
Posted by Rohitas Saharan
Rajasthan
12-02-2020 07:37 PM
rohitas ji photo men fasl bilkul thik lag rahi hai kripya aap iska lgatar sarvekshan karte rahe taki fasl par bimari ka koi nuksaan na ho

Posted by Harman Maan
Punjab
12-02-2020 07:34 PM
ਤੁਸੀ ਉਸ ਨੂੰ Lactin bolus 1-1 ਗੋਲੀ ਸਵੇਰੇ ਸ਼ਾਮ, Milkout powder 2-2 ਚਮਚ ਸਵੇਰੇ ਸ਼ਾਮ ਅਤੇ Calpond ਪਾਊਡਰ 50 ਗ੍ਰਾਮ ਰੋਜਾਨਾ ਦੇਣਾ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ, ਇਸ ਨਾਲ ਫਰਕ ਪੈ ਜਾਵੇਗਾ ..

Posted by Harman Maan
Punjab
12-02-2020 07:33 PM
ਤੁਸੀ ਉਸ ਨੂੰ Lactin bolus 1-1 ਗੋਲੀ ਸਵੇਰੇ ਸ਼ਾਮ, Milkout powder 2-2 ਚਮਚ ਸਵੇਰੇ ਸ਼ਾਮ ਅਤੇ Calpond ਪਾਊਡਰ 50 ਗ੍ਰਾਮ ਰੋਜਾਨਾ ਦੇਣਾ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ, ਇਸ ਨਾਲ ਫਰਕ ਪੈ ਜਾਵੇਗਾ ..

Posted by raghuvir
Rajasthan
12-02-2020 07:23 PM
सभी प्रकार की मिट्टी एप्पल बेर की खेती के लिए उपयुक्त है इसकी खेती के तरीके सिंचित क्षेत्रों के लिए बेर के पौधे की तरह हैं 8 x 8 मीटर की दूरी का उपयोग करें और वर्षा वाले क्षेत्रों के लिए, रोपण के लिए 6 मीटर x 6 मीटर के अंतर का उपयोग करें 60 x 60 x 60 cm के गड्ढे खोदकर उन्हे 15 दिनों के लिए धूप में खुला रखा जाता है गड्ढे को मिट्.... (Read More)
सभी प्रकार की मिट्टी एप्पल बेर की खेती के लिए उपयुक्त है इसकी खेती के तरीके सिंचित क्षेत्रों के लिए बेर के पौधे की तरह हैं 8 x 8 मीटर की दूरी का उपयोग करें और वर्षा वाले क्षेत्रों के लिए, रोपण के लिए 6 मीटर x 6 मीटर के अंतर का उपयोग करें 60 x 60 x 60 cm के गड्ढे खोदकर उन्हे 15 दिनों के लिए धूप में खुला रखा जाता है गड्ढे को मिट्टी और गोबर के मिश्रण से भरा जाता है फिर उसमें अंकुरित पौधे को रोपाई करें उचित कटाई और छंटाई आवश्यक है इसे नर्सरी चरण से शुरू करें नर्सरी में, सुनिश्चित करें कि एकल तने वाले पौधे ही हो निचली शाखाओं को प्रून करें और उन्हें जमीन पर फैलने से रोकें पिछले मौसम की बीमारी, पतली, सूखी और टूटी हुई शाखाओं को हटा दें प्रूनिंग तब किया जाता है जब पौधे सुप्त अवस्था में होते हैं यानि मई के दूसरे पखवाड़े से सेब बेर का आकार सेब जैसा होता है और इसका औसत वजन लगभग 150-200 ग्राम होता है, इस किस्म के बेर थाईलैंड से आते हैं, पेड़ को फलने की अवस्था तक पहुंचने में 6-7 महीने लगते हैं, 450- 500 पौधों की खेती एकड़ में की जाती है, प्रथम वर्ष में 23- 30 किलोग्राम प्रति पेड़ पैदावार देखी जाती है, इसकी मार्केटिंग हैदराबाद में सबसे अधिक है, इसकी कीमत 50-60 रुपये प्रति पौधा है, धन्यवाद
Posted by GURLAL SINGH GILL
Punjab
12-02-2020 07:22 PM
gurlal ji ehna di ikathi spray kar sakde ho .dhanwad

Posted by Gurpreet
Punjab
12-02-2020 07:12 PM
ਤੁਸੀ ਉਸ ਨੂੰ ਘਰ ਵਿਚ ਫੀਡ ਤਿਆਰ ਕਰਕੇ ਦੇ ਸਕਦੇ ਹੋ, ਤੁਸੀ ਹੇਠਾਂ ਦਿੱਤੇ ਗਏ ਫਾਰਮੂਲੇ ਦੇ ਅਨੁਸਾਰ ਦਿਤੀ ਗਈ ਸਮੱਗਰੀ ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਸਮੱਗਰੀ • 10 ਕਿਲੋ ਸੋਇਆਬੀਨ • 8 ਕਿਲੋ ਵੜੇਵਿਆਂ ਦੀ ਖਲ • 9 ਸਰੋਂ ਦੀ ਖਲ • 40 ਕਿਲੋ ਚੋਕਰ • 20 ਕਿਲੋ ਕਣਕ ਜਾਂ ਮੱਕੀ • 10 ਕਿਲੋ ਛੋਲੇ • 1 ਕਿਲੋ ਨਮਕ • 2 ਮਿਨਰਲ ਮਿਸ਼ਰਣ ਇਹ ਸਾਰੀਆ ਚੀਜ਼ਾਂ ਨੂੰ ਚੰਗੀ ਤਰਾਂ ਮਿਕਸ ਕਰਕੇ ਪਿਸਾ ਲਵੋ ਤੇ ਪਸ਼ੂ ਨੂੰ 1-1..... (Read More)
ਤੁਸੀ ਉਸ ਨੂੰ ਘਰ ਵਿਚ ਫੀਡ ਤਿਆਰ ਕਰਕੇ ਦੇ ਸਕਦੇ ਹੋ, ਤੁਸੀ ਹੇਠਾਂ ਦਿੱਤੇ ਗਏ ਫਾਰਮੂਲੇ ਦੇ ਅਨੁਸਾਰ ਦਿਤੀ ਗਈ ਸਮੱਗਰੀ ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਸਮੱਗਰੀ • 10 ਕਿਲੋ ਸੋਇਆਬੀਨ • 8 ਕਿਲੋ ਵੜੇਵਿਆਂ ਦੀ ਖਲ • 9 ਸਰੋਂ ਦੀ ਖਲ • 40 ਕਿਲੋ ਚੋਕਰ • 20 ਕਿਲੋ ਕਣਕ ਜਾਂ ਮੱਕੀ • 10 ਕਿਲੋ ਛੋਲੇ • 1 ਕਿਲੋ ਨਮਕ • 2 ਮਿਨਰਲ ਮਿਸ਼ਰਣ ਇਹ ਸਾਰੀਆ ਚੀਜ਼ਾਂ ਨੂੰ ਚੰਗੀ ਤਰਾਂ ਮਿਕਸ ਕਰਕੇ ਪਿਸਾ ਲਵੋ ਤੇ ਪਸ਼ੂ ਨੂੰ 1-1.5 ਕਿਲੋ ਇਕ ਟਾਈਮ ਤੱਕ ਦੇ ਸਕਦੇ ਹੋਂ, ਬਾਕੀ ਉਸ ਨੂੰ ਪੇਟ ਦੇ ਕੀੜਿਆਂ ਲਈ Bandykind plus ਗੋਲੀ ਦਿਓ ਅਤੇ ਹਰ 3 ਮਹੀਨਿਆਂ ਬਾਅਦ ਸਾਲਟ ਬਦਲ ਕੇ ਗੋਲੀ ਜਰੂਰ ਦਿਓ ਅਤੇ ਤੁਸੀ Enerboost ਪਾਊਡਰ 100 ਗ੍ਰਾਮ ਰੋਜਾਨਾ ਦੇ ਸਕਦੇ ਹੋ..
Posted by Satnam Singh Dhaliwal
Haryana
12-02-2020 07:10 PM
आप Ostovet कैल्शियम दें इसे 15 मि.ली. प्रति 100 मुर्गियों के हिसाब से दें आप अपने नज़दीकी पशुओं वाले मैडीक्ल स्टोर से EGG FORMULA नाम का पाउडर लाकर फीड में दे सकते है इससे अच्छी ग्रोथ हो जाएगी
Posted by raj
Punjab
12-02-2020 06:59 PM
Raj ji tuc vadhia quality de boote lain layi 8146500544 Amardeep PAU fruit nursery nal sampark kar sakde ho.dhanwad

Posted by manpreet
Punjab
12-02-2020 06:50 PM
ਸ੍ਰੀ ਮਾਨ ਜੀ ਕਿਰਪਾ ਕਰਕੇ ਆਪਣਾ ਸਵਾਲ ਵਿਸਥਾਰਪੂਰਵਕ ਪੁੱਛੋ ਤਾਂ ਕਿ ਇਸਦੀ ਸਹੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਦਿੱਤੀ ਜਾਵੇ
Posted by Mukesh kumar Jatiya
Rajasthan
12-02-2020 06:46 PM
श्री मान पौधों की वृद्धि के लिए आप NPK 19:19:19@1kg प्रति एकड़ सप्रे करें

Posted by gurkirat Sandhu
Punjab
12-02-2020 06:46 PM
Gurkirt ji isde lai lagbhag 40% subsidy mildi hai per isdi training govt. dept. vich bhut ght hundi hai ate eh private training he mildi hai, kyuki ehh high grade techonology hai jiss krke isda kam bhut ghat hunda hai.

Posted by Dinesh kumar
Uttar Pradesh
12-02-2020 06:45 PM
Dinesh kumar ji agar aap new tractor lena chahte hai to aap PM tractor yojana ka labh le sakte hai, is ke lia aap apne najdiki SBI Bank se samparak kare, Thankyou.

Posted by पूरन लाल कोली
Rajasthan
12-02-2020 06:37 PM
पूर्ण जी आप एक क्विंटल जिप्सम को खेत में डाल कर सब्जियों की बिजाई कर सकते है पॉली हाउस में टमाटर, हरी मिर्च व शिमला मिर्च की बिजाई खारे पानी के साथ की जा सकती है धन्यवाद

Posted by sandeep Garg
Haryana
12-02-2020 06:36 PM
Sandeep ji usko aap pett ke kirro ke liye Bandykind plus bolus den aur Ovumin advance tablet rojana 1 goli den aur 21 din tak dete rehen, isse heat mai aa jayegi.
Posted by प्रदीप पाटीदार
Madhya Pradesh
12-02-2020 06:35 PM
श्री मान तिल की खेती के लिए अच्छे निकास वाली हल्की से दरमियानी मिट्टी जिसमें पानी को बांधने की अच्छी क्षमता हो, उपयुक्त होती है मिट्टी की पी एच 5 से 8 होनी चाहिए क्षारीय और तेजाबी मिट्टी में तिल की खेती ना करें प्रसिद्ध किस्में :- SVPR-1, TMV 4, TMV 5, TMV 3, CO-1, TMV 6, VRI (SV)-1, VRI (SV)-2 खेत की देसी हल की सहायता से एक बार जोताई करें उसके बाद 1-2 त.... (Read More)
श्री मान तिल की खेती के लिए अच्छे निकास वाली हल्की से दरमियानी मिट्टी जिसमें पानी को बांधने की अच्छी क्षमता हो, उपयुक्त होती है मिट्टी की पी एच 5 से 8 होनी चाहिए क्षारीय और तेजाबी मिट्टी में तिल की खेती ना करें प्रसिद्ध किस्में :- SVPR-1, TMV 4, TMV 5, TMV 3, CO-1, TMV 6, VRI (SV)-1, VRI (SV)-2 खेत की देसी हल की सहायता से एक बार जोताई करें उसके बाद 1-2 तिरछी जोताई करें मिट्टी को समतल करें ताकि खेत में पानी खड़ा ना हो सके तिल की खेती के लिए आखिरी जून से शुरूआती जुलाई का समय उपयुक्त होता है दो कतारों में 35 सैं.मी. और दो पौधों में 15 सैं.मी. फासले का प्रयोग करें तिल के बीजों को गहराई में ना बोयें बीजों को 2-3 सैं.मी. की गहराई में बोयें तिल की बिजाई के लिए बुरकाव या कतारों में बीज बो कर, ढंग प्रयोग किए जाते हैं बुरकाव विधि में 2-2.5 किलो बीजों की प्रति एकड़ में और कतारों में बिजाई के लिए 1-1.2 किलो बीजों की प्रति एकड़ में आवश्यकता होती है खेत की तैयारी के समय अच्छी तरह से गला हुआ, गाय का गोबर 4-8 टन प्रति एकड़ में डालें तिल की पूरी फसल को भारी मिट्टी में नाइट्रोजन 8 किलो (यूरिया 20 किलो) और फासफोरस 8 किलो (एस एस पी 50 किलो) की आवश्यकता होती है हल्की मिट्टी के लिए नाइट्रोजन 16 किलो (यूरिया 40 किलो) और फासफोरस 10 किलो (एस एस पी 65 किलो) की आवश्यकता होती है खरीफ के मौसम में वृद्धि के लिए कम सिंचाई की आवश्यकता होती है बारिश की तीव्रता और नियमितता के आधार पर जीवन बचाव सिंचाई दें फूल निकलने और फल बनने के समय पानी की कमी ना होने दें खेत को नदीन मुक्त करने के लिए बिजाई के 20-25 दिन बाद पहली गोडाई करें दूसरी गोडाई बिजाई के 40-45 दिन बाद करें नदीनों की रासायनिक रोकथाम के लिए उनके अंकुरण से पहले फलूक्लोरालिन 800 मि.ली. या एलाक्लोर 600 मि.ली. प्रति एकड़ में डालें जब पत्ते और फल रंग बदल कर पीले रंग के हो जायें और पत्ते गिरना शुरू हो जायें, तब फसल कटाई के लिए तैयार हो जाती है कटाई करने में देरी ना करें, इससे फल नष्ट हो जाते हैं कटाई के बद फसल को बंडलों में इक्ट्ठा करें और अच्छे से सुखाने के लिए कई दिनों तक फर्श पर ढेर लगा दें लाठियां मारकर बीजों को फसल से अलग कर लें सफाई के बाद बीजों को तीन दिनों के लिए धूप में सुखाएं उसके बाद बोरियों में स्टोर करके रख दें धन्यवाद

Posted by sandeep Garg
Haryana
12-02-2020 06:32 PM
sandeep ji kirpya aap paudhon ki photo bheje taki aapko photo dekh kar iske bare men jankari di ja sake,dhanywad
Posted by amit pandey
Uttar Pradesh
12-02-2020 06:29 PM
अमित जी उसे आप अच्छी मात्रा में हरा चारा दें और खल, फीड भी दे सकते है इसके साथ साथ आप उसे पेट के कीड़ों के लिए Fasnil गोली दें और Vitamor-H liquid 10—10 मि.ली. सुबह शााम रोजाना दें इससे लेवा और दूध बढ़ जाएगा
Posted by Devendra Singh Rawat
Rajasthan
12-02-2020 06:25 PM
आप सब्जियां जैसे राजमा, शिमला मिर्च, खीरा-ककड़ी, लोबिया, करेला, लौकी, तुरई, पेठा, खरबूजा, तरबूज, पालक, फूलगोभी, बैंगन, भिण्डी, अरबी, एस्पेरेगस, ग्वार की बिजाई कर सकते है धन्यवाद

Posted by Subhash Jaat
Rajasthan
12-02-2020 06:25 PM
सुभाष जी आप टिंडा की किस्मे जैसे Arka Tinda,Tinda 48 की बिजाई कर सकते है धन्यवाद

Posted by Harsh Deep Singh
Punjab
12-02-2020 06:24 PM
Harshdeep ji toya put ke beej beejan da matlab hai ke beej nu 2.5-3.5 cm doonga toya ch beejo.dhanwad

Posted by पूरन लाल कोली
Rajasthan
12-02-2020 06:24 PM
पूर्ण जी आप एक क्विंटल जिप्सम को खेत में डाल कर सब्जियों की बिजाई कर सकते है पॉली हाउस में टमाटर, हरी मिर्च व शिमला मिर्च की बिजाई खारे पानी के साथ की जा सकती है धन्यवाद
Posted by Devendra Singh Rawat
Rajasthan
12-02-2020 06:24 PM
गेंदे की बिजाई एक वर्ष में कभी भी की जा सकती है बारिश के मौसम में इसकी बिजाई मध्य जून से मध्य जुलाई में करें सर्दियों में इसकी बिजाई मध्य सितंबर से मध्य अक्तूबर में पूरी कर लें

Posted by Harsh Deep Singh
Punjab
12-02-2020 06:22 PM
ਹਰਸ਼ਦੀਪ ਜੀ ਤੁਸੀ ਕਿਸਮ ਜਿਵੇ Punjab Chappan Kadoo-1: ਇਹ ਕਿਸਮ 1982 ਵਿੱਚ ਤਿਆਰ ਕੀਤੀ ਗਈ ਸੀ ਇਹ ਜਲਦੀ ਪੱਕਣ ਵਾਲੀ ਕਿਸਮ ਹੈ ਜੋ ਕਿ ਬਿਜਾਈ ਦੇ 60 ਦਿਨਾਂ ਦੇ ਬਾਅਦ ਤੁੜਾਈ ਦੇ ਲਈ ਤਿਆਰ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਇਸ ਕਿਸਮ ਦੇ ਪੱਤੇ ਸੰਘਣੇ ਅਤੇ ਹਰੇ ਰੰਗ ਦੇ ਹੁੰਦੇ ਹਨ, ਫਲ ਹਰੇ ਰੰਗ ਦੇ ਡਿਸਕ ਅਕਾਰ ਦੇ ਹੁੰਦੇ ਹਨ ਇਹ ਕਿਸਮ ਪੱਤਿਆਂ ਦੇ ਥੱਲੇ ਧੱਬਿਆਂ ਦੀ ਪ੍ਰਤੀਰੋਧਕ ਅਤੇ ਵਿਸ਼ਾਣੂ ਰੋਗ, ਲਾਲ ਭੂੰਡੀ ਅਤੇ ਪੱਤਿਆਂ.... (Read More)
ਹਰਸ਼ਦੀਪ ਜੀ ਤੁਸੀ ਕਿਸਮ ਜਿਵੇ Punjab Chappan Kadoo-1: ਇਹ ਕਿਸਮ 1982 ਵਿੱਚ ਤਿਆਰ ਕੀਤੀ ਗਈ ਸੀ ਇਹ ਜਲਦੀ ਪੱਕਣ ਵਾਲੀ ਕਿਸਮ ਹੈ ਜੋ ਕਿ ਬਿਜਾਈ ਦੇ 60 ਦਿਨਾਂ ਦੇ ਬਾਅਦ ਤੁੜਾਈ ਦੇ ਲਈ ਤਿਆਰ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਇਸ ਕਿਸਮ ਦੇ ਪੱਤੇ ਸੰਘਣੇ ਅਤੇ ਹਰੇ ਰੰਗ ਦੇ ਹੁੰਦੇ ਹਨ, ਫਲ ਹਰੇ ਰੰਗ ਦੇ ਡਿਸਕ ਅਕਾਰ ਦੇ ਹੁੰਦੇ ਹਨ ਇਹ ਕਿਸਮ ਪੱਤਿਆਂ ਦੇ ਥੱਲੇ ਧੱਬਿਆਂ ਦੀ ਪ੍ਰਤੀਰੋਧਕ ਅਤੇ ਵਿਸ਼ਾਣੂ ਰੋਗ, ਲਾਲ ਭੂੰਡੀ ਅਤੇ ਪੱਤਿਆਂ ਤੇ ਸਫੈਦ ਧੱਬਿਆਂ ਨੂੰ ਸਹਿਣਯੋਗ ਹੈ ਇਸ ਦੇ ਫਲਾਂ ਦੀ ਔਸਤਨ ਪੈਦਾਵਾਰ 95 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੁੰਦੀ ਹੈ
Posted by Bhera Ram Rangee
Rajasthan
12-02-2020 06:17 PM
श्री मान कृपया इसकी फोटो द्वारा भेजें आपके द्वारा भेजी गई फोटो पूरी अपलोड नहीं हुई है ताकि आपको सही जानकारी दी जा सके

Posted by पूरन लाल कोली
Rajasthan
12-02-2020 06:17 PM
पूर्ण जी आप किस्मे जैसे Aashirwad (RK 01-03): यह किस्म पिछेती बिजाई के लिए उपयुक्त है पौधे का कद 130-140 सैं.मी. होता है इसमें तेल की मात्रा 39-42 प्रतिशत होती है यह किस्म 120-130 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है इसकी औसतन पैदावार 5-6 क्विंटल प्रति एकड़ होती है
Swarn Jyoti (RH 9801): यह किस्म सिंचित क्षेत्रों और पिछेती बिजाई के लिए उपयुक्त है.... (Read More)
पूर्ण जी आप किस्मे जैसे Aashirwad (RK 01-03): यह किस्म पिछेती बिजाई के लिए उपयुक्त है पौधे का कद 130-140 सैं.मी. होता है इसमें तेल की मात्रा 39-42 प्रतिशत होती है यह किस्म 120-130 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है इसकी औसतन पैदावार 5-6 क्विंटल प्रति एकड़ होती है
Swarn Jyoti (RH 9801): यह किस्म सिंचित क्षेत्रों और पिछेती बिजाई के लिए उपयुक्त है पौधे का कद 130-140 सैं.मी. होता है यह किस्म 130-140 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है इसमें तेल की मात्रा 39-42 प्रतिशत होती है इसकी औसतन पैदावार 5-6 क्विंटल प्रति एकड़ होती है
RGN 73: यह किस्म सिंचित क्षेत्रों और सामान्य बिजाई के लिए उपयुक्त है पौधे का कद 160-170 सैं.मी. होता है इसमें तेल की मात्रा 40-41 प्रतिशत होती है यह किस्म 125-130 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है इसकी औसतन पैदावार 8.8-10 क्विंटल प्रति एकड़ होती है
Lakshmi (RH 8812): यह किस्म सिंचित क्षेत्रों और सामान्य बिजाई के लिए उपयुक्त है पौधे का कद 160-180 सैं.मी. होता है यह किस्म 140-145 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है इसके दाने बड़े और काले रंग के होते हैं इसमें तेल की मात्रा 40 प्रतिशत होती है इसकी औसतन पैदावार 8.8-10 क्विंटल प्रति एकड़ होती है
VSL 5: यह किस्म सिंचित क्षेत्रों और सामान्य बिजाई के लिए उपयुक्त है पौधे का कद 165-170 सैं.मी. होता है यह किस्म 125-130 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है इसके दाने मध्यम और काले रंग के होते हैं इसमें तेल की मात्रा 39-40 प्रतिशत होती है इसकी औसतन पैदावार 8-8.8 क्विंटल प्रति एकड़ होती है
Aravali (RN 393): पौधे का कद 155-165 सैं.मी. होता है यह किस्म 135-138 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है इसमें तेल की मात्रा 42 प्रतिशत होती है इसकी औसतन पैदावार 8.8-10 क्विंटल प्रति एकड़ होती है
Vansudhara (RH 9304): यह किस्म सिंचित क्षेत्रों और समय पर बोने के लिए उपयुक्त है इसके पौधे का कद 180-190 सैं.मी. होता है यह 130-135 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है इसकी औसतन पैदावार 10-11 क्विंटल प्रति एकड़ होती है
Maya (RK 9902): यह किस्म सिंचित क्षेत्रों और समय पर बोने के लिए उपयुक्त है इसके पौधे का कद 165-170 सैं.मी. होता है यह 130-135 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है इसमें तेल की मात्रा 39-40 प्रतिशत होती है इसकी औसतन पैदावार 10-11 क्विंटल प्रति एकड़ होती है
Pusa Jaykisan: इसके पौधे का कद 160-180 सैं.मी. होता है यह 130-140 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है इसमें तेल की मात्रा 38-40 प्रतिशत होती है इसकी औसतन पैदावार 7.2-8 क्विंटल प्रति एकड़ होती है
Pusa Bold: पौधा मध्यम कद का होता है इसमें तेल की मात्रा 37-38 प्रतिशत होती है यह किस्म 130-140 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है इसकी औसतन पैदावार 4.8-10 क्विंटल प्रति एकड़ होती है
T 59(Varuna): इसका पौधा मध्यम कद का होता है यह किस्म 125-140 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है इसके दाने मोटे और काले रंग के होते हैं सिंचित हालातों में यह 6-7 क्विंटल औसतन पैदावार देती है और असिंचित क्षेत्रों में 4-6 क्विंटल औसतन पैदावार देती है
RH 30: यह सिंचित और असिंचित क्षेत्रों में उगाने के लिए उपयुक्त है पौधे का कद 196 सैं.मी. होता है यह किस्म पिछेती बिजाई के लिए उपयुक्त है यह 130-135 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है इसकी औसतन पैदावार 4.8-7 क्विंटल प्रति एकड़ होती है
Posted by Bhera Ram Rangee
Rajasthan
12-02-2020 06:12 PM
राम जी आप इसके ऊपर imidacloprid @1.5 ml को प्रति लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे करें धन्यवाद

Posted by पूरन लाल कोली
Rajasthan
12-02-2020 06:11 PM
पूरन जी आप किस्मे जैसे Aashirwad (RK 01-03): यह किस्म पिछेती बिजाई के लिए उपयुक्त है पौधे का कद 130-140 सैं.मी. होता है इसमें तेल की मात्रा 39-42 प्रतिशत होती है यह किस्म 120-130 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है इसकी औसतन पैदावार 5-6 क्विंटल प्रति एकड़ होती है
Swarn Jyoti (RH 9801): यह किस्म सिंचित क्षेत्रों और पिछेती बिजाई के लिए उपयुक्त है .... (Read More)
पूरन जी आप किस्मे जैसे Aashirwad (RK 01-03): यह किस्म पिछेती बिजाई के लिए उपयुक्त है पौधे का कद 130-140 सैं.मी. होता है इसमें तेल की मात्रा 39-42 प्रतिशत होती है यह किस्म 120-130 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है इसकी औसतन पैदावार 5-6 क्विंटल प्रति एकड़ होती है
Swarn Jyoti (RH 9801): यह किस्म सिंचित क्षेत्रों और पिछेती बिजाई के लिए उपयुक्त है पौधे का कद 130-140 सैं.मी. होता है यह किस्म 130-140 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है इसमें तेल की मात्रा 39-42 प्रतिशत होती है इसकी औसतन पैदावार 5-6 क्विंटल प्रति एकड़ होती है
RGN 73: यह किस्म सिंचित क्षेत्रों और सामान्य बिजाई के लिए उपयुक्त है पौधे का कद 160-170 सैं.मी. होता है इसमें तेल की मात्रा 40-41 प्रतिशत होती है यह किस्म 125-130 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है इसकी औसतन पैदावार 8.8-10 क्विंटल प्रति एकड़ होती है
Lakshmi (RH 8812): यह किस्म सिंचित क्षेत्रों और सामान्य बिजाई के लिए उपयुक्त है पौधे का कद 160-180 सैं.मी. होता है यह किस्म 140-145 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है इसके दाने बड़े और काले रंग के होते हैं इसमें तेल की मात्रा 40 प्रतिशत होती है इसकी औसतन पैदावार 8.8-10 क्विंटल प्रति एकड़ होती है
VSL 5: यह किस्म सिंचित क्षेत्रों और सामान्य बिजाई के लिए उपयुक्त है पौधे का कद 165-170 सैं.मी. होता है यह किस्म 125-130 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है इसके दाने मध्यम और काले रंग के होते हैं इसमें तेल की मात्रा 39-40 प्रतिशत होती है इसकी औसतन पैदावार 8-8.8 क्विंटल प्रति एकड़ होती है
Aravali (RN 393): पौधे का कद 155-165 सैं.मी. होता है यह किस्म 135-138 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है इसमें तेल की मात्रा 42 प्रतिशत होती है इसकी औसतन पैदावार 8.8-10 क्विंटल प्रति एकड़ होती है
Vansudhara (RH 9304): यह किस्म सिंचित क्षेत्रों और समय पर बोने के लिए उपयुक्त है इसके पौधे का कद 180-190 सैं.मी. होता है यह 130-135 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है इसकी औसतन पैदावार 10-11 क्विंटल प्रति एकड़ होती है
Maya (RK 9902): यह किस्म सिंचित क्षेत्रों और समय पर बोने के लिए उपयुक्त है इसके पौधे का कद 165-170 सैं.मी. होता है यह 130-135 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है इसमें तेल की मात्रा 39-40 प्रतिशत होती है इसकी औसतन पैदावार 10-11 क्विंटल प्रति एकड़ होती है
Pusa Jaykisan: इसके पौधे का कद 160-180 सैं.मी. होता है यह 130-140 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है इसमें तेल की मात्रा 38-40 प्रतिशत होती है इसकी औसतन पैदावार 7.2-8 क्विंटल प्रति एकड़ होती है
Pusa Bold: पौधा मध्यम कद का होता है इसमें तेल की मात्रा 37-38 प्रतिशत होती है यह किस्म 130-140 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है इसकी औसतन पैदावार 4.8-10 क्विंटल प्रति एकड़ होती है
T 59(Varuna): इसका पौधा मध्यम कद का होता है यह किस्म 125-140 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है इसके दाने मोटे और काले रंग के होते हैं सिंचित हालातों में यह 6-7 क्विंटल औसतन पैदावार देती है और असिंचित क्षेत्रों में 4-6 क्विंटल औसतन पैदावार देती है
RH 30: यह सिंचित और असिंचित क्षेत्रों में उगाने के लिए उपयुक्त है पौधे का कद 196 सैं.मी. होता है यह किस्म पिछेती बिजाई के लिए उपयुक्त है यह 130-135 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है इसकी औसतन पैदावार 4.8-7 क्विंटल प्रति एकड़ होती है

Posted by sandeepkourav
Madhya Pradesh
12-02-2020 06:09 PM
sandeep ji kripya btaye ke aapne genhu men kya kya khaad ka istemal kiya hai taki aapko iske bare men poori jankari di ja sake.dhanywad

Posted by sandeepkourav
Madhya Pradesh
12-02-2020 06:00 PM
संदीप जी यह किसम पर निर्भर करता है के उसमे मिठास कितनी होगी कृपया बताये कि आपने कौन सी किसम की बिजाई की है ताकि आपको इसके बारे में पूरी जानकारी दी जा सके धन्यवाद

Posted by Harsh Deep Singh
Punjab
12-02-2020 06:00 PM
Hanji Deep ji tuci mineral mixture nu dalia bnaun ton badd uss vich mix krke de skde ho.

Posted by sandeepkourav
Madhya Pradesh
12-02-2020 05:59 PM
संदीप जी यह किसम पर निर्भर करता है के उसमे मिठास कितनी होगी कृपया बताये कि आपने कौन सी किसम की बिजाई की है ताकि आपको इसके बारे में पूरी जानकारी दी जा सके धन्यवाद

Posted by sandesh sharma
Delhi
12-02-2020 05:57 PM
Sandesh ji kripa aap apna swal vistar se pooche taki aapko iske bare men poori jankari di ja sake.dhanywad

Posted by dhiraj
Uttar Pradesh
12-02-2020 05:55 PM
dhiraj ji is mausam men fasl samay leti hai ugne ke liye kripya aap kuch din wait karen.dhanywad

Posted by dhiraj
Uttar Pradesh
12-02-2020 05:53 PM
Dhiraj ji is mausam men fasl ko ugne me smay lagta hai kripya kuch din wait karen.dhanywad
Posted by rajmani
Uttar Pradesh
12-02-2020 05:46 PM
अगेती पकने वाली किस्में: CoS 687, CoS 8436, CoS 88230, CoS 95435, CoS 91232मध्य मौसम और देरी से पकने वाली किस्में: Co 1148, CoS 767, BO 91 पूर्वी यू पी के बाढ़ संभावित क्षेत्रों के लिए किस्में: CoSe 96234, CoSe 96436, Co-98014 (Karan-1), Co-pant 97222, Colk-94184(Birendra), Co-0233 (Kamal), Co-0233 खादों की सही आवश्यकता जानने के लिए प्रत्येक तीन वर्ष के बाद मिट्टी की जांच जरूरी है बिजाई से पहले आखिरी जोताई के समय अच.... (Read More)
अगेती पकने वाली किस्में: CoS 687, CoS 8436, CoS 88230, CoS 95435, CoS 91232मध्य मौसम और देरी से पकने वाली किस्में: Co 1148, CoS 767, BO 91 पूर्वी यू पी के बाढ़ संभावित क्षेत्रों के लिए किस्में: CoSe 96234, CoSe 96436, Co-98014 (Karan-1), Co-pant 97222, Colk-94184(Birendra), Co-0233 (Kamal), Co-0233 खादों की सही आवश्यकता जानने के लिए प्रत्येक तीन वर्ष के बाद मिट्टी की जांच जरूरी है बिजाई से पहले आखिरी जोताई के समय अच्छी तरह से गला हुआ गाय का गोबर 8 टन या वर्मीकंपोस्ट + रालीगोल्ड 8-10 किलो या पी एस बी 5-10 किलो प्रति एकड़ में डालें

Posted by Charnpreet singh
Punjab
12-02-2020 05:42 PM
charnpreet ji eh fungus di roktham kardi hai isdi matra 300-400 gram nu prati acre de hisab nal varti jandi hai,dhanwad
Posted by PARAMJEET Singh
Uttar Pradesh
12-02-2020 05:33 PM
परमजीत जी आप इसके ऊपर NPK 130045 @1 किलोग्राम और Boron @100 ग्राम को प्रति एकड़ के हिसाब से स्प्रे करें धन्यवाद

Posted by Harsh Deep Singh
Punjab
12-02-2020 05:31 PM
ਹਰਸ਼ਦੀਪ ਜੀ ਭਿੰਡੀਆਂ ਦੀਆਂ ਪੰਜਾਬ ਨਾਮ ਦੀਆਂ ਕਿਸਮ ਦੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਹੇਠਾਂ ਦੇਖ ਸਕਦੇ ਹੋ Punjab no.13: ਇਹ ਪੰਜਾਬ ਖੇਤੀਬਾੜੀ ਯੂਨੀਵਰਸਿਟੀ, ਲੁਧਿਆਣਾ ਦੁਆਰਾ ਬਣਾਈ ਗਈ ਕਿਸਮ ਹੈ ਇਹ ਗਰਮੀ ਅਤੇ ਬਸੰਤ ਦੋਨੋਂ ਰੁੱਤਾਂ ਵਿੱਚ ਉਗਾਈ ਜਾ ਸਕਦੀ ਹੈ ਇਸਦੇ ਫਲ ਹਲਕੇ ਹਰੇ ਅਤੇ ਦਰਮਿਆਨੇ ਆਕਾਰ ਦੇ ਹੁੰਦੇ ਹਨ ਇਹ ਚਿਤਕਬਰਾ ਰੋਗ ਨੂੰ ਸਹਿਣਯੋਗ ਕਿਸਮ ਹੈ
Punjab Padmini: ਇਹ ਪੰਜਾਬ ਖੇਤੀਬਾੜੀ ਯੂਨੀਵਰਸਿਟ.... (Read More)
ਹਰਸ਼ਦੀਪ ਜੀ ਭਿੰਡੀਆਂ ਦੀਆਂ ਪੰਜਾਬ ਨਾਮ ਦੀਆਂ ਕਿਸਮ ਦੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਹੇਠਾਂ ਦੇਖ ਸਕਦੇ ਹੋ Punjab no.13: ਇਹ ਪੰਜਾਬ ਖੇਤੀਬਾੜੀ ਯੂਨੀਵਰਸਿਟੀ, ਲੁਧਿਆਣਾ ਦੁਆਰਾ ਬਣਾਈ ਗਈ ਕਿਸਮ ਹੈ ਇਹ ਗਰਮੀ ਅਤੇ ਬਸੰਤ ਦੋਨੋਂ ਰੁੱਤਾਂ ਵਿੱਚ ਉਗਾਈ ਜਾ ਸਕਦੀ ਹੈ ਇਸਦੇ ਫਲ ਹਲਕੇ ਹਰੇ ਅਤੇ ਦਰਮਿਆਨੇ ਆਕਾਰ ਦੇ ਹੁੰਦੇ ਹਨ ਇਹ ਚਿਤਕਬਰਾ ਰੋਗ ਨੂੰ ਸਹਿਣਯੋਗ ਕਿਸਮ ਹੈ
Punjab Padmini: ਇਹ ਪੰਜਾਬ ਖੇਤੀਬਾੜੀ ਯੂਨੀਵਰਸਿਟੀ, ਲੁਧਿਆਣਾ ਦੁਆਰਾ ਬਣਾਈ ਗਈ ਕਿਸਮ ਹੈ ਇਸਦੇ ਫਲ ਵਾਲਾਂ ਵਾਲੇ, ਗੂੜੇ ਹਰੇ ਅਤੇ ਜਲਦੀ ਤਿਆਰ ਹੋਣ ਵਾਲੇ ਹੁੰਦੇ ਹਨ ਇਸਦੀ ਤੁੜਾਈ, ਬਿਜਾਈ ਤੋਂ 55-60 ਦਿਨਾਂ ਬਾਅਦ ਕੀਤੀ ਜਾ ਸਕਦੀ ਹੈ ਇਹ ਚਿਤਕਬਰਾ ਰੋਗ ਨੂੰ ਸਹਿਣਯੋਗ ਕਿਸਮ ਹੈ ਇਸਦਾ ਔਸਤਨ ਝਾੜ 40-48 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੁੰਦਾ ਹੈ
Punjab 7: ਇਹ ਚਿਤਕਬਰਾ ਰੋਗ, ਤੇਲੇ ਅਤੇ ਸੁੰਡੀ ਨੂੰ ਸਹਿਣਯੋਗ ਕਿਸਮ ਹੈ ਇਸਦੇ ਫਲ ਗੂੜੇ ਹਰੇ ਅਤੇ ਦਰਮਿਆਨੇ ਆਕਾਰ ਦੇ ਹੁੰਦੇ ਹਨ ਇਸਦਾ ਔਸਤਨ ਝਾੜ 40 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੁੰਦਾ ਹੈ
Punjab 8: ਇਹ ਪੂਸਾ ਸੁਆਮੀ ਦੁਆਰਾ ਬਣਾਈ ਗਈ ਕਿਸਮ ਹੈ ਇਸਦੇ ਫਲ ਗੂੜੇ ਹਰੇ ਰੰਗ ਦੇ ਅਤੇ ਕਟਾਈ ਸਮੇਂ ਆਕਾਰ ਵਿੱਚ 15-16 ਸੈ.ਮੀ. ਲੰਬੇ ਦੇ ਹੁੰਦੇ ਹਨ ਇਹ ਚਿਤਕਬਰਾ ਰੋਗ ਨੂੰ ਸਹਿਣਯੋਗ ਅਤੇ ਫਲ ਦੇ ਗੜੂੰਏ ਦੀ ਰੋਧਕ ਕਿਸਮ ਹੈ

Posted by कन्हैया लाल माली
Rajasthan
12-02-2020 05:28 PM
कन्हैया लाल जी जब पशु ब्याने के नज़दीक होता है तो वो खाना पीना कम कर देता है और बेचैन रहता है और बार बार उठता बैठता रहता है बाकि यदि उसे किसी तरह की ओर भी कोई समस्या आ रही है तो आप उसे नज़दीकी डॉक्टर से जांच करवा सकते है
Posted by Gurlal Singh
Punjab
12-02-2020 05:25 PM
ਤੁਸੀ ਉਸ ਨੂੰ Vitamor-H liquid 10-10ml ਸਵੇਰੇ ਸ਼ਾਮ ਅਤੇ Udder tone ਹੋਮਿਓਪੈਥਿਕ ਦਵਾਈ ਦੀਆ 10-10 ਬੂੰਦਾਂ ਦਿਨ ਵਿਚ 3 ਵਾਰ ਦਿਓ, ਉਸ ਨੂੰ ਤੁਸੀ ਵਧਿਆ ਮਾਤਰਾ ਵਿਚ ਹਰਾ ਚਾਰਾ ਅਤੇ ਫੀਡ ਦੇਣੀ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ ਬਾਕੀ ਤੁਸੀ ਉਸ ਨੂੰ ਸੂਣ ਤੋਂ ਇਕ ਮਹੀਨਾ ਪਹਿਲਾ ਇਹਨਾਂ ਦੇ ਨਾਲ ਨਾਲ Metabolite ਪਾਊਡਰ ਦੀ ਰੋਜਾਨਾ 1 ਪੂੜੀ ਦੇਣੀ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ, ਇਸ ਨਾਲ ਫਰਕ ਪੈ ਜਾਵੇਗਾ

Posted by sandeep rawat
Uttar Pradesh
12-02-2020 05:17 PM
Sandeep ji aap iss mineral mixture ko feed mai millakr bakri ko de skte hai.

Posted by Harsh Deep Singh
Punjab
12-02-2020 05:13 PM
ਬਿਜਾਈ ਦੇ ਲਈ ਮੱਧ ਜਨਵਰੀ ਤੋਂ ਮਾਰਚ ਅਤੇ ਅਕਤੂਬਰ ਤੋਂ ਨਵੰਬਰ ਦਾ ਮਹੀਨਾ ਸਹੀ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਹਰ ਜਗ੍ਹਾ ਵਿੱਚ ਦੋ ਬੀਜ ਬੀਜੋ ਅਤੇ 45 ਸੈ.ਮੀ. ਫਾਸਲੇ ‘ਤੇ ਬੀਜੋ ਬੀਜ ਨੂੰ 2.5-3.5 ਸੈ.ਮੀ. ਦੀ ਡੂੰਘਾਈ ਤੇ ਬੀਜਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ ਇਸਦੀ ਬਿਜਾਈ ਟੋਆ ਪੁੱਟ ਕੇ ਕੀਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ

Posted by dinesh potai
Chattisgarh
12-02-2020 05:05 PM
दिनेश जी सहजन के पौधे को फल किसम के हिसाब से लगता है और इस पौधे को कोई खाद की जरूरत नहीं होती है धन्यवाद

Posted by vijay kumar
Punjab
12-02-2020 04:55 PM
मोतियों की खेती एक लाभदायिक काम हैं मोतियों की खेती उस प्रकार होती हैं जैसे असल रूप में मोती तैयार होते हैं इसकी खेती आप किसी तालाब में या फिर 100 वर्ग फूट तालाब बनाकर कर सकते हैं तालाब बनाने के बाद सिपी को खरीदा जाता है , जो दिल्ली से मिल जाती है, क्वालिटी के हिसाब से एक सिपी लगभग 1.5 से 5 रूप्ये में मिल जाती हैं सब.... (Read More)
मोतियों की खेती एक लाभदायिक काम हैं मोतियों की खेती उस प्रकार होती हैं जैसे असल रूप में मोती तैयार होते हैं इसकी खेती आप किसी तालाब में या फिर 100 वर्ग फूट तालाब बनाकर कर सकते हैं तालाब बनाने के बाद सिपी को खरीदा जाता है , जो दिल्ली से मिल जाती है, क्वालिटी के हिसाब से एक सिपी लगभग 1.5 से 5 रूप्ये में मिल जाती हैं सबसे पहले बंद सिपीयों में खिचाव लाकर उनमें मोतिया का बीज डाला जाता हैं फिर इन सिपीयों को बंद करके जाली के रास्ते पानी में फेक दिया जाता हैं फिर कुछ महीनों के बाद इसमें से मोती तैयार हो जाते हैं मोती बनने में 18 महीनों का समय लगता हैं डिजाईनर मोती तैयार करने के लिए उनके लिए खास तौर से आकार बनायें जाते हैं जिनमें से गनपति, बुद्ध, होली क्रास साईज के डिजाइनर मोती तैयार होते हैं, पर मोतियों की मार्केटिंग आपने स्तर पर ही करनी पड़ती है, पंजाब में मनीष जी मोतियों की ट्रेनिंग करवाते हैं उनके साथ इस नंबर 9417652857 पर संम्पर्क करें वह आपको पूरी जानकारी देंगे पंजाब में मोतियों की खेती की ट्रेनिंग लेने के लिए आप मनीष वासुदेव के साथ संम्पर्क 9417652857 कर सकते हैं धन्यवाद
Posted by jaspreet singh
Punjab
12-02-2020 04:40 PM
jaspreet ji Hun mousam khulan nal dhupan nal barseem ne aape sare nadeen dabh laine ne.
Posted by Nikki
Uttar Pradesh
12-02-2020 04:38 PM
keshav ji iske liye aap university se pta kar sakte hai kyuki iske form april aur may mahine tak aa jate hai iske ilava aap iski official site par check kar sakte hai.
http://bhuonline.in/ gclid=EAIaIQobChMI58661bvO5wIVjx0rCh0OzQvUEAAYASAAEgLxgvD_BwE
Posted by shyam patel
Rajasthan
12-02-2020 04:33 PM
श्याम जी आप फ्लॉवरिंग के समय पर आप NPK 130045 @10 ग्राम को प्रति लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे करें इस से फल अच्छे से टिकता है और पैदावार भी अच्छी आती है धन्यवाद

Posted by Vishnu Rathore
Madhya Pradesh
12-02-2020 04:25 PM
विष्णु जी कृपया आप लहसुन की फोटो भेजे ताकि आपको इसके बारे में पूरी जानकारी दी जा सके धन्यवाद
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