Experts Q&A Search

Posted by azim khan
Uttar Pradesh
23-02-2020 07:15 PM
Punjab
02-24-2020 04:27 AM
श्री मान इसे मिट्टी की कई किस्मों में उगाया जाता है, लेकिन अंगूर की खेती के लिए उपजाऊ मिट्टी जिसकी पी एच 6.5-8.5 हो, और जल जमाव वाली मिट्टी उपयुक्त होती है किशमिश बनाने के लिए Thompson Seedless, Black Sahebi कच्चा खाने के लिए Thompson Seedless, Beauty Seedless, Black Sahebi, Anab-e-Shahi, जूस बनाने के लिए: Beauty Seedless, Black Prince वाइन बनाने के लिए Rangspray, Cholhu White, Cholhu Red अंगूर की खेती के लिए, अच्.... (Read More)
श्री मान इसे मिट्टी की कई किस्मों में उगाया जाता है, लेकिन अंगूर की खेती के लिए उपजाऊ मिट्टी जिसकी पी एच 6.5-8.5 हो, और जल जमाव वाली मिट्टी उपयुक्त होती है किशमिश बनाने के लिए Thompson Seedless, Black Sahebi कच्चा खाने के लिए Thompson Seedless, Beauty Seedless, Black Sahebi, Anab-e-Shahi, जूस बनाने के लिए: Beauty Seedless, Black Prince वाइन बनाने के लिए Rangspray, Cholhu White, Cholhu Red अंगूर की खेती के लिए, अच्छी तरह से तैयार ज़मीन की आवश्यकता होती है मिट्टी के भुरभुरा होने तक ट्रैक्टर से 3-4 गहरी जोताई करें और हैरो से 3 जोताई करें गड्ढे भरने के समय, गाय का गोबर @ 50 किलोग्राम, एसएसपी @ 2 किलोग्राम और क्लोरपायरीफोस का मिश्रण मिलाएं इसके अलावा हल्की सिंचाई आवश्यक है नए पौधे अंगूर की मदिरा, कैल्शियम अमोनियम नाइट्रेट (CAN) @ 250gm और MOP @ 250gm को अप्रैल महीने में और फिर जून महीने में लागू करें सूखे क्षेत्रों में CAN @ 1200gm, SSP @ 1500gm और MOP 500 ग्राम पूर्ण विकसित मदिरा के लिए डालें स्टॉम्प @ 800 मिली प्रति एकड़ का प्रयोग पूरी तरह से जोताई के बाद मार्च के पहले पखवाड़े में किया जाता है और फिर Gramoxone 24 WCS (paraquat) या Glycel 41 SL (glyphosate)@1.6 लीटर/एकड़ का छिड़काव किया जाता है उद्भव के बाद जब खरपतवार 15-20 सेंटीमीटर की ऊँचाई को प्राप्त करते हैं मध्य पहाड़ियों में, सिंचाई फरवरी महीने के पहले पखवाड़े और फिर मार्च के पहले सप्ताह में दी जाती है फिर अप्रैल के शुरू से जून के अंत तक फलों के विकास के लिए फिर से सिंचाई दी जाती है कम वर्षा के दौरान सिंचाई आवश्यक है जलवायु के आधार पर शुष्क क्षेत्रों में, सप्ताह में एक बार सिंचाई दी जाती है मुख्य रूप से फरवरी के शुरू से लेकर अंत-अप्रैल तक सिंचाई की जाती है 18o ब्रिक्स वाले पके गुच्छों की कटाई की जाती है यह बीज रहित किस्मों के लिए औसतन 8-12.5 टन/ एकड़ और बीज वाली किस्मों के लिए 15-20 टन/एकड़ की उपज देता है
Posted by ਗਿੱਲ
Punjab
23-02-2020 07:09 PM
Punjab
02-24-2020 08:54 AM
ਗਿੱਲ ਜੀ ਤੁਸੀ ਪਸ਼ੂਆਂ ਨੂੰ ਪੇਟ ਦੇ ਕੀੜਿਆਂ ਲਈ ਦਵਾਈ ਜਦੋ ਪਸ਼ੂ ਚਾਰ ਖਾਣ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਸ਼ਾਮ ਨੂੰ ਖੜ੍ਹਾ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਉਦੋਂ ਦੇ ਸਕਦੇ ਹੋ
Posted by ਜਗਮੋਹਨ ਸਿੰਘ ਜਟਾਣਾ
Punjab
23-02-2020 07:05 PM
Punjab
02-24-2020 04:06 PM
ਜਗਮੋਹਨ ਜੀ ਤੁਸੀ ਇਸਦੇ ਉਪਰ quinalphos @4ml ਨੂੰ ਪ੍ਰਤੀ ਲੀਟਰ ਪਾਣੀ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਸਪਰੇ ਕਰੋ ਧੰਨਵਾਦ
Posted by ajay jat
Rajasthan
23-02-2020 06:53 PM
Punjab
02-24-2020 04:45 PM
अजय जी आप टमाटर की किस्मे जैसे Pusa Rubi: यह किस्म IARI, नई दिल्ली द्वारा विकसित की गई है यह किस्म बसंत और सर्दियों में उगाने के लिए उपयुक्त है इसकी औसतन पैदावार 133 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Pusa Early Dwarf: यह किस्म IARI, नई दिल्ली द्वारा विकसित की गई है इसके फल मध्यम छोटे और तना पीला होता है यह किस्म रोपाई के बाद 75-80 दिनों में कट.... (Read More)
अजय जी आप टमाटर की किस्मे जैसे Pusa Rubi: यह किस्म IARI, नई दिल्ली द्वारा विकसित की गई है यह किस्म बसंत और सर्दियों में उगाने के लिए उपयुक्त है इसकी औसतन पैदावार 133 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Pusa Early Dwarf: यह किस्म IARI, नई दिल्ली द्वारा विकसित की गई है इसके फल मध्यम छोटे और तना पीला होता है यह किस्म रोपाई के बाद 75-80 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है इसकी औसतन पैदावार 140 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Punjab Chhuhara: इसके फल बीज रहित, नाशपाति के आकार के, लाल और बाहरी मोटी परत के होते हैं इसकी गुणवत्ता कटाई के बाद 7 दिनों तक मंडी लायक होती है इसलिए इस किस्म को लंबी दूरी वाले स्थानों और नए उत्पाद बनाने के लिए प्रयोग किया जाता है Pusa 120: यह किस्म IARI, नई दिल्ली द्वारा विकसित की गई है इसके फल मध्यम छोटे, नर्म, आकर्षित और तना पीले रंग का होता है यह किस्म नेमाटोड के प्रतिरोधी किस्म है Roma Selection 120: यह किस्म IARI, नई दिल्ली द्वारा विकसित की गई है यह किस्म जड़ गलन के प्रतिरोधी किस्म है Pant Bahar: इसके फल गोल, मध्यम आकार के होते हैं Arka Vikas: यह किस्म IIHR, बैंगलोर द्वारा जारी की गई है यह जल्दी पकने वाली और उच्च उपज वाली किस्म है इसके फल मध्यम-बड़े, गोल, गहरे लाल रंग के होते हैं Hisar Aruna : यह किस्म HAU, हिसार द्वारा विकसित की गई है यह जल्दी पकने वाली और उच्च उपज वाली किस्म है इसके फल मध्यम -बड़े, गोल, गहरे लाल रंग के होते हैं Karnataka Hybrid: इस किस्म की फसल रोपाई के 80 दिनों के बाद कटाई के लिए तैयार हो जाती है इसके फल लंबे और अंडाकार होते हैं यह किस्म सूखा और नेमाटोड के प्रतिरोधक किस्म है Marglobe: यह किस्म IARI, नई दिल्ली द्वारा जारी की गई है इसके फल बड़े, गोल, नर्म और रसदार होते हैं
Posted by rakesh
Haryana
23-02-2020 06:47 PM
Punjab
02-28-2020 05:53 PM
aap waha Sahiwali, Gir, Red Sindhi cow rakh skte hai.
Posted by bablu kumar
Bihar
23-02-2020 06:11 PM
Punjab
02-24-2020 09:05 AM
Bablu ji aap yaddi meat aur egg dono ke liye rakhna chahte hai too aap RIR chicks rakh skte hai aur chicks lene ke liye aap Jitendra Kumar 7250555572 Poultry Farm se sampark kr skte hai.
Posted by manpreet
Punjab
23-02-2020 06:08 PM
Punjab
02-23-2020 06:43 PM
ਸ੍ਰੀ ਮਾਨ ਜੀ ਬਰਸੀਮ ਵਿੱਚ ਫੰਗਸ ਦਾ ਹਮਲਾ ਹੈ ਇਸਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਲਈ M-45@500 ਗ੍ਰਾਮ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਸਪਰੇਅ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ
Posted by jugraj Singh
Punjab
23-02-2020 06:03 PM
Punjab
02-24-2020 04:49 PM
ਕਿੰਨੂ ਦੀ ਫਸਲ ਲਈ 1-3 ਸਾਲ ਦੇ ਪੌਦੇ ਨੂੰ 10-30 ਕਿਲੋ ਰੂੜੀ ਦੀ ਖਾਦ, 240-720 ਗ੍ਰਾਮ ਯੂਰੀਆ ਪ੍ਰਤੀ ਪੌਦਾ ਪਾਓ 4-7 ਸਾਲ ਦੇ ਪੌਦੇ ਨੂੰ 40-80 ਕਿਲੋ ਰੂੜੀ ਦੀ ਖਾਦ, 960-1680 ਗ੍ਰਾਮ ਯੂਰੀਆ ਅਤੇ 1375-2400 ਗ੍ਰਾਮ ਸਿੰਗਲ ਸੁਪਰ ਫਾਸਫੇਟ ਪ੍ਰਤੀ ਰੁੱਖ ਪਾਓ 8 ਸਾਲ ਅਤੇ ਉਸ ਤੋਂ ਵੱਧ ਦੇ ਪੌਦੇ ਨੂੰ 100 ਕਿਲੋ ਰੂੜੀ ਦੀ ਖਾਦ, 1920 ਗ੍ਰਾਮ ਯੂਰੀਆ ਅਤੇ 2750 ਗ੍ਰਾਮ ਸਿੰਗਲ ਸੁਪਰ ਫਾਸਫੇਟ ਪ੍ਰਤੀ ਰੁੱਖ ਪਾਓ ਰੂੜੀ ਦੀ ਖਾਦ ਦੀ ਪੂ.... (Read More)
ਕਿੰਨੂ ਦੀ ਫਸਲ ਲਈ 1-3 ਸਾਲ ਦੇ ਪੌਦੇ ਨੂੰ 10-30 ਕਿਲੋ ਰੂੜੀ ਦੀ ਖਾਦ, 240-720 ਗ੍ਰਾਮ ਯੂਰੀਆ ਪ੍ਰਤੀ ਪੌਦਾ ਪਾਓ 4-7 ਸਾਲ ਦੇ ਪੌਦੇ ਨੂੰ 40-80 ਕਿਲੋ ਰੂੜੀ ਦੀ ਖਾਦ, 960-1680 ਗ੍ਰਾਮ ਯੂਰੀਆ ਅਤੇ 1375-2400 ਗ੍ਰਾਮ ਸਿੰਗਲ ਸੁਪਰ ਫਾਸਫੇਟ ਪ੍ਰਤੀ ਰੁੱਖ ਪਾਓ 8 ਸਾਲ ਅਤੇ ਉਸ ਤੋਂ ਵੱਧ ਦੇ ਪੌਦੇ ਨੂੰ 100 ਕਿਲੋ ਰੂੜੀ ਦੀ ਖਾਦ, 1920 ਗ੍ਰਾਮ ਯੂਰੀਆ ਅਤੇ 2750 ਗ੍ਰਾਮ ਸਿੰਗਲ ਸੁਪਰ ਫਾਸਫੇਟ ਪ੍ਰਤੀ ਰੁੱਖ ਪਾਓ ਰੂੜੀ ਦੀ ਖਾਦ ਦੀ ਪੂਰੀ ਮਾਤਰਾ ਦਸੰਬਰ ਮਹੀਨੇ ਵਿੱਚ ਪਾਓ, ਜਦਕਿ ਯੂਰੀਆ ਨੂੰ ਦੋ ਬਰਾਬਰ ਭਾਗਾਂ ਵਿੱਚ ਪਾਓ ਪਹਿਲਾ ਫਰਵਰੀ ਅਤੇ ਦੂਜਾ ਅਪ੍ਰੈਲ-ਮਈ ਮਹੀਨੇ ਵਿੱਚ ਪਾਓ ਯੂਰੀਆ ਦਾ ਪਹਿਲਾ ਹਿੱਸਾ ਪਾਉਂਦੇ ਸਮੇਂ ਸਿੰਗਲ ਸੁਪਰ ਫਾਸਫੇਟ ਦੀ ਪੂਰੀ ਮਾਤਰਾ ਪਾਓ
Posted by RAJU RATHOD
Madhya Pradesh
23-02-2020 05:50 PM
Maharashtra
02-24-2020 12:27 PM
चूहों से बचाव के लिए आप नीचे लिखे तरीके प्रयोग कर सकते हैं, पिंजरो का प्रयोग करना - चूहो को पडने के अलग अलग पिजंरो का प्रयोग किया जाता है इन पिजंरो का प्रयोग करने से पहले पिजंरे को अच्छी तरह धोकर प्रयोग करे ताकि किसी भी प्रकार की गंध ना आये साफ पिंजरो को खेत में चूहो के आने जाने वाले रास्ते और नुक्सान करने वाली.... (Read More)
चूहों से बचाव के लिए आप नीचे लिखे तरीके प्रयोग कर सकते हैं, पिंजरो का प्रयोग करना - चूहो को पडने के अलग अलग पिजंरो का प्रयोग किया जाता है इन पिजंरो का प्रयोग करने से पहले पिजंरे को अच्छी तरह धोकर प्रयोग करे ताकि किसी भी प्रकार की गंध ना आये साफ पिंजरो को खेत में चूहो के आने जाने वाले रास्ते और नुक्सान करने वाली जगह पर रखे बडी संखिया में चूहो को पकडने के लिए पिंजरे में 10-15 ग्राम अनाज को तेल लगाकर दो से तीन दिनो तक मुंह खोलकर रखे चुहो को मगर लगाने के बाद पिंजरे के अंदर कागज के टूकडो पर 10-15 ग्राम दाने और नालीदार दाखले पर चुटकी भर दाने रखकर मुंह को बंद कर दे ऐसा करके तीन दिन तक चूहे और पकडे हुए चूहो को पानी में डूबो कर मारे पिंजरो का दौबारा प्रयोग करने के लिए कम से कम 20 दिनो का फासला रखें कीडेमार जहरो के प्रयोग से रोकथाम - चूहो की कीडेमार और जहर के प्रयोग से रोकथाम करने के लिए जहरीला चोगा प्रयोग करने में ध्यान और सही तरीका प्रयोग करने की जरूरत है चुहो को इस जहरीले चोगे को खाना प्रयोग किये दानो का मियारपन , स्वाद, और तेल की गंध पर निर्भर करता है जहरीला चोगा बनाना जिंक फॉसफाइड का प्रयोग - एक किलो बाजरा गेहूं ज्वार का दलिया या इनका मिश्रण लेकर इसमे 20 ग्राम तेल हो सके तो मुंगफली का तेल और 25 ग्राम जिंकफॉसफाइड डाल कर अच्छी तरह मिलाये इस प्रकार तैया किये जहरीले चोगे को कागज की पुडीया बनाकर खेत में गेज वाली जगह पर रखे बरोमोडाइओलोन का प्रयोग - 20 ग्राम बरोमोडाइओलोन 0 005 फीसदी पाऊडर, 20 ग्राम बूरा खंड, और 20 ग्राम तेल को एक किलो किसी भी अनाज के दलिये में मिलाये और पूरे खेत में 40 जगह पर रख दें रैकुमिन का प्रयोग- 50 ग्राम रैकुमिन 0 0375 फीसदी पाऊडर , 20 ग्राम मुंगफली या सूरजमुखी का तेल और 20 ग्राम बूरा खंड को किसी भी अनाज के दलीये में मिलाये यह भी चूहो को मारने में बहुत फायदेमंद है
Posted by lokeshkumar Meena
Rajasthan
23-02-2020 05:42 PM
Punjab
02-24-2020 04:51 PM
मीणा जी आप इसके ऊपर carbendazim @400 ग्राम को प्रति एकड़ के हिसाब से स्प्रे करें धन्यवाद
Posted by Gurdeet Hanjra
Haryana
23-02-2020 05:37 PM
Punjab
02-24-2020 04:57 PM
ਹੰਜਰਾ ਜੀ ਤੁਸੀ ਇਸਦੇ ਪੱਤਿਆਂ ਹੇਠਾਂ ਮੱਛਰ ਦਾ ਹਮਲਾ ਚੈੱਕ ਕਰੋ ਜੇਕਰ ਮੌਜੂਦ ਹੈ ਤਾ ਤੁਸੀ imidacloprid @1.5 ml ਨੂੰ ਪ੍ਰਤੀ ਲੀਟਰ ਪਾਣੀ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਸਪਰੇ ਕਰੋ ਧੰਨਵਾਦ
Posted by Omprakash Patel
Madhya Pradesh
23-02-2020 05:21 PM
Punjab
02-23-2020 06:57 PM
Shri maan g growth ke liye aap NPK 19:19:19@1kg 150ltr pani mein mila ke spray kr skte ho...
Posted by soham arjun shinde
Maharashtra
23-02-2020 05:15 PM
Punjab
02-23-2020 05:20 PM
श्री मान कृपया आप अपना सवाल विस्तार से पूछें तो आपको पूरी जानकारी दी जा सके
Posted by Sukhdev Singh
Haryana
23-02-2020 05:15 PM
Punjab
02-24-2020 05:04 PM
सुखदेव जी आप इसमें सिंचाई प्रबंधन सही रखे इस से आलू फटना बंद हो जाता है धन्यवाद
Posted by Santu Raul
West Bengal
23-02-2020 05:08 PM
Madhya Pradesh
02-24-2020 09:06 AM
मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप Amit Kumar Bamoriya Phone: 9770085381 जी से सम्पर्क कर सकते हैं, धन्यवाद
Posted by suneel
Uttar Pradesh
23-02-2020 04:59 PM
Punjab
02-24-2020 05:08 PM
Posted by kaushal thakur
Bihar
23-02-2020 04:49 PM
Punjab
02-24-2020 09:15 AM
बकरी पालन बहुत ही लाभकारी काम है शुरूआत करने के लिए आप 10 बकरियों और 2 बकरे के साथ कर सकत हैं इन्हें खुराक कम चाहिए इसलिए इन्हें आसानी से पाल सकते हैं ये हर प्रकार के मौसम में पाली जा सकती हैं बकरियां 12-14 महीने में बच्चे देना शुरू कर देती है एक बकरी के लिए लगभग 12—15 वर्ग फीट जगह छती हुई और 25—30 वर्ग फीट जगह खुली चाहिए .... (Read More)
बकरी पालन बहुत ही लाभकारी काम है शुरूआत करने के लिए आप 10 बकरियों और 2 बकरे के साथ कर सकत हैं इन्हें खुराक कम चाहिए इसलिए इन्हें आसानी से पाल सकते हैं ये हर प्रकार के मौसम में पाली जा सकती हैं बकरियां 12-14 महीने में बच्चे देना शुरू कर देती है एक बकरी के लिए लगभग 12—15 वर्ग फीट जगह छती हुई और 25—30 वर्ग फीट जगह खुली चाहिए बकरी का गर्भ समय 150 दिन का होता है और साल में 1-5 बच्चे देती है साल में दो बच्चे देना आम बात है बकरियां 8-10 वर्ष तक बच्चे देती हैं और अपन गिनती को तेजी से बढ़ा लेती हैं आप बारबरी, ब्लैक बंगाल, जैसी नसल पाल सकते हैं और आप ट्रेनिंग लेने के लिए Krishi Vigyan Kendra, Supaul, Bihar Agricultural University Sabour, Bhagalpur, Raghopur, Dist. – Supaul - 852111 (Bihar) India, Phone : +91 9430947367 से संपर्क कर सकते है
Posted by keshav maurya
Uttar Pradesh
23-02-2020 04:41 PM

Punjab
02-24-2020 09:30 AM
कृप्या आप अपना सवाल विस्तार से पूछें कि आप इस गाय के बारे में क्या जानकारी लेना चाहते है ताकि आपको सही जानकारी दी जा सके
Posted by Kuldeep Singh
Rajasthan
23-02-2020 04:38 PM
Punjab
02-24-2020 05:02 PM
kuldeep ji aap genhu ki jadon men galan ki roktham ke liye carbendazim@400 gram ko prati 150 litre pani ke hisab se spray karen,dhanywad
Posted by kulwinder
Punjab
23-02-2020 04:30 PM
Punjab
02-24-2020 08:52 AM
Kulwinder ji, fungus de hamle di vajah nal ho reha hai, tusi si di roktham layi is vich carbendazim @ 4 ml ya mancozeb @ 4 ml prati litre pani de hisaab nal spray kar sakde ho, dhanwad
Posted by Jinder singh
Punjab
23-02-2020 04:19 PM
Punjab
02-23-2020 05:22 PM
Shri maan g kripa aap apna swal visthar nall pucho tan ki tuhanu poori jankari diti ja ske.....
Posted by somnath patil
Maharashtra
23-02-2020 04:07 PM
Punjab
02-24-2020 04:50 PM
patil ji kripya aap iske label ki photo bheje taki aapko iske bare men poori jankari di ja sake,dhanywad
Posted by Rovanpreet
Punjab
23-02-2020 04:06 PM
Punjab
02-24-2020 09:33 AM
Rovanpreet ji kirpa krke tuci apna swal vistar nal pusho ji tuci cow di placenta vare ki jankari lena chahunde ho ki tuhade pashu nu isdi samsia hundi hai ja koi hor jankari leni hai tan jo tuhanu uss vare sahi jankari diti ja skee.
Posted by jobanpreet singh
Punjab
23-02-2020 04:03 PM
Punjab
02-23-2020 05:24 PM
shri maan g makki dia bhut saaria kisma hnn jiwe ki buland, pratap 1, PMH 1, PMH 2, PMH 9 .. iss ton ilaava tuc pioneer dia kisma v lgaa skde ho jiwe ki 31Y45 , P3396, P3377, P3533, P1844 etc. iss ton bina tuc j-1006 kism di b bijai kr skde ho. tuc advanta di sugarage ja jumbo ja j 1006 variety lgaa skde ho ..iss ton ilaava tuc rasi di 3591 variety lgaa skde ho.
Posted by ranjeet sandhu
Punjab
23-02-2020 04:02 PM
Punjab
02-24-2020 10:36 AM
ਤੁਸੀ ਇਸ ਨੂੰ ਪੇਟ ਦੇ ਕੀੜਿਆਂ ਲਈ Bandykind plus ਗੋਲੀ ਦਿਓ ਅਤੇ ਹਰ 3 ਮਹੀਨਿਆਂ ਬਾਅਦ ਪੇਟ ਦੇ ਕੀੜਿਆਂ ਲਈ ਗੋਲੀ ਜਰੂਰ ਦਿਓ ਅਤੇ Ovumin advance tablet ਰੋਜਾਨਾ 1 ਗੋਲੀ ਦਿਓ ਅਤੇ 21 ਦਿਨ ਤਕ ਦਿਓ, ਇਸ ਨਾਲ ਹੀਟ ਵਿਚ ਆ ਜਾਵੇਗੀ.
Posted by Jagjit Singh Bains
Punjab
23-02-2020 03:51 PM
Punjab
02-23-2020 05:24 PM
ਸ੍ਰੀ ਮਾਨ ਜੀ ਗੋਭੀ ਵਿੱਚ ਫੰਗਸ ਦਾ ਹਮਲਾ ਹੈ ਇਸਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਲਈ M-45@500 ਗ੍ਰਾਮ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਸਪਰੇਅ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ
Posted by Jagjit Singh Bains
Punjab
23-02-2020 03:49 PM
Punjab
02-23-2020 05:25 PM
ਸ੍ਰੀ ਮਾਨ ਜੀ ਗੋਭੀ ਵਿੱਚ ਫੰਗਸ ਦਾ ਹਮਲਾ ਹੈ ਇਸਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਲਈ M-45@500 ਗ੍ਰਾਮ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਸਪਰੇਅ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ
Posted by Balvir Singh Mann
Punjab
23-02-2020 03:38 PM
Punjab
02-23-2020 05:25 PM
Shri maan g barseem ch M-45@500gm per acre spray kr skde ho.....
Posted by diljeet singh
Punjab
23-02-2020 03:32 PM
Punjab
02-24-2020 10:39 AM
Diljeet ji tuci chicks lenn lai Hardeep Singh 9781589637 Mahal Farm nal sampark kr skde ho ehna ton tuhanu chicks mill jange.
Posted by Gaurav yadav
Uttar Pradesh
23-02-2020 03:29 PM
Punjab
02-24-2020 10:43 AM
यादव जी आप गाभिन भैंस को पेट के कीड़ों के लिए Fasnil गोली दे सकते है आप यह फोटो भी देख सकते है
Posted by Nirvair Singh
Punjab
23-02-2020 03:15 PM
Punjab
02-24-2020 10:44 AM
ਤੁਸੀ ਉਸ ਨੂੰ Lactomood ਹੋਮਿਓਪੈਥਿਕ ਦਵਾਈ ਦੀਆ 10-10 ਬੂੰਦਾਂ ਦਿਨ ਵਿਚ 3 ਵਾਰ ਦਿਓ, Liquid LDM 1 ਲੀਟਰ 100ml ਸਵੇਰੇ 100ml ਸ਼ਾਮ ਨੂੰ ਦਿਓ ਤੇ milkout 900gm ਪਾਊਡਰ 2 ਚਮਚ ਸਵੇਰੇ ਤੇ 2 ਚਮਚ ਸ਼ਾਮ ਨੂੰ ਦਿਓ ਅਤੇ, ਇਸ ਨਾਲ ਫਰਕ ਪੈ ਜਾਵੇਗਾ.
Posted by lovedeep
Haryana
23-02-2020 03:11 PM
Punjab
02-24-2020 04:47 PM
lovedeep ji hun kanak vich koi v nadeen nashak di spray fasl te nuksaan kar sakdi hai is layi tuc kise v nadeen nashak di spray na karo,dhanwad
Posted by Sukhpreet Singh Dhillon
Punjab
23-02-2020 03:11 PM
Punjab
05-06-2020 12:56 PM
Posted by Anil Wankhade
Maharashtra
23-02-2020 03:01 PM
Punjab
02-23-2020 03:18 PM
यदि आप मक्खी पालन का व्यवसाय शुरू करना चाहते हैं तो अगस्त से जनवरी तक शुरू किया जा सकता है मक्खी फार्म के पास जी टी रोड, रेलवे लाइन्स तथा टेलीफोन या बिजली की तारों का जाल न हो फूलों से मक्खियों को नैक्टर (फूलों का रस ) तथा पोलन मिलता है, जो की मक्खियों की खुराक होते हैं अधिक शहद इकठा करने के लिए फूलों वाली मुख्य .... (Read More)
यदि आप मक्खी पालन का व्यवसाय शुरू करना चाहते हैं तो अगस्त से जनवरी तक शुरू किया जा सकता है मक्खी फार्म के पास जी टी रोड, रेलवे लाइन्स तथा टेलीफोन या बिजली की तारों का जाल न हो फूलों से मक्खियों को नैक्टर (फूलों का रस ) तथा पोलन मिलता है, जो की मक्खियों की खुराक होते हैं अधिक शहद इकठा करने के लिए फूलों वाली मुख्य फसलें सरसों, तोरियां, राया, गोभी,सरसों, सफेदा,बरसीम, सूरजमुखी, लीची, अरहर, टाहली, कपास आदि हैं जिन इलाकों में यह फूलके स्रोत के समय समय पर मिलते हैं उन इलाकों में इस व्यवसाय को बहुत कामयाबी के साथ अपनाया जाता है इसमें 100 मक्खी के बक्सों से आप औसतन 25000-30000 तक का मुनाफा ले सकते हैं शुरूआत में यदि आप 100 बक्सों से काम शुरू करते हैं तो औसतन 4-5 लाख तक खर्चा आता है आप अपने बजट के हिसाब से बक्सों की गिणती कम ज्यादा कर सकते हैं, बाकी यदि इसकी ट्रेनिंग लेकर शुरू करें तो बढ़िया रहेगा. ट्रेनिंग लेने के लिए आप अपने ज़िले के कृषि विज्ञान केंद्र या गुरु अंगद देव वैटनरी यूनिवर्सिटी लुधियाना में ट्रेनिंग के लिए फॉर्म भर कर आएं उसके बाद जब अगली ट्रेनिंग होगी आपको फ़ोन कर बता दिया जाएगा, बाकि यदि बक्से चाहिए तो आप मुझे इस नंबर 9417423111 पर संम्पर्क कर सकते हैं
Posted by amritpal singh
Punjab
23-02-2020 02:54 PM
Punjab
02-26-2020 08:11 PM
Amritpal singh to get All baby plant you can contact with Dashmesh Nursery Address: Phewa Kathal Road, near Nanaksar Gurudawara, Patiala, Punjab 147001, Phone: 09888923825, Thankyou.
Posted by Rajwinder Singh
Punjab
23-02-2020 02:44 PM
Punjab
02-23-2020 03:19 PM
ਤੁਸੀ ਉਸ ਨੂੰ Liquid LDM 1 ਲੀਟਰ 100ml ਸਵੇਰੇ 100ml ਸ਼ਾਮ ਨੂੰ ਦਿਓ ਤੇ milkout 900gm ਪਾਊਡਰ 2 ਚਮਚ ਸਵੇਰੇ ਤੇ 2 ਚਮਚ ਸ਼ਾਮ ਨੂੰ ਦਿਓ ਅਤੇ Lactomood ਹੋਮਿਓਪੈਥਿਕ ਦਵਾਈ ਦੀਆ 10-10 ਬੂੰਦਾਂ ਦਿਨ ਵਿਚ 3 ਵਾਰ ਦਿਓ, ਇਸ ਨਾਲ ਫਰਕ ਪੈ ਜਾਵੇਗਾ.
Posted by Asish kumar
Tripura
23-02-2020 02:42 PM
Punjab
02-23-2020 05:28 PM
श्री मान आप NPK 13:0:45@1kg प्रती एकड़ सप्रे कर सकते हो
Posted by vinay
Madhya Pradesh
23-02-2020 02:28 PM
Maharashtra
02-24-2020 08:32 AM
Vinay ji , mealy bug ki roktham ke liye ap imidacloprid @ 1.5 ml prati litre pani ke hisaab se spray kar sakte hain, dhanywad
Posted by Rakesh Kumar
Punjab
23-02-2020 02:19 PM
Punjab
02-23-2020 03:20 PM
nhi isme koi smasia nhi hai aap uski khurak ka dian rakhen aur usko Ostovet calcium 20ml/100birds ke hisab se de skte hai aur feed ka purra dian rakhen..
Posted by Ajay kumar Mishra
Uttar Pradesh
23-02-2020 02:18 PM
Maharashtra
02-24-2020 08:29 AM
अच्छे जल निकास वाली गहरी, दोमट मिट्टी जिसमें भूमिगत-जल का स्तर ज़मीन से 1.5-2 मी. के नीचे हो और अच्छी जल धारण क्षमता वाली ज़मीन गन्ने की खेती के लिए लाभदायक है यह फसल काफी अम्लीय और खारेपन को सहन कर सकती है इसलिए इसे मिट्टी जिसका pH 5 से 8.5 हो, में उगाई जा सकती है यदि मिट्टी का pH 5 से कम हो तो इसमें चूना (कली) डालें और यदि मिट.... (Read More)
अच्छे जल निकास वाली गहरी, दोमट मिट्टी जिसमें भूमिगत-जल का स्तर ज़मीन से 1.5-2 मी. के नीचे हो और अच्छी जल धारण क्षमता वाली ज़मीन गन्ने की खेती के लिए लाभदायक है यह फसल काफी अम्लीय और खारेपन को सहन कर सकती है इसलिए इसे मिट्टी जिसका pH 5 से 8.5 हो, में उगाई जा सकती है यदि मिट्टी का pH 5 से कम हो तो इसमें चूना (कली) डालें और यदि मिट्टी का pH 9.5 से ज्यादा हो तो इसमें जिप्सम डालें आप इसकी किस्मे जैसे Co 8014 (Mahalakshami) ,Vasant 1,Co 86032 ,Co 92005 की बिजाई कर सकते है पतझड़ के मौसम में 15 अक्तूबर से २० नवंबर तक बिजाई की जाती है, बसंत के मौसम में बिजाई 15 फरवरी तक और गर्मियों के मौसम में 15 जुलाई से 15 सितंबर तक बिजाई की जाती है बिजाई के लिए सुधरे ढंग जैसे कि (गहरी खालियां, मेंड़ बनाकर,पंक्तियों में जोड़े बनाकर और गड्ढा खोदकर बिजाई ) प्रयोग किये जाते हैं 1) खालियां और मेंड़ बनाकर सूखी बिजाई: ट्रैक्टर द्वारा मेंड़ बनाने वाली मशीन की मदद से मेंड़ और खालियां बनाएं और इन मेड़ और खालियों में बिजाई करें मेड़ और खालियों में 90 सैं.मी. का फासला होना चाहिए गन्ने की गुलियों को मिट्टी में दबाएं और उसके बाद हल्की सिंचाई करें 2) पंक्तियों के जोड़े बनाकर बिजाई: खालियां बनाने वाले यंत्र के प्रयोग से खेत में 150 सैं.मी. के फासले पर खालियां बनाएं और उनमें 30:30-90-30:30 सैं.मी. के फासले पर गन्ने की रोपाई करें इस तरीके से मेड़ वाली बिजाई से अधिक पैदावार मिलती है 3) गड्ढा खोदकर बिजाई: गड्ढे खोदने वाली मशीन से 60 सैं.मी. व्यास के 30 सैं.मी. गहरे गड्ढे खोदें जिनमें 60 सैं.मी. का फासला हो इससे गन्ना 2-3 बार उगाया जा सकता है और मेड़ वाली बिजाई से 25-50 % अधिक पैदावार आती है B) एक आंख वाले गन्नों की बिजाई: रोपाई के लिए सेहतमंद गुलियां चुनें और 75-90 सैं.मी. के अंतर पर खालियों में बिजाई करें गुलियां एक आंख वाली होनी चाहिए यदि गन्ने के ऊपरी भाग में छोटी डलियां चुनी गई हों तो बिजाई 6 -9 सैं.मी. के अंतर पर करें फसल के अच्छे उगने के लिए आंखों को ऊपर की ओर रखें और हल्की सिंचाई करें पतझड़ के मौसम में 14500-16500 तीन आंख वाले बीज प्रति एकड़ में प्रयोग करें और बसंत के मौसम में 16500-25000 तीन आंख वाले बीज और 21600-25000 दो आंख वाले बीज प्रति एकड़ में प्रयोग करें गन्ने में नदीनों के कारण 12-72 % पैदावार का नुकसान होता है शुरूआती 60-120 दिनों तक नदीनों की रोकथाम बहुत जरूरी है इसलिए रोपाई के बाद 3-4 महीने बाद फसल की नदीनों की रोकथाम करें नीचे लिखे तरीकों से नदीनों को रोका जा सकता है 1) हाथों से गोडाई करके: गन्ना एक व्यापक जगह लेने वाली फसल है इसलिए नदीनों को गोडाई करके रोका जा सकता है इसके इलावा प्रत्येक सिंचाई के बाद 3-4 गोडाई जरूरी है 2) काश्तकारी ढंग: इस प्रक्रिया में खेती के तरीके, अंतरफसली और मलचिंग तरीके शामिल हैं बहुफसली के कारण नदीनों का हमला ज्यादा होता है इसकी रोकथाम के लिए चारे वाली फसलें और हरी खाद वाली फसलों के आधार वाला फसली चक्र गन्ने में नदीनों की रोकथाम करता है गन्ना एक व्यापक जगह लेने वाली भी फसल है जिससे नदीनों के हमले का खतरा भी ज्यादा होता है यदि गन्ने को कम समय वाली फसलों के साथ अंतरफसली किया जाए तो इससे नदीनों को कम किया जा सकता है और ज्यादा लाभ भी मिल सकता है गन्ने के अंकुरन के बाद गन्ने की कतारों में 10-12 सैं.मी. मोटी तह बिछा दी जाती है यह सूर्य की रोशनी को सोखता है जिससे नदीन कम होते हैं यह मिट्टी में नमी को भी बचाता है 3) रासायनिक तरीके: नदीनों की रोकथाम के लिए, सिमाज़ीन या एट्राज़ीन 600-800 ग्राम या मैट्रीब्यूज़िन 800 ग्राम या ड्यूरॉन 1-1.2 किलोग्राम प्रति एकड़ में बिजाई के तुरंत बाद प्रयोग करना चाहिए इसके इलावा चौड़े पत्ते वाले नदीनों की रोकथाम के लिए 2, 4-डी@ 300-400 ग्राम का प्रयोग प्रति एकड़ के हिसाब से करें नाइट्रोजन 62 किलो, फासफोरस 32 किलो और पोटाश 42 किलो प्रति एकड़ में डालें बिजाई से पहले नाइट्रोजन की 1/3 मात्रा और फासफोरस और पोटाश की पूरी मात्रा डालें बाकी बची नाइट्रोजन की दो मात्रा को टॉप ड्रेसिंग के तौर पर डालें नाइट्रोजन की पहली मात्रा को बीज वाली आंख के अंकुरण के समय और दूसरी मात्रा को बीज अंकुरण के 45 दिन बाद डालें 3 वर्षों के बाद गन्ने की गुलियों में 40-50 क्विंटल गाय का गोबर प्रति एकड़ में डालें पतझड़ के मौसम में 90-100 दिनों में नाइट्रोजन को टॉप ड्रेसिंग के तौर पर डालें और बसंत के मौसम में 150-160 दिन बाद डालनी चाहिए सिंचाई की संख्या मिट्टी की किस्म और पानी की उपलब्धता पर निर्भर करती है गर्मी के महीने में गर्म हवाओं और सूखे में वृद्धि होने के कारण फसल को पानी की जरूरत पड़ती है पहली सिंचाई फसल के 20-25 % अंकुरित होने पर करें मानसून में गन्ने को पानी और बारिश के आधार पर लगाएं कम वर्षा में सिंचाई 10 दिनों के अंतराल पर करें इसके बाद सिंचाई के अंतराल को बढ़ाकर 20-25 दिनों के अंतराल पर सिंचाई करें जमीन में नमी संभालने के लिए गन्ने की पंक्तियों में मलचिंग का प्रयोग करें अप्रैल जून के महीने में पानी की कमी ना होने दें इससे पैदावार कम होगी इसके इलावा बारिश के दिनों में पानी ना खड़ा होने दें जोताई का समय, वृद्धि का समय और अधिक विकास का समय सिंचाई के लिए बहुत नाज़ुक होता है मिट्टी को मेंड़ पर चढ़ाना: कसी की मदद से खालियों में और पौधे के किनारों पर मिट्टी चढ़ाई जाती है यह मिट्टी में अच्छी तरह से तैयार की गई खाद को अच्छी तरह से मिश्रित होने में मदद करती है पौधे को सहारा देने और उसे गिरने से बचाने में भी मदद करती है ज्यादा पैदावार और चीनी प्राप्त करने के लिए गन्ने की सही समय पर कटाई जरूरी है समय से पहले या बाद में कटाई करने से पैदावार पर प्रभाव पड़ता है किसान शूगर रीफरैक्टोमीटर का प्रयोग करके कटाई का समय पता लगा सकते हैं गन्ने की कटाई द्राती की सहायता से की जाती है गन्ना धरती से ऊपर थोड़ा हिस्सा छोड़कर काटा जाता है क्योंकि गन्ने में चीनी की मात्रा ज्यादा होती है कटाई के बाद गन्ना फैक्टरी में लेकर जाना जरूरी होता है धन्यवाद
Posted by TOLIRAMBHIL Rana
Rajasthan
23-02-2020 01:43 PM
Maharashtra
02-24-2020 01:43 PM
तोलीरामभिल जी, आप इसके पत्ते के नीचे मच्छर के हमले की जांच करें, अगर हमला मौजूद हो तो आप इसमें imidacloprid @15 ml प्रति लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे कर सकते हैं, धन्यवाद
Posted by gurbaj singh
Punjab
23-02-2020 01:37 PM

Punjab
02-23-2020 03:23 PM
ਉਸ ਨੂੰ ਕਣਕ ਦਾ ਦਲੀਆ 1 ਕਿਲੋ, 250 ਗ੍ਰਾਮ ਗੁੜ ਵਿਚ ਰਿਨ ਕੇ 7-10 ਦਿਨ ਦੇ ਸਕਦੇ ਹੋ ਅਤੇ ਉਸ ਨੂੰ Enerdyna liquid 100ml ਰੋਜਾਨਾ ਅਤੇ Metabolite ਪਾਊਡਰ ਦੀ ਰੋਜਾਨਾ ਇਕ ਪੂੜੀ ਦੇਣੀ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ
Posted by Anil Kumar
Punjab
23-02-2020 01:25 PM
Punjab
02-26-2020 06:38 PM
Ank Choudhary ji Training ate Gandoe len lai tusi apne jile de Krishi Vigyan Kendra, Jalandhar (Uppal Jagir, Nurmahal) Phone: 09888900329 nal samparak kar sakde ho, Thankyou.
Posted by INDER PAL
Rajasthan
23-02-2020 01:24 PM
Rajasthan
02-23-2020 03:24 PM
मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजि.... (Read More)
मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजित किया जा रहा है प्रशिक्षण कार्य कर्म में भाग लेने के लिए नीचे दिए गए नम्बर पर आज ही संपर्क करें और Rs 250/ से अपना रजिस्ट्रेशन करवाए अचल सिंह (फाउंडर )- 9711858258. धन्यवाद
Posted by Vaibhav Padghan
Maharashtra
23-02-2020 01:20 PM
Maharashtra
02-24-2020 08:26 AM
Posted by Devendra mall
Uttar Pradesh
23-02-2020 01:19 PM
Punjab
02-23-2020 05:34 PM
श्री मान फंगस का हमला है इसकी रोकथाम के लिए आप M-45@500 ग्राम प्रती एकड़ सप्रे कर सकते हो
Posted by Kulwant Singh
Punjab
23-02-2020 01:06 PM
Punjab
02-23-2020 03:25 PM
Kulwant ji ehna uppar jo likhia hai purri trah paddia nhi ja reha hai tuci ehna vare purri jankari lai jiss ton ehh semen bhrwaye gye hai uss ton purri jankari laa skde ho ohna kol isda purra record hunda hai.