में एक ही फसल ना बोयें अच्छा फसली चक्र अपनायें अनाज वाली फसलों को फसल चक्र में प्रयोग करने से ज़मीन से लगने वाली बीमारियां रोकने में मदद मिलती है आमतौर पर फसल चक्र में खरीफ के सफेद चने, खरीफ के काले चने + गेहूं /जौं/राया, चरी-चने, धान/मक्की-चने आदि फसलें आती हैं C 235: यह किस्म तकरीबन 145-150 दिनों में पक जाती है यह किस्म तना गलन और झुलस रोग को सहनेयोग्य है इसके दाने दरमियाने आकार के और पीले-भूरे रंग के होते हैं इसकी औसतन पैदावार 8.4-10 क्विंटल प्रति एकड़ होती है G 24: यह दरमियानी फैलने वाली किस्म है और बारानी क्षेत्रों के लिए अनुकूल है यह किस्म तकरीबन 140-145 दिनों में पक जाती है इसकी औसतन पैदावार 10-12 क्विंटल प्रति एकड़ होती है G 130: यह दरमियाने अंतराल की किस्म है इसकी औसतन पैदावार 8-12 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Pant G 114: यह किस्म तकरीबन 150 दिनों में पक जाती है यह झुलस रोग की रोधक किस्म है इसकी औसतन पैदावार 12-14 क्विंटल प्रति एकड़ होती है C 104: यह काबुली चने की किस्म है, जो कि पंजाब और उत्तर प्रदेश के लिए अनुकूल है इसकी औसतन पैदावार 6-8 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Pusa 209: यह किस्म तकरीबन 140-165 दिनों में पक जाती है इसकी औसतन पैदावार 10-12 क्विंटल प्रति एकड़ होती है चने की फसल के लिए ज्यादा समतल बैडों की जरूरत नहीं होती यदि इसे मिक्स फसल के तौर पर उगाया जाये तो खेत की अच्छी तरह से जोताई होनी चाहिए यदि इस फसल को खरीफ की फसल के तौर पर बीजना हो, तो खेत की मॉनसून आने पर गहरी जोताई करें, जो बारिश के पानी को संभालने में मदद करेगा बिजाई से पहले खेत की एक बार जोताई करें यदि मिट्टी में नमी की कमी नज़र आये तो बिजाई से एक सप्ताह पहले सुहागा फेरें बारानी हालातों के लिए 10 अक्तूबर से 25 अक्तूबर तक पूरी बिजाई करें सिंचित हालातों के लिए 25 अक्तूबर से 10 नवंबर तक देसी और काबुली चने की किस्मों की बिजाई करें सही समय पर बिजाई करनी जरूरी है क्योंकि अगेती बिजाई से अनआवश्यक विकास का खतरा बढ़ जाता है पिछेती बिजाई से पौधों में सूखा रोग का खतरा बढ़ जाता है, पौधे का विकास घटिया और जड़ें भी उचित ढंग से नहीं बढ़ती बीजों के बीच की दूरी 10 सैं.मी. और पंक्तियों के बीच की दूरी 30-40 सैं.मी. होनी चाहिए बीज को 10-12.5 सैं.मी. गहरा बीजना चाहिए उत्तरी भारत में इसकी बिजाई पोरा ढंग से की जाती है देसी किस्मों के लिए 15-18 किलो बीज प्रति एकड़ डालें और 37 किलो बीज प्रति एकड़ काबुली किस्मों के लिए डालें यदि बिजाई नवंबर के दूसरे पखवाड़े में की जाए तो 27 किलो बीज प्रति एकड़ डालें और यदि बिजाई दिसंबर के पहले पखवाड़े में की जाए तो 36 किलो बीज प्रति एकड़ डालें ट्राइकोडरमा 2.5 किलो प्रति एकड़ + गला हुआ गोबर 50 किलो मिलाएं और फिर जूट की बोरियों से ढक दें फिर इस घोल को नमी वाली ज़मीन पर बिजाई से पहले खिलार दें इससे मिट्टी में पैदा होने वाली बीमारियों को रोका जा सकता है बीजों को मिट्टी में पैदा होने वाली बीमारियों से बचाने के लिए फफूंदीनाशक जैसे कि कार्बेनडाज़िम 12 प्रतिशत + मैनकोज़ेब 63 प्रतिशत डब्लयू पी (साफ) 2 ग्राम से प्रति किलो बीजों को बिजाई से पहले उपचार करें दीमक वाली ज़मीन पर बिजाई के लिए बीजों को क्लोरपाइरीफॉस 20 ई सी 10 मि.ली. से प्रति किलो बीजों का उपचार करें बीजों का मैसोराइज़ोबियम से टीकाकरण करें इससे चने की पैदावार 7 प्रतिशत तक वृद्धि होती है इस तरह करने के लिए बीजों को पानी में भिगोकर, उन पर मैसोराइज़ोबियम डालें टीकाकरण से बीजों को छांव में सुखाएं देसी किस्मों के लिए सिंचित और असिंचित इलाकों में नाइट्रोजन (यूरिया 13 किलो) और फासफोरस (सुपर फासफेट 50 किलो) प्रति एकड़ के हिसाब से बिजाई के समय डालें जबकि काबुली चने की किस्मों के लिए, बिजाई के समय 13 किलो यूरिया और 100 किलो सुपर फासफेट प्रति एकड़ डालें खादों की ज्यादा अच्छे प्रयोग के लिए खादों को खालियों में 7-10 सैं.मी. की गहराई पर बोयें सिंचित हालातों में बिजाई से पहले एक बार पानी दें इससे बीज अच्छे ढंग से अंकुरित होते हैं और फसल की वृद्धि भी अच्छी होती है दूसरी बार पानी फूल आने से पहले और तीसरा पानी फलियों के विकास के समय डालें अगेती वर्षा होने पर सिंचाई देरी से और आवश्यकतानुसार करें अनआवश्यक पानी देने से फसल का विकास और पैदावार कम हो जाती है यह फसल पानी के ज्यादा खड़े रहने को सहन नहीं कर सकती, इसके लिए अच्छे निकास का भी प्रबंध करें

Posted by Rajinder dhillon
Punjab
05-02-2020 11:17 AM
ਪਕਾਵੀ ਮੱਕੀ ਦੀਆਂ ਕਿਸਮਾਂ ਜਿਵੇ PMH1, PMH2, parbhat ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਧੰਨਵਾਦ
Posted by MD MINHAZ ALI
Jharkhand
05-02-2020 11:17 AM
ali ji please tel us in detail what nutrients you have provided to the plants so that we can provide you information accordingly.thank you

Posted by Vishal Thite
Maharashtra
05-02-2020 11:08 AM
आप एचएफ नसल की गाय को यदि सीमन भरवाना चाहते है तो फिर आप Pioneer, Champion, Endeavour, Fortune, Jupiter, Macho भरवा सकते है
Posted by MD janesar Akhtar
Bihar
05-02-2020 10:50 AM
सबसे पहले यदि हम मछली पालन की बात करें तो इसके लिए ट्रेनिंग बहुत जरूरी है यह ट्रेनिंग FFDA(fish farmer development aggency) हर जिले में बनी है जहां हमारा खेतीबाड़ी विभाग है वहां इसके अफसर बैठते हैं वहां जाकर एप्लीकेशन भरवायें वहां आपको 5 दिन की ट्रेनिंग दी जायेगी ट्रेनिंग के लिए दसवीं पास होना ज़रूरी है इस ट्रेनिंग में आपको लोन और स.... (Read More)
सबसे पहले यदि हम मछली पालन की बात करें तो इसके लिए ट्रेनिंग बहुत जरूरी है यह ट्रेनिंग FFDA(fish farmer development aggency) हर जिले में बनी है जहां हमारा खेतीबाड़ी विभाग है वहां इसके अफसर बैठते हैं वहां जाकर एप्लीकेशन भरवायें वहां आपको 5 दिन की ट्रेनिंग दी जायेगी ट्रेनिंग के लिए दसवीं पास होना ज़रूरी है इस ट्रेनिंग में आपको लोन और सब्सिड़ी के बारे में सारी जानकारी प्राप्त हो जाएगी..
Posted by tushar saini
Uttar Pradesh
05-02-2020 10:45 AM
tushar ji kripya btaye ke aapke paas kitne acre jameen hai taki aapko iske bare men poori jankari di ja sake,dhanywad
Posted by shekhar patel
Madhya Pradesh
05-02-2020 10:36 AM
Shekhar ji aap abhi kheere ki bijai kar sakte hai.dhanywad

Posted by jaspal singh
Punjab
05-02-2020 10:32 AM
ਜਸਪਾਲ ਜੀ ਕਿਰਪਾ ਕਰਕੇ ਆਪਣਾ ਸਵਾਲ ਵਿਸਤਾਰ ਨਾਲ ਪੁੱਛੋਂ ਜੀ ਤੁਸੀ ਮਾਰਕਫੈੱਡ ਫੀਡ ਖਰੀਦਣਾ ਚਾਹੁੰਦੇ ਹੋ ਜਾ ਫਿਰ ਇਸ ਫੀਡ ਵਾਰੇ ਜਾਣਕਾਰੀ ਲੈਣਾ ਚਾਹੁੰਦੇ ਹੋ ਤਾਂ ਜੋ ਤੁਹਾਨੂੰ ਸਹੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਦਿਤੀ ਜਾ ਸਕੇ
Posted by gurpreet singh brar
Punjab
05-02-2020 10:32 AM
ਉਸ ਨੂੰ 250ਗ੍ਰਾਮ ਰਾਵ ਖੰਡ ਦੀ ਚਾਸਣੀ ਬਣਾ ਕੇ 250ਗ੍ਰਾਮ ਡਾਲਡਾ ਘਿਓ, 250ਗ੍ਰਾਮ ਨਿੰਬੂ, 100ਗ੍ਰਾਮ ਮਿਠਾਸੋਡਾ ਤੇ 50ਗ੍ਰਾਮ ਜੋੰ-ਖਾਰ ਪਾ ਕੇ ਠਾਰ ਕੇ ਪੰਜ ਤੋਂ ਸੱਤ ਦਿਨ ਦਿਉ ਜੀ..

Posted by Amandeep singh
Punjab
05-02-2020 10:19 AM
amandeep ji isde vich tino tat maujood hunde han isdi matra 1 kilo nu prati acre de hisab nal vartya janda hai.eh fasl di growth de layi varte jande han.dhanwad

Posted by Balvir Singh Mann
Punjab
05-02-2020 09:58 AM
Hanji Balvir ji tuci Vitum-H liquid 10ml rojana dena suru kr skde ho.

Posted by shailendra Chaudhary
Uttar Pradesh
05-02-2020 09:51 AM
चौदरी की आप इसके ऊपर NPK 130045 @1 किलो को 150 लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे करें धन्यवाद

Posted by sukhjinder singh
Punjab
05-02-2020 09:47 AM
ਤੁਸੀ ਮੋਹਾਲੀ ਵਿਚ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਵਾਰੇ ਪਤਾ ਕਰਨ ਲਈ ਡਿਪਟੀ ਡਾਇਰੈਕਟਰ ਡੇਅਰੀ, ਮੁੱਖ ਦਫਤਰ : ਜੁਆਇੰਟ ਸੀ ਈ ਓ. ਪੀ. ਡੀ.ਡੀ.ਬੀ ਸੈਕਟਰ 68 ਮੋਹਾਲੀ 0172-2217020, 0172-5027285 ਨਾਲ ਸੰਪਰਕ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ
Posted by sunil kumar maurya
Uttar Pradesh
05-02-2020 09:38 AM
सुनील जी ज्यादा दवा अपना असर करेगी अभी इसका कोई इलाज नहीं है आप आगे से कोई भी स्प्रे का इस्तेमाल करते है तो सिफारिश मात्रा का ही इस्तेमाल करें धन्यवाद
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