Posted by Deepak Dhiman
Haryana
22-02-2020 09:29 AM
दीपक जी इसे आप मिट्टी वाली जगह पर बांधना शुरू करें और इसे Sarakind plus 1-1 गोली सुबह शाम दें और सोजिश वाली जगह पर Iodex की मालिश करके गर्म पट्टी बांध दें इससे फर्क पड़ जाएगा
Posted by lokeshkumar Meena
Rajasthan
22-02-2020 09:21 AM
लोकेशकुमार जी इसकी बिजाई के लिए फरवरी से मार्च, जून से जुलाई और नवंबर से दिसंबर का समय उपयुक्त होता है यह बिजाई के 8 -10 दिन तक अंकुरित होना शुरू कर देते है धन्यवाद

Posted by gagandeep
Haryana
22-02-2020 09:11 AM
Gagandeep ji is ke bare me visthar me jankari ke lia aap Sandeep 9317517763, 9991606387 SR Commercial Goat Farm se samparak kar sakte hai, Thankyou.

Posted by ਬੇਅੰਤ ਸਿੰਘ
Punjab
22-02-2020 09:09 AM
ਬੇਅੰਤ ਜੀ ਮੱਕੀ ਦੀ ਕਿਸਮ PMH1 ,PMH2 ਜਾ parbhat ਕਿਸਮ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਧੰਨਵਾਦ
Posted by gurpreet singh
Punjab
22-02-2020 09:03 AM
ਗੁਰਪ੍ਰੀਤ ਜੀ ਤੁਸੀ ਚਾਰੇ ਦੇ ਲਈ ਮੱਕੀ ਦੀ ਕਿਸਮ J1006 ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਇਸਦੀ ਬਿਜਾਈ ਤੁਸੀ ਹੁਣ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਧੰਨਵਾਦ
Posted by rohit kumar awasthi
Uttar Pradesh
22-02-2020 09:02 AM
भिंडी काफी तरह की मिट्टी में उगाई जा सकती है भिंडी की फसल के लिए रेतली से चिकनी मिट्टी उचित होती है, जिसमें जैविक तत्व भरपूर मात्रा में हों और जिसकी निकास प्रणाली भी अच्छी ढंग की हो यदि निकास अच्छे ढंग का हो तो यह भारी ज़मीनों में भी अच्छी उगती है मिट्टी का पी एच 6.0 से 6.5 होना चाहिए खारी, नमक वाली या घटिया निकास वा.... (Read More)
भिंडी काफी तरह की मिट्टी में उगाई जा सकती है भिंडी की फसल के लिए रेतली से चिकनी मिट्टी उचित होती है, जिसमें जैविक तत्व भरपूर मात्रा में हों और जिसकी निकास प्रणाली भी अच्छी ढंग की हो यदि निकास अच्छे ढंग का हो तो यह भारी ज़मीनों में भी अच्छी उगती है मिट्टी का पी एच 6.0 से 6.5 होना चाहिए खारी, नमक वाली या घटिया निकास वाली मिट्टी में इसकी खेती ना करें VRO 5, VRO 6, Parbhani Kranti, IIVR 10, Kashi Vibhuti, Kashi Bhairav, Kashi Pragati, Pusa Sawani, Kashi Satdhari, Kashi Kranti किस्में आप बीज सकते हैं मिट्टी के भुरभुरा होने तक खेत की जोताई करें जोताई के बाद मिट्टी को समतल करने के लिए सुहागा फेरें आखिरी जोताई के समय गाय का गला हुआ गोबर 40 क्विंटल प्रति एकड़ में डालें उत्तर में यह वर्षा और बसंत के मौसम में उगाई जाती है खरीफ के मौसम में, इसकी बिजाई जून-जुलाई के महीने और बसंत ऋतु में फरवरी-मार्च के महीने में की जाती है गर्मियों में समय पर बिजाई के लिए कतार से कतार में 45 सैं.मी. और पौधे से पौधे में 30 सैं.मी. फासले का प्रयोग करें गर्मियों में अगेती बिजाई के लिए 30 सैं.मी. x 20 सैं.मी. फासले का प्रयोग करें बारिश के मौसम में कतार से कतार में 60 सैं.मी. और पौधे से पौधे में 20-30 सैं.मी. फासले का प्रयोग करें बीज 2.5 सैं.मी. की गहराई में बोयें खरीफ के मौसम में 4-6 किलो बीज और गर्मियों के मौसम में 8-10 किलो बीज प्रति एकड़ में प्रयोग किए जाते हैं खेत की तैयारी के समय 8-10 टन गाय का गला हुआ गोबर डालें भिंडी की फसल के लिए नाइट्रोजन 40 किलो (90 किलो यूरिया) फासफोरस 16 किलो (एस एस पी 100 किलो) और पोटाश 20 किलो (म्यूरेट ऑफ पोटाश 35 किलो) प्रति एकड़ में डालें नाइट्रोजन की एक तिहाई मात्रा, फासफोरस और पोटाश की पूरी मात्रा खेत की तैयारी के समय डालें नाइट्रोजन की बाकी बची मात्रा बिजाई के बाद 30वें और 50 वें दिन टॉप ड्रेसिंग के तौर पर डालें बिजाई से पहले बसालीन 1 लीटर को प्रति एकड़ में डालें और बिजाई के तुरंत बाद लासो 1.6 मि.ली. को प्रति एकड़ में प्रयोग करें यदि मिट्टी में पर्याप्त मात्रा में नमी मौजूद ना हो तो गर्मियों में फसल के अच्छे अंकुरण के लिए बिजाई से पहले सिंचाई जरूर करनी चाहिए बीज अंकुरण के बाद अगली सिंचाई करें उसके बाद गर्मियों में 4-5 दिन के बाद खेतों को सिंचित करें और बारिश के मौसम में 10 से 12 बाद खेतों को सिंचित करें फसल बिजाई के 60-70 दिनों के बाद पककर तैयार हो जाती है छोटे और कच्चे फलों की तुड़ाई करें फलों की तुड़ाई सुबह और शाम के समय करनी चाहिए तुड़ाई में देरीसे भिंडियों में रेशा भर जाता है और इनका कच्चापन और स्वाद भी चला जाता है
Posted by rohit kumar awasthi
Uttar Pradesh
22-02-2020 09:00 AM
भिंडी काफी तरह की मिट्टी में उगाई जा सकती है भिंडी की फसल के लिए रेतली से चिकनी मिट्टी उचित होती है, जिसमें जैविक तत्व भरपूर मात्रा में हों और जिसकी निकास प्रणाली भी अच्छी ढंग की हो यदि निकास अच्छे ढंग का हो तो यह भारी ज़मीनों में भी अच्छी उगती है मिट्टी का पी एच 6.0 से 6.5 होना चाहिए खारी, नमक वाली या घटिया निकास वा.... (Read More)
भिंडी काफी तरह की मिट्टी में उगाई जा सकती है भिंडी की फसल के लिए रेतली से चिकनी मिट्टी उचित होती है, जिसमें जैविक तत्व भरपूर मात्रा में हों और जिसकी निकास प्रणाली भी अच्छी ढंग की हो यदि निकास अच्छे ढंग का हो तो यह भारी ज़मीनों में भी अच्छी उगती है मिट्टी का पी एच 6.0 से 6.5 होना चाहिए खारी, नमक वाली या घटिया निकास वाली मिट्टी में इसकी खेती ना करें VRO 5, VRO 6, Parbhani Kranti, IIVR 10, Kashi Vibhuti, Kashi Bhairav, Kashi Pragati, Pusa Sawani, Kashi Satdhari, Kashi Kranti किस्में आप बीज सकते हैं मिट्टी के भुरभुरा होने तक खेत की जोताई करें जोताई के बाद मिट्टी को समतल करने के लिए सुहागा फेरें आखिरी जोताई के समय गाय का गला हुआ गोबर 40 क्विंटल प्रति एकड़ में डालें उत्तर में यह वर्षा और बसंत के मौसम में उगाई जाती है खरीफ के मौसम में, इसकी बिजाई जून-जुलाई के महीने और बसंत ऋतु में फरवरी-मार्च के महीने में की जाती है गर्मियों में समय पर बिजाई के लिए कतार से कतार में 45 सैं.मी. और पौधे से पौधे में 30 सैं.मी. फासले का प्रयोग करें गर्मियों में अगेती बिजाई के लिए 30 सैं.मी. x 20 सैं.मी. फासले का प्रयोग करें बारिश के मौसम में कतार से कतार में 60 सैं.मी. और पौधे से पौधे में 20-30 सैं.मी. फासले का प्रयोग करें बीज 2.5 सैं.मी. की गहराई में बोयें खरीफ के मौसम में 4-6 किलो बीज और गर्मियों के मौसम में 8-10 किलो बीज प्रति एकड़ में प्रयोग किए जाते हैं खेत की तैयारी के समय 8-10 टन गाय का गला हुआ गोबर डालें भिंडी की फसल के लिए नाइट्रोजन 40 किलो (90 किलो यूरिया) फासफोरस 16 किलो (एस एस पी 100 किलो) और पोटाश 20 किलो (म्यूरेट ऑफ पोटाश 35 किलो) प्रति एकड़ में डालें नाइट्रोजन की एक तिहाई मात्रा, फासफोरस और पोटाश की पूरी मात्रा खेत की तैयारी के समय डालें नाइट्रोजन की बाकी बची मात्रा बिजाई के बाद 30वें और 50 वें दिन टॉप ड्रेसिंग के तौर पर डालें बिजाई से पहले बसालीन 1 लीटर को प्रति एकड़ में डालें और बिजाई के तुरंत बाद लासो 1.6 मि.ली. को प्रति एकड़ में प्रयोग करें यदि मिट्टी में पर्याप्त मात्रा में नमी मौजूद ना हो तो गर्मियों में फसल के अच्छे अंकुरण के लिए बिजाई से पहले सिंचाई जरूर करनी चाहिए बीज अंकुरण के बाद अगली सिंचाई करें उसके बाद गर्मियों में 4-5 दिन के बाद खेतों को सिंचित करें और बारिश के मौसम में 10 से 12 बाद खेतों को सिंचित करें फसल बिजाई के 60-70 दिनों के बाद पककर तैयार हो जाती है छोटे और कच्चे फलों की तुड़ाई करें फलों की तुड़ाई सुबह और शाम के समय करनी चाहिए तुड़ाई में देरीसे भिंडियों में रेशा भर जाता है और इनका कच्चापन और स्वाद भी चला जाता है

Posted by Harsh Deep Singh
Punjab
22-02-2020 08:51 AM
Harshdeep ji tuc isdi bijai kar sakde ho isda jhaad vadhia niklda hai,dhanwad
Posted by Krishna Yadav
Chattisgarh
22-02-2020 08:08 AM
यह leaf miner का हमला है इसकी रोकथाम के लिए आप fenazaquin@2 ml को प्रति लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे करें धन्यवाद
Posted by mohit Kumar jaiswal
Uttar Pradesh
22-02-2020 08:02 AM
आप उसे Gynarich 5ml टीका लगवाएं और 7 वें दिन Pragma 2ml टीका लगवाएं और फिर 9वें दिन Gynarich 2.5ml टीका लगवाएं और 10वें,11वें दिन उसे AI करवा दें और pregstay gold powder 30gm रोज़ाना दें.

Posted by ਧਰਮਿੰਦਰ ਸਿੰਘ
Punjab
22-02-2020 07:51 AM
dharminder ji tuc isde uper manganese sulphate@1 kilo nu 150 litre pani de hisab nal spray karo. dhanwad

Posted by vivek chauhan
Uttar Pradesh
22-02-2020 07:51 AM
vivek ji agar chane black ho rahe hai to aap iske uper Carbendazim@4 gram ko prati litre pani ke hisab se spray karen,dhanywad
Posted by Amandeep Sidhu
Punjab
22-02-2020 07:49 AM
Aman ji isde kai karan hunde hai jiwe pashu di khurak vich kami, sahi dekhbhal naa hona, sme te deworming na hona, infection hoon krke, sahi AI na hoon krke ehna krke v pashu varr varr repeat hunda hai tuci pashu nu vadhiya khurak deni shuru karo, ate har 3 mahine baad pet de keediyan layi dawai jarur dao ate vadhiya company da mineral mixture 50 gram rojana dena shuru karo, dhanwad
Posted by gurbir gill
Punjab
22-02-2020 07:40 AM
ਸ਼੍ਰੀਮਾਨ ਜੀ, ਤੁਸੀਂ ਉਸ ਨੂੰ ਪੇਟ ਦੇ ਕੀੜਿਆਂ ਲਈ piperazin ਦਵਾਈ ਦਿਓ ਅਤੇ ਉਸ ਨੂੰ ਕਾਰਗਿਲ ਦੀ ਫੀਡ calf grower ਦੇਣੀ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ ਅਤੇ cafplan ਪਾਊਡਰ 50gm ਰੋਜਾਨਾ ਦਿਓ , ਧੰਨਵਾਦ
Posted by Tiku Choudhary
Himachal Pradesh
22-02-2020 07:03 AM
Tiku ji usko aap sarso ka tel 50ml aur haldi 1 chamch mix krke 3 din den, isse frak padd jayega.
Posted by sunil
Haryana
22-02-2020 06:37 AM
sunil ji aap iske uper chlorpyriphos@4ml ko prati litre pani ke hisab se spray karen.uske uper aap sinchai kar de.dhanywad

Posted by mahendra
Rajasthan
22-02-2020 01:36 AM
महेंद्र जी आप इसके ऊपर NPK 191919 @1 किलो को 150 लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे करें धन्यवाद

Posted by विष्णु कुमार पाटीदार
Madhya Pradesh
22-02-2020 01:10 AM
विष्णु जी आप कृपया फसल की फोटो भेजे ताकि आपको इसके बारे में पूरी जानकारी दी जा सके धन्यवाद

Posted by sujoy majumder
Assam
22-02-2020 12:04 AM
श्री मान खुम्ब की किस्में कई प्रकार की होती है जैसे कि बटन खुम्ब, डीगरी, शटाकी खुम्ब, पराली खुम्ब, और मिलकी खुम्ब इनमे से कुइ खुम्ब सर्दियो के मौसम में और कुछ गर्मीयों के मौसम में लगाये जाते है और हर खुम्ब को लगाने का समय अलग अलग है जैसे बटन खुम्ब का समय सितंबर से मार्च तक होता है इस समय में हम तीन फसले ले सकते ह.... (Read More)
श्री मान खुम्ब की किस्में कई प्रकार की होती है जैसे कि बटन खुम्ब, डीगरी, शटाकी खुम्ब, पराली खुम्ब, और मिलकी खुम्ब इनमे से कुइ खुम्ब सर्दियो के मौसम में और कुछ गर्मीयों के मौसम में लगाये जाते है और हर खुम्ब को लगाने का समय अलग अलग है जैसे बटन खुम्ब का समय सितंबर से मार्च तक होता है इस समय में हम तीन फसले ले सकते है शटाकी खुम्ब का समय अक्तूबर से मध्य फरवरी तक हैं इस समय हम एक फसल ही ले सकते है पराली खुम्ब का समय अप्रैल से अगस्त तक है इस समय हम चार फसले ले सकते है मिलकी खुम्ब का समय अप्रैल से सितंबर तक है आप अब अप्रैल में मिलकी या पराली खुम्ब लगा सकते है पराली खुमब के लिए आपको पराली, बीज, बांस, सेबा, आदि की जरूरत है पराली के पूले, धानो की पराली 1-1 किलो के पूले दोनो सिरो से सेबे से बांध कर तैयार किये जाते है पूले के सिरे कांट कर एक सार कर लिए जाते है पूलो की क्यिारी लगाना पराली के पूलो को साफ पानी में 16-20 घंटो के लिए डूबो दे गिले पूलो को ढलान पर रख कर फालतू पानी को निकलने दे कमरे ईटो और बांस से एक पलेटफार्म बनाये इस पलेटफार्म पर 5 पूलो की एक तहय लगाये जिसके ऊपर 75 ग्राम बीज डाले इसके ऊपर की तहय उलट होती है इस प्रकार 5-5 पूलो की तहय में 300 ग्राम बीज डाल कर कियारी तैयार करे सबसे ऊपर दो पूलो को खोलकर रख दे खुम्बो का फूटना बिजाई से 7-9 दिनो के बाद खुम्ब फूटने लगती है पानी और हवा का संचार बिजाई के दो दिन के बाद हर रोज पानी का छिडका करे खुम्बो के फूटने के बाद हवा का संचार 6-8 घंटे प्रति दिन किया जाता है खुम्बो की तूडाई खुम्बो के फूटने के बाद 1-2 दिनो के बाद तोडाई के योग्य हो जाती है मिलकी खुम्ब मिलकी खुम्ब के लिए तूडी, बीज, मोमी लिफाफे, सेबा, केसिंग,मिट्टी आदि होने चाहिये तूडी की तैयारी सूकी तूडी को पक्के फर्श पर बिछा कर 16-20 घंटे पानी से गिला करे गिली तूडी को बोरी में भर कर सेबे से बांध दे इस बोरी को उबलते पानी में 45-50 मिनट रखें तूडी को निकालकर पक्के फर्श पर बिछा कर ठंडा करे यह तूडी बिजाई के लिए तैयार है बिजाई ठंडी तूडी में बीज मिलाकर मोमी लिफाफो में भर दें एक मोमी लिफाफें में लगभग 2 किलो गिली तूडी और 70-80 ग्राम बीज पडता है लिफाफे के मुंह को सेबे से अच्छी तरह बांध कर कमरे में रख दे केसिंग बिजाई के दो तीन हफतो के बाद लिफाफे खोलकर केसिंग की 1-1.5 की तहय लगा दें केसिंग में तूडी और रेतली मिट्टी होती है 24 घंटो के लिए 4 प्रतिशत फारमलेन के घोल से जीवाणु रहित किया जाता है खुम्बो का फूटना केसिंग मिट्टी डालने के लगभग दो हफतो में खुम्बो के छोटे छोटे किणके निकलने शुरू हो जाते है और 4-5 दिन के बाद तोडने योग्य हो जाते है खुम्बो की तूडाई लगभग 35-40 दिनो तक की जाती है
Posted by Monu Gurjar Kolka
Uttarakhand
21-02-2020 11:46 PM
Shri maan makki ki bhut si kismein hai jaise ki buland, pratap 1, PMH 1, PMH 2, PMH 9 .. iss ke ilaava aap pioneer ki kisma v lgaa skte ho jaise ki 31Y45 , P3396, P3377, P3533, P1844 etc. iss ke ilaava aap j-1006 kism ki b bijai kr skte ho. aap advanta ki sugarage ja jumbo ja j 1006 variety lgaa skte ho ..iss ke ilaava tuc rasi ki 3591 variety lgaa skte ho.
Posted by Monu Gurjar Kolka
Uttarakhand
21-02-2020 11:43 PM
मोनू जी, हर किस्म का अलग रेट है, कृपया आप किस्म का नाम बताये ताकि आपको उसके हिसाब से इसके बारे में जानकारी दी जा सके, धन्यवाद

Posted by Pravinbhai N. Kapadia
Gujarat
21-02-2020 11:25 PM
kapadia ji vermicompost fertilizer ek jaivik khaad hai jo kenchue se bnayi jati hai aur yeh mitti ki gunvatta ko bdati hai.dhanywad

Posted by Anil
Rajasthan
21-02-2020 10:42 PM
Anil ji fat ate snf khadan vare puui jankari tuhanu dairy wale to mill skdi hai eh jille de hisab nal rate alag alag hunda hai, jo Fat ate Snf kadde hai oh rate de hisab nal eh formula use krde hai jiwe jekar fatt da rate 200 hai ate tuahdi Fat 4 aundi hai ate Snf da rate 170 hai ate tuhadi snf 8 aundi hai tan total fatt 200x4=800 ate Snf 170x8=1360 fir Fat+snf ,800+1360= 2160 iss trah 1 liter da rate 21 rupes 60 passe howega.
Example
Fat 4.0 *200 =800
Snf 8.0 *=170=1360
800+1360=2160
Rate per kg 21.60 paise
Milk 01 litre 21.60
Milk 10 litre 216 rupees
Posted by ਗੁਰਵਿੰਦਰ ਸਿੰਘ
Punjab
21-02-2020 10:33 PM
उसे काली मिर्च 100 ग्राम लाकर 20 ग्राम रोज़ाना देना शुरू करें, इसके साथ आप आप सब्जी वाला पेठा 1 किलो रोज़ाना खिलाएं, 5 दिन देने के साथ फर्क पड़ जाएगा, इसे carpade injection 10ml लगवाएं, यह carries company का प्रोडक्ट है या आप cortalife injection लगवा सकते हैं, इनमे से कोई भी एक लगवाएं

Posted by Shivraj Singh
Madhya Pradesh
21-02-2020 10:27 PM
Shivraj ji jab nursery 25-28 din ki ho jaye tab aap ise mukhya khet men transfer kar sakte hai.dhanywad
Posted by N.S.Patel
Madhya Pradesh
21-02-2020 09:59 PM
श्री मान चने में NPK 130045@1 kg and Boron@100 gmप्रती एकड़ 150लीटर पानी में मिलाकर सप्रे कर सकते हो

Posted by Adeel
Uttar Pradesh
21-02-2020 09:53 PM
यह कई तरह की मिट्टी में उगाई जाती है इसकी पैदावार के लिए नमकीन, क्षारीय और पानी खड़ा होने वाली मिट्टी से बचाव करें यह बढ़िया निकास वाली मिट्टी जिसमे बढ़िया जैविक तत्व मौजूद हों, में बढ़िया परिणाम देती है इसके बढ़िया विकास के लिए मिट्टी का pH 5.5-7 होना चाहिए Drudriha Tulsi: यह मुख्य रूप से बंगाल, नेपाल, चटगांव और महाराष्ट्र क्ष.... (Read More)
यह कई तरह की मिट्टी में उगाई जाती है इसकी पैदावार के लिए नमकीन, क्षारीय और पानी खड़ा होने वाली मिट्टी से बचाव करें यह बढ़िया निकास वाली मिट्टी जिसमे बढ़िया जैविक तत्व मौजूद हों, में बढ़िया परिणाम देती है इसके बढ़िया विकास के लिए मिट्टी का pH 5.5-7 होना चाहिए Drudriha Tulsi: यह मुख्य रूप से बंगाल, नेपाल, चटगांव और महाराष्ट्र क्षेत्रों में पाई जाती है यह गले को सूखेपन से राहत देता है यह हाथों, पैरों और गठिया की सूजन से आराम देता है Ram/Kali Tulsi (Ocimum canum): यह चीन, ब्राज़ील, पूर्व नेपाल और साथ ही बंगाल, बिहार, चटगांव और भारत के दक्षिणी क्षेत्रों में पाई जाती है इसका तना जामुनी और पत्ते हरे रंग के और बहुत ज्यादा सुगंधित होते है इसमें उचित मात्रा में औषधीय गुण जैसे ऐज़ाडिरैकटिन, ऐंटीफंगल , ऐंटीबैक्टीरियल, और पाचन तंत्र को ठीक रखती है यह गर्म क्षेत्रों में बढ़िया उगता है Babi Tulsi: यह पंजाब से त्रिवेंद्रम, बंगाल और बिहार में भी पाई जाती है इसका पौधा 1-2 फीट लम्बा होता है पत्ते 1-2 इंच लम्बे, अंडाकार और नुकीले होते है इसके पत्तों का स्वाद लौंग की तरह और सब्जियों में स्वाद के लिए प्रयोग किया जाता है तुलसी की खेती के लिए, अच्छी तरह से शुष्क मिट्टी की मांग की जाती है मिट्टी के भुरभुरा होने तक हैरो के साथ खेत की जोताई करें, फिर रूड़ी की खाद मिट्टी में मिलाएं तुलसी की रोपाई सीड बैड पर करें फरवरी के तीसरे महीने में नर्सरी बैड तैयार करें पौधे के विकास के अनुसार, 4.5 x 1.0 x 0.2 मीटर के सीड बैड तैयार करें बीजों को 60x60 सैं.मी. के फैसले पर बोयें बीजों को 2 सैं.मी. की गहराई पर बोयें बिजाई के 6-7 हफ्ते बाद, फसल की रोपाई खेत में करें तुलसी की खेती के लिए 120 ग्राम बीजों का प्रयोग प्रति एकड़ में करें फसल को मिट्टी से पैदा होने वाली बीमारीयों से रोकथाम के लिए, बिजाई से पहले मैनकोजेब 5 ग्राम प्रति किलोग्राम से बीजों का उपचार करें फसल की बढ़िया पैदावार के लिए बिजाई से पहले 15 टन रूड़ी की खाद मिट्टी में डालें तुलसी के बीजों को तैयार बैडों के साथ उचित अंतराल पर बोयें मानसून आने के 8 हफ्ते पहले बीजों को बैड पर बोयें बीजों को 2 सैं.मी. की गहराई पर बोयें बिजाई के बाद, रूड़ी की खाद और मिट्टी की पतली परत बीजों पर बना दें इसकी सिंचाई फुवारा विधि द्वारा की जाती है रोपाई के 15-20 दिनों के बाद, नए पौधों को तंदरुस्त बनाने के लिए 2% यूरिया का घोल डालें 6 हफ्ते पुराने और 4-5 पत्तों के अंकुरण होने पर अप्रैल के महीने में नए पौधे तैयार होते है तैयार बैडों को रोपाई 24 घंटे पहले पानी लगाएं ताकि पौधों को आसानी से उखाड़ा जा सकें और रोपाई के समय जड़ें मुलायम और सूजी हुई हो खेत की तैयारी के समय, रूड़ी की खाद को मिट्टी में मिलाएं खाद के तौर पर नाइट्रोजन 48 किलो(यूरिया 104 किलो), फासफोरस 24 किलो(सिंगल सुपर फासफेट 150 किलो) और पोटाश 24 किलो(मिउरेट 40 किलो) प्रति एकड़ में डालें नए पौधे लगाने के समय नाइट्रोजन की आधी मात्रा और फासफेट पेंटोऑक्साइड की पूरी मात्रा शुरुआती समय में डालें Mn 50 पी पी एम कंसंट्रेशन और Co@100 पी पी एम कंसंट्रेशन सूक्ष्म-तत्व डालें बाकी की बची हुई नाइट्रोजन को 2 हिस्सों में पहली और दूसरी कटाई के बाद डालें खेत को नदीनों से मुक्त करने के लिए कसी की मदद से गोड़ाई करें नदीनों की रोकथाम कम न होने पर यह फसल को नुकसान पहुंचाते है रोपण के एक महीने बाद पहली गोड़ाई और पहली गोड़ाई के चार हफ्ते बाद दूसरी गोड़ाई करें रोपण के दो महीने बाद कसी से अनुकूल गोड़ाई करें गर्मियों में, एक महीने में 3 सिंचाइयां करें और बरसात के मौसम में, सिंचाई की आवश्यकता नहीं होती एक साल में 12-15 सिंचाइयां करनी चाहिए पहली सिंचाई रोपण के बाद करें और दूसरी सिंचाई नए पौधों के स्थिर होने पर करें 2 सिंचाइयां करनी आवश्यक है और बाकी की सिंचाई मौसम के आधार पर करें इसके मंडीकरण के लिए आप Aushadhiya kheti vikas sansthan 6268536795 से संपर्क कर सकते हैं धन्यवाद
Posted by Surender Kumawat
Rajasthan
21-02-2020 09:46 PM
Surender ji inko sale krne ke liye aap apni nazdiki market mai egg shop aur meat shop walo se sampark kr skte hai aur inko sale kr skte hai aur apko market mai chl rehe rate ke hisab se price mill jayega, kyuki area aur market ke hisab se price alag alag hota hai.

Posted by Bhupinder Singh Virk
Punjab
21-02-2020 09:37 PM
ਵਿਰਕ ਜੀ ਤੁਸੀ ਸਬਜ਼ੀਆਂ ਜਿਵੇ ਰਾਜਮਾਹ , ਸ਼ਿਮਲਾ ਮਿਰਚ , ਖੀਰਾ , ਕਰੇਲਾ , ਕੱਦੂ , ਤੋਰੀ, ਪੇਠਾ , ਖਰਬੂਜਾ , ਤਰਬੂਜ , ਪਾਲਕ , ਫੂਲ ਗੋਭੀ , ਬੈਂਗਨ , ਭਿੰਡੀ , ਅਰਬੀ , ਗਵਾਰਾ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਧੰਨਵਾਦ

Posted by Bhupinder Singh Virk
Punjab
21-02-2020 09:34 PM
ਵਿਰਕ ਜੀ ਤੁਸੀ ਸਬਜ਼ੀਆਂ ਜਿਵੇ ਰਾਜਮਾਹ , ਸ਼ਿਮਲਾ ਮਿਰਚ , ਖੀਰਾ , ਕਰੇਲਾ , ਕੱਦੂ , ਤੋਰੀ, ਪੇਠਾ , ਖਰਬੂਜਾ , ਤਰਬੂਜ , ਪਾਲਕ , ਫੂਲ ਗੋਭੀ , ਬੈਂਗਨ , ਭਿੰਡੀ , ਅਰਬੀ , ਗਵਾਰਾ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਧੰਨਵਾਦ
Posted by ਨਿਸ਼ਾਨ ਸਿੰਘ
Haryana
21-02-2020 09:32 PM
Shri maan g mashroom di training ke liye aap apne pass ke Krishi Vigyan Kendra se sampark kr skte ho....
Posted by sachin singh
Bihar
21-02-2020 09:29 PM
सचिन जी कृपया आप अपना सवाल विस्तार से पूछें आपका सवाल ऑडियो में साफ़ नहीं सुनाई नहीं दे रहा । धन्यवाद

Posted by raghvendrs singh
Madhya Pradesh
21-02-2020 09:17 PM
Raghvendrs singh ji is ke lai aap apne jile ke Krishi Vigyan Kendra, Raisen (M.P.) Address: NH86A, Raisen, Madhya Pradesh 464551, Phone: 07482264791 se samparak kar sakte hai, Thankyou.
Posted by ashok thakker(बिज उत्पादक समिति सदस्य)
Madhya Pradesh
21-02-2020 09:15 PM
श्री मान आप NPK 13:0:45@1kg प्रती एकड़ सप्रे कर सकते हो
Posted by kishor Bhadvankar
Maharashtra
21-02-2020 09:13 PM
आप गाय को किसी भी कंपनी की फीड डाल सकते है जिसे गाय आसानी से हज़म करे और अच्छा दूध दे इसके इलावा आप घर में भी फीड तैयार करके दे सकते है आप घर में फीड तैयार करके देना चाहते है तो 25 किलो अनाज (ज्वार, बाजरी (सर्दियां), गेहूं, जौं (गर्मियां)इनमें से कोई एक), दाल चूरी 20 किलो (मूंग चूरी, मांह चूरी, मोठ चूरी (केवल सर्दियों के.... (Read More)
आप गाय को किसी भी कंपनी की फीड डाल सकते है जिसे गाय आसानी से हज़म करे और अच्छा दूध दे इसके इलावा आप घर में भी फीड तैयार करके दे सकते है आप घर में फीड तैयार करके देना चाहते है तो 25 किलो अनाज (ज्वार, बाजरी (सर्दियां), गेहूं, जौं (गर्मियां)इनमें से कोई एक), दाल चूरी 20 किलो (मूंग चूरी, मांह चूरी, मोठ चूरी (केवल सर्दियों के लिए), मसूर चूरी, अरहर (इनमें से एक), डी ओ सी 25 किलो (धान का चूरा), फाइबर छिल्का 15 किलो (गेहूं, चौकर, चना छिल्का, मटर छिल्का, इनमें से एक), खल 15 किला (सरसों, बिनौला या सोया (इनमें से कोई एक), मीठा सोडा 250 ग्राम, 1 किलो नमक, गुड़ 1 किलो , 1 किलो हल्दी इन्हें मिला लें यह फीड पशु के लिए बहुत लाभदायक होती है, यह आप तीन किलो दूध के मगर एक किलो फीड दे सकते है इसके साथ साथ पशुओं को रोजाना 35—40 किलो हरा चारा दें और उन्हें हर तीन महीने बाद पेट के कीड़ों की दवा जरूर दें. बाकि आप मिर्नल मिक्सर्च 50—50 ग्राम सुबह शाम रोजाना दे सकते है

Posted by Dhillon
Punjab
21-02-2020 09:07 PM
ਢਿੱਲੋਂ ਜੀ ਸਵੀਟ ਕੋਰਨ :- ਇਹ ਕਿਸਮ ਵਪਾਰਕ ਪੱਧਰ ਤੇ ਵੇਚਣ ਲਈ ਢੁਕਵੀਂ ਹੈ ਕਿਉਂਕਿ ਇਸਦੇ ਕੱਚੇ ਦਾਣਿਆਂ ਵਿੱਚ ਬਹੁਤ ਮਿਠਾਸ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਇਹ ਪੱਕਣ ਲਈ 95-100 ਦਿਨਾਂ ਦਾ ਸਮਾਂ ਲੈਂਦੀ ਹੈ ਅਤੇ ਇਸਦਾ ਔਸਤ ਝਾੜ 50 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੈ ਇਹ ਫਸਲ ਮਈ ਦੇ ਅਖੀਰ ਤੋਂ ਜੂਨ ਵਿੱਚ ਮਾਨਸੂਨ ਆਉਣ ਤੇ ਬੀਜੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ
Posted by Krishna Yadav
Chattisgarh
21-02-2020 08:53 PM
Shri maan g leaf minor ki roktham ke liye Fenazaquin@200ml per acre spray kr skte ho....

Posted by ਮਨਪ੍ਰੀਤ ਸਿੰਘ
Punjab
21-02-2020 08:48 PM
ਜੇਕਰ ਤੁਸੀ ਮੱਖੀ ਪਾਲਣ ਦਾ ਕਿੱਤਾ ਨਵੇ ਸਿਰੇ ਤੋਂ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰਨਾ ਚਾਹੁੰਦੇ ਹੋਂ ਤਾਂ ਅਗਸਤ ਤੋਂ ਜਨਵਰੀ ਤੱਕ ਸ਼ੁਰੂ ਕੀਤਾ ਜਾ ਸਕਦਾ ਹੈ ਮੱਖੀ ਫਾਰਮ ਦੇ ਨੇੜੇ ਜੀ. ਟੀ. ਰੋਡ, ਰੇਲਵੇ ਲਾਈਨ ਅਤੇ ਟੈਲੀਫੋਨ ਜਾਂ ਬਿਜਲੀ ਦੀਆਂ ਤਾਰਾਂ ਦਾ ਜਾਲ ਨਾ ਹੋਵੇ ਫੁੱਲਾਂ ਤੋਂ ਮੱਖੀਆਂ ਨੂੰ ਨੈਕਟਰ (ਫੁੱਲਾਂ ਦਾ ਰਸ) ਅਤੇ ਪੋਲਨ ਮਿਲਦਾ ਹੈ ਜੋ ਕਿ ਮੱਖੀਆਂ ਦੀ ਖੁਰਾਕ ਹੁੰਦੇ ਹਨ ਵਾਧੂ ਸ਼ਹਿਦ ਇਕੱਠਾ ਕਰਨ ਲਈ ਫ.... (Read More)
ਜੇਕਰ ਤੁਸੀ ਮੱਖੀ ਪਾਲਣ ਦਾ ਕਿੱਤਾ ਨਵੇ ਸਿਰੇ ਤੋਂ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰਨਾ ਚਾਹੁੰਦੇ ਹੋਂ ਤਾਂ ਅਗਸਤ ਤੋਂ ਜਨਵਰੀ ਤੱਕ ਸ਼ੁਰੂ ਕੀਤਾ ਜਾ ਸਕਦਾ ਹੈ ਮੱਖੀ ਫਾਰਮ ਦੇ ਨੇੜੇ ਜੀ. ਟੀ. ਰੋਡ, ਰੇਲਵੇ ਲਾਈਨ ਅਤੇ ਟੈਲੀਫੋਨ ਜਾਂ ਬਿਜਲੀ ਦੀਆਂ ਤਾਰਾਂ ਦਾ ਜਾਲ ਨਾ ਹੋਵੇ ਫੁੱਲਾਂ ਤੋਂ ਮੱਖੀਆਂ ਨੂੰ ਨੈਕਟਰ (ਫੁੱਲਾਂ ਦਾ ਰਸ) ਅਤੇ ਪੋਲਨ ਮਿਲਦਾ ਹੈ ਜੋ ਕਿ ਮੱਖੀਆਂ ਦੀ ਖੁਰਾਕ ਹੁੰਦੇ ਹਨ ਵਾਧੂ ਸ਼ਹਿਦ ਇਕੱਠਾ ਕਰਨ ਲਈ ਫੁੱਲਾਂ ਵਾਲੀਆਂ ਮੁੱਖ ਫਸਲਾਂ ਸਰ੍ਹੋਂ, ਤੋਰੀਆ, ਰਾਇਆ, ਗੋਭੀ ਸਰ੍ਹੋਂ, ਸਫੈਦਾ, ਬਰਸੀਮ, ਸੂਰਜਮੁਖੀ, ਲੀਚੀ, ਅਰਹਰ, ਟਾਹਲੀ, ਕਪਾਹ/ਨਰਮਾ ਆਦਿ ਹਨ ਜਿਨ੍ਹਾਂ ਇਲਾਕਿਆਂ ਵਿਚ ਇਹ ਫੁੱਲ-ਫੁਲਾਕੇ ਦੇ ਸੋਮੇ ਸਮੇਂ-ਸਮੇਂ ਸਿਰ ਮਿਲਦੇ ਹਨ, ਉਨ੍ਹਾਂ ਇਲਾਕਿਆਂ ਵਿਚ ਇਸ ਧੰਦੇ ਨੂੰ ਬਹੁਤ ਕਾਮਯਾਬੀ ਨਾਲ ਅਪਣਾਇਆ ਜਾ ਸਕਦਾ ਹੈ ਇਸ ਵਿੱਚ 100 ਮੱਖੀ ਦੇ ਬਕਸਿਆ ਤੋਂ ਤੁਸੀਂ ਔਸਤਨ 25000-30000 ਤੱਕ ਦਾ ਮੁਨਾਫਾ ਲੈ ਸਕਦੇ ਹੋਂ ਸ਼ੁਰੁਆਤ ਵਿੱਚ ਜੇਕਰ ਤੁਸੀਂ 100 ਬਕਸਿਆ ਨਾਲ ਕੰਮ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰਦੇ ਹੋ ਤਾਂ ਔਸਤਨ 4-5 ਲੱਖ ਤੱਕ ਖਰਚਾ ਆਉਦਾ ਹੈ ਤੁਸੀ ਆਪਣੇ ਬੱਜਟ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਬਕਸਿਆ ਦੀ ਗਿਣਤੀ ਘੱਟ- ਵੱਧ ਵੀ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋਂ ਬਾਕੀ ਜੇਕਰ ਇਸਦੀ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਲੈਕੇ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ ਤਾਂ ਵਧੀਆ ਰਹੇਗਾ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਲੈਣ ਲਈ ਤੁਸੀ ਆਪਣੇ ਜ਼ਿਲੇ ਦੇ ਕ੍ਰਿਸ਼ੀ ਵਿਗਿਆਨ ਕੇਂਦਰ ਤੇ ਗੁਰੂ ਅੰਗਦ ਦੇਵ ਵੈਨਟਰੀ ਯੂਨੀਵਰਸਿਟੀ ਲੁਧਿਆਣ ਵਿਖੇ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਲਈ ਫਾਰਮ ਭਰ ਕੇ ਆਓ ਉਸ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਜਦੋਂ ਅਗਲੀ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਹੋਈ ਤੁਹਾਨੂੰ ਕਾਲ ਕਰਕੇ ਦੱਸ ਦਿੱਤਾ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਬਾਕੀ ਜੇਕਰ ਬਕਸੇ ਚਾਹੀਦੇ ਹਨ ਤਾਂ ਤੁਸੀ ਮੈਨੂੰ 9417423111 ਨੰਬਰ ਤੇ ਕਾਲ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਜੀ.
Posted by kulwinder Singh
Punjab
21-02-2020 08:42 PM
Shri maan g kripa aap apna swal visthar se puchein toh aapko poori jankari di ja ske....

Posted by Aman Kang
Punjab
21-02-2020 08:38 PM
ਤੁਸੀ 250 ਗ੍ਰਾਮ ਗੁੜ ਅਤੇ 1 ਕਿੱਲੋ ਦਲੀਆ ਚੰਗੀ ਤਰ੍ਹਾਂ ਰਿਨ ਕੇ ਫਿਰ ਉਸ ਵਿੱਚ 100 ਗ੍ਰਾਮ ਸਰੋਂ ਦਾ ਤੇਲ ਮਿਕਸ ਕਰੋ, ਇਸ ਨੂੰ ਤੁਸੀ ਅੱਧਾ ਅੱਧਾ ਕਰਕੇ 5-7 ਦਿਨ ਸਵੇਰੇ ਸ਼ਾਮ ਦੇ ਸਕਦੇ ਹੋ ਅਤੇ leptaden tablet 10-10 ਸਵੇਰੇ ਸ਼ਾਮ ਦਿਓ ਅਤੇ Glactogog ਪਾਊਡਰ 1-1 ਪਾਉਚ ਸਵੇਰੇ ਸ਼ਾਮ ਰੋਜਾਨਾ ਦਿਓ.

Posted by Aman Kang
Punjab
21-02-2020 08:36 PM
ਤੁਸੀ ਉਸਨੂੰ FMC ਪਾਊਡਰ 50gm ਰੋਜਾਨਾ ਦੇਣਾ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ, ਇਸਦੇ ਨਾਲ milkout powder 2-2 ਚਮਚ ਸਵੇਰੇ ਸ਼ਾਮ ਅਤੇ lactin bolus 2 ਗੋਲੀਆਂ ਰੋਜਾਨਾ ਦਿਓ , ਇਸ ਨਾਲ ਫਰਕ ਪੈਣ ਲੱਗ ਜਾਵੇਗਾ.
Posted by Karamjeet Singh
Punjab
21-02-2020 08:31 PM
Shri maan g eh dso ki tuhadi fassal kine din ho gyi hai tn ki tuhanu poori jankari diti ja ske....

Posted by sudeep
Madhya Pradesh
21-02-2020 08:27 PM
सुदीप जी आप इसकी बिजाई मशीन से की जा सकती है उत्तर में यह वर्षा और बसंत के मौसम में उगाई जाती है खरीफ के मौसम में, इसकी बिजाई जून-जुलाई के महीने और बसंत ऋतु में फरवरी-मार्च के महीने में की जाती है इसके रेट के बारे में अभी कुछ भी कहा नहीं जा सकता धन्यवाद
Posted by satinderbir singh
Punjab
21-02-2020 08:22 PM
Satinderbir singh ji same same te kisana di mang de mutabik training chaldia hi rehdia han training len lai tusi apne jile de Krishi Vigyan Kendra, Address: BSF Rd, Civil Lines, Gurdaspur, Punjab 143521, Phone: 0187 4220743 nal samparak kar sakde ho, Thankyou.
Posted by kulwinder Singh
Punjab
21-02-2020 08:18 PM
Kulwinder Singh ji Tomato da rate 2800/Q chal reha hai, Thankyou.

Posted by प्रदीप अरविंद गौर
Madhya Pradesh
21-02-2020 08:15 PM
अंजीर की खेती भिन्न-भिन्न जलवायु वाले स्थानों में की जाती है, परंतु भूमध्यसागरीय जलवायु इसके लिए अत्यंत उपयुक्त है फल के विकास तथा परिपक्वता के समय वायुमंडल का शुष्क रहना अत्यंत आवश्यक है पर्णपाती वृक्ष होने के कारण पाले का प्रभाव इस पर कम पड़ता है यों तो सभी प्रकार की मिट्टी में इसका वृक्ष उपजाया जा सकता.... (Read More)
अंजीर की खेती भिन्न-भिन्न जलवायु वाले स्थानों में की जाती है, परंतु भूमध्यसागरीय जलवायु इसके लिए अत्यंत उपयुक्त है फल के विकास तथा परिपक्वता के समय वायुमंडल का शुष्क रहना अत्यंत आवश्यक है पर्णपाती वृक्ष होने के कारण पाले का प्रभाव इस पर कम पड़ता है यों तो सभी प्रकार की मिट्टी में इसका वृक्ष उपजाया जा सकता है, परंतु दोमट अथवा मटियार दोमट, जिसमें उत्तम जल निकास (ड्रेनेज) हो, इसके लिए सबसे श्रेष्ठ मिट्टी है इसमें प्राय खाद नहीं दी जाती; तो भी अच्छी फसल के लिए प्रति वर्ष प्रति वृक्ष 20-30 सेर सड़े हुए गोबर की खाद या कंपोस्ट जनवरी-फरवरी में देना लाभदायक है इसे अधिक सिंचाई की भी आवश्यकता नहीं पड़ती ग्रीष्म ऋतु में फल की पूर्ण वृद्धि के लिए एक या दो सिंचाई कर देना अत्यंत लाभप्रद है अंजीर के नए पौधे मुख्यत कृत्तों (कटिंग) द्वारा प्राप्त होते हैं एक वर्ष की अवस्था की डाल का इस कार्य के लिए प्रयोग किया जाता है कृत्त जनवरी में लगाए जाते हैं और एक वर्ष बाद इस प्रकार तैयार हुए पौधों को स्थायी स्थान पर पंद्रह-पंद्रह फुट की दूरी पर रोपते हैं प्रति वर्ष सुषुप्ति काल में इसकी कटाई-छँटाई करनी चाहिए क्योंकि अच्छे फल पर्याप्त मात्रा में नई डालियों पर ही आते हैं फल अप्रैल से जून तक प्राप्त होते हैं लगाने के तीन वर्ष बाद वृक्ष फल देने लगता है और एक स्वस्थ, प्रौढ़ वृक्ष से लगभग 400 फल मिलते हैं पत्तियों के निचले भाग में एक प्रकार का रोग लगता है जिसे मंडूर (रस्ट) कहते हैं, परंतु यह रोग विशेष हानिकारक नहीं है आप इसकी किस्मे जैसे Brown Turkey. Smyrna Fig की बिजाई कर सकते है
Expert Communities
We do not share your personal details with anyone
We do not share your personal details with anyone
Sign In
Registering to this website, you accept our Terms of Use and our Privacy Policy.
Your mobile number and password is invalid
We have sent your password on your mobile number
All fields marked with an asterisk (*) are required:
Sign Up
Registering to this website, you accept our Terms of Use and our Privacy Policy.
All fields marked with an asterisk (*) are required:
Please select atleast one option
Please select text along with image









