
Posted by ਸਤਿੰਦਰ ਸਿੰਘ
Punjab
22-02-2020 02:42 PM
Satinder ji MSP is 1925 rupees per quintal.thank you

Posted by Aman Thakur
Punjab
22-02-2020 02:33 PM
ਤੁਸੀ ਇਸ ਨੂੰ ਪੇਟ ਦੇ ਕੀੜਿਆਂ ਲਈ Bandykind plus ਗੋਲੀ ਦਿਓ ਅਤੇ ਹਰ 3 ਮਹੀਨਿਆਂ ਬਾਅਦ ਪੇਟ ਦੇ ਕੀੜਿਆਂ ਲਈ ਗੋਲੀ ਜਰੂਰ ਦਿਓ ਅਤੇ Ovumin advance tablet ਰੋਜਾਨਾ 1 ਗੋਲੀ ਦਿਓ ਅਤੇ 21 ਦਿਨ ਤਕ ਦਿਓ, ਇਸ ਨਾਲ ਹੀਟ ਵਿਚ ਆ ਜਾਵੇਗੀ.

Posted by Dhillon
Punjab
22-02-2020 02:31 PM
ਢਿੱਲੋਂ ਜੀ ਇਸਦੀ ਬਿਜਾਈ ਜੇਕਰ ਬਸੰਤ ਲਈ ਕਰਨੀ ਹੈ ਤਾ ਇਹ ਮਾਰਚ ਮਹੀਨੇ ਵਿਚ ਕੀਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਨਹੀਂ ਤਾ ਇਹ ਮਈ ਮਹੀਨੇ ਵਿਚ ਬੀਜੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ
Posted by Atul kumar chaudhari
Uttar Pradesh
22-02-2020 02:07 PM
atul ji aap apple ki kisme HRM99 ki bijai kar sakte hai iske liye aap paudhe ko january aur february mahine men bijai kar sakte hai.
Posted by ROYAL FARMING GROUP
Uttar Pradesh
22-02-2020 02:06 PM
ROYAL FARMING GROUP ji fish seed lene ke lia aap Moh. Anis 9451411371, 6394520950 nal samparak kar sakte hai, Thankyou.

Posted by Pushkar Patidar
Madhya Pradesh
22-02-2020 02:06 PM
Pushkar Patidar ji, yeh fungus ka hamla hua hai, ap iski roktham ke liye isme carbendazim @ 4 gram yan M-45 @ 4 gram prati litre pani ke hisaab se spray kar sakte hain, dhanywad

Posted by Dushyant saini
Haryana
22-02-2020 01:55 PM
कृपया करके अपना सवाल विस्तार में पूछें ताकि आपको सही जानकारी दी जा सके धन्यवाद
Posted by himanshu singh
Uttar Pradesh
22-02-2020 01:30 PM
कृप्या आप अपना सवाल विस्तार से पूछें ताकि आपको सही जानकारी दी जा सके
Posted by Anmol Rajoriya
Madhya Pradesh
22-02-2020 01:19 PM
अनमोल जी इसके लिए आप npk 13045 एक किलो को 150 लीटर पानी में मिलाकर प्रति एकड़ के हिसाब से स्प्रे कर सकते है इससे उपज अच्छी होती है

Posted by ramroop
Uttar Pradesh
22-02-2020 01:18 PM
पुदीना मैंथा के नाम से जानी जाने वाली एक क्रियाशील जड़ी बूटी है पुदीने को मिट्टी की कई किस्मों जैसे दरमियाने से गहरी उपजाऊ मिट्टी, जिसमें पानी को सोखने की क्षमता ज्यादा हो, में उगाया जाता है इसको जल-जमाव वाली मिट्टी में भी उगाया जा सकता है उच्च नमी वाली मिट्टी में यह अच्छे परिणाम देती है इस फसल के लिए मिट्टी .... (Read More)
पुदीना मैंथा के नाम से जानी जाने वाली एक क्रियाशील जड़ी बूटी है पुदीने को मिट्टी की कई किस्मों जैसे दरमियाने से गहरी उपजाऊ मिट्टी, जिसमें पानी को सोखने की क्षमता ज्यादा हो, में उगाया जाता है इसको जल-जमाव वाली मिट्टी में भी उगाया जा सकता है उच्च नमी वाली मिट्टी में यह अच्छे परिणाम देती है इस फसल के लिए मिट्टी का pH 6-7.5 होना चाहिए प्रसिद्ध किस्में:- MAS-1: यह छोटे कद की किस्म है जिसकी ऊंचाई 30-45 सैं.मी. होती है यह बीमारीयों की रोधक और जल्दी पकने वाली किस्म है इसमें मैन्थोल की मात्रा 70-80% होती है इसकी औसतन पैदावार 80 क्विंटल प्रति एकड़ जड़ी-बूटियां के तौर पर और 50-60 किलोग्राम प्रति एकड़ तेल के तौर पर होती है Hybrid-77: इसकी ऊंचाई 50-60 सैं.मी. होती है यह किस्म पत्तों के धब्बा रोग और कुंगी के रोधक होती है, और यह जल्दी पकने वाली किस्म है इसमें मैन्थोल की मात्रा 80-85% होती है इसकी औसतन पैदावार 80 क्विंटल प्रति एकड़ जड़ी-बूटियां के तौर पर और 50-60 किलोग्राम प्रति एकड़ तेल के तौर पर होती है यह रेतली दोमट मिट्टी में बढ़िया पैदावार देती है औरऐसी शुष्क मौसम में की आवश्यकता होती है Shivalik: यह चीन की खेती से चुनी गई किस्म है यह किस्म उत्तर प्रदेश के तराई क्षेत्रों और उत्तरांचल में अच्छी वृद्धि करती है इसमें मैन्थोल की मात्रा 65-70% होती है इसकी औसतन पैदावार 120 क्विंटल प्रति एकड़ जड़ी-बूटियां के तौर पर और 72 किलोग्राम प्रति एकड़ तेल के तौर पर होती है यह किस्म फंगस रोगों से जल्दी प्रभावित होती है EC-41911: यह किस्म रूसी जर्मप्लाज्म से ली गई है यह किस्म पानी की रोधक और आकार में सीधी होती है इसमें मैन्थोल की मात्रा 70%पायी जाती है इसकी औसतन पैदावार 120 क्विंटल प्रति एकड़ जड़ी-बूटियां के तौर पर और 72 किलोग्राम प्रति एकड़ तेल के तौर पर होती है इस किस्म से तैयार तेल का प्रयोग विभिन्न व्यंजनों में स्वाद के लिए किया जाता है Gomti: यह किस्म रंग में हल्के लाल रंग की होती है इसकी पैदावार बाकी किस्मों की पैदावार से कम होती है इसमें मैन्थोल की मात्रा 78-80% होती है Himalaya: इसके पत्तों का आकार बाकी किस्मों से बड़ा होता है यह किस्म कुंगी, झुलस, सफेद धब्बे और पत्तों पर धब्बे रोग की रोधक है इसमें मैन्थोल की मात्रा 78-80% होती है इसकी औसतन पैदावार 160 क्विंटल प्रति एकड़ जड़ी-बूटियां के तौर पर और 80-100 किलोग्राम प्रति एकड़ तेल के तौर पर होती है Kosi: यह किस्म 90 दिनों में पक जाती है यह किस्म कुंगी, झुलस, सफेद धब्बे और पत्तों के धब्बे रोग की प्रतिरोधक है इसमें मैन्थोल की मात्रा 75-80 प्रतिशत होती है और तेल की पैदावार 80-100 किलोग्राम प्रति एकड़ होती है Saksham: यह किस्म सी वी हिमालय की तरफ से टिशू कल्चर द्वारा तैयार की गई है इसमें मैन्थोल की मात्रा 80% होती है और तेल की पैदावार 90-100 किलोग्राम प्राप्त होती है पुदीने की बिजाई के लिए सुविधाजनक आकार के बैड तैयार करें खेत की तैयारी के समय खेत की अच्छी तरह जोताई करें जैविक खाद जैसे रूड़ी की खाद 100-120 क्विंटल प्रति एकड़ रूड़ी की खाद डालें रूड़ी की खाद के बाद हरी खाद डालें इसकी बिजाई के लिए दिसंबर-जनवरी का समय अनुकूल होता है पौधे के भागों की बिजाई 40 सैं.मी. के फासले पर और पंक्तियों के बीच का फासला 60 सैं.मी होना चाहिए बीज को 2-3 सैं.मी. की गहराई में बोयें पौधे के जड़ वाले भाग को मुख्य खेत में बोया जाता है खेत की तैयारी के समय रूड़ी की खाद 80-120 क्विंटल प्रति एकड़ में डालें और अच्छी तरह मिलायें नाइट्रोजन 58 किलो (यूरिया 130 किलो), फासफोरस 32-40 किलो (सिंगल सुपर फासफेट 80-100 किलो), पोटाशियम 20 किलो (म्यूरेट ऑफ पोटाश 33 किलो) प्रति एकड़ में डालें गर्मियों में मॉनसून से पहले जलवायु और मिट्टी के आधार पर 6-9 सिंचाइयां जरूर की जानी चाहिए मॉनसून के बाद 3 सिंचाइयों की आवश्यकता होती है पहली सिंचाई सितंबर महीने में, दूसरी अक्तूबर में और तीसरी नवंबर महीने में की जानी चाहिए सर्दियों में ज्यादा सिंचाई की आवश्यकता नहीं होती, लेकिन यदि सर्दियों में बारिश ना पड़े तो एक सिंचाई जरूर देनी चाहिए पौधे 100-120 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाते हैं जब निचले पत्ते पीले रंग के होने शुरू हो जायें, तब कटाई करें कटाई दराती से और बूटियों को मिट्टी की सतह के 2-3 सैं.मी. ऊपर से निकालें अगली कटाई पहली कटाई के बाद 80 दिनों के अंतराल पर करें ताजी पत्तियों को उत्पाद बनाने के लिए प्रयोग किया जाता है,
Posted by Rakesh jangid
Rajasthan
22-02-2020 01:14 PM
Rakesh ji iske liye pehle aap apne nazdiki kisi ache doctor se sath kam krna suru kren jisse apko uss kam ki jankari hoti rehegi aur apko kam v achi trah aane lgg jayega aur apki market v bnn jayegi, iss trah aap apna kam suru kr skte hai..
Posted by Surender Kumawat
Rajasthan
22-02-2020 01:13 PM
मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजि.... (Read More)
मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजित किया जा रहा है प्रशिक्षण कार्य कर्म में भाग लेने के लिए नीचे दिए गए नम्बर पर आज ही संपर्क करें और Rs 250/ से अपना रजिस्ट्रेशन करवाए अचल सिंह (फाउंडर )- 9711858258. धन्यवाद

Posted by preet
Punjab
22-02-2020 01:04 PM
Mandeep ji Aap uski bachedani mai Utrawin-oz dwai 3 din bhrwayen aur usko Keeper plus powder 30gm rojana aur Pg care tablet rojana 1 goli den aur 21 din tak dete rehen fir agli varr heat mai anne per AI krwa ker powder aur tablet dete rehen, isse woh gabhin ho jayegi..

Posted by Vicky
Punjab
22-02-2020 12:55 PM
विकी जी पीआर 128 और पीआर 129 किस्म इस साल ही यूनिवर्सिटी की तरफ से तैयार की गई है इसका बीज अभी तक किसानों को नहीं मिलेगा
Posted by Harman Dhillon
Punjab
22-02-2020 12:49 PM
Shri maan g plant te NPK 13:00:45@ 10 gm per litre paani ch mila ke spray kr skde ho g ....

Posted by Kanotara Mahipat
Gujarat
22-02-2020 12:38 PM
Kanotara Mahipat ji gende ka seed lene or is ke bare me visthar me jankari ke lia aap Prem raj Saini 9719432296 Saini farm se samparak kar sakte hai, Thankyou.

Posted by भोला सिंह
Punjab
22-02-2020 12:32 PM
tuci iss nu Albomar liquid 15-15ml 2 din deo ate Broton liquid 5 ml rojana dena suru kro..

Posted by pawan
Bihar
22-02-2020 12:32 PM
खुम्ब की किस्में कई प्रकार की होती है जैसे कि बटन खुम्ब, डींगरी, शटाकी खुम्ब, पराली खुम्ब, और मिलकी खुम्ब इनमे से कुछ खुम्ब सर्दियो के मौसम में और कुछ गर्मीयों के मौसम में लगाये जाते है और हर खुम्ब को लगाने का समय अलग अलग है जैसे बटन खुम्ब का समय सितंबर से मार्च तक होता है इस समय में हम तीन फसले ले सकते है शटाकी .... (Read More)
खुम्ब की किस्में कई प्रकार की होती है जैसे कि बटन खुम्ब, डींगरी, शटाकी खुम्ब, पराली खुम्ब, और मिलकी खुम्ब इनमे से कुछ खुम्ब सर्दियो के मौसम में और कुछ गर्मीयों के मौसम में लगाये जाते है और हर खुम्ब को लगाने का समय अलग अलग है जैसे बटन खुम्ब का समय सितंबर से मार्च तक होता है इस समय में हम तीन फसले ले सकते है शटाकी खुम्ब का समय अक्तूबर से मध्य फरवरी तक हैं इस समय हम एक फसल ही ले सकते है पराली खुम्ब का समय अप्रैल से अगस्त तक है इस समय हम चार फसले ले सकते है मिलकी खुम्ब का समय अप्रैल से सितंबर तक है आप अब अप्रैल में मिलकी या पराली खुम्ब लगा सकते है पराली खुम्ब के लिए आपको पराली, बीज, बांस, सेबा, आदि की जरूरत है पराली के पूले, धानो की पराली 1-1 किलो के पूले दोनो सिरो से सेबे से बांध कर तैयार किये जाते है पूले के सिरे कांट कर एक सार कर लिए जाते है पूलो की क्यिारी लगाना पराली के पूलो को साफ पानी में 16-20 घंटो के लिए डूबो दे गिले पूलो को ढलान पर रख कर फालतू पानी को निकलने दे कमरे ईटो और बांस से एक पलेटफार्म बनाये इस पलेटफार्म पर 5 पूलो की एक तह लगाये जिसके ऊपर 75 ग्राम बीज डाले इसके ऊपर की तह उलट होती है इस प्रकार 5-5 पूलो की तह में 300 ग्राम बीज डाल कर कियारी तैयार करे सबसे ऊपर दो पूलो को खोलकर रख दे खुम्बो का फूटना बिजाई से 7-9 दिनो के बाद खुम्ब फूटने लगती है पानी और हवा का संचार बिजाई के दो दिन के बाद हर रोज पानी का छिडका करे खुम्बो के फूटने के बाद हवा का संचार 6-8 घंटे प्रति दिन किया जाता है खुम्बो की तूडाई खुम्बो के फूटने के बाद 1-2 दिनो के बाद तोडाई के योग्य हो जाती है मिलकी खुम्ब मिलकी खुम्ब के लिए तूडी, बीज, मोमी लिफाफे, सेबा, केसिंग,मिट्टी आदि होने चाहिये तूडी की तैयारी सूकी तूडी को पक्के फर्श पर बिछा कर 16-20 घंटे पानी से गिला करे गिली तूडी को बोरी में भर कर सेबे से बांध दे इस बोरी को उबलते पानी में 45-50 मिनट रखें तूडी को निकालकर पक्के फर्श पर बिछा कर ठंडा करे यह तूडी बिजाई के लिए तैयार है बिजाई ठंडी तूडी में बीज मिलाकर मोमी लिफाफो में भर दें एक मोमी लिफाफें में लगभग 2 किलो गिली तूडी और 70-80 ग्राम बीज पडता है लिफाफे के मुंह को सेबे से अच्छी तरह बांध कर कमरे में रख दे केसिंग बिजाई के दो तीन हफतो के बाद लिफाफे खोलकर केसिंग की 1-1.5 की तह लगा दें केसिंग में तूडी और रेतली मिट्टी होती है 24 घंटो के लिए 4 प्रतिशत फारमलेन के घोल से जीवाणु रहित किया जाता है खुम्बो का फूटना केसिंग मिट्टी डालने के लगभग दो हफतो में खुम्बो के छोटे छोटे किणके निकलने शुरू हो जाते है और 4-5 दिन के बाद तोडने योग्य हो जाते है खुम्बो की तूडाई लगभग 35-40 दिनो तक की जाती है

Posted by Charanjeet Singh
Punjab
22-02-2020 12:30 PM
Charanjeet ji tuci pehla ehna sarira kama di training jrur lao fir tuci ehna nu suru kro ate ehh farm tuci ek duje ton 100-150 mitre de frak nal bnna skde ho iss nal bimaria da khtra ghtt jnda hai ate tuci training apne nazdiki krishi vigyan kendra ton laa skde ho..
Posted by ਰਾਜ ਬਹਾਦਰ ਮਾਨ
Punjab
22-02-2020 12:30 PM
Raj ji isde lai tuci Vanraja nasal de chicks rakh skde ho, chicks lenn lai tuci Balwinder Singh 9041009671 Papu Hachery Farm nal sampark kr skde ho.

Posted by teran
Madhya Pradesh
22-02-2020 12:30 PM
Shrimaan ji, kripya ap patte ke niche macchar ke hamle ki jaanch karein, agar hamla mojood ho to ap isme imidacloprid @ 1.5 ml prati litre pani ke hisaab se spray kar sakte hain, dhanywad

Posted by Brijesh Kumar
Uttar Pradesh
22-02-2020 12:23 PM
खुम्ब की किस्में कई प्रकार की होती है जैसे कि बटन खुम्ब, डींगरी, शटाकी खुम्ब, पराली खुम्ब, और मिलकी खुम्ब इनमे से कुछ खुम्ब सर्दियो के मौसम में और कुछ गर्मीयों के मौसम में लगाये जाते है और हर खुम्ब को लगाने का समय अलग अलग है जैसे बटन खुम्ब का समय सितंबर से मार्च तक होता है इस समय में हम तीन फसले ले सकते है शटाकी .... (Read More)
खुम्ब की किस्में कई प्रकार की होती है जैसे कि बटन खुम्ब, डींगरी, शटाकी खुम्ब, पराली खुम्ब, और मिलकी खुम्ब इनमे से कुछ खुम्ब सर्दियो के मौसम में और कुछ गर्मीयों के मौसम में लगाये जाते है और हर खुम्ब को लगाने का समय अलग अलग है जैसे बटन खुम्ब का समय सितंबर से मार्च तक होता है इस समय में हम तीन फसले ले सकते है शटाकी खुम्ब का समय अक्तूबर से मध्य फरवरी तक हैं इस समय हम एक फसल ही ले सकते है पराली खुम्ब का समय अप्रैल से अगस्त तक है इस समय हम चार फसले ले सकते है मिलकी खुम्ब का समय अप्रैल से सितंबर तक है आप अब अप्रैल में मिलकी या पराली खुम्ब लगा सकते है पराली खुम्ब के लिए आपको पराली, बीज, बांस, सेबा, आदि की जरूरत है पराली के पूले, धानो की पराली 1-1 किलो के पूले दोनो सिरो से सेबे से बांध कर तैयार किये जाते है पूले के सिरे कांट कर एक सार कर लिए जाते है पूलो की क्यिारी लगाना पराली के पूलो को साफ पानी में 16-20 घंटो के लिए डूबो दे गिले पूलो को ढलान पर रख कर फालतू पानी को निकलने दे कमरे ईटो और बांस से एक पलेटफार्म बनाये इस पलेटफार्म पर 5 पूलो की एक तह लगाये जिसके ऊपर 75 ग्राम बीज डाले इसके ऊपर की तह उलट होती है इस प्रकार 5-5 पूलो की तह में 300 ग्राम बीज डाल कर कियारी तैयार करे सबसे ऊपर दो पूलो को खोलकर रख दे खुम्बो का फूटना बिजाई से 7-9 दिनो के बाद खुम्ब फूटने लगती है पानी और हवा का संचार बिजाई के दो दिन के बाद हर रोज पानी का छिडका करे खुम्बो के फूटने के बाद हवा का संचार 6-8 घंटे प्रति दिन किया जाता है खुम्बो की तूडाई खुम्बो के फूटने के बाद 1-2 दिनो के बाद तोडाई के योग्य हो जाती है मिलकी खुम्ब मिलकी खुम्ब के लिए तूडी, बीज, मोमी लिफाफे, सेबा, केसिंग,मिट्टी आदि होने चाहिये तूडी की तैयारी सूकी तूडी को पक्के फर्श पर बिछा कर 16-20 घंटे पानी से गिला करे गिली तूडी को बोरी में भर कर सेबे से बांध दे इस बोरी को उबलते पानी में 45-50 मिनट रखें तूडी को निकालकर पक्के फर्श पर बिछा कर ठंडा करे यह तूडी बिजाई के लिए तैयार है बिजाई ठंडी तूडी में बीज मिलाकर मोमी लिफाफो में भर दें एक मोमी लिफाफें में लगभग 2 किलो गिली तूडी और 70-80 ग्राम बीज पडता है लिफाफे के मुंह को सेबे से अच्छी तरह बांध कर कमरे में रख दे केसिंग बिजाई के दो तीन हफतो के बाद लिफाफे खोलकर केसिंग की 1-1.5 की तह लगा दें केसिंग में तूडी और रेतली मिट्टी होती है 24 घंटो के लिए 4 प्रतिशत फारमलेन के घोल से जीवाणु रहित किया जाता है खुम्बो का फूटना केसिंग मिट्टी डालने के लगभग दो हफतो में खुम्बो के छोटे छोटे किणके निकलने शुरू हो जाते है और 4-5 दिन के बाद तोडने योग्य हो जाते है खुम्बो की तूडाई लगभग 35-40 दिनो तक की जाती है

Posted by ravneet maan
Punjab
22-02-2020 12:14 PM
ਇਹ ਪਸ਼ੂ ਖੁਰਾਕ ਦੀ ਕਮੀ ਕਰਕੇ ਜਾ ਕਮਜ਼ੋਰੀ ਕਰਕੇ ਵੀ ਗਿਰਾ ਦਿੰਦਾ ਹੈ, ਤੁਸੀ ਇਸ ਨੂੰ ਵਧਿਆ ਕੰਪਨੀ ਦਾ ਮਿਨਰਲ ਮਿਕਸਚਰ ਜਿਵੇਂ agrimin , bovimin B , minfa gold ਕੋਈ ਵੀ ਪਾਊਡਰ 50 -50 ਗ੍ਰਾਮ ਸਵੇਰੇ ਸ਼ਾਮ ਦਿਓ ਅਤੇ ovumin advance bolus ਰੋਜਾਨਾ ਇਕ ਗੋਲੀ ਦਿਓ ਅਤੇ 21 ਦਿਨ ਤਕ ਦਿੰਦੇ ਰਹੋ, ਇਸ ਨਾਲ ਹੀਟ ਵਿਚ ਆ ਜਾਵੇਗੀ
Posted by Shourav Tyagi
Uttar Pradesh
22-02-2020 12:10 PM
मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजि.... (Read More)
मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजित किया जा रहा है प्रशिक्षण कार्य कर्म में भाग लेने के लिए नीचे दिए गए नम्बर पर आज ही संपर्क करें और Rs 250/ से अपना रजिस्ट्रेशन करवाए अचल सिंह (फाउंडर )- 9711858258. धन्यवाद
Posted by Shourav Tyagi
Uttar Pradesh
22-02-2020 12:06 PM
मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजि.... (Read More)
मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजित किया जा रहा है प्रशिक्षण कार्य कर्म में भाग लेने के लिए नीचे दिए गए नम्बर पर आज ही संपर्क करें और Rs 250/ से अपना रजिस्ट्रेशन करवाए अचल सिंह (फाउंडर )- 9711858258. धन्यवाद

Posted by Hemant Kumar
Haryana
22-02-2020 11:41 AM
hemant ji agar aap masik aaye ke liye kheti karna chahte hai to aap sabjiyon ki bijai kar sakte hai.iske ilava aap murgi palan, pig farming kar sakte hai.dhanywad
Posted by GURSEVAK SIDHU
Rajasthan
22-02-2020 11:30 AM
Sidhu ji kripya aap apne swal vistar se pushen ki aap pig ke vare mai kya jankari lena chahte hai tan jo apko sahi jankari di ja skee.
Posted by atik khan
Uttar Pradesh
22-02-2020 11:15 AM
Atik ji usko nazdiki doctor se janch krwayen jisee uski sahi janch krke acha ilag kiya jaa skee.

Posted by Paramjeet Gill
Punjab
22-02-2020 11:10 AM
ਗਿੱਲ ਜੀ ਤੁਸੀ ਇਸਦੀ ਸਪਰੇ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ 130045 ਅਤੇ ਬੋਰੋਨ ਦੋਨੋ ਦਾਣਾ ਵਧੀਆ ਅਤੇ ਝਾੜ ਵਧਾਉਣ ਵਿਚ ਮਦਦ ਕਰਦਾ ਹੈ ਧੰਨਵਾਦ
Posted by sunil
Uttar Pradesh
22-02-2020 11:00 AM
श्रीमान जी गेहूं में फंगीनाशी टिल्ट 200 मि.ली. प्रति एकड़ के हिसाब से स्प्रे कर सकते है

Posted by Harsh Deep Singh
Punjab
22-02-2020 10:54 AM
ਗੰਢੀਆਂ ਦੀ ਉੱਗਣ ਸ਼ਕਤੀ ਵਧਾਉਣ ਅਤੇ ਜਲਦੀ ਕਰਨ ਵਾਸਤੇ ਗੰਢੀਆਂ ਨੂੰ 12 -24 ਘੰਟੇ ਪਾਣੀ ਵਿੱਚ ਡੋਬ ਕੇ ਬੀਜੋ
ਸਿਆੜਾਂ ਵਿਚਕਾਰ ਫ਼ਾਸਲਾ : 30 ਸੈਂ. ਮੀ. ਅਤੇ ਬੂਟੇ ਤੋਂ ਬੂਟੇ ਦਾ ਫ਼ਾਸਲਾ 20 ਸੈਂ. ਮੀ. ਰੱਖੋ ਬੈੱਡਾਂ ਉੱਤੇ ਬਿਜਾਈ: 67.5 ਸੈਂ. ਮੀ. ਦੇ ਬੈੱਡ (37.5 ਸੈਂ. ਮੀ. ਬੈੱਡ ਅਤੇ 30 ਸੈਂ. ਮੀ. ਖਾਲ਼ੀ) ਉੱਪਰ ਦੋ ਕਤਾਰਾਂ ਬੀਜੋ ਅਤੇ ਬੂਟੇ ਤੋਂ ਬੂਟੇ ਦਾ ਫ਼ਾਸਲਾ 18 ਸੈਂ. ਮੀ. ਰੱਖੋ ਬਿਜਾਈ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਖੇਤ ਵਿੱ.... (Read More)
ਗੰਢੀਆਂ ਦੀ ਉੱਗਣ ਸ਼ਕਤੀ ਵਧਾਉਣ ਅਤੇ ਜਲਦੀ ਕਰਨ ਵਾਸਤੇ ਗੰਢੀਆਂ ਨੂੰ 12 -24 ਘੰਟੇ ਪਾਣੀ ਵਿੱਚ ਡੋਬ ਕੇ ਬੀਜੋ
ਸਿਆੜਾਂ ਵਿਚਕਾਰ ਫ਼ਾਸਲਾ : 30 ਸੈਂ. ਮੀ. ਅਤੇ ਬੂਟੇ ਤੋਂ ਬੂਟੇ ਦਾ ਫ਼ਾਸਲਾ 20 ਸੈਂ. ਮੀ. ਰੱਖੋ ਬੈੱਡਾਂ ਉੱਤੇ ਬਿਜਾਈ: 67.5 ਸੈਂ. ਮੀ. ਦੇ ਬੈੱਡ (37.5 ਸੈਂ. ਮੀ. ਬੈੱਡ ਅਤੇ 30 ਸੈਂ. ਮੀ. ਖਾਲ਼ੀ) ਉੱਪਰ ਦੋ ਕਤਾਰਾਂ ਬੀਜੋ ਅਤੇ ਬੂਟੇ ਤੋਂ ਬੂਟੇ ਦਾ ਫ਼ਾਸਲਾ 18 ਸੈਂ. ਮੀ. ਰੱਖੋ ਬਿਜਾਈ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਖੇਤ ਵਿੱਚ 36 ਕੁਇੰਟਲ/ਏਕੜ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਪਰਾਲੀ ਪਾ ਦਿਉ

Posted by mohd zeeshan
Rajasthan
22-02-2020 10:54 AM
यह मौसम में बदलाव होने से हो रहा है इसके नए पत्ते बिल्कुल ठीक है इसके लिए आप एनपीके 191919 एक किलो को 150 लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे करें
Posted by harmeet singh
Punjab
22-02-2020 10:33 AM
harmeet ji hun kanak nu kise v sprya di lod nahi hai jekar koi bimari da hamla hunda hai ta tuc fungicide di spray karo.dhanwad
Posted by Onkar Singh Dhugga
Punjab
22-02-2020 10:27 AM
ਓਂਕਾਰ ਜੀ ਚਾਰੇ ਵਾਲੀ ਮੱਕੀ ਲਈ ਤੁਸੀ J1006 ਕਿਸਮ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਇਹ ਬਿਜਾਈ ਤੋਂ 45 -60 ਦਿਨਾਂ ਤਕ ਕਟਾਈ ਲਈ ਤਿਆਰ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਖੇਤ ਤਿਆਰ ਕਰਨ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾਂ 10 ਟਨ ਰੂੜੀ ਦੀ ਖਾਦ ਪਾਓ ਇਹ ਜ਼ਿੰਕ, ਫ਼ਾਸਫੋਰਸ, ਪੋਟਾਸ਼ ਅਤੇ ਇੱਕ ਤਿਹਾਈ ਨਾਈਟ੍ਰੋਜਨ ਦੀ ਘਾਟ ਨੂੰ ਪੂਰਾ ਕਰਦੀ ਹੈ
ਚਾਰੇ ਵਾਲੀ ਮੱਕੀ ਨਾਈਟ੍ਰੋਜਨ ਖਾਦ ਨੂੰ ਬਹੁਤ ਮੰਨਦੀ ਹੈ ਆਮ ਜਰਖੇਜ਼ ਖੇਤ ਵਿਚ ਜਿਹੜੀਆਂ ਸਿਫਾਰਸ਼ਾਂ ਕੰ.... (Read More)
ਓਂਕਾਰ ਜੀ ਚਾਰੇ ਵਾਲੀ ਮੱਕੀ ਲਈ ਤੁਸੀ J1006 ਕਿਸਮ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਇਹ ਬਿਜਾਈ ਤੋਂ 45 -60 ਦਿਨਾਂ ਤਕ ਕਟਾਈ ਲਈ ਤਿਆਰ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਖੇਤ ਤਿਆਰ ਕਰਨ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾਂ 10 ਟਨ ਰੂੜੀ ਦੀ ਖਾਦ ਪਾਓ ਇਹ ਜ਼ਿੰਕ, ਫ਼ਾਸਫੋਰਸ, ਪੋਟਾਸ਼ ਅਤੇ ਇੱਕ ਤਿਹਾਈ ਨਾਈਟ੍ਰੋਜਨ ਦੀ ਘਾਟ ਨੂੰ ਪੂਰਾ ਕਰਦੀ ਹੈ
ਚਾਰੇ ਵਾਲੀ ਮੱਕੀ ਨਾਈਟ੍ਰੋਜਨ ਖਾਦ ਨੂੰ ਬਹੁਤ ਮੰਨਦੀ ਹੈ ਆਮ ਜਰਖੇਜ਼ ਖੇਤ ਵਿਚ ਜਿਹੜੀਆਂ ਸਿਫਾਰਸ਼ਾਂ ਕੰਪਾਜਿਟ ਮੱਕੀ ਬੀਜਣ ਲਈ ਦੱਸੀਆਂ ਗਈਆਂ ਹਨ, ਅਪਨਾਉਣੀਆਂ ਚਾਹੀਦੀਆਂ ਹਨ
ਅੱਧੀ ਨਾਈਟ੍ਰੋਜਨ, ਸਾਰੀ ਫਾਸਫੋਰਸ ਅਤੇ ਪੋਟਾਸ਼ ਖਾਦਾਂ ਬਿਜਾਈ ਸਮੇਂ ਪਾਓ ਅਤੇ ਅੱਧੀ ਨਾਈਟ੍ਰੋਜਨ ਖਾਦ 3-4 ਹਫਤੇ ਮਗਰੋਂ ਪਾਓ

Posted by Gurpreet Chahal
Punjab
22-02-2020 10:24 AM
ਤੁਸੀ ਇਸ ਨੂੰ ਪੇਟ ਦੇ ਕੀੜਿਆਂ ਲਈ Bandykind plus ਗੋਲੀ ਦਿਓ ਅਤੇ ਹਰ 3 ਮਹੀਨਿਆਂ ਬਾਅਦ ਪੇਟ ਦੇ ਕੀੜਿਆਂ ਲਈ ਗੋਲੀ ਜਰੂਰ ਦਿਓ ਅਤੇ Ovumin advance tablet ਰੋਜਾਨਾ 1 ਗੋਲੀ ਦਿਓ ਅਤੇ 21 ਦਿਨ ਤਕ ਦਿਓ, ਇਸ ਨਾਲ ਹੀਟ ਵਿਚ ਆ ਜਾਵੇਗੀ.

Posted by Niyaj
Uttar Pradesh
22-02-2020 10:20 AM
Niyaj ji aap iske uper NPK 130045@1 kilo ko 150 litre pani ke hisab se spray karen.dhanywad
Posted by Ashish Singh
Uttar Pradesh
22-02-2020 10:18 AM
मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजि.... (Read More)
मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजित किया जा रहा है प्रशिक्षण कार्य कर्म में भाग लेने के लिए नीचे दिए गए नम्बर पर आज ही संपर्क करें और Rs 250/ से अपना रजिस्ट्रेशन करवाए अचल सिंह (फाउंडर )- 9711858258. धन्यवाद

Posted by Niyaj
Uttar Pradesh
22-02-2020 10:17 AM
Niyaj ji aap genhu ke bad sabjiyan ya makka dono men se kisi ki bhi bijai kar sakte hai iake ilava dhaan ki bhi bijai ki jati hai.dhanywad

Posted by lakhwindersingh
Punjab
22-02-2020 09:52 AM
ਕੱਟੀਆਂ ਅਤੇ ਵੱਛੀਆ ਲਈ 15 ਦਿਨ ਤੋ 3 ਮਹੀਨੇ ਤੱਕ ਦਿੱਤੀ ਜਾਣ ਵਾਲੀ ਖੁਰਾਕ ਮੱਕੀ ਜਾ ਕਣਕ 40 ਕਿਲੋ , ਸੋਇਆਬੀਨ ਦੀ ਖੱਲ 15 ਕਿਲੋ, ਸਰੋ ਖਲ 7 ਕਿਲੋ, ਚੋਲਾ ਦੀ ਪਾਲਸ 10 ਕਿਲੋ, ਚੋਕਰ 10 ਕਿਲੋ , ਤੇਲ ਰਹਿਤ ਚੋਲਾ ਦੀ ਪਾਲ਼ਿਸ 7 ਕਿਲੋ, ਸੀਰਾ 10 ਕਿਲੋ , ਧਾਤਾਂ ਦਾ ਮਿਸ਼ਰਣ 1 ਕਿਲੋ , ਮਿੱਠਾ ਸੋਡਾ 100 ਗਰਾਮ, ਕੁੱਲ ਜੋੜ 100 ਕਿਲੋ.

Posted by Nazar khan
Bihar
22-02-2020 09:44 AM
Nazar khan ji is ke bare me puri jankari or is ki training ke lia aap Sarwan Singh Maan 9340126148, 9478000850 Anmaanat Biotech se smparak kar sakte hai, Thankyou.

Posted by gurjant singh
Punjab
22-02-2020 09:42 AM
gurjant ji kirpa karke swal vistar nal pucho ta jo tuhanu is bare poori jankari diti ja sake,dhanwad
Posted by lokeshkumar Meena
Rajasthan
22-02-2020 09:41 AM
मिट्टी से पैदा होने वाली फंगस से बचाने के लिए बाविस्टिन 0.2 प्रतिशत 3 ग्राम से प्रति किलो बीज का उपचार करें

Posted by Gurmit Singh
Punjab
22-02-2020 09:41 AM
ਗੁਰਮੀਤ ਜੀ ਕਿਰਪਾ ਕਰਕੇ ਦੱਸੋ ਕੇ ਤੁਸੀ ਇਸਦੇ ਵਿਚ ਕਿਹੜੀ ਖਾਦ ਪਾਈ ਹੈ ਤਾ ਜੋ ਤੁਹਾਨੂੰ ਇਸ ਬਾਰੇ ਪੂਰੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਦਿਤੀ ਜਾ ਸਕੇ ਧੰਨਵਾਦ

Posted by gurjant singh
Punjab
22-02-2020 09:41 AM
ਹਾਜੀ ਸਤਿ ਸ਼੍ਰੀ ਅਕਾਲ ਜੀ ਤੁਹਾਡੇ ਵੱਲੋਂ ਪੁੱਛੇ ਸਾਰੇ ਸਵਾਲਾਂ ਦਾ ਜਵਾਬ ਦਾ ਦਿੱਤਾ ਜਾ ਚੁੱਕਿਆ ਹੈ ਤੁਸੀ ਆਪਣੇ ਸਵਾਲਾਂ ਦੇ ਜਵਾਬ ਦੇਖਣ ਲਈ ਐਪ ਵਿੱਚ ਮੇਰੇ ਸਵਾਲ ਤੇ ਕਲਿੱਕ ਕਰਕੇ ਜਾਂ ਫਿਰ ਮੇਰੀ ਪ੍ਰੋਫਾਈਲ ਦੇ ਹੇਠਾ ਆਪਣੇ ਸਵਾਲ ਜਵਾਬ ਦੇਖ ਸਕਦੇ ਹੋ ਵੀ ਜੇਕਰ ਤੁਹਾਨੂੰ ਜਵਾਬ ਸਬੰਧੀ ਕਿਸੇ ਤਰਾਂ ਦੀ ਸਮੱਸਿਆ ਆ ਰਹੀ ਹੈ ਤਾਂ ਤੁਸੀ ਸਾਡੇ ਹੈਲਪਲਾਈਨ ਨੰਬਰ: 97799-77641 ਤੇ ਕਾਲ ਕਰ ਸਕਦੇ .... (Read More)
ਹਾਜੀ ਸਤਿ ਸ਼੍ਰੀ ਅਕਾਲ ਜੀ ਤੁਹਾਡੇ ਵੱਲੋਂ ਪੁੱਛੇ ਸਾਰੇ ਸਵਾਲਾਂ ਦਾ ਜਵਾਬ ਦਾ ਦਿੱਤਾ ਜਾ ਚੁੱਕਿਆ ਹੈ ਤੁਸੀ ਆਪਣੇ ਸਵਾਲਾਂ ਦੇ ਜਵਾਬ ਦੇਖਣ ਲਈ ਐਪ ਵਿੱਚ ਮੇਰੇ ਸਵਾਲ ਤੇ ਕਲਿੱਕ ਕਰਕੇ ਜਾਂ ਫਿਰ ਮੇਰੀ ਪ੍ਰੋਫਾਈਲ ਦੇ ਹੇਠਾ ਆਪਣੇ ਸਵਾਲ ਜਵਾਬ ਦੇਖ ਸਕਦੇ ਹੋ ਵੀ ਜੇਕਰ ਤੁਹਾਨੂੰ ਜਵਾਬ ਸਬੰਧੀ ਕਿਸੇ ਤਰਾਂ ਦੀ ਸਮੱਸਿਆ ਆ ਰਹੀ ਹੈ ਤਾਂ ਤੁਸੀ ਸਾਡੇ ਹੈਲਪਲਾਈਨ ਨੰਬਰ: 97799-77641 ਤੇ ਕਾਲ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋਂ

Posted by हरिनाथ बिन्द वीरपुर मिर्ज़ापुर उत्तर प्रदेश (भारत)
Uttar Pradesh
22-02-2020 09:40 AM
हरिनाथ जी आप आम के पेड़ की सूखी डली को तोड़ कर उसके ऊपर बोर्डो पेस्ट लगाए

Posted by Pradeep Kumar
Bihar
22-02-2020 09:38 AM
मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजि.... (Read More)
मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजित किया जा रहा है प्रशिक्षण कार्य कर्म में भाग लेने के लिए नीचे दिए गए नम्बर पर आज ही संपर्क करें और Rs 250/ से अपना रजिस्ट्रेशन करवाए अचल सिंह (फाउंडर )- 9711858258. धन्यवाद
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