
Posted by Davinder singh
Punjab
06-02-2020 11:36 AM
Davinder singh ji patiala dog show 23 feb 2020, Sunday nu 10am Polo Ground vikhe ho reha hai, Thankyou.
Posted by JAIVIR SINGH
Uttar Pradesh
06-02-2020 11:34 AM
jaivir ji aap iske uper NPK 130045@1 kilo ko 150 litre pani ke hisab se spray karen.dhanywad

Posted by Arvind Pandre
Madhya Pradesh
06-02-2020 11:28 AM
Arvind ji yeh ek keetnashak hai jo mealy bug jaise keet ki roktham ke liye istemal kiya jata hai iski matra 2ml ko prati litre pani ke hisab se spray ki jati hai.dhanywad

Posted by arjun
Punjab
06-02-2020 11:25 AM
Arjun ji you can spray NPK 130045 @10 gram per litre of water at the time of flowering.thank you

Posted by Amrit chahal
Punjab
06-02-2020 11:16 AM
amit ji tuci iss nu nazdiki doctor ton check krwao ji jekar iss nu kise trah di koi smasia ho rehi hai, baki kaii varr pashu suun vich kujj din jyada v laa janda hai iss vich koi smasia wali gal nhi hai, cow suun ton vich 9 month 9 din da sme lendi hai, jekar kujj din upar ho jawe tan darn wali gal nhi hai, tuci isdi nazdiki doctor ton janch krwa skde ho.
Posted by R,K RAY
West Bengal
06-02-2020 11:09 AM
ray ji aap iske liye sundi ka hamla check karen agar maujood hai to aap iske uper quinalphos@4ml ko prati litre pani ke hisab se spray karen.dhanywad

Posted by raghvendrs singh
Madhya Pradesh
06-02-2020 11:01 AM
ji agar aap New tractar lena chahte hai to aap Pardhan Mantri Tractor yojna ka labh utha sakte hai, Is yojna ke bare me puri jankari ke lia aap apne nazdiki SBI Bank se samparak kare, Thankyou.
Posted by Sidhu Guravtar
Himachal Pradesh
06-02-2020 11:01 AM
ਸਿੱਧੂ ਜੀ ਤੁਸੀ ਸਬਜ਼ੀਆਂ ਜਿਵੇ ਰਾਜਮਾਹ , ਸ਼ਿਮਲਾ ਮਿਰਚ , ਖੀਰਾ , ਕਰੇਲਾ , ਕੱਦੂ , ਤੋਰੀ, ਪੇਠਾ , ਖਰਬੂਜਾ , ਤਰਬੂਜ , ਪਾਲਕ , ਫੂਲ ਗੋਭੀ , ਬੈਂਗਨ , ਭਿੰਡੀ , ਅਰਬੀ , ਗਵਾਰਾ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਇਸਤੋਂ ਇਲਾਵਾ ਤੁਸੀ ਮੱਕੀ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਧੰਨਵਾਦ
Posted by lakhveer singh
Punjab
06-02-2020 11:00 AM
Lakhveer ji tuci vdia sahiwal cow lenn lai Sarb Cheema 7508023218 Sarb Cheema dairy Farm nal sampark kr skde ho, ehna ton tuhanu vdia nasal ate vdia dudh wali cow mill jawegi.

Posted by khuspal
Punjab
06-02-2020 10:56 AM
Khuspal ji sab to pehla tusi apne tehsil de rozgar office vich ja ke apna naam darj karvao apne sare proof ate certificate nal le ke jao fir jida hi koi job aegi tuhanu ghar hi chithi ah jaea kare gi, Thankyou.
Posted by lakhveer singh
Punjab
06-02-2020 10:55 AM
lakhveer singh ji pure ate saste Quail chicks lene ke lia aap Central Poultry Development Organization (Northern Region) Industrial Area, Phase-I, Chandigarh – 160 002, Tel.No: 0172-2655391 se samparak kar sakte hai, Thankyou.

Posted by baldev
Punjab
06-02-2020 10:53 AM
Baldev ji DAP di direct spray nahi kiti ja sakdi tuc Dr.Dalal ghol bna ke spray kar sakde ho. isde layi 2.5kilo urea ate 2.5 kilo DAP ate 500 gram zinc de ghol bna ke isdi spray kar sakde ho.dhanwad

Posted by Prabhat Pandey
Uttar Pradesh
06-02-2020 10:44 AM
केले :- बिजाई के लिए मध्य फरवरी से मार्च का पहला सप्ताह उपयुक्त होता है केले की जड़ों को 45x 45x45 सैं.मी. या 60x60x60 सैं.मी. आकार के गड्ढों में रोपित करें गड्ढों को धूप में खुला छोड़ें, इससे हानिकारक कीट मर जायेंगे गड्ढों को 10 किलो रूड़ी की खाद या गला हुआ गोबर, नीम केक 250 ग्राम और कार्बोफ्युरॉन 20 ग्राम से भरें जड़ों को गड्ढें .... (Read More)
केले :- बिजाई के लिए मध्य फरवरी से मार्च का पहला सप्ताह उपयुक्त होता है केले की जड़ों को 45x 45x45 सैं.मी. या 60x60x60 सैं.मी. आकार के गड्ढों में रोपित करें गड्ढों को धूप में खुला छोड़ें, इससे हानिकारक कीट मर जायेंगे गड्ढों को 10 किलो रूड़ी की खाद या गला हुआ गोबर, नीम केक 250 ग्राम और कार्बोफ्युरॉन 20 ग्राम से भरें जड़ों को गड्ढें के मध्य में रोपित करे और मिट्टी के आसपास अच्छी तरह से दबायें गहरी रोपाई ना करें
पपीते :- बीज को जुलाई के दूसरे सप्ताह से सितंबर के तीसरे सप्ताह में बोया जाता है और सितंबर के पहले सप्ताह से मध्य अक्तूबर तक रोपाई की जाती है पौधे से पौधे में 1.5x1.5 मीटर फासले का प्रयोग करें बीज को 1 सैं.मी. की गहराई पर बोयें

Posted by शैलेन्द्र कुमार प्रसाद
Bihar
06-02-2020 10:35 AM
प्रसाद जी कृपया बताये कि आप खाद के तौर पर इसे क्या डाल रहे है ताकि आपको इसके बारे में पूरी जानकारी दी जा सके धन्यवाद
Posted by Gurdhyan Singh
Haryana
06-02-2020 10:17 AM
tuci uss nu pett de kiria lai Fasnil bolus deo ate her 3 mahine badd salt change krke goli jrur deo baki uss nu vdia matra vich chara deo ate feed vdia deni suru kro, baki uss nu enerboost powder 50-50gm swere sham dena suru kro ate suun ton 2 mahine pehla isde nal Vitum-H liquid 10-10ml swere sham deo, ehna nal kamjori dur rehegi ate lewa vdia tyar ho jawega.
Posted by ਜੱਗਸੀਰ ਸਿੰਘ
Punjab
06-02-2020 10:15 AM
ਜਗਸੀਰ ਜੀ ਤੁਸੀ ਖੱਟੀ ਲੱਸੀ ਦੀ ਸਪਰੇ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਇਸਦੀ ਮਾਤਰਾ 3 ml ਨੂੰ ਪ੍ਰਤੀ ਲੀਟਰ ਪਾਣੀ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਸਪਰੇ ਕਰੋ ਧੰਨਵਾਦ

Posted by ਸੁਖिਜੰਦਰ िਸੰਘ
Punjab
06-02-2020 10:14 AM
Sukhjinder ji tuhade walo bheji gyi audio upload nhi hoi hai kirpa krke tuci dubara audio upload kro tan jo tuhanu sahi jankari diti ja ske.

Posted by Komal Raikwar
Madhya Pradesh
06-02-2020 10:08 AM
कोमल जी कृप्या आप अपना सवाल विस्तार से पूछेें कि आप क्या जानकारी लेना चाहते है ताकि आपको सही जानकारी दी जा सके
Posted by ਜੱਗਸੀਰ ਸਿੰਘ
Punjab
06-02-2020 10:06 AM
ਜਗਸੀਰ ਜੀ ਇਹ ਜ਼ਿਆਦਾ ਖਾਰੇਪਨ ਕਰਕੇ ਹੋ ਰਿਹਾ ਹੈ ਇਸਦੇ ਲਈ ਤੁਸੀ ਹਰੀ ਖਾਦ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਕਰੋ ਜਦੋ ਮਾਨਸੂਨ ਸ਼ੁਰੂ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਇਸਤੋਂ ਇਲਾਵਾ ਤੁਸੀ ਰੂੜੀ ਦੀ ਖਾਦ ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਕਰੋ ਹਰ ਸਾਲ ਅਤੇ ਜਿਪਸਮ ਨੂੰ ਬੋਰੀ ਵਿਚ ਭਰ ਕੇ ਪਾਣੀ ਵਾਲੇ ਸਾਧਣ ਦੇ ਕੋਲ ਰੱਖੋ ਤਾ ਜੋ ਮਿੱਟੀ ਵਿਚ ਖਾਰਾਪਨ ਘੱਟ ਜਾਏ ਧੰਨਵਾਦ

Posted by Harwinder singh
Punjab
06-02-2020 09:56 AM
ਅਜ਼ੌਲਾ ਦਾ ਬੀਜ 500 ਰੁਪਏ ਪ੍ਰਤੀ ਕਿਲੋ ਤੱਕ ਮਿਲੇਗਾ , ਜੀ ਇਹ ਤੁਹਾਨੂੰ ਇੰਟੀਗਰੇਟਿੰਡ ਫਾਰਮਿੰਗ ਕਰਨ ਵਾਲੇ ਪਿੰਡ ਸੂਚ ਦੇ ਕਿਸਾਨ ਜੋਧਾ ਸਿੰਘ ਮਾਨ ਜੀ ਕੋਲੋ ਮਿਲ ਜਾਵੇਗਾ , ਉਹਨਾ ਦਾ ਸੰਪਰਕ ਨੰਬਰ 9855455561 ਹੈ ਜੀ

Posted by Manish kumar
Bihar
06-02-2020 09:52 AM
Manish ji aap achi nasal ki goat lene ke liye Subash Kumar/Raj Kumar 9504617933 9504097570 RS Goat Farm se sampark kr skte hai.

Posted by Manish kumar
Bihar
06-02-2020 09:51 AM
Manish ji aap achi nasal ki goat lene ke liye Subash Kumar/Raj Kumar 9504617933 9504097570 RS Goat Farm se sampark kr skte hai.
Posted by Raju.
Bihar
06-02-2020 09:50 AM
पेस्टिसाइड की दूकान खोलने के लिए BSc. एग्रीकल्चर की डिग्री की हुई होनी चाहिए, और डिग्री जी बाद इसका दवाई बेचने का लाइसेंस बन जाता है, इसका लाइसेंस बनाने के लिए आपको फाइल कचहरी से मिल जाती है, और इस फाइल को तैयार करके कृषि प्रमुख के हस्ताक्षर करवा कर जमा करवानी पड़ती है, और वे बाद में स्थान चैक करते हैं और जांच करत.... (Read More)
पेस्टिसाइड की दूकान खोलने के लिए BSc. एग्रीकल्चर की डिग्री की हुई होनी चाहिए, और डिग्री जी बाद इसका दवाई बेचने का लाइसेंस बन जाता है, इसका लाइसेंस बनाने के लिए आपको फाइल कचहरी से मिल जाती है, और इस फाइल को तैयार करके कृषि प्रमुख के हस्ताक्षर करवा कर जमा करवानी पड़ती है, और वे बाद में स्थान चैक करते हैं और जांच करते हैं और 1 महीने में आपका लाइसेंस बन जाता है, जो कृषि प्रमुख होता है वह KVK में होता है, ज़िले में इस अफ़सर की ड्यूटी होती है

Posted by Virendra netam
Chattisgarh
06-02-2020 09:44 AM
virendra ji kripya aap iski photo bheje taki aapko iske bare men poori jankari di ja sake,dhanywad
Posted by Naveen Kumar Choudhury
Bihar
06-02-2020 09:35 AM
Naveen Kumar Choudhury ji desi chicks lene ke lia aap Sunil Singh 9905384910, 9102737967 (Sunil Singh Hatchery India Private Limited) se samparak kar sakte hai, Thankyou.

Posted by pawan
Punjab
06-02-2020 09:34 AM
पवन जी आप इसके लिए साथ में दी गयी वीडियो देख सकते है
https://www.youtube.com/watch v=Ilj7vRCuElE
धन्यवाद
Posted by dilip kumar
Bihar
06-02-2020 09:32 AM
दिलीप जी कृपया आप पत्तों की नजदीकी फोटो भेजे ताकि आपको इसके बारे में पूरी जानकारी दी जा सके धन्यवाद

Posted by amritpal singh
Punjab
06-02-2020 09:19 AM
Amritpal singh to get all information about it you can contact with me (Dr Ramandeep 9814019470), Thankyou.

Posted by Harsh Deep Singh
Punjab
06-02-2020 09:18 AM
Harshdeep ji iss nal pashu jo khanda hai ohh vdia trike nal hajam hunda rehnda hai, vdia growth hundi hai ate bhukh vdia lggdi hai , tuci isdi varto kr skde ho. ehh tuci sare pashua nu de skde ho.

Posted by khuspal
Punjab
06-02-2020 09:05 AM
Khuspal ji punjab vich tractor te koi vi subsidy nai hai par tusi PM Tractor Yojana da labh utha sakde ho ji is bare puri jankari lai tusi apne nazdiki SBI bank nal samparak kar sakde ho, Thankyou.

Posted by rajkumar
Uttar Pradesh
06-02-2020 09:02 AM
इसको मिट्टी की अलग-अलग किस्मे जैसे की रेतली दोमट से भारी मिट्टी में उगाया जा सकता हैं खीरे की फसल के लिए दोमट मिट्टी में, जिसमे जैविक तत्वों की उच्च मात्रा हो और पानी का अच्छा निकास हो, उचित पैदावार देती है खीरे की खेती के लिए मिट्टी का pH 6-7 होना चाहिए Arka shital : इसके फल हल्के हरे रंग के होते हैं इसकी औसतन पैदावार 80 क्.... (Read More)
इसको मिट्टी की अलग-अलग किस्मे जैसे की रेतली दोमट से भारी मिट्टी में उगाया जा सकता हैं खीरे की फसल के लिए दोमट मिट्टी में, जिसमे जैविक तत्वों की उच्च मात्रा हो और पानी का अच्छा निकास हो, उचित पैदावार देती है खीरे की खेती के लिए मिट्टी का pH 6-7 होना चाहिए Arka shital : इसके फल हल्के हरे रंग के होते हैं इसकी औसतन पैदावार 80 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Lucknow Early: इसके फल लंबे और चमकदार होते हैं यह किस्म लखनऊ और उसके नजदीक के क्षेत्रों में प्रसिद्ध है स्थानीय किस्में Nasdar, Sikkim Kakadi आदि Pant sankar khira 1: इसके फल लंबे और बेलनाकार होते हैं इसकी औसतन पैदावार 80 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Pant Khira – 1: इसके फल लंबे और बेलनाकार और सफेद धारीदार होते हैं इसके फल 50-60 दिनों के बाद पहली तुड़ाई के लिए तैयार हो जाते हैं इसकी औसतन पैदावार 60 क्विंटल प्रति एकड़ होती है खीरे की खेती के लिए, अच्छी तरह से तैयार और नदीन रहित खेत की जरूरत होती है मिट्टी को अच्छी तरह से भुरभुरा बनाने के लिए, बिजाई से पहले 3-4 बार खेत की जोताई करें रूड़ी की खाद, जैसे गाये के गोबर को मिट्टी में मिलाये, ताकि खेत की उपजाऊ शक्ति बढ़ जाये 30 सैं.मी. चौड़े और आवश्यक लंबाई के बैड तैयार करें दो बैडों के बीच 1.5 से 2 मीटर का फासला रखें उत्तर प्रदेश में, खीरे की खेती के लिए फरवरी से मार्च का महीना उपयुक्त होता है पहाड़ी क्षेत्रों में, बिजाई मार्च से अप्रैल में की जाती है बिजाई के ढंग के आधार पर फासला भी विभिन्न होता है बिजाई के लिए कतार से कतार में 1.5 मीटर और पौधे से पौधे में 30-45 सैं.मी. फासले का प्रयोग करें बीज को 2-3 सैं.मी. गहराई पर बोयें एक एकड़ खेत के लिए 0.8-1.2 किलोग्राम बीज की मात्रा काफी हैं खेत की तैयारी के समय, 8-10 टन गाय का गला हुआ गोबर नाइट्रोजन 32 किलो (यूरिया 70 किलो), फासफोरस 24 किलो (सिंगल फास्फेट 150 किलो) और पोटाशियम 24 किलो (म्यूरेट ऑफ़ पोटाश 40 किलो) शुरुआत में खाद के रूप में डालें बिजाई के 32-3सप्ताह पहले गाय का गोबर, पोटाश और फासफोरस की पूरी मात्रा और नाइट्रोजन की एक तिहाई मात्रा डालें नाइट्रोजन की मात्रा को दो भागों में बांटकर पहली बिजाई के 25-30 दिनों के बाद और दूसरी बिजाई के 45-50 दिनों के बाद डालें बारिश के मौसम में सिंचाई की जरूरत नहीं होती है और गर्मी के मौसम में इसको बार-बार सिंचाई की जरूरत होती है 4 से 7 दिनों के अंतराल पर सिंचाई करें तुड़ाई के दो दिन पहले सिंचाई करें, इससे फल ताजे, चमकदार और आकर्षित रहेंगे, धन्यवाद

Posted by prince
Uttar Pradesh
06-02-2020 08:57 AM
prince ji kripya swal vistar se pooche ke aap konsi machine ke bare men jankari lena chahte hai taki aapko iske bare men poori jankari di ja sake,dhanywad

Posted by Sukhmander singh
Punjab
06-02-2020 08:53 AM
tuci iss nu pett de kiria flukarid-DS bolus deo ate her 3 mahinia badd salt change krke goli deo ate iss nu Vitakind-liv liquid 100ml rojana dena suru kro ate Aptifast bolus rojana 1-1 goli swere sham deo, iss nal frak paa jawega.

Posted by amit kumar
Uttar Pradesh
06-02-2020 08:44 AM
कृपया करके अपना सवाल विस्तार से पूछें आप क्या जानकारी लेना चाहते है ताकि आपको उसके बारे में पूरी जानकारी दी जा सके धन्यवाद

Posted by pramod
Uttar Pradesh
06-02-2020 08:40 AM
Pramod ji aap bakri ki Beetal, sirohi, barbari, black bangal koi v nasal rakh skte hai.
Posted by PRAVEEN
Uttar Pradesh
06-02-2020 08:36 AM
प्रवीण जी आप इसके सिंचाई भी कम करें इसके इलावा आप इसके ऊपर mancozeb @400 ग्राम को प्रति एकड़ के हिसाब से स्प्रे करें धन्यवाद

Posted by Dinesh
Madhya Pradesh
06-02-2020 08:25 AM
बकरी पालन बहुत ही लाभकारी काम है शुरूआत करने के लिए आप 10 बकरियों और 2 बकरे के साथ कर सकत हैं इन्हें खुराक कम चाहिए इसलिए इन्हें आसानी से पाल सकते हैं ये हर प्रकार के मौसम में पाली जा सकती हैं बकरियां 12-14 महीने में बच्चे देना शुरू कर देती है एक बकरी के लिए लगभग 12—15 वर्ग फीट जगह छती हुई और 25—30 वर्ग फीट जगह खुली चाहिए .... (Read More)
बकरी पालन बहुत ही लाभकारी काम है शुरूआत करने के लिए आप 10 बकरियों और 2 बकरे के साथ कर सकत हैं इन्हें खुराक कम चाहिए इसलिए इन्हें आसानी से पाल सकते हैं ये हर प्रकार के मौसम में पाली जा सकती हैं बकरियां 12-14 महीने में बच्चे देना शुरू कर देती है एक बकरी के लिए लगभग 12—15 वर्ग फीट जगह छती हुई और 25—30 वर्ग फीट जगह खुली चाहिए बकरी का गर्भ समय 150 दिन का होता है और साल में 1-5 बच्चे देती है साल में दो बच्चे देना आम बात है बकरियां 8-10 वर्ष तक बच्चे देती हैं और अपन गिनती को तेजी से बढ़ा लेती हैं आप बारबरी, ब्लैक बंगाल, जैसी नसल पाल सकते हैं यदि आप बीटल नस्ल रखना चाहते है तो यह लगभग 20—25 हज़ार तक अच्छी ग्रोथ वाली बकरी मिल जाएगी फिर आप अपने बजट के हिसाब से इस काम को कर सकते है.

Posted by raghvendrs singh
Madhya Pradesh
06-02-2020 08:11 AM
राघवेंद्र जी आप सब्जियां जैसे ग्वार, खीरा-ककड़ी, लोबिया, करेला, लौकी, तुरई, पेठा, खरबूजा, तरबूज, पालक, भिण्डी, अरबी *अप्रैल* चौलाई, मूली *मई* फूलगोभी, बैंगन, प्याज, मूली, मिर्च की बिजाई अप्रैल महीने में कर सकते है धन्यवाद

Posted by ramesh Chandra Sen
Haryana
06-02-2020 08:09 AM
रमेश जी आप सब्जियां जैसे फरवरी* राजमा, शिमला मिर्च, खीरा-ककड़ी, लोबिया, करेला, लौकी, तुरई, पेठा, खरबूजा, तरबूज, पालक, फूलगोभी, बैंगन, भिण्डी, अरबी, एस्पेरेगस, ग्वार *मार्च* ग्वार, खीरा-ककड़ी, लोबिया, करेला, लौकी, तुरई, पेठा, खरबूजा, तरबूज, पालक, भिण्डी, अरबी की बिजाई कर सकते है धन्यवाद

Posted by kundan sahu
Chattisgarh
06-02-2020 07:58 AM
मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजि.... (Read More)
मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजित किया जा रहा है प्रशिक्षण कार्य कर्म में भाग लेने के लिए नीचे दिए गए नम्बर पर आज ही संपर्क करें और Rs 250/ से अपना रजिस्ट्रेशन करवाए अचल सिंह (फाउंडर )- 9711858258. धन्यवाद
Posted by harmeet singh
Punjab
06-02-2020 07:53 AM
hanji tuc ehna dona nu ikathe rla ke spray kar sakde ho.dhanwad

Posted by Prakash Choudhary kumavat
Madhya Pradesh
06-02-2020 07:44 AM
प्रकाश चौधरी जी इसके बारे में विस्तार में जानकारी के लिए आप japinder wadhawan 9478810324 के साथ संम्पर्क कर सकते हैं। धन्यवाद
Posted by Bajrang Patidar
Rajasthan
06-02-2020 07:44 AM
मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजि.... (Read More)
मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजित किया जा रहा है प्रशिक्षण कार्य कर्म में भाग लेने के लिए नीचे दिए गए नम्बर पर आज ही संपर्क करें और Rs 250/ से अपना रजिस्ट्रेशन करवाए अचल सिंह (फाउंडर )- 9711858258. धन्यवाद
Posted by Balvir Singh
Punjab
06-02-2020 07:43 AM
बढ़िया निकास वाली रेतली दोमट या हल्की लाल मिट्टी, जिसका 7.5-8.0 pH हो, में उगाने पर अच्छे परिणाम देती है नमी बरकरार रखने वाली और जल सोखने वाली मिट्टी में अश्वगंधा की खेती नहीं की जा सकती है इसके लिए मिट्टी हल्की, गहरी और अच्छे जल निकास वाली होनी चाहिए अच्छे निकास वाली काली और भारी मिट्टी इसकी खेती के लिए अनुकूल होती.... (Read More)
बढ़िया निकास वाली रेतली दोमट या हल्की लाल मिट्टी, जिसका 7.5-8.0 pH हो, में उगाने पर अच्छे परिणाम देती है नमी बरकरार रखने वाली और जल सोखने वाली मिट्टी में अश्वगंधा की खेती नहीं की जा सकती है इसके लिए मिट्टी हल्की, गहरी और अच्छे जल निकास वाली होनी चाहिए अच्छे निकास वाली काली और भारी मिट्टी इसकी खेती के लिए अनुकूल होती हैं Jawahar Asgand-20 and Jawahar Asgand-134: यह उच्च क्षारी किस्म है यह जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय, मध्य प्रदेश द्वारा विकसित की गई है इस किस्म के पौधेका कद छोटा होता है और यह अपना घनत्व ज्यादा होने के कारण जनि जाती है यह किस्म की पैदावार 180 दिनों में सूखी जड़ों में कुल 0.30% एनोलाइड की मात्रा है Raj Vijay Ashwagandha-100: यह किस्म भी जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय, मध्य प्रदेश द्वारा तैयार की गई है Rakshita and Poshita: अधिक उपज देने वाली यह किस्म CSIR-CIMAP लखनऊ द्वारा विकसित की गई है WSR : यह किस्म सी एस आई आर खेतरी रिसर्च लैबोर्टरी, जम्मू द्वारा विकसित की गई है अश्वगंधा की खेती के लिए भुरभुरी और समतल ज़मीन की आवश्यकता होती है मिट्टी को भुरभुरा करने के लिए खेत की 2-3 बार जोताई करें और बारिश से पहले खेत की डिस्क या तवियों से जोताई करें खेत को अप्रैल-मई के महीने में तैयार करें खेत की तैयारी के समय, लगभग 4-8 टन रूड़ी की खाद प्रति एकड़ डालें और मिट्टी में अच्छी तरह मिला दें फिर सुहागे के साथ खेत को समतल करें इस में किसी भी रासायनिक खाद या कीटनाशक प्रयोग करने की जरूरत नहीं पड़ती, क्योंकि यह एक चिकित्सिक पौधा है और जैविक खेती के द्वारा उगता है कुछ जैविक खादें जैसे कि रूड़ी की खाद, वर्मी कम्पोस्ट, हरी खाद आदि जरूरत अनुसार प्रयोग की जा सकती है कुछ बायो-कीटनाशक, जोकि नीम, चित्रकमूल, धतूरा, गौ-मूत्र आदि से तैयार होते है, इनको मिट्टी और बीजों से पैदा होने वाली बीमारीयों को रोकने के लिए प्रयोग किया जा सकता है मिट्टी की उपजाऊ शक्ति बढ़ाने के लिए नाइट्रोजन(यूरिया 14 किलो) और फासफोरस 6 किलो(सिंगल सुपर फासफेट 38 किलो) प्रति एकड़ की आवश्यकता होती है खेत को नदीन मुक्त करने के लिए आमतौर पर दो बार गोडाई की आवश्यकता होती है पहली बिजाई के 20-25 दिनों और दूसरी गोडाई पहली गोडाई के 20-25 दिनों के बाद करें नदीनों को रोकने के लिए बिजाई से पहले इसोप्रोटूरान 200 ग्राम और ग्लाइफोसेट 600 ग्राम प्रति एकड़ में डालें अनावश्यक पानी और बारिश के साथ फसल को नुकसान होता है यदि बारिश वाले दिन हो तो सिंचाई की आवश्यकता नहीं होती, 1-2 बार जीवन रक्षक सिंचाइयां करें सिंचित हालातों में फसल को, 10-15 दिनों में एक बार सिंचाई करें पहली सिंचाई अंकुरन से 30-35 दिनों के बाद और दूसरी सिंचाई पहली सिंचाई के 60-70 दिनों के बाद करनी चाहिए पौधा 160-180 दिनों में पैदावार देना है कटाई सूखे मौसम में करें, जब पत्ते सूख रहे हो और फल लाल संतरी रंग के हो जायें कटाई हाथों से जड़ों को उखाड़कर या मशीन द्वारा बिना जड़ों को नुकसान पहुंचाए की जाती है,जैसे कि पावर टिल्लर या कंट्री पलोअ आदि के साथ कटाई के बाद पौधे से जड़ों को अलग करें और इन्हें छोटे-छोटे टुकड़ों में जैसे 8-10 सैं.मी. काट दें और फिर हवा में सुखाएं कटाई के बाद छंटाई की जाती है जड़ों के टुकड़ों को बेचने के लिए टीन के बक्सों में स्टोर कर लिया जाता है जड़ें जितनी लंबी होंगी उसका मुल्य उतना ही ज्यादा होगा फल को अलग से तोड़ें और हवा में सुखा के पीस लिया जाता है ताकि बीज आसानी से बाहर निकल सकें सफ़ेद मूसली की खेती के लिए 15-35°C तापमान की जरुरत होती है इसकी खेती कई तरह की मिट्टी जैसे कि दोमट से रेतली और बढ़िया निकास वाली में की जा सकती है यह पहाड़ी ढलानों वाली या गीली मिट्टी को भी सहर सकती है यह जैविक तत्वों से भरपूर लाल मिट्टी में बढ़िया पैदावार देती है जल-जमाव वाली स्थिति में इसकी खेती ना करें इस लिए मिट्टी का pH 6.5-8.5 होना चाहिए आप इसकी किस्मे जैसे RC-2, RC-16, RC-36, RC-20, RC-23, RC-37 and CT-1,MDB-13 and MDB-14 की बिजाई कर सकते है सफेद मूसली के लिए अच्छी तरह से तैयार बैडों की जरूरत होती है बिजाई से पहले ज़मीन की तैयारी के लिए एक बार 2-3 गहरी जोताई करें ज़मीन की तैयारी आम-तौर पर अप्रैल-मई के महीने में की जाती है सफेद मूसली की बिजाई के लिए उचित समय जून से अगस्त तक का होता है पौधे के विकास के अनुसार पौधों के बीच 10x12 इंच का फासला रखें इसकी बिजाई नए पौधे मुख्य खेत में रोपाई करके की जाती है इसकी बिजाइसके प्रजनन के लिए आम-तौर पर गांठों या बीजों का प्रयोग करें इसके उचित विकास के लिए 450 किलो बीजों का प्रयोग करें ई नए पौधे मुख्य खेत में रोपाई करके की जाती है सफेद मूसली की बिजाई 1.2 मीटर चौड़े और आवश्यकता अनुसार लम्बे बैडों पर करें नए पौधे तैयार करने वाले बैड अच्छी तरह से तैयार करें इसकी बिजाई छिड़काव के द्वारा की जाती है बिजाई के बाद बैडों को हल्की मिट्टी से ढक दें बढ़िया विकास के लिए मलचिंग भी की जा सकती है बीज 5-6 दिनों में अंकुरण होना शुरू होना कर देते है और पौधे बिजाई के लिए तैयार हो जाते है रोपाई से 24 घंटे पहले बैडों को पानी दें, ताकि नए पौधों को आसानी के साथ उखाड़ा जा सके खेत की तैयारी समय, रूड़ी की खाद 80-100 क्विंटल प्रति एकड़ गोबर डालें और मिट्टी में मिलाये जैविक खादें जैसे कि रूड़ी की खाद 8-10 टन प्रति एकड़ डालर मिट्टी में मिलाये सिंगल सुपर फासफेट 100 किलो, मिउरेट ऑफ़ पोटाश 50 किलो और हड्डियों का चूरा 100 किलो प्रति एकड़ डालें 3 महीने तक कसी की सहायता के साथ गोड़ाई करें और मेंड़ के साथ मिट्टी लगाएं अंकुरण के बाद 2-3 बार करें अगर पौधे के विकास में कोई कमी दिखाई दें, तो तुरंत आवश्यक स्प्रे करें बढ़िया विकास के लिए 20-22 दिनों के फासले पर सिंचाई करें बारिश की ऋतु में, सिंचाई की जरूरत नहीं होती, पर बारिश ना होने पर सिंचाई सही फासले पर करें सिंचाई जलवायु और मिट्टी पर भी निर्भर करती है इस फसल के पौधे बिजाई से लगभग 90 दिन के बाद फल देना शुरू कर देती है इसकी कटाई सितम्बर-अक्तूबर महीने में की जाती है कटाई पत्ते पीले पड़ने और सूखने पर की जाती है इसका बीज आपको लोकल मार्किट में मिल जायेगा, पर यदि आप किसी कंपनी से कॉन्ट्रैक्ट करते हो तो इसका रेट उस कंपनी की जरूरत और शर्तों के मुताबिक उस कंपनी के द्वारा तय होता है, कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग के के लिए आप Aushadhiya kheti vikas sansthan 6268536795 से सम्पर्क कर सकते है धन्यवाद
Posted by Bajrang Patidar
Rajasthan
06-02-2020 07:41 AM
मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजि.... (Read More)
मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजित किया जा रहा है प्रशिक्षण कार्य कर्म में भाग लेने के लिए नीचे दिए गए नम्बर पर आज ही संपर्क करें और Rs 250/ से अपना रजिस्ट्रेशन करवाए अचल सिंह (फाउंडर )- 9711858258. धन्यवाद
Posted by kuldeep
Uttar Pradesh
06-02-2020 07:41 AM
kuldeep ji yeh sirf phosphorus tatv ki kami ko poora karti hai abhi aap iske uper NPK 191919@1 kilo ko 150 Litre pani ke hisab se spray karen.dhanywad
Posted by इज़हार
Uttar Pradesh
06-02-2020 07:33 AM
सर बकरी का गर्भ नहीं ठहर रहा है कौन सी दवा खिलाएं एग्रिमीन पाउडर को सुबह शाम दें कि दिन में एक बार ?
उसे आप Amoxi-CV 625mg tablet 1—1 गोली सुबह शाम दें और Agrimin powder देते रहें इससे फर्क पड़ जाएगा और इंफेक्शन खत्म हो जाएगा
Posted by Gurtej Singh
Punjab
06-02-2020 07:04 AM
Gurtej ji tuci buffalo lai khud ghar vich feed tyar krke ja market ton jo buffalo lai feed aundia hai ohna di varto kro ji kyuki feed dene da fyada uddo hai jiss nal pashu vdia dudh dewe ate sahi growth kre..

Posted by Levesh bahanda
Jharkhand
06-02-2020 06:51 AM
Levesh ji aap bakrio ko nazdiki doctor se janch krwayen woh kyu marr rehi hai unki sahi janch krke ilagg kiya ja skta hai.
Posted by Vikas Beniwal
Haryana
06-02-2020 06:25 AM
आमतौर पर गेहूं में गुली डंडा 35—40 दिनों में ही बाहर निकलता है जब आप पहला पानी लगाते हैं तो यह गुली डंडा गेहूं के साथ साथ बढ़ना शुरू हो जाता है इस समय गेहूं 40 दिनों के आस पास हो जाती है इस समय आप TOPIK@160GM याAXIAL@400ML याPUMA POWER@400ML या LEADER@13GM या SAFAL@13GM या UPL की SHAGUN 21-11@200gm को 150 लीटर पानी में मिलाकर प्रति एकड़ पर स्प्रे कर सकते हैं इनमें से .... (Read More)
आमतौर पर गेहूं में गुली डंडा 35—40 दिनों में ही बाहर निकलता है जब आप पहला पानी लगाते हैं तो यह गुली डंडा गेहूं के साथ साथ बढ़ना शुरू हो जाता है इस समय गेहूं 40 दिनों के आस पास हो जाती है इस समय आप TOPIK@160GM याAXIAL@400ML याPUMA POWER@400ML या LEADER@13GM या SAFAL@13GM या UPL की SHAGUN 21-11@200gm को 150 लीटर पानी में मिलाकर प्रति एकड़ पर स्प्रे कर सकते हैं इनमें से कोई भी एक स्प्रे प्रयोग कर सकते हैं topik की जगह आप यह स्प्रे प्रयोग कर सकते है यदि बाथू है तो उसके लिए algrip@10gm या total@16gm को 150 लीटर पानी में मिलाकर प्रति एकड़ पर स्प्रे कर सकते हैं
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