Posted by happy
Punjab
17-02-2020 08:01 PM
happy ji pathiyan de ghol vich tuc hor kuch na milao isdi ikale di hi spray karo.dhanwad

Posted by JOGA SINGH
Punjab
17-02-2020 07:30 PM
श्रीमान जी कृप्या आप अपना सवाल विस्तार से पूछें ताकि आपको सही जानकारी दी जा सके

Posted by tarsem singh
Punjab
17-02-2020 07:26 PM
Tarsem ji tuci uss nu vitum-H liquid 10-10ml swere sham deo ate Cargill di Transition mix feed deni suru kr skde ho ate tuci usde suun ton 1 mahina pehla ehna de nal metabolite powder di rojana 1 pudi deni suru kro, ehna nal lewa ate dudh vdia ho jawega.

Posted by prabhjot singh
Punjab
17-02-2020 07:14 PM
Prabhjot ji tuci uss nu sururat vich 1kg naa deo pehla uss nu thodi thodi deo jekar ohh vdia trike nal hajam krdi hai ate sahi dudh dindi hai tan tuci holi holi vdha skde ho.

Posted by ARUN KUMAR
Punjab
17-02-2020 07:04 PM
अरुण जी दीमक की रोकथाम के लिए आप chlorpyriphos @4ml को प्रति लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे करें
Posted by sarfraj
Uttar Pradesh
17-02-2020 07:02 PM
अच्छे जल निकास वाली गहरी, दोमट मिट्टी जिसमें भूमिगत-जल का स्तर ज़मीन से 1.5-2 मी. के नीचे हो और अच्छी जल धारण क्षमता वाली ज़मीन गन्ने की खेती के लिए लाभदायक है यह फसल काफी अम्लीय और खारेपन को सहन कर सकती है इसलिए इसे मिट्टी जिसका pH 5 से 8.5 हो, में उगाई जा सकती है यदि मिट्टी का pH 5 से कम हो तो इसमें चूना (कली) डालें और यदि मिट.... (Read More)
अच्छे जल निकास वाली गहरी, दोमट मिट्टी जिसमें भूमिगत-जल का स्तर ज़मीन से 1.5-2 मी. के नीचे हो और अच्छी जल धारण क्षमता वाली ज़मीन गन्ने की खेती के लिए लाभदायक है यह फसल काफी अम्लीय और खारेपन को सहन कर सकती है इसलिए इसे मिट्टी जिसका pH 5 से 8.5 हो, में उगाई जा सकती है यदि मिट्टी का pH 5 से कम हो तो इसमें चूना (कली) डालें और यदि मिट्टी का pH 9.5 से ज्यादा हो तो इसमें जिप्सम डालें आप इसकी किस्मे जैसे Co 8014 (Mahalakshami) ,Vasant 1,Co 86032 ,Co 92005 की बिजाई कर सकते है पतझड़ के मौसम में 15 अक्तूबर से २० नवंबर तक बिजाई की जाती है, बसंत के मौसम में बिजाई 15 फरवरी तक और गर्मियों के मौसम में 15 जुलाई से 15 सितंबर तक बिजाई की जाती है बिजाई के लिए सुधरे ढंग जैसे कि (गहरी खालियां, मेंड़ बनाकर,पंक्तियों में जोड़े बनाकर और गड्ढा खोदकर बिजाई ) प्रयोग किये जाते हैं 1) खालियां और मेंड़ बनाकर सूखी बिजाई: ट्रैक्टर द्वारा मेंड़ बनाने वाली मशीन की मदद से मेंड़ और खालियां बनाएं और इन मेड़ और खालियों में बिजाई करें मेड़ और खालियों में 90 सैं.मी. का फासला होना चाहिए गन्ने की गुलियों को मिट्टी में दबाएं और उसके बाद हल्की सिंचाई करें 2) पंक्तियों के जोड़े बनाकर बिजाई: खालियां बनाने वाले यंत्र के प्रयोग से खेत में 150 सैं.मी. के फासले पर खालियां बनाएं और उनमें 30:30-90-30:30 सैं.मी. के फासले पर गन्ने की रोपाई करें इस तरीके से मेड़ वाली बिजाई से अधिक पैदावार मिलती है 3) गड्ढा खोदकर बिजाई: गड्ढे खोदने वाली मशीन से 60 सैं.मी. व्यास के 30 सैं.मी. गहरे गड्ढे खोदें जिनमें 60 सैं.मी. का फासला हो इससे गन्ना 2-3 बार उगाया जा सकता है और मेड़ वाली बिजाई से 25-50 % अधिक पैदावार आती है B) एक आंख वाले गन्नों की बिजाई: रोपाई के लिए सेहतमंद गुलियां चुनें और 75-90 सैं.मी. के अंतर पर खालियों में बिजाई करें गुलियां एक आंख वाली होनी चाहिए यदि गन्ने के ऊपरी भाग में छोटी डलियां चुनी गई हों तो बिजाई 6 -9 सैं.मी. के अंतर पर करें फसल के अच्छे उगने के लिए आंखों को ऊपर की ओर रखें और हल्की सिंचाई करें पतझड़ के मौसम में 14500-16500 तीन आंख वाले बीज प्रति एकड़ में प्रयोग करें और बसंत के मौसम में 16500-25000 तीन आंख वाले बीज और 21600-25000 दो आंख वाले बीज प्रति एकड़ में प्रयोग करें गन्ने में नदीनों के कारण 12-72 % पैदावार का नुकसान होता है शुरूआती 60-120 दिनों तक नदीनों की रोकथाम बहुत जरूरी है इसलिए रोपाई के बाद 3-4 महीने बाद फसल की नदीनों की रोकथाम करें नीचे लिखे तरीकों से नदीनों को रोका जा सकता है 1) हाथों से गोडाई करके: गन्ना एक व्यापक जगह लेने वाली फसल है इसलिए नदीनों को गोडाई करके रोका जा सकता है इसके इलावा प्रत्येक सिंचाई के बाद 3-4 गोडाई जरूरी है 2) काश्तकारी ढंग: इस प्रक्रिया में खेती के तरीके, अंतरफसली और मलचिंग तरीके शामिल हैं बहुफसली के कारण नदीनों का हमला ज्यादा होता है इसकी रोकथाम के लिए चारे वाली फसलें और हरी खाद वाली फसलों के आधार वाला फसली चक्र गन्ने में नदीनों की रोकथाम करता है गन्ना एक व्यापक जगह लेने वाली भी फसल है जिससे नदीनों के हमले का खतरा भी ज्यादा होता है यदि गन्ने को कम समय वाली फसलों के साथ अंतरफसली किया जाए तो इससे नदीनों को कम किया जा सकता है और ज्यादा लाभ भी मिल सकता है गन्ने के अंकुरन के बाद गन्ने की कतारों में 10-12 सैं.मी. मोटी तह बिछा दी जाती है यह सूर्य की रोशनी को सोखता है जिससे नदीन कम होते हैं यह मिट्टी में नमी को भी बचाता है 3) रासायनिक तरीके: नदीनों की रोकथाम के लिए, सिमाज़ीन या एट्राज़ीन 600-800 ग्राम या मैट्रीब्यूज़िन 800 ग्राम या ड्यूरॉन 1-1.2 किलोग्राम प्रति एकड़ में बिजाई के तुरंत बाद प्रयोग करना चाहिए इसके इलावा चौड़े पत्ते वाले नदीनों की रोकथाम के लिए 2, 4-डी@ 300-400 ग्राम का प्रयोग प्रति एकड़ के हिसाब से करें नाइट्रोजन 62 किलो, फासफोरस 32 किलो और पोटाश 42 किलो प्रति एकड़ में डालें बिजाई से पहले नाइट्रोजन की 1/3 मात्रा और फासफोरस और पोटाश की पूरी मात्रा डालें बाकी बची नाइट्रोजन की दो मात्रा को टॉप ड्रेसिंग के तौर पर डालें नाइट्रोजन की पहली मात्रा को बीज वाली आंख के अंकुरण के समय और दूसरी मात्रा को बीज अंकुरण के 45 दिन बाद डालें 3 वर्षों के बाद गन्ने की गुलियों में 40-50 क्विंटल गाय का गोबर प्रति एकड़ में डालें पतझड़ के मौसम में 90-100 दिनों में नाइट्रोजन को टॉप ड्रेसिंग के तौर पर डालें और बसंत के मौसम में 150-160 दिन बाद डालनी चाहिए सिंचाई की संख्या मिट्टी की किस्म और पानी की उपलब्धता पर निर्भर करती है गर्मी के महीने में गर्म हवाओं और सूखे में वृद्धि होने के कारण फसल को पानी की जरूरत पड़ती है पहली सिंचाई फसल के 20-25 % अंकुरित होने पर करें मानसून में गन्ने को पानी और बारिश के आधार पर लगाएं कम वर्षा में सिंचाई 10 दिनों के अंतराल पर करें इसके बाद सिंचाई के अंतराल को बढ़ाकर 20-25 दिनों के अंतराल पर सिंचाई करें जमीन में नमी संभालने के लिए गन्ने की पंक्तियों में मलचिंग का प्रयोग करें अप्रैल जून के महीने में पानी की कमी ना होने दें इससे पैदावार कम होगी इसके इलावा बारिश के दिनों में पानी ना खड़ा होने दें जोताई का समय, वृद्धि का समय और अधिक विकास का समय सिंचाई के लिए बहुत नाज़ुक होता है मिट्टी को मेंड़ पर चढ़ाना: कसी की मदद से खालियों में और पौधे के किनारों पर मिट्टी चढ़ाई जाती है यह मिट्टी में अच्छी तरह से तैयार की गई खाद को अच्छी तरह से मिश्रित होने में मदद करती है पौधे को सहारा देने और उसे गिरने से बचाने में भी मदद करती है ज्यादा पैदावार और चीनी प्राप्त करने के लिए गन्ने की सही समय पर कटाई जरूरी है समय से पहले या बाद में कटाई करने से पैदावार पर प्रभाव पड़ता है किसान शूगर रीफरैक्टोमीटर का प्रयोग करके कटाई का समय पता लगा सकते हैं गन्ने की कटाई द्राती की सहायता से की जाती है गन्ना धरती से ऊपर थोड़ा हिस्सा छोड़कर काटा जाता है क्योंकि गन्ने में चीनी की मात्रा ज्यादा होती है कटाई के बाद गन्ना फैक्टरी में लेकर जाना जरूरी होता है धन्यवाद
Posted by sarfraj
Uttar Pradesh
17-02-2020 07:01 PM
sarfraj ji sugarcane men sugar percentage uski kisam ke according hota hai kripya aap iski kisam ka nam btaye taki aapko uske bare men poori jankari di ja sake,dhanywad
Posted by Baljeet choudhary
Punjab
17-02-2020 06:57 PM
Baljeet ji dudh da rate fat ate snf de hisab nal lgda hai, tuci uss ton per litre milk da rate pusho ate fir fatt ate snf de hisab nal rate kdwa skde ho, jiss nal tuhanu sahi jankari mill jawegi.
Posted by Gurdeep Grewal
Punjab
17-02-2020 06:53 PM
Gurdeep ji ehh harmons lai hunde ha jiss nal pashu heat vich aunda hai ate jekar ehna di sahi varto howe tan pashu gaban rehh janda hai.
Posted by Gurdeep Grewal
Punjab
17-02-2020 06:51 PM
Grewal ji ehh harmons injection hai iss nal pashu heat vich aa janda hai jekar ohh gaban naa rukda howe tan gaban v rehh janda hai.

Posted by manoj kumar pujari
Chattisgarh
17-02-2020 06:49 PM
मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजि.... (Read More)
मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजित किया जा रहा है प्रशिक्षण कार्य कर्म में भाग लेने के लिए नीचे दिए गए नम्बर पर आज ही संपर्क करें और Rs 250/ से अपना रजिस्ट्रेशन करवाए अचल सिंह (फाउंडर )- 9711858258. धन्यवाद

Posted by manoj kumar pujari
Chattisgarh
17-02-2020 06:47 PM
मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजि.... (Read More)
मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजित किया जा रहा है प्रशिक्षण कार्य कर्म में भाग लेने के लिए नीचे दिए गए नम्बर पर आज ही संपर्क करें और Rs 250/ से अपना रजिस्ट्रेशन करवाए अचल सिंह (फाउंडर )- 9711858258. धन्यवाद

Posted by Harpreet Singh
Punjab
17-02-2020 06:35 PM
Harpreet ji tuci nilli ravi nasal di katti lain lai Bhadur Singh 9463817201 Nili Ravi Dairy Farm nal sampark kr skde ho.

Posted by sukhwinder singh
Punjab
17-02-2020 06:25 PM
ਤੁਸੀ Enerboost powder 50gm ਰੋਜਾਨਾ ਅਤੇ Fatplus ਪਾਊਡਰ 50gm ਜਾਂ Fatmax ਪਾਊਡਰ 50gm ਰੋਜਾਨਾ ਦਿਓ ਅਤੇ ਓਹਨਾ ਨੂੰ ਵਧੀਆ ਖੁਰਾਕ ਅਤੇ ਫੀਡ ਦੇ ਨਾਲ ਨਾਲ 1kg ਸਰੋਂ ਦੀ ਖਲ, 1kg ਵੜੇਵਿਆ ਦੀ ਖਲ ਸਵੇਰੇ ਸ਼ਾਮ ਦਿਉ.

Posted by Jaskaran Singh
Punjab
17-02-2020 06:19 PM
ਜਸਕਰਨ ਜੀ ਇਹ ਪੀਲੀ ਕੁੰਗੀ ਦੇ ਲੱਛਣ ਲੱਗ ਰਹੇ ਹਨ ਇਸਦੇ ਲਈ ਤੁਸੀ propiconazole @200ml ਨੂੰ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਸਪਰੇ ਕਰੋ ਧੰਨਵਾਦ

Posted by Anmol Vasudeva
Punjab
17-02-2020 05:55 PM
Pm kisan samman nidhi yojna के तहत खेती-किसानी के लिए सालाना 6000 रुपए तीन किस्तों में मिल रहे हैं प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि स्कीम (pradhan mantri kisan samman nidhi scheme) अब देश के सभी 14.5 करोड़ किसान परिवारों के लिए लागू हो गई है स्टेप बाई स्टेप जाने कैसे लें प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का .... (Read More)
Pm kisan samman nidhi yojna के तहत खेती-किसानी के लिए सालाना 6000 रुपए तीन किस्तों में मिल रहे हैं प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि स्कीम (pradhan mantri kisan samman nidhi scheme) अब देश के सभी 14.5 करोड़ किसान परिवारों के लिए लागू हो गई है स्टेप बाई स्टेप जाने कैसे लें प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ लेने के लिए आपको ऑनलाइन या ऑफलाइन आवेदन करना पड़ेगा किसानों को इसका लाभ पाने के लिए सबसे पहले कृषि विभाग में रजिस्ट्रेशन करवाना होगा, प्रशासन उसका वेरीफिकेशन करेगा रेवेन्यू रिकॉर्ड, बैंक अकाउंट नंबर, मोबाइल नंबर और आधार नंबर देना होगा कोई कन्फ्यूजन है तो अपने लेखपाल से संपर्क कर सकते हैं लेखपाल ही यह वेरीफाई करता है कि आप किसान हैं अगर लेखपाल और कृषि अधिकारी किसी असली किसान को इसका लाभ देने में आनाकानी कर रहे हैं तो सोमवार से शुक्रवार तक पीएम-किसान हेल्प डेस्क (PM-KISAN Help Desk) के ई-मेल Email (pmkisan-ict@gov.in) पर संपर्क कर सकते हैं वहां से भी न बात बने तो इस सेल के फोन नंबर 011-23381092 (Direct HelpLine) पर फोन करें आॉनलाइन आवेदन करते समय किसान को अपना आधार कार्ड नंबर, मतदाता पहचान पत्र और बैंक से संबंधित यानी कि बैंक खाता संख्या पास होना जरूरी है इसके अलावा अगर किसान एससी/एसटी वर्ग से है तो उसके लिए उसे सर्टिफिकेट देना होगा इसके बाद आपको अपनी जानकारी देने होगी जैसे कि पिता का नाम, मोबाइल नंबर, जन्मतिथि, खेती की जानकारी जैसे- खेत का आकार, कितनी जमीन है आदि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का ऑफलाइन आवेदन करने के लिए किसानों को ग्राम पंचायत या फिर पास के सीएससी सेंटर जाना होगा वहां पर जाने के बाग आपको फार्म दिए जाएंगे, जिन्हें आपको भरना होगा कैसे पता चलेगा कि आपका नाम रजिस्टर हो चुका हैं प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का फार्म भरने के बाद जो भी लाभकारी किसान हैं, उनके नामों की लिस्ट पंचायत पर लगाई जाएगी इसके अलावा जिन किसानों को उसका लाभ मिलना है उनके मोबाइल पर भी एसएसएस भेजा जाएगा.

Posted by Mandeep Singh
Punjab
17-02-2020 05:44 PM
ਮਨਦੀਪ ਜੀ ਇਹ ਮੁਰਾਹ ਨਸਲ ਦੀ ਮੱਝ ਹੈ ਅਤੇ ਇਸ ਨੂੰ ਕਾਰਗਿਲ ਦੀ Transition mix ਫੀਡ ਦੇਣੀ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਅਤੇ ਉਸ ਨੂੰ Vitum-H liquid 10-10ml ਸਵੇਰੇ ਸ਼ਾਮ ਦੇ ਸਕਦੇ ਹੋ ਅਤੇ Metabolite ਪਾਊਡਰ ਦੀ ਰੋਜਾਨਾ ਇਕ ਪੁੜੀ ਦੇਣੀ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ, ਇਸ ਨਾਲ ਲੇਵਾ ਵਧਿਆ ਹੋ ਜਾਵੇਗਾ..

Posted by kirar
Madhya Pradesh
17-02-2020 05:40 PM
गेंहूं की बिजाई सही समय पर करनी जरूरी है बारानी क्षेत्रों के लिए बिजाई नवंबर के पहले से तीसरे सप्ताह में पूरी कर लें, जबकि सिंचित क्षेत्रों में बिजाई अक्तूबर से 15 नवंबर तक पूरी कर लें सामान्य बिजाई के लिए कतारों में 20 सैं.मी. के फासले की सलाह दी जाती है यदि बिजाई देरी से करनी हो तो 18 सैं.मी. का फासला होना चाहिए 4-5 .... (Read More)
गेंहूं की बिजाई सही समय पर करनी जरूरी है बारानी क्षेत्रों के लिए बिजाई नवंबर के पहले से तीसरे सप्ताह में पूरी कर लें, जबकि सिंचित क्षेत्रों में बिजाई अक्तूबर से 15 नवंबर तक पूरी कर लें सामान्य बिजाई के लिए कतारों में 20 सैं.मी. के फासले की सलाह दी जाती है यदि बिजाई देरी से करनी हो तो 18 सैं.मी. का फासला होना चाहिए 4-5 सैं.मी. की गहराई में बिजाई करनी चाहिए बीज ड्रिल,बुरकाव विधि ,जीरो टिलेज़ ड्रिल,रोटावेटर से गेंहू की बिजाई कर सकते हो अच्छी पैदावार के लिए:-मिट्टी की जांच के आधार पर खादें डालें मिट्टी की जांच के अनुसार ही हम मिट्टी में आवश्यक खादों की मात्रा दे सकते हैं सिंचित क्षेत्रों के लिए, नाइट्रोजन 60 किलो (यूरिया 130 किलो), फासफोरस 24 किलो (एस एस पी 150 किलो), पोटाश 12 किलो (म्यूरेट ऑफ पोटाश 20 किलो) प्रति एकड़ में डालें नाइट्रोजन की आधी मात्रा और फासफोरस और पोटाश की पूरी मात्रा बिजाई के समय डालें बाकी नाइट्रोजन को पहली सिंचाई के समय डालें बारानी क्षेत्रों के लिए, नाइट्रोजन 24 किलो (यूरिया 52 किलो), फासफोरस 12 किलो (एस एस पी 75 किलो), पोटाश 8 किलो (म्यूरेट ऑफ पोटाश 15 किलो) प्रति एकड़ में डालें नाइट्रोज, फासफोरस और पोटाश की पूरी मात्रा बिजाई के समय डालें सिंचित क्षेत्रों में पिछेती बिजाई के लिए, नाइट्रोजन 50 किलो (यूरिया 110 किलो), फासफोरस 12 किलो (एस एस पी 75 किलो), पोटाश 16 किलो (म्यूरेट ऑफ पोटाश 27 किलो) प्रति एकड़ में डालें नाइट्रोजन की एक तिहाई मात्रा और फासफोरस और पोटाश की पूरी मात्रा बिजाई के समय डालें बाकी बची नाइट्रोजन की दो तिहाई मात्रा बिजाई के 35-40 दिनों के बाद डालें यह पाया गया है कि जिंक सल्फेट 10 किलो प्रति एकड़ में डालने से उपज में वृद्धि होती है जिंक की कमी को पूरा करने के लिए जिंक सल्फेट 0.5 प्रतिशत की फोलियर स्प्रे करें 15 दिनों के अंतराल पर दो से तीन स्प्रे करें अच्छी शाखाएं और उपज के लिए 19:19:19 की स्प्रे, पानी में घुलनशील खादें+स्टिकर 0.5 मि.ली. को प्रति लीटर पानी में मिलाकर बिजाई के 30 दिनों के बाद डालें

Posted by kirar
Madhya Pradesh
17-02-2020 05:39 PM
Kirar ji kripya btaye ke aap genhu ki kheti ke bare men kya jankari lena chahte hai taki aapko uske hisab se jankari di ja sake,dhanywad

Posted by Harsh Deep Singh
Punjab
17-02-2020 05:32 PM
Harshdeep ji tuc ehna te NPK 130045@10 gram nu prati litre pani de hisab nal spray karo,dhanwad

Posted by ਕੁਲਦੀਪ ਸਿੰਘ
Punjab
17-02-2020 05:29 PM
ਕੁਲਦੀਪ ਜੀ ਸੂਰ ਪਾਲਣ ਲਈ ਲੋਨ ਲੈਣ ਲਈ ਤੁਹਾਡੇ ਕੋਲ ਸੂਰ ਪਾਲਣ ਦੀ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਦਾ ਸਰਟੀਫਿਕੇਟ ਹੋਣਾ ਜਰੂਰੀ ਹੈ, ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਕਰਨ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਸੂਰ ਪਾਲਣ ਤੇ 2 ਲੱਖ ਦੀ ਸਬਸਿਡੀ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਕੁੱਲ ਪ੍ਰੋਜੇਕਟ 8 ਲੱਖ ਦਾ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਉਸ ਵਿੱਚੋ 2 ਲੱਖ ਸਬਸਿਡੀ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਜੇ ਤੁਸੀ ਆਪਣੇ ਪੱਧਰ ਤੇ ਕਰਨਾ ਹੈ ਤਾਂ ਤੁਸੀ 2-2.50 ਲੱਖ ਵਿੱਚ ਇੱਕ ਵਾਰ ਛੋਟੇ ਲੈਵਲ ਤੋਂ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋਂ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ .... (Read More)
ਕੁਲਦੀਪ ਜੀ ਸੂਰ ਪਾਲਣ ਲਈ ਲੋਨ ਲੈਣ ਲਈ ਤੁਹਾਡੇ ਕੋਲ ਸੂਰ ਪਾਲਣ ਦੀ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਦਾ ਸਰਟੀਫਿਕੇਟ ਹੋਣਾ ਜਰੂਰੀ ਹੈ, ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਕਰਨ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਸੂਰ ਪਾਲਣ ਤੇ 2 ਲੱਖ ਦੀ ਸਬਸਿਡੀ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਕੁੱਲ ਪ੍ਰੋਜੇਕਟ 8 ਲੱਖ ਦਾ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਉਸ ਵਿੱਚੋ 2 ਲੱਖ ਸਬਸਿਡੀ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਜੇ ਤੁਸੀ ਆਪਣੇ ਪੱਧਰ ਤੇ ਕਰਨਾ ਹੈ ਤਾਂ ਤੁਸੀ 2-2.50 ਲੱਖ ਵਿੱਚ ਇੱਕ ਵਾਰ ਛੋਟੇ ਲੈਵਲ ਤੋਂ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋਂ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਕਰਵਾਉਣ ਲਈ ਸਰਕਾਰੀ ਸੂਰ ਫਾਰਮ ਬਣੇ ਹਨ ਜਿਵੇ ਮੱਲੋਵਾਲ, ਖਰੜ, ਨਾਭਾ , ਗੁਰਦਾਸਪੁਰ ਵਿੱਚ ਜਿੱਥੇ 5 ਦਿਨ ਦੀ ਮੁਫਤ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਦਿੱਤੀ ਜਾਂਦੀ ..

Posted by Ankit Karnwal
Uttarakhand
17-02-2020 05:27 PM
Ankit ji kripya swal vistar se pooche ke aapko konsi spray machine chahiye taki aapkpo vo kaha se milegi iske bare men poori jankari di ja sake.dhanywad

Posted by Sanjay Pal
Uttar Pradesh
17-02-2020 05:24 PM
संजय जी आप फसल के ऊपर NPK 191919 @1 किलो को 150 लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे करें धन्यवाद

Posted by Sanjay Pal
Uttar Pradesh
17-02-2020 05:20 PM
संजय जी कृपया आप फोटो दुबारा भेजे आपके द्वारा भेजी गयी फोटो आधी अपलोड हुई है धन्यवाद

Posted by virender kumar
Himachal Pradesh
17-02-2020 05:14 PM
Virender kumar ji Hoshiarpur vich fish training lai tusi Dr Jasbir Singh 9814332088 nal samparak kar sakde ho, Thankyou.
Posted by Chandan Ahirwar
Madhya Pradesh
17-02-2020 05:11 PM
chandan ji yeh fungus ke karn ho raha hai iske liye aap carbendazim @4 gram ko prati litre pani ke hisab se spray karen,dhanywad
Posted by harinarayan
Uttar Pradesh
17-02-2020 05:05 PM
Harinarayan ji aap ek ekad mai lagbhag 5000 bache dall skte hai too iss hisab se aap 4 vighe mai lagbhag 6400 bache dall skte hai, bakki aap fish farming suru krne se pehle apne jille mai bnne ffda dept. se fish farming ki training jrur lenn.
Posted by harmeet singh
Punjab
17-02-2020 04:55 PM
हरमीत जी गलने वाले रोग की रोकथाम के लिए carbendazim@400 ग्राम को प्रति एकड़ के हिसाब से स्प्रे कर सकते है
Posted by Mukesh Singh
Haryana
17-02-2020 04:54 PM
mukesh ji aap iske patton ke neeche machar ka hamla check karen agar maujood hai to aap imidacloprid@1.5ml ko prati litre pani ke hisab se spray karen,dhanywad

Posted by Saddam Warsi
Bihar
17-02-2020 04:38 PM
यह सख्त किस्म की फसल है और इसकी पैदावार के लिए हर तरह की मिट्टी अनुकूल होती है, जिसमें हल्की से लेकर भारी और कम निकास वाली मिट्टी भी शामिल है इसकी पैदावार 6.5 से 7.5 पी एच वाली मिट्टी में भी की जा सकती है अच्छी पैदावार के लिए इसे गहरे तल, अच्छे निकास वाली रेतली चिकनी मिट्टी से लेकर चिकनी मिट्टी में बीजना चाहिए अम.... (Read More)
यह सख्त किस्म की फसल है और इसकी पैदावार के लिए हर तरह की मिट्टी अनुकूल होती है, जिसमें हल्की से लेकर भारी और कम निकास वाली मिट्टी भी शामिल है इसकी पैदावार 6.5 से 7.5 पी एच वाली मिट्टी में भी की जा सकती है अच्छी पैदावार के लिए इसे गहरे तल, अच्छे निकास वाली रेतली चिकनी मिट्टी से लेकर चिकनी मिट्टी में बीजना चाहिए अमरूद के बूटे के सही विकास और अच्छी पैदावार के लिए नदीनों की रोकथाम जरूरी है नदीनों की वृद्धि की जांच के लिए मार्च, जुलाई और सितंबर महीने में ग्रामोक्सोन 6 मि.ली. को प्रति लीटर पानी में डालकर स्प्रे करें नदीनों के अंकुरन के बाद गलाईफोसेट 1.6 लीटर को 200 लीटर पानी में मिलाकर (नदीनों को फूल पड़ने और उनकी उंचाई 15 से 20 सैं.मी. तक हो जाने से पहले) प्रति एकड़ के हिसाब से स्प्रे करें पौधों की मजबूती और सही वृद्धि के लिए कटाई और छंटाई की जरूरत होती है जितना मजबूत बूटे का तना होगा, उतनी ही पैदावार अधिक अच्छी गुणवत्ता भरपूर होगी बूटे की उपजाई क्षमता बनाए रखने के लिए फलों की पहली तुड़ाई के बाद बूटे की हल्की छंटाई करनी जरूरी है जब कि सूख चुकी और बीमारी आदि से प्रभावित टहनियों की कटाई लगातार करनी चाहिए बूटे की कटाई हमेशा नीचे से ऊपर की तरफ करनी चाहिए अमरूद के बूटे को फूल, टहनियां और तने की स्थिति के अनुसार पड़ते हैं इसलिए साल में एक बार पौधे की हल्की छंटाई करने के समय टहनियों के ऊपर वाले हिस्से को 10 सैं.मी. तक काट देना चाहिए इस तरह कटाई के बाद नईं टहनियां अकुंरन में सहायता मिलती है

Posted by Yogesh Kumar
Haryana
17-02-2020 04:32 PM
मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजि.... (Read More)
मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजित किया जा रहा है प्रशिक्षण कार्य कर्म में भाग लेने के लिए नीचे दिए गए नम्बर पर आज ही संपर्क करें और Rs 250/ से अपना रजिस्ट्रेशन करवाए अचल सिंह (फाउंडर )- 9711858258. धन्यवाद

Posted by Sohan
Haryana
17-02-2020 04:31 PM
मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजि.... (Read More)
मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजित किया जा रहा है प्रशिक्षण कार्य कर्म में भाग लेने के लिए नीचे दिए गए नम्बर पर आज ही संपर्क करें और Rs 250/ से अपना रजिस्ट्रेशन करवाए अचल सिंह (फाउंडर )- 9711858258. धन्यवाद
Posted by jitin rajput
Uttar Pradesh
17-02-2020 04:23 PM
पशु का दूध उसकी नस्ल पर निर्भर करता है, यदि नस्ल बढ़िया है तो दूध भी बढ़िया होगा, बाकि खुराक, पशु के रहने की जगह , समय-समय पर डीवॉर्मिंग करवाना, इन सभी बातों का पूरा ध्यान रखना ज़रूरी है बाकि आप Anabolite liquid 100ml रोज़ाना देना शुरू करें और आप Milkout पाउडर के 2—2 चम्मच सुबह शाम दें इसका भी दूध बढ़ाने में बढ़िया परिणाम है आप पशु की खुर.... (Read More)
पशु का दूध उसकी नस्ल पर निर्भर करता है, यदि नस्ल बढ़िया है तो दूध भी बढ़िया होगा, बाकि खुराक, पशु के रहने की जगह , समय-समय पर डीवॉर्मिंग करवाना, इन सभी बातों का पूरा ध्यान रखना ज़रूरी है बाकि आप Anabolite liquid 100ml रोज़ाना देना शुरू करें और आप Milkout पाउडर के 2—2 चम्मच सुबह शाम दें इसका भी दूध बढ़ाने में बढ़िया परिणाम है आप पशु की खुराक का ध्यान रखें..
Posted by suthar sahb
Rajasthan
17-02-2020 04:23 PM
Sthad ji kripya aap chane ki photo bheje aur btaye ke aapne isme kya kya khaad ka istemal kiya hai taki aapko iske bare men poori jankari id ja sake.dhanywad
Posted by ਹਰਪ੍ਰੀਤ ਸਿੰਘ
Punjab
17-02-2020 04:22 PM
ਭਾਰ ਪੈਣ ਦੇ ਇਲਾਜ ਲਈ ਤੁਸੀ ਇਹ ਦੇਸੀ ਤਰੀਕਾ ਵਰਤ ਸਕਦੇ ਹੋ, ਤੁਸੀ 1 ਕਿਲੋ ਸਤਿਆਨਾਸ਼ੀ ਬੀਜ ਲਓ, ਅੱਧਾ ਕਿਲੋ ਕਮਰਕੱਸ, ਅੱਧਾ ਕਿਲੋ ਜੋਂਖਾਰ ਲਓ, ਇਹ ਸਭ ਪੰਸਾਰੀ ਤੋਂ ਮਿਲ ਜਾਵੇਗਾ ਇਹ ਸਾਰਾ ਕੁਜ ਤੁਸੀ ਮਿਲਾ ਲਓ ਅਤੇ ਇਸਦਾ ਪਾਊਡਰ ਬਣਾ ਸਕਦੇ ਹੋ ਅਤੇ ਰੋਜਾਨਾ ਰਾਤ ਨੂੰ ਇਹ ਮਿਸ਼ਰਣ ਅੱਧਾ ਕਿਲੋ ਲਓ ਅਤੇ ਅੱਧਾ ਕਿਲੋ ਸ਼ੱਕਰ ਲਓ ਅਤੇ ਇਹਨਾਂ ਨੂੰ ਭਿਗੋ ਕੇ ਰੱਖ ਦਿਓ ਅਤੇ ਅਗਲੇ ਦਿਨ ਪਸ਼ੂ ਨੂ.... (Read More)
ਭਾਰ ਪੈਣ ਦੇ ਇਲਾਜ ਲਈ ਤੁਸੀ ਇਹ ਦੇਸੀ ਤਰੀਕਾ ਵਰਤ ਸਕਦੇ ਹੋ, ਤੁਸੀ 1 ਕਿਲੋ ਸਤਿਆਨਾਸ਼ੀ ਬੀਜ ਲਓ, ਅੱਧਾ ਕਿਲੋ ਕਮਰਕੱਸ, ਅੱਧਾ ਕਿਲੋ ਜੋਂਖਾਰ ਲਓ, ਇਹ ਸਭ ਪੰਸਾਰੀ ਤੋਂ ਮਿਲ ਜਾਵੇਗਾ ਇਹ ਸਾਰਾ ਕੁਜ ਤੁਸੀ ਮਿਲਾ ਲਓ ਅਤੇ ਇਸਦਾ ਪਾਊਡਰ ਬਣਾ ਸਕਦੇ ਹੋ ਅਤੇ ਰੋਜਾਨਾ ਰਾਤ ਨੂੰ ਇਹ ਮਿਸ਼ਰਣ ਅੱਧਾ ਕਿਲੋ ਲਓ ਅਤੇ ਅੱਧਾ ਕਿਲੋ ਸ਼ੱਕਰ ਲਓ ਅਤੇ ਇਹਨਾਂ ਨੂੰ ਭਿਗੋ ਕੇ ਰੱਖ ਦਿਓ ਅਤੇ ਅਗਲੇ ਦਿਨ ਪਸ਼ੂ ਨੂੰ ਦਿਓ, ਇਸ ਤਰ੍ਹਾਂ ਤੁਸੀ 4 ਦਿਨ ਲਗਾਤਾਰ ਦਿਓ, ਇਸ ਨਾਲ ਫਰਕ ਪੈ ਜਾਵੇਗਾ ਤੁਸੀ ਉਸ ਨੂੰ ਬਾਕੀ ਚੀਜਾਂ ਦੇਣੀਆਂ ਬੰਦ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਅਤੇ ਉਸਦਾ ਪਿੱਛਾ ਉੱਚਾ ਰੱਖੋ ਉਸ ਨੂੰ ਤੂੜੀ ਪਾਉਣੀ ਬੰਦ ਕਰ ਦਿਓ ਅਤੇ ਹਰਾ ਚਾਰਾ ਥੋੜਾ ਥੋੜਾ ਕਰਕੇ ਦਿਨ ਵਿਚ 3-4 ਵਾਰ ਦਿਓ.
Posted by Sukhpalbir Singh
Punjab
17-02-2020 04:08 PM
Sukhpalbir ji tuci vdia breed de tike lenn lai Balwinder Singh 9814799714, 9915046958 Genex international nal sampark kr skde ho.
Posted by gurwinder kaur
Punjab
17-02-2020 03:52 PM
Gurwinder ji isda varto pashua vich mook di roktham ate infection khatam krnn lai kiti jandi hai.

Posted by atul bhandekar
Maharashtra
17-02-2020 03:47 PM
मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजि.... (Read More)
मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजित किया जा रहा है प्रशिक्षण कार्य कर्म में भाग लेने के लिए नीचे दिए गए नम्बर पर आज ही संपर्क करें और Rs 250/ से अपना रजिस्ट्रेशन करवाए अचल सिंह (फाउंडर )- 9711858258. धन्यवाद

Posted by Bhupinder Singh
Punjab
17-02-2020 03:40 PM
(ਮਿੱਟੀ ਦੀ ਜਾਂਚ ਮੁਤਾਬਕ ਹੀ ਖਾਦਾਂ ਪਾਓ)ਸੁਪਰ ਫਾਸਫੇਟ 75-150 ਕਿਲੋ, ਯੂਰੀਆ 75-110 ਕਿਲੋ ਅਤੇ ਪੋਟਾਸ਼ 15-20 ਕਿਲੋ (ਜੇਕਰ ਮਿੱਟੀ ਵਿੱਚ ਕਮੀ ਦਿਖੇ) ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਪਾਓ ਐੱਸ.ਐੱਸ.ਪੀ. ਅਤੇ ਐੱਮ.ਓ.ਪੀ. ਦੀ ਪੂਰੀ ਮਾਤਰਾ ਅਤੇ ਯੂਰੀਆ ਦਾ ਤੀਜਾ ਹਿੱਸਾ ਬਿਜਾਈ ਸਮੇਂ ਪਾਓ ਬਾਕੀ ਬਚੀ ਨਾਈਟ੍ਰੋਜਨ ਪੌਦੇ ਗੋਡਿਆਂ ਤੱਕ ਹੋਣ ਤੇ ਅਤੇ ਗੁੱਛੇ ਬਣਨ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾਂ ਪਾਓ
ਮੱਕੀ ਦੀ ਫਸਲ ਵਿੱਚ ਜਿੰਕ ਅਤੇ ਮੈਗਨੀਸ਼.... (Read More)
(ਮਿੱਟੀ ਦੀ ਜਾਂਚ ਮੁਤਾਬਕ ਹੀ ਖਾਦਾਂ ਪਾਓ)ਸੁਪਰ ਫਾਸਫੇਟ 75-150 ਕਿਲੋ, ਯੂਰੀਆ 75-110 ਕਿਲੋ ਅਤੇ ਪੋਟਾਸ਼ 15-20 ਕਿਲੋ (ਜੇਕਰ ਮਿੱਟੀ ਵਿੱਚ ਕਮੀ ਦਿਖੇ) ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਪਾਓ ਐੱਸ.ਐੱਸ.ਪੀ. ਅਤੇ ਐੱਮ.ਓ.ਪੀ. ਦੀ ਪੂਰੀ ਮਾਤਰਾ ਅਤੇ ਯੂਰੀਆ ਦਾ ਤੀਜਾ ਹਿੱਸਾ ਬਿਜਾਈ ਸਮੇਂ ਪਾਓ ਬਾਕੀ ਬਚੀ ਨਾਈਟ੍ਰੋਜਨ ਪੌਦੇ ਗੋਡਿਆਂ ਤੱਕ ਹੋਣ ਤੇ ਅਤੇ ਗੁੱਛੇ ਬਣਨ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾਂ ਪਾਓ
ਮੱਕੀ ਦੀ ਫਸਲ ਵਿੱਚ ਜਿੰਕ ਅਤੇ ਮੈਗਨੀਸ਼ੀਅਮ ਦੀ ਘਾਟ ਆਮ ਵੇਖਣ ਨੂੰ ਮਿਲਦੀ ਹੈ ਅਤੇ ਇਸ ਘਾਟ ਨੂੰ ਪੂਰਾ ਕਰਨ ਲਈ ਜ਼ਿੰਕ ਸਲਫੇਟ 8 ਕਿਲੋ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਬੁਨਿਆਦੀ ਖੁਰਾਕ ਦੇ ਤੌਰ ਤੇ ਪਾਓ ਜ਼ਿੰਕ ਅਤੇ ਮੈਗਨੀਸ਼ੀਅਮ ਦੇ ਨਾਲ ਨਾਲ ਲੋਹੇ ਦੀ ਕਮੀ ਵੀ ਦੇਖਣ ਨੂੰ ਮਿਲਦੀ ਹੈ ਜਿਸ ਨਾਲ ਸਾਰਾ ਪੌਦਾ ਪੀਲਾ ਪੈ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਇਸ ਘਾਟ ਨੂੰ ਪੂਰਾ ਕਰਨ ਲਈ 25 ਕਿਲੋ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਸੂਖਮ ਤੱਤਾਂ ਨੂੰ 25 ਕਿੱਲੋ ਰੇਤ ਵਿੱਚ ਮਿਲਾ ਕੇ ਬੀਜਾਈ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਪਾਓ

Posted by virendra singh
Madhya Pradesh
17-02-2020 03:29 PM
वीरेंदर सिंह जी, मोरिंगा दवाई में fat proteins और minerals जैसे के Ca, Mg, P, K, Cu, Fe, और S. Vitamins जैसे के Vitamin-A (Beta-carotene), vitamin B-choline, vitamin B1-thiamine, riboflavin, nicotinic acid और ascorbic acid होते हैं, धन्यवाद

Posted by virendra singh
Madhya Pradesh
17-02-2020 03:26 PM
वीरेंदर जी कृपया आप बताये के कितने दिन हो गए है इसकी स्प्रे को और कितनी मात्रा में स्प्रे की है ताकि आपको इसके बारे में पूरी जानकारी दी जा सके धन्यवाद

Posted by Manish Shakya
Uttar Pradesh
17-02-2020 03:18 PM
मनीष जी आप आलू की किस्मे जैसे Kufri Bahar: इस किस्म के पौधे लंबे और तने मोटे होते हैं तनों की संख्या 4-5 प्रति पौधा होती है इसके आलू बड़े, सफेद रंग के, गोलाकार से अंडाकार होते हैं और इसका गुद्दा सफेद रंग का होता है यह किस्म 100-110 दिनों में पक जाती है और इसकी औसतन पैदावार 125 क्विंटल प्रति एकड़ होती है इसे ज्यादा देर तक स्टोर क.... (Read More)
मनीष जी आप आलू की किस्मे जैसे Kufri Bahar: इस किस्म के पौधे लंबे और तने मोटे होते हैं तनों की संख्या 4-5 प्रति पौधा होती है इसके आलू बड़े, सफेद रंग के, गोलाकार से अंडाकार होते हैं और इसका गुद्दा सफेद रंग का होता है यह किस्म 100-110 दिनों में पक जाती है और इसकी औसतन पैदावार 125 क्विंटल प्रति एकड़ होती है इसे ज्यादा देर तक स्टोर करके रखा जा सकता है यह पिछेती और अगेती झुलस रोग और पत्ता मरोड़ रोग की रोधक है
Kufri Badshah: इसके पौधे लंबे और 4-5 तने प्रति पौधा होते हैं इसके आलू बड़े से दरमियाने, गोलाकार और हल्के सफेद रंग के होते हैं इसके आलू स्वाद होते हैं यह किस्म 100-110 दिनों में पक जाती है यह किस्म कोहरे को सहनेयोग्य है और पिछेती, अगेती झुलस रोग की प्रतिरोधक है
Kufri Sutlaj: इस किस्म के पौधे घने और मोटे तने वाले होते हैं पत्ते हल्के हरे रंग के होते हैं आलू बड़े आकार के, गोलाकार और नर्म छिल्के वाले होते हैं यह किस्म 90-100 दिनों में पकती है इसकी औसतन पैदावार 160 क्विंटल प्रति एकड़ होती है यह किस्म खाने के लिए अच्छी और स्वादिष्ट होती है इन आलुओं को पकाना आसान होता है यह नए उत्पाद बनाने के लिए उचित किस्म नहीं है
Kufri Anand: यह मध्यम समय की किस्म है, जो कि पिछेते झुलस रोग और कोहरे के प्रतिरोधक है इसकी औसतन पैदावार 140-160 क्विंटल प्रति एकड़ होती है
Kufri Pukhraj: इसके पौधे लंबे और तने संख्या में कम और दरमियाने मोटे होते हैं आलू सफेद, बड़े, गोलाकार और नर्म छिल्के वाले होते हैं यह किस्म 70-90 दिनों में पकती है इसकी औसतन पैदावार 130 क्विंटल प्रति एकड़ है यह अगेती झुलस रोग की रोधक किस्म है और नए उत्पाद बनाने के लिए उचित नहीं है
Kufri Chipsona 2: इस किस्म के पौधे दरमियाने कद के और कम तनों वाले होते हैं इसके पत्ते गहरे हरे और फूल सफेद रंग के होते हैं आलू सफेद, दरमियाने आकार के, गोलाकार, अंडाकार और नर्म होते हैं इसकी औसतन पैदावार 140 क्विंटल प्रति एकड़ होती है यह पिछेती झुलस रोग की रोधक किस्म है यह किस्म चिपस और फरैंच फ्राइज़ बनाने के लिए उचित है
Kufri Chipsona 1: यह किस्म 90-100 दिनों में पुटाई के लिए तैयार हो जाती है
Kufri Chandramukhi: इस किस्म के आलू बड़े अंडाकार आकार के होते हैं इसकी औसतन पैदावार 10 टन प्रति एकड़ होती है यह किस्म 80-90 दिनों में पुटाई के लिए तैयार हो जाती है

Posted by manjinder chhina
Punjab
17-02-2020 03:12 PM
UPL ਦਾ Avancer Glow ਇੱਕ ਫੰਗੀਸਾਈਡ ਹੈ, ਜੋ blast, blight, powdery mildew, downy mildew ਆਦਿ ਉੱਲੀ ਰੋਗਾਂ ਦੇ ਹਮਲੇ ਨੂੰ ਰੋਕਦਾ ਹੈ ਇਸਦੀ dose 400-600gm ਪ੍ਰਤੀ ਕਿੱਲੇ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਇਸਦਾ Result ਚੰਗਾ ਹੈ

Posted by Baljit Johal
Punjab
17-02-2020 03:05 PM
Baljit ji kirpa karke isdi photo bhejo ta jo tuhanu is bare poori jankari diti ja sake.dhanwad

Posted by atul bhandekar
Maharashtra
17-02-2020 03:02 PM
मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजि.... (Read More)
मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजित किया जा रहा है प्रशिक्षण कार्य कर्म में भाग लेने के लिए नीचे दिए गए नम्बर पर आज ही संपर्क करें और Rs 250/ से अपना रजिस्ट्रेशन करवाए अचल सिंह (फाउंडर )- 9711858258. धन्यवाद

Posted by baljinder singh
Punjab
17-02-2020 02:59 PM
ਬਲਜਿੰਦਰ ਜੀ ਇਹ ਫੰਗਸ ਹੈ ਇਸਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਦੇ ਲਈ ਤੁਸੀ carbendazim @400 ਗ੍ਰਾਮ ਨੂੰ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਸਪਰੇ ਕਰੋ ਧੰਨਵਾਦ
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