Posted by Gurjit saini
Punjab
12-02-2020 11:46 AM
ਗੁਰਜੀਤ ਜੀ ਇਹ ਕ੍ਰੋਸ ਨਸਲ ਦੀ ਵੱਛੀ ਹੈ, ਇਸ ਨੂੰ ਤੁਸੀ ਖੁਦ ਘਰ ਵਿਚ ਫੀਡ ਤਿਆਰ ਕਰਕੇ ਦੇ ਸਕਦੇ ਹੋ, ਮੱਕੀ/ਕਣਕ 33 ਕਿਲੋ, ਸੋਇਆਬੀਨ 15 ਕਿਲੋ, ਸਰੋਂ ਦੀ ਖਲ 10 ਕਿਲੋ , ਚੌਲਾਂ ਦੀ ਪਾਲਿਸ਼ 11 ਕਿਲੋ, ਚੋਕਰ 05 ਕਿਲੋ , ਤੇਲ ਰਹਿਤ ਚੌਲਾਂ ਦੀ ਪਾਲਿਸ਼ 17 ਕਿਲੋ , ਸੀਰਾ 05 ਕਿਲੋ , ਧਾਤਾਂ ਦਾ ਮਿਸ਼ਰਣ 02 ਕਿਲੋ, ਲੂਣ 02 ਕਿਲੋ , ਵਿਟਾਮਿਨ ਏ, ਡੀ 05 ਗ੍ਰਾਮ. ਇਹ ਸਾਰਾ ਕੁੱਝ ਮਿਕਸ ਕਰਕੇ ਫੀਡ ਤਿਆਰ ਕਰਕੇ ਦੇ ਸਕਦੇ ਹੋ ..... (Read More)
ਗੁਰਜੀਤ ਜੀ ਇਹ ਕ੍ਰੋਸ ਨਸਲ ਦੀ ਵੱਛੀ ਹੈ, ਇਸ ਨੂੰ ਤੁਸੀ ਖੁਦ ਘਰ ਵਿਚ ਫੀਡ ਤਿਆਰ ਕਰਕੇ ਦੇ ਸਕਦੇ ਹੋ, ਮੱਕੀ/ਕਣਕ 33 ਕਿਲੋ, ਸੋਇਆਬੀਨ 15 ਕਿਲੋ, ਸਰੋਂ ਦੀ ਖਲ 10 ਕਿਲੋ , ਚੌਲਾਂ ਦੀ ਪਾਲਿਸ਼ 11 ਕਿਲੋ, ਚੋਕਰ 05 ਕਿਲੋ , ਤੇਲ ਰਹਿਤ ਚੌਲਾਂ ਦੀ ਪਾਲਿਸ਼ 17 ਕਿਲੋ , ਸੀਰਾ 05 ਕਿਲੋ , ਧਾਤਾਂ ਦਾ ਮਿਸ਼ਰਣ 02 ਕਿਲੋ, ਲੂਣ 02 ਕਿਲੋ , ਵਿਟਾਮਿਨ ਏ, ਡੀ 05 ਗ੍ਰਾਮ. ਇਹ ਸਾਰਾ ਕੁੱਝ ਮਿਕਸ ਕਰਕੇ ਫੀਡ ਤਿਆਰ ਕਰਕੇ ਦੇ ਸਕਦੇ ਹੋ .

Posted by Bhawani
Uttar Pradesh
12-02-2020 11:46 AM
श्रीमान जी, असली केसर सिर्फ जम्मू कश्मीर, ईरान और अफगानिस्तान में ही हो सकता है, यह कुसुम है, इसकी भी कई दवाई बनती है, यदि कोई और छक है तो जम्मू कश्मीर के इस किसान से बात करें, जिसके दादे, पड़दादे भी केसर की खेती करते थे और यह भी केसर की खेती करते है Javid Ahmed- 95964 93260 बाकि आप यह वीडियो देखें https://www.youtube.com/watchv=vl7c6L3ETnQ&t=8s बाकि यदि फिर भ.... (Read More)
श्रीमान जी, असली केसर सिर्फ जम्मू कश्मीर, ईरान और अफगानिस्तान में ही हो सकता है, यह कुसुम है, इसकी भी कई दवाई बनती है, यदि कोई और छक है तो जम्मू कश्मीर के इस किसान से बात करें, जिसके दादे, पड़दादे भी केसर की खेती करते थे और यह भी केसर की खेती करते है Javid Ahmed- 95964 93260 बाकि आप यह वीडियो देखें https://www.youtube.com/watchv=vl7c6L3ETnQ&t=8s बाकि यदि फिर भी यकीन नहीं है तो तो आप अमृतपाल सिंह बराड़ प्रोफेसर, पीएयू लुधियाना इस वीडियो संबंधी विचार पड़ सकते हैं, यह फसल केसर की नहीं है, यह फसल कसुंबडे की है, इसे अंग्रेजी में Safflower कहते है, और विज्ञानं में इसे Carthamus tinctorius कहते है धन्यवाद
Posted by vijay kumar yadav
Bihar
12-02-2020 11:45 AM
vijay ji yeh fungus ke karn ho raha hai iske liye aap copper oxychloride@3 gram prati litre pani ke hisab se spray karen,dhanywad

Posted by Bhawani
Uttar Pradesh
12-02-2020 11:41 AM
श्रीमान जी, असली केसर सिर्फ जम्मू कश्मीर, ईरान और अफगानिस्तान में ही हो सकता है, यह कुसुम है, इसकी भी कई दवाई बनती है, यदि कोई और छक है तो जम्मू कश्मीर के इस किसान से बात करें, जिसके दादे, पड़दादे भी केसर की खेती करते थे और यह भी केसर की खेती करते है Javid Ahmed- 95964 93260 बाकि आप यह वीडियो देखें https://www.youtube.com/watchv=vl7c6L3ETnQ&t=8s बाकि यदि फिर भ.... (Read More)
श्रीमान जी, असली केसर सिर्फ जम्मू कश्मीर, ईरान और अफगानिस्तान में ही हो सकता है, यह कुसुम है, इसकी भी कई दवाई बनती है, यदि कोई और छक है तो जम्मू कश्मीर के इस किसान से बात करें, जिसके दादे, पड़दादे भी केसर की खेती करते थे और यह भी केसर की खेती करते है Javid Ahmed- 95964 93260 बाकि आप यह वीडियो देखें https://www.youtube.com/watchv=vl7c6L3ETnQ&t=8s बाकि यदि फिर भी यकीन नहीं है तो तो आप अमृतपाल सिंह बराड़ प्रोफेसर, पीएयू लुधियाना इस वीडियो संबंधी विचार पड़ सकते हैं, यह फसल केसर की नहीं है, यह फसल कसुंबडे की है, इसे अंग्रेजी में Safflower कहते है, और विज्ञानं में इसे Carthamus tinctorius कहते है धन्यवाद

Posted by Abhishek Vishwakarma
Uttar Pradesh
12-02-2020 11:33 AM
कल्टीवेटर एक कृषि उपकरण है जिसका उपयोग खेत की जुताई करने में किया जाता है खेत में मिट्टी के ढेलों को तोड़ने में भी इसका उपयोग किया जाता है कल्टीवेटर विविध प्रकार के होते हैं
हैरो :-यह यंत्र भी कल्टिवेटर की भाँति खेत को हल या कल्टिवेटर चलाने के पश्चात् अधिक समतल करने, ढेलों का तोड़ने तथा घासपात जुताई के लि.... (Read More)
कल्टीवेटर एक कृषि उपकरण है जिसका उपयोग खेत की जुताई करने में किया जाता है खेत में मिट्टी के ढेलों को तोड़ने में भी इसका उपयोग किया जाता है कल्टीवेटर विविध प्रकार के होते हैं
हैरो :-यह यंत्र भी कल्टिवेटर की भाँति खेत को हल या कल्टिवेटर चलाने के पश्चात् अधिक समतल करने, ढेलों का तोड़ने तथा घासपात जुताई के लिये अत्यंत उपयोगी है इसमें पहिया नहीं होता कुछ प्रकार के यंत्रों में गहरी या हल्की जुताई करने का प्रबंध रहता है और कुछ में नहीं इससे जुताई आधे इंच से लेकर डेढ़ दो इंच तक गहरी हो सकती है इसका खिंचाव कल्टिवेटर से कम रहता है हैरो विभिन्न उद्देश्यों की पूर्ति के लिये कई प्रकार के बनाए जाते हैं, जैसे स्पाइक टूथ या पेस्ट हैरो, स्प्रिंग टूथ हैरो (Spring tooth harrow), चेन हैरो (Chain harrow), डिस्क हैरो (Disc harrow) आदि बोए हुए खेत में उचित जमाव के लिये तथा हलकी वर्षा से पड़ी हुई पपड़ी तोड़ने के लिये लीवर हैरो या स्पाइक टूथ हैरो बहुत उपयोगी है इनका प्रयोग लाइन में या छिटकवा बोई हुई फसल में, फसल छ: सात इंच की होने तथा आसानी से किया जा सकता है स्प्रिंग टूथ हैरो जुताई के पश्चात् ढेले तोड़ने तथा उनको ऊपर लाने, जिससे पाटा से टूट सकें, बहुत उपयोगी होता है डिस्क हैरो तोड़ने, मिट्ठी भुरभुरी करने तथा हलकी जुताई के लिये अति उपयोगी है चेन हैरो खाद फैलाने तथा खरपतवार एकत्रित करने के लिये काम में लाया जा सकता है

Posted by Manoj Choudhary
Rajasthan
12-02-2020 11:31 AM
तरबूज़ गहरी उपजाऊ और अच्छे निकास वाली मिट्टी में अच्छा उगता है यह रेतली या रेतली दोमट मिट्टी में उगाने पर ज्यादा पैदावार देता है पानी के घटिया निकास वाली मिट्टी इसकी खेती के लिए उपयुक्त नहीं है इस फसल के लिए फसली चक्र अपनायें, क्योंकि एक ही खेत में बार-बार एक ही फसल उगाने से पोषक तत्व नष्ट होते हैं, पैदावार .... (Read More)
तरबूज़ गहरी उपजाऊ और अच्छे निकास वाली मिट्टी में अच्छा उगता है यह रेतली या रेतली दोमट मिट्टी में उगाने पर ज्यादा पैदावार देता है पानी के घटिया निकास वाली मिट्टी इसकी खेती के लिए उपयुक्त नहीं है इस फसल के लिए फसली चक्र अपनायें, क्योंकि एक ही खेत में बार-बार एक ही फसल उगाने से पोषक तत्व नष्ट होते हैं, पैदावार कम होती है और बीमारियों का हमला ज्यादा होता है मिट्टी की पी एच 6-7 के बीच होनी चाहिए Arka Jyoti: यह मध्य मौसम की किस्म है इसके फल गोल, हल्के हरे छिल्के वाले मीठे गुद्दे (11-12 प्रतिशत) वाले होते हैं यह किस्म दक्षिण और उत्तरी क्षेत्रों में उगाने के लिए उपयुक्त है
Arka Manik: इसके फल अंडाकार, छिल्के का रंग हल्का हरा, गुद्दा गहरे लाल रंग का, टी एस एस की मात्रा 11-12 प्रतिशत होती है यह किस्म पत्तों के ऊपरी और निचले धब्बा रोगों की प्रतिरोधक है
Durgapur Kesar: यह देर से पकने वाली किस्म है, जिसके फल का छिल्का हल्के हरे रंग का और पीला गुद्दा होता है
Durgapur Lal : यह किस्म गहरे लाल रंग के गुद्दे वाली और अधिक मीठी होती है
Durgapur Meetha: इसके फल गोल और हल्के हरे रंग के होते हैं इस किस्म के फल को ज्यादा देर तक स्टोर करके रखा जा सकता है यह किस्म 125 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है
Improved Shipper: इसके फल गहरे हरे, लाल गुद्दे वाले होते हैं और कुछ हद तक मीठे होते हैं
Pusa Bedane: यह धीरे उगने वाली, बीज रहित हाइब्रिड किस्म है इसके फल की बाहरी परत मोटी होती है और गुद्दा नर्म और गुलाबी रंग का होता है यह किस्म 105 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है
Asahi Yamato: यह किस्म आई ए आर आई, नई दिल्ली द्वारा विकसित की गई है इस किस्म के फल मध्यम आकार के होते हैं जिनका भार 6-8 किलोग्राम होता है यह किस्म 95 दिनों में पककर तैयार हो जाती है फल का गुद्दा गहरे गुलाबी रंग का होता है इसमें टी एस एस की मात्रा 13 प्रतिशत होती है Sugar Baby: यह किस्म आई ए आर आई, नई दिल्ली द्वारा विकसित की गई है इस किस्म के फल छोटे, गोल आकार के और फल का औसतन भार 3-5 किलोग्राम होता है इसका छिल्का नीले काले रंग का और गहरे गुलाबी रंग का होता है इसके बीज छोटे आकार के होते हैं इसमें टी एस एस की मात्रा 11 से 13 प्रतिशत होती है इसकी औसतन पैदावार 72 क्विंटल प्रति एकड़ होती है बिजाई के 20-25 दिन पहले 6 टन रूड़ी की खाद खेत में डालें खेत में 32&40 किलो नाइट्रोजन, 16 किलो फासफोरस और 16 किलो पोटाश प्रति एकड़ डालें (70-90 किलो यूरिया, 100 किलो सिंगल सुपरफासफेट और 30 किलो म्यूरेट ऑफ पोटाश) पूरी फासफोरस, पोटाश और एक तिहाई नाइट्रोजन बीज बीजने के बाद खेत में डालें बिजाई के 25-30 दिनों के बाद बाकी की नाइट्रोजन की दूसरी किश्त बेलों के आस पास डालें और मिट्टी में पूरी तरह मिला दें
फसल के 10-15 दिन बीजने के बाद एन पी के (19:19:19) + लघु तत्व 2-3 ग्राम प्रति लीटर पानी में मिला के स्प्रे करें फूलों को गिरने से बचाने के लिए और ज्यादा पैदावार लेने के लिए 10 प्रतिशत 3 मि.ली. हयूमिक एसिड + 5 ग्राम एम ए पी प्रति लीटर का फूल आने पर प्रयोग करें सैलीसाइलिक एसिड (एसपरिन 350 एम जी 4-5 गोलियां) प्रति 15 लीटर फूल आने पर , पकने पर 35 दिनों बाद स्प्रे करें फसल बीजने के 55 दिनों के बाद 100 ग्राम 13:0:45+25 मि.ली. हैकसाकोनाज़ोल प्रति 15 लीटर को फलों के अच्छे विकास और सफेद रोग से बचाने के लिए स्प्रे करें फल के अच्छे आकार के लिए मिठास और रंग के लिए बीजने के 65 दिनों बाद 1.5 किलो 0:0:50 प्रति एकड़ को 100 ग्राम प्रति 15 लीटर पानी में घोल के स्प्रे करें

Posted by Abhishek Vishwakarma
Uttar Pradesh
12-02-2020 11:31 AM
मिट्टी पलटनेवाले हलों में एक मिट्टी पलट (mouldboard) होता है, जिसका आकार प्रकार आवश्यकतानुसार छोटा, बड़ा या मध्यम बनाया जाता है तथा मिट्टी काटने के लिये फाल होती है हथिया (handle) के हिसाब से इन हलों को एकहथिया (single handle), जैसे मेस्टन, गुर्जर आदि और दुहथिया (double handle), जैसे पंजाब विक्टरी आदि, दो भागों में बाँट सकते हैं मिट्टी पलट.... (Read More)
मिट्टी पलटनेवाले हलों में एक मिट्टी पलट (mouldboard) होता है, जिसका आकार प्रकार आवश्यकतानुसार छोटा, बड़ा या मध्यम बनाया जाता है तथा मिट्टी काटने के लिये फाल होती है हथिया (handle) के हिसाब से इन हलों को एकहथिया (single handle), जैसे मेस्टन, गुर्जर आदि और दुहथिया (double handle), जैसे पंजाब विक्टरी आदि, दो भागों में बाँट सकते हैं मिट्टी पलटने की मात्रा तथा खिंचाव शक्ति के अनुसार इन्हें भारी, मध्यम तथा हल्के, इन तीन भागों में बाँट सकते हैं इनके प्रयोग में सावधानी की आवश्यकता है, जिससे भूमि की समतलता न नष्ट हो जब इन हलों द्वारा किनारे से केंद्र की ओर जुताई करते हैं तो बीच में एक नाली सी बन जाती है यदि बार बार इसी प्रकार जुताई की गई तो इस प्रकार की नई नालियाँ बनती जायँगी या पुरानी नालियाँ गहरी होती जायँगी अत: यह आवश्यक है कि दूसरी बार जुताई केंद्र से किनारे की ओर की जाय, जिससे खेत समतल हो जाए जुताई के अतिरिक्त इन हलों का उपयोग आलू तथा गन्ने आदि की कुंडी बनाने, सिंचाई की क्यारियाँ बनाने, मिट्टीपलट निकालकर गन्ने की कुँडी की जुताई करने, हरी खाद भूमि में दबाने आदि में किया जाता है ये हल खरपतवार दबाने तथा खेत से पिछली फसल के ठूँठ आदि उखाड़ने के लिये भी अधिक उपयुक्त होते हैं कभी कभी ये हल पंक्तियों में बोई हुई फसलों में मिट्टी चढ़ाने के लिये भी उपयोग में लाए जा सकते हैं इनके मुख्य अंग चित्र में दिखाए गए हैं
हैरो:- यह यंत्र भी कल्टिवेटर की भाँति खेत को हल या कल्टिवेटर चलाने के पश्चात् अधिक समतल करने, ढेलों का तोड़ने तथा घासपात जुताई के लिये अत्यंत उपयोगी है इसमें पहिया नहीं होता कुछ प्रकार के यंत्रों में गहरी या हल्की जुताई करने का प्रबंध रहता है और कुछ में नहीं इससे जुताई आधे इंच से लेकर डेढ़ दो इंच तक गहरी हो सकती है इसका खिंचाव कल्टिवेटर से कम रहता है हैरो विभिन्न उद्देश्यों की पूर्ति के लिये कई प्रकार के बनाए जाते हैं, जैसे स्पाइक टूथ या पेस्ट हैरो, स्प्रिंग टूथ हैरो (Spring tooth harrow), चेन हैरो (Chain harrow), डिस्क हैरो (Disc harrow) आदि बोए हुए खेत में उचित जमाव के लिये तथा हलकी वर्षा से पड़ी हुई पपड़ी तोड़ने के लिये लीवर हैरो या स्पाइक टूथ हैरो बहुत उपयोगी है इनका प्रयोग लाइन में या छिटकवा बोई हुई फसल में, फसल छ: सात इंच की होने तथा आसानी से किया जा सकता है स्प्रिंग टूथ हैरो जुताई के पश्चात् ढेले तोड़ने तथा उनको ऊपर लाने, जिससे पाटा से टूट सकें, बहुत उपयोगी होता है डिस्क हैरो तोड़ने, मिट्ठी भुरभुरी करने तथा हलकी जुताई के लिये अति उपयोगी है चेन हैरो खाद फैलाने तथा खरपतवार एकत्रित करने के लिये काम में लाया जा सकता है

Posted by Sumit Manchanda
Rajasthan
12-02-2020 11:25 AM
सुमित जी आप इसकी एड हमारी दूसरी एप अपनी खेती खरीदो/बेचो पर अपलोड कर सकते है वहां आपको चूज़े खरीदने वाले बहुत किसान मिल जाएगे जो सीधा आपके साथ संपर्क कर सकते है
Posted by Gagandeep singh
Punjab
12-02-2020 11:17 AM
ਬੱਕਰੀ ਪਾਲਣ ਦੇ ਕੰਮ ਤੇ ਲੋਨ ਤੇ 25 % ਸਬਸਿਡੀ ਦਿੱਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਤੇ ਲੋਨ ਲੈਣ ਲਈ ਸਭ ਤੋਂ ਜਰੂਰੀ ਹੈ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਸਰਟੀਫਿਕੇਟ ਆਪਣੇ ਨੇੜੇ ਦੇ ਕ੍ਰਿਸ਼ੀ ਵਿਗਿਆਨ ਕੇਂਦਰ ਤੋਂ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਕਰਨ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਦੇ ਸਰਟੀਫਿਕੇਟ ਤੇ ਲੋਨ ਅਪਲਾਈ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਪਰ ਲੋਨ ਮਿਲੇਗਾ ਕੇ ਨਹੀ ਇਹ ਬੈਕ ਮੈਨੇਜ਼ਰ ਤੇ ਨਿਰਭਰ ਕਰਦਾ ਹੈ ਕਿਉਕੀ ਪਹਿਲੀ ਗੱਲ ਇਹ ਬੈਕ ਦੇਖਦਾ ਹੈ ਕਿ ਤੁਹਾਡਾ ਅਕਾਉਟ ਵਿੱਚ.... (Read More)
ਬੱਕਰੀ ਪਾਲਣ ਦੇ ਕੰਮ ਤੇ ਲੋਨ ਤੇ 25 % ਸਬਸਿਡੀ ਦਿੱਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਤੇ ਲੋਨ ਲੈਣ ਲਈ ਸਭ ਤੋਂ ਜਰੂਰੀ ਹੈ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਸਰਟੀਫਿਕੇਟ ਆਪਣੇ ਨੇੜੇ ਦੇ ਕ੍ਰਿਸ਼ੀ ਵਿਗਿਆਨ ਕੇਂਦਰ ਤੋਂ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਕਰਨ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਦੇ ਸਰਟੀਫਿਕੇਟ ਤੇ ਲੋਨ ਅਪਲਾਈ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਪਰ ਲੋਨ ਮਿਲੇਗਾ ਕੇ ਨਹੀ ਇਹ ਬੈਕ ਮੈਨੇਜ਼ਰ ਤੇ ਨਿਰਭਰ ਕਰਦਾ ਹੈ ਕਿਉਕੀ ਪਹਿਲੀ ਗੱਲ ਇਹ ਬੈਕ ਦੇਖਦਾ ਹੈ ਕਿ ਤੁਹਾਡਾ ਅਕਾਉਟ ਵਿੱਚ ਕਿੰਨੇ ਕੁ ਪੈਸਿਆ ਦਾ ਲੈਣ ਦੇਣ ਹੋ ਰਿਹਾ ਹੈ ਤੇ ਤੁਹਾਡੇ ਕੋਲ ਆਪਣੀ ਜ਼ਮੀਨ ਗਰੰਟੀ ਵਜੋ ਦੇਣ ਲਈ ਹੈ ਕਿ ਨਹੀ ਤੇ ਹੋਰ ਵੀ ਕਈ ਗੱਲਾਂ ਚੈਕ ਕਰਕੇ ਲੋਨ ਲਈ ਸਹਿਮਤ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਬਾਕੀ ਕੋਸ਼ਿਸ਼ ਕਰੋ ਕਿ ਲੋਨ ਤੋਂ ਬਿਨਾਂ ਆਪਣੇ ਲੈਵਲ ਤੇ ਹੀ ਕੰਮ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ ਕਿਉਕੀ ਲੋਨ ਦੀ ਕਿਸ਼ਤ ਹਰ ਮਹੀਨੇ ਭਰਨੀ ਪਵੇਗੀ ਪਰ ਬੱਕਰੀਆ ਵਿੱਚੋ ਕਮਾਈ ਹਰ ਮਹੀਨੇ ਨਹੀ ਹੋਣੀ ਬਾਕੀ ਜੇਕਰ ਕੋਸ਼ਿਸ਼ ਕਰਕੇ ਦੇਖਣੀ ਹੈ ਤਾਂ ਆਪਣੇ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਸਰਟੀਫਿਕੇਟ ਨਾਲ ਤੁਸੀ ਆਪਣੇ ਜ਼ਿਲੇ ਦੇ ਪਸ਼ੂ ਪਾਲਣ ਵਿਭਾਗ ਅਫਸਰ ਨੂੰ ਮਿਲੋ ਤੇ ਉਸ ਤੋਂ ਅਪਰੂਵ ਕਰਵਾ ਕੇ ਫਿਰ ਬੈਕ ਨਾਲ ਗੱਲ ਕਰਕੇ ਦੇਖੋ ਇਸ ਦੇ ਨਾਲ ਆਪਣੇ ਏਰੀਆ ਤੇ ਨਾਬਾਰਡ ਡਿਪਾਰਟਮੈਟ ਦੇ ਸੀਜੀਐਮ ਨੂੂੰ ਵੀ ਲੋਨ ਲਈ ਮਿਲੋ.

Posted by Praveen kumar pareek
Rajasthan
12-02-2020 11:15 AM
प्रवीण जी आप सब्जियां जैसे चौलाई, मूली , फूलगोभी, बैंगन, प्याज, मूली, मिर्च की बिजाई कर सकते है धन्यवाद
Posted by ਸੁਖਵਿੰਦਰ ਸਿੰਘ
Punjab
12-02-2020 11:03 AM
ਸੁਖਵਿੰਦਰ ਜੀ ਤੁਸੀ ਇਸਦੇ ਉਪਰ copper oxychloride @500 ਗ੍ਰਾਮ ਨੂੰ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਸਪਰੇ ਕਰੋ ਧੰਨਵਾਦ
Posted by ਹਰਪ੍ਰੀਤ ਸਿੰਘ
Punjab
12-02-2020 10:58 AM
Harpreet singh ji islai tusi apne najdiki co-operative society nal samparak kar sakde ho, Thankyou.
Posted by Nikki
Uttar Pradesh
12-02-2020 10:58 AM
keshav ji aapko entrance exam dena padega uske bad aapki admission ho jayegi.dhanywad
Posted by kuldeep yadav
Uttar Pradesh
12-02-2020 10:55 AM
Kuldeep yadav ji aap Gurbakhsish Singh 9888831443 Bakhsish Combine se samparak kar sakte hai, Thankyou.
Posted by sonu kumar
Bihar
12-02-2020 10:50 AM
sonu ji kripya aap btaye ke aapne isme khaad kon konsi daali hai taki aapko iske bare men poori jankari di ja sake,dhanywad
Posted by deepak parmar
Madhya Pradesh
12-02-2020 10:42 AM
दीपक जी आप इसके ऊपर मैंकोजेब@400 ग्राम को प्रति एकड़ के हिसाब से स्प्रे करें धन्यवाद
Posted by Rahul Dedha
Uttar Pradesh
12-02-2020 10:33 AM
उसे आप पेट के कीड़ों के लिए Flukarid-DS गोली दें और हर तीन महीने के बाद साल्ट बदलकर गोली जरूर दें इसके साथ आप Brotone liquid 50ml रोजाना, Anabolite liquid 100ml रोजाना और Agrimin पाउडर 50 ग्राम रोजाना दे सकते है इससे अच्छी ग्रोथ हो जाएगी
Posted by Gurtej Singh
Punjab
12-02-2020 10:30 AM
Gurtej ji uss de aunn wale bache vich 50-50% dona nasala de guun honge ate cross breed da bacha howega, baki usda result iss gal te nirbhar krda hai ki tuci kine litre milk record wala semen bharwaya hai.
Posted by ਹਰਪ੍ਰੀਤ ਸਿੰਘ
Punjab
12-02-2020 10:16 AM
ਇਸਦੀ ਬਿਜਾਈ ਕਤਾਰਾਂ ਵਿਚ ਕਰੋ ਬਿਜਾਈ ਕੇਰੇ ਜਾਂ ਪੋਰੇ ਨਾਲ ਕਰੋ ਅਤੇ ਕਤਾਰਾਂ ਵਿਚਕਾਰ ਫਾਸਲਾ 30 ਸੈਂਟੀਮੀਟਰ ਰੱਖੋ

Posted by Ram Singh
Punjab
12-02-2020 10:15 AM
ਤੁਸੀ ਉਸ ਨੂੰ ਵਧਿਆ ਖੁਰਾਕ ਅਤੇ ਫੀਡ ਦੇਣੀ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ ਕਿਉਕਿ ਜੇਕਰ ਖੁਰਾਕ ਵਧਿਆ ਹੋਵੇਗਾ ਤਾਂ ਪਸ਼ੂ ਦੀ ਵਧਿਆ ਗਰੋਥ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਬਾਕੀ ਤੁਸੀ ਉਸ ਨੂੰ Vitamor-H liquid 10-10ml ਸਵੇਰੇ ਸ਼ਾਮ ਅਤੇ Udder tone ਹੋਮਿਓਪੈਥਿਕ ਦਵਾਈ ਦੀਆ 10-10 ਬੂੰਦਾਂ ਦਿਨ ਵਿਚ 3 ਵਾਰ ਦਿਓ, ਇਸ ਨਾਲ ਫਰਕ ਪੈ ਜਾਵੇਗਾ..
Posted by Veeresh Kumar
Uttar Pradesh
12-02-2020 10:08 AM
Veeresh ji kripya aap iski poori photo bheje aapke dwara bheji gayi photo upload nahi hui hai.dhanywad
Posted by Gurnishan Singh Dhillon
Punjab
12-02-2020 09:56 AM
dhillon ji isde kai karan ho skde hai jiwe iss vich vartn wale tezab vich milawat ho skdi hai ja fir dudh vich koi milawat ho skdi hai kyuki iss trah ghee aaun da hor koi karan nahi ho skda hai ja fir iss nu check kran sme saria chija sahi matra vich nahi vartia jandia. isde lai tuci kise hor dariy wale te dudh di fatt check kro, jiss nal ptaa lgg jawega.
Posted by Gagandeep singh
Punjab
12-02-2020 09:55 AM
ਤੁਸੀ ਮੁਰਗੀ ਪਾਲਣ ਦੀ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਲੈਣ ਲਈ ਆਪਣੇ ਨਜ਼ਦੀਕੀ ਕ੍ਰਿਸ਼ੀ ਵਿਗਿਆਨ ਕੇਂਦਰ ਨਾਲ ਸੰਪਰਕ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਉਥੇ ਸਮੇ ਸਮੇ ਤੇ ਕਿਸਾਨਾਂ ਦੀ ਮੰਗ ਦੀ ਅਨੁਸਾਰ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਦਿਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਤੁਸੀ ਉਥੇ ਜਾ ਕੇ ਆਪਣਾ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਵਾਲਾ ਫਾਰਮ ਭਰ ਆਓ ਫਿਰ ਜਦੋ ਵੀ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਹੋਵੇਗੀ ਉਹ ਤੁਹਾਨੂੰ ਫੋਨ ਕਰਕੇ ਦੱਸ ਦੇਣਗੇ, ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਲੈਣ ਲਈ ਤੁਸੀ Krishi Vigyan Kendra
Village Goneana, District Muktsar-152026, Punjab – India, Ph.... (Read More)
ਤੁਸੀ ਮੁਰਗੀ ਪਾਲਣ ਦੀ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਲੈਣ ਲਈ ਆਪਣੇ ਨਜ਼ਦੀਕੀ ਕ੍ਰਿਸ਼ੀ ਵਿਗਿਆਨ ਕੇਂਦਰ ਨਾਲ ਸੰਪਰਕ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਉਥੇ ਸਮੇ ਸਮੇ ਤੇ ਕਿਸਾਨਾਂ ਦੀ ਮੰਗ ਦੀ ਅਨੁਸਾਰ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਦਿਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਤੁਸੀ ਉਥੇ ਜਾ ਕੇ ਆਪਣਾ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਵਾਲਾ ਫਾਰਮ ਭਰ ਆਓ ਫਿਰ ਜਦੋ ਵੀ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਹੋਵੇਗੀ ਉਹ ਤੁਹਾਨੂੰ ਫੋਨ ਕਰਕੇ ਦੱਸ ਦੇਣਗੇ, ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਲੈਣ ਲਈ ਤੁਸੀ Krishi Vigyan Kendra
Village Goneana, District Muktsar-152026, Punjab – India, Phone: 01633-210046 ਨਾਲ ਸੰਪਰਕ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ

Posted by major singh
Punjab
12-02-2020 09:49 AM
ਪਸ਼ੂਆਂ ਨੂੰ ਘਰ ਵਿਚ ਫੀਡ ਤਿਆਰ ਕਰਕੇ ਦੇਣੀ ਹੈ ਤਾਂ ਸੰਤੁਲਿਤ ਖੁਰਾਕ 100 ਕਿਲੋ ਬਣਾਉਣ ਲਈ ਲੋੜੀਂਦੀ ਸਮੱਗਰੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ ਜਿਵੇਂ 25 ਕਿਲੋ ਅਨਾਜ ( ਜਵਾਰ, ਬਾਜਰੀ (ਸਰਦੀਆਂ) , ਕਣਕ, ਜੌਂ ( ਗਰਮੀਆ) ਇਹਨਾਂ ਵਿੱਚੋ ਕੋਈ ਇੱਕ ) , ਦਾਲ ਚੂਰੀ 20 ਕਿਲੋ( ਮੂੰਗੀ ਚੂਰੀ, ਮਾਂਹ ਚੂਰੀ, ਮੋਠ ਚੂਰੀ ( ਕੇਵਲ ਸਰਦੀਆਂ ਲਈ) , ਮਸੁਰ ਚੂਰੀ ,ਅਰਹਰ, (ਇਨਾਂ ਵਿੱਚੋ ਇੱਕ ) , DOC 25 ਕਿਲੋ ( ਚੌਲਾਂ ਦਾ ਚੂਰਾ ) , ਫਾਈਬਰ ਛਿਲਕਾ 15 ਕ.... (Read More)
ਪਸ਼ੂਆਂ ਨੂੰ ਘਰ ਵਿਚ ਫੀਡ ਤਿਆਰ ਕਰਕੇ ਦੇਣੀ ਹੈ ਤਾਂ ਸੰਤੁਲਿਤ ਖੁਰਾਕ 100 ਕਿਲੋ ਬਣਾਉਣ ਲਈ ਲੋੜੀਂਦੀ ਸਮੱਗਰੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ ਜਿਵੇਂ 25 ਕਿਲੋ ਅਨਾਜ ( ਜਵਾਰ, ਬਾਜਰੀ (ਸਰਦੀਆਂ) , ਕਣਕ, ਜੌਂ ( ਗਰਮੀਆ) ਇਹਨਾਂ ਵਿੱਚੋ ਕੋਈ ਇੱਕ ) , ਦਾਲ ਚੂਰੀ 20 ਕਿਲੋ( ਮੂੰਗੀ ਚੂਰੀ, ਮਾਂਹ ਚੂਰੀ, ਮੋਠ ਚੂਰੀ ( ਕੇਵਲ ਸਰਦੀਆਂ ਲਈ) , ਮਸੁਰ ਚੂਰੀ ,ਅਰਹਰ, (ਇਨਾਂ ਵਿੱਚੋ ਇੱਕ ) , DOC 25 ਕਿਲੋ ( ਚੌਲਾਂ ਦਾ ਚੂਰਾ ) , ਫਾਈਬਰ ਛਿਲਕਾ 15 ਕਿਲੋ (ਕਣਕ, ਚੌਕਰ, ਚਨਾ ਛਿਲਕਾ, ਮਟਰ ਛਿਲਕਾ, ਇਨਾਂ ਵਿੱਚੋ ਇੱਕ) , ਖਲ਼ 15 ਕਿਲੋ(ਸਰੋਂ, ਬਿਨੌਲਾ ਜਾਂ ਸੋਇਆ (ਇਹਨਾਂ ਵਿੱਚੋ ਕੋਈ ਇੱਕ) , ਮਿੱਠਾ ਸੋਡਾ 250 ਗ੍ਰਾਮ, 1 ਕਿਲੋ ਨਮਕ, ਗੁੜ 1 ਕਿਲੋ, 1 ਕਿੱਲੋ ਹਲਦੀ (ਸਰਦੀਆ ਵਿੱਚ ) ਇਹ ਨੂੰ ਰਲਾ ਲਵੋ ਇਹ ਫੀਡ ਪਸ਼ੂ ਲਈ ਬਹੁਤ ਲਾਹੇਵੰਦ ਹੁੰਦੀ ਹੈ.
Posted by R D* (RaJa Dhother)
Punjab
12-02-2020 09:46 AM
ਤੁਸੀ farmtrac 6065 ਖਰੀਦ ਸਕਦੇ ਹੋ ਇਹ ਟਰੈਕਟਰ ਵਧੀਆ ਹੈ ਅਤੇ ਤੁਹਾਡੀ ਫ਼ਸਲ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਸਭ ਤੋਂ ਢੁਕਵਾਂ ਰਹੇਗਾ ਵਧੇਰੇ ਜਾਣਕਾਰੀ ਲਈ ਤੁਸੀ ਗੁਰਬਖਸ਼ੀਸ਼ ਸਿੰਘ 959250011 ਜੀ ਨਾਲ ਸੰਪਰਕ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਇਹ ਤੁਹਾਨੂੰ ਇਸ ਬਾਰੇ ਪੂਰੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਦੇ ਦੇਣਗੇ ਧੰਨਵਾਦ
Posted by R D* (RaJa Dhother)
Punjab
12-02-2020 09:41 AM
ਤੁਸੀ farmtrac 6065 ਖਰੀਦ ਸਕਦੇ ਹੋ ਇਹ ਟਰੈਕਟਰ ਵਧੀਆ ਹੈ ਅਤੇ ਤੁਹਾਡੀ ਫ਼ਸਲ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਸਭ ਤੋਂ ਢੁਕਵਾਂ ਰਹੇਗਾ ਵਧੇਰੇ ਜਾਣਕਾਰੀ ਲਈ ਤੁਸੀ ਗੁਰਬਖਸ਼ੀਸ਼ ਸਿੰਘ 959250011 ਜੀ ਨਾਲ ਸੰਪਰਕ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਇਹ ਤੁਹਾਨੂੰ ਇਸ ਬਾਰੇ ਪੂਰੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਦੇ ਦੇਣਗੇ ਧੰਨਵਾਦ

Posted by amarpal singh
Punjab
12-02-2020 09:40 AM
ਤੁਸੀ ਓਹਨਾ ਨੂੰ ਜੋ ਵੀ ਫੀਡ ਅਤੇ ਖੁਰਾਕ ਦਿੰਦੇ ਹੋ ਉਸਦੇ ਨਾਲ ਨਾਲ ਤੁਸੀ ਵਡੇਮਿਆ ਦੀ ਖਲ 1kg ਅਤੇ ਸਰੋਂ ਦੀ ਖਲ 1kg ਦਿਓ ਅਤੇ ਉਸ ਨੂੰ Fatboost ਪਾਊਡਰ 50 ਗ੍ਰਾਮ ਰੋਜਾਨਾ, Gouge powder 50 ਗ੍ਰਾਮ ਰੋਜਾਨਾ ਦਿਓ, ਇਸ ਨਾਲ ਫਰਕ ਪੈ ਜਾਵੇਗਾ..
Posted by ਪਰਮਜੀਤ ਸਿੰਘ
Punjab
12-02-2020 09:38 AM
ਪਰਮਜੀਤ ਜੀ ਤੁਸੀ tilt ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਤਾ ਕਰੋ ਜੇਕਰ ਫ਼ਸਲ ਤੇ ਉੱਲੀ ਦਾ ਹਮਲਾ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਅਤੇ ਇਕਟਾਰਾ ਤੇਲੇ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਦੇ ਲਈ ਵਰਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਅਤੇ NPK 191919 ਦੀ ਮਾਤਰਾ 1ਕਿਲੋ ਨੂੰ 150 ਲੀਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿਚ ਮਿਲਾ ਕੇ ਸਪਰੇ ਕਰੋ ਪਰ ਤੁਸੀ ਇਹਨਾਂ ਤਿੰਨ ਨੂੰ ਇਕੱਠੇ ਰਲਾ ਕੇ ਸਪਰੇ ਨਾ ਕਰੋ ਇਹਨਾਂ ਦੀ ਲੋੜ ਅਨੁਸਾਰ ਹੀ ਸਪਰੇ ਕਰੋ ਧੰਨਵਾਦ

Posted by goverdhan lal solanki
Madhya Pradesh
12-02-2020 09:38 AM
इसे सभी प्रकार की मिट्टी जिसमें जैविक तत्व उच्च मात्रा में होते हैं, में उगाया जा सकता है लेकिन अच्छे जल निकास वाली दोमट या रेतली दोमट मिट्टी में उगाने पर यह अच्छे परिणाम देती है इसके अच्छे विकास के लिए मिट्टी की पी एच 6 से 8 होनी चाहिए धनिये की खेती के लिए खारी और लवण वाली मिट्टी ठीक नहीं होती आप धनिया की किस्.... (Read More)
इसे सभी प्रकार की मिट्टी जिसमें जैविक तत्व उच्च मात्रा में होते हैं, में उगाया जा सकता है लेकिन अच्छे जल निकास वाली दोमट या रेतली दोमट मिट्टी में उगाने पर यह अच्छे परिणाम देती है इसके अच्छे विकास के लिए मिट्टी की पी एच 6 से 8 होनी चाहिए धनिये की खेती के लिए खारी और लवण वाली मिट्टी ठीक नहीं होती आप धनिया की किस्मे जैसे के Sadhana, Swathi, Sindhu, Pant Haritima, Hissar Anand की बुवाई करें सब से पहले ज़मीन की दो तीन बार हल से अच्छी तरह जोताई करें इसके बाद सुहागे की मदद से ज़मीन को समतल कर देना चाहिए आखिरी जोताई से पहले ज़मीन में 40 क्विंटल प्रति एकड़ के हिसाब से रूड़ी की खाद मिलानी चाहिए सब्जियों में प्रयोग करने के लिए, इसकी बिजाई अक्तूबर के पहले सप्ताह में करनी चाहिए और बीज तैयार करने के लिए, बिजाई अक्तूबर के आखिरी सप्ताह से नवंबर के पहले सप्ताह तक करनी चाहिए कतार से कतार का फासला 30 सैं.मी. और पौधे से पौधे का फासला 15 सैं.मी. रखें बीज की गहराई 3 सैं.मी. से ज्यादा नहीं होनी चाहिए इसकी बिजाई के लिए पोरा ढंग का प्रयोग किया जाता हैं बिजाई के लिए 8-10 किलो बीज प्रति एकड़ डाला जाता है जल्दी अंकुरन के लिए बीजों को बिजाई से पहले अच्छी तरह रगड़ लेना चाहिए ताकि इसके ऊपर की ओर से अनावश्यक छिल्कें उतर जायें बिजाई से पहले बीजों को 8 से 12 घंटे के लिए पानी में भिगोकर रख देना चाहिए फसल को जड़ गलन और पौधे सूखने की बिमारी से बचाने के लिए बीजों को 4 ग्राम टराइकोडरमा विराइड सिउडोमोनास फलोरसैंस प्रति किलोग्राम बीज में मिला देना चाहिए फसल की अच्छी वृद्धि के लिए, नाइट्रोजन 25 किलो (यूरिया 55 किलो) और फासफोरस 20 किलो (एस एस पी 125 किलो) प्रति एकड़ में डालें नाइट्रोजन की आधी मात्रा और फासफोरस की पूरी मात्रा बिजाई के समय डालें बाकी बची नाइट्रोजन को फूल निकलने के समय डालें धनिये की शुरूआती अवस्था में नदीन गंभीर समस्या होते हैं खेत को नदीन मुक्त करने के लिए एक या दो गोडाई करें बिजाई के 4 सप्ताह बाद पहली गोडाई करें और बिजाई के 5-6 सप्ताह बाद दूसरी गोडाई करें मिट्टी की बनतर, बारिश और जलवायु के आधार पर चार से पांच सिंचाई फसल की अच्छी वृद्धि के लिए सहायक होती है बिजाई के 30 दिन बाद पहली सिंचाई करें बाकी की सिंचाइयां 60-70 वें दिन, 80-90वें दिन, 100-105वें दिन और 110-150वें दिन करें फूल निकलने और बीजों की विकसित अवस्था में नमी की कमी ना होने दें फसल का कद 20 से 25 सैं.मी. होने पर हरे पत्तों को काटना शुरू कर देना चाहिए एक फसल को तीन से चार बार काटा जा सकता है बीज की पैदावार के लिए बीजी गई फसल अप्रैल महीने में कटाई के लिए तैयार हो जाती है फसल के फल हरे रंग में ही काट लेने चाहिए क्योंकि ज्यादा पकने की सूरत में इसका पूरा मूल्य नहीं मिल पाता धन्यवाद

Posted by sanjay ji
Madhya Pradesh
12-02-2020 09:32 AM
संजय जी आप दूध और मीट दोनों कामों के लिए बीटल नस्ल की बकरी रख सकते है

Posted by Vicky
Punjab
12-02-2020 09:27 AM
ਵਿੱਕੀ ਜੀ ਇਸਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਦੇ ਲਈ ਤੁਸੀ imidacloprid @1.5 ml ਨੂੰ ਪ੍ਰਤੀ ਲੀਟਰ ਪਾਣੀ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਸਪਰੇ ਕਰੋ ਧੰਨਵਾਦ

Posted by sajan
Punjab
12-02-2020 09:26 AM
ਪਸ਼ੂਆਂ ਲਈ ਫੀਡ ਫਾਰਮੂਲਾ ਜਿਵੇਂ ਮੱਕੀ/ਕਣਕ /ਚੋਲਾ ਦੀ ਕਣੀ/ਬਾਜਰਾ 40 ਕਿਲੋ, ਚੋਕਰ 15 ਕਿਲੋ, ਚੋਲਾ ਦੀ ਪਾਲਿਸ਼ 13 ਕਿਲੋ, ਸੋਇਆਬੀਨ ਦੀ ਖੱਲ 16 ਕਿਲੋ, ਸੀਰਾ 5 ਕਿਲੋ, ਮਿਨਰਲ ਮਿਕਸਚਰ 3 ਕਿਲੋ, ਨਮਕ 2 ਕਿਲੋ, ਵਡੇਮਿਆ ਦੀ ਖੱਲ 6 ਕਿਲੋ ਪਾ ਸਲਦੇ ਹੋ, ਇਸ ਤ੍ਰਾਹ ਤੁਸੀ ਫੀਡ ਤਿਆਰ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ. ਇਸਦੇ ਨਾਲ ਨਾਲ ਤੁਸੀ Fatmax ਪਾਊਡਰ 50 ਗ੍ਰਾਮ ਰੋਜਾਨਾ ਦੇਣਾ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ ਅਤੇ Glactogog ਪਾਊਡਰ ਰੋਜਾਨਾ 1 ਪਾਉਚ ਦਿਓ..

Posted by chhaganlal
Rajasthan
12-02-2020 09:23 AM
नेपियर ग्रास पशुओं के चारे के लिए इस्तेमाल किया जाता है जो लगभग 5 साल तक कटाई की जाती है यह bamboo की तरह दिखाई देती है

Posted by Manoj Kumar
Uttar Pradesh
12-02-2020 09:08 AM
कद्दू की खेती के लिए अच्छी तरह से तैयार ज़मीन की आवश्यकता होती है मिट्टी को भुरभुरा करने के लिए 2-3 जोताई करें उसके बाद हैरो से जोताई करें 2 मीटर के फासले पर 15 सैं.मी. गहरी खालियां बनायें बिजाई के लिए मध्य जनवरी से मार्च और अक्तूबर से नवंबर का महीना (संरक्षण में) उपयुक्त होता है Punjab Chappan Kadoo-1: यह किस्म 1982 में जारी की गई थ.... (Read More)
कद्दू की खेती के लिए अच्छी तरह से तैयार ज़मीन की आवश्यकता होती है मिट्टी को भुरभुरा करने के लिए 2-3 जोताई करें उसके बाद हैरो से जोताई करें 2 मीटर के फासले पर 15 सैं.मी. गहरी खालियां बनायें बिजाई के लिए मध्य जनवरी से मार्च और अक्तूबर से नवंबर का महीना (संरक्षण में) उपयुक्त होता है Punjab Chappan Kadoo-1: यह किस्म 1982 में जारी की गई थी यह जल्दी पकने वाली किस्म है जो बिजाई के 60 दिनों के बाद तुड़ाई के लिए तैयार हो जाती है इस किस्म के पौधे के पत्ते घने और हरे रंग के होते हैं, फल हरे रंग के डिस्क के आकार के होते हैं यह किस्म पत्तों के निचले धब्बों की प्रतिरोधक और विषाणु रोग, लाल भुंडी और पत्तों पर सफेद धब्बों को सहनेयोग्य है इसके फलों की औसतन पैदावार 95 क्विंटल प्रति एकड होती है

Posted by bhimsain
Punjab
12-02-2020 08:46 AM
भीमसेन जी बीज लेने के लिए आप Sarwan Singh Maan 9340126148, 9478000850 Anmaanat Biotech से सम्पर्क कर सकते है,धन्यवाद
Posted by jagpal sidhu028@gmail.com
Punjab
12-02-2020 08:46 AM
ਹਿਸਾਰ ਵਿੱਚ ਖੇਤੀਬਾੜੀ ਮੇਲਾ 22-23 ਮਾਰਚ ਲਗੇਗਾ
Posted by ਬਲਬਹਾਦਰ ਸਿੰਘ
Punjab
12-02-2020 08:30 AM
ਬਲਬਹਾਦਰ ਸਿੰਘ ਜੀ,ਤੁਹਾਨੂੰ ਇਹ ਲੋਕਲ ਮਾਰਕੀਟ ਤੋਂ ਮਿਲ ਜਾਵੇ ਗਾ , ਧੰਨਵਾਦ

Posted by Vijay mankar
Madhya Pradesh
12-02-2020 08:29 AM
विजय जी यदि आप दूध और मीट दोनों कामों के लिए बकरी रखना चाहते है तो आप बीटल नस्ल की बकरी रख सकते है यह नस्ल दोनों कामों के लिए अच्छी रहती है इसके इलावा यदि आप मीट के लिए काम करना चाहते है तो आप सिरोही, बारबरी ब्लैक बंगाल इनमें से कोई भी नस्ल रख सकते है
Posted by varinder singh jammu
Punjab
12-02-2020 08:19 AM
ਵਰਿੰਦਰ ਜੀ ਪੀਣ ਵਾਲੇ ਪਾਣੀ ਨੂੰ check ਕਰਾਉਣ ਲਈ ਤੁਸੀ local ਮਾਰਕੀਟ ਵਿਚ RO ਦੀ service ਵਾਲੀ ਦੁਕਾਨ ਨਾਲ ਸੰਪਰਕ ਕਰੋ ਓਥੋਂ ਹੀ ਤੁਹਾਨੂੰ ਪੀਣ ਵਾਲੇ ਪਾਣੀ ਬਾਰੇ ਜਾਣਕਾਰੀ ਮਿਲ ਜਾਏਗੀ ਕਿ ਪਾਣੀ ਦਾ sample ਪੀਣ ਲਾਇਕ ਹੈ ਜਾ ਨਹੀਂ ਧੰਨਵਾਦ

Posted by gurpreet
Punjab
12-02-2020 08:08 AM
ਅਚਾਰ ਬਣਾਉਣ ਦੇ ਲਈ ਤੁਸੀ ਮੱਕੀ ਦੀਆਂ ਕਿਸਮਾਂ ਜਿਵੇ j1006 ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਧੰਨਵਾਦ
Posted by ਪਰਮਜੀਤ ਸਿੰਘ
Punjab
12-02-2020 07:19 AM
ਪਰਮਜੀਤ ਜੀ ਤੁਸੀ ਉਸ ਨੂੰ ਸੂਣ ਤੋਂ 7 ਦਿਨ ਬਾਅਦ Hitek injection 1ml/50kg ਸਰੀਰ ਦੇ ਭਾਰ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਚਮੜੀ ਵਿਚ ਲਗਵਾਓ ਅਤੇ ਉਸਦੇ ਸਿੰਗਾ ਨੂੰ ਨਾਰੀਅਲ ਤੇਲ ਨਾਲ ਮਾਲਿਸ਼ ਕਰੋ, ਇਹਨਾਂ ਨਾਲ ਫਰਕ ਪੈ ਜਾਵੇਗਾ ਬਾਕੀ ਉਸਨੂੰ ਖੁਰਾਕ ਵਧਿਆ ਦਿਓ ਜਿਸ ਨਾਲ ਉਸ ਤੋਂ ਵਧਿਆ ਦੁੱਧ ਲਿਆ ਜਾ ਸਕੇ ..

Posted by gurmukh
Punjab
12-02-2020 07:17 AM
Gurmukh ji arbi ka seed lene ke lia aap Mohammad Shrif 9417150864 Arman Seeds Farm se samparak kar sakte hai, Thankyou.
Posted by Gurtej Singh
Punjab
12-02-2020 07:03 AM
Hanji Gurtej ji HF da milk ghar vart skde ho, iss vich koi smasia wali gal nhi hai..

Posted by हरिनाथ बिन्द वीरपुर मिर्ज़ापुर उत्तर प्रदेश (भारत)
Uttar Pradesh
12-02-2020 06:59 AM
हरिनाथ जी मिर्ज़ापुर में आप Krishi Vigyan Kendra, Mirzapur, I.Ag.Sc., BHU, RGSC, Barkachha, District - Mirzapur (U.P.), INDIA PIN - 231 001 Tel. No.: 05442 - 237276 से सम्पर्क कर सकते है,धन्यवाद
Posted by ਗੁਰਲਾਲ ਸਿੰਘ
Punjab
12-02-2020 06:24 AM
ਗੁਰਲਾਲ ਜੀ ਸ਼ਿਮਲਾ ਮਿਰਚ ਵਿਚ 110 ਕਿਲੋ ਯੂਰੀਆ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਪਾਈ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਅਤੇ ਤੁਸੀ ਇਸਦੀ ਵਰਤੋਂ ਹੁਣ ਫ਼ਸਲ ਵਿਚ ਕਰੋ ਜਿਸਦੇ ਨਾਲ ਤੱਤਾਂ ਦੀ ਕਮੀ ਪੂਰੀ ਹੋ ਜਾਏ ਧੰਨਵਾਦ

Posted by Rambeer Panwar
Uttar Pradesh
12-02-2020 02:20 AM
Rambeer ji jhulas rog ki roktham ke liye aap carbendazim@400 gram ko prati litre pani ke hisab se spray karen,dhanywad

Posted by Kiran Dave
Gujarat
12-02-2020 12:20 AM
ड्रैगन फ्रूट के लिए इसकी कलम लगाई जाती है और एक एकड़ में लगभग 1600 कलम लगाई जाती है और इन कलम को पहले गमले में त्यार किया जाता है, और फिर April से september तक कभी भी खेत में लगाया जा सकता है और एक कलम लगभग 70 रुपये की होती है अधिक जानकारी के लिए आप नीचे दिए नंबर पर बात कर सकते है:- Shree Hari Horticulture 9913700056.

Posted by ROHIT SINGH
Uttarakhand
11-02-2020 11:59 PM
रोहित जी यदि आप ज्यादा दूध के लिए गाय रखना चाहते है तो आप एचएफ नस्ल की गाय रख सकते है इस नस्ल का दूध सबसे ज्यादा होता है इसके इलावा आप जर्सी, साहीवाल नस्ल भी रख सकते है साहीवाल देसी गाय है जिसके दूध में फैट सबसे ज्यादा होती है और इसे बीमारियां भी सबसे कम लगती हैं
Expert Communities
We do not share your personal details with anyone
We do not share your personal details with anyone
Sign In
Registering to this website, you accept our Terms of Use and our Privacy Policy.
Your mobile number and password is invalid
We have sent your password on your mobile number
All fields marked with an asterisk (*) are required:
Sign Up
Registering to this website, you accept our Terms of Use and our Privacy Policy.
All fields marked with an asterisk (*) are required:
Please select atleast one option
Please select text along with image








