
Posted by Chamkaur Singh
Punjab
28-02-2020 09:59 PM
Chamkaur ji tuci uss nu Vitamor-H liquid 10-10ml swere sham, Metabolite powder di rojana 1 pudi deni suru kro, baki uss nu vdia matra hara chara dena suru kro ate vdia feed deo, ehna nal lewa ate dudh vddh jawega.
Posted by yogesh Kumar
Haryana
28-02-2020 09:54 PM
Yogesh ji desi murgi egg ke liye aap Vanraja nasal rakh skte hai aap RIR nasal v rakh skte hai yeh nasal egg aur meat dono kamo ke liye achi rehti hai. iska rate market price ke hisab se aur uski growth ke hisab se hota hai.

Posted by ਗੁਰਵਿੰਦਰ ਸਿੰਘ
Punjab
28-02-2020 09:43 PM
ਗੁਰਵਿੰਦਰ ਸਿੰਘ ਜੀ ਜਦੋਂ ਤੁਹਾਡੀ ਗਾਂ ਉੱਠਣ ਦੀ ਕੋਸ਼ਿਸ਼ ਕਰਦੀ ਹੈ ਅਤੇ ਗੋਡਿਆ ਤੇ ਆ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਤਾਂ ਇਹ ਦੇਖੋ ਕਿ ਉਸ ਦੇ ਗਿੱਟੇ ਸਿੱਧੇ ਰਹਿੰਦੇ ਹਨ, ਜੇਕਰ ਸਿੱਧੇ ਨਹੀਂ ਰਹਿੰਦੇ ਤਾਂ ਤੁਸੀ ਉਸ ਨੂੰ Metphos inj. 30ml, Urimin inj. 30ml, Macbolit inj. 400mg, Nurokind inj. 15ml, Trineurosol h inj. 5-5ml ਲਗਵਾਓ ਅਤੇ ਜੇਕਰ ਸਿੱਧੇ ਰਹਿੰਦੇ ਹਨ ਤਾਂ ਤੁਸੀਂ ਉਸ ਨੂੰ anabolite liquid 100-100ml ਸਵੇਰੇ ਸ਼ਾਮ ਪਿਲਾਓ ਅਤੇ nurokind inj. 15ml, Macbolit inj. 400mg, Trineurosol h inj. 5-5ml ਲਗ.... (Read More)
ਗੁਰਵਿੰਦਰ ਸਿੰਘ ਜੀ ਜਦੋਂ ਤੁਹਾਡੀ ਗਾਂ ਉੱਠਣ ਦੀ ਕੋਸ਼ਿਸ਼ ਕਰਦੀ ਹੈ ਅਤੇ ਗੋਡਿਆ ਤੇ ਆ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਤਾਂ ਇਹ ਦੇਖੋ ਕਿ ਉਸ ਦੇ ਗਿੱਟੇ ਸਿੱਧੇ ਰਹਿੰਦੇ ਹਨ, ਜੇਕਰ ਸਿੱਧੇ ਨਹੀਂ ਰਹਿੰਦੇ ਤਾਂ ਤੁਸੀ ਉਸ ਨੂੰ Metphos inj. 30ml, Urimin inj. 30ml, Macbolit inj. 400mg, Nurokind inj. 15ml, Trineurosol h inj. 5-5ml ਲਗਵਾਓ ਅਤੇ ਜੇਕਰ ਸਿੱਧੇ ਰਹਿੰਦੇ ਹਨ ਤਾਂ ਤੁਸੀਂ ਉਸ ਨੂੰ anabolite liquid 100-100ml ਸਵੇਰੇ ਸ਼ਾਮ ਪਿਲਾਓ ਅਤੇ nurokind inj. 15ml, Macbolit inj. 400mg, Trineurosol h inj. 5-5ml ਲਗਵਾਓ

Posted by Rohit gujjar
Haryana
28-02-2020 09:29 PM
Rohit ji isko aap pett ke kirro ke liye Flukarid-Ds bolus den aur isko achi matra mai hara chara aur feed dalen, iske sath sath aap isko Glactogog powder rojana 1 pouch den aur Calpond powder 50gm rojana dena suru kren, iske ilawa aap gehu ka dalia v de skte hai..

Posted by ਸਤਨਾਮ ਸਿੰਘ ਸੰਧੂ
Punjab
28-02-2020 09:27 PM
ਸਤਨਾਮ ਸਿੰਘ ਸੰਧੂ ਜੀ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਲੈਣ ਲਈ ਤੁਸੀਂ Sh.Gurpreet Singh, ADF 01633-501794, 9872300405 adfshrimukatsarsahib@gmail.com ਨਾਲ ਸੰਪਰਕ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ, ਧੰਨਵਾਦ
Posted by ਹਰਪ੍ਰੀਤ ਸਿੰਘ
Punjab
28-02-2020 09:25 PM
harpreet ji jekar mausam saaf rahe ta eh hafte vich hi nikal aundi hai ate 45-60 dina tak ktayi de dindi hai.dhanwad

Posted by MOHAMMED IMTIAZ SARWAR FARIDI
Bihar
28-02-2020 09:24 PM
जिमीकंद या सूरन उष्णकटिबंधीय तथा उपोष्णकटिबंधीय आर्द्र जलवायु में अच्छी तरह उगता हैं जहां वार्षिक तापमान 30 से 35 डिग्री सेल्सियस जिमीकंद या सूरन का उत्पादन अनेक प्रकार की मिटटी में हो सकता हैं, परन्तु इस फसल के उत्पादन के लिए अच्छी जीवांशयुक्त बलुई दोमट मिट्टी या बलुई चिकनी दोमट मिट्टी उपयुक्त होती है जि.... (Read More)
जिमीकंद या सूरन उष्णकटिबंधीय तथा उपोष्णकटिबंधीय आर्द्र जलवायु में अच्छी तरह उगता हैं जहां वार्षिक तापमान 30 से 35 डिग्री सेल्सियस जिमीकंद या सूरन का उत्पादन अनेक प्रकार की मिटटी में हो सकता हैं, परन्तु इस फसल के उत्पादन के लिए अच्छी जीवांशयुक्त बलुई दोमट मिट्टी या बलुई चिकनी दोमट मिट्टी उपयुक्त होती है जिसका पी एच स्तर 5.5 से 7.0 के बीच होता हैं उन्नत किस्में :गजेन्द्र, श्री पद्मा (एम- 15), संतरागाछी जिमीकंद आमतौर पर 6 से 8 माह में तैयार होने वाली फसल है और सिंचाई की सुविधा रहने पर इसे मध्य मार्च में लगा देना चाहिए मार्च में लगाई फसल मध्य नवम्बर तक तैयार हो जाती है बाजार की मांग को देखते हुए 5 से 6 माह बाद से खुदाई शुरू की जा सकती है पानी की सुविधा न होने पर इसे जून के अंतिम सप्ताह में मौनसून शुरू होने पर लगाया जाता है मार्च में लगाई जाने वाली फसल की पैदावार स्वाभाविक रूप से जून में लगाई फसल से अधिक होती है यदि नर्सरी की सुविधा उपलब्ध हो तो मौनसून शुरू होने के एक माह पूर्व, आंशिक छाया वाली जगह में, जमीन की सतह से 4 इंच ऊँची क्यारी बना कर कंदों को लगभग सटाकर 20 सेंटीमीटर दूर कतार में लगाया जा सकता है क्यारियों में गोबर की सड़ी हुई खाद, महीन बालू और मिट्टी 1:1:1 के अनुपात में मिलाकर तैयार रखना चाहिए कंदों के टुकड़ों को क्यारियों में लगाने के बाद धान के पुवाल से ढंक कर हल्का पानी देते रहना चाहिए तीन सप्ताह में अंकुर और जड़े विकसित होना शुरू हो जाती है मानसून शुरू होते ही क्यारियों में अंकुरित हो रहे कंदों के टुकड़ों को मुख्य खेत में रोपित कर देना चाहिए जिमीकंद की अच्छी पैदावार के लिए उसे हल्के गहरे गड्डों में (40 X 40 X 40 सेंटीमीटर) गोबर की सड़ी हुई खाद, महीन बालू तथा अच्छी मिट्टी (1:1:1) भरकर रोपित करना चाहिए रोपण में प्रयुक्त होने वाले कंदों के आकार के अनुसार पौधों की दूरी सुनिश्चित की जाती है यदि 500 ग्राम से 1 किलोग्राम तक के कंदों को रोपा जा रहा है, तो पौधों और कतार के बीच की दूरी 90 सेंटीमीटर रखनी चाहिए यदि कंदों के टुकड़ों का आकार छोटा है तो 60 X 60 सेंटीमीटर की दूरी रखनी चाहिए आम तौर पर व्यावसायिक उत्पादन के लिए 500 ग्राम से 1 किलोग्राम वजन के कंदों को तथा बीज उत्पादन के लिए 50 से 150 ग्राम वजन के कंदों को रोपा जाता है रोपते समय कंदों को मिट्टी की सतह से 4 से 6 सेंटीमीटर की गहराई में लगाते हैं रोपण के बाद धान के पुवाल या पत्तों आदि से गड्डों को ढंक देना चाहिए जिमीकंद अत्यधिक उर्वरकग्राही फसल है गोबर की पूरी तरह सड़ी हुई खाद 25 से 30 टन प्रति हेक्टेयर की दर से अंतिम जुताई के समय खेत में मिला देनी चाहिए यदि गड्डों में रोपाई की जानी है, तो गोबर की खाद को मिट्टी में मिलाकर गङ्कों में भर देना चाहिए रासायनिक खादों में नत्रजन, फॉस्फोरस और पोटाश की मात्रा 150:100:150 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर की दर से देना चाहिए मृदा परिक्षण के आधार पर मात्रा कम या ज्यादा हो सकती है, इसलिए इसकी खेती से अच्छे उत्पादन के लिए मृदा परिक्षण आवश्यक है आखरी जुताई या रोपण के समय फॉस्फोरस की पूरी मात्रा तथा नत्रजन और पोटाश की आधी मात्रा देनी चाहिए नत्रजन और पोटाश की बची हुई मात्रा दो बार में रोपाई के 30 एवं 60 दिन बाद खरपतवार निकाल कर पौधों पर मिट्टी चढ़ाते समय दे देनी चाहिए अधिक वर्षा वाले क्षेत्रों में नत्रजन और पोटाश की मात्रा बराबर 3 से 5 बार में देना ठीक रहता है लेकिन फॉस्फोरस की पूरी मात्रा रोपाई के समय ही दे देनी चाहिए यदि मार्च में जिमीकंद की फसल की रोपाई की गयी है तो रोपाई के तुरंत बाद हल्की सिंचाई कर देनी चाहिए और उसके बाद समय-समय पर आवश्यकतानुसार हल्की सिंचाई करते रहना चाहिए इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि फसल-वद्धि की किसी भी अवस्था में खेत में पानी का जमाव नहीं रहना चाहिए कंदों की खुदाई से पूर्व भी हल्की सिंचाई कर देने से सुविधा रहती है धन्यवाद

Posted by Sharan
Punjab
28-02-2020 09:17 PM
sharan ji eh sirf bijai de dhang han jisde vich jekar bed bna ke makki di bijai kiti jandi hai ta usnu bed vali makki keha janda hai.jehdi vattan bna ke beeji jandi hai usnu bina bed vali bolya janda hai. eh dono bijai de alg alag dhang han.dhanwad

Posted by ashwani maitry
Chattisgarh
28-02-2020 08:47 PM
मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप Amit Kumar Bamoriya Phone: 9770085381 जी से सम्पर्क कर सकते हैं, धन्यवाद
Posted by harchet Singh
Punjab
28-02-2020 08:15 PM
ਹਰਚੇਤ ਜੀ ਤੁਸੀ ਇਸਦੇ ਉਪਰ NPK 191919 @1 ਕਿਲੋ ਨੂੰ 150 ਲੀਟਰ ਪਾਣੀ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਸਪਰੇ ਕਰੋ ਧੰਨਵਾਦ
Posted by HANUMAN SINGH BIKA
Rajasthan
28-02-2020 08:09 PM
हनुमान जी आप इसकी स्प्रे कर सकते है यह फंगस की रोकथाम करती है

Posted by anupam
Rajasthan
28-02-2020 08:03 PM
सबसे पहले आपके लिए यह जानना जरूरी है कि मुर्गी पालन दो तरह का होता है कि आप अंडों का व्यवसाय करना चाहते हैं या मीट का यदि आप अंडों का धंधा करना चाहते हैं तो आपको लेयर मुर्गियां पालनी पड़ेंगी और यदि आप मीट का धंधा करना चाहते हैं तो आपको ब्रॉयलर मुर्गियां पालनी पड़ेंगी यदि आप ब्रायलर मुर्गी पालन करना चाहते हैं त.... (Read More)
सबसे पहले आपके लिए यह जानना जरूरी है कि मुर्गी पालन दो तरह का होता है कि आप अंडों का व्यवसाय करना चाहते हैं या मीट का यदि आप अंडों का धंधा करना चाहते हैं तो आपको लेयर मुर्गियां पालनी पड़ेंगी और यदि आप मीट का धंधा करना चाहते हैं तो आपको ब्रॉयलर मुर्गियां पालनी पड़ेंगी यदि आप ब्रायलर मुर्गी पालन करना चाहते हैं तो कम से कम 10 हजार मुर्गियों का धंधा शुरू करना चाहते हैं तो आपको 4 से 5 लाख का इतज़ाम करना पड़ेगा, ये आप अपने बजट के हिसाब से कम पंक्षियों से भी शुरू कर सकते हैं बाकि आप इस काम को ट्रेनिंग लेकर शुरू करें जिसमें आपको इस काम के बारे में पूरी जानकारी दी जाएगी .
Posted by Pradeep Singh
Uttar Pradesh
28-02-2020 07:59 PM
सभी प्रकार की मिट्टियों में सहजन (Moringa) की खेती की जा सकती है यहाँ तक कि बेकार, बंजर और कम उर्वरा भूमि में भी इसकी खेती की जा सकती है, परन्तु व्यवसायिक खेती के लिए साल में दो बार फलनेवाला सहजन के प्रभेदों के लिए 6-7.5 पी.एच. मान वाली बलुई दोमट मिट्टी बेहतर पाया गया है सहजन के पौध की रोपनी में गड्ढा बनाकर किया जाता है ख.... (Read More)
सभी प्रकार की मिट्टियों में सहजन (Moringa) की खेती की जा सकती है यहाँ तक कि बेकार, बंजर और कम उर्वरा भूमि में भी इसकी खेती की जा सकती है, परन्तु व्यवसायिक खेती के लिए साल में दो बार फलनेवाला सहजन के प्रभेदों के लिए 6-7.5 पी.एच. मान वाली बलुई दोमट मिट्टी बेहतर पाया गया है सहजन के पौध की रोपनी में गड्ढा बनाकर किया जाता है खेत को अच्छी तरह खरपतवार से साफ़-सफाई का 2.5 x 2.5 मीटर की दूरी पर 45 x 45 x 45 सेंमी. आकार का गड्ढा बनाते हैं गड्ढे के उपरी मिट्टी के साथ 10 किलोग्राम सड़ा हुआ गोबर का खाद मिलाकर गड्ढे को भर देते हैं इससे खेत पौध के रोपनी हेतु तैयार हो जाता है सहजन में बीज और शाखा के टुकड़ों दोनों से ही प्रबर्द्धन होता है अच्छी फलन और साल में दो बार फलन के लिए बीज से प्रबर्द्धन करना अच्छा है एक हेक्टेयर में खेती करने के लिए 500 ग्राम बीज पर्याप्त है बीज को सीधे तैयार गड्ढों में या फिर पॉलीथीन बैग में तैयार कर गड्ढों में लगाया जा सकता है पॉलीथीन बैग में पौध एक महीना में लगाने योग्य तैयार हो जाता है एक महीने के तैयार पौध को पहले से तैयार किए गये गड्ढों में माह जुलाई-सितम्बर तक रोपनी कर दें पौध जब लगभग 75 सेंमी. का हो जाये तो पौध के ऊपरी भाग की खोटनी कर दें, इससे बगल से शाखाओं को निकलने में आसानी होगी रोपनी के तीन महीने के बाद 100 ग्राम यूरिया + 100 ग्राम सुपर फास्फेट + 50 ग्राम पोटाश प्रति गड्ढा की दर से डालें तथा इसके तीन महीने बाद 100 ग्राम यूरिया प्रति गड्ढा का पुन: व्यवहार करें सहजन पर किए गए शोध से यह पाया गया कि मात्र 15 किलोग्राम गोबर की खाद प्रति गड्ढा तथा एजोसपिरिलम और पी.एस.बी. (5 किलोग्राम/हेक्टेयर) के प्रयोग से जैविक सहजन की खेती, उपज में बिना किसी ह्रास के किया जा सकता है अच्छे उत्पादन के लिए सिंचाई करना लाभदायक है गड्ढों में बीज से अगर प्रबर्द्धन किया गया है तो बीज के अंकुरण और अच्छी तरह से स्थापन तक नमी का बना रहना आवश्यक है फूल लगने के समय खेत ज्यादा सूखा या ज्यादा गीला रहने पर दोनों ही अवस्था में फूल के झड़ने की समस्या होती है, इस के बारे में और ज्यादा जानकारी के लिए आप J.B Lal 8290200303 से सम्पर्क कर सकते है धन्यवाद

Posted by Sunil Kr Suman
Bihar
28-02-2020 07:58 PM
Suman ji you can contact to Mr Dhananjay Kumar 9416400207.thank you

Posted by jatinder singh
Punjab
28-02-2020 07:53 PM
ਸ੍ਰੀ ਮਾਨ ਜੀ ਇਸ ਦੀਆਂ ਕਿਸਮਾਂ ਹਨ--PNB 83, PNB 233, CO 3, Pusa Giant Napier, Gajraj, NB-5, NB-6, NB 37 and NB-35..I ਇਸਦੀ ਬਿਜਾਈ ਗੰਨੇ ਵਾਂਗ ਕੀਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਇਸਦੀ ਬਿਜਾਈ ਦਾ ਸਮਾਂ ਫ਼ਰਵਰੀ ਤੋਂ ਲੈ ਕੇ ਅਪ੍ਰੈਲ ਤੱਕ ਹੁੰਦਾ ਹੈ I ਇੱਕ ਏਕੜ ਵਿੱਚ 11000 ਕਲਮਾਂ ਲਗਦੀਆਂ ਹਨ I ਇਸਦਾ ਬੀਜ ਤੁਹਾਨੂੰਪੰਜਾਬ ਖੇਤੀਬਾੜੀ ਯੂਨੀਵਰਸਿਟੀ ਲੁਧਿਆਣਾ ਤੋਂ ਮਿਲ ਸਕਦਾ ਹੈ

Posted by Parvat Lodhi
Madhya Pradesh
28-02-2020 07:53 PM
श्री मान बैंगन की फसल सख्त होने के कारण इसे अलग अलग तरह की मिट्टी में उगाया जा सकता है यह एक लंबे समय की फसल है, इसलिए अच्छे जल निकास वाली उपजाऊ रेतली दोमट मिट्टी उचित होती है और अच्छी पैदावार देती है अगेती फसल के लिए हल्की मिट्टी और अधिक पैदावार के लिए चिकनी और नमी या गारे वाली मिट्टी उचित होती है फसल की वृद्ध.... (Read More)
श्री मान बैंगन की फसल सख्त होने के कारण इसे अलग अलग तरह की मिट्टी में उगाया जा सकता है यह एक लंबे समय की फसल है, इसलिए अच्छे जल निकास वाली उपजाऊ रेतली दोमट मिट्टी उचित होती है और अच्छी पैदावार देती है अगेती फसल के लिए हल्की मिट्टी और अधिक पैदावार के लिए चिकनी और नमी या गारे वाली मिट्टी उचित होती है फसल की वृद्धि के लिए 5.5-6.6 पी एच होनी चाहिए मिट्टी के भुरभुरा होने तक खेत की तीन से चार बार जोताई करें गाय का गला हुआ गोबर 42 क्विंटल प्रति एकड़ में डालें और मिट्टी में अच्छी तरह मिलायें बैंगन के बीज 3 मीटर लंबे, 1 मीटर चौड़े और 15 सैं.मी. ऊंचे बैडों पर बोये जाते हैं पहले बैडों में बढ़िया रूड़ी की खाद डालें फिर बिजाई से दो दिन पहले कप्तान का घोल डालें ताकि जो नर्सरी बैडों में पौधों को नष्ट होने से बचाया जा सके उसके बाद बीजों को कतारों में 2.5 सैं.मी. के फासले पर और 1.5 सैं.मी. की गहराई पर बोयें हल्की सिंचाई करें पौधों के अंकुरन तक बैडों को काले रंग की पॉलीथीन शीट या पराली से ढक दें तंदरूस्त पौधे जिनके 3-4 पत्ते निकलें हों और कद 12-15 सैं.मी. (30-40 days crop) हो, खेत में पनीरी लगाने के लिए तैयार होते हैं बैंगन की खेती पूरे वर्ष की जाती है खरीफ मौसम के लिए, नर्सरी फरवरी - मार्च के महीने में तैयार करें और मार्च - अप्रैल के महीने में रोपाई करें सर्दियों के मौसम में, नर्सरी की तैयारी के लिए जून जुलाई का समय उपयुक्त होता है और रोपाई के लिए जुलाई अगस्त का महीना उपयुक्त होता है बसंत के मौसम में, सितंबर के महीने में नर्सरी तैयार करें और अक्तूबर - नवंबर के महीने में रोपाई पूरी कर लें लंबी किस्मों के लिए, कतार से कतार में 60-75 सैं.मी. जबकि गोल किस्मों के लिए कतारों में 80-90 सैं.मी. और पौधे से पौधे में 60-70 सैं.मी. फासले का प्रयोग करें नर्सरी में, बीज को 1.5 सैं.मी. गहराई में बोयें और मिट्टी से ढक दें खेत में पनीरी लगाकर इसकी बिजाई की जाती है एक एकड़ खेत में बिजाई के लिए 300-400 ग्राम बीज प्रति एकड़ में प्रयोग करें नाइट्रोजन 60 किलो (130 किलो यूरिया), फासफोरस 20 किलो (125 किलो सिंगल सुपर फासफेट) और पोटाश 20 किलो (35 किलो म्यूरेट ऑफ पोटाश) की मात्रा प्रति एकड़ में प्रयोग करें नाइट्रोजन की एक तिहाई मात्रा और फासफोरस और पोटाश की पूरी मात्रा आखिरी जोताई के समय डालें बाकी बची नाइट्रोजन को रोपाई के बाद 30 वें और 45वें दिन डालें नदीनों को रोकने, अच्छे विकास और उचित हवा के लिए दो - चार गोडाई करें काले रंग की पॉलिथीन शीट से पौधों को ढक दें जिससे नदीनों का विकास कम हो जाता है और ज़मीन का तापमान भी बना रहता हैं नदीनों को रोकने के लिए पौधे लगाने से पहले मिट्टी में फलूकलोरालिन 600-800 मि.ली. प्रति एकड़ या ऑक्साडायाज़ोन 400 ग्राम प्रति एकड़ डालें अच्छे परिणाम के लिए पौधे लगाने से पहले एलाकलोर 2 लीटर प्रति एकड़ की मिट्टी के तल पर स्प्रे करें

Posted by baljinder singh
Punjab
28-02-2020 07:47 PM
Baljinder ji Beetal bakri achi growth wali 20-25000 tak mill skti hai.

Posted by lakhwindersingh
Punjab
28-02-2020 07:45 PM
ਤੁਸੀ ਗਾਂ ਨੂੰ 250 ਗ੍ਰਾਮ ਗੁੜ ਅਤੇ 1 ਕਿੱਲੋ ਦਲੀਆ ਚੰਗੀ ਤਰ੍ਹਾਂ ਰਿਨ ਕੇ ਫਿਰ ਉਸ ਵਿੱਚ 100 ਗ੍ਰਾਮ ਸਰੋਂ ਦਾ ਤੇਲ ਮਿਕਸ ਕਰੋ, ਇਸ ਨੂੰ ਤੁਸੀ ਅੱਧਾ ਅੱਧਾ ਕਰਕੇ 5-7 ਦਿਨ ਸਵੇਰੇ ਸ਼ਾਮ ਦੇ ਸਕਦੇ ਹੋ ਅਤੇ leptaden tablet 10-10 ਸਵੇਰੇ ਸ਼ਾਮ ਦਿਓ ਅਤੇ Glactogog ਪਾਊਡਰ 1-1 ਪਾਉਚ ਸਵੇਰੇ ਸ਼ਾਮ ਰੋਜਾਨਾ ਦਿਓ.
Posted by Lukesh verma
Chattisgarh
28-02-2020 07:41 PM
वर्मा जी आप इसके पत्तों के नीचे मच्छर का हमला चैक करें अगर मौजूद है तो आप इसके ऊपर imidacloprid @1.5 ml को प्रति लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे करें

Posted by Gurbhej singh
Punjab
28-02-2020 07:23 PM
Gurbhej ji kirpa krke ehh daso ki tuhada kis kam nu suru krn vich intrest hai ate tuhade kol kini jammen hai ate kina padai kiti hoi hai tan jo tuhanu uss hisab nal kam vare jankari diti ja skee.

Posted by M.S. Verma
Rajasthan
28-02-2020 06:58 PM
verma ji kripya aap apna swal vistar se pooche taki aapko iske bare men poori janakri di ja sake,dhanywad
Posted by md. Shekhar Patel
Madhya Pradesh
28-02-2020 06:48 PM
यदि आप डेयरी फार्मिंग के लिए लोन लेना चाहते है तो उसके लिए आपको डेयरी की ट्रेनिंग लेने की जरूरत है उस ट्रेनिंग सर्टीफिकेट के हिसाब से आपको लोन मिल सकता है, डेयरी फार्मिंग के लिए लोन अलग अलग कामों के लिए मिलता है जैसे शैड के लिए, पशुओं के लिए, डेयरी मशीनरी के लिए सबसे पहले आपने जिसके लिए लोन लेना है उस संबंधी आव.... (Read More)
यदि आप डेयरी फार्मिंग के लिए लोन लेना चाहते है तो उसके लिए आपको डेयरी की ट्रेनिंग लेने की जरूरत है उस ट्रेनिंग सर्टीफिकेट के हिसाब से आपको लोन मिल सकता है, डेयरी फार्मिंग के लिए लोन अलग अलग कामों के लिए मिलता है जैसे शैड के लिए, पशुओं के लिए, डेयरी मशीनरी के लिए सबसे पहले आपने जिसके लिए लोन लेना है उस संबंधी आवेदन नज़दीक के डिप्टी डायरेक्टर को मिलकर दें, इसके लिए आपके पास डेयरी ट्रेनिंग होनी जरूरी है उसके सर्टीफिकेट के हिसाब से आपको लोन मिलेगा यह ट्रेनिंग आप अपने नज़दीकी केवीके से प्राप्त कर सकते है वहां समय समय पर ट्रेनिंग दी जाती है आप वहां जाकर अपना फार्म भर आए जब भी वहां ट्रेनिंग होगी तो आपको फोन करके बता दिया जाएगा, इस ट्रेनिंग में आपको डेयरी लोन और सब्सिड़ी के बारे में सारी जानकारी प्राप्त हो जाएगी.

Posted by Bhagvatilal
Madhya Pradesh
28-02-2020 06:46 PM
Bhagvatilal ji meri fasal mera boyra me register karne ke lia aap www.fasalhry.in par jae, is ke bare puri jankari ke lia aap niche dia gae link par jae https://www.youtube.com/watch v=-qLlAErb0bo&t=62s

Posted by Bhagvatilal
Madhya Pradesh
28-02-2020 06:45 PM
Bhagvatilal ji meri fasal mera boyra me register karne ke lia aap www.fasalhry.in par jae, is ke bare puri jankari ke lia aap niche dia gae link par jae https://www.youtube.com/watch v=-qLlAErb0bo&t=62s

Posted by Ranvir
Punjab
28-02-2020 06:44 PM
Hanji Ranvir ji tuci javi da achar v paa skde hoo jddo ohh pakan wali stage te howe uddo usdi katai krke kutra kr skde ho ate jekar jyada nami howe fir tuci uss nu thoda suka skde ho fir uss nu jiwe makki da achar tyar kita janda hai uss trah hawaa rehht krke toyye vich paa skde ho.

Posted by Guljari Moond
Punjab
28-02-2020 06:40 PM
श्रीमान जी गेहूं में पीली कुंगी की रोकथाम के लिए आप Opera@300 ml प्रति एकड़ के हिसाब से स्प्रे कर सकते है
Posted by Mangat singh
Punjab
28-02-2020 06:29 PM
ਸ੍ਰੀ ਮਾਨ ਜੀ ਹਲਦੀ ਦੀ ਸਫਲ ਕਾਸ਼ਤ ਲਈ ਕੁਝ ਜ਼ਰੂਰੀ ਨੁਕਤੇ ਪੰਜਾਬ ਦਾ ਖੇਤੀ ਅਰਥਚਾਰਾ ਮੁੱਖ ਤੌਰ ‘ਤੇ ਝੋਨੇ ਅਤੇ ਕਣਕ ਦੀ ਫ਼ਸਲ ‘ਤੇ ਨਿਰਭਰ ਕਰਦਾ ਹੈ ਪ੍ਰੰਤੂ ਝੋਨੇ ਅਤੇ ਕਣਕ ਦੇ ਫ਼ਸਲੀ ਚੱਕਰ ਨੂੰ ਲਗਾਤਾਰ ਅਪਣਾਉਣ ਕਰਕੇ ਬਹੁਤ ਸਾਰੀਆਂ ਸਮੱਸਿਆਵਾਂ ਆ ਰਹੀਆਂ ਹਨ ਅਤੇ ਝੋਨੇ ਅਤੇ ਕਣਕ ਤੋਂ ਮੁਨਾਫ਼ਾ ਵੀ ਘਟ ਰਿਹਾ ਹੈ ਇਸ ਲਈ ਲੋੜ ਹੈ ਫ਼ਸਲੀ ਵਿਭਿੰਨਤਾ ਨੂੰ ਅਪਣਾੳਂੁਦੇ ਹੋਏ ਹੋਰ ਫ਼ਸਲਾਂ ਵੱਲ.... (Read More)
ਸ੍ਰੀ ਮਾਨ ਜੀ ਹਲਦੀ ਦੀ ਸਫਲ ਕਾਸ਼ਤ ਲਈ ਕੁਝ ਜ਼ਰੂਰੀ ਨੁਕਤੇ ਪੰਜਾਬ ਦਾ ਖੇਤੀ ਅਰਥਚਾਰਾ ਮੁੱਖ ਤੌਰ ‘ਤੇ ਝੋਨੇ ਅਤੇ ਕਣਕ ਦੀ ਫ਼ਸਲ ‘ਤੇ ਨਿਰਭਰ ਕਰਦਾ ਹੈ ਪ੍ਰੰਤੂ ਝੋਨੇ ਅਤੇ ਕਣਕ ਦੇ ਫ਼ਸਲੀ ਚੱਕਰ ਨੂੰ ਲਗਾਤਾਰ ਅਪਣਾਉਣ ਕਰਕੇ ਬਹੁਤ ਸਾਰੀਆਂ ਸਮੱਸਿਆਵਾਂ ਆ ਰਹੀਆਂ ਹਨ ਅਤੇ ਝੋਨੇ ਅਤੇ ਕਣਕ ਤੋਂ ਮੁਨਾਫ਼ਾ ਵੀ ਘਟ ਰਿਹਾ ਹੈ ਇਸ ਲਈ ਲੋੜ ਹੈ ਫ਼ਸਲੀ ਵਿਭਿੰਨਤਾ ਨੂੰ ਅਪਣਾੳਂੁਦੇ ਹੋਏ ਹੋਰ ਫ਼ਸਲਾਂ ਵੱਲ ਵੀ ਧਿਆਨ ਦਿੱਤਾ ਜਾਵੇ ਹਲਦੀ ਫ਼ਸਲੀ ਵਿਭਿੰਨਤਾ ਵਿਚ ਚੰਗਾ ਯੋਗਦਾਨ ਪਾ ਸਕਦੀ ਹੈ ਹਲਦੀ ਦੀ ਖੇਤੀ ਨਾਲ ਨਾ ਕੇਵਲ ਸਾਡੀ ਆਪਣੀ ਲੋੜ ਪੂਰੀ ਹੋਵੇਗੀ ਸਗੋਂ ਸਾਡੇ ਪ੍ਰਾਂਤ ਅਤੇ ਦੇਸ਼ ਦੇ ਵਪਾਰ ਵਿਚ ਵੀ ਵਾਧਾ ਹੋਵੇਗਾ ਹਲਦੀ ਦੀ ਕਾਸ਼ਤ ਇਸ ਦੀਆਂ ਗੰਢੀਆਂ ਕਰਕੇ ਕੀਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਇਸ ਦੀਆਂ ਗੰਢੀਆਂ ਦਾ ਪੀਲਾ ਰੰਗ ਇਸ ਵਿਚਲੇ ਖਾਸ ਤੱਤ ਕਰਕਿਊਮਿਨ (1.8 ਤੋਂ 5.4 ਪ੍ਰਤੀਸ਼ਤ) ਕਰਕੇ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਹਲਦੀ ਦੀਆਂ ਗੰਢੀਆਂ ਵਿਚ ਖ਼ਾਸ ਤਰ੍ਹਾਂ ਦਾ ਤੇਲ (2.5 ਤੋਂ 7.2 ਪ੍ਰਤੀਸ਼ਤ) ਵੀ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਜਿਸ ਨੂੰ ਟਰਮੇਰੋਲ ਕਿਹਾ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਹਲਦੀ ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਮੁੱਖ ਤੌਰ ‘ਤੇ ਰਸੋਈ ਵਿਚ ਮਸਾਲੇ ਦੇ ਤੌਰ ‘ਤੇ, ਭੋਜਨ ਪਦਾਰਥਾਂ ਨੂੰ ਸੁਗੰਧੀ ਅਤੇ ਰੰਗ ਦੇਣ ਵਾਸਤੇ ਕੀਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਇਸ ਤੋਂ ਇਲਾਵਾ ਇਸ ਦੇ ਖ਼ਾਸ ਗੁਣਾਂ ਕਰਕੇ ਇਸ ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਵੱਖ-ਵੱਖ ਦਵਾਈਆਂ ਅਤੇ ਹਾਰ-ਸ਼ਿੰਗਾਰ ਦੇ ਸਮਾਨ ਵਿਚ ਵੀ ਕੀਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ . ਇਸ ਦੇ ਸਹੀ ਵਾਧੇ ਵਿਕਾਸ ਲਈ ਇਸ ਨੂੰ ਗਰਮ ਅਤੇ ਸਿੱਲ੍ਹੇ ਵਾਤਾਵਰਨ ਦੀ ਜ਼ਰੂਰਤ ਪੈਂਦੀ ਹੈ ਪੰਜਾਬ ਵਿਚ ਇਸ ਦੀ ਕਾਸ਼ਤ ਸਾਰੇ ਸੇੇਂਜੂ ਇਲਾਕੇ ਵਿਚ ਕੀਤੀ ਜਾ ਸਕਦੀ ਹੈ ਜ਼ਿਆਦਾ ਜੈਵਿਕ ਮਾਦੇ ਵਾਲੀਆਂ ਦਰਮਿਆਨੀਆਂ ਤੋਂ ਭਾਰੀਆਂ ਜ਼ਮੀਨਾਂ ਇਸ ਦੀ ਕਾਸ਼ਤ ਲਈ ਜ਼ਿਆਦਾ ਢੁਕਵੀਆਂ ਹਨ ਹਲਦੀ ਦੀ ਫ਼ਸਲ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਪਛੇਤੀ ਕਣਕ ਜਾਂ ਪਿਆਜ਼ ਲਗਾਏ ਜਾ ਸਕਦੇ ਹਨ ਹੇਠ ਲਿਖੀਆਂ ਤਕਨੀਕੀ ਗੱਲਾਂ ਵੱਲ ਧਿਆਨ ਦੇ ਕੇ ਹਲਦੀ ਤੋਂ ਵਧੇਰੇ ਝਾੜ ਲਿਆ ਜਾ ਸਕਦਾ ਹੈ ਉੱਨਤ ਕਿਸਮਾਂ : ਫ਼ਸਲ ਦੇ ਵਧੇਰੇ ਝਾੜ ਲਈ ਕੇਵਲ ਸਿਫ਼ਾਰਸ਼ ਕੀਤੀਆਂ ਕਿਸਮਾਂ ਦੀ ਹੀ ਕਾਸ਼ਤ ਕਰਨੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ ਪੰਜਾਬ ਵਿਚ ਹਲਦੀ ਦੀ ਕਾਸ਼ਤ ਲਈ ਦੋ ਕਿਸਮਾਂ ਦੀ ਸਿਫ਼ਾਰਸ਼ ਕੀਤੀ ਗਈ ਹੈ ਜਿਨਾਂ ਦਾ ਵੇਰਵਾ ਹੇਠ ਲਿਖੇ ਅਨੁਸਾਰ ਹੈ : ਪੰਜਾਬ ਹਲਦੀ 1: ਹਲਦੀ ਦੀ ਇਸ ਕਿਸਮ ਦੇ ਬੂਟੇ ਦਰਮਿਆਨੀ ਉਚਾਈ ਦੇ ਅਤੇ ਸਿੱਧੇ ਹੁੰਦੇ ਹਨ ਇਸ ਕਿਸਮ ਦੇ ਬੂਟਿਆਂ ਦੇ ਪੱਤੇ ਹਰੇ, ਦਰਮਿਆਨੇ ਚੌੜੇ ਅਤੇ ਥੋੜ੍ਹੇ ਲੰਬੇ ਆਕਾਰ ਦੇ ਹੁੰਦੇ ਹਨ ਇਸ ਦੀਆਂ ਗੰਢੀਆਂ ਦੇ ਉੱਪਰਲੇ ਛਿਲਕੇ ਦਾ ਰੰਗ ਭੂਰਾ ਜਦੋਂਕਿ ਅੰਦਰਲੇ ਗੁੱਦੇ ਦਾ ਰੰਗ ਗੂੜ੍ਹਾ ਪੀਲਾ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਇਹ ਕਿਸਮ ਪੱਕਣ ਲਈ ਲੱਗਪਗ 215 ਦਿਨ ਲੈਂਦੀ ਹੈ ਅਤੇ ਇਸ ਦਾ ਔਸਤ ਝਾੜ 108 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੈ ਪੰਜਾਬ ਹਲਦੀ 2: ਹਲਦੀ ਦੀ ਇਸ ਕਿਸਮ ਦੇ ਬੂਟੇ ਲੰਬੇ ਅਤੇ ਸਿੱਧੇ ਹੁੰਦੇ ਹਨ ਇਸ ਕਿਸਮ ਦੇ ਬੂਟਿਆਂ ਦੇ ਪੱਤੇ ਹਲਕੇ ਹਰੇ ਅਤੇ ਜ਼ਿਆਦਾ ਚੌੜੇ ਹੁੰਦੇ ਹਨ ਇਸ ਦੀਆਂ ਗੰਢੀਆਂ ਮੋਟੀਆਂ ਅਤੇ ਲੰਬੀਆਂ ਹੁੰਦੀਆਂ ਹਨ ਗੰਢੀਆਂ ਦੇ ਉੱਪਰਲੇ ਛਿਲਕੇ ਦਾ ਰੰਗ ਭੂਰਾ ਅਤੇ ਅੰਦਰਲੇ ਗੁੱਦੇ ਦਾ ਰੰਗ ਪੀਲਾ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਇਹ ਕਿਸਮ ਪੱਕਣ ਲਈ ਲੱਗਪਗ 240 ਦਿਨ ਲੈਂਦੀ ਹੈ ਅਤੇ ਇਸ ਦਾ ਔਸਤ ਝਾੜ 122 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੈ ਖੇਤ ਦੀ ਤਿਆਰੀ: ਹਲਦੀ ਇਸ ਦੀਆਂ ਗੰਢੀਆਂ (ਜ਼ਮੀਨੀ ਤਣੇ) ਲਈ ਉਗਾਈ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਗੰਢੀਆਂ ਦੇ ਸਹੀ ਵਾਧੇ- ਵਿਕਾਸ ਲਈ ਜ਼ਮੀਨ ਦਾ ਨਰਮ ਹੋਣਾ ਬਹੁਤ ਜ਼ਰੂਰੀ ਹੈ ਇਸ ਲਈ ਬਿਜਾਈ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾਂ ਖੇਤ ਨੂੰ ਦੋ-ਤਿੰਨ ਵਾਰ ਵਾਹ ਕੇ ਅਤੇ ਸੁਹਾਗਾ ਮਾਰ ਕੇ ਚੰਗੀ ਤਰ੍ਹਾਂ ਤਿਆਰ ਕਰ ਲੈਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ ਖੇਤ ਦੀ ਤਿਆਰੀ ਸਮੇਂ ਜੇਕਰ ਪਿਛਲੀ ਫ਼ਸਲ ਦੇ ਮੁੱਢ ਅਤੇ ਹੋਰ ਘਾਹ-ਫੂਸ ਹੋਵੇ ਤਾਂ ਖੇਤ ਦੀ ਤਿਆਰੀ ਸਮੇਂ ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੂੰ ਕੱਢ ਦੇਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ ਬੀਜ ਦੀ ਮਾਤਰਾ: ਹਲਦੀ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਗੰਢੀਆਂ ਰਾਹੀ ਕੀਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਬਿਜਾਈ ਲਈ ਵਰਤੀਆਂ ਜਾਣ ਵਾਲੀਆਂ ਗੰਢੀਆਂ ਤਾਜ਼ੀਆਂ ਅਤੇ ਰੋਗ ਰਹਿਤ ਹੋਣੀਆਂ ਚਾਹੀਦੀਆਂ ਹਨ ਇਕ ਏਕੜ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਵਾਸਤੇ 6 ਤੋਂ 8 ਕੁਇੰਟਲ ਤਾਜ਼ੀਆਂ ਗੰਢੀਆਂ ਦੀ ਜ਼ਰੂਰਤ ਪੈਂਦੀ ਹੈ ਜੇਕਰ ਘਰੇਲੂ ਪੱਧਰ ‘ਤੇ ਛੋਟੇ ਪੈਮਾਨੇ ‘ਤੇ ਹਲਦੀ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਕਰਨੀ ਹੋਵੇ ਤਾਂ ਇਕ ਮਰਲਾ (25 ਵਰਗ ਮੀਟਰ) ਰਕਬੇ ਲਈ 4-5 ਕਿਲੋਗ੍ਰਾਮ ਗੰਢੀਆਂ ਕਾਫ਼ੀ ਹੁੰਦੀਆਂ ਹਨ ਬਿਜਾਈ ਦਾ ਢੰਗ : ਹਲਦੀ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਲਈ ਤਾਜ਼ੀਆਂ ਅਤੇ ਨਿਰੋਗ ਗੰਢੀਆਂ ਦੀ ਚੋਣ ਕਰਨੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ ਹਲਦੀ ਦੀ ਬਿਜਾਈ 1 ਫੁੱਟ (30 ਸੈਂਟੀਮੀਟਰ) ਦੀ ਵਿੱਥ ‘ਤੇ ਲਾਈਨਾਂ ਵਿਚ ਗੰਢੀ ਤੋਂ ਗੰਢੀ ਦਾ ਫ਼ਾਸਲਾ 8 ਇੰਚ (20 ਸੈਂਟੀਮੀਟਰ) ਰੱਖ ਕੇ ਕਰਨੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ ਬਿਜਾਈ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਖੇਤ ਵਿਚ 25-36 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਝੋਨੇ ਦੀ ਪਰਾਲੀ ਪਾ ਦੇਣੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ ਪਰਾਲੀ ਪਾਉਣ ਨਾਲ ਗੰਢੀਆਂ ਜਲਦੀ ਹਰੀਆਂ ਹੋ ਜਾਂਦੀਆਂ ਹਨ ਗੰਢੀਆਂ ਦੇ ਹਰੇ ਹੋਣ ਤੱਕ ਖੇਤ ਨੂੰ ਗਿੱਲੀ ਵੱਤਰ ਵਿਚ ਰੱਖਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ ਬੀਜ ਦੀ ਕੀਮਤ 3000ਤੋਂ 3500 ਰੁਪਏ ਪ੍ਰਤੀ ਕੁਇੰਟਲ ਹੈ ਕੁੱਲ ਖਰਚਾ 35 ਤੋ 40 ਹਜਾਰਾਂ ਆਉਂਦਾ ਹੈ ਜਿਆਦਾ ਖਰਚਾ ਬੀਜ ਅਤੇ ਲੇਵਰ ਤੇ ਆਉਂਦਾ ਹੈ।
Posted by Tarkeshwar Singh
Uttar Pradesh
28-02-2020 06:19 PM
सबसे पहले यदि हम मछली पालन की बात करें तो इसके लिए ट्रेनिंग बहुत जरूरी है यह ट्रेनिंग FFDA(fish farmer development aggency) हर जिले में बनी है जहां हमारा खेतीबाड़ी विभाग है वहां इसके अफसर बैठते हैं वहां जाकर एप्लीकेशन भरवायें वहां आपको 5 दिन की ट्रेनिंग दी जायेगी ट्रेनिंग के लिए दसवीं पास होना ज़रूरी है इस ट्रेनिंग में आपको लोन और स.... (Read More)
सबसे पहले यदि हम मछली पालन की बात करें तो इसके लिए ट्रेनिंग बहुत जरूरी है यह ट्रेनिंग FFDA(fish farmer development aggency) हर जिले में बनी है जहां हमारा खेतीबाड़ी विभाग है वहां इसके अफसर बैठते हैं वहां जाकर एप्लीकेशन भरवायें वहां आपको 5 दिन की ट्रेनिंग दी जायेगी ट्रेनिंग के लिए दसवीं पास होना ज़रूरी है इस ट्रेनिंग में आपको लोन और सब्सिड़ी के बारे में सारी जानकारी प्राप्त हो जाएगी इसकी पुंग छोड़ने के लिए अप्रैल से अक्तूबर का समय बढ़िया होता है, बाकि यदि अपने शुरू करना है तो यूनिवर्सिटी की तरफ से एक एकड़ में शुरू कर सकते हैं. एक एकड़ में 5000 पूंग डाल सकते हैं यह 2 से 3 इंच का होता है यदि 5000 डालना है तो 3000 रोहू, 1000 कतला, 500 कॉमन कॉर्प और 500 मरीगल नस्ल डाली जाए यह पूंग आप मछली पालन विभाग से खरीद सकते हैं यह एक इंच का बच्चा 10 पैसा प्रति बच्चा मिलेगा यदि बढ़िया खुराक डाली जाए तो 8 महीनों में यह लगभग 800—900 ग्राम का हो जाता है बाकी मछली पालन के लिए नहरी पानी बढ़िया होता है और आप गांव का छप्पड़ ठेके से लेकर भी यह काम शुरू कर सकते हैं तालाब में मछली के बीज डालने से पहले इस बात की जांच कर लेनी चाहिए कि उस तालाब में काफी मात्रा में मछली की कुदरती खुराक उपलब्ध है.
Posted by Tarkeshwar Singh
Uttar Pradesh
28-02-2020 06:18 PM
सबसे पहले यदि हम मछली पालन की बात करें तो इसके लिए ट्रेनिंग बहुत जरूरी है यह ट्रेनिंग FFDA(fish farmer development aggency) हर जिले में बनी है जहां हमारा खेतीबाड़ी विभाग है वहां इसके अफसर बैठते हैं वहां जाकर एप्लीकेशन भरवायें वहां आपको 5 दिन की ट्रेनिंग दी जायेगी ट्रेनिंग के लिए दसवीं पास होना ज़रूरी है इस ट्रेनिंग में आपको लोन और स.... (Read More)
सबसे पहले यदि हम मछली पालन की बात करें तो इसके लिए ट्रेनिंग बहुत जरूरी है यह ट्रेनिंग FFDA(fish farmer development aggency) हर जिले में बनी है जहां हमारा खेतीबाड़ी विभाग है वहां इसके अफसर बैठते हैं वहां जाकर एप्लीकेशन भरवायें वहां आपको 5 दिन की ट्रेनिंग दी जायेगी ट्रेनिंग के लिए दसवीं पास होना ज़रूरी है इस ट्रेनिंग में आपको लोन और सब्सिड़ी के बारे में सारी जानकारी प्राप्त हो जाएगी इसकी पुंग छोड़ने के लिए अप्रैल से अक्तूबर का समय बढ़िया होता है, बाकि यदि अपने शुरू करना है तो यूनिवर्सिटी की तरफ से एक एकड़ में शुरू कर सकते हैं. एक एकड़ में 5000 पूंग डाल सकते हैं यह 2 से 3 इंच का होता है यदि 5000 डालना है तो 3000 रोहू, 1000 कतला, 500 कॉमन कॉर्प और 500 मरीगल नस्ल डाली जाए यह पूंग आप मछली पालन विभाग से खरीद सकते हैं यह एक इंच का बच्चा 10 पैसा प्रति बच्चा मिलेगा यदि बढ़िया खुराक डाली जाए तो 8 महीनों में यह लगभग 800—900 ग्राम का हो जाता है बाकी मछली पालन के लिए नहरी पानी बढ़िया होता है और आप गांव का छप्पड़ ठेके से लेकर भी यह काम शुरू कर सकते हैं तालाब में मछली के बीज डालने से पहले इस बात की जांच कर लेनी चाहिए कि उस तालाब में काफी मात्रा में मछली की कुदरती खुराक उपलब्ध है.
Posted by durgesh meena
Rajasthan
28-02-2020 06:16 PM
आप सिरोही नस्ल की बकरी के बच्चे लेने के लिए Amrit Toshik 9680050016 Toshik Goat farm से संपर्क कर सकते है
Posted by Navneet Mishra Shivam
Uttar Pradesh
28-02-2020 06:04 PM
हाथों से लगातार गोडाई करें और पहली कटाई के बाद खेत को नदीन मुक्त करें नदीनों की रोकथाम के लिए सिनबार 400 ग्राम प्रति एकड़ में प्रयोग करें नदीनों को नियंत्रित करने के लिए जैविक मल्च के साथ ऑक्सीफलोरफिन 200 ग्राम या पैंडीमैथालीन बूटीनाशक 800 मि.ली को प्रति एकड़ में प्रयोग करें यदि नदीन ज्यादा हो तो डालापोन 1.6 किलोग.... (Read More)
हाथों से लगातार गोडाई करें और पहली कटाई के बाद खेत को नदीन मुक्त करें नदीनों की रोकथाम के लिए सिनबार 400 ग्राम प्रति एकड़ में प्रयोग करें नदीनों को नियंत्रित करने के लिए जैविक मल्च के साथ ऑक्सीफलोरफिन 200 ग्राम या पैंडीमैथालीन बूटीनाशक 800 मि.ली को प्रति एकड़ में प्रयोग करें यदि नदीन ज्यादा हो तो डालापोन 1.6 किलोग्राम प्रति एकड़ या ग्रामाक्ज़ोन 1 लीटर और डयूरॉन 800 ग्राम या टेरबेसिल 800 ग्राम की प्रति एकड़ में स्प्रे करें
Posted by MD janesar Akhtar
Bihar
28-02-2020 06:00 PM
करेले के लिए बिजाई का समय : बीज बोने के लिए फरवरी से मार्च या जून से जुलाई का समय उपयुक्त होता है फासला: 1.5 मीटर चौड़े बैड के दोनों ओर बीजों को बोयें और पौधे से पौधे में 45 सैं.मी. फासले का प्रयोग करें बीज की गहराई: गड्ढे में 2.5-3 सैं.मी. की गहराई पर बीजों को बोयें बिजाई का ढंग:
गड्ढा खोदकर बिजाई की जाती है बैंगन के लिए ब.... (Read More)
करेले के लिए बिजाई का समय : बीज बोने के लिए फरवरी से मार्च या जून से जुलाई का समय उपयुक्त होता है फासला: 1.5 मीटर चौड़े बैड के दोनों ओर बीजों को बोयें और पौधे से पौधे में 45 सैं.मी. फासले का प्रयोग करें बीज की गहराई: गड्ढे में 2.5-3 सैं.मी. की गहराई पर बीजों को बोयें बिजाई का ढंग:
गड्ढा खोदकर बिजाई की जाती है बैंगन के लिए बिजाई का समय: फरवरी मार्च में पनीरी बोयें ताकि जो अप्रैल के आखिर से पहले ही पनीरी खेत में लगाने के लिए तैयार हो जाये फासला: फासला फसल की किस्म और मिट्टी की उपजाऊ शक्ति पर निर्भर करता है पंक्तियों में 60 सैं.मी. और पौधों में 35-40 सैं.मी. का फासला रखें बीज की गहराई: नर्सरी में बीजों को 1 सैं.मी. गहराई में बोयें और मिट्टी से ढक दें बिजाई का ढंग: खेत में पनीरी लगाकर इसकी बिजाई की जाती है काली तोरी के लिए बिजाई का समय: वर्ष में दो बार इसके बीजों को बोया जाता है बिजाई के लिए उपयुक्त समय मध्यम फरवरी से मार्च का महीना है और दूसरी बार बिजाई के लिए मध्य मई से जुलाई का समय उपयुक्त है फासला: दो बीजों को प्रति क्यारी में बोया जाता है जो कि 3 मीटर चौड़ी होती है और बीजों में 75-90 सैं.मी. के फासले का प्रयोग करें बीज की गहराई: बीजों को 2.5-3 सैं.मी. की गहराई में बोयें बिजाई का ढंग: गड्ढे खोदकर इसकी बिजाई की जाती है लौकी के लिए बिजाई का समय: इसकी बिजाई के लिए फरवरी से मार्च, जून से जुलाई और नवंबर से दिसंबर का समय उपयुक्त होता है फासला: कतारों में 2.0-2.5 - और पौधों में 45-60 सैं.मी. फासले का प्रयोग करें बीज की गहराई: बीज को 1-2 सैं.मी. की गहराई पर बोयें स्प्रे का इस्तेमाल तब ही किया जाता है, जब फसल में कोई दिकत आ रही होती है, धन्यवाद
Posted by Parveen Bishnoi
Rajasthan
28-02-2020 05:53 PM
भारी मिट्टी के मुकाबले हल्की मिट्टी को ज्यादा संख्या में सिंचाई की आवश्यकता होती है मिट्टी की किस्म, जलवायु के आधार पर ईसबगोल फसल को 7-10 सिंचाइयों की आवश्यकता होती है बिजाई के तुरंत बाद, हल्की सिंचाई करें इससे बीजों का अंकुरण जल्दी होगा यदि अंकुरण ठीका ना हो तो एक ओर सिंचाई करें दूसरी और तीसरी सिंचाई बिजा.... (Read More)
भारी मिट्टी के मुकाबले हल्की मिट्टी को ज्यादा संख्या में सिंचाई की आवश्यकता होती है मिट्टी की किस्म, जलवायु के आधार पर ईसबगोल फसल को 7-10 सिंचाइयों की आवश्यकता होती है बिजाई के तुरंत बाद, हल्की सिंचाई करें इससे बीजों का अंकुरण जल्दी होगा यदि अंकुरण ठीका ना हो तो एक ओर सिंचाई करें दूसरी और तीसरी सिंचाई बिजाई के 30वें और 70वें दिन करें डंडियां बनने के समय सिंचाई के लिए महत्तवपूर्ण होता है आखिरी सिंचाई दुधिया अवस्था में करें

Posted by Omprakash Tanwar
Rajasthan
28-02-2020 05:53 PM
जैविक खेती के लिए बहुत सी आवश्यकतायें हैं जैसे कि फसल चक्रण, हरी खाद और जैविक खाद, जैविक कीट नियंत्रण धन्यवाद

Posted by navvinder singh
Punjab
28-02-2020 05:43 PM
iss vich koi chakar wali gal nhi hai, kai varr jddo doctor AI krda hai tan pashu de jor lgaun krke blood dia shotia shotia nasaa cho blood aun lgg jnda hai, kai varr pashu AI ton badd blood sutda hai egg tutan krke krda hai, tuci iss nu Saro da tel 200ml ate haldi 50gm mix krke 3-4 din deo..
Posted by Sukhbir Singh
Punjab
28-02-2020 05:39 PM
Sukhbir Singh ji,tuhade dawara bheji gayi photo sahi nahi ayi hai, kirpa kar ke tusi photo dubara bhejo taki tuhnu is bare jankari dit ja sake, dhanwad

Posted by Himanshu singh
Uttar Pradesh
28-02-2020 05:38 PM
himashu ji jab genhu nisrna shuru karti hai tab aap isme NPK 130045@1 kilo ko 150 litre pani ke hisab se spray karen.dhanywad
Posted by Satwant Singh
Punjab
28-02-2020 05:36 PM
ਤੁਸੀ ਮੱਝ ਨੂੰ 250 ਗ੍ਰਾਮ ਗੁੜ ਅਤੇ 1 ਕਿੱਲੋ ਦਲੀਆ ਚੰਗੀ ਤਰ੍ਹਾਂ ਰਿਨ ਕੇ ਫਿਰ ਉਸ ਵਿੱਚ 100 ਗ੍ਰਾਮ ਸਰੋਂ ਦਾ ਤੇਲ ਮਿਕਸ ਕਰੋ, ਇਸ ਨੂੰ ਤੁਸੀ ਅੱਧਾ ਅੱਧਾ ਕਰਕੇ 5-7 ਦਿਨ ਸਵੇਰੇ ਸ਼ਾਮ ਦੇ ਸਕਦੇ ਹੋ ਅਤੇ leptaden tablet 10-10 ਸਵੇਰੇ ਸ਼ਾਮ ਦਿਓ ਅਤੇ Glactogog ਪਾਊਡਰ 1-1 ਪਾਉਚ ਸਵੇਰੇ ਸ਼ਾਮ ਰੋਜਾਨਾ ਦਿਓ.
Posted by विनोद kumar Vinod
Haryana
28-02-2020 05:25 PM
विनोद कुमार जी सोलर ऊर्जा के बारे में विस्थार में जानकारी के लिए आप Mr dhananjay Kumar 9416400207 से सम्पर्क कर सकते है धन्यवाद
Posted by विनोद kumar Vinod
Haryana
28-02-2020 05:23 PM
यदि आप डेयरी फार्मिंग के लिए लोन लेना चाहते है तो उसके लिए आपको डेयरी की ट्रेनिंग लेने की जरूरत है उस ट्रेनिंग सर्टीफिकेट के हिसाब से आपको लोन मिल सकता है, डेयरी फार्मिंग के लिए लोन अलग अलग कामों के लिए मिलता है जैसे शैड के लिए, पशुओं के लिए, डेयरी मशीनरी के लिए सबसे पहले आपने जिसके लिए लोन लेना है उस संबंधी आव.... (Read More)
यदि आप डेयरी फार्मिंग के लिए लोन लेना चाहते है तो उसके लिए आपको डेयरी की ट्रेनिंग लेने की जरूरत है उस ट्रेनिंग सर्टीफिकेट के हिसाब से आपको लोन मिल सकता है, डेयरी फार्मिंग के लिए लोन अलग अलग कामों के लिए मिलता है जैसे शैड के लिए, पशुओं के लिए, डेयरी मशीनरी के लिए सबसे पहले आपने जिसके लिए लोन लेना है उस संबंधी आवेदन नज़दीक के डिप्टी डायरेक्टर को मिलकर दें, इसके लिए आपके पास डेयरी ट्रेनिंग होनी जरूरी है उसके सर्टीफिकेट के हिसाब से आपको लोन मिलेगा यह ट्रेनिंग आप अपने नज़दीकी केवीके से प्राप्त कर सकते है वहां समय समय पर ट्रेनिंग दी जाती है आप वहां जाकर अपना फार्म भर आए जब भी वहां ट्रेनिंग होगी तो आपको फोन करके बता दिया जाएगा, इस ट्रेनिंग में आपको डेयरी लोन और सब्सिड़ी के बारे में सारी जानकारी प्राप्त हो जाएगी.
Posted by Sukhbir Singh
Punjab
28-02-2020 04:47 PM
सुखवीर जी आप उसे पेट के कीड़ों के लिए Flukarid-Ds bolus दें और Glactogog पाउडर रोजाना एक पाउच दें और Calpond पाउडर 50 ग्राम रोजाना दें बाकि आप उसे अच्छी मात्रा में हरा चारा डालें और फीड दें उसे आप गेहूं का दलिया भी बनाकर दे सकते हैं

Posted by Aloka Pandey
West Bengal
28-02-2020 04:40 PM
अलोका पांडेय जी सभी सीड लेने के लिए आप Shine Brand Seeds 8770896002, के साथ संम्पर्क कर सकते हैं धन्यवाद
Posted by विनोद kumar Vinod
Haryana
28-02-2020 04:28 PM
विनोद कुमार जी सोलर ऊर्जा के बारे में विस्थार में जानकारी के लिए आप Mr dhananjay Kumar 9416400207 से सम्पर्क कर सकते है धन्यवाद
Posted by gurbej Singh
Punjab
28-02-2020 04:27 PM
Gurbej ji, tuhade dawara bheji gayi photo puri upload nahi hoyi hai, kirpa kar ke tusi photo dubara bhjeo tajo tuhanu dekh ke is bare puri jankari diti ja sake, dhanwad
Posted by विनोद kumar Vinod
Haryana
28-02-2020 04:22 PM
Shrimaan ji, bahut se krishi yantron par subsidy mil rahi hai, ap kripya bataye ke ap konsa krishi yantar lena chahte hain, taki apko iski subsidy ke bare mein bataya ja sake, dhanywad

Posted by jaswinder singh
Punjab
28-02-2020 04:16 PM
Jaswinder ji tuci sahiwal cow lenn lai Sukhvinder Dhamherhi 9781800637 nal sampark kr skde ho.
Posted by Harshit Gangwar
Uttar Pradesh
28-02-2020 04:13 PM
Harshit Gangwar ji, agar chodey patte vale nadeen hai or apki fasal 80 din se kam hai to ap 2,4-D @ 250 gram prati acre ke hisaab se spray kar sakte hain, agar apki fasal 80 din se upar hai to ap isme kisi keetnashak ka spray na karein, kyu ki yeh ab fasal ko nuksaan kar sakrti hai, dhanywad

Posted by mukesh kumar
Chattisgarh
28-02-2020 04:06 PM
मुकेश जी, कृपया आप बताये के यह फल अपने खुद काट रखा है यान फिर अपने आप फटा हैं, इसके इलावा जो इस पर धब्बे हैं वो फंगस की वजह से पड़ रहे हैं, धन्यवाद
Posted by ਬਾਬਾ ਸੋਹਨ ਦਾਸ ਡੇਰਾ ਉਦਾਸੀਨ ਹਥਨ
Punjab
28-02-2020 04:06 PM
tuci nili raavi nasal di katti lain lai Bhadur Singh 9463817201 Nili Ravi Dairy Farm nal sampark kr skde ho.
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