Experts Q&A Search

Posted by robin singh
Rajasthan
26-02-2020 08:54 PM
Punjab
02-28-2020 03:25 PM
Robin ji yeh kudrati hota hai aap uski khurak ka dian rakhen aur achi feed dalen, woh apne sme per kuudak per aayegi aur egg per bethegi.
Posted by gurpreet singh
Punjab
26-02-2020 08:48 PM
Punjab
02-28-2020 03:27 PM
Gurpreet ji tuci uss nu Vitakind liv liquid 100ml rojana deo ate uss nu Glactogog powder rojana 1 pouch ate Calpond powder 50gm rojana dena suru kro, baki uss nu vdia matra vich hara chara ate feed deni suru kro, jiss nal vdia growth ho jawegi.
Posted by Murari Kumar Chauhan
Bihar
26-02-2020 08:45 PM
Punjab
02-27-2020 02:12 PM
मुरारी जी अगर फसल गिर गयी है तो अभी इसके ऊपर फंगस वाली बीमारी आने के ज्यादा चांस है इस लिए आप खेत का लगातार सर्वेक्षण करते रहे ताकि फसल को कोई नुक्सान न हो और समय रहते स्प्रे करें
Posted by Murari Kumar Chauhan
Bihar
26-02-2020 08:41 PM
Rajasthan
02-27-2020 02:15 PM
मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजि.... (Read More)
मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजित किया जा रहा है प्रशिक्षण कार्य कर्म में भाग लेने के लिए नीचे दिए गए नम्बर पर आज ही संपर्क करें और Rs 250/ से अपना रजिस्ट्रेशन करवाए अचल सिंह (फाउंडर )- 9711858258. धन्यवाद
Posted by Sukhwinder
Punjab
26-02-2020 08:40 PM
Punjab
03-11-2020 01:53 PM
Sukhwinder ji, for buying teak plants, please contact Mr. Vivek 97922 10555 ji, thank you
Posted by Murari Kumar Chauhan
Bihar
26-02-2020 08:30 PM
Punjab
04-04-2020 09:52 AM
Murari Kumar Chauhan ji kirpya aap je btae ke aap ko konse pashu chahia ta jo aap ko sahi jankari di ja sake, Thankyou.
Posted by Surjeet
Madhya Pradesh
26-02-2020 08:29 PM
Punjab
02-27-2020 02:27 PM
सुरजीत जी सेब की खेती के लिए दोमट मिट्टी जिसमे खादों की उच्च मात्रा हो बढ़िया होती है इसकी बढ़िया खेती के लिए मिट्टी का pH 5.5-6.5 होना चाहिए खेती के लिए अच्छे निकास वाली मिट्टी अनुकूल होती है अगर आपके खेत की मिटटी इस से मेल खाती है तो आप इसकी बिजाई कर सकते है
Posted by Murari Kumar Chauhan
Bihar
26-02-2020 08:22 PM
Punjab
02-27-2020 04:45 PM
Murari Kumar Chauhan ji ashi nasal ki cow lene ke lia aap Dipak Kumar 9334515252 Abhyudaya Dairy Farm se samparak kar sakte hai, Thankyou.
Posted by Himanshu singh
Uttar Pradesh
26-02-2020 08:19 PM
Punjab
02-26-2020 08:41 PM
श्रीमान जी मशरूम की ट्रेनिंग लेने के लिए आप अपने नज़दीकी कृषि विज्ञान केन्द्र से संपर्क कर सकते है।
Posted by ramanpreet singh
Punjab
26-02-2020 08:18 PM
Punjab
02-27-2020 04:48 PM
डेयरी फार्मिंग के लिए लोन अलग अलग कामों के लिए मिलता है जैसे शेड के लिए पशुओं के लिए डेयरी मशीन के लिए लोन लेने के लिए आपके पास डेयरी ट्रेनिंग का सर्टिफिकेट होना जरुरी है लोन लेने संम्बन्धित अर्जी नजदीकी के dept director डेयरी को मिलकर दें इसके लोन पर 25% सब्सिडी जनरल कैटागिरी के लिए है 33% अनुसूचित जातियों के लिए है बा.... (Read More)
डेयरी फार्मिंग के लिए लोन अलग अलग कामों के लिए मिलता है जैसे शेड के लिए पशुओं के लिए डेयरी मशीन के लिए लोन लेने के लिए आपके पास डेयरी ट्रेनिंग का सर्टिफिकेट होना जरुरी है लोन लेने संम्बन्धित अर्जी नजदीकी के dept director डेयरी को मिलकर दें इसके लोन पर 25% सब्सिडी जनरल कैटागिरी के लिए है 33% अनुसूचित जातियों के लिए है बाकि ब्याज जो अलग अलग बैंक का होता है उस हिसाब से ही लगता है सबसे बढ़िया तरीका यही है आप अपने नजदीकी डेयरी डेवलपमेंट अफसर को मिलें वह आपको फाइल तैयार करने देंगे हर ज़िले में डायरेक्टर डेयरी (PDDB ) का दफ्तर बना है
Posted by shamsher singh
Punjab
26-02-2020 08:13 PM
Punjab
02-26-2020 08:32 PM
Shamsher ji jekar tuci usdi chuuai milking machine nal krde ho tan tuci 2 varr chuaai kr skde ho ate jekar hath nal chuaai krde ho tan 3 varr chuuai kr skde ho..
Posted by Murari Kumar Chauhan
Bihar
26-02-2020 08:03 PM
Punjab
02-26-2020 08:13 PM
श्री मान खुम्ब की किस्में कई प्रकार की होती है जैसे कि बटन खुम्ब, डीगरी, शटाकी खुम्ब, पराली खुम्ब, और मिलकी खुम्ब इनमे से कुइ खुम्ब सर्दियो के मौसम में और कुछ गर्मीयों के मौसम में लगाये जाते है और हर खुम्ब को लगाने का समय अलग अलग है जैसे बटन खुम्ब का समय सितंबर से मार्च तक होता है इस समय में हम तीन फसले ले सकते ह.... (Read More)
श्री मान खुम्ब की किस्में कई प्रकार की होती है जैसे कि बटन खुम्ब, डीगरी, शटाकी खुम्ब, पराली खुम्ब, और मिलकी खुम्ब इनमे से कुइ खुम्ब सर्दियो के मौसम में और कुछ गर्मीयों के मौसम में लगाये जाते है और हर खुम्ब को लगाने का समय अलग अलग है जैसे बटन खुम्ब का समय सितंबर से मार्च तक होता है इस समय में हम तीन फसले ले सकते है शटाकी खुम्ब का समय अक्तूबर से मध्य फरवरी तक हैं इस समय हम एक फसल ही ले सकते है पराली खुम्ब का समय अप्रैल से अगस्त तक है इस समय हम चार फसले ले सकते है मिलकी खुम्ब का समय अप्रैल से सितंबर तक है आप अब अप्रैल में मिलकी या पराली खुम्ब लगा सकते है पराली खुमब के लिए आपको पराली, बीज, बांस, सेबा, आदि की जरूरत है पराली के पूले, धानो की पराली 1-1 किलो के पूले दोनो सिरो से सेबे से बांध कर तैयार किये जाते है पूले के सिरे कांट कर एक सार कर लिए जाते है पूलो की क्यिारी लगाना पराली के पूलो को साफ पानी में 16-20 घंटो के लिए डूबो दे गिले पूलो को ढलान पर रख कर फालतू पानी को निकलने दे कमरे ईटो और बांस से एक पलेटफार्म बनाये इस पलेटफार्म पर 5 पूलो की एक तहय लगाये जिसके ऊपर 75 ग्राम बीज डाले इसके ऊपर की तहय उलट होती है इस प्रकार 5-5 पूलो की तहय में 300 ग्राम बीज डाल कर कियारी तैयार करे सबसे ऊपर दो पूलो को खोलकर रख दे खुम्बो का फूटना बिजाई से 7-9 दिनो के बाद खुम्ब फूटने लगती है पानी और हवा का संचार बिजाई के दो दिन के बाद हर रोज पानी का छिडका करे खुम्बो के फूटने के बाद हवा का संचार 6-8 घंटे प्रति दिन किया जाता है खुम्बो की तूडाई खुम्बो के फूटने के बाद 1-2 दिनो के बाद तोडाई के योग्य हो जाती है मिलकी खुम्ब मिलकी खुम्ब के लिए तूडी, बीज, मोमी लिफाफे, सेबा, केसिंग,मिट्टी आदि होने चाहिये तूडी की तैयारी सूकी तूडी को पक्के फर्श पर बिछा कर 16-20 घंटे पानी से गिला करे गिली तूडी को बोरी में भर कर सेबे से बांध दे इस बोरी को उबलते पानी में 45-50 मिनट रखें तूडी को निकालकर पक्के फर्श पर बिछा कर ठंडा करे यह तूडी बिजाई के लिए तैयार है बिजाई ठंडी तूडी में बीज मिलाकर मोमी लिफाफो में भर दें एक मोमी लिफाफें में लगभग 2 किलो गिली तूडी और 70-80 ग्राम बीज पडता है लिफाफे के मुंह को सेबे से अच्छी तरह बांध कर कमरे में रख दे केसिंग बिजाई के दो तीन हफतो के बाद लिफाफे खोलकर केसिंग की 1-1.5 की तहय लगा दें केसिंग में तूडी और रेतली मिट्टी होती है 24 घंटो के लिए 4 प्रतिशत फारमलेन के घोल से जीवाणु रहित किया जाता है खुम्बो का फूटना केसिंग मिट्टी डालने के लगभग दो हफतो में खुम्बो के छोटे छोटे किणके निकलने शुरू हो जाते है और 4-5 दिन के बाद तोडने योग्य हो जाते है खुम्बो की तूडाई लगभग 35-40 दिनो तक की जाती है
Posted by Ramesh-Kumar
Jharkhand
26-02-2020 07:48 PM
Punjab
02-26-2020 08:34 PM
Ramesh ji yaddi aap chawal ka churra dena chahte hai too usko feed mai de skte hai. Yadi aap kisi aur chij ki batt kr rehe hai to kripya aap apna swal vistar se btayen tan jo apko sahi jankari di ja ske..
Posted by inderpal
Punjab
26-02-2020 07:39 PM
Punjab
02-26-2020 08:35 PM
Inderpal ji kirpa krke ehh dso tuci danmark da kehra semen bhrwana chahunde ho tan jo tuhanu uss vare sahi jankari diti ja ske kyuki semen de hisab nal milk record v alag alag hunda hai
Posted by gurpreet
Punjab
26-02-2020 07:39 PM
Punjab
02-26-2020 08:37 PM
Gurpreet ji ehna di varto bachedani di vdia growth lai, infection khtm krn lai kiti jndi hai tuci powder 30 gm rojana ate pg care rojana 1 goli deo. Ehna nal pashu nawe dudh asani nal ho jnda hai
Posted by Nikhilesh Prajapati
Madhya Pradesh
26-02-2020 07:38 PM
Punjab
02-26-2020 08:53 PM
श्रीमान जी, गुलाब की खेती के लिए जैविक तत्वों से भरपूर और अच्छे जल निकास वाली रेतली दोमट मिट्टी अनुकूल होती है बढ़िया विकास के लिए मिट्टी का pH 6 से 7.5 होना चाहिए यह जल जमाव को सहनयोग्य नहीं है, इसलिए उचित जल निकास का प्रबंध होना चाहिए और अनावश्यक पानी को निकाल देना चाहिए किस्मों के लिए आप देसी गुलाब और इंग्लिश ग.... (Read More)
श्रीमान जी, गुलाब की खेती के लिए जैविक तत्वों से भरपूर और अच्छे जल निकास वाली रेतली दोमट मिट्टी अनुकूल होती है बढ़िया विकास के लिए मिट्टी का pH 6 से 7.5 होना चाहिए यह जल जमाव को सहनयोग्य नहीं है, इसलिए उचित जल निकास का प्रबंध होना चाहिए और अनावश्यक पानी को निकाल देना चाहिए किस्मों के लिए आप देसी गुलाब और इंग्लिश गुलाब किस्मे लगा सकते हैं. मिट्टी को नरम करने के लिए जोताई और गोड़ाई करें बिजाई से 4-6 सप्ताह पहले खेती के लिए बैड तैयार करें बैड बनाने कि लिए 2 टन रूड़ी की खाद और 2 किलो सुपर फासफेट डालें बैडों को एक समान बनाने के लिए उनको समतल करें और बैडों के ऊपर बोयें होये गुलाब गड्डों में बोयें हुए गुलाबों से ज्यादा मुनाफे वाले होते है उत्तरी भारत में बिजाई का सही समय मध्य अक्तूबर है रोपाई के बाद पौधे को छांव में रखें और अगर बहुत ज्यादा धुप हो, तो पौधे पर पानी का छिड़काव करें दोपहर के अंत वाले समय बोया गया गुलाब बढ़िया उगता हैबैड पर 30 सैं.मी. व्यास और 30 सैं.मी. गहरे गड्ढे खोद कर 75 सैं.मी. के फासले पर पौधों की बिजाई करें दो पौधों के बीच में फासला गुलाब की किस्म पर निर्भर करता है बीजों को 2-3 सैं.मी. गहराई में बोयें इसकी बिजाई सीधी या पनीरी लगा कर की जाती है गुलाब की फसल का का प्रजनन काटी गई जड़ों और बडिंग द्वारा किया जाता है उत्तरी भारत में दिसंबर-फरवरी महीने का समय टी-बडिंग के लिए उचित होता है पौधे की कांट-छांट दूसरे और उसके बाद के वर्षों में की जाती है उत्तरी भारत में गुलाब की झाड़ियों की कांट-छांट अक्तूबर के दूसरे या तीसरे हफ्ते में की जाती है जो शाखाएं झाड़ियों को घना बनाएं, उन्हें निकाल दें लटके हुए गुलाबों को छंटाई की जरूरत नहीं होती छंटाई के बाद, अच्छे से गले हुए 7-8 किलो गाय के गोबर को प्रति पौधे को डालें और मिट्टी में अच्छी तरह मिलायें ग्रीन हाउस में, गुलाबों को पंक्तियों में बोया जाता है और पौधों का घनत्व 7-14 पौधे प्रति वर्ग मीटर होनी चाहिए बैड की तैयारी के समय 2 टन रूड़ी की खाद और 2 किलो सुपर फास्फेट को मिट्टी में डालें तीन महीने के फासले पर 10 किलो रूड़ी की खाद और 8 किलो नाइट्रोजन, 8 किलो फासफोरस और 16 किलो पोटाश प्रति पौधे में डालें छंटाई के बाद ही सारी खादों को डालें ज्यादा पैदावार लेने के लिए छंटाई से एक महीने बाद, जी ए 3@ 200 पी पी एम(2 ग्राम प्रति लीटर) की स्प्रे करें पौधे की तनाव सहन शक्ति को बढ़ाने के लिए घुलनशील जड़ उत्तेजक(रैली गोल्ड/रिजोम) 100 ग्राम+ टिपोल 60 मि.ली. को 100 लीटर पानी में डालकर प्रति एकड़ में शाम के समय सिंचाई करें पौधों को खेत में लगाएं ताकि बढ़िया ढंग से विकास कर सके सिंचाई मिट्टी की किस्म और जलवायु के अनुसार करें आधुनिक सिंचाई तकनीक जैसे ड्रिप सिंचाई गुलाब की खेती के लिए लाभदायक होती है फव्वारा सिंचाई से परहेज करें क्योंकि इससे पत्तों को लगने वाली बीमारियां बढ़ती हैं धन्यवाद
Posted by MANAN HUSSAIN
Bihar
26-02-2020 07:37 PM
Punjab
02-28-2020 04:33 PM
sir hum jaldi hi is app k update kar rahe ha ji. aapko notificatition mil jayega aap app update kar lena ji . agar fir bhi koe issue aa raha ho to hmare helpline no. 9779977641 par call kar sakte o ji
Posted by Jagar Singh
Punjab
26-02-2020 07:33 PM
Punjab
02-26-2020 08:46 PM
Tuci usdi bachedani vich lixin-iu dwai 3 din bhrwao ate uss nu keeper plus powder 30 gm rojana 20 din tak ate pg care tablet rojana 1 goli deo ate 21 din tak deo fir agli varr heat vich aunn te uss nu tika bhrwa ke eh powder ate golia dinde rho.
Posted by baljinder singh Dhillon
Punjab
26-02-2020 07:27 PM
Punjab
02-26-2020 08:48 PM
Tuci uss nu cargill di heifer dry feed deni suru kro ate uss nu cafplan powder 50-50 gm swere sham deo. Iss nal frak paa jawega.
Posted by gurbir gill
Punjab
26-02-2020 07:14 PM
Punjab
02-26-2020 08:49 PM
Tuci uss nu vdia khurak de nal nal pett de kiria lai flukarid-ds bolus deo ate uss nu vdia matra vich hara chara ate feed deo isde nal fatmax powder 50 gm rojana dena suru kro..
Posted by Balvir Singh Mann
Punjab
26-02-2020 07:14 PM
Punjab
02-26-2020 08:06 PM
श्रीमान जी बरसीम में फंगीनाशी एम45 को 300 ग्राम प्रति एकड़ के हिसाब से स्प्रे कर सकते है फंगीनाशी की मात्रा 2 मि.ली. प्रति लीटर पानी के हिसाब से डालें।
Posted by gurpreet singh
Punjab
26-02-2020 07:03 PM
Punjab
02-26-2020 08:50 PM
Isde lai tuci Taktic dwai di varto kr skde ho ehh tuci 2ml nu 1 litre pani vich milla ke pashua uppar malish kro ate ass pass v spray kro. Iss nal frak paa jawega..
Posted by Gurjinder Singh
Punjab
26-02-2020 06:50 PM
Punjab
02-26-2020 08:52 PM
Tuci iss nu GADVASU ludhiana laa jao uthe isdi sahi janch krke vdia illag howega ate sahi bimari da ptaa lgg jawega...
Posted by Vinod Kumar Chaudhary
Uttar Pradesh
26-02-2020 06:47 PM
Punjab
02-27-2020 11:49 AM
गन्ने में नदीनों के कारण 12-72 प्रतिशत पैदावार का नुकसान होता है शुरूआती 60-120 दिनों तक नदीनों की रोकथाम बहुत जरूरी है इसलिए रोपाई के बाद 3-4 महीने की फसल में नदीनों की रोकथाम करें नीचे लिखे तरीकों से नदीनों को रोका जा सकता है 1) हाथों से गोडाई करके : गन्ना एक व्यापक जगह लेने वाली फसल है इसलिए नदीनों को गोडाई करके .... (Read More)
गन्ने में नदीनों के कारण 12-72 प्रतिशत पैदावार का नुकसान होता है शुरूआती 60-120 दिनों तक नदीनों की रोकथाम बहुत जरूरी है इसलिए रोपाई के बाद 3-4 महीने की फसल में नदीनों की रोकथाम करें नीचे लिखे तरीकों से नदीनों को रोका जा सकता है 1) हाथों से गोडाई करके : गन्ना एक व्यापक जगह लेने वाली फसल है इसलिए नदीनों को गोडाई करके रोका जा सकता है इसके इलावा प्रत्येक सिंचाई के बाद 3-4 गोडाई जरूरी है 2) काश्तकारी ढंग : इस प्रक्रिया में खेती के तरीके, अंतरफसली और मलचिंग तरीके शामिल हैं बहुफसली के कारण नदीनों का हमला ज्यादा होता है इसकी रोकथाम के लिए चारे वाली फसलें और हरी खाद वाली फसलों के आधार वाला फसली चक्र गन्ने में नदीनों की रोकथाम करता है गन्ना एक व्यापक जगह लेने वाली भी फसल है जिससे नदीनों के हमले का खतरा भी ज्यादा होता है यदि गन्ने को कम समय वाली फसलों के साथ अंतरफसली किया जाए तो इससे नदीनों को कम किया जा सकता है और ज्यादा लाभ भी मिल सकता है गन्ने के अंकुरन के बाद गन्ने की कतारों में 10-12 सैं.मी. मोटी तह बिछा दी जाती है यह सूर्य की रोशनी को सोखता है जिससे नदीन कम होते हैं यह मिट्टी में नमी को भी बचाता है रासायनिक तरीके : नदीनों को रोकने के लिए नदीनों के अंकुरण से पहले सिमाज़िन या एट्राज़िन 0.6-0.8 किलो या मैट्रीब्यूज़िन 0.4 किलो या ड्यूरॉन 1-1.2 किलो प्रति एकड़ में डालें इन नदीननाशकों को बिजाई के तुरंत बाद डालें 2,4-D 0.3-0.4 किलो नदीनों के अंकुरण के बाद गन्ने में चौड़े पत्ते वाले नदीनों को रोकने के लिए डालें
Posted by Ramved shakya
Uttar Pradesh
26-02-2020 06:45 PM
Rajasthan
02-27-2020 02:52 PM
मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजि.... (Read More)
मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजित किया जा रहा है प्रशिक्षण कार्य कर्म में भाग लेने के लिए नीचे दिए गए नम्बर पर आज ही संपर्क करें और Rs 250/ से अपना रजिस्ट्रेशन करवाए अचल सिंह (फाउंडर )- 9711858258. धन्यवाद
Posted by harjinder singh
Punjab
26-02-2020 06:38 PM
Punjab
02-28-2020 04:22 PM
ਤੁਸੀ ਕਲਮੀਸ਼ੋਰਾ 500ਗ੍ਰਾਮ, ਜੋ ਖਾਰ 250ਗ੍ਰਾਮ, ਮਿਠਾਸੋਡਾ 250ਗ੍ਰਾਮ, ਨਸ਼ਾਦਰ 150ਗ੍ਰਾਮ, ਖੰਡ 2 ਕਿਲੋ ਅਤੇ ਮਿਠਾ ਤੇਲ 2 ਕਿਲੋ ਲਉ ਤੇ ਪਹਿਲਾਂ ਖੰਡ ਦੀ ਚਾਸਣੀ ਬਣਾਉਣ ਤੇ ਫਿਰ ਉਸ ਵਿਚ ਮਿੱਠਾ ਤੇਲ ਪਾਉ ਤੇ ਉਬਾਲੋ ਫਿਰ ਉਸ ਵਿਚ ਬਾਕੀ ਸਾਰਾ ਸਾਮਾਨ ਪਾਉ ਤੇ ਉਬਾਲ ਕੇ ਠਾਰ ਕੇ ਪੰਜ ਹਿੱਸੇ ਕਰ ਲਉ ਤੇ ਇਕ ਹਿੱਸਾ ਰੋਜਾਨਾ ਰਾਤ ਵੇਲੇ ਦਿਉ ਤੇ ਪਸ਼ੂ ਨੂੰ ਤ੍ਰੇਲ ਵਿਚ ਨਾ ਬੰਨ੍ਹੋ ਤੇ ਨਾ ਹੀ 6 ਦਿਨ ਨਵਾਹੋ ਅ.... (Read More)
ਤੁਸੀ ਕਲਮੀਸ਼ੋਰਾ 500ਗ੍ਰਾਮ, ਜੋ ਖਾਰ 250ਗ੍ਰਾਮ, ਮਿਠਾਸੋਡਾ 250ਗ੍ਰਾਮ, ਨਸ਼ਾਦਰ 150ਗ੍ਰਾਮ, ਖੰਡ 2 ਕਿਲੋ ਅਤੇ ਮਿਠਾ ਤੇਲ 2 ਕਿਲੋ ਲਉ ਤੇ ਪਹਿਲਾਂ ਖੰਡ ਦੀ ਚਾਸਣੀ ਬਣਾਉਣ ਤੇ ਫਿਰ ਉਸ ਵਿਚ ਮਿੱਠਾ ਤੇਲ ਪਾਉ ਤੇ ਉਬਾਲੋ ਫਿਰ ਉਸ ਵਿਚ ਬਾਕੀ ਸਾਰਾ ਸਾਮਾਨ ਪਾਉ ਤੇ ਉਬਾਲ ਕੇ ਠਾਰ ਕੇ ਪੰਜ ਹਿੱਸੇ ਕਰ ਲਉ ਤੇ ਇਕ ਹਿੱਸਾ ਰੋਜਾਨਾ ਰਾਤ ਵੇਲੇ ਦਿਉ ਤੇ ਪਸ਼ੂ ਨੂੰ ਤ੍ਰੇਲ ਵਿਚ ਨਾ ਬੰਨ੍ਹੋ ਤੇ ਨਾ ਹੀ 6 ਦਿਨ ਨਵਾਹੋ ਅਤੇ ਉਸ ਨੂੰ Vitum-H injection 2-2 ਦਿਨ ਦੇ ਫਰਕ ਨਾਲ 5 ਇੰਜੇਕਸ਼ਨ ਲਗਵਾਓ
Posted by ashok Kumar
Uttar Pradesh
26-02-2020 06:36 PM

Punjab
02-28-2020 04:23 PM
Ashok ji kripya aap apna swal vistar se pushen ki aap kya jankari lena chahte hai tan jo apko sahi jankari di ja skee.
Posted by gurbx
Punjab
26-02-2020 06:24 PM
Punjab
02-26-2020 08:08 PM
श्रीमान जी गेहूं में यदि को बीमारी दिखाई दे रही है तो आप फफूंदनाशक की स्प्रे कर सकते हैं nativo की मात्रा 100 ग्राम प्रति एकड़ के हिसाब से स्प्रे कर सकते हैं इसमें तेले वाली दवाई मिलाकर स्प्रे कर सकते हैं
Posted by Navdeep Singh
Haryana
26-02-2020 06:22 PM
Punjab
02-28-2020 04:24 PM
नवदीप जी इसके साथ थनों की कोई समस्या नहीं आती यह तो पशु के हजम करने पर निर्भर है यदि पशु कम मात्रा में बढ़िया हजम करता है तो आप कम प्रयोग कर सकते हैं
Posted by Hardeep Singh
Punjab
26-02-2020 06:14 PM

Punjab
02-28-2020 09:30 PM
हरदीप जी आप उसे अधिक समय तक बांध कर रखें इससे भी पशु अग्ग्रेसिव होना शुरू हो जाता है बाकी उसे कुछ देने की जरुरत नहीं है
Posted by Gurdeep Grewal
Punjab
26-02-2020 06:08 PM

Punjab
02-28-2020 04:26 PM
ग्रेवाल जी इसे keeper plus powde 30gm रोज़ाना और pg care गोली रोज़ाना 1 गोली दें और 21 दिन तक दें, इससे पशु के गाभिन रहने की संभावना बढ़ जाती है
Posted by Dinesh Manjhi
Jharkhand
26-02-2020 05:51 PM
Punjab
02-27-2020 11:16 AM
दिनेश जी फल का फटना ज्यादा सिंचाई के कारण होता है दूसरा कारण बोरोन की कमी होती है इसके लिए आप बोरोन@100 ग्राम को प्रति एकड़ के हिसाब से स्प्रे करें जो फूल सूख जाते है वो फंगस के कारण होती है इसके लिए आप mancozeb @400 ग्राम को प्रति एकड़ के हिसाब से स्प्रे करें
Posted by karansingh
Uttar Pradesh
26-02-2020 05:51 PM
Punjab
02-26-2020 08:46 PM
श्रीमान जी तना गलन की रोकथाम के लिए आप M 45 500 प्रति एकड़ स्प्रे कर सकते हैं
Posted by pardeep kumar gurjar
Rajasthan
26-02-2020 05:44 PM
Maharashtra
02-26-2020 05:49 PM
प्रदीप जी, कृपया आप बताये के अपने इसमें कोनसी स्प्रे का इस्तेमाल किया है ताकि आपको इसके बारे में पूरी जानकारी दी जा सके, धन्यवाद
Posted by ताहिर
Uttar Pradesh
26-02-2020 05:29 PM
Punjab
02-28-2020 04:28 PM
ताहिर जी उसे आप पेट के कीड़ों के लिए Nilzan liquid 1ml/3kg शरीर के भार के ​हिसाब से दें और उसे Groviplex liquid 15ml रोजाना देना शुरू करें इससे अच्छी ग्रोथ होगी और उसे अच्छी खुराक डालें
Posted by Gurpyar Singh Dhillon
Punjab
26-02-2020 04:54 PM
Punjab
02-28-2020 04:32 PM
ਜੇਕਰ ਤੁਸੀ ਡੇਅਰੀ ਫਾਰਮਿੰਗ ਦਾ ਕੰਮ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰਨਾ ਚਾਹੁੰਦੇ ਹੋ ਤਾਂ ਸਭ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾ ਸ਼ੇਡ ਦੀ ਬਣਤਰ ਜਰੂਰੀ ਹੈ ਸੈੱਡ ਹਮੇਸ਼ਾ ਪੂਰਬ-ਪੱਛਮ ਵੱਲ ਹੋਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ ਖੇਤ ਜਾਂ ਆਲੇ ਦੁਆਲੇ ਨਾਲੋ 2 ਫੁੱਟ ਉੱਚਾ ਬਣਾਓ ਕਿਉਕਿ ਨੀਵੀ ਥਾਂ ਤੇ ਪਾਣੀ ਖੜ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਜਿਸ ਕਾਰਨ ਗੰਦਗੀ ਪੈਦਾ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਤੇ ਬਾਕੀ ਪਸ਼ੂਆਂ ਦਾ ਮਲ-ਮੂਤਰ ਦਾ ਨਿਕਾਸ ਵੀ ਅਸਾਨੀ ਨਾਲ ਹੋ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਤੁਸੀ ਇਹ ਸ਼ੈੱਡ 70x26.... (Read More)
ਜੇਕਰ ਤੁਸੀ ਡੇਅਰੀ ਫਾਰਮਿੰਗ ਦਾ ਕੰਮ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰਨਾ ਚਾਹੁੰਦੇ ਹੋ ਤਾਂ ਸਭ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾ ਸ਼ੇਡ ਦੀ ਬਣਤਰ ਜਰੂਰੀ ਹੈ ਸੈੱਡ ਹਮੇਸ਼ਾ ਪੂਰਬ-ਪੱਛਮ ਵੱਲ ਹੋਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ ਖੇਤ ਜਾਂ ਆਲੇ ਦੁਆਲੇ ਨਾਲੋ 2 ਫੁੱਟ ਉੱਚਾ ਬਣਾਓ ਕਿਉਕਿ ਨੀਵੀ ਥਾਂ ਤੇ ਪਾਣੀ ਖੜ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਜਿਸ ਕਾਰਨ ਗੰਦਗੀ ਪੈਦਾ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਤੇ ਬਾਕੀ ਪਸ਼ੂਆਂ ਦਾ ਮਲ-ਮੂਤਰ ਦਾ ਨਿਕਾਸ ਵੀ ਅਸਾਨੀ ਨਾਲ ਹੋ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਤੁਸੀ ਇਹ ਸ਼ੈੱਡ 70x26 ਦਾ ਬਣਾ ਲਓ ਸ਼ੈਡ ਦੇ ਦੋਨਾ ਸਾਈਡ ਤੇ 10-10 ਪਸ਼ੂ ਬੰਨ ਸਕਦੇ ਹੋਂ ਸ਼ੈਡ ਦੋਨਾ ਖੁਰਲੀਆਂ ਤੋਂ ਅੱਧਾ ਫੁੱਟ ਨੀਵਾ ਹੋਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ ਅਤੇ ਵਿਚਕਾਰ ਵਿੱਚ ਇੱਕ ਨਾਲੀ ਹੋਣੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ ਜਿਸ ਨਾਲ ਮਲਮੂਤਰ ਦਾ ਨਿਕਾਸ ਵਧੀਆ ਹੋਵੇ ਤੁਸੀ ਇੱਕੋ ਵਾਰ ਇਕੱਠੀਆਂ ਗਾਵਾਂ ਨਾ ਖਰੀਦੋ,ਗਾਵਾਂ ਨੂੰ 2 -2 ਮਹੀਨਿਆ ਤੇ ਵਕਫੇ ਤੇ ਖਰੀਦੋ ਜਾਂ ਫਿਰ 3 ਪਹਿਲਾਂ ਖਰੀਦ ਲਓ ਤੇ 3 ਮਹੀਨੇ ਬਾਅਦ ਫਿਰ ਖਰੀਦ ਲਵੋ ਇਸ ਨਾਲ ਦੁੱਧ ਦੀ ਕਮੀ ਨਹੀਂ ਆਵੇਗੀ ਪਸ਼ੂ ਦੀ ਨਸਲ ਸਭ ਤੋਂ ਜਿਆਦਾ ਜਰੂਰੀ ਹੈ ਪਸ਼ੂ ਖਰੀਦਣ ਵੇਲੇ ਕੋਸ਼ਿਸ਼ ਕਰੋ ਕਿ ਤਿੰਨ ਡੰਗ ਦੀ ਚੁਆਈ ਕਰਕੇ ਹੀ ਪਸ਼ੂ ਖਰੀਦੋ ਮੱਝਾਂ ਦਾ ਇੱਕ ਦਿਨ ਦਾ ਦੁੱਧ 12 ਲੀਟਰ ਅਤੇ ਗਾਵਾਂ ਦਾ ਦੁੱਧ 16-17 ਲੀਟਰ ਤੋਂ ਘੱਟ ਨਾ ਹੋਵੇ ਲਵੇਰੀਆਂ ਨੂੰ ਖਰੀਦਣ ਦਾ ਸਹੀ ਸਮਾਂ ਰੱਖੜੀਆਂ ਤੋਂ ਲੈ ਕੇ ਵਿਸਾਖੀ ਤੱਕ ਦਾ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਕਿਉਕਿ ਇਸ ਸਮੇਂ ਮੌਸਮ ਸੁਖਾਵਾਂ ਹੋਣ ਕਾਰਨ ਹਰਾ ਚਾਰਾ ਵੀ ਖੁੱਲਾ ਹੁੰਦਾ ਹੈ. ਡੇਅਰੀ ਫਾਰਮਿੰਗ ਲਈ ਲੋਨ ਅਲੱਗ ਅਲੱਗ ਕੰਮਾਂ ਲਈ ਮਿਲਦਾ ਹੈ ਜਿਵੇਂ ਸ਼ੈੱਡ ਲਈ ,ਪਸ਼ੂਆਂ ਲਈ, ਡੇਅਰੀ ਮਸ਼ੀਨਰੀ ਲਈ ਲੋਨ ਲੈਣ ਦੇ ਲਈ ਤੁਹਾਡੇ ਕੋਲ ਡੇਅਰੀ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਦਾ ਸਰਟੀਫਿਕੇਟ ਹੋਣਾ ਜਰੂਰੀ ਹੈ ਲੋਨ ਲੈਣ ਸਬੰਧੀ ਅਰਜੀ ਨੇੜੇ ਦੇ ਡਿਪਟੀ ਡਾਇਰੈਕਟਰ ਡੇਅਰੀ ਨੂੰ ਮਿਲ ਕੇ ਦੇਵੋ ਇਸ ਦੇ ਲੋਨ ਤੇ 25% ਸਬਸਿਡੀ ਜਨਰਲ ਕੈਟਾਗਰੀ ਲਈ ਹੈ ਤੇ 33% ਅਨੂਸੂਚਿਤ ਜਾਤੀਆ ਲਈ ਹੈ ਬਾਕੀ ਵਿਆਜ ਜੋ ਅਲੱਗ ਅਲੱਗ ਬੈੱਕ ਦਾ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਉਸ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਹੀ ਲੱਗਦਾ ਹੈ ਸਭ ਤੋਂ ਵਧੀਆ ਤਰੀਕਾ ਇਹੀ ਹੈ ਕਿ ਤੁਸੀ ਆਪਣੇ ਨੇੜੈ ਦੇ ਡੇਅਰੀ ਡਿਵੈਲਪੈਟ ਆਫਿਸਰ ਨੂੰ ਮਿਲੋ ਉਹ ਤੁਹਾਨੂੰ ਫਾਈਲ ਤਿਆਰ ਕਰਕੇ ਦੇਣਗੇ ਹਰ ਜ਼ਿਲੇ ਵਿੱਚ ਡਿਪਟੀ ਡਾਇਰੈਕਟਰ ਡੇਅਰੀ (PDDB) ਦਾ ਦਫਤਰ ਬਣਿਆ ਹੋਇਆ ਹੈ.
Posted by Sachin Nirwal
Uttarakhand
26-02-2020 04:47 PM
Rajasthan
02-27-2020 03:46 PM
मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजि.... (Read More)
मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजित किया जा रहा है प्रशिक्षण कार्य कर्म में भाग लेने के लिए नीचे दिए गए नम्बर पर आज ही संपर्क करें और Rs 250/ से अपना रजिस्ट्रेशन करवाए अचल सिंह (फाउंडर )- 9711858258. धन्यवाद
Posted by Inder Singh
Haryana
26-02-2020 04:44 PM
Punjab
02-27-2020 01:52 PM
inder ji agar aap medicinal plants ki kheti karna chahte hai to aap aleovera , stevia jaise crops se shuru kar sakte hai iske ilava aap companies ke sath contract farming bhi kar sakte hai.dhanywad
Posted by Kamal Yadav
Madhya Pradesh
26-02-2020 03:56 PM
Punjab
02-26-2020 04:13 PM
वातावरण और मिट्टी की किस्म के आधार पर सिंचाई करें बिजाई के तुरंत बाद पहली सिंचाई करें और आवश्यकता के आधार पर 10-15 दिनों के अंतराल पर आवश्यकतानुसार सिंचाई करें
Posted by jagpreet
Punjab
26-02-2020 03:56 PM
Punjab
02-26-2020 04:45 PM
Jagpreet ji Batala pashu mela 27 feb to 2 march tak PUDA GROUND BATALA vikhe ho reha hai, Thankyou.
Posted by ramswaroop
Gujarat
26-02-2020 03:55 PM

Punjab
02-26-2020 04:26 PM
ramswaroop ji kripya aap iski poori photo bheje taki aapko iske bare men poori jankari di ja sake. aapke dwara bheji gayi photo adhi upload hui hai jiski wjah se patte sookh rahe hai.dhanywad
Posted by jagpreet
Punjab
26-02-2020 03:53 PM
Punjab
02-28-2020 04:36 PM
tuci uss nu feed deni bnnd kr deo ate uss nu Broton liquid 50ml rojana, Biotrim-DS tablet 1-1 goli swere sham deni suru kro ate jddo mokk thik ho jawe fir tuci feed suru vich thodi deo ate brotone liquid dinde rho fir jiwe jiwe ohh hajam krna suru kr dewe fir tuci holi holi feed vdha skde ho, tuci purani feed vich v thodi thodi nwi feed mix krke de skde ho kyuki ek dum pashu di feed change krnn nal pashu da hajma khrab ho janda hai ate mokk di smasia lgg jndi hai.
Posted by Ankit Kumar
Uttar Pradesh
26-02-2020 03:52 PM
Punjab
02-26-2020 04:35 PM
अंकित जी आप इसके ऊपर imidacloprid @1.5 ml को प्रति लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे करें
Posted by Ramesh Goyary
Assam
26-02-2020 03:41 PM
Punjab
02-28-2020 04:38 PM
रमेश जी उसे आप अच्छी मात्रा में फीड डालें क्योंकि फीड के साथ अच्छी ग्रोथ होगी और बच्चों के लिए दूध भी अच्छा होगा आप उसकी खुराक का पूरा ध्यान रखें क्योंकि खुराक देने से ही अच्छी ग्रोथ होगी
Posted by sukhi
Haryana
26-02-2020 03:41 PM
Punjab
02-26-2020 03:51 PM
आप इसमें एनपीके 130045 एक किलो के साथ बोरोन 100 ग्राम को 150 लीटर पानी के साथ मिलाकर प्रति एकड़ के हिसाब से स्प्रे कर सकते है hoshi की स्प्रे करने की जरूरत नहीं है क्योंकि यह सिर्फ ग्रोथ प्रोमोटर है। अच्छी उपज लेने के लिए एनपीके 130045 की स्प्रे के साथ बोरोन का प्रयोग कर सकते है।
Posted by Amandeep Singh
Punjab
26-02-2020 03:40 PM
Punjab
02-26-2020 03:43 PM
अमन जी जब इसमें फूल आएगे उस समय इसमें एनपीके 130045 को 10 ग्राम प्रति लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे कर सकते है।
Posted by ਮਲਕੀਤ ਸਿੰਘ
Punjab
26-02-2020 03:28 PM
Punjab
02-26-2020 03:30 PM
ਮਲਕੀਤ ਸਿੰਘ ਜੀ, ਕਿਸਾਨਾਂ ਦੇ ਨਾਲ ਜਾਣਕਾਰੀ ਸਾਂਝੀ ਕਾਰਨ ਲਈ ਧੰਨਵਾਦ
Posted by Ramlal Beniwal Beniwal
Rajasthan
26-02-2020 03:19 PM
Maharashtra
02-26-2020 03:23 PM
रामलाल जी, आप इसबगोल में तेले की रोकथाम के लिए imidacloprid @ 1.5 ml प्रति लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे कर सकते हैं, धन्यवाद