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Posted by daljeet singh
Punjab
11-02-2020 11:18 PM
Punjab
02-12-2020 09:38 AM
daljeet ji kirpa karke daso ke tuc isdi spray kar diti hai ta karni hai ta jo tuhanu is bare poori jankari diti ja sake,dhanwad
Posted by Shubham
Maharashtra
11-02-2020 11:08 PM
Punjab
02-12-2020 02:41 PM
शुभम जी इसे आप Hitek injection 1ml चमड़ी में लगवाएं इससे फर्क पड़ जाएगा
Posted by Shubham
Maharashtra
11-02-2020 11:06 PM
Punjab
02-12-2020 02:43 PM
शुभम जी आप Agrimin, Bovimin-b, Minfa gold इनमें से कोई भी मिनरत मिक्सचर प्रयोग कर सकते है
Posted by rajik soudagar
Maharashtra
11-02-2020 10:48 PM
Punjab
02-11-2020 10:55 PM
Cari priya ke egg white hote hai isse Commercial White Egg Laying Chicken ke liye rakhte hai.
Posted by rajik soudagar
Maharashtra
11-02-2020 10:47 PM
Punjab
02-11-2020 10:56 PM
Cari priya ke egg white hote hai isse Commercial White Egg Laying Chicken ke liye rakhte hai.
Posted by rajik soudagar
Maharashtra
11-02-2020 10:45 PM
Punjab
02-13-2020 05:45 PM
Rajik ji aap carry priya chicks lene ke liye Kamlesh Kushwaha 9229881876 Bhumika ANIMAL Breeder farm se sampark kr skte hai.
Posted by vijay kumar yadav
Bihar
11-02-2020 10:43 PM
Punjab
02-12-2020 10:02 AM
Vijay ji papite ke paudhon ke sath aap mango, litchi, sapota ki bijai kar sakte hai.dhanywad
Posted by Ramandeep singh
Punjab
11-02-2020 10:30 PM
Punjab
02-12-2020 02:44 PM
ਫੈਟ ਵਧਾਉਣ ਲਈ ਅੱਧਾ ਕਿਲੋ ਦੇਸੀ ਕਪਾਹ ਦੇ ਵੜੇਵੇ ਚਾਰੋ ਜੀ ਅਤੇ ਬੀਟੀ ਕਾਟਨ ਦੀ ਵਰਤੋ ਬਿਲਕੁੱਲ ਨਾ ਕਰੋ ਅਤੇ ਦੁੱਧ ਵਧਾਉਣ ਤੁਸੀ ਦਾਣੇ ਨੂੰ ਗਿੱਲਾ ਕਰਕੇ ਉਸ ਵਿੱਚ 10 ਗ੍ਰਾਮ ਲਾਈਵਈਸਟ ਮਿਲਾ ਕੇ ਦੁੱਧ ਚੋਣ ਤੋਂ 10 ਮਿੰਟ ਪਹਿਲਾ ਘੋਲ ਕੇ ਪਾਓ ਇਹ ਲਾਈਵਈਸਟ ਤੁਹਾਨੂੰ ਪੰਸਾਰੀ ਦੀ ਦੁਕਾਨ ਤੋਂ ਮਿਲ ਜਾਵੇਗਾ ਇਹ ਜਿਆਦਾ ਟਾਈਮ ਨਹੀ ਪਿਆ ਰਹਿਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਇਸ ਨਾਲ ਦੁੱਧ ਵੱਧ ਜਾਵੇਗਾ ਜਾਂ ਤੁ.... (Read More)
ਫੈਟ ਵਧਾਉਣ ਲਈ ਅੱਧਾ ਕਿਲੋ ਦੇਸੀ ਕਪਾਹ ਦੇ ਵੜੇਵੇ ਚਾਰੋ ਜੀ ਅਤੇ ਬੀਟੀ ਕਾਟਨ ਦੀ ਵਰਤੋ ਬਿਲਕੁੱਲ ਨਾ ਕਰੋ ਅਤੇ ਦੁੱਧ ਵਧਾਉਣ ਤੁਸੀ ਦਾਣੇ ਨੂੰ ਗਿੱਲਾ ਕਰਕੇ ਉਸ ਵਿੱਚ 10 ਗ੍ਰਾਮ ਲਾਈਵਈਸਟ ਮਿਲਾ ਕੇ ਦੁੱਧ ਚੋਣ ਤੋਂ 10 ਮਿੰਟ ਪਹਿਲਾ ਘੋਲ ਕੇ ਪਾਓ ਇਹ ਲਾਈਵਈਸਟ ਤੁਹਾਨੂੰ ਪੰਸਾਰੀ ਦੀ ਦੁਕਾਨ ਤੋਂ ਮਿਲ ਜਾਵੇਗਾ ਇਹ ਜਿਆਦਾ ਟਾਈਮ ਨਹੀ ਪਿਆ ਰਹਿਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਇਸ ਨਾਲ ਦੁੱਧ ਵੱਧ ਜਾਵੇਗਾ ਜਾਂ ਤੁਸੀ ਕੱਦੂ ਜਾਂ ਲੋਕੀ ਖਵਾਓ ਪਸ਼ੂ ਨੂੰ ਇਹ ਵੀ ਦੁੱਧ ਵਧਾਉਣ ਲਈ ਠੀਕ ਹੈ ਇਸਦੇ ਨਾਲ ਤੁਸੀ ਪਸ਼ੂ ਨੂੰ Fatplus ਜਾਂ Fatmax 50 ਗ੍ਰਾਮ ਪਾਊਡਰ ਵੀ ਦੇਣਾ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ , ਇਸ ਨਾਲ ਫੈਟ ਵਿੱਚ ਫਰਕ ਪੈ ਜਾਵੇਗਾ, ਬਾਕੀ ਤੁਸੀ Milkout ਪਾਊਡਰ 2-2 ਚਮਚ ਸਵੇਰੇ ਸ਼ਾਮ ਦਿਓ , ਇਸ ਨਾਲ ਦੁੱਧ ਵੱਧ ਜਾਵੇਗਾ..
Posted by dinesh potai
Chattisgarh
11-02-2020 10:11 PM
Punjab
02-12-2020 11:03 AM
दिनेश जी कृपया आप पौधे की उम्र बताये ताकि आपको इसके बारे में पूरी जानकारी दी जा सके धन्यवाद
Posted by Ravindr Kumar
Uttar Pradesh
11-02-2020 10:09 PM
Rajasthan
02-12-2020 11:00 AM
मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजि.... (Read More)
मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजित किया जा रहा है प्रशिक्षण कार्य कर्म में भाग लेने के लिए नीचे दिए गए नम्बर पर आज ही संपर्क करें और Rs 250/ से अपना रजिस्ट्रेशन करवाए अचल सिंह (फाउंडर )- 9711858258. धन्यवाद
Posted by Ravindr Kumar
Uttar Pradesh
11-02-2020 10:08 PM
Rajasthan
02-12-2020 11:00 AM
मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजि.... (Read More)
मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजित किया जा रहा है प्रशिक्षण कार्य कर्म में भाग लेने के लिए नीचे दिए गए नम्बर पर आज ही संपर्क करें और Rs 250/ से अपना रजिस्ट्रेशन करवाए अचल सिंह (फाउंडर )- 9711858258. धन्यवाद
Posted by dinesh potai
Chattisgarh
11-02-2020 09:54 PM
Punjab
02-12-2020 11:03 AM
दिनेश जी कृपया आप पौधे की उम्र बताये ताकि आपको इसके बारे में पूरी जानकारी दी जा सके धन्यवाद
Posted by Kuldeep Kamboj
Punjab
11-02-2020 09:50 PM
Punjab
02-12-2020 07:26 AM
ਸ੍ਰੀ ਮਾਨ ਜੀ ਕਰੇਲੇ ਵਿੱਚ ਹਰੇ ਤੇਲੇ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਦੇ ਲਈ Actara@40gm ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਸਪਰੇਅ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ
Posted by kaushal singh
Uttar Pradesh
11-02-2020 09:28 PM
Punjab
02-12-2020 02:46 PM
सबसे पहले यदि हम मछली पालन की बात करें तो इसके लिए ट्रेनिंग बहुत जरूरी है यह ट्रेनिंग FFDA(fish farmer development aggency) हर जिले में बनी है जहां हमारा खेतीबाड़ी विभाग है वहां इसके अफसर बैठते हैं वहां जाकर एप्लीकेशन भरवायें वहां आपको 5 दिन की ट्रेनिंग दी जायेगी ट्रेनिंग के लिए दसवीं पास होना ज़रूरी है इस ट्रेनिंग में आपको लोन और स.... (Read More)
सबसे पहले यदि हम मछली पालन की बात करें तो इसके लिए ट्रेनिंग बहुत जरूरी है यह ट्रेनिंग FFDA(fish farmer development aggency) हर जिले में बनी है जहां हमारा खेतीबाड़ी विभाग है वहां इसके अफसर बैठते हैं वहां जाकर एप्लीकेशन भरवायें वहां आपको 5 दिन की ट्रेनिंग दी जायेगी ट्रेनिंग के लिए दसवीं पास होना ज़रूरी है इस ट्रेनिंग में आपको लोन और सब्सिड़ी के बारे में सारी जानकारी प्राप्त हो जाएगी.
Posted by R D* (RaJa Dhother)
Punjab
11-02-2020 09:15 PM
Punjab
02-12-2020 07:26 AM
ਸ੍ਰੀ ਮਾਨ ਜੀ ਕਿਰਪਾ ਕਰਕੇ ਆਪਣਾ ਸਵਾਲ ਵਿਸਥਾਰਪੂਰਵਕ ਪੁੱਛੋ ਤਾਂ ਕਿ ਇਸਦੀ ਸਹੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਦਿੱਤੀ ਜਾਵੇ
Posted by husan
Punjab
11-02-2020 09:15 PM
Punjab
02-12-2020 02:48 PM
ਤੁਸੀ ਇਸ ਨੂੰ ਪੇਟ ਦੇ ਕੀੜਿਆਂ ਲਈ Bandykind plus ਗੋਲੀ ਦਿਓ ਅਤੇ ਹਰ 3 ਮਹੀਨਿਆਂ ਬਾਅਦ ਪੇਟ ਦੇ ਕੀੜਿਆਂ ਲਈ ਗੋਲੀ ਜਰੂਰ ਦਿਓ ਅਤੇ Ovumin advance tablet ਰੋਜਾਨਾ 1 ਗੋਲੀ ਦਿਓ ਅਤੇ 21 ਦਿਨ ਤਕ ਦਿਓ, ਇਸ ਨਾਲ ਹੀਟ ਵਿਚ ਆ ਜਾਵੇਗੀ.
Posted by sulabh
Maharashtra
11-02-2020 09:08 PM
Punjab
02-12-2020 02:49 PM
Sulabh ji iske vare sahi jankari apko nazdiki dairy wale se mill skti hai kyuki woh ek sath ekatha dudh sale krte hai jiss per kush bonas v milta hai.
Posted by ਜਗਦੇਵ ਸਿੰਘ
Punjab
11-02-2020 09:06 PM
Punjab
02-12-2020 02:51 PM
ਤੁਸੀ ਉਸ ਨੂੰ pregstay gold ਪਾਊਡਰ 30 ਗ੍ਰਾਮ ਰੋਜਾਨਾ 20 ਦਿਨ ਤੱਕ ਦੇਣਾ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ ਇਸ ਨਾਲ ਪਸ਼ੂ ਦੇ ਗੱਭਣ ਰਹਿਣ ਦੀ ਆਸ ਵੱਧ ਜਾਂਦੀ ਹੈ, ਬਾਕੀ ਤੁਸੀ ਉਸ ਨੂੰ ਖੁਰਾਕ ਜੋ ਦਿੰਦੇ ਹੋ ਓਹੀ ਦਿੰਦੇ ਰਹੋ..
Posted by R D* (RaJa Dhother)
Punjab
11-02-2020 09:05 PM
Punjab
02-12-2020 07:27 AM
ਸ੍ਰੀ ਮਾਨ ਜੀ ਕਿਰਪਾ ਕਰਕੇ ਆਪਣਾ ਸਵਾਲ ਵਿਸਥਾਰਪੂਰਵਕ ਪੁੱਛੋ ਤਾਂ ਕਿ ਇਸਦੀ ਸਹੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਦਿੱਤੀ ਜਾਵੇ
Posted by Shravani Saha
Jharkhand
11-02-2020 08:58 PM
Punjab
02-12-2020 11:47 AM
Shravani ji lemon grass ki kheti ki ja sakti hai chat par lekin kripya aap btaye ke aapki chat ka area kitna hai taki aapko uske hisab se jankari di ja sake ke aap fasl ki marketing kaha par kar sakte hai.dhanywad
Posted by Rameshwar Chauhan
Uttar Pradesh
11-02-2020 08:46 PM
Punjab
02-12-2020 07:27 AM
Shri maan g kripa aap apna swal visthar se puchein toh aapko poori jankari di ja ske...
Posted by jassa
Punjab
11-02-2020 08:39 PM
Punjab
02-12-2020 02:53 PM
ਫੈਟ ਵਧਾਉਣ ਲਈ ਅੱਧਾ ਕਿਲੋ ਦੇਸੀ ਕਪਾਹ ਦੇ ਵੜੇਵੇ ਚਾਰੋ ਜੀ ਅਤੇ ਬੀਟੀ ਕਾਟਨ ਦੀ ਵਰਤੋ ਬਿਲਕੁੱਲ ਨਾ ਕਰੋ ਅਤੇ ਦੁੱਧ ਵਧਾਉਣ ਤੁਸੀ ਦਾਣੇ ਨੂੰ ਗਿੱਲਾ ਕਰਕੇ ਉਸ ਵਿੱਚ 10 ਗ੍ਰਾਮ ਲਾਈਵਈਸਟ ਮਿਲਾ ਕੇ ਦੁੱਧ ਚੋਣ ਤੋਂ 10 ਮਿੰਟ ਪਹਿਲਾ ਘੋਲ ਕੇ ਪਾਓ ਇਹ ਲਾਈਵਈਸਟ ਤੁਹਾਨੂੰ ਪੰਸਾਰੀ ਦੀ ਦੁਕਾਨ ਤੋਂ ਮਿਲ ਜਾਵੇਗਾ ਇਹ ਜਿਆਦਾ ਟਾਈਮ ਨਹੀ ਪਿਆ ਰਹਿਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਇਸ ਨਾਲ ਦੁੱਧ ਵੱਧ ਜਾਵੇਗਾ ਜਾਂ ਤੁ.... (Read More)
ਫੈਟ ਵਧਾਉਣ ਲਈ ਅੱਧਾ ਕਿਲੋ ਦੇਸੀ ਕਪਾਹ ਦੇ ਵੜੇਵੇ ਚਾਰੋ ਜੀ ਅਤੇ ਬੀਟੀ ਕਾਟਨ ਦੀ ਵਰਤੋ ਬਿਲਕੁੱਲ ਨਾ ਕਰੋ ਅਤੇ ਦੁੱਧ ਵਧਾਉਣ ਤੁਸੀ ਦਾਣੇ ਨੂੰ ਗਿੱਲਾ ਕਰਕੇ ਉਸ ਵਿੱਚ 10 ਗ੍ਰਾਮ ਲਾਈਵਈਸਟ ਮਿਲਾ ਕੇ ਦੁੱਧ ਚੋਣ ਤੋਂ 10 ਮਿੰਟ ਪਹਿਲਾ ਘੋਲ ਕੇ ਪਾਓ ਇਹ ਲਾਈਵਈਸਟ ਤੁਹਾਨੂੰ ਪੰਸਾਰੀ ਦੀ ਦੁਕਾਨ ਤੋਂ ਮਿਲ ਜਾਵੇਗਾ ਇਹ ਜਿਆਦਾ ਟਾਈਮ ਨਹੀ ਪਿਆ ਰਹਿਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਇਸ ਨਾਲ ਦੁੱਧ ਵੱਧ ਜਾਵੇਗਾ ਜਾਂ ਤੁਸੀ ਕੱਦੂ ਜਾਂ ਲੋਕੀ ਖਵਾਓ ਪਸ਼ੂ ਨੂੰ ਇਹ ਵੀ ਦੁੱਧ ਵਧਾਉਣ ਲਈ ਠੀਕ ਹੈ ..
Posted by mohit Kumar jaiswal
Uttar Pradesh
11-02-2020 08:36 PM
Punjab
02-12-2020 11:58 AM
यह एक सदाबाहर जड़ी-बूटी वाला पौधा है अरवी की खेती कई प्रकार की मिट्टी जैसे कि रेतली से दोमट मिट्टी में की जाती है, पर यह रेतली दोमट या जैविक तत्वों की भरपूर मात्रा वाली मिट्टी में उगाने पर बढ़िया परिणाम देती है घटिया निकास वाली मिट्टी में इसकी खेती ना करें कम ऊपजाऊ और नमी वाली मिट्टी इसकी पैदावार को कम कर देती .... (Read More)
यह एक सदाबाहर जड़ी-बूटी वाला पौधा है अरवी की खेती कई प्रकार की मिट्टी जैसे कि रेतली से दोमट मिट्टी में की जाती है, पर यह रेतली दोमट या जैविक तत्वों की भरपूर मात्रा वाली मिट्टी में उगाने पर बढ़िया परिणाम देती है घटिया निकास वाली मिट्टी में इसकी खेती ना करें कम ऊपजाऊ और नमी वाली मिट्टी इसकी पैदावार को कम कर देती है प्रसिद्ध किस्में:- Punjab Arvi-1: यह किस्म 2009 में विकसित की गई इसके पौधे लम्बे कद के और हरे पत्तों वाले, जो तिरछे सीधे और आकार में बढ़े होते है इसके फल सामान्य मोटे और लम्बे होते है इसके फल भूरे रंग के और गुद्दा अंदर से क्रीम रंग का होता है यह किस्म 175 दिनों में पक कर तैयार हो जाती है इसकी औसतन पैदावार 90 क्विंटल प्रति एकड़ होती है अरवी की खेती के लिए, ज़मीन को अच्छी तरह से तैयार करें खेत को भुरभुरा करने के लिए, बिजाई से पहले खेत की 2-3 बार जोताई करें और उसके बाद सुहागा फेरें खेत को नदीन-मुक्त रखें पंजाब में उचित पैदावार के लिए, फरवरी महीने के पहले पखवाड़े में गांठों को नर्सरी बैडों पर बोयें पंक्ति से पंक्ति में 60x15 या 45 x 20 सैं.मी. का फासला रखें गांठों को 6-7.5 सैं.मी. की गहराई पर बोयें गांठो की हाथों से बिजाई की जाती है बीजों को मिट्टी में गहराई से बोया जाता है गांठों की बिजाई गड्डे खोद कर की जाती है इसके इलावा इसकी बिजाई आलुओं की तरह मशीन से भी की जा सकती है प्रति एकड़ खेत में 300-400 किलो गांठों का प्रयोग करें बीज के उपचार के लिए बविस्टीन के 2% घोल में 30 मिनट के लिए गांठों को भिगोएं यह गांठों को मिट्टी में पैदा होने वाली बीमारीयों से बचाता है बिजाई से पहले, गली हुई रूड़ी की खाद 40-62.5 क्विंटल प्रति एकड़ में डालें शुरुआती खाद के तौर पर यूरिया 90 किलो, सिंगल सुपर फासफेट 125 किलो और मिउरेट ऑफ़ पोटाश 35 किलो प्रति एकड़ डालें बिजाई के समय पोटाशियम और फासफोरस की पूरी मात्रा डालें पहली बिजाई के समय नाइट्रोजन की मात्रा दो हिस्सों में डालें और बाकी की बची हुई मात्रा गोड़ाई, निराई और मिट्टी चढ़ाने के समय डालें खेत को नदीन मुक्त करने के लिए, 1-2 कसी से गोड़ाई करें और हर एक गोड़ाई के बाद जड़ों पर मिट्टी चढ़ाएं जरूरत से पहले सिंचाई फसल की बढ़िया पैदावार के लिए बहुत लाभदायक होती है गर्मीयों में, सिंचाई 3-4 दिनों के फासले पर करें और बारिश के मौसम में, सिंचाई की जरूरत नहीं होती, पर कई बार आवश्यकता अनुसार जीवन रक्षक के लिए सिंचाई जरूरी होती है इस फसल को नियमित अंकुरण के लिए स्थिर सिंचाई की आवश्यकता होती है इसलिए बिजाई के तुरंत बाद सिंचाई करें बीजों के अंकुरण तक खेत में नमी बनाये रखें इस फसल की पुटाई पत्ते पीले पड़ने पर बिजाई के बाद 175-200 दिनों में की जा सकती हैं नर्म अरवी की पुटाई के लिए, अगेती पुटाई करें पुटाई के काम को ज्यादा आसान करने के लिए खेत को अच्छी तरह से पानी लगाएं इसकी पुटाई कसी या हाथ वाले औज़ारों के साथ की जा सकती हैं पुटाई के बाद अरवी को साफ किया जाता है और फिर छंटाई की जाती है पुटाई के बाद अरवी को ठंडी और शुष्क जगह पर बीज उत्पादन के लिए स्टोर कर लिया जाता है ठंडी और शुष्क जगह पर स्टोर करने से अरवी को गलन रोग से बचाया जाता है अरवी को कोल्ड स्टोर या गड्डों में भी स्टोर किया जा सकता है
Posted by mohit Kumar jaiswal
Uttar Pradesh
11-02-2020 08:34 PM
Punjab
02-12-2020 11:58 AM
यह एक सदाबाहर जड़ी-बूटी वाला पौधा है अरवी की खेती कई प्रकार की मिट्टी जैसे कि रेतली से दोमट मिट्टी में की जाती है, पर यह रेतली दोमट या जैविक तत्वों की भरपूर मात्रा वाली मिट्टी में उगाने पर बढ़िया परिणाम देती है घटिया निकास वाली मिट्टी में इसकी खेती ना करें कम ऊपजाऊ और नमी वाली मिट्टी इसकी पैदावार को कम कर देती .... (Read More)
यह एक सदाबाहर जड़ी-बूटी वाला पौधा है अरवी की खेती कई प्रकार की मिट्टी जैसे कि रेतली से दोमट मिट्टी में की जाती है, पर यह रेतली दोमट या जैविक तत्वों की भरपूर मात्रा वाली मिट्टी में उगाने पर बढ़िया परिणाम देती है घटिया निकास वाली मिट्टी में इसकी खेती ना करें कम ऊपजाऊ और नमी वाली मिट्टी इसकी पैदावार को कम कर देती है प्रसिद्ध किस्में:- Punjab Arvi-1: यह किस्म 2009 में विकसित की गई इसके पौधे लम्बे कद के और हरे पत्तों वाले, जो तिरछे सीधे और आकार में बढ़े होते है इसके फल सामान्य मोटे और लम्बे होते है इसके फल भूरे रंग के और गुद्दा अंदर से क्रीम रंग का होता है यह किस्म 175 दिनों में पक कर तैयार हो जाती है इसकी औसतन पैदावार 90 क्विंटल प्रति एकड़ होती है अरवी की खेती के लिए, ज़मीन को अच्छी तरह से तैयार करें खेत को भुरभुरा करने के लिए, बिजाई से पहले खेत की 2-3 बार जोताई करें और उसके बाद सुहागा फेरें खेत को नदीन-मुक्त रखें पंजाब में उचित पैदावार के लिए, फरवरी महीने के पहले पखवाड़े में गांठों को नर्सरी बैडों पर बोयें पंक्ति से पंक्ति में 60x15 या 45 x 20 सैं.मी. का फासला रखें गांठों को 6-7.5 सैं.मी. की गहराई पर बोयें गांठो की हाथों से बिजाई की जाती है बीजों को मिट्टी में गहराई से बोया जाता है गांठों की बिजाई गड्डे खोद कर की जाती है इसके इलावा इसकी बिजाई आलुओं की तरह मशीन से भी की जा सकती है प्रति एकड़ खेत में 300-400 किलो गांठों का प्रयोग करें बीज के उपचार के लिए बविस्टीन के 2% घोल में 30 मिनट के लिए गांठों को भिगोएं यह गांठों को मिट्टी में पैदा होने वाली बीमारीयों से बचाता है बिजाई से पहले, गली हुई रूड़ी की खाद 40-62.5 क्विंटल प्रति एकड़ में डालें शुरुआती खाद के तौर पर यूरिया 90 किलो, सिंगल सुपर फासफेट 125 किलो और मिउरेट ऑफ़ पोटाश 35 किलो प्रति एकड़ डालें बिजाई के समय पोटाशियम और फासफोरस की पूरी मात्रा डालें पहली बिजाई के समय नाइट्रोजन की मात्रा दो हिस्सों में डालें और बाकी की बची हुई मात्रा गोड़ाई, निराई और मिट्टी चढ़ाने के समय डालें खेत को नदीन मुक्त करने के लिए, 1-2 कसी से गोड़ाई करें और हर एक गोड़ाई के बाद जड़ों पर मिट्टी चढ़ाएं जरूरत से पहले सिंचाई फसल की बढ़िया पैदावार के लिए बहुत लाभदायक होती है गर्मीयों में, सिंचाई 3-4 दिनों के फासले पर करें और बारिश के मौसम में, सिंचाई की जरूरत नहीं होती, पर कई बार आवश्यकता अनुसार जीवन रक्षक के लिए सिंचाई जरूरी होती है इस फसल को नियमित अंकुरण के लिए स्थिर सिंचाई की आवश्यकता होती है इसलिए बिजाई के तुरंत बाद सिंचाई करें बीजों के अंकुरण तक खेत में नमी बनाये रखें इस फसल की पुटाई पत्ते पीले पड़ने पर बिजाई के बाद 175-200 दिनों में की जा सकती हैं नर्म अरवी की पुटाई के लिए, अगेती पुटाई करें पुटाई के काम को ज्यादा आसान करने के लिए खेत को अच्छी तरह से पानी लगाएं इसकी पुटाई कसी या हाथ वाले औज़ारों के साथ की जा सकती हैं पुटाई के बाद अरवी को साफ किया जाता है और फिर छंटाई की जाती है पुटाई के बाद अरवी को ठंडी और शुष्क जगह पर बीज उत्पादन के लिए स्टोर कर लिया जाता है ठंडी और शुष्क जगह पर स्टोर करने से अरवी को गलन रोग से बचाया जाता है अरवी को कोल्ड स्टोर या गड्डों में भी स्टोर किया जा सकता है
Posted by subhash
Haryana
11-02-2020 08:33 PM
Punjab
02-12-2020 12:10 PM
टिंडा :- Hisar Selection: इसकी औसतन पैदावार 30-40 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Bikaneri Green: इसके फल हरे रंग के और इसकी औसतन पैदावार 30-40 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Hisar Tinda: यह उच्च पैदावार वाली किस्म है इसके फल गोल आकार के, हल्के हरे, नर्म और रसदार होते हैं इन्हें गर्मियों में और बारिश के मौसम में भी उगाया जा सकता है यह पत्तों के धब्बा रोग औ.... (Read More)
टिंडा :- Hisar Selection: इसकी औसतन पैदावार 30-40 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Bikaneri Green: इसके फल हरे रंग के और इसकी औसतन पैदावार 30-40 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Hisar Tinda: यह उच्च पैदावार वाली किस्म है इसके फल गोल आकार के, हल्के हरे, नर्म और रसदार होते हैं इन्हें गर्मियों में और बारिश के मौसम में भी उगाया जा सकता है यह पत्तों के धब्बा रोग और जड़ गलन की प्रतिरोधी किस्म है खीरा :- Cucumber-75: इसके फल हल्के रंग के और 11-15 सैं.मी. लंबे होते हैं फलों की पहली तुड़ाई 75 दिनों के बाद की जाती है और इसकी औसतन पैदावार 62.5-80 क्विंटल प्रति एकड़ होती है यह किस्म दरमियाने क्षेत्रों में उगाने के लिए उपयुक्त है इसकी बिजाई फरवरी के दूसरे पखवाड़े से लेकर मार्च के पहले सप्ताह में की जाती है और बारिश के मौसम में जून जुलाई महीने में बिजाई की जाती है Cucumber-90: इसके फल हल्के रंग के और 15-20 सैं.मी. लंबे होते हैं फलों की पहली तुड़ाई 90 दिनों के बाद की जाती है और इसकी औसतन पैदावार 62.5-80 क्विंटल प्रति एकड़ होती है यह किस्म दरमियाने क्षेत्रों में उगाने के लिए उपयुक्त है Poinsett: इसके फल गहरे हरे रंग के और 15-20 सैं.मी. लंबे होते हैं फलों की पहली तुड़ाई 60 दिनों के बाद की जाती है और इसकी औसतन पैदावार 50-52 क्विंटल प्रति एकड़ होती है यह किस्म निचले और दरमियाने क्षेत्रों में उगाने के लिए उपयुक्त है KH-1: यह हाइब्रिड किस्म है इसक फल नर्म और 12-14 सैं.मी. लंबे और हल्के हरे रंग के होते हैं यह जल्दी पकने वाली किस्म है जो कि 65 दिनों में पक जाती है और इसकी औसतन पैदावार 145-166 क्विंटल प्रति एकड़ होती है उत्तर भारत में इसकी खेती दो बार की जा सकती है इसे फरवरी -मार्च और जून-जुलाई में भी बोया जा सकता है
Posted by Akbar Ali khan
Uttar Pradesh
11-02-2020 08:21 PM
Punjab
02-11-2020 08:53 PM
श्री मान खुम्ब की किस्में कई प्रकार की होती है जैसे कि बटन खुम्ब, डीगरी, शटाकी खुम्ब, पराली खुम्ब, और मिलकी खुम्ब इनमे से कुइ खुम्ब सर्दियो के मौसम में और कुछ गर्मीयों के मौसम में लगाये जाते है और हर खुम्ब को लगाने का समय अलग अलग है जैसे बटन खुम्ब का समय सितंबर से मार्च तक होता है इस समय में हम तीन फसले ले सकते ह.... (Read More)
श्री मान खुम्ब की किस्में कई प्रकार की होती है जैसे कि बटन खुम्ब, डीगरी, शटाकी खुम्ब, पराली खुम्ब, और मिलकी खुम्ब इनमे से कुइ खुम्ब सर्दियो के मौसम में और कुछ गर्मीयों के मौसम में लगाये जाते है और हर खुम्ब को लगाने का समय अलग अलग है जैसे बटन खुम्ब का समय सितंबर से मार्च तक होता है इस समय में हम तीन फसले ले सकते है शटाकी खुम्ब का समय अक्तूबर से मध्य फरवरी तक हैं इस समय हम एक फसल ही ले सकते है पराली खुम्ब का समय अप्रैल से अगस्त तक है इस समय हम चार फसले ले सकते है मिलकी खुम्ब का समय अप्रैल से सितंबर तक है आप अब अप्रैल में मिलकी या पराली खुम्ब लगा सकते है पराली खुमब के लिए आपको पराली, बीज, बांस, सेबा, आदि की जरूरत है पराली के पूले, धानो की पराली 1-1 किलो के पूले दोनो सिरो से सेबे से बांध कर तैयार किये जाते है पूले के सिरे कांट कर एक सार कर लिए जाते है पूलो की क्यिारी लगाना पराली के पूलो को साफ पानी में 16-20 घंटो के लिए डूबो दे गिले पूलो को ढलान पर रख कर फालतू पानी को निकलने दे कमरे ईटो और बांस से एक पलेटफार्म बनाये इस पलेटफार्म पर 5 पूलो की एक तहय लगाये जिसके ऊपर 75 ग्राम बीज डाले इसके ऊपर की तहय उलट होती है इस प्रकार 5-5 पूलो की तहय में 300 ग्राम बीज डाल कर कियारी तैयार करे सबसे ऊपर दो पूलो को खोलकर रख दे खुम्बो का फूटना बिजाई से 7-9 दिनो के बाद खुम्ब फूटने लगती है पानी और हवा का संचार बिजाई के दो दिन के बाद हर रोज पानी का छिडका करे खुम्बो के फूटने के बाद हवा का संचार 6-8 घंटे प्रति दिन किया जाता है खुम्बो की तूडाई खुम्बो के फूटने के बाद 1-2 दिनो के बाद तोडाई के योग्य हो जाती है मिलकी खुम्ब मिलकी खुम्ब के लिए तूडी, बीज, मोमी लिफाफे, सेबा, केसिंग,मिट्टी आदि होने चाहिये तूडी की तैयारी सूकी तूडी को पक्के फर्श पर बिछा कर 16-20 घंटे पानी से गिला करे गिली तूडी को बोरी में भर कर सेबे से बांध दे इस बोरी को उबलते पानी में 45-50 मिनट रखें तूडी को निकालकर पक्के फर्श पर बिछा कर ठंडा करे यह तूडी बिजाई के लिए तैयार है बिजाई ठंडी तूडी में बीज मिलाकर मोमी लिफाफो में भर दें एक मोमी लिफाफें में लगभग 2 किलो गिली तूडी और 70-80 ग्राम बीज पडता है लिफाफे के मुंह को सेबे से अच्छी तरह बांध कर कमरे में रख दे केसिंग बिजाई के दो तीन हफतो के बाद लिफाफे खोलकर केसिंग की 1-1.5 की तहय लगा दें केसिंग में तूडी और रेतली मिट्टी होती है 24 घंटो के लिए 4 प्रतिशत फारमलेन के घोल से जीवाणु रहित किया जाता है खुम्बो का फूटना केसिंग मिट्टी डालने के लगभग दो हफतो में खुम्बो के छोटे छोटे किणके निकलने शुरू हो जाते है और 4-5 दिन के बाद तोडने योग्य हो जाते है खुम्बो की तूडाई लगभग 35-40 दिनो तक की जाती है
Posted by Sandeep singh
Punjab
11-02-2020 07:51 PM
Punjab
02-12-2020 02:57 PM
ਸੰਦੀਪ ਜੀ ਤੁਹਾਡਾ 5 ਸੂਰੀਆ ਰੱਖਣ ਵਿਚ ਲਗਭਗ 5-6 ਲੱਖ ਤਕ ਖਰਚ ਆ ਸਕਦਾ ਹੈ ਬਾਕੀ ਓਹਨਾ ਦੀ ਨਸਲ ਅਤੇ ਗਰੋਥ ਤੇ ਨਿਰਭਰ ਕਰਦਾ ਹੈ, ਜੇਕਰ ਸਹੀ ਤਰੀਕੇ ਨਾਲ ਸੂਰ ਪਾਲਣ ਦਾ ਕੰੰਮ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਲੈ ਕੇ ਕੀਤਾ ਜਾਵੇ ਤਾਂ ਕਾਮਯਾਬੀ ਮਿਲ ਸਕਦੀ ਹੈ ਜੀ ਬਾਕੀ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰਨ ਲਈ ਪਹਿਲਾਂ ਤੁਸੀ ਕਿਸੇ ਸਫਲ ਸੂਰ ਪਾਲਕ ਦੇ ਫਾਰਮ ਤੇ ਖੁਦ ਜਾ ਕੇ ਬਾਕੀ ਸ਼ੈਡ ਬਣਾਉਣ ਲਈ ਫਾਰਮ ਤੇ ਜਾ ਕੇ ਖੁਦ ਸਮਝਨਾ ਪੈਣਾ ਕਿਉਕੀ .... (Read More)
ਸੰਦੀਪ ਜੀ ਤੁਹਾਡਾ 5 ਸੂਰੀਆ ਰੱਖਣ ਵਿਚ ਲਗਭਗ 5-6 ਲੱਖ ਤਕ ਖਰਚ ਆ ਸਕਦਾ ਹੈ ਬਾਕੀ ਓਹਨਾ ਦੀ ਨਸਲ ਅਤੇ ਗਰੋਥ ਤੇ ਨਿਰਭਰ ਕਰਦਾ ਹੈ, ਜੇਕਰ ਸਹੀ ਤਰੀਕੇ ਨਾਲ ਸੂਰ ਪਾਲਣ ਦਾ ਕੰੰਮ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਲੈ ਕੇ ਕੀਤਾ ਜਾਵੇ ਤਾਂ ਕਾਮਯਾਬੀ ਮਿਲ ਸਕਦੀ ਹੈ ਜੀ ਬਾਕੀ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰਨ ਲਈ ਪਹਿਲਾਂ ਤੁਸੀ ਕਿਸੇ ਸਫਲ ਸੂਰ ਪਾਲਕ ਦੇ ਫਾਰਮ ਤੇ ਖੁਦ ਜਾ ਕੇ ਬਾਕੀ ਸ਼ੈਡ ਬਣਾਉਣ ਲਈ ਫਾਰਮ ਤੇ ਜਾ ਕੇ ਖੁਦ ਸਮਝਨਾ ਪੈਣਾ ਕਿਉਕੀ ਇਹ ਅਲੱਗ ਅਲੱਗ ਜਗਾਂ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਸੈਟ ਕਰਨਾ ਪੈਂਦਾ ਹੈ ਸਫ਼ਲ ਸੂ੍ਰ ਪਾਲਕਾ ਦੇ ਤਜ਼ਰਬੇ ਅਨੁਸਾਰ ਇੱਕ ਸੂਰੀ ਇੱਕ ਸਾਲ ਵਿੱਚ ਦੋ ਵਾਰ ਬੱਚੇ ਦਿੰਦੀ ਹੈ ਪਹਿਲੇ ਸੂਏ 6-7 ਬੱਚੇ ਦਿੰਦੀ ਹੈ ਤੇ ਦੂਜੇ ਸੂਏ 10-14 ਬੱਚੇ ਦਿੰਦੀ ਹੈ ਜੇਕਰ ਤੁਸੀ ਸੂਰ ਮੀਟ ਲਈ ਤਿਆਰ ਕਰ ਰਹੇ ਹੋਂ ਤਾਂ ਇੱਕ ਸੂਰ 7-8 ਮਹੀਨਿਆਂ ਵਿੱਚ ਲੱਗਭੱਗ 1 ਕੁਇੰਟਲ ਦਾ ਹੋ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਤੇ ਉਸ ਤੋਂ 100 ਰੁਪਏ ਪ੍ਰਤੀ ਕਿਲੋ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਵਿਕ ਜਾਂਦਾਂ ਹੈ ਤੇ ਗੱਭਣ ਸੂਰੀ 150-200 ਰੁਪਏ ਪ੍ਰਤੀ ਕਿਲੋ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਵੇਚੀ ਜਾ ਸਕਦੀ ਹੈ ਸੂਰਾਂ ਦੀ ਮਾਰਕੀਟਿੰਗ ਦੀ ਵੀ ਕੋਈ ਦਿੱਕਤ ਨਹੀ ਕਿੳਂਕੀ ਵਪਾਰੀ ਖੁਦ ਫਾਰਮ ਤੋਂਂ ਆ ਕੇ ਸੂਰ ਲੈ ਜਾਂਦੇ ਹਨ ਮਂੱਨ ਲਵੋ ਅੱਜ ਸੂਰੀ ਗੱਭਣ ਕਰਵਾਈ ਉਸ ਤੋਂ 115 ਦਿਨਾਂ ਬਾਅਦ ਬੱਚੇ ਦੇ ਦਿੰਦੀ ਹੈ ਫਿਰ 1 ਮਹੀਨਾ ਬੱਚਿਆਂ ਨੂੰ ਦੁੱਧ ਪਿਆਉਣਾ ਹੈ ਤੇ ਉਸ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਉਨਾਂ ਨੂੰ ਅਲੱਗ ਕੀਤਾ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਜਦੋੰ ਸੂਰੀ ਤੋਂਂ ਬੱਚੇ ਵੱਖ ਕੀਤੇ ਫਿਰ 5-7 ਦਿਨਾਂ ਬਾਅਦ ਫਿਰ ਦੁਬਾਰਾ ਗੱਬਣ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਸੂਰੀ ਇਸ ਤਰਾਂ ਇਹ ਦੁਬਾਰਾ ਫਿਰ ਸਰਕਲ ਚੱਲਦਾ ਰਹਿੰਦਾ ਹੈ ਇਥੇ ਗੱਲ ਧਿਆਨ ਰੱਖਣ ਵਾਲੀ ਹੈ ਕਿ ਇਹ ਸਰਕਲ ਤਾਂ ਹੀ ਸਹੀ ਚੱਲੇਗਾ ਜੇਕਰ ਫੀਡ ਸਹੀ ਪਾਉਦੇ ਰਹਾਂਗੇ ਜੇਕਰ ਆਪਾਂ ਫੀਡ ਸਹੀ ਨਾ ਪਾਈ ਤੇ 2 ਮਹੀਂਨੇ ਤੱਕ ਦੁੱਧ ਪਿਆਉਦੇ ਰਹੇ ਤੇ ਬੱਚਿਆਂ ਨੂੰ ਵੱਖ ਨਾ ਕੀਤਾ ਤਾਂ ਸਰਕਲ ਖਰਾਬ ਹੋ ਜਾਵੇਗਾ ਸੋ ਫੀਡ ਤੇ ਖਰਚਾ ਤਾਂ ਜਿਆਦਾ ਆਉਦਾ ਹੈ ਤੇ ਮੁਨਾਫਾ ਵੀ ਪੂਰਾ ਮਿਲ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਪੰਜ ਗੱਭਣ ਸੂਰੀਆ 10-11 ਮਹੀਨਿਆ ਬਾਅਦ ਪਹਿਲੀ ਇਨਕਮ ਆਉਸੀ ਹੈ ਤੇ ਲੱਗਭੱਗ ਇੱਕ ਸੂਰੀ 3500 ਰੁਪਏ ਮਹੀਨੇ ਦੀ ਇਨਕਮ ਆਉਦੀ ਹੈ ਇਸ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਤੁਸੀ ਅੰਦਾਜ਼ਾ ਲਾ ਸਕਦੇ ਸਬਸਿਡੀ - ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਕਰਨ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਸੂਰ ਪਾਲਣ ਤੇ 2 ਲੱਖ ਦੀ ਸਬਸਿਡੀ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਕੁੱਲ ਪ੍ਰੋਜੇਕਟ 8 ਲੱਖ ਦਾ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਉਸ ਵਿੱਚੋ 2 ਲੱਖ ਸਬਸਿਡੀ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਜੇ ਤੁਸੀ ਆਪਣੇ ਪੱਧਰ ਤੇ ਕਰਨਾ ਹੈ ਤਾਂ ਤੁਸੀ 2-2.50 ਲੱਖ ਵਿੱਚ ਇੱਕ ਵਾਰ ਛੋਟੇ ਲੈਵਲ ਤੋਂ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋਂ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਕਰਵਾਉਣ ਲਈ ਸਰਕਾਰੀ ਸੂਰ ਫਾਰਮ ਬਣੇ ਹਨ ਜਿਵੇ ਮੱਲੋਵਾਲ, ਖਰੜ, ਨਾਭਾ , ਗੁਰਦਾਸਪੁਰ ਵਿੱਚ ਜਿੱਥੇ 5 ਦਿਨ ਦੀ ਮੁਫਤ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਦਿੱਤੀ ਜਾਂਦੀ ..
Posted by kuldeep
Haryana
11-02-2020 07:45 PM

Punjab
02-11-2020 08:54 PM
श्री मान गेहूं में आप Opera@200 मिली. प्रती एकड़ सप्रे कर सकते हो
Posted by Sandeep singh
Punjab
11-02-2020 07:45 PM
Punjab
02-12-2020 02:58 PM
ਜੇਕਰ ਸਹੀ ਤਰੀਕੇ ਨਾਲ ਸੂਰ ਪਾਲਣ ਦਾ ਕੰੰਮ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਲੈ ਕੇ ਕੀਤਾ ਜਾਵੇ ਤਾਂ ਕਾਮਯਾਬੀ ਮਿਲ ਸਕਦੀ ਹੈ ਜੀ ਬਾਕੀ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰਨ ਲਈ ਪਹਿਲਾਂ ਤੁਸੀ ਕਿਸੇ ਸਫਲ ਸੂਰ ਪਾਲਕ ਦੇ ਫਾਰਮ ਤੇ ਖੁਦ ਜਾ ਕੇ ਬਾਕੀ ਸ਼ੈਡ ਬਣਾਉਣ ਲਈ ਫਾਰਮ ਤੇ ਜਾ ਕੇ ਖੁਦ ਸਮਝਨਾ ਪੈਣਾ ਕਿਉਕੀ ਇਹ ਅਲੱਗ ਅਲੱਗ ਜਗਾਂ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਸੈਟ ਕਰਨਾ ਪੈਂਦਾ ਹੈ ਸਫ਼ਲ ਸੂ੍ਰ ਪਾਲਕਾ ਦੇ ਤਜ਼ਰਬੇ ਅਨੁਸਾਰ ਇੱਕ ਸੂਰੀ ਇੱਕ ਸਾਲ ਵਿ.... (Read More)
ਜੇਕਰ ਸਹੀ ਤਰੀਕੇ ਨਾਲ ਸੂਰ ਪਾਲਣ ਦਾ ਕੰੰਮ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਲੈ ਕੇ ਕੀਤਾ ਜਾਵੇ ਤਾਂ ਕਾਮਯਾਬੀ ਮਿਲ ਸਕਦੀ ਹੈ ਜੀ ਬਾਕੀ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰਨ ਲਈ ਪਹਿਲਾਂ ਤੁਸੀ ਕਿਸੇ ਸਫਲ ਸੂਰ ਪਾਲਕ ਦੇ ਫਾਰਮ ਤੇ ਖੁਦ ਜਾ ਕੇ ਬਾਕੀ ਸ਼ੈਡ ਬਣਾਉਣ ਲਈ ਫਾਰਮ ਤੇ ਜਾ ਕੇ ਖੁਦ ਸਮਝਨਾ ਪੈਣਾ ਕਿਉਕੀ ਇਹ ਅਲੱਗ ਅਲੱਗ ਜਗਾਂ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਸੈਟ ਕਰਨਾ ਪੈਂਦਾ ਹੈ ਸਫ਼ਲ ਸੂ੍ਰ ਪਾਲਕਾ ਦੇ ਤਜ਼ਰਬੇ ਅਨੁਸਾਰ ਇੱਕ ਸੂਰੀ ਇੱਕ ਸਾਲ ਵਿੱਚ ਦੋ ਵਾਰ ਬੱਚੇ ਦਿੰਦੀ ਹੈ ਪਹਿਲੇ ਸੂਏ 6-7 ਬੱਚੇ ਦਿੰਦੀ ਹੈ ਤੇ ਦੂਜੇ ਸੂਏ 10-14 ਬੱਚੇ ਦਿੰਦੀ ਹੈ ਜੇਕਰ ਤੁਸੀ ਸੂਰ ਮੀਟ ਲਈ ਤਿਆਰ ਕਰ ਰਹੇ ਹੋਂ ਤਾਂ ਇੱਕ ਸੂਰ 7-8 ਮਹੀਨਿਆਂ ਵਿੱਚ ਲੱਗਭੱਗ 1 ਕੁਇੰਟਲ ਦਾ ਹੋ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਤੇ ਉਸ ਤੋਂ 100 ਰੁਪਏ ਪ੍ਰਤੀ ਕਿਲੋ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਵਿਕ ਜਾਂਦਾਂ ਹੈ ਤੇ ਗੱਭਣ ਸੂਰੀ 150-200 ਰੁਪਏ ਪ੍ਰਤੀ ਕਿਲੋ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਵੇਚੀ ਜਾ ਸਕਦੀ ਹੈ ਸੂਰਾਂ ਦੀ ਮਾਰਕੀਟਿੰਗ ਦੀ ਵੀ ਕੋਈ ਦਿੱਕਤ ਨਹੀ ਕਿੳਂਕੀ ਵਪਾਰੀ ਖੁਦ ਫਾਰਮ ਤੋਂਂ ਆ ਕੇ ਸੂਰ ਲੈ ਜਾਂਦੇ ਹਨ ਮਂੱਨ ਲਵੋ ਅੱਜ ਸੂਰੀ ਗੱਭਣ ਕਰਵਾਈ ਉਸ ਤੋਂ 115 ਦਿਨਾਂ ਬਾਅਦ ਬੱਚੇ ਦੇ ਦਿੰਦੀ ਹੈ ਫਿਰ 1 ਮਹੀਨਾ ਬੱਚਿਆਂ ਨੂੰ ਦੁੱਧ ਪਿਆਉਣਾ ਹੈ ਤੇ ਉਸ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਉਨਾਂ ਨੂੰ ਅਲੱਗ ਕੀਤਾ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਜਦੋੰ ਸੂਰੀ ਤੋਂਂ ਬੱਚੇ ਵੱਖ ਕੀਤੇ ਫਿਰ 5-7 ਦਿਨਾਂ ਬਾਅਦ ਫਿਰ ਦੁਬਾਰਾ ਗੱਬਣ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਸੂਰੀ ਇਸ ਤਰਾਂ ਇਹ ਦੁਬਾਰਾ ਫਿਰ ਸਰਕਲ ਚੱਲਦਾ ਰਹਿੰਦਾ ਹੈ ਇਥੇ ਗੱਲ ਧਿਆਨ ਰੱਖਣ ਵਾਲੀ ਹੈ ਕਿ ਇਹ ਸਰਕਲ ਤਾਂ ਹੀ ਸਹੀ ਚੱਲੇਗਾ ਜੇਕਰ ਫੀਡ ਸਹੀ ਪਾਉਦੇ ਰਹਾਂਗੇ ਜੇਕਰ ਆਪਾਂ ਫੀਡ ਸਹੀ ਨਾ ਪਾਈ ਤੇ 2 ਮਹੀਂਨੇ ਤੱਕ ਦੁੱਧ ਪਿਆਉਦੇ ਰਹੇ ਤੇ ਬੱਚਿਆਂ ਨੂੰ ਵੱਖ ਨਾ ਕੀਤਾ ਤਾਂ ਸਰਕਲ ਖਰਾਬ ਹੋ ਜਾਵੇਗਾ ਸੋ ਫੀਡ ਤੇ ਖਰਚਾ ਤਾਂ ਜਿਆਦਾ ਆਉਦਾ ਹੈ ਤੇ ਮੁਨਾਫਾ ਵੀ ਪੂਰਾ ਮਿਲ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਪੰਜ ਗੱਭਣ ਸੂਰੀਆ 10-11 ਮਹੀਨਿਆ ਬਾਅਦ ਪਹਿਲੀ ਇਨਕਮ ਆਉਸੀ ਹੈ ਤੇ ਲੱਗਭੱਗ ਇੱਕ ਸੂਰੀ 3500 ਰੁਪਏ ਮਹੀਨੇ ਦੀ ਇਨਕਮ ਆਉਦੀ ਹੈ ਇਸ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਤੁਸੀ ਅੰਦਾਜ਼ਾ ਲਾ ਸਕਦੇ ਸਬਸਿਡੀ - ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਕਰਨ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਸੂਰ ਪਾਲਣ ਤੇ 2 ਲੱਖ ਦੀ ਸਬਸਿਡੀ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਕੁੱਲ ਪ੍ਰੋਜੇਕਟ 8 ਲੱਖ ਦਾ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਉਸ ਵਿੱਚੋ 2 ਲੱਖ ਸਬਸਿਡੀ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਜੇ ਤੁਸੀ ਆਪਣੇ ਪੱਧਰ ਤੇ ਕਰਨਾ ਹੈ ਤਾਂ ਤੁਸੀ 2-2.50 ਲੱਖ ਵਿੱਚ ਇੱਕ ਵਾਰ ਛੋਟੇ ਲੈਵਲ ਤੋਂ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋਂ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਕਰਵਾਉਣ ਲਈ ਸਰਕਾਰੀ ਸੂਰ ਫਾਰਮ ਬਣੇ ਹਨ ਜਿਵੇ ਮੱਲੋਵਾਲ, ਖਰੜ, ਨਾਭਾ , ਗੁਰਦਾਸਪੁਰ ਵਿੱਚ ਜਿੱਥੇ 5 ਦਿਨ ਦੀ ਮੁਫਤ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਦਿੱਤੀ ਜਾਂਦੀ ..
Posted by Gurmeet singh
Punjab
11-02-2020 07:38 PM
Punjab
02-12-2020 12:12 PM
ਗੁਰਮੀਤ ਜੀ ਹਾਲੇ ਤਾਪਮਾਨ ਨੂੰ ਥੋੜਾ ਵੱਧ ਲੈਣ ਦੋ ਜਦੋ ਤਾਪਮਾਨ 20 -22 ਡਿਗਰੀ ਤਕ ਪਹੁੰਚ ਜਾਏਗਾ ਓਦੋ ਤੁਸੀ ਲਿਫਾਫੇ ਉਤਾਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਧੰਨਵਾਦ
Posted by sachin singh
Bihar
11-02-2020 07:36 PM

Punjab
02-12-2020 06:05 PM
सचिन जी आप सीमेंट के टैंक में इसे रख सकते है पर इसकी फीड इसके भार के हिसाब से दें और उसमें प्रोटीन की मात्रा ज्यादा होनी चाहिए जिससे इसकी अच्छी ग्रोथ हो जाएगी
Posted by manish kumar
Uttar Pradesh
11-02-2020 07:34 PM
Punjab
02-12-2020 07:28 AM
Shri maan g kripa aap apna swal visthar se puchein toh aapko poori jankari di ja ske.....
Posted by प्रदीप पाटीदार
Madhya Pradesh
11-02-2020 07:18 PM
Punjab
02-12-2020 11:54 AM
प्रदीप जी रेट सरकार द्वारा तह किया जाता है इसके बारे में अभी कुछ नहीं कहा जा सकता धन्यवाद
Posted by makhan
Punjab
11-02-2020 07:16 PM
Punjab
02-11-2020 08:55 PM
श्रीमान जी कृप्या आप अपना सवाल विस्तार से पूछें ताकि आपको सही जानकारी दी जा सके
Posted by makhan
Punjab
11-02-2020 07:16 PM
Punjab
02-12-2020 07:29 AM
श्रीमान जी कृपया करके अपना सवाल विस्तार से पूछें ताकि आपको सही जानकारी दी जाये
Posted by SIMARJIT SINGH
Punjab
11-02-2020 07:04 PM
Punjab
02-11-2020 08:38 PM
tuci uss nu himalaya batisa 1-1 chamch swere sham deo ate Brotone liquid 10ml rojana dena suru kro, iss nal frak paa jawega.
Posted by gurpreet
Punjab
11-02-2020 06:56 PM
Punjab
02-12-2020 03:01 PM
Gurpreet ji tuci uss nu pett de kiria lai Flukarid-Ds bolus deo ate vdia matra vich hara chara ate feed deni suru kro isde nal nal tuci uss nu enerboost powder 50-50gm swere sham dena suru kro ate suun ton 2 mahine pehla tuci Vitamor-H liquid 10-10ml swere sham dena suru kro, ehna nal pashua di kamjori dur rehegi ate lewa vddh jawega.
Posted by nav shah
Punjab
11-02-2020 06:55 PM
Punjab
02-11-2020 07:06 PM
ਤੁਸੀ ਉਸ ਨੂੰ Gynarich 5ml ਇੰਜੇਕਸ਼ਨ ਲਗਾਓ ਅਤੇ 7ਵੇ ਦਿਨ Pragma 2ml ਇੰਜੇਕਸ਼ਨ ਲਗਾਓ ਅਤੇ ਫਿਰ 9ਵੇ ਦਿਨ Gynarich 2.5ml ਇੰਜੇਕਸ਼ਨ ਲਗਾਓ ਅਤੇ 10ਵੇ, 11ਵੇ ਦਿਨ ਉਸ ਨੂੰ ਟੀਕਾ ਭਰਵਾਂ ਦਿਓ ਅਤੇ pregstay gold powder 30gm ਰੋਜਾਨਾ ਦਿਓ..
Posted by anuj khatana
Uttar Pradesh
11-02-2020 06:50 PM
Punjab
02-12-2020 11:44 AM
स्ट्रॉबेरी की खेती पॉलीहाउस के अंदर या खुले खेत में कर सकते हैं चीकनी, बालुई और अच्छे निकास वाली ज़मीन स्ट्रॉबेरी के लिए अच्छी होती है तेजाबी में पी एच 5.0 से 6.5 होनी चाहिए मिट्टी की नाज़ुकता तीस से चालीस सैं.मी. होनी चाहिए स्ट्रॉबेरी की सही वृद्धि के लिए दिन में तापमान 20-25 डिगरी और रात के समय 7-12 डिगरी होना चाहिए इस.... (Read More)
स्ट्रॉबेरी की खेती पॉलीहाउस के अंदर या खुले खेत में कर सकते हैं चीकनी, बालुई और अच्छे निकास वाली ज़मीन स्ट्रॉबेरी के लिए अच्छी होती है तेजाबी में पी एच 5.0 से 6.5 होनी चाहिए मिट्टी की नाज़ुकता तीस से चालीस सैं.मी. होनी चाहिए स्ट्रॉबेरी की सही वृद्धि के लिए दिन में तापमान 20-25 डिगरी और रात के समय 7-12 डिगरी होना चाहिए इसलिए इसकी पनीरी लगाने का काम मध्य अक्तूबर से मध्य नवंबर तक कर देना चाहिए इन महीनों और इसके बाद पंजाब में लगभग यही तापमान होता है स्ट्रॉबेरी की खेती मलचिंग विधि द्वारा की जाती है सबसे पहले खेत को तैयार किया जाता है इसके बाद ही ट्रैक्टर की सहायता से मलचिंग मशीन को खेत में उतारा जाता है चार फुट क्यारी तैयार की जाती है इसमें ड्रिप लाइन फिट की जाती है इसके बाद मशीन की सहायता से क्यारियों पर प्लास्टिक शीट बिछाई जाती है मलचिंग के लिए हल्का और लचकीला पदार्थ लें ताकि स्ट्रॉबेरी के पौधे की रफ्तार पर असर ना पड़े जिसे बाद में दोनों ओर से मिट्टी में दबा दिया जाता है अब इस शीट में छेद करके उसमें स्ट्रॉबेरी की पनीरी लगायी जाती है पनीरी लगाने के समय जड़ को पूरी तरह मिट्टी में व्यवस्थित कर दें जड़ बाहर रहने से पौधे के सूखने का खतरा होता है पौधे को ज्यादा तापमान और ठंड से बचाने के लिए इसके ऊपर छांव करनी चाहिए जो आप लो टन्नल विधि से कर सके हैं मौसम का बहुत ख्याल रखना पड़ता है थोड़ी सी लापरवाही से सारी फसल खराब हो सकती है पहले साल अपने खेत में स्ट्रॉबेरी की खेती करने का कुल खर्चा ढाई से तीन लाख रूप्ये प्रति एकड़ के हिसाब से आ जाता है क्योंकि किसान को पहले साल ड्रिप सिस्टम और फव्वारों आदि पर खर्च करना पड़ता है पर अगले वर्षों में किसानों का यह खर्चा बच जाता है इसके लिए एक एकड़ में 40 बैड बनते हैं और एक बैड पर 1000 स्ट्रॉबेरी के पौधे लगते हैं इस तरह एक एकड़ में चालीस हजार पौधे लगाए जाते हैं एक पौधा 3 से 4 रूप्ये तक मिल जाता है और इसकी उपज 50 से 60 क्विंटल तक निकल आता है 25-30क्विंटल गोबर की खाद एक एकड़ में डालें यह खाद एक साल में डालनी होती है फिर 20 : 40 : 40 NPK KG / हेक्टेयर डालनी है अच्छी फसल के लिए यूरिया दो फीसदी जिंक सल्फेट, आधा प्रतिशत कैलशियम सल्फेट और बोरिक एसिड 0.2 फीसदी अच्छी फसल के लिए ठीक है सिंचाई जल्दी जल्दी पर हल्की करनी चाहिए ज्यादा पानी ठीक नहीं है पत्ते गीले ना करें तुपका सिंचाई से पानी कम लग सकता है यदि तुपका सिंचाई नहीं कर रहे तो क्यारियों में पानी खाली में ही लगाएं नदीन हाथ से हटाएं या कीड़े मकौड़े और अन्य बीमारियों की तरफ ध्यान रखना जरूरी है यदि कोई पौधा ज्यादा खराब है उसे हटा दें जब फल का रंग 70 प्रतिशत लाल हो जाये तो तोड़ लेना चाहिए यदि मार्किट दूरी पर है तो थोड़ा सख्त ही तोड़ना चाहिए तुड़ाई अलग अलग दिनों में करनी चाहिए स्ट्रॅाबेरी की पैकिंग प्लास्टिक की प्लेटों में करनी चाहिए इसे हवादार जगह पर रखना चाहिए जहां तापमान पांच डिगरी हो एक दिन के बाद स्ट्रॉबेरी की पैकिंग का तापमान ज़ीरो डिग्री होना चाहिए मार्किट में स्ट्रॉबेरी औसतन 200 रूपये प्रति तक बिकती है इस तरह पांच लाख प्रति एकड़ से इसकी आमदन शुरू होकर आगे अपनी मेहनत से किसान आमदन में भरपूर वृद्धि कर सकता है स्ट्रॉबेरी के पौधे सितंबर से अक्तूबर तक लगाए जाते हैं और 3 महीने के बाद यह फल देना शुरू कर देते हैं इसकी फसल अप्रैल तक चलती है इसकी मार्केटिंग में किसी भी तरह की मुश्किल नहीं है, यह ऐलनाबाद, सिरसा, हनुमानगढ़, गंगानगर के इलावा बठिंडा, मोगा, जलंधर. लुधियाना में इसकी मार्केटिंग कर सकते है, यदि ज़्यादा मात्रा में स्ट्रॉबेरी है तो दिल्ली इसकी मुख्य मार्किट है ड्रैगन फ्रूट के लिए इसकी कलम लगाई जाती है और एक एकड़ में लगभग 1600 कलम लगाई जाती है और इन कलम को पहले गमले में त्यार किया जाता है, और फिर April से september तक कभी भी खेत में लगाया जा सकता है और एक कलम लगभग 70 रुपये की होती है अधिक जानकारी के लिए आप नीचे दिए नंबर पर बात कर सकते है vijay kumar -7065414241 स्ट्रॉबेरी की खेती पॉलीहाउस के अंदर या खुले खेत में कर सकते हैं चीकनी, बालुई और अच्छे निकास वाली ज़मीन स्ट्रॉबेरी के लिए अच्छी होती है तेजाबी में पी एच 5.0 से 6.5 होनी चाहिए मिट्टी की नाज़ुकता तीस से चालीस सैं.मी. होनी चाहिए स्ट्रॉबेरी की सही वृद्धि के लिए दिन में तापमान 20-25 डिगरी और रात के समय 7-12 डिगरी होना चाहिए इसलिए इसकी पनीरी लगाने का काम मध्य अक्तूबर से मध्य नवंबर तक कर देना चाहिए इन महीनों और इसके बाद पंजाब में लगभग यही तापमान होता है स्ट्रॉबेरी की खेती मलचिंग विधि द्वारा की जाती है सबसे पहले खेत को तैयार किया जाता है इसके बाद ही ट्रैक्टर की सहायता से मलचिंग मशीन को खेत में उतारा जाता है चार फुट क्यारी तैयार की जाती है इसमें ड्रिप लाइन फिट की जाती है इसके बाद मशीन की सहायता से क्यारियों पर प्लास्टिक शीट बिछाई जाती है मलचिंग के लिए हल्का और लचकीला पदार्थ लें ताकि स्ट्रॉबेरी के पौधे की रफ्तार पर असर ना पड़े जिसे बाद में दोनों ओर से मिट्टी में दबा दिया जाता है अब इस शीट में छेद करके उसमें स्ट्रॉबेरी की पनीरी लगायी जाती है पनीरी लगाने के समय जड़ को पूरी तरह मिट्टी में व्यवस्थित कर दें जड़ बाहर रहने से पौधे के सूखने का खतरा होता है पौधे को ज्यादा तापमान और ठंड से बचाने के लिए इसके ऊपर छांव करनी चाहिए जो आप लो टन्नल विधि से कर सके हैं मौसम का बहुत ख्याल रखना पड़ता है थोड़ी सी लापरवाही से सारी फसल खराब हो सकती है पहले साल अपने खेत में स्ट्रॉबेरी की खेती करने का कुल खर्चा ढाई से तीन लाख रूप्ये प्रति एकड़ के हिसाब से आ जाता है क्योंकि किसान को पहले साल ड्रिप सिस्टम और फव्वारों आदि पर खर्च करना पड़ता है पर अगले वर्षों में किसानों का यह खर्चा बच जाता है इसके लिए एक एकड़ में 40 बैड बनते हैं और एक बैड पर 1000 स्ट्रॉबेरी के पौधे लगते हैं इस तरह एक एकड़ में चालीस हजार पौधे लगाए जाते हैं एक पौधा 3 से 4 रूप्ये तक मिल जाता है और इसकी उपज 50 से 60 क्विंटल तक निकल आता है 25-30क्विंटल गोबर की खाद एक एकड़ में डालें यह खाद एक साल में डालनी होती है फिर 20 : 40 : 40 NPK KG / हेक्टेयर डालनी है अच्छी फसल के लिए यूरिया दो फीसदी जिंक सल्फेट, आधा प्रतिशत कैलशियम सल्फेट और बोरिक एसिड 0.2 फीसदी अच्छी फसल के लिए ठीक है सिंचाई जल्दी जल्दी पर हल्की करनी चाहिए ज्यादा पानी ठीक नहीं है पत्ते गीले ना करें तुपका सिंचाई से पानी कम लग सकता है यदि तुपका सिंचाई नहीं कर रहे तो क्यारियों में पानी खाली में ही लगाएं नदीन हाथ से हटाएं या कीड़े मकौड़े और अन्य बीमारियों की तरफ ध्यान रखना जरूरी है यदि कोई पौधा ज्यादा खराब है उसे हटा दें जब फल का रंग 70 प्रतिशत लाल हो जाये तो तोड़ लेना चाहिए यदि मार्किट दूरी पर है तो थोड़ा सख्त ही तोड़ना चाहिए तुड़ाई अलग अलग दिनों में करनी चाहिए स्ट्रॅाबेरी की पैकिंग प्लास्टिक की प्लेटों में करनी चाहिए इसे हवादार जगह पर रखना चाहिए जहां तापमान पांच डिगरी हो एक दिन के बाद स्ट्रॉबेरी की पैकिंग का तापमान ज़ीरो डिग्री होना चाहिए मार्किट में स्ट्रॉबेरी औसतन 200 रूपये प्रति तक बिकती है इस तरह पांच लाख प्रति एकड़ से इसकी आमदन शुरू होकर आगे अपनी मेहनत से किसान आमदन में भरपूर वृद्धि कर सकता है स्ट्रॉबेरी के पौधे सितंबर से अक्तूबर तक लगाए जाते हैं और 3 महीने के बाद यह फल देना शुरू कर देते हैं इसकी फसल अप्रैल तक चलती है इसकी मार्केटिंग में किसी भी तरह की मुश्किल नहीं है, यह ऐलनाबाद, सिरसा, हनुमानगढ़, गंगानगर के इलावा बठिंडा, मोगा, जलंधर. लुधियाना में इसकी मार्केटिंग कर सकते है, यदि ज़्यादा मात्रा में स्ट्रॉबेरी है तो दिल्ली इसकी मुख्य मार्किट है ड्रैगन फ्रूट के लिए इसकी कलम लगाई जाती है और एक एकड़ में लगभग 1600 कलम लगाई जाती है और इन कलम को पहले गमले में त्यार किया जाता है, और फिर April से september तक कभी भी खेत में लगाया जा सकता है और एक कलम लगभग 70 रुपये की होती है अधिक जानकारी के लिए आप नीचे दिए नंबर पर बात कर सकते है vijay kumar -7065414241
Posted by Hesamuddin Mirza
Gujarat
11-02-2020 06:43 PM
Rajasthan
02-12-2020 11:00 AM
मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजि.... (Read More)
मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजित किया जा रहा है प्रशिक्षण कार्य कर्म में भाग लेने के लिए नीचे दिए गए नम्बर पर आज ही संपर्क करें और Rs 250/ से अपना रजिस्ट्रेशन करवाए अचल सिंह (फाउंडर )- 9711858258. धन्यवाद
Posted by rajat
Haryana
11-02-2020 06:38 PM
Punjab
02-11-2020 08:58 PM
श्रीमान जी कृप्या आप यह बताएं कि फसल में कोई बीमारी है ताकि आपको सही जानकारी दी जा सके
Posted by rajat
Haryana
11-02-2020 06:37 PM
Punjab
02-11-2020 08:59 PM
श्रीमान जी गेहूं पोटाश की स्प्रे कर सकते है जैसे कि एनपीके 13:00:45 एक किलो (Potassium nitrate) प्रति एकड़ के हिसाब से स्प्रे करें
Posted by Gurmeet Singh
Punjab
11-02-2020 06:33 PM
Punjab
02-11-2020 09:01 PM
ਸ੍ਰੀ ਮਾਨ ਜੀ ਕਣਕ ਵਿੱਚ ਬੋਰੋਨ@100 ਗ੍ਰਾਮ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਗੋਭ ਵਾਲੀ ਅਵਸਥਾ ਤੇ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ
Posted by rajat
Haryana
11-02-2020 06:33 PM
Punjab
02-12-2020 03:42 PM
उसे आप रोजाना 35—40 किलो हरा चारा दें और हर तीन महीने के बाद पेट के कीड़ों के लिए गोली जरूर दें और उसे उसे आप 1 किलो गेहूं का दलिया, 250ग्राम गुड को अच्छी तरह पकाकर 5—7 दिन खाने के लिए दें इसके साथ आप Calpond powder 50gm रोजाना और Glactogog पाउडर देना शुरू करें इसका रोजाना एक पाउच देना शुरू करें इससे दूध में फायदा होगा.
Posted by lovepreet Singh
Punjab
11-02-2020 06:24 PM
Punjab
05-06-2020 09:29 PM
lovepreet Singh ji eh ganteya de hissab nal kiraya lende hun ji.
Posted by Shivam singh
Uttar Pradesh
11-02-2020 06:23 PM
Punjab
02-12-2020 03:11 PM
Shivam ji aap chicks lene ke liye Sumit Kumar 8006000291, 7906547529 Sumit Kumar Poultry Farm se sampark kr skte hai.
Posted by Vinod Kumar Chaudhary
Uttar Pradesh
11-02-2020 06:04 PM
Punjab
02-12-2020 11:41 AM
ड्रैगन फ्रूट के पौधे लेने के लिए आप vijay kumar -7065414241 से संपर्क कर सकते है धन्यवाद
Posted by jagjit aulakh
Punjab
11-02-2020 05:59 PM
Punjab
02-12-2020 03:12 PM
Jagjit ji tuci uss nu GADVASU ludhiana laa jao, uthe isdi sahi janch krke vdia ilagg ho jawega.
Posted by Devendra Singh
Rajasthan
11-02-2020 05:49 PM
Punjab
02-12-2020 11:39 AM
Devendra ji kripya btaye ke aapne is paudhe ko beej se lgaya hai ya kalm se taki aapko iske bare men poori jankari di ja sake,dhanywad
Posted by parminder singh
Punjab
11-02-2020 05:46 PM
Punjab
02-11-2020 09:03 PM
पीली कुंगी की रोकथाम के लिए Opera@200 ml प्रति एकड़ के हिसाब से स्प्रे कर सकते है