
Posted by Harsh Deep Singh
Punjab
07-02-2020 01:45 PM
Deep ji pashu da heat vich aana usdi vdia nasal, sahi khurak te nirbhar krda hai kai pashu suun ton badd 21-22 din badd v heat vich aa jande hai per pashu nu suun ton 50-60 din badd cross krwana chahida hai. kai varr pashu heat vich aaun lai 6-7 month v lgga dinde hai ehh pashu di sahi khurak ate vdia breed te nirbhar hai.
Posted by Vijay
Uttar Pradesh
07-02-2020 01:43 PM
विजय जी इसे आप नज़दीकी डॉक्टर से जांच करवायें क्योंकि इसकी जांच करके ही अच्छा इलाज हो सकता है इस बीमारी का इलाज लंबा होता है और इसमें दवा का असर भी धीरे धीरे होता है
Posted by Hariom
Uttar Pradesh
07-02-2020 01:38 PM
इसकी मात्रा दानेदार रूप में 2.5kg प्रति एकड़ के हिसाब से छींटा देना है, इसका प्रयोग फसल लगाने के 25-30 दिन बाद कर सकते हैं, यह तने में छेद करने वाली सूंडी को रोकती है, इसमें thiamethoxam और chlorantraniliprole होता है अगर सुंडी मौजूद है तो आप इसका इस्तेमाल कर सकते है धन्यवाद
Posted by Hariom
Uttar Pradesh
07-02-2020 01:38 PM
इसकी मात्रा दानेदार रूप में 2.5kg प्रति एकड़ के हिसाब से छींटा देना है, इसका प्रयोग फसल लगाने के 25-30 दिन बाद कर सकते हैं, यह तने में छेद करने वाली सूंडी को रोकती है, इसमें thiamethoxam और chlorantraniliprole होता है अगर सुंडी मौजूद है तो आप इसका इस्तेमाल कर सकते है धन्यवाद
Posted by ਲਵਪ੍ਰੀਤ ਸਿੰਘ ਪੰਨੂ
Punjab
07-02-2020 01:33 PM
lovepreet ji eh pakkan layi 95-100 din da sma laindi hai ate ehna da kaddh lagbhag 5-5.5 ft hundi hai.dhanwad
Posted by Ankit yadav
Uttar Pradesh
07-02-2020 01:20 PM
Yadav ji aap poultry farming ki training apne nazdiki kvk se le skte hai waha sme sme per kisano ko alag alag kam ki training di jatti hai aap waha apna training wala farm bhar aaye fir jabb v training hogi to woh apko phone krke btta denge, training lene ke liye aap Krishi Vigyan Kendra, Parwaha, Dibiyapur, Distt.- Auraiya - (U.P.), INDIA, PIN - 206 244, Tel. No.: 9760940402 se sampark kr skte hai.
Posted by Balvir Singh
Punjab
07-02-2020 01:20 PM
balvir ji tuc isde uper NPK 130045@10 gram nu prati litre pani de hisab nal spray karo.dhanwad

Posted by Surinder
Punjab
07-02-2020 01:17 PM
ਸੁਰਿੰਦਰ ਜੀ ਇਹ Magnesium , manganese ਅਤੇ Zinc ਦੀ ਕਮੀ ਹੈ ਇਸਦੇ ਲਈ ਤੁਸੀ ਅਪ੍ਰੈਲ ਮਹੀਨੇ ਵਿਚ ਤੱਤਾਂ ਦੀ ਸਪਰੇ ਕਰੋ ਜੋ ਹੇਠਾਂ ਲਿਖੇ ਹਨ :-1 zinc 21% - 3 gm ਪ੍ਰਤੀ ਲੀਟਰ
2 Manganese sulphate- 2 gm ਪ੍ਰਤੀ ਲੀਟਰ
3 Magnesium sulphate- 1 gm ਪ੍ਰਤੀ ਲੀਟਰ
ਇਹਨਾਂ ਦੀਆਂ ਦੋ ਦੋ ਸਪ੍ਰੇਹਾਂ ਕਰੋ ਅਤੇ ਸਪਰੇ ਸ਼ਾਮ ਨੂੰ ਕਰੋ

Posted by ashok pandey
Uttar Pradesh
07-02-2020 01:12 PM
यह फसल अच्छे जल निकास वाली चिकनी, रेतली और लाल हर तरह की मिट्टी में उगाई जा सकती है खेत में पानी ना खड़ा होने दें क्योंकि खड़े पानी में यह ज्यादा देर बच नहीं पाएगी फसल की वृद्धि के लिए 6-6.5 पी एच वाली मिट्टी अच्छी मानी जाती है उस खेत में अदरक की फसल ना उगाएं जहां पिछली बार अदरक की फसल उगाई गई हो हर साल एक ही ज़मीन पर अद.... (Read More)
यह फसल अच्छे जल निकास वाली चिकनी, रेतली और लाल हर तरह की मिट्टी में उगाई जा सकती है खेत में पानी ना खड़ा होने दें क्योंकि खड़े पानी में यह ज्यादा देर बच नहीं पाएगी फसल की वृद्धि के लिए 6-6.5 पी एच वाली मिट्टी अच्छी मानी जाती है उस खेत में अदरक की फसल ना उगाएं जहां पिछली बार अदरक की फसल उगाई गई हो हर साल एक ही ज़मीन पर अदरक की फसल ना लगाएं खेत को दो तीन बार जोतें और सुहागे से समतल करें अदरक की बिजाई के लिए 15 सैं.मी. ऊंचे और 1 मीटर चौड़े बैड बनाएं दो बैडों के बीच 50 सैं.मी. का फासला रखें बिजाई मई-जून के पहले सप्ताह में की जाती है पौधों में 15-20 सैं.मी. पंक्तियों की दूरी और एक पौधे से दूसरे पौधे की दूरी 30 सैं.मी. होनी चाहिए बीज की गहराई 3-4 सैं.मी. के करीब होनी चाहिए अदरक की बिजाई सीधे ढंग से और पनीरी लगाकर की जा सकती है बिजाई के लिए ताजे और बीमार रहित गांठों का प्रयोग करें बिजाई के लिए 480-720 किलो प्रति एकड़ बीज का प्रयोग करें बिजाई से पहले गांठों को मैनकोजेब 3 ग्राम प्रति लीटर पानी से उपचार करें गांठों को 30 मिनट के लिए घोल में भिगो दें इससे गांठों को फफूंदी से बचाया जा सकता है उपचार के बाद गांठों को 3-4 घंटें के लिए छांव में सुखाएं खेत की तैयारी के समय मिट्टी में 150 क्विंटल प्रति एकड़ रूड़ी की खाद डालें नाइट्रोजन 25 किलो (55 किलो यूरिया), फासफोरस 10 किलो (60 किलो सिंगल सुपर फासफेट) और पोटाश 10 किलो (16 किलो म्यूरेट ऑफ पोटाश) की मात्रा प्रति एकड़ में प्रयोग करें पोटाश और फासफोरस की पूरी मात्रा बिजाई के समय डालें नाइट्रोजन की मात्रा को दो बराबर भागों में बांटें पहला हिस्सा बिजाई के 75 दिन बाद और बाकी हिस्सा बिजाई के 3 महीने बाद डालें बिजाई के 3 दिन बाद एट्राज़िन 4-5 ग्राम प्रति लीटर पानी की नमी वाली मिट्टी पर स्प्रे करें उन नदीनों को खत्म करने के लिए जो पहली नदीन नाशक स्प्रे के बाद पैदा होते हैं, बिजाई के 12-15 दिनों के बाद गलाइफोसेट 4-5 ग्राम प्रति लीटर पानी की स्प्रे करें नदीन नाशक की स्प्रे करने के बाद खेत को हरी खाद से या धान की पराली से ढक दें इसका बीज लेने के लिए आप Nishan Singh Kachoora 9927994011 Kachoora Farm से संपर्क कर सकते है धन्यवाद

Posted by Ashish
Haryana
07-02-2020 12:59 PM
Ashish ji aap pregnent bhains ko Flukarid-Ds bolus ja Fasnil bolus de skte hai aap yeh photo dekh skte hai.

Posted by Gopal Vishvakarma
Uttar Pradesh
07-02-2020 12:54 PM
गोपाल जी बरसीम मौसम के थोड़ा साफ़ होने पर ग्रोथ करना शुरू कर देगा इसके इलावा आप इसके ऊपर NPK 191919 @1 किलो को 150 लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे करें धन्यवाद

Posted by sumantpra greenscape
Uttar Pradesh
07-02-2020 12:48 PM
चिपको आन्दोलन एक पर्यावरण-रक्षा का आन्दोलन है यह भारत के उत्तराखण्ड राज्य (तब उत्तर प्रदेश का भाग) में किसानो ने वृक्षों की कटाई का विरोध करने के लिए किया था वे राज्य के वन विभाग के ठेकेदारों द्वारा वनों की कटाई का विरोध कर रहे थे और उन पर अपना परम्परागत अधिकार जता रहे थे वन विभाग नने खेल-सामग्री निर्माता क.... (Read More)
चिपको आन्दोलन एक पर्यावरण-रक्षा का आन्दोलन है यह भारत के उत्तराखण्ड राज्य (तब उत्तर प्रदेश का भाग) में किसानो ने वृक्षों की कटाई का विरोध करने के लिए किया था वे राज्य के वन विभाग के ठेकेदारों द्वारा वनों की कटाई का विरोध कर रहे थे और उन पर अपना परम्परागत अधिकार जता रहे थे वन विभाग नने खेल-सामग्री निर्माता के एक निनिर्माता को ज़मीन व्यवसायिक इस्तेमाल के लिए आबंटित कर दिया ,इससे गांव वालों में रोष पैदा हो गया

Posted by sumantpra greenscape
Uttar Pradesh
07-02-2020 12:42 PM
यह आन्दोलन तत्कालीन उत्तर प्रदेश के चमोली जिले के भगवानपुर रैनी गॉव् में सन 1973 में प्रारम्भ हुआ एक दशक के अन्दर यह पूरे उत्तराखण्ड क्षेत्र में फैल गया था चिपको आन्दोलन की एक मुख्य बात थी कि इसमें स्त्रियों ने भारी संख्या में भाग लिया था इस आन्दोलन की शुरुवात 1973 में भारत के प्रसिद्ध पर्यावरणविद् सुन्दरलाल.... (Read More)
यह आन्दोलन तत्कालीन उत्तर प्रदेश के चमोली जिले के भगवानपुर रैनी गॉव् में सन 1973 में प्रारम्भ हुआ एक दशक के अन्दर यह पूरे उत्तराखण्ड क्षेत्र में फैल गया था चिपको आन्दोलन की एक मुख्य बात थी कि इसमें स्त्रियों ने भारी संख्या में भाग लिया था इस आन्दोलन की शुरुवात 1973 में भारत के प्रसिद्ध पर्यावरणविद् सुन्दरलाल बहुगुणा, कामरेड गोविन्द सिंह रावत, चण्डीप्रसाद भट्ट तथा श्रीमती गौरादेवी के नेत्रत्व मे हुई थी यह भी कहा जाता है कि कामरेड गोविन्द सिंह रावत ही चिपको आन्दोलन के व्यावहारिक पक्ष थे, जब चिपको की मार व्यापक प्रतिबंधों के रूप में स्वयं चिपको की जन्मस्थली की घाटी पर पड़ी तब कामरेड गोविन्द सिंह रावत ने झपटो-छीनो आन्दोलन को दिशा प्रदान की चिपको आंदोलन वनों का अव्यावहारिक कटान रोकने और वनों पर आश्रित लोगों के वनाधिकारों की रक्षा का आंदोलन था रेणी में 2400 से अधिक पेड़ों को काटा जाना था, इसलिए इस पर वन विभाग और ठेकेदार जान लडाने को तैयार बैठे थे जिसे गौरा देवी जी के नेतृत्व में रेणी गांव की 27 महिलाओं ने प्राणों की बाजी लगाकर असफल कर दिया था

Posted by sumantpra greenscape
Uttar Pradesh
07-02-2020 12:38 PM
Sumantpra ji, kripya ap bataye ke a kisi fasal ki javik khet ke bare mein jankari lena chahte hain, yan fir ap iske bare mein kuch or jankari lena chahte hain, taki apko iske bare mein bataya ja sake, dhanywad

Posted by ARASH BRAR
Punjab
07-02-2020 12:31 PM
ARASH BRAR to get all information about it you can contact with me Amrik Singh 9814221784, Thankyou.

Posted by shailendra Chaudhary
Uttar Pradesh
07-02-2020 12:28 PM
शैलेन्द्र जी, NPK 130045 की स्प्रे फसल के निसरने के समय पर की जताई है, और यह सिर्फ इक बार ही की जाती है, धन्यवाद

Posted by chinu
Punjab
07-02-2020 12:19 PM
Hanji tuci isdi varto kr skde ho, iss nal calcium di kami purri hundi hai.

Posted by Manoj Kumar
Uttar Pradesh
07-02-2020 12:02 PM
मनोज जी, लौकी के लिए गर्मियों के मौसम में, बिजाई फरवरी से मार्च में पूरी कर लें खरीफ के मौसम के लिए, लौकी की बिजाई का उपयुक्त समय जून - जुलाई का महीना उपयुक्त होता है कतार से कतार में 1.5-2.0 मीटर और पौधे से पौधे में 30-45 सैं.मी. फासले का प्रयोग करें बीज को 1-2 सैं.मी. की गहराई पर बोयें एक गड्ढे में दो बीज बोयें अंकुरण के ब.... (Read More)
मनोज जी, लौकी के लिए गर्मियों के मौसम में, बिजाई फरवरी से मार्च में पूरी कर लें खरीफ के मौसम के लिए, लौकी की बिजाई का उपयुक्त समय जून - जुलाई का महीना उपयुक्त होता है कतार से कतार में 1.5-2.0 मीटर और पौधे से पौधे में 30-45 सैं.मी. फासले का प्रयोग करें बीज को 1-2 सैं.मी. की गहराई पर बोयें एक गड्ढे में दो बीज बोयें अंकुरण के बाद बीमार पौधों को निकालकर सिर्फ सेहतमंद पौधे ही रखें कद्दू के लिए बिजाई के लिए मध्य जनवरी से मार्च और अक्तूबर से नवंबर का महीना (संरक्षण में) उपयुक्त होता है प्रत्येक जगह में दो बीज बोयें और 45 सैं.मी. फासले का प्रयोग करें बीज को 2.5-3.5 सें.मी. की गहराई पर बोना चाहिए गड्ढा खोदकर विधि का प्रयोग किया जाता है प्याज के लिए नर्सरी तैयार करने के उचित समय मध्य-अक्तूबर से मध्य-नवबंर होता है नए पौधे मध्य-दिसंबर से मध्य-जनवरी तक रोपाई के लिए तैयार हो जाते है रोपाई के लिए 10-15 सैं.मी. कद के पौधे चुनें ज्यादा पैदावार लेने के लिए, रोपाई के समय पंक्तियों के बीच फासला 15 सैं.मी. और पौधों के बीच का फासला 7.5 सैं.मी.रखें नर्सरी में बीज 1-2 सैं.मी. गहराई पर बोयें बिजाई के लिए रोपाई विधि का प्रयोग करें धन्यवाद

Posted by vinod Hindu
Rajasthan
07-02-2020 12:01 PM
विनोद जी, कृपया आप बताये कि आप इस फसल के बारे में क्या जानकारी लेना चाहते हैं, ताकि आपको विस्तार से बताया जा सके, धन्यवाद
Posted by Ramchandra yadav
Jharkhand
07-02-2020 12:01 PM
Ramchandra yadav ji, dhaan ka MSP 1815 se 1835 rupay prati quintal ke hisaab se raha hai, dhanywad
Posted by PANKAJ JIO
Rajasthan
07-02-2020 11:57 AM
PANKAJ JIO ji yeh machine aapko apne bank se milkegi. jis bank me aapka account hai us bank me contact kare woh provide karvage ji.

Posted by panwar sahab
Haryana
07-02-2020 11:52 AM
apko apni bakri ko cross krna pdega kyuki abhi iski puri se ai success nahi hai is liye aap cross krwa skte hai
Posted by pharindra kushawaha
Bihar
07-02-2020 11:45 AM
फ़रीन्द्र जी, आम के पौधे पर कलम करने का सही समय september महीने का है, धन्यवाद
Posted by Satveer Singh
Punjab
07-02-2020 11:38 AM
Satveer Singh ji, kirpa kar ke tusi kanak di photo bhejo tajo tuhanu is bare jankari diti ja sake, dhanwad
Posted by ਵਿਪਨ ਕੁਮਾਰ
Punjab
07-02-2020 11:28 AM
ਵਿਪਨ ਕੁਮਾਰ ਜੀ, ਇਸ ਸਮੇਂ ਤੁਸੀਂ ਬਸੰਤ ਰੁੱਤ ਵਾਲੀ ਮੱਕੀ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ, ਧੰਨਵਾਦ
Posted by ਬੇਅੰਤ ਸਿੰਘ
Punjab
07-02-2020 11:16 AM
Tuci uss nu pett de kiria lai Fasnil bolus deo ate her 3 mahine badd salt change krke goli jrur deo, baki uss nu vdia matra vich hara chara ate feed deni suru kro. tuci vdia khurak de nal nal Enerboost powder 50-50gm swere sham ate Agrimin powder 50gm rojana dena suru kro, iss nal vdia growth howegi.

Posted by king bond
Maharashtra
07-02-2020 11:08 AM
बकरी पालन बहुत ही लाभकारी काम है शुरूआत करने के लिए आप 10 बकरियों और 2 बकरे के साथ कर सकत हैं इन्हें खुराक कम चाहिए इसलिए इन्हें आसानी से पाल सकते हैं ये हर प्रकार के मौसम में पाली जा सकती हैं बकरियां 12-14 महीने में बच्चे देना शुरू कर देती है एक बकरी के लिए लगभग 12—15 वर्ग फीट जगह छती हुई और 25—30 वर्ग फीट जगह खुली चाहिए .... (Read More)
बकरी पालन बहुत ही लाभकारी काम है शुरूआत करने के लिए आप 10 बकरियों और 2 बकरे के साथ कर सकत हैं इन्हें खुराक कम चाहिए इसलिए इन्हें आसानी से पाल सकते हैं ये हर प्रकार के मौसम में पाली जा सकती हैं बकरियां 12-14 महीने में बच्चे देना शुरू कर देती है एक बकरी के लिए लगभग 12—15 वर्ग फीट जगह छती हुई और 25—30 वर्ग फीट जगह खुली चाहिए बकरी का गर्भ समय 150 दिन का होता है और साल में 1-5 बच्चे देती है साल में दो बच्चे देना आम बात है बकरियां 8-10 वर्ष तक बच्चे देती हैं और अपन गिनती को तेजी से बढ़ा लेती हैं आप बारबरी, ब्लैक बंगाल, जैसी नसल पाल सकते हैं यदि आप बीटल नस्ल रखना चाहते है तो यह लगभग 20—25 हज़ार तक अच्छी ग्रोथ वाली बकरी मिल जाएगी फिर आप अपने बजट के हिसाब से इस काम को कर सकते है.

Posted by daljeet singh
Punjab
07-02-2020 11:01 AM
Daljeet Singh ji, tusi NPK 130045 @ 1 kilo + boron 100 gram nu 150 liter pani vich mila ke prati acre de hisaab nal spray kar rsakde ho, isde nal jhaad vich vadha hunda hai ate danne vi vadhiya bande han, dhanwad

Posted by अनुज
Uttar Pradesh
07-02-2020 10:45 AM
अनुज जी, आप जनवरी महीने में फसलें जैसे कि राजमा, शिमला मिर्च, मूली, पालक, बैंगन, चप्पन कद्दू की बिजाई कर सकते हैं, धनयवाद
Posted by ਸਰਦਾਰ ਗੁਰਭੇਜ ਸਿੰਘ
Punjab
07-02-2020 10:29 AM
ਤੁਸੀ ਇਸ ਨੂੰ ਪਹਿਲੇ ਦਿਨ Betnesol injection 1ml ਸਿਰਫ ਇਕ ਇੰਜੇਕਸ਼ਨ ਲਗਵਾਓ ਅਤੇ Neoprofin injection 3ml, Monocef injection 1gm, Ergovet injection 3ml ਇਸ ਨੂੰ ਲਗਵਾਓ ਇਹ ਤੁਸੀ 3 ਦਿਨ ਲਗਵਾਓ, ਇਸ ਨਾਲ ਫਰਕ ਪੈ ਜਾਵੇਗਾ
Posted by अक्षेन्द्र चौहान
Madhya Pradesh
07-02-2020 10:22 AM
अक्षेन्द्र चौहान जी, आप फरवरी महीने में फसलें जैसे के राजमा, शिमला मिर्च, खीरा-ककड़ी, लोबिया, करेला, लौकी, तुरई, पेठा, खरबूजा, तरबूज, पालक, फूलगोभी, बैंगन, भिण्डी, अरबी, एस्पेरेगस, ग्वार की बिजाई कर सकते हैं, धन्यवाद

Posted by Sharry Johal
Punjab
07-02-2020 10:20 AM
ਸ਼ੈਰੀ ਜੀ, ਪੋਪਲਰ ਦੇ ਨਵੇਂ ਪੌਦੇ ਦੇ ਰੋਪਣ ਲਈ ਜਨਵਰੀ ਤੋਂ ਫਰਵਰੀ ਦਾ ਸਮਾਂ ਵਧੀਆ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਇਸਦੀ ਬਿਜਾਈ 15 ਫਰਵਰੀ ਤੋਂ 10 ਮਾਰਚ ਤੱਕ ਕੀਤੀ ਜਾ ਸਕਦੀ ਹੈ ਤੁਸੀਂ ਪੋਪਲਰ ਦੀਆਂ ਕਿਸਮਾਂ ਜਿਵੇ ਕੇ ਪੀ.ਐਲ.-1, ਪੀ.ਐਲ.-2, ਪੀ.ਐਲ.-3, ਪੀ.ਐਲ.-4, ਪੀ.ਐਲ.-5, ਐਲ.-47/88 ਅਤੇ ਐਲ.-48/89 ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ, ਧੰਨਵਾਦ

Posted by lakxhman garai
West Bengal
07-02-2020 09:52 AM
lakxhman garai ji, this is happening due to attack of fungus, for its control please give application of copper oxychloride @ 3 gram per litre of water, thank you
Posted by praveennndrtgbbvg
Madhya Pradesh
07-02-2020 09:51 AM
प्रवीण जी, आप मूंग की किस्मे जैसे केटॉम्बे जवाहर मूंग-3 (टी.जे. एम -3), जवाहर मूंग -721, के - 851, एच.यू.एम. 1 (हम -1), पी.डी.एम - 11, पूसा विशाल की बिजाई कर सकते हैं, खरीफ में कतार विधि से बुआई हेतु मूंग 8.5 कि.ग्रा./acre. पर्याप्त होता है बसंत अथवा ग्रीष्मकालीन बुआई हेतु 10-12
कि.ग्रा/acre. बीज की आवश्यकता पड़ती है बुवाई से पूर्व बीज को कार्बे.... (Read More)
प्रवीण जी, आप मूंग की किस्मे जैसे केटॉम्बे जवाहर मूंग-3 (टी.जे. एम -3), जवाहर मूंग -721, के - 851, एच.यू.एम. 1 (हम -1), पी.डी.एम - 11, पूसा विशाल की बिजाई कर सकते हैं, खरीफ में कतार विधि से बुआई हेतु मूंग 8.5 कि.ग्रा./acre. पर्याप्त होता है बसंत अथवा ग्रीष्मकालीन बुआई हेतु 10-12
कि.ग्रा/acre. बीज की आवश्यकता पड़ती है बुवाई से पूर्व बीज को कार्बेन्डाजिम + केप्टान (1 + 2) 3 ग्राम दवा प्रति किलोग्राम बीज की दर से उपचारित करें तत्पश्चात इस उपचारित बीज को विशेष राईजोबियम कल्चर की 5 ग्राम. मात्रा प्रति किलो बीज की दर से परिश¨धित कर बोनी करें धन्यवाद

Posted by Nirmal Kumar Mandi
Jharkhand
07-02-2020 09:45 AM
तिल की खेती के लिए अच्छे निकास वाली हल्की से दरमियानी मिट्टी जिसमें पानी को बांधने की अच्छी क्षमता हो, उपयुक्त होती है मिट्टी की पी एच 5 से 8 होनी चाहिए क्षारीय और तेजाबी मिट्टी में तिल की खेती ना करें प्रसिद्ध किस्में :- SVPR-1, TMV 4, TMV 5, TMV 3, CO-1, TMV 6, VRI (SV)-1, VRI (SV)-2 खेत की देसी हल की सहायता से एक बार जोताई करें उसके बाद 1-2 तिरछी जोत.... (Read More)
तिल की खेती के लिए अच्छे निकास वाली हल्की से दरमियानी मिट्टी जिसमें पानी को बांधने की अच्छी क्षमता हो, उपयुक्त होती है मिट्टी की पी एच 5 से 8 होनी चाहिए क्षारीय और तेजाबी मिट्टी में तिल की खेती ना करें प्रसिद्ध किस्में :- SVPR-1, TMV 4, TMV 5, TMV 3, CO-1, TMV 6, VRI (SV)-1, VRI (SV)-2 खेत की देसी हल की सहायता से एक बार जोताई करें उसके बाद 1-2 तिरछी जोताई करें मिट्टी को समतल करें ताकि खेत में पानी खड़ा ना हो सके तिल की खेती के लिए आखिरी जून से शुरूआती जुलाई का समय उपयुक्त होता है दो कतारों में 35 सैं.मी. और दो पौधों में 15 सैं.मी. फासले का प्रयोग करें तिल के बीजों को गहराई में ना बोयें बीजों को 2-3 सैं.मी. की गहराई में बोयें तिल की बिजाई के लिए बुरकाव या कतारों में बीज बो कर, ढंग प्रयोग किए जाते हैं बुरकाव विधि में 2-2.5 किलो बीजों की प्रति एकड़ में और कतारों में बिजाई के लिए 1-1.2 किलो बीजों की प्रति एकड़ में आवश्यकता होती है खेत की तैयारी के समय अच्छी तरह से गला हुआ, गाय का गोबर 4-8 टन प्रति एकड़ में डालें तिल की पूरी फसल को भारी मिट्टी में नाइट्रोजन 8 किलो (यूरिया 20 किलो) और फासफोरस 8 किलो (एस एस पी 50 किलो) की आवश्यकता होती है हल्की मिट्टी के लिए नाइट्रोजन 16 किलो (यूरिया 40 किलो) और फासफोरस 10 किलो (एस एस पी 65 किलो) की आवश्यकता होती है खरीफ के मौसम में वृद्धि के लिए कम सिंचाई की आवश्यकता होती है बारिश की तीव्रता और नियमितता के आधार पर जीवन बचाव सिंचाई दें फूल निकलने और फल बनने के समय पानी की कमी ना होने दें खेत को नदीन मुक्त करने के लिए बिजाई के 20-25 दिन बाद पहली गोडाई करें दूसरी गोडाई बिजाई के 40-45 दिन बाद करें नदीनों की रासायनिक रोकथाम के लिए उनके अंकुरण से पहले फलूक्लोरालिन 800 मि.ली. या एलाक्लोर 600 मि.ली. प्रति एकड़ में डालें जब पत्ते और फल रंग बदल कर पीले रंग के हो जायें और पत्ते गिरना शुरू हो जायें, तब फसल कटाई के लिए तैयार हो जाती है कटाई करने में देरी ना करें, इससे फल नष्ट हो जाते हैं कटाई के बद फसल को बंडलों में इक्ट्ठा करें और अच्छे से सुखाने के लिए कई दिनों तक फर्श पर ढेर लगा दें लाठियां मारकर बीजों को फसल से अलग कर लें सफाई के बाद बीजों को तीन दिनों के लिए धूप में सुखाएं उसके बाद बोरियों में स्टोर करके रख दें धन्यवाद
Posted by jasvinder singh
Punjab
07-02-2020 09:43 AM
Jasvinder singh ji, Lehsun di vadiya bhook ate motte tane layi tusi is vich NPK 191919 @ 10 gram prati litre pani de hisaab nal spray karo, dhanwad
Posted by ਗੁਰਲਾਲ ਸਿੰਘ
Punjab
07-02-2020 09:18 AM
ਗੁਰਲਾਲ ਜੀ ਕ੍ਰਿਪਾ ਕਰਕੇ ਦੱਸੋ ਕਿ ਤੁਸੀ ਇਸਨੂੰ ਪਹਿਲਾਂ ਕਿੰਨੀ ਮਾਤਰਾ ਵਿਚ ਖਾਦ ਪਾਈ ਹੈ ਤਾ ਜੋ ਤੁਹਾਨੂੰ ਇਸ ਬਾਰੇ ਪੂਰੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਦਿਤੀ ਜਾ ਸਕੇ ਧੰਨਵਾਦ

Posted by Surendra Shyoran
Rajasthan
07-02-2020 09:17 AM
Surendra Shyoran ji, ap is samay sabjiyon ki bijai kar sakte hain, jaise ke rajman, shimla mirch, kheera-kakdi, lobiya, karela, loki, turai, petha, karbooja, tarbooj, palak, phool gobhi, bangan, bhindi, arvi, asparagus or gwar ki kheti kar sakte hain, dhanywad
Posted by ajitsingh
Haryana
07-02-2020 09:12 AM
Ajit Singh ji, kapas ka MSP 5255 rupes prati quintal ke hisaab se raha hai, dhanywad

Posted by Ashutosh Kumar
Bihar
07-02-2020 08:41 AM
Ashutosh Kumar ji kachi haldi ka rate 47 - 59/KG chal raha hai, Thankyou.

Posted by karamjeet singh
Punjab
07-02-2020 08:34 AM
tuci jyada record lai Heera, Khali, Sultan, Rustam, M29 koi v semen bhrwa skde ho..

Posted by manpreet singh
Punjab
07-02-2020 08:30 AM
ਮਨਪ੍ਰੀਤ ਜੀ, PMH 1:- ਇਹ ਕਿਸਮ ਸਾਉਣੀ/ਬਸੰਤ ਰੁੱਤ ਅਤੇ ਗਰਮੀ ਦੇ ਮੌਸਮ ਵੇਲੇ ਰਾਜ ਦੇ ਸਾਰੇ ਸੇਂਜੂ ਇਲਾਕਿਆਂ ਵਿੱਚ ਬੀਜੀ ਜਾ ਸਕਦੀ ਹੈ ਇਹ ਪੱਕਣ ਲਈ 95 ਦਿਨ ਦਾ ਸਮਾਂ ਲੈਂਦੀ ਹੈ ਇਸਦਾ ਤਣਾ ਸਖਤ ਅਤੇ ਜਾਮਣੀ ਰੰਗ ਦਾ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਇਸਦਾ ਔਸਤ ਝਾੜ 21 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੈ ਧੰਨਵਾਦ
Posted by Avtar Singh
Punjab
07-02-2020 08:26 AM
Avtar Singh ji, kirpa kar ke daso ke tusi isdi spray kis fasal te karni hai, tajo tuhanu is bare jankari diti ja sake, dhanwad

Posted by Shekh Shakeel
Madhya Pradesh
07-02-2020 08:15 AM
शेख जी, कृपया आप बताये कि आप इसका सिंचाई प्रबंधन कैसे करते है, और इसमें फंगस का हमला हुआ है आप इसकी रोकथाम के लिए इसमें carbendazim @ 400 ग्राम को 150 लीटर पानी में मिला कर प्रति एकड़ के हिसाब से स्प्रे करें, धन्यवाद
Posted by sunil Kumbhakar
Madhya Pradesh
07-02-2020 08:07 AM
Shri maan pyaaj mein M-45@500 gm per acre spray kr skte ho.....
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