Posted by ajay jat
Rajasthan
11-02-2020 11:12 AM
ajay ji kripya aap apna swal vistar se pooche ke aap jankari kya lena chahte hai taki aapko iske bare men poori jankari di ja sake,dhanywad
Posted by ਨਿਸ਼ਾਨ ਸਿੰਘ ਸੰਧੂ
Punjab
11-02-2020 11:07 AM
ਨਿਸ਼ਾਨ ਜੀ ਇਸਦਾ ਕੋਈ ਮਿਕਦਾਰ ਨਹੀਂ ਹੈ ਇਸਦਾ ਜਿਹੜਾ ਘੋਲ ਬਣਾਇਆ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਉਸਨੂੰ ਹੀ ਖੇਤ ਵਿਚ ਸਪਰੇ ਕੀਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਧੰਨਵਾਦ

Posted by Anand Prakash Roy
Uttar Pradesh
11-02-2020 11:06 AM
टमाटर के पौधे को सहारा देनाः-टमाटर के फलो के उत्तम व आकर्षक रंग, उनको सड़ने से बचाने के लिये एवं फलो के उचित आकार के लिये खास तौर पर अनिर्धारित वृद्धि वाली किस्मो को सहारा देना आवश्यक होता है
चुंकि टमाटर का पौधा शाकीय होता है एवं लदे हुये फलो का भार सहन नही कर पाता इसलिये जमीन मे फल सहित इसकी शाखाएं गिर जाती .... (Read More)
टमाटर के पौधे को सहारा देनाः-टमाटर के फलो के उत्तम व आकर्षक रंग, उनको सड़ने से बचाने के लिये एवं फलो के उचित आकार के लिये खास तौर पर अनिर्धारित वृद्धि वाली किस्मो को सहारा देना आवश्यक होता है
चुंकि टमाटर का पौधा शाकीय होता है एवं लदे हुये फलो का भार सहन नही कर पाता इसलिये जमीन मे फल सहित इसकी शाखाएं गिर जाती है यदि पौधे को सहारा नही दिया जाये तो जो फल नमी अवस्था मे मृदा के सम्पर्क मे आता है वह सड़ जाता है अतः ऐसा फल बाजार मे बेचने योग्य नही रहता एवं एक अनुमान के अनुसार लगभग 40 प्रतिशत फलो का नुकसान हो जाता है
जब टमाटर का पौधा रोपाई के बाद 25-30 दिन का हो जाये तब सहारा देने का कार्य करना चाहिये
सहारा देने की विधिः-
जो किसान टमाटर की खेती व्यवसायिक स्तर पर करते है वे सहारा देने के लिये टमाटर जिस कतार मे लगा है उस कतार मे 5 मीटर की अंतराल पर 1.5-2 मीटर ऊॅंचे-ऊॅंचे बांस गाड़ देते है फिर इन बांसों मे 3-4 तार इस प्रकार बांधते है कि पहला तार जमीन से लगभग 45-50 से.मी. ऊंचाई पर रहे एवं बाकी तार 30-30 से.मी. की ऊंचाई पर इस तरह से बांधते है कि एक मंडप नुमा आकृति बन जाये इन तारो से सुतली या रस्सी बांधकर इस सुतली के नीचे जाने वाले छोर पर छोटी-छोटी खूंटी बांध कर उस खूंटी को पौधे के बगल मे गाड़ देते है, जिससे पौधे सुतली के सहारे चढ़ सके
सहारा देने की अन्य विधियो मे अरहर, ढैंचा या अन्य लकड़ियो के टुकड़ो को 15-20 से.मी. के अंतराल पर भूमि मे गाड़ दिया जाता है एवं पौधो को सुतली की सहायता से इन गाड़े हुये लकड़ी के टुकड़ो से बांध दिया जाता है जिससे पौधे सीधे चढ़ सके
सहारा देने की एक अन्य विधि मे कुछ स्थानो पर सूरजमुखी के बीजो को टमाटर के जड़ क्षेत्र मे टमाटर रोपाई के लगभग 20 दिन बाद बंुवाई कर दिया जाता है जब टमाटर के पौधे मे रोपाई के 55-60 दिन बाद फल आने शुरू होते है उस अवस्था तक सुरजमुखी का पौधा टमाटर के पौधो को सहारा देने लायक हो जाता है इस प्रकार इस विधि मे किसी प्रकार की अतिरिक्त सामाग्री जैसे लकड़ी, बांस, खूंटी आदि की आवश्यकता नही पड़ती एवं साथ ही साथ किसानो का श्रम, पैसा एवं समय की बचत हो जाता है इसके साथ ही सुरजमुखी के पौधो से अतिरिक्त आमदनी भी प्राप्त होती है इस प्रकार यह विधि सघन खेती का एक उदाहरण भी पेश करती है ऐसा देखा गया है कि अन्य विधियो की अपेक्षा यह विधि सरल, सस्ता एवं पौधो को सीधे सहारा देने मे ज्यादा उपयुक्त है

Posted by हरिन्द्र सिंह
Uttar Pradesh
11-02-2020 11:03 AM
हरिन्द्र जी आप किस्मे जैसे Kagzi: यह बड़े क्षेत्र में उगाई जाने वाली नींबू की आम किस्म है इसके वृक्ष ज्यादा घनत्व वाले, छोटे पत्ते और फैलने वाले होते हैं फल छोटे गोल और पतली त्वचा वाले होते हैं इसका रस स्वाद में बहुत तेज़ाबी होता है यह किस्म मध्य अगस्त में पक जाती है Dhaulakuan Seedless: यह देरी से पकने वाली किस्म है किस्म से .... (Read More)
हरिन्द्र जी आप किस्मे जैसे Kagzi: यह बड़े क्षेत्र में उगाई जाने वाली नींबू की आम किस्म है इसके वृक्ष ज्यादा घनत्व वाले, छोटे पत्ते और फैलने वाले होते हैं फल छोटे गोल और पतली त्वचा वाले होते हैं इसका रस स्वाद में बहुत तेज़ाबी होता है यह किस्म मध्य अगस्त में पक जाती है Dhaulakuan Seedless: यह देरी से पकने वाली किस्म है किस्म से इसमें 20-25 प्रतिशत मात्रा रस की होती है यह किस्म आचार और जूस बनाने के लिए उपयुक्त है पौधों के बीच 6x6 सैं.मी. फासला रखना चाहिए नए पौधों की रोपाई के लिए गड्ढों का आकार 60x60x60 सैं.मी. होना चाहिए गड्ढों में रोपाई के समय गली हुई रूड़ी की खाद 10 किलो और सिंगल सुपर फासफेट 500 ग्राम डालें नए पौधों की रोपाई के लिए गड्ढों का आकार 60x60x60 सैं.मी. होना चाहिए पौधों का प्रजनन कलियों या एयर लेयरिंग द्वारा किया जाता है

Posted by Daler singh
Punjab
11-02-2020 10:47 AM
Daler ji kirpa krke apne swal vistar nal pusho tuci ki jankari lena chahunde ho ki majh nu sojish di smasia aa ja koi hor bimari hai tuci iss vare purri jankari deo tan jo tuhanu sahi jankari diti ja skee.

Posted by Om Prakash Gupta
Bihar
11-02-2020 10:32 AM
प्याज़ एक प्रसिद्ध व्यापक सब्जी वाली प्रजाति है इसकी खेती अलग-अलग किस्म की मिट्टी जैसे की रेतली दोमट, चिकनी, गार और भारी मिट्टी में की जा सकती है यह गहरी दोमट और जलोढ़ मिट्टी, जिसका निकास प्रबंध बढ़िया, नमी को बरकरार रखने की समर्थता, जैविक तत्वों वाली मिट्टी में बढ़िया परिणाम देती है विरली और रेतली मिट्टी इसकी ख.... (Read More)
प्याज़ एक प्रसिद्ध व्यापक सब्जी वाली प्रजाति है इसकी खेती अलग-अलग किस्म की मिट्टी जैसे की रेतली दोमट, चिकनी, गार और भारी मिट्टी में की जा सकती है यह गहरी दोमट और जलोढ़ मिट्टी, जिसका निकास प्रबंध बढ़िया, नमी को बरकरार रखने की समर्थता, जैविक तत्वों वाली मिट्टी में बढ़िया परिणाम देती है विरली और रेतली मिट्टी इसकी खेती के लिए बढ़िया नहीं मानी जाती है, क्योंकि मिट्टी के घटिया जमाव के कारण इसमें गांठों का उत्पादन सही नहीं होता है इसकी खेती के लिए मिट्टी का pH 6-7 होना चाहिए प्रसिद्ध किस्में:-alyanpur Red Round: यह उत्तर प्रदेश की प्रसद्धि किस्म है इसकी गांठे भूरे रंग की और गोलाकार आकार की होती हैं इसके पौधे 150-160 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाते हैं इसकी औसतन पैदावार 8-10 टन प्रति एकड़ होती है Bhima Shakti: यह खरीफ के साथ साथ रबी के मौसम में उगाने के लिए उपयुक्त है यह किस्म रोपाई के 130 दिन बाद कटाई के लिए तैयार हो जाती है इसकी औसतन पैदावारा 170 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Arka Kalyan: इसकी गांठे गहरे गुलाबी रंग की होती हैं इसकी औसतन पैदावार 135 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Pusa White Round: इसकी गांठे सफेद, गोल और समतल होती हैं इसकी औसतन पैदावार 120 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Pusa white flat: इसकी गांठे सफेद, चपटी और मध्यम से बड़े आकार की होती हैं यह किस्म डीहाइड्रेशन के लिए उपयुक्त है मिट्टी को भुरभुरा बनाने के लिए तीन-चार बार गहराई से जोताई करें मिट्टी में जैविक तत्वों की मात्रा बढ़ाने के लिए रूड़ी की खाद डालें फिर खेत को छोटे-छोटे प्लाटों में बांट दे नर्सरी तैयार करने के उचित समय मध्य-अक्तूबर से मध्य-नवबंर होता है नए पौधे मध्य-दिसंबर से मध्य-जनवरी तक रोपाई के लिए तैयार हो जाते है रोपाई के लिए 10-15 सैं.मी. कद के पौधे चुनें खरीफ के मौसम में रोपाई के लिए मई से जून का महीना नर्सरी तैयार करने के लिए उपयुक्त होता है बिजाई के 6-8 सप्ताह बाद नए पौधे रोपाई के लिए तैयार हो जाते हैं जुलाई -अगस्त के महीने में रोपण कर दें रोपण के समय, पंक्तियों के बीच 15 सैं.मी. और पौधों के बीच 10 सैं.मी. का फासला रखें नर्सरी में बीज 1-2 सैं.मी. गहराई पर बोयें बिजाई के लिए रोपण विधि का प्रयोग करें एक एकड़ के लिए 2-3 किलो बीज का प्रयोग करें उखेड़ा रोग और कांव-गियारी से बचाव के लिए थीरम 2 ग्राम+बैनोमाइल 50 डब्लयू पी 1 ग्राम प्रति लीटर पानी से प्रति किलो बीजों का उपचार करें रासायनिक उपचार के बाद बायो एजेंट ट्राईकोडर्मा विराइड 2 ग्राम के साथ प्रति किलो बीजों का उपचार करने की सिफारिश की जाती है इस तरह करने से नए पौधे मिट्टी से पैदा होने वाली और अन्य बीमारीयों से बच जाते है बिजाई से 10 दिन पहले 20 टन रूड़ी की खाद डालें नाइट्रोजन 30 किलो(यूरिया 65 किलो), फासफोरस 16 किलो(सिंगल सुपर फासफेट 100 किलो) और पोटाश 16 किलो(मिउरेट ऑफ़ पोटाश 30 किलो) प्रति एकड़ डालें फासफोरस और पोटाश की पूरी मात्रा और नाइट्रोजन की आधी मात्रा रोपण के समय डालें बाकी बची नाइट्रोजन को दो भागों में बांटकर रोपाई के बाद टॉप ड्रेसिंग के तौर पर 30वें और 45वें दिन डालें मिट्टी की किसम और जलवायु के आधार पर सिंचाई की मात्रा और आवर्ती का फैसला करें आमतौर पर, इसे 5-8 सिंचाइयों की आवश्यकता होती है पहली सिंचाई बिजाई के तुरंत बाद करें और दूसरी सिंचाई रोपाई के तीन दिन बाद करें बाकी की सिंचाई आवश्यकता और मिट्टी में नमी के आधार पर 7-10 दिनों के अंतराल पर करें पुटाई के 10-15 दिन पहले सिंचाई बंद कर दें अत्याधिक सिंचाई ना करें शुरुआत में नए पौधे धीरे-धीरे बढ़ते है इसलिए नुकसान से बचाव के लिए गोड़ाई की जगह रासायनिक नदीन-नाशक का प्रयोग करें रोकथाम के लिए बिजाई से 72 घंटे में पेंडीमैथालीन(स्टंप) 1 लीटर को 200 लीटर पानी में मिलाकर प्रति एकड़ में स्प्रे करें नदीनों के अंकुरण उपरांत बिजाई से 7 दिन बाद आक्सीफ्लोरफैन 425 मि.ली. को 200 लीटर पानी में मिलाकर प्रति एकड़ में स्प्रे करें नदीनों की रोकथाम के लिए 2-3 गोड़ाईयों की सिफारिश की जाती है पहली गोड़ाई बिजाई से एक महीने बाद और दूसरी गोड़ाई, पहली से एक महीने बाद करें सही समय पर पुटाई करना बहुत जरूरी है पुटाई का समय किस्म,ऋतु,मंडी रेट आदि पर निर्भर करता है 50% पौधे की पत्तियां नीचे की तरफ गिरना दर्शाता है कि फसल पुटाई के लिए तैयार है फसल की पुटाई हाथों से प्याज़ को उखाड़ कर की जाती है पुटाई के बाद इनको 2-3 दिन के लिए अनावश्यक नमी निकालने के लिए खेत में छोड़ दे धन्यवाद

Posted by हरिन्द्र सिंह
Uttar Pradesh
11-02-2020 10:20 AM
हरिन्द्र जी आप किस्मे जैसे Kagzi: यह बड़े क्षेत्र में उगाई जाने वाली नींबू की आम किस्म है इसके वृक्ष ज्यादा घनत्व वाले, छोटे पत्ते और फैलने वाले होते हैं फल छोटे गोल और पतली त्वचा वाले होते हैं इसका रस स्वाद में बहुत तेज़ाबी होता है यह किस्म मध्य अगस्त में पक जाती है
Dhaulakuan Seedless: यह देरी से पकने वाली किस्म है किस्म स.... (Read More)
हरिन्द्र जी आप किस्मे जैसे Kagzi: यह बड़े क्षेत्र में उगाई जाने वाली नींबू की आम किस्म है इसके वृक्ष ज्यादा घनत्व वाले, छोटे पत्ते और फैलने वाले होते हैं फल छोटे गोल और पतली त्वचा वाले होते हैं इसका रस स्वाद में बहुत तेज़ाबी होता है यह किस्म मध्य अगस्त में पक जाती है
Dhaulakuan Seedless: यह देरी से पकने वाली किस्म है किस्म से इसमें 20-25 प्रतिशत मात्रा रस की होती है यह किस्म आचार और जूस बनाने के लिए उपयुक्त है पौधों के बीच 6x6 सैं.मी. फासला रखना चाहिए नए पौधों की रोपाई के लिए गड्ढों का आकार 60x60x60 सैं.मी. होना चाहिए गड्ढों में रोपाई के समय गली हुई रूड़ी की खाद 10 किलो और सिंगल सुपर फासफेट 500 ग्राम डालें नए पौधों की रोपाई के लिए गड्ढों का आकार 60x60x60 सैं.मी. होना चाहिए
Posted by Aman Sekhon
Punjab
11-02-2020 10:12 AM
Aman ji ehh Hf nasal da vdia semen hai isda vdia result hai, DOB: 18-12-2013, Fat (%): 3.90, Dams Yield: 9741, Sire Dam s Yield: 7007
Posted by Aman Sekhon
Punjab
11-02-2020 10:08 AM
Aman ji ehh Hf nasal da vdia semen hai isda vdia result hai, DOB: 18-12-2013, Fat (%): 3.90, Dams Yield: 9741, Sire Dam s Yield: 7007

Posted by Avadhnath Singh
Uttar Pradesh
11-02-2020 09:57 AM
Avadhnath Singh ji, yeh fungus ke hamle ki vajah se ho raha hai ap iski roktham ke liye isme carbendazim @ 4 gram yan mancozeb @ 4 gram prati liter pani ke hisaab se spray kar sakte hain, dhanywad

Posted by ਲਖਵਿੰਦਰ
Punjab
11-02-2020 09:54 AM
ਹਾਜੀ ਬੱਕਰੀ ਫਾਰਮ ਤੇ ਪੋਲਟਰੀ ਫਾਰਮ ਦੋਨੋ ਇੱਕਠੇ ਬਣਾਏ ਜਾ ਸਕਦੇ ਹੈ ਜੀ, ਸਫਾਈ ਦਾ ਜਿਆਦਾ ਧਿਆਨ ਰੱਖਣਾ ਪਵੇਗਾ ਤੇ ਜੇਕਰ ਵੱਡੇ ਪੱਧਰ ਤੇ ਖੋਲਣਾ ਹੈ ਤਾਂ ਪਸ਼ੂ ਪਾਲਣ ਵਿਭਾਗ ਤੋਂ ਜਾਣਕਾਰੀ ਲੈ ਕੇ ਫਾਰਮ ਦਾ ਨਕਸ਼ਾ ਬਣਾ ਲਿਆ ਜਾਵੇ ਜੇਕਰ ਛੋਟੇ ਪੱਧਰ ਤੇ ਕਰਨਾ ਹੈ ਤਾਂ ਵਿਚਾਲੇ ਲੋਹੇ ਦੀ ਗਰਿੱਲ ਲਗਾ ਕੇ ਜਗਾਂ ਵੰਡ ਲਈ ਜਾਵੇ

Posted by armaan deep
Punjab
11-02-2020 09:53 AM
Armaan deep ji, kanak de change futaare de lyi tuc progibb nam de product di vrto kar skdo ho. ihh sumitomo company da aunda hai. ihh ikk growth promotor da kam krda hai. iss di varto hare chaare, jhone ate kanak de lyi kar skde ha .ihh jhadd de vich kaffi vaahda krda hai . iss di matra 5gm hundi hai. jdo kanak nu phla urea dena hunda hai us sme isnu ikk glass panni de nal ghol ke sukki ret de nal milaa ke fir urea de nal mila lao ate fir khet de vich shitta de deo . iss de nal ikk pudi aondi hai phla esnu gholna hai ate fir usde vich progibb pauna hai kyuki eh direct pani de vich ghulda nahi hai . iss trah is di varto karni hai. dhanwad

Posted by gaurav
Uttar Pradesh
11-02-2020 09:51 AM
गौरव जी यदि आप सीप मोती पालन के बारे में जानकारी लेना चाहते है तो मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिट.... (Read More)
गौरव जी यदि आप सीप मोती पालन के बारे में जानकारी लेना चाहते है तो मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजित किया जा रहा है प्रशिक्षण कार्य कर्म में भाग लेने के लिए नीचे दिए गए नम्बर पर आज ही संपर्क करें और Rs 250/ से अपना रजिस्ट्रेशन करवाए अचल सिंह (फाउंडर )- 9711858258. धन्यवाद

Posted by gaurav
Uttar Pradesh
11-02-2020 09:50 AM
गौरव जी यदि आप सीप मोती पालन के बारे में जानकारी लेना चाहते है तो मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिट.... (Read More)
गौरव जी यदि आप सीप मोती पालन के बारे में जानकारी लेना चाहते है तो मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजित किया जा रहा है प्रशिक्षण कार्य कर्म में भाग लेने के लिए नीचे दिए गए नम्बर पर आज ही संपर्क करें और Rs 250/ से अपना रजिस्ट्रेशन करवाए अचल सिंह (फाउंडर )- 9711858258. धन्यवाद

Posted by Amrit chahal
Punjab
11-02-2020 09:39 AM
ਤੁਸੀ ਇਸ ਨੂੰ Amoxirum forte 4.5g, Megludyne injection 20ml, Isoflud injection 5ml ਲਗਵਾਓ ਇਹ ਤੁਸੀ 3 ਦਿਨ ਲਗਵਾਓ ਅਤੇ Isoflud injection ਨੂੰ ਇਕ ਇਕ ਦਿਨ ਦੇ ਫਰਕ ਨਾਲ ਲਗਵਾਓ, ਇਸ ਨਾਲ ਫਰਕ ਪੈ ਜਾਵੇਗਾ..

Posted by Anand Mandloi
Madhya Pradesh
11-02-2020 09:32 AM
आनंद जी कृपया सवाल विस्तार से पूछे कि आप pumpkin की कोनसी किसम के बारे में जानकारी लेना चाहते है ताकि आपको इसके बारे में पूरी जानकारी दी जा सके धन्यवाद

Posted by Daler singh
Punjab
11-02-2020 09:26 AM
ਤੁਸੀ ਇਸ ਨੂੰ Amoxirum forte 4.5g, Megludyne injection 20ml, Isoflud injection 5ml ਲਗਵਾਓ ਇਹ ਤੁਸੀ 3 ਦਿਨ ਲਗਵਾਓ ਅਤੇ Isoflud injection ਨੂੰ ਇਕ ਇਕ ਦਿਨ ਦੇ ਫਰਕ ਨਾਲ ਲਗਵਾਓ, ਇਸ ਨਾਲ ਫਰਕ ਪੈ ਜਾਵੇਗਾ..
Posted by TOLIRAMBHIL Rana
Rajasthan
11-02-2020 09:26 AM
Tolirambhil Rana ji, kripya ap bataye yeh variety kis company ki hai, taki apko iske bare mein puri jankari di ja sake, dhanywad

Posted by pradeep
Madhya Pradesh
11-02-2020 09:19 AM
प्रदीप जी, भिंडी काफी तरह की मिट्टी में उगाई जा सकती है भिंडी की फसल के लिए रेतली से चिकनी मिट्टी उचित होती है, जिसमें जैविक तत्व भरपूर मात्रा में हों और जिसकी निकास प्रणाली भी अच्छी ढंग की हो यदि निकास अच्छे ढंग का हो तो यह भारी ज़मीनों में भी अच्छी उगती है मिट्टी का पी एच 6.0 से 6.5 होना चाहिए खारी, नमक वाली या घटि.... (Read More)
प्रदीप जी, भिंडी काफी तरह की मिट्टी में उगाई जा सकती है भिंडी की फसल के लिए रेतली से चिकनी मिट्टी उचित होती है, जिसमें जैविक तत्व भरपूर मात्रा में हों और जिसकी निकास प्रणाली भी अच्छी ढंग की हो यदि निकास अच्छे ढंग का हो तो यह भारी ज़मीनों में भी अच्छी उगती है मिट्टी का पी एच 6.0 से 6.5 होना चाहिए खारी, नमक वाली या घटिया निकास वाली मिट्टी में इसकी खेती ना करें Pusa Sawani, Pusa A4, Perkins Long Green, Arka Anamika, Varsha Uphar, Hisar Unnat, Hisar Naveen, HBH-142 किस्में आप बीज सकते हैं मिट्टी के भुरभुरा होने तक खेत की जोताई करें जोताई के बाद मिट्टी को समतल करने के लिए सुहागा फेरें आखिरी जोताई के समय गाय का गला हुआ गोबर 40 क्विंटल प्रति एकड़ में डालें उत्तर में यह वर्षा और बसंत के मौसम में उगाई जाती है खरीफ के मौसम में, इसकी बिजाई जून-जुलाई के महीने और बसंत ऋतु में फरवरी-मार्च के महीने में की जाती है गर्मियों में समय पर बिजाई के लिए कतार से कतार में 45 सैं.मी. और पौधे से पौधे में 30 सैं.मी. फासले का प्रयोग करें गर्मियों में अगेती बिजाई के लिए 30 सैं.मी. x 20 सैं.मी. फासले का प्रयोग करें बारिश के मौसम में कतार से कतार में 60 सैं.मी. और पौधे से पौधे में 20-30 सैं.मी. फासले का प्रयोग करें बीज 2.5 सैं.मी. की गहराई में बोयें खरीफ के मौसम में 4-6 किलो बीज और गर्मियों के मौसम में 8-10 किलो बीज प्रति एकड़ में प्रयोग किए जाते हैं खेत की तैयारी के समय 8-10 टन गाय का गला हुआ गोबर डालें भिंडी की फसल के लिए नाइट्रोजन 40 किलो (90 किलो यूरिया) फासफोरस 16 किलो (एस एस पी 100 किलो) और पोटाश 20 किलो (म्यूरेट ऑफ पोटाश 35 किलो) प्रति एकड़ में डालें नाइट्रोजन की एक तिहाई मात्रा, फासफोरस और पोटाश की पूरी मात्रा खेत की तैयारी के समय डालें नाइट्रोजन की बाकी बची मात्रा बिजाई के बाद 30वें और 50 वें दिन टॉप ड्रेसिंग के तौर पर डालें बिजाई से पहले बसालीन 1 लीटर को प्रति एकड़ में डालें और बिजाई के तुरंत बाद लासो 1.6 मि.ली. को प्रति एकड़ में प्रयोग करें यदि मिट्टी में पर्याप्त मात्रा में नमी मौजूद ना हो तो गर्मियों में फसल के अच्छे अंकुरण के लिए बिजाई से पहले सिंचाई जरूर करनी चाहिए बीज अंकुरण के बाद अगली सिंचाई करें उसके बाद गर्मियों में 4-5 दिन के बाद खेतों को सिंचित करें और बारिश के मौसम में 10 से 12 बाद खेतों को सिंचित करें फसल बिजाई के 60-70 दिनों के बाद पककर तैयार हो जाती है छोटे और कच्चे फलों की तुड़ाई करें फलों की तुड़ाई सुबह और शाम के समय करनी चाहिए तुड़ाई में देरीसे भिंडियों में रेशा भर जाता है और इनका कच्चापन और स्वाद भी चला जाता है धन्यवाद

Posted by Gurvinder Singh
Punjab
11-02-2020 09:12 AM
ਗੁਰਵਿੰਦਰ ਜੀ ਤੁਸੀ ਇਸ ਨੂੰ ਸਭ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾ ਪੇਟ ਦੇ ਕੀੜਿਆਂ ਲਈ Flukarid-DS ਗੋਲੀ ਦਿਓ ਅਤੇ ਹਰ 3 ਮਹੀਨੇ ਬਾਦ ਸਾਲਟ ਬਦਲ ਕੇ ਗੋਲੀ ਜਰੂਰ ਦਿਓ ਬਾਕੀ ਇਸ ਨੂੰ ਰੋਜਾਨਾ 30-35 kg ਹਰਾ ਚਾਰਾ ਦਿਓ ਅਤੇ 5-7 ਕਿਲੋ ਤੂੜੀ ਮਿਕਸ ਕਰਕੇ ਦਿਓ ਜਿਨ੍ਹਾਂ ਇਹ ਆਸਾਨੀ ਨਾਲ ਹਜ਼ਮ ਕਰ ਸਕੇ, ਬਾਕੀ ਇਸ ਨੂੰ ਵਧਿਆ ਫੀਡ ਦੇਣੀ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ ਅਤੇ ਖੁਰਾਕ ਦੇ ਨਾਲ ਨਾਲ Agrimin ਪਾਊਡਰ ਰੋਜਾਨਾ 50gm ਦਿਓ, ਇਸ ਨਾਲ ਸਰੀਰ ਦੀ ਕਮੀ ਪੂਰੀ .... (Read More)
ਗੁਰਵਿੰਦਰ ਜੀ ਤੁਸੀ ਇਸ ਨੂੰ ਸਭ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾ ਪੇਟ ਦੇ ਕੀੜਿਆਂ ਲਈ Flukarid-DS ਗੋਲੀ ਦਿਓ ਅਤੇ ਹਰ 3 ਮਹੀਨੇ ਬਾਦ ਸਾਲਟ ਬਦਲ ਕੇ ਗੋਲੀ ਜਰੂਰ ਦਿਓ ਬਾਕੀ ਇਸ ਨੂੰ ਰੋਜਾਨਾ 30-35 kg ਹਰਾ ਚਾਰਾ ਦਿਓ ਅਤੇ 5-7 ਕਿਲੋ ਤੂੜੀ ਮਿਕਸ ਕਰਕੇ ਦਿਓ ਜਿਨ੍ਹਾਂ ਇਹ ਆਸਾਨੀ ਨਾਲ ਹਜ਼ਮ ਕਰ ਸਕੇ, ਬਾਕੀ ਇਸ ਨੂੰ ਵਧਿਆ ਫੀਡ ਦੇਣੀ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ ਅਤੇ ਖੁਰਾਕ ਦੇ ਨਾਲ ਨਾਲ Agrimin ਪਾਊਡਰ ਰੋਜਾਨਾ 50gm ਦਿਓ, ਇਸ ਨਾਲ ਸਰੀਰ ਦੀ ਕਮੀ ਪੂਰੀ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਅਤੇ ਪਸ਼ੂ ਵਧਿਆ ਦੁੱਧ ਦਿੰਦਾ ਹੈ ਅਤੇ ਜਲਦੀ ਨਵੇਂ ਦੁੱਧ ਹੋ ਜਾਂਦਾ ਹੈ

Posted by INDRAJEET KUMAR
Bihar
11-02-2020 09:04 AM
इंद्रजीत जी इस मौसम में बीजों को उगने में समय लगता है इस लिए आप थोड़े दिन wait करें धन्यवाद

Posted by ਅਵਤਾਰ ਸਿੰਘ
Punjab
11-02-2020 08:58 AM
shrimaan g knak vich NPK 13045 @1 kg per acre da spray kr skde ho g..

Posted by Harpreet Singh sekhon
Punjab
11-02-2020 08:53 AM
ਸਿੰਚਾਈ ਵਾਲੇ ਖੇਤਰਾਂ ਵਿੱਚ, ਫਰਵਰੀ ਤੋਂ ਮਈ ਦੇ ਅਖੀਰ ਵਾਲੇ ਹਫਤੇ ਵਿੱਚ ਰੋਪਣ ਕਰੋ ਬਰਾਨੀ ਖੇਤਰਾਂ ਵਿੱਚ, ਜੂਨ ਤੋਂ ਅਗਸਤ ਵਿੱਚ ਬਿਜਾਈ ਕੀਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਵਧੀਆ ਵਿਕਾਸ ਅਤੇ ਝਾੜ ਲਈ 90x40 ਜਾਂ 60x60 ਸੈ.ਮੀ. ਦੇ ਫਾਸਲੇ ਦੀ ਸਿਫਾਰਿਸ਼ ਕੀਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਤਣੇ ਦੇ ਭਾਗ ਨੂੰ 7-8 ਸੈ.ਮੀ. ਡੂੰਘਾ ਬੀਜੋ
Posted by Manojit Mandal
Maharashtra
11-02-2020 08:48 AM
Manojit ji isko nazdiki doctor se janch krwayen kyuki iski janch krke sahi ilag ho skta hai aise iske vare mai apko jankari nahi di ja skti hai..

Posted by Arshdeep Singh
Punjab
11-02-2020 08:47 AM
Arshdeep ji tuhade sare swala de jwab dite gye hai tuci App vich apne sare swala de jwab dekh skde ho.
Posted by MD janesar Akhtar
Bihar
11-02-2020 08:11 AM
Akhtar ji aap jyada dudh ke liye HF nasal ki cow rakh skte hai, iss nasal ka dudh sbse jyada hota hai per isko jyada dekhbhal ki jrurat hoti hai, aap suruat mai 4-5 cows se suru kr skte hai aur jaise jaise apko iss kam ki jankari hoti rehegi fir aap iss kam ko apne bazat ke hisab se vaddha skte hai aur cow lene ke liye Ananya Breeding And Dairy Farm 9006505977, 6204697576 se sampark kr skte hai.

Posted by मायापृकाश
Uttar Pradesh
11-02-2020 07:17 AM
मायापृकाश जी शतावर का रेट 15000 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से चल रहा है इसके बारे में अधिक जानकारी लेने के लिए आप Wasif Malik
9548535104 से संपर्क कर सकते है धन्यवाद

Posted by santosh sonkar
Chattisgarh
11-02-2020 07:01 AM
Santosh Sonkar ji, kripya ap bataye ke apke tamatar ke podhe mein kya dikat a rahi hai, taki apko iske bare mein vistharpoorwak jankari di ja sake, dhnaywad
Posted by Pushpendra Singh Chauhan
Gujarat
11-02-2020 07:00 AM
Pushpendra ji you can grow varieties like Gujarat Makai – 1 ,Gujarat Makai 2,Gujarat Makai 3 ,Narmada Moti,HQPM-1 ,GAY MH1.
Posted by Vedachary Singrauli
Madhya Pradesh
11-02-2020 07:00 AM
गुलाब के लिए बिजाई का सही समय मध्य अक्तूबर है रोपाई के बाद पौधे को छांव में रखें और अगर बहुत ज्यादा धुप हो, तो पौधे पर पानी का छिड़काव करें दोपहर के अंत वाले समय बोया गया गुलाब बढ़िया उगता है बैड पर 30 सैं.मी. व्यास और 30 सैं.मी. गहरे गड्ढे खोद कर 75 सैं.मी. के फासले पर पौधों की बिजाई करें दो पौधों के बीच में फासला गुलाब क.... (Read More)
गुलाब के लिए बिजाई का सही समय मध्य अक्तूबर है रोपाई के बाद पौधे को छांव में रखें और अगर बहुत ज्यादा धुप हो, तो पौधे पर पानी का छिड़काव करें दोपहर के अंत वाले समय बोया गया गुलाब बढ़िया उगता है बैड पर 30 सैं.मी. व्यास और 30 सैं.मी. गहरे गड्ढे खोद कर 75 सैं.मी. के फासले पर पौधों की बिजाई करें दो पौधों के बीच में फासला गुलाब की किस्म पर निर्भर करता है गेंदे की खेती करना चाहते है से मिट्टी की व्यापक किस्मों में उगाया जा सकता है पर यह अच्छे जल निकास वाली उपजाऊ मिट्टी में उगाने पर अच्छे परिणाम देती है मिट्टी अच्छे निकास वाली होनी चाहिए क्योंकि यह फसल जल जमाव वाली मिट्टी में स्थिर नहीं रह सकती मिट्टी की pH 6.5 से 7.5 होनी चाहिए तेजाबी और खारी मिट्टी इसकी खेती के लिए अनुकूल नहीं है फ्रैंच गेंदे की किस्म हल्की मिट्टी में अच्छी वृद्धि करती है जबकि अफ्रीकी गेंदे की किस्म उच्च जैविक खाद वाली मिट्टी में अच्छी वृद्धि करती है प्रसिद्ध किस्में :- African Marigold: इस किस्म की फसल 90 सैं.मी. तक लम्बी होती है इसके फूल बड़े आकार के और लैमन, पीले, सुनहरे, संतरी और गहरे पीले रंग के होते हैं यह लम्बे समय की किस्म है इसकी अन्य किस्में जैसे Giant Double African Orange, Crown of Gold, Giant Double African Yellow, Chrysanthemum Charm, Golden Age, Cracker Jack आदि हैं French Marigold: यह छोटे कद की जल्दी पकने वाली किस्में हैं इसके फूल छोटे आकार के और पीले, संतरी, सुनहरे पीले, लाल जंग और महोगनी रंग के होते हैं इसकी अन्य किस्में जैसे Rusty Red, Butter Scotch, Red Borcade, Star of India, Lemon drop आदि हैं Pusa Basanti Gainda: यह लम्बे समय की किस्म है इसका पौधा 58.80 सैं.मी. लम्बा और गहरे हरे रंग के पत्ते होते हैं इसके फूल सल्फर पीले, दोहरे और कारनेशन किस्म के होते हैं Pusa Narangi Gainda: फूल निकलने के लिए 125-136 दिनों की आवश्यकता होती है इसका पौधा लम्बा और कद में 73.30 सैं.मी. का होता है और पत्ते गहरे हरे रंग के होते हैं इसके फूल संतरी रंग के और कारनेशन किस्म के होते हैं फूल घने और दोहरी परत वाले होते हैं इसके ताजे फूलों की पैदावार 140 क्विंटल प्रति एकड़ होती है मिट्टी के भुरभुरा होने तक खेत की जोताई करें मिट्टी की उपजाऊ शक्ति बढ़ाने के लिए आखिरी जोताई के समय 250 क्विंटल रूड़ी की खाद और अच्छी तरह से गला हुआ गाय का गोबर मिट्टी में मिलायें गेंदे की बिजाई एक वर्ष में कभी भी की जा सकती है बारिश के मौसम में इसकी बिजाई मध्य जून से मध्य जुलाई में करें सर्दियों में इसकी बिजाई मध्य सितंबर से मध्य अक्तूबर में पूरी कर लें नर्सरी बैड 3x1 मीटर आकार के तैयार करें गाय का गला हुआ गोबर मिलायें बैडों में नमी बनाए रखने के लिए पानी दें सूखे फूलों का चूरा करें और उनका कतार या बैड पर छिड़काव करें जब पौधों का कद 10-15 सैं.मी. हो जाये, तब वे रोपाई के लिए तैयार होते हैं फैंच किस्म को 35x35 सैं.मी. और अफ्रीकी किस्म को 45x45 सैं.मी. के फासले पर रोपाई करें नर्सरी बैड पर बीजों का छिड़काव करें बिजाई के लिए पनीरी ढंग का प्रयोग किया जाता है एक एकड़ खेत के लिए 600 से 800 ग्राम बीजों की आवश्यकता होती है जब फसल 30-45 दिन की हो जाए, तब पौधे के सिरे से उसे काट दें इससे पौधे को झाड़ीदार और घना होने में मदद मिलती है, इससे फूलों की गुणवत्ता और अच्छा आकार भी प्राप्त होता है बिजाई से पहले बीजों को एजोसपीरियम 200 ग्राम को 50 मि.ली. धान के चूरे में मिलाकर उपचार करें शुरूआती खुराक के तौर पर अच्छी वृद्धि के लिए नाइट्रोजन 32 किलो (यूरिया 70 किलो), फासफोरस 16 किलो (एस एस पी 100 किलो), पोटाश 32 किलो (म्यूरेट ऑफ पोटाश 53 किलो) प्रति एकड़ में डालें मिट्टी की किस्म के अनुसार खाद की खुराक बदल दें सही खुराक देने के लिए मिट्टी की जांच करवायें और उसके आधार पर खुराक दें नदीनों की संख्या के आधार पर गोडाई करें खेत में रोपाई के बाद तुरंत सिंचाई करें कली बनने से लेकर कटाई तक की अवस्था सिंचाई के लिए बहुत महत्तवपूर्ण होती है अप्रैल से जून के महीने में 4-5 दिनों के अंतराल पर लगातार सिंचाई करना आवश्यक होता है किस्म के आधार पर गेंदा 2 से 2.5 महीने में कटाई के लिए तैयार हो जाते हैं फ्रैंच गेंदे की किस्म 1.5 महीने में कटाई के लिए तैयार हो जाती है जबकि अफ्रीकी गेंदे की किस्म दो महीने में तैयार हो जाती है जब गेंदे का पूरा आकार विकसित हो जाये तब उसे तोड़ लें कटाई सुबह के समय और शाम के समय करें फूलों की तुड़ाई से पहले खेत को सिंचित करना चाहिए इससे फूलों की गुणवत्ता लंबे समय तक बनी रहती है इसे आप अपनी नजदीकी फूल मंडी में बेच कर इसे अपनी आय का साधन बना सकते है इसका बीज आप कृषि यूनिवर्सिटी से ले सकते है या नजदीकी नर्सरी से ले सकते है जा फिर गेंदे और गुलाब के बीज लेने के लिए आप Dr N.K Saxena 9811315738 से सम्पर्क करे धन्यवाद
Posted by Keshav Pathak
Chattisgarh
11-02-2020 06:58 AM
केशव जी इसके लिए आप 840 ग्राम यूरिया प्रति 16 लीटर पानी की टंकी में डाल सकते है धन्यवाद
Posted by Vedachary Singrauli
Madhya Pradesh
11-02-2020 06:57 AM
वेदाचार्य जी, कटहल में फूल आने के समय पर इसमें NPK 130045 @ 10 ग्राम प्रति लीटर पानी के हिसाब स्प्रे कर सकते हैं, धन्यवाद
Posted by Vedachary Singrauli
Madhya Pradesh
11-02-2020 06:55 AM
सबसे पहले आपके लिए यह जानना जरूरी है कि मुर्गी पालन दो तरह का होता है कि आप अंडों का व्यवसाय करना चाहते हैं या मीट का यदि आप अंडों का धंधा करना चाहते हैं तो आपको लेयर मुर्गियां पालनी पड़ेंगी और यदि आप मीट का धंधा करना चाहते हैं तो आपको ब्रॉयलर मुर्गियां पालनी पड़ेंगी यदि आप ब्रायलर मुर्गी पालन करना चाहते हैं त.... (Read More)
सबसे पहले आपके लिए यह जानना जरूरी है कि मुर्गी पालन दो तरह का होता है कि आप अंडों का व्यवसाय करना चाहते हैं या मीट का यदि आप अंडों का धंधा करना चाहते हैं तो आपको लेयर मुर्गियां पालनी पड़ेंगी और यदि आप मीट का धंधा करना चाहते हैं तो आपको ब्रॉयलर मुर्गियां पालनी पड़ेंगी यदि आप ब्रायलर मुर्गी पालन करना चाहते हैं तो कम से कम 10 हजार मुर्गियों का धंधा शुरू करना चाहते हैं तो आपको 4 से 5 लाख का इतज़ाम करना पड़ेगा, ये आप अपने बजट के हिसाब से कम पंक्षियों से भी शुरू कर सकते हैं बाकि आप इस काम को ट्रेनिंग लेकर शुरू करें जिसमें आपको इस काम के बारे में पूरी जानकारी दी जाएगी ट्रेनिंग लेने के लिए आप अपने नज़दीकी कृषि विज्ञान केंद्र से संपर्क करें आप वहां जाकर अपना ट्रेनिंग का फार्म भर आएं जब भी ट्रेनिंग होगी तो वो आपको फोन करके उसके बारे में बता देंगे, उस ट्रेनिंग में आपको मुर्गी पालन में सही तरीके से काम करने के बारे में पूरी जानकारी प्राप्त हो जाएगी
Posted by Vedachary Singrauli
Madhya Pradesh
11-02-2020 06:53 AM
वेदाचार्य जी, आप गन्ने की किस्मे जैसे के को.सी.-671, को.जे.एन. 86-141, को.86-572, को. 94008, को.जे.एन.9823, को. 86032, को. 7318, के. 99004, को.जे.एन.86-600, को.जे.एन.9505 की बिजाई कर सकते हैं, गन्ने में रोग जैसे के कंडवा रोग, लाल सड़न रोग, उकठा रोग, ग्रासी सूट जैसे बीमारियां आ जाती है, कृपया आप बताये के आप किस बिमारी के उपचार के बारे में जानकारी लेना चाहते हैं, .... (Read More)
वेदाचार्य जी, आप गन्ने की किस्मे जैसे के को.सी.-671, को.जे.एन. 86-141, को.86-572, को. 94008, को.जे.एन.9823, को. 86032, को. 7318, के. 99004, को.जे.एन.86-600, को.जे.एन.9505 की बिजाई कर सकते हैं, गन्ने में रोग जैसे के कंडवा रोग, लाल सड़न रोग, उकठा रोग, ग्रासी सूट जैसे बीमारियां आ जाती है, कृपया आप बताये के आप किस बिमारी के उपचार के बारे में जानकारी लेना चाहते हैं, ताकि आपको उसके हिसाब से पूरी जानकारी दी जा सके, धन्यवाद
Posted by Pushpendra Singh Chauhan
Gujarat
11-02-2020 06:50 AM
Pushpendra ji, DAP @ 27-55 kilo per acre is required for the cultivation of Maize. Thank you
Posted by Vedachary Singrauli
Madhya Pradesh
11-02-2020 06:40 AM
वेदाचार्य जी, कृपया आप बेल के पौधे के फोटो भेजें ताकि आपको देख कर रोग और उसके उपचार के बारे में जानकारी दी जा सके, धन्यवाद

Posted by singh dhaliwal
Punjab
11-02-2020 06:39 AM
ਧਾਲੀਵਾਲ ਜੀ, ਕਿਰਪਾ ਕਰ ਕੇ ਤੁਸੀਂ ਫ਼ਸਲ ਦੀ ਫੋਟੋ ਭੇਜੋ ਤਾਂਜੋ ਤੁਹਾਨੂੰ ਦੇਖ ਕੇ ਇਸ ਬਾਰੇ ਪੂਰੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਦਿੱਤੀ ਜਾ ਸਕੇ, ਧੰਨਵਾਦ
Posted by Vedachary Singrauli
Madhya Pradesh
11-02-2020 06:37 AM
वेदाचार्य जी, फसल में फूल आने के बाद आप इसमें NPK 130045 @ 10 ग्राम प्रति लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे करें, अगर किसी फंगस का हमला है तो आप इसमें carbendazim @ 4 ग्राम प्रति लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे कर सकते हैं, समय समय पर फसल का सर्वेक्षण करे रहे, धन्यवाद
Posted by GURLAL SINGH GILL
Punjab
11-02-2020 06:36 AM
ਗੁਰਲਾਲ ਜੀ, ਪੋਟਾਸ਼ ਦੀ ਘਾਟ ਦੀ ਨਾਲ ਕਣਕ ਦੇ ਪੁਰਾਣੇ ਪੱਤੇ ਸਿਰੇ ਤੋਂ ਪੀਲੇ ਪੈਣੇ ਸ਼ੁਰੂ ਹੋ ਜਾਂਦੇ ਹਨ ਅਤੇ ਫਿਰ ਇਹ ਸੜ ਜਾਂਦੇ ਹਨ, ਧੰਨਵਾਦ
Posted by Vedachary Singrauli
Madhya Pradesh
11-02-2020 06:35 AM
वेदाचार्य जी, कृपया आप कीट की फोटो भेजें ताकि पको देख कर इसके बारे में जानकारी दी जा सके, धन्यवाद
Posted by Uday Singh
Uttar Pradesh
11-02-2020 06:15 AM
आप उसे Fatplus पाउडर 50 ग्राम या Fatmax पाउडर 50 ग्राम और glactogog पाउडर 50—50 ग्राम सुबह शाम दें, आप उसे अच्छी फीड के साथ एक किलो सरसों की खल, 1 किलो बिनौला खल सुबह शाम दें , 20 ग्राम मीठा सोडा रोजाना एक बार दें इससे फर्क पड़ जाएगा..

Posted by balram Thakur
Punjab
11-02-2020 02:54 AM
ਬਲਰਾਮ ਜੀ, ਇਹ manganese ਦੀ ਘਾਟ ਦੀ ਵਜ੍ਹਾ ਨਾਲ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਤੁਸੀਂ ਕਣਕ ਵਿਚ manganese sulphate @1 ਕਿਲੋ ਨੂੰ 150 ਲਿਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿਚ ਮਿਲਾ ਕੇ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਸਪਰੇ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ, ਧੰਨਵਾਦ
Posted by saysingh Balake
Madhya Pradesh
11-02-2020 02:46 AM
सैसिंघ जी, आप कीट की रोकथाम के लिए गेहूं में imidacloprid @ 60 ml को 150 लीटर पानी में मिला कर प्रति एकड़ के हिसाब से स्प्रे करें, धन्यवाद

Posted by shubham mahakalkar
Maharashtra
11-02-2020 02:12 AM
shubham ji 1 kilo ajola se kitna ajola tyar hoga iska anumaan nahi lgaya ja sakta kyuki yeh har teesre din ktayi ke liye tyar ho jata hai ek kilo beej ko aap 10x3 jga men daal sakte hai.dhanywad

Posted by alok juyal
Uttarakhand
11-02-2020 01:23 AM
बकरी पालन बहुत ही लाभकारी काम है शुरूआत करने के लिए आप 10 बकरियों और 2 बकरे के साथ कर सकत हैं इन्हें खुराक कम चाहिए इसलिए इन्हें आसानी से पाल सकते हैं ये हर प्रकार के मौसम में पाली जा सकती हैं बकरियां 12-14 महीने में बच्चे देना शुरू कर देती है एक बकरी के लिए लगभग 12—15 वर्ग फीट जगह छती हुई और 25—30 वर्ग फीट जगह खुली चाहिए .... (Read More)
बकरी पालन बहुत ही लाभकारी काम है शुरूआत करने के लिए आप 10 बकरियों और 2 बकरे के साथ कर सकत हैं इन्हें खुराक कम चाहिए इसलिए इन्हें आसानी से पाल सकते हैं ये हर प्रकार के मौसम में पाली जा सकती हैं बकरियां 12-14 महीने में बच्चे देना शुरू कर देती है एक बकरी के लिए लगभग 12—15 वर्ग फीट जगह छती हुई और 25—30 वर्ग फीट जगह खुली चाहिए बकरी का गर्भ समय 150 दिन का होता है और साल में 1-5 बच्चे देती है साल में दो बच्चे देना आम बात है बकरियां 8-10 वर्ष तक बच्चे देती हैं और अपन गिनती को तेजी से बढ़ा लेती हैं आप बारबरी, ब्लैक बंगाल, जैसी नसल पाल सकते हैं यदि आप बीटल नस्ल रखना चाहते है तो यह लगभग 20—25 हज़ार तक अच्छी ग्रोथ वाली बकरी मिल जाएगी फिर आप अपने बजट के हिसाब से इस काम को कर सकते है.

Posted by रोशन नरगाये
Madhya Pradesh
11-02-2020 12:44 AM
रोशन जी, आप इस समय फसलें जैसे कि राजमा, शिमला मिर्च, खीरा-ककड़ी, लोबिया, करेला, लौकी, तुरई, पेठा, खरबूजा, तरबूज, पालक, फूलगोभी, बैंगन, भिण्डी, अरबी, एस्पेरेगस, ग्वार और मक्की की बिजाई कर सकते हैं, धन्यवाद
Posted by Dharmendra Kumar
Uttar Pradesh
11-02-2020 12:35 AM
Dharmendra Kumar ji, ap apni mitti ki jaanch apne najdeeki KVK se karwaye or uske hisaab se isme khaad ka istemal karein, iske ilawa ap apni fasal ko ugane se pehle hari kaaad ki bijai kar sakte hain, isse mitti ki guwata bad jati hai, dhanywad
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