Posted by MD janesar Akhtar
Bihar
12-02-2020 04:14 PM
Akhtar ji aap jyada dudh ke liye aap hf nasal ki cow rakh skte hai, iss nasal ko jyada dekhbhal ki jrurat hoti hai kyuki iss nasal ko jyada bimaria lgti hai, iske ilawa aap jersey, sahiwal nasal ki cow rakh skte hai, aap cow lene ke liye aap Ananya Breeding And Dairy Farm 9006505977, 6204697576 Ananya Breeding And Dairy Farm se sampark kr skte hai.

Posted by santosh sonkar
Chattisgarh
12-02-2020 04:13 PM
santosh ji agar aap sulphur ka istemal karna chahte hai to aap use alag se istemal karen urea aur potash ke sath iska istemal na karen. iski matra 3-5 kilo prati acre ke hisab se istemal karen.dhanywad

Posted by gurpreet singh
Punjab
12-02-2020 04:04 PM
Gur Preet g, ਹੁਣ ਤੁਸੀਂ Dekalb 9108, Pioneer 31y45, ਅਤੇ ਯੂਨੀਵਰਸਟੀ ਦੁਆਰਾ ਵਿਕਸਿਤ ਵਰਾਇਟੀਆਂ ਜਿਵੇਂ PMH 10 ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ
Posted by Ramkesh saini
Rajasthan
12-02-2020 04:03 PM
रोपाई के 10-15 दिनों के बाद 19:19:19 के साथ सूक्ष्म तत्व 2.5 से 3 ग्राम प्रति लीटर पानी में मिलाकर स्प्रे करें कम तापमान के कारण पौधा कम तत्व लेता है जिससे पौधे की वृद्धि पर प्रभाव पड़ता है कुछ हालातों में फोलियर स्प्रे पौधे की वृद्धि में मदद करती है वानस्पतिक विकास की अवस्था में 19:19:19 या 12:61:00 3-5 ग्राम को प्रति लीटर पानी मे.... (Read More)
रोपाई के 10-15 दिनों के बाद 19:19:19 के साथ सूक्ष्म तत्व 2.5 से 3 ग्राम प्रति लीटर पानी में मिलाकर स्प्रे करें कम तापमान के कारण पौधा कम तत्व लेता है जिससे पौधे की वृद्धि पर प्रभाव पड़ता है कुछ हालातों में फोलियर स्प्रे पौधे की वृद्धि में मदद करती है वानस्पतिक विकास की अवस्था में 19:19:19 या 12:61:00 3-5 ग्राम को प्रति लीटर पानी में मिलाकर स्प्रे करें अच्छी वृद्धि और अच्छी उपज के लिए ब्रासीनोलाइड 50 मि.ली. को 150 लीटर पानी में डालकर रोपाई के 40-50 दिन बाद 10 दिनों के अंतराल पर दो बार स्प्रे करें
Posted by jaskamal Singh
Punjab
12-02-2020 04:02 PM
ਗੋਬਰ ਗੈਸ ਘਣ ਮੀਟਰ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਲੱਗਦਾ ਹੈ ਜੇਕਰ ਘਰ ਵਿੱਚ 8-10 ਮੈਬਰ ਹਨ ਤਾਂ 4 ਘਣ ਮੀਟਰ ਵਾਲਾ ਗੋਬਰ ਗੈਸ ਪਲਾਂਟ ਲੱਗੇਗਾ ਇਸ ਤੇ 30-32 ਹਜ਼ਾਰ ਰੁਪਏ ਖਰਚਾ ਆ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਤੇ 12000 ਰੁਪਏ ਦੀ ਸਬਸਿਡੀ ਮਿਲ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਇਸ ਲਈ ਤੁਹਾਨੂੰ ਲੱਗਭੱਗ 1 ਕੁਇੰਟਲ ਗੋਬਰ ਦੀ ਜਰੂਰਤ ਪੈਂਦੀ ਹੈ ਇਸ ਨਾਲ 8-10 ਮੈਬਰ ਦਾ ਵਧੀਆ ਗੈਸ ਦਾ ਸਰ ਜਾਵੇਗਾ ਬਾਕੀ ਤੁਸੀ ਛੋਟਾ ਜਾ ਵੱਡਾ ਵੀ ਲਗਾ ਸਕਦੇ ਹੋ ਇਸ ਤੋਂ ਛੋਟਾ 2 ਘਣ .... (Read More)
ਗੋਬਰ ਗੈਸ ਘਣ ਮੀਟਰ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਲੱਗਦਾ ਹੈ ਜੇਕਰ ਘਰ ਵਿੱਚ 8-10 ਮੈਬਰ ਹਨ ਤਾਂ 4 ਘਣ ਮੀਟਰ ਵਾਲਾ ਗੋਬਰ ਗੈਸ ਪਲਾਂਟ ਲੱਗੇਗਾ ਇਸ ਤੇ 30-32 ਹਜ਼ਾਰ ਰੁਪਏ ਖਰਚਾ ਆ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਤੇ 12000 ਰੁਪਏ ਦੀ ਸਬਸਿਡੀ ਮਿਲ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਇਸ ਲਈ ਤੁਹਾਨੂੰ ਲੱਗਭੱਗ 1 ਕੁਇੰਟਲ ਗੋਬਰ ਦੀ ਜਰੂਰਤ ਪੈਂਦੀ ਹੈ ਇਸ ਨਾਲ 8-10 ਮੈਬਰ ਦਾ ਵਧੀਆ ਗੈਸ ਦਾ ਸਰ ਜਾਵੇਗਾ ਬਾਕੀ ਤੁਸੀ ਛੋਟਾ ਜਾ ਵੱਡਾ ਵੀ ਲਗਾ ਸਕਦੇ ਹੋ ਇਸ ਤੋਂ ਛੋਟਾ 2 ਘਣ ਮੀਟਰ ਦਾ ਹੁੰਦਾਾ ਹੈ ਜਿਸ ਲਈ 50 ਕਿਲੋ ਗੋਬਰ ਦੀ ਜਰੂਰਤ ਪੈਂਦੀ ਹੈ ਜੋ ਕਿ 3-4 ਮੈਬਰਾਂ ਲਈ ਠੀਕ ਰਹਿੰਦਾ ਹੈ
Posted by Tarjinder singh
Punjab
12-02-2020 03:59 PM
Tarjinder ji jekar kanak nisare te aa gayi hai ta tuc NPK 130045@1 kilo ate boron@100 gram nu prati acre de hisab nal spray karo.isde nal daane vadhia bande han ate chamak v vadia bandi hai.dhanwad

Posted by inderpal
Punjab
12-02-2020 03:57 PM
Inderpal ji tuci uss nu vitamor-h liquid 10ml rojana dena suru kro ate Agrimin-i tablet rojana 1 goli deo ate 21 din tak dinde rho, isde nal Ovumin gold powder 50gm rojana dena suru kro, iss nal frak paa jawega..
Posted by Prabhjot Otaal
Punjab
12-02-2020 03:54 PM
Prabhjot ji hun kanak te koi v nadeen nashak di spray sifarish nahi kiti jandi hai.dhanwad

Posted by Rakesh
Punjab
12-02-2020 03:50 PM
मोतियों की खेती एक लाभदायिक काम हैं मोतियों की खेती उस प्रकार होती हैं जैसे असल रूप में मोती तैयार होते हैं इसकी खेती आप किसी तालाब में या फिर 100 वर्ग फूट तालाब बनाकर कर सकते हैं तालाब बनाने के बाद सिपी को खरीदा जाता है , जो दिल्ली से मिल जाती है, क्वालिटी के हिसाब से एक सिपी लगभग 1.5 से 5 रूप्ये में मिल जाती हैं सब.... (Read More)
मोतियों की खेती एक लाभदायिक काम हैं मोतियों की खेती उस प्रकार होती हैं जैसे असल रूप में मोती तैयार होते हैं इसकी खेती आप किसी तालाब में या फिर 100 वर्ग फूट तालाब बनाकर कर सकते हैं तालाब बनाने के बाद सिपी को खरीदा जाता है , जो दिल्ली से मिल जाती है, क्वालिटी के हिसाब से एक सिपी लगभग 1.5 से 5 रूप्ये में मिल जाती हैं सबसे पहले बंद सिपीयों में खिचाव लाकर उनमें मोतिया का बीज डाला जाता हैं फिर इन सिपीयों को बंद करके जाली के रास्ते पानी में फेक दिया जाता हैं फिर कुछ महीनों के बाद इसमें से मोती तैयार हो जाते हैं मोती बनने में 18 महीनों का समय लगता हैं डिजाईनर मोती तैयार करने के लिए उनके लिए खास तौर से आकार बनायें जाते हैं जिनमें से गनपति, बुद्ध, होली क्रास साईज के डिजाइनर मोती तैयार होते हैं, पर मोतियों की मार्केटिंग आपने स्तर पर ही करनी पड़ती है, पंजाब में मनीष जी मोतियों की ट्रेनिंग करवाते हैं उनके साथ इस नंबर 9417652857 पर संम्पर्क करें वह आपको पूरी जानकारी देंगे पंजाब में मोतियों की खेती की ट्रेनिंग लेने के लिए आप मनीष वासुदेव के साथ संम्पर्क 9417652857 कर सकते हैं धन्यवाद
Posted by harman
Punjab
12-02-2020 03:49 PM
ਤੁਸੀ ਮਿਨਰਲ ਮਿਕਸਚਰ Agrimin, Minfa gold, Bovimin-B ਇਹਨਾਂ ਵਿੱਚੋ ਕੋਈ ਵੀ ਵਰਤ ਸਕਦੇ ਹੋ ਇਹਨਾਂ ਦਾ ਵਧਿਆ ਰਿਜਲਟ ਹੈ

Posted by nilabh
Bihar
12-02-2020 03:49 PM
राजमांह को इसके लाल रंग की वजह से और किडनी के आकार जैसा होने पर किडनी बीन्स भी कहा जाता है यह प्रोटीन का मुख्य स्त्रोत है और मोलीबडेनम तत्व भी देता है इसमें कोलैस्ट्रोल को कम करने वाले तत्व भी हैं उत्तरी भारत में इसकी दाल भी बनाई जाती है भारत में, महाराष्ट्र, जम्मू कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, बंगाल, ताम.... (Read More)
राजमांह को इसके लाल रंग की वजह से और किडनी के आकार जैसा होने पर किडनी बीन्स भी कहा जाता है यह प्रोटीन का मुख्य स्त्रोत है और मोलीबडेनम तत्व भी देता है इसमें कोलैस्ट्रोल को कम करने वाले तत्व भी हैं उत्तरी भारत में इसकी दाल भी बनाई जाती है भारत में, महाराष्ट्र, जम्मू कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, बंगाल, तामिलनाडू, केरल, कर्नाटक मुख्य राजमांह उत्पादक राज्य हैं मिट्टी इसे मिट्टी की व्यापक किस्मों जैसे हल्की रेतली से भारी चिकनी मिट्टी में उगाया जा सकता है जल निकास वाली दोमट ज़मीनों में इसकी पैदावार बहुत अच्छी होती है यह नमक वाली मिट्टी के प्रति बहुत संवेदनशील है लगभग 5.5-6 पी एच वाली ज़मीनों में इसकी पैदावार अधिक होती है VL Rajma 125: यह किस्म उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में समय से बोयी जाती है इसकी फली में 4-5 बीज होते हैं और 100 बीज का भार लगभग 41.38 ग्राम होता है RBL 6: यह किस्म पंजाब में बोयी जाती है इसके बीज हल्के हरे रंग के होते हैं और फली में 6-8 बीज होते हैं दूसरे राज्यों की किस्में इसके इलावा भारत में उगाई जाने वाली प्रसिद्ध किस्में: HUR 15, HUR-137, Amber, Arun, Arka Komal, Arka Suvidha, Pusa Parvathi, Pusa Himalatha, VL Boni 1, Ooty 1आदि ज़मीन की तैयारी मिट्टी के भुरभुरा होने तक खेत की 2-3 बार जोताई करें, खेत को समतल रखें ताकि उसमें पानी ना खड़ा रहे यह फसल जल जमाव के प्रति काफी संवेदनशील होती है आखिरी जोताई के समय, 60-80 क्विंटल प्रति एकड़ रूड़ी की खाद डालें ताकि अच्छी पैदावार मिल सके बिजाई का समय बसंत की ऋतु में राजमांह की बिजाई फरवरी से मार्च और खरीफ की ऋतु में इसकी बिजाई मई से जून के महीने की जाती है पंजाब में कुछ किसान राजमांह की बिजाई जनवरी के आखिरी सप्ताह करते हैं फासला अगेती किस्मों के लिए कतारों में 45-60 सैं.मी. और पौधों में फासला 10-15 सैं.मी. रखें पॉल जैसी किस्मों के लिए पहाड़ी क्षेत्रों में पौधे का फासला 3-4 मीटर प्रति पहाड़ी होना चाहिए बीज की गहराई बीज को 6-7 सैं.मी. गहरा बोयें बिजाई की विधि इसकी बिजाई गड्ढा खोदकर की जाती है समतल क्षेत्रों में बीज पंक्तियों में बोयें जाते हैं और पहाड़ी क्षेत्रों में इसकी खेती बैड बनाकर की जाती है अगेती किस्मों के लिए 30-35 किलोग्राम बीज प्रति एकड़ का प्रयोग करें पॉल किस्मों की बिजाई पहाड़ी क्षेत्रों में 1 मीटर के फासले पर 3-4 पौधे प्रति पहाड़ी पर लगाए जाते हैं बीज की मात्रा 10-12 किलोग्राम प्रति एकड़ प्रयोग की जाती है बीज का उपचार बिजाई से पहले थीरम 4 ग्राम से प्रति किलो बीज का उपचार करें बीजों का छांव में सुखाएं और तुरंत बो दें खरपतवार नियंत्रण फसल के शुरू में नदीनों की रोकथाम जरूरी है इस अवस्था में नदीनों का हमला ना होने दें खादें डालने और सिंचाई करने के साथ ही गोडाई कर दें नदीनों के अंकुरन से पहले फ्लूक्लोरालिन 800 मि.ली. प्रति एकड़ या पैंडीमैथालीन 1 लीटर प्रति एकड़ का प्रयोग करें सिंचाई बीजों के अच्छे अंकुरण के लिए बिजाई से पहले सिंचाई करें फसल की वृद्धि के दौरान 6-7 सिंचाइयों की आवश्यकता होती है बिजाई के बाद 25वें दिन सिंचाई करें और अच्छी उपज प्राप्त करने के लिए 25 दिनों के अंतराल पर 3 सिंचाइयां जरूरी होती हैं फसल के खिलने, फूल निकलने के दौरान और फलियां विकसित होने की अवस्था में सिंचाई करें इन अवस्थाओं पर पानी की कमी ना होने दें फसल की कटाई जब इसकी फलियां पूरी तरह पक जायें और रंग पीला हो जाये तो इसकी तुड़ाई की जा सकती है इसके पत्ते पीले पड़ने के बाद गिरने शुरू हो जाते हैं किस्म के आधार पर इसकी फलियां 7-12 दिनों में पककर तुड़ाई के लिए तैयार हो जाती हैं पूरी फसल 120-130 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती हैं कटाई समय से करें काटी हुई फसल 3-4 दिनों के लिए धूप में रखें अच्छी तरह सूखने के बाद बैलों या छड़ों की मदद से छंटाई की जा सकती हैं कटाई के बाद राजमांह को कटाई के बाद कईं कामों के लिए प्रयोग किया जाता है सांभ संभाल के समय इसकी देखभाल जरूरी है राजमांह को स्टोर करने से पहले आकार और क्वालिटी के आधार पर बांटा जाता है गले हुए राजमांह धूप में हल्की गर्मी में रख दिए जाते हैं ताकि उनमें से नमी की मात्रा कम हो जाये इसके लिए हमेशा ठंडी, अंधेरे और सूखी जगह पर रख दिया जाता है
Posted by Prabhjot Otaal
Punjab
12-02-2020 03:35 PM
Prabhjot ji tuc NPK 191919@1 kilo nu 150 litre pani de hisab nal spray karo.dhanwad
Posted by Prabhjot Otaal
Punjab
12-02-2020 03:23 PM
Prabhjot ji jekare kanak 60 dina to uper hai ta hun koi spray da istemal nahi kita ja sakda kyuki eh fasl nu nuksaan kar sakda hai.dhanwad

Posted by hemant
Haryana
12-02-2020 03:23 PM
हेमंत जी कृपया करके सवाल विस्तार से पूछें कि आप GDS किसे बता रहे हैं ताकि आपको इसके बारे में पूरी जानकारी दी जा सके धन्यवाद

Posted by Gurpreet singh
Haryana
12-02-2020 03:15 PM
gurpreet ji jekar fasl 60 din to vadh hai ta hun kise v nadeen nashak di spray sifarish nahi kiti jandi.dhanwad
Posted by santosh rajput
Madhya Pradesh
12-02-2020 03:14 PM
इसे हर तरह की मिट्टी में उगाया जा सकता है पर यह अच्छे निकास वाली और रेतली सतह वाली ज़मीनों में ज्यादा पैदावार देती है कलराफी और सेम वाली ज़मीन मूंगी की पैदावार के लिए अनुकूल नहीं है प्रसिद्ध किस्में :-K 851: यह मध्यम ऊंचाई वाली किस्म है और खरीफ के साथ साथ गर्मियों में भी बोने के अनुकूल है यह सूखे की हालातों के प्रत.... (Read More)
इसे हर तरह की मिट्टी में उगाया जा सकता है पर यह अच्छे निकास वाली और रेतली सतह वाली ज़मीनों में ज्यादा पैदावार देती है कलराफी और सेम वाली ज़मीन मूंगी की पैदावार के लिए अनुकूल नहीं है प्रसिद्ध किस्में :-K 851: यह मध्यम ऊंचाई वाली किस्म है और खरीफ के साथ साथ गर्मियों में भी बोने के अनुकूल है यह सूखे की हालातों के प्रतिरोधी है यह किस्म 65-70 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है इसकी औसतन पैदावार 3-4 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Muskan: यह किस्म खरीफ के साथ साथ गर्मियों में भी बोने के अनुकूल है यह चितकबरा रोग और नाड़ी तोड़ के प्रतिरोधी किस्म है यह किस्म 75-80 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है इसकी औसतन पैदावार 5-7.5 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Asha: यह मध्यम ऊंचाई वाली किस्म है और खरीफ के साथ साथ गर्मियों में भी बोने के अनुकूल है यह किस्म 65-70 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है इसकी औसतन पैदावार 3-4 क्विंटल प्रति एकड़ होती है SML 668: यह किस्म सिंचित क्षेत्रों में बोने के लिए अनुकूल है यह 60 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है इसकी औसतन पैदावार 4-5 क्विंटल प्रति एकड़ होती है MUM 2: यह किस्म 60-70 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है इसकी औसतन पैदावार 4.8 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Pusa 9531: यह किस्म गर्मियों में बोने के लिए अनुकूल है यह 60 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है इसकी औसतन पैदावार 4-4.8 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Pusa Vishal: यह किस्म गर्मियों में बोने के लिए अनुकूल है यह 62 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है इसकी औसतन पैदावार 4-4.8 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Ganga 8: यह किस्म खरीफ में बोने के लिए अनुकूल है यह 60 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है इसकी औसतन पैदावार 4.4 क्विंटल प्रति एकड़ होती है MH 125: यह किस्म 64 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है इसकी औसतन पैदावार 4.8 क्विंटल प्रति एकड़ होती है MH 421: यह किस्म गर्मियों और खरीफ में बोने के लिए अनुकूल है यह 60 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है इसकी औसतन पैदावार 4.8 क्विंटल प्रति एकड़ होती है ज़मीन को भुरभुरा करने के लिए दो या तीन जोताई करनी ज़रूरी है प्रत्येक जोताई के बाद सुहागा फेर दें खरीफ की ऋतु के लिए बिजाई का अनुकूल समय जुलाई महीने का पहला पखवाड़ा है गर्मी की ऋतु की बिजाई के लिए सही समय मार्च से अप्रैल तक का है बिजाई के लिए बीजों को 4-6 सैं.मी. गहरा बोयें बिजाई के लिए बिजाई वाली मशीन, पोरा या केरा ढंग का प्रयोग किया जाता है खरीफ ऋतु के लिए 8-9 किलो बीज प्रति एकड़ और गर्मी ऋतु के लिए 12-15 किलो बीज प्रति एकड़ के हिसाब से बोयें

Posted by Vishnu Rathore
Madhya Pradesh
12-02-2020 03:11 PM
विष्णु जी, आप काली मस्सी के उपचार के लिए इसमें cyper methrin @1.5 ml- 2.5 ml प्रति लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे कर सकते हैं, धन्यवाद

Posted by Baljit Johal
Punjab
12-02-2020 03:01 PM
ਬਲਜੀਤ ਜੀ ਤੁਸੀ ਇਸਦੇ ਉਪਰ NPK 130045 @1 ਕਿਲੋ ਨੂੰ 150 ਲੀਟਰ ਪਾਣੀ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਸਪਰੇ ਕਰੋ ਧੰਨਵਾਦ

Posted by HARSHIT tiwari
Uttar Pradesh
12-02-2020 02:51 PM
उसे Lactomood होमियोपेथिक दवाई दें इसकी 10—10 बूंदों को दिन में तीन बार दें और lactomax bolus 5-5 गोली सुबह शाम दें और Milkout पाउडर 2—2 चम्मच सुबह शाम दें इससे फर्क पड़ जाएगा

Posted by Vishnu Rathore
Madhya Pradesh
12-02-2020 02:45 PM
विष्णु जी, आप काली मस्सी के उपचार के लिए इसमें cyper methrin @1.5 ml- 2.5 ml प्रति लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे कर सकते हैं, धन्यवाद

Posted by Naresh singh
Uttarakhand
12-02-2020 02:42 PM
सभी प्रकार की मिट्टियों में सहजन (Moringa) की खेती की जा सकती है यहाँ तक कि बेकार, बंजर और कम उर्वरा भूमि में भी इसकी खेती की जा सकती है, परन्तु व्यवसायिक खेती के लिए साल में दो बार फलनेवाला सहजन के प्रभेदों के लिए 6-7.5 पी.एच. मान वाली बलुई दोमट मिट्टी बेहतर पाया गया है सहजन के पौध की रोपनी में गड्ढा बनाकर किया जाता है ख.... (Read More)
सभी प्रकार की मिट्टियों में सहजन (Moringa) की खेती की जा सकती है यहाँ तक कि बेकार, बंजर और कम उर्वरा भूमि में भी इसकी खेती की जा सकती है, परन्तु व्यवसायिक खेती के लिए साल में दो बार फलनेवाला सहजन के प्रभेदों के लिए 6-7.5 पी.एच. मान वाली बलुई दोमट मिट्टी बेहतर पाया गया है सहजन के पौध की रोपनी में गड्ढा बनाकर किया जाता है खेत को अच्छी तरह खरपतवार से साफ़-सफाई का 2.5 x 2.5 मीटर की दूरी पर 45 x 45 x 45 सेंमी. आकार का गड्ढा बनाते हैं गड्ढे के उपरी मिट्टी के साथ 10 किलोग्राम सड़ा हुआ गोबर का खाद मिलाकर गड्ढे को भर देते हैं इससे खेत पौध के रोपनी हेतु तैयार हो जाता है सहजन में बीज और शाखा के टुकड़ों दोनों से ही प्रबर्द्धन होता है अच्छी फलन और साल में दो बार फलन के लिए बीज से प्रबर्द्धन करना अच्छा है एक हेक्टेयर में खेती करने के लिए 500 ग्राम बीज पर्याप्त है बीज को सीधे तैयार गड्ढों में या फिर पॉलीथीन बैग में तैयार कर गड्ढों में लगाया जा सकता है पॉलीथीन बैग में पौध एक महीना में लगाने योग्य तैयार हो जाता है एक महीने के तैयार पौध को पहले से तैयार किए गये गड्ढों में माह जुलाई-सितम्बर तक रोपनी कर दें पौध जब लगभग 75 सेंमी. का हो जाये तो पौध के ऊपरी भाग की खोटनी कर दें, इससे बगल से शाखाओं को निकलने में आसानी होगी रोपनी के तीन महीने के बाद 100 ग्राम यूरिया + 100 ग्राम सुपर फास्फेट + 50 ग्राम पोटाश प्रति गड्ढा की दर से डालें तथा इसके तीन महीने बाद 100 ग्राम यूरिया प्रति गड्ढा का पुन: व्यवहार करें सहजन पर किए गए शोध से यह पाया गया कि मात्र 15 किलोग्राम गोबर की खाद प्रति गड्ढा तथा एजोसपिरिलम और पी.एस.बी. (5 किलोग्राम/हेक्टेयर) के प्रयोग से जैविक सहजन की खेती, उपज में बिना किसी ह्रास के किया जा सकता है अच्छे उत्पादन के लिए सिंचाई करना लाभदायक है गड्ढों में बीज से अगर प्रबर्द्धन किया गया है तो बीज के अंकुरण और अच्छी तरह से स्थापन तक नमी का बना रहना आवश्यक है फूल लगने के समय खेत ज्यादा सूखा या ज्यादा गीला रहने पर दोनों ही अवस्था में फूल के झड़ने की समस्या होती है, इस के बारे में और ज्यादा जानकारी के लिए आप J.B Lal 8290200303 से सम्पर्क कर सकते है धन्यवाद
Posted by Angrej Singh
Punjab
12-02-2020 02:25 PM
Angrej ji kirpa krke kehra farm bharr rhe ho uss di koi photo bhi upload kro tan jo tuhanu sahi jankari diti ja ske.

Posted by Rana Kang
Punjab
12-02-2020 02:18 PM
ਰਾਣਾ ਜੀ ਤੁਸੀ ਬੀਜਾਂ ਨੂੰ ਕਲੋਰੋ ਦੇ ਨਾਲ ਸੋਧ ਸਕਦੇ ਹੋ ਇਸਦੀ ਮਾਤਰਾ 2 -4ml ਨੂੰ ਪ੍ਰਤੀ ਕਿਲੋ ਬੀਜ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਸੋਧਿਆ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਧੰਨਵਾਦ

Posted by ripunjay upadhyay
Uttar Pradesh
12-02-2020 02:16 PM
यह फंगस के हमले से हो रहा है इसे रोकने के लिए carbendazim@3g प्रति लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे करें

Posted by Nitesh patidar
Madhya Pradesh
12-02-2020 02:09 PM
Nitesh ji aap iske uper NPK 130045@1 kilo ko 150 litre pani ke hisab se spray karen.dhanywad

Posted by Aruaj Ragas
Punjab
12-02-2020 02:07 PM
आप गंडोया खाद के लिए गुरप्रीत शेरगिल 9872624253 से संपर्क कर सकते है

Posted by Sandeep Kumar
Uttar Pradesh
12-02-2020 02:04 PM
संदीप जी कृपया बताये कि आप कौन से पौधे की बिजाई के बारे में जानकारी लेना चाहते है ताकि आपको इसके बारे में पूरी जानकारी दी जा सके धन्यवाद

Posted by Sandeep Kumar
Uttar Pradesh
12-02-2020 02:01 PM
संदीप जी आप carbendazim @400 ग्राम को प्रति एकड़ के हिसाब से स्प्रे करें धन्यवाद
Posted by ਗੁਰਪਰੀਤ
Punjab
12-02-2020 01:58 PM
गुरप्रीत जी कृप्या आप यह बताएं कि आप कौनसे हरे चारे के बारे में जानकारी लेना चाहते है और बरसीम के बारे में क्या जानकारी लेना चाहते है ताकि आपको पूरी जानकारी दी जा सके

Posted by Vicky
Punjab
12-02-2020 01:06 PM
ਵਿੱਕੀ ਜੀ ਤੁਸੀ ਕਿਸਮਾਂ ਜਿਵੇ Punjab no.13: ਇਹ ਪੰਜਾਬ ਖੇਤੀਬਾੜੀ ਯੂਨੀਵਰਸਿਟੀ, ਲੁਧਿਆਣਾ ਦੁਆਰਾ ਬਣਾਈ ਗਈ ਕਿਸਮ ਹੈ ਇਹ ਗਰਮੀ ਅਤੇ ਬਸੰਤ ਦੋਨੋਂ ਰੁੱਤਾਂ ਵਿੱਚ ਉਗਾਈ ਜਾ ਸਕਦੀ ਹੈ ਇਸਦੇ ਫਲ ਹਲਕੇ ਹਰੇ ਅਤੇ ਦਰਮਿਆਨੇ ਆਕਾਰ ਦੇ ਹੁੰਦੇ ਹਨ ਇਹ ਚਿਤਕਬਰਾ ਰੋਗ ਨੂੰ ਸਹਿਣਯੋਗ ਕਿਸਮ ਹੈ
Punjab Padmini: ਇਹ ਪੰਜਾਬ ਖੇਤੀਬਾੜੀ ਯੂਨੀਵਰਸਿਟੀ, ਲੁਧਿਆਣਾ ਦੁਆਰਾ ਬਣਾਈ ਗਈ ਕਿਸਮ ਹੈ ਇਸਦੇ ਫਲ ਵਾਲਾਂ .... (Read More)
ਵਿੱਕੀ ਜੀ ਤੁਸੀ ਕਿਸਮਾਂ ਜਿਵੇ Punjab no.13: ਇਹ ਪੰਜਾਬ ਖੇਤੀਬਾੜੀ ਯੂਨੀਵਰਸਿਟੀ, ਲੁਧਿਆਣਾ ਦੁਆਰਾ ਬਣਾਈ ਗਈ ਕਿਸਮ ਹੈ ਇਹ ਗਰਮੀ ਅਤੇ ਬਸੰਤ ਦੋਨੋਂ ਰੁੱਤਾਂ ਵਿੱਚ ਉਗਾਈ ਜਾ ਸਕਦੀ ਹੈ ਇਸਦੇ ਫਲ ਹਲਕੇ ਹਰੇ ਅਤੇ ਦਰਮਿਆਨੇ ਆਕਾਰ ਦੇ ਹੁੰਦੇ ਹਨ ਇਹ ਚਿਤਕਬਰਾ ਰੋਗ ਨੂੰ ਸਹਿਣਯੋਗ ਕਿਸਮ ਹੈ
Punjab Padmini: ਇਹ ਪੰਜਾਬ ਖੇਤੀਬਾੜੀ ਯੂਨੀਵਰਸਿਟੀ, ਲੁਧਿਆਣਾ ਦੁਆਰਾ ਬਣਾਈ ਗਈ ਕਿਸਮ ਹੈ ਇਸਦੇ ਫਲ ਵਾਲਾਂ ਵਾਲੇ, ਗੂੜੇ ਹਰੇ ਅਤੇ ਜਲਦੀ ਤਿਆਰ ਹੋਣ ਵਾਲੇ ਹੁੰਦੇ ਹਨ ਇਸਦੀ ਤੁੜਾਈ, ਬਿਜਾਈ ਤੋਂ 55-60 ਦਿਨਾਂ ਬਾਅਦ ਕੀਤੀ ਜਾ ਸਕਦੀ ਹੈ ਇਹ ਚਿਤਕਬਰਾ ਰੋਗ ਨੂੰ ਸਹਿਣਯੋਗ ਕਿਸਮ ਹੈ ਇਸਦਾ ਔਸਤਨ ਝਾੜ 40-48 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੁੰਦਾ ਹੈ
Punjab 7: ਇਹ ਚਿਤਕਬਰਾ ਰੋਗ, ਤੇਲੇ ਅਤੇ ਸੁੰਡੀ ਨੂੰ ਸਹਿਣਯੋਗ ਕਿਸਮ ਹੈ ਇਸਦੇ ਫਲ ਗੂੜੇ ਹਰੇ ਅਤੇ ਦਰਮਿਆਨੇ ਆਕਾਰ ਦੇ ਹੁੰਦੇ ਹਨ ਇਸਦਾ ਔਸਤਨ ਝਾੜ 40 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੁੰਦਾ ਹੈ
Punjab 8: ਇਹ ਪੂਸਾ ਸੁਆਮੀ ਦੁਆਰਾ ਬਣਾਈ ਗਈ ਕਿਸਮ ਹੈ ਇਸਦੇ ਫਲ ਗੂੜੇ ਹਰੇ ਰੰਗ ਦੇ ਅਤੇ ਕਟਾਈ ਸਮੇਂ ਆਕਾਰ ਵਿੱਚ 15-16 ਸੈ.ਮੀ. ਲੰਬੇ ਦੇ ਹੁੰਦੇ ਹਨ ਇਹ ਚਿਤਕਬਰਾ ਰੋਗ ਨੂੰ ਸਹਿਣਯੋਗ ਅਤੇ ਫਲ ਦੇ ਗੜੂੰਏ ਦੀ ਰੋਧਕ ਕਿਸਮ ਹੈ ਉੱਤਰ ਵਿੱਚ ਇਹ ਵਰਖਾ ਅਤੇ ਬਸੰਤ ਦੇ ਮੌਸਮ ਵਿੱਚ ਉਗਾਈ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਵਰਖਾ ਵਾਲੇ ਮੌਸਮ ਵਿੱਚ, ਇਸਦੀ ਬਿਜਾਈ ਜੂਨ-ਜੁਲਾਈ ਮਹੀਨੇ ਅਤੇ ਬਸੰਤ ਰੁੱਤ ਵਿੱਚ ਫਰਵਰੀ-ਮਾਰਚ ਦੇ ਮਹੀਨੇ ਕੀਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ
Posted by Rajinder singh
Punjab
12-02-2020 12:52 PM
rajinder ji isde uper tuc NPK 191919 @1 kilo nu 150 litre pani de hisab nal spray karo.dhanwad

Posted by Dilraj Singh
Punjab
12-02-2020 12:51 PM
dilraj ji kirpa karke daso ke eh kehdi fasl vich hai ta jo tuhanu is bare poori jankari diti ja sake,dhanwad

Posted by Naresh singh
Uttarakhand
12-02-2020 12:44 PM
naresh ji aap mushroom ki marketing ke liye Nirmal singh 9888251157 KMD Group se sampark kar sakte hai.dhanywad
Posted by R D* (RaJa Dhother)
Punjab
12-02-2020 12:40 PM
ਤੁਸੀ farmtrac 6065 ਖਰੀਦ ਸਕਦੇ ਹੋ ਇਹ ਟਰੈਕਟਰ ਵਧੀਆ ਹੈ ਅਤੇ ਤੁਹਾਡੀ ਫ਼ਸਲ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਸਭ ਤੋਂ ਢੁਕਵਾਂ ਰਹੇਗਾ ਵਧੇਰੇ ਜਾਣਕਾਰੀ ਲਈ ਤੁਸੀ ਗੁਰਬਖਸ਼ੀਸ਼ ਸਿੰਘ 959250011 ਜੀ ਨਾਲ ਸੰਪਰਕ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਇਹ ਤੁਹਾਨੂੰ ਇਸ ਬਾਰੇ ਪੂਰੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਦੇ ਦੇਣਗੇ ਧੰਨਵਾਦ

Posted by jaswant singh
Punjab
12-02-2020 12:34 PM
ਕਾਨੂੰਨ ਦੇ ਮੁਤਾਬਿਕ FIR ਦਰਜ ਹੋ ਸਕਦੀ ਹੈ ਸ਼ੈਕਸ਼ਨ Sec -425,427 ਦੇ ਅਧੀਨ , ਕਿਉਕੀ ਇਸ ਵਿੱਚ ਪ੍ਰੋਪਰਟੀ ਨੂੰ ਨੁਕਸਾਨ ਪਹੁੰਚਣ ਦਾ ਜੁਰਮ ਬਣਦਾ ਹੈ ਜੀ

Posted by mahendra singh
Odisha
12-02-2020 12:34 PM
मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजि.... (Read More)
मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजित किया जा रहा है प्रशिक्षण कार्य कर्म में भाग लेने के लिए नीचे दिए गए नम्बर पर आज ही संपर्क करें और Rs 250/ से अपना रजिस्ट्रेशन करवाए अचल सिंह (फाउंडर )- 9711858258. धन्यवाद

Posted by mahendra singh
Odisha
12-02-2020 12:32 PM
मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजि.... (Read More)
मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजित किया जा रहा है प्रशिक्षण कार्य कर्म में भाग लेने के लिए नीचे दिए गए नम्बर पर आज ही संपर्क करें और Rs 250/ से अपना रजिस्ट्रेशन करवाए अचल सिंह (फाउंडर )- 9711858258. धन्यवाद

Posted by Krishan Kumar Dharnia
Rajasthan
12-02-2020 12:30 PM
अन्नानास की खेती के लिए सर्वोत्तम जलवायु उसे माना जाता है जहाँ की तापमान 20 डिग्री सें. से 35 डिग्री सें. तक रहता है दिन और रात के तापमान में कम से कम 4 डिग्री सेल्सियस का अंतर आवश्यक समझा जाता है इसके साथ-साथ वार्षिक वर्षापात 100 से 150 सेंटीमीटर उपयुक्त माना जाता है इस तरह नमी युक्त उष्ण कटिबन्धीय वर्षा क्षेत्र क.... (Read More)
अन्नानास की खेती के लिए सर्वोत्तम जलवायु उसे माना जाता है जहाँ की तापमान 20 डिग्री सें. से 35 डिग्री सें. तक रहता है दिन और रात के तापमान में कम से कम 4 डिग्री सेल्सियस का अंतर आवश्यक समझा जाता है इसके साथ-साथ वार्षिक वर्षापात 100 से 150 सेंटीमीटर उपयुक्त माना जाता है इस तरह नमी युक्त उष्ण कटिबन्धीय वर्षा क्षेत्र को अन्नानास की खेती के लिए उपयुक्त माना जाता है सालों भर उत्पादन के लिए इसकी रोपाई जून, जुलाई और अक्टूबर, नवम्बर में भी की जाती है

Posted by Jugraj
Punjab
12-02-2020 12:25 PM
उसे आप Mecovet injection 15ml, Metphos injection 20ml, Artizone-S injection 15ml लगवायें यह आप तीन दिन लगवाएं और इसे Anabolite liquid 100-100ml सुबह शाम रोजाना दें इससे फर्क पड़ जाएगा

Posted by jaswant singh
Punjab
12-02-2020 12:20 PM
ਕਾਨੂੰਨ ਦੇ ਮੁਤਾਬਿਕ FIR ਦਰਜ ਹੋ ਸਕਦੀ ਹੈ ਸ਼ੈਕਸ਼ਨ Sec -425,427 ਦੇ ਅਧੀਨ , ਕਿਉਕੀ ਇਸ ਵਿੱਚ ਪ੍ਰੋਪਰਟੀ ਨੂੰ ਨੁਕਸਾਨ ਪਹੁੰਚਣ ਦਾ ਜੁਰਮ ਬਣਦਾ ਹੈ ਜੀ

Posted by Gurjinder Singh
Punjab
12-02-2020 12:15 PM
ਗੁਰਜਿੰਦਰ ਜੀ ਤੁਸੀ ਸਬਜ਼ੀਆਂ ਜਿਵੇ ਰਾਜਮਾਹ , ਸ਼ਿਮਲਾ ਮਿਰਚ , ਖੀਰਾ , ਕਰੇਲਾ , ਕੱਦੂ , ਤੋਰੀ, ਪੇਠਾ , ਖਰਬੂਜਾ , ਤਰਬੂਜ , ਪਾਲਕ , ਫੂਲ ਗੋਭੀ , ਬੈਂਗਨ , ਭਿੰਡੀ , ਅਰਬੀ , ਗਵਾਰਾ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਧੰਨਵਾਦ
Posted by aniket navghane
Maharashtra
12-02-2020 12:14 PM
सबसे पहले यदि हम मछली पालन की बात करें तो इसके लिए ट्रेनिंग बहुत जरूरी है यह ट्रेनिंग FFDA(fish farmer development aggency) हर जिले में बनी है जहां हमारा खेतीबाड़ी विभाग है वहां इसके अफसर बैठते हैं वहां जाकर एप्लीकेशन भरवायें वहां आपको 5 दिन की ट्रेनिंग दी जायेगी ट्रेनिंग के लिए दसवीं पास होना ज़रूरी है इस ट्रेनिंग में आपको लोन और स.... (Read More)
सबसे पहले यदि हम मछली पालन की बात करें तो इसके लिए ट्रेनिंग बहुत जरूरी है यह ट्रेनिंग FFDA(fish farmer development aggency) हर जिले में बनी है जहां हमारा खेतीबाड़ी विभाग है वहां इसके अफसर बैठते हैं वहां जाकर एप्लीकेशन भरवायें वहां आपको 5 दिन की ट्रेनिंग दी जायेगी ट्रेनिंग के लिए दसवीं पास होना ज़रूरी है इस ट्रेनिंग में आपको लोन और सब्सिड़ी के बारे में सारी जानकारी प्राप्त हो जाएगी इसकी पुंग छोड़ने के लिए अप्रैल से अक्तूबर का समय बढ़िया होता है, बाकि यदि अपने शुरू करना है तो यूनिवर्सिटी की तरफ से एक एकड़ में शुरू कर सकते हैं. एक एकड़ में 5000 पूंग डाल सकते हैं यह 2 से 3 इंच का होता है यदि 5000 डालना है तो 3000 रोहू, 1000 कतला, 500 कॉमन कॉर्प और 500 मरीगल नस्ल डाली जाए यह पूंग आप मछली पालन विभाग से खरीद सकते हैं यह एक इंच का बच्चा 10 पैसा प्रति बच्चा मिलेगा यदि बढ़िया खुराक डाली जाए तो 8 महीनों में यह लगभग 800—900 ग्राम का हो जाता है बाकी मछली पालन के लिए नहरी पानी बढ़िया होता है और आप गांव का छप्पड़ ठेके से लेकर भी यह काम शुरू कर सकते हैं तालाब में मछली के बीज डालने से पहले इस बात की जांच कर लेनी चाहिए कि उस तालाब में काफी मात्रा में मछली की कुदरती खुराक उपलब्ध है.

Posted by rajik soudagar
Maharashtra
12-02-2020 12:09 PM
Rajik ji aap carry priya chicks lene ke liye Kamlesh Kushwaha 9229881876 Bhumika ANIMAL Breeder farm se sampark kr skte hai.
Posted by Anil Kumar
Himachal Pradesh
12-02-2020 12:03 PM
एक बीघा खेत में बिजाई के लिए 33 ग्राम बीजों का प्रयोग करें हाइब्रिड किस्मों के लिए 12.5 ग्राम बीज प्रति बीघा में प्रयोग करें

Posted by rajesh kumar
Chattisgarh
12-02-2020 12:01 PM
12 दिन का बढ़ा हुआ बटेर अचानक से मर गया, कुछ पता नही चल रहा कैसे, क्या हो सकता हैं कारण कृपया बताएं ?
राजेश जी उसके मरने के कई कारण हो सकते है इसके लिए उसे नज़दीकी डॉक्टर से जांच करवाकर ही उसके मरने का सही कारण पता लग सकता है
Posted by Anil Kumar
Himachal Pradesh
12-02-2020 11:57 AM
नए पौधों की रोपाई से पहले 16 क्विंटल गाय का गला हुआ गोबर प्रति बीघा में डालें और tricoderma 200 ग्राम को आप गोबर की खाद के साथ मिला कर इस्तेमाल कर सकते है 16 किलो यूरिया, 40 किलो एस एस पी और 7.6 किलो एम ओ पी की मात्रा प्रति बीघा में प्रयोग करें नाइट्रोजन को रोपाई के बाद दो हिस्सों में 30वें और 50वें दिन डालें

Posted by Harpreet Singh sekhon
Punjab
12-02-2020 11:54 AM
Hardeep ji tuc mango de vadhia quality de boote lain layi Amardeep PAU fruit nursery 8146500544 nal sampark kar sakde ho.Gangian Sandhuri (GN-19),Dusheri,Langra,Alphonso ki bijai kar sakte hai.mangi de paudhe di growth de layi tuc isnu vermicompost@4 kilo prati boota pao.dhanwad

Posted by Kamaldeep singh
Chandigarh
12-02-2020 11:47 AM
ਤੁਸੀ ਇਸ ਨੂੰ Neoprofin injection 15ml, Rumeric injection 10ml ਲਗਵਾਓ ਅਤੇ ਇਸਦੇ ਨਾਲ ਨਾਲ Tonakind gold ਪਾਊਡਰ 2-2 ਚਮਚ ਸਵੇਰੇ ਸ਼ਾਮ ਅਤੇ Brotone liquid 50-50ml ਸਵੇਰੇ ਸ਼ਾਮ ਦੇਣਾ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ, ਇਸ ਨਾਲ ਫਰਕ ਪੈ ਜਾਵੇਗਾ
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