Posted by ਬਲਵਿੰਦਰ ਸਿੰਘ
Punjab
09-02-2020 08:12 AM
ਬਲਵਿੰਦਰ ਜੀ, ਤੁਸੀਂ ਭਿੰਡੀ ਦਿਆਂ ਕਿਸਮ ਜਿਵੇਂ ਕੇ Punjab no.13, Punjab Padmini, Punjab 7, Punjab 8 ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ, ਧੰਨਵਾਦ
Posted by surjit
Haryana
09-02-2020 08:05 AM
सुरजीत जी उसे आप किसी अच्छे डॉक्टर से जांच करवायें क्योंकि उसके कान की सही जांच करके ही इलाज हो सकता है
Posted by harpreet singh
Punjab
09-02-2020 08:01 AM
ਹਰਪ੍ਰੀਤ ਜੀ, ਇਹ ਫੰਗਸ ਦੇ ਹਮਲੇ ਦੀ ਵਜ੍ਹਾ ਨਾਲ ਹੋ ਰਿਹਾ ਹੈ, ਤੁਸੀਂ ਇਸਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਲਈ ਇਸ ਵਿੱਚ propiconazole @ 200 ml ਨੂੰ 150 ਲਿਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿੱਚ ਮਿਲਾ ਕੇ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਸਪਰੇ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ, ਧੰਨਵਾਦ

Posted by Gurvinder Singh
Punjab
09-02-2020 07:46 AM
ਤੁਸੀ ਇਸ ਨੂੰ Actinovet ਹੋਮਿਓਪੈਥਿਕ ਦਵਾਈ ਦੀਆ 5-5 ਬੂੰਦਾਂ ਦਿਨ ਵਿਚ 3 ਵਾਰ ਦੇਣੀਆਂ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ ਅਤੇ Avil injection 2ml, anthiomaline injection 5ml ਲਗਵਾਓ ਜੇਕਰ ਇਹ ਸੂਣ ਵਾਲੀ ਹੈ ਤਾਂ ਤੁਸੀ anthiomaline ਦੀ ਜਗਾਹ Monocef injection 1gm ਲਗਵਾਓ.

Posted by inderjit
Punjab
09-02-2020 07:44 AM
Inderjit ji, tusi NPK 130045 te manganese sulphate di mix kar ke spray kar sakde ho, dhanwad

Posted by Banwari L al
Rajasthan
09-02-2020 07:43 AM
बनवारी जी, लौकी की फसल को पारे से बचाने के लिए आप इसकी हलकी सिंचाई कर दें, धन्यवाद

Posted by kashmir singh
Punjab
09-02-2020 07:26 AM
Kashmir singh ji, jekar kanak di age 45-50 din to upar ho gayi hai tan tusi kisi vi spray da istemal na karo kyu ki isda mada asar fasal nu ho sakda hai, dhanwad

Posted by baldev
Punjab
09-02-2020 07:07 AM
Baldevji, dr. dalal ghol de layi tusi 21% zinc da istemla karo, dhanwad
Posted by dharmagill
Punjab
09-02-2020 06:59 AM
tuci usdi varto kr skde ho, iss nal pashu de sarir vich chamck bnni rehndi hai, dudh vich fyada hunda hai. jekar tuci 100kg feed tyar krde ho tan uss vich 15kg tak paa skde ho..

Posted by Balwinder singh
Punjab
09-02-2020 06:47 AM
ਤੁਸੀਂ ਮੱਕੀ ਦੀਆ ਕਿਸਮਾਂ ਜਿਵੇ ਕੇ ਪੀ ਐਮ ਐਚ 11, ਪੀ ਐਮ ਐਚ 1, ਪੰਜਾਬ ਸਵੀਟ ਕੌਰਨ, ਕੇਸਰੀ (1992), ਪ੍ਰਭਾਤ (1987) ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ, ਧੰਨਵਾਦ

Posted by gaurav rana
Haryana
09-02-2020 06:36 AM
Rana ji yeh Murrah nasal ke Yuvraj bull ka semen hai iska acha result hai.
Posted by Salendra Kumar
Bihar
09-02-2020 06:17 AM
Salendra Kumar ji, kripya ap bataye ke ap kis sabji ki kheti karna chahte hain, taki apko uske hisaab se iske bare mein jankari di ja sake, dhanywad
Posted by Rakesh bishnoi
Rajasthan
09-02-2020 06:07 AM
श्री मान कृपया आप अपना सवाल विस्तार से पूछें तो आपको पूरी जानकारी दी जा सके
Posted by Bhera Ram Rangee
Rajasthan
09-02-2020 06:03 AM
उसे आप रोजाना 35—40 किलो हरा चारा दें और हर तीन महीने के बाद पेट के कीड़ों के लिए गोली जरूर दें और उसे उसे आप 1 किलो गेहूं का दलिया, 250ग्राम गुड को अच्छी तरह पकाकर 5—7 दिन खाने के लिए दें इसके साथ आप Calpond powder 50gm रोजाना और Glactogog पाउडर देना शुरू करें इसका रोजाना एक पाउच देना शुरू करें इससे दूध में फायदा होगा.

Posted by Nirbhai singh
Punjab
09-02-2020 05:21 AM
ਸ੍ਰੀ ਮਾਨ ਜੀ ਕਣਕ ਵਿੱਚ ਤੁਸੀਂ Opera@200 mlਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਸਪਰੇਅ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ

Posted by satish Beniwal
Haryana
09-02-2020 03:47 AM
उसे आप रोजाना 35—40 किलो हरा चारा दें और हर तीन महीने के बाद पेट के कीड़ों के लिए गोली जरूर दें और उसे उसे आप 1 किलो गेहूं का दलिया, 250ग्राम गुड को अच्छी तरह पकाकर 5—7 दिन खाने के लिए दें इसके साथ आप Calpond powder 50gm रोजाना और Glactogog पाउडर देना शुरू करें इसका रोजाना एक पाउच देना शुरू करें इससे दूध में फायदा होगा.

Posted by farman khan
Punjab
09-02-2020 01:48 AM
Khan ji aap achi nasal ki bakri lene ke liye National goat farm 9356978000, 9357978000 se sampark kr skte hai, inse apko achi nasal ki goat mill jayegi.

Posted by Aman Sharma
Punjab
09-02-2020 12:41 AM
Aman ji tuci ehna nu pett de kiria lai Fasnil bolus deo ate her 3 mahine badd salt change krke goli jrur deo baki ehna nu Dozliv liquid 50-50ml swere sham ate Tonakind herb powder 50-50gm swere sham deo, iss nal frak paa jawega.

Posted by Raj maurya
Uttar Pradesh
09-02-2020 12:18 AM
Raj maurya ji, kripya ap bataye ke apki khet ki mitti kis parkar ki hai, taki apko iske bare mein jankari di ja sake, dhanywad
Posted by Uday Dhakad
Madhya Pradesh
08-02-2020 11:26 PM
Uday Dhakad ji training ke lia aap Krishi Vigyan Kendra, Village-Sewania, Tehsil-Ichhawar, District-Sehore (M.P.)Pin code- 466115 Phone No :- 07489-763338 se samparak kar sakte hai, Thankyou.

Posted by s k yaduvansi
Uttar Pradesh
08-02-2020 10:33 PM
आप जर्सी गाय लेने के लिए Parteek 9936286478 Model Dairy Farm से संपर्क कर सकते है।
Posted by bhawani shankar menaria
Rajasthan
08-02-2020 10:29 PM
भवानी जी इसे red thai apple बेर भी बोला जाता है इसकी बिजाई june -मध्य जुलाई तक की जाती है लेकिन इसकी पैदावार दूसरी किस्मो के मुकाबले कम निकलती है इस किसम के बारे में अधिक जानकारी लेने के लिए आप Pawan Kumar 9878726420 से संपर्क कर सकते है धन्यवाद
Posted by Nath
Punjab
08-02-2020 10:24 PM
ਤੁਸੀ ਇਸਦੀ ਬੱਚੇਦਾਨੀ ਵਿਚ Utrawin-OZ 60ml ਅਤੇ ਉਸ ਵਿਚ NS 100ml ਅਤੇ Metro 50ml ਮਿਕਸ ਕਰਕੇ ਰੋਜਾਨਾ ਭਰਵਾਓ ਅਤੇ 3 ਦਿਨ ਲਗਾਤਾਰ ਭਰਵਾਓ ਅਤੇ ਉਸ ਨੂੰ Agrimin super powder 50gm, Utrevive liquid 100ml ਰੋਜਾਨਾ ਦਿਓ, ਫਿਰ ਅਗਲੀ ਵਾਰ ਹੀਟ ਵਿਚ ਆਉਣ ਤੇ ਇਸ ਨੂੰ Ergovet injection 10ml ਇਕ ਟੀਕਾ ਲਗਵਾਓ ਅਤੇ ਬੱਚੇਦਾਨੀ ਵਿਚ Uteriguard-iu 3 ਦਿਨ ਲਗਾਤਾਰ ਭਰਵਾਓ ਫਿਰ ਅਗਲੀ ਵਾਰ ਹੀਟ ਵਿਚ ਆਉਣ ਤੇ ਖਾਲੀ ਛੱਡ ਦਿਓ ਅਤੇ ਫਿਰ ਅਗਲੀ ਵਾਰ ਹੀਟ ਵਿਚ ਆਉਣ ਤੇ ਟ.... (Read More)
ਤੁਸੀ ਇਸਦੀ ਬੱਚੇਦਾਨੀ ਵਿਚ Utrawin-OZ 60ml ਅਤੇ ਉਸ ਵਿਚ NS 100ml ਅਤੇ Metro 50ml ਮਿਕਸ ਕਰਕੇ ਰੋਜਾਨਾ ਭਰਵਾਓ ਅਤੇ 3 ਦਿਨ ਲਗਾਤਾਰ ਭਰਵਾਓ ਅਤੇ ਉਸ ਨੂੰ Agrimin super powder 50gm, Utrevive liquid 100ml ਰੋਜਾਨਾ ਦਿਓ, ਫਿਰ ਅਗਲੀ ਵਾਰ ਹੀਟ ਵਿਚ ਆਉਣ ਤੇ ਇਸ ਨੂੰ Ergovet injection 10ml ਇਕ ਟੀਕਾ ਲਗਵਾਓ ਅਤੇ ਬੱਚੇਦਾਨੀ ਵਿਚ Uteriguard-iu 3 ਦਿਨ ਲਗਾਤਾਰ ਭਰਵਾਓ ਫਿਰ ਅਗਲੀ ਵਾਰ ਹੀਟ ਵਿਚ ਆਉਣ ਤੇ ਖਾਲੀ ਛੱਡ ਦਿਓ ਅਤੇ ਫਿਰ ਅਗਲੀ ਵਾਰ ਹੀਟ ਵਿਚ ਆਉਣ ਤੇ ਟੀਕਾ ਭਰਵਾਓ ਅਤੇ Agrimin super ਪਾਊਡਰ 50 ਗ੍ਰਾਮ ਰੋਜਾਨਾ ਦਿੰਦੇ ਰਹੋ..

Posted by karan
Punjab
08-02-2020 10:24 PM
Gurpreet ji A.I. vare jankari ate practical di training 4 week di hundi hai, jiss vich tuhanu pashua di sahi dekhbhal, khurak, feed, bimari ton bacha, A.I. di sahi jankari diti jndi hai, tuci iss training da pta krrn lai Deptuy director dairy, Btala road, near telphone exchange, vill. verka distt Amristar, phone no. 0183-2263083 nal sampark krke agli training vare jankari la skde ho.
Posted by kumar vivek
Bihar
08-02-2020 10:06 PM
विवेक जी आप कृपया सवाल विस्तार से पूछे के आप कोनसी फसल की जानकारी लेना चाहते है ताकि आपको इसके बारे में पूरी जानकारी दी जा सके धन्यवाद

Posted by Sharan
Punjab
08-02-2020 10:03 PM
sharan ji tuc hun fasl nu pani bijai to 100-105 dina tak la sakde ho.dhanwad
Posted by kumar vivek
Bihar
08-02-2020 09:58 PM
विवेक जी कृपया आप अपना सवाल विस्तार से पूछे ताकि आपको इसके बारे में पूरी जानकारी दी जा सके धन्यवाद

Posted by Mohd shahin
Gujarat
08-02-2020 09:57 PM
Mohd shahin ji to get desi chicks you can contact with Kamlesh Kushwaha 9229881876 Bhumika ANIMAL Breeder farm, Thankyou.
Posted by Devesh Rawat
Madhya Pradesh
08-02-2020 09:54 PM
तरबूज़ गहरी उपजाऊ और अच्छे निकास वाली मिट्टी में अच्छा उगता है यह रेतली या रेतली दोमट मिट्टी में उगाने पर ज्यादा पैदावार देता है पानी के घटिया निकास वाली मिट्टी इसकी खेती के लिए उपयुक्त नहीं है इस फसल के लिए फसली चक्र अपनायें, क्योंकि एक ही खेत में बार-बार एक ही फसल उगाने से पोषक तत्व नष्ट होते हैं, पैदावार कम.... (Read More)
तरबूज़ गहरी उपजाऊ और अच्छे निकास वाली मिट्टी में अच्छा उगता है यह रेतली या रेतली दोमट मिट्टी में उगाने पर ज्यादा पैदावार देता है पानी के घटिया निकास वाली मिट्टी इसकी खेती के लिए उपयुक्त नहीं है इस फसल के लिए फसली चक्र अपनायें, क्योंकि एक ही खेत में बार-बार एक ही फसल उगाने से पोषक तत्व नष्ट होते हैं, पैदावार कम होती है और बीमारियों का हमला ज्यादा होता है मिट्टी की पी एच 6-7 के बीच होनी चाहिए मिट्टी के भुरभुरा होने तक खेत की जोताई करें तरबूज़ की बिजाई सीधी भी की जा सकती है और पनीरी लगाकर भी की जा सकती है तरबूज की खेती के लिए मध्य फरवरी से मार्च का समय अनुकूल होता है खरीफ के मौसम में इसकी खेती जून-जुलाई के महीने में की जाती है इसका फासला बिजाई के अलग-अलग तरीकों पर निर्भर करता है गड्ढा विधि द्वारा कतार से कतार की दूरी 2-3.5 मी. और पौधे से पौधे में 0.6-1.2 मी. की दूरी होनी चाहिए पौधे के बीज की गहराई 2-4 सैं.मी होनी चाहिए इसकी बिजाई के अलग अलग तरीके हैं जैसे क्यारियों पर लगाना, गड्ढा खोद के लगाना, मेड़ में मौसम और ऋतु के अनुसार लगाना वे क्षेत्र जहां तापमान 20 डिगरी सैल्सियस से कम हो, वहां अंकुरन अच्छे से नहीं होते ऐसे हालातों में बीजों को पॉलीथीन के लिफाफे में बोया जाता है जब तापमान उपयुक्त हो जाये तो पौधों को खेत में रोपण कर दिया जाता है क्यारियों में लगाना : बीज को क्यारी के एक ओर लगाएं एक समय पर 3-4 बीज बोयें और जमाव के बाद एक सेहतमंद बूटा रखें पौधों का आपस में फासला 60-90 सैं.मी. रखें गड्ढा खोद के लगाना : एक गड्ढे में 4 बीज बोयें गड्ढा 60x60x60 सैं.मी. का रखें दो कतारों में फासला 2-3.5 मीटर और पौधों में फासला 0.6-1.2 मीटर रखें गड्ढों को अच्छी तरह रूड़ी और मिट्टी से भरें जमाव के बाद एक बूटा एक गड्ढे में रखें मेड़ पर लगाना : यह तरीका गड्ढे खोदने वाले तरीके जैसा ही है इस में 30x30x30 सै.मी. के गड्ढे 1-1.5 मीटर के फासले पर लगाएं दो बीज एक मेड़ पर लगाएं एक एकड़ की बिजाई के लिए 1.5 से 1-8 किलो बीज की जरूरत होती है बिजाई के 20-25 दिन पहले 6 टन रूड़ी की खाद खेत में डालें खेत में 32&40 किलो नाइट्रोजन, 16 किलो फासफोरस और 16 किलो पोटाश प्रति एकड़ डालें (70-90 किलो यूरिया, 100 किलो सिंगल सुपरफासफेट और 30 किलो म्यूरेट ऑफ पोटाश) पूरी फासफोरस, पोटाश और एक तिहाई नाइट्रोजन बीज बीजने के बाद खेत में डालें बिजाई के 25-30 दिनों के बाद बाकी की नाइट्रोजन की दूसरी किश्त बेलों के आस पास डालें और मिट्टी में पूरी तरह मिला दें फसल के 10-15 दिन बीजने के बाद एन पी के (19:19:19) + लघु तत्व 2-3 ग्राम प्रति लीटर पानी में मिला के स्प्रे करें फूलों को गिरने से बचाने के लिए और ज्यादा पैदावार लेने के लिए 10 प्रतिशत 3 मि.ली. हयूमिक एसिड + 5 ग्राम एम ए पी प्रति लीटर का फूल आने पर प्रयोग करें सैलीसाइलिक एसिड (एसपरिन 350 एम जी 4-5 गोलियां) प्रति 15 लीटर फूल आने पर , पकने पर 35 दिनों बाद स्प्रे करें फसल बीजने के 55 दिनों के बाद 100 ग्राम 13:0:45+25 मि.ली. हैकसाकोनाज़ोल प्रति 15 लीटर को फलों के अच्छे विकास और सफेद रोग से बचाने के लिए स्प्रे करें फल के अच्छे आकार के लिए मिठास और रंग के लिए बीजने के 65 दिनों बाद 1.5 किलो 0:0:50 प्रति एकड़ को 100 ग्राम प्रति 15 लीटर पानी में घोल के स्प्रे करें बीजों के जल्दी अंकुरण के लिए बिजाई के तुरंत बाद सिंचाई करें बाकी की सिंचाई 5-7 दिनों के अंतराल पर करें फसल पकने पर जरूरत के अनुसार पानी लगाएं फसल में पानी ना खडा होने दें पानी लगाते समय मेंड़ों को गीला ना होने दें, विशेष कर फूलों और फलों को पानी ना लगने दें भारी ज़मीनों को लगातार पानी ना लगाएं ज्यादा मिठास और अच्छे स्वाद के लिए फसल काटने पर 3-6 दिन पहले पानी लगाएं शुरूआत में क्यारियों को नदीनों से मुक्त रखें नदीनों की समय पर रोकथाम ना करने पर 30 प्रतिशत पैदावार कम हो जाती है बीजने से 15-20 दिनों के बाद गोडाई करनी चाहिए नदीनों की रोकथाम के लिए 2 या 3 गोडाई की जरूरत पड़ती है जब तने के साथ वाले रेशे सूख जाएं और ज़मीन में लगा फल पीला हो जाए और फल सफेद होने लग जाए तब फसल तोड़ लें फल को थप-थपाने से भद्दी सी आवाज़ देना इसके पकने की निशानी है फल को पूरा पकने के बाद ही तोड़ना चाहिए आधे पके फलों में मिठास और रंग कम होता है पके फलों को चाकू से काट लें फलों को ठंडे और नमी वाले वातावरण में रखें
Posted by kumar vivek
Bihar
08-02-2020 09:52 PM
भिंडी काफी तरह की मिट्टी में उगाई जा सकती है भिंडी की फसल के लिए रेतली से चिकनी मिट्टी उचित होती है, जिसमें जैविक तत्व भरपूर मात्रा में हों और जिसकी निकास प्रणाली भी अच्छी ढंग की हो यदि निकास अच्छे ढंग का हो तो यह भारी ज़मीनों में भी अच्छी उगती है मिट्टी का पी एच 6.0 से 6.5 होना चाहिए खारी, नमक वाली या घटिया निकास वा.... (Read More)
भिंडी काफी तरह की मिट्टी में उगाई जा सकती है भिंडी की फसल के लिए रेतली से चिकनी मिट्टी उचित होती है, जिसमें जैविक तत्व भरपूर मात्रा में हों और जिसकी निकास प्रणाली भी अच्छी ढंग की हो यदि निकास अच्छे ढंग का हो तो यह भारी ज़मीनों में भी अच्छी उगती है मिट्टी का पी एच 6.0 से 6.5 होना चाहिए खारी, नमक वाली या घटिया निकास वाली मिट्टी में इसकी खेती ना करें VRO 5, VRO 6, Parbhani Kranti, IIVR 10, Kashi Vibhuti, Kashi Bhairav, Kashi Pragati, Pusa Sawani, Kashi Satdhari, Kashi Kranti किस्में आप बीज सकते हैं मिट्टी के भुरभुरा होने तक खेत की जोताई करें जोताई के बाद मिट्टी को समतल करने के लिए सुहागा फेरें आखिरी जोताई के समय गाय का गला हुआ गोबर 40 क्विंटल प्रति एकड़ में डालें उत्तर में यह वर्षा और बसंत के मौसम में उगाई जाती है खरीफ के मौसम में, इसकी बिजाई जून-जुलाई के महीने और बसंत ऋतु में फरवरी-मार्च के महीने में की जाती है गर्मियों में समय पर बिजाई के लिए कतार से कतार में 45 सैं.मी. और पौधे से पौधे में 30 सैं.मी. फासले का प्रयोग करें गर्मियों में अगेती बिजाई के लिए 30 सैं.मी. x 20 सैं.मी. फासले का प्रयोग करें बारिश के मौसम में कतार से कतार में 60 सैं.मी. और पौधे से पौधे में 20-30 सैं.मी. फासले का प्रयोग करें बीज 2.5 सैं.मी. की गहराई में बोयें खरीफ के मौसम में 4-6 किलो बीज और गर्मियों के मौसम में 8-10 किलो बीज प्रति एकड़ में प्रयोग किए जाते हैं खेत की तैयारी के समय 8-10 टन गाय का गला हुआ गोबर डालें भिंडी की फसल के लिए नाइट्रोजन 40 किलो (90 किलो यूरिया) फासफोरस 16 किलो (एस एस पी 100 किलो) और पोटाश 20 किलो (म्यूरेट ऑफ पोटाश 35 किलो) प्रति एकड़ में डालें नाइट्रोजन की एक तिहाई मात्रा, फासफोरस और पोटाश की पूरी मात्रा खेत की तैयारी के समय डालें नाइट्रोजन की बाकी बची मात्रा बिजाई के बाद 30वें और 50 वें दिन टॉप ड्रेसिंग के तौर पर डालें बिजाई से पहले बसालीन 1 लीटर को प्रति एकड़ में डालें और बिजाई के तुरंत बाद लासो 1.6 मि.ली. को प्रति एकड़ में प्रयोग करें यदि मिट्टी में पर्याप्त मात्रा में नमी मौजूद ना हो तो गर्मियों में फसल के अच्छे अंकुरण के लिए बिजाई से पहले सिंचाई जरूर करनी चाहिए बीज अंकुरण के बाद अगली सिंचाई करें उसके बाद गर्मियों में 4-5 दिन के बाद खेतों को सिंचित करें और बारिश के मौसम में 10 से 12 बाद खेतों को सिंचित करें फसल बिजाई के 60-70 दिनों के बाद पककर तैयार हो जाती है छोटे और कच्चे फलों की तुड़ाई करें फलों की तुड़ाई सुबह और शाम के समय करनी चाहिए तुड़ाई में देरीसे भिंडियों में रेशा भर जाता है और इनका कच्चापन और स्वाद भी चला जाता है
Posted by kumar vivek
Bihar
08-02-2020 09:50 PM
भिंडी काफी तरह की मिट्टी में उगाई जा सकती है भिंडी की फसल के लिए रेतली से चिकनी मिट्टी उचित होती है, जिसमें जैविक तत्व भरपूर मात्रा में हों और जिसकी निकास प्रणाली भी अच्छी ढंग की हो यदि निकास अच्छे ढंग का हो तो यह भारी ज़मीनों में भी अच्छी उगती है मिट्टी का पी एच 6.0 से 6.5 होना चाहिए खारी, नमक वाली या घटिया निकास वा.... (Read More)
भिंडी काफी तरह की मिट्टी में उगाई जा सकती है भिंडी की फसल के लिए रेतली से चिकनी मिट्टी उचित होती है, जिसमें जैविक तत्व भरपूर मात्रा में हों और जिसकी निकास प्रणाली भी अच्छी ढंग की हो यदि निकास अच्छे ढंग का हो तो यह भारी ज़मीनों में भी अच्छी उगती है मिट्टी का पी एच 6.0 से 6.5 होना चाहिए खारी, नमक वाली या घटिया निकास वाली मिट्टी में इसकी खेती ना करें VRO 5, VRO 6, Parbhani Kranti, IIVR 10, Kashi Vibhuti, Kashi Bhairav, Kashi Pragati, Pusa Sawani, Kashi Satdhari, Kashi Kranti किस्में आप बीज सकते हैं मिट्टी के भुरभुरा होने तक खेत की जोताई करें जोताई के बाद मिट्टी को समतल करने के लिए सुहागा फेरें आखिरी जोताई के समय गाय का गला हुआ गोबर 40 क्विंटल प्रति एकड़ में डालें उत्तर में यह वर्षा और बसंत के मौसम में उगाई जाती है खरीफ के मौसम में, इसकी बिजाई जून-जुलाई के महीने और बसंत ऋतु में फरवरी-मार्च के महीने में की जाती है गर्मियों में समय पर बिजाई के लिए कतार से कतार में 45 सैं.मी. और पौधे से पौधे में 30 सैं.मी. फासले का प्रयोग करें गर्मियों में अगेती बिजाई के लिए 30 सैं.मी. x 20 सैं.मी. फासले का प्रयोग करें बारिश के मौसम में कतार से कतार में 60 सैं.मी. और पौधे से पौधे में 20-30 सैं.मी. फासले का प्रयोग करें बीज 2.5 सैं.मी. की गहराई में बोयें खरीफ के मौसम में 4-6 किलो बीज और गर्मियों के मौसम में 8-10 किलो बीज प्रति एकड़ में प्रयोग किए जाते हैं खेत की तैयारी के समय 8-10 टन गाय का गला हुआ गोबर डालें भिंडी की फसल के लिए नाइट्रोजन 40 किलो (90 किलो यूरिया) फासफोरस 16 किलो (एस एस पी 100 किलो) और पोटाश 20 किलो (म्यूरेट ऑफ पोटाश 35 किलो) प्रति एकड़ में डालें नाइट्रोजन की एक तिहाई मात्रा, फासफोरस और पोटाश की पूरी मात्रा खेत की तैयारी के समय डालें नाइट्रोजन की बाकी बची मात्रा बिजाई के बाद 30वें और 50 वें दिन टॉप ड्रेसिंग के तौर पर डालें बिजाई से पहले बसालीन 1 लीटर को प्रति एकड़ में डालें और बिजाई के तुरंत बाद लासो 1.6 मि.ली. को प्रति एकड़ में प्रयोग करें यदि मिट्टी में पर्याप्त मात्रा में नमी मौजूद ना हो तो गर्मियों में फसल के अच्छे अंकुरण के लिए बिजाई से पहले सिंचाई जरूर करनी चाहिए बीज अंकुरण के बाद अगली सिंचाई करें उसके बाद गर्मियों में 4-5 दिन के बाद खेतों को सिंचित करें और बारिश के मौसम में 10 से 12 बाद खेतों को सिंचित करें फसल बिजाई के 60-70 दिनों के बाद पककर तैयार हो जाती है छोटे और कच्चे फलों की तुड़ाई करें फलों की तुड़ाई सुबह और शाम के समय करनी चाहिए तुड़ाई में देरीसे भिंडियों में रेशा भर जाता है और इनका कच्चापन और स्वाद भी चला जाता है
Posted by kumar vivek
Bihar
08-02-2020 09:45 PM
भिंडी काफी तरह की मिट्टी में उगाई जा सकती है भिंडी की फसल के लिए रेतली से चिकनी मिट्टी उचित होती है, जिसमें जैविक तत्व भरपूर मात्रा में हों और जिसकी निकास प्रणाली भी अच्छी ढंग की हो यदि निकास अच्छे ढंग का हो तो यह भारी ज़मीनों में भी अच्छी उगती है मिट्टी का पी एच 6.0 से 6.5 होना चाहिए खारी, नमक वाली या घटिया निकास वा.... (Read More)
भिंडी काफी तरह की मिट्टी में उगाई जा सकती है भिंडी की फसल के लिए रेतली से चिकनी मिट्टी उचित होती है, जिसमें जैविक तत्व भरपूर मात्रा में हों और जिसकी निकास प्रणाली भी अच्छी ढंग की हो यदि निकास अच्छे ढंग का हो तो यह भारी ज़मीनों में भी अच्छी उगती है मिट्टी का पी एच 6.0 से 6.5 होना चाहिए खारी, नमक वाली या घटिया निकास वाली मिट्टी में इसकी खेती ना करें VRO 5, VRO 6, Parbhani Kranti, IIVR 10, Kashi Vibhuti, Kashi Bhairav, Kashi Pragati, Pusa Sawani, Kashi Satdhari, Kashi Kranti किस्में आप बीज सकते हैं मिट्टी के भुरभुरा होने तक खेत की जोताई करें जोताई के बाद मिट्टी को समतल करने के लिए सुहागा फेरें आखिरी जोताई के समय गाय का गला हुआ गोबर 40 क्विंटल प्रति एकड़ में डालें उत्तर में यह वर्षा और बसंत के मौसम में उगाई जाती है खरीफ के मौसम में, इसकी बिजाई जून-जुलाई के महीने और बसंत ऋतु में फरवरी-मार्च के महीने में की जाती है गर्मियों में समय पर बिजाई के लिए कतार से कतार में 45 सैं.मी. और पौधे से पौधे में 30 सैं.मी. फासले का प्रयोग करें गर्मियों में अगेती बिजाई के लिए 30 सैं.मी. x 20 सैं.मी. फासले का प्रयोग करें बारिश के मौसम में कतार से कतार में 60 सैं.मी. और पौधे से पौधे में 20-30 सैं.मी. फासले का प्रयोग करें बीज 2.5 सैं.मी. की गहराई में बोयें खरीफ के मौसम में 4-6 किलो बीज और गर्मियों के मौसम में 8-10 किलो बीज प्रति एकड़ में प्रयोग किए जाते हैं खेत की तैयारी के समय 8-10 टन गाय का गला हुआ गोबर डालें भिंडी की फसल के लिए नाइट्रोजन 40 किलो (90 किलो यूरिया) फासफोरस 16 किलो (एस एस पी 100 किलो) और पोटाश 20 किलो (म्यूरेट ऑफ पोटाश 35 किलो) प्रति एकड़ में डालें नाइट्रोजन की एक तिहाई मात्रा, फासफोरस और पोटाश की पूरी मात्रा खेत की तैयारी के समय डालें नाइट्रोजन की बाकी बची मात्रा बिजाई के बाद 30वें और 50 वें दिन टॉप ड्रेसिंग के तौर पर डालें बिजाई से पहले बसालीन 1 लीटर को प्रति एकड़ में डालें और बिजाई के तुरंत बाद लासो 1.6 मि.ली. को प्रति एकड़ में प्रयोग करें यदि मिट्टी में पर्याप्त मात्रा में नमी मौजूद ना हो तो गर्मियों में फसल के अच्छे अंकुरण के लिए बिजाई से पहले सिंचाई जरूर करनी चाहिए बीज अंकुरण के बाद अगली सिंचाई करें उसके बाद गर्मियों में 4-5 दिन के बाद खेतों को सिंचित करें और बारिश के मौसम में 10 से 12 बाद खेतों को सिंचित करें फसल बिजाई के 60-70 दिनों के बाद पककर तैयार हो जाती है छोटे और कच्चे फलों की तुड़ाई करें फलों की तुड़ाई सुबह और शाम के समय करनी चाहिए तुड़ाई में देरीसे भिंडियों में रेशा भर जाता है और इनका कच्चापन और स्वाद भी चला जाता है

Posted by Lobha Lonare
Maharashtra
08-02-2020 09:34 PM
सबसे पहले आपके लिए यह जानना जरूरी है कि मुर्गी पालन दो तरह का होता है कि आप अंडों का व्यवसाय करना चाहते हैं या मीट का यदि आप अंडों का धंधा करना चाहते हैं तो आपको लेयर मुर्गियां पालनी पड़ेंगी और यदि आप मीट का धंधा करना चाहते हैं तो आपको ब्रॉयलर मुर्गियां पालनी पड़ेंगी यदि आप ब्रायलर मुर्गी पालन करना चाहते हैं त.... (Read More)
सबसे पहले आपके लिए यह जानना जरूरी है कि मुर्गी पालन दो तरह का होता है कि आप अंडों का व्यवसाय करना चाहते हैं या मीट का यदि आप अंडों का धंधा करना चाहते हैं तो आपको लेयर मुर्गियां पालनी पड़ेंगी और यदि आप मीट का धंधा करना चाहते हैं तो आपको ब्रॉयलर मुर्गियां पालनी पड़ेंगी यदि आप ब्रायलर मुर्गी पालन करना चाहते हैं तो कम से कम 10 हजार मुर्गियों का धंधा शुरू करना चाहते हैं तो आपको 4 से 5 लाख का इतज़ाम करना पड़ेगा, ये आप अपने बजट के हिसाब से कम पंक्षियों से भी शुरू कर सकते हैं बाकि आप इस काम को ट्रेनिंग लेकर शुरू करें जिसमें आपको इस काम के बारे में पूरी जानकारी दी जाएगी ट्रेनिंग लेने के लिए आप अपने नज़दीकी कृषि विज्ञान केंद्र से संपर्क करें आप वहां जाकर अपना ट्रेनिंग का फार्म भर आएं जब भी ट्रेनिंग होगी तो वो आपको फोन करके उसके बारे में बता देंगे..
Posted by Sagar Diwana
Uttar Pradesh
08-02-2020 09:09 PM
shrimaan g aap vegetables lga skte ho g ess time kaddu tori bhindi ki beejayi kr skte ho g..

Posted by Ravi Kumar
Punjab
08-02-2020 09:06 PM
Ravi Kumar ji tusi jekar container lene hun ta balwinder singh ji nal 9814799714 number te sampark karo. eh ABS de distributor hun jo tohanu puri tarah guide v karange te rate bare v das denge ji.
Posted by Niranjan lal
Uttar Pradesh
08-02-2020 08:57 PM
shrimaan g gehu mein urea @110 kg dap @50 kg per acre dal skte ho g or potash @25 kg per ki requirement hoti hai.gehu mein NPK 191919 ka spray growth ke liye kr skte ho g .

Posted by Gopal singh
Rajasthan
08-02-2020 08:51 PM
इसे मिट्टी की कई किस्मों में उगाया जा सकता है अच्छी उपज और अच्छी वृद्धि के लिए गहरी दोमट और जलोढ़ मिट्टी की आवश्यकता होती है यह दोमट और हल्की क्षारीय मिट्टी को भी सहनेयोग्य है इसे हल्की मिट्टी में भी उगाया जा सकता है अनार की खेती के लिए मध्यम और काली मिट्टी भी उपयुक्त रहती है Ganesh: इसके फल मध्यम आकार के होते हैं .... (Read More)
इसे मिट्टी की कई किस्मों में उगाया जा सकता है अच्छी उपज और अच्छी वृद्धि के लिए गहरी दोमट और जलोढ़ मिट्टी की आवश्यकता होती है यह दोमट और हल्की क्षारीय मिट्टी को भी सहनेयोग्य है इसे हल्की मिट्टी में भी उगाया जा सकता है अनार की खेती के लिए मध्यम और काली मिट्टी भी उपयुक्त रहती है Ganesh: इसके फल मध्यम आकार के होते हैं छिल्का पीले रंग के साथ गुलाबी लाल रंग का होता है इसके जूस में टी एस एस की मात्रा 13 से 16 प्रतिशत होती है इसके फलों की पैदावार 6-7 टन प्रति एकड़ में होती है Kandhari: इसके फल बड़े आकार के, पीले रंग का छिल्का और लाल रंग के धब्बे होते हैं इसके रस में टी एस एस की मात्रा 13-15 प्रतिशत होती है इसकी औसतन पैदावार 4-4.8 टन प्रति एकड़ होती है Jyothi: यह किस्म छोटे कद की और सदाबहार होती है इसके दानों के भार के आधार पर रस की औसतन मात्रा 75 प्रतिशत होती है इसके रस में टी एस एस की मात्रा 17 प्रतिशत होती है इसकी औसतन पैदावार 3.2 टन प्रति एकड़ होती है मिट्टी के भुरभुरा होने तक खेत की 2-3 बार जोताई करें उसके बाद खेत को समतल करने के लिए सुहागा फेरें बसंत के मौसम में रोपाई के लिए फरवरी-मार्च का समय उपयुक्त होता है और उष्ण कटिबंधीय और उप उष्ण कटिबंधीय क्षेत्रों में रोपाई के लिए जुलाई - अगस्त का समय उपयुक्त होता है मिट्टी की किस्म और जलवायु के आधार पर उपयुक्त फासला दें अनार की खेती के लिए वर्गाकार में 5मीटर x 5 मीटर फासले का प्रयोग किया जाता है बिजाई के लिए 60 x 60 x 60 मीटर आकार के खड्ढे खोदें पखवाड़े तक खड्ढों को धूप में खुला रखें उसके बाद 20 किलो रूड़ी की खाद और 1 किलो सुपर फास्फेट को मिट्टी में मिलाकर खड्ढों में भरें खड्ढों को भरने के बाद पानी डालें यह मिट्टी को व्यवस्थित करेगा मुख्य खेत में नए पौधों का रोपण किया जाता है अनार का प्रजणन एयर लेयरिंग विधि द्वारा किया जाता है एयर लेयरिंग बसंत के मौसम के साथ साथ नवंबर दिसंबर के महीने में किया जाता है एयर लेयरिंग के लिए 1 से 2 साल के पुराने, सेहतमंद और पैसिंल की मोटाई जितनी 45-60 सैं.मी. परिपक्व टहनियां लें बिजाई से पहले नए पौधों और कटिंग को IBA के घोल 1000 पी पी एम 1 ग्राम प्रति लीटर पानी में डुबोकर रखें नदीनों की रोकथाम के लिए मलचिंग की जा सकती है नदीनों की रोकथाम के साथ साथ मिट्टी में नमी रहने में मदद करता है और भाप बनकर उड़ने को भी कम करता है कटाई और छंटाई ताजी सेहतमंद टहनियों की वृद्धि करने में मदद करती है बीमारी से प्रभावित शाखाओं और शाखाओं के ज्यादा बने गुच्छों को भी निकाल दें यह पौधे के आकार को उचित बनाए रखता है इसे बिजाई के 4 साल तक फल आना शुरू होता है धन्यवाद

Posted by gaurav rana
Haryana
08-02-2020 08:46 PM
Rana ji yah Yuvraj murrah nasal ka semen hai, iska acha result hai.

Posted by raghvendrs singh
Madhya Pradesh
08-02-2020 08:28 PM
उसे आप रोजाना 35—40 किलो हरा चारा दें और हर तीन महीने के बाद पेट के कीड़ों के लिए गोली जरूर दें और उसे उसे आप 1 किलो गेहूं का दलिया, 250ग्राम गुड को अच्छी तरह पकाकर 5—7 दिन खाने के लिए दें इसके साथ आप Calpond powder 50gm रोजाना और Glactogog पाउडर देना शुरू करें इसका रोजाना एक पाउच देना शुरू करें इससे दूध में फायदा होगा.

Posted by raghvendrs singh
Madhya Pradesh
08-02-2020 08:27 PM
shrimaan g gobh ke time knak mein 2-4D ka spray nhi kr skte ho g..

Posted by Ginder Singh
Punjab
08-02-2020 08:22 PM
ਸ੍ਰੀ ਮਾਨ ਜੀ ਬਠਿੰਡਾ ਕਿਸਾਨ ਮੇਲਾ 25 ਮਾਰਚ ਨੂੰ ਲਗਣਾ ਹੈ ਜੀ
Posted by Talwinder singh
Punjab
08-02-2020 08:15 PM
ਤੁਸੀ ਉਸਦੀ ਬੱਚੇਦਾਨੀ ਵਿਚ lixin-iu ਦਵਾਈ 3 ਦਿਨ ਲਗਾਤਾਰ ਭਰਵਾਓ, ਇਸਦੇ ਨਾਲ ਤੁਸੀ Pregstay gold ਪਾਊਡਰ 30 ਗ੍ਰਾਮ ਰੋਜਾਨਾ ਦਿਓ ਅਤੇ Agrimin-i bolus ਰੋਜਾਨਾ ਇਕ ਦਿਓ ਅਤੇ 21 ਦਿਨ ਤਕ ਦਿਓ, ਫਿਰ ਅਗਲੀ ਵਾਰ ਹੀਟ ਵਿਚ ਆਉਣ ਤੇ ਇਸ ਨੂੰ ਟੀਕਾ ਭਰਵਾਂ ਕੇ ਇਹ ਗੋਲੀਆਂ 21 ਦਿਨ ਤਕ ਹੋਰ ਦਿੰਦੇ ਰਹੋ ..

Posted by shamsher singh
Punjab
08-02-2020 08:13 PM
usko aap Biotrim(IM) injection 15ml lgwayen aur usko Enrofloxacin injection 15ml lgwayen aur Halotas tablet 1-1 goli subah sham den isse frak padd jayega.

Posted by हरिन्द्र सिंह
Uttar Pradesh
08-02-2020 08:04 PM
हरिंदर जी आप इनकी बिजाई कर सकते है यह एक बढ़िया विचार है लेकिन आप इनकी खेती पूरी जानकारी लेकर ही करें कि इनकी देखभाल कैसे करनी है धन्यवाद
Posted by vikram Singh
Rajasthan
08-02-2020 08:04 PM
vikram ji kripya aap methi ki photo bheje taki aapko iske bare men poori jankari di ja sake,dhanywad

Posted by Rajesh Singh
Uttar Pradesh
08-02-2020 08:02 PM
श्री मान तिल की खेती के लिए अच्छे निकास वाली हल्की से दरमियानी मिट्टी जिसमें पानी को बांधने की अच्छी क्षमता हो, उपयुक्त होती है मिट्टी की पी एच 5 से 8 होनी चाहिए क्षारीय और तेजाबी मिट्टी में तिल की खेती ना करें प्रसिद्ध किस्में :- SVPR-1, TMV 4, TMV 5, TMV 3, CO-1, TMV 6, VRI (SV)-1, VRI (SV)-2 खेत की देसी हल की सहायता से एक बार जोताई करें उसके बाद 1-2 त.... (Read More)
श्री मान तिल की खेती के लिए अच्छे निकास वाली हल्की से दरमियानी मिट्टी जिसमें पानी को बांधने की अच्छी क्षमता हो, उपयुक्त होती है मिट्टी की पी एच 5 से 8 होनी चाहिए क्षारीय और तेजाबी मिट्टी में तिल की खेती ना करें प्रसिद्ध किस्में :- SVPR-1, TMV 4, TMV 5, TMV 3, CO-1, TMV 6, VRI (SV)-1, VRI (SV)-2 खेत की देसी हल की सहायता से एक बार जोताई करें उसके बाद 1-2 तिरछी जोताई करें मिट्टी को समतल करें ताकि खेत में पानी खड़ा ना हो सके तिल की खेती के लिए आखिरी जून से शुरूआती जुलाई का समय उपयुक्त होता है दो कतारों में 35 सैं.मी. और दो पौधों में 15 सैं.मी. फासले का प्रयोग करें तिल के बीजों को गहराई में ना बोयें बीजों को 2-3 सैं.मी. की गहराई में बोयें तिल की बिजाई के लिए बुरकाव या कतारों में बीज बो कर, ढंग प्रयोग किए जाते हैं बुरकाव विधि में 2-2.5 किलो बीजों की प्रति एकड़ में और कतारों में बिजाई के लिए 1-1.2 किलो बीजों की प्रति एकड़ में आवश्यकता होती है खेत की तैयारी के समय अच्छी तरह से गला हुआ, गाय का गोबर 4-8 टन प्रति एकड़ में डालें तिल की पूरी फसल को भारी मिट्टी में नाइट्रोजन 8 किलो (यूरिया 20 किलो) और फासफोरस 8 किलो (एस एस पी 50 किलो) की आवश्यकता होती है हल्की मिट्टी के लिए नाइट्रोजन 16 किलो (यूरिया 40 किलो) और फासफोरस 10 किलो (एस एस पी 65 किलो) की आवश्यकता होती है खरीफ के मौसम में वृद्धि के लिए कम सिंचाई की आवश्यकता होती है बारिश की तीव्रता और नियमितता के आधार पर जीवन बचाव सिंचाई दें फूल निकलने और फल बनने के समय पानी की कमी ना होने दें खेत को नदीन मुक्त करने के लिए बिजाई के 20-25 दिन बाद पहली गोडाई करें दूसरी गोडाई बिजाई के 40-45 दिन बाद करें नदीनों की रासायनिक रोकथाम के लिए उनके अंकुरण से पहले फलूक्लोरालिन 800 मि.ली. या एलाक्लोर 600 मि.ली. प्रति एकड़ में डालें जब पत्ते और फल रंग बदल कर पीले रंग के हो जायें और पत्ते गिरना शुरू हो जायें, तब फसल कटाई के लिए तैयार हो जाती है कटाई करने में देरी ना करें, इससे फल नष्ट हो जाते हैं कटाई के बद फसल को बंडलों में इक्ट्ठा करें और अच्छे से सुखाने के लिए कई दिनों तक फर्श पर ढेर लगा दें लाठियां मारकर बीजों को फसल से अलग कर लें सफाई के बाद बीजों को तीन दिनों के लिए धूप में सुखाएं उसके बाद बोरियों में स्टोर करके रख दें धन्यवाद
Posted by ਜੀ ਐਸ ਵਿਰਕ
Punjab
08-02-2020 07:54 PM
ਵਿਰਕ ਜੀ ਤੁਸੀ ਹੁਣ ਮੱਕੀ ਦੀ ਬਿਜਾਈ 15 ਫਰਵਰੀ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਇਸਦੇ ਲਈ African tall ਜਾ J1006 ਕਿਸਮ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਧੰਨਵਾਦ

Posted by Basavaraj
Karnataka
08-02-2020 07:53 PM
Basavaraj ji you can spray tilt@200ml per acre to control this.thank you
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