Experts Q&A Search

Posted by Ramesh-Kumar
Jharkhand
29-02-2020 09:47 PM
Punjab
03-02-2020 12:26 PM
ramesh ji fal aapne aap pakege yeh apna smay lekar hi pakte hai.dhanywad
Posted by nirmala devi
Bihar
29-02-2020 09:22 PM
Maharashtra
03-02-2020 09:09 AM
Nirmala ji, kripya ap bataye ke apki fasal mein konse keet ka hamla hua hai, tako apko iske bare mein jankari di ja sake, dhanywad
Posted by Mahendra Sain Bhwad
Rajasthan
29-02-2020 09:21 PM
Punjab
03-02-2020 05:33 PM
Mahendra Sain Bhwad ji, mausam vibhag ke anusaar mangalvar tak masusam saaf rahe ga , 6 march ko barish ki sambhavna hai , dhanywad
Posted by Ramesh-Kumar
Jharkhand
29-02-2020 09:21 PM
Punjab
03-01-2020 09:36 AM
Ramesh ji Bandykind tablet ek goli deni hai aur sarir ke bhar ke hisab se de skte hai isko pett ke kirre khatam krne ke liye dia jata hai fir her 3-3 mahine ke badd aap salt change krke goli jrur den..
Posted by uttam
Bihar
29-02-2020 09:20 PM
Punjab
04-02-2020 04:58 PM
Uttam ji kirpya aap anpne jile ke KVK (Krishi Vigyan Kendra) se samparak kare, Thankyou.
Posted by Amandeep Sidhu
Punjab
29-02-2020 09:19 PM
Punjab
03-01-2020 09:37 AM
Aman ji aap HF imported semen lene ke liye Balwinder Singh 9814799714 9915046958 Genex international se sampark kr skte hai inse apko rate v ptta lgg jayega.
Posted by rajendra singh rajput
Madhya Pradesh
29-02-2020 09:10 PM
Punjab
03-02-2020 03:37 PM
rajendra ji aap iske growth ke same istemal kar sakte hai kyuki iska kaam paudhe ki growth krana hi hai.dhanywad
Posted by rakesh kumar thakur
West Bengal
29-02-2020 09:01 PM
Punjab
03-01-2020 08:49 AM
श्री मान खुम्ब की किस्में कई प्रकार की होती है जैसे कि बटन खुम्ब, डीगरी, शटाकी खुम्ब, पराली खुम्ब, और मिलकी खुम्ब इनमे से कुइ खुम्ब सर्दियो के मौसम में और कुछ गर्मीयों के मौसम में लगाये जाते है और हर खुम्ब को लगाने का समय अलग अलग है जैसे बटन खुम्ब का समय सितंबर से मार्च तक होता है इस समय में हम तीन फसले ले सकते ह.... (Read More)
श्री मान खुम्ब की किस्में कई प्रकार की होती है जैसे कि बटन खुम्ब, डीगरी, शटाकी खुम्ब, पराली खुम्ब, और मिलकी खुम्ब इनमे से कुइ खुम्ब सर्दियो के मौसम में और कुछ गर्मीयों के मौसम में लगाये जाते है और हर खुम्ब को लगाने का समय अलग अलग है जैसे बटन खुम्ब का समय सितंबर से मार्च तक होता है इस समय में हम तीन फसले ले सकते है शटाकी खुम्ब का समय अक्तूबर से मध्य फरवरी तक हैं इस समय हम एक फसल ही ले सकते है पराली खुम्ब का समय अप्रैल से अगस्त तक है इस समय हम चार फसले ले सकते है मिलकी खुम्ब का समय अप्रैल से सितंबर तक है आप अब अप्रैल में मिलकी या पराली खुम्ब लगा सकते है पराली खुमब के लिए आपको पराली, बीज, बांस, सेबा, आदि की जरूरत है पराली के पूले, धानो की पराली 1-1 किलो के पूले दोनो सिरो से सेबे से बांध कर तैयार किये जाते है पूले के सिरे कांट कर एक सार कर लिए जाते है पूलो की क्यिारी लगाना पराली के पूलो को साफ पानी में 16-20 घंटो के लिए डूबो दे गिले पूलो को ढलान पर रख कर फालतू पानी को निकलने दे कमरे ईटो और बांस से एक पलेटफार्म बनाये इस पलेटफार्म पर 5 पूलो की एक तहय लगाये जिसके ऊपर 75 ग्राम बीज डाले इसके ऊपर की तहय उलट होती है इस प्रकार 5-5 पूलो की तहय में 300 ग्राम बीज डाल कर कियारी तैयार करे सबसे ऊपर दो पूलो को खोलकर रख दे खुम्बो का फूटना बिजाई से 7-9 दिनो के बाद खुम्ब फूटने लगती है पानी और हवा का संचार बिजाई के दो दिन के बाद हर रोज पानी का छिडका करे खुम्बो के फूटने के बाद हवा का संचार 6-8 घंटे प्रति दिन किया जाता है खुम्बो की तूडाई खुम्बो के फूटने के बाद 1-2 दिनो के बाद तोडाई के योग्य हो जाती है मिलकी खुम्ब मिलकी खुम्ब के लिए तूडी, बीज, मोमी लिफाफे, सेबा, केसिंग,मिट्टी आदि होने चाहिये तूडी की तैयारी सूकी तूडी को पक्के फर्श पर बिछा कर 16-20 घंटे पानी से गिला करे गिली तूडी को बोरी में भर कर सेबे से बांध दे इस बोरी को उबलते पानी में 45-50 मिनट रखें तूडी को निकालकर पक्के फर्श पर बिछा कर ठंडा करे यह तूडी बिजाई के लिए तैयार है बिजाई ठंडी तूडी में बीज मिलाकर मोमी लिफाफो में भर दें एक मोमी लिफाफें में लगभग 2 किलो गिली तूडी और 70-80 ग्राम बीज पडता है लिफाफे के मुंह को सेबे से अच्छी तरह बांध कर कमरे में रख दे केसिंग बिजाई के दो तीन हफतो के बाद लिफाफे खोलकर केसिंग की 1-1.5 की तहय लगा दें केसिंग में तूडी और रेतली मिट्टी होती है 24 घंटो के लिए 4 प्रतिशत फारमलेन के घोल से जीवाणु रहित किया जाता है खुम्बो का फूटना केसिंग मिट्टी डालने के लगभग दो हफतो में खुम्बो के छोटे छोटे किणके निकलने शुरू हो जाते है और 4-5 दिन के बाद तोडने योग्य हो जाते है खुम्बो की तूडाई लगभग 35-40 दिनो तक की जाती है
Posted by shikhar
Uttar Pradesh
29-02-2020 09:00 PM
Punjab
03-26-2020 04:13 PM
Shikhar ji kripya aap btaye ke aap sarso ki kheti ke bare men jankari lena chahte hai ya uski marketing ke bare men taki apko iske bare men poori jankari di ja sake,dhanywad
Posted by Parminder Sidhu
Punjab
29-02-2020 08:51 PM
Punjab
03-01-2020 09:43 AM
ਤੁਸੀ ਗਾਂ ਨੂੰ 250 ਗ੍ਰਾਮ ਗੁੜ ਅਤੇ 1 ਕਿੱਲੋ ਦਲੀਆ ਚੰਗੀ ਤਰ੍ਹਾਂ ਰਿਨ ਕੇ ਫਿਰ ਉਸ ਵਿੱਚ 100 ਗ੍ਰਾਮ ਸਰੋਂ ਦਾ ਤੇਲ ਮਿਕਸ ਕਰੋ, ਇਸ ਨੂੰ ਤੁਸੀ ਅੱਧਾ ਅੱਧਾ ਕਰਕੇ 5-7 ਦਿਨ ਸਵੇਰੇ ਸ਼ਾਮ ਦੇ ਸਕਦੇ ਹੋ ਅਤੇ leptaden tablet 10-10 ਸਵੇਰੇ ਸ਼ਾਮ ਦਿਓ ਅਤੇ Glactogog ਪਾਊਡਰ 1-1 ਪਾਉਚ ਸਵੇਰੇ ਸ਼ਾਮ ਰੋਜਾਨਾ ਦਿਓ.
Posted by Amarjit singh
Punjab
29-02-2020 08:48 PM
Rajasthan
03-01-2020 09:43 AM
Amarjit ji sahiwal cow di fatt sbb ton jyada hundi hai..
Posted by Talwinder singh
Punjab
29-02-2020 08:46 PM
Punjab
03-02-2020 04:57 PM
Talwinder ji % bare ta keha nahi ja sakda par jekar boor paina shuru hi hoya c ta kaafi nuksaan ho sakda hai hun kosish karo ke fasl nu halki sinchai hi karo jisde nal fungus da hamal na hoye.
Posted by shikhar
Uttar Pradesh
29-02-2020 08:43 PM
Punjab
03-02-2020 06:12 PM
मक्की की फसल लगाने के लिए उपजाऊ, अच्छे जल निकास वाली, मैरा और लाल मिट्टी जिसमें नाइट्रोजन की उचित मात्रा हो, जरूरी है मक्की रेतली से लेकर भारी हर तरह की ज़मीनों में उगाई जा सकती है समतल ज़मीने मक्की के लिए बहुत अनुकूल है पर कईं पहाड़ी इलाकों में भी यह फसल उगाई जाती है अधिक पैदावार लेने के लिए मिट्टी में जैविक तत्.... (Read More)
मक्की की फसल लगाने के लिए उपजाऊ, अच्छे जल निकास वाली, मैरा और लाल मिट्टी जिसमें नाइट्रोजन की उचित मात्रा हो, जरूरी है मक्की रेतली से लेकर भारी हर तरह की ज़मीनों में उगाई जा सकती है समतल ज़मीने मक्की के लिए बहुत अनुकूल है पर कईं पहाड़ी इलाकों में भी यह फसल उगाई जाती है अधिक पैदावार लेने के लिए मिट्टी में जैविक तत्वों की अधिक मात्रा, पी एच 5.5-7.5 और अधिक पानी रोककर रखने की क्षमता होनी चाहिए बहुत ज्यादा भारी ज़मीनें इस फसल के लिए अच्छी नहीं मानी जाती आप मक्का की किस्मे जैसे के Ganga II, Deccan - 103, Deccan - 105, Trisholta, High Starch, Mangiri की बिजाई करें, फसल के लिए प्रयोग किया जाने वाला खेत नदीनों और पिछली फसल से मुक्त होना चाहिए मिट्टी को नर्म करने के लिए 6 से 7 बार जोताई करें खेत में 4-6 टन प्रति एकड़ रूड़ी की खाद और 10 पैकेट एसपरजिलियम के डालें खेत में 45-50 सैं.मी. के फासले पर खाल और मेंड़ बनाएं रबी के मौसम में खेती के लिए बिजाई 15 अक्तूबर से 10 नवंबर तक पूरी कर लें मेंड़ों पर बिजाई करना ज्यादा लाभदायक रहता है क्योंकि इससे फसल को जल्दी अंकुरित होने में मदद मिलती है और फसल ठंड से भी बची रहती है रबी के मौसम में खेती के लिए 60x18 सैं.मी. फासले का प्रयोग करें बीजों को 4-5 सैं.मी. की गहराई पर बोयें बिजाई हाथों से गड्ढा खोदकर या आधुनिक तरीके से ट्रैक्टर और बिजाई वाली मशीन की मदद से मेंड़ बनाकर की जा सकती है सर्दियों की मक्की के लिए 8-9 किलो बीज प्रति एकड़ में प्रयोग करें फसल को मिट्टी की बीमारियों और कीड़ों से बचाने के लिए बीज का उपचार करें सफेद जंग से बीजों को बचाने के लिए कार्बेनडाज़िम या थीरम 2 ग्राम प्रति किलो बीज के साथ उपचार करें रासायनिक उपचार के बाद बीज को एज़ोसपीरीलम 600 ग्राम + धान के चूरे के साथ उपचार करें उपचार के बाद बीज को 15-20 मिनटों के लिए छांव में सुखाएं एज़ोसपीरिलम मिट्टी में नाइट्रोजन को बांधकर रखने में मदद करता है अच्छी उपज प्राप्त करने के लिए नाइट्रोजन 50 किलो (यूरिया 110 किलो), फासफोरस 24 किलो (एस एस पी 150 किलो) और पोटाश 18 किलो (म्यूरेट ऑफ पोटाश 30 किलो) प्रति एकड़ में डालें खरीफ ऋतु की मक्की में नदीन बड़ी समस्या होते हैं, जो कि खुराकी तत्व लेने में फसल से मुकाबला करते हैं और 35 प्रतिशत तक पैदावार कम कर देते हैं इसलिए अधिक पैदावार लेने के लिए नदीनों का हल करना जरूरी है मक्की की कम से कम दो गोडाई करें पहली गोडाई बिजाई से 20-25 दिन बाद और दूसरी गोडाई 40-45 दिन बाद , पर ज्यादा होने की हालत में एटराज़िन 500 ग्राम प्रति 200 लीटर पानी से स्प्रे करें गोडाई करने के बाद मिट्टी के ऊपर खाद की पतली परत बिछा दें और जड़ों से मिट्टी लगाएं अंकुरन के तीसरे या चौथे सप्ताह बाद पानी लगाएं बाकी की सिंचाइयां 4-5 सप्ताह के फासले पर मध्य मार्च तक करें इसके इलावा और 1 या 2 सिंचाइयां वर्षा और मौसम की स्थिति के आधार पर करें जब पौधे घुटनों के कद के हो जायें तो फूल निकलने के समय और दाने बनने के समय सिंचाई महत्तवपूर्ण होती है यदि इस समय पानी की कमी हो तो पैदावार बहुत कम हो सकती है यदि पानी की कमी हो तो एक मेंड़ छोड़कर पानी दें इस से पानी भी बचता है
Posted by Jaskaran
Punjab
29-02-2020 08:31 PM
Punjab
03-01-2020 09:45 AM
ਜਸਕਰਨ ਜੀ ਜੇਕਰ ਉਹ 3 ਮਹੀਨਿਆਂ ਦੀ ਗੱਭਣ ਹੈ ਤਾਂ ਤੁਸੀ ਉਸ ਨੂੰ ਨਜ਼ਦੀਕੀ ਡਾਕਟਰ ਤੋਂ ਗੱਭਣ ਚੈੱਕ ਕਰਵਾ ਸਕਦੇ ਹੋ ਜਿਸ ਨਾਲ ਉਸਦੇ ਗੱਭਣ ਹੋਣ ਵਾਰੇ ਪਤਾ ਲੱਗ ਜਾਵੇਗਾ
Posted by mohd nasir
Uttar Pradesh
29-02-2020 08:22 PM
Punjab
03-26-2020 04:24 PM
Nasir ji kripya aap bhima shakti ka poora nam btaye taki aapko iske bare men poori jankari di ja sake,dhanywad
Posted by Hariram Lovewanshi Lovewanshi
Madhya Pradesh
29-02-2020 08:15 PM
Punjab
03-02-2020 06:13 PM
हरिराम जी कृपया आप लहसुन की फोटो भेजे ताकि आपको इसके बारे में पूरी जानकारी दी जा सके
Posted by mohd nasir
Uttar Pradesh
29-02-2020 08:14 PM
Punjab
03-03-2020 06:58 PM
Mohd. Nasir ji plant lene ke lia aap Sulender 8736801125 Jai Shree Bag & Nursery, se samparak kar sakte hai, Thankyou.
Posted by ravi
Madhya Pradesh
29-02-2020 07:53 PM
Punjab
03-01-2020 08:52 AM
श्री मान मोटे आलुओं की पैदावार के लिए 13:0:45 की 2 किलो और मैगनीश्यिम ई डी टी ए 100 ग्राम प्रति एकड़ की स्प्रे करें बीमारियों के हमले को रोकने के लिए फंगसनाशी प्रॉपीनेब 3 ग्राम प्रति लीटर पानी डालें आलुओं का आकार और गिणती बढ़ाने के लिए हयूमिक एसिड (12 प्रतिशत) 3 ग्राम + एम ए पी 12:61:0 की 8 ग्राम या डी ए पी 15 ग्राम प्रति लीटर की स्.... (Read More)
श्री मान मोटे आलुओं की पैदावार के लिए 13:0:45 की 2 किलो और मैगनीश्यिम ई डी टी ए 100 ग्राम प्रति एकड़ की स्प्रे करें बीमारियों के हमले को रोकने के लिए फंगसनाशी प्रॉपीनेब 3 ग्राम प्रति लीटर पानी डालें आलुओं का आकार और गिणती बढ़ाने के लिए हयूमिक एसिड (12 प्रतिशत) 3 ग्राम + एम ए पी 12:61:0 की 8 ग्राम या डी ए पी 15 ग्राम प्रति लीटर की स्प्रे पौधे की वृद्धि के समय करें
Posted by arun yadav
Uttar Pradesh
29-02-2020 07:48 PM
Rajasthan
03-01-2020 09:45 AM
मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजि.... (Read More)
मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजित किया जा रहा है प्रशिक्षण कार्य कर्म में भाग लेने के लिए नीचे दिए गए नम्बर पर आज ही संपर्क करें और Rs 250/ से अपना रजिस्ट्रेशन करवाए अचल सिंह (फाउंडर )- 9711858258. धन्यवाद
Posted by Anil Sahu
Madhya Pradesh
29-02-2020 07:38 PM
Punjab
03-01-2020 08:52 AM
श्रीमान जी कृप्या इसकी फोटो भेंजे ताकि आपको इसके बारे में पूरी जानकारी दी जा सके
Posted by Om Prakash Bind
Uttar Pradesh
29-02-2020 07:33 PM
Punjab
03-02-2020 06:15 PM
ओम जी आप किस्मे जैसे डंडाली, राजेन्द्र परवल-1, राजेन्द्र परवल-2, स्वर्ण रेखा, स्वर्ण अलौकिक, निमियां, सफेदा, सोनपुरा, संतोखबा, तिरकोलबा, गुथलिया की बिजाई कर सकते है पौध आप नजदीकी नर्सरी से ले सकते है
Posted by DAVAL SINGH Waskale
Madhya Pradesh
29-02-2020 07:29 PM
Punjab
03-01-2020 09:46 AM
बकरी पालन बहुत ही लाभकारी काम है शुरूआत करने के लिए आप 10 बकरियों और 2 बकरे के साथ कर सकत हैं इन्हें खुराक कम चाहिए इसलिए इन्हें आसानी से पाल सकते हैं ये हर प्रकार के मौसम में पाली जा सकती हैं बकरियां 12-14 महीने में बच्चे देना शुरू कर देती है एक बकरी के लिए लगभग 12—15 वर्ग फीट जगह छती हुई और 25—30 वर्ग फीट जगह खुली चाहिए .... (Read More)
बकरी पालन बहुत ही लाभकारी काम है शुरूआत करने के लिए आप 10 बकरियों और 2 बकरे के साथ कर सकत हैं इन्हें खुराक कम चाहिए इसलिए इन्हें आसानी से पाल सकते हैं ये हर प्रकार के मौसम में पाली जा सकती हैं बकरियां 12-14 महीने में बच्चे देना शुरू कर देती है एक बकरी के लिए लगभग 12—15 वर्ग फीट जगह छती हुई और 25—30 वर्ग फीट जगह खुली चाहिए बकरी का गर्भ समय 150 दिन का होता है और साल में 1-5 बच्चे देती है साल में दो बच्चे देना आम बात है बकरियां 8-10 वर्ष तक बच्चे देती हैं और अपन गिनती को तेजी से बढ़ा लेती हैं आप बारबरी, ब्लैक बंगाल, जैसी नसल पाल सकते हैं.
Posted by Gurmukh Singh Garry
Punjab
29-02-2020 07:22 PM
Punjab
03-01-2020 09:48 AM
ਜੇਕਰ ਗਾਂ ਦੇ ਥਨਾਂ ਨੂੰ ਸੋਜਿਸ਼ ਹੈ ਤਾਂ ਤੁਸੀ ਉਸ ਨੂੰ ਕਾਲੀਆ ਮਿਰਚਾਂ 100 ਗ੍ਰਾਮ ਲਿਆ ਕੇ 20 ਗ੍ਰਾਮ ਰੋਜਾਨਾ ਦੇਣੀਆਂ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ, ਇਸਦੇ ਨਾਲ ਤੁਸੀ ਸਬਜ਼ੀ ਵਾਲਾ ਪੇਠਾ 1 ਕਿਲੋ ਰੋਜਾਨਾ ਖਿਲਾਓ, 5 ਦਿਨ ਦੇਣ ਨਾਲ ਫਰਕ ਪੈ ਜਾਵੇਗਾ, ਇਸਨੂੰ carpade injection 10ml ਲਗਵਾਓ, ਇਹ carries company ਦਾ ਪ੍ਰੋਡਕਟ ਹੈ ਜਾਂ ਤੁਸੀਂ cortalife injection ਲਗਵਾ ਸਕਦੇ ਹੋ ,ਇਨ੍ਹਾਂ ਵਿੱਚੋਂ ਕੋਈ ਵੀ ਇੱਕ ਲਗਵਾਓ..
Posted by Guddu Saini
Uttar Pradesh
29-02-2020 07:12 PM
Maharashtra
03-03-2020 12:00 PM
Guddu Saini ji, ap apne khet mein gobar ki khaad ka istemal karein, or fasal ki bijai se pehle hari khaad ko ugaye, isse apke khet ki mitti upjau ho jaye gi, dhanywad
Posted by bhajan lal
Haryana
29-02-2020 06:53 PM
Punjab
03-03-2020 07:02 PM
Bhajan lal ji 2 knal pe polyhouse lgane ke lia 10lac ke aas-pass ka kharch ata hai is ke, is pe sarkar ke duara 50% subsidy bhi di jati hai, is ke bare me or jeada jankari ke lia aap Puneet Gupta 9780200996 se samparak kar sakte hai, Thankyou.
Posted by Sharan
Punjab
29-02-2020 06:48 PM
Punjab
03-01-2020 08:53 AM
श्रीमान जी गेहूं में फंगीनाशी Opera@300 ml प्रति एकड़ के हिसाब से प्रयोग कर सकते है
Posted by Harsh Deep Singh
Punjab
29-02-2020 06:36 PM
Punjab
03-03-2020 11:21 AM
ਹਰਦੀਪ ਜੀ, ਤੁਸੀਂ ਮਾਰਚ ਮਹੀਨੇ ਗਵਾਰ , ਖੀਰਾ, ਤਰ , ਲੋਬੀਆ , ਕਰੇਲਾ, ਲੋਕੀ, ਤੋਰੀ, ਪੇਠਾ, ਖਰਬੂਜਾ , ਤਰਬੂਜ, ਪਾਲਕ, ਭਿੰਡੀ ਅਤੇ ਅਰਬੀ ਦੀ ਖੇਤੀ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ, ਧੰਨਵਾਦ
Posted by Rajinder singh
Punjab
29-02-2020 06:35 PM
Punjab
03-03-2020 12:02 PM
Rajinder singh ji, eh fungus da hamla ho reha hai, tusi is vich carbendazim @ 4 gram ya mancozeb @ 4 gram prati litre pani de hisaab nal spray kar sakde ho, dhanwad
Posted by ਹਰਨੇਕ ਸਿੰਘ
Punjab
29-02-2020 06:22 PM
Punjab
03-01-2020 09:51 AM
ਤੁਸੀ ਉਸ ਨੂੰ ਪੇਟ ਦੇ ਕੀੜਿਆਂ ਲਈ Bandykind plus bolus ਦਿਓ ਅਤੇ Ovumin gold powder 50gm-50gm ਸਵੇਰੇ ਸ਼ਾਮ ਰੋਜਾਨਾ ਅਤੇ Pg care tablet ਰੋਜਾਨਾ ਇਕ ਗੋਲੀ ਦਿਓ ਅਤੇ 21 ਦਿਨ ਤਕ ਦਿੰਦੇ ਰਹੋ, ਇਸ ਨਾਲ ਸਹੀ ਤਰੀਕੇ ਨਾਲ ਹੀਟ ਵਿਚ ਆ ਜਾਵੇਗੀ
Posted by aniket raghuwanshi
Madhya Pradesh
29-02-2020 06:21 PM
Maharashtra
03-03-2020 11:42 AM
अनिकेत जी, पौधा अभी 2 पत्ते पर है, ऐसे देख कर इसका अनुमान नहीं लगाया जा सकता है, के यह कोनसा पौधा है, धन्यवाद
Posted by anuj khatana
Uttar Pradesh
29-02-2020 06:21 PM
Punjab
03-26-2020 04:19 PM
अनुज जी आप कृपया सवाल विस्तार से पूछे किआप कोनसी कम्पोस्ट बनाने के बारे में जानकारी लेना चाहते है ताकि आपको इसके बारे में पूरी जानकारी दी जा सके
Posted by Gurinder kharoud
Punjab
29-02-2020 06:07 PM
Punjab
03-01-2020 09:52 AM
Gurinder ji tuci suun wale pashu nu suun ton 1 mahina pehla Cargill di Transition mix feed de skde ho, ehh tuci 1.5-2 kg rojana de skde ho, baki uss nu Vitum-H liquid 10-10ml swere sham deo ate vdia matra vich hara chara deo..
Posted by jeet
Madhya Pradesh
29-02-2020 06:06 PM

Punjab
03-02-2020 04:59 PM
jeet ji yeh ruk jayega kyuki yeh fungus ka hamla hai jiski wjah se paudhe aise ho rahe hai.
Posted by ikbal a.
Rajasthan
29-02-2020 06:03 PM
Punjab
03-01-2020 08:55 AM
श्रीमान जी गेहूं में पीली कुंगी का हमला है इसकी रोकथाम के लिए आप Opera@300 ml प्रति एकड़ के हिसाब से स्प्रे कर सकते है
Posted by Nishan Singh
Punjab
29-02-2020 06:01 PM
Punjab
03-02-2020 06:08 PM
ਨਿਸ਼ਾਨ ਜੀ ਤੇਲੇ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਦੇ ਲਈ imidacloprid @1.5 ml ਨੂੰ ਪ੍ਰਤੀ ਲੀਟਰ ਪਾਣੀ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਸਪਰੇ ਕਰੋ ਅਤੇ ਦੇਸੀ ਤਰੀਕੇ ਦੇ ਵਿਚ ਤੁਸੀ ਨਿੱਮ ਦੇ ਤੇਲ ਦੀ ਸਪਰੇ ਕਰੋ
Posted by Jaswinder Preet
Punjab
29-02-2020 05:59 PM
Punjab
03-01-2020 09:54 AM
ਤੁਸੀ ਉਸ ਨੂੰ Lactomood ਹੋਮਿਓਪੈਥਿਕ ਦਵਾਈ ਦੀਆ 10-10 ਬੂੰਦਾਂ ਦਿਨ ਵਿਚ 3 ਵਾਰ ਦਿਓ, Liquid LDM 1 ਲੀਟਰ 100ml ਰੋਜਾਨਾ ਦਿਓ ਤੇ milkout 900gm ਪਾਊਡਰ 2 ਚਮਚ ਸਵੇਰੇ ਤੇ 2 ਚਮਚ ਸ਼ਾਮ ਨੂੰ ਦਿਓ ਅਤੇ, ਇਸ ਨਾਲ ਫਰਕ ਪੈ ਜਾਵੇਗਾ.
Posted by sandeep malhan
Haryana
29-02-2020 05:52 PM
Punjab
03-02-2020 06:06 PM
sandeep ji jab genhu nisrna shuru kar de tab aap NPK 130045@1 kilo ko 150 litre pani ke hisab se spray karen,dhanywad
Posted by Davinderpal Sharma
Punjab
29-02-2020 05:51 PM
Punjab
03-01-2020 09:56 AM
Deepu ji isde lai tuci mere nal iss no. te +91 98156 84401 sampark kr skde ho..
Posted by mangal singh
Punjab
29-02-2020 05:50 PM
Punjab
03-02-2020 05:13 PM
Dragon fruit ki kheti ke liye Dragon fruit ki kalmei lgayi jati hai ye ped gujrat mei hota hai eik acre mei takriban iski 1600 kalmei lagti hai aur in kalmo ko pehle gamle mei tyar kiya jata hai aur fir april se September tak kabhi bhi field mei lga skte hai aur eik kalam lagbhagg 70 rs ki ati hai.
Posted by navtej
Punjab
29-02-2020 05:49 PM
Punjab
03-02-2020 06:05 PM
hanji navtej ji isde nal hun fungus lagn da dar hai jisde lai tuc propiconazole@200ml nu prati acre de hisab nal spray karo. ate sinchai halki kro k fasl da jyada nuksaan na hoye.dhanwad
Posted by Rajesh
Chattisgarh
29-02-2020 05:37 PM
Punjab
03-02-2020 05:12 PM
बारानी क्षेत्रों के लिए, अक्तूबर का दूसरा या तीसरा सप्ताह चने की खेती के लिए उपयुक्त होता है सिंचित क्षेत्रों के लिए, बिजाई नवंबर के दूसरे सप्ताह में पूरी कर लें चने की पिछेती बिजाई दिसंबर के पहले सप्ताह तक पूरी कर लें
Posted by prem
Rajasthan
29-02-2020 05:35 PM
Punjab
03-02-2020 05:10 PM
prem ji chepe ki roktham ke liye aap imidacloprid@1.5ml ko prati litre pani ke hisab se spray karen.dhanywad
Posted by Gagan
Punjab
29-02-2020 05:32 PM
Punjab
04-02-2020 05:03 PM
iffco tokio pashu dhan bima yojana de helpline 18001035499 te call kro utho tuhanu is bare puri jankari mil javegi, Thankyou.
Posted by harman
Punjab
29-02-2020 05:30 PM
Punjab
03-01-2020 09:58 AM
Harman ji kirpa krke apna swal vistar nal pusho ji tuci kis kam lai subsidy lena chahunde ho tan jo tuhanu uss vare sahi jankari diti ja skee.
Posted by lokeshkumar Meena
Rajasthan
29-02-2020 05:25 PM
Punjab
03-02-2020 05:10 PM
मीणा जी माहू की रोकथाम के लिए आप imidacloprid @1.5ml को प्रति लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे करें
Posted by lokeshkumar Meena
Rajasthan
29-02-2020 05:23 PM
Punjab
03-02-2020 05:08 PM
मीणा जी कृपया आप इस पौधे की पूरी फोटो भेजे ताकि आपको इसके बारे में पूरी जानकरी दी जा सके
Posted by KULDEEP SINGH
Punjab
29-02-2020 05:20 PM
Punjab
03-02-2020 05:07 PM
Stevia ਤੋਂ ਸਾਨੂੰ ਸ਼ੁਗਰ ਮਿਲਦੀ ਹੈ ਸਾਨੂੰ ਇਸ ਦੇ ਪਤਿਆਂ ਤੋਂ ਜ਼ੀਰੋ ਕੈਲੋਰੀਜ਼ ਸਵੀਟਨੈੱਸ ਮਿਲਦੀ ਹੈ ਜੋ ਕਿ ਇਹ ਸ਼ੂਗਰ ਤੋਂ ਜਾਇਦਾ ਮਿੱਠੇ ਹੁੰਦੇ ਹਨ ਭਾਰਤ ਵਿਚ ਇਸਦੀਆਂ 2 ਕਿਸਮਾਂ ਲਗਾਈਆ ਜਾਂਦੀਆਂ ਹਨ mds 14 ਅਤੇ mds13 ਇਸਦੇ ਲਈ ਤਾਪਮਾਨ 30℃ ਤੋਂ 32℃ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ 1. ਪੰਜਾਬ ਵਿੱਚ ਝੋਨੇ ਦੀ ਕਾਸ਼ਤ ਜ਼ਿਆਦਾ ਹੋਣ ਕਾਰਨ ਜ਼ਮੀਨ ਹੇਠਲੇ ਪਾਣੀ ਦਾ ਪੱਧਰ ਹੇਠਾਂ ਜਾਣਾ ਵੱਡੀ ਚਿੰਤਾ ਦਾ ਵਿਸ਼ਾ ਹੈ ਪੰਜਾਬ ਦੇ .... (Read More)
Stevia ਤੋਂ ਸਾਨੂੰ ਸ਼ੁਗਰ ਮਿਲਦੀ ਹੈ ਸਾਨੂੰ ਇਸ ਦੇ ਪਤਿਆਂ ਤੋਂ ਜ਼ੀਰੋ ਕੈਲੋਰੀਜ਼ ਸਵੀਟਨੈੱਸ ਮਿਲਦੀ ਹੈ ਜੋ ਕਿ ਇਹ ਸ਼ੂਗਰ ਤੋਂ ਜਾਇਦਾ ਮਿੱਠੇ ਹੁੰਦੇ ਹਨ ਭਾਰਤ ਵਿਚ ਇਸਦੀਆਂ 2 ਕਿਸਮਾਂ ਲਗਾਈਆ ਜਾਂਦੀਆਂ ਹਨ mds 14 ਅਤੇ mds13 ਇਸਦੇ ਲਈ ਤਾਪਮਾਨ 30℃ ਤੋਂ 32℃ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ 1. ਪੰਜਾਬ ਵਿੱਚ ਝੋਨੇ ਦੀ ਕਾਸ਼ਤ ਜ਼ਿਆਦਾ ਹੋਣ ਕਾਰਨ ਜ਼ਮੀਨ ਹੇਠਲੇ ਪਾਣੀ ਦਾ ਪੱਧਰ ਹੇਠਾਂ ਜਾਣਾ ਵੱਡੀ ਚਿੰਤਾ ਦਾ ਵਿਸ਼ਾ ਹੈ ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਪੌਣ-ਪਾਣੀ ਮੁਤਾਬਕ ਰੇਤਲੀ ਤੇ ਕੰਢੀ ਖੇਤਰ ਦੀ ਧਰਤੀ ਇਸ ਫ਼ਸਲ ਲਈ ਵਧੇਰੇ ਲਾਹੇਵੰਦ ਹੈ ਇਸ ਫ਼ਸਲ ਨੂੰ ਪਾਣੀ ਬਹੁਤ ਘੱਟ ਲੱਗਦਾ ਹੈ ਤੇ ਇੱਕ ਵਾਰੀ ਪੌਦੇ ਲਾਉਣ ਤੋਂ ਬਾਅਦ 5 ਸਾਲ ਫ਼ਸਲ ਦੀ ਕਟਾਈ ਹੀ ਕਰਨੀ ਹੁੰਦੀ ਹੈ 2. ਪਹਿਲੀ ਫ਼ਸਲ ਦੀ ਕਟਾਈ ਤਿੰਨ ਮਹੀਨਿਆਂ ਬਾਅਦ ਹੋਣ ਕਾਰਨ ਕਿਸਾਨਾਂ ਨੂੰ ਆਮਦਨ ਜਲਦੀ ਸ਼ੁਰੂ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਇੱਕ ਏਕੜ ਜ਼ਮੀਨ ਵਿੱਚ 30 ਤੋਂ 40 ਹਜ਼ਾਰ ਪੌਦੇ ਲੱਗਦੇ ਹਨ ਮਹੱਤਵਪੂਰਨ ਤੱਥ ਇਹ ਹੈ ਕਿ ਇਸ ਫ਼ਸਲ ’ਤੇ ਕੀਟਨਾਸ਼ਕ ਜਾਂ ਨਦੀਨਨਾਸ਼ਕ ਦਵਾਈਆਂ ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਨਹੀਂ ਹੁੰਦੀ 3. ਯੂਰੀਆ ਜਾਂ ਡੀਏਪੀ ਖਾਦ ਦੀ ਥਾਂ ਸਿਰਫ਼ ਰੂੜੀ ਦੀ ਖਾਦ ਦੀ ਹੀ ਵਰਤੋਂ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਇਸ ਤਰ੍ਹਾਂ ਨਾਲ ਕੁਦਰਤੀ ਖੇਤੀ ਦਾ ਹਿੱਸਾ ਵੀ ਕਹੀ ਜਾ ਸਕਦੀ ਹੈ ਸਟੀਵੀਆ ਦੇ ਪੌਦੇ ਵਿੱਚ ਮਿਠਾਸ ਹੋਣ ਕਾਰਨ ਪਸ਼ੂ ਵੀ ਮੂੰਹ ਨਹੀਂ ਲਾਉਂਦੇ 4.ਇਹ ਫ਼ਸਲ ਘੱਟੋ ਘੱਟ ਇੱਕ ਕਨਾਲ ਰਕਬੇ ਵਿੱਚ ਵੀ ਲਗਾਈ ਜਾ ਸਕਦੀ ਹੈ ਪਰ ਜੇਕਰ 5 ਏਕੜ ਵਿੱਚ ਲਾਈ ਜਾਵੇ, ਤਾਂ ਭਾਰਤ ਸਰਕਾਰ ਕੁੱਲ ਲਾਗਤ ਦਾ 40 ਫੀਸਦੀ ਸਬਸਿਡੀ ਵੀ ਦਿੰਦੀ ਹੈ ਫ਼ਸਲ ਨੂੰ ਪ੍ਰਫੁੱਲਤ ਕਰਨ ਲਈ ਸਰਕਾਰ ਲਾ ਰਹੀ ਜ਼ੋਰ:ਇਸ ਲਈ ਕੰਢੀ ਖੇਤਰ ਦੇ ਕਿਸਾਨਾਂ ਨੂੰ ਸਟੀਵੀਆ ਲਾਉਣ ਲਈ ਪ੍ਰੇਰਿਆ ਜਾ ਰਿਹਾ ਹੈ ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੱਸਿਆ ਕਿ ਪੰਜਾਬ ’ਚ ਇਸ ਫ਼ਸਲ ਨੂੰ ਪ੍ਰਫੁੱਲਤ ਕਰਨ ਲਈ ਸਰਕਾਰ ਨੇ ਵਧੀਕ ਮੁੱਖ ਸਕੱਤਰ (ਵਿਕਾਸ) ਸੁਰੇਸ਼ ਕੁਮਾਰ ਦੀ ਅਗਵਾਈ ਹੇਠ ਕਮੇਟੀ ਦਾ ਗਠਨ ਕੀਤਾ ਹੈ ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਕਮਿਸ਼ਨਰ ਖੇਤੀਬਾੜੀ ਡਾ. ਬਲਵਿੰਦਰ ਸਿੰਘ ਸਿੱਧੂ ਦਾ ਕਹਿਣਾ ਹੈ ਕਿ ਸਟੀਵੀਆ ਦੀ ਫਸਲ ਝੋਨੇ ਤੇ ਕਣਕ ਦਾ ਬਦਲ ਬਣ ਸਕਦੀ ਹੈ ਦੂਜਾ ਇਸ ਫ਼ਸਲ ਤੋਂ ਕਣਕ ਤੇ ਝੋਨੇ ਦੇ ਮੁਕਾਬਲੇ ਕਮਾਈ ਵੀ ਜ਼ਿਆਦਾ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਇਸਦੇ ਬਾਰੇ ਹੋਰ ਜਾਣਕਾਰੀ ਲੈਣ ਲਈ ਤੁਸੀ ਇਸ ਨੰਬਰ ਤੇ ਸੰਪਰਕ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ :-Rajpal Singh Gandhi :-9814060700, surinder Nagra 9814305864.
Posted by Anmol Rajoriya
Madhya Pradesh
29-02-2020 05:14 PM
Punjab
03-02-2020 04:21 PM
अनमोल जी इसके लिए आप NPK 191919 @1 किलो को 150 लीटर पानी में मिला कर स्प्रे करें
Posted by dileep
Uttar Pradesh
29-02-2020 05:05 PM
Punjab
03-02-2020 03:54 PM
खुम्ब की किस्में कई प्रकार की होती है जैसे कि बटन खुम्ब, डीगरी, शटाकी खुम्ब, पराली खुम्ब, और मिलकी खुम्ब इनमे से कुइ खुम्ब सर्दियो के मौसम में और कुछ गर्मीयों के मौसम में लगाये जाते है और हर खुम्ब को लगाने का समय अलग अलग है जैसे बटन खुम्ब का समय सितंबर से मार्च तक होता है इस समय में हम तीन फसले ले सकते है शटाकी ख.... (Read More)
खुम्ब की किस्में कई प्रकार की होती है जैसे कि बटन खुम्ब, डीगरी, शटाकी खुम्ब, पराली खुम्ब, और मिलकी खुम्ब इनमे से कुइ खुम्ब सर्दियो के मौसम में और कुछ गर्मीयों के मौसम में लगाये जाते है और हर खुम्ब को लगाने का समय अलग अलग है जैसे बटन खुम्ब का समय सितंबर से मार्च तक होता है इस समय में हम तीन फसले ले सकते है शटाकी खुम्ब का समय अक्तूबर से मध्य फरवरी तक हैं इस समय हम एक फसल ही ले सकते है पराली खुम्ब का समय अप्रैल से अगस्त तक है इस समय हम चार फसले ले सकते है मिलकी खुम्ब का समय अप्रैल से सितंबर तक है आप अब अप्रैल में मिलकी या पराली खुम्ब लगा सकते है पराली खुमब के लिए आपको पराली, बीज, बांस, सेबा, आदि की जरूरत है पराली के पूले, धानो की पराली 1-1 किलो के पूले दोनो सिरो से सेबे से बांध कर तैयार किये जाते है पूले के सिरे कांट कर एक सार कर लिए जाते है पूलो की क्यिारी लगाना पराली के पूलो को साफ पानी में 16-20 घंटो के लिए डूबो दे गिले पूलो को ढलान पर रख कर फालतू पानी को निकलने दे कमरे ईटो और बांस से एक पलेटफार्म बनाये इस पलेटफार्म पर 5 पूलो की एक तहय लगाये जिसके ऊपर 75 ग्राम बीज डाले इसके ऊपर की तहय उलट होती है इस प्रकार 5-5 पूलो की तहय में 300 ग्राम बीज डाल कर कियारी तैयार करे सबसे ऊपर दो पूलो को खोलकर रख दे खुम्बो का फूटना बिजाई से 7-9 दिनो के बाद खुम्ब फूटने लगती है पानी और हवा का संचार बिजाई के दो दिन के बाद हर रोज पानी का छिडका करे खुम्बो के फूटने के बाद हवा का संचार 6-8 घंटे प्रति दिन किया जाता है खुम्बो की तूडाई खुम्बो के फूटने के बाद 1-2 दिनो के बाद तोडाई के योग्य हो जाती है मिलकी खुम्ब मिलकी खुम्ब के लिए तूडी, बीज, मोमी लिफाफे, सेबा, केसिंग,मिट्टी आदि होने चाहिये तूडी की तैयारी सूकी तूडी को पक्के फर्श पर बिछा कर 16-20 घंटे पानी से गिला करे गिली तूडी को बोरी में भर कर सेबे से बांध दे इस बोरी को उबलते पानी में 45-50 मिनट रखें तूडी को निकालकर पक्के फर्श पर बिछा कर ठंडा करे यह तूडी बिजाई के लिए तैयार है बिजाई ठंडी तूडी में बीज मिलाकर मोमी लिफाफो में भर दें एक मोमी लिफाफें में लगभग 2 किलो गिली तूडी और 70-80 ग्राम बीज पडता है लिफाफे के मुंह को सेबे से अच्छी तरह बांध कर कमरे में रख दे केसिंग बिजाई के दो तीन हफतो के बाद लिफाफे खोलकर केसिंग की 1-1.5 की तहय लगा दें केसिंग में तूडी और रेतली मिट्टी होती है 24 घंटो के लिए 4 प्रतिशत फारमलेन के घोल से जीवाणु रहित किया जाता है खुम्बो का फूटना केसिंग मिट्टी डालने के लगभग दो हफतो में खुम्बो के छोटे छोटे किणके निकलने शुरू हो जाते है और 4-5 दिन के बाद तोडने योग्य हो जाते है खुम्बो की तूडाई लगभग 35-40 दिनो तक की जाती है