Posted by Hargbinder singh
Punjab
24-02-2020 08:14 PM
ਹਰਗਬਿੰਦਰ ਜੀ ਇਹ Onkar seeds ਦਾ ਬੀਜ ਹੈ ਜਿਸਦੀ ਕਿਸਮ ਦਾ ਨਾਮ Jeenu plus ਹੈ ਇਸਦਾ ਝਾੜ ਤੁਹਾਡੀ ਸਾਂਭ ਸੰਭਾਲ ਤੇ ਨਿਰਭਰ ਕਰਦਾ ਹੈ ਅਤੇ ਇਸਦਾ ਔਸਤਨ ਝਾੜ 1.5 ਕੁਇੰਟਲ ਤੋਂ 4.5 ਕੁਇੰਟਲ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਨਿਕਲ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਅਤੇ ਇਸਦੀਆਂ ਲਗਭਗ 45 -50 ਤੁੜਾਈਆਂ ਹੋ ਜਾਂਦੀਆਂ ਹਨ

Posted by Jagmeet Brar
Punjab
24-02-2020 08:09 PM
ਬਰਾੜ ਜੀ ਤੁਸੀ ਇਸਦੀ ਵਰਤੋਂ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਇਸਦੀ ਮਾਤਰਾ 3 ਗ੍ਰਾਮ ਨੂੰ ਪ੍ਰਤੀ ਲੀਟਰ ਪਾਣੀ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਸਪਰੇ ਕਰੋ ਧੰਨਵਾਦ

Posted by gurpreet
Punjab
24-02-2020 08:03 PM
Gurpreet ji tuci ehna nu vdemia vich v de skde ho, iss vich koi smasia wali gal nhi hai, jiwe tuhade pashu khande hai uss hisab nal de skde ho.
Posted by sunil Kumbhakar
Madhya Pradesh
24-02-2020 07:49 PM
कुम्भकार जी आप इसके ऊपर mancozeb @400 ग्राम को प्रति एकड़ के हिसाब से स्प्रे करें
धन्यवाद

Posted by Baldev singh
Punjab
24-02-2020 07:27 PM
Baldev singh ji Pipeline te 50% ta k subsidy hai is bare visthar vich jankari lai tusi Mr Mishra 9465884780, 9810363807 nal samparak kar sakde ho, Thankyou.
Posted by Gurvinder Singh
Uttarakhand
24-02-2020 07:21 PM
Gurvinder ji isko aap ek varr aur AI krwa den aur isko Keeper plus powder 30gm rojana 20 din tak dete rehen, isse pashu ke gabhin rehnne ki ass vdhh jayegi.
Posted by vijay kumar yadav
Bihar
24-02-2020 07:20 PM
गेंदे की बिजाई एक वर्ष में कभी भी की जा सकती है बारिश के मौसम में इसकी बिजाई मध्य जून से मध्य जुलाई में करें आप इसे पपीते की फसल के साथ लगा सकते है यह फसल में नेमाटोड के हमले को रोकता है धन्यवाद
Posted by Nomesh chandrakar
Chattisgarh
24-02-2020 07:12 PM
सबसे पहले यदि हम मछली पालन की बात करें तो इसके लिए ट्रेनिंग बहुत जरूरी है यह ट्रेनिंग FFDA(fish farmer development aggency) हर जिले में बनी है जहां हमारा खेतीबाड़ी विभाग है वहां इसके अफसर बैठते हैं वहां जाकर एप्लीकेशन भरवायें वहां आपको 5 दिन की ट्रेनिंग दी जायेगी ट्रेनिंग के लिए दसवीं पास होना ज़रूरी है इस ट्रेनिंग में आपको लोन और स.... (Read More)
सबसे पहले यदि हम मछली पालन की बात करें तो इसके लिए ट्रेनिंग बहुत जरूरी है यह ट्रेनिंग FFDA(fish farmer development aggency) हर जिले में बनी है जहां हमारा खेतीबाड़ी विभाग है वहां इसके अफसर बैठते हैं वहां जाकर एप्लीकेशन भरवायें वहां आपको 5 दिन की ट्रेनिंग दी जायेगी ट्रेनिंग के लिए दसवीं पास होना ज़रूरी है इस ट्रेनिंग में आपको लोन और सब्सिड़ी के बारे में सारी जानकारी प्राप्त हो जाएगी और आपको इसमें आने वाले खर्चा की जानकारी भी हो जाएगी इसकी पुंग छोड़ने के लिए अप्रैल से अक्तूबर का समय बढ़िया होता है, बाकि यदि अपने शुरू करना है तो यूनिवर्सिटी की तरफ से एक एकड़ में शुरू कर सकते हैं. एक एकड़ में 5000 पूंग डाल सकते हैं यह 2 से 3 इंच का होता है यदि 5000 डालना है तो 3000 रोहू, 1000 कतला, 500 कॉमन कॉर्प और 500 मरीगल नस्ल डाली जाए यह पूंग आप मछली पालन विभाग से खरीद सकते हैं यह एक इंच का बच्चा 10 पैसा प्रति बच्चा मिलेगा यदि बढ़िया खुराक डाली जाए तो 8 महीनों में यह लगभग 800—900 ग्राम का हो जाता है बाकी मछली पालन के लिए नहरी पानी बढ़िया होता है और आप गांव का छप्पड़ ठेके से लेकर भी यह काम शुरू कर सकते हैं तालाब में मछली के बीज डालने से पहले इस बात की जांच कर लेनी चाहिए कि उस तालाब में काफी मात्रा में मछली की कुदरती खुराक उपलब्ध है.
Posted by सूर्य नाथ सिंह
Bihar
24-02-2020 07:10 PM
सूर्य नाथ जी आप अमरुद की कटाई करने के बाद बोर्डो पेस्ट लगाए

Posted by Udham Singh
Haryana
24-02-2020 07:03 PM
Udham Singh ji abhi asi koi bhi scheme nahi hai, Thankyou.

Posted by Udham Singh
Haryana
24-02-2020 07:00 PM
Udham Singh ji lokey ke sath aap kheera ya karel ajaisi sabji ki bijai kar sakte hai vo bhi ek med par lauki doosri med par aap kheera ya karele ki bijai kar sakte hai.dhanywad

Posted by Kulwinder singh
Punjab
24-02-2020 06:53 PM
Kulwinder singh i is bare visthar vich jankari ke lia aap Krishi Vigyan Kendra, Address: Shamsher Nagar, Sirhind, Punjab 140406, Phone: 01763221217 nal samparak kar sakde ho, Thankyou.
Posted by shankar sarkar
Chattisgarh
24-02-2020 06:49 PM
आपके सभी सवालो का जवाब दिया जा चुका है आप अपने सवालों के जवाब एप में मेरे सवाल का क्लिक करके देख सकते हैं या फिर मेरी प्रोफाईल के नीचे अपने सवालों के जवाब देख कते हैं यदि आपकी कोई ओर समस्या है तो आप हैल्प लाईन नंबर : 97799-77641 पर संपर्क कर सकते हैं
Posted by shankar sarkar
Chattisgarh
24-02-2020 06:42 PM
श्री मान तरबूज भारत में एक महत्वपूर्ण ककड़ी की सब्जी है यह एक उत्कृष्ट रेगिस्तान फल है और इसके रस में प्रोटीन, खनिज और कार्बोहाइड्रेट के साथ 92% पानी होता है तरबूज राजस्थान, गुजरात, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और आंध्र प्रदेश की प्रमुख नदी-फसल है इसकी किस्मे जैसे के Arka Jyoti, Arka Manik, Durgapur Kesar, Durgapur Lal, Durgapur Meetha, Improved Shipper, Pusa Bedane, Special No 1, Char.... (Read More)
श्री मान तरबूज भारत में एक महत्वपूर्ण ककड़ी की सब्जी है यह एक उत्कृष्ट रेगिस्तान फल है और इसके रस में प्रोटीन, खनिज और कार्बोहाइड्रेट के साथ 92% पानी होता है तरबूज राजस्थान, गुजरात, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और आंध्र प्रदेश की प्रमुख नदी-फसल है इसकी किस्मे जैसे के Arka Jyoti, Arka Manik, Durgapur Kesar, Durgapur Lal, Durgapur Meetha, Improved Shipper, Pusa Bedane, Special No 1, Charl Stan Gray की बिजाई कर सकते हो तरबूज गहरी उपजाऊ और अच्छी तरह से सूखा मिट्टी में अच्छी तरह से बढ़ता है यह सबसे अच्छा परिणाम देता है जब रेतीले या रेतीले दोमट मिट्टी पर उगाया जाता है खराब जल निकासी क्षमता वाली मिट्टी तरबूज की खेती के लिए अनुकूल नहीं है एक ही खेत पर एक ही फसल के लगातार उगने से फसल के घूमने का पालन करने से पोषक तत्वों की हानि, खराब उपज और अधिक रोग का हमला होता है मिट्टी का पीएच 6-7 के बीच होना चाहिए भूमि की जुताई करें और बारीक तिलक लगाएं तरबूज को सीधे नर्सरी में उगाया जा सकता है या फिर मुख्य खेत में प्रत्यारोपित किया जा सकता है तरबूज की खेती के लिए इष्टतम समय फरवरी के मध्य से मार्च के मध्य तक है बुवाई विधि के आधार पर रिक्ति भिन्न हो सकती है गड्ढे की विधि में पंक्ति से पंक्ति की दूरी 2-3.5 मी और दो पौधे के बीच 0.6-1.2 मी -4 सेमी की गहराई पर बीज बोएं बुवाई के विभिन्न तरीकों जैसे फुर्रो विधि, पिट विधि और पहाड़ी विधि का उपयोग जलवायु और मौसम के आधार पर किया जा सकता है फ़रो विधि: बुवाई फ़ुर्रों के दोनों ओर की जाती है एक बार में 3-4 बीज बोना (अंकुरण के बाद केवल स्वस्थ अंकुर रखना) और पौधे को पौधे से 60-90 सेमी की दूरी पर रखें पिट विधि: गड्ढे में 4 बोया हुआ बीज इसके लिए दो पंक्तियों के बीच 2-3.5 मीटर की दूरी पर और पौधे के बीच 0.6-1.2 मीटर की दूरी पर 60x60x60 सेमी के गड्ढे बनाएं अच्छी तरह से विघटित गोबर और मिट्टी के साथ गड्ढे भरें अंकुरण के बाद केवल एक अंकुर रखें पहाड़ी विधि: पिट विधि के समान इसमें 30x30x30 सेमी गड्ढों के गड्ढे को 1-1.5 मी की दूरी पर बनाया जाता है दो बीज प्रति पहाड़ी बोए जाते हैं एक एकड़ भूमि की बुवाई के लिए 1.5 से 2 किलोग्राम बीज की आवश्यकता होती है बुवाई से पहले कार्बेन्डिज़िम @ 2 ग्राम / किलोग्राम बीज से बीज उपचारित करें रासायनिक उपचार के बाद ट्राइकोडर्मा विरिडी @ 4 ग्राम प्रति किलोग्राम बीज के हिसाब से बीज डालें बीज को छाया में सुखाएं और फिर तुरंत बुवाई करें बुवाई से 20-25 दिन पहले, फार्म यार्ड खाद या अच्छी तरह से विघटित गोबर @ 6 टन प्रति एकड़ की दर से लगाएं और मिट्टी में अच्छी तरह मिलाएं तरबूज के लिए नाइट्रोजन @ 20 किग्रा, फास्फोरस @ 10 किग्रा और पोटाश @ 10 किग्रा यूरिया @ 45 किग्रा, सिंगल सुपर फास्फेट @ 65 किग्रा और म्यूरिएट ऑफ पोटाश @ 18 किग्रा प्रति एकड़ की आवश्यकता होती है बीज बोने के समय फास्फोरस, पोटाश की पूरी मात्रा और नाइट्रोजन की एक तिहाई मात्रा लगाएँ नाइट्रोजन आधार की शेष खुराक लागू करें, 30-45 दिनों के बाद बेलों के पास बुवाई करें, इसे छूने से बचें और मिट्टी में अच्छी तरह मिलाएं वृद्धि के प्रारंभिक चरण के दौरान बिस्तर को खरपतवार मुक्त रखें उचित नियंत्रण उपायों की अनुपस्थिति में, खरपतवार 30% की उपज हानि का कारण बन सकता है बुवाई के 15-20 दिन बाद, आपस में जुड़े हुए ऑपरेशन करें मातम की गंभीरता और तीव्रता के आधार पर, दो से तीन निराई की आवश्यकता होती है बीजों के त्वरित अंकुरण के लिए बुवाई के तुरंत बाद सिंचाई करें शेष सिंचाई 5-7 दिनों के अंतराल पर करें परिपक्वता के समय जरूरत पड़ने पर ही सिंचाई करें सिंचाई के समय भी सिंचाई से बचें, बेलों या वानस्पतिक भागों को गीला नहीं करना चाहिए, विशेष रूप से फूलों और फलों के सेट के दौरान बेहतर स्वाद के लिए, बेहतर मिठास पाने के लिए; कटाई से ३-६ दिन पहले सिंचाई बंद कर दें या पानी देना कम कर दें
Posted by Gaurav yadav
Uttar Pradesh
24-02-2020 06:41 PM
गौरव जी जब उसका भार 250 से 270 किलो तक हो जाए तब आप उसे हीट में आने पर गाभिन करवा सकते हैं अभी आप उसे अच्छी खुराक और फीड देनी शुरू करें और उसे cafplan powder 50gm रोज़ाना देना शुरू करें और Bovimin-B मिनरल मिक्सचर पाउडर 25gm रोजाना देना शुरू करें
Posted by Gurdeep Grewal
Punjab
24-02-2020 06:38 PM
Grewal ji jekar tara saff krr rehi c tan tuci iss nu tika bhrwao ate tika bhrwa ke pregstay powder 30gm rojana dena suru kro.

Posted by mahendra
Rajasthan
24-02-2020 06:32 PM
asi kewa damaßtic hi lagate hai
Posted by Nandkishor Patel
Madhya Pradesh
24-02-2020 06:18 PM
Nandkishor Patel ji, kisan credit card banae ki jankari lene ke liye ap Apni Kheti ke facebook page par uploaded video ko dekh sakte hain, agar apko fir bhi nahi pta chata hai to ap kripya sawal dubara puch sakte hain, dhanywad https://www.facebook.com/watch/ v=555903408608319&external_log_id=badfa9dcd81a261f27a84f25ae7f7404&q=kisan%20credit%20card
Posted by lokeshkumar Meena
Rajasthan
24-02-2020 05:56 PM
मीणा जी कृपया बताये कि आप टिंडे की खेती के बारे में जानकारी लेना चाहते है ताकि आपको इसके बारे में पूरी जानकारी दी जा सके धन्यवाद
Posted by sunil
Haryana
24-02-2020 05:48 PM
श्रीमान जी गेहूं में opera 300ml प्रति एकड़ स्प्रे कर सकते हैं
Posted by Gurdeep Kasana
Haryana
24-02-2020 05:46 PM
Gurdeep Kasana ji, yeh apko cooperative society se mil sakti hai, iske ilawa ap markfed mill se sampara kar sakte hain, 01637230071, dhanywad

Posted by ਮਨਪ੍ਰੀਤ ਸਿੰਘ
Punjab
24-02-2020 05:44 PM
श्रीमान जी गेहूं में Imidacloprid@1.5ml प्रति लीटर पानी में मिलाकर स्प्रे कर सकते हैं

Posted by Gurjant singh
Punjab
24-02-2020 05:15 PM
Gurjant ji tuci iss vare jankari lai mere nal iss no. +91 94174 23111 te sampark kr skde ho.
Posted by Lachhma singh Bhullar PWD
Punjab
24-02-2020 05:12 PM
भुल्लर जी पत्ते को हाथ लगाकर देखें यदि हल्दी जैसा पाउडर हाथ को लग रहा है तो आप टिल्ट 200ml को प्रति एकड़ के हिसाब से स्प्रे करें धन्यवाद

Posted by Harnoor singh
Punjab
24-02-2020 05:04 PM
ਹਰਨੂਰ ਜੀ ਤੁਸੀ ਇਸਦੇ ਉਪਰ carbendazim @400 ਗ੍ਰਾਮ ਨੂੰ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਸਪਰੇ ਕਰੋ ਧੰਨਵਾਦ

Posted by Kuldeep Singh Sidhu
Punjab
24-02-2020 05:00 PM
ਮੱਝ ਨੂੰ ਕਾਰਗਿਲ ਦੀ Transition mix ਫੀਡ ਦੇਣੀ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਅਤੇ ਉਸ ਨੂੰ Vitum-H liquid 10-10ml ਸਵੇਰੇ ਸ਼ਾਮ ਦੇ ਸਕਦੇ ਹੋ ਅਤੇ Metabolite ਪਾਊਡਰ ਦੀ ਰੋਜਾਨਾ ਇਕ ਪੁੜੀ ਦੇਣੀ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ, ਇਸ ਨਾਲ ਲੇਵਾ, ਦੁੱਧ ਵਧਿਆ ਹੋ ਜਾਵੇਗਾ..
Posted by Gurjinder Singh
Punjab
24-02-2020 04:54 PM
गुरजिंदर जी आप सब्जियों जैसे राजमा, शिमला मिर्च, खीरा, करेला, कद्दू, तोरी, पेठा, खरबूजा, तरबूज, पालक, फूलगोभी, बेंगन,भिंडी, अरबी, गवारा की बिजाई कर सकते हैं धन्यवाद

Posted by ਗੁਰਪ੍ਰੀਤ ਸਿੰਘ
Punjab
24-02-2020 04:38 PM
ਤੁਸੀ ਮੇਰੇ ਨਾਲ 98140 19470 ਨੰਬਰ ਤੇ ਗੱਲ ਕਰੋ ਜੀ ਕੋਸ਼ਿਸ਼ ਕਰਾਂਗੇ ਕਿ ਸਹੀ ਗਾਈਡ ਕੀਤਾ ਜਾ ਸਕੇ ਜੀ
Posted by Ch parmod Khtana
Uttar Pradesh
24-02-2020 04:36 PM
khtana ji kripya btaye ke aapne isme kya kya khaad daali hai abhi tak taki aapko iske bare men poori jankari di ja sake.dhanywad
Posted by Karam Husain
Uttar Pradesh
24-02-2020 04:36 PM
बकरी पालन बहुत ही लाभकारी काम है शुरूआत करने के लिए आप 10 बकरियों और 2 बकरे के साथ कर सकत हैं इन्हें खुराक कम चाहिए इसलिए इन्हें आसानी से पाल सकते हैं ये हर प्रकार के मौसम में पाली जा सकती हैं बकरियां 12-14 महीने में बच्चे देना शुरू कर देती है एक बकरी के लिए लगभग 12—15 वर्ग फीट जगह छती हुई और 25—30 वर्ग फीट जगह खुली चाहिए .... (Read More)
बकरी पालन बहुत ही लाभकारी काम है शुरूआत करने के लिए आप 10 बकरियों और 2 बकरे के साथ कर सकत हैं इन्हें खुराक कम चाहिए इसलिए इन्हें आसानी से पाल सकते हैं ये हर प्रकार के मौसम में पाली जा सकती हैं बकरियां 12-14 महीने में बच्चे देना शुरू कर देती है एक बकरी के लिए लगभग 12—15 वर्ग फीट जगह छती हुई और 25—30 वर्ग फीट जगह खुली चाहिए बकरी का गर्भ समय 150 दिन का होता है और साल में 1-5 बच्चे देती है साल में दो बच्चे देना आम बात है बकरियां 8-10 वर्ष तक बच्चे देती हैं और अपन गिनती को तेजी से बढ़ा लेती हैं आप बारबरी, ब्लैक बंगाल, जैसी नसल पाल सकते हैं
Posted by surjit singh
Punjab
24-02-2020 04:21 PM
ਧਨੀਏ ਦੀ ਚੰਗੀ ਫ਼ਸਲ ਲਈ ਮਿੱਟੀ ਦੀ ਕਿਸਮ, ਮੀਂਹ ਅਤੇ ਵਾਤਾਵਰਣ ਅਨੁਸਾਰ ਚਾਰ ਤੋਂ ਪੰਜ ਵਾਰ ਸਿੰਚਾਈ ਦੀ ਲੋੜ ਪੈਂਦੀ ਹੈ ਪਹਿਲੀ ਸਿੰਚਾਈ ਬਿਜਾਈ ਤੋਂ 30 ਦਿਨਾਂ ਬਾਅਦ ਕਰਨੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ ਇਸ ਤੋਂ ਬਾਅਦ 60 ਤੋਂ 70, 80 ਤੋਂ 90, 100 ਤੋਂ 105 ਅਤੇ 110 ਤੋਂ 150 ਦਿਨਾਂ ਬਾਅਦ ਸਿੰਚਾਈ ਕਰਨੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ ਫ਼ਸਲ ਨੂੰ ਫੁੱਲ ਅਤੇ ਫਲ ਪੈਣ ਵੇਲੇ ਜ਼ਮੀਨ ਵਿਚ ਲੋੜੀਂਦੀ ਨਮੀ ਬਣਾਈ ਰੱਖਣਾ ਜ਼ਰੂਰੀ ਹੁੰਦਾ ਹੈ
Posted by Ramlakhan Sahani
Uttar Pradesh
24-02-2020 04:20 PM
इस फसल की खेती अलग-अलग मिट्टी की किस्मों में की जा सकती है जैसे कि रेतली, चिकनी, दोमट, काली, लाल मिट्टी, जिसमें पानी के निकास का सही प्रबंध हो इसकी अच्छी पैदावार के लिए इसे अच्छे निकास वाली रेतली मिट्टी में उत्तम जैविक तत्वों से उगाया जा सकता है अच्छे निकास वाली मिट्टी की पी एच 7-8.5 होनी चाहिए यह तेजाबी और खारी मि.... (Read More)
इस फसल की खेती अलग-अलग मिट्टी की किस्मों में की जा सकती है जैसे कि रेतली, चिकनी, दोमट, काली, लाल मिट्टी, जिसमें पानी के निकास का सही प्रबंध हो इसकी अच्छी पैदावार के लिए इसे अच्छे निकास वाली रेतली मिट्टी में उत्तम जैविक तत्वों से उगाया जा सकता है अच्छे निकास वाली मिट्टी की पी एच 7-8.5 होनी चाहिए यह तेजाबी और खारी मिट्टी में भी उगने योग्य फसल है ज्यादा तेजाबी मिइस फसल की खेती अलग-अलग मिट्टी की किस्मों में की जा सकती है जैसे कि रेतली, चिकनी, दोमट, काली, लाल मिट्टी, जिसमें पानी के निकास का सही प्रबंध हो इसकी अच्छी पैदावार के लिए इसे अच्छे निकास वाली रेतली मिट्टी में उत्तम जैविक तत्वों से उगाया जा सकता है अच्छे निकास वाली मिट्टी की पी एच 7-8.5 होनी चाहिए यह तेजाबी और खारी मिट्टी में भी उगने योग्य फसल है ज्यादा तेजाबी मिट्टी में खेती ना करें अगेती फसल के लिए हल्की मिट्टी लाभदायक है, जबकि अच्छी पैदावार के लिए चिकनी, दोमट और बारीक रेत वाली मिट्टी बहुत अच्छी है प्रसिद्ध किस्में :- Pusa Rubi,Pusa Early Dwarf,Punjab Chhuhara,Pusa 120,Roma Selection 120 टमाटर के बीजों को पहले नर्सरी में बोया जाता है और फिर हन्हें मुख्य खेत में रोपित किया जाता है मुख्य खेत की तैयार के लिए अच्छी जोताई और समतल मिट्टी की जरूरत होती है मिट्टी को भुरभुरा बनाने के लिए 4-5 बार जोताई करें फिर मिट्टी को समतल करने के लिए सुहागा फेरें आखिरी जोताई के समय गाय का गला हुआ गोबर 60 किलो को मिट्टी में अच्छी तरह मिलायें रोपाई के लिए 80-90 सैं.मी. चौड़े बैड तैयार करें बिजाई से एक महीना पहले मिट्टी को धूप में खुला छोड़ दें आवश्यक लंबाई और 80-90 सैं.मी. की चौड़ाई वाले बैडों पर टमाटर के बीजों को बोयें बिजाई के बाद बैडों को प्लास्टिक शीट से ढक दें और फूलों को पानी देने वाले डब्बे से रोज़ सुबह बैडों की सिंचाई करें रोगाणुओं के हमले से फसल को बचाने के लिए नर्सरी वाले बैडों को अच्छे नाइलोन के जाल से ढक दें पनीरी लगाने के 10-15 दिन बाद 19:19:19 के साथ सूक्ष्म तत्वों की 2.5-3 ग्राम प्रति लीटर पानी में मिलाकर स्प्रे करें पौधों को तंदरूस्त और मजबूत बनाने के लिए बिजाई के 20 दिन बाद लीहोसिन 1 मि.ली. प्रति लीटर पानी की स्प्रे करें प्रभावित पौधों को खेत में से उखाड़ दें ताकि पौधों का फासला सही रखा जा सके और निरोग पौधों को रोगाणुओं से भी बचाया जा सके रोगाणुओं से बचाव के लिए मिट्टी में नमी बनाये रखें यदि सूखा दिखे तो पौधों को रोपाई से पहले मैटालैक्सिल 2.5 ग्राम प्रति लीटर पानी में 2-3 बार भिगोयें बिजाई से 25-30 दिन बाद पनीरी वाले पौधे तैयार हो जाते हैं और इनके 3-4 पत्ते निकल आते हैं यदि पौधों की आयु 30 दिन से ज्यादा हो तो इसके उपचार के बाद इसे खेत में लगायें पनीरी उखाड़ने के 24 घंटे पहले बैडों को पानी लगायें ताकि पौधे आसानी से उखाड़े जा सकें बसंत के मौसम के लिए नर्सरी नवंबर-दिसंबर में तैयार करें जबकि सर्दियों में KE मौसम में सितंबर-अक्तूबर महीने में नर्सरी में बीजों को बोयें किस्म और विकास के ढंग मुताबिक 60x30 सैं.मी. या 75x60 सैं.मी. या 75x75 सैं.मी. का फासला रखें में छोटे कद वाली किस्म के लिए 75x30 सैं.मी. का फासला रखें और वर्षा वाले मौसम के लिए 120-150x30 सैं.मी. का फासला रखें नर्सरी में बीजों को 0-5 सैं.मी. गहराई में बोयें और मिट्टी से ढक दें पनीरी को उखाड़कर खेत में लगा दें एक एकड़ खेत में बिजाई के लिए 100-160 ग्राम बीज नए पौधे तैयार करने के लिए प्रयोग किए जाते हैं हाइब्रिड किस्मों के लिए 80-100 ग्राम बीज प्रति एकड़ में प्रयोग करें नाइट्रोजन 40-60 किलो (90-130 किलो यूरिया), फासफोरस 25 किलो (155 किलो एस एस पी) और पोटाश 25 किलो (42 किलो एम ओ पी) की मात्रा प्रति एकड़ में प्रयोग करें नए पौधों की रोपाई के 2-3 सप्ताह पहले फासफोरस और पोटाश की पूरी मात्रा और नाइट्रोजन की एक तिहाई मात्रा डालें बाकी बची नाइट्रोजन को दो भागों में बांटकर रोपाई 30 और 50 दिनों के बाद डालें लगातार गोडाई करें और जड़ों को मिट्टी लगाएं 45 दिनों तक खेत को नदीन रहित रखें यदि नदीन नियंत्रण से बाहर हो जायें तो यह 70-90 प्रतिशत पैदावार कम कर देंगे रोपाई से पहले मुख्य खेत में पैंडीमैथालीन 0.4 किलो को प्रति एकड़ में लगाएं यदि नदीनों की संख्या ज्यादा हो तो नदीनों के अंकुरण के बाद सैंकर 0.2 किलो की प्रति एकड़ में स्प्रे करें नदीनों को रोकने के साथ साथ मिट्टी के तापमान को कम करने के लिए मलचिंग भी प्रभावी तरीका है रोपाई के बाद दो से तीन दिन हल्की सिंचाई करें मिट्टी में नमी के आधार पर सर्दियों में 12 से 15 दिनों के अंतराल पर सिंचाई करें और गर्मियों में 6-7 दिनों के अंतराल पर सिंचाई करें फूल निकलने की अवस्था सिंचाई के लिए गंभीर होती हैं इस अवस्था में पानी की कमी से फूलों का गिरना बढ़ता है और फलों और उत्पादकता पर इसका गंभीर प्रभाव पड़ता है बहुत सारी जांचों के मुताबिक यह पता चला है कि हर पखवाड़े में आधा इंच सिंचाई करने से जड़ें ज्यादा फैलती हैं और इससे पैदावार भी अधिक हो जाती है अत्याधिक सिंचाई ना करें पनीरी लगाने के 70 दिन बाद पौधे फल देना शुरू कर देते हैं कटाई का समय इस बात पर निर्भर करता है कि फलों को दूरी वाले स्थानों पर लेकर जाना है या ताजे फलों को मंडी में ही बेचना है आदि पके हरे टमाटर जिनका 1/4 भाग गुलाबी रंग का हो, लंबी दूरी वाले स्थानों पर लेकर जाने के लिए प्रयोग किए जाते हैं ज्यादातर सारे फल गुलाबी या लाल रंग में बदल जाते हैं, पर सख्त गुद्दे वाले टमाटरों को नज़दीक की मंडी में बेचा जा सकता है अन्य उत्पाद बनाने और बीज तैयार करने के लिए पूरी तरह पके और नर्म गुद्दे वाले टमाटरों का प्रयोग किया जाता है कटाई के बाद आकार के आधार पर टमाटरों को छांट लिया जाता है इसके बाद टमाटरों को बांस की टोकरियों या लकड़ी के बक्सों में पैक कर लिया जाता है लंबी दूरी पर लिजाने के लिए टमाटरों को पहले ठंडा रखें ताकि इनके खराब होने की संभावना कम हो जाये पूरी तरह पके टमाटरों से जूस, सीरप और कैचअप आदि उत्पाद भी तैयार किए जाते हैं

Posted by Har Kamal Jeet singh
Punjab
24-02-2020 04:18 PM
ਤੁਸੀ ਓਹਨਾ ਨੂੰ 3 ਕਿਲੋ ਦੁੱਧ ਮਗਰ 1 ਕਿਲੋ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਫੀਡ ਦੇ ਸਕਦੇ ਹੋ ਅਤੇ ਜੇਕਰ ਦੁੱਧ ਨਹੀਂ ਦਿੰਦਿਆਂ ਹੈ ਤਾਂ ਤੁਸੀ 1.5-2 ਕਿਲੋ ਫੀਡ ਰੋਜਾਨਾ ਦੇ ਸਕਦੇ ਹੋ ਅਤੇ ਹਰ 3 ਮਹੀਨੇ ਬਾਦ ਪੇਟ ਦੇ ਕੀੜਿਆਂ ਲਈ ਦਵਾਈ ਜਰੂਰ ਦਿਓ ਅਤੇ ਰੋਜਾਨਾ 35-40 ਕਿਲੋ ਹਰਾ ਚਾਰਾ ਓਹਨਾ ਦੇ ਖਾਣ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਦਿਓ.
Posted by surjit singh
Punjab
24-02-2020 04:15 PM
ਸੁਰਜੀਤ ਜੀ, ਇਹ ਤੱਤਾਂ ਦੀ ਕਮੀ ਦੀ ਵਜ੍ਹਾ ਨਾਲ ਹੋ ਰਿਹਾ ਹੈ, ਤੁਸੀਂ ਇਸ ਦੀ ਕਮੀ ਪੂਰੀ ਕਰਣ ਲਈ NPK 191919 @ 10 ਗ੍ਰਾਮ ਪ੍ਰਤੀ ਲੀਟਰ ਪਾਣੀ ਦੀ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਸਪਰੇ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ, ਧੰਨਵਾਦ

Posted by vinay
Haryana
24-02-2020 04:11 PM
Vinay ji hwa ki gati ko naapne ke liye Anemometers ka istemal kiya jata hai.dhanywad

Posted by HARSHIT tiwari
Uttar Pradesh
24-02-2020 04:06 PM
Harshit ji aap iski khurak ka pura dian rakhen kyuki sahi khurak aur sahi dekhbal se jyada dudh liya ja skta hai baki yeh lagbhag 10-12 litre tak dudh de skti hai baki apki sahi khurak aur dekhbhal per nirbhar krta hai.

Posted by sudhir Kumar
Haryana
24-02-2020 04:04 PM
मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजि.... (Read More)
मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजित किया जा रहा है प्रशिक्षण कार्य कर्म में भाग लेने के लिए नीचे दिए गए नम्बर पर आज ही संपर्क करें और Rs 250/ से अपना रजिस्ट्रेशन करवाए अचल सिंह (फाउंडर )- 9711858258. धन्यवाद

Posted by ਸੁਖਜਿੰਦਰ ਸਿੰਘ
Punjab
24-02-2020 03:58 PM
ਸੁਖਜਿੰਦਰ ਜੀ ਤੁਸੀ ਗੋਭ ਕਣਕ ਦੀ ਗੋਭ ਤੇ NPK 130045 @1 ਕਿਲੋ ਨੂੰ 150 ਲੀਟਰ ਪਾਣੀ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਸਪਰੇ ਕਰੋ ਧੰਨਵਾਦ

Posted by amrinder Singh
Punjab
24-02-2020 03:55 PM
अमरिंदर जी आप उसे keeper plus powder 30gm रोज़ाना 20 दिन तक दें और यदि वह फिर से हीट में आती है तो टीका भरवा कर बाद में यह पाउडर देते रहें
Posted by Ajay sourashtriya
Madhya Pradesh
24-02-2020 03:50 PM
यदि आप डेयरी फार्मिंग के लिए लोन लेना चाहते है तो उसके लिए आपको डेयरी की ट्रेनिंग लेने की जरूरत है उस ट्रेनिंग सर्टीफिकेट के हिसाब से आपको लोन मिल सकता है, डेयरी फार्मिंग के लिए लोन अलग अलग कामों के लिए मिलता है जैसे शैड के लिए, पशुओं के लिए, डेयरी मशीनरी के लिए सबसे पहले आपने जिसके लिए लोन लेना है उस संबंधी आव.... (Read More)
यदि आप डेयरी फार्मिंग के लिए लोन लेना चाहते है तो उसके लिए आपको डेयरी की ट्रेनिंग लेने की जरूरत है उस ट्रेनिंग सर्टीफिकेट के हिसाब से आपको लोन मिल सकता है, डेयरी फार्मिंग के लिए लोन अलग अलग कामों के लिए मिलता है जैसे शैड के लिए, पशुओं के लिए, डेयरी मशीनरी के लिए सबसे पहले आपने जिसके लिए लोन लेना है उस संबंधी आवेदन नज़दीक के डिप्टी डायरेक्टर को मिलकर दें, इसके लिए आपके पास डेयरी ट्रेनिंग होनी जरूरी है उसके सर्टीफिकेट के हिसाब से आपको लोन मिलेगा यह ट्रेनिंग आप अपने नज़दीकी केवीके से प्राप्त कर सकते है वहां समय समय पर ट्रेनिंग दी जाती है आप वहां जाकर अपना फार्म भर आए जब भी वहां ट्रेनिंग होगी तो आपको फोन करके बता दिया जाएगा, इस ट्रेनिंग में आपको डेयरी लोन और सब्सिड़ी के बारे में सारी जानकारी प्राप्त हो जाएगी.

Posted by Anjali Joshi
Madhya Pradesh
24-02-2020 03:38 PM
Anjali Joshi ji pure Gir cow ke lia aap Kamlesh Kushwaha 9229881876 Bhumika ANIMAL Breeder farm se samparak kar sakte hai, Thankyou.

Posted by Ashok Kumar Nagar
Rajasthan
24-02-2020 03:36 PM
Ashok ji aap iske uper hoshi@400ml ko prati acre ke hisab se spray karen,dhanywad

Posted by you
Rajasthan
24-02-2020 03:36 PM
मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजि.... (Read More)
मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजित किया जा रहा है प्रशिक्षण कार्य कर्म में भाग लेने के लिए नीचे दिए गए नम्बर पर आज ही संपर्क करें और Rs 250/ से अपना रजिस्ट्रेशन करवाए अचल सिंह (फाउंडर )- 9711858258. धन्यवाद

Posted by inderpal
Punjab
24-02-2020 03:29 PM
Inderpal ji Alsi de beej vich 42% fat , 29% carbs ate 18% protein hunde han.isto ilava Thiamine.Copper,Molybdenum,Magnesium,Phosphorus maujood hunde han.

Posted by Guljari Moond
Punjab
24-02-2020 03:22 PM
Moond ji aap iske uper carbendazim@400 gram ko prati litre pani ke hisab se spray karen,dhanywad
Posted by Sarpanch jashan baasi
Punjab
24-02-2020 03:13 PM
sarpanch ji tuc tilt di spray kanak te kungi da hamla hon te karo ate thiamethoxam tele de hamle hon te karo jekar tele da hamla hai ta tuc isdi spray karo nahi ta isdi spray karn di lod nahi hai,dhanwad

Posted by Bindeshwari Ram
Jharkhand
24-02-2020 02:41 PM
खुम्ब की किस्में कई प्रकार की होती है जैसे कि बटन खुम्ब, डीगरी, शटाकी खुम्ब, पराली खुम्ब, और मिलकी खुम्ब इनमे से कुइ खुम्ब सर्दियो के मौसम में और कुछ गर्मीयों के मौसम में लगाये जाते है और हर खुम्ब को लगाने का समय अलग अलग है जैसे बटन खुम्ब का समय सितंबर से मार्च तक होता है इस समय में हम तीन फसले ले सकते है शटाकी ख.... (Read More)
खुम्ब की किस्में कई प्रकार की होती है जैसे कि बटन खुम्ब, डीगरी, शटाकी खुम्ब, पराली खुम्ब, और मिलकी खुम्ब इनमे से कुइ खुम्ब सर्दियो के मौसम में और कुछ गर्मीयों के मौसम में लगाये जाते है और हर खुम्ब को लगाने का समय अलग अलग है जैसे बटन खुम्ब का समय सितंबर से मार्च तक होता है इस समय में हम तीन फसले ले सकते है शटाकी खुम्ब का समय अक्तूबर से मध्य फरवरी तक हैं इस समय हम एक फसल ही ले सकते है पराली खुम्ब का समय अप्रैल से अगस्त तक है इस समय हम चार फसले ले सकते है मिलकी खुम्ब का समय अप्रैल से सितंबर तक है आप अब अप्रैल में मिलकी या पराली खुम्ब लगा सकते है पराली खुमब के लिए आपको पराली, बीज, बांस, सेबा, आदि की जरूरत है पराली के पूले, धानो की पराली 1-1 किलो के पूले दोनो सिरो से सेबे से बांध कर तैयार किये जाते है पूले के सिरे कांट कर एक सार कर लिए जाते है पूलो की क्यिारी लगाना पराली के पूलो को साफ पानी में 16-20 घंटो के लिए डूबो दे गिले पूलो को ढलान पर रख कर फालतू पानी को निकलने दे कमरे ईटो और बांस से एक पलेटफार्म बनाये इस पलेटफार्म पर 5 पूलो की एक तहय लगाये जिसके ऊपर 75 ग्राम बीज डाले इसके ऊपर की तहय उलट होती है इस प्रकार 5-5 पूलो की तहय में 300 ग्राम बीज डाल कर कियारी तैयार करे सबसे ऊपर दो पूलो को खोलकर रख दे खुम्बो का फूटना बिजाई से 7-9 दिनो के बाद खुम्ब फूटने लगती है पानी और हवा का संचार बिजाई के दो दिन के बाद हर रोज पानी का छिडका करे खुम्बो के फूटने के बाद हवा का संचार 6-8 घंटे प्रति दिन किया जाता है खुम्बो की तूडाई खुम्बो के फूटने के बाद 1-2 दिनो के बाद तोडाई के योग्य हो जाती है मिलकी खुम्ब मिलकी खुम्ब के लिए तूडी, बीज, मोमी लिफाफे, सेबा, केसिंग,मिट्टी आदि होने चाहिये तूडी की तैयारी सूकी तूडी को पक्के फर्श पर बिछा कर 16-20 घंटे पानी से गिला करे गिली तूडी को बोरी में भर कर सेबे से बांध दे इस बोरी को उबलते पानी में 45-50 मिनट रखें तूडी को निकालकर पक्के फर्श पर बिछा कर ठंडा करे यह तूडी बिजाई के लिए तैयार है बिजाई ठंडी तूडी में बीज मिलाकर मोमी लिफाफो में भर दें एक मोमी लिफाफें में लगभग 2 किलो गिली तूडी और 70-80 ग्राम बीज पडता है लिफाफे के मुंह को सेबे से अच्छी तरह बांध कर कमरे में रख दे केसिंग बिजाई के दो तीन हफतो के बाद लिफाफे खोलकर केसिंग की 1-1.5 की तहय लगा दें केसिंग में तूडी और रेतली मिट्टी होती है 24 घंटो के लिए 4 प्रतिशत फारमलेन के घोल से जीवाणु रहित किया जाता है खुम्बो का फूटना केसिंग मिट्टी डालने के लगभग दो हफतो में खुम्बो के छोटे छोटे किणके निकलने शुरू हो जाते है और 4-5 दिन के बाद तोडने योग्य हो जाते है खुम्बो की तूडाई लगभग 35-40 दिनो तक की जाती है

Posted by aniket raghuwanshi
Madhya Pradesh
24-02-2020 02:35 PM
बीज को जुलाई के दूसरे सप्ताह से सितंबर के तीसरे सप्ताह में बोया जाता है और सितंबर के पहले सप्ताह से मध्य अक्तूबर तक रोपाई की जाती है पौधे से पौधे में 1.5x1.5 मीटर फासले का प्रयोग करें बीज को 1 सैं.मी. की गहराई पर बोयें नर्सरी तैयार की जाती है बिजाई से पहले, पौधों को मिट्टी से पैदा होने वाली बीमारियों से बचाने के लिए.... (Read More)
बीज को जुलाई के दूसरे सप्ताह से सितंबर के तीसरे सप्ताह में बोया जाता है और सितंबर के पहले सप्ताह से मध्य अक्तूबर तक रोपाई की जाती है पौधे से पौधे में 1.5x1.5 मीटर फासले का प्रयोग करें बीज को 1 सैं.मी. की गहराई पर बोयें नर्सरी तैयार की जाती है बिजाई से पहले, पौधों को मिट्टी से पैदा होने वाली बीमारियों से बचाने के लिए कप्तान 3 ग्राम से प्रति किलो बीज का उपचार करें
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