Posted by surendra Prasad kushwaha
Jharkhand
25-02-2020 03:20 PM
यदि खेत में नहीं चरता तो आप उसे यहां रखते है वहां चारा डाल सकते है और उसे आप Brotone liquid 5-7ml रोजाना देना शुरू करें इससे फर्क पड़ जाएगा

Posted by ਗਿੱਲ
Punjab
25-02-2020 03:20 PM
ਤੁਸੀ ਉਸ ਨੂੰ Coughton ਪਾਊਡਰ ਦੇਣਾ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ ਅਤੇ ਇਕ ਗੋਹੇ ਦੀ ਪਾਥੀ ਨੂੰ ਅੱਗ ਲਗਾ ਕੇ ਉਸ ਉਪਰ ਆਟੇ ਦਾ ਬੂਰਾ, ਖੰਡ, ਜਵੈਣ ਪਾ ਕੇ ਨੱਕ ਕੋਲ ਕਰੋ, ਇਸ ਨਾਲ ਫਰਕ ਪੈ ਜਾਵੇਗਾ..
Posted by Saurabh Kumar
Uttar Pradesh
25-02-2020 03:11 PM
Saurabh Kumar ji Azola Seed ke lia Ram 8684979752 se samparak kar sakte hai, THankyou.

Posted by Sahib Sarao
Punjab
25-02-2020 03:10 PM
ਸਾਹਿਬ ਜੀ ਜਿਹੜੀ ਤੁਹਾਨੂੰ actara ਦੀ ਮਾਤਰਾ 80 -100 ਗ੍ਰਾਮ ਦੱਸੀ ਜਾ ਰਹੀ ਹੈ ਇਹ ਕਿਸਾਨਾਂ ਵਲੋਂ ਵਰਤੀ ਜਾਣ ਵਾਲੀ ਮਾਤਰਾ ਹੈ ਜੋ ਖੇਤ ਵਿਚ ਅਸਰ ਕਰਦੀ ਹੈ ਇਸ ਲਈ ਕਿਸਾਨਾਂ ਨੂੰ ਓਹੀ ਸਲਾਹ ਦਿਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਜਿਹੜੀ ਕਿਸਾਨਾਂ ਵਲੋਂ ਵਰਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ

Posted by jaspreet singh
Punjab
25-02-2020 02:55 PM
jaspreet ji kirpa karke isdi photo bhejo ta jo tuhanu osde hisab nal jankari diti ja sake ke eh bimari hai ya tat di kami.dhanwad

Posted by MUKESH
Uttar Pradesh
25-02-2020 02:54 PM
मुकेश जी आप बाजरे की किस्मे जैसे KBH 108 (MH 1737): यह किस्म 80-86 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है MPMH 17: यह किस्म 79 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है यह बारानी हालातों के लिए उपयुक्त किस्म है MH 1747: यह किस्म 84 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है यह किस्म खरीफ के मौसम में बिजाई के लिए उपयुक्त है Avika Bajra chari: यह दोहरे मंतव क.... (Read More)
मुकेश जी आप बाजरे की किस्मे जैसे KBH 108 (MH 1737): यह किस्म 80-86 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है MPMH 17: यह किस्म 79 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है यह बारानी हालातों के लिए उपयुक्त किस्म है MH 1747: यह किस्म 84 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है यह किस्म खरीफ के मौसम में बिजाई के लिए उपयुक्त है Avika Bajra chari: यह दोहरे मंतव की किस्म है इसे हरे चारे के साथ साथ दाने लेने के उद्देश्य से उपयोग किया जाता है इसकी हरे चारे की औसतन उपज 15 टन और दानों की उपज 4 क्विंटल प्रति एकड़ होती है 86M86: यह हाइब्रिड किस्म पिछेती बिजाई के लिए उपयुक्त है और 80-85 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है 86M66: यह हाइब्रिड किस्म पिछेती बिजाई के लिए उपयुक्त है और 90 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है
Kaveri Super: यह हाइब्रिड किस्म पिछेती बिजाई के लिए उपयुक्त है और 80-85 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है इसके इलावा आप मक्का की बिजाई कर सकते है धन्यवाद
Posted by Krishna Yadav
Chattisgarh
25-02-2020 02:51 PM
yadav ji abhi aap iske uper NPK 130045 @1 kilo ko 150 litre pani ke hisab se spray karen,dhanywad

Posted by Ravinderpal
Punjab
25-02-2020 02:49 PM
रविंदरपाल जी आप इसकी खुराक का पूरा ध्यान रखें इसे बढ़िया मात्रा में फीड दें और इसे B-complex liquid 20ml/100birds के हिसाब से दे सकते हैं इससे कमजोरी दूर रहती है और शरीर की बढ़िया ग्रोथ होती है

Posted by sandesh sharma
Delhi
25-02-2020 02:46 PM
Sandesh sharma ji fish feed ke lia aap Moh. Anis 9451411371, 6394520950 se samparak kar sakte hai, Thankyou.
Posted by Bakhshish Singh
Punjab
25-02-2020 02:45 PM
Bakhshish ji tuci uss nu Duraprogen injection 750mg lgwao, jiss nu thnda tika bolde hai ate 5 month vich fir dubara lgwao, iss nal frak paa jawega..
Posted by ਕੁਲਵੀਰ ਸਿੰਘ
Punjab
25-02-2020 02:36 PM
ਹਰੀ ਖਾਦ ਵਾਸਤੇ ਬੀਜ ਸਕਦੇ ਓ,ਪਕਾਉਣ ਲਈ ਮਸ਼ੀਨ ਨਾਲ ਬਿਜਾਈ ਕਰੋ ਜੀ

Posted by अंजनी कुमार सिंह
Uttar Pradesh
25-02-2020 02:18 PM
असली केसर सिर्फ जम्मू कश्मीर, ईरान और अफगानिस्तान में ही हो सकता है, यह कुसुम है, इसकी भी कई दवाई बनती है, यदि कोई और छक है तो जम्मू कश्मीर के इस किसान से बात करें, जिसके दादे, पड़दादे भी केसर की खेती करते थे और यह भी केसर की खेती करते है Javid Ahmed- 95964 93260 बाकि आप यह वीडियो देखें https://www.youtube.com/watchv=vl7c6L3ETnQ&t=8s बाकि यदि फिर भी यकीन नहीं .... (Read More)
असली केसर सिर्फ जम्मू कश्मीर, ईरान और अफगानिस्तान में ही हो सकता है, यह कुसुम है, इसकी भी कई दवाई बनती है, यदि कोई और छक है तो जम्मू कश्मीर के इस किसान से बात करें, जिसके दादे, पड़दादे भी केसर की खेती करते थे और यह भी केसर की खेती करते है Javid Ahmed- 95964 93260 बाकि आप यह वीडियो देखें https://www.youtube.com/watchv=vl7c6L3ETnQ&t=8s बाकि यदि फिर भी यकीन नहीं है तो तो आप अमृतपाल सिंह बराड़ प्रोफेसर, पीएयू लुधियाना इस वीडियो संबंधी विचार पड़ सकते हैं, यह फसल केसर की नहीं है, यह फसल कसुंबडे की है, इसे अंग्रेजी में Safflower कहते है, और विज्ञानं में इसे Carthamus tinctorius कहते है धन्यवाद
Posted by Mandeep Singh
Punjab
25-02-2020 02:17 PM
मनदीप जी आप pregstay gold powder 30gm रोज़ाना 20 दिन तक दें और एक बार कल सुबह शाम फिर से क्रॉस करवाएं

Posted by kalyani
Maharashtra
25-02-2020 02:01 PM
मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप Amit Kumar Bamoriya Phone: 9770085381 जी से सम्पर्क कर सकते हैं, धन्यवाद
Posted by dharmpal
Uttar Pradesh
25-02-2020 01:58 PM
श्री मान खुम्ब की किस्में कई प्रकार की होती है जैसे कि बटन खुम्ब, डीगरी, शटाकी खुम्ब, पराली खुम्ब, और मिलकी खुम्ब इनमे से कुइ खुम्ब सर्दियो के मौसम में और कुछ गर्मीयों के मौसम में लगाये जाते है और हर खुम्ब को लगाने का समय अलग अलग है जैसे बटन खुम्ब का समय सितंबर से मार्च तक होता है इस समय में हम तीन फसले ले सकते ह.... (Read More)
श्री मान खुम्ब की किस्में कई प्रकार की होती है जैसे कि बटन खुम्ब, डीगरी, शटाकी खुम्ब, पराली खुम्ब, और मिलकी खुम्ब इनमे से कुइ खुम्ब सर्दियो के मौसम में और कुछ गर्मीयों के मौसम में लगाये जाते है और हर खुम्ब को लगाने का समय अलग अलग है जैसे बटन खुम्ब का समय सितंबर से मार्च तक होता है इस समय में हम तीन फसले ले सकते है शटाकी खुम्ब का समय अक्तूबर से मध्य फरवरी तक हैं इस समय हम एक फसल ही ले सकते है पराली खुम्ब का समय अप्रैल से अगस्त तक है इस समय हम चार फसले ले सकते है मिलकी खुम्ब का समय अप्रैल से सितंबर तक है आप अब अप्रैल में मिलकी या पराली खुम्ब लगा सकते है पराली खुमब के लिए आपको पराली, बीज, बांस, सेबा, आदि की जरूरत है पराली के पूले, धानो की पराली 1-1 किलो के पूले दोनो सिरो से सेबे से बांध कर तैयार किये जाते है पूले के सिरे कांट कर एक सार कर लिए जाते है पूलो की क्यिारी लगाना पराली के पूलो को साफ पानी में 16-20 घंटो के लिए डूबो दे गिले पूलो को ढलान पर रख कर फालतू पानी को निकलने दे कमरे ईटो और बांस से एक पलेटफार्म बनाये इस पलेटफार्म पर 5 पूलो की एक तहय लगाये जिसके ऊपर 75 ग्राम बीज डाले इसके ऊपर की तहय उलट होती है इस प्रकार 5-5 पूलो की तहय में 300 ग्राम बीज डाल कर कियारी तैयार करे सबसे ऊपर दो पूलो को खोलकर रख दे खुम्बो का फूटना बिजाई से 7-9 दिनो के बाद खुम्ब फूटने लगती है पानी और हवा का संचार बिजाई के दो दिन के बाद हर रोज पानी का छिडका करे खुम्बो के फूटने के बाद हवा का संचार 6-8 घंटे प्रति दिन किया जाता है खुम्बो की तूडाई खुम्बो के फूटने के बाद 1-2 दिनो के बाद तोडाई के योग्य हो जाती है मिलकी खुम्ब मिलकी खुम्ब के लिए तूडी, बीज, मोमी लिफाफे, सेबा, केसिंग,मिट्टी आदि होने चाहिये तूडी की तैयारी सूकी तूडी को पक्के फर्श पर बिछा कर 16-20 घंटे पानी से गिला करे गिली तूडी को बोरी में भर कर सेबे से बांध दे इस बोरी को उबलते पानी में 45-50 मिनट रखें तूडी को निकालकर पक्के फर्श पर बिछा कर ठंडा करे यह तूडी बिजाई के लिए तैयार है बिजाई ठंडी तूडी में बीज मिलाकर मोमी लिफाफो में भर दें एक मोमी लिफाफें में लगभग 2 किलो गिली तूडी और 70-80 ग्राम बीज पडता है लिफाफे के मुंह को सेबे से अच्छी तरह बांध कर कमरे में रख दे केसिंग बिजाई के दो तीन हफतो के बाद लिफाफे खोलकर केसिंग की 1-1.5 की तहय लगा दें केसिंग में तूडी और रेतली मिट्टी होती है 24 घंटो के लिए 4 प्रतिशत फारमलेन के घोल से जीवाणु रहित किया जाता है खुम्बो का फूटना केसिंग मिट्टी डालने के लगभग दो हफतो में खुम्बो के छोटे छोटे किणके निकलने शुरू हो जाते है और 4-5 दिन के बाद तोडने योग्य हो जाते है खुम्बो की तूडाई लगभग 35-40 दिनो तक की जाती है मशरूम की खेती की ट्रेनिंग के लिए आप अपने नजदीकी कृषि विज्ञान केन्द्र से समपर्क करे

Posted by Nikhil rajak
Madhya Pradesh
25-02-2020 01:57 PM
निखिल जी गन्ने की पैदावार इसकी किसम पर निर्भर करती है खादों की सही आवश्यकता जानने के लिए प्रत्येक तीन वर्ष के बाद मिट्टी की जांच जरूरी है बिजाई से पहले आखिरी जोताई के समय अच्छी तरह से गला हुआ गाय का गोबर 8 टन या वर्मीकंपोस्ट + रालीगोल्ड 8-10 किलो या पी एस बी 5-10 किलो प्रति एकड़ में डालें नाइट्रोजन 60-90 किलो (यूरिया 135-20.... (Read More)
निखिल जी गन्ने की पैदावार इसकी किसम पर निर्भर करती है खादों की सही आवश्यकता जानने के लिए प्रत्येक तीन वर्ष के बाद मिट्टी की जांच जरूरी है बिजाई से पहले आखिरी जोताई के समय अच्छी तरह से गला हुआ गाय का गोबर 8 टन या वर्मीकंपोस्ट + रालीगोल्ड 8-10 किलो या पी एस बी 5-10 किलो प्रति एकड़ में डालें नाइट्रोजन 60-90 किलो (यूरिया 135-200 किलो) और फासफोरस 20 किलो (एस एस पी 125 किलो) प्रति एकड़ में डालें फासफोरस की पूरी मात्रा और नाइट्रोजन की 1/3 मात्रा बिजाई के समय डालें बाकी बची नाइट्रोजन को दूसरी और चौथी सिंचाई के समय डालें
सर्दियों के मौसम में तापमान कम होने के कारण फसल तत्व ज्यादा लेती है जिस कारण मौधा पीला पड़ जाता है इसकी रोकथाम के लिए N:P:K 19:19:19 की स्प्रे 100 ग्राम 150 लीटर पानी में मिलाकर प्रति एकड़ के लिए प्रयोग करें जिन इलाकों में पानी की कमी है वहां यूरिया+पोटाश का प्रयोग 2.5 किलोग्राम को 100 लीटर पानी में मिलाकर करें
Posted by satnam
Haryana
25-02-2020 01:56 PM
श्री मान सब्सिडी संबंधी जानकारी के लिए आप अपने नजदीकी कृषि विभाग से समपर्क करे

Posted by Jasmer Singh Kamboj
Punjab
25-02-2020 01:54 PM
jasmer ji kirpa karke audio bhejo ta jo tuhanu is bare poori jankari diti ja sake kyuki tuhad evalo bhejii gayi audio upload nahi hoyi hai.dhanwad

Posted by vikash
Uttar Pradesh
25-02-2020 01:41 PM
इसे मिट्टी की विभिन्न किस्मों में उगाया जा सकता है पर यह अच्छे जल निकास वाली दोमट मिट्टी में अच्छे परिणाम देती है दालों की फसल की तरह इस फसल के लिए सामान्य बीज बैड तैयार किए जाते हैं मिट्टी को भुरभुरा करने के लिए खेत की दो बार जोताई करें और प्रत्येक जोताई के बाद सुहागा फेरें लोबिया की बिजाई का उपयुक्त समय मॉ.... (Read More)
इसे मिट्टी की विभिन्न किस्मों में उगाया जा सकता है पर यह अच्छे जल निकास वाली दोमट मिट्टी में अच्छे परिणाम देती है दालों की फसल की तरह इस फसल के लिए सामान्य बीज बैड तैयार किए जाते हैं मिट्टी को भुरभुरा करने के लिए खेत की दो बार जोताई करें और प्रत्येक जोताई के बाद सुहागा फेरें लोबिया की बिजाई का उपयुक्त समय मॉनसून के शुरू होने पर है जुलाई के महीने में बिजाई पूरी कर लें बिजाई के दौरान कतार से कतार में 45-50 सैं.मी. और पौधे से पौधे में 15 सैं.मी. फासले का प्रयोग करें TA 2 किस्म के लिए कतारों में 45-50 सैं.मी. फासले का प्रयोग करें जबकि TA 5269 किस्म के लिए कतारों में 50 सैं.मी. फासले का प्रयोग करें दानों के लिए, बीजों को पोरा या सीड कम खाद ड्रिल की सहायता से बोयें, जबकि हरी खाद के लिए बुरकाव विधि का प्रयोग करें 12 किलो बीज प्रति एकड़ में प्रयोग करें TA 5269 किस्म के लिए 8 किलो बीज जबकि TA 2 किस्म के लिए 16 किलो बीज प्रति एकड़ में प्रयोग करें बिजाई से पहले नाइट्रोजन 7.5 किलो (यूरिया 16.5 किलो) के साथ फासफोरस 20 किलो (सिंगल सुपर फासफेट 125 किलो) प्रति एकड़ में डालें लोबिया की फसल फासफोरस खाद के साथ ज्यादा क्रिया करती है यह जड़ों के साथ साथ पौधे के विकास, पौधे में पोषक तत्वों की वृद्धि और गांठे मजबूत करने में सहायक होती है बारिश की तीव्रता और नियमितता के आधार पर सिंचाई करें लंबी अवधि तक बारिश ना होने पर 1-2 सिंचाई करें
Posted by Talwinder singh
Punjab
25-02-2020 01:36 PM
श्रीमान गेहूं में पीली कुंगी की रोकथाम के लिए आप Opera@300 ml प्रति एकड़ स्प्रे कर सकते हो

Posted by ਗਿੱਲ
Punjab
25-02-2020 01:22 PM
Gill ji tuci kadaknath chicks lain mai mere nal iss no. +91 97815 89637 te sampark kr skde ho.
Posted by mangal singh
Punjab
25-02-2020 01:12 PM
mangal ji makki da chare de layi seed rate 30 kilo prati acre de hisab nal hunda hai.dhanwad

Posted by Amritpal singh
Punjab
25-02-2020 01:04 PM
jitna woh asani se hajam kr skee aur achi growth kre uss hisab se pilla skte hai, bache ko janam se 0-15 din tak 2-2.5 litre dudh pila skte hai baki uske hajam krne per nirbhar krta hai fir 16-30 din tak 3 litre aur chara, feed v uske khane ke hisab se dalen fir 1-2 mahine mai 2 litre aur fir 2-3 mahine tak 1-1.5 litre tak pilla skte hai..
Posted by bhajan lal
Haryana
25-02-2020 12:59 PM
bhajan ji yeh amrood ki kisam par nirbhar karta hai.kripya aap kisam ka nam btaye taki aapko iske bare men poori jankari di ja sake,dhanywad
Posted by sukhpal singh chahal
Punjab
25-02-2020 12:53 PM
sukhpal ji kirpa karke swal vistar nal pucho ta jo tuhanu is bare poori jankari diti ja sake.dhanwad

Posted by deepak
Bihar
25-02-2020 12:42 PM
deepak ji aap iske uper quinalphos@4ml ko prati litre pani ke hisab se spray karen,dhanywad
Posted by मंटू कुशवाहा
Uttar Pradesh
25-02-2020 12:33 PM
श्री मान मटर में M-45@500 ग्राम प्रती एकड़ सप्रे कर सकते हो

Posted by Jass Chahal
Punjab
25-02-2020 12:33 PM
ਜੱਸ ਜੀ ਤੁਸੀ ਕੱਦੂ ਦੀ ਕਿਸਮ ਜਿਵੇ Punjab Chappan Kadoo-1: ਇਹ ਕਿਸਮ 1982 ਵਿੱਚ ਤਿਆਰ ਕੀਤੀ ਗਈ ਸੀ ਇਹ ਜਲਦੀ ਪੱਕਣ ਵਾਲੀ ਕਿਸਮ ਹੈ ਜੋ ਕਿ ਬਿਜਾਈ ਦੇ 60 ਦਿਨਾਂ ਦੇ ਬਾਅਦ ਤੁੜਾਈ ਦੇ ਲਈ ਤਿਆਰ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਇਸ ਕਿਸਮ ਦੇ ਪੱਤੇ ਸੰਘਣੇ ਅਤੇ ਹਰੇ ਰੰਗ ਦੇ ਹੁੰਦੇ ਹਨ, ਫਲ ਹਰੇ ਰੰਗ ਦੇ ਡਿਸਕ ਅਕਾਰ ਦੇ ਹੁੰਦੇ ਹਨ ਇਹ ਕਿਸਮ ਪੱਤਿਆਂ ਦੇ ਥੱਲੇ ਧੱਬਿਆਂ ਦੀ ਪ੍ਰਤੀਰੋਧਕ ਅਤੇ ਵਿਸ਼ਾਣੂ ਰੋਗ, ਲਾਲ ਭੂੰਡੀ ਅਤੇ ਪੱ.... (Read More)
ਜੱਸ ਜੀ ਤੁਸੀ ਕੱਦੂ ਦੀ ਕਿਸਮ ਜਿਵੇ Punjab Chappan Kadoo-1: ਇਹ ਕਿਸਮ 1982 ਵਿੱਚ ਤਿਆਰ ਕੀਤੀ ਗਈ ਸੀ ਇਹ ਜਲਦੀ ਪੱਕਣ ਵਾਲੀ ਕਿਸਮ ਹੈ ਜੋ ਕਿ ਬਿਜਾਈ ਦੇ 60 ਦਿਨਾਂ ਦੇ ਬਾਅਦ ਤੁੜਾਈ ਦੇ ਲਈ ਤਿਆਰ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਇਸ ਕਿਸਮ ਦੇ ਪੱਤੇ ਸੰਘਣੇ ਅਤੇ ਹਰੇ ਰੰਗ ਦੇ ਹੁੰਦੇ ਹਨ, ਫਲ ਹਰੇ ਰੰਗ ਦੇ ਡਿਸਕ ਅਕਾਰ ਦੇ ਹੁੰਦੇ ਹਨ ਇਹ ਕਿਸਮ ਪੱਤਿਆਂ ਦੇ ਥੱਲੇ ਧੱਬਿਆਂ ਦੀ ਪ੍ਰਤੀਰੋਧਕ ਅਤੇ ਵਿਸ਼ਾਣੂ ਰੋਗ, ਲਾਲ ਭੂੰਡੀ ਅਤੇ ਪੱਤਿਆਂ ਤੇ ਸਫੈਦ ਧੱਬਿਆਂ ਨੂੰ ਸਹਿਣਯੋਗ ਹੈ ਇਸ ਦੇ ਫਲਾਂ ਦੀ ਔਸਤਨ ਪੈਦਾਵਾਰ 95 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੁੰਦੀ ਹੈ

Posted by makhan
Punjab
25-02-2020 11:50 AM
makhan ji eh tat di kami hai kirpa karke daso ke isnu khaad kehdi kehdi payi hai ta jo tuhanu is bare poori jankari diti ja sake,dhanwad

Posted by ਗੁਰਦਾਸ ਮਾਨ
Punjab
25-02-2020 11:40 AM
Gurdas ji ehh dono alag alag salt hai albendazole salt di varto pett de kiria lai kiti jandi hai ate levamisole hydrochloride and oxyclozanide di varto pett de kiria de nal nal liver de kiria lai v kiti jandi hai, iss lai ehh alag alag hai. ehh tuci gaban pashu nu v de skde ho.
Posted by Baljinder Singh Chahal
Punjab
25-02-2020 11:35 AM
Baljinder ji ehh cross nasal di vashi hai.
Posted by Baljinder Singh Chahal
Punjab
25-02-2020 11:26 AM
ਉਸ ਨੂੰ Injection Zackshot 20ml, Amoxirum 4.5gm injection , Megludyne injection 20ml , Isoflud 5ml , CRB(ascorbic acid) injection 20ml , Vitum-H 5ml ਲਗਵਾਓ ਇਹ ਸਾਰੇ 3 ਦਿਨ ਲਗਾਤਾਰ ਲਗਵਾਓ, ਇਸ ਨਾਲ ਫਰਕ ਪੈ ਜਾਵੇਗਾ..
Posted by Fefar
Gujarat
25-02-2020 11:13 AM
Shri maan g app Imidacloprid@1.5ml per litre paani mein mila ke spray kr skte ho....
Posted by Gurnishan Singh Dhillon
Punjab
25-02-2020 11:11 AM
ਮੱਝਾਂ ਅਤੇ ਗਾਵਾਂ ਨੂੰ ਥਨਾ ਦੀ ਬਿਮਾਰੀ ਦਾ ਮੁਖ ਕਾਰਨ ਸਾਫ ਸਫਾਈ ਦੀ ਕਮੀ, ਪਸ਼ੂ ਦੀ ਚੁਆਈ ਤੋਂ ਬਾਦ ਜਲਦੀ ਬੈਠ ਜਾਣਾ ਅਤੇ ਹੋਰ ਵੀ ਬਹੁਤ ਕਾਰਨ ਹੁੰਦੇ ਹੈ ਜਿਸ ਨਾਲ ਥਨਾ ਦੀ ਬਿਮਾਰੀਆਂ ਲਗਦੀਆਂ ਹੈ ਇਸਦੇ ਲਈ ਤੁਸੀ ਸਾਫ਼ ਸਫਾਈ ਦਾ ਪੂਰਾ ਧਿਆਨ ਰੱਖੋ ਅਤੇ ਪਸ਼ੂ ਦੀ ਚੁਆਈ ਤੋਂ ਬਾਦ ਉਸਦੇ ਥਨਾ ਨੂੰ betadine ਦਵਾਈ ਦੇ ਘੋਲ ਵਿਚ ਡੁਬੋ ਦਿਓ, ਇਸ ਨਾਲ ਥਨਾ ਦੀਆ ਬਿਮਾਰੀਆਂ ਘੱਟ ਆਉਂਦੀਆਂ ਹੈ
Posted by saurabh kumar
Uttar Pradesh
25-02-2020 11:10 AM
सौरभ जी आप किस्मे जैसे Ganga 2: यह हाइब्रिड किस्म 100-105 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है यह मैदानी क्षेत्रों के लिए उपयुक्त किस्म है इसकी औसतन पैदावार 14-16 क्विंटल प्रति एकड़ होती है इसके दाने सफेद रंग के होते हैं
Ganga-II: यह हाइब्रिड किस्म 100-110 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है यह मैदानी क्षेत्रों के लिए उपयु.... (Read More)
सौरभ जी आप किस्मे जैसे Ganga 2: यह हाइब्रिड किस्म 100-105 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है यह मैदानी क्षेत्रों के लिए उपयुक्त किस्म है इसकी औसतन पैदावार 14-16 क्विंटल प्रति एकड़ होती है इसके दाने सफेद रंग के होते हैं
Ganga-II: यह हाइब्रिड किस्म 100-110 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है यह मैदानी क्षेत्रों के लिए उपयुक्त किस्म है इसकी औसतन पैदावार 16 क्विंटल प्रति एकड़ होती है इसके दाने पीले रंग के होते हैं
Tarun: यह कंपोज़िट किस्म 80-85 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है यह पूरे उत्तर प्रदेश में उगाने के लिए उपयुक्त है इसकी औसतन पैदावार 14-16 क्विंटल प्रति एकड़ होती है
Naveen: यह कंपोज़िट किस्म 80-85 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है यह पूरे उत्तर प्रदेश में उगाने के लिए उपयुक्त है इसकी औसतन पैदावार 14-16 क्विंटल प्रति एकड़ होती है
Kanchan: यह कंपोज़िट किस्म 75-80 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है यह पूरे उत्तर प्रदेश में उगाने के लिए उपयुक्त है इसकी औसतन पैदावार 14-16 क्विंटल प्रति एकड़ होती है
Shweta: यह कंपोज़िट किस्म 80-85 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है यह पूरे उत्तर प्रदेश में उगाने के लिए उपयुक्त है इसकी औसतन पैदावार 14-16 क्विंटल प्रति एकड़ होती है
D-765: यह कंपोज़िट किस्म 75 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है यह पूरे उत्तर प्रदेश में उगाने के लिए उपयुक्त है इसकी औसतन पैदावार 12-14 क्विंटल प्रति एकड़ होती है
Surya: यह कंपोज़िट किस्म 75 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है यह पूरे उत्तर प्रदेश में उगाने के लिए उपयुक्त है इसकी औसतन पैदावार 12-14 क्विंटल प्रति एकड़ होती है
Novjyoti: यह कंपोज़िट किस्म 75 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है यह पश्चिमी उत्तर प्रदेश में उगाने के लिए उपयुक्त है इसकी औसतन पैदावार 16 क्विंटल प्रति एकड़ होती है
Mahi kanchan: यह कंपोज़िट किस्म 80-85 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है यह पूरे उत्तर प्रदेश में उगाने के लिए उपयुक्त है इसकी औसतन पैदावार 16-18 क्विंटल प्रति एकड़ होती है
Merut Yellow: यह स्थानीय किस्म 75-80 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है यह उत्तर प्रदेश के मैदानी क्षेत्रों में उगाने के लिए उपयुक्त है इसकी औसतन पैदावार 8-10 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Jaunpuri: यह स्थानीय किस्म 70-75 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है यह उत्तर प्रदेश के मैदानी क्षेत्रों में उगाने के लिए उपयुक्त है इसकी औसतन पैदावार 8-10 क्विंटल प्रति एकड़ होती है उद्देश्य, बीज का आकार, मौसम, पौधे की किस्म, बिजाई का तरीका आदि बीज की दर को प्रभावित करते हैं खरीफ के मक्की के लिए 7-8 किलो बीज प्रति एकड़ में प्रयोग करें सिंचित क्षेत्रों में बिजाई मॉनसून के शुरू होने से 10-15 दिन पहले करें इससे उपज में 10-15 प्रतिशत वृद्धि होगी बारानी क्षेत्रों में बिजाई मॉनसून के शुरू होने पर करें ताकि मिट्टी में उचित नमी विकसित हो सके उचित अंकुरण के लिए मिट्टी में नमी होना आवश्यक है

Posted by Manoj Patle
Madhya Pradesh
25-02-2020 11:09 AM
मनोज जी यह फंगस है इसकी रोकथाम के लिए आप folicur @200 ml को प्रति एकड़ के हिसाब से स्प्रे करें धन्यवाद
Posted by
Madhya Pradesh
25-02-2020 11:09 AM
बकरी पालन बहुत ही लाभकारी काम है शुरूआत करने के लिए आप 10 बकरियों और 2 बकरे के साथ कर सकत हैं इन्हें खुराक कम चाहिए इसलिए इन्हें आसानी से पाल सकते हैं ये हर प्रकार के मौसम में पाली जा सकती हैं बकरियां 12-14 महीने में बच्चे देना शुरू कर देती है एक बकरी के लिए लगभग 12—15 वर्ग फीट जगह छती हुई और 25—30 वर्ग फीट जगह खुली चाहिए .... (Read More)
बकरी पालन बहुत ही लाभकारी काम है शुरूआत करने के लिए आप 10 बकरियों और 2 बकरे के साथ कर सकत हैं इन्हें खुराक कम चाहिए इसलिए इन्हें आसानी से पाल सकते हैं ये हर प्रकार के मौसम में पाली जा सकती हैं बकरियां 12-14 महीने में बच्चे देना शुरू कर देती है एक बकरी के लिए लगभग 12—15 वर्ग फीट जगह छती हुई और 25—30 वर्ग फीट जगह खुली चाहिए बकरी का गर्भ समय 150 दिन का होता है और साल में 1-5 बच्चे देती है साल में दो बच्चे देना आम बात है बकरियां 8-10 वर्ष तक बच्चे देती हैं और अपन गिनती को तेजी से बढ़ा लेती हैं आप बारबरी, ब्लैक बंगाल, जैसी नसल पाल सकते हैं
Posted by ਅੰਮ੍ਰਿਤਪਾਲ ਸਿੰਘ
Punjab
25-02-2020 10:54 AM
ਅੰਮ੍ਰਿਤਪਾਲ ਜੀ ਇਸਦੇ ਕਈ ਕਾਰਨ ਹੋ ਸਕਦੇ ਹੈ ਉਸ ਨੂੰ ਮਿਨਰਲ ਦੀ ਕਮੀ ਹੋ ਸਕਦੀ ਹੈ, ਉਸਦੀ ਬੱਚੇਦਾਨੀ ਵਿਚ ਇਨਫੈਕਸ਼ਨ ਹੋ ਸਕਦੀ ਹੈ, ਉਸਦੀ ਡਿਵਰਮਿੰਗ ਸਮੇ ਤੇ ਨਾ ਹੋਣਾ ਜਾ ਸਹੀ ਖੁਰਾਕ ਦੀ ਕਮੀ, ਉਸ ਨੂੰ Minfa gold ਪਾਊਡਰ 100 ਗ੍ਰਾਮ ਰੋਜਾਨਾ ਦੇਣਾ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ ਅਤੇ Ovumin advance ਗੋਲੀਆਂ ਰੋਜਾਨਾ 1 ਗੋਲੀ ਦਿਓ ਅਤੇ 21 ਦਿਨ ਤਕ ਦਿੰਦੇ ਰਹੋ, ਇਸ ਨਾਲ ਹੀਟ ਵਿਚ ਆ ਜਾਵੇਗੀ
Posted by devendra kumar
Chattisgarh
25-02-2020 10:54 AM
देवेंद्र जी आप इसके लिए अपने जिले के deputy director (agriculture) या संयुक्त डायरेक्टर से मिले वो ही आपको इसके बारे में पूरी जानकारी देंगे कि आपको क्या क्या documents की जरूरत है धन्यवाद
Posted by gurbir gill
Punjab
25-02-2020 10:52 AM
Gill ji ehh pett de kiria wali dwai hai baki tuci usdi khurak da purra dian rakho ate sme sme te salt change krke dwai jrur deo, iss nal vdia growth ho jawegi.

Posted by inderpal
Punjab
25-02-2020 10:29 AM
ਤੁਸੀ ਉਸਦੀ ਬੱਚੇਦਾਨੀ ਵਿਚ Utrawin-oz ਦਵਾਈ 3 ਦਿਨ ਭਰਵਾਓ ਅਤੇ ਉਸ ਨੂੰ Keeper plus ਪਾਊਡਰ 30 ਗ੍ਰਾਮ ਰੋਜਾਨਾ ਦਿਓ ਅਤੇ Pg care ਰੋਜਾਨਾ ਇਕ ਗੋਲੀ ਦਿਓ ਅਤੇ 21 ਦਿਨ ਤਕ ਦਿੰਦੇ ਰਹੋ ਫਿਰ ਅਗਲੀ ਵਾਰ ਹੀਟ ਵਿਚ ਆਉਣ ਤੇ ਉਸ ਨੂੰ ਟੀਕਾ ਭਰਵਾਂ ਕੇ ਪਾਊਡਰ ਅਤੇ ਗੋਲੀਆਂ 21 ਦਿਨ ਹੋਰ ਦਿੰਦੇ ਰਹੋ, ਇਸ ਨਾਲ ਉਹ ਗੱਭਣ ਹੋ ਜਾਵੇਗੀ.
Posted by devendra kumar
Chattisgarh
25-02-2020 10:25 AM
कुमार जी आप चने की फसल के ऊपर NPK 130045 @1 किलो को 150 लीटर पानी के हिसाब से प्रति एकड़ में स्प्रे करें धन्यवाद

Posted by Pravin
Maharashtra
25-02-2020 10:20 AM
app usko G-promin 25ml/100birds ke hisab se den aur Brotone liquid 20ml/100birds ke hisab se den aur uski khurak ka purra dian rakhen..
Posted by ਰਸ਼ਪਿੰਦਰ ਭੁੱਲਰ
Punjab
25-02-2020 10:12 AM
ਹਾਂਜੀ ਤੁਸੀ ਉਸ ਨੂੰ ਸਰੋਂ ਦੀ ਖਲ ਦੇ ਸਕਦੇ ਹੋ ਇਸਦੇ ਨਾਲ ਨਾਲ ਤੁਸੀ ਉਸ ਨੂੰ ਰੋਜਾਨਾ ਵਧਿਆ ਮਾਤਰਾ ਵਿਚ ਹਰਾ ਚਾਰਾ ਅਤੇ ਫੀਡ ਦੇਣੀ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ ਅਤੇ ਹਰ 3 ਮਹੀਨਿਆਂ ਬਾਦ ਪੇਟ ਦੇ ਕੀੜਿਆਂ ਲਈ ਗੋਲੀ ਜਰੂਰ ਦਿਓ ਅਤੇ ਉਸ ਨੂੰ Enerboost ਪਾਊਡਰ 50-50gm ਸਵੇਰੇ ਸ਼ਾਮ ਦੇਣਾ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ, ਇਸ ਨਾਲ ਵਧਿਆ ਗਰੋਥ ਹੋ ਜਾਵੇਗੀ
Posted by जैद़ मेहर
Madhya Pradesh
25-02-2020 10:02 AM
देसी तरीके के अनुसार जब पशु को क्रॉस करवाया या टीका भरवाये 40 दिन हो जायें तो उसके बाद पशु के सुबह के पेशाब को खुले बर्तन में डाल लें और उसमें 1 चम्मच सरसों का तेल डाल दें इसके बाद ध्यान से चैक करें यदि सरसों का तेल उसमें एक टिक्की की तरह जम जाये तो पशु ठहर गया है पर यदि तेल की बूंदें बिखर जायें तो समझ लें कि पशु खा.... (Read More)
देसी तरीके के अनुसार जब पशु को क्रॉस करवाया या टीका भरवाये 40 दिन हो जायें तो उसके बाद पशु के सुबह के पेशाब को खुले बर्तन में डाल लें और उसमें 1 चम्मच सरसों का तेल डाल दें इसके बाद ध्यान से चैक करें यदि सरसों का तेल उसमें एक टिक्की की तरह जम जाये तो पशु ठहर गया है पर यदि तेल की बूंदें बिखर जायें तो समझ लें कि पशु खाली है..
Posted by Gurbakhshish singh
Punjab
25-02-2020 09:58 AM
ਤੁਸੀ ਉਸ ਨੂੰ Biotrim(IM) injection 15ml, Enrofloxacin injection 15ml ਲਗਵਾਓ ਅਤੇ Halotas tablet 1-1 ਗੋਲੀ ਸਵੇਰੇ ਸ਼ਾਮ ਦਿਓ, ਇਸ ਨਾਲ ਫਰਕ ਪੈ ਜਾਵੇਗਾ..
Posted by manpreet singh
Punjab
25-02-2020 09:29 AM
श्री मान गेहूं में तेले की रोकथाम के लिए आप Actara@40gm प्रती एकड़ सप्रे कर सकते हो

Posted by inderpal
Punjab
25-02-2020 09:17 AM
Inderpal ji Setpa out homeopathic dwai hai jisdi varto infection khtm krn lai, bachedani de vdia lai ate jis nal pashu da dudh vdh jnda ha ate suun ton badd asani nal jer paa jandi hai ehna kama lai kiti jandi hai, iss ton ilawa jekar tuci hor kise dwai di gal kr rehe ho tan kirpa krke usdi photo bhejo tan jo tuhanu sahi jankari diti ja skee.
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